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18-Sep-2020 9:24 PM

जगदलपुर, 18 सितम्बर।  महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सुपोषण मिशन 'हरिक नानीबेरा खुशहाल बचपनÓ अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जमुना दरियो की सूझबूझ और प्रयास से गंभीर कुपोषित बच्ची सुशीला मात्र 6 माह के अंतराल में मध्यम कुपोषण की श्रेणी में लाया गया है।

बाल विकास परियोजना जगदलपुर ग्रामीण में सेक्टर नानगुर के आंगनबाड़ी केन्द्र चेचालगुर में पंजीबद्ध गर्भवती माता  नीलावती ने 25 मार्च को लॉकडाउन होने की वजह से घर पर ही एक बालिका को जन्म दिया, जिसका नाम सुशीला रखा गया। जन्म के समय सुशीला का वनज 1 किलो 800 ग्राम था जो डब्ल्यूएचओ के ग्रोथचार्ट अनुसार गंभीर कुपोषण की श्रेणी में थी। बच्ची को जन्म देने के पश्चात नीलावती का तबीयत खराब होने के चलते एक सप्ताह बाद ही उसकी मृत्यु हो गई। माता की मृत्यु के पश्चात् आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जमुना दरियो के द्वारा सुशीला की हालात जानने हेतु प्रति सप्ताह गृह भेंट करने लगी और वजन लेते हुए, सुशीला के पिता को एवं उसके परिवार के सदस्यों को सुशीला के देखरेख के संबंध में समझाईश देते रही है।

 जमुना दरियो द्वारा परिवार के सदस्यों को बताया गया कि कमजोर नवजात शिशु को कंगारू मदर देखभाल की जरूरत है। कंगारू मदर के तहत शिशु को कपड़े पहनाए बिना शरीर से लगाकर रखने, उसे पालक के बदन के साथ सुरक्षित ढंग से बांध के या संभाल कर पकडऩा, शिशु को ऐसी स्थिति में सटा के रखा जाता है जिससे शिशु को सांस लेने में दिक्कत न हों। साथ ही शिशु को टोपी व मोजे पहनाने है। शिशु को बोतल से दूध पिलाने के नुकसान तो बहुत है पर सुशीला की माँ नहीं होने की वजह से उसे बोतल से ही दूध पिलाना पड़ता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जमुना द्वारा परिवार के सदस्यों को बोतल को अच्छे से धोने एवं साफ-सफाई रखने तथा दूध के अलावा अन्य किसी भी प्रकार का तरल पदार्थ नहीं दिये जाने की विशेष रूप से समझाइश देती रही।

मुख्यमंत्री सुपोषण मिशन हरिक नानीबेरा खुशहाल बचपन अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षक द्वारा सुशीला की सतत निगरानी की गई और बच्चे को लेक्टोजेन उपलब्ध कराया जिससे बच्चे में माँ के दूध के अभाव में पोषण की कमी ना हो। साथ में स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण करवाया गया। परिणामस्वरूप वर्तमान में अभी 16 सितम्बर को सुशीला का वजन 5 किलोग्राम है जो कि मध्यम कुपोषण की श्रेणी में है और लगातार सुशीला की पोषण स्थिति में निरंतर सुधार होता जा रहा है। इस प्रकार बिना माँ की बच्ची को महिला एवं बाल विकास विभाग के एक कार्यकर्ता की सूझबूझ से गंभीर कुपोषित बच्ची मध्यम कुपोषण की श्रेणी में मात्र 6 माह के अंतराल में लाया गया है।
 


18-Sep-2020 9:02 PM

जगदलपुर, 18 सितंबर। वैश्विक महामारी कोविड-19 काल में ज़रूरतमंद मरीजों हेतु रक्त की कमी न हो, इसका ख्याल रखते हुए कलेक्टर रजत बंसल के मार्गदर्शन में इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा बस्तर और युवोदय बस्तर के संयुक्त तत्वावधान में 16 सितम्बर से 1 अक्टूबर तक (राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस) रक्तदान पखवाड़ा का आयोजन महारानी अस्पताल जगदलपुर में किया जा रहा है।

बुधवार को महारानी अस्पताल परिसर में आयोजित शिविर स्थल में कलेक्टर श्री बंसल और पुलिस अधीक्षक श्री दीपक झा रक्तदान के लिए पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने रक्तदान करने से पूर्व आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर रक्तदान किया। साथ ही नागरिकों को स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की।


18-Sep-2020 6:30 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 18  सितंबर।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि केंद्र सरकार का यह बयान स्वीकार्य नहीं है कि लॉकडाउन के दौरान घर लौटते गऱीब मज़दूरों की मौतों का कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस ग़ैरजि़म्मेदाराना रवैये के लिए देश से माफ़ी मांगनी चाहिए।

प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि जिस समय मज़दूर पैदल घर लौटने को मजबूर हुए उस समय देश में आपदा प्रबंधन क़ानून लागू था और केंद्र सरकार हर फ़ैसले खुद ले रही थी। करोड़ों लोगों का रोजग़ार छिन गया और आज सरकार कह रही है कि उसके पास कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री जी को माफ़ी तो इस बात के लिए भी मांगनी चाहिए कि उन्होंने देश को कोरोना की भयंकर आपदा में धकेल दिया। अगर नरेंद्र मोदी जी ने बिना सोच विचार किए लॉकडाउन न किया होता और समय रहते एयरपोर्ट को सील कर दिया होता तो आज देश कोरोना की ऐसी भयावह मार न झेल रहा होता।

