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Date : 27-Mar-2020

कोरोना संकट से पटरी खाली, पर सिर्फ 36 रैक ही भेज पाया रेल्वे

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरब, 27 मार्चा।
रेलवे के इतिहास में संभवत: यह पहली बार होगा जब साइडिंग में कोयला पर्याप्त मात्रा में हो, लेकिन डिस्पैच नहीं कर पा रहे हों। सामान्य दिन में जहां 38 से बढ़कर 46 रैक कोयला डिस्पैच का औसत पहुंच गया था, वह लॉक डाउन के दौरान घटकर 36 पर आ गया है। पूरे देश में यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। केवल मालगाड़ी ही दौड़ रही हैं। पूरा ट्रैक खाली है, चाहकर भी प्रबंधन डिस्पैच का आंकड़ा नहीं बढ़ पा रहा है। 

वित्त वर्ष के समाप्ति को अब महज 6 दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में हर विभाग पेंडिंग कार्य के साथ मिले टार्गेट को पूरा करने में जुट जाता है। ऐसे में रेल्वे भी अधिक से अधिक कोयला डिस्पैच कर रिकार्ड बनाने में जुटा है। फरवरी तक जहां हर दिन 48 से 50 रैक तक कोयला डिस्पैच हुआ था, वह मार्च में घटने से विभाग के ऊपर बोर्ड का दबाव बढ़ गया है। उधर एसईसीएल प्रबंधन कोयला उत्पादन में कोई कमी नहीं होने दे रहा है। साइडिंग में भी पर्याप्त कोयला स्टाक हो गया है। लेकिन लोडिंग नहीं होने से डिस्पैच पर असर पड़ रहा है। एसईसीएल प्रबंधन के अनुसार पर्याप्त मात्रा कोयले का उत्पादन हो रहा है। साइडिंग पर भी कमी नहीं है।


कम हुआ लदान, मार्च में उम्मीद के अनुसार आय नहीं
कोरबा में डीटीआई वीसी पाल ने बताया कि वित्त वर्ष 2019-20 में अप्रैल से जनवरी तक कोयला डिस्पैच कर रेलवे ने कोरबा से 5381.667 करोड़ रुपए कमा लिए हैं। फरवरी व मार्च में लदान से मिलने वाली आय का आंकड़ा अभी नहीं आया है। मार्च में रेलवे को उम्मीद थी अधिक से अधिक कोयला डिस्पैच कर आय जुटाने की, लेकिन वह अंतिम सप्ताह में प्रभावित होने लगी है। औसत से 10 रैक कोयला डिस्पैच हर दिन प्रभावित होने लगा है।


Date : 27-Mar-2020

दूध  सुबह 6 से 10 बजे और सब्जी-फल-किराना दुकानें 10 से 1 बजे तक खुलेंगी
दवाई दुकानें और पेट्रोल पम्प सामान्य दिनों की तरह ही खुलेंगे
छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा, 27 मार्च।
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये कलेक्टर श्रीमती किरण कौषल ने जिले में लॉकडाउन की अवधि 14 अप्रैल तक बढ़ा दी है। इस दौरान जिले में धारा-144 भी लागू रहेगी। कलेक्टर श्रीमती कौषल ने केन्द्र सरकार द्वारा पूरे देष में तीन हफ्ते के लॉकडाउन की घोषणा के बाद इस संबंध में आदेष जारी कर दिये हैं। 

लॉकडाउन के दौरान लोगों को अपने घरों से बाहर नहीं निकलने की ही हिदायत दी गई है। इस दौरान लोग अपने घरों में ही रहेंगे। लॉकडाउन के दौरान कोरोना वायरस के लिये शासन द्वारा तय किये गये दिषा-निर्देष पूरी तरह लागू रहेंगे। अखबारों के वितरण के लिये सुबह साढ़े छह बजे से साढ़े नौ बजे तक छूट रहेगी। इस तीन घण्टे की अवधि में अखबार के हॉकर शहर में अखबार बांटेंगे। दूध की डेरियॉं सुबह 6 बजे से 10 बजे तक खुलेंगी। सब्जी-फल-किराना-राषन, जानवरों के खाने की चीजों और चारे आदि की दुकानें सुबह 10 बजे से एक बजे तक खुली रहेंगी। दवाई दुकानें और पेट्रोल पम्प सामान्य दिनों की तरह ही संचालित होंगे, परन्तु उन्हें कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिये शासन द्वारा समय-समय पर जारी किये गये निर्देषों का पालन करना अनिवार्य होगा। 

लॉकडाउन में छूट के दौरान आवष्यक सेवाओं के लिये राषन, दवाईयॉं, दूध, फल, सब्जी आदि खरीदने एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति को बाहर निकलने की अनुमति होगी। किसी भी बुजुर्ग या बीमार व्यक्ति को इस दौरान भी बाहर निकलने की मनाही होगी। एक स्वस्थ व्यक्ति ही बाजार जाकर निर्धारित अवधि में निर्धारित खुली दुकानों से ही अपनी जरूरत का सामान लेकर वापस घर लौटेगा। व्यक्तियों को बार-बार घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी। इसीलिये सभी प्रकार की जरूरतों के सामान एक बार घर से निकलने पर निर्धारित समयावधि में ले लेने का आग्रह कलेक्टर श्रीमती कौषल ने जिलावासियों से किया है। सामान लेने के लिये भी दोपहिया या चार पहिया वाहनों में केवल एक व्यक्ति ही जा सकेगा। मरीजों को डॉक्टर के पास जॉंच के लिये ले जाने की स्थिति में भी परिवार का एक सदस्य जो वाहन चलाना जानता हो के साथ केवल मरीज को जाने की अनुमति होगी। किसी भी परिस्थिति में गाडिय़ों पर डबल या ट्रिपल सवारी करना या चार पहिया वाहनों में चार-पॉंच लोगों का बैठकर बाहर निकलने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। ऐसे सभी लोगों के विरूद्ध ड्यूटी पर लगे पुलिस कर्मियों द्वारा कड़ी कार्यवाही की जायेगी। शहर के मुख्य चैराहों पर पुलिस के जवान ड्यूटी के दौरान आने-जाने वाले लोगों का पूरा ब्यौरा रखेंगे और एक से अधिक बार घर से बाहर निकलने वालों की पहचान कर उनके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। 

