राजनांदगांव

मोंगरा फिर बुझाएगा नांदगांव की प्यास
20-Apr-2021 1:28 PM (35)
मोंगरा फिर बुझाएगा नांदगांव की प्यास

बुधवार को बैराज से छोड़ा जाएगा 800 क्यूसेक पानी, बैराज में 11 मिलियन घनमीटर पानी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 20 अप्रैल।
गर्मी में शिवनाथ नदी की मौजूदा पानी की खपत बढ़ गई है। लिहाजा नांदगांव शहर की प्यास बुझाने के लिए जिले के सबसे बड़े मोंगरा बैराज से पानी छोड़े जाने की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि शहर के मोहारा एनीकट में पानी का लेबल गिरता जा रहा है। कारण यह है कि शहर में पानी की खपत बढ़ गई है। राजनांदगांव नगर निगम में बैराज के अफसरों से पानी की डिमांड की है। अप्रैल के तीसरे सप्ताह में जहां नलों की धार कम हुई है। वहीं पानी की समस्या से जूझ रहे वार्डों में टैंकरों के जरिये पेयजल आपूर्ति की जा रही है। 

मिली जानकारी के मुताबिक मोंगरा बैराज प्रबंधन की ओर से बुधवार को 800 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की मंजूरी दे दी है। पानी छोड़े जाने के 24 घंटे भीतर मोहारा एनीकट फिर से लबालब हो जाएगा। हालांकि शिवनाथ नदी के तट पर बसे सैकड़ों गांव में भी पानी की खपत बढ़ी है। शिवनाथ नदी के दोनों किनारों में बसे गांवों में निस्तारी के साथ-साथ फसलों के लिए भी पानी का उपयोग किया जा रहा है। 

बताया जा रहा है कि मोंगरा बैराज प्रबंधन ने 7.5 मिलियन घनमीटर पानी सुरक्षित रखा है। वहीं डेट वाटर के रूप में करीब 4.5  मिलियन घन मीटर पानी रखा है। बताया जा रहा है कि बैराज में कुल 21 फीसदी पानी का भराव है। बैराज के ईई एसके सहारे ने ‘छत्तीसगढ़’ को बताया कि बैराज से 800 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। आगे डिमांड के अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाएगा। 

बताया जा रहा है कि मोहारा एनीकट से पहले मोखली एनीकट में भी जल भराव होगा। मोंगरा बैराज का पानी आते ही मोहारा एनीकट का जलस्तर बेहतर हो जाएगा। बताया जा रहा है कि पानी की खपत बढऩे के कारण मोंगरा बैराज पर पानी छोड़े जाने का दबाव बढ़ा है। 

गौरतलब है कि अप्रैल के शुरूआत में मटियामोती जलाशय से भी पानी लिया गया था। अप्रैल माह के  आखिरी 10 दिन से पहले मोहारा एनीकट का जलस्तर गिर गया है। वहीं लगातार घटते जलस्तर से पानी आपूर्ति व्यवस्था भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है। इस बीच मोंगरा बैराज के पानी से शहर को करीब 15 दिनों तक पानी समस्या से राहत रहेगी। बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी के चलते शिवनाथ के तटीय इलाकों में पानी का जलस्तर तेजी से नीचे चला गया है। कई गांवों में पानी संकट से हाहाकार की स्थिति है। 

अन्य पोस्ट

Comments