आलोक दुबे ने कहा है कि यह पहला मौक़ा नहीं है जब नरेंद्र मोदी की सरकार ने ऐसा बर्दाश्त न होने वाला झूठ बोला है. इससे पहले नोटबंदी में भी सरकार ने देश के करोड़ों लोगों को बैंकों के सामने कतार में खड़ा कर दिया और सैकड़ों लोगों की जानें गई। प्रधानमंत्री ने कहा था कि 50 दिन में सब कुछ ठीक न हुआ तो फांसी चढ़ा देना. लेकिन न कालाधन आया, न आतंकवाद और नक्सलवाद ख़त्म हुआ। लाखों व्यापारियों का कारोबार मंदी की चपेट में ज़रूर चला गया.जीएसटी का जि़क्र करते हुए उन्होंने कहा कि दूसरी आज़ादी की तरह जश्न मनाकर जीएसटी लागू किया गया, लेकिन आज पता चल रहा है कि दुनिया का सबसे जटिल और निरर्थक जीएसटी लागू करके मोदी जी ने देश के मंझोले और छोटे उद्योग और कारोबार की कमर तोड़ कर रख दी है। 

यही वजह है कि कोरोना के बाद देश की अर्थव्यवस्था 40 प्रतिशत तक सिकुड़ गई है। उन्होंने कहा है कि ऐसा लगने लगा है कि नरेंद्र मोदी 'अच्छे दिन’ का वादा करके देशवासियों को सबसे बुरे दिन दिखा रहे हैं।


18-Sep-2020 6:29 PM

जगदलपुर, 18 सितम्बर। राज्य शासन द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से  6 वर्ष तक आयु वर्ग के बच्चों को कुपोषण एवं एनीमिया तथा 15 से 49 वर्ष आयु के महिलाओं को एनीमिया से मुक्त कराने के लिए पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण योजना को नाम से संचालित किया जा रहा है।

बस्तर जिले में एकीकृत बाल विकास परियोजना जगदलपुर ग्रामीण में सेक्टर माड़पाल के ग्राम पंचायत धनपुंजी निवासी 28 वर्षीय पुष्पा को माह फरवरी में एनीमिया की जाँच की गयी। जाँच के दौरान पुष्पा का एचबी. 7.6 ग्राम पाया गया, जो कि एनीमिया की श्रेणी में आता है। पुष्पा को संबंधित आंगनबाड़ी केन्द्र धनपुंजी क्र.3 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तुलावती ठाकुर द्वारा एनिमिक महिला के रूप में पंजीकृत किया गया। पुष्पा को आंगनबाड़ी केन्द्र में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत निर्धारित मेन्यू के अनुसार प्रतिदिन दोपहर को गर्म भोजन प्रदाय किया गया जिसमें दलिया, अंडा, रोटी-सब्जी, हरी सब्जी, भाजी, पुलाव, रागी का हलवा आदि दिया जाता था। गृह भेंट के दौरान पुष्पा को घर की साफ-सफाई, शारीरिक साफ-सफाई एवं संतुलित आहार लेने की सलाह दी गई।

कोरोना काल में आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित न होने की स्थिति में पुष्पा के घर शासन के द्वारा निर्धारित मात्रा में सूखा राशन घर पहुंचाया गया और समय-समय पर गृह भेंट की माध्यम से एनीमिया से होने वाली बिमारियों एवं खून की कमी दूर करने के उपाय बताए गए। कार्यकर्ता की मेहनत और विभागीय अधिकारियों के परामर्श से पुष्पा के आहार-व्यवहार में परिवर्तन हुआ और वह संतुलित और पौष्टिक आहार नियमित लेने लगी। सितम्बर में पुष्पा का एचबी.11.6 ग्राम है और वह अब एनीमिया मुक्त है।
 


18-Sep-2020 6:26 PM

जगदलपुर, 18 सितंबर।  कार्यालय कलेक्टर राजस्व शाखा द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए प्राकृतिक आपदाओं-दुर्घटनाओं के कारण पांच पीडि़त परिवार को पात्रतानुसार राजस्व प्रकरणों में आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत किया गया।

तहसील जगदलपुर के निवासी ग्राम परपा के लखमूराम की मृत्यु सांप काटने से पत्नी रामदेई को, ग्राम कोलावाड़ा की  मांहगी की मृत्यु सांप काटने से पुत्र दषमू को, ग्राम कोरपाल के बोंजा की मृत्यु पानी में डूबने से मृत्यु भतीजा सोमारू को, ग्राम नेगीगुड़ा के मोतीराम की मृत्यु पानी में डूबने से पत्नी मोगरी बघेल और ग्राम पण्डरीपानी के कलावती की मृत्यु स्टाप डेम पानी में डूबने से पति पाण्डूराम को आर्थिक सहायता राशि 4-4 लाख रूपए की स्वीकृत प्रदाय की गई है। 
 


