छत्तीसगढ़ » रायपुर

Date : 28-Mar-2020

जरूरतमंदों की मदद से जुटा चरामेति फाउंडेशन

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 28 मार्च। रोजाना 3 सौ भोजन पैकेट बांट रहे हैं कोरोना वायर से उपजी विमीषिका का सबसे ज्यादा प्रभाव आर्थिक रूप से कमजोर तबके पर पड़ा है। दिहाड़ी मजदूर से लेकर निम्न तबका जबकि भोजन के लिए मोहताज हो गया है कई सामाजिक संस्थाएं इनकी मदद के लिए आगे आ रही हैं। राजधानी की चरामेति संस्था ऐसी ही पहल करते हुए जरूरतमंदों को विगत कई दिनों से भोजन मुहैया करा रही है।

चरामेति फाउंडेशन के प्रशांत महतो ने बताया कि कोरोना से संकटग्रस्त राजधानी के निम्न तबके को विगत 24 मार्च से भोजन के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। रोजाना 3 सौ भोजन के पैकेट सड्डू, मेकाहारा, उरला, स्टेशन रोड, फाफाडीह आदि क्षेत्रों में वितरित किए जा रहे हैं। इस पुनीत काम में फाउंडेशन से जुड़े राजेन्द्र ओझा, सुधीर शर्मा, चंद्रनारायण, गौरव दुबे, रेखा शर्मा सहित अन्य सदस्य सतत् योगदान दे रहे हैं।


Date : 28-Mar-2020

लॉक डाउन की वजह से फंसे सैकड़ों ट्रक ड्राइवर, घर वापसी का शिद्दत से कर रहे हैं इंतजार

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 28 मार्च। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु देशव्यापी लॉक डाउन के कारण राजधानी में सैकड़ों ट्रक ड्राइवर, क्लीनर फंसे हुए हैं। स्थानीय पुलिस से यद्यपि इन्हें मदद मिल जा रही है लेकिन ये किसी भी हालत में जल्द से जल्द अपने घर पहुंचना चाहते हैं। खमतराई इलाके में फंसे ट्रक ड्राइवर मेराज अहमद ने बताया कि वह मूलत: बरेली के रहने वाले हैं।

रायपुर से सरिया वगैरा लेकर उन्हें बरेली जाना था लेकिन लॉक डाउन के कारण पिछले आठ दिनों से वह रायपुर में फंसे हुए हैं। उनके साथ लगभग 50 और ट्रक ड्राइवर फंसे हुए हैं। पुलिस चौकी की ओर से उनके खाने का बंदोबस्त हो जा रहा है, लेकिन उनके परिवार वाले बेहद चिंतित हैं। इस कारण वह जल्द से जल्द घर जाना चाहते हैं।

रामपुर बरेली के ट्रक ड्राइवर फैजान ने बताया कि आठ दिनों से फंसे रहने के कारण उनके पैसे भी खत्म हो गए हैं। घर में मां, बाप सब परेशान हैं। वह इंतजार कर रहे हैं कि सामान अनलोड कर किसी तरह उन्हें घर जाने मिल जाए।

होरा ट्रांसपोर्ट से जुड़े गुरमीत सिंह होरा ने बताया कि इस वक्त छत्तीसगढ़ में लगभग 8 हजार ट्रक फंसे हुए हैं। हाल में सुनने में आया है कि सिर्फ एक बार सामान अनलोड कर ये घर वापसी कर सकते हैं।

गरमीत सिंह कहते हैं कि छोटे ट्रक के ड्राइवर की अमूमन 15 हजार एवं बड़े ट्रक के ड्राइवर को 20 से 25 हजार वेतन मिलता है। पिछले 10 दिनों से लॉक डाउन के कारण ये ट्रक ड्राइवर अलग-अलग प्रदेशों में फंसे हुए हैं। छग ट्रांसपोर्ट की ओर से कोशिश की जा रही है कि इनकी घर वापिसी हो जाए लेकिन इसके लिए केन्द्र और राज्य को मिलकर नियम तय करने होंगे।


Date : 28-Mar-2020

मुख्यमंत्री सहायता कोष में अब यूपीआई और बार कोड के जरिए आसानी से कर सकते हैं दान

रायपुर, 28 मार्च। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोगों से अपील की है कि वो इस संकट की घड़ी में दैनिक वेतनभोगी मजदूरों और जरूरतमंदों की आगे आकर मदद करें। इसके लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष में आवश्यक सहयोग राशि प्रदान की जा सकती है। मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए भारतीय स्टेट बैंक के खाता नंबर 30198873179, IFSC CODE: SBIN0004286 पर यह सहयोग राशि जमा की जा सकती है। इसके साथ यूपीआई और बार कोड को स्कैन करके भी लोग सहायता राशि आसानी से मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कर सकते हैं। यूपीआई आईडी cgcmrelieffund@sbi.


