छत्तीसगढ़ » रायपुर

29-Nov-2020 3:30 PM 16

मंत्री ने की विभागीय कार्यों की योजनावार समीक्षा 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 29 नवंबर।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि पेयजल योजनाओं में ढिलाई कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्य में लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री गुरू रूद्रकुमार आज अपने निवास कार्यालय में विभागीय कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। 

मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने समीक्षा के दौरान तीनों परिक्षेत्र रायपुर, बिलासपुर और जगदलपुर के मुख्य अभियंता सहित सभी अधीक्षण अभियंताओं से विभागीय कामकाज की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वर्तमान परिस्थिति में राज्य के किसी भी क्षेत्र में पेयजल योजनाओं में होने वाली ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने अधिकारियों से कहा कि राज्य पोषित मद से स्वीकृत ग्रामीण नल जल योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर पूर्ण करें। ग्रामीणों को घरेलू नल कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने प्रमुख अभियंता को पेयजल योजनाओं में लगने वाली सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

अधिकारियों को सिविल खण्ड के द्वारा निविदा बुलवाकर बसाहटों, आंगनबाड़ी, स्कूल एवं गौठानों में नलकूप खनन कराने के भी निर्देश दिए। 
समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने नगरीय जल प्रदाय योजनाओं की योजनावार समीक्षा की। उन्होंने बस्तर अंचल के विशेषकर किरंदुल, बारसूर, चारामा, बीजापुर, भैरमगढ़ और छिंदनार पेयजल योजनाओं को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के नगरीय योजनाओं में जो अपूर्ण अवयव हैं उनके लिए शीघ्र ही निविदा आमंत्रण की कार्रवाई तत्काल पूर्ण कर एजेंसी तय करने के निर्देश दिए। मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने निर्माणाधीन और प्रगतिरत योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पेयजल योजनाओं को निर्धारित तय समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने इस अवसर पर विभाग के प्रमुख अभियंता श्री एम. एल. अग्रवाल रायपुर, बिलासपुर और जगदलपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


29-Nov-2020 3:28 PM 19

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 29 नवंबर।
कोरोना के कारण इस बार राजधानी के गुरुद्वारों मे इस बार सादगी पूर्ण तरीके से गुरुनानक जयंती मनाई जाएगी। इस अवसर पर गुरुद्वारों में कीर्तन की अविरल धारा बहेगी लेकिन किसी तरह का जुलूस, शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी।

पंडरी स्थित गोविंदनगर  गुरुसिंग सभा गुरुद्वारे में गुरुनानक जयंती के अवसर पर सोमवार को हुजूरी जत्था द्वारा सुबह 9 बजे से 10 बजे तक कीर्तन होगा। संरक्षक श्री इंदरजीत सिंह ने बताया कि कोरोना के कारण इस बार गुरुनानक जयंती सादगी से मनाई जाएगी। 
गुरुनानक जयंती के अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा स्टेशन रोड में विगत दिवस कीर्तन समागम के बाद गुरुनानक जयंती की तैयारी की जा रही है। 

श्री गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व पर श्री हरमंदर साहेब (गोल्डन टैम्पल) अमृतसर में कीर्तन करने वाले विश्व प्रसिद्ध जत्था भाई करनैल सिंघ जी और भाई निर्मल भाई रायपुर पहुंच चुके हैं । 30 नवम्बर को सुबह 10 बजे से श्री गुरुनानक जयंती का मुख्य कार्यक्रम आरंभ हो जाएगा गुरुबाणी गायन,शबद कीर्तन के उपरांत गुरु का लँगर अटूट बरताया जाएगा 

गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा स्टेशन रोड के प्रधान  निरंजन सिंह खनूजा ने बताया कि इस वर्ष कोरोना के संकट काल में गुरुपर्व सादगी पूर्वक और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए मनाया जा रहा है लोंगो की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए एक साथ एक समय मे भीड़ एकत्रित न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा साथ ही इस वर्ष किसी भी मुख्य अतिथि या वीआईपी पर्सन को आमंत्रित नहीं किया गया है

गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह छाबड़ा ने कहा कि श्री गुरुनानक जयंती कार्यक्रम हेतु गुरुद्वारा साहिब को सेनिटाइज किया गया है साथ ही सेवादार हैंड ग्लब्स और मास्क लगाकर सेवा करेंगे संगत के लिए भी सेनिटाइजर और मास्क की व्यवस्था गुरुद्वारा साहिब में रहेगी।

अध्यक्ष निरंजन सिह खनूजा, कार्यकारी अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह छाबड़ा, इंदरजीत सिह छाबड़ा(सीनियर),इंदरजीत सिह छाबड़ा (जूनियर), तेजिंदर सिंह होरा,मंजीत सिंह सलूजा, गुरमीत सिंह गुरदत्ता सतपाल सिंह खनूजा, भगत सिंह छाबड़ा, बलबीर सिंह छाबड़ा, शील सिंह माखीजा, कल्याण सिंह पसरीजा,कुलदीप सिंह चावला, कुलवंत सिंह अरोरा,परमजीत सिंह जुनेजा, महेन्दर पाल सिंह छाबड़ा, परमजीत सिंह छाबड़ा, रजिंदर सिह सलूजा, कुलजीत सिह मक्कड़, इंदरजीत सिंह सलूजा, गुरजीत सिह गुलाटी, भूपेन्द्र सिंह मक्कड़, अविन्दर सिह सलूजा,हरजीत सिंह अजमानी ने अपील की है। 
 


29-Nov-2020 3:27 PM 23

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 29 नवंबर।
धार्मिक महात्मय से रचे बसे कार्तिक पूर्णिमा के दिन सोमवार  को महादेव घाट में हालाकि इस बार शासन द्वारा लगाई गई पाबंदी के कारण पारंपरिक पुन्नी मेला नहीं लगेगा लेकिन  कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर खारुन नदी में श्रद्धालुओं  द्वारा पुण्य स्नान और दीपदान किया जाएगा। मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा शासकीय निर्देशों का पालन करते हुए हटकेश्वर महादेव के दर्शन का बंदोबस्त किया गया है।  

