छत्तीसगढ़ » रायपुर

23-Sep-2020 6:33 PM

रायपुर, 23 सितंबर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोककला ‘नाचा‘ के जनक माने जाने वाले दाऊ दुलार सिंह मंदराजी को उनकी पुण्यतिथि 24 सितम्बर पर नमन करते हुए छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति में उनके अमूल्य योगदान को याद किया। श्री बघेल ने दाऊ मंदराजी के समर्पण भाव को याद करते हुए कहा कि दाऊ मंदराजी ने गावों के लोक कलाकारों को संगठित कर ‘नाचा‘ को एक नये आयाम तक पहुंचाया। नाचा-गम्मत को मनोरंजन के अतिरिक्त उन्होने समाजिक बुराइयों के विरूद्ध प्रचार प्रसार का सशक्त माध्यम बनाया।

श्री बघेल ने कहा कि दाऊ जी ने ‘नाचा‘ को जीवंत बनाए रखने, लोक कलाकारों को संगठित करने, नाचा के माध्यम से सामाजिक पुनर्जागरण और जनसामान्य में नाचा कला को पुनर्स्थापित करने में महती भूमिका निभाई। ऐसे सच्चे साधक और समर्पित व्यक्तित्व कला को समाज से जोड़ते हुए नई ऊंचाइयों तक ले जाते हैं, उनसे हमें प्रेरणा लेनी चाहिए।


23-Sep-2020 6:33 PM

रायपुर, 23 सितंबर। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विभिन्न प्राकृतिक आपदा से पीडि़तों को जिला कलेक्टर के माध्यम से राजस्व परिपत्र 6-4 के तहत् आर्थिक सहायता स्वीकृत की जाती है । ऐसे ही प्रकरणों में जांजगीर चांपा जिले की पामगढ़ तहसील के ग्राम मेऊ की राधिका साहू की मृत्यु सर्प दंश से होने पर, चांपा तहसील के ग्राम चांपा के। कान्हा देवांगन की मृत्यु आग में जलने से तथा जांजगीर चांपा जिले की तहसील नवागढ़ के ग्राम खैरताल के कुंदन महार की मृत्यु सांप से काटने से होने पर मृतकों के  पीडि़त परिजनों ?को चार- चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है ।

 इसी तरह से उत्तर बस्तर कांकेर जिले  के अंतर्गत तहसील चारामा के ग्राम बागडोंगरी के सगराम साहू की मृत्यु सर्प दंश से, ग्राम गितपहर के मनोहर कोमरा की मृत्यु पानी में डबने तथा पंखाजूर तहसील के ग्राम रेंगावाही की डाली तुमरोटी की मृत्यु सांप के काटने से होने पर मृतकों के पीडि़त परिजनों को चार -चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।


23-Sep-2020 6:32 PM

पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम की समीक्षा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 23 सितंबर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम की स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने कोरोना संकट काल में राज्य में स्कूली बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए शुरू किए गए पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम की सफलता एवं देश में इस कार्यक्रम को सराहे जाने पर प्रसन्नता जताई। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम सहित मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री राजेश तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक लोक शिक्षण श्री जितेन्द्र शुक्ला, उप सचिव सुश्री सौम्या चैरसिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम की शुरूआत लॉकडाउन के दौरान स्कूली बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बीते 7 अप्रैल को की थी। शुरूआती दौर में यह कार्यक्रम ऑनलाइन संचालित होता रहा, लेकिन राज्य के ग्रामीण एवं सुदूर वनांचल क्षेत्रों में इंटरनेट एवं एंड्राइड मोबाइल की सुविधा के अभाव को देखते हुए इस कार्यक्रम का विस्तार किया गया और ऑफलाइन शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पढ़ई तुंहर पारा एवं बुल्टू एप्प की भी शुरूआत की गई। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के तहत स्कूली बच्चों को घर बैठे शिक्षा उपलब्ध कराने के राज्य शासन के प्रयासों को प्रधानमंत्री एवं नीति आयोग सहित शिक्षाविदों एवं गणमान्य लोगों ने सराहते हुए राज्य की इस पहल को अनुकरणीय कहा है।

बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने बताया कि पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के लिए तैयार किए गए वेबपोर्टल को शानदार प्रतिसाद मिला है। अब तक 29 करोड़ से अधिक बार इसका पेज व्यू हुआ है। इस कार्यक्रम के तहत 2 लाख 2 हजार 45 शिक्षक तथा 23 लाख 13 हजार 130 विद्यार्थी विधिवत पंजीकृत हैं। अब तक राज्य में तीन लाख 69 हजार 672 कक्षाएं ऑनलाइन ली गई हैं। 45 हजार से अधिक शिक्षकों ने इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। ऑफलाइन शिक्षा उपलब्ध कराने के तहत अब तक 31 हजार 792 पठन सामग्री अपलोड की गई है। पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के तहत शिक्षा उपरान्त बच्चों को होमवर्क भी दिए जाते हैं। अब तक एक लाख 50 हजार 743 होमवर्क की विधिवत जांच शिक्षकों ने की है और इस संबंध में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन भी किया है।

बैठक में जानकारी दी गई कि जिले के सुदूर वनांचल के गांव में जहां इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पढ़ई तुंहर पारा क्लास ली जा रही है। 22 हजार 771 शिक्षक एवं शिक्षा संगवारी इसमें अपना योगदान दे रहे हैं। इससे 7 लाख 60 हजार 950 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य में लाउडस्पीकर के माध्यम से भी पारों एवं मोहल्लों में 2241 स्कूल का संचालन 4237 शिक्षकों द्वारा किया जा रहा है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात में जशपुर जिले के पैकू शासकीय स्कूल के शिक्षक  वीरेन्द्र भगत द्वारा मोटरसाइकिल में ब्लैक बोर्ड बांधकर गांव-गांव बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने की पहल की सराहना की गई है। नीति आयोग ने भी नारायणपुर और सुकमा जिले में कोरोना संकट काल में शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की थी। बैठक में प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. शुक्ला ने पावरपाइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षा एवं पढ़ई तुंहर पारा कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।