17-Sep-2020 7:53 PM

जगदलपुर, 17 सितंबर। गुरुवार को एक कार से 78 किलो गांजा के साथ 2 आरोपी को कोतवाली पुलिस ने पकड़ा है। जब्त गांजे की कीमत 3 लाख 90 हजार रुपये से अधिक बताई गई है।
एसआई अमित सिदार ने बताया कि गुरुवार को मुखबिर से सूचना मिली कि एक सिल्वर रंग की कार क्रमांक सीजी 12 वाय 1200 में 2 युवक आनंद राम सारथी (30) निवासी पडऱी मरवाही व महेश केवट (40) निवासी चोलनार ओडिशा से कार की डिक्की में सफेद रंग के बोरी में 78 किलो गाजा लेकर जगदलपुर की ओर से जा रहे थे।  एनएमडीसी चौक के पास पुलिस ने आरोपी को पकड़ा। पकड़े गए गाँजे की कीमत 3 लाख 90 हजार रुपये व कार की कीमत डेढ़ लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। 
वहीं कोतवाली पुलिस ने एक दिन पहले 21 किलो गांजा के साथ आरोपी को पकड़ा गया था। 
इस कार्रवाई में एसआई अमित सिदार, एसआई होरीलाल नाविक, एसआई पीयूष बघेल, एएसआई सतीश यदुराज, वेद प्रकाश देशमुख, तरुण पटेल, शंकर चाँदले आदि मौजूद थे।
 


17-Sep-2020 7:50 PM

जगदलपुर, 17 सितम्बर। विश्व ओजोन दिवस 16 सितंबर के अवसर पर जगदलपुर शहर में स्थित शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्वामी विवेकानंद विद्यालय में ऑनलाइन चित्रकला व पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय ओजोन परत का संरक्षण, ग्लोबल वार्मिंग। इस प्रतियोगिता में कक्षा 9वीं से 12वीं तक छात्र-छात्राओं ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। 

प्रतियोगिता में बस्तर डाइट के व्याख्याता सुभाष श्रीवास्तव व विद्यालय की व्याख्याता नीती नेताम निर्णायक थे। कार्यक्रम विद्यालय की प्राचार्य मनीषा खत्री के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान कक्षा 9वीं के हिमांक, द्वितीय स्थान कक्षा 10वी के लवनीत राणा, तृतीय स्थान कक्षा 11वी के ईशा रानी साहू और पोस्टर प्रतियोगिता में पहला स्थान कक्षा 9वीं के देवेश, दूसरा स्थान कक्षा 9वीं के लक्ष्मी गुप्ता, तीसरा स्थान कक्षा 10वीं के अंजली साहा एवं भुवनेश्वरी ने प्राप्त किए। 

 


17-Sep-2020 7:49 PM

जगदलपुर, 17 सितंबर। बस्तर अंचल के बच्चों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है जरूरत है उसे एक सही दिशा देने की, और यह काम हमारे शिक्षक बखूबी कर रहे हैं। उक्त बातें बस्तर आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने अपने उद्बोधन में कही। 

उन्होंने कहा कि आज कोविड19 के इस दौर में पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है । ग्रामीण क्षेत्रों में स्मॉर्ट फोन नहीं होने के कारण पढ़ाई में भी परेशानी हो रही है। मोहल्ला क्लास में नियमित आने के लिए बच्चों से आग्रह किया। श्री बघेल बस्तर ब्लॉक के हाई स्कूल फरसापारा, हायर सेकेण्डरी बालेंगा की छात्राओं को सरस्वती योजना अंतर्गत सायकिल का वितरण  किया। फरसापारा में आंगनबाड़ी भवन का लोकार्पण भी किया।

बच्चों को किया पुरस्कृत

शालाओं में बोर्ड की परीक्षाओं में प्रथम श्रेणी पास हुए बालक बालिकाओं को इनाम वितरण करते हुए नगद राशि भी उन्होंने अपने द्वारा दी। साथ ही बच्चों को और अधिक मेहनत करने की बात भी कही। यह दौर बहुत कठिन है और ऐसे समय में हमें खुद को भी बचाना है और पढ़ाई भी करनी है।

कार्यक्रम को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष फते सिंह परिहार ने भी संबोधित किया। उन्होंने हाई स्कूल व माशा फऱसापारा,के लिए अतिरिक्त कक्ष व भवन निर्माण के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा भी की।

इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनीराम कश्यप, सदस्य गणेश राम बघेल, फतेसिंह परिहार,अध्यक्ष नप श्रीमती डोमाय मौर्य, प्रेमशंकर शुक्ला, श्रीमती शालिनि सेमसन,आशीष मिश्रा, शोभारा मार्कण्डेय, भृगु तिवारी,रियाज खान,हुसैन खान, भागीरथी यादव,सीताराम बघेल,बैध नाथ मौर्य रामिया राम,नरसिंह नाग, अंकित पारख, एबीईओ सुशील तिवारी,बीआरसी राजेन्द्र सिंह ठाकुर,शैलेन्द्र तिवारी,नेहरू सिंह ठाकुर,हंशा ठाकुर,प्राचार्य डीआर ध्रुव, मनोज सिंह,श्रीमती रानू तारम दीप्ति सिंग,यमन दास मानिकपुरी,लखेराम बिसाई सहित बड़ी सँख्या में स्कूली बच्चे व ग्रामीण जन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अरुण मिश्रा ने किया।


