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01-Dec-2020 2:21 PM 22

बालोद में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल-अमित चोपड़ा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बालोद, 1 दिसंबर।
भारतीय जनता युवा मोर्चा ने जिला मुख्यालय के कोविड अस्पताल में हुई लापरवाही को लेकर अनुविभागीय अधिकारी बालोद को ज्ञापन सौंपा। युवा मोर्चा ने चेतावनी दी कि जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने में यदि कोई पहल राज्य की कांग्रेस सरकार के द्वारा नहीं की जाती है, तो युवा मोर्चा उग्र आंदोलन को बाध्य होगी।

ज्ञात हो कि विगत दिनों जिला बालोद में कोरोना संक्रमित मरीज को एक्सपायरी ग्लूकोज की बोतल चढ़ा दी गई थी। भाजयुमो का आरोप है कि इस लापरवाही में सिर्फ एक स्टाफ नर्स को हटा दिया गया और मामले की लीपापोती कर दी गई। इसके विरोध में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को आज ज्ञापन सौंपा गया।

 युवा मोर्चा ने ज्ञापन में कहा कि इस लापरवाही की सूक्ष्मता से जांच की जाए, क्योंकि इसमें और भी लोग लोग दोषी हो सकते हंै, जिस पर न्याय सम्मत रूप में कार्रवाई हो सके। अस्पताल की समस्त दवाइयों की अवधि चेक की जाए ताकि ऐसी घटनाएं दुबारा न हो। 
जिला चिकित्सालय में लगातार लापरवाही और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष अमित चोपड़ा ने बताया कि, कोरोना के कहर के बीच भी बालोद जिलें में स्वास्थ्य व्यवस्था नहीं सुधरी है। जिला अस्पतालों की बदहाली और लापरवाही दूर नहीं हो रही है। जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने में यदि कोई पहल राज्य की कांग्रेस सरकार के द्वारा नहीं की जाती है, तो युवा मोर्चा उग्र आंदोलन को बाध्य होगी। 

ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष अमित चोपडा, मंडल अध्यक्ष भाजपा सुरेश निर्मलकर, वरिष्ठ पार्षद कमलेश सोनी, युवा मोर्चा शहर अध्यक्ष नरेंद्र सोनवानी, संतोष कौशिक, गिरजेश गुप्ता, प्रीतम यादव, मोहन चतुर्वेदी, राहुल साहू, इन्द्र चतुर्वेदी उपस्थित रहे।


01-Dec-2020 2:08 PM 21

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बालोद, 1 दिसंबर।
जिले के 126 धान खरीदी केंद्रों में धान की खरीदी आज से शुरू हो चुकी है। जिसको लेकर सुबह से बालोद जिले के कलेक्टर जनमजेय मोहबे धान खरीदी केंद्रों का जायजा लेने निकले। 

ज्ञात हो कि किसानों की सुविधा को देखते हुए पिछले वर्ष की तुलना में इस साल 16 अतिरिक्त धान खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। वहीं बारदाने के कमी को देखते हुए इस बार धान खरीदी के लिए पुराने बारदानों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं कलेक्टर लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं कि खरीदी केंद्रों में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

आज कलेक्टर औंराभाठा के धान खरीदी केंद्र में औचक निरीक्षण करने पहुँचे। यहां की व्यवस्थाओं को लेकर सन्तुष्टि जताई, वहीं कलेक्टर ने कोरोना महामारी को देखते हुए कोरोना नियमों का पालन करने, मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसीग बनाये रखने व समिति प्रबंधन को सेनिटाइजर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
 


28-Nov-2020 3:00 PM 12

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बालोद, , 28 नवंबर।
जिले के महामाया क्षेत्र के बेरोजगारों को खदान क्षेत्रों में रोजगार देने के लिए शिव सैनिकों द्वारा कल एक दिवसीय धरना दिया गया। इस दौरान जमकर शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। शिव सैनिकों ने प्रशासन को चेताया कि यदि उनकी मांगों को जल्द ही पूर्ण नहीं किया जाता है तो वह महामाया से दल्ली तक पदयात्रा निकालेंगे, साथ ही बेरोजगारों के साथ अनिश्चितकालीन धरने पर भी बैठ जाएंगे।

शिवसेना के प्रदेश सह सचिव शंकर चेनानी ने बताया कि बालोद जिले का यह खनन प्रभावित क्षेत्र है और यहां रोजगार की कमी नहीं है, परंतु स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों को दरकिनार करते हुए बाहरी लोगों को रोजगार दिया जा रहा है जिसके चलते स्थानीय बेरोजगारों को रोजी-रोटी की समस्या हो रही है। इस संदर्भ में शिवसेना द्वारा लगातार शासन प्रशासन को ज्ञापन देकर मामले से अवगत कराया जा रहा है परंतु प्रशासनिक अधिकारियों के कान में जूं नहीं रेंग रही है जिसके कारण हमें अब आगे ठोस कदम उठाना पड़ेगा।

आगे निकालेंगे पदयात्रा
प्रदेश शिवसेना प्रवक्ता विक्की शर्मा ने कहा कि आगे हम पदयात्रा करने जा रहे हैं क्योंकि शासन और प्रशासन तो इन गरीब आदिवासी क्षेत्रों के लोगों की बात को नहीं मान रही है। यहां पर खनन एवं माइंस से निकलने वाले लाल पानी किस से प्रभावित लोग रोजगार के लिए भटक रहे हैं। खेतों में लाल पानी जमा हो रहा है ऊपर भी प्रभावित हो रही है जिन लोगों को असल रूप से रोजगार देना चाहिए, उन्हें अब तक रोजगार नहीं मिल पा रहा है। 

प्रदेश उपाध्यक्ष शिवराम केसरवानी ने कहा कि हम सभी शिवसैनिक लगातार बेरोजगारी के मुद्दे को उठा रहे हैं परंतु यहां की प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रही है जब तक हम स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं दिलाएंगे तब तक हम सभी शिवसैनिक शांत नहीं बैठेंगे। इस दौरान सहित शिवसैनिक भारी संख्या में मौजूद रहे।


