दुर्ग

कोरोना काल में अपने मन को कैसे स्वस्थ रखें
10-Apr-2021 6:16 PM (44)
कोरोना काल में अपने मन को कैसे स्वस्थ रखें

चेम्बर-कैट ने किया कार्यशाला का आयोजन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 10 अप्रैल।
करोना रूपी महामारी के इस संकट के दौर में हम सभी का मन विचलित एवं नकारात्मकता आना स्वाभाविक है, इस कठिन दौर में हम सभी अपने मन को कैसे सकारात्मक एवं ऊर्जावान रखे,एवं बच्चों के मन में आ रहे नकारत्मक प्रभाव को कैसे दूर करे। 
छतीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रिज दुर्ग एवं कैट के संयुक्त तत्वाधान में जूम मीटिंग के माध्यम से व्यापारियों एवं उधमियों के हितार्थ एक कार्यशाला का आयोजन जूम मीटिंग के माध्यम से किया गया  जिसमें मुख्य वक्ता ब्रह्मकुमारी चैतन्यप्रभा दीदी एवं व्यापारियों एवं व्यापारिक संगठनों ने अपनी भागीदारी दर्ज की।  

इसी तारतम्य में छतीसगढ़ चेम्बर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रिज  के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश सांखला, प्रदेश मंत्री अशोक राठी, कैट के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन बडज़ात्या, एम्एसएम्ई प्रभारी मोहम्मद अली हिरानी, कैट प्रदेश मिडिया प्रभारी संजय चौबे ने बताया की दीदी ने बहुत ही अच्छे तरीके से इस संकट काल  जीवन जीने की कला बताई हम सभी प्रार्थना में रोज एक गीत गाते हैं सर्वे भवंतु सुखिन: सर्वे संतु निरामया पर शायद वो सिर्फ रटते हैं लेकिन आज हम सभी मिलकर यह वाइब्रेशन पूरे विश्व के लिए क्रिएट करते हैं कि परमात्मा की शक्ति की किरणें सारे विश्व में फैल गई है और यह शक्ति सबके मन को शांत कर रही  है। 

सबका शरीर निरोगी बन रहा है सभी का जीवन सुख में बन रहा है सबके कष्ट दूर हो रहे हैं हमारे यह वाइब्रेशन अनेक आत्माओं का कल्याण करेंगे  इतिहास में यह पहली बार एसी महामारी आई है जिसने पूरे विश्व को प्रभावित किया है और इसका परिणाम यह निकला कि शायद पूरी दुनिया इक_े डर क्रिएट कर रही है और चारों तरफ दर्द चिंता का माहौल होने के कारण  नेगेटिव कहीं न कहीं  हमें भी प्रभावित कर रही है।

यदि हमारा मन कमजोर होगा तो हम भी उस डर और चिंता के माहौल में पूरी तरह नेगेटिव बन जाएंगे। इसीलिए आज जैसे की हम अपने शरीर की इम्युनिटी  बढ़ाने का ध्यान रख रहे हैं।  ठीक वैसे ही मन की इम्युनिटी को बढ़ाना है अर्थात मन की स्थिति को ऊंचा करना है  यदि हम अपने मन को शक्तिशाली बनाएं तो मानो घर में चार लोग हैं पर यदि एक   का भी मन शक्तिशाली है पॉजिटिव है।

 इसी कड़ी में ब्रह्मकुमारी चैतन्यप्रभा ने कहा की एक बात और हम याद रखें संकल्प से सृष्टि बनती है हमारी सोच से हमारी दुनिया बनती है हम जैसा सोचेंगे वैसी परिस्थिति हमारे चारों तरफ क्रिएट होगी तो आज से आप वही बोले वही सोचे जो आप अपने जीवन में चाहते हैं, और इसे सिर्फ इस कोरोनावायरस में ही नहीं यूज करना है परंतु उसे अपने जीवन के हर क्षेत्र में यूज करना है।  

इस महामारी में अभी तक हमने धन की शक्ति और साइंस की शक्ति को देखा जो कि अभी ऊपर नीचे हो रही है अब हम परमात्मा शक्ति और मन की शक्ति को यूज करके देखें स्वयं के ऊपर प्रयोग करें घर से बाहर निकलने से पहले या जब रोज प्रार्थना  करें या मेडिटेशन करें तो संकल्प करें ऊपर से परमात्मा की किरणें मेरे ऊपर आ रही है और वह मेरे चारों तरफ सर्कल के रूप में और इस सर्कल के बीच में मैं सेफ  हूं और यह आप अपने लिए अपने बच्चों के लिए अपने परिवार के लिए रोज कर सकते हैं तो आप जब घर से बाहर निकलेंगे तो कभी भी आपको डर नहीं होगा चिंता नहीं होगी क्या होगा जो होगा अच्छा होगा क्योंकि परमात्मा की  शक्ति साथ है! 

आज की इस कार्यशाला में अनिल बल्लेवार, नरेश सांखला, मनोज टावरी, सुशील बाकलीवाल,पूरण जैन, विनय राठी, ऋषभ देशलहरा, शांति लाल जैन, शरद बाफना, श्रीमति विनीता मूंदड़ा, श्रीमति सरिता श्रीश्रीमाल, श्रीमती भाग्यश्री राठी, रेणुका बेहरा सहित बड़ी संख्या में व्यपारी एवं महिलाएं भी जुडी रही ! प्रकाश सांखला ने कहा की हमें इससे डरने की जगह मिलकर मुकाबला करने की जरुरत है, हम यह करोना रूपी जंग को मिलकर जीतेंगे ! अंत में आभार प्रदर्शन अशोक राठी ने किया !  
 

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