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28-Jul-2020 7:10 PM

32 संदिग्ध भी भर्ती 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 जुलाई।
एम्स में 312 कोरोना मरीजों का इलाज जारी है। इसमें 280 पॉजिटिव और 32 संदिग्ध शामिल हैं। सोमवार को ठीक होने पर यहां से सात मरीज डिस्चार्ज किए गए। वहीं एक मरीज भर्ती किया गया। वीआरडी लैब की जांच में 22 सैंपल पॉजीटिव पाए गए। 

एम्स निदेशक डॉ. नितिन एम. नागरकर के अनुसार 312 मरीजों में 38 कोरोना पॉजीटिव बच्चे और 6 संदिग्ध बच्चे शामिल हैं। दो गर्भवती महिलाएं भी इलाज करा रही हैं। 22 पॉजीटिव में बलौदाबाजार के 9, रायपुर के 8, महासमुंद के 4 और गरियाबंद का 1 सैंपल शामिल है। 

85 हजार सैंपलों की जांच 
बताया गया कि एम्स के वीआरडी लैब में करीब 4 महीने में 85 हजार से अधिक कोरोना सैंपलों की जांच हो चुकी है, जिसमें 21 सौ 6 पॉजिटिव पाए गए हैं। कोरोना संक्रमण के चलते अब यहां सैंपलों की जांच बढ़ा दी गई है। पिछले 24 घंटे में यहां साढ़े 12 सौ सैंपलों की जांच की गई। आगे भी सैंपलों की जांच जारी है। 
 


28-Jul-2020 7:09 PM

पेंडिंग मामले जल्द निपटाने के निर्देश 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 जुलाई।
एसएसपी अजय यादव आज तय रोस्टर अनुसार पुरानी बस्ती थाने के निरीक्षण पर पहुंचे। इस दौरान पेंडिंग मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए। 

एसएसपी श्री यादव ने अपने वार्षिक निरीक्षण में पेंडिंग अपराधों, पेंडिंग मर्ग, पेंडिंग गुम इंसान, पेंडिंग शिकायतों, थाने में रखे जाने वाले रजिस्टरों की जांच करते हुए एक-एक जानकारी मांगी। इस दौरान उन्होंने अनावश्यक पेंडिंग अपराध, मर्ग, शिकायत पर विवेचक अनुसार जानकारी ली तथा उसे समय सीमा का ध्यान रखते हुए निपटाने कहा। 

उन्होंने कोरोना काल में बचाव के साथ बेहतर पुलिसिंग के निर्देश भी दिए। साथ ही पुलिस अधिकारियों के कार्य में आ रही दिक्कतों के साथ उनकी निजी समस्याएं भी सुनीं। निरीक्षण के दौरान सीएसपी मनोज धु्रव, थाना प्रभारी राजेश सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
 


28-Jul-2020 7:07 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 जुलाई।
निगम ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर आज  पल्म बालाजियो के सामने आश्रय स्थल एवं तिलक नगर सियान सदन परिसर में आज स्वास्थ्य शिविर लगाया। इस दौरान करीब डेढ़ सौ लोगों की कोरोना जांच की गई। जांच में पल्म बालाजियो के सामने आश्रय स्थल के लोगों की जांच निगेटिव पाई गई। 

निगम जोन 9 द्वारा विधानसभा मार्ग से शंकरनगर मार्ग स्थित आश्रय स्थल में आज 37 लोगों की कोरोना जांच की गई। इस दौरान डॉक्टरों ने सभी लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद सामान्य रूप से स्वस्थ रहने , रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने, सदैव मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने संबंधी हिदायत दी। 

बाल गंगाधर तिलक वार्ड 18 के तिलक नगर सियान सदन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर लगाया गया, जहां 100 लोगों ने पहुंचकर कोरोना जांच करवायी। डॉक्टरों नेे लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद स्वस्थ्य रहने को लेकर उन्हें और कई जानकारी दी। शिविर में जोन 1 कमिश्नर नेतराम चंद्राकर, जोन कार्यपालन अभियंता सुभाष चंद्राकर, जोन स्वास्थ्य अधिकारी उमेश नामदेव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
 


28-Jul-2020 7:06 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 जुलाई।
राजधानी रायपुर के अलग-अलग इलाकों से कोरोना पॉजिटिव अब टूटे शीशे और खटारा सिटी बसों से अस्पतालों तक पहुंचाए जा रहे हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है। लोगों की मांग है कि कोरोना पॉजिटिव को सुरक्षित ढंग से अस्पतालों तक पहुंचाया जाए, ताकि सडक़ों पर कहीं कोई संक्रमण का डर ना रहे। 

इंडोर स्टेडियम अस्पताल में आज शहर के अलग-अलग इलाकों से सिटी बसें कोरोना मरीजों को लेकर पहुंचती रही। इस दौरान आ रही बसें खटारा रहीं। कुछ बसों के शीशे और खिड़कियां टूटी हुई रहीं। दरवाजे खुले हुए रहे। ऐसे में लोग संक्रमण फैलने का खतरा महसूस करते रहे। उन्होंने कोरोना मरीजों को सुरक्षित ढंग से अस्पताल तक ले जाने की मांग की है। 

उल्लेखनीय है कि राजधानी रायपुर समेत जिले में कोरोना मरीज करीब 23 सौ के आसपास पहुंच गए हैं। रायपुर शहर के मंगलबाजार, भाठागांव, शदाणी दरबार हॉट स्पॉट बने हुए हैं और इन जगहों से कोरोना पॉजिटिव लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में यहां एंबुलेंस की कमी बनी हुई है। कई जगहों पर मरीजों को अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए 7-8 घंटे इंतजार 