Date : 28-Mar-2020

खाद्य विभाग के लिए राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 28 मार्च। राज्य शासन द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए विभिन्न उपाय किए जा रहे है । प्रदेश में खाद्य सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मनोज कुमार सोनी, विशेष सचिव को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के लिए राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

 विशेष सचिव, मनोज कुमार सोनी से उनका मोबाइल नंबर 9425201972 तथा ईमेल आई डी पर संपर्क किया जा सक्ता है।

खाद्य सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह द्वारा राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आदेश मंत्रालय, महानदी भवन से जारी किया गया है ।


Date : 28-Mar-2020

लॉकडाउन, बंगाल-गुजरात सहित कई राज्यों के लोग फंसे, लोकसभा अध्यक्ष का फोन घनघनाया

सुनील सोनी ने ली व्यवस्था की जानकारी

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 28 मार्च। लॉक डाउन के चलते पश्चिम बंगाल-गुजरात और राजस्थान सहित कई राज्यों के लोग यहां फंस गए हैं। इन लोगों की वापसी के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से लेकर वहां के सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने सांसद सुनील सोनी से मदद मांगी है। श्री सोनी ने उन्हें आश्वस्त किया है कि लोग सुरक्षित हैं और प्रशासन रहने खाने की पूरी व्यवस्था कर रहा है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के लोकसभा क्षेत्र के 4 लोग रायपुर आए थे और ट्रेनें रद्द होने की वजह से फंस गए थे। इसके बाद श्री बिड़ला ने सांसद सुनील सोनी को फोन कर फंसे लोगों की मदद करने के लिए कहा था। सुनील सोनी ने तुरंत सभी लोगों को कार से राजस्थान भेजने की व्यवस्था कराई। उस समय लॉक डाउन नहीं था। इसलिए ऐसा कर पाना संभव हो पाया। मगर गुजरात और अन्य राज्यों के बड़ी संख्या में लोग यहां फंस गए हैं।

अहमदाबाद और सूरत के करीब 90 से अधिक लोग चंपारण्य दर्शन के लिए आए थे, लेकिन लॉक डाउन होने के कारण उनका वापस जाना संभव नहीं हो पाया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने श्री सोनी से फोन पर चर्चा की। इन सभी को चंपारण्य के धर्मशाला में ठहराया गया है। खुद रायपुर सांसद ने तीर्थ यात्रियों से चर्चा की है, वे सभी मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था से संतुष्ट हैं और जैसे ही लॉक डाउन खत्म होगा वे वापस रवाना हो जाएंगे।

इसी तरह पश्चिम बंगाल के सांसद खगेन मुर्मू ने भी श्री सोनी से चर्चा कर बंगाल से आए लोगों की मदद का आग्रह किया। करीब 50 से अधिक लोग बीरगांव में ठहरे हुए हैं। इन सभी से श्री सोनी ने चर्चा की और ये सभी बीरगांव में ही ठहरे हुए हैं। जिला प्रशासन ने उनकी व्यवस्था की है। इसकी निगरानी तहसीलदार पुलक भट्टाचार्य कर रहे हैं। सुनील सोनी ने पुलक भट्टाचार्य से इस सिलसिले में चर्चा की।

 श्री सोनी ने 'छत्तीसगढ़' से चर्चा में कहा कि शासन-प्रशासन ने दूसरे राज्यों से फंसे लोगों के ठहरने की  पूरी व्यवस्था की है। उन्होंने खुद प्रभावित लोगों से चर्चा की है और सभी यहां की व्यवस्था से संतुष्ट हैं। चूंकि लॉक डाउन की वजह से आवाजाही पूरी तरह बंद है। ऐसे में उनका वापस जाना संभव नहीं है। जैसे ही लॉक डाउन खत्म होगा ये सभी वापस चले जाएंगे।


Date : 28-Mar-2020

कोरोना का एक और मरीज मिला, अब 7 मरीज-संदिग्धों की हालत स्थिर

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 28 मार्च। रायपुर में कोरोना पॉजिटिव एक और नया केस मिला है. इसे मिलाकर छत्तीसगढ़ में अब तक कुल सात कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं. स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने नए केस मिलने की पुष्टि की है।

एम्स अस्पताल में भर्ती कोरोना के चारों मरीजों की हालत अभी भी स्थिर बनी हुई है। वही 11 संदिग्ध मरीज भी फिलहाल ठीक बताई जा रही है। पिछले दो दिनों में यहां और कोई नए मरीज भर्ती नहीं हुए हैं। राजनांदगांव और बिलासपुर में भर्ती दोनों कोरोना मरीजों की हालत भी स्थिर है। डॉक्टरों की टीम इन सभी जगहों पर जांच-इलाज में लगी है।

देश-दुनिया में कोरोना संक्रमण के चलते नए-नए मरीज सामने आ रहे हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में 6 मरीजों के अलावा फिलहाल और कोई नए मरीज सामने नहीं आये हैं। रायपुर एम्स अस्पताल में कोरोना के 4, राजनांदगांव में 1 व सिम्स बिलासपुर में 1 मरीज भर्ती हैं। इन सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। इसी तरह रायपुर एम्स में संदिग्ध मरीजों की संख्या 11 बनी हुई है।

एम्स अधीक्षक डॉ. करण पिपरे ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में भर्ती सभी कोरोना मरीजों और संदिग्धों का इलाज जारी है और उन सभी की हालत फिलहाल स्थिर है। उन्होंने कहा कि उनके अस्पताल में एक साथ 200 मरीजों के आने पर भी जांच-इलाज का पर्याप्त इंतजाम है। कोरोना संक्रमण से प्रभावित मरीजों के लिए दवा, मास्क व अन्य सभी जांच सुविधाएं पर्याप्त हैं। ब्लड की जरूरत फिलहाल 3 से 4 यूनिट की बनी हुई है और स्टॉक में 83 यूनिट ब्लड तैयार है। ब्लड डोनेट के चलते फिलहाल ब्लड की कमी नही है। 5 पर)