होगी पहचान, सरकार करेगी भोजन-व्यवस्था 
कोरोना वायरस के संक्रमण से बने मौजूदा हालातों के बीच लॉकडाउन की स्थिति में निराश्रितों, अक्षम दिव्यांगों, अकेले रहने वाले बुजुर्गों और भिक्षुओं को राज्य शासन द्वारा भोजन आदि की व्यवस्था की तैयारी की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती किरण कौषल ने नगर-निगम एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को ऐसे सभी लोगों को एक दिन के भीतर चिन्हांकित करने के निर्देष दिये हैं। ऐसे लोगों को शासन के निर्देषानुसार कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने और इनसे अन्य लोगों तक संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिये जरूरी सहायता, भोजन आदि की व्यवस्था की जायेगी। इनको साफ-सफाई के लिये जरूरी साबुन, सेनेटाइजर आदि भी दिये जायेंगे और इन्हें एक स्थान पर ही रहने की समझाईष दी जायेगी। 

वरिष्ठ नागरिकों एवं अकेली महिलाओं को  घर पहुंच सेवा
कोरोना वायरस के कारण मौजूदा हालात में लॉकडाउन के कठोर प्रावधानों के चलते नगर निगम कोरबा क्षेत्र में अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं को अति आवष्यक सामान दवाईयॉं, राषन आदि पहुॅंचाने के लिये जोमेटो की तर्ज पर घर पहुॅंच सेवा मिलेगी। ऐसे बुजुर्गों एवं महिलाओं को इसके लिये संबंधित जोन के हेल्पलाईन नंबर पर फोन कर अपनी जरूरत बतानी होगी। सामान्य सेवाशुल्क सहित सामान की राषि ऑन डिलीवरी सिस्टम पर संबंधित व्यक्ति द्वारा सामान पहुॅंचाने पर ली जायेगी। इस सेवा के तहत सब्जियां, दूध, दवाई, बे्रड, राषन आदि का अति आवष्यक सामान ही घर तक पहुॅंचा कर दिया जायेगा। कोरबा जोन के लिये हेल्पलाईन नंबर 79749-93846, टी.पी. नगर जोन के लिये 74707-05767, कोसाबाड़ी जोन के लिये 62662-07670 तथा पंडित रविशंकर शुक्ल नगर जोन के लिये 91317-29019 है। सामान पहुॅंचाने वाले व्यक्ति एवं सामान लेने वाले बुजुर्गों तथा महिलाओं को इस दौरान शासन द्वारा जारी किये गये कोरोना संक्रमण रोकथाम के सभी निर्देषों का पालन करना होगा।
 


Date : 27-Mar-2020

 नवविवाहिता की मौत, परिजनों ने हत्या का लगाया आरोप
ससुराल पक्ष के सदस्यों ने कहा- कुछ दिनों से तबियत थी खराब

कोरबा। कटघोरा थाना जटगा चौकी के ग्राम केशलपुर में नविवाहिता की मौत हो गई। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शरीर काला पडऩे व चोट का निशान होने की बात कही है। दूसरी ओर ससुराल पक्ष के सदस्यों का दावा है कि कुछ दिनों से नविवाहिता की तबियत खराब थी।  पुलिस मामले को संदिग्ध मानकर विवेचना में लिया है।

ग्राम केशलपुर में अंजनी रहती थी। उसकी शादी 2018 में हुई। शादी के बाद से वह ससुराल में रह रही थी। बीते दोपहर उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से मृतका अंजनी का पति के साथ मधुर संबंध नहीं थे। दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। ससुराल पक्ष के सदस्यों के द्वारा हत्या करने का संदेह भी जताया है। इधर ससुराल पक्ष के सदस्यों ने कहा कि कुछ दिनों से अंजनी की तबियत खराब थी। सर्दी-जुकाम के साथ बुखार था। जिसकी वजह से उसकी मौत हुई होगी। जटगा चौकी पुलिस ने शव के पंचनामा के बाद पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।

 


Date : 27-Mar-2020

कोरोना वायरस के तीनों संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव

कोरबा, 27 मार्च। जिले में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमित मरीज नहीं मिले हैं। एक सप्ताह के दौरान बाहरी क्षेत्र से लौटने के बाद कोरोना वायरस जैसे लक्षण दिखने पर 3 संदिग्ध मरीज को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। उनमें से 2 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें आइसोलेशन वार्ड से छुट्टी देकर होम चरेंटाइन कर दिया गया है। वहीं एक छात्रा का सैंपल जांच के लिए रायपुर एम्स भेजा गया था। जहां से उसकी रिपोर्ट भी नेगेटिव मिली। इससे जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। हेल्प लाइन नंबर के जरिए जिले में रोजाना दूसरे विदेश व दूसरे राज्यों से लौटे लोगों की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम उनकी जांच करके होम चरेंटाइन कर रही है। अब तक करीब 30 लोगों को होम चरेंटाइन में रखा गया है। प्रशासन ने कहा कि बाहरी लोगों की सूचनाएं लोग देते रहें।


Date : 25-Mar-2020

एनटीपीसी ने किया लॉकडाउन, संयंत्र व कालोनी गेट पर लगाया पहरा

कोरबा,  25 मार्च। नॉवेल कोरोना वायरस के खिलाफ जारी लड़ाई के मद्देनजर जमनीपाली स्थित एनटीपीसी संयंत्र प्रबंधन ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने आवासीय परिसर और संयंत्र जाने वाले गेट को बंद कर दिया है । इसके साथ ही आवासीय परिसर में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लग गई है । प्रबंधन ने मेन गेट के साथ, जवाहर गेट और परिसर से बांकी, बलगी जाने वाले रास्तो को भी एहतियातन बंद कर दिया है। कड़ाई से पूछपरख और जांच-पड़ताल के बाद ही एनटीपीसी से जुड़े लोगों को ही बाहर व भीतर जाने दिया जा रहा है।  इस दौरान कई वाहन चालकों की गेट के सुरक्षाकर्मियों के साथ कहासुनी भी हो गई, बावजूद नियमों में ढिलाई नहीं की गई है ।हालांकि गेट नम्बर 2 मोहन टॉकीज द्वार से ही लोगों का आना जाना सुनिश्चित किया जा रहा है ।