28-Jul-2020 6:10 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 28 जुलाई। सरकार के निगम-मंडलों में जल्द ही नियुक्तियां होंगी। बताया गया कि बड़ी संख्या में विधानसभा समन्वयक भी निगम-मंडलों में जगह पाने की उम्मीद से हैं। कुछ को तो जगह मिल गई, और कई संगठन में ऊंचे ओहदे पर हैं। मगर ऐसे भी समन्वयक है जिन्होंने विधानसभा चुनाव में खूब मेहनत की थी। और अब वे किसी पद पर नहीं है। कहा जा रहा है कि निगम-मंडलों की दूसरी सूची में 30 से अधिक नाम हो सकते हैं।

प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने चुनाव निपटने के बाद भरोसा दिलाया था कि उनकी योग्यता और क्षमता को ध्यान में रखकर सरकार बनने पर उन्हें अवसर दिया जाएगा। निगम-मंडलों के पदाधिकारियों की पहली सूची जारी हो गई है, जिसमें विधानसभा समन्वयक रहे अजय अग्रवाल, सफी अहमद, थानेश्वर साहू और गुरप्रीत बाबरा, महेश शर्मा को जगह मिली है। कई समन्वयक तो जिला अध्यक्ष बन गए हैं। अजय तिर्की महापौर बन चुके हैं। मगर ज्यादातर को अभी तक मौका नहीं मिला है।

बताया गया कि संजय सिंह ठाकुर जैसे एक-दो समन्वयक ऐसे है, जो कि बूथ कमेटियों के प्रभारी के साथ-साथ नगरीय निकाय चुनाव में  भी अहम भूमिका निभा चुके हैं। कई तो विधानसभा चुनाव में टिकट के दावेदार थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिली। इनमें राजेंद्र साहू, जितेंद्र मुदलियार और अन्य है। सूत्रों के मुताबिक विधानसभा चुनाव में मेहनत करने वाले समन्वयकों में से कुछ को पद देने पर विचार भी हुआ है।  मगर इनमें से कितने को जगह मिल पाएगी। यह कहना मुश्किल है। कहा जा रहा है कि निगम मंडलों की दूसरी सूची में 30 से अधिक नाम हो सकते हैं। सीएम भूपेश बघेल जल्द ही प्रदेश प्रभारी और अन्य नेताओं से चर्चा करेंगे। बैठक में तय नामों पर मुहर लग सकती है। फिर भी पदाधिकारियों की सूची जारी होने में हफ्तेभर का समय लग सकता है।

विधानसभा चुनाव में जिन नेताओं को समन्वयक बनाया गया था उनमें अजीत लकड़ा, प्रभा पटेल, प्रभात सिंह, अजय अग्रवाल, बलराम मुखर्जी, जेपी श्रीवास्तव, अर्जुन यादव, केपी सिंह, नीति सिंह, यूएस सिंहदेव, गुरप्रीत बाबरा(राजू), मुरारी अग्रवाल, अजय तिर्की, सफी अहमद, नागेन्द्र नेगी, शेखर त्रिपाठी, शरद यादव, दिलीप पांडेय, हरीश परसाई, शेख इश्तियाक, प्रशांत मिश्रा, रेखा त्रिपाठी, इकबाल सिंह, सुनील शुक्ला, श्यामलाल जायसवाल, जगजीत सिंह मक्कड़, प्रमोद नायक, मोती वर्मा, मंजू सिंह, गफार खान, मुंशीराम उपवेजा, अभयनारायण राय, श्याम सुन्दर अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, जेठू राम मनहर, रश्मि गभेल, रमेश पैंगवार, मनजीत सलूजा, दाउलाल चंद्राकर, भरत ठाकुर, रंजीत कोसरिया, निरंजन अग्रवाल, धीरज बाजपेयी, हितेन्द्र ठाकुर, राम गिडलानी, संजय ठाकुर, संदीप साहू (पार्षद) शामिल हैं। इसके अलावा दीपक दुबे, प्रमोद चौबे, सूर्यमणी मिश्रा, प्रमोद तिवारी, इंदरचंद धाड़ीवाल, प्रकाश साकलकर, शैलेन्द्र साहू, मोहन लालवानी, शशिसिंह गौर, दिलीप खटवानी, प्रदीप शर्मा, यज्ञदेव पटेल, राकेश मिश्रा, राजेन्द्र साहू, सुदेश देशमुख, संजय पाठक, पदम कोठारी, सुजीत बघेल, धमेन्द्र यादव, रउफ कुरैशी, सुरेन्द्र तिवारी, थानेश्वर साहू, अमरचंद चापेड़ा, महेश शर्मा, जितेन्द्र मुदलियार,  श्रीकिशन खंडेलवाल, पंकज वाधवा, भागवत साहू, रमेश डाकलिया, राजेश दीवान, मुकेश ठक्कर, अखिलेश चंदेल, जितेन्द्र ठाकुर, सगीर कुरैशी, कैलाश पोयाम, बलराम मौर्य, शकील रिजवी, यशवर्धन राव, अवधेश गौतम, सत्तार अली, ओमकार सिंह जसवाल हैं।


28-Jul-2020 6:09 PM

कोरोना संक्रमण का डर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 28 जुलाई। राजधानी रायपुर के भाठागांव सब्जी बाजार में आज सुबह सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ती रहीं। कई लोग बिना मास्क लगाए खरीदी-बिक्री में लगे रहे। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा बना रहा। कुछ लोग भीड़ ज्यादा बढऩे पर कुछ सब्जी खरीदकर अपने घर लौट गए, तो कुछ घूम-घूमकर बिना मास्क लगाए सब्जी खरीदते रहे। कई सब्जी बेचने वाले भी बिना मास्क आखिरी तक बैठे रहे।

शहर में लगातार लॉकडाउन लगा हुआ है। ऐसे में फल-सब्जी विक्रेताओं को सुबह 6 से 10 बजे तक छूट दी गई है। इसी के चलते यहां भाठागांव सब्जी बाजार में सुबह से भारी भीड़ देखी जा रही है। कई लोग अपने छोटे बच्चों के साथ फल-सब्जी खरीदने बाजार में पहुंच रहे हैं। हालांकि निगम और पुलिस प्रशासन की ओर से लोगों को ज्यादा भीड़ न लगाने की हिदायत दी जा रही है। इसके बाद भी लोगों की भीड़ यहां कम नहीं हो रही है। इसी तरह और भी फल-सब्जी बाजारों में भीड़ देखी जा रही है।

