छत्तीसगढ़ » महासमुन्द

21-Oct-2020 5:01 PM 20

महासमुन्द, 21 अक्टूबर। ग्राम कांपा के आंगनबाड़ी केंद्र में मंगलवार को बच्चों व गर्भवती महिलाओं को नियमित टीकाकरण लगाया गया। कार्यकर्ता व साहिकाओं ने बच्चों का वजन कर गर्भवती महिलाओं व बच्चों के टीकाकरण के साथ उन्हें पोषण एवं स्वास्थ्य के बारे में बताया। इस दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संरक्षण, गर्भवती, प्रसूता महिलाओं व बच्चों को टीकाकरण किया गया। केंद्र में स्वास्थ्यकर्मी रेनू कुमारी सिंह, विनोद सिंह ने 0 से 5 साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं का बीटीजी, पेंड्रा, वायलेट, खसरा, डीपीडी 10 साल में टीआई के टीकाकरण किया। उन्होंने माताओं को टीका का महत्व भी बताया और नवजात शिशु की नियमित देखभाल के बारे में बताया।  
 


21-Oct-2020 4:57 PM 30

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
पिथौरा, 21 अक्टूबर।
नगर में दशहरा उत्सव सरकारी नियमों के तहत सावधानी से मनाने के लिए दशहरा उत्सव समिति का गठन किया गया है। समिति में नगर पंचायत अध्यक्ष आत्माराम यादव को सर्वसम्मति से अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में सभी वर्ग दल एवं समाज के लोगों को शामिल किया गया है। 

ग्रामसभा शीतला समिति की बैठक में मंगलवार को ग्राम सभा शितला समाज द्वारा पूर्व  परंपरा अनुसार नगर पंचायत अध्यक्ष को दशहरा उत्सव की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद दशहरा समिति के अध्यक्ष आत्माराम यादव ने  समिति का  विस्तार करते हुए संरक्षक पद पर देवेंद्र बहादुर सिंह विधायक बसना,द्वारिकाधिश  यादव विधायक खाल्लारी,भाजपा के वरिष्ठ नेता शंकर अग्रवाल , जिवराखन निषाद,प्रेमलाल सिन्हा,कुलवंत सिंह खनूजा,प्रेमशंकर पटेल,मुकेश यादव,उमेश दीक्षित,हरलाल निर्मलकर, हरजिंदर सिंह पप्पू,राजिंदर सिंह खनूजा,अनूप दीक्षित, शिवशंकर पटनायक, आशीष अग्रवाल को नियुक्त किया उपाध्यक्ष-पद पर नगर पंचायत उपाध्यक्ष दिलप्रीत खनूजा,तरुण पांडे, काशीराम शर्मा, राजू सिन्हा एवम लोकनाथ डरसेना को नियुक्त किया। सचिव की जिम्मेदारी स्वप्निल तिवारी को दी गयी। सहसचिव खिरू पटेल,विकास शर्मा, टेकु साहू,लोकेश ध्रुव, कनक तिवारी,कोषाध्यक्ष आकाश महांती सहित कार्यकारिणी सदस्य जितेंद सिन्हा संतोष डडसेना,  आशीष शर्मा,सागर निषाद, प्रेमराजन रौतिया, सोहन निर्मलकर,चंद्रपाल तारक, निर्मल कुमार मंडल, मन्नूलाल ठाकुर ,अरविंदर छाबड़ा, अंटू खनूजा,रामू तिवारी, दिनेश नामदेव, जतिन ठक्कर माखन सिन्हा, लतेल ठाकुर, रविंदर आजमानी,आलोक त्रिपाठी,राकेश दीक्षित, ज्योतिष अग्रवाल, डोला डनसेना,केशव निषाद,दिलीप धरडे,लक्ष्मण उजाला, बंटी छत्तीसगढयि़ा अंकित शर्मा , शैलेंद्र डरसेना ,राजेंद्र श्रीवास, प्रफुल्ल राजपूत ,नवनीत निषाद राजा अग्रवाल, इंदेश्वर सिंहा, कौशल राजपूत गोलु  निषाद, रामू तिवारी, जितेंद्र सोनी,मनोज प्रधान काशीराम प्रजापति, पवन अग्रवाल को बनाया गया।
 


21-Oct-2020 4:54 PM 21

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुन्द, 21 अक्टूबर।
मंगलवार को जिले में 54 कोरोना रोगियों के ठीक होते ही जिले में महामारी को हराने वालों की संख्या 3071 पहुंच गई है। यह कुल संक्रमितों का 75.97 है। पिछले 19 दिन में 1352 पॉजिटिव आए हैं। वहीं रिकवर 1155 हुए हैं। इसके साथ ही जिले में अबतक 62 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। यह कुल मरीजों का 1.53 फीसदी है। हालांकि जिले में मरीजों के ठीक होने की दर प्रदेश से काफी कम है। प्रदेश में रिकवरी रेट इस समय 83.09 फीसद है। जबकि महासमुन्द जिले का रिकवरी रेट सिर्फ  75.97 प्रतिशत है। यह प्रदेश के रिकवरी रेट से 7.12 फीसदी कम है। यही नहीं प्रदेश में कोरोना से मृत्यु दर सिर्फ 0.94 फीसदी है। जबकि महासमुन्द जिले में मरने वालों का प्रतिशत 1.53 फीसदी है। यह राज्य के मृत्यु दर से 0.6 प्रतिशत ज्यादा है। 

गौरतलब है कि अपने आस-पास के चार जिलों में भी रिकवरी रेट सबसे खराब महासमुन्द जिले का है। महासमुन्द जिले का रिकवरी रेट 75.97 फीसदी है। वहीं धमतरी का रिकवरी रेट 84.83 फीसदी, बलौदा बाजार का 90.9 प्रतिशत. रायपुर का 78.56 प्रतिशत और गरियाबंद का 94.58 फीसदी है। कल ही मंगलवार को महासमुन्द जिले में 40 नए कोरोना मरीज मिले हैं। कल महासमुन्द विकासखंड में सबसे अधिक 14 कोरोना पॉजिटिव मिले। वहीं पिथौरा से 10, बागबाहरा से 7, बसना से 6 और सरायपाली से 3 कोरोना मरीज मिले। जिले में अबतक 4042 कोरोना मरीज आ चुके हैं। वहीं 3071 लोग पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। मंगलवार को 54 लोग स्वस्थ होकर घर लौट गए। इसी के साथ जिले में अब एक्टिव मरीजों की संख्या 869 है। 