पं. सुरेश गिरि गोस्वामी ने बताया कि शासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करते हुए श्रद्धालुओं को नदी तट की ओर से हटकेश्वर महादेव मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। इस दौरान दो गज की दूरी का ध्यान रखा जाएगा। गर्भगृह में प्रवेश पूर्व बॉडी सेनेटाइजर की व्यवस्था की गई है। एक बार में 8 से 10 लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा। 

महादेव घाट में हालाकि इस बार मीना बाजार नहीं लगेगा लेकिन पुन्नी मेला के महत्व को देखते हुए गिनी चुने कारोबारी पहुंच रहे हैं। पं.चंद्रभूषण शुक्ला के अनुसार श्री कृष्ण को वनस्पतियों में तुलसी, पुण्यक्षेत्रों में द्वारिका, तिथियों में एकादशी,प्रियजनों में राधा और माह में कार्तिक विशेष प्रिय है।

पद्मपुराण के अनुसार कार्तिक के समान पुण्य प्रदायक श्रेष्ठ कोई ओर महीना नहीं है। इस महीने में जो श्रद्धालु भगवान विष्णु के सम्मुख रात्रि जागरण करते हैं, प्रात: वारुण स्नान (किसी तड़ाग, जलाशय, नदी में स्नान), तुलसी की सेवा, उद्यापन और दीपदान करते हैं, उन्हें भगवान का सान्निध्य तथा अति पुण्य प्राप्त होता है। वैसे तो पूरे कार्तिक मास भर किसी नदी, तलाब में प्रात: स्नान कर दीपदान करना चाहिए, लेकिन इस आधुनिक युग में प्रतिदिन प्रात: स्नान न कर पाएं तो कार्तिक पूर्णिमा में प्रात: स्नान जरूर करना चाहिए।
 


28-Nov-2020 5:23 PM 23

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 नवंबर। 
निगम की उडऩ दस्ता टीम ने आज एवरग्रीन चौक से मालवीय रोड तक कब्जा  हटाया। इस दौरान सडक़ किनारे से 40 कारोबारी खदेड़े गए।

चिकनी मंदिर से लगकर सडक़ पर अवैध रूप से संचालित हो रही कुछ फूल व्यवसायियों की दुकानों को हटाकर सामानों की जब्ती की गई। साथ ही एवरग्रीन चौक से मालवीय रोड तक एवं मालवीय रोड में दुकानों के बाद दुकानदारों द्वारा सडक़ मार्ग पर कब्जा करके रखे गए सामानों की जब्ती की गई।  संबंधित व्यवसायियों को सडक़ पर दुकान न लगाने वह सामान ना रखने की चेतावनी दी गई। 


28-Nov-2020 5:22 PM 43

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 28 नवंबर। कंवलेसेन्ट प्लाज्मा मध्यम लक्षण वाले कोविड रोगियों के लक्षणों में राहत लाने के लिए प्लाज्माथेरेपी काफी प्रभावी साबित हुई है। जब तक टीका जारी नहीं हो जाता, तब तक प्लाज्माथेरेपी से लाखों लोगों को लाभ होता रहेगा। मध्य भारत का सबसे बड़ा एवं आधुनिक कैंसर अस्पताल, बालको मेडिकल सेंटर, जो कोविड परीक्षण शुरू करने के लिए राज्य और एनएबीएल की अनुमति प्राप्त करने वाला छत्तीसगढ़ का पहला निजी अस्पताल भी था,ने गैर-लाभकारी संगठनों, राउंडटेबल 169 और रायपुर लेडीजसर्कल 90 के साथ मिलकर एक ‘प्लाज्मा दान शिविर’ का आयोजन करके कोविड के खिलाफ अपनी लड़ाई को सामुदायिक स्तर पर ले गए। बालको मेडिकल सेंटर, छत्तीसगढ़ में पहला अस्पताल था, जहां पर प्लाज्माथेरेपी शुरू की गई थी और वर्तमान में, यह कोविड परीक्षण और उपचार का संपूर्ण सरगम प्रदान करता है।

बालको मेडिकल सेंटर छत्तीसगढ़ के कुछ अस्पतालों में से एक है जिनके पास एक उन्नत एफेरेसिस मशीन है और ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के तकनीकी रूप से उन्नत विभाग ने अब तक सैकड़ों प्लाज्माफेरेसिस दान का संचालन करके कोविड के खिलाफ युद्ध को मजबूती से लड़ा है।
डॉ. नीलेश जैन, कंसल्टेंटट्रांसफ्यूजन मेडिसिन और प्रभारी ब्लड बैंक, जिन्होंने पूरे प्लाज्माफेरेसिसडोनेशन कैंप का नेतृत्व किया।

उन्होंने बताया यह राउंडटेबल इंडिया 169 और रायपुर लेडीज़सर्कल 90 द्वारा लोगों को प्लाज्मा दान करने के लिए प्रेरित करने के लिए वास्तव में एक बड़ी पहल है जिससे कोविड रोगी, जो अभी भी इस घातक संक्रमण से जूझ रहे हैं, उन्हें मदद मिलेगी। हम रायपुर के लोगों के शुक्रगुजार हैं, जो इस नेक काम के लिए दान देने के लिए बड़ी संख्या में आगे आए हैं। इसने एक बार फिर मानवता में विश्वास पैदा किया है।
 


28-Nov-2020 5:21 PM 21

छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस पर गोष्ठी का  वर्चुअल शुभारंभ ,9 विभूतियों का सम्मान

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 नवम्बर।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय से 8वें छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय के सभागार में आयोजित गोष्ठी का वर्चुअल शुभारंभ किया।
श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ी राजभाषा के प्रचार-प्रसार, साहित्य सृजन और संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रदेश की 9 विभूतियों को सम्मानित किया। संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंडिया, वनमंत्री मोहम्मद अकबर, लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री रुद्र गुरू, संसदीय सचिव शिशुपाल शोरी, संस्कृति विभाग के सचिव अंबलगन पी., संचालक अमृत विकास तोपनो इस अवसर पर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ी में सम्बोधित करते हुए कहा कि नई सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ी राजभाषा, छत्तीसगढ़ी तीज-त्यौहारों का महत्व और अधिक बढ़ गया है। राज्य सरकार ने हरेली, तीजा-पोरा, करमा जयंती, विश्व आदिवासी दिवस की छुट्टी घोषित की है।