हर रोज अब 3 सौ से अधिक सैंपल, जांच

स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक रायपुर, राजनांदगांव, बिलासपुर में भर्ती कोरोना पीडि़त सभी 6 मरीजों की हालत स्थिर है। विभाग की ओर से अब कोरोना पीडि़त और संदिग्ध मरीजों के आस-पास समेत उस पूरे क्षेत्र की घर-घर जांच कराई जा रही है। उनकी यह जांच गावों में भी चल रही है। अभी तक प्रदेश में विदेश और अलग-अलग राज्यों से आए 12 सौ लोगों की जानकारी मिल पाई है। वे सभी होम आइसोलेशन में रखे गए हैं। दूसरी तरफ जांच सैम्पलों की संख्या अब बढ़ दी गई है। 50-100 की जगह अब 3 सौ से अधिक कोरोना सैंपल लिए जा रहे हैं ताकि मरीजों और संदिग्धों की समय पर जानकारी मिल सके।


Date : 28-Mar-2020

नामकरण विवाद, पत्रकारिता विवि संशोधन विधेयक को पुनर्विचार के लिए लौटा सकती हैं राज्यपाल, एक बार फिर राजभवन-शासन के बीच मतभेद की स्थिति...

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 28 मार्च। पत्रकारिता विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक को लेकर एक बार फिर राजभवन और राज्य शासन के बीच मतभेद की स्थिति बन सकती है। विश्वविद्यालय का नामकरण कुशाभाऊ ठाकरे की जगह अब चंदूलाल चंद्राकर के नाम से करने के सरकार के फैसले पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति की है। हालांकि विधेयक बिना चर्चा के पारित हो गया था। कहा जा रहा है कि राज्यपाल विधेयक को पुनर्विचार के लिए राज्य शासन को लौटा सकती हंै।

बताया गया कि विधानसभा का सत्र खत्म होने के बाद नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक की अगुवाई में पिछले दिनों भाजपा के विधायकों ने राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से मुलाकात की थी। इस दौरान पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह भी मौजूद थे। चर्चा के दौरान विश्वविद्यालय का नाम बदले जाने के सरकार के फैसले से राज्यपाल को अवगत कराया गया। वैसे तो प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा की सरकारों ने पहले से चल रही योजनाओं का नाम बदला था, लेकिन किसी संस्थान के नाम परिवर्तन का पहला मामला है।

भूपेश सरकार के इस फैसले की भाजपा हाईकमान ने भी आलोचना की है। विधानसभा में पत्रकारिता विश्वविद्यालय समेत अन्य विधेयक बिना चर्चा के पारित हो गए। हालांकि भाजपा विधायक दल ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए सदन से वाकऑउट कर दिया था। सूत्र बताते हैं कि न सिर्फ प्रदेश बल्कि भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व की आपत्ति को देखते हुए राज्यपाल पत्रकारिता संशोधन विधेयक पुनर्विचार के लिए लौटा सकती है। विधेयक की मंजूरी के लिए राज्यपाल की सहमति जरूरी है। इससे पहले कुलपति की नियुक्ति को लेकर भी राजभवन और सरकार के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए थे। राज्यपाल ने सरकार की अनुशंसा को नजर अंदाज कर बलदेव भाई शर्मा की नियुक्ति कर दी थी, जबकि सरकार ने वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश के नाम की अनुशंसा की है। इसके बाद सरकार ने कुलपति की नियुक्ति का अधिकार राज्यपाल से वापस भी लेने जा रही है। पत्रकारिता संशोधन विधेयक में इसका प्रावधान भी है।

हालांकि अभी तक राजभवन ने विधेयक को मंजूरी नहीं दी है, लेकिन इसको लेकर जल्द ही दोनों के बीच फिर विवाद की स्थिति बन सकती है।

दूसरी तरफ, प्रदेश भाजपा के प्रभारी डॉ. अनिल जैन ने विश्वविद्यालय का नाम बदले जाने पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है और कहा है कि  हमारे पितृ पुरुष और अविभाजित मध्यप्रदेश के (छत्तीसगढ़ जिसका हिस्सा था) माटीपुत्र स्व. कुशाभाऊ ठाकरे भारतीय राजनीति के संत और सादगी-शुचिता के प्रतिमूर्ति थे। उनके नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय का नाम राजनीतिक द्वेषवश बदल देना निहायत ही बेतुका और राजनीतिक प्रदूषण को बढाने वाला कदम है। देश के महापुरुष किसी दल के नहीं बल्कि पूरे समाज के होते हैं। अगर इस तरह दुर्भावना से सरकारें कारवाई करने लगी तो देश भर में विरोधी दल के नेताओं के नाम पर स्थापित संस्थानों का नाम बदलने की एक भौंडी प्रतिस्पर्द्धा शुरू होगी जिसका जिम्मेदार कांग्रेस ही होगी और उसे ही इसका सबसे ज्यादा नुकसान भी उठाना पड़ेगा। 


Date : 28-Mar-2020

नामकरण विवाद, पत्रकारिता विवि संशोधन विधेयक
 को पुनर्विचार के लिए लौटा सकती हैं राज्यपाल

एक बार फिर राजभवन-शासन के बीच मतभेद की स्थिति...
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 28 मार्च।
पत्रकारिता विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक को लेकर एक बार फिर राजभवन और राज्य शासन के बीच मतभेद की स्थिति बन सकती है। विश्वविद्यालय का नामकरण कुशाभाऊ ठाकरे की जगह अब चंदूलाल चंद्राकर के नाम से करने के सरकार के फैसले पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति की है। हालांकि विधेयक बिना चर्चा के पारित हो गया था। कहा जा रहा है कि राज्यपाल विधेयक को पुनर्विचार के लिए राज्य शासन को लौटा सकती हंै। 