इस मामले में सीएमएचओ डॉ. राकेश परदल का कहना है कि होम आइसोलेशन की कुछ जानकारी अपडेट नहीं हो पाती, इसलिए यह अपडेट नहीं हो पाता। इसके चलते यह कम दिख रहा होगा। हमारे जिले के लोगों में अभी भी जागरूकता की कमी है। हमारे पास जो कोरोना मरीज आ रहे हैं, वो काफी देर से आ रहे हैं। बहुत तबीयत बिगडऩे के बाद लोग संपर्क करते हैं, जो जानलेवा साबित हो रहा है। प्रदेश में हमारे कोविड अस्पताल को नंबर.2 का स्थान मिला है। गरियाबंद से रिकवरी रेट में कम की बात है तो यह अंतर होम आइसोलेशन के कारण ही है। हम इस पर काम कर रहे हैं। होम आइसोलेशन में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या हम तक लेट से पहुंच रही है।
 


20-Oct-2020 7:00 PM 23

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुन्द, 20 अक्टूबर।
फर्जी स्पेशल परमिट बनाकर बस चलाने वाले बस चालक व मालिक के खिलाफ  सिंघोड़ा पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। 

परिवहन चेक पोस्ट खम्हारपाली प्रभारी राजेश बर्मन ने बताया कि 6 अक्टूबर दोपहर ढ़ाई बजे चेक पोस्ट में बस क्रमांक जीजे 36 टी 3620 आई मोरबी गुजरात से संबलपुर ओडिशा जा रही थी। बस में कोई भी सवार नहीं था। जिसे रोककर चालक से बस के दस्तोवज मांगकर उसे चेक किया गया। बस के स्पेशल परमिट को देखकर ड्यूटी में तैनात अधिकारी को संदेह हुआ। इसके बाद परमिट में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन किया गया। लेकिन बस का डाटा नहीं मिला। इसके बाद बस को हिरासत में लेकर परिवहन कार्यालय रायपुर से जानकारी मांगी गई। डाटा नहीं मिलने के बाद परिवहन कार्यालय ने जिला मोरबी गुजरात के परिवहन कार्यालय से स्पेशल परमिट जांच की गई तो पता चला कि बस के मालिक स्वामी पटेल एवं चालक भरत फर्जी स्पेशल परमिट बनाकर बस को चला रहे हैं। खुलासा होने के बाद दोनों के खिलाफ  एफ आई आर दर्ज कराने थाना प्रभारी सिंघोड़ा को आवेदन दिया गया। जिसके बाद दोनों के खिलाफ एफ आईआर दर्ज की गई है।

सिंघोड़ा पुलिस का कहना है कि यह बस जिला मोरबी गुजरात से फर्जी स्पेशल परमिट लेकर संबलपुर ओडिशा के लिए रवाना हुई थी। छग के अंतिम छोर सरायपाली तक पहुंचने के लिए उन्होंने तीन स्टेट गुजरात, मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र की सीमा पार की थी। छग प्रवेश के लिए बने राजनांदगांव जिले के चेक पोस्ट को भी पार कर लिया। इसके बावजूद आरोपी नहीं पकड़ा गया। 

सरायपाली के खम्हारपाली बैरियर में तैनात अधिकारियों को जैसे ही स्पेशल परमिट में संदेह लगाए तत्काल इसकी पुष्टि की, तो मामले का खुलासा हुआ। इसके लिए उसने 1498 किमी की दूरी तय की है। बताया जा रहा है कि आरोपी असली परमिट की तरह ही फर्जी स्पेशल परमिट बनाया था, ताकि जांच के दौरान शक न हो। 
गौरतलब है कि बैरियर खुलने के बाद से फर्जी परमिट के चार मामले सामने आए हैं। जिसमें चालक व मालिक के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 


20-Oct-2020 6:59 PM 77

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुन्द, 20 अक्टूबर।
कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम परसट्टी में रेत के नीचे युवती का शव मिलने के बाद हडक़ंप है। अभी तक उक्त शव की शिनाख्ति नहीं हुई है। शव चार से पांच दिन पुराना बताया जा रहा है। पुलिस ने शव की तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल कर शिनाख्ति की कोशिश भी की है। आसपास के थानों में कायम गुम इंसान के मामले भी खंगाले जा रहे हैं। कल तक बहकर आई शव मानने वाली पुलिस अब प्रथम दृष्टया इसे हत्या मान रही है और  इसी एंगल में जांच शुरू कर दी है। हालांकि पुलिस पीएम रिपोर्ट का भी इंतजार कर ही है। क्योंकि शव का पीएम नहीं हो पाया है। चार दिन पुराना होने के कारण इसे पीएम के लिए रायपुर भेज दिया गया है। 

मामले की विवेचना कर रहे एएसआई टीकाराम सारथी ने बताया कि ग्राम परसट्टी के ग्रामीणों ने परसों रविवार शाम 7 बजे फोन पर सूचना दी कि रेत  के नीचे एक युवती की लाश दबी हुई है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि युवती का हाथ रेत से बाहर निकला हुआ था। ग्रामीणों की मदद से शव  को रेत से बाहर निकाला गया। युवती की उम्र करीब 18 से 20 वर्ष की है। आसपास के ग्रामीणों से उसकी शिनाख्त कराने की कोशिश की लेकिन कुछ भी पता  नहीं चला। इसके बाद शव को पीएम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया। मामले में मर्ग कायम कर आगे की विवेचना की जा रही है। ग्रामीणों का इस  मामले में कहना है कि शाम को गांव के कुछ लोग नाले की ओर गए हुए थे। इसी दौरान कुछ युवकों को रेत से बाहर एक हाथ नजर आया और पास ही कुत्तों  की भीड़ थी, जो शव को नोंच रहे थे। युवक वहां पहुंचे और कुत्तों को भगाया। इसके बाद जो नजारा सामने था, उसे देख ग्रामीण सहम गए। ग्रामीणों ने पुलिस को  बयान दिया है कि रेत के बाहर एक हाथ निकला था। 

पुलिस के अनुसार मृतका के दाहिने हाथ में गोदना से फूल बना हुआ है। जबकि बाएं हाथ को कुत्तों ने नोच डाला है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. घनश्याम साहू ने बताया कि युवती का शव पीएम के लिए लाया गया था। लेकिन शव काफी डैमेज हो चुका है। इसलिए पीएम किया जाना संभव नहीं था। शव को परीक्षण के लिए रायपुर भेज दिया गया है। शव के कई स्थान पर चोट के निशान मिले हैं। इसे देखते हुए लग रहा है कि हत्या के बाद शव को रेत में दबा दिया गया होगा। पुलिस इस एंगल पर ही जांच को आगे लेकर जा रही है। क्योंकि जिस नाले में शव मिला, वह केवल बरसाती नाला है। पिछले कई दिनों से नाले में इतना  पानी नहीं आया है कि शव बहकर आए। पुलिस की मानें तो आसपास के जिलों में भी शव की फोटो भिजवा दी गई है। ताकि मृतका की पहचान हो सके। 