उन्होंने कहा कि महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय सभागार में राजभााषा दिवस पर आयोजित गोष्ठी में बहिनीमन छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में आई हैं। पहले छत्तीसगढ़ी में बोलने में संकोच करते थे, अब जब छत्तीसगढ़ी लोग मिलते हैं, तो अपनी भाषा छत्तीसगढ़ी में गर्व से बात करते हैं। उन्होंने कहा की छत्तीसगढ़ी, हिंदी, अवधी और बृज भाषाएं समकालीन हैं, लेकिन अन्य भाषाओं में छत्तीसगढ़ी भाषा की तुलना में ज्यादा साहित्य सर्जन का काम हुआ है। छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास और छत्तीसगढ़ी भाषा में साहित्य सृजन की काफी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गोंडी, हल्बी, कुड़ुख, सरगुजिया जैसी भाषाओं में भी बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस की बधाई दी।

श्री बघेल इस अवसर पर जिन छत्तीसगढ़ी राजभाषा सेवियों को सम्मानित किया, उनमें नंदकिशोर शुक्ला बिलासपुर, वैभव पाण्डेय बेमेतरिहा, डॉ. चितरंजन कर रायपुर, डॉ. परदेशीराम वर्मा भिलाई,  रामेश्वर वैष्णव रायपुर, संजीव तिवारी दुर्ग अधिवक्ता, डॉ. राजन यादव खैरागढ़, देवेश तिवारी रायपुर और सुधा वर्मा रायपुर शामिल हैं।
 


28-Nov-2020 4:42 PM 27

रायपुर, 27 नवंबर। भाजपा मोदी सरकार के तीन काले कृषि कानून के विरोध में देशभर के किसान आंदोलनरत सडक़ों पर हैं देश की राजधानी दिल्ली कुच कर अपनी समस्या बताना चाहते हैं मगर भाजपा शासित राज्यों में उन्हें बलपूर्वक रोका जा रहा है। छत्तीसगढ़ के किसान भी इस काले कानून के खिलाफ आंदोलन के पश्चात लाखों की संख्या में विरोध स्वरूप पत्र केंद्र सरकार को एवं केंद्रीयकृषि मंत्री को लिख चुके हैं।

तिवारी ने भाजपा मोदी केंद्र सरकार पर किसानों से झूठे वायदे कर सत्ता हासिल करने एवं तीन नये कृषि कानून को दमनकारी काला कानून बताया है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारक की कृषि नितियो को तुलनात्मक रखते हुए कहा कि, भाजपा मोदी सरकार ने देश के किसानों को वायदा किया था कि स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करेंगे,आय दुगनी करेंगे, किसानों को आय से अधिक 50 प्रतिशत लाभ देंगे, किसानों की लागत और मेहनत का उचित दाम देंगे मगर यह सिर्फ झूठ प्रलोभन साबित हुआ और अब नये तीन कृषि काले कानून से देश में किसान सडक़ो पर है, कोहराम मचा हुआ है... तो वही दूसरी ओर प्रदेश में कांग्रेस भूपेश सरकार द्वारा किसानों का कर्जा माफी एवं 25 रुपये से धान खरीदी जैसे कृषि हितकारी नीतियों से प्रदेश में किसानों को आर्थिक उन्नति तथा भविष्य को लेकर आराम है।

तिवारी ने कहा की, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार ने किसानों के हित में नया मंडी कानून बनाया है जिससे किसानों के अधिकार न छीने जा सके जिससे भाजपा के पूंजीपति समर्थक और किसान विरोधी भाजपा नेताओं को पीड़ा है। भाजपा की नीति और नियत किसानों को पूंजीपतियों के गुलाम बनाने की है।

मोदी सरकार ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार को किसानों के धान को 25 सौ रु प्रति क्विं की दर में खरीदने से रोका तब प्रदेश के किसान मजदूर व्यापारी गृहणियों बुद्धजीवी वर्ग ने 20 लाख पत्र प्रधानमंत्री को भेजकर विरोध किया था, आज भी मोदी सरकार के तीन नए किसान विरोधी मजदूर विरोधी आम उपभोक्ता विरोधी काला कानून के खिलाफ प्रदेश के पौने तीन करोड़ जनता में आक्रोश है।

तिवारी ने कहा की, भाजपा मोदी सरकार क्यों आखिर इतनी किसानों के प्रति क्रूर हो चली है, तीन नए काले कानून पर जब किसान लंबे समय से सडक़ों पर है तो संशोधन क्यो नही किया जा रहा है, जी.एस.टी, भूमि अधिग्रहण जैसे कानून में बदलाव किया गया तो इसमें क्या अड़चन है वैसे भी कोई भी कानून उक्त विषयो पर सरलता और सुगमता के लिए बनाये जाते हैं न कि उसे हठधर्मिता से लिया जाना चाहिए।


28-Nov-2020 4:33 PM 22

कहीं सॉफ्टवेयर दुरूस्त नहीं, तो कहीं सर्वर डाउन-नेटवर्क समस्या

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 28 नवंबर। प्रदेश में एक दिसंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू की जाएगी, लेकिन अधिकांश जगहों पर पूरे इंतजाम के अभाव में किसान टोकन के लिए लंबी लाइन लगा रहे हैं और वे सभी परेशान हैं। उनका कहना है कि पूरे इंतजाम से खरीदी केन्द्रों में उन्हें धान बेचने में आसानी होती, लेकिन देर से खरीदी शुरू करने के बाद भी केन्द्रों में बदइंतजामी की स्थिति बनी हुई है। कहीं सॉफ्टवेयर नहीं, तो कहीं सर्वर डाउन-नेटवर्क की समस्या बनी हुई है।