बताया गया कि विधानसभा का सत्र खत्म होने के बाद नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक की अगुवाई में पिछले दिनों भाजपा के विधायकों ने राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से मुलाकात की थी। इस दौरान पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह भी मौजूद थे। चर्चा के दौरान विश्वविद्यालय का नाम बदले जाने के सरकार के फैसले से राज्यपाल को अवगत कराया गया। वैसे तो प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा की सरकारों ने पहले से चल रही योजनाओं का नाम बदला था, लेकिन किसी संस्थान के नाम परिवर्तन का पहला मामला है। 

भूपेश सरकार के इस फैसले की भाजपा हाईकमान ने भी आलोचना की है। विधानसभा में पत्रकारिता विश्वविद्यालय समेत अन्य विधेयक बिना चर्चा के पारित हो गए। हालांकि भाजपा विधायक दल ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए सदन से वाकऑउट कर दिया था। सूत्र बताते हैं कि न सिर्फ प्रदेश बल्कि भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व की आपत्ति को देखते हुए राज्यपाल पत्रकारिता संशोधन विधेयक पुनर्विचार के लिए लौटा सकती है। विधेयक की मंजूरी के लिए राज्यपाल की सहमति जरूरी है। इससे पहले कुलपति की नियुक्ति को लेकर भी राजभवन और सरकार के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए थे। राज्यपाल ने सरकार की अनुशंसा को नजर अंदाज कर बलदेव भाई शर्मा की नियुक्ति कर दी थी, जबकि सरकार ने वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश के नाम की अनुशंसा की है। इसके बाद सरकार ने कुलपति की नियुक्ति का अधिकार राज्यपाल से वापस भी लेने जा रही है। पत्रकारिता संशोधन विधेयक में इसका प्रावधान भी है। हालांकि अभी तक राजभवन ने विधेयक को मंजूरी नहीं दी है, लेकिन इसको लेकर जल्द ही दोनों के बीच फिर विवाद की स्थिति बन सकती है। 

दूसरी तरफ, प्रदेश भाजपा के प्रभारी डॉ. अनिल जैन ने विश्वविद्यालय का नाम बदले जाने पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है और कहा है कि  हमारे पितृ पुरुष और अविभाजित मध्यप्रदेश के (छत्तीसगढ़ जिसका हिस्सा था) माटीपुत्र स्व. कुशाभाऊ ठाकरे भारतीय राजनीति के संत और सादगी-शुचिता के प्रतिमूर्ति थे। उनके नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय का नाम राजनीतिक द्वेषवश बदल देना निहायत ही बेतुका और राजनीतिक प्रदूषण को बढाने वाला कदम है। देश के महापुरुष किसी दल के नहीं बल्कि पूरे समाज के होते हैं। अगर इस तरह दुर्भावना से सरकारें कारवाई करने लगी तो देश भर में विरोधी दल के नेताओं के नाम पर स्थापित संस्थानों का नाम बदलने की एक भौंडी प्रतिस्पर्द्धा शुरू होगी जिसका जिम्मेदार कांग्रेस ही होगी और उसे ही इसका सबसे ज्यादा नुकसान भी उठाना पड़ेगा।  


Date : 27-Mar-2020

कोरोना मरीजों के परिजनों के भी सैंपल लिए गए, ज्यादातर निगेटिव, कोरोना टेस्ट किट की कमी

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 27 मार्च। प्रदेश में कोरोना मरीजों के परिजनों की जांच चल रही है। इस कड़ी में 50 से अधिक सैंपल लिए गए और इनमें से ज्यादातर की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इससे परे कोरोना टेस्ट किट की कमी देखने मिली है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि किट ज्यादा से ज्यादा उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र सरकार से आग्रह किया जा रहा है।

स्वास्थ्य सचिव सुश्री निहारिका बारिक सिंह ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि कोरोना के मरीजों के परिजनों और संपर्क में आए लोगों की जांच पड़ताल चल रही है। उन्होंने कहा कि किट की कमी है, इसकी आपूर्ति केन्द्र सरकार करती है। ज्यादा से ज्यादा किट उपलब्ध हो, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

देश के दो निजी लैब को कोरोना टेस्ट की अनुमति दे दी है, लेकिन छत्तीसगढ़ में निजी लैब के पास सुविधाएं नहीं होने कारण टेस्ट नहीं हो पा रहा है। दूसरी तरफ, प्रदेश के सभी छह कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है। इनकी हालत स्थिर बनी हुई है। सूत्रों के मुताबिक समता कॉलोनी के निकट रामनगर रहवासी वृद्ध कोरोना मरीज को लेकर स्वास्थ्य विभाग ज्यादा गंभीर है। वजह यह है कि इस मरीज के विदेश अथवा कहीं आने जाने की जानकारी नहीं है। इससे सामुदायिक संक्रमण का खतरा भी पैदा हो गया है।

वृद्ध कोरोना मरीज के परिजनों और आसपास के लोगों के सैंपल भी लिए गए। कुल मिलाकर 57 लोगों के सैंपल लेकर जांच की गई, जिनमें से 33 निगेटिव मिले हैं। बाकी की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।   इसी तरह कटोरा तालाब के समीप एक महिला के कोरोना प्रभावित होने का अंदेशा जताया जा रहा था, क्योंकि बीमार महिला के लक्षण कोरोना प्रभावितों से मिलते-जुलते थे। देर शाम महिला का सैंपल लेकर जांच कराई गई, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव रहा। इससे स्वास्थ्य अमले ने राहत की सांस ली। विदेश यात्रा से लौटे कई और लोगों की जांच की जा रही है।