Date : 25-Mar-2020

एसईसीएल में असुरक्षा के साए में काम कर रहे कर्मचारी

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा,  25 मार्च।  
कोरोना वायरस से लडऩे में औद्योगिक इकाईयां भी सामने आने लगी हंै लेकिन कोल इंडिया की अनुशांगिक कम्पनी एसईसीएल अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर कोताही बरतती नजर आ रही है। यहां खदान में एक ओर उत्पादन बढ़ाने दिन-रात कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कोरोना से बचने जरूरी कार्य भी नहीं किये जा रहे हैं जिससे खदान में कार्य कर रहे कर्मचारियों में रोष है। 

कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबन्धन ने अभी तक अपने किसी भी कर्मचारी को न मास्क बांटे हैं न ही सेनिटाइजर के इस्तेमाल पर जोर दिया है। डम्फर, डोजर इत्यादि सेक्शन में कर्मचारियों की भीड़ रहती है ऐसे में कोई ऐहतियातन कदम नहीं उठाये जा रहे है। जागरूक कर्मचारियों ने इसकी मौखिक शिकायत अपने अधिकारियों से की है लेकिन वे भी समस्या को प्रबन्धन की जिम्मेदारी बताते हुए पल्ला झाड़ रहे हंै।

पर्ची कटाने लगता है जमघट, सुरक्षा नहीं
खदान से कोयले की रोड सेल भी चालू है जिसमें सैकड़ों भारी वाहन खदान में आ-जा रहे हैं। इन भारी वाहनों में चलने वाले ड्राइवर और क्लीनर चाम्पा, रायगढ़, बिलासपुर और रायपुर जैसे क्षेत्रों से आते हंै और न जाने कितने लोगों के सम्पर्क में रहते हंै। जब वे सभी खदान में प्रवेश करते हैं और बेरियर, कांटा घर में टोकन, गेट पास व पर्ची लेते हंै तब वहां भी किसी प्रकार के हाथ धोने की व्यवस्था व सेनिटाइजर नहीं रखा जा रहा है। यहां तक कि ये लोग और भीतर काम कर रहे कर्मचारी बिना मास्क के होते है। कांटा घर में भारी वाहनों के वजन, गेटपास सम्बन्धी पेपरों के लिए 5 से अधिक लोगों की भीड़ रहती है जिसकी भी प्रबंधन अनदेखी कर रहा है। 

ठेका कर्मियों की सड़कों पर मुसीबत
एसईसीएल प्रबंधन के अधीन विभिन्न ठेका कंपनियों में कार्यरत ठेका कर्मियों को दूसरी शिफ्ट सुबह 9 से शाम 6 बजे ड्यूटी से छूटने के बाद जांच के नाम पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन ठेका कर्मियों के पास कोई पहचान पत्र नहीं होने से वे जांच करने वाले पुलिस कर्मियों को संतोषप्रद जवाब दे पाने में सक्षम नहीं हो पा रहे हैं।

 


Date : 25-Mar-2020

हाथियों का खौफ, 230 ग्रामीणों को किया गया शिफ्ट

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा,  25 मार्च।
जहां एक तरफ देश में कोरोना का दहशत है। वहीं ग्राम बनिया में हाथियों के खौफ से ग्रामीणों का जीना मुश्किल हो गया है। वन विभाग इनकी सुरक्षा को लेकर प्रयास में जुटा हुआ है। ग्रामीणों में हाथियों का खौफ को देखते हुए दूसरे दिन भी वन अमला डटा रहा। कराब 230 ग्रामीणों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया गया।

 हाथी लगातार ग्राम बनिया में उत्पात मचा रहा है। जनहानि होने से बचाने के लिए वन अमला ग्राम बनिया और गाड़ागौड़ा के ग्रामीणों को दूसरे दिन भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। मंगलवार शाम सात बजे तक दोनों ही गांव के करीब 230 लोगों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट कर दिया गया था। वन अमला हाथियों पर निगरानी रखे हुआ है। पिछले एक सप्ताह से कटघोरा वनमंडल के पसान रेंज के ग्राम बनिया में हाथियों का उत्पात जारी है। अब तक एक दर्जन मकानों के साथ-साथ एक बुजुर्ग को हाथियों ने रौंद दिया है। गांव में दहशत व्याप्त है। लगातार हो रही घटना को देखते हुए वन अमले ने अब जरुरी उपाय बढ़ा दिए गए हैं। कटघोरा डीएफओ के निर्देश पर रेंजर सहित पूरा अमला इन गांव में डटा हुआ है। पहले दिन 170 लोगों को शिफ्ट किया गया। दूसरे दिन 230 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। हालांकि देर शाम तक हाथी केंदई वन परिक्षेत्र तक पहुंच गए थे। रेंजर निश्चल शुक्ला ने बताया कि हाथी अक्सर उत्पात मचाते हुए रात को पहुंच जाते हैं। इसलिए ऐहतिहातन कदम उठाए गए हैं।

सीसीएफ ने भी किया दौरा, दिए निर्देश
बिलासपुर सीसीएफ अनिल सोनी रविवार की रात को ग्राम बनिया पहुंचे थे। उन्होंने व्यापक तौर पर उपाए करने के निर्देश दिए। दो गजराज वाहन भी गांव पहुंचे। उसके बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का काम शुरु किया गया।

 