गौरतलब है कि पिछले 5 सालों में दो मामले ऐसे हैं जिसमें पहचान नहीं हुई है। थाना महासमुन्द व तुमगांव में दो मामले ऐसे हैं जिसमें शवों की  शिनाख्ति पुलिस ने अभी तक नहीं की है। पहला मामला कोतवाली थाने का है।

पुलिस को 21 अगस्त 2018 को अज्ञात शव मिला था। जिसकी पहचान  अब तक नहीं हो पाई है। इसी तरह तुमगांव थान क्षेत्र में 3 जनवरी 2020 को बांसकुड़ा के जंगल में एक अज्ञात युवक का शव मिला था। इसकी भी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। 
 


20-Oct-2020 6:57 PM 23

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुन्द, 20 अक्टूबर।
छग सहायक शिक्षक फेडरेशन जिला कार्यकारिणी की बैठक जिला अध्यक्ष ईश्वर चन्द्राकर की अध्यक्षता में रविवार को हुई। बैठक में सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति पदोन्नति क्रमोन्नति अन्य विषयों पर बिंदुवार चर्चा कर महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। इस दौरान सहायक शिक्षकों की मूल मांग वेतन विसंगति क्रमोन्नति के लिए प्रदेश टीम द्वारा मजबूत रणनीति बनाकर अभियान चलाने का निर्णय शिक्षकों ने लिया  साथ ही 2 साल की सेवा अवधि पूरी करने वाले साथियों के संविलियन के साथ ही 8 साल में संविलियन प्राप्त करने वाले शिक्षकों को वेटेज का लाभ देने के सम्बंध में भी प्रदेश स्तर उच्च अधिकारियों से डेलिगेशन करने पर सहमति बनी।

बैठक में जिला अध्यक्ष ईश्वर चन्द्राकर ने कहा कि राज्य सरकार 2 साल में शिक्षकों का संविलियन कर रही है। हम उसका स्वागत करते हैं लेकिन 23 साल से एक ही पद पर काम कर रहे हैं। सहायक शिक्षकों की पीड़ा को अब तक सरकार नहीं समझ सकी है। चन्द्राकर ने कहा कि देश के अन्य राज्यों में भी शिक्षकों का संविलियन किया गया है। मध्यप्रदेश, राजस्थान और ओडिशा जैसे राज्यों ने शिक्षकों की पूर्व सेवा की गणना कर उनको सेवा अवधि का लाभ दे रही है। वहीं छग सरकार ने संविलियन के दौरान सिर्फ  सहायक शिक्षकों के साथ छल किया है। शिक्षा विभाग में जम्पिंग की सेवा अवधि को जोड़ कर संविलियन में लाभ दिया गया परन्तु पदोन्नति के पात्र सहायक शिक्षक जिनके पास प्राप्त योग्यता है, उनको सही समय पर न तो पदोन्नति मिली न क्रमोन्नति मिल पाई। इसके चलते सहायक शिक्षकों के वेतन में बड़़ी विसंगति है। इसका निराकरण होना चाहिए।

बैठक में अपने विचार रखते हुए प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सिराज बक्श ने कहा कि प्रांतीय टीम लगातार सहायक शिक्षकों की मांग को उचित मंच पर उठाते रहा है लेकिन आज तक सरकार ने सहायक शिक्षकों की पीड़ा को समझने का प्रयास हीं नहीं किया है। बैठक में जिला उपाध्यक्ष द्वय लोकेश्वर मोंगरे, सुशील प्रधान ब्लॉक सचिव द्वय राजेश भालेराव महासमुन्द, फारुख मोहम्मद बागबाहरा दिनेश प्रधान पिथौरा जीवन रत्नाकर सरायपाली, ब्लॉक कोषाध्यक्ष द्वय आत्माराम साहू महासमुन्द, अजय अग्रवाल सरायपाली, पुरुषोत्तम चन्द्राकर, राजेश डडसेना, देव सिदार, सौरभ गुप्ता श्याम पटेल सहित अन्य पदाधिकारी एवं शिक्षक मौजूद थे। 

इस दौरान प्रदेश विधिक सलाहकार बीपी मेश्राम ने कहा कि सरकार जब 2 साल की सेवा का सम्मान संविलियन कर सकती है तो 23 साल से एक पद पर कार्य करने वाले सहायक शिक्षकों को उनकी सेवा का सम्मान क्यों नहीं देना चाहती। ये बहुत ही चिन्तनीय है। मेश्राम ने कहा कि पूर्व की सरकार ने भी सहायक शिक्षकों की समस्याओं की अनदेखी की और आज वर्तमान सरकार भी सहायक शिक्षकों की समस्याओं के प्रति संजीदा नहीं दिखाई देती। 

महिला कार्यकारिणी जिला अध्यक्ष कावेरी वैष्णव ने सहायक शिक्षकों को अपने मांग और अधिकार के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद करने की अपील की।  
 


20-Oct-2020 6:55 PM 20

महासमुन्द, 20 अक्टूबर।  बसना तहसील में राजस्व अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर फर्जी कार्यालय सील के ज़रिए गलत तरीक़े से किसान किताब जारी करने, नामांतरण, विरासत हकनामा जैसे कई राजस्व मामले में फर्जी कागजात बनाने के आरोप में पटवारी को अनुविभागीय एवं दंडाधिकारी सरायपाली कुणाल दूदावत ने निलंबित कर दिया है। इस मामले से जुड़े तमाम लोगों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है।   तहसील कार्यालय बसना में पदस्थ पटवारी उग्रसेन चौहान को जारी निलम्बन आदेश में कहा गया कि श्री उग्रसेन ने बसना में पदस्थ तहसीलदार, प्रमाणीकरण अधिकारी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से हस्ताक्षर कराकर फर्जी तरीके से ऋण पुस्तिका तैयार कराकर कृषकों को दी थी। इस सम्बंध में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था जिसका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। अत: एसडीम दायित्व निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले पटवारी हल्का नम्बर 20 भवरपुर तहसील बसना बसना पटवारी उग्रसेन चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में निलंबित पटवारियों का मुख्यालय तहसील कार्यालय बसना निर्धारित किया गया है। 

निलंबनकाल में पटवारी श्री उग्रसेन को जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के तहत कदाचरण होने के कारण वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील नियम 1966 के नियम 9 के तहत उक्त निलंबित करने की कार्यवाही की गई है।