 


28-Jul-2020 6:06 PM

रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने वर्षा ऋतु के दौरान गौठानों में छायादार वृक्ष लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गौठानों में सीपीटी, वर्मी कंपोस्ट यूनिट, स्वसहायता समूहों के लिए कार्य-शेड तथा आवश्यक मशीनों एवं उपकरणों के कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग कर इनमें तेजी लाने कहा है। विभागीय मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव के निर्देश पर प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी ने मनरेगा के सभी जिला कार्यक्रम समन्वयकों-सह-कलेक्टरों को इस संबंध में परिपत्र जारी किया है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गौठानों में मवेशियों के लिए छायादार स्थान उपलब्ध कराने अभी बरसात के मौसम में वृक्षारोपण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गौठानों में आर्थिक गतिविधियां शुरू करने सभी व्यवस्थाएं जल्द सुनिश्चित करने कहा है। वे हर सप्ताह इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने कलेक्टरों को इन कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। विभाग द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि वन विभाग द्वारा प्रत्येक गौठान की जरूरत एवं मांग के अनुसार पर्याप्त ऊंचाई एवं अच्छी गुणवत्ता के छायादार बड़े वृक्ष उपलब्ध कराए जाएंगे। बड़े पौधों के रोपण से जहां उनके जीवित रहने की संभावना ज्यादा होगी, वहीं गौठान परिसरों में छाया की व्यवस्था भी शीघ्र उपलब्ध होगी। वृक्षारोपण वन और कृषि विभाग के अधिकारियों के तकनीकी मार्गदर्शन में कराया जाएगा। गौठान में लगाए गए पौधों की देखभाल एवं रखरखाव की जिम्मेदारी गौठान संचालन समिति की होगी।

विभाग ने गौठानों में मूलभूत जरूरतों सीपीटी, वर्मी कंपोस्ट यूनिट, स्वसहायता समूहों के लिए कार्य-शेड तथा आवश्यक मशीनों व उपकरणों की स्थापना के कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग कर इनमें तेजी लाने कहा है। मुख्यमंत्री द्वारा कार्यों की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा के लिए कलेक्टरों को निर्धारित प्रारूप में इसकी अद्यतन जानकारी मनरेगा आयुक्त कार्यालय को हर सप्ताह भेजना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

 


28-Jul-2020 6:04 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 28 जुलाई। विश्वव्यापी महामारी कोरोना के बीच संगीत की तकनीक के साथ जुगलबंदी निर्वाध रूप से जारी है। मंच की जगह फेसबुक, इंस्टाग्राम के जरिए कलाकार प्रस्तुतियां दे रहे हैं और पहले की तुलना में अधिक श्रोता उन्हें सुन और सराह रहे हैं।

राजधानी के ख्याति प्राप्त वाइलिन वादक रोहन नायडू लॉकडाउन के दौर में देश विदेश के ऑन लाइन सांगीतिक कार्यक्रम में हिस्सेदारी निभाते आ रहे हैं। रोहन नायडू ने बताया कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान शुक्र पं. देवाशीष डे की जयंती के अवसर पर उनके शिष्यों द्वारा 12 घंटे की ऑनलाइन सांगीतक प्रस्तुति दी गई। इसके बाद गुरूपूर्णिमा पर शिल्पायन द म्युजिक हब संस्था के फेसबुक पेज पर 24 घंटे सांगतिक प्रस्तुति दी गई।

देश की संगीत संस्थाओं के अलावा एमस्टरडम नीदरलैंड के बैनर तले मद्रास कोरस, नाट्य सुधा और सरस्वती आर्ट ऑनलाइन सीरीज सुर ताल में प्रस्तुति का उन्हें मौका मिला। इसी तरह 9 जून को नेपाल की श्री कृष्ण संगीत पाठ में ऑन लाइन कार्यक्रम का हिस्सा बनने का भी उन्हें मौका मिला। विगत 25 जुलाई को पं. गोदई महाराज की 101 जयंती के मौके पर विश्व संगीत कुंभ कार्यक्रम में ऑनलाइन प्रस्तुति में वह शामिल रहे।

रोहन नायडू कहते हैं फेसबुक पेज पर तकनीकी तालमेल के साथ प्रस्तुति में गुणवत्ता, संगतकार की कमी जैसी व्यवहारिक दिक्कतें आती है। ऑनलाइन प्रस्तुति को लेकर आलोचना भी होती है लेकिन हकीकत यह है कि कोरोना काल में संगीत की धारा निर्वाध रूप से बह रही है। हर प्रस्तुति के लिए हम कलाकारों को तैयारी करनी पड़ती है। अलग-अलग रागों का चयन करना पड़ता है। आलोचकों और कला प्रेमियों से प्रेरणा मिल रही है। पहले की तुलना में ज्यादा संगीत प्रेमी हमें सुन रहे हैं।

लॉकडाउन संगीतज्ञों के लिए वरदान साबित हुआ है। कलाकारों को इस दौर में अपनी कला को निखारने का भरपूर मौका मिल रहा है। प्रस्तुति के अवसर मिल रहे हैं। वर्तमान परिवेश में शासन को चाहिए कि वह ऑनलाइन प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को प्रस्तुति का अवसर दे और साथ ही उनका आर्थिक सहयोग भी करे।

संगीत शिक्षिका मंजुषा बेडेकर ने कोरोना काल में मिले अवसर की तकनीक के साथ जुगलबंदी करते हुए शिव स्तुतियों की संगीतमय प्रस्तुति तैयार की है। जिसे उन्होंने फेसबुक के जरिए लोगों तक पहुंचाया है।