Date : 25-Mar-2020

लॉकडाउन में घूमना पड़ा महंगा, पुलिस ने कराई उठक-बैठक

कोरबा,  25 मार्च। मंगलवार की रात 12 बजे से पूरे देश में 21 दिनों के लिए लॉक डाउन बढ़ा दिया गया है। लोगों की जान बचाने के अभियान में पुलिस के जवान योद्धा की तरह मैदान में डटे हैं। जीवन रक्षा के लिए ही हमें घरों में रहने कहा जा रहा। इसके बावजूद कुछ ऐसे भी है, जो इस गंभीर मौके पर भी बाज नहीं आ रहे। समझाइश काम ना आते देख पुलिस ने अब सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। कोतवाली टीआई दुर्गेश शर्मा सुनालिया चौक के पास रात को लोगों को घरों में रहने समझाइश दे रहे थे, इस बीच दो युवकों ने हुज्जत बाजी करते हुए पुलिस से अभद्रता की। जिस पर पुलिस ने उन्हें 30 बार उठक बैठक कराया।

रात को धारा 144 का पालन करने में पुलिस सुनालिया चौक में जुटी थी। इस बीच कार में दो बिगड़े नवाब गुजरे। उन्हें रोक कर पुलिस कर्मी बाहर नही घूमने की समझाइश दे रहे थे, पर वे उल्टे पुलिस कर्मियों से उलझने लगे। यह देख कोतवाल दुर्गेश शर्मा ने युवकों को गाड़ी से नीचे उतारा और उनकी जमकर खबर लेते हुए 30 बार उठक-बैठक करवाया। पुलिसकर्मी इसकी गिनती लगाते रहे। यही नहीं धारा 144 का उल्लंघन नहीं करने का बांड भी भरवाया गया। पुलिस ने कफ्र्यू के दौरान घुमते पाए गए लोगों को भी कान पकड़वा कर गलती का अहसास दिलाया।


Date : 25-Mar-2020

संयंत्रों में नहीं कोयला की कमी, फुल लोड में चल रही इकाइयां

कोरबा,  25 मार्च। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के लिमिटेड के यहां स्थित बिजली घरों में कोयला की उपलब्धता बेहतर है। इससे बिजली उत्पादन सामान्य रूप से बना हुआ है। कोयला की आपूर्ति में किसी तरह की समस्या न होने पाये, इसे लेकर एसईसीएल प्रबंधन ने भी सीएसईबी को आश्वस्त किया है। 

सीएसईबी के कोरबा में 4 बिजली घर संचालित हो रहे है। इनके माध्यम से 2500 मेगावॉट बिजली का उत्पादन हो रहा है। जबकि 120 मेगावॉट क्षमता की जल विद्युत परियोजना माचाडोली से भी सहयोग मिल रहा है। बिजली घरों की संरचना थर्मल आधारित है। यहां रोजाना कोयला की आवश्यकता होती है जिसे एसईसीएल की खदानें पूरा कर रही है। कुसमुण्डा, गेवरा और मानिकपुर के साथ इसके लिए करार किया गया है। कोरबा पूर्व की शेष इकाईयों के जरिये वर्तमान में बिजली उत्पादन जारी है।

 मुख्य अभियंता एसके बंजारा ने बताया कि यहां प्रतिदिन 3500 टन कोयला की जरूरत है। जिसकी आपूर्ति एसईसीएल मानिकपुर से हो रही है। इस हेतु प्रतिदिन आवश्यकता के अनुरूप कोयला यहां तक आ रहा है। अगले कुछ दिनों तक के लिए कोयला का स्टॉक रखा गया है। फिलहाल चिंता जैसी कोई बात नहीं है। 

कोरबा के ही डॉक्टर श्यामाप्रसाद मुखर्जी 500 मेगावॉट परियोजना में भी उत्पादन पूरी रफ्तार से जारी है। ताकि क्षेत्र की बिजली संबंधी मांग को पूरा किया जा सके। इस संयंत्र को प्रतिदिन 7000 टन कोयला की आवश्यकता होती है। इसके लिए एसईसीएल से कोयला उपलब्ध हो रहा है। 

कार्यपालक निदेशक पीके जैने बताया कि वर्तमान स्थिति में 38 हजार टन कोयला का स्टाक प्लांट के यार्ड में है। इसके जरिये अगले 5 दिनों की आवश्यकता आसानी से हो सकती है। इसके साथ ही प्रतिदिन 3 रैक कोयला प्लांट को प्राप्त हो रहा है। बताया गया कि हाल में ही एसईसीएल बिलासपुर के अधिकारियों से कोयला उपलब्धता के बारे में चर्चा की गई है। 
उन्हें भविष्य की आवश्यकता के संबंध में जानकारी दी गई। प्रबंधन ने कोयला उपलब्धता बेहतर ढंग से किये जाने का भरोसा सीएसईबी को दिया है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि बिजली उत्पादन की प्रक्रिया में कोयला कोई संकट नहीं बनेगा। 

उधर हसदेव ताप विद्युत परियोजना और उसके विस्तार चरण इकाई से पूरी क्षमता में बिजली उत्पादन होने की जानकारी मिली है। दर्री में 840 मेगावॉट की एचटीपीपी और 500 मेगावॉट वाली विस्तार इकाई काम कर रही है। 

यहां कोयला की आवश्यकता प्रतिदिन 15 से 20,000 टन की है। इसके लिए सीएसईबी ने कुसमुण्डा तक एडवांस्ड कनवेयर बेल्ट प्रणाली बिछा रखी है। पिछले वर्ष इसका नवीनीकरण कराने के साथ क्षमता का विस्तार किया गया। इसके जरिये प्रबंधन को उसकी कुल उपलब्धता की पूर्ति कराई जा रही है।

 


Date : 25-Mar-2020

मुख्यमंत्री सहायता कोष में राजस्व मंत्री ने दिया  तीन माह का वेतन

कोरबा, 25 मार्च । कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने पहल करते हुए मुख्यमंत्री सहायता कोष में अपना 3 माह का वेतन देने की घोषणा की है। 

इस संबंध में राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन भी कोविड-19 से बचाव एवं नागरिकों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा मुझे पूरा विश्वास है कि शासन द्वारा इस विषय में एहतियातन हेतु लिये गए कठोर फैसलों का निश्चित ही हमें अच्छा दूरगामी परिणाम प्राप्त होगा। 