 


20-Oct-2020 6:54 PM 17

महासमुन्द, 20 अक्टूबर। दो जगहों से शराब समेत दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। जिला आबकारी अधिकारी दिनकर वासनिक ने बताया कि आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने ओडिशा की अवैध मदिरा परिवहन करते गांजर मुड़ागांव रोड पर ग्राम मुड़ागांव निवासी दिनेश यादव को गिरफ्तार कर उससे 135 नग जेब्रा छाप शराब बरामद किया है। इसी तरह एक अन्य मामले में महासमुन्द थाना क्षेत्र के ग्राम बनसिवनी नवडिह निवासी नकुल ध्रुव को 9 लीटर हाथभट्टी महुआ शराब के साथ गिरफ्तार किया है। 

 


20-Oct-2020 6:53 PM 55

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुन्द, 20 अक्टूबर।
महासमुन्द जिले में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जिले में अब तक 4002 कोरोना संक्रमित की पहचान हो चुकी है। राहत की बात ये है कि इनमें से 3017 लोग पूरी तरह से ठीक होकर घर लौट चुके हैं। इस पर भी गंभीर समस्या यह है कि जिले में मौत के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं। रविवार की रात स्वास्थ्य विभाग के ड्यूटीरत स्टॉफ  नर्स पुरुष की मौत हो गई। मृत्यु उपरांत उसकी कोविड.19 रिपोर्ट पॉजीटिव आई। जिले में अब तक 62 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है। 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरके परदल ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा में ड्यूटीरत स्टॉफ नर्स विक्रांत गार्डिया की रविवार की रात मौत हो गई। वे हृदय रोग से पीडि़त थे और करीब छह माह पूर्व ही उनकी एन्जियोप्लास्टी हुई थी। 

डॉ. परदल के मुताबिक रविवार की रात 10.30 बजे विक्रांत को परेशानी हुई और हिचकी आने लगी। प्राथमिक उपचार शुरू करने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत के बाद विक्रांत का कोविड.19 टेस्ट किया गया जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। सोमवार को कोविड-19 के निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत गृह ग्राम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान स्थानीय दण्डाधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी पिथौरा डॉ. तारा अग्रवाल सहित सम्बंधित कर्मचारी उपस्थित थे। 

डॉ परदल ने बताया कि वे स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रणी प्रदर्शन करने वाले कोरोना योद्धाओं में से एक थे। शासन के तहत दी जाने वाली अनुग्रह राशि उनके परिजनों को तत्काल सौंपी गई। साथ ही कोविड-19 के तहत सेवा देने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को मिलने वाले बीमा राशि के भुगतान के लिए भी राज्य शासन स्तर पर पत्राचार किया जा चुका है।

सर्वाधिक केस बसना में 
सोमवार को जिले में 60 मरीज ठीक हुए हैं। वहीं अब तक कुल 3017 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में एक्टिव केस की संख्या 923 है। सोमवार को महासमुन्द जिले में कोरोना के 77 नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार महासमुन्द ब्लॉक में 18ए बागबाहरा में 9, पिथौरा में 17, सरायपाली में 7 मामले सामने आए हैं। इसी तरह बसना में सर्वाधिक 26 प्रकरण सामने आए हैं। सोमवार को जिले में कुल 970 सैंपल लिए गए। इसमें से 505 रैपिड एंटीजेन किट से जांच की गई। इस दौरान 41 पॉजिटिव मिले। इसी तरह ट्रू नॉट से 214 सैंपल की जांच की गई जिसमें 24 पॉजिटिव प्रकरण मिले।
 


20-Oct-2020 6:33 PM 30

मंदिर परिसर में घूमते हैं भालू, अब तक नहीं किया नुकसान

रजिन्दर खनूजा

पिथौरा, 20 अक्टूबर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में बागबाहरा से कोई चार किलोमीटर दूर स्थित ग्राम घुंचापाली के समीप एक पहाड़ी पर चंडी माता का एक दिव्य मंदिर है। मान्यता है कि दिव्य शक्तियां इस पहाड़ी पर विराजमान है, लिहाजा वर्ष के दोनों नवरात्रों में साधक साधु एवं संतों का आगमन होता है। वे यहां शक्ति की साधना करते हैं। इस मंदिर के आसपास का स्थान प्राकृतिक रूप से जंगल व पहाडिय़ों से घिरा हुआ है। यहां के प्राकृतिक वातावरण और मां के आंचल तले निर्मित चंडी बांध ने इसे पर्यटन की दृष्टि से भी उभारा है।

इस मंदिर में मां चंडी की दक्षिणामुखी प्राकृतिक रूप से निर्मित्त 23 फीट ऊंची प्रतिमा है। इसका पौराणिक कहानियों में अपना एक अलग महत्व है। ऐसी प्रतिमा अपने आप में आश्चर्य है। इस तरह की प्रतिमा और कहीं देखी नहीं गयी है। तंत्र साधना की प्रमुख स्थली माना जाने वाला यह स्थल अब एक पीठ के रूप में भी ख्याति अर्जित कर चुका है। मां चंडी की महिमा और प्रभाव से जनसामान्य काफी प्रभावित हैं और इस क्षेत्र में लोग प्रत्येक कार्य मां चंडी के स्मरण से ही प्रारम्भ करते हैं।

चंडी पर्वत करीब आधा दर्जन पर्वत श्रृंखला के बीच स्थित है। इस पर्वत में अनेक गुफाएं हैं जहां वर्षों पहले वन्य प्राणियों का बसेरा हुआ करता था। इनमें से चंडी जलाशय से लगा भाग भलवा माड़ा के नाम से जाना जाता है। पहाड़ी के नीचे बघवा माड़ा वाली पहाड़ी के मार्ग पर पांच फीट गहरा और लगभग इतना ही चौड़ा एक कुआं है। ऊंचे पथरीले भाग में स्थित इस कुएं की विशेषता यह है कि बारहों महीने इसमें पानी भरा रहता है और कभी कम नहीं होता। कहते हैं वह सोतेनुमा (गढ़ा) स्थल है जो दर्शनार्थियों के साथ ही वन्य प्राणियों के लिए पेयजल प्राप्ति का साधन था। आज भी स्थिति ऐसी ही है। आज तो इसी कुएं के जल से माता के मंदिर में विभिन्न निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं।े