17-Sep-2020 7:45 PM

जगदलपुर, 17 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर सेवा सप्ताह कार्यक्रम के अंतर्गत आज भाजपा प्रदेश मंत्री किरण देव के मुख्यातिथ्य व जगदलपुर नगर निगम दीनदयाल उपाध्याय वार्ड की पार्षद सविता गुप्ता एवं भाजपा जिला बस्तर पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष व कार्यक्रम प्रभारी सुरेश गुप्ता के नेतृत्व में वार्ड में पारिजात, मौलश्री, नीम के पौधे  रोपे गए। साथ ही 10 गरीब परिवार को पावर युक्त चश्मे का भी वितरण किया गया।

इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने कहा कि हम ऐसे समाजसेवी काम का आयोजन लगातार करते रहेंगे एवं लोगों के बीच जाकर उनकी मदद करने का संकल्प  आज के दिन हमने लिया है। चश्मा प्राप्त वृद्ध जनों ने कहा कि हमें आंखों की बहुत समस्या थी। इस चश्मे से हमें बहुत लाभ मिलेगा, आर्थिक समस्या के कारण हम इलाज नहीं करवा पा रहे थे । चश्मा प्राप्त लाभार्थी जिसमे वासुदेव यादव, रत्नासागर, कलावती यादव, सुख सागर थे। 

धरमपुरा स्थित वृद्धााश्रम में जाकर वृद्धजनों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए फल वितरण कर उनके दीर्घायु की कामना की गई।  

इस अवसर पर  वार्ड के सम्मानित वयोवृद्ध सीताराम कपूर,श्याम बिहारी मालवीय, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष प्रभारी सुरेश गुप्ता ,संग्राम सिंह राणा,रोहित त्रिवेदी,रोशन झा, सूर्य भूषण सिंह, गुरप्रीत सिंह, अनिल नाग,गौरव सेठिया, अमित तिवारी, रिंकू शर्मा, गुरप्रीत सिद्घू, सुखविंदर, इकबाल सिंह,दिनेश कपूर,शशि भूषण झा, विवेक झा सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।


17-Sep-2020 7:44 PM

जगदलपुर, 17 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 70वें जन्मदिन के अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला बस्तर के जिला अध्यक्ष रजनीश पाणिग्रही के नेतृत्व में श्रमेव जयते के अंतर्गत नगर निगम से जुड़े कोरोना वॉरियर्स के रूप में सफाई कर्मियों का सम्मान किया गया। 

महिलाओं को साड़ी एवं पुरुषों को शाल श्रीफल देकर मोदी जी का जन्मदिन भारतीय जनता पार्टी कार्यालय जगदलपुर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मनाया गया। मोदी जी के जन्मदिन के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के प्रांगण में पारिजात का पौधा लगाया गया। इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश मंत्री किरण देव, नगर अध्यक्ष राजेन्द्र बाजपाई, मनोहर दत्त तिवारी, जनता युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष रजनीश पाणिग्रही उपस्थित रहे।

 सभी कोरोना वॉरियर्स को प्रशस्ति पत्र देकर भी सम्मान किया गया। इस सम्मान कार्यक्रम में युवा मोर्चा के महामंत्री अविनाश श्रीवास्तव उपाध्यक्ष नरसिंग राव आनंद झा रवि कश्यप प्रकाश रावल,अतुल सिम्हा,मनोज पटेल,परेश ताती सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।


17-Sep-2020 7:43 PM

जगदलपुर, 17 सितम्बर। विघटित पूर्ववर्ती मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम के विभिन्न कर्मचारियों को शासन के विभिन्न विभागों में सेटअप के रिक्त पदों के विरुद्ध संविलियन को लेकर प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के  प्रतिनिधि मंडल ने विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन से मुलाकात कर मांग की थी। जिस पर संसदीय सचिव श्री जैन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर मांग की है कि इन कर्मचारियों को कार्य करते हुए 18-20 वर्ष हो गए। अत: शासन के विभिन्न विभागों में सेटअप के रिक्त पदों के विरुद्ध सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए सकारात्मक निर्णय लेने का निवेदन किया है।


17-Sep-2020 7:42 PM

जगदलपुर, 17 सितंबर। प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी लगातार आंदोलनरत है, लेकिन कांग्रेस सरकार लगातार आंदोलन कुचलने का प्रयास कर रही थी। आंदोलन विस्तृत और मजबूत होता गया तो सरकार को नियुक्ति आदेश देना पड़ा।  

प्रदेश सचिव उत्तम जायसवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने 14580 चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए मजबूत आन्दोलन खड़ा किया और बावजूद इसके सरकार इसे अनदेखा कर रही थी । इतना ही नहीं अपनी वाजिब मांग को लेकर आंदोलन करने वाले शिक्षक अभ्यर्थियों के ऊपर यह सरकार लाठीचार्ज करवाती है और इनके ऊपर गलत धारा लगाकर एफआईआर  भी दर्ज करती है जो बहुत ही गलत व निंदनीय हैं हम सरकार से आग्रह करते हंै कि एफआईआर वापस लें।