04-Nov-2020 12:51 PM 22

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बालोद, 4 नवंबर।
बुधवार सुबह बालोद जिले से लगे भोला पठार पर्यटन क्षेत्र में भालू दिखा। जिससे आसपास के लोग काफी दहशत में है।

जिला मुख्यालय से 18 किमी पर बालोद वनपरिक्षेत्र के पर्रेगुड़ा गांव के भोला पठार मंदिर क्षेत्र में भालू नजर आया। मंदिर के पुजारी ने बताया कि भालू ने मंदिर की सीढ़ी भी चढ़ी और आसपास घूमकर जंगल में चला गया। ज्ञात हो कि यह पर्यटन स्थल रिहायशी इलाके से लगा हुआ है, इसके साथ ही यहां पर लोगों का आना-जाना रहता है।

वन विभाग को जैसे ही इसकी जानकारी हुई है, क्षेत्र के लोगों को सतर्क कर दिया गया है कि यदि भालू दिखे तो उसके साथ छेड़छाड़ ना करें, अन्यथा वह गुस्से में आकर हमला करने की कोशिश करेगा। इसके साथ ही किसी को भी अकेले घरों से बाहर जाने से मना किया गया है। कहीं भी आने-जाने पर झुंड बनाकर आने जाने कहा गया है।

वन्य प्राणियों के नाम रहा 2020
वर्ष 2020 बालोद जिले के लिए वन्य प्राणियों के नाम रहा। शायद वन्य प्राणियों को बालोद जिले का जंगल काफी पसंद आया। वर्ष 2020 के जनवरी में यहां पर एक बाघ ने पूरे जिले का भ्रमण किया था। इसके साथ ही अक्टूबर में यहां हाथियों के दल ने प्रवेश किया है, जो कि अभी तक इस क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं। इसके बाद अब भालू की आमद क्षेत्र में दिखती नजर आ रही है।

विख्यात पर्यटन स्थल है भोला पठार
बालोद जिले का यह पहला पठार विख्यात पर्यटन स्थल है और यहां पर बाहरी लोगों का आना-जाना हमेशा लगे रहता है, जिसके कारण वन विभाग की चिंता और बढ़ी हुई है। जो लोग भालू की मौजूदगी को जान रहे हैं, वे उस क्षेत्र में नहीं जाएंगे परंतु उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है उस पर्यटन स्थल में जाने की कोशिश करेंगे। इसके लिए स्थानीय लोगों द्वारा सूचना भी क्षेत्र में प्रसारित की जा रही है और लगातार मुनादी कराया जा रहा है।


03-Nov-2020 10:01 PM 22

  सरपंच ने कहा- शरारती तत्व कर रहे नलों और पौधों की चोरी  

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बालोद, 3 नवंबर। ग्राम पंचायत दुधली अन्तर्गत खनिज न्यास मद से लगभग 15 लाख रुपये खर्च कर बाल उद्यान का निर्माण, निर्माण एजेंसी सरपंच ग्राम पंचायत दुधली द्वारा कराया गया है, जिसका हाल ही में 15 अक्टूबर को क्षेत्रीय सांसद मोहन मंडावी द्वारा सरपंच फिरोज तिगाला, भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णकांत पवार, होरीलाल रावटे, राजकुमार प्रभाकर, संजय दुबे, रूपेश सिन्हा आदि की उपस्थिति में लोकार्पण किया गया है, लेकिन अब इसके रखरखाव में जिम्मेदारों द्वारा लापरवाही  बरतने व उद्यान में कुछ शरारती तत्वों द्वारा तोडफ़ोड़ व चोरी करने का मामला प्रकाश में आया है।

स्थिति यह है कि लोकार्पण के 15 दिनों के  भीतर ही वहां बच्चों के खेलने के लिए लगाई गई फिसलपट्टी व झूला टूटा हुआ पड़ा है तथा मुख्य प्रवेश द्वार  के सामने  लगाया गया पेवर ब्लॉक धसने लगा है। यह कार्य वित्तीय वर्ष 2018-19में स्वीकृत किया गया था जिसकी तकनीकी व प्रशासकीय स्वीकृति 15 लाख रुपये है। हाल ही में 10 अक्टूबर को यह उद्यान बनकर तैयार हुआ है।

दीवारों में अभी से आने लगी हैं दरारें

लाखों की राशि खर्च कर बनाये गए बाल उद्यान की पीछे की दीवारों में अभी से कई स्थानों पर दरारें आने लगी है जिससे इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हंै।

15 दिवस के भीतर ही टूटने-फूटने लगे उद्यान में लगे झूले

लाखों ख़र्च कर बनाये गए बाल उद्यान में बच्चों के खेलने के लिए कई तरह के झूले लगाए गए है, लेकिन लोकार्पण के महीने भर के भीतर ही वहां लगी फिसलपट्टी दो हिस्सों में टूट गयी है तथा उसी हालत में उद्यान में पड़ी है जिम्मेदारों द्वारा इस ओर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। इसी प्रकार एक स्थान पर जहां दो झूले लगने है वहां एक ही झूला लगा हुआ है दूसरे झूले का स्थान खाली पड़ा है तथा वह टूटा हुआ पड़ा है। मुख्य द्वार के सामने लगाया गया पेवर ब्लॉक भी धसने लगा है। मामले में सरपंच का कहना है कि एक भारी वाहन वहां चढ़ा देने से ऐसा हुआ है।

उद्यान में बीचोंबीच लगा है विद्युत पोल, हाई टेंशन लाइन से बना रहता है खतरा

कुछ लोगो का कहना है कि बाल उद्यान का निर्माण करते समय स्थल चयन करने वालों ने वहां बीचोंबीच आ रहे विद्युत पोल की शिफ्टिंग नहीं कराई है उद्यान में छोटे-छोटे बच्चे रोजाना खेलने के लिए आते है ऐसे में उद्यान के ऊपर से ही विद्युत पोल जाने से अक्सर खतरा बना रहता है अभी भी विद्युत विभाग को कहकर विद्युत पोल की शिफ्टिंग की जानी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार के कोई खतरे की संभावना शेष न रहे।

