धमतरी

आइसोलेशन केंद्रों में आवश्यक सुविधा मरीजों को उपलब्ध कराने पर जोर
12-Apr-2021 7:55 PM (26)
 आइसोलेशन केंद्रों में आवश्यक सुविधा मरीजों को उपलब्ध कराने पर जोर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 12 अप्रैल।
प्रदेश सहित जि़ले में कोरोना के बढ़ते मरीजों के आंकड़े के मद्देनजर कलेक्टर जे पी मौर्य ने इलाज के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए बनाई गई कार्ययोजना को अमली जामा पहनाने के लिए राजस्व, स्वास्थ्य,नगरीय निकाय और पंचायती राज के अमले को पूरी तरह से जुट जाने के निर्देश दिए हैं। 

उन्होंने कोविड के मरीजों के लिए सभी नगरीय निकाय और ग्राम पंचायत में आइसोलेशन/ क्वारेंटाइन केंद्रों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए हैं। सभी आइसोलेशन/ क्वॉरंटीन सेंटर में जिन व्यवस्थाओं पर कलेक्टर ने विशेष जोर दिया है वे हैं स्वच्छ पानी, टॉयलेट, पंखा, साफ सफाई की व्यवस्था। उन्होंने साथ ही निर्देशित किया है कि इन आइसोलेशन/क्वॉरंटीन केंद्रों में मरीज़ को घर का भोजन करने की सुविधा दी जाए और मरीज़ के परिजनों द्वारा मरीज़ को भोजन उपलब्ध कराया जाए।  यही तरीका नगरीय निकायों में भी अपनाया जाए। सामुदायिक भवनों को आइसोलेशन/क्वॉरंटीन केंद्र की तरह इस्तेमाल किया जाए और कोरोना के मरीजों को भोजन पहुंचाने वाले परिजनों को पास जारी किया जाए। मगर जि़ला अस्पताल, डेडीकेटेड कोविड अस्पताल,आदिवासी विकास विभाग के द्वारा संचालित छात्रावास, कोविड केयर सेंटर नगरी और कुरूद में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ही मरीजों को भोजन उपलब्ध कराया जाए।

कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि किसी भी सूरत में आदिवासी विकास विभाग के छात्रावासों को आइसोलेशन क्वारेंटाइन केंद्र के रूप में नहीं रखा जाए, बल्कि इनको कोविड केयर केंद्र की तरह इस्तेमाल किया जाए। इन छात्रावासों में ऐसे कोविड के मरीज़ रहेंगे जिन्हें को-मॉर्बिडिटी होने के बावजूद ऑक्सीजन की जरूरत महसूस नहीं हो रही है।

 उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि चाहे शासकीय हो अथवा निजी अस्पताल मगर केवल आवश्यकता के अनुरूप ऑक्सीजेनेटड बिस्तर मरीज़ को आबंटित किया जाए। याने कि ऑक्सीजेनेटेड बिस्तर मांग आधारित ना हो कर आवश्यकता आधारित रहे, जिससे जरूरतमंद कोविड के मरीज को उपचार सुविधा समय पर उपलब्ध कराई जा सके। इसका सही प्रबंधन करने कलेक्टर ने सभी एसडीएम,सीएमएचओ के अलावा सभी  बीएमओ/ बीपीएम को हिदायत दी है। उनका कहना है कि यह सुनिश्चित करना सबकी जिम्मेदारी है कि मरीज के इलाज में लापरवाही और गलत प्रबंधन ना हो और गंभीर मरीजों की जान को बचाने में यह अहम होगा। इसके अलावा कलेक्टर ने एहतियात के तौर पर किसी भी अंजान व्यक्ति को गांव और आसपास घूमते पाए जाने पर सख्त निगाह रखने के निर्देश दिए हैं। सरपंच, पंच का सहयोग और  कोटवार और पटेल को इसमें लगाने के निर्देश कलेक्टर ने दिए हैं ।
 

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