23-Sep-2020 6:31 PM

कोरोना को हराना है-डरना नहीं

रायपुर, 22 सितंबर। कोरोना को हराना है- डरना नहीं, मुहिम के तहत छग सिंधी पंचायत रायपुर द्वारा लाकडाउन के चलते कोरोना पर आज दोपहर 12 से 2 बजे 23वीं गोष्ठी का आनलाइन आयोजन किया गया,जो कोरोना काल तक जारी रहेगा। समिति के प्रदेश प्रवक्ता दिनेश अठवानी ने बताया प्रथमत: समिति के अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने आगंतुक अतिथि मुख्य पैथोलॉजिस्ट डॉ. अरविंद नेरल, कार्यक्रम सहयोगी एम्स से डॉ. राधाकृष्ण रामचंदानी को सादर आमंत्रित किया। मुख्य संयोजक सीए चेतन तारवानी एवं राजेश वासवानी ने डॉक्टर का सम्पूर्ण  परिचय दिया। कार्यक्रम प्रभारी जितेन्द्र बडवानी रहे। डॉ. अरविंद नेरल जो क्षेत्र में पैथोलाजी टैस्टिंग के साथ-साथ 20वर्षों से समाज सेवा में अग्रणी रहे हैं।

डॉ. अरविंद नेरल ने बताया एम्स के अलावा 6 अन्य(कुल 7) सरकारी हास्पीटल में कोरोना टैस्ट निशुल्क हैं। उन्होंने कहा रायपुर में आईसीएमआर मान्यता प्राप्त सातों हास्पिटल की रिपोर्ट व इलाज निश्चित रूप से विश्वसनीय एवं स्तरीय हैं। इन पर बिल्कुल भी संशय न करें। वर्तमान में छग में तीनों तरह के टैस्ट में नित्य 10 हजार 5 सौ टैस्ट की क्षमता है, कृपया एक से अधिक बार टैस्ट हेतु जिद न करें, इससे अन्य मरीजों को टैस्ट का लाभ नहीं मिलेगा। सभी हास्पिटल में टैस्ट को गंभीरता से लिया जा रहा है। फिलहाल नाक व मुंह से तीनों तरह के टैस्ट लिए जा रहे हैं, जिनकी रिपोर्ट अधिकतम 6 से 36घंटों में मिल जाती है। फेफड़ों में अधिक तकलीफ (सांस लेने में परेशानी) होने पर सिटी स्कैन भी कर सकते हैं, इसकी भी सम्पूर्ण व्यवस्था है।

रैपिड एंटीजेन टैस्ट कोरोना के कम से कम असर में भी पाजिटिव आती है। छग सरकार ने टैस्ट की रिपोर्ट आपकी मोबाइल पर वेब पोर्टल के जरीए देने की सुविधा का इंतजाम किया है। छोटे बच्चों के संक्रमण के बारे में माताओं को फीडिंग व अन्य समय में सावधानी बरतने कहा,ताकि बच्चों में किसी तरह का इंफेक्शन न हो। पाजिटिव आने के बाद अधिकतम 10 दिन तक आप अन्य को संक्रमित कर सकते हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा यदि कोरोना संक्रमित महिला गर्भवती है, प्राइवेट हास्पिटल में भर्ती न लेने पर पंडरी स्थित जिला हास्पिटल महिला को सम्पूर्ण सुरक्षा से डिलीवरी कराने सक्षम हैं।

वर्तमान में 10 लाख टैस्ट हो चुके हैं,जिसमें 9 लाख पासिटिव (लगभग 9 फीसदी) आए हैं।। कोरोना को गंभीरता से लेने पर ही आप सुरक्षित हो सकते हैं,ऐसा नहीं करने पर गंभीरतम बल्कि मृत्यु जैसे परिणाम आ सम्भावित हैं। उन्होंने एक जुमला कहा, जिसका अर्थ-सावधानी रखें और सलामत रहें-कयामत तक। अंत में समिति अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने 100 बिस्तरों वाले हास्पिटल हेतु हाल- दवाइयों- उपकरणों  का सम्पूर्ण बंदोबस्त व सभी प्रकार के खर्च देने की घोषणा समाज की ओर से की,केवल व केवल डाक्टर मुहैया कराने सरकार का आश्वासन मिले।


23-Sep-2020 6:31 PM

रायपुर, 23 सितम्बर। कांग्रेस ने भाजपा के सांसदों को राज्य के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि छत्तीसगढ़ से लोक सभा के लिए चुने गए नौ सांसदों ने जब भी दिल्ली में आवाज उठाया तो राज्य की जनता के हितों के खिलाफ ही आवाज उठाया है। जब 25 सौ में समर्थन मूल्य खरीदी के विषय पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच टकराव हुआ था तब भी इन सांसदों ने राज्य के किसानों का साथ नही दिया था ।

लोकसभा में 25 सौ रु  समर्थन मूल्य के खिलाफ ही बोला था ।अब भी जब ये सांसद केंद्रीय मंत्रियों से मिलने गए तब भी इन्होंने राज्य के हित में बात करने के बजाय राज्य सरकार के द्वारा किये जा रहे कामो की आलोचना ही किया । केंद्रीय मंत्रियों से कहने को और राज्य की जनता के सहूलियतों के लिये मांगने को इनके पास बहुत कुछ था लेकिन दुर्भाग्य से भाजपाई सांसद एक बार फिर से राज्य की कांग्रेस सरकार का विरोध करने के बहाने प्रदेश की जनता का विरोध कर आये।

शुक्ला ने कहा कि इन सांसदों ने केंद्रीय मंत्री से यह तो बताया कि   किसान सम्मान निधि से राज्य के 25 लाख किसान वंचित हो गए लेकिन यह कहना जरूरी नही समझा कि  जिन आंकड़ो के आधार पर कथित रूप से केंद्र सरकार ने पहली बार 27 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि का पैसा दिया था कोरोना काल मे उन्ही पुराने आंकड़ो के आधार पर इस बार भी किसानों को रुपये दिए जाय।

भाजपाई सांसदों ने केंद्रीय मंत्री से यह शिकायत तो कर दिया कि राज्य सरकार ने 14वे वित्त की राशि पंचायतों के मूलभूत से उठा के क्वारेंटिंन सेंटरों में कर दिया है लेकिन यह माग नही किया कि कोरोना काल मे 14 वे वित्त की राशि क्वारेंटिंन सेंटरों में खर्च हो गयी अत: राज्य की जनता के हित में इस खर्च राशि का पुन: आबंटन करें।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपाई सांसदों को मनरेगा के मामले में राज्य सरकार की जूठी शिकायत करने से पहले केन्दीय मंत्री से यह पूछना था कि देश मे छत्तीसगढ़ सरकार को मनरेगा में बेहतर क्रियान्वन की रैंकिंग क्यो दी गयी ?

