छत्तीसगढ़ » कोरबा

25-Apr-2021 1:18 PM 21

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 25 अप्रैल।
कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा के छात्रावास में बनाए गए कोरोना आइसोलेशन सेंटर से एक कोरोना संक्रमित यूवक भाग गया। जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने बांगो पुलिस में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोरोना संक्रमित युवक की तलाश जारी है।
 
ज्ञात हो कि कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा के आइसोलेशन सेंटर में 23 अप्रैल को 8 कोरोना संक्रमित मरीजों को रखा गया था। 24 अप्रैल की शाम को एक संक्रमित भरतलाल पटेल आइसोलेशन सेंटर से भाग गया। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों व पुलिस के जवानों ने मिलकर उसे आसपास खोजा पर उसका पता नहीं चला। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने भरतलाल पटेल के विरुद्ध थाना बांगो में अपराध दर्ज कराया है। संक्रमित के इस तरह भाग जाने से दूसरे लोगों में संक्रमण फैलने की संभावना है। 


20-Apr-2021 7:54 PM 30

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 20 अपै्रल।
कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए अधिक संख्या में कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए जाने वाले क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाया जा रहा है। कंटेनमेंट जोन बनाकर वायरस के संक्रमण को संक्रमित क्षेत्र से असंक्रमित क्षेत्र तक फैलने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है। 

इसी तारतम्य में अनुविभाग कटघोरा के अंतर्गत नगर निगम कोरबा के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 54 ग्राम बरमपुर सर्वमंगला नगर दुरपा, वार्ड 59 ग्राम खम्हरिया विकासनगर एवं वार्ड 67 ग्राम गजरा साइड मोहल्ला को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। कटघोरा के एसडीएम श्री अभिषेक शर्मा ने इस संबंध मे जरूरी आदेश भी जारी कर दिए हैं। नगर निगम कोरबा के वार्ड क्रमांक 54 में 14 कोरोना संक्रमित, वार्ड 59 में 10 कोरोना संक्रमित एवं वाड 67 में छह कोरोना मरीज मिलने पर उपरोक्त क्षेत्र को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है।

माइक्रो कंटेनमेंट जोन की सीमा नगर निगम वार्ड 54 ग्राम बरमपुर में उत्तर में बरमपुर बस्ती, दक्षिण में सर्वमंगला चैक, पूर्व में कॉलोनी रास्ता एवं पश्चिम में आजाद नगर के 30-30 मीटर की परिधि तक निर्धारित की गई है। इसके बाद 50-50 मीटर परिधि को बफर जोन कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। वार्ड 59 में कंटेनमेंट जोन उत्तर में सडक़, दक्षिण मे रेलवे स्टेशन, पूर्व में शारदा हार्डवेयर दुकान एवं पश्चिम में रेलवे स्टेशन मार्ग के क्षेत्र को शामिल करते हुए पांच-पांच मीटर की परिधि तक को बनाया गया है। इसके बाद 30-30 मीटर परिधि को बफर जोन बनाया गया है। 

इसी प्रकार वार्ड 67 ग्राम गजरा साइड मोहल्ला में कंटेनमेंट जोन की सीमा उत्तर में पंच राम का मकान, दक्षिण में जगतराम का मकान, पूर्व में जयस्तम्भ चैक एवं पश्चिम में टेंगा प्रसाद के मकान तक 30-30 मीटर परिधि तक निर्धारित की गई है। इसके बाद 30-30 मीटर परिधि को बफर जोन, कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है।

कोरोना संक्रामक महामारी की रोकथाम के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी किरण कौशल द्वारा अनुविभागीय अधिकारियों को अपने-अपनेे अधिकार क्षेत्र में परिस्थितियों के अनुसार कन्टेनमेंट जोन घोषित करने अधिकृत किया गया है। घोषित माइक्रो कंटेनमेंट जोन में प्रवेश, निकास के लिए केवल एक द्वार होगा जिसमें तैनात पुलिस अधिकारी, फिजिकल डिस्टेंसिंग करते हुए मेडिकल इमरजेंसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु आवागमन करने वाले सभी व्यक्तियों का विवरण एक रजिस्टर में दर्ज करेंगे। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी दुकानें, आफिस एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश पर्यन्त पूर्णत: बंद रहेंगे। प्रभारी अधिकारी द्वारा कंटेनमेंट जोन में होम डिलीवरी के माध्यम से आवश्यक वस्तु की आपूर्ति उचित दरों पर की जाएगी। कंटेनमेंट जोन अंतर्गत सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंद रहेगा। 

मेडिकल इमरजेंसी छोडक़र अन्य किसी कारण से बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। कन्टेनमेंट जोन में लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी उत्तरदायी होंगे। 

खण्ड चिकित्सा अधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्र में शासन के निर्देशानुसार कान्टेक्ट ट्रेसिंग, स्वास्थ्य निगरानी तथा सैम्पल की जांच आदि आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कंटेनमेंट जोन में घरों के एक्टिव सर्विलांस, स्वास्थ्य टीम एसओपी अनुसार दवा, मास्क, पीपीई किट इत्यादि उपलब्ध कराने तथा बायो मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के बीएमओ को दी गई है।


20-Apr-2021 7:52 PM 22

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 20 अपै्रल।
कलेक्टर किरण कौशल के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन सजगता और गंभीरता पूर्वक जिले में कोरोना संक्रमण को रोकने और कोरोना संक्रमितों के इलाज में लगा हुआ है। जिला प्रशासन द्वारा बिना लक्षण या कम लक्षण वाले कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेशन की भी सुविधा प्रदान की जा रही है। 

होम आईसोलेटेड मरीजों को लगातार निगरानी में रखकर उनका इलाज किया जा रहा है। 18 अप्रैल को एक ही दिन में 434 होम आईसोलेटेड मरीजों को स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज किया गया। जिले में अब तक ठीक हुए कोरोना संक्रमित मरीजों में से 93 प्रतिशत मरीज होम आइसोलेशन में रहकर पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। जिले में अब तक कुल 19 हजार 154 कोरोना मरीज पूरी तरह से ठीक होने के पश्चात डिस्चार्ज किए गए हैं, जिसमें से होम आइसोलेशन में रह कर 17 हजार 993 मरीज पूरी तरह ठीक हुए हैं। कोविड अस्पतालों से एक हजार 161 मरीजों को पूरी तरह ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किए गए हैं।

होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना संक्रमितों को मेडिकल टीम द्वारा लगातार स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। होम आईसोलेट मरीजों के निगरानी के लिए जिला स्तरीय चैबीस घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर होम आईसोलेशन कंट्रोल रूम नंबर 07759-222720, 21, 22, 23, 24 में संपर्क कर उचित सलाह ले सकते हैं। 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम के जरिए होम आइसोलेटेड कोरोना संक्रमित मरीजों को किसी भी समय परेशानी होने पर तत्काल स्वास्थ्य सलाह भी दिया जा रहा है। जिसके कारण कोरोना संक्रमित मरीजों की ठीक होने की दर में बढ़ोतरी हो रही है। होम आईसोलेशन में रहने वाले मरीज डॉक्टरी सलाह से नियमित दवाईयों का सेवन करके तथा होम आईसोलेशन दिशा-निर्देशों का पालन करके तेजी से ठीक हो रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना पीडि़त मरीजों को जरूरी दवाइयों की किट उपलब्ध कराई जा रही है। दवाईयों के किट में दवा कैसे लेनी है, इसकी जानकारी से युक्त पर्ची भी सलंग्न होती है। किट में सामान्य तौर से पांच दिन की दवाइयों का डोज रहता है। लेकिन विटामिन सी, जिंक टेबलेट और केल्सियम की गोली को आगे 10-15 दिन तक सेवन अच्छा माना गया है। बुखार आने पर मरीज को पैरासिटामाल की गोली लेने की सलाह दी जाती है। 