श्री अग्रवाल ने कहा है कि इस महामारी से बचाव के लिए शासन द्वारा लिए गए फैसलों का स्वागत करता हूं, मुख्यमंत्री के कुशल नेतृव से ही छत्तीसगढ़ में समय रहते ही लॉकडाउन कर लिया गया जिससे प्रदेश में इस वायरस का फैलाव को नियंत्रित करने में मदद मिल पा रही है। अग्रवाल ने नागरिको से भी अपील की है इस विषम परिस्थिति में सरकार के निर्देशों का पालन करें अनावश्यक रूप से घरों से न निकले, अतिआवश्यक होने पर पूरी सावधानी के साथ ही निकले। 
सावधानी और समझदारी ही कोरोना नामक वायरस से लडऩे में कारगर सिद्ध होगा।

 


Date : 25-Mar-2020

सांसद ज्योत्सना ने सहयोगार्थ दिया एक माह का वेतन

कोरबा, 25 मार्च। कोविड-19 कोरोना की रोकथाम हेतु सहयोग के रूप में कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने अपने एक माह का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराया है। श्रीमती महंत ने कहा है कि मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन भी कोविड-19 से बचाव एवं नागरिकों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है। ऐहतियातन लिए गए दूरगामी फैसलों का बहुत अच्छा परिणाम प्राप्त होगा। इस महामारी के लिए मुख्यमंत्री व शासन के निर्णयों का स्वागत करते हुए इस पुनीत कार्य में स्वेच्छापूर्वक अपने एक माह का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में चेक के जरिए उन्होंने जमा कराया है।


Date : 23-Mar-2020

हाथियों ने ढहाए कई मकान

कोरबा, 23 मार्च। शनिवार रात कटघोरा वनमंडल के ग्राम पंचायत बनिया में सप्ताह भर पहले से डेरा जमाये हाथियों के झुंड द्वारा लगभग दर्जन भर किसानों के घरों को तोड़ दिया गया। 

ग्राम बनिया का मोहल्ला ठिहाई पारा के किसान भगवती यादव, बुधमान सिंह, समारू सिंह गोंड, चरन सिंह गोंड, इतवार सिंह गोंड, गोविंद यादव एवं राम सिंह गोंड के घरों को हाथियों द्वारा तोड़-फोड़ कर सभी के घरों में रखा धान को चौपट कर दिया गया। राम सिंह गोंड के घर में रखे मोटर साइकिल को भी हाथियों के द्वारा तोड़ दिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक हाथियों का झुंड दिन भर जंगल में रहता है और शाम होते ही गांव में आकर उत्पात मचाना शुरू कर देते हैं। हाथियों के आतंक से ग्रामवासियों में दहशत है और अपने उपलब्ध संसाधनों के साथ रतजगा करने पर विवश हैं।

 


Date : 23-Mar-2020

बंद रही दुकानें, सड़कें भी सूनी रहीं

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा, 23 मार्च।
जनता कफ्र्यू का असर अगले दिन भी नजर आया। जनता कफ्र्यू की तरह सोमवार को भी अधिकांश दुकानें बंद ही रहीं। लोग जरूरी कामों से घर से निकले। अधिकांश सड़कें दोपहर बाद से सूनी रहीं।

कलेक्टर के जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि जिले के समस्त निकायों तथा ग्राम पंचायतों में केवल आवश्यक सेवा तथा आपातकालीन सेवाओं के लिए ही कुछ संस्थान व कार्यालय खुलेंगे। निजी संस्थाओं में मेडिकल स्टोर, दैनिक उपयोग की वस्तुओं को बेचने संबंधी किराना दुकान, प्रोविजन स्टोर, सब्जी एवं फल से संबंधित स्थायी दुकान, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसियां, गुड्स कैरियर से संबंधित सेवाएं एवं उनको संचालित करने वाले संस्थान, मीडिया संस्थान, मोबाइल रिचार्ज दुकान, सब्जी मंडिया व रैन बसेरे संचालित होंगे। इसी तरह शासकीय संस्थाओं में इमरजेंसी सुविधा प्रदान करने सभी संस्थान खुले रहेंगे। 

बाइक में 100 रुपए से ज्यादा का पेट्रोल नहीं
पेट्रोलियम पदार्थों की कमी न हो इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सभी पेट्रोल संचालकों को निर्देश दिए हैं कि दुपहिया वाहन में 100 रुपए से अधिक का पेट्रोल एवं कार के लिए 500 रुपए के पेट्रोलियम पदार्थ देने की मात्रा निर्धारित की गई है। निर्देशों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन चालक शहर के अलग-अलग पेट्रोल पंप में जाकर 100 रुपए व 500 रुपए के पेट्रोल भरवा सकते हैं। 

प्रशासन ने बरती सख्ती
लॉक डाउन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त बरतना शुरू कर दिया है। कोरोना के संक्रमण को देखते हुए सरकार ने पूरे प्रदेश को लॉक डाउन करने का निर्देश दिया है। बावजूद इसके लोग सड़कों पर निकलकर इसका उल्लंघन कर रहे हैं। इतना ही नहीं लोग जिन दुकानों को बंद करने का निर्देश दिया है उन्हें भी खोलकर संवेदनहीनता का परिचय दे रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए कई दुकानों को बंद कराया। साथ ही बेवजह घर से निकलकर भीड़ बढ़ाने वाले लोगों को भी 31 मार्च तक घर से न निकलने चेताया गया। जरूरत होने पर ही सामानों की खरीदारी के लिए घर से बाहर आने का निर्देश दिया गया।


Date : 23-Mar-2020

कलेक्टर ने किया जिला अस्पताल का निरीक्षण, सिविल सर्जन पर कार्रवाई

कोरबा, 23 मार्च। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव और उसकी रोकथाम के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। जिला अस्पताल में चार आइसोलेशन वार्ड बना लिए गए हैं और उन वार्डों में संदिग्ध मरीजों सहित संक्रमित होने की दशा में कोरोना ग्रसित मरीज के इलाज की सभी इंतजाम भी कर लिए गए हैं। 