कोरोना काल मे केंद्र सरकार के द्वारा जारी आंकड़े बताते है कि मनरेगा में छत्तीसगढ़ ने देश मे सबसे अच्छा काम किया ।एक दिन में 24 लाख मजदूरो को काम देने का रिकार्ड बनाया। भाजपाई सांसद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से भी मिले लेकिन उनसे भी राज्य को कोरोना से लड़ाई के लिए अतिरिक्त संसाधन देने की मांग नही किया ।

 

 


23-Sep-2020 6:31 PM

1085 एमव्हीएआर क्षमता के केपेसिटर स्थापित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 22 सितंबर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के अधिकारियों - कर्मचारियों की टीम द्वारा प्रदेश में लागू लॉकडाउन और कंटेनमेंट जोन जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी कोरोना वायरस संक्रमण से बचते हुए विद्युत प्रणालियों के दुरुस्ती करण कार्य को युद्ध स्तर पर किया जा रहा है. विशालकाय ट्रांसफार्मर हो या भारी भरकम खंभे आवश्यकता अनुसार इन्हें बदलने के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं।  ऐसी प्रतिकूल परिस्थितियों में 220 / 132 / 33  केव्ही उपकेंद्र कोटमी कला में स्थापित 20 एमव्हीए क्षमता के पॉवर ट्रांसमिशन ट्रांसफॉर्मर की स्थान पर 40 एमवीए क्षमता का नया पॉवर ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य सफलतापूर्वक किया गया।

विद्युत प्रणाली के दुरुस्तीकरण की प्रगति के संबंध में अधीक्षण अभियंता श्री पी.के. कश्यप ने बताया कि उक्त कार्य की पूर्णता से कोटमी कला उपकेंद्र की क्षमता 60 एमव्हीए हो गई है। जिससे इस उपकेन्द्र के द्वारा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में भी विद्युत आपूर्ति निर्बाध पूर्वक की  जा सकेगी। साथ ही इस क्षेत्र के छोटे बड़े धंधे, कृषि, व्यवसाय एवं घरेलू उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। विदित हो कि  गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में विद्युत की आपूर्ति पूर्व में 80 एमव्हीए क्षमता युक्त 220/132/33 केव्ही उपकेन्द्र कोटमीकला से की जा रही थी।

कोटमीकला उपकेन्द्र में स्थापित 20 एमव्हीए के पॉवर ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आ गई थी। इसके निराकरण होने तक वैकल्पिक विद्युत आपूर्ति करने हेतु मनेन्द्रगढ़ में स्थापित  132/33 के.व्ही. उपकेन्द्र से निकलने वाली 33 के.व्ही. लाईन को मरवाही उपकेन्द्र तक लाकर क्षेत्र के 6 उपकेन्द्रों से विद्युत आपूर्ति की गई।

 पारेषण प्रणाली सुदृण बनाने उन्नत अधोसंरचना

प्रदेश की पारेषण को सुदृढ़ बनाने के लिए 121 अति उच्च दाब उप केंद्र, 12804 सर्किट किलोमीटर अति उच्च दाब लाइन तथा पारेषण प्रणाली की सुरक्षा हेतु 1085 एम वी एआर क्षमता के कैपेसिटर संचालित किए जा रहे हैं।

 

 


22-Sep-2020 8:51 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 22 सितंबर। केन्द्र सरकार के कृषि विधेयकों के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। इस विधेयक को किसान विरोधी बताकर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन का ऐलान किया गया है। इस सिलसिले में प्रदेश प्रभारी पीएल पुुनिया, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम गुरूवार को मीडिया से रूबरू होंगे, और आंदोलन की रूपरेखा की जानकारी देंगे। 

कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि अभा कांग्रेस के पदाधिकारियों की बैठक में मोदी सरकार के किसान विरोधी रवैया के खिलाफ अखिल भारतीय स्तर पर आक्रामक चरणबद्ध आंदोलन का फैसला लिया गया है। त्रिवेदी ने कहा कि संसद के अंदर संसदीय लोकतंत्र का गला घोटा जा रहा है और सडक़ों पर किसान को लाठियों से पीटकर प्रजातंत्र का गला घोटा जा रहा है।  

त्रिवेदी ने कहा कि खेत और खलिहानों में, सडक़ों और बाजारों में, मजदूरों और किसान की आजीविका छीनी जा रही है और संसद के अंदर किसानों के लिए उठने वाली आवाज को दबाया जा रहा है। नरेन्द्र मोदी की सरकार बंदी सरकार बन गई है जिसने पहले नोटबंदी की, उसके बाद जीएसटी लाकर व्यापार बंदी की, उसके बाद लॉकडाउन लगाकर देशबंदी की और अब खेत और खलिहान बंदी करने की तैयारी है।    

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मोदी सरकार के किसान विरोधी आचरण  के  खिलाफ  श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी के दिशा निर्देश पर एक व्यापक  जन आंदोलन की तैयारी कर ली है और  यह व्यापक जन आंदोलन चरणबद्ध स्वरूप में होगा। 

त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 73 सालों में व्यवस्था पैदा की थी, उस व्यवस्था के तीन अंग हैं पहला है कसान को न्यूनतम समर्थन मूूल्य, दूसरा है कृषि उपज खरीद प्रणाली और तीसरा है राशन की दुकान पर गरीब को राशन देना।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने इन तीन काले कानूनों से केवल किसान और खेत मजदूर पर नहीं, इस देश के एससी-एसटी और ओबीसी वर्गों पर हमला बोला है, उनकी रोजी-रोटी पर हल्ला बोला है, देश के  गरीब पर हमला बोला है, उनके  पेट पर हमला बोला है, उनकी थाली पर हमला बोला है और कांग्रेस एक-एक कतरा खून का बहाकर, जिसने हमेशा देश के लिए कुर्बानी दी है, इस देश के 130 करोड़ लोगों के लिए संघर्ष करेगी।

 


22-Sep-2020 7:11 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

 

रायपुर, 22 सितंबर। कोरोना काल में दवा निगम के पीपीई किट खरीदी के टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी का मामला प्रकाश में आया है। बताया गया कि ऑनलाइन टेंडर के लिए न सिर्फ समय कम दिया गया बल्कि सर्वर रफ्तार भी धीमी हो गई। इससे कई कंपनियां वंचित रह गई। इस गड़बड़ी को लेकर कुछ कंपनियों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से शिकायत की है।

दवा उपकरण निर्माता दिल्ली की कंपनी एक्सोटिक एक्सपोर्ट ने इस पूरी प्रक्रिया पर उंगली उठाई है। कंपनी 55 साल पुरानी है, और केन्द्र और राज्य सरकार की संस्थानों को उपकरण सप्लाई करती रही है। छत्तीसगढ़ दवा निगम ने 15 सितंबर को पीपीई किट के लिए ई-टेंडर जारी किया था, जिसकी अंतिम तिथि 21 सितम्बर रखी गई थी। कंपनी का टर्नओवर सालाना पांच करोड़ होना चाहिए था साथ ही 30 लाख की सुुरक्षा निधि जमा करनी थी।

