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आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी यूके मूट कोर्ट प्रतियोगिता में जज बन-सुगंधा जैन ने बढ़ाया राज्य का गौरव
20-Apr-2021 6:42 PM (52)
आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी यूके मूट कोर्ट प्रतियोगिता में जज बन-सुगंधा जैन ने बढ़ाया राज्य का गौरव

नोबल पुरूस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन दिल्ली में है-इंपैनलड लायर

रायपुर, 20 अप्रैल। कहते हैं हीरा कहीं भी छिपा हो जौहरी की पारखी नजरों से छिप नहीं सकता, ऐसा ही कुछ हुआ छत्तीसगढ़ जैसे छोटे राज्य की राजधानी रायपुर स्थित समता कॉलोनी निवासी सुगंधा जैन के साथ जिन्होंने यूनाइटेड किंगडम की यूनिवर्सिटब्ी ऑफ आक्सफोर्ड द्वारा मोनरो ई-प्राइस मीडिया लॉ मूट कोर्ट काम्पटीशन के जज के लिए उनका चुनाव हुआ। यूके की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में बोनवरो इंस्टीट्यूट ऑफ हृयूमन राइटस द्वारा 12 से 16 अप्रैल 2021 के बीच 14वां मोनरो ई-प्राइस मीडिया लॉ मूट कोर्ट काम्पीटिशन का फाइनल इंटरनेशन राऊंड ऑनलाइन हुआ, इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सारे विश्व (फ्रांस, जर्मनी, यूरोप, लंदन, मलेशिया आदि देशों से 150 कॉलेज की टीम ने भाग लिया) जिसमें भारत की बंगलौर जो टॉप की कॉलेज है प्रथम आई। प्रतियोगिता में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के रिसर्च एसोसिएट प्रोफेसर रिचर्ड डेनबरी और फ्रांसेसा फैनुकी जैसे प्रतिश्ठित विद्वानों के साथ सुगंधा जैन ने जज के रूप में डायस षेयर किया।

सुगंधा दिल्ली में इस वक्त नोबल पुरूस्कार प्राप्त बचपन बचाओ आंदोलन के प्रणेता कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन में इंपैनलड लायर है। सुगुंधा जैन ने अभी 13 अप्रैल 2021 में ही (्यद्बह्यह्य ) कलिंगा यूनिवर्सिटी ऑफ सोशल साइस की ‘कलिंगा फैलोशिप’ पूर्ण की जिसमें मुख्य रूप से विश्वस्तरीय संस्थाएं जैसे- ढ्ढक्चरू  ब्रिज इंस्टीट्यूट  ढ्ढछ्वरू, द्धड्डद्यशह्लह्म्ड्डस्रद्ग, रूद्गद्मशठ्ठद्द ष्टद्यह्वड्ढ, रूद्बह्यह्यद्बशठ्ठ क्चद्गह्लह्लद्गह्म् ह्लशद्वशह्म्ह्म्श2 सेवा आश्रम आदि पार्टनर है, यह फैलोषिप इंटरनेषनल लेवल की है, इस फैलोशिप में विभिन्न क्षेत्र के प्रतिष्ठित जैसे पुलिस अधिकारी बैंक, सिविल सोसायटी वकील आदि बहुत से ष्ठद्बद्दठ्ठद्बह्लड्डह्म्द्बद्गह्य इस फैलोषिप में षामिल है। इस फैलोशिप का वैलीडिक्टरी कार्यक्रम जून में आयोजित है।