 ग्राम पंचायत दुधली के सरपंच फिरोज तिगाला ने बताया कि बाल उद्यान में अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा वहां लगाए गए महंगे नलों व पौधों की चोरी की गई है तथा फिसलपट्टी व  एक झूले को भी तोड़ दिया गया है। इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही है इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।


03-Nov-2020 9:34 PM 22

छत्तीसगढ़' संवाददाता

बालोद, 3 नवंबर। छत्तीसगढ़ शासकीय अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के  प्रांतीय आह्वान बालोद फेडरेशन के द्वारा अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आज कलेक्टर बालोद को ज्ञापन सौंपा गया।

  मांगों में समस्त कर्मचारियों के वेतनमान की  विसंगति का तत्काल निराकरण किया जाए, कोरोना वायरस के रूप में स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मचारी को प्रोत्साहन राशि के रूप में 1 माह का अतिरिक्त वेतन प्रदान किया जाए, कोरोना संक्रमण से मृतक कर्मचारी के आश्रित परिवार को 50 लाखका अनुदान एवं योग्यता अनुसार अनुकंपा नियुक्ति प्रदान किया जाए, जुलाई 2020 में मिलने वाली वेतन वृद्धि तत्काल बहाल किया जाए एवं सातवें वेतनमान एरियर्स दिया जाए आदि मांगें है।

 ज्ञापन सौंपने वालों में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष जसराज शर्मा छत्तीसगढ़ मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष रिंकू राम साहू शिक्षक कांग्रेस संघ प्रांतीय संयुक्त सचिव जेएल रंगारी राजेंद्र नरेंद्र तहसील अध्यक्ष राजेंद्र पिसदा अध्यक्ष बालोद  आरआर ठाकुर प्रांतीय सचिव राहुल भेडिय़ा महामंत्री स्वास्थ्य संघ अनिल सिन्हा  रमेश सोनबोईर राजेश साहू सीएल साहू महेंद्र सोनबोईर  कोषाध्यक्ष मोहनलाल  सिन्हा अध्यक्ष गुरुर नंद कुमार निषाद सचिव गुरुर रेवाराम साहू सीपी ठाकुर पीके यादव फेडरेशन के कर्मचारी गण एवं अधिकारी शामिल हैं।


02-Nov-2020 10:31 PM 22

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बालोद, 2 नवंबर। नगर पालिका द्वारा संचालित बालमंदिर की शिक्षिका लक्ष्मी पवार शनिवार को सेवानिवृत्त हुई। बचपन से ही पढऩे में रुचि होने के कारण जगदलपुर में सरकारी नौकरी तथा कृषि विकास बैंक में क्लर्क की नौकरी छोड़ 1987 से नगर पालिका बालमंदिर बालोद में शिक्षा सेवा हेतु नियुक्त हुई। 2010 से वर्तमान तक पूर्व माध्यमिक शाला में प्रधान पाठक के रूप में नियुक्त रहीं। अपने 32 वर्ष के सेवा कार्य में हजारों छात्रों को शिक्षित किया।

विदाई समारोह में नगर पालिका बालोद के सभी अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए।  लक्ष्मी पवार ने कहा कि रिटायर होने के बाद भी मैं छात्रों को शिक्षित करती रहूंगी।


02-Nov-2020 10:30 PM 23

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बालोद, 2 नवंबर। नगर पालिका द्वारा संचालित बालमंदिर की शिक्षिका लक्ष्मी पवार शनिवार को सेवानिवृत्त हुई। बचपन से ही पढऩे में रुचि होने के कारण जगदलपुर में सरकारी नौकरी तथा कृषि विकास बैंक में क्लर्क की नौकरी छोड़ 1987 से नगर पालिका बालमंदिर बालोद में शिक्षा सेवा हेतु नियुक्त हुई। 2010 से वर्तमान तक पूर्व माध्यमिक शाला में प्रधान पाठक के रूप में नियुक्त रहीं। अपने 32 वर्ष के सेवा कार्य में हजारों छात्रों को शिक्षित किया।

विदाई समारोह में नगर पालिका बालोद के सभी अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए।  लक्ष्मी पवार ने कहा कि रिटायर होने के बाद भी मैं छात्रों को शिक्षित करती रहूंगी।


02-Nov-2020 5:36 PM 33

भाजपा प्रदेश मंत्री ने की प्रभावितों से मुलाकात, नुकसान के हिसाब से मुआवजा कम- राकेश 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बालोद, 2 नवंबर।
बालोद जिले के अंतिम छोर में बसे वनांचल क्षेत्रों में इन दिनों हाथियों ने अपना डेरा जमाया हुआ है। दिन के उजाले में तो हाथियों का दल जंगल में रहता है, लेकिन जैसे ही सूरज ढलने लगती है तो हाथी रिहायसी इलाकों की ओर रूख करने लगते हैं। हाथियों के आतंक से एक ओर जहां उस क्षेत्र के लोगों में काफी दहशत है तो वहीं दूसरी ओर हाथियों का दल किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहा है। वहीं अब खेतों से होकर लोगों के घरों में भी हाथियों का दल पहुंचने लगा है। 

शुक्रवार शाम लगभग 7 बजे हाथियों का दल डौण्डी ब्लॉक के जपकसा गांव पहुंच गया। जहां कई लोगों के घरों में पहुंचकर घरों को तोड़ दिया तो वहीं कईयों की फसलें भी बर्बाद की है। हाथी प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदेव साय के निर्देश पर भाजपा प्रदेश मंत्री राकेश यादव जपकसा गांव पहुंचे। जहां उन्होंने सबसे पहले मौके पर तैनात वन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों से मुलाकात की और स्थिति के बारे में विस्तार से जाना। 