इस समयावधि के बीच दो दिनों का अवकाश शनिवार-रविवार भी पड़ा। यह बात सामने आई कि सर्वर को इतना डाउन कर दिया गया कि वेबसाइट से टेंडर को डाउनलोड और फिर टेंडर को अपलोड करना इस टेंडर में रूचि रखने वाली बड़ी और राष्ट्रीय स्तर पर कई कंपनियों के लिए मुश्किल हो गया। न सिर्फ एक्सोटिक एक्सपोर्ट बल्कि कई और कंपनियां इस पूरी प्रक्रिया से वंचित रह गई।

 

 चर्चा है कि कंपनी विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई है। इस पूरे मामले में निगम के जीएम बसंत कौशिक  से चर्चा की कोशिश की गई, किन्तु उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। दूसरी तरफ, कंपनी एक्सोटिक एक्सपोर्ट ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से की है और टेंडर की तिथि बढ़ाने का आग्रह किया है। पीपीई किट और अन्य जरूरी उपकरण खरीदने के लिए केन्द्र सरकार ने करीब 67 करोड़ रूपए भी उपलब्ध कराए हैं। इसके अलावा राज्य सरकार ने डीएमएफ फंड से भी जरूरी सामानों की खरीदी की छूट दी है। 

 


22-Sep-2020 7:07 PM

मौतें-325, एक्टिव-9630, डिस्चार्ज-11552

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 22 सितंबर। राजधानी रायपुर समेत जिले में कोरोना मरीज तेजी से बढक़र 28 हजार पहुंच गए हैं। बीती रात मिले 479 नए पॉजिटिव के साथ इनकी संख्या बढक़र 28 हजार 190 हो गई है। दूसरी तरफ, इन सभी मरीजों में से 325 मरीजों की मौत हो गई है। 9 हजार 630 एक्टिव हैं, जिनका एम्स एवं अन्य कोरोना अस्पतालों में इलाज जारी है। 11 हजार 552 मरीज ठीक होकर अपने घर चले गए हैं।

राजधानी रायपुर में कोरोना की शुरूआत करीब 6 महीने पहले से हुई है, जो धीरे-धीरे यहां अधिकांश छोटी-बड़ी बस्तियों-कॉलोनियों तक पहुंच चुका है। इन जगहों से लगातार पॉजिटिव निकल रहे हैं। अब तो आसपास गांवों से भी कोरोना के मरीज निकलकर सामने आ रहे हैं। जिले में अधिकांश वर्ग के लोग संक्रमित मिल रहे हैं। इसमें से हजारों क्वॉरंटीन में हैं और नियमित दवा ले रहे हैं।

स्वास्थ्य अफसरों का कहना है कि रायपुर-आसपास लोगों को नियमों का पालन करते हुए लगातार मास्क लगाने और सामाजिक दूरी बनाकर चलने का जोर दिया जा रहा था। इसके बाद भी उनकी लापरवाही जारी है। ऐसे में मरीजों के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। संक्रमण की गिरफ्त में अब आसपास के गांव-कस्बे भी आने लगे हैं। लोगों की लापरवाही इसी तरह जारी रही, तो यहां मरीजों के आंकड़े और तेजी से बढ़ सकते हैं।

 

 


22-Sep-2020 7:07 PM

रायपुर- आसपास से 5

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 22 सितंबर। प्रदेश में कोरोना से कल 13 मरीजों की मौत हो गई। इसमें रायपुर-आसपास के 5 मरीज शामिल रहे, जिनका अलग-अलग जगहों पर इलाज चल रहा था। इनके संपर्क में आने वालों की जांच-पहचान जारी है। दूसरी तरफ, इन मौतों को मिलाकर प्रदेश में कोरोना मौत के आंकड़े बढक़र 690 हो गए हैं।

बुलेटिन के मुताबिक राजधानी और आसपास जिन मरीजों की मौत दर्ज की गई है, इसमें सड्डू का 70 वर्षीय पुरूष, गुढियारी की 68 वर्षीय महिला, शंकर नगर का 74 वर्षीय पुरूष, गरियाबंद का 70 वर्षीय पुरूष, भिलाई का 56 वर्षीय पुरूष, आदर्श नगर दुर्ग का 56 वर्षीय पुरूष, तालापारा बिलासपुर की 75 वर्षीय महिला, कानन पेंडारी का 74 वर्षीय पुरूष, बुधवारी बाजार तोरवा बिलासपुर का 60 वर्षीय पुरूष, अश्विनी नगर का 76 वर्षीय पुरूष, रायपुर का 65 वर्षीय पुरूष, वसुधंरा नगर का 43 वर्षीय पुरूष, देवसरा अर्जुदा बालोद का 78 वर्षीय पुरूष शामिल हैं।

इन सभी मरीजों का इलाज एम्स समेत प्रदेश के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा था। इसमें से 4 की मौत कोरोना से हुई है। बाकी मौतें गंभीर बीमारियों के साथ कोरोना से दर्ज की गई है।


22-Sep-2020 7:04 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 22 सितंबर। खरीफ सिंचाई पूर्ण होने व निस्तारी पानी सुरक्षित रखने के बाद भी गंगरेल बांध में पर्याप्त पानी बचे रहने की संभावना के चलते इस पानी का उपयोग संबंधी निर्णय तत्काल लेने व रबी सिंचाई हेतु उपलब्ध कराने का निर्णय लिये जाने पर खेतों में उतेरा बीज डालने के पहले 30 सितंबर तक ग्रामों व रकबो का चयन कर घोषणा किये जाने की मांग जल संसाधन मंत्री रवीन्द्र चौबे को ज्ञापन सौंपकर  बंगोली सिंचाई उपसंभाग के अधीनस्थ सिंचाई पंचायतों के पूर्व अध्यक्षों ने  लिया है। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक व नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया का भी ध्यानाकृष्ट कराने का निर्णय लिया गया है।

बीते दिनों महानदी जलाशय परियोजना के जल प्रबंध संभाग क्रमांक 1 के अधीनस्थ उपसंभाग 4 (बंगोली) के अंतर्गत आने वाले सिंचाई पंचायतों के पूर्व अध्यक्षों ने आहूत बैठक में बीते वर्षों में बांधों में रबी सिंचाई हेतु पानी रहने की स्थिति में भी काफी विलंब से घोषणा किये जाने से किसानों को उतेरा व ओल्हा बीजों सहित किसानों के श्रम व लागत के व्यर्थ जाने  की स्थिति के मद्देनजर इस वर्ष रबी पानी देने की स्थिति में इसकी घोषणा आसन्न 30 सितंबर तक सुनिश्चित कराने का आग्रह श्री चौबे को ज्ञापन सौंप करने का निर्णय लिया है।

