‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 22 फरवरी। जिला प्रशासन द्वारा किसानों की हौसला अफजाई करने गीदम का गहन दौरा किया। कलेक्टर देवेश ध्रुव ने मत्स्य बीज उत्पादन केंद्र, हारम का जायजा लिया। उन्होंने बीज उत्पादन की जानकारी ली। उत्पादन बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि क्षेत्र में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक किसानों को जोडऩा आवश्यक है। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।?उन्होंने परिपूरक आहार की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
श्री ध्रुव ने कहा कि किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए, जिससे उन्हें नुकसान से बचाया जा सके। आगामी ब्रीडिंग सीजन के पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं। तालाबों की साफ-सफाई, जल प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता तथा दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी फील्ड में जाकर स्वयं किसानों से संवाद करें और उन्हें वैज्ञानिक तरीके से ब्रीडिंग की प्रक्रिया की जानकारी दें। किसानों को आधुनिक तकनीकों के उपयोग, उचित आहार प्रबंधन और रोग नियंत्रण के बारे में प्रशिक्षित किया जाए।
उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि हो सके। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पिछले वर्ष के उत्पादन और लक्ष्य की भी समीक्षा की। उन्होंने पूछा कि पिछले वर्ष 65 लाख मत्स्य बीज उत्पादन के लक्ष्य के मुकाबले वास्तविक उत्पादन कितना रहा और इस वर्ष लक्ष्य वृद्धि के लिए क्या रणनीति बनाई गई है। उन्होंने योजनाओं का प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखाई देना चाहिए और किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि होनी चाहिए।कलेक्टर द्वारा कार्यालय मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जिले के समस्त किसानों का मृदा परीक्षण शत-प्रतिशत किए जाने के निर्देश प्रदान किए। किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड योजना के अंतर्गत सॉइल हेल्थ कार्ड हिंदी भाषा में उपलब्ध कराए जाने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। कलेक्टर श्री ध्रुव द्वारा कृषि विभाग द्वारा आयोजित बैठक में जैविक खेती को बढ़ावा देने, किसानों को कृषि से जोडऩे और उत्पादन बढ़ाने पर चर्चा की गई। स्वाइल लैब (मृदा परीक्षण प्रयोगशाला) के माध्यम से किसानों की मिट्टी जांच कर वैज्ञानिक सलाह देने का निर्णय लिया गया। डबरी और कुओं से सिंचाई सुविधा बढ़ाने तथा नहर और उठाव सिंचाई योजनाओं की मरम्मत करने पर सहमति बनी।फसलों के उचित मूल्य निर्धारण से किसानों को अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित करने पर बल दिया गया। खरीफ सीजन की तैयारी हेतु मार्च से प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने का प्रस्ताव रखा गया, जिसमें उन्नत बीज, जैविक खाद और कीट प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। रागी और कोदो जैसी मोटे अनाज की फसलों का रकबा बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। रबी फसलों की सुरक्षा के लिए गांवों में चरवाहा रखने का सुझाव भी दिया गया।
किसान रामप्रसाद की तारीफ
ग्राम बड़ेकारली में कलेक्टर ने प्रगतिशील किसान रामप्रसाद वेको के 12 एकड़ क्षेत्र में विकसित बहुविविध खेती मॉडल का अवलोकन किया। खेत में विभिन्न फलों और फसलों की सुव्यवस्थित खेती को देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। चर्चा के दौरान श्री वेको ने बताया कि वे परंपरागत खेती के साथ-साथ उन्नत बागवानी को अपनाते हुए अमरूद, शेडनेट में स्ट्रॉबेरी, अंजीर, आम और नारियल के पौधों की खेती कर रहे हैं। इन फसलों से उन्हें वर्षभर आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
श्री वेको ने बताया कि उन्होंने मशरूम उत्पादन भी प्रारंभ किया है। कम समय में अधिक लाभ देने वाली इस गतिविधि से मात्र तीन माह में लगभग 60 से 65 हजार रुपये की आय अर्जित की जा चुकी है। कलेक्टर ने इसे सराहनीय पहल बताते हुए अन्य किसानों को भी इससे प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने श्री वेको के पुत्र दिव्यांशु वेको को कृषि क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित करने तथा आधुनिक तकनीकों की जानकारी के लिए राजमहेंद्री, विशाखापट्टनम और अरकू जैसे स्थानों के प्रशिक्षण भ्रमण पर भेजने का सुझाव दिया। साथ ही उन्होंने खेत परिसर में होम स्टे विकसित करने की भी सलाह दी, जिससे कृषि पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और अतिरिक्त आय के अवसर सृजित होंगे।
मधुमक्खी पालन का निरीक्षण
ग्राम घोटपाल में कलेक्टर ने सदगुरु स्व सहायता समूह द्वारा संचालित मधुमक्खी पालन गतिविधियों का निरीक्षण किया। उन्होंने समूह की महिलाओं एवं किसानों से चर्चा कर उत्पादन, विपणन एवं प्रशिक्षण की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।ग्राम घोटपाल में कुल 117 कृषकों को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। प्रत्येक कृषक को 6–6 मधुमक्खी बॉक्स वितरित किए गए हैं। अनुमान है कि प्रत्येक बॉक्स से मई माह तक लगभग 8 से 10 किलोग्राम शहद का उत्पादन होगा। इस प्रकार यह गतिविधि किसानों के लिए अतिरिक्त एवं स्थायी आय का सशक्त माध्यम बन रही है। कलेक्टर ने गुणवत्ता, पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
संध्या यादव की खेती का अवलोकन
कलेक्टर ने ग्राम घोटपाल में कृषक संध्या यादव के खेत का भी निरीक्षण किया। लगभग 3 एकड़ क्षेत्र में वे मिश्रित सब्जी उत्पादन कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उनके खेत में करेला, तोरई, बरबट्टी और लौकी आदि मौसमी सब्जियों की खेती की जा रही है। विविध सब्जियों की खेती से उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है तथा स्थानीय बाजार में ताजी सब्जियों की आपूर्ति भी सुनिश्चित हो रही है। इस भ्रमण के दौरान जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा और विभागीय अफसर प्रमुख रूप से मौजूद थे।