जिला अध्यक्ष तरुणा बेदरकर ने कहा कि यह सरकार रोजगार देने में नाकाम है। अब कम से कम चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र देकर कोरोना काल में आर्थिक रूप से सहायक बने। 


17-Sep-2020 7:40 PM

भानपुरी, 17 सितंबर। पिछले महीने की मूसलाधार तेज बारिश में विकासखंड बस्तर के ग्राम पंचायत कुंगारपाल से माकड़ी -घोड़ागांव, पाला नाला में बनी पुलिया ढह गई। इससे गांव के 3 पारा के लोग जिनकी संख्या करीब 2500 से ज्यादा है ये प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों का आवागमन इसी रास्ते से होता है।

ग्रामीणों ने बताया कि मार्ग खस्ताहाल होने के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य सुविधा से लेकर शिक्षा तक के लिए इसी मार्ग से गुजरते हैं। जहां लोगों को चार चक्का वाहन, मोटरसाइकिल पार करने में भारी परेशानी हो रही है तो वहीं हर रोज बड़ी घटना की आशंका बनी रहती है। जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। 

ग्राम पंचायत कुंगारपाल के सरपंच शंकर कश्यप ने बताया कि भारी बारिश होने के कारण मार्ग का खस्ताहाल हो गया। इसकी सूचना अधिकारी एवं विधायक, सांसद को दी गई है। इस मार्ग को जल्द से जल्द बनाया जाएगा, ताकि लोगों को आने-जाने में सुविधा मिले।


16-Sep-2020 10:06 PM

मांझी योजना बना वनांचल की गर्भवती माताओं के लिए वरदान

जगदलपुर, 16 सितम्बर। बस्तर जिले के दुर्गम एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों में जहां पर आवागमन का कोई साधन उपलब्ध नहीं है। कलेक्टर रजत बंसल के निर्देशानुसार इन क्षेत्रों के गर्भवती महिलाओं को प्रसव हेतु सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने हेतु शुरू की गई मांझी योजना सुदूर वनांचल के महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। 

जिले के पहुंचविहीन क्षेत्रों में जहां पर चार पहिया वाहनों का आवागमन संभव नहीं हो पाता या नेटवर्क आदि के समस्या के कारण समय पर 108 एवं 102, महातारी एक्सप्रेस का समय पर पहुँचना संभव नहीं है। जिले में इस योजना के सफल क्रियान्वयन के फलस्वरूप दुर्गम क्षेत्रों के गर्भवती माताओं को समय पर निकट के स्वास्थ्य केन्द्रों में सुरक्षित पहुँचाकर उनका सुरक्षित प्रसव कराने के का कारगर माध्यम बन गया है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के तत्परता से जिले में इस योजना से अनेक गर्भवती माताएं लाभान्वित हो रही हैं। आदिवासी बाहुल्य बस्तर जिले में इसका अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। इस योजना के अंतर्गत गर्भवती माताओं को दो पहिया एवं चार पहिया वाहन से निकट के स्वास्थ्य केन्द्र में सुरक्षित पहुंचाने वालों को दूरी के हिसाब से 400 से 700 रूपए तक की प्रोत्साहन राशि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदान किया जाता है।

जिला प्रशासन द्वारा प्रारंभ किया गया यह योजना जिले के लोहण्डीगुड़ा विकासखण्ड के सुदूर वनांचल के ग्राम तोयर के जड़ीगुड़ा पारा के गरीब आदिवासी गर्भवती महिला हड़मे बाई के लिए वास्तव में देवदूत साबित हुआ। हड़मे बाई ने बताया कि उसे 10 सितम्बर को प्रसव पीड़ा प्रारंभ होने के बाद भी समय पर निकट के उप स्वास्थ्य केन्द्र में जाने के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं था। लेकिन जिला प्रशासन की इस योजना के संबंध में जानकारी देने पर जड़ीगुड़ा पारा निवासी मंहगू राम ने उसे अपने मोटरसाइकल में बिठाकर उप स्वास्थ्य केन्द्र तोयर में सुरक्षित पहुंचाया। कुछ समय बाद उन्होंने कन्या को जन्म दिया। इस योजना के अन्तर्गत अस्पताल प्रबंधन द्वारा महंगू राम को तत्काल 400 रूपए की नगद राशि प्रदान किया गया। 

हड़मे ने बताया कि समय पर उनका सुरक्षित प्रसव हो जाने पर उसे इस योजना का महत्व महसूस हुआ। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित भी किया। उसने बताया कि आज उनकी नवजात शिशु पूरी तरह से सुरक्षित है। अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारी द्वारा उनके एवं उनके बच्चे का समुचित देखभाल एवं इलाज किया गया। उन्होंने कहा कि उनके के तरह बस्तर जिले के अनेक गर्भवती माताओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है।