सर्दी होने पर सिट्रीजीन गोली लेने तथा यदि किसी को दस्त की समस्या हो तो होम आईसोलेशन कंट्रोल रूम में सम्पर्क कर चिकित्सक की सलाह लेने के निर्देश दिए जाते हैं। होम आईसोलेटेड मरीज को ओआरएस एवं इलेक्ट्रॉल युक्त जल का सेवन बार-बार किया जाना चाहिए। खाने-पीने में कोई कमी नहीं रखनी चाहिए। प्रोटीन युक्त भोजन ज्यादा उचित रहता है। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोत्तरी होती है। कोरोना संक्रमण के दौरान कुछ दिन शरीर में कमजोरी रह सकती है, जो कि धीरे-धीरे ठीक हो जाती है। होम आईसोलेटेड मरीजों को नियमित रूप से शरीर का तापमान और ऑक्सीजन लेवल सुबह-शाम लेने की सलाह दी जाती है।
 


19-Apr-2021 6:31 PM 23

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 19 अपै्रल।
कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अन्य राज्यों से कोरबा लौटने वाले मजदूरों और उनके समूहों पर प्रशासन की पैनी नजर है। 
बाहर राज्यों से कोरबा जिले में लौटने वाले मजदूरों से कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड से आगमन स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी है। कोरोना संक्रमण के कारण अन्य राज्यों में रोजगार की कमी से जूझते मजदूरों और प्रवासी श्रमिकों के कोरबा जिले में लौटने पर पूरी जानकारी और पहचान जरूरी है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने कलेक्टर किरण कौशल के निर्देश पर दो निगरानी दलों का गठन किया है। श्रम निरीक्षक और श्रम कल्याण अधिकारी इन दलों में शामिल किये गये है।

पहले दल में श्रम निरीक्षक आर.के.साहू मोबाइल नंबर 77738-03085 और श्रम कल्याण निरीक्षक  वीरेन्द्र राठौर मोबाइल नंबर 88394-29679 को शामिल किया गया है। दूसरे निरीक्षण दल में दो श्रम कल्याण अधिकारी  बलबीर भारद्वाज मोबाइल नंबर 96855-38101 और मनीष भीष्म मोबाइल नंबर 90986-30643 शामिल किए गए हैं।

कोरोना वायरस की गंभीर स्थिति को देखते हुए कोरबा जिले में अन्य राज्यों से आने वाले मजदूरों या प्रवासी श्रमिक समूहों की सूचना दोनों निरीक्षण दलों के किसी भी अधिकारी को फोन पर दी जा सकती है। ऐसे सभी प्रवासी मजदूरों के बार में सूचना मिलने पर उन्हें तत्काल कोरेंटाईन कराया जाएगा और आवश्यकता पडऩे पर या कोरोना संक्रमित पाए जाने पर उनके समुचित इलाज की व्यवस्था की जायेगी।

 


19-Apr-2021 5:10 PM 19

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 19 अपै्रल।
कोरबा जिले में लॉकडाउन के उल्लंघन पर शहर तहसीलदार ने रूमगढ़ा के दुकान संचालक के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करा दी है। इसके साथ ही तहसीलदार ने दुकान को भी आगामी आदेश तक के लिए सील कर दिया है। 

रूमगढ़ा स्थित संजय दिनेश जनरल स्टोर्स एवं स्टेशनरी दुकान संचालक ने कार्यवाही के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को धमकाया भी और उपर बात कर दुकान खुलवाने का रौब भी दिखाया। तहसीलदार ने जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के नियंत्रण के लिए लागू पूर्ण तालाबंदी के उल्लंघन पर दुकान संचालक के विरूद्ध भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 269 और 270 के तहत प्रकरण बालको थाना में दर्ज कराया है।

उल्लेखनीय है कि कोरबा जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम और आमजनों की कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए 27 अपै्रल तक पूर्ण तालाबंदी की गई है। इस दौरान जनरल स्टोरों और स्टेशनरी दुकानों को भी संचालन की अनुमति नहीं है। रूमगढ़ा स्थित संजय दिनेश जनरल स्टोर्स एवं स्टेशनरी दुकान का संचालक पूर्ण तालाबंदी के  आदेश का उल्लंघन करते हुए दुकान खोलकर लोगों को राशन सामग्री आदि बेच रहा था। 

तहसीलदार सुरेश साहू ने मौक पर पहुंचकर कार्यवाही की तो दुकान संचालक ने दुकान अंदर से बंद कर ताला लगा दिया। कार्यपालिक दण्डाधिकारी एवं तहसीलदार श्री साहू ने दुकान संचालक का बार-बार बाहर बुलाया पर वे बाहर नहीं आये। तहसीलदार ने रूमगढ़ा चेकपोस्ट पर तैनात पुलिस कर्मियों को बुलाकर दुकान खुलवाने की कोशिश की परंतु संचालकों द्वारा दुकान का शटर नहीं खोला गया। दुकान के बाहर संचालकों के लिखे फोन नंबर पर कॉल करने पर संचालक ने कार्यवाही कर रहे अधिकारियों को धमकाया और जो करना है करो, मैं उपर बात कर लूंगा, दुकान खुलवा लूंगा कहकर फोन स्वीच ऑफ कर दिया।

कार्यवाही कर रहे अधिकारियों ने आसपास के लोगों से भी लॉक डाउन के दौरान दुकान संचालन के विषय में जानकारी ली। लोगों ने बताया कि दुकान संचालकों द्वारा लगातार आधा शटर गिराकर लोगों को राशन सामग्री का विक्रय किया जा रहा था। कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा था, साथ ही लॉक डाउन के प्रावधानों का उल्लंघन भी किया जा रहा था। 
कार्यपालिक दण्डाधिकारी ने कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू की गई पूर्ण तालाबंदी के उल्लंघन पर दुकान संचालकों के विरूद्ध बालको थाने में एफआईआर दर्ज कराकर दुकान को सील कर दिया है।
 


18-Apr-2021 8:19 PM 18

कोरबा, 18 अप्रैल। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए अधिक संख्या में कोरोना पाॅजिटिव मरीज पाए जाने वाले क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाया जा रहा है। कंटेनमेंट जोन बनाकर वायरस के संक्रमण को संक्रमित क्षेत्र से असंक्रमित क्षेत्र तक फैलने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है। इसी तारतम्य में अनुविभाग कटघोरा के अंतर्गत आदर्श नगर कुसमुंडा, नगर पालिका कटघोरा के वार्ड क्रमांक सात महेशपुर एवं नगर पालिका दीपका के वार्ड क्रमांक 17 को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। कटघोरा के एसडीएम श्री अभिषेक शर्मा ने इस संबंध मे जरूरी आदेश भी जारी कर दिए हैं। नगर पालिका दीपका के वार्ड क्रमांक सात में 13 कोरोना संक्रमित, वार्ड क्रमांक 17 बंकिमचंद्र चटर्जी वार्ड में छह कोरोना संक्रमित एवं आदर्श नगर कुसमुंडा में छह कोरोना मरीज मिलने पर उपरोक्त क्षेत्र को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है।
 