अब पूजा में नहीं दी जाती बलि

माता मन्दिरों में अक्सर पारम्परिक रूप से माता को प्रसन्न करने के लिए बलि दी जाती है। कुछ ऐसी ही प्रथा यहां भी थी। यहां पशु-बलि अनिवार्य हुआ करती थी। पहले वर्ष में दोनो नवरात्रि की पूर्णिमा में यहां धूमधाम से पूजा की जाती थी। इस दौरान बैगा द्वारा देवी को प्रसन्न करने के लिए बकरे की बलि दी जाती थी और मांस को पका कर प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता था, परन्तु बदलते समय के अनुसार अब ये प्रथा बन्द हो गयी है।

मंदिर परिसर में घूमते वन्यप्राणी

चंडी मंदिर परिार में शाम की आरती के समय पहाड़ों की गुफाओं में रहने वाले वन्य प्राणी भालू अक्सर दिखाई देते हैं। दर्शनार्थियों का मानना है कि भालू माता जी की आरती के समय ही आते हंै। लगभग आधा दर्जन भालुओं ने यहां कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया इसलिए ऐसा माना जाता है कि ये भालू माता जी के भक्त हंै। वहीं प्रशासन एवं वन विभाग दर्शनार्थियों के इस तर्क को नहीं मानते। प्रशासन एवं वन्य प्राणी विशेषज्ञों का मानना है कि इन दिनों जंगलों में भालू के खाने की वनोपज इंसान ले जा रहा है। इसलिए भालू के शरीर में नमक की कमी हो रही है। इसी नमक की पूर्ति एवं पानी के लिए ही भालू मन्दिरों तक पहुंच रहे हैं। मन्दिरों में जिस तरह लोग उन्हें खिला पिला रहे हैं, उससे इंसान के प्रति डर भी कम हुआ है लिहाजा वह इंसानों से निर्भीक हो कर घूम रहे हंै। इसके बावजूद भालू कभी भी अपनी आदत के अनुसार हिंसक हो सकते है। इससे बच कर दूर रहना आवश्यक है।

मनोकामना पूर्ण होती है-ग्रामीण

ग्रामीण बताते हैं कि माता के दरबार में उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हंै। मां की कृपा से अनेक नि:संतान महिलाओं को संतान-सुख, रोगियों को आरोग्य-सुख प्राप्त होने की कई चर्चाएं क्षेत्र में सुनी जाती हैं। कालांतर में, साधकों के साथ ही भक्तों का माता के दरबार में जब आना-जाना बढ़ा, तब से यहां वैदिक और शास्त्रीय रीति से पूजन होने लगा। 1950-51 में नवरात्रि पर्व पर पहली बार यहां दुर्गा सप्तशती का पाठ और शत चंडी महायज्ञ कर पूजा प्रारंभ कराए जाने की बात जानकार बताते हैं। उसी समय से शुरू हुआ मड़ई मेला अब तक जारी है।

नागिन की तरह पहाड़ी

चंडी पहाड़ी से कोई एक किलोमीटर दूर ही ग्राम जुनवानी में नागिन डोंगरी है। यहां लगभग 60 फीट लंबा एक ऐसा स्थान है जिसे देखने से ऐसा लगता है मानों वहां कोई सर्प पड़ा हो और जिसे किसी ने धारदार हथियार से टुकड़े-टुकड़े कर दिया हो। जुनवानी के ग्रामीण श्रावण के महीने में इसकी 'ग्राम रसिका’ के रूप में पूजा करते हैं। यहां पड़े अनेक निशान ऐसा आभास देते हैं कि कोई सर्प अभी-अभी ही वहां से गुजरा है। यहां कुछ ऐसे बिंदु हैं जहां पत्थरे के टुकड़े मारने से वहां मधुर ध्वनि निकलती है। ऐसा प्रतीत होता है, मानो इस डोंगरी के गर्भ में कुछ छिपा है।

शानदार नजारा

चंडी मंदिर चढ़ते समय दायीं ओर पहाड़ी के ढलान धरातल पर करीब 17 फीट लंबा अंडाकार विशालकाय पत्थर दर्शनार्थियों के आकर्षण का एक केंद्र होता है। वर्षों से उसी स्थान पर उसी स्थिति में अवस्थित यह पत्थर प्रकृति और मां चंडी के चमत्कार के रूप में श्रद्धा का केंद्र बन गया है। इसी डोंगरी में एक स्थान ऐसा भी है जहां छोटा-कंकड़ मारने पर आवाज गूंजती है। दर्शनार्थी इस बिंदु पर कंकड़ मारकर यह आवाज सुनते है। इसके अलावा मां चंडी के मंदिर के एकदम बाजू में गस्ति वृक्ष के नीचे दो विशालकाय नगाड़ा रूपी दो पत्थर अगल-बगल रखे हुए हैं। इसी के पास है एक तुलसी पौधा, जहां नवरात्रि पर्व पर नाग देवता के दर्शन होने की बात श्रद्धालु भक्त बताते हैं। यहां की बघवा माड़ा पहाड़ी पर स्थित अनेक गुफाएं दर्शकों के मनोरंजन का केंद्र हैं। मंदिर जाते समय राम भक्त हनुमानजी का एक मंदिर है जो पहले गुफा में विराजमान थे। इसके ठीक सामने भैरव बाबा की मुक्ताकाशी प्रतिमा एक वृक्ष के नीचे स्थित थी। अब मंदिर बनाकर इन दोनों देव प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा कर दी गई है। मां के मंदिर के ठीक पीछे एक गुफा में मां काली विराज रही हैं।

बहरहाल चंडी मंदिर एवं उसके आसपास की खूबसूरत पर्वत श्रृंखला धार्मिकता के साथ प्रदेश का एक बेहतरीन पर्यटन केंद्र भी विकसित हो रहा है।

 


20-Oct-2020 5:38 PM 19

महासमुन्द, 20 अक्टूबर। वार्ड 29 पंडित जवाहरलाल नेहरु के पार्षद निखिलकान्त साहू ने आदर्शनगर में चल रहे नाली निर्माण कार्य और वार्ड में चल रहे विभिन्न विकास कार्य रंगमंच, मुक्तिधाम का निरीक्षण किया। 


20-Oct-2020 5:37 PM 25

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुन्द, 20 अक्टूबर।
महासमुन्द स्थित महाविद्यालय दिसम्बर महीने से खुल सकते हैं, इसके लिए छात्र-छात्राओं ने हामी भर दी है। छात्र-छात्राओं ने अपनी मंशा जाहिर कर रविवि को लिखित में दे दी है। फिलहाल नवंबर ये कॉलेज नहीं आना चाहते हैं। 