 प्रदेश मंत्री राकेश यादव अपनी टीम के साथ हाथियों ने जिनके फसलों व घरों को नुकसान पहुंचाया था। उनसे मुलाकात व बातचीत की। ननकी बाई ने बताया कि जब वह खाना निकाल रहे थे तो उनके यहां हाथी दौडक़र आया और घर के दरवाजे पर खड़े हो गये। दहशत के कारण घर के अंदर घुसकर रो रहे थे और बच्चों के मुंह को ढककर रखे थे जिसके बाद हाथियों के जाने के बाद घर से निकले और आग जलाकर बाहर में खड़े थे, तभी फिर दोबारा हाथी आने लगे, जिसे देखकर वहां से दौडक़र पास के एक घर के छत पर गए, जहां पूरी रात जागते हुए गुजारी। 

देवश्री बाई ने बताया कि उनके घर कुत्ता अचानक आवाज करने लगा, तब वह घर से निकली तो हाथी को देखा वह जैसे तैसे अपनी जान बचाकर पर्दा फांदते हुए वहां से भागी और जान बचाने के लिए छत पर ही रात गुजारी। जिस पर भाजपा के प्रदेश मंत्री राकेश यादव ने संवेदनशीतला जताते हुए पूरे मामले में प्रशासन से चर्चा करने की बात कही।

भाजपा प्रदेश मंत्री राकेश यादव ने कहा कि बालोद के वनांचल क्षेत्रों में पहली बार हाथियों का दल आने से भय का वातावरण है क्षेत्र के किसान क्षेत्र के मजदूर दहशत में है और लगातार गजराज द्वारा पकी पकाई धान की फसल को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कईयों के घर को तोड़ दिया है जान बचाने के लिए लोग दीवार फांद कर भाग रहे हैं। हमारे जिले के लोगों को हाथियों के आचरण के विषय में जानकारी नहीं है इसलिए पूरे क्षेत्र में बड़ा ही भय और आतंक का माहौल है। छत्तीसगढ़ के प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल, वन मंत्री मोहम्मद अकबर व विधायक अनिला भेडिय़ा से आग्रह किया कि वन विभाग के अनुसार जो मुआवजा मिल रहा है वह नुकसान के हिसाब से काफी नहीं है। इसके अलावा राजस्व की धारा 6, 4 का लाभ किसानों को मिलना चाहिए।

 प्रदेश मंत्री ने कहा कि जिला खनिज न्यास निधि से अतिरिक्त मुआवजा भी देना चाहिए। उन्होंने यहां की स्थिति के बारे में छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय को अवगत कराने की बात कही। वहीं जरूरत पडऩे पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर सहित प्रदेश के बड़े नेताओं को भी इस विषय में अवगत कराने की बात कही, ताकि वह इस गंभीर विषय में उच्चाधिकारियों से चर्चा कर प्रभावित जनता के हितों के लिए निर्णय लें।

लोगों को सतर्क रहने की जरूरत- रावटे
जिला पंचायत सदस्य होरीलाल रावटे ने बताया कि हाथियों ने 8 गांव में साढे 13 हेक्टेयर के 93 किसानों का फसल नुकसान किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हाथी गांव के अंदर घुस रहा है वह बेहद चिंता का विषय है, जिससे कभी भी जनहानि होने की संभावना है। इसको लेकर इस क्षेत्र के लोगों को बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने वन विभाग व स्थानीय प्रशासन को एक विषय को गंभीरता पूर्वक लेने का आग्रह किया। 

इस अवसर पर पूर्व जिला भाजपा मंत्री पालक ठाकुर, भाजपा शहर अध्यक्ष सुरेश निर्मलकर, धर्मेंद्र अग्रवाल(बंटी), डौण्डी कोषाध्यक्ष अजय चौहान भी मौजूद थे।
 


02-Nov-2020 1:36 PM 46

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बालोद, 2 नवंबर। आज सुबह जिला अस्पताल में गर्भ में पल रहे दो बच्चों के साथ मां की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए घंटों हंगामा किया। पीडि़त परिजन परिवार के एक व्यक्ति की सरकारी नौकरी सहित उचित मुआवजे की मांग करते रहे। पांच घंटे बाद अफसरों की समझाइश के बाद परिजन माने और गांव लौटे।

इस संबंध में जिले के सिविल सर्जन डॉ. बाबूलाल रात्रे का कहना है कि कहीं कोई लापरवाही नहीं हुई है। सभी नर्स एवं डॉक्टर यहां पर ड्यूटी में थे।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने परिजनों को आश्वासन दिलाया कि जो भी नियम में होगा, उसे उसका लाभ दिया जाएगा। साथ ही परिजनों को भी समझाया गया।

एसडीएम सिल्ली थामस ने बताया कि परिजन अब अंतिम संस्कार के लिए राजी हो चुके हैं। साथ ही आवश्यक प्रक्रिया भी पूर्ण की जा रही है। नियम में योजनाओं के हिसाब से जो भी बन पड़ेगा, उस तरह का सहयोग परिवार को किया जाएगा।

 जिले के पारागांव निवासी कुलेश्वर देवांगन की पत्नी बिटान बाई देवांगन शुक्रवार को डिलीवरी के लिए भर्ती हुई थी। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने कहा था कि रविवार को इसका ऑपरेशन होगा। रविवार को ब्लड प्रेशर ज्यादा है, जैसी बातें करते रहे और ऑपरेशन नहीं किया। गर्भवती की हालत लगातार बिगड़ती रही। जिसे देख डिस्चार्ज करने की मांग परिजनों द्वारा की गई। पर डॉक्टरों ने मना कर दिया। यहां लापरवाही हुई है। डॉक्टर और नर्स ड्यूटी पर नहीं थे। नर्स ने भी अभद्रता करते कहा कि एक मरीज के लिए हम कितना दौड़े, इस तरह से लापरवाही की गई और एक मां और दो बच्चे की मृत्यु हो गई।