मंजुषा कहती हैं इस आपदा काल में शुरुआत से ही सुन रहे हैं कि हम सभी को अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना है ।बात तो सही है लेकिन मजबूत आत्मा में ही मजबूत शरीर होगा।शारिरिक क्षमता को खान-पान से बढ़ाया जा सकता है लेकिन अगर मानसिक मजबूती के लिए आध्यात्म एकमात्र विकल्प है और अगर हमारा मनोबल बढ़ेगा तो स्वाभाविक तौर पर हमारा शरीर भी मजबूत होता जाएगा कहा भी जाता है मन के हरे हार है मन के जीते जीत।

मुझे आध्यात्म अपने जन्म के संस्कारों के साथ ही प्राप्त हुआ। मेरे बाबा(पिता) बहुत आध्यात्मिक प्रवित्ति के रहे,विविध भाषाओं पर उनकी मजबूत पकड़ रही, उनकी सतत नित नए मंत्रों को साधने की आदत को मैंने गौर से देखा और अब उस पूरी प्रक्रिया को मैं भी अपनाती हूं।

इस शिव स्तुति के लिए मैं विशेष धन्यवाद  पूजा दानी को देना चाहती हूं जिन्होंने मुझे इसके लिए प्रेरित किया और प्रोत्साहन किया।

मंत्रो के स्पष्ट उच्चारण को सीखने के लिए मैं मेरे भाई स्वप्निल लांबड़े और कुछ संचार माध्यमों का भी प्रयोग करती हूं और कुछ लिखित शास्त्रों की सहायता से इन मंत्रों के मूलरूप में पठन पाठन का सतत प्रयास किया है।


28-Jul-2020 6:02 PM

रायपुर, 28 जुलाई। राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्राकृतिक आपदा से पीडि़त व्यक्तियों को आर्थिक सहायता जिला कलेक्टर के माध्यम से स्वीकृत की जाती है। कवर्धा जिले में राजस्व पुस्तक परिपत्र छह-चार के तहत दो आपदाग्रस्त परिवारजनों को आठ लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

 इसके तहत पंडरिया तहसील के ग्राम पुसेरा निवासी श्री चंद्रशेखर की तालाब में डूबने से मृत्यु हो जाने पर आपदाग्रस्त श्री भगत राम को और ग्राम दलपुरूवा निवासी श्रीमती सुखैयाबाई की आग लग जाने से उपचार के दौरान मृत्यु हो जाने पर मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। 

 

 


28-Jul-2020 6:02 PM

रायपुर, 28 जुलाई। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के त्यौहार रक्षाबंधन में बहनें भाईयों की कलाईयों पर उनकी मंगलकामना के साथ रक्षासूत्र बांधती हैैंं। इस अवसर पर हर साल राखियों का अच्छा व्यापार होता है। इस साल कोविड-19 वायरस संक्रमण के कारण लगाई जा रही निषेधाज्ञा के कारण कहीं राखियों की सप्लाई में कमी आई है और कहीं दुकान भी नहीं लगी है। ऐसे समय में बलरामपुर जिले में स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने खुद राखी बनाने का कार्य प्रारम्भ किया है। ये महिलाएं इंटरनेट के माध्यम से भी डिजायन देखकर अलग-अलग तरह की राखियां बना रही हैं। बाजार में इन स्थानीय राखियों को अच्छा प्रतिसाद भी मिल रहा है।  राज्य सरकार भी स्थानीय स्तर पर राखी बनाने का जोर दे रही है जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने के साथ आत्मनिर्भरता आ सके। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की सहायता से विकासखण्ड राजपुर की ग्राम पंचायत भिलाईखुर्द की नवा अंजोर स्व-सहायता समूह की महिलाएं राखी निर्माण कर रही हैं। इन राखियों की मांग अब स्थानीय स्तर पर बढऩे लगी है। समूह की श्रीमती कलेश्वरी और सुश्री बिनिता बेक बताती हैं कि उनके समूह में 8 महिलाएं हैं, जनपद पंचायत द्वारा प्रोत्साहित किये जाने पर उन्होंने राखी बनाने का निर्णय लिया। राखी के निर्माण में वह स्थानीय चीजों का इस्तेमाल करती हैं। इससे कम लागत में राखियां तैयार हो जाती हैं और लोगों को 5 रूपए से लेकर 100 रूपए के वाजिब दाम में राखियां उपलब्ध हो जाती हैं। उन्होंने 5 हजार राखी बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि अब स्थानीय व्यापारी भी राखी खरीदने के लिए उनके पास पहुंचने लगे हैं।  स्थानीय व्यापारी श्री विष्णु गर्ग ने बताया कि इस वर्ष कोविड-19 संक्रमण के कारण लॉकडाउन होने से उन्हें उम्मीद कम थी कि राखी का व्यापार वह अच्छी तरह कर पाएंगे लेकिन जब उन्हें पता चला कि गांव की महिलाएँ अपने हुनर से राखी तैयार रही हैं तो सुनकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने बताया कि वह महिलाओं से राखी खरीद कर बाजार में बेच रहे हैं। जनपद पंचायत राजपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने महिलाओं को प्रशासन द्वारा हर संभव मदद करने की बात कही है। उन्होंने अपने स्टॉफ सहित अन्य शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों को भी समूहों से राखी खरीदने को कहा है जिससे महिलाओं का हौसला बढ़ाया जा सके।

 


28-Jul-2020 6:01 PM

रायपुर, 28 जुलाई। छत्तीसगढ़ शासन की जनहित और कल्याण कारी नीतियों से अब लोग उत्साहित हैं। राजनांदगांव जिले के मोहला विकासखंड के दूरस्थ ग्राम मिस्प्री की बीना यादव को वन अधिकार पट्टा से जमीन मिलने पर उनमें खेती करने के लिए उत्साह और खुशी है। शासन के कारगर प्रयासों से जंगलों में लघुवनोपज संग्रहण करने वाले लोगों की जिंदगी बदल रही है। श्रीमती बीना ने बताया की उन्हें 50 डिसमिल जमीन मिली है, जिस पर उन्होंने उनके पति श्री जोहित यादव ने धान की फसल लगाई है। उन्होंने कहा कि दो छोटे बच्चे प्रियंका और दुष्यंत हैं, जिन्हें वे अच्छी तरह पढ़ाना चाहती है।