माइक्रो कंटेनमेंट जोन की सीमा कुसमुंडा आदर्श नगर में क्वार्टर नंबर बी-165 से बी-174 तक, उत्तर में  रिक्त भूमि, दक्षिण में खाली रिक्त भूमि, पूर्व में रास्ता, एवं पश्चिम में बाड़ी तक के क्षेत्र को शामिल करते हुए 20-20 मीटर की परिधि तक निर्धारित की गई है। नगर पालिका दीपका के वार्ड क्रमांक 17 में क्वार्टर नंबर 127 से क्वार्टर नंबर 133 तक, उत्तर में आम रास्ता, दक्षिण में क्वार्टर नंबर बी-127 का वाउंड्रीवाल, पूर्व में आम रास्ता, पश्चिम में जल निकासी गलियारा तक के क्षेत्र को शामिल करते हुए चारों दिशाओं में लगभग 30-30 मीटर परिधि कोे कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। कटघोरा के वार्ड क्रमांक सात में उत्तर में गली, दक्षिण में मनहरण सिंह का घर, पूर्व में रिक्त भूमि, पश्चिम में गली व वेदराम का घर को शामिल करते हुए 30-30 मीटर परिधि तक के क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन उसके बाद 50-50 मीटर की परिधि को बफर जोन घोषित किया गया है।

कोरोना संक्रामक महामारी की रोकथाम के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती किरण कौशल द्वारा अनुविभागीय अधिकारियों को अपने-अपनेे अधिकार क्षेत्र में परिस्थितियों के अनुसार कन्टेनमेंट जोन घोषित करने अधिकृत किया गया है। घोषित माइक्रो कंटेनमेंट जोन में प्रवेश, निकास के लिए केवल एक द्वार होगा जिसमें तैनात पुलिस अधिकारी, फिजिकल डिस्टेंसिंग करते हुए मेडिकल इमरजेंसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु आवागमन करने वाले सभी व्यक्तियों का विवरण एक रजिस्टर में दर्ज करेंगे। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी दुकानें, आफिस एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश पर्यन्त पूर्णतः बंद रहेंगे। प्रभारी अधिकारी द्वारा कन्टेनमेंट जोन में होम डिलीवरी के माध्यम से आवश्यक वस्तु की आपूर्ति उचित दरों पर की जाएगी। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंद रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी छोड़कर अन्य किसी कारण से बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। कन्टेनमेंट जोन में लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी उत्तरदायी होंगे। खण्ड चिकित्सा अधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्र में शासन के निर्देशानुसार कान्टेक्ट ट्रेसिंग, स्वास्थ्य निगरानी तथा सैम्पल की जांच आदि आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कंटेनमेंट जोन में घरों के एक्टिव सर्विलांस, स्वास्थ्य टीम एसओपी अनुसार दवा, मास्क, पीपीई किट इत्यादि उपलब्ध कराने तथा बायो मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के बीएमओ को दी गई है।


18-Apr-2021 8:17 PM 19

कोरबा, 18 अप्रैल। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अन्य राज्यों से कोरबा लौटने वाले मजदूरों और उनके समूहों पर प्रशासन की पैनी नजर है। बाहर राज्यों से कोरबा जिले में लौटने वाले मजदूरों से कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड से आगमन स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी है। कोरोना संक्रमण के कारण अन्य राज्यों में रोजगार की कमी से जूझते मजदूरों और प्रवासी श्रमिकों के कोरबा जिले में लौटने पर पूरी जानकारी और पहचान जरूरी है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल के निर्देश पर दो निगरानी दलों का गठन किया है। श्रम निरीक्षक और श्रम कल्याण अधिकारी इन दलों में शामिल किये गये है।

पहले दल में श्रम निरीक्षक  आर.के.साहू मोबाइल नंबर 77738-03085 और श्रम कल्याण निरीक्षक  वीरेन्द्र राठौर मोबाइल नंबर 88394-29679 को शामिल किया गया है। दूसरे निरीक्षण दल में दो श्रम कल्याण अधिकारी  बलबीर भारद्वाज मोबाइल नंबर 96855-38101 और मनीष भीष्म मोबाइल नंबर 90986-30643 शामिल किये गये हैं। कोरोना वायरस की गंभीर स्थिति को देखते हुए कोरबा जिले में अन्य राज्यों से आने वाले मजदूरों या प्रवासी श्रमिक समूहों की सूचना दोनों निरीक्षण दलों के किसी भी अधिकारी को फोन पर दी जा सकती है। ऐसे सभी प्रवासी मजदूरों के बार में सूचना मिलने पर उन्हें तत्काल कोरेंटाईन कराया जायेगा और आवश्यकता पड़ने पर या कोरोना संक्रमित पाये जाने पर उनके समुचित ईलाज की व्यवस्था की जायेगी।


18-Apr-2021 8:13 PM 20

कोरबा, 18 अप्रैल।  कोरबा जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव एवं उसे फैलने से रोकने के लिए लागू की गई पूर्ण तालाबंदी के बावजूद 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी लोगों का टीकाकारण तेजी से जारी है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना का टीका लगवाने के लिए 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोग बड़ी संख्या में टीकाकरण केन्द्रों तक पहुंच रहे हैं। जिले में निर्धारित किये गये लक्ष्य के अनुसार  अब तक 45 वर्ष से अधिक उम्र के 77 प्रतिशत से ज्यादा लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है। कोरबा जिले में अब तक दो लाख 19 हजार 937 लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा चुकी है। कोविड टीकाकरण केन्द्रों पर लोगों को टीका लगाने के बाद काउंसिलिंग भी की जा रही है। कोरबा जिले में वर्ष 2020-21 में अनुमानित जनसंख्या 14 लाख 21 हजार 968 में से  दो लाख 84 हजार 394 लोग 45 वर्ष से अधिक उम्र के अनुमानित किये गये हैं जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर कोरोना की वेक्सीन लगाई जा रही है। जिले में अब इस आयु वर्ग के केवल 64 हजार 457 लोगों को कोरोना का टीका लगाया जाना बाकी है। आगामी एक सप्ताह में लक्ष्य अनुसार इन सभी लोगों का टीकाकरण पूरा कर लिया जायेगा।

शहरी क्षेत्रों में लगी अब तक सबसे अधिक वैक्सीन, ग्रामीण क्षेत्रोें में पाली पहले स्थान पर - कोरोना टीकाकरण सघन अभियान के दौरान अभी तक कटघोरा और कोरबा के शहरी इलाकों में सबसे अधिक वैक्सीेनेशन हुआ है। इन इलाकों में अब तक 51 हजार 625 लोगों को कोरोना से बचाव के लिए टीका लगाया जा चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के मामलें में पाली विकासखण्ड पहले स्थान पर है जहां अब तक 39 हजार 399 लोगों को वैक्सीनेट किया जा चुका है। दूसरे स्थान पर कटघोरा विकासखण्ड है जहां 32 हजार 750 लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड में 32 हजार 244 लोगों को, करतला विकासखण्ड में 32 हजार 111 लोगों को, कोरबा विकासखण्ड के ग्रामीण इलाकों में 31 हजार 808 लोगों को और कोरोना से बचाव का टीका लगाया जा चुका है। भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविशील्ड टीके के पहले डोज से छह से आठ सप्ताह के अंतराल में कोविशील्ड का दूसरा डोज लगाया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश सभी जिला स्तरीय स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारियों को दिए गए हैं।

कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल द्वारा प्रतिदिन जिले में कोरोना वैक्सीनेशन और वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है। कलेक्टर ने वैक्सीन खत्म होने से पहले अगले दिनों के लिए वैक्सीन की डिमांड राज्य कार्यालय को भेजने और आबंटित वैक्सीन को सुरक्षित तथा सभी मानकों का पालन करते हुए जिले के टीकाकरण केन्द्रों तक समय पर पहुंचाने के पूरे इंतजाम किए गए हैं। कोविड टीकाकरण के लिए 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को किसी भी प्रकार की बीमारी संबंधी दस्तावेज या सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य नहीं है। कोई भी व्यक्ति शासकीय या निजी टीकाकरण केन्द्र में पंजीयन आधार कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, पासबुक, ड्राईविंग लायसेंस जैसे फोटो आईडी या शासकीय अभिलेख और अन्य दस्तावेजों के आधार पर अपना टीकाकरण करा सकता है। इसके साथ ही टीकाकरण कराने वाले व्यक्ति को टीकाकरण केन्द्र में अपना मोबाईल नम्बर भी बताना होगा। जिले के सभी टीकाकरण केन्द्रों में प्रशिक्षित स्वास्थ कर्मियो द्वारा टीकाकरण किया जा रहा है। टीकाकरण के पश्चात् आधा घंटा हितग्राही को निगरानी कक्ष मेें बैठाया जाता है। टीकाकरण के दौरान सामाजिक दूरी, सेनेटाईजर एवं मास्क का उपयोग जैसे निर्धारित प्रोटोकाॅल का पालन करना अनिवार्य है।