ज्ञात हो कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा महाविद्यालय खोलने को लेकर सुझाव मांगे गए थे। महासमुन्द कॉलज से भी छात्रों से फ ार्म भरवाकर उनका फ ीड बैक विश्वविद्यालयों को भेजे गए थे। इसके आधार पर ही महाविद्यालय की तिथि निर्धारित की गई है। माता कर्मा महाविद्यालय के प्राचार्य रमेश देवांगन ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग ने विश्व विद्यालय को खोलने के सम्बंध मेें सुझाव मांगते हुए छात्रों को मत संग्रह करने का आदेश जारी किया था। आदेश में छात्रों का मत संग्रह लेने के लिए कहा गया था। यह आदेश अक्टूबर महीने के प्रथम सप्ताह में जारी हुआ था। बीते 12 अक्टूबर तक रविवि ने मत संग्रह छात्रों का मांगा था। रविवि से सम्बद्घ लगभग सभी महाविद्यालयों ने अपने छात्रोंं के सुझाव मांगकर रविवि को भेजा दिया है। अब भेजे आंकलन का एक्जाई किया जा रहा है। अभी तक पता नहीं चला है कि कॉलेज कब से खुलेंगे, लेकिन सभी छात्रों ने अपना फीड बैक भेज दिया है। रविवि के अधिकारी भी महाविद्यालय से फीड बैक लेकर उच्च शिक्षा विभाग को भेज दिये हैं। श्री देवांगन के मुाताबिक ज्यादातर छात्र छात्राओं ने दिसम्बर माह को चुना है। इसलिए सम्भवत: महाविद्यालय दिसम्बर महीने में खुल सकते हैं। 

गौरतलब है कि स्नातक के प्रथम वर्ष का प्रवेश का काम समाप्त हो गया है। रविवि ने प्रवेश के लिए छात्रों को सात मौका दिया था। इसके बावजूद कुछ महाविद्यालयों में सीटें अभी भी खाली हैं। इस वर्ष सीटें भर नहीं पाई है। बताया जा रहा है कि कोरोना की वजह से बाहर के छात्र यहां नहीं आ पाए इसके कारण सींटे खाली रह गई। कोरोना के कारण मार्च में होने वाली परीक्षा स्थगित हो गई थी। एक मार्च से 23 मार्च तक कुछ विषय की परीक्षा हुई थी। बढ़ते संक्रमण के कारण रविवि परीक्षा संपन्न नहीं करा पा रहे थे। इसके बाद असाइनमेंट के द्वारा परीक्षा 5अक्टूबर तक समाप्त हुआ। अब छात्रों को रिजल्ट आने का इंतजार है। इसके बाद वे अगली कक्षा में प्रवेश ले सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा महाविद्यालय खोलने के लिए छात्रों को चार तिथियां दी गई थी। इन चार तिथियों में से जो भी तारीख उन्हें कॉलेज खुलने के लिए सही लगे, उसका चयन उन्हें करना था। इसके अलावा निवास स्थान से कॉलेज की दूरी, संकाय व पालक की अनुमति सहित विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी। छात्रों को एक तथा 10 नवम्बर व 1 तथा 15 दिसम्बर का विकल्प दिया गया था। विश्वविद्यालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 70 प्रतिशत छात्रों ने 15 दिसम्बर का चयन किया है। 

ज्ञात हो कि फीड बैक भरने वाले छात्रों के पालकों में सभी ने अधिकतर ने दिसम्बर से ही अपने बच्चों को कॉलेज भेजने पर सहमति जताई है। 


20-Oct-2020 5:36 PM 20

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुन्द, 20 अक्टूबर।
संसदीय सचिव विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने नवीन महाविद्यालय चिरको के भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत करने की मांग की है। 

इस सम्बंध में उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ध्यानाकर्षित कराया है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री बघेल से मुलाकात कर भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है। संसदीय सचिव श्री चंद्राकर ने बताया है कि क्षेत्र में विगत वर्षों से चिरको में शासकीय नवीन महाविद्यालय संचालित हैं। महाविद्यालय का खुद का भवन नहीं होने से अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है। महाविद्यालय के लिए भवन निर्माण किया जाना छात्र हित में होगा।

 श्री चंद्राकर ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को क्षेत्र में पुल व सडक़ निर्माण कार्य के लिए मांग पत्र भी सौंपा है। मांग पत्र में संसदीय सचिव श्री चंद्राकर ने बताया कि डूमरपाली से रामपुर मार्ग में पुल निर्माण तथा भटगांव से खुसरूपाली तक एक किमी सडक़ निर्माण व फरफौद से झारा पहुंच मार्ग सात किमी सडक़ निर्माण की जरूरत है। इसके लिए ग्रामीण लगातार मांग भी कर रहे हैं। उन्होंने सडक़ व पुल निर्माण की स्वीकृति की मांग की है। उन्होंने पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू से कोडार में रिसोर्ट निर्माण की मांग की है। संसदीय सचिव श्री चंद्राकर ने बताया कि शहीद वीर नारायण सिंह जलाशय में पर्यटन विभाग द्वारा पयर्टकों की सुविधाओं के लिए कार्य कराया जाना प्रस्तावित है। करीब बीस किमी दूर सिरपुर पुरातत्व व बौद्धिक नगरी स्थित है। यहां वर्षभर सैलानियों का आना.जाना  लगा रहता है। 

कोडार बांध भी दर्शनीय व रमणीय स्थल है। यहां रिसोर्ट बनाया जाना पर्यटकों के लिए सुविधाजनक होगा। 
 


20-Oct-2020 5:34 PM 40

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुन्द, 20 अक्टूबर।
दीपावली के दौरान रेल यात्रियों को सुविधा एवं मांग को ध्यान में रखते हुए पूर्वी तट रेलवे ने वाल्टेयर लाइन में पांच ट्रेनों को चलाने की मांग की गई थी, जिसमें सहमति मिल गई है। अब इस रूट पर आठ ट्रेने दौडेंगी। इस रूट पर कोविड 19 के कारण ट्रेनों का परिचालन बंद था। इसके बाद सितम्बर महीने में स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की शुरुआत हुई तो इस वाल्टेयर लाइन को तीन ट्रेनें मिली थी। जिसमें भुनेश्वर दुर्ग एक्सप्रेस, पुरी अहमदाबाद एवं विशाखापटनम कोरबा लिंक एक्सप्रेस शामिल हैं। इन ट्रेनों का परिचालन अभी भी जारी है। अभी हाल ही में त्यौहारी सीजन को देखते हुए ईस्ट कोस्ट रेलवे ने अन्य ट्रेनों के परिचालन की मांग की थी। जिस पर रेलवे ने परिचालन की अनुमति दे दी है। इस तरह अब विशाखापट्टनम-निजामुद्दीन-विशाखापट्टनम पूजा स्पेशल ट्रेन की आवाजाही में परिवर्तन कर इसे सप्ताह में पांच दिन चलाने की अनुमति मिल गई है। 