बैठक में अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से किसानों द्वारा खेतों में उतेरा बीज डालना शुरू कर दिये जाने की संभावना को देखते हुये यह मांग किये जाने का निर्णय लिया गया है। सिंचाई पंचायत अध्यक्षों का कहना है कि खरीफ सिंचाई व निस्तारी हेतु पानी सुरक्षित कर संभावित शेष बचे पानी की मात्रा की गणना कर  रबी पानी देने के निर्णय होने पर आज की हालत में भी रबी पानी हेतु संभावित ग्रामों व रकबो का चयन आसानी से कर घोषणा की जा सकती है व इस संबंध में चयनित ग्रामों से किसानों का सुझाव आमंत्रित कर उनका राय भी जाना जा सकता है क्योंकि उतेरा व ओल्हा बोनी के बाद किसानों में ही मतैक्य नहीं बन पाता।

बैठक में सिंचाई पंचायत अध्यक्ष रहे भूपेंद्र शर्मा, गोविंद चंद्राकर, चिंताराम वर्मा, थानसिह साहू, हिरेश चंद्राकर, धनीराम साहू, तुलाराम चन्द्राकर व सरपंच हेमंत चंद्राकर सहित फवीन्द्र वर्मा, मनहरण वर्मा, जोहन वर्मा, भुवन वर्मा आदि मौजूद थे। इस बैठक में नारा सिंचाई बंगला के आसपास हुये अवैध कब्जों को हटवाने व बंगला आने- जाने सडक़ निर्माण करवाने तथा बंगोली सिंचाई उपसंभाग का कार्यालय व स्टाफ क्वार्टर भी नारा में बनवाने श्री चौबे का ध्यानाकृष्ट कराने पर विचार किया गया व इस संबंध में श्री चौबे से मुलाकात का निर्णय लिया गया ।


22-Sep-2020 6:25 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 22 सितंबर।
कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन ने रायपुर जिले के आम नागरिकों से अपील किया है कि राजधानी में कोरोना संक्रमण से बचाव में आप सभी अपनी जागरूकता एवं आत्मनियंत्रण के माध्यम से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। 

जिले में बढ़ रहे संक्रमण की श्रृंखला को बाधित करने के उद्देश्य से वर्तमान में जिला प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण के प्रभावी रोकथाम एवं नियंत्रण के लिये सम्पूर्ण जिले में 21 सितम्बर की रात्रि 9 बजे से 28 सितम्बर के रात्रि 12 बजे तक कुल 7 दिनों के लिए लॉकडाउन किया गया है एवं धारा 144 लागू करते हुए रायपुर जिले के सम्पूर्ण क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया  है। उन्होंने कहा है कि इस बीमारी को बचाव के माध्यम से ही हराया जा सकता है, इसके लिये आवश्यक है कि घर से बाहर निकलने पर मास्क पहने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, हाथ बार-बार धोये, आयुर्वेदिक उपायों को अमल में लाते हुये स्वच्छता का ध्यान रखें।

उन्होंने कहा है कि सही समय पर मरीज की पहचान होने पर उसे समुचित उपचार से कोरोना की गम्भीरता से दूर रखा जा रहा है और देरी से पहचान होने में लोगों को जान का खतरा हो रहा है। इसलिए आमनागरिकों से आग्रह है कि किसी प्रकार का लक्षण आते ही तुरंत जांच कराएं। 

लॉकडाउन कभी स्थायी हल नहीं हो सकता है अत: इस दौरान आदेशों एवं प्रतिबंधों के कारण जो नियंत्रण स्थापित किया जायेगा उसको दैनिक जीवन का हिस्सा आप सभी को आत्मनियंत्रण के माध्यम से बनाना होगा तभी हम इस महामारी पर विजय प्राप्त कर सकेंगें। इसलिये अनावश्यक घरों से न निकलें क्योंकि यदि आप कहीं बाहर संक्रमित होकर आते हैं तो सम्भव हैं कि आपकी प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होने के कारण यह आपको उतना नुकसान नहीं करेगा जितना आपके घर के बुजुर्गों, बच्चों एवं असाध्य रोगों से पीडि़त परिवारजनों को कर सकता है आपकी एक असावधानी आपके हंसते खेलते परिवार के लिए जानलेवा हो सकती है इसलिए अपने परिवार,समाज एवं सम्पूर्ण मानवता के हित में वह सभी कोरोना बचाव के उपायों को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाये जो आवश्यक है।

उन्होंने आमनागरिकों से लॉकडाउन का पालन करने की अपील करते हुए कहा है कि शासन, प्रशासन एवं समस्त प्रशासनिक अमला आप सभी की सेवा एवं सुरक्षा हेतु कटिबद्ध है और हर स्तर पर आपके साथ है। आप भी प्रशासनिक कर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ सद्भावनापूर्ण व्यवहार करते हुये सहयोग करें।


22-Sep-2020 6:24 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 22 सितंबर।
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अपने निर्णय में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित समूह के बच्चों को जो आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित है, उन्हें ऑनलाईन क्लासेस के लिए मोबाईल और डाटा की व्यवस्था कराने प्रायवेट स्कूलों को निर्देशित किया गया है, जिसके पश्चात अब छत्तीसगढ़ में भी आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित बच्चों को मोबाईल और डाटा प्रदान करने की मांग उठने लगी है।

छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित समूह के 2.85 लाख बच्चें जो कि आरटीई के अंतर्गत 6500 प्रायवेट स्कूलों में प्रवेशित है उनकी समुचित व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।

श्री पॉल का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित समूह के 2.85 लाख बच्चें जो कि आरटीई के अंतर्गत 6500 प्रायवेट स्कूलों में प्रवेशित है, जिनके पास मोबाईल की सुविधा नहीं है जिसके कारण वे ऑनलाईन पढ़ाई और शिक्षा से वंचित है। जिसके संबंध में पूर्व में उनके द्वारा शिक्षा सचिव और संचालक को जानकारी दिया गया था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा इन बच्चों के लिए अब तक कोई व्यवस्था नहीं किया गया।

श्री पॉल के द्वारा पत्र लिखकर शिक्षा सचिव से यह मांग किया गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित समूह के 2.85 लाख बच्चें जो कि आरटीई के अंतर्गत 6500 प्रायवेट स्कूलों में प्रवेशित है उन्हें ऑनलाईन क्लासेस के लिए मोबाईल और डाटा तत्काल उपलब्ध कराया जावे, क्योंकि कई पालकों के पास की-पैड वाला परंपरागत मोबाईल है, जिससे ऑनलाईन पढ़ाई किया जाना संभव नहीं है, जिससे कारण भी कई बच्चे ऑनलाईन पढ़ाई से वंचित है। दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि ऑनलाईन पढ़ाई में भी बच्चों की पढ़ाई के साथ समझौता नहीं किया जा सकता है, इसलिए बच्चों को मल्टी एज्युकेशन देने के लिए मोबाईल और डाटा उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
 