उनके परिवार में वन अधिकार पट्टा के तहत मोहनलाल, पुरुषोत्तम, जागेश्वर को कुल 2 एकड़ की जमीन मिली है। श्रीमती बीना ने बताया कि हम सब वनों में महुआ, चार, हर्रा और अन्य तरह के वनोपज एकत्रित करते हैं, वहीं कुसुम पेड़ से लाख का भी संग्रहण करते हैं। यह हमारे आजीविका का साधन है, लेकिन अब जमीन पर अधिकार मिलने से कृषि कार्य करने से आमदनी बढ़ेगी।


27-Jul-2020 8:47 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 27 जुलाई। कोरोना संक्रमण में निरंतर हो रहे इजाफे के कारण सावन के चौथे सोमवार को शिवालय सूने पड़े रहे। शिवभवक्तों  पर लगी पाबंदी के कारण हटकेश्वर महादेव का विशेष श्रृंगार भी नहीं किया गया। शिवालयों के कपाल बंद होने के कारण महादेव घाट बूढ़ापारा सहित शहर के अन्य स्थलों में पेड़ों के नीचे विराजित शिवलिंग का श्रद्धालुओं ने अभिषेक पूजन किया।

हटकेश्वर महादेव पुजारी पं. सुरेश गिरी गोस्वामी ने बताया कि कोरोना लॉकडाउन के कारण इने गिने शिवभक्त ही पहुंचे। मंदिर प्रांगण स्थित शिवलिंग की उन्होंने पूजा अर्चना की। शिवभक्तों की गैरमौजूदगी के कारण इस बार हटकेश्वर महादेव का विशेष श्रृंगार नहीं किा जा रहा है।  पं.सुरेश गिरी गोस्वामी कहते हैंं पहले सोमवार को राष्ट्रीय एकता का संदेश देते हुए महादेव का तिरंगायुक्त श्रृंगार किया गया था। दूसरे सोमवार को हनुमान स्वरूप और तीसरी बार हरिशंकर रूप में श्रृंगार किया गया था। लेकिन लॉकडाउन के कारण हटकेश्वर महादेव का विशेष श्रृंगार नहीं कर रहे हैं। शिवभक्तों के बगैर मंदिर सूना ही रह गया।


27-Jul-2020 8:47 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 27 जुलाई। कोरोना संक्रमण के कारण छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार की विभाग की ओर से प्री  इंजीनियरिंग टेस्ट, पीपीएचटी, पीपीटी की जगह परीक्षा में मिले नंबरों के आधार पर प्रवेश के निर्णय को कुछ विद्यार्थियों ने अव्यवहारिक बताया है। इनका कहना है कि कई विद्यार्थी 12वीं की जगह पीईटी सहित दूसरी प्रवेश परीक्षाओं को प्राथमिकता दे रहे थे जिसके कारण वे 12वीं में ज्यादा अंक अर्जित नहीं कर पाए। इस निर्णय का उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

91 प्रतिशत अंकों से 12वीं में उत्तीर्ण अर्णण अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने जेईई को फोकस कर पढ़ाई की, लेकिन बोर्ड एग्जाम का भी ध्यान रखा। अर्णव कहते हैं इस फैसले से कुछ लोगों का नुकसान होगा, लेकिन कोरोना से सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला सही है।


27-Jul-2020 8:46 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 27 जुलाई। कोरोना काल में कम लागत में लंबी अवधि तक फल देने वाला ड्रैगन फ्रूट फल उत्पादकों की पहली पसंद बन गया है। राजधानी के अलावा देशभर में इसका बाजार उपलब्ध होने के कारण इसका उत्पादन फल उत्पादकों को मुनाफे का सौदा लग रहा है। फिलहाल इसकी लाल रंग की दो किस्में बाजार में हैं, लेकिन आगामी कुछ दिनों में पीले ड्रैगन फ्रूट के उत्पादन की उम्मीद की जा रही है।

ड्रैगन फ्रूट उत्पादक मितुल कोठारी ने बताया कि पांच साल पहले पाटन में 5 एकड़ खेत में उन्होंने थाईलैंड प्रजाति के ड्रैगन फ्रूट की नर्सरी शुरू की थी। राजिम फार्म में 25 डिसमिल जमीन में उन्होंने इसके पौधे विकसित किए। फिलहाल राजिम के निकट 10 एकड़ खेत में वह इसका उत्पादन कर रहे हैं।

वर्तमान में बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव के लगभग 22 किसान इसके उत्पादन से जुड़ गए हैं। मितुल कोठारी कहते हैं। यह कैक्टस प्रजाति के पेड़ में होता है। जुलाई से दिसंबर माह तक इसके फल लगते है। अमूमन 2 साल में फल मिलने शुरू हो जाते हैं।

एक पेड़ से 20 साल तक फल मिलते हैं। एक एकड़ में लगभग 400 सीमेंट के पोल में ड्रैगन फ्रूट के 1600 पौधे लगाए जा सकते हैं। आमतौर पर इसमें किसी तरह की बीमारी नहीं लगती है। प्रति पोल 4 पौधे लगाए जा सकते हैं और प्रत्येक पोल से 15 से 30 कि. ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन होता है। प्रति एकड़ सालाना 15 से 20 टन उत्पादन होता है। जिससे 8 लाख की आमदनी हो सकती है। वर्तमान में 2 प्रकार के ड्रैगन फ्रूट पाए जा रहे हैं।

