‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 23 दिसंबर। नगर निगम दुर्ग में कथित रूप से व्याप्त भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं एवं प्रशासनिक उदासीनता के विरोध में नगर निगम दुर्ग के नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले सोमवार को एक दिवसीय उपवास पर बैठे।
यह उपवास नगर निगम की कार्यप्रणाली में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ जनजागरण और प्रशासन को चेताने का माध्यम रहा। नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले ने कहा कि पिछले कई महीनों से नगर निगम दुर्ग में भ्रष्टाचार चरम पर है। डामरीकरण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता कर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है, जिससे शहर की सडक़ों की हालत बदतर हो चुकी है। इसके साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त करने के उद्देश्य से दिए जाने वाले शौचालय निर्माण एवं संचालन के टेंडर नियमों को दरकिनार कर एक व्यक्ति विशेष को सौंपे गए, जो सीधे-सीधे सरकारी नीतियों का उल्लंघन है।
उपवास कार्यक्रम में पूर्व विधायक अरुण वोरा, आर एन वर्मा , दीपक दुबे, दीपक साहू, भास्कर कुंडले, विजयंत पटेल, गौरव उमरे, चिराग शर्मा, अजय मिश्रा, राजकुमार पाली, सुशील भारद्वाज, विजेंद्र भारद्वाज, पायल पाटिल, कन्या ढीमर, चंद्रकला खिचरिया, प्रकाश जोशी, संदीप वोरा, सन्नी साहू, राय सिंह ढिकोला, राकेश यादव, फतेह सिंह भाटिया, राकेश ठाकुर, शिशिरकांत कसार, अनीश रजा, अशोक मेहरा, मनीष बघेल, भोला महोबिया, रत्ना नरामदेव, कौशल किशोर सिंह, संघर्ष हीरवरकर, सुरेश सोनी, अशोक जैन, अशोक पाटनी, अमोल जैन, आयुष शर्मा, सोनू साहू, गोल्डी कोसरे , रजत सिन्हा, देवेश राजपूत, अहमद राजा, सुधीर चंदेल, दिव्यांश साहू, अली असगर, सौरभ ताम्रकार, शंकर ठाकुर, अश्विनी निषाद, केशव सिन्हा, पृथ्वी चंद्राकर, राजू कन्नौजिया, राकेश साहू, प्रेमलता साहू, पोषण साहू, आदित्य नारंग, सुनीत घोष, निकिता सिंह, मनीषा सोनी सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल ने कहा कि नगर निगम दुर्ग आज भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का केंद्र बन चुका है। जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी ऐसे मामलों पर चुप नहीं बैठेगी और जरूरत पड़ी तो सडक़ से सदन तक संघर्ष करेगी। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि महापौर पूरी तरह निष्क्रिय हैं और नगर निगम प्रशासन पर उनका कोई नियंत्रण नहीं है। जनहित से जुड़े इतने गंभीर मुद्दों के बावजूद महापौर द्वारा न तो जवाबदेही तय की जा रही है और न ही ठोस कार्रवाई की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि डामरीकरण कार्य, शौचालय टेंडर एवं पेयजल व्यवस्था से जुड़े सभी मामलों की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई हो तथा नगर निगम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।