 

 

 


Date : 27-Mar-2020

कोरोना की मार से बदहाल ठेले कारोबारी

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 27 मार्च।
कोरोना के कारण राजधानी के छोटे कारोबारियों  पर रोजी का संकट मंडरा रहा है। चाय, पान, डाब जैसे ठेले लगाकर जीवन यापन करने वाले एहतियातन घरों में कैद हैं और उन्हें यह चिंता सता रही है कि आखिर वो घर कैसे चलाएंगे? जीई रोड किनारे चाय, गुटखा ठेले की बदौलत परिवार का गुजारा चलाने वाले हेमंत यादव ने बताया कि लॉक डाउन के कारण उनका धंधा बंद है। 

लॉक डाउन की अचानक हुई घोषणा के कारण पिछले दिनों 40 से 50 पैकेट दूध बेकार हो गया। चाय ठेले के भरोसे तीन परिवार चलता है लेकिन काम ठप्प होने के कारण रोजी रोटी की समस्या आ गई है। यादव टी स्टॉल के हेमंत यादव ने बताया कि सुबह 9 बजे से रात 11 बजे तक भाई के संग वह चाय बेचते हैं। इस ठेले की बदौलत 8 सौ, एक हजार रूपए रोजाना कमा लेते हैं लेकिन पिछले एक हफ्ते से ठेला बंद पड़ा है ठेले की बदौलत उनका, उनके भाई और विकलांग मामा का परिवार चलता है।
 
फाफाडीह चौक में चाय ठेले की बदौलत गुजर-बसर करने वाले महेश यादव ने बताया कि पिछले 4 सालों से ठेले के भरोसे उनका परिवार चल रहा है लेकिन कोरोना के कारण ठेला बंद होने से वह परेशान है। महेश कहते हैं इस समय तो दूसरे किसी काम का आसरा भी नहीं है। बीपीएल कार्ड बस का सहारा है। डाब बेचकर गुजारा करने वाले माजित खान ने बताया कि वह रोजना 120 से 150 नारियल बेच लेते थे, लेकिन अभी वह बेकार हैं। अचानक लॉक डाउन के कारण 3 बोरा नारियल अलग खराब हो गया। रोजाना उन्हें 8 सौ से 1 हजार रूपए का नुकसान हो रहा है।


Date : 27-Mar-2020

विदेश यात्रा से लौटने की जानकारी छिपाने वाले दो के खिलाफ एफआईआर

रायपुर, 26 मार्च। विदेश यात्रा से लौटने की सूचना नहीं देने वाले दो लोगों के खिलाफ भिलाई में एफआईआर दर्ज की गई है। खुर्सीपार पुलिस थाने में 11 मार्च को दुबई से लौटे इमरान अहमद अनसारी और खुर्शीद आलम अनसारी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 214/2020 दर्ज किया गया है। इन दोनों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 269, 270, 271, 188 और 34 तथा महामारी अधिनियम, 1897  की धारा 3 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। विदेश प्रवास से लौटने की जानकारी छुपाने वालों पर शासन द्वारा इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।


Date : 27-Mar-2020

कोरोना संक्रमण के रोकथाम-नियंत्रण के लिए स्वच्छता कमांडो की सेवा अवधि में बढ़ोत्तरी

 मुख्यमंत्री के निर्देशन में सभी नगरीय निकायों में चलाया जा रहा विशेष सफाई अभियान

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 27 मार्च। प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। प्रदेश के नगरीय  निकाय क्षेत्रों में कार्यरत स्वच्छता कमांडो की सेवा अवधि दो  माह बढ़ाने का  निर्णय लिया है। नगरीय प्रशासन और श्रम मंत्री डॉक्टर शिव कुमार डहरिया ने  इस आशय के आदेश दूरभाष के माध्यम से विभागीय अधिकारियों को दिए हैं।

डॉ डहरिया ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन पर सभी नगरीय निकायों में इस दौरान विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिये प्रदेश के नगरीय  निकाय क्षेत्रों में कार्यरत स्वच्छता कमांडो की सेवा अवधि दो माह बढ़ाने का  निर्णय लिया है ।

  नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने उक्त आदेश के परिपालन में प्रदेश के नगरीय निकाय क्षेत्रों में कार्यरत स्वच्छता कमांडो की सेवा अवधि  दो माह बढ़ाने के निर्देश नगर निगम के आयुक्तों, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को भेज दिए हैं। जारी निर्देश में यह भी कहा गया है कि नगरीय निकायों में पार्षद  मद से भी साफ-सफाई की  जाएगी।

उल्लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना वायरस से  संक्रमण को महामारी घोषित किया है।  इसी परिप्रेक्ष्य में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा एहतियातन प्रदेश में  नगरीय निकाय क्षेत्रों में भी लॉकडाउन घोषित किया है। उन्होंने कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए नियमित साफ-सफाई पर विशेष बल दिया है। इसी तारतम्य में नियमित साफ-सफाई के लिए स्वच्छता कमांडो, स्वच्छता दीदियों सहित अन्य नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा  विशेष अभियान चलाकर निरंतर साफ- सफाई की जा रही है।