विधिक मामलों में नारी उत्पीडऩ, बाल संरक्षण एवं पीडि़तों को न्याय दिलाने की एवं कुछ अलग करने की ललक के चलते सुगंधा जैन ने लॉ की शिक्षा नागपुर से सन् 2016 में ग्रहण करने के बाद वहीं से क्रिमलरेलॉजी में एल.एल.एम. कर रही है। छत्तीसगढ़ को विधिक मामलों में नई ऊंचाईयों पर ले जाने कि दृढ़ इच्छा के चलते उन्होंने दिल्ली को ही अपना कार्य क्ष़ेत्र बनाया और सन् 2016 में वे दिल्ली आ गई यहां प्रेक्टिस करते हुए पीजी डीएम इन इंटरनेशनल हृयुमेनीटेरियम एंड रिफ्यूजी लॉ, इंटरनेशनल लॉ एंड डिप्लोमेसी फ्राम आई.एस.आई.एल. डिप्लोमा इन सायबर लॉ (मुंबई) आदि कोर्सस करके अपने को इस क्षेत्र के लिए पारंगत किया।

व्यवासायिक परिवार से ताल्लुक रखने के बाद भी कानून के प्रति जागरूकता लाने के लिए सुगंधा ने लॉ को अपने कैरियर के रूप में चुना। लॉ के प्रति विषेश दृष्टिकोण रखने के कारण ही छत्तीसगढ़ राज्य बाल आयोग में इंटर्नशिप की उसके पश्चात जब वे दिल्ली में रहने लगी तब उन्हें राष्ट्रीय बाल आयोग में उन्हें कार्य करने का अवसर मिला, जहां उन्हें अच्छा अनुभव प्राप्त हुआ। सुप्रीम कोर्ट बार चुनाव की मानिटरिंग टीम में उन्हें सन 2018 में शामिल किया गया जहां उन्होंने सीनियर एडव्होकेट शेखर नाफड़े के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट की चुनावी प्रणाली को समझा। उन्होंने सरकार को कंज्युमर मामलों में लिखित में सुझाव भी दिए (ष्टशठ्ठह्यह्वद्वद्गह्म् ्रद्वद्गस्रद्वद्गठ्ठह्ल 2019) के लिए। एशियन लॉ कॉलेज नोएडा द्वारा ऑनलाइन मूट कोर्ट प्रतियेागिता में वे दो बार जज रहीं, प्रतियोगिताएं क्रमश: जुलाई 2020 एवं अगस्त 2020 में हुई थी, इसके अलावा चेतना संस्था नोएडा द्वारा चाइल्ड सेक्सुल एब्युज पर 20 स्द्गश्च 2020 एवं 18 ह्रष्ह्ल 2020 अलग-अलग विशयों पर आधारित कार्यक्रम में स्पीकर रहीं।

कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर द्वारा आयेाजित इंडक्षन प्रोग्राम (नवप्रवेषी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन) में वो सम्माननीय सदस्य के रूप में उपस्थित रहीं और उन्होंने स्टुडेंटस् को लॉ के क्षेत्र में संभावनाओं की विस्तार से जानकारी दी, उनके प्रश्नों का समाधान किया, उन्हें मार्गदर्शन दिया।

बहुमुखी प्रतिभा की धनी सुगंधा जैन छ.ग. राज्य बाल कल्याण की सदस्य भी हैं, उन्होंने मठपुरैना (रायपुर) सरस्वती शिशु मंदिर में सन् 2016 में देशी खेल जैसे कबड्डी, खो-खो, कुर्सी दौंड़, नींबू दौंड़, रस्सी कूद, दौंड़ आदि का आयोजन किया। लगभग 500 विद्यार्थी को शामिल किया। ज्ञात हो उस स्कूल में बस्ती के बच्चे पढ़ते हैं, सभी विजेताओं को मैडल एवं सभी प्रतिभागी को सर्टिफिकेट दिया गया।

वर्तमान में कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन में इम्पैनल लायर होने के साथ वे दिल्ली के सभी कोर्ट में अपनी प्रेक्टिस कर रहीं है। बिना किसी विधिक पृष्ठभूमि के बाद भी देश की राजधानी दिल्ली एवं विश्व में अपन सशक्त पहचान बनाने उत्सुक यह युवा अपने समस्त कार्य करने के साथ-साथ दिल्ली अधिवक्ता परिषद में ज्यूडसरी के बच्चों को निशुल्क कोचिंग दे रही है।

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