राजधानी रायपुर से लगे झीट (पाटन) व आसपास के गांवों में पहले दिन की तरह आज दूसरे दिन भी टोकन लेने के लिए सहकारी सोसायटियों में किसानों की लंबी लाइन लगी रही। किसान सुबह से शाम तक बैठकर टोकन का इंतजार करते रहे। इस दौरान कहीं साफ्टवेयर दुरूस्त न होने, कहीं सर्वर डाउन, तो कहीं नेटवर्क की समस्या बनी रही। किसानों का कहना है कि पहले पंजीयन के लिए लाइन लगानी पड़ी। अब उन्हें टोकन के लिए लाइन लगानी पड़ रही है। आगे समय पर धान की बिक्री होगी या नहीं, इसका भी कोई ठिकाना नहीं है। इसी तरह प्रदेश के दुर्ग, नांदगांव, महासमुंद, कुरुद, राजिम, मंदिरहसौद, आरंग समेत और कई जगहों से टोकन समय पर न मिलने की खबरें सामने आती रही।

सांकरा सेवा सहकारी समिति में धान बिक्री के लिए टोकन लेने के लिए सुबह से किसान केंद्र में पहुंचते रहे। टोकन बांटने के लिए नियम बनाए गए हैं। सहकारी समिति जमराव के ऑपरेटर पोखन लाल सोनकर ने बताया कि इस बार सांकरा के अलावा घुघुवा और जमराव उपकेंद्र को केंद्र बना दिया गया है। सांकरा सहकारी समिति से 864 किसान पंजीकृत हैं। यहां से 35 हजार क्विंटल धान की खरीदी की जानी है।

घुघुवा सहकारी समिति में 725 किसान पंजीकृत हैं। यहां से 32 हजार क्विंटल धान की खरीदी की जाएगी। जमराव केंद्र में 692 किसान पंजीकृत हैं यहां 27 हजार क्विंटल धान खरीदी की जाएगी। एक किसान को धान बिक्री के लिए 3 बार ही टोकन मिलेगा। टोकन 7 दिनों तक मान्य होगा। टोकन एक ही बार संशोधित होगा। फिलहाल 7 दिनों का ही टोकन जारी किया जाएगा। घुघुवा सहकारी समिति केंद्र के रमेश कुमार सोनकर ने बताया केंद्र में 697 किसान पंजीकृत है। सॉफ्टवेयर में खराबी के कारण शुक्रवार को टोकन देने के लिए मैन्यूल ही व्यवस्था की गई थी। धान खरीदी के लिए राज्य सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य के निर्देश नहीं मिले हैं।

मोतीपुर के अलखराम ने बताया कि उनके पास दो एकड़ खेत है। सुबह 8 बजे वह टोकन के लिए समिति पहुंच गए थे। अलखराम कहते हैं धान तो बहुत पहले कट गया था। इस बार खरीदी में देर हो गई। टोकन लेने पहुंचे खम्हरिया के किसान राजेंद्र कुमार का कहना था कि केंद्र की कृषि नीति से किसानों का नहीं बल्कि व्यापारियों को फायदा पहुंचेगा। मोतीपुर से धान बिक्री के लिए टोकन लेने पहुंचे किसान नरसिंह साहू ने बताया कि उनके पास एक एकड़ खेत है।

भोथली गांव के बिसाहू ने बताया कि एक एकड़ खेत की बदौलत उनका जीवन यापन होता हे। पहले धान के अलावा तिउरा बोते थे, लेकिन मवेशियों के आतंक के कारण तिउरा बोना उन्होंने बंद कर दिया है। 35 डिसमिल खेत में उपजे धान की बिक्री के लिए टोकन लेने पहुंचे किसान पुरुषोत्तम ने बताया कि एक एकड़ खेत में धान लगाते हैं। धान बेचने के बाद मजदूरी करते हैं।

किसान नेता संकेत ठाकुर का कहना है कि प्रदेश में धान की खरीदी महीनेभर देर से शुरू हो रही, इसके बाद भी केन्द्रों में व्यवस्था ठीक नहीं हो पाई है। किसान पंजीयन के बाद अब टोकन लेने धक्का खा रहे हैं। साफ्टवेयर को लेकर भी समस्या आ रही है। नेटवर्क और सर्वर डाउन की समस्या आम हो गई है। उनकी मांग थी कि पहले छोटे किसानों को टोकन दिया जाए, लेकिन केन्द्रों में कांग्रेस से जुड़े बड़े किसान टोकन लेने में आगे हैं, और छोटे किसान लाइन लगाए खड़े हैं।

किसान नेता राजकुमार गुप्ता का कहना है कि धान खरीदी के पहले टोकन के लिए किसान आधी रात से लाइन लगा रहे हैं, फिर भी उन्हें टोकन नहीं मिल पा रहा है। साफ्टवेयर, नेट और सर्वर डाउन की समस्या ज्यादा बताई जा रही है। ऐसे में दो-तीन दिन बाद शुरू हो रही धान खरीदी में अव्यवस्था की स्थिति बन सकती है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि खरीदी के पहले सभी जगहों पर टोकन और अन्य सभी इंतजाम सही कराएं, ताकि किसानों को कोई दिक्कत न हो।

90 लाख टन धान खरीदी का लक्ष्य

सहकारी समितियों और मार्कफेड से जुड़े अफसरों का कहना है कि प्रदेश में इस बार समर्थन मूल्य पर 90 लाख टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर साढ़े 22 सौ करोड़ खर्च होंगे। छोटी-मोटी दिक्कतों को छोडक़र लगभग सभी जगहों पर खरीदी की तैयारी शुरू कर दी गई है। सरकार ने सभी खरीदी केंद्रों में चबूतरा निर्माण तेजी के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि धान खरीदी में इस बार प्लास्टिक बारदानों का उपयोग भी किया जाएगा। खरीदे गए धान सीधे मिलरों को भेजा जाएगा।


28-Nov-2020 3:39 PM 28

रायपुर, 28 नवंबर। राजधानी रायपुर समेत जिले में कोरोना मरीज 46 हजार तक पहुंच गए हैं। बुलेटिन के मुताबिक बीती रात मिले 226 नए पॉजिटिव के साथ इनकी संख्या बढक़र 46 हजार 1 हो गई है। दूसरी तरफ, इन सभी मरीजों में से 651 की मौत हो चुकी है। 7 हजार 543 एक्टिव हैं, जिनका अलग-अलग जगहों पर इलाज जारी है। 37 हजार 807 मरीज ठीक होकर अपने घर लौट गए हैं।