ज्ञात हो कि कोविड 19 के कारण ट्रेनों में यात्रा करने के लिए टिकट एक दिन पूर्व पंजीयन कराना पड़ता था। इसके बाद ही स्टेशन के अंदर प्रवेश दिया जाता था। ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने पूर्व के नियम को बदलाव करते हुए आधे घंटे पू्र्व कर दिया है। अब लोगों को टिकट पंजीयन कराने के लिए एक दिन पहले नहीं कराना पड़ेगा, आधे घंटे पू्र्व ही उन्हें टिकट मिल जाएगा। 
 


20-Oct-2020 5:34 PM 19

महासमुन्द, 20 अक्टूबर। बुंदेली चौकी प्रभारी विकास शर्मा सेामवार शाम ग्राम कोदोपाली पहुंचे और गांव के  बच्चों को किताब, कापी, पेंसिल, कटर, रबर आदि देकर सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में बताया। उन्होंने बच्चों को सिखाया कि सुबह डब सोकर उठें तो सबसे पहले अपने माता पिता के पैर छुएं। स्कूल में जब भी प्रवेश करें पढ़ाई के साथ-साथ स्कूल की मिट्टी को प्रणाम करें, यही दोनों आपके भविष्य तय करेंगे। उन्होंने गांव के लोगों की बैठक लेकर गांव में नशा उन्मूलन के लिए समिति बनाने की समझाईश दी। ग्राम समिति के युवा सदस्यों की टीम को फस्र्ट एड  बॉक्स, बैग और रस्सी कूदने के लिए रस्सी दी। 
 


20-Oct-2020 5:33 PM 21

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुन्द, 20 अक्टूबर।
समाज कल्याण विभाग के उप संचालक ने बताया कि निराश्रित एवं निर्धन व्यक्तियों की सहायता अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप  निराश्रित, निर्धन, दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास के लिए सहायता प्रदान की जा रही है। जिसके तहत दिव्यांगों को कृत्रिम अंग  उपकरण प्रदान किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि हितग्राहीमूलक योजनाओं में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले निराश्रित, निर्धन व्यक्ति एवं  दिव्यांगजनों के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन कर हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। इनमें जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनांतर्गत 27  हजार 207 हितग्राही,  सुखद सहारा योजनांतर्गत 09 हजार 217 हितग्राही, मुख्यमंत्री पेंशन योजना के तहत 12 हजार 253 हितग्राही, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजनांतर्गत 36 हजार 315 हितग्राही, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजनांतर्गत 08 हजार 906 हितग्राही एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजनांतर्गत 989 हितग्राही  इस प्रकार कुल 94 हजार 887 हितग्राही योजनावार लाभावान्वित हुए हंै। इसी प्रकार राष्ट्रीय परिवार सहायता योजनांतर्गत 60 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।  जिसमें प्रति हितग्राही 20 हजार रुपए के मान से कुल 12 लाख रुपए प्रदाय किया गया है। इसी प्रकार दिव्यांगजन छात्रवृत्ति योजना के तहत 634, दिव्यांगजन  विवाह प्रोत्साहन योजनांतर्गत 30, दिव्यांगजन सिविल सेवा प्रोत्साहन योजनांतर्गत 2, उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजनांतर्गत 22 दिव्यांग हितग्राही लाभान्वित हुए। राष्ट्रीय वयोश्री योजनांतर्गत 543 वृद्धजनों का चिन्हांकन एवं उन्हें सहायक उपकरण प्रदान किया गया है। इसके अलावा दिव्यांगजन कृत्रिम अंग उपकरण प्रदाय योजना के  तहत 215 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग प्रदान किया गया। यूडीआईडी परियोजनांतर्गत 08 हजार 728 दिव्यांगजनों को दिव्यांगजन कार्ड प्रदान किया गया और  तृतीय लिंग कल्याणार्थ योजनांतर्गत कुल 40 तृतीय लिंग व्यक्तियों को पहचान पत्र जारी किया गया है।
 


20-Oct-2020 5:31 PM 39

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
पिथौरा, 20 अक्टूबर।
नगर के मुहाने पर लहरौद ग्राम पंचायत के तहत निर्मित्त कर्मचारी कॉलोनी में रविवार को फिर से एक घर में दिनदहाड़े चोर घुसे। इस बार अकेले चोर ने अकेली महिला पर चाकू से हमला कर दो हजार रुपये लूट लिए, परन्तु एक सीसीटीवी से पुलिस ने चोर को महज कुछ ही घण्टे में दबोच कर उससे रुपये, चाकू एवं घटना में प्रयुक्त दुपहिया जब्त कर जेल भेज दिया।

ज्ञात हो कि इसके पूर्व उक्त कॉलोनी में कोई दर्जन भर छोटी बड़ी चोरियां हो चुकी है परन्तु एक ही मामले में अरोपी पकड़ा गया है। शेष के आरोपी अब तक पुलिस पकड़ से बाहर हैं।

पुलिस ने उक्त संबंध में 'छत्तीसगढ़’ को बताया कि रविवार की दोपहर कोई 2 बजे कर्मचारी कॉलोनी स्थित निर्मला पिम्पलकर जब घर में अकेली थी।उसी समय दुपहिया से एक युवक उनके घर पहुंचा और दरवाजा खुलवाया, चूंकि दोपहर का समय था, लिहाजा प्रार्थिया ने भी दरवाजा खोल दिया। अंदर जाते ही युवक ने निर्मला से रुपयों की मांग की। इस पर उनके द्वारा मना करने पर युवक ने चाकू निकाल लिया, जिससे डर कर उसके पास का पर्स उसे दे दिया। पर्स में 2000 रुपये थे जिसे युवक ने रखते हुए और रुपये कहा रखे हैं पूछने लगा। निर्मला के नहीं बताये जाने से युवक ने उस पर चाकू से हमला कर दिया जिससे निर्मला का हाथ लहूलुहान हो गया और वह जोर जोर से चिल्लाने लगी। चिल्लाने से भयभीत अरोपी तुरंत अपनी दुपहिया से भाग निकला। इसके बाद निर्मला ने घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी।