22-Sep-2020 6:23 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 22 सितंबर।
कलेक्टर डॉ.एस.भारतीदासन ने रायपुर जिले में कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम हेतु 22 से 28 अक्टूबर तक संपूर्ण जिले को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। उन्होंने लॉकडाउन के पूर्व 20 एवं 21 तारीख को सभी व्यवसायिक गतिविधियां पूर्ववत संचालित करने के निर्देश दिए थे। इन दो दिनों में आम जनता आगामी सप्ताह हेतु आवश्यक सामग्री खरीद सकते है। उन्होंने समस्त कारोबारी विक्रेताओं एवं किराना दुकान संचालकों को निर्धारित दर पर सामग्री वितरण किए जाने और कालाबाजारी नहीं करने के निर्देश दिए थे।
खाद्य अधिकारी अनुराग भदौरिया ने बताया कि 21 सितंबर को आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए जान के लिए खाद्य विभाग द्वारा कार्रवाही करते हुए कुल 05 प्रकरण निर्मित किए गये है। जिनमें से 05  दुकानों को सील कर समस्त स्टॉक को जप्त किया गया है। इनमें प्रदीप एण्ड कंपनी के पास 50 कट्टा आलू, श्री टे्रडर्स में 50 किलो ग्राम आलू की भर्ती वाला 420 कट्टा,प्याज 13 कट्टा और लहसून 06 कट्टा जप्त किया गया। 

इसी तरह शीतल एजेंसी में 471 कट्टा आलू जप्त किया गया। उपरोक्त तीनों थोक संस्थान द्वारा 1800 से 2100 रूपये की प्रति पैकेट 50 किलोग्राम की भर्ती में आलू की बिक्री कर मुनाफखोरी किया जा रहा था। वर्तमान में आलू की आपूर्ति कम होने से लॉकडाउन एवं जनमानस की सुविधा हेतु 30 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से शासन के नियंत्रण में वितरण कराया गया। उन्होंने बताया कि उक्त संस्थानो के विरूद्ध विधिक प्रकरण दर्ज किया गया और संक्षम न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया जायेगा। इसके अतिरिक्त 04 अन्य संस्थानों में पैकेज्ड कोर्मोडरी एक्ट के अंतर्गत विधिक एवं नापतौल विभाग के द्वारा प्रकरण निर्मित किया गया। खाद्य विभाग के द्वारा सघन निरीक्षण कर लगातार प्रकरण निर्मित किया जा रहा है।
 


22-Sep-2020 6:23 PM

रायपुर, 22 सितंबर। राजधानी में ग्रेस चर्च की पास्ट्रेट यूथ फैलोशिप ने विगत दिवस वन डे यूथ रिट्रीट का आयोजन किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ डायसिस के बिशप राइट रेव्ह. रॉबर्ट अली थे। गीत-संगीत प्रतियोगिता, काव्यपाठ प्रतियोगिता, ड्राइंग कंपीटिशन में प्रदेश के अलावा भोपाल व नागपुर के युवाओं ने हुनर दिखाया। भिलाई के क्रिश्चियन कम्युनिटी चर्च और रायपुर के सेंट पॉल्स कैथेड्रल  के युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन कर कई स्पधाआओं में जीत हासिल की।

आनलाइन यूथ रिट्रीट के प्रारंभ में बिशप ने अपने उद्बोधन में युवाओं को पारिवारिक, सामाजिक व राष्ट्रीय दायित्वों का निर्वहन कर हर क्षेत्र में आगे बढऩे की सीख दी। उन्होंने कोरोना काल में युवाओं को जरूरतमंदों की सेवा करने का आव्हान किया। पादरी शमशेर सामुएल ने प्रार्थना की। विजेताओं को नगद पुरस्कार व ई-प्रमाणपत्र दिए गए। इसके अलावा स्व. एमएम पॉल, जैफ व हर्ष सिंग स्मृति, स्व. डब्लूएम पॉल - एसएस पॉल स्मृति पुरस्कार, प्रभा सिंह स्पांसर इनाम दिए गए। जजों का भी सम्मान किया गया।    

ड्राइंग में मालविका और संगीत में भिलाई अव्वल तथा रायपुर दूसरे स्थान पर रहा। ड्राइंग कंपीटिशन -में मालविका बोगी, सेंट पॉल्स कैथेड्रल रायपुर,  काव्यपाठ में दीक्षा प्रकाश, सेंट पॉल्स कैथेड्रल रायपुर ग्रुप सांग में प्रथम ,सीसी चर्च भिलाई द्वितीय सेंट पॉल्स कैथेड्रल रायपुर तथा तृतीय रहासेंट मैथ्यूस चर्च रायपुर रहा।

सांत्वना पुरस्कार- डिसाइपल्स चर्च ऑफ क्राइस्ट को दिया गया। डुएट सांग  में प्रथम- एलन मलाकी व काल्विन, सीसी चर्च भिलाई ,द्वितीय-राहुल बाघ व अजीत पॉल-डीजीसीडीसी डिसाइपल्स चर्च आफ क्राइस्ट बिलासपुर, तृतीय स्मिता दास व रोहन दास - सेंट पॉल्स चर्च रायपुर रहा।सांत्वना पुरस्कार-ईशा व शिफा-डिसाइपल्स चर्च आफ क्राइस्ट बिलासपुर को दिया गया। सोलो सांग में प्रथम-एरन मलाकी सीसी चर्च भिलाई,द्वितीय - एंगलोश मार्टिन सेंट पॉल्स चर्च, तृतीय रहा।बेस्ट म्युजिशीयन के रुप में श्रेयांस सामुएल, सीसी चर्च भिलाई पुरस्कृत किए गए।
 


22-Sep-2020 6:22 PM

150 बिस्तरीय महाराजा अग्रसेन कोविड सेंटर शुरू

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 22 सितम्बर।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने निवास कार्यालय में वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से श्री अग्रवाल सभा रायपुर द्वारा संचालित 150 बिस्तरीय वातानुकुलित महाराजा अग्रसेन कोविड सेंटर का शुभारंभ किया। यह सेंटर श्री अग्रसेन धाम, सालासर मंदिर के पास जीई रोड, रायपुर में प्रारंभ किया गया है। 

सेंटर में सभी समाज के लोगों के लिए सुविधा पूर्णत: नि:शुल्क उपलब्ध रहेगी। इसमें मरीजों को अनुभवी चिकित्सकों की सेवाएं, आवश्यक दवाईयां एवं पोषणयुक्त आहार, 10 दिनों के लिए हेल्थ केयर किट और योग तथा मेडिटेशन आदि सुविधाएं दी जाएंगी। 