कलेक्टर किरण कौशल ने जिला अस्पताल में किए गए इंतजामों का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल का भ्रमण कर ओपीडी में मरीजों की लगी भीड़ पर सिविल सर्जन के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की। कलेक्टर ने अस्पताल जैसी संवेदशील जगह पर लोगों की भीड़ लगने को अनुचित मानते हुए, मौके पर ही सिविल सर्जन डॉ. अरूण तिवारी के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रशासनिक प्रभार से मुक्त कर दिया है। उन्होंने सभी डॉक्टरों को अपने-अपने कमरों में बैठकर निर्धारित समय में मरीजों की जांच और इलाज करने के निर्देश दिए।

 


Date : 23-Mar-2020

जनता कफ्र्यू के दौरान भी खदानों से जारी रहा उत्पादन

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा, 23 मार्च।
जनता कफ्र्यू के दौरान जहां शहर बंद रहा। वहीं जरूरी सेवा के तहत संचालित संस्थानों को बंद से छूट दी गई थी। जिले के औद्योगिक संयंत्रों व खदानों में जनता कफ्र्यू के दौरान उत्पादन जारी रहा। अन्य दिनों की तरह ही कामकाज चलता रहा।

वित्तीय वर्ष के समापन में अभी नौ दिन का वक्त शेष रह गया है। ऐसी स्थिति में कोयला खदान समेत अन्य सभी उपक्रम अपना टारगेट हासिल करने लगातार प्रयासरत हैं। सीधे उत्पादन से जुड़े होने से जनता कफ्र्यू होने के बाद भी इन उपक्रमों में रविवार को कामकाज चलता रहा। विद्युत अनिवार्य सेवा में शामिल होने से विद्युत कंपनी के तीनों पावर प्लांट एचटीपीपी, पूर्व संयंत्र तथा डीएसपीएम में तकनीकी कर्मचारी व अधिकारी ड्यूटी पर उपस्थित रहे। उधर एसईसीएल की खदानों में कामकाज अन्य दिनों की तरह सामान्य रूप से चला। गेवरा, दीपका, कुसमुंडा तथा कोरबा एरिया की खदान में उत्पादन से जुड़े नियमित के साथ ही ठेका कंपनी के कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंंचे और कोयला तथा मिट्टी उत्खनन किया। हालांकि अन्य दिनों की अपेक्षा इन कर्मियों की उपस्थिति कुछ कम रही। वहीं वर्कशॉप में कार्यरत कर्मचारी भी नहीं पहुंचे। इससे खदान के वाहनों का मेंटेनेंस नहीं हो सका। प्रबंधन ने अनिवार्य सेवा के तहत कुछ कर्मचारियों को ड्यूटी पर जरूर बुलाया था। एनटीपीसी व लैंको प्लांट के कार्यालयीन कर्मचारियों को छोड़कर प्लांट में काम करने वाले कर्मचारी व अधिकारी ही उपस्थित रहे। सभी उपक्रम में तीनों शिफ्ट में कामकाज निर्बाध रूप से जारी रहा। उपक्रम प्रबंधन ने सोमवार से प्लांट, खदान तथा कार्यालय में गैर कर्मी के प्रवेश पर भी रोक लगा दी है। आवश्यक होने पर ही गैर कर्मियों को प्रवेश दिया जाएगा।

उपक्रम के कार्यालय नहीं खुले
सभी उपक्रम के कार्यालयीन कर्मचारियों का रविवार को अवकाश रहता है, पर कुछ अफसर जरूरी कामकाज निपटाने कार्यालय पहुंचते हैं और उनके अधीन कार्यरत गिने-चुने कर्मचारी भी काम निपटाने हेतु आते हैं। इस रविवार को सभी उपक्रम के कार्यालय नहीं खुले और न ही अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय पहुंचे। संभवत: यह पहली बार होगा, जब रविवार को कार्यालय बंद रखा गया। हालांकि, वरिष्ठ अफसर उत्पादन पर नजर रखने के लिए खदान व प्लांट अवश्य पहुंचे।

मालगाड़ी का परिचालन भी चलता रहा
रेलवे ने सवारी गाड़ी भले ही बंद रखी हो, पर पावर प्लांट में कोयला आपूर्ति अनिवार्य सेवा अंतर्गत होने से मालगाडिय़ों का परिचालन यथावत जारी रहा। गेवरा, कुसमुंडा, न्यू कुसमुंडा, दीपका, सुराकछार तथा मानिकपुर साइडिंग से कोयला लेकर मालगाड़ी अपने गंतव्य की ओर रवाना हुई। वहीं एनटीपीसी की मेरी-गो-राउंड मालगाड़ी ही दीपका व गेवरा खदान से कोयला परिवहन करती रही। इधर मानिकपुर खदान से विद्युत कंपनी के पूर्व संयंत्र में विभागीय मालगाड़़ी से कोयला आपूर्ति की गई।

पानी, बिजली विभाग से जुड़े कर्मी डटे रहे
औद्योगिक उपक्रम के कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए बनी कॉलोनी में पानी व बिजली आपूर्ति विभागीय स्तर पर की जाती है। इन विभागों में कार्यरत कर्मियों की ड्यूटी अनिवार्य सेवा के तहत प्रबंधन ने लागू कर दी है। सभी कर्मचारियों को ड्यूटी अवधि में उपस्थित रहना होगा और कॉलोनी में निवासरत कर्मचारी तथा उनके परिवार को बिजली व पानी की आपूर्ति नियमित बनाए रखना होगा। इसी तरह उपक्रम के चिकित्सालय में कार्यरत कर्मियों को भी ड्यूटी पर उपस्थित होने कहा गया है।


Date : 21-Mar-2020

कोरोना प्रभावित शहरों से कोरबा आए सभी लोगों को रखा जाएगा क्वारेंटाईन सेंटर में

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा, 21 मार्च।
मार्च महीने में विदेशों या देश के कोरोना प्रभावित इलाकों से कोरबा आये सभी लोगों को पहचानकर उन्हें आइसोलेट करने के लिये क्वारेंटाईन सेंटर में रखा जायेगा। कोरबा शहर में रसियन हॉस्टल को स्वास्थ्य विभाग ने चरेंटाईन सेंटर बनाया है। 