ज्ञात हो कि कर्मचारी कॉलोनी में अधिकांश कर्मचारी ही निवास करते हंै। घर के अधिकांश सदस्य किसी न किसी स्थान पर जॉब में हैं, लिहाजा दिन में कॉलोनी के अधिकांश घरो में ताला लगा होता है या घर मे महिलाएं अकेली होती है। बस इसी बात का फायदा उठा कर अक्सर इस कॉलोनी में चोरी की घटमाये होती रहती हैं। इसके पूर्व एक चोर को कॉलोनी वासियों ने खुद ही पकड़ कर पुलिस के हवाले किया था इसके अलावा कभी भी इस कॉलोनी में हुई अनेक चोरियों में पुलिस एक का भी सुराग नहीं लगा सकी है, जबकि इस कॉलोनी में निवास रत पुनीत सिन्हा के यहां चोरों ने अब तक दो बार दिनदहाड़े धावा बोला है और 10 लाख से अधिक के जेवर एवं नगदी की चोरी कर चुके हैं।

लगातार चोरियों से परेशान कॉलोनीवासियों का आक्रोश देखकर स्थानीय पुलिस ने सूचना के तत्काल बाद घटनास्थल के आसपास के सीसी टीवी फुटेज खंगाले और सन्देह के आधार ओर समीप के ग्राम कौहकूड़ा निवासी कमलेश चौहान (22)को थाना लाकर कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें कमलेश ने अपना अपराध कबूल कर निर्मला पिम्पलकर से लूट के 2000 रुपये, घटना के समय उसके द्वारा पहने गया रक्त लगे कपड़े एवं घटना में प्रयुक्त दुपहिया पुलिस को सौंप दी।

बहरहाल पुलिस ने अरोपी कमलेश को धारा 394,450 एवं 506 के तहत गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेज दिया है। पूरी जांच में स्थानीय पुलिस के एसडीओपी पुपलेश कुमार पात्रे,निरीक्षक सिद्धेश्वर सिंह एवं थाना प्रभारी अपूर्वा सिंह क्षत्रिय सहित पुलिस स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।

नशे की लत ने अपराध करने किया मजबूर
पुलिस को आरोपी कमलेश ने बताया कि उसे नशे की लत थी। बगैर नशा किये वह रह नही पा रहा था, अन्य किसी साधन से उसकी कोई कमाई का जरिया नहीं था। इसलिए कमाई का सबसे आसान जरिया चोरी या लूट का रास्ता उसने चुना।  
 


20-Oct-2020 5:04 PM 28

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुन्द, 20 अक्टूबर।
जिले के झलप स्थित मंदिर चौक के सामने आज दोपहर शांति ज्वेलर्स में दिनदहाड़े चोरों ने करीब 5 लाख के जेवरात पार कर दिए। दुकानदार की सूचना पर पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गई है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
 
दुकानदार मोती कंसारी के अनुसार दुकान में पांच-सात ग्राहक मौजूद थे। आज दोपहर करीब 1.20 बजे किसी व्यक्ति ने करीब 100 ग्राम सोने के गहने बाला, लॉकेट को चोरी कर लिए। इसकी कीमत करीब 5 लाख की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार उक्त ज्वेलरी दुकान में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। सीसीटीवी की जांच की जा रही है। 


20-Oct-2020 5:03 PM 23

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुन्द, 20 अक्टूबर।
सायबर सेल एवं थाना सरायपाली की टीम ने ग्राम संतपाली में आईपीएल में सट्टा खिलाते एक युवक को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार सायबर सेल एवं थाना सरायपाली की टीम ने ग्राम संतपाली में घेराबंदी कर तेजराम देवांगन (40) ग्राम संतपाली थाना सरायपाली महासमुन्द को चेन्नई सुपर किंग एवं राजस्थान रॉयल्स मैच में मोबाईल फोन से ग्राहकों से रुपये पैसे का दांव लगवाकर सट्टा खेलते पकड़ा है। आरोपी के मोबाईल में आईपीएल एप्लीकेशन तथा लाखों रुपये का लेन-देन भी पाया गया। आरोपी के कब्जे से 1 मोबाईल कीमती 10,000/- रुपये, 1 सट्टा-पट्टी कीमत 1,00,000/- रुपए, 1 डाट पेन, नगदी 5,500 रुपए जुमला कीमती 1,15,500/- रुपए को जब्त कर थाना सरायपाली में जुआ एक्ट की कार्रवाई की गई है।


19-Oct-2020 7:33 PM 25

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुन्द, 19 अक्टूबर।
महासमुन्द जिले में रविवार को कोरोना के कुल 54 मामले सामने आए। वहीं 105 ठीक होकर घर भी लौटे हैं। जिले में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। अक्टूबर के इन 18 दिनों में 1275 केस सामने आ चुके हैं। जबकि 30 सितम्बर तक जिले में 2650 कोरोना संक्रमित की पहचान हो चुकी थी। 

रविवार को भी महासमुन्द जिले में कोरोना के 54 मरीज मिले हैं। इसके साथ की जिले में कोरोना संक्रमित का कुल आंकड़ा 3925 पहुंच गया है। हालांकि सबसे बड़ी बात ये है कि इनमें से 2957 पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 907 है। कोरोना संक्रमण की रफ्तार और इसके फैलाव को रोकने के लिए अब जिलेभर में सैंपल बढ़ा दिया गया है। 

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार महासमुन्द जिले में अब रोजाना 1 हजार सैंपल कलेक्शन कर जांच के निर्देश दिए गए हैं। टीम इस पर काम भी कर रही है। यही कारण है कि पिछले पांच दिनों से सैंपलिंग 1 हजार से अधिक हो रही है। अक्टूबर महीने में कुल 12 हजार 970 सैंपल की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 1275 पॉजिटिव प्रकरण सामने आए हैं। जिले में 29 मई को पहला मरीज मिला। इसके बाद आंकड़ा 20 जुलाई तक बढक़र 100 हुआ। यह आंकड़ा बढ़ता गया और 29 अगस्त को 500, 7 सितम्हर को 1000,  15 सितम्बर को 1500,  20 सितम्बर को 2000,  28 सितम्बर को 2500,  6 अक्टूबर को 3000, 13 अक्टूबर को 3500 हो गया। कल 18 अक्टूबर को यह आंकड़ा 3 हजार 925 तक पहुंच गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार रविवार को जिले में कोरोना के कुल 54 मामले सामने आए लेकिन 105 ठीक होकर घर भी लौटे हैं। रविवार को सर्वाधिक मरीज सरायपाली ब्लॉक में मिले हैं। यहां 19 केस सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि कल महासमुन्द में 15, बसना में 12, पिथौरा में 5 और बागबाहरा में 3 प्रकरण सामने आए हैं। रविवार को पाजीटिव आए सभी मरीज होम आइसोलेशन पर हैं।