इस कोविड सेंटर के शुभारंभ के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल भी वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। इस दौरान कोविड केयर सेंटर के सुव्यवस्थित संचालन के लिए श्री सुरेश गोयल द्वारा अपने फर्म की ओर से भोजन व्यवस्था में हर आवश्यक सहयोग और अग्रवाल समाज के टायर उत्पादक बी.के.टी. फर्म द्वारा 200 बेडसीट तथा 200 हेल्थ केयर कीट प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में शुभारंभ के अवसर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रूचिर गर्ग भी उपस्थित थे।

श्री बघेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में कोरोना महामारी के नियंत्रण में सहायता प्रदान करने के लिए शासन के आव्हान् पर सभी समाज के लोगों का भरपूर सहयोग मिलने लगा है। उन्होंने इस दौरान मानव सेवा के इस पुनीत कार्य में अग्रवाल समाज के सेवा भाव की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ के और भी समाज तथा संगठन आगे आएंगे और अपने भवन तथा सुविधाएं कोविड सेंटर के रूप में प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी कोरोना संकट से निपटने के लिए शासन-प्रशासन के साथ-साथ जन सहयोग भी जरूरी है। तब हम सभी मिलकर इस चुनौती का मुकाबला आसानी से कर सकेंगे। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में मरीजों को बेहतर से बेहतर इलाज सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा हर संभव पहल की जा रही है। इस तारतम्य में प्रदेश में मरीजों के त्वरित उपचार सुविधा के लिए आवश्यक सुविधाएं निरंतर बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि मार्च 2020 में प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार की सुविधा केवल एम्स रायपुर में थी, लेकिन राज्य शासन द्वारा सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर मरीजों की उपचार सुविधा को तेजी से बढ़ाई गई है।

उन्होंने बताया कि मार्च 2020 की स्थिति में राज्य में 54 आईसीयू बिस्तर तथा 446 जनरल बेड उपलब्ध थे, जिसमें बढ़ोत्तरी करते हुए अब 776 आईसीयू बिस्तर तथा 28 हजार 335 जनरल बेड उपलब्ध करा दिए गए हैं, जो कि एक बड़ी उपलब्धि है। 
 


22-Sep-2020 6:21 PM

रायपुर, 22 सितंबर। इंदिरा संगीत विश्वविद्यालय द्वारा इस वर्ष एमए संगीत पाठ्यक्रम बंद करने तथा बीए उत्तीर्ण विद्यार्थियों को पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रम प्रवेश लेने के आदेश के कारण विद्यार्थियों में रोष व्याप्त है। विद्यार्थियों का कहना है कि आनन-फानन में लिए इस निर्णय से विद्यार्थियों का एक साल बेकार हो जाएगा। जबकि इंदिरा कला संगीत विवि कुलपति ममता चंद्राकर का कहना है कि यह आदेश यूजीसी के निर्देशानुसार जारी किया गया है। 

एमए करने के इच्छुक विद्यार्थी विजय लक्ष्मी चंद्राकर, मीनाक्षी अवधिया, रूपांश पवार, पूजा नंदन बैरा, श्रीदेवी अरावली, सौमेंद्र फाडक़े का कहना है कि इंदिरा कला संगीत विवि द्वारा जारी निर्देश में व्यवहारगत खामियां हैं। संगीत में बीए करने के बाद एमएक करने की वे पात्रता रखते हैं लेकिन अचानक एमए बंद करके उन्हें एमपीए करने के पूर्व ब्रिज कोर्स करने के लिए कहा जा रहा है जो न्यायोचित नहीं है। इससे विद्यार्थियों का एक साल का नुकसान हो जाएगा। संगीत में एमए करने के लिए विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने विशारद कर लिया है। इस रूप में मैं संगीत में एमए करने की वे पात्रता रखते हैं।

उन्होंने कमलादेवी संगीत महाविद्यालय में एडमिशन भी ले लिया था लेकिन हाल में विश्वविद्यालय से एमए बंद करने का आदेश जारी होने के बाद हमें एमए करने से मना कर दिया गया। हमसे कहा जा रहा है कि  अगले साल से शुरू हो रहे मास्टर ऑफ परफॉरमिंग आर्ट के पहले ब्रिज कोर्स कर लें। हमारा ये कहना है कि विद के बाद हम आखिर डिप्लोमा क्यों करें। हम विद्यार्थियों ने छानबीन करने पर पाया है कि ऐसा आदेश अन्य किसी विवि में जारी नहीं किया गया है। 

मातखंडे संगीत महाविद्यालय बिलासपुर, और कमलादेवी संगीत महाविद्यालय के विद्यार्थियों की ओर से इंदिरा कला संगीत विवि कुलपति को संगीत में एमए पाठ्यक्रम जारी रखने के आवेदन के संदर्भ में कुलपति ममता चंद्राकर का कहना है कि यूजीसी के निर्देशानुसार विवि द्वारा संगीत में एमए पाठ्यक्रम बंद करने का आदेश जारी किया गया है। 

यूजीसी के अनुसार संगीत में एमए की जगह दो वर्षीय मास्टर ऑफ परफारमिंग आर्ट शुरू किया जा रहा है। बैचलर ऑफ परफारमिंग आर्ट चार वर्षीय होगा। इस लिहाज से एमपीए में एडमिशन के इच्छुक विद्यार्थियों को एक वर्षीय व्रिज कोर्स करना होगा। जो वह इस साल कर सकते हैं। इससे  उनका साल नुकसान नहीं होगा। 
 


22-Sep-2020 6:20 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 22 सितंबर।
छत्तीसगढ़ किसान सभा ने वर्ष 2020-21 की रबी फसलों के लिए कल घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य को किसानों की मेहनत पर डकैती करार दिया है और कहा है कि इसके खिलाफ 25 सितम्बर को किसान सडक़ों पर उतरेंगे।

आज जारी एक बयान में छग किसान सभा के अध्यक्ष संजय पराते और महासचिव ऋषि गुप्ता ने रबी फसलों के समर्थन मूल्य में मात्र 50 से 225 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि को अपर्याप्त और धोखाधड़ीपूर्ण बताया है तथा कहा है कि ये घोषित कीमतें न केवल स्वामीनाथन आयोग की सी-2 लागत मूल्य के संगत में नहीं हैं, बल्कि इससे खेती-किसानी की भी लागत नहीं निकलती।