Date : 27-Mar-2020

कोई व्यक्ति भूखा न रहे, प्रदेश में खाद्यान्न 
की कमी न हो- मुख्य सचिव

छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 27 मार्च।
नोवेल कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण तथा अन्य मुद्दों पर मंत्रालय में मुख्य सचिव आर.पी. मंडल द्वारा प्रदेश के समस्त संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, वनमण्डलाधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, आयुक्त नगर पालिक निगम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खाद्य अधिकारी को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अनेक दिशा-निर्देश दिए। 

उन्होंने अधिकारियों को राज्य के प्रत्येक गांव, मोहल्ला, नगरों और प्रत्येक कॉलोनियों में खाद्यान्न सामग्री सहित अन्य रोजमर्रा की चीजों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। मुख्य सचिव ने खासकर मनोरोगी, भिखारी, वृद्धजनों, दिहाड़ी मजदूरों सहित अन्य जरूरतमंदों कीे भोजन व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जरूरतमंदों की भोजन व्यवस्था के लिए लंगर जैसे आयोजन किसी तरह आयोजित नहीं होना चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा है कि प्रदेश में कोई भूखा न रहे तथा खाद्यान्न की कमी न हो, इसकी समुचित व्यवस्था की जाए। कोरोना वायरस के संक्रमण के रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव तथा बिलासपुर में पॉजिटिव केस पाए गए हैं। इन कोरोना पॉजिटिव व्यक्तियों एवं उनके परिजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर समुचित मॉनिटरिंग एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को दिए गए ताकि अन्य कोई इससे प्रभावित नहीं हो पाए।

श्री मंडल ने कहा कि कोरोना वायरस के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए की जा रही व्यवस्थाओं के लिए राज्य स्तर पर अपर मुख्य सचिव गृह विभाग की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय डिजास्टर मैनेजमेंट कमेटी बनाई जा रही है, जिसमें प्रदेश स्तर के पांच अधिकारी रहेंगे। इसमें परिवहन तथा खाद्य संबंधी समस्या के लिए सचिव खाद्य एवं परिवहन डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह, साफ सफाई व्यवस्था के लिए नगरीय प्रशासन सचिव अलरमेलमंगई डी. और कानून एवं व्यवस्था के लिए पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी सदस्य होंगे। उन्होंने कहा कि जो होम क्वारेंटाईन में है, उन्हें स्टीकर लगाकर चिन्हित किया जाए ताकि वे घर के बाहर न घूमे और इससे दूसरे लोगों को संक्रमण से बचाया जा सकें। 

मुख्य सचिव ने कहा कि जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक यह सुनिश्चित करें कि जो व्यक्ति राज्य में जहां पर है वो वहीं रहे, चाहे वह किसी भी राज्य का हो उनके स्वास्थ्य और अन्य आवश्यकताओं का सम्पूर्ण ध्यान रखा जाएगा। छत्तीसगढ़ के जो लोग किन्हीं अन्य राज्यों में गए है वें यहां पर आने की कोशिश नहीं करें। राज्य शासन द्वारा उनके स्वास्थ्य एवं अन्य जरूरतों से संबंधित राज्य की सरकार एवं जिला प्रशासन से समन्वय कर उनकी हर समस्या का हल किया जाएगा।  

राज्य की अंतर्राज्यीय सीमा से लगे जिलों में किसी अन्य राज्य से बस और अन्य परिवहन साधनों से लोग छत्तीसगढ़ में न आने पाएं। इसके लिए सीमावर्ती जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक समुचित निगरानी सुनिश्चित करेंगे। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों और ग्राम पंचायत स्तर पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सभी दुकानें खुली रहें यह सुनिश्चित किया जाए, जिससे लोगों को खाद्यान्न जैसी कोई समस्या न होनेे पाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि जो लोग होम आईशोलेशन में है और जो लोग विदेशों से आ रहे है उनकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को मिलना चाहिए। इसके लिए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक तथा नगर निगमों के कमिश्नर सुनिश्चित करेंगे। मुख्य सचिव ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए है कि अपनी ड्यूटी के लिए जाने वाले प्राईवेट एवं शासकीय स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों का भरपूर सहयोग किया जाए जिससे वो समय पर अस्पताल पहुंचे। मुख्य सचिव ने कहा कि अंतर्राज्यीय सीमा से मालवाहक वाहनों की भी सतत् निगरानी की जाएं ताकि फल, सब्जी, खाद्यान्न और दवाईयों का परिवहन करने वाले मालवाहकों को ज्यादा परेशानी नहीं होना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि इन माल वाहक वाहनों से कोई भी अन्य व्यक्ति अवैध तरीकें से नहीं आने पाए। इसके लिए विशेष निगरानी की जाए। राज्य में लॉकडाउन के दौरान भारत सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों और गाइडलाईन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जिला अधिकारियों को दिए गए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अपर मुख्य सचिव गृह श्री सुब्रत साहू ने भी पुलिस अधिकारियों और जिला अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में डीजीपी डी.एम. अवस्थी, पीसीसीएफ राकेश चतुर्वेदी, सहित खाद्य सचिव कमलप्रीत सिंह, नगरीय प्रशासन सचिव अलरमेलमंगई डी, राजस्व विभाग की सचिव रीता शांडिल्य सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।