राजधानी रायपुर समेत जिले में नए पॉजिटिव लगातार सामने आ रहे हैं और  सर्दी में संक्रमण का खतरा और ज्यादा बना हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि लक्षण दिखने पर कोरोना जांच तुरंत कराएं, ताकि संक्रमण फैलने का डर कम रहे। वैसे, मौसम खराब होने के बाद सर्दी-खांसी, बुखार के मरीज ज्यादा आ रहे हैं, और उनका इलाज किया जा रहा है।

स्वास्थ्य अफसरों का कहना है कि राजधानी रायपुर समेत जिले में कई जगहों पर सैंपलों की जांच चल रही है। आने वाले दिनों में यह जांच और बढ़ सकती है। सर्दी में संक्रमण का खतरा ज्यादा देखा जा रहा है।

ऐसे में लोग खुद होकर अलर्ट रहे और अपने आसपास के लोगों को भी कोरोना बचाव को लेकर अलर्ट करे। नियमों में लापरवाही किसी की भी जान पर भारी पड़ सकती है।


28-Nov-2020 3:19 PM 16

रायपुर, 28 नवम्बर। कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग मंत्रालय द्वारा मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत राज्य में रबी मौसम की अधिसूचित उद्यानिकी फसलों टमाटर, बैगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, प्याज एवं आलू का बीमा 15 दिसम्बर तक करा सकते हैं। बीमा योजना में राज्य के सभी ऋणी एवं अऋणी कृषक शामिल हो सकते हैं। कृषक को फसल बीमा कराने के लिए अपने इलाके के एलायंज जनरल इश्योरेंंस कम्पनी लिमिटेड के प्रतिनिधि, लोकसेवा केन्द्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति एवं शासकीय उद्यान रोपणी से सम्पर्क करना होगा।

छत्तीसगढ़ राज्य में रबी मौसम के अंतर्गत टमाटर, बैगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, प्याज एवं आलू को अधिसूचित किया गया है। अधिसूचित फसलों हेतु कृषक को बीमित राशि का अधिकतम 5 प्रतिशत अथवा वास्तविक प्रीमियम जो भी कम हो देना होगा। आलू और टमाटर के लिए प्रति हेक्टेयर बीमित राशि एक-एक लाख रूपए और 5 प्रतिशत प्रीमियम राशि के मान से प्रीमियम 5-5 हजार रूपए है। इसी तरह बैगन प्रति हेक्टेयर की बीमित राशि 70 हजार रूपए के लिए प्रीमियम 3500 रूपए, फूलगोभी और पत्तागोभी के लिए प्रति हेक्टेयर बीमित राशि 60-60 हजार रूपए के लिए प्रीमियम 3-3 हजार रूपए निर्धारित है। प्रति हेक्टेयर प्याज फसल की बीमित राशि 70 हजार रूपए के लिए प्रीमियम 3500 रूपए देय होगा। 

ऐसे ऋणी कृषक जो योजना में शामिल नहीं होना चाहते, उन्हें निर्धारित प्रपत्र में स्व हस्ताक्षरित घोषणा पत्र 8 दिसम्बर तक अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। निर्धारित समय-सीमा में हस्ताक्षरित घोषणा पत्र जमा नहीं करने पर संबंधित बैंक द्वारा स्वीकृत/नवीनीकृत की गई अल्पकालीन कृषि ऋण को अनिवार्य रूप से बीमाकृत किया जाएगा। फसल बीमा कराने के लिए कृषक को फसल बुआई प्रमाण पत्र या स्व-घोषणा पत्र जो क्षेत्रीय राजस्व अधिकारी/ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी द्वारा सत्यापित हो सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। उद्यानिकी फसलों के रबी बीमा के क्रियान्वयन हेतु बजाज एलायंज जनरल इश्योरेंंस कम्पनी लिमिटेड को चयनित किया गया है।  


28-Nov-2020 3:18 PM 24

रायपुर, 28 नवंबर। राज्य शासन की खाद्य एवं औषधि  प्रशासन की वेबसाइट को अपग्रेड किया गया है जिससे  खाद्य सामग्री विक्रय करने वालों को आसानी होगी। विशेष सचिव डॉ. सी आर प्रसन्ना ने इस संबंध में आज बैठक ली। 
सभी प्रकार की खाद्य सामग्री बेचने वाले होटलों,रेस्टोरेंट को इस वेबसाइट में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। वेबसाइट अपग्रेड हो जाने से पंजीकरण में आसानी होगी। ऐसे व्यापारी जिनका वार्षिक टर्नओवर 12 लाख से कम है उन्हें वेबसाईट एफओएससीओएस. एफएसएसएआई, जीओवी.इन मे 100 रूपए के मामूली शुल्क में पंजीकरण कराना होगा। इससे अधिक टर्न ओवर वाले विक्रेताओं को लाइसेंस लेने का नियम है जिसका शुल्क 2 हजार प्रति वर्ष है। बैठक में उप संचालक के डी कुंजाम सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
 


28-Nov-2020 3:18 PM 26

1 दिसंबर से होगी धान खरीदी की शुरुआत

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 नवंबर।
कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने शुक्रवार को अभनपुर एवं आरंग विकासखंड के धान खरीदी केंद्रों में पहुंचकर आवश्यक तैयारियों का जायजा लेकर अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने कहा कि वास्तविक किसानों से ही धान खरीदी जाए। कोचियो एवं बिचैलियों पर कड़ी नजर रखी जाए।