16-Sep-2020 10:04 PM

जगदलपुर, 16 सितम्बर। मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम के तहत ई-साक्षरता केंद्रों में ई-एजूकेटर के द्वारा प्रशिक्षण देकर कम्प्यूटर, मोबाइल, टेक या अन्य सभी डिजिटल तकनीकी से वंचित वर्ग को परिचित कराना और उनको सही उपयोग किये जाने संम्बधी जानकारी दिया जाता है। डिजिटल साक्षरता के साथ-साथ कार्यक्रम में व्यक्तित्व विकास, श्रेष्ठ पालकत्व, आत्मरक्षा, वित्तीय साक्षरता, विविध साक्षरता, चुनावी साक्षरता, कौशल विकास, जीवन मूल्य तथा नगरीय कर्तव्य को भी शामिल किया गया।

 डिजिटल साक्षरता के रूप में इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, ट्रेन की आरक्षण दस्तावेज़ों के सेयरिंग, पेटीयम, गूगल पे इनके माध्यम से इंटरनेट के द्वारा ऑनलाइन खरीदी और विभिन्न तरह के भुगतान कैसे सुरक्षित रूप में किया जाता है, की जानकारी देकर परिक्षणार्थियों को ई-साक्षर बनाया जा रहा है। एक माह का यह प्रशिक्षण सरकार द्वारा पूर्णत: निशुल्क है। इसे पास किये जाने पर चिप्स के माध्यम से ई-साक्षर प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। बस्तर जिले में मुख्यमंत्री शहरी साक्षरता कार्यक्रम के तहत 2 केन्द्र स्वीकृत किया गया जिसमें पहला नगर पालिक निगम जगदलपुर क्षेत्र में तथा दूसरा नगर पंचायत बस्तर विकासखण्ड बस्तर में स्वीकृत है। जिले में अब तक 511 शिक्षार्थी को ई-साक्षर बनाया गया।

 मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम ई-साक्षरता केन्द्र नगर पालिक निगम जगदलपुर से पथरागुड़ा निवासी गोमती बेहरा ई-साक्षर हुई है। गोमती ने बताया कि उसने 12वीं तक शिक्षा प्राप्त की है। मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम में अपना पंजीयन कर ई-साक्षरता केन्द्र के माध्यम से सभी प्रकार डिजिटल साक्षरता की जानकारी से अवगत हुई हैं। इस कार्यक्रम में कौशल विकास के साथ-साथ व्यक्तित्व का विकास, समय प्रबंधन, कानूनी साक्षरता, कम्प्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम की आधारभूत जानकारी को सिखाया गया। पहले मैं ई-शक्ति महिला स्व सहायता समूह मे ऑनलाइन डाटा एंट्री का काम रही थी, और आज मैं वन विभाग में डाटा एंट्री की काम कर रही हूँ।


16-Sep-2020 10:04 PM

जगदलपुर, 16 सितंबर। वैश्विक महामारी कोविड-19 काल में ज़रूरतमंद मरीजों हेतु रक्त की कमी न हो, इसका ख्याल रखते हुए कलेक्टर रजत बंसल के मार्गदर्शन में इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा बस्तर और युवोदय बस्तर के संयुक्त तत्वावधान में 16 सितम्बर से 1 अक्टूबर तक (राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस) रक्तदान पखवाड़ा का आयोजन महारानी अस्पताल जगदलपुर में किया जा रहा है।

          बुधवार को महारानी अस्पताल परिसर में आयोजित शिविर स्थल में कलेक्टर श्री बंसल और पुलिस अधीक्षक श्री दीपक झा रक्तदान के लिए पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने रक्तदान करने से पूर्व आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर रक्तदान किया। साथ ही नागरिकों को स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की।


16-Sep-2020 10:02 PM

जगदलपुर, 16 सितंबर।  बहु उद्देशीय परियोजना का मूल लक्ष्य ही एक परियोजना से कई उद्देश्यों की पूर्ति करना है। प्रदेश और बस्तर संभाग की महत्वपूर्ण बहु उद्देशीय परियोजना इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित बोधघाट परियोजना है। लगभग 22 हजार 653 करोड़ की लागत से बोधघाट परियोजना का विकास दंतेवाड़ा जिले के गीदम विकासखंड के पर्यटन स्थल बारसुर के समीप किया जाना है। 

परियोजना का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि वर्तमान में लगभग 13 प्रतिशत सिंचाई क्षमता है इस परियोजना के निर्माण से क्षेत्र में सिंचाई क्षमता 366580 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास होगा। इससे दंतेवाड़ा जिले से 51 गाँव, 218 बीजापुर और सुकमा के 90 गाँव कुल 359 गाँव लाभान्वित होंगे। इसके अलावा परियोजना से 300 मेगावाट  विद्युत उत्पादन होगा। ओद्यागिक उपयोग हेतु 500 मि.घ.मी. जल, पेयजल के लिए 30 मि.घ.मी. पानी का उपयोग किया जा सकेगा। मत्स्य पालन में 4824 टन वार्षिक लक्ष्य के साथ पर्यटन के लिए भी एक स्थल का विकास किया जाएगा। 

इस परियोजना के निर्माण से 42 गाँव और 13783.147 हेक्टेयर जमीन डुबान क्षेत्र में आ रहे है। इसमें वन भूमि 5704 हेक्टेयर, निजी भूमि 5010 हेक्टेयर और शासकीय भूमि 3069 हेक्टेयर  के करीब आ रही है। 