कलेक्टर  किरण कौशल ने सुबह पहले प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक लेकर कोरोना वायरस से निपटने के लिये जिले में की गई तैयारियों और इंतजामों की गहन समीक्षा की और जरूरी निर्देश दिये। इसके बाद उन्होंने चरेंटाईन सेंटर रसियन हॉस्टल का भी निरीक्षण किया तथा वहॉं की व्यवस्थाओं और इंतजामों की जानकारी ली। बैठक में पुलिस अधीक्षक  जितेन्द्र सिंह मीणा, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी  संजय अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस. जयवर्धन, नगर निगम आयुक्त  राहुल देव, सीएमएचओ डॉक्टर बी.बी. बोर्डे सहित जिले के सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, राजस्व अमला और सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

कलेक्टर  कौशल ने बैठक में अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में धारा-144 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिये। कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिये जिले में कल से ही धारा-144 के प्रावधान लागू कर दिये गये हैं और सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को इस वायरस के संक्रमण की रोकथाम तथा नियंत्रण के लिये शासन द्वारा जारी किये गये निर्देशों का पालन करने-कराने को अनिवार्य किया गया है। 

कलेक्टर  कौशल ने आज बैठक में अधिकारियों को बताया कि कोरबा जिले में मार्च माह में विदेशों या भारत के कोरोना प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले सभी लोगों की सूचना तथा जानकारी 104 टोल फ्री नंबर पर दी जा सकती है। उन्होंने सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को ऐसे सभी लोगों की जानकारी लेने के लिये अपने सूचनातंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिये। पटवारियों, कोटवारों, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित जनसामान्य से भी इस प्रकार की जानकारी लगातार लेते रहने के निर्देश कलेक्टर ने बैठक में दिये। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी व्यक्ति का पता चलने पर उसे तत्काल 14 दिनों के लिये सभी लोगों से अलग कर चरेंटाईन सेंटर में रखकर निगरानी की जायेगी। 

निगरानी के दौरान व्यक्ति का लगातार स्वास्थ्य परीक्षण विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा किया जाता रहेगा। ऐसे व्यक्तियों में कोरोना वायरस के लक्षण दिखने पर तत्काल उसका सैम्पल लेकर रायपुर या अन्य जगहों पर स्थित अधिकृत लैब में जॉंच के लिये भेजा जायेगा। व्यक्ति के सैम्पल की जॉंच रिपोर्ट नेगेटिव आने पर 14 दिन की अवधि के बाद उसे घर जाने दिया जायेगा और यदि रिपोर्ट पॉजीटिव आती है तो उसे जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराकर समुचित इलाज किया जायेगा। 


Date : 21-Mar-2020

कोरोना प्रभावित शहरों से कोरबा आये सभी लोगों को रखा जाएगा क्वारेंटाईन सेंटर में

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा, 21 मार्च।
मार्च महीने में विदेशों या देश के कोरोना प्रभावित इलाकों से कोरबा आये सभी लोगों को पहचानकर उन्हें आइसोलेट करने के लिये क्वारेंटाईन सेंटर में रखा जायेगा। कोरबा शहर में रसियन हॉस्टल को स्वास्थ्य विभाग ने चरेंटाईन सेंटर बनाया है। 

कलेक्टर  किरण कौशल ने सुबह पहले प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक लेकर कोरोना वायरस से निपटने के लिये जिले में की गई तैयारियों और इंतजामों की गहन समीक्षा की और जरूरी निर्देश दिये। इसके बाद उन्होंने चरेंटाईन सेंटर रसियन हॉस्टल का भी निरीक्षण किया तथा वहॉं की व्यवस्थाओं और इंतजामों की जानकारी ली। बैठक में पुलिस अधीक्षक  जितेन्द्र सिंह मीणा, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी  संजय अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस. जयवर्धन, नगर निगम आयुक्त  राहुल देव, सीएमएचओ डॉक्टर बी.बी. बोर्डे सहित जिले के सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, राजस्व अमला और सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

कलेक्टर  कौशल ने बैठक में अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में धारा-144 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिये। कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिये जिले में कल से ही धारा-144 के प्रावधान लागू कर दिये गये हैं और सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को इस वायरस के संक्रमण की रोकथाम तथा नियंत्रण के लिये शासन द्वारा जारी किये गये निर्देशों का पालन करने-कराने को अनिवार्य किया गया है। 

कलेक्टर  कौशल ने आज बैठक में अधिकारियों को बताया कि कोरबा जिले में मार्च माह में विदेशों या भारत के कोरोना प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले सभी लोगों की सूचना तथा जानकारी 104 टोल फ्री नंबर पर दी जा सकती है। उन्होंने सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को ऐसे सभी लोगों की जानकारी लेने के लिये अपने सूचनातंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिये। पटवारियों, कोटवारों, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित जनसामान्य से भी इस प्रकार की जानकारी लगातार लेते रहने के निर्देश कलेक्टर ने बैठक में दिये। 

उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी व्यक्ति का पता चलने पर उसे तत्काल 14 दिनों के लिये सभी लोगों से अलग कर चरेंटाईन सेंटर में रखकर निगरानी की जायेगी। निगरानी के दौरान व्यक्ति का लगातार स्वास्थ्य परीक्षण विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा किया जाता रहेगा। ऐसे व्यक्तियों में कोरोना वायरस के लक्षण दिखने पर तत्काल उसका सैम्पल लेकर रायपुर या अन्य जगहों पर स्थित अधिकृत लैब में जॉंच के लिये भेजा जायेगा। व्यक्ति के सैम्पल की जॉंच रिपोर्ट नेगेटिव आने पर 14 दिन की अवधि के बाद उसे घर जाने दिया जायेगा और यदि रिपोर्ट पॉजीटिव आती है तो उसे जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराकर समुचित ईलाज किया जायेगा।