18-Apr-2021 7:57 PM 24

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 18 अप्रैल।
कोरबा जिले में लाॅक डाउन के उल्लंघन पर शहर तहसीलदार ने रूमगढ़ा के दुकान संचालक के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करा दी है। इसके साथ ही तहसीलदार ने दुकान को भी आगामी आदेश तक के लिए सील कर दिया है। रूमगढ़ा स्थित संजय दिनेश जनरल स्टोर्स एवं स्टेशनरी दुकान संचालक ने कार्यवाही के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को धमकाया भी और उपर बात कर दुकान खुलवाने का रौब भी दिखाया। तहसीलदार ने जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के नियंत्रण के लिए लागू पूर्ण तालाबंदी के उल्लंघन पर दुकान संचालक के विरूद्ध भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 269 और 270 के तहत प्रकरण बालको थाना में दर्ज कराया है।

उल्लेखनीय है कि कोरबा जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम और आमजनों की कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए 27 अपे्रल तक पूर्ण तालाबंदी की गई है। इस दौरान जनरल स्टोरों और स्टेशनरी दुकानों को भी संचालन की अनुमति नहीं है। रूमगढ़ा स्थित संजय दिनेश जनरल स्टोर्स एवं स्टेशनरी दुकान का संचालक पूर्ण तालाबंदी के  आदेश का उल्लंघन करते हुए दुकान खोलकर लोगांे को राशन सामग्री आदि बेच रहा था। तहसीलदार सुरेश साहू ने मौक पर पहुंचकर कार्यवाही की तो दुकान संचालक ने दुकान अंदर से बंद कर ताला लगा दिया। कार्यपालिक दण्डाधिकारी एवं तहसीलदार श्री साहू ने दुकान संचालक का बार-बार बाहर बुलाया पर वे बाहर नहीं आये। तहसीलदार ने रूमगढ़ा चेकपोस्ट पर तैनात पुलिस कर्मियों को बुलाकर दुकान खुलवाने की कोशिश की परंतु संचालकों द्वारा दुकान का शटर नहीं खोला गया। दुकान के बाहर संचालकों के लिखे फोन नंबर पर काॅल करने पर संचालक ने कार्यवाही कर रहे अधिकारियों को धमकाया और जो करना है करो, मैं उपर बात कर लूंगा, दुकान खुलवा लूंगा कहकर फोन स्वीच ऑफ कर दिया।

कार्यवाही कर रहे अधिकारियों ने आसपास के लोगों से भी लाॅक डाउन के दौरान दुकान संचालन के विषय में जानकारी ली। लोगों ने बताया कि दुकान संचालकों द्वारा लगातार आधा शटर गिराकर लोगों को राशन सामग्री का विक्रय किया जा रहा था। कोविड प्रोटोकाॅल का पालन नहीं हो रहा था, साथ ही लाॅक डाउन के प्रावधानों का उल्लंघन भी किया जा रहा था। कार्यपालिक दण्डाधिकारी ने कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू की गई पूर्ण तालाबंदी के उल्लंघन पर दुकान संचालकों के विरूद्ध बालको थाने में एफआईआर दर्ज कराकर दुकान को सील कर दिया है।


18-Apr-2021 5:29 PM 30

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 18 अप्रैल। 
कलेक्टर  किरण कौशल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सीएसईबी वेस्ट, सीईआईटी गेवरा और सृष्टि अस्पताल में कोरोना मरीजों के ईलाज के लिए विकसित व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। 

श्रीमती कौशल ने इन तीनों अस्पतालों में आधी-अधूरी तैयारियों और कोविड मरीजों के ईलाज के दिशा-निर्देशों तथा मापदण्डों का कड़ाई से पालन नहीं करने पर अस्पताल प्रबंधनों के प्रति गहरी नाराजगी जताई। श्रीमती कौशल ने कड़े शब्दों में इन तीनों अस्पतालों के चिकित्सा अधिकारियों को अगले दो दिनो में मरीजों के ईलाज के लिए जरूरी सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएमएचओ डॉ. बोडे को दो दिन बाद जिला स्तरीय निरीक्षण दल भेजकर अस्पतालों का निरीक्षण कराने के लिए भी कहा। श्रीमती कौशल ने इन अस्पतालों के डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को कोविड अस्पताल संचालन तथा मरीजों के ईलाज के लिए निर्धारित लाईन ऑफ ट्रीटमेंट के संबंध में भी विशेष प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए।

हाल ही में शुरू हुए बालाजी कोविड अस्पताल में आने वाले दो-तीन दिनों में 20 से 25 ऑक्सीजन युक्त नए बेड लगाए जाएंगे। इसके साथ ही इस अस्पताल में 70 से 75 कोरोना पीडि़त गंभीर मरीजों के ईलाज की सुविधा विकसित हो जाएगी। जिले के सबसे पुराने और बड़े ईएसआईसी जिला कोविड अस्पताल में गंभीर कोरोना संक्रमितों का ईलाज प्राथमिकता से किया जाएगा। 

अस्पताल में ईलाज कराकर गंभीर अवस्था से समान्य अवस्था तक ठीक हो चुके मरीजों को आगामी देखभाल और ईलाज के लिए सीपेट के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा ताकि दूसरे गंभीर मरीजों को त्वरित उपचार के लिए ईएसआईसी कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जा सके। कोरबा जिले में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने आज जिले में संचालित कोरोना का ईलाज करने वाले सभी दस अस्पताल का निरीक्षण और समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  कुंदन कुमार, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी एस. जयवर्धन, सीएमएचओ डॉ. बी. बी. बोडे, नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर  आशीष देवांगन सहित सभी अस्पतालों के प्रभारी डॉक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। 
 


17-Apr-2021 8:31 PM 31

कोरबा, 17 अप्रैल। कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोरबा द्वारा कोविड अस्पतालों में विभिन्न अस्थाई पदों पर भर्ती के लिये अंतिम चयन सूची जारी कर दी गई है। चयनित अभ्यर्थियों की सूची कोरबा जिले की वेबसाइट www.korba.gov.in  पर उपलब्ध है। सभी चयनित अभ्यर्थियों को अगले तीन दिनों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में अपनी उपस्थिति देनी होगी। यह भर्ती कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिये तीन माह के लिये जिले में संचालित स्वास्थ्य संस्थाओं के लिए कोविड जांच लैब, कोविड हाॅस्पिटल एवं कोविड केयर सेंटर के लिये माइक्रोबाॅयोलाॅजिस्ट, स्टाफ नर्स, लैब टेक्निशियन, लैब अटेंडेंट तथा स्वच्छता कर्मी के पदों पर तीन माह के लिये होगी। जिला कार्यालय के सूचना पटल पर भी अंतिम चयन सूची का अवलोकन किया जा सकता है।