  इस परियोजना के विकास के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस्तर क्षेत्र के सांसद, विधायक और गणमान्य जन प्रतिनिधियों की बैठक लेकर कहा कि इंद्रावती नदी के जल का सदुपयोग कर बस्तर को खुशहाल और समृद्ध बनाने के लिए बोधघाट परियोजना जरूरी है। प्रभावितों के लिए पुनर्वास एवं व्यवस्थापन की बेहतर व्यवस्था किया जाएगा। विस्थापितों को उनकी जमीन के बदले बेहतर जमीन, मकान के बदले बेहतर मकान दिए जाएंगे। प्रभावितों के पुनर्वास एवं व्यवस्थापन के बाद ही उनकी भूमि ली जाएगी। कोशिश होगी, इस प्रोजेक्ट की नहरों के किनारे की सरकारी जमीन प्रभावितों को मिले, ताकि वे खेती किसानी बेहतर तरीके से कर सके।


16-Sep-2020 9:55 PM

 

जगदलपुर, 16 सितंबर। छत्तीसगढ़ को समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने हेतु राज्य के कृषि को उन्नतशील बनाने की सोच एवं उसे कार्य रूप में परिणित कराना शुरू से ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार की विशेष प्राथमिकता में शामिल रही है। राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में ठोस निर्णय लेकर तथा योजना बनाकर उनका सफल क्रियान्वयन भी किया है। जिसके परिणाम स्वरूप पूरे राज्य के साथ-साथ बस्तर जिले के किसान भी शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजना का लाभ लेकर आधुनिक एवं आत्म निर्भर कृषि की और बढ़ रहे हैं। योजना का सफल क्रियान्वयन का ही नतीजा है कि बस्तर जिले में धान का रकबा 10 वर्ष पूर्व खरीफ सीजन में 1 लाख 13 हजार 120 हेक्टेयर एवं औसत उत्पादकता 1533 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर थी। वह आज बढ़कर 1 लाख 11 हजार 942 हेक्टेयर और औसत उत्पादकता 3202 प्रति हेक्टेयर हो गया है।

शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के फलस्वरूप खेती किसानी में आये आशातीत सुधार एवं परिवर्तन से बस्तर जिले के सुदूर वनांचल के किसान भी अछूता नहीं है। इसी का परिणाम है कि आज अपने खेती किसानी के लिए वर्षा की पानी पर निर्भर रहने वाले जिले के बस्तर विकासखण्ड के ग्राम दूबेउमरगांव कृषक जितेन्द्र साहू को कृषि कार्य के लिए बारहमासी पानी मिलने से आज एक आत्मनिर्भर किसान बन गया है।

 जितेन्द्र को कृषि विभाग के शाकम्भरी योजना से अनुदान लेकर 5 एचपी का डीजल पम्प तथा किसान समृद्धि योजना से ट्यूबवेल खनन कराने से आज उसे उन्नतशील एवं मन पसंद खेती के लिए केवल वर्षा के जल पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। उसे अब खेती के लिए समय पर पानी मिल जाता है जिससे वे धान के अलावा मक्का, दलहन, तिलहन, सब्जी भाजी आदि फसल उगाकर आत्मनिर्भर एवं समृद्धि किसान बन गया है।

किसान जितेन्द्र ने बताया कि वे एक मध्य श्रेणी के ग्रामीण किसान है इससे पहले वे करीब 20 वर्षों से वर्षा परंपरागत रूप से वर्षा पर आधारित धान की खेती करते आ रहे थे। लेकिन वर्षा के पानी के अलावा सिंचाई के लिए अन्य कोई साधन नहीं होने से समय पर खेती किसानी का काम करना बड़ा कठिन होता था। इसके अलावा फसलों में कीट व्याधियों का प्रकोप तथा उन्नत खेती के लिए तकनीकी ज्ञान के अभाव होने के कारण उसे उत्पादन एवं उससे आय मेहनत के हिसाब से बहुंत ही कम मिल पाता था। 

उन्होंने बताया कि इसी बीच उसका सम्पर्क कृषि विभाग के अधिकायों से हुआ। उन्होंने उन्नत एवं आधुनिक खेती किसानी के लिए शासन की विभिन्न जन कल्याणकारी योजना की जानकारी दी। जिसके माध्यम से उन्होंने इन योजना का लाभ लिया है। कृषि विभाग के अधिकारी आज उसे समय-समय पर फसलों को कीट व्याधियों से बचाने के लिए औषधियों की जानकारी तथा उपायों के अलावा उन्नत खेती के लिए भी तकनीकी ज्ञान देते रहते हैं। उन्होंने बताया कि हरितक्रांति विस्तार योजनान्तर्गत धान, मक्का, प्रदर्शन में भी मेरा फसल का प्रदर्शन बहुंत अच्छा रहा।

जितेन्द्र ने बताया कि विभागीय योजना से उसे मिनी राईस भी प्रदान किया गया है, जिससे उसे अतिरिक्त आमदनी हो रही है। शासकीय योजनाओं के लाभ लेने के फलस्वरूप किसान जितेन्द्र के खेती किसानी में आये सुधार तथा उनके जीवन स्तर ने हुए परिवर्तन आस-पास के किसान भी उनसे प्रभावित होकर शासकीय योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।


