दुर्ग

नैक मूल्यांकन गुणवत्तापूर्ण प्रतिस्पर्धा का परिचायक-डॉ. शर्मा
10-Apr-2021 6:14 PM (35)
नैक मूल्यांकन गुणवत्तापूर्ण प्रतिस्पर्धा का परिचायक-डॉ. शर्मा

दुर्ग में पांच दिवसीय ऑनलाईन कार्यशाला उद्घाटित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 10 अप्रैल।
महाविद्यालयों में होने वाली नैक मूल्यांकन प्रक्रिया गुणवत्तापूर्ण प्रतिस्पर्धा का परिचायकहै। महाविद्यालयों को रूचि लेते हुए नैक मूल्यांकन हेतु आवेदन करना चाहिये। ये उद्गार नैक बंगलुरू के डायरेक्टर डॉ.एस.सी. शर्मा ने आज व्यक्त किए। डॉ. शर्मा आज हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग द्वारा 138 महाविद्यालयों के प्राचार्यों, आईक्यूएली समन्वय को तथानैक समन्वयकों एवं प्राध्यापकों हेतु आयोजित एवं ‘नैक की नई मूल्यांकनप्रणाली’ विषय पर केंद्रित 5 दिवसीय ऑनलाईन कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।

डॉ. शर्मा ने कहा कि नैक द्वारा 6 हजार विशेषज्ञों को महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों के नैक मूल्यांकन हेतु चयनित किया गया है। नैक डायरेक्टर ने छत्तीसगढ़ के महाविद्यालयों से आग्रह किया कि वे शीघ्र नैक द्वारा मूल्यांकित होकर अच्छा ग्रेड प्राप्त करें। इस संबंध में डॉ. शर्मा ने उच्च शिक्षा विभाग तथा हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की।

5 दिवसीय कार्यशाला में उद्घाटन सत्र में उपस्थित उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, श्री धनंजय देवांगन ने अपने संबोधन में नैक मूल्यांकन को चुनौतीपूर्ण निर्धारित करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन का लक्ष्य है कि सत्र 2022 तक प्रत्येक महाविद्यालय नैक द्वारा मूल्यांकित हो। श्री देवांगन ने कहा कि आगामी सेमेस्टर/वार्षिक परीक्षाओं के आयोजन ऑनलाईन अथवा ऑफ  लाईन होने संबंधी शासन का निर्णय शीघ्र घोषित किया जाएगा। 

श्री देवांगन ने कार्यशाला में उपस्थित समस्त प्राध्यापकों  से आग्रह किया कि वे ऑनलाईन कक्षाएं नियमित रूप से जारी रखे। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अरूणा पल्टा ने अपने स्वागत भाषण कार्यशाला में नैक डायरेक्टर डॉ. एस.सी. शर्मा तथा उच्च शिक्षा सचिव धनंजय देवांगन की एक साथ उपस्थित को विश्वविद्यालय के इतिहास में मील का पत्थर निरूपित किया। डॉ. पल्टा ने प्रतिभागी प्राध्यापकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए।

कार्यशाला के उद्घाटन सत्र के आंरभ में संयोजक दुर्ग विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. प्रशान्त श्रीवास्तव ने नैक मूल्यांकन एवं प्रत्यायन से जुडें महत्वपूर्ण बिन्द्रओं पर पॉवर पांईट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान में दुर्ग संभाग के 17 शासकीय एवं 27 अशासकीय महाविद्यालय नैक द्वारा मूल्यांकित है। 5 दिवसीय इस ऑनलाईन कार्यशाला के दूसरे दिन नैक के प्रथमव द्वितीय बिन्दु पर डॉ. प्रज्ञा कुलकर्णी एवं डॉ. जी.ए. घनश्याम चर्चा करेंगे। तृतीय दिवसमें 11 अप्रैल को प्रात: 11:00 बजे से 1:00 बजे के मध्य डॉ. अंजली अवधिया तथा डॉ. जगजीत कौर सलूजा का व्याख्यान होगा। चौथे दिन 12 अप्रैल को पंचम व षष्ठम् बिन्दु पर डॉ. सोमाली गुप्ता तथा डॉ उषा किरण अग्रवाल का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। अंतिम दिन बिन्दु सप्तम पर डॉ. विकास पंचाक्षरी व्याख्यान देंगे तथा प्रतिभागियों के फीडबैक के साथ समापन सत्र का समापन होगा।
 

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