पहली किस्म में बाहर से यह लाल होता है, लेकिन इसका गूदा सफेद होता है। दूसरी किस्म में छिलका और गूदा दोनों लाल होता है। फिलहाल पीले ऐसे ड्रैगन फ्रूट तैयार कर रहे हैं जिसका गूदा लाल होगा।  धमधा के फल उत्पादक राजेश पुनिया ने बताया कि वह 450 एकड़ जमीन में फलों का उत्पादन करते हैं। हर 15 एकड़ के बाद उन्होंने खेत में आवाजाही के लिए सडक़ बनवा रखी है। फिलहाल सडक़ के दोनों किनारों में उन्होंने ड्रैगन फ्रूट के 3 हजार पेड़ लगा रखे हैं। पिछले दो सालों में ड्रैगन फू्रट बेचकर लगभग 8 लाख की उन्हें आमदनी हो चुकी है।

राजेश कहते हैं ड्रैगन फ्रूट की खासियत यह है कि यह जल्दी खराब नहीं होता है और इसकी देश-विदेश में मांग है। ड्रैगन फू्रट उत्पादन के फायदे को देखते हुए मैंने 10 एकड़ में लगे बेर के पेड़ों को उखाड़ कर ड्रैगन फ्रूट के पौधे रोप दिए हैं। बाजार में फिलहाल 70 से 90 रुपये किलो के भाव से इसकी बिक्री हो रही है। फिलहाल लॉकडाउन के कारण इसकी आपूर्ति छत्तीसगढ़ में ही की जा रही है लेकिन भविष्य में इसे प्रदेश से बाहर भेजेंगे।


27-Jul-2020 8:45 PM

संचालकों की गिरफ्तारी, जल्द भुगतान की मांग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 27 जुलाई। छग नागरिक अधिकार समिति द्वारा निवेशकों के साथ मिलकर चिटफंड कंपनी फर्जीवाड़े पर प्रदेश में जल्द ही आंदोलन तेज किया जाएगा। उनकी मांग है कि चिटफंड कंपनी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हजारों निवेशकों का भुगतान जल्द कराया जाए।

समिति के प्रदेश अध्यक्ष शुभम साहू ने आज गूगल मीट के माध्यम से निवेशकों की ऑनलाइन बैठक में चेतावनी दी है कि चिटफंड मुद्दे की अनदेखी पर फिर से एक बड़े आंदोलन की तैयारी है। वहीं राजनांदगांव जिले में हजारों निवेशकों के भुगतान प्रक्रिया के अंतिम चरण में पहुंचने पर यहां के अधिकारियों  का सम्मान किया जाएगा। बैठक में कई अभिकर्ताओं ने इस बात पर रोष जताया कि क्लीन चिट के बावजूद कई थानों में अब भी उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उन्हें परेशान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि एजेंटों को प्रताडि़त करने के विरोध में थानेवार सूची बनाकर गृहमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। वहीं उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की जाएगी। बैठक में प्रदेश के 20 लाख निवेशकों को तत्काल भुगतान करने जल्द विशेष कोष गठन की मांग की गई। इसके अलावा जिला स्तर पर गठित विशेष न्यायालयों की कार्यवाही तेज कर पूर्णकालिक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की जाए। इसके अलावा फरार संचालकों की गिरफ्तारी एवं संपत्ति जब्त-नीलामी को भी आगे बढ़ाया जाए, ताकि कोरोना काल में उन्हें कुछ राहत मिल सके।


27-Jul-2020 8:45 PM

स्वास्थ्य मंत्री, सचिव को पत्र

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 27 जुलाई। आईएमए ने प्रदेश में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए त्रिस्तरीय इंतजाम करने एवं लक्षण विहीन या हल्के लक्षण और सामान्य आक्सीजन स्तर वाले मरीजों को सभी व्यवस्था उपलब्ध होने पर घर में ही रखने का सुझाव दिया है। उन्होंने सुरक्षात्मक उपाय अपनाते हुए यह व्यवस्था सभी बड़े जिलों में शुरू करने पर भी जोर दिया है। 

आईएमए प्रदेश अध्यक्ष डॉ अनिल जैन ने इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव एवं स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक को पत्र भी लिखा है। पत्र में कहा गया कि भारत सरकार ने हाउसिंग सोसाइटी के लिए भी इस बारे में कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कोविड हेल्थ सेंटर-ऐसे कोरोना मरीजों को जिनको आक्सीजन की आवश्यकता है, साथ ही कुछ दवाइयां भी दी जा सकती हैं। कोविड अस्पताल-ऐसे लोगों के लिए जो गंभीर हैं और उनका कुछ दूसरी बीमारियों का इलाज चल रहा है या उम्र के अनुसार।

इस प्रक्रिया से लोगों को उनकी आवश्यकता अनुसार विभिन्न स्तर का इलाज आसानी से उपलब्ध कराया जा सकता है और व्यवस्था पर भी ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा। ऐसा देखा जा रहा है कि विभिन्न विभाग अभी भी मीटिंग व्यक्तिगत उपस्थिति में कर रहे हैं, जबकि आज तकनीक के बहुत से साधन उपलब्ध हैं जिनसे कि दूरी बनाकर भी काम किया जा सकता है। यह सलाह साथ ही नेताओं और जन प्रतिनिधियों को भी देने की आवश्यकता है, जो भीड़ के साथ विभिन्न आयोजनों में भाग लेते दिखाई देते हैं। उन्हें जनता के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत करने की आवश्यकता है।

 

 


27-Jul-2020 8:45 PM

पिछले चार वर्षों में सबसे ज्यादा

रायपुर. 27 जुलाई। छत्तीसगढ़ में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) कार्यों में आधी आबादी यानि महिलाओं की भागीदारी आधी से ज्यादा है। चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 के शुरूआती चार महीनों में यहां योजना के तहत 24 लाख 28 हजार 234 महिलाओं को काम मिला है। प्रदेश में इस दौरान सृजित कुल नौ करोड़ 17 लाख 87 हजार मानव दिवस रोजगार में महिलाओं की हिस्सेदारी चार करोड़ 65 लाख 85 हजार है। मनरेगा कार्यों में इस साल अब तक महिलाओं की भागीदारी 50.75 फीसदी रही है जो पिछले चार वर्षों में सर्वाधिक है जबकि अभी चालू वित्तीय वर्ष के चार महीने भी पूरे नहीं हुए हैं।