17-Apr-2021 8:28 PM 24

होम आईसोलेशन में लगभग 80 प्रतिशत रिकवरी रेट, तीन हजार 462 एक्टिव केस

कोरबा, 17 अप्रैल। कोरबा जिले में होम आईसोलेशन में रहकर कोरोना से जंग लड़ रहे मरीज बड़ी संख्या में तेजी से ठीक हो रहे हैं। जिले में अभी तक 21 हजार 311 मरीजों को सामान्य लक्षणों और कोरोना प्रोटोकाॅल तथा ईलाज के मार्गदर्शी निर्देशों का पालन करते हुए होम आईसोलेशन में रहकर ईलाज कराने की सुविधा दी जा चुकी है। इसमें से 16 हजार 897 मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। जिले में गत दिवस तक कुल तीन हजार 462 कोरोना संक्रमित होम आईसोलेशन में रहकर अपना ईलाज करा रहे हैं। वहीं होम आईसोलेशन में रहने वाले 950 संक्रमितों को तबियत बिगड़ने पर कोविड केयर सेंटरों और अस्पतालों में भर्ती कराया जा चुका है। कोरबा जिले में होम आईसोलेशन में रहकर ईलाज कराकर ठीक होने की दर लगभग 80 प्रतिशत है। जिले में होम आईसोलेशन में ईलाज के दौरान केवल दो मरीजों की मौत अब तक हुई है जबकि चार मरीजों या उनके परिजनों के विरूद्ध होम आईसोलेशन संबंधी नियमों और कोविड प्रोटोकाॅल का उल्लंघन करने पर थाने में एफआईआर भी कराई जा चुकी है। 


17-Apr-2021 8:26 PM 20

कोरबा, 17 अप्रैल। कोरबा जिले में वर्तमान में कोविड मरीजों के ईलाज के लिए जरूरत से दोगुनी मेडिकल ऑक्सीजन उपलब्ध है। कोरबा जिले के कोविड अस्पतालों में मरीजों के ईलाज में प्रतिदिन लगभग 2.7 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन की खपत हो रही है। जिले की तीन मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादक इकाईयों में ऑक्सीजन का पर्याप्त मात्रा में उत्पादन हो रहा है। प्रतिदिन जिले में साढ़े चार मीट्रिक टन से अधिक मेडिकल ऑक्सीजन उपलब्ध है। जिले में कोरोना संक्रमितों के ईलाज में लगे दस अस्पतालों में वर्तमान में 400 से अधिक ऑक्सीजन युक्त बिस्तर उपलब्ध हैं। जिले में 31 वेंटिलेटर भी मरीजों के ईलाज के लिए काम कर रहे हैं। इसके साथ ही 56 आईसीयू और 31 एचडीयू बिस्तरों पर मरीजों के ईलाज की सुविधा है।

कोविड का ईलाज करने वाले दस अस्पतालों में एक हजार 200 से अधिक जनरल बेड भी उपलब्ध हैं जिन पर सामान्य लक्षणों वाले मरीजों को भर्ती कर कोविड का ईलाज किया जा रहा है। आज की स्थिति में जिले के कोविड अस्पतालों में लगभग 160 ऑक्सीजन युक्त बेड और 979 सामान्य बेड खाली हैं। इसी तरह जिले में 12 वेंटिलेटर भी वर्तमान में मरीजों के ईलाज के लिए उपलब्ध हैं।

जिले में प्रतिदिन बढ़ते कोरोना संक्रमण पर जिला प्रशासन की पैनी नजर है। कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए एक ओर 22 अप्रैल तक की गई जिले की पूर्ण तालाबंदी को अब 27 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया है तो वहीं दूसरी ओर कोरोना मरीजों के अच्छे से अच्छे ईलाज के लिए भी प्रशासन ने गतिविधियां तेज कर दीं हैं। स्वयं कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने इसकी कमान संभाल ली है। प्रतिदिन समीक्षा और तेजी से हो रहे वैक्सीनेशन के साथ-साथ टेस्टिंग और ट्रेसिंग को भी कोरोना को रोकने का हथियार बनाया जा रहा है। मरीजों के ईलाज के लिए अस्पतालों की व्यवस्था के साथ होम आईसोलेशन में मरीजों का ईलाज सभी कलेक्टर की निगरानी में ही हो रहा है। कोरबा जिले में संक्रमित मरीजों के ईलाज की बेहतर व्यवस्थाओं के कारण ही दूसरे जिलों के मरीज भी कोरबा के कोविड अस्पतालों में भर्ती होकर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। 


17-Apr-2021 8:07 PM 25

तीनों  अस्पताल की व्यवस्था दो दिन में सुधारने के दिए कड़े निर्देश

शासकीय और निजी कोविड अस्पतालों में ईलाज और उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा 

कोरबा, 17 अप्रैल। कलेक्टर किरण कौशल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सीएसईबी वेस्ट, सीईआईटी गेवरा और सृष्टि अस्पताल में कोरोना मरीजों के ईलाज के लिए विकसित व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। श्रीमती कौशल ने इन तीनों अस्पतालों में आधी-अधूरी तैयारियों और कोविड मरीजों के ईलाज के दिशा-निर्देशों तथा मापदण्डों का कड़ाई से पालन नहीं करने पर अस्पताल प्रबंधनों के प्रति गहरी नाराजगी जताई। श्रीमती कौशल ने कड़े शब्दों में इन तीनों अस्पतालों के चिकित्सा अधिकारियों को अगले दो दिनो में मरीजों के ईलाज के लिए जरूरी सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएमएचओ डाॅ. बोडे को दो दिन बाद जिला स्तरीय निरीक्षण दल भेजकर अस्पतालों का निरीक्षण कराने के लिए भी कहा। कलेक्टर  इन अस्पतालों के डाॅक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को कोविड अस्पताल संचालन तथा मरीजों के ईलाज के लिए निर्धारित लाईन ऑफ ट्रीटमेंट के संबंध में भी विशेष प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए।

हाल ही में शुरू हुए बालाजी कोविड अस्पताल में आने वाले दो-तीन दिनों में 20 से 25 ऑक्सीजन युक्त नए बेड लगाए जाएंगे। इसके साथ ही इस अस्पताल में 70 से 75 कोरोना पीड़ित गंभीर मरीजों के ईलाज की सुविधा विकसित हो जाएगी। जिले के सबसे पुराने और बड़े ईएसआईसी जिला कोविड अस्पताल में गंभीर कोरोना संक्रमितों का ईलाज प्राथमिकता से किया जाएगा। अस्पताल में ईलाज कराकर गंभीर अवस्था से समान्य अवस्था तक ठीक हो चुके मरीजों को आगामी देखभाल और ईलाज के लिए सीपेट के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा ताकि दूसरे गंभीर मरीजों को त्वरित उपचार के लिए ईएसआईसी कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जा सके। कोरबा जिले में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए कलेक्टर ने आज जिले में संचालित कोरोना का ईलाज करने वाले सभी दस अस्पताल का निरीक्षण और समीक्षा वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से की। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  कुंदन कुमार, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी एस. जयवर्धन, सीएमएचओ डाॅ. बी. बी. बोडे, नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर आशीष देवांगन सहित सभी अस्पतालों के प्रभारी डाॅक्टर वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। 

बढ़ते कोरोना संक्रमण से निपटने और मरीजों को बेहतर ईलाज उपलब्ध कराने के लिए इस महत्वपूर्ण बैठक में कलेक्टर श्रीमती कौशल ने कोविड अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों और ईलाज के तरीकों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी अस्पतालों के प्रभारी डाॅक्टरों से मरीजों के ईलाज के लिए डाॅक्टरों से लेकर पैरा मेडिकल स्टाफ तक की जानकारी मांगी। श्रीमती कौशल ने अस्पतालों में दवाईयां और कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पीपीई किट आदि की उपलब्धता के बारे में भी पूछा। उन्होंने अस्पतालों मे डोनिंग-डोफिंग की व्यवस्था से लेकर बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट और डेड बाॅडी मेनेजमेंट तक पर अस्पताल वार समीक्षा की। कलेक्टर ने अस्पतालों में उपलब्ध कुल बिस्तरों में से ऑक्सीजन युक्त बिस्तरों की संख्या के बारे में भी जानकारी ली। श्रीमती कौशल ने समय पर सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता और खाली सिलेण्डरों की रीफिलिंग की पृथक व्यवस्था करने के निर्देश प्रभारी डाॅक्टरों को दिए। उन्होंने सभी शासकीय और निजी अस्पतालों सहित सार्वजनिक उपक्रमों के कोविड अस्पतालों में भी आगामी दो महीने के लिए कोरोना संक्रमितों के ईलाज में जरूरी दवाओं, ऑक्सीजन सिलेण्डर और मानव संसाधन सहित अन्य जरूरतों का आंकलन कर डिमांड रिपोर्ट चौबीस घंटे के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और सभी प्रभारियों को यथा संभव आवश्यकतानुसार संसाधन एवं दवाई आदि उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। 