कलेक्टर ने अपने भ्रमण के दौरान आज धान उपार्जन केंद्र संकरी, पिपरौद, पटेवा ,भलेरा, गौरभाट तथा खुटेरी उमरिया पहुंचकर वहां निरीक्षण करते हुए समिति के कर्मचारियों तथा संबंधित अधिकारियों से कहा कि आगामी एक दिसंबर से धान खरीदी किया जाना है। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी ना हो। उन्होंने इन केंद्रों में किसानों के पंजीयन संख्या तथा धान के रकबे की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप छोटे किसानों का टोकन पहले काटी जाएं। किसान एवं कर्मचारियों को किसी प्रकार की दिक्कत ना हो, इसका ध्यान रखने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने धान उपार्जन केंद्रों में बने चबूतरों का भी निरीक्षण किया और कहा कि धान का एक दाना भी बर्बाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने परिवहन व्यवस्था की जानकारी ली तथा टोकन का जंपिंग ना होने देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अनुविभागीय दंडाधिकारी राजस्व को बिचैलियों पर नजर रखने तथा उपार्जन केंद्रों की उपयुक्त व्यवस्था देखने के लिए फ्लाइंग स्कॉट टीम बनाने के निर्देश दिए तथा महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच हेतु चेक लिस्ट बनाकर आवश्यक कार्यवाही सुनिशिचत करने को कहा।

कलेक्टर ने धान खरीदी केंद्रों में बारदाने की उपलब्धता तथा कांटा बाट के सत्यापन की जानकारी ली। उन्होंने नए एवं पुराने बारदाना के अनुसार स्केटिंग करने, आद्र्रता मापन एवं गुणवत्ता परीक्षण करने तथा खरीदी का ऑनलाइन एंट्री करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर आरंग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विनायक शर्मा अभनपुर के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व निर्भय साहू, अनुराग सिंग भदोरिया, जिला विपणन अधिकारी, सहकारिता एवं पंजीयन विभाग के अधिकारी, तहसीलदार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
 


28-Nov-2020 3:16 PM 19

रायपुर, 28 नवम्बर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में गृह विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बैठक में बस्तर संभाग और राजनांदगांव जिले में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों के विरूद्ध विचाराधीन प्रकरणों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए इनके निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि बस्तर संभाग के 7 जिलों तथा राजनांदगांव जिले में 494 प्रकरणों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विचाराधीन लोगों की कुल संख्या 869 हैं। जिला स्तरीय समिति द्वारा इनमें से 722 लोगों के विरूद्ध विचाराधीन प्रकरणों को वापस लिए लाने की अनुशंसा गृह विभाग से की गई है। 

मुख्यमंत्री ने समिति द्वारा अनुशंसित प्रकरणों का तत्परता से निराकरण करने तथा शेष मामलों को संवेदनशीलता के साथ निराकृत करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि जिला स्तरीय समिति द्वारा बस्तर जिले के 39, दंतेवाड़ा के 41, कांकेर के 9, बीजापुर के 142, नारायणपुर के 28, कोण्डागांव के 34, सुकमा के 413 तथा राजनांदगांव जिले के 16 लोगों के प्रकरणों की वापसी की अनुशंसा की गई है। बैठक में गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, अपर मुख्य सचिव गृह सुब्रत साहू, पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी, पुलिस महानिदेशक (नक्सल ऑपरेशन) अशोक जुनेजा, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुन्दर राज, संचालक लोक अभियोजन प्रदीप गुप्ता सहित गृह विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
 


28-Nov-2020 3:15 PM 22

रायपुर, 28 नवम्बर। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा प्रदेश के चौक चौराहों पर बाल भिक्षावृत्ति रोकने और इसमें लिप्त बच्चों के पुनर्वास के लिए मुहिम चलाई जाएगी।  इस संबंध में आयोग की अध्यक्ष प्रभा दुबे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस विभाग, सभी जिलों के विशेष किशोर पुलिस इकाई, बाल कल्याण समिति, बाल संरक्षण इकाई व महिला बाल विकास के अधिकारियों से चर्चा की और कार्यवाही के लिए मार्गदर्शन व निर्देश दिए ।

श्रीमती दुबे ने बच्चों से संबंधित विभिन्न मामलों की समीक्षा करते हुए कहा कि बच्चों से भिक्षावृत्ति कराने के मामलों का बढऩा चिंताजनक है। इस हेतु समेकित बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, पुलिस प्रशासन, चाइल्ड हेल्प लाइन, श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग को चौक चौराहों का चिन्हांकन कर विशेष कार्ययोजना बनानी होगी। इसके साथ भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों के पुनर्वास की व्यवस्था करते हुए उन्हें मुख्य धारा में लाना होगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में की गई कार्यवाही को प्रमुखता से आम जनता तक पहुंचाएं। बाल भिक्षावृत्ति रोकने में बाल अधिकार संरक्षण आयोग भी उपस्थित रहेगा और हर प्रकार से सहायता करेगा। 

श्रीमती दुबे ने पोक्सो एक्ट के तहत प्रकरणों में की गई कार्यवाही और राहत, चिकित्सकीय सहायता व मुआवजा राशि देने तथा अन्य बिंदुओं पर भी समीक्षा की। कॉन्फ्रेंसिंग में पुलिस मुख्यालय से ए.आई.जी सुश्री मिलिना कुर्रे, आयोग के सचिव प्रतीक खरे, सभी जिलों के विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारी, बाल कल्याण समिति, बाल संरक्षण इकाई व महिला बाल विकास के अधिकारी शामिल हुए।
 


28-Nov-2020 3:14 PM 25

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 नवंबर।
कोरोना संक्रमण के मद्देनजर शासन के निर्देशों का पालन करते हुए शहर में कई घरों में एक दिन में शादी की तमाम रस्मों को पूरा करने की जहां तैयारियां की जा रही है।

वहीं संगीत जैसे फंक्शन के लिए लोग शासन के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। प्रोफेसर कॉलोनी निवासी सौरभ वर्मा ने बताया कि उनकी बहन की मई में शादी होनी थी, लेकिन कोरोना के कारण उस वक्त शादी टल गई। अब 6 दिसंबर को बहन की शादी हो रही है। कोरोना के निर्देशों के कारण सारी रस्म एक दिन में ही पूरी की जाएगी। दिन में ही हल्दी से लेकर शादी की सारी रस्में पूरी की जाएगी। रात को बहन विदा भी हो जाएगी। 