Date : 20-Mar-2020

तेज हवा से गिरे पेड़ व खंभे

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा, 20 मार्च।
दोपहर को अचानक मौसम में परिवर्तन होने के साथ काली घटाएं छाई रही। तेज हवा के कारण विद्युत व्यवस्था बाधित रही। वहीं तेज हवा के कारण कई स्थानों के पेड़ व विद्युत खंभे गिर गए। 

पुराना न्यायालय मार्ग से परिवहन कार्यालय की ओर जाने वाली सड़क पर बिजली खंभा गिर जाने से आवागमन अवरूद्ध हो गया। अपर कलेक्टर प्रियंका महोबिया के आवास के पास भी आवागमन बाधित रहा क्योंकि उक्त मार्ग से ही पीडब्ल्यूडी आवासीय परिसर में जाना पड़ता है। मार्ग बाधित रहने से जाम लगा रहा। वहीं कलेक्टोरेट परिसर में भी एक पेड़ गिरने से बच गया। इसके अलावा शहरी व ग्रामीण अन्य क्षेत्रों में भी तेज आंधी-तूफान से भारी नुकसान व जनजीवन प्रभावित रहा है।


Date : 20-Mar-2020

न्यायालय में 31 तक सुनवाई स्थगित

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा, 20 मार्च।
जिला एवं सत्र न्यायालय समेत अन्य कोर्ट परिसरों में कोरोना के मद्देनजर सुरक्षा के एहतियात के तौर पर कदम उठाए गए हैं। न्यायालय में केवल आवश्यक मामलों की सुनवाई होगी। 19 से 31 मार्च तक अन्य शेष मामलों की सुनवाई स्थगित कर दी गई है। इसके अलावा कोरोना वायरस से बचाव को लेकर कोर्ट परिसर में ऐहतियात बरते गए हैं।

गुरुवार को डीजे राकेश बिहारी घोरे ने बताया कि हाईकोर्ट के एडवायजरी के अनुरूप बेल पिटिशन, 16 4 कथन स्टे एप्लीकेशन व आवश्यक सुनवाई को छोड़कर शेष अन्य मामलों में सुनवाई 31 मार्च तक स्थगित कर दी गई है। बंदी कोर्ट रूम में पेश नहीं होंगे। जरूरी होने पर सुनवाई में वीडियो कान्फ्रेंसिंग की मदद ली जाएगी। कोर्ट परिसर में कोरोना से बचाव के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह सेनेटाइजर लगाए गए हैं वहीं कोरोना से बचाव को लेकर जागरूकता संदेश भी चस्पा किए गए है। अधिवक्ता मॉस्क लगाकर कोर्ट पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना के रोकथाम के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। जिला न्यायालय के अलावा कटघोरा सहित अन्य सिविल न्यायालय में भी गाइड लाइन का पालन किया जा रहा है। पक्षकारों का परेशानी का सामना न करना पड़े इसका भी ध्यान रखा जा रहा है।

चस्पा किया गया है दिशा-निर्देश
जिला अधिवक्ता संघ की ओर से एहतियात के तौर पर 18  बिंदुओं के दिशा-निर्देश जारी कर न्यायालय परिसर में चस्पा किया गया है। इसमें अधिवक्ता साथियों से भी गुजारिश की गई है कि वे अपने पक्षकारों को न्यायालय परिसर में बुलाने की परिस्थिति यथा संभव टालें। पक्षकारों, गवाहों व अधिवक्ताओं की ओर से प्रकरण में समय लिए जाने पर न्यायालय की ओर से दिया जाएगा। दांडिक प्रकरणों में अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति से न्यायालय की ओर से उदारता पूर्वक छूटी भी दी जाएगी। जेल अभिरक्षा में निरूद्घ पक्षकारों को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय न लाकर वीडियो कांफें्रसिंग की व्यवस्था की जाएगी। अधिवक्ताओं को भी दिन विशेष में कोई काम न हो तो कोर्ट आने से बचने, जरूरी न हो तो पक्षकारों को भी कोर्ट आने से मना करने, बिना पंजीयन वाले जूनियर अधिवक्ताओं को काम न होने पर कोर्ट आने से रोकने भी कहा गया है। इन सब बिंदुओं के बीच सबसे अहम कदम ये है कि बिना आवश्यकता के कोई भी व्यक्ति कोर्ट परिसर में प्रवेश न करे, यह सुनिश्चित करने पुख्ता इंतजाम बुधवार को नजर नहीं आया। ऐसी स्थिति में पुलिस की मदद से परिसर के प्रवेश द्वार पर ही मौजूदगी सुनिश्चित कर व्यवस्था दुरूस्त की जा सकती है, जैसी व्यवस्था बुधवार को बिलासपुर में देखने को मिली।


Date : 19-Mar-2020

बालको का कोरोना से बचाव-जगरूकता अभियान 

कोरबा, 19 मार्च। कोरोना विषाणु के प्रति जागरूकता के लिए भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) प्रबंधन ने बालकोनगर टाउनशिप में घर-घर संपर्क अभियान संचालित किया है। बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक अभिजीत पति के मार्गदर्शन में बालको के प्रशासन एवं सिक्योरिटी प्रमुख अवतार सिंह ने 6  टीमों के साथ नागरिकों को कोरोना विषाणु से बचाव के तरीकों से अवगत कराया।

 श्री सिंह और उनकी टीमों ने बालकोनगर में घर-घर संपर्क कर नागरिकों की जागरूकता के लिए पाम्पलेट बांटे। बालको अस्पताल की ओर से जनहित में प्रकाशित पाम्पलेट के जरिए नागरिकों को कोरोना विषाणु से बचाव संबंधी जानकारी दी गई। इसके साथ ही सभी नागरिकों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे सामूहिक आयोजनों में जाने से बचें। यदि आवश्यक न हो तो बस, ट्रेन या हवाई यात्रा न करें। अफवाहों पर विश्वास न करें और किसी भी तरह की शंका होने पर चिकित्सक की मदद लें।