Date : 27-Mar-2020

लॉकडाउन में सरकार भिखारियों निराश्रित और जरूरतमंद तक पहुंचा रही नि:शुल्क भोजन
छत्तीसगढ़ संवाददाता
 रायपुर, 27 मार्च।
राज्य शासन ने प्रदेश में लॉकडाउन के दौरान भिखारियों और निराश्रित व्यक्तियों को भोजन प्रदान करने का आदेश जारी किया है। आदेश के परिपालन में सभी जिलों में अब तक 1533 निराश्रित, भिक्षुक और जरूरतमंद व्यक्तियों का चिन्हान्कन किया गया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा जिला प्रशासन, पुलिस साहित विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं की  मदद से चिन्हान्कित व्यक्तियों तक नि:शुल्क भोजन  पहुंचाया जा रहा है । निराश्रित, भिक्षुक और जरूरतमंद व्यक्तियों तक भोजन की उपलब्धता के लिए राज्य स्तर पर निरन्तर ऑनलाईन मॉनिटरिंग की जा रही है। राज्य शासन द्वारा यह  प्रयास किया जा रहा है कि कोई भी गरीब व्यक्ति भोजन से वंचित न रहे। भोजन वितरण का कार्य लॉकडाउन तक जारी  रहेगा।  

भोजन के सुरक्षित वितरण के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। संस्थाओं को जिला प्रशासन एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने कहा गया है। इसमें विभिन्न जिलों के नगर निगम, नगर पंचायत सहित रेल्वे प्रशासन बिलासपुर, युवा समर्थन मंच बालोद, सिंधी पंचायत भाटापारा, होटल नागेश्वर कसडोल, जन समर्पण संस्था और साईं प्रथालय दुर्ग, महावीर मंच जांजगीर- चम्पा, शिवमंगल माहिला समिति कबीरधाम, कांकेर के समाज सेवी हाजी हनीफ़ मेनन, अजय पप्पू मोटवानी, रामकृष्ण मिशन नरायणपुर, जे.सी.आई.एवं अपना घर स्वेच्छिक संस्था रायगढ़, सिक्ख फोरम रायपुर और राजनांदगांव में समाजसेवी त्रिलोक बग्गा सहयोग कर रहे हैं।


Date : 27-Mar-2020

सीएम ने प्रदेशवासियों से की अपील, कहा- कोरोना ले लड़बो अउ जीतबो

 रायपुर, 27 मार्च। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों के नाम अपील जारी की है। उन्होंने अपील में कहा है प्रिय भाईयो एवं बहनों आज मानवता सबसे बड़े संकट से जूझ रही है। इस जंग में हर व्यक्ति का योगदान जरूरी है। आप लोग अपनी रोजी-रोटी, सुख-सुविधा की चिंता छोडक़र इस जंग में एक सिपाही की तरह लड़ रहे हैं, इसके लिए मैं आपका दिल से आभार व्यक्त करता हूं।

कोरोना से बचने के लिए घरों में रहने की हमारी अपील मानने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। अभी हमें 21 दिन और लॉकडाउन में रहना है। यह लॉकडाउन आप और आपके परिवार की जान की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। मेरा आपसे पुन: अनुरोध है कि आप स्थिति की गंभीरता को समझें और लॉकडाउन का पालन करें।

लॉकडाउन की स्थिति में सभी के लिए जरूरत के सामानों की व्यवस्था युद्ध स्तर पर की जा रही है। आप किसी प्रकार से घबराये नहीं। रोजमर्रा की आवश्यकता की सभी चीजें तथा दवाएं बाजार में आसानी से मिलें, इसकी भी पूरी व्यवस्था कर दी गई है। हमारा संकल्प है कि किसी को भूखे पेट सोने नहीं देंगे और उनका जीवन किसी भी तरह से संकट में न आये इसकी भी पूरी चिंता करेंगे। इसलिए हमने यह निर्णय लिया है कि राशन दुकानों से दो माह का सामान गरीब परिवारों को एकमुश्त नि:शुल्क दिया जाएगा।

जो लोग बेघर हैं उनके लिए भोजन की व्यवस्था ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय, गुरूद्वारे तथा स्थानीय समाज सेवी संगठनों के माध्यम से हो। इसके लिए मैं सभी सक्षम लोगों और संगठनों से सहयोग की अपील करता हूं। मैंने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि वे कलेक्टोरेट में इस काम के लिए एक 24-7 विशेष शाखा स्थापित करें।

सभी जिला कलेक्टर अपने-अपने जिले में एक हेल्प लाइन नंबर भी जारी करें और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि कोई समस्या होने पर लोग इससे मदद ले सकें। इस संकट के समय में मीडिया की भूमिका सही सूचना देने के लिए अति महत्वपूर्ण है। मैंने सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को भी निर्देश दिए है कि वे सुनिश्चित करें कि मीडियाकमियों को उनका काम करने में कोई बाधा न आए। राज्य शासन द्वारा हर जरूरतमंद की मदद के लिए सारे इंतजाम किए जा रहे हैं। साथ ही आम जनता तथा विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे संगठनों से अपील है कि मुख्यमंत्री सहायता कोष में मुक्त हस्त से दान करें। अपना योगदान तथा भागीदारी दर्ज कराएं।

मैं एक बार फिर सबसे अपील करता हूं कि एक मीटर की दूरी और हाथ की सफाई जैसे सुरक्षा के सभी उपाय पूरे मन से अपनाएं। जो लोग विदेश से लौटे हैं वे तुरंत इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन या टोल फ्री नंबर 104 पर दें। राज्य सरकार ने जांच और उपचार के लिए सारी व्यवस्थाएं की हैं और हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। मैं युवा साथियों से अपील करता हूं कि यथा संभव सुरक्षा अपना कर, घर तथा समाज में जागरूकता लाने में मदद करें। किसी की तकलीफ की खबर मिलते ही शासन-प्रशासन को सूचित करें और रास्ता निकालें कि आप क्या मदद कर सकते हैं। हम सब मिलकर कोरोना से लड़ेंगे और जीतेंगे ऐसा मेरा पूरा विश्वास है। कोरोना ले लड़बो अउ जीतबो।