छत्तीसगढ़ में इस साल विभिन्न मनरेगा कार्यों के अंतर्गत कुल 48 लाख 14 हजार 330 मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इनमें 24 लाख 28 हजार 234 महिला श्रमिक शामिल हैं। मनरेगा कार्यों में महिलाओं की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2016-17 में इसमें महिलाओं की भागीदारी 49.31 प्रतिशत, 2017-18 में 49.71 प्रतिशत, 2018-19 में 50.05 प्रतिशत, 2019-20 में 50.70 प्रतिशत और चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 50.75 प्रतिशत रही है। महिलाओं की सर्वाधिक हिस्सेदारी इस साल शुरूआती चार महीनों में ही हासिल कर ली गई है। मनरेगा महिलाओं के लिए भी रोजगार का बड़ा और सुलभ साधन साबित हो रहा है।

प्रदेश में मनरेगा के तहत महिलाओं को रोजगार देने में दुर्ग जिला अव्वल है। मनरेगा कार्यों में इस साल वहां महिलाओं की भागीदीरी 64 प्रतिशत है। बालोद में कुल सृजित रोजगार में महिलाओं की हिस्सेदारी 62 प्रतिशत, राजनांदगांव में 59 प्रतिशत, रायपुर में 54 प्रतिशत, बस्तर में 52 प्रतिशत तथा बिलासपुर, धमतरी, कोंडागांव और नारायणपुर में 51-51 प्रतिशत है।

मनरेगा के अंतर्गत विभिन्न हितग्राहीमूलक कार्यों में प्रधानमंत्री आवास निर्माण में श्रम, बकरी आश्रय, मुर्गी आश्रय, मवेशियों के लिए पक्का फर्श, कोटना निर्माण, भूमि समतलीकरण, कूप निर्माण और निजी डबरी निर्माण इत्यादि शामिल हैं। मनरेगा कार्यों में मजदूरी के साथ ही महिलाएं हितग्राही के तौर पर इन कार्यों का लाभ लेकर कृषि, उद्यानिकी, मछलीपालन, बकरीपालन एवं मुर्गीपालन जैसे कार्यों के जरिए अपनी आजीविका संवर्धित कर रही हैं। मनरेगा प्रावधानों के मुताबिक रोजगार प्रदाय में एक-तिहाई महिलाओं का होना अनिवार्य है। दिव्यांग और अकेली महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने का भी प्रावधान किया गया है।


27-Jul-2020 8:44 PM

रायपुर, 27 जुलाई। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आग्रह किया है कि कोरोना कोविड 19 महामारी के राज्य में चिकित्सकों की बहुतायत कमी हो रही है जिसके के कारण खुद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह है। भाजपा शासन काल मे विशेषज्ञ चिकित्सकों के कुल रिक्त पद 1525 थे जिसमें मात्र 175 पदों में ही नियुक्ति की गयी थी।

तिवारी ने बताया कि चिकित्सा अधिकारी के 689 पर रिक्त रहे जिसका खामियाजा आज पूरे प्रदेश को भोगना पड़ रहा है। रमन राज में प्रदेश के स्वास्थ व्यवस्था लचर और चरमराई हुई थी जबकि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह खुद एक आयुर्वेदाचार्य(चिकित्सक) थे।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि डॉ. रमन सिंह इस प्रदेश की जनता ने तीन बार प्रदेश का नेतृत्व सौंपा और भारतीय जनता पार्टी की सरकार उनके नेतृत्व में बनवायी है।आज जब प्रदेश की जनता कोरोना कोविड-19 महामारी से संक्रमित हो रही है लोगों को लगातार चिकित्सकों की आवश्यकता महसूस हो रही है तब उस समय पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह को जो कि एक विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य (चिकित्सक)हैं जिनकी ख्याति कवर्धा क्षेत्र के आसपास फैली हुई थी।

कवर्धा की जनता बताती है कि डॉ रमन सिंह के हाथों में जादू है और जिस किसी भी मरीज का इलाज करते हैं उसे तत्काल फौरी राहत मिलती थी चाहे वो कितना भी जटिल बीमारी हो उसी प्रकार उनके दामाद डॉ पुनीत गुप्ता जो कि एक नेफ्रोलॉजिस्ट(किडनी रोग विशेषज्ञ) इनकी भी ख्याति डीकेएस अस्पताल से निकलकर पूरे देश-विदेश में फैली हुई है जिन्होंने किडनी रोग से ग्रसित मरीजो के लिये एक महत्वपूर्ण अविष्कार मैक-डी डायलिसिस जैकेट है,जिसे पहनने मात्र से जटिल किडनी का डायलसिस आसानी से हो जाता है। कोरोना कोविड-19 वायरस फेफडा,गुर्दा में तेजी से फैलती है जिसके की विशेषज्ञ डॉ रमन सिंह एवं डॉ पुनीत गुप्ता है।

उन्होंने कहा कि कोरोना कोविड 19 महामारी के समय पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह और उनके दामाद डॉ पुनीत गुप्ता इस वाक्य और चिकित्सकीय शपथ को भूल गये हैं जबकि उनको सुबह दो घंटा और शाम को दो घंटा ओपीडी लगाकर कोरोना कोविड 19 महामारी के संदिग्ध और ग्रसित लोगों की जांच नि:शुल्क करनी चाहिये एवं रोजाना 2 घंटे आईपीडी  आयुष अस्पताल,डीकेएस अस्पताल,अंबेडकर अस्पताल में अवश्य करनी चाहिये।