सौरभ कहते हैं होटल में तयशुदा लोगों को ही शामिल करने के नियम के कारण करीबी रिश्तेदारों को ही निमंत्रण दिए गए हैं। बाराती भी गिनती के ही आएंगे। बैंड बाजा को लेकर पाबंदी है। ज्यादातर रिश्तेदार स्थानीय हैं। इसलिए वे सुबह आकर रात को निकल जाए। 
कोरोना के निर्देशों के कारण कई परिवार उलझन में हैं कि शासन से मिली एक दिन की अनुमति में मेंहदी, हल्दी, संगीत, शादी की सारी रस्मों को कैसे निभाएंगे। अपने बेटे की शादी की तैयारी में लगे शहरवासी ने बताया कि शासन से 7 दिसंबर को शादी की परमिशन मिली है। उसमें भी सिर्फ 200 लोगों को शामिल किया जाना है। 

सीमित संख्या के नियम के कारण गिनती के लोगों को वह निमंत्रण के लोगों को वह निमंत्रण कार्ड भेज रहे हैं। परमिशन चूंकि एक दिन की मिली है, तो असमंजस में हैं कि संगीत वगैरा कार्यक्रम कैसे करेंगे? 

रायपुर निवासी डॉ. संध्या रानी शुक्ला के बेटे की 11 दिसंबर को शादी है। उन्होंने बताया कि हमने आगुन्तकों के लिए ग्लब्स से लेकर मास्क का इंतजाम किया है। वधू पक्ष को सलाद, गुपचुप, रसमलाई नहीं रखने के लिए कहा है। इसके अलावा गर्म पानी कॉफी का इंतजाम रखने के लिए कहा है। वर वधू को फूलों के घेरे में रखा जाएगा। ताकि उनके पास कोई न पहुंचे। 
 


28-Nov-2020 2:37 PM 17

रायपुर, 28 नवंबर। 29 नवंबर को सुबह 11 बजे भगवान परशुराम वंशजों के द्वारा भगवान परशुराम सेना का गठन किया जाना सुनिश्चित किया गया है। उत्तर भारत समाज कल्याण समिति के वरिष्ठ सदस्य अजय तिवारी  और पूर्व अध्यक्ष भोला सिंह ने सयुंक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि समाज मे फैली कुरीतियां और जो निर्धन और असक्षम हैं उनकी सहायता के लिए जय परशुराम सेना का गठन किया जाएगा।  जिसमें दो से तीन सौ भक्तों की उपस्थिति होने की संभावना है। रविवार को सामुदायिक भवन छुहिया छठ तालाब, हीरापुर रायपुर में ये गठित सेना अधर्म के खिलाफ,अन्याय के खिलाफ धर्म की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करेंगे।


28-Nov-2020 2:24 PM 53

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 28 नवंबर। राजधानी रायपुर-आसपास चाकूबाजी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने बीती देर रात तक आने-जाने वाले वाहन चालकों की अलग-अलग इलाकों में जांच की। जांच में कुछ संदिग्ध और चाकूबाज पकड़े भी गए हैं, और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर लखन पटले के नेतृत्व में बीती रात पुलिस की अलग-अलग टीम ने सिविल लाइन अनुभाग से बस स्टैंड पंडरी, राजा तालाब, पंडरी कपड़ा मार्केट, पंडरी तराई, पुरानी बस्ती अनुभाग से बीएसयूपी कॉलोनी राजेन्द्र नगर, दुर्गा कॉलोनी, बीएसयूपी कॉलोनी भाठागांव, गोकुल नगर टिकरापारा, पुरानी बस्ती, भारत माता चौक गुढिय़ारी, तेलघानी नाका रामनगर, गंज थाना क्षेत्र के पारस नगर, चुना भ_ी, कुम्हारपारा, गंजपारा  में अलग-अलग कई जगहों पर दबिश देकर जांच की। इस दौरान पकड़े गए बदमाशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

बताया गया कि सभी सीएसपी-थानेदारों ने अपने-अपने क्षेत्र के थाना-रक्षित केन्द्र बलों के साथ गुण्डे बदमाशों, चाकूबाजों, अड्डेबाजों, गुटबाजी करने वालों, संदिग्ध लोगों की सघन जांच की। जांच में पकड़े गए  संदिग्धों के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शहर में हो रहे अपराध को देखते हुए उनकी यह जांच फिलहाल चलती रहेगी। उल्लेखनीय है कि  इसके पहले पुलिस जांच अभियान में कई चाकूबाज, गुंडे-बदमाश, सट्टा-जुआ खेलने वाले पकड़े जा चुके हैं।


28-Nov-2020 2:22 PM 31

कोरोना मौत के आंकड़े बढक़र 651 हो गए

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 28 नवंबर। प्रदेश में कोरोना से कल 8 मौतें हुई हैं। इन सभी का अलग-अलग जगहों पर इलाज चल रहा था। इनके संपर्क में आने वालों की जांच-पहचान की जा रही है। दूसरी तरफ, इन मौतों को मिलाकर प्रदेश में कोरोना मौत के आंकड़े बढक़र 651 हो गए हैं।

बुलेटिन के मुताबिक जिन 8 मरीजों की मौत हुई है, इसमें रायपुर संभाग से भूमिया सांकरा तिल्दा रायपुर का 35 वर्षीय पुरूष, राजिम गरियाबंद का 56 वर्षीय पुरूष एवं दुर्ग संभाग से आजाद चौक राजनांदगांव का 58 वर्षीय पुरूष, राजनांदगांव की 67 वर्षीय महिला शामिल हैं।

बिलासपुर संभाग का ग्राम-तेमार सक्ती जांजगीर-चांपा का 54 वर्षीय पुरूष, जांजगीर-चांपा का 49 वर्षीय पुरूष, रायगढ़ का 80 वर्षीय पुरूष व अन्य राज्य से पुरानी बस्ती डॉ. बंगाली के घर पास शहडोल मध्यप्रदेश शामिल हैं।

इन सभी का एम्स, मेडिकल कॉलेज व अन्य जगहों पर इलाज चल रहा था। इसमे 1 की मौत कोरोना से एवं बाकी 7 की अन्य गंभीर बीमारियों के साथ कोरोना से मौत हुई हैं। स्वास्थ्य अफसरों का कहना है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण बना हुआ है और ठंड बढऩे पर इसका खतरा और बढ़ सकता है। ऐसे में लक्षण दिखने पर तुरंत कोरोना जांच कराएं।