 


Date : 27-Mar-2020

मेडिकल सुरक्षा उपकरणों और सर्जिकल मास्क की मेडिकल स्टॉफ को ज्यादा जरूरत, गैरजरूरी उपयोग न हो-सिंहदेव 

रायपुर, 27 मार्च। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कोविड-19 के संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम के बीच मेडिकल सुरक्षा उपकरणों और सर्जिकल मास्क के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील की है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पुलिस और मीडिया से अपील की है कि बीमारी के लक्षण न होने पर सर्जिकल मास्क का उपयोग न करें। सिंहदेव ने कहा कि व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों और सर्जिकल मास्क का बेहतर, तर्कपूर्ण एवं जहां जरूरत हो वहीं उपयोग किया जाना चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्री ने आज संदेश में कहा है कि छत्तीसगढ़ भी वैश्विक महामारी कोविड-19 से लड़ रहा है। इस विकट परिस्थिति में महामारी नियंत्रण की जिम्मेदारी के एक अनिवार्य अंग होने के नाते मेरी आप सबसे अपील है कि व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण और सर्जिकल मास्क मेडिकल टीमों के उपयोग के लिए सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में स्वास्थ्य विभाग को इलाज और देखभाल के दौरान सर्जिकल मास्क एन-95 और व्यक्तिगत सुरक्षात्मक उपकरणों की बहुत जरूरत पड़ेगी। ये संक्रमण के लक्षण या संक्रमण ग्रस्त लोगों के सीधे संपर्क में आने वाले मेडिकल स्टॉफ द्वारा प्रयोग किए जाएंगे। बिना जरूरत के इनके बहुत अधिक उपयोग से इनकी मांग में अत्यधिक वृद्धि देखने मिल रही है।

सिंहदेव ने सुरक्षात्मक उपकरणों के तौर पर कपड़े से बने मास्क का उपयोग करने कहा है। इसे घर पर बनाया जा सकता है और साबुन या डिटर्जेंट से धोकर कई बार प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में इस स्वास्थ्य आपातकाल को जल्दी नियंत्रित करने के लिए अपनी शुभकामना भी प्रेषित की है।


Date : 27-Mar-2020

कोरोना संक्रमण को रोकने मुख्य सचिव ने जारी किए दिशा निर्देश

रायपुर 27 मार्च। मुख्य सचिव आर. पी. मण्डल ने नोवेल कोरोना वायरस से संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशों के पालन के संबंध में दिशा निर्देश जारी किया गया है। मुख्य सचिव द्वारा सभी विभागों के सचिव, सभी संभागायुक्त, सभी कलेक्टरों और सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर कोरोना वायरस के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए जारी निर्देशों के संबंध में सभी अधीनस्थ कार्यालयों एवं संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी अवगत कराने कहा गया है।

मुख्य सचिव द्वारा जारी पत्र के अनुसार राज्य शासन एवं जिला स्तर से कोरोना वायरस से निर्मित विकट स्थिति से निपटने के संबंध में समय-समय पर आदेश एवं दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। भारत सरकार द्वारा विभिन्न आदेशों के माध्यम से 25 मार्च से 14 अप्रैल 2020 को मध्य रात्रि तक पूरे देश में लाकडाउन किए जाने के संबंध में एकरूपता लाने के आदेश दिए गए हैं। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के प्रत्येक स्तर से जारी आदेशों तथा दिशा निर्देशों के अनुरूप संशोधित निर्देश जारी किया गया है।

  कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण को रोकने भारत सरकार की अधीनस्थ संस्थाओं, स्वायत्त संस्थाओं और सार्वजनिक उपक्रमों कार्यालय बंद रहेंगे। भारत सरकार द्वारा रक्षा, केन्द्रीय पुलिस बल, कोषालय, सार्वजनिक सुविधाएं (पेट्रोलियम, एल.पी.जी., सी.एन.जी.), आपादा प्रबंधन, विद्युत, पोस्ट ऑफिस, एनआईसी, अरली वारनिंग एजेंसियों को लाकडाउन से छूट प्रदान किया गया है।

राज्य सरकार की अधीनस्थ संस्थाओं, स्वायत्त संस्थाओं एवं सार्वजनिक उपक्रमों के कार्यालय बंद रहेंगे। राज्य सरकार की पुलिस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस,  आपात कालीन सेवाएं, आपदा प्रबंधन एवं जेल, जिला प्रशासन कोषालय, विद्युत, जल स्वच्छता, नगरीय निकायों की आवश्यक सेवाओं जैसे साफ-सफाई, जल प्रदाय आदि के लिए न्यूनतम स्टॉफ लाकडाउन से छूट प्रदान किया गया है। इन सभी कार्यालयों को न्यूनतम मानव संसाधन से संचालित किए जाएं शेष सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने निवास से कार्य करेंगे।

आदेश एवं उससे जुड़े सभी स्वास्थ्य संस्थान जिसमें मेडिकल सप्लाई उसका वि-निर्माण एवं वितरण शामिल है, निजी एवं शासकीय, अर्धशासकीय क्षेत्र के डिस्पेन्सरी, दवा एवं इक्यूपमेंट दुकान, लैब, क्लिनिक, नर्सिंग होम, एम्बुलेंस आदि संचालित रहेंगे। चिकित्