16-Sep-2020 9:53 PM

227वीं वाहिनी सीआरपीएफ द्वारा हिंदी दिवस का आयोजन 

तोंगपाल, 16 सितंबर। सुकमा में प्रत्येक वर्ष की भाति वर्ष 2020 में भी हिंदी को बढ़ावा देने के लिए वाहिनी स्तर पर  1 अगस्त से 1 सितंबर तक विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें कार्यालयिक कार्मिकों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं के अंत में वाहिनी स्तर में शामिल हुए कार्मिकों को नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। 

14 सितंबर को मनोज कुमार गौतम, कमांडेंट 227वीं वाहिनी केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल द्वारा राजभाषा संदेश पढ़कर सुनाया गया। इसके साथ ही अध्यक्ष ने यह भी बताया कि विश्व में तेजी से बदलते आर्थिक, सामाजिक व सांस्कृतिक परिवेश में आज हिंदी की स्थिति काफी बेहतर है। आज संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थओं में भी हिंदी की गूंज सुनायी देनी लगी है। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में विश्व के अनेक देशों में विश्वविद्यालय स्तर पर हिंदी पढ़ायी जानी लगी है और विश्वपटल पर वैश्विक भाषा के रूप में तेजी से उभर रही है। 

अंत में अध्यक्ष ने हिंदी दिवस पर बल के अधिकारियों, जवानों से यह प्रोत्साहन के रूप में अपेक्षा की कि वे अपने व्यक्तिगत जीवन में चाहे किसी भी भाषा को अपनाएं, लेकिन सरकारी कामकाज केवल हिंदी में ही करें तथा सभी मिलकर सरकार की राजभाषा नीति की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए सतत प्रयास करें और हिंदी के प्रचार-प्रसार में अपना योगदान दें।


16-Sep-2020 9:52 PM

जगदलपुर, 16 सितम्बर। बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा ने जारी विज्ञप्ति में सवाल उठाया कि एसपीओ से सहायक आरक्षक बने, बस्तर के युवाओं को आरक्षक जैसा वेतन व सम्मान राज्य सरकार कब देगी।

बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के संयोजक नवनीत चांद ने कहा कि बस्तर में 2005 में माओवादियों के खिलाफ तात्कालिक राज्य सरकार द्वारा संचालित सलवा जुडूम जनजागरण अभियान में बस्तर के विभिन जिलों के माओवादी प्रभावित गांवों के हजारों युवाओं ने लोकतंत्र व भारत के संविधान व राज्य सरकारों के वादों पर भरोषा करके खुद को इन जनजागरण अभियान का हिस्सा बनाया व खुद को स्थानीय स्तर पर फोर्स के साथ आगे रख कई ऑपरेशन में फोर्स को सफलता भी दिलाई, उस समय की तात्कालिक सरकार ने इस तरह के युवाओं के संगठन को एसपीओ(स्पेशल पुलिस ऑफिसर) के नाम पर भर्ती करवा न्यूनतम वेतन पर कार्य करवाया। इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट में लगी याचिका में वर्ष 2011 में आये फैसले के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय से अनुमोदन ने राज्य की जनजातीय सलाहकार समिति के माद्यम से प्रस्ताव बनवा राज्य सरकार द्वारा राज्य ग्रह मंत्रालय के माद्यम से  इन्हें एसपीओ के पद से सहायक सशस्त्र बल के रूप में नियुक्त किया गया। फिर भी आज तक इन बस्तर युवा सहायक आरक्षकों को केंद्रीय व राज्य स्तरीय आरक्षक पद पर न ही पदोन्नति दी जा रही है। उस पद को मिलने वाली तमाम सरकारी लाभ व सुविधाओं से भी वंचित रखा जा रहा है। इन मांगों को लेकर बस्तर के सहायक आरक्षकों के परिवार ने बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के समक्ष उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का निवेदन किया है। 

नवनीत चांद ने कहा कि सरकार जब बस्तर में माओवादियों के विचारों के खिलाफ लडऩे हेतु लोकतंत्र पर भरोसा रखने की अपील करती है। तो जो युवा इन विचारों के खिलाफ सरकार की ताकत बनने हेतु खुद को समर्पित कर के हर मोर्चे पर तैनात हो, बस्तर में भय मुक्त माहौल बनाने व लोकतंत्र को मजबूत रखने हेतु कार्य करते हैं तो उनके जायज मांग जो सरकार ने उनसे वायदे स्वरूप किये थे, उन्हें पूरे क्यों नहीं करती?,उनकी मांग समान काम समान अधिकार का ही है। वहीं कोरोना कॉल में जो जवान ड्यूटी करने संक्रमण से ग्रसित हो रहे है। उन्हें स्पेशल मेडिकल छुट्टी न दे उनके मेडिकल छुट्टी से काटा जा रहा है। न ही कोरोना वॉरियर्स की तरह बीमा किया गया है। जबकि सरकार ने इन मुद्दों पर कई बार घोषणा की है। इन सभी संवेदनशील विषयों पर बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा केन्द्रीय ग्रह मंत्रालय , राज्य के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री व गृह सचिव के नाम बस्तर आईजी से मिल ज्ञापन सौप मांगों को पूरा करने की अपील करेगा।