किसान सभा ने कहा है कि पिछले वर्ष की तुलना में इन फसलों की कीमतों में मात्र 2 से 6 प्रतिशत के बीच ही वृद्धि की गई है, जबकि इस अवधि में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई में 10 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और किसानों को खाद, बीज व दवाई आदि कालाबाज़ारी में दुगुनी कीमत पर खरीदना पड़ा है।

छत्तीसगढ़ किसान सभा ने अपने बयान के साथ पिछले 6 वर्षों में खरीफ फसलों की कीमतों में हुई सालाना औसत वृद्धि का चार्ट भी पेश किया है। इस चार्ट के अनुसार वर्ष 2013-14 से वर्ष 2019-20 की अवधि में खरीफ फसलों के सकल समर्थन मूल्य में औसतन सालाना 9त्न की वृद्धि की गई थी। खरीफ की विभिन्न फसलों में यह वृद्धि गेहूं के समर्थन मूल्य में औसतन 6.25 प्रतिशत की, जौ के समर्थन मूल्य में औसतन 6.44 प्रतिशत की, चना के मूल्य में 9.54 प्रतिशत की, मसूर में 10.45 प्रतिशत की, सरसो में 7.5 प्रतिशत की और कुसुम में औसतन 12.30 प्रतिशत की थी। लेकिन इसकी तुलना में इस वर्ष समर्थन मूल्य में सकल वृद्धि मात्र 4 प्रतिशत ही है, जो गेहूं के लिए 2.6 प्रतिशत, जौ के लिए 4.9 प्रतिशत, चना के लिए 4.6 प्रतिशत, मसूर के लिए 6.2 प्रतिशत, सरसो के लिए 5.1 प्रतिशत तथा कुसुम के लिए 2.1 प्रतिशत ही बैठती है।

किसान सभा नेताओं ने आरोप लगाया कि इस वर्ष समर्थन मूल्य में इतनी कम वृद्धि इसलिए की गई है कि कृषि विरोधी कानूनों के पारित होने से व्यवहारिक रूप से सरकारी मंडियां बंद होने के बाद अब किसान अपनी फसल बाजार में बेचने के लिए मजबूर होंगे और समर्थन मूल्य न देने की बाध्यता के कारण अब इसका सीधा फायदा कॉर्पोरेट कंपनियों को मिलेगा। 

किसान सभा ने कहा है कि मोदी सरकार की इन कृषि विरोधी, किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ 25 सितम्बर को पूरे देश के किसान सडक़ों पर उतरेंगे। छत्तीसगढ़ किसान सभा ने अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के 25 सितम्बर को कृषि विरोधी नीतियों व कानूनों के खिलाफ ‘भारत बंद’ के आह्वान का भी समर्थन किया है।
 


22-Sep-2020 6:20 PM

रायपुर, 22 सितंबर। इंदिरा गांधी कृषि विश्ववद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि, उद्यानिकी एवं कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालयों में स्नाकोत्तर एवं पीएचडी पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब 22 सितंबर से प्रारंभ की जाएगी। कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए इन पाठ्यक्रमों में बिना प्रवेश परीक्षा के पिछली उपाधि के प्राप्तांकों के आधार पर सीधे दाखिला दिया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक तथा निर्धारित अर्हताप्राप्त विद्यार्थी इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर 22 सितंबर, 2020 से 18 अक्टूबर, 2020 के मध्य आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित आरक्षण नियम लागू होंगे। उपरोक्त सभी पाठ्यक्रमों में एक-एक सीट जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियाओं के लिए आरक्षित की गई है।  

कोरोना संक्रमण के कारण इंदिरा गांधी कृषि विवि के अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर एवं पीएचडी पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु इस वर्ष संयुक्त पात्रता परीक्षा का आयोजन नहीं किया जा रहा है।

 इन पाठ्यक्रमों में पिछली उपाधि के प्राप्तांकों (मेरिट) के आधार पर सीधे प्रवेश दिया जाएगा। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में सस्य विज्ञान (एग्रोनॉमी), कृषि अर्थशास्त्र, कृषि विस्तार (एग्रीकल्चर एक्सटेंशन), कृषि मौसम विज्ञान, कृषि सूक्ष्म जीव विज्ञान, कृषि सांख्यिकी, कीट विज्ञान, आनुवाशिकी एवं पादप प्रजनन, प्लान्ट मॉलिक्यूलर बायोलॉजी एण्ड बायोटेक्नोलॉजी, पौध रोग विज्ञान, पादप कायिकी (प्लान्ट फिजियोलॉजी), मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन, वानिकी, पुष्प विज्ञान।

इसी प्रकार भू-दृश्यावली, फल विज्ञान, सब्जी विज्ञान विषयों में एमएससी एवं एग्री बिजनेस मैनेजमेन्ट में एम.बी.ए. तथा एग्रीकल्चरल प्रोसेसिंग एण्ड फूड इंजिनियरिंग, फॉर्म मशीनरी एण्ड पावर इंजिनियरिंग और स्वाइल एण्ड वाटर इंजिनियरिंग विषयों में एम टेक उपाधि पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा। इन द्विवर्षीय पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु निर्धारित अर्हता संबंधित स्नातक उपाधि (बीएससी कृषि, बीएससी उद्यानिकी तथा बी.टेक. कृषि अभियांत्रिकी, 10$2$4 सिस्टम) में न्यूनतम 6.00 ओजीपीए निर्धारित की गई है। 
 


22-Sep-2020 6:19 PM

रायपुर, 22 सितम्बर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार राज्य के सभी स्कूली बच्चों को कोरोना संक्रमण काल में भी मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत सूखा राशन का वितरण किया जा रहा है। 
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बताया कि राज्य शासन के निर्णय अनुसार कोविड-19 के संक्रमण के चलते शालाओं के बंद रहने की अवधि 11 अगस्त से 31 अक्टूबर तक कुल 63 दिनों का मध्यान्ह भोजन का सूखा राशन स्कूली बच्चों को खाद्य सुरक्षा भत्ता के रूप में वितरण किया जाएगा। सूखा राशन सामग्री का वितरण सुविधानुसार स्कूल में अथवा घर-घर पहुंचाकर देने के निर्देश दिए गए हैं। वितरण के दौरान बच्चों या पालकों के मध्य सामाजिक दूरी बनाए रखी जाएगी। इस संबंध में संचालक लोक शिक्षण जितेन्द्र शुक्ला ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों दिशा-निर्देश जारी किए हैं।  इस आदेश में 30 सितम्बर तक शालाओं को बंद रखे जाने का निर्देश दिया गया है। अत: खाद्य सुरक्षा भत्ता के रूप में बच्चों को सूखा चावल एवं कुकिंग कास्ट की राशि से अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री - दाल, तेल, सूखी सब्जी इत्यादि वितरित किया जाना है।