श्रीमती कौशल ने सीपेट के कोविड केयर अस्पताल में जल्द से जल्द ऑक्सीजन पाईप लाइन लगाने का काम शुरू करवाने और मरीजों के ईलाज के लिए वर्तमान में ऑक्सीजन सिलेण्डरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश सीएमएचओ डाॅ. बोडे को दिए। कलेक्टर ने सीपेट कोविड केयर अस्पताल में आने वाले दिनों में लगभग 700 मरीजों के ईलाज के लिए ऑक्सीजन, दवाई, डाॅक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ आदि सभी व्यवस्थाओं का आंकलन कर उसकी जल्द से जल्द व्यवस्था के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने बालको अस्पताल प्रबंधन को अगले दो-तीन दिनों में बालको अस्पताल में कोविड मरीजों के ईलाज के लिए 50 ऑक्सीजन युक्त बिस्तर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बालाजी कोविड अस्पताल में मरीजों के लिए बिजली से चलने वाले नाॅन इंटेंसिव वेंटिलेटरों की भी व्यवस्था करने की कार्ययोजना को तत्काल प्रस्तुत करने को कहा। श्रीमती कौशल ने बालाजी अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 50 जम्बो और 40 छोटे अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलेण्डर भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 


17-Apr-2021 4:55 PM 16

तीन उत्पादक ईकाइयों के लिए नोडल अधिकारी भी बने

कोरबा, 17 अप्रैल। जिले में कोविड-19 से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए मेडिकल ऑक्सीजन की कोविड अस्पतालों में आसानी से उपलब्धता, वितरण और परिवहन सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय मेडिकल ऑक्सीजन कंट्रोल रूम बनाया गया है। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने इस संबंध में जरूरी आदेश भी आज जारी किया है। इसके साथ ही एसडीएम सुनील नायक की अध्यक्षता में मेडिकल ऑक्सीजन समिति भी गठित की गई है। समिति में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री विजेन्द्र पाटले, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक ए. तिर्की, सीएमएचओ डाॅ. बी. बी. बोडे और सहायक औषधि नियंत्रक भीष्म देव सिंह कंवर को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

मेडिकल ऑक्सीजन कंट्रोल रूम कलेक्टोरेट परिसर स्थित जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र कार्यालय में संचालित होगा। इसका दूरभाष क्रमांक 07759-225643 है। जिला स्तर पर गठित समिति जिले में संचालित कोविड अस्पतालों में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए मेडिकल ऑक्सीजन आवश्यकता की नियमित रूप से निगरानी करते हुए उसकी उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। मेडिकल ऑक्सीजन के परिवहन में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से समन्वय कर समस्या का निराकरण किया जाएगा। 

कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने जिले की तीन ऑक्सीजन उत्पादक यूनिटों के लिए तीन नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। सर्वमंगला गैस के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक  ए. तिर्की को नोडल अधिकारी बनाया गया है। बालाजी एयर प्रोडक्ट कोरबा के लिए औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा विभाग के सहायक संचालक  विजय सोनी और श्री बालाजी गैसेस कोरबा के लिए छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मण्डल के सहायक अभियंता विजय पोर्ते को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी प्रतिदिन मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादक इकाईयों की नियमित माॅनिटरिंग करेेंगे और ऑक्सीजन की उपलब्धता के संबंध में प्रतिदिन प्रतिवेदन जिला स्तरीय समिति को देंगे।


17-Apr-2021 4:50 PM 21

सुबह सात से दोपहर 11 तक ठेले पर फेरी लगाकर सब्जी-फल बेचने की अनुमति
बैंक सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक खुलेंगे,ग्राहक को अनुमति नहीं

कोरबा, 17 अप्रैल। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकरणों को देखते हुए कोविड-17 वायरस से बचाव और उसकी रोकथाम के लिए 12 अप्रैल से 22 अप्रैल तक लागू की गई पूर्ण तालाबंदी कोरबा जिले में पांच दिन बढ़ा दी गई है। कोरबा जिले में कोरोना संक्रमण से आमजनों की सुरक्षा को देखते हुए पूर्ण तालाबंदी अब 27 अप्रैल की रात 12 बजे तक रहेगी। जिला दण्डाधिकारी श्रीमती किरण कौशल ने इस संबंध में संशोधित आदेश भी जारी कर दिया है।

पूर्व में जारी आदेश में आगामी दिनों के लिए संशोधन किए गए हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत हितग्राहियों को खाद्यान्न और अन्य वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए खाद्यान्न परिवहन, भण्डारण, वितरण, लोडिंग-अनलोडिंग आदि के संचालन की अनुमति संशोधित आदेश में दी गई है। लाॅकडाउन के दौरान सुबह सात बजे से दोपहर 11 बजे तक ठेले पर फेरी लगाकर या गली-गली घूम कर काॅलोनियों में डोर टु डोर सब्जी और फल विक्रय की अनुमति भी आदेश में दी गई है। एक ही स्थान पर खड़े होकर या बाजारों में दुकानों को खोलकर सब्जी और फल बेचने की अनुमति नहीं होगी। लाॅकडाउन की अवधि में थोक दुकानों या थोक व्यापारियों या सब्जी मण्डी या किसी भी मण्डी को खोलने की अनुमति नहीं होगी। 

लाॅकडाउन अवधि के दौरान जिले के शासकीय और अशासकीय बैंक प्रातः 11 बजे से दोपहर दो बजे तक खुले रहेंगे। सभी बैंक संस्थान अपने न्यूनतम आवश्यकतानुसार कर्मचारियों-अधिकारियों का उपयोग करते हुए केवल कार्यालयीन कार्य ही संचालित करेंगे। बैंको में ग्राहक, खातेदार या आम लोगों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। बैंक द्वारा संचालित एटीएम में पर्याप्त मात्रा में मुद्रा की उपलब्धता बैंक प्रबंधन द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। 

लाॅकडाउन की अवधि के दौरान जिले में संचालित सभी शासकीय उचित मूल्य की दुकानें सुबह सात बजे दोपहर 12 बजे तक खुली रहेंगी। दुकान संचालक वार्ड-मोहल्ला-ग्रामवार हितग्राहियों को टोकन जारी कर कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए राशन वितरण करेंगे। प्रतिदिन 50-50 हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण के लिए टोकन जारी किए जाएंगे। वार्ड-मोहल्ला में खाद्यान्न वितरण के लिए अलग-अलग दिन निर्धारित कर हितग्राहियों को सूचना देकर खाद्यान्न का वितरण किया जाएगा। उचित मूल्य की दुकानों में राशन वितरण के समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा। हितग्राहियों को मास्क पहनना और सेनेटाइजेशन के लिए सेनेटाइजर या साबुन पानी की व्यवस्था भी करनी होगी। हितग्राहियों के खड़े होने के लिए निर्धारित दूरी पर गोले लगाना या चिन्हांकन करने की जिम्मेदारी दुकानदारों की होगी। हितग्राहियों के राशन कार्ड ही खाद्यान्न लेने के लिए राशन दुकान तक आने-जाने के लिए पास के रूप में मान्य होगा।  

जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए पूर्ण तालाबंदी संबंधी अन्य निर्देश पहले जारी किए आदेशानुसार ही होंगे। पूर्ण तालाबंदी के निर्देशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या प्रतिष्ठान पर भारतीय दण्ड संहिता 1860, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 और अन्य सुसंगत कानूनों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।


10-Apr-2021 6:12 PM 31
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 10 अप्रैल। आईडी हैक कर ठगों ने 17 लाख रु. की एफडी कर ली। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्टेट बैंक को मेल भेजकर जानकारी मांगी और बैंक ने फिक्स डिपाजिट की गई राशि को युवक के खाते में लौटाने के लिए कहा। बैंक ने राशि युवक के खाते में लौटा दी। 
पुलिस ने बताया कि 28 मार्च दिन रविवार को गोविन्द प्रसाद कैथवास को अज्ञात मोबाईल नंबर से फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने प्रार्थी को कहा कि मंै मुम्बई भारतीय स्टेट बैंक कस्टमर केयर से बोल रहा हूं। प्रार्थी को फरवरी में बैंक के द्वारा केवायसी करने का मैसेज आया था पर आपने अभी तक केवायसी नहीं कराया गया है हम यहीं से आपका केवायसी अपडेट कर देंगे। आप फोन को होल्ड पर रखिए और केवायसी नंबर हम आपको भेज रहे हैं, उसे नोट कर लिजिए। यदि आप केवायसी नहीं कराएंगे तो आपका बैंक बैलेंस होल्ड कर बैलंस जीरो कर दिया जाएगा। फिर आपके पास बंैक से मैसेज में एक नंबर आयेगा, उसे बताना पड़ेगा।  
 
थोड़ी देर बाद पुन: उक्त नंबर से प्रार्थी को फोन कर बताया गया कि आपका बंैक बैलेंस होल्ड कर आपका बैलेंस जीरो कर दिया गया है। आप केवायसी मैसेज दे दीजिए और आप जब तक केवायसी नहीं कराएंगे तब तक आपका बैक खाता होल्ड कर दिया गया है। उसके बाद आप अपना पैसा बगैर केवायसी कराए निकाल नही सकते है। 
 
प्रार्थी द्वारा अपने योनो (नेट बैकिंग) के माध्यम से अपने एकाउंट का बैलेंस चेक करने पर एकांउट का बैलेस जीरो हो गया था। तुरंत एटीएम में जाकर बैलेस चेक करने पर 17,83041/-रूपये का आहरण दिखाते हुए शेष रकम 38 पैसा प्रदर्शित हो रहा था।  प्रार्थी द्वारा तत्काल चैकी रामपुर आकर अपने एसबीआई एकाउंट नंबर से 17,83041/-रूपये योनो एप्स/इंटरनेट बैकिंग के माध्यम से ठगी हो जाने की लिखित शिकायत दर्ज कराने पर रामपुर चौकी प्रभारी/सायबर सेल कोरबा उनि मयंक मिश्रा के द्वारा प्रार्थी के साथ 17,83041/-रूपये कि ठगी हो जाने को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुलिस अधीक्षक कोरबा अभिषेक मीणा को हालात से अवगत कराते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरबा कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में  सायबर सेल को कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया। 
 
रविवार को बैंक बंद होने के कारण ठगों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने में अत्यधिक समस्या आने के बावजूद सायबर सेल के द्वारा विशेष रूचि लेकर त्वरित कार्यवाही करते हुए, आवेदक के बैंक एकांउट नंबर एवं कार्ड नंबर को बैंक में मेल कर जानकारी प्राप्त किया गया। बैंक के अधिकारी के द्वारा बताया गया कि प्रार्थी का कुल रकम 17,83041/-रूपये को ठगो के द्वारा योनो एप्स के माध्यम से फिक्स डिपाजिट कर दिया गया है। मेल से जानकारी प्राप्त होने पर  सायबर सेल के द्वारा तत्परता से कार्यवाही करते हुए लगातार बैक से संपर्क कर ट्रान्जेक्शन को होल्ड कराया गया। सायबर सेल की तत्परता से कुल राशि 17,83041/-रूपये वापस प्रार्थी के एकाउंट में वापस कराई गई।  
 
चूंकि हैकरो/ठगो के द्वारा कुछ दिनों से योनो एप्स/इंटरनेट बैकिग धारको का एकाउंट हैक करना प्रतीत  हो रहा है। एकाउंट धारकों का इंटरनेट बैकिंग आईडी एवं पासवार्ड कॅामन/सरल शब्दों में होने/अपने नाम का आईडी पासवर्ड बनाने केे कारण या बैक कर्मी द्वारा शुरूआत में प्रार्थी का आईडी एवं पासवर्ड बनाए गए यूजर आईडी/पासवर्ड कॉमन होने के कारण या स्वयं के द्वारा अपना पासवर्ड में बदलाव नहीं करने के कारण ठगों के द्वारा आसानी से इंटरनेट बैकिंग/योनो एकाउंट को हैक कर लिया जा रहा है। ठगो के द्वारा योनो एकांउट को हैक करने के पश्चात ट्रान्जेक्शन करने के लिए केवायसी कराने के नाम से ओटीपी की मांग करते है। ठगों के द्वारा प्रार्थी के योनो एप्स के माध्यम से पूरी राशि को एफडी कर लिया जाता है। चूंकि एफडी करने के लिए मोबाईल में ओटीपी की जरूरत नही पड़ती है, इसका फायदा उठाकर ठगों के द्वारा प्रार्थी के एकाउंट की पूरी राशि को एफडी कर केवाायसी कराने के नाम से ओटीपी भेजकर ठगी की जा रही है।
 
प्रार्थी की संपूर्ण आहरित रकम वापस दिलाने में सायबर सेल कोरबा से उनि मयंक मिश्रा, सउनि दुर्गेश राठौर, आरक्षक प्रशांत सिंह, आर. गुना राम, आर. विरकेश्वर सिंह, आर. रवि चैबे, आर. डेमन ओग्रे, मआर. रेणु टोप्पो का विशेष योगदान रहा । 
           अपील   
अत: कोरबा पुलिस आम जनता से अपील करती है कि फोन अथवा आनलाईन ट्रान्जेक्शन के माध्यम से ओटीपी अथवा बैक एकाउंट से संबंधित कोई भी जानकारी किसी से शेयर ना करे। साथ ही योनो/इंटरनेट बैकिंग का यूजर आईडी/पासवर्ड को स्ट्रॉग रखे ना कि अपना जन्मतिथि/अपना नाम ना रखे।
 

09-Apr-2021 7:25 PM 27

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 9 अप्रैल।
जिले के में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमितों के मद्देनजर अब जिला प्रशासन ने अनावश्यक घूमने फिरने वालों से निपटने के लिए और अधिक कड़ाई से कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने की तैयारी कर ली है। 

पूरे जिले में दुकानों तथा बाजारों का समय दोपहर तीन बजे तक निश्चित कर दिया गया है। इसके साथ ही अब तीन बजे के बाद बेकाम सडक़ों पर घूमने निकले किसी भी महिला पुरूष या युवक-युवती के विरूद्ध कोविड प्रोटोकॉल और शासन-प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर सीधे पुलिस थाने में एफआईआर होगी। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व, पुलिस और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई और कोरोना वायरस के शहर में फैलाव को रोकने के लिए जरूरी मंत्रणा की। उन्होंने शहर में कोरोना के नियंत्रण के लिए लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का शत प्रतिशत पालन करने की अपील की है।

साथ ही अधिकारियों को शासकीय दिशा-निर्देशों और कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वाले लोगों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं। इस बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री एस. जयवर्धन, एएसपी श्री कीर्तन राठौर, एसडीएम कोरबा श्री सुनील नायक, नगर निगम के अपर आयुक्त श्री अशोक शर्मा सहित सभी एसडीओपी , सीएसपी तथा सेक्टर मजिस्ट्रेट और अन्य कई अधिकारी शामिल हुए। 

