सेल्समैन और सुपरवाइजर चांदी काट रहे
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 मई। राजधानी और प्रदेश भर की सरकारी शराब दुकान में इन दिनों सीधी लूट हो रही है । दोगुने चार गुना की वसूली हो रही है। । इतना ही नहींइन दिनों अमूमन हर दुकान में ऐसा विवाद हो रहा है। इतना ही नहीं चार बोतल का पैसा लेकर दो बोतल दिया जा रहा। इन सरकारी दुकानों क् सेल्समैन, सुपरवाइजर चांदी काट रहे है ।
यह सरकारी अवैध कारोबार पिछले माह भर से चल रहा है जब से ईडी ने शराब घोटाले का खुलासा कर बड़े सप्लायर,अफसरों को गिरफ्तार किया है। पहले तो डिस्टलरी से आई शराब की गोदामों में अनलोडिंग महीने भर तक अटकी रही।
बोतलों से भरे ट्रक आबकारी गोदाम में खड़े रहे। जब अनलोड हुए ते अब दुकानों में लूट शुरू हो गई है । सेल्समैन ठीक उसी तरह का कारोबार कर रहे जैसे घोटाले में खुलासा किया गया है। यह वसूली अब इनके जेब में जा रही है। निगरानी करने वाले अधिकारी कर्मचारी कोई भी अब इस पचड़े में नहीं पडऩा चाहते । अधिकांश ने ते मोबाइल ही बंद कर रखा है। इस वजह से सेल्समैन, सुपरवाइजरों के पौ बारह हैं।
राजधानी से लेकर दूर,दराज के शहरों में भी कोई अंग्रेज़ी शराब नहीं मिल रही । शनि- रविवार के वीकेंड की पार्टियां नहीं हो रही है,क्योंकि किसी भी ब्रांड की शराब नहीं मिल रही। शौकीनों का कहना है कि अब तो सब दिन ड्राई- डे की तरह हो गए हैं। जो पीने को मजबूर हैं उन्हें बीयर से काम चलाना पड़ रहा है। इसमें महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। वे भी केन बीयर ले रहीं है। बीयर की अध्दी,पौवा,केन के लिए भी काफी मशक्कत कर रहे। दो से चौगुने दाम में लेना पड़ रहा है। दुकानों में भीड़ तो जुट रही है लेकिन शराब नहीं मिल रही।
एक बोतल खऱीदने पर 500 रुपए का नोट देने के बाद भट्टी कर्मचारी चेंज पैसे वापस देने से साफ़ इनकार कर रहे। मांगने पर खरीदार को दुकान के भीतर या पीछे बुलाकर पिटाई की जा रही है। इसी तरह से 500 रुपए लेकर 200 रुपए देने की भट्टी कर्मचारी करते है। इसे लेकर शराब के आदियों में भारी आक्रोश भी पनप रहा है। 200 का नोट दे तो सेल्समैन बोलते हैं 100 का दिया। 300 का दो तो कहते है डेढ़ सौ रुपए दिए । विवाद किसी भी दिन किसी की जान पर बन सकती है। जब राजधानी में यह स्थिति है तो ग्रामीण इलाकों में तो और भी गंभीर होंगे।
छत्तीसगढ़ का स्टिंग: अधिक वसूली, और कम बोतल को लेकर हमने भी मौके पर स्टिंग किया। हमारे एक साथी ने भाटागांव अंग्रेजी शराब दुकान की लाइन में खड़े होकर शराब खरीदी। सेल्समैन ने पांच सौ रूपए लिए, और एक ही बोतल दिया। इस पर हमारे साथी ने आपत्ति की तो सेल्समैन और सुपरवाइजर ने उसे दुकान के पीछे लेकर आने अपने ही साथी को भेजा। इस पर हमारे कॉल पर पहुंची पुलिस की मदद से यह विवाद सुलझा।