27-Nov-2020 5:37 PM 22

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 27 नवंबर।
निवार चक्रवात के प्रभाव से प्रदेश में आज दिनभर गहरे बादल छाए रहे और कहीं-कहीं बंूदाबांदी के साथ हल्की बारिश होती रही। दूसरी तरफ, बेमौसम बदली-बारिश और हवा चलने से कपकपी ठंड बढ़ गई है। घरों और सडक़ों पर लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेने लगे हैं। मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवात का असर एक-दो दिन रहेगा। इस दौरान कहीं-कहीं पर हल्की बारिश हो सकती है। 

मौसम विभाग के मुताबिक अति प्रबल चक्रवात उत्तर तमिलनाडु के ऊपर से कमजोर पडक़र चक्रवात के रूप में परिवर्तित हो गया है। और आगे इसके अवदाब में परिवर्तित होने की संभावना है। चक्रवात के कारण दक्षिण से गर्म और नमी युक्त हवा आ रही है, जबकि उत्तर से पश्चिमी हवा आ रही है, विपरीत गुण के हवा के मिलन से बादल छाए हुए हैं। 

चक्रवात हर 6 घंटे में कमजोर होकर उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है, इसलिए प्रदेश में इसका बादल और गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने लगी है। सभी संभागों के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छीटें पडऩे की संभावना है।  प्रदेश में 28 तारीख के बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट आ सकती है। 

भारत मौसम विज्ञान विभाग रायपुर द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार छत्तीसगढ़ के अधिकांश स्थानों में हल्के से बादल छाए रहने के साथ-साथ प्रदेश के कुछ स्थानों में 27-28 नवम्बर को हल्की वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान हवा में 75-90 प्रतिशत नमी होने की संभावना है। 

मैदानी क्षेत्रों मे अधिकतम तापमान लगभग 27 से 29 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 12 से 17 डिग्री के बीच दर्ज किए जाने की संभावना है। आने वाले दिनो में हवा पूर्व एवं उत्तर-पूर्व दिशाओं से चलने की संभावना है।


27-Nov-2020 5:31 PM 23

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 27 नवंबर।  छत्तीसगढ़ में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में अब तक एक लाख 21 हजार 740 परिवारों को 100 दिनों से अधिक का रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। सर्वाधिक परिवारों को 100 दिनों का रोजगार मुहैया कराने के मामले में छत्तीसगढ़ देश में छठवें स्थान पर है। प्रदेश में वन अधिकार पट्टाधारी परिवारों को भी मनरेगा के तहत बड़ी संख्या में काम दिया जा रहा है। इस साल अब तक ऐसे 19 हजार 799 परिवारों को 100 दिनों से अधिक का रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। इस मामले में छत्तीसगढ़ देश में ओडि़शा के बाद दूसरे स्थान पर है। देश में मनरेगा के तहत 100 दिनों का रोजगार हासिल करने वाले कुल वन अधिकार पट्टाधारी परिवारों में अकेले छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 23 प्रतिशत से अधिक है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने कोरोना के चलते लागू देशव्यापी लॉक-डाउन के दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिमान बनाए रखने व्यापक स्तर पर मनरेगा कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे। इससे गांवों और वनांचलों में लगातार लोगों को काम मिलते रहा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुचारू रूप से चलती रही। चालू वित्तीय वर्ष के शुरूआती सात-आठ महीनों में ही मनरेगा श्रमिकों को 100 दिनों से ज्यादा का रोजगार मिलने से उन्हें बड़ा आर्थिक संबल मिला। इस दौरान कार्यस्थलों पर कोरोना संक्रमण से बचने के उपायों के साथ ही सभी सावधानियां अपनाई गई थीं। 

प्रदेश में मनरेगा श्रमिकों को 100 दिनों से अधिक का रोजगार देने में कबीरधाम जिला सबसे आगे है। वहां इस वर्ष अब तक 8971 परिवारों को 100 दिनों से ज्यादा का काम उपलब्ध कराया जा चुका है। राजनांदगांव में 7780, बिलासपुर में 7088, धमतरी में 5802, रायपुर में 5506, बलौदाबाजार-भाटापारा में 5348, मुंगेली में 5142, सुकमा में 5012, जशपुर में 4918, सूरजपुर में 4754, कोरिया में 4729, बस्तर में 4345, रायगढ़ में 4172, महासमुंद में 4168 और बलरामपुर-रामानुजगंज में 4158 परिवारों ने योजना के तहत 100 दिनों से अधिक काम किया है। वहीं गरियाबंद जिले में इस साल 3917, कोंडागांव में 3805, बीजापुर में 3791, कांकेर में 3697, दंतेवाड़ा में 3621, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 3492, जांजगीर-चांपा में 3268, कोरबा में 3026, बालोद में 3000, बेमेतरा में 2449, सरगुजा में 2260, दुर्ग में 2181 तथा नारायणपुर में 1340 परिवारों को 100 दिनों से ज्यादा का रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

मनरेगा के अंतर्गत वन अधिकार पट्टाधारी परिवारों को भी बड़ी संख्या में काम दिया जा रहा है। प्रदेश के ऐसे 19 हजार 799 परिवारों को 100 दिनों से अधिक का रोजगार मुहैया कराया जा चुका है। कोंडागांव जिले में 2286, बस्तर में 1417, सुकमा में 1371, धमतरी में 1359, दंतेवाड़ा में 1308, कोरबा में 1176, सूरजपुर में 1026, बीजापुर में 1008, राजनांदगांव में 959, गरियाबंद में 931, कांकेर में 912, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और कबीरधाम में 878-878, बलरामपुर-रामानुजगंज में 822, कोरिया में 705, जशपुर में 569, सरगुजा में 558, नारायणपुर में 400, बिलासपुर में 327, रायगढ़ में 237, मुंगेली में 222, महासमुंद में 207, बालोद में 123 एवं बलौदाबाजार-भाटापारा में 105 वन अधिकार पट्टाधारी परिवारों को 100 दिनों से अधिक का रोजगार दिया गया है।