कलेक्टर ने बैठक में निर्देशित किया कि एक सेक्टर को दूसरे सेक्टर से जोडऩे वाली सभी सडक़ो को बंद कर दिया जाये। दोपहर तीन बजे के बाद इंटर सेक्टर आवागमन को नियंत्रित करने के लिए हर जरूरी इंतजाम किये जायें।

मेडिकल स्टोर्स, राशन, सब्जी बाजार आदि अति आवश्यक सेवाओं के लिए सेक्टर में ही व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। सेक्टरों को इस तरह से बांटा जायेगा कि उनमें अति आवश्यक सेवाओं की दुकानें पर्याप्त संख्या में रहें ताकि प्रशासन द्वारा निर्धारित समय में भी एक सेक्टर के लोग इन चीजों के लिए दूसरे सेक्टर में न जायें । कलेक्टर ने दोपहर तीन बजे के बाद अति आवश्यक सेवाओं के लिए ही सेक्टर से बाहर जाने वाले लोगों को अनुमति देने के निर्देश दिए। उन्होंने बेवजह घूमने वाले लोगों पर इंटर सेक्टर आवागमन करने पर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं।
 


27-Mar-2021 8:24 PM 28

कोरबा, 27 मार्च। पांच लाख रूपए तक के सालाना मुफ्त ईलाज के लिए आयुष्मान कार्ड बनाने की तिथि एक महीना बढ़ा दी गई है। अब यह कार्ड 30 अप्रैल 2021 तक बनेंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा पहले हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाने की तिथि 31 मार्च निर्धारित की गई थी। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के तहत यह कार्ड नजदीकी च्वाइस सेंटर या कॉमन सर्विस सेंटर में नि:शुल्क बनाया जा रहा है। कार्ड बनाने के लिए हितग्राहियों को राशनकार्ड के साथ अपना आधार कार्ड लेकर च्वाइस सेंटर जाना होगा। परिवार की पात्रता के आधार पर क्रियाशील अंत्योदय कार्ड, प्राथमिकता राशन कार्डधारी परिवार और सामाजिक-आर्थिक संगणना 2011 से चयनित परिवारों को पांच लाख रूपए तक ईलाज के लिए सालाना सुविधा इन कार्डों से मिलेगी। इसी प्रकार शेष राशनकार्ड धारी परिवारों को सालाना 50 हजार रूपए तक का नि:शुल्क ईलाज पंजीकृत शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में आयुष्मान कार्ड के द्वारा मिलेगा।

जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. बी. बोडे ने जिले वासियों से नजदीकी च्वाइस सेंटर जाकर 30 अप्रैल के पहले आयुष्मान कार्ड बनवाने की अपील की है ताकि आवश्यकता पडऩे पर पूरे साल उनका नि:शुल्क ईलाज हो सके।


27-Mar-2021 8:20 PM 48

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोरबा, 27 मार्च। कटघोरा के विधायक और परियोजना सलाहकार मण्डल के अध्यक्ष पुरूषोत्तम कंवर ने 26 मार्च को  कलेक्टोरेट सभा कक्ष में आयोजित एकीकृत आदिवासी विकास सलाहकार मण्डल की बैठक में छह करोड़ रूपए से अधिक की विकास योजनाओं को मंजूरी दी। जिले के आदिवासी क्षेत्रों में खेती-किसानी, शिक्षा की बेहतरी, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आश्रम छात्रावासों के सुदृढ़ीकरण पर यह राशि वर्ष 2020-21 में खर्च होगी।

इस अवसर पर श्री कंवर ने कहा कि आदिवासी और दूरस्थ वनांचलों के विकास के लिए एकीकृत परियोजनाएं विशेष रूप से सफल होती है। खेती-किसानी के साथ दूरस्थ अंचलों में बच्चों को पढऩे के लिए सुविधाएं विकसित करने में इन परियोजनाओं से आसानी होती है। उन्होंने इस वर्ष स्वीकृत राशि का शत-प्रतिशत उपयोग आदिवासी अंचल के क्षेत्रों में ही करने के निर्देश बैठक में अधिकारियों को दिए।

श्री कंवर ने कहा कि विशेष आदिवासी विकास परियोजनाओं से अधिक से अधिक हितग्राहियो को जोड़ा जाए और उनकी जरूरतों के हिसाब से ही कार्य स्वीकृत किए जाएं।

इस बैठक में रामपुर विधायक ननकी राम कंवर, जिला पंचायत अध्यक्ष शिवकला कंवर, कोरबा विधायक प्रतिनिधि के तौर पर श्री संतोष राठौर, जिला पंचायत सदस्य प्रीति कंवर, जनपद पंचायत कटघोरा की अध्यक्ष लता कंवर,  हिमांचल सिंह कंवर, गणराज सिंह कंवर, हर्ष कंवर, संतोषी पेंद्रो, पुष्पा कंवर सहित सभी जनपदों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक में वर्ष 2020-21 के लिए विशेष केन्द्रीय सहायता आदिवासी उपयोजना के तहत 18 विकास कार्यों के लिए छह करोड़ सात लाख रूपए की कार्ययोजना के अनुमोदन किया गया। स्वीकृत की गई कार्ययोजना में आदिवासी क्षेत्रो में रेशम उत्पादन के लिए सौर उर्जा पर आधारित सिंचाई, नर्सरी निर्माण, वृक्षारोपण और अंतवर्ती खेती करने सात लाख 93 हजार रूपए की योजना को मंजूर किया गया। 405 किसानों की खेतों की मिट्टी की जांच के लिए 20 लाख रूपए और आदिवासी क्षेत्रों में 172 किसानों की खेतीहर भूमि की गहरी जुताई के लिए साढ़े छह लाख रूपए मंजूर किए गए। 30 बालिका छात्रावासों एवं आश्रमों में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने साढ़े सात लाख रूपए, शुद्ध पेयजल व्यवस्था के लिए सात लाख 24 हजार रूपए, बालिकाओं के स्वास्थ्य चेकअप के लिए नौ प्रशिक्षित एएनएम की सेवाएं लेने 16 लाख 20 हजार रूपए, सात पोस्ट एवं प्री मैट्रिक छात्रावासों में कम्प्युटर लैब के लिए 28 लाख रूपए, चार हॉस्टल आश्रमों में वॉटर रिसाइकलिंग प्लांट के लिए 24 लाख रूपए और 11 बालिका आश्रमों में सौर उर्जा आधारित बिजली संयंत्र स्थापना के लिए 55 लाख रूपए मंजूर किए गए।

इसी प्रकार 43 सिंचाई नलकूपों के लिए 43 लाख रूपए, 129 सिंचाई पाइप सिस्टम के लिए 12 लाख 90 हजार रूपए, आश्रम छात्रावासों में ढाई हजार से अधिक मच्छर दानियों के वितरण के लिए सात लाख 76 हजार रूपए, आठ आश्रम छात्रावासों में अधीक्षक निवास निर्माण के लिए  64 लाख रूपए, चार आश्रम छात्रावासों में शौचालय निर्माण के लिए 22 लाख रूपए, ट्रांजिट हॉस्टल निर्माण के लिए एक करोड़ 14 लाख रूपए और चार आश्रम छात्रावासों की वार्वेट वायर फेंसिंग के लिए एक लाख 60 हजार रूपए की मंजूरी बैठक में दी गई। क्रेडा के माध्यम से 172 सोलर पैनलों की स्थापना के लिए एक करोड़ 29 लाख रूपए और चार आश्रमों में सोलर पावर प्लांट स्थापना के लिए 40 लाख रूपए भी बैठक में मंजूर किए गए।