इस हेतु उन्हें तत्काल एक आवेदन पत्र कांग्रेस सरकार के मुखिया भूपेश बघेल को संबोधित करते हुवे प्रेषित करना चाहिये और निरंतर मरीजों की सेवा नि:शुल्क  करनी चाहिये जिससे कि उनका समय भी कटेगा और उनके कारण प्रदेश में जो चिकित्सकों की कमी थी उसमें थोड़ी रिक्ता को भरा जा सकेगा।


27-Jul-2020 8:42 PM

रायपुर, 27 जुलाई। आपदा को अवसर में बदलने की ताकत छत्तीसगढ़ की महिलाओं ने दिखाई है। इस साल कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन में रक्षाबंधन के त्यौहार के लिए समूह की महिलाएं स्थानीय स्तर पर राखियों की आपूर्ति कर रही हैं। इन राखियों में छत्तीसगढ़ की माटी की महक तो है ही साथ ही दर्जनों महिलाओं को घर बैठे काम भी मिला है। स्व-सहायता समूहों की महिलाएं भाईयों के लिए हल्दी, कुमकुम, चंदन, गोबर आदि से वैदिक राखियां बनाने के साथ बहनों के लिए खूबसूरत कंगन और झुमके भी बना रही हैं।

दुर्ग जिले के भिलाई की स्वयं सेवी संस्था ’छत्तीसगढ़ उड़ान नई दिशा’ की संचालक सुश्री निधि चंद्राकर समूहों से जुड़ी दर्जनों महिलाओं को पंचद्रव्य में शामिल गोबर और मौली धागा से राखियाँ बनाने का प्रशिक्षण दिया है। गोबर, चंदन, कुमकुम, हल्दी जैसे शुभ सामग्रियों के बनने के कारण इसे वैदिक राखी का नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की परंपराओं को सहेजने की पहल और स्थानीय रोजगार को  प्रोत्साहन से इनको हौसला मिला है। महिलाएं गोबर से बनी इस वैदिक राखी को मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को भेजना चाहती हैं। वैदिक राखी बनाने वाली इन महिलाओं का मानना हैं कि हाथों से बनी राखी जब भाईयों की कलाई में सजेगी तो उसका अलग ही अहसास होगा।

बिहान समूह की दीदियां भी रक्षाबंधन के त्यौहार पर बहनों के लिए झुमके कंगन और भाइयों के लिए राखियाँ बना रही हैं। समूहों से जुड़ी ग्रामीण अंचलों की इन महिलाओं को बिहान योजना के तहत चूड़ी, झुमके और अन्य आर्टिफिशियल ज्वेलरी के साथ राखी बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। जनपद पंचायत द्वारा कच्चा माल क्रय करने राशि भी उपलब्ध कराई गई है। किशोरी बालिकाएं भी इसमें हिस्सा लेकर उत्साह से राखियाँ बना रही हैं। जिले की तीनों जनपद पंचायतों में महिलाओं द्वारा राखियाँ बनाई जा रही हैं।

इनके प्रोडक्ट अच्छी गुणवत्ता और कम दाम में उपलब्ध हैं। महिलाओं को उम्मीद है कि उनकी राखियों और आर्टिफिशियल ज्वेलरी को पसंद किया जाएगा।


27-Jul-2020 7:48 PM

शिकायत में कई आरोप, कार्रवाई की मांग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कुम्हारी, 27 जुलाई। सेवा सहकारी समिति कुम्हारी के एक लिपिक के खिलाफ  किसानों ने मोर्चा खोलकर कई गंभीर आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ  एफ आईआर दर्ज कर जांच तथा कार्रवाई की मांग की थी। कई दिन बीत जाने के बाद भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिए जाने पर किसानों में रोष है।

 इस बारे में ग्राम साकरा के किसानों ने सामूहिक रूप से सोसाइटी के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा को लिखित में शिकायत देकर बताया कि यहां के एक लिपिक द्वारा सरकार की तरफ  से दिए जाने वाले बीमा राशि में गड़बड़ी कर किसानों को ठगा जा रहा है।

यह है आरोप- हाल ही में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का पैसा किसान टीकाराम के खाते में रूपए 35 हजार 986 आया था जिसे लिपिक द्वारा यह कहकर वापस मांग लिया गया था कि इनके खाते में धोखे से पैसा चला गया। इसके बाद किसान ने पैसा लिपिक को दे दिया। जब पता चला कि यह लिपिक अधिकांश किसानों से यही करता आ रहा है तो कुछ किसान इसके खिलाफ लामबंद हो गए, तब जाकर टीकाराम को उनका पैसा वापस लौटाया गया। गांव के ही भेखराम से फसल बीमा की राशि आने के बाद रूपए 20,000 वापस लिपिक द्वारा मांग लिया गया। इसके साथ ही कई किसानों ने धान खरीदी के समय पैसा मांगने तथा दुव्र्यवहार करने का आरोप लगाया है।

मिली जानकारी के अनुसार किसानों की शिकायत पत्र के बाद अध्यक्ष द्वारा जांच टीम गठित की गई थी, जिन्होंने गांव में जाकर किसानों से बयान भी लिए। इसके बाद समिति की मीटिंग रखी गई थी, जिसमें कुछ सदस्य आरोपित लिपिक के बचाव में उतर आए है एवं लिपिक को यथावत रखने की मांग पर अड़े हुए हैं।

राजेंद्र शर्मा अध्यक्ष सेवा सहकारी समिति कुम्हारी का कहना है कि शिकायत मिली है। किसानों के साथ अन्याय नहीं होगा। इस बाबत आरोपित लिपिक से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। लॉकडाउन की वजह से बोर्ड की मीटिंग सम्भव नहीं हो पा रही है। जैसे ही लॉकडाउन समाप्त होगी, तुरंत बोर्ड की मीटिंग बुलवाई जाएगी एवं इस विषय पर चर्चा कर कार्रवाई की जाएगी और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।