गर्भ में पल रहे दो बच्चों के साथ एक मां की मृत्यु पर पूरा परिवार शोक में डूबा हुआ है और यहां पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। यहां अंतिम संस्कार से भी परिजन इनकार करते रहे, वहीं प्रबंधन किसी तरह की लापरवाही से साफ इंकार कर रहा है।

हंगामे के दौरान परिजन और प्रशासन की टीम में चर्चा हुई। अनुविभागीय अधिकारी सहित तहसीलदार व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पीडि़त परिजन परिवार के एक व्यक्ति की सरकारी नौकरी सहित उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे। प्रबंधन द्वारा अंतिम संस्कार के लिए उन्हें समझाने की कोशिश की जा रही है परंतु ग्रामीणों और परिजनों ने बहुत देर तक किसी तरह की कोई सहमति नहीं बन रही थी। परिजन प्रदेश स्तर तक लड़ाई की बात भी कर रहे थे। पांच घंटे बाद अफसरों की समझाइश के बाद परिजन माने और गांव लौटे।

 

 


01-Nov-2020 6:06 PM 16

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बालोद, 1 नवंबर।
केंद्र द्वारा पारित कृषि बिल के  विरोध में शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा शहर के जयस्तंभ चौक के समीप धरना दिया गया। धरने में जिला कांग्रेस कमेटी की टीम मौजूद रही, साथ ही ग्रामीण अंचलों से भी किसान मौजूद रहे।

कांग्रेस द्वारा धरना के माध्यम से केंद्र सरकार के इस कृषि कानून को काला कानून बताया। साथ ही कहा कि इस कानून को केंद्र सरकार को वापस लेना पड़ेगा, यदि केंद्र सरकार नहीं करेगी तो हम राष्ट्रपति तक भी जाएंगे। इसको लेकर हम हस्ताक्षर अभियान चलाने वाले हैं और 14 नवंबर को इसे राष्ट्रपति को सौंपेंगे।

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सहित अन्य नेताओं ने कहा कि यह कानून देश के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए पारित किया गया है। देश बिचौलियों को खत्म करने की बात कह रही है, परंतु यहां पर किसानों को ही खत्म करने की साजिश रची जा रही है, जिसका हम कड़ा विरोध करते हैं। 

धरना प्रदर्शन के माध्यम से बारी-बारी सभी नेता जनप्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी बात रखी और किसानों को इसको लेकर आगे आने की बात कही। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
 


30-Oct-2020 9:09 PM 48

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बालोद, 30 अक्टूबर। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति जेवरतला में भृत्य के मोबाइल से अपमानजनक  तस्वीर फैलने पर उसकी सेवा समाप्त कर दी थी। जिस पर उसने उप पंजीयक बालोद के न्यायालय में वाद लगाया था। पंद्रह माह बाद उसके पक्ष में फैसला आया और उसे पुन: भृत्य के पद पर बहाल करने के साथ 15 माह के वेतन का 75 फीसदी राशि का भुगतान करने का आदेश दिया गया। फैसला आने के बाद पीडि़त एवं उसके परिवार ने न्याय की जीत बताया।

ज्ञात हो कि आदिम जाति सेवा सहकारी समिति जेवरतला में 30 जुलाई 2019 को ऋण माफी त्यौहार का आयोजन समिति की ओर से आयोजित किया गया था, जिसके मुख्य अतिथि जनपद सदस्य एवं सभापति सहकारिता एवं उद्योग समिति थामन साहू थे। कार्यक्रम की समाप्ति के पश्चात एक कुत्ते को फूलों की माला पहनाकर  उसकी तस्वीर खींच कर,  'ऋण माफी तिहार का मुख्य अतिथिÓ शीर्षक के साथ दोस्ती नामक व्हाट्सएप ग्रुप में उक्त कुत्ते का फोटो वायरल किया गया था। उक्त फोटो समिति में कार्यरत सोमेश्वर कुमार साहू के मोबाइल से पोस्ट किया गया था। फोटो वायरल होने के बाद समिति प्रबंधन एवं संचालक मंडल में कोहराम मच गया था।  संचालक मंडल ने तत्काल आनन-फानन में 01 अगस्त 2019 को मीटिंग बुलाकर समिति के भृत्य के पद पर कार्यरत सोमेश्वर की सेवा समाप्त कर दी थी। उक्त मामले की जांच उप पंजीयक बालोद के द्वारा दो बार कराए जाने पर सोमेश्वर साहू को उक्त कृत्य के लिए दोषी नहीं पाया था, जिस पर संचालक मंडल ने पुन: निष्पक्ष जांच की मांग करने पर अंकेक्षण अधिकारी के माध्यम से जांच करने पर भी सोमेश्वर साहू को उक्त अपराध के लिये दोषी नहीं पाया था, परंतु मोबाइल के रखरखाव में लापरवाही का दोषी माना था।

दरअसल, कार्यक्रम के बाद भृत्य सोमेश्वर ने अपने मोबाइल को टेबल पर रख कर कुर्सी और अन्य समान को जतन करने में लगा रहा, इसी दरमयान, उपस्थित अन्य कर्मचारी ने, पहले कुत्ते को हार पहनाया, फिर उसकी तस्वीर खींच कर, उसमें कमेंट्स करते हुए दोस्ती ग्रुप में फोटो पोस्ट कर दिया था,  परन्तु समिति प्रबंधन ने सोमेश्वर साहू के मोबाइल से  वायरल होने के कारण उसे नौकरी में रखने से इंकार कर दिया था।

इसी आधार पर सोमेश्वर साहू ने वकील के माध्यम से उप पंजीयक बालोद के न्यायालय में चुनौती दिया था, जिस पर 29 अक्टूबर 2020 को आदेश पारित करते हुए जेवरतला समिति प्रबंधन को आदेश दिया है कि, सोमेश्वर साहू को पुन: सोसाइटी में भृत्य के पद पर बहाल करें तथा सेवा समाप्ति दिनांक से वर्तमान दिनांक तक अर्थात 15 माह का उनके वेतन का 75 फीसदी राशि का भुगतान करें।


30-Oct-2020 6:01 PM 29

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बालोद, 30 अक्टूबर।
जिला मुख्यालय में पुलिस झंडा दिवस एवं राष्ट्रीय एकता दौड़ का आयोजन किया गया। जहां पुलिस के अधिकारी कर्मचारी शामिल हुए। इस दौरान सभी पुलिस कर्मियों ने एकता के लिए दौड़ लगाइ। शहर के सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान से इस दौड़ की शुरुआत की गई जहां शहर के प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों से होते हुए सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम तक दौड़ लगाया गया।

एकता के इस दौड़ को जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दौलत पोर्ते ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही उप पुलिस अधीक्षक दिनेश सिन्हा भी मौजूद रहे। सभी अधिकारी कर्मचारी एकता के इस दौड़ में आम जनता को प्रेरित करते हुए नजर आए। इसके साथ ही झंडा दिवस पर पुलिस के वीर शहीद जवानों को भी याद किया गया।
 


30-Oct-2020 6:00 PM 23

 ‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बालोद, 30 अक्टूबर।
बालोद जिले में यूनिसेफ के माध्यम से एनएसएस के नन्हे ब्रिगेड इन दिनों बेहतर प्रदर्शन कर कोरोना वायरस के संक्रमण काल में लोगों को जागरूक कर रहे हैं। अभी स्कूलों में छुट्टियां चल रही है तो बच्चों को शिक्षा सहित अन्य एक्टिविटी से कैसे जोड़ कर रखें इस बात पर भी फोकस करते हुए व ग्रामीण स्तर पर कार्य कर रहे हैं।

एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी रोशनी साहू ने बताया कि एनएसएस के ये छोटे ब्रिगेड ब्लू ब्रिगेड के माध्यम से जुडक़र गांव में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही शासन की जो भी योजनाएं हैं सुपोषण और छोटे बच्चों का टीकाकरण फूड सप्लीमेंट आदि बराबर मात्रा में मिल रहा है इसका भी वे ध्यान रख रहे हैं।

ब्लू ब्रिगेड के ये नन्हें स्वयंसेवक चंचल नूतन यामिनी गांव में मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का इंटरव्यू ले रहे हैं और उनसे जानकारी एकत्र कर रहे हैं कि लॉकडाउन की अवधि में उन्होंने क्या-क्या कार्य किए और क्या बच्चों तक उनकी सुविधाएं पहुंच पाई है कोई बच्चा किसी चीज से अछूता तो नहीं रह गया और यह मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं उनका बराबर सहयोग भी कर रहे हैं।नन्हे स्वयंसेवक गांव में लोगों के बीच जा जाकर हाथ धोने का तरीका सिखा रहे हैं। 

कार्यक्रम अधिकारी रोशनी साहू ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व वेबीनार हुआ था जिसमें ब्लू ब्रिगेड गठित करने की जानकारी दी गई थी जिसमें से बच्चों को अध्ययन से जुड़े रखना पढ़ाई करना 0 से 5 साल के बच्चे जिनको टीकाकरण लग रहा है या नहीं फूड सप्लीमेंट्स मिल रहे हैं या नहीं बच्चे कहीं अध्ययन से दूर तो नहीं हो गए इन सारी बातों को इस ब्लू ब्रिगेड के माध्यम से गांव में अध्ययन करने कहा गया था।
 


30-Oct-2020 5:58 PM 19

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बालोद, 30 अक्टूबर।
बालोद जिले के डौंडी विकासखंड क्षेत्र के कुछ गांवों के फसलों को हाथियों द्वारा नुकसान पहुंचाया गया है जिसका जायजा लेने बालोद कलेक्टर जनमेजय महोबे पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा और वनमण्डल अधिकारी सतोविशा समाजदार के साथ डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम लिमउडीह पहुंचे। 

यहां अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर हाथियों के विचरण से हुई फसल आदि की क्षति की जानकारी ली। कलेक्टर ने ग्रामीणों को बताया कि मुआवजा प्रकरण तैयार करने के संबध में आवश्यक दिशानिर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया।

कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन किसानों के खेतों की फसलों को नुकसान हुआ है, उन्हें रबी फसल के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दें। कलेक्टर ने  ग्रामीणों से शासकीय उचित मूल्य की दुकान से राशन मिलने  और आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से गरम भोजन प्रदाय की  जानकारी ली। ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताया कि शासकीय उचित मूल्य की दुकान से राशन तथा आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से हितग्राहियों को गरम भोजन मिल रहा है।

कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वनमण्डल अधिकारी ने ग्रामीणों से अपील किया कि वे हाथियों से दूर रहें और उन्हें न छेड़ें। छेडऩे की स्थिति में ही अक्सर हाथी गुस्से में आते हैं और यहां वहां भागने लगते हैं जिससे फसलों को अधिक नुकसान होता है। इस अवसर पर एस.डी.एम. ऋषिकेश तिवारी और तहसीलदार प्रतिमा ठाकरे मौजूद रहीं।


30-Oct-2020 5:17 PM 81

सिपाही के खिलाफ जुर्म दर्ज, फरार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बालोद, 30 अक्टूबर। पूर्व किराएदार सिपाही द्वारा बीती रात नशे में मकान मालकिन की बेटी से  जबर्दश्ती पापा कहलवाने की कोशिश की गई। नहीं कहने पर मां-बेटी से मारपीट व बच्ची को सिगरेट से दागा। शिकायत के बाद पुलिस ने रात को ही मामला दर्ज किया। आरोपी सिपाही फरार है।इस संबंध में बालोद थाना उपनिरीक्षक शिशिर पांडे ने बताया कि मामले में धारा 294, 323, 324 आईपीसी के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है और आरोपी की पतासाजी की जा रही है।

पुलिस के अनुसार वारदात बालोद जिला मुख्यालय से लगे ग्राम सिवनी में 29 अक्टूबर की दरमियानी रात की बताई जा रही है। पुलिस कर्मी अविनाश राय का स्थानांतरण बालोद रक्षित केंद्र से दुर्ग रक्षित केंद्र हुआ है। इसके पूर्व पुलिसकर्मी प्रार्थिया के घर में किराए से रहता था। पुलिसकर्मी ने मकान मालकिन को कुछ पैसे दिए थे जिसकी वसूली के लिए वह आया था और वहीं रुक गया था और शराब के नशे में उसने उसकी बेटी पर जबरदस्ती पापा कहवाने का दबाव बनाया। जब उसने नहीं कहा तो हाथ-पैर, पीठ को सिगरेट से दाग दिया, और मां और बच्ची के साथ मारपीट की। 

मकान मालकिन द्वारा अपनी बच्ची को लेकर पुलिस कर्मी के खिलाफ थाने में शिकायत की गई है जिसको लेकर अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है।जिसके बाद से बालोद थाने की टीम उसे खोजने में जुटी हुई है। उसे ढूंढने के लिए सिवनी स्थित मकान में भी पुलिस की टीम गई थी। परंतु पुलिसकर्मी वहां से फरार हो गया है।

राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने लिया मामला संज्ञान में

मामले के संदर्भ में जब राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के सदस्य यशवंत जयंत से फोन पर जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उक्त घटना की जानकारी बाल संरक्षण आयोग तक पहुंची हुई है। साथ ही हमने मामले की पूरी जानकारी के लिए पुलिस को लिख दिया है और इसमें धारा बढ़ाने की भी बात कही जा रही है।  उन्होंने बताया कि यह काफी जघन्य अपराध है और पुलिसकर्मी को बर्खास्त करने के लिए भी पत्र लिखा जा रहा है।


29-Oct-2020 8:53 PM 26

'छत्तीसगढ़, संवाददाता

बालोद, 29 अक्टूबर। शुक्रवार 30 अक्टूबर को सरकार के खिलाफ जनआक्रोश रैली को लेकर भाजपा ग्रामीण मंडल की बैठक कुर्मी भवन में संपन्न हुई।

बालोद ग्रामीण भाजपा मंडल के द्वारा बुधवार को बालोद कुर्मी भवन में भाजपा ग्रामीण के समस्त कार्यकर्ताओं की बैठक रखी गई थी। जिसमें मुख्य रूप से राज्य की भूपेश सरकार के खिलाफ 30 अक्टूबर को जन आक्रोश रैली की रूपरेखा तैयार की गई।

 बैठक में मुख्य रूप से पूर्ण शराबबंदी, महिलाओं पर हो रहे अत्याचार की रोकथाम, 1 नवंबर को धान खरीदी, 2500 रुपये मूल्य धान खरीदने एवं किसानों के धान 20 क्विंटल खरीदने की मांगों को लेकर जिला मुख्यालय बालोद में जन आक्रोश रैली को सफल बनाने चर्चा की गई।

 प्रदेश भाजपा के आह्वान पर भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष प्रेम साहू और महामंत्री बिरेन्द्र साहू एवं दानेश्वर मिश्रा द्वारा बैठक सोशल डिस्टेंस के पालन करते हुए संपन्न कराया गया। ग्रामीण भाजपा मंडल बालोद की प्रभारी संध्या भारद्वाज एवं वरिष्ठ नेता पवन साहू ने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ जन आक्रोश रैली में सभी कार्यकर्ता की उपस्थिति अनिवार्य है।

बैठक में मुख्य रूप से छगन देशमुख, चमन साहू, धरम लाल साहू, प्रकाश नाहर पूर्व मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र देशमुख पूर्व मंडल अध्यक्ष पालक ठाकुर जनपद पंचायत बालोद के जिला पंचायत सदस्य कृतिका साहू,जनपद अध्यक्ष प्रेमलता साहू सदस्य सीता साहू जिला पंचायत सदस्य कृतिका साहू भाजपा ग्रामीण मंडल के महामंत्री बिरेंद्र साहू दानेश्वर मिश्रा एवं पंच सरपंच जनपद सदस्य यशवंत साहू जनपद सदस्य बल्ला हरिश्चंद्र साहू पूर्व जनपद उपाध्यक्ष देवधर लिखन, सत्या गांवरे, पूनम साहू, चित्रसेन साहू, शोभा  साहू, गणेश राम साहू, श्यामसुंदर साहू, विनोद गिरी गोस्वामी आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


28-Oct-2020 7:02 PM 38

विजय जायसवाल

बालोद, 28 अक्टूबर (छत्तीसगढ़)। बालोद जिले की तांदुला नदी किनारे बसे दर्जनों गांव के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। तांदुला नदी पर मानसून बीतने के बाद दर्जनों गांव के लोग नदियों को संवार कर वहां खेती किसानी करते हैं।

खरीफ फसल के नुकसान की भरपाई करने के लिए किसान इन दिनों नदी की रेत पर पसीना बहा रहे हैं। रबि फसल का रकबा कम होता जा रहा है। वहीं भूमिहीन मजदूर परिवारों के लिए रेत पर बने छोटे-छोटे खेत में ग्राम पडक़ीभाट उमरादाह चरोटा सिवनी नेवारी जैसे कई गांव के लोग यहां कृषि कार्य कर अपना जीवन यापन करते हैं। बरसों से बालोद जिले के इस गांव में कृषि करने की परंपरा चली आ रही है। दर्जनों गांव के सैकड़ों परिवार यहां सब्जी की खेती कर रहे हैं। चार महीने के लिए भूमिहीन किसान भी खुद को किसान से कम नहीं समझते और मेहनत झोंक देते हैं। रेत पर पसीना बहाते हैं। तब इनका जीवन यापन होता है। यहां की सब्जियां बालोद जिले से लेकर दुर्ग और रायपुर तक बेची जाती हैं। यहां ग्रामीण बरसात के पहले खेतों में मजदूरी करते हैं। उसके बाद से नदी की रेत पर सब्जी और फल की फसल लेकर पूरे साल के लिए जीवन यापन का साधन जुटाते हैं।

रेत पर पसीना बहाने वाले इन किसानों की सुध लेने जब 'छत्तीसगढ़’ नदियों पर पहुंचा तो उनके चेहरे खिल उठे। उन्होंने बताया कि रेत पर होने वाली पैदावार से अच्छी खासी आमदनी हो जाती है यहां हम धान से अधिक मुनाफा कमा लेते हैं हमारे इन सब्जियों का बाजार में भी अच्छा दाम है। किसानों के अनुसार 3 महीने की कड़ी मेहनत से कर्ज अदा करने के बाद करीब 20 से 25000 रुपए की आमदनी होती है यहां पर भी तरह-तरह की सब्जियां उगाते हैं।

कृषक महिला तीजन बाई ने बताया कि वर्षों से रेत पर किसी करने की परंपरा चली आ रही है मानसून के बाद हम लोग अपना सारा ध्यान रेत में कृषि करने में लगाते हैं जिसका हमें फायदा भी मिलता है। उन्होंने बताया कि पूरे परिवार सहित हम सुबह से यहां आए रहते हैं और दोपहर का भोजन भी यही करते हैं और सीधे शाम दिन ढलते ही अपने घरों को वापस लौट जाते हैं।

तांदुला नदी में सबसे ज्यादा कांदे की खेती की जाती है। इसके साथ ही आलू प्याज तरबूज सहित कुछ ऐसे फसल जो कि रेत में सबसे ज्यादा उगते हैं। उन फसलों की खेती की जाती है। इसमें प्याज की भाजी और मूली आदि शामिल है। ठंड में रेत में उगे इन सब्जियों का स्वाद भी अलग रहता है और यह काफी पौष्टिक भी होता है।

यहां मौजूद किसानों ने बताया कि रेत में कृषि कार्य करने के लिए काफी मेहनत भी करना पड़ता है। सबसे पहले रेत को समतल बनाया जाता है फिर 3 गुना 30 फीट के आकार के गहरे नाले बनाए जाते हैं ताकि नदी का पानी किनारे से बहकर और खेतों को नुकसान न पहुंचा सके। इसके साथ ही खेती की शुरुआत हो जाती है और छोटे-छोटे गड्ढों के माध्यम से यहां हम खेतों के लिए सिंचाई करते हैं। यही नहीं बारिश के दिनों में बड़े-बड़े पत्थर रेत के साथ बैठकर आते हैं उन्हें भी हमें अलग करना पड़ता है।

 


27-Oct-2020 9:37 PM 29

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बालोद, 27 अक्टूबर। बालोद जिले के ग्राम लाटाबोड़ में किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। दरअसल यहां किसानों ने बीज निगम के डीलर के माध्यम से प्रमाणित बीज खरीदा था, पर फसल खेत में केवल 10 फीसदी ही नजर आ रही है और 90 फीसदी फसल यहां बीमार और अन्य किस्म के नजर आ रहे हैं और वो झडऩे लगे हैं। किसानों ने इसकी शिकायत प्रशासन से की थी। जिसके बाद अब जिले के कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि विभाग और बीज निगम के अधिकारी जांच में पहुंचे।

 किसानों ने बताया कि जिस प्रमाणित बीज के नाम पर हमने बीज खरीदा था, दरअसल वह एक धोखा निकला है। अब हम यह सोच रहे हैं कि हम फसल काटते भी हैं तो इतने निम्न स्तर के बीच हैं कि उसमें बीमारियां लगी हुई हैं और वैरायटी में अंतर है जिसमें से हमारे फसल का 10 फीसदी हिस्सा ही हमें मिल पाएगा। ऐसे में हम धान की कटाई कर क्या कर सकते हैं। उनका कहना है कि प्रशासन उन्हें मुआवजा दें। साथ ही किसानों ने यह भी बताया कि जिस तरह यहां पर विभाग द्वारा गलत बीज भेज दिया गया है उससे युवा कृषक हतोत्साहित महसूस करेंगे।

जांच में पहुंचे कृषि विज्ञान केंद्र कृषि विभाग सहित बीज निगम के अधिकारियों ने खेतों में उतरकर बारीकी से जांच की तथा किसानों ने भी उन्हें समस्याएं बताई। लगभग 3 से 4 ऐसे किसान मौजूद थे जिन्हें बीजों के किस्म को लेकर शिकायत थी। अधिकारियों ने बताया कि अभी वह सैंपल ले रहे हैं, जिसके बाद जांच रिपोर्ट के बाद ही कुछ फैसला किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यहां इस तरह की शिकायत पहली बार इन्हें किसानों से ही मिली है। बालोद जिले में और इस तरह की कोई शिकायत नहीं है।


26-Oct-2020 10:01 PM 26

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बालोद, 25 अक्टूबर। राज दशहरा उत्सव समिति द्वारा बालोद नगर में दशहरा का पर्व प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मनाया गया परंतु इस वर्ष रावण का कद छोटा था और सीमित लोग ही मौजूद थे। रविवार रात लगभग 8 बजे रावण दहन किया गया। इससे पहले राम और रावण के युद्ध हुआ जिसके बाद रावण का वध किया गया।

नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने बताया कि जो नियम जो परंपरा हमें निभानी थी उसे हमने निभाया है और अच्छे से निभाया है। अंतर केवल यह रहा कि इस बार लोगों की भीड़ काफी कम रही और मर्यादा में रहकर हमने दशहरा पर्व मनाया है। खुशी इस बात की है कि इस बार हम परंपरा निभा पाने में समर्थ हुए। जिला पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा अपने परिवार के साथ पहुंचे और भगवान राम की पूजा अर्चना भी की। इसके साथ ही अनुविभागीय अधिकारी व तहसीलदार भी पूजा-अर्चना करने पहुंचे। बालोद नगर पालिका क्षेत्र के नेता जनप्रतिनिधि व पालिका के अधिकारी कर्मचारी भी मौजूद रहे। सभी लोगों द्वारा इस राज दशहरा उत्सव के पर्व में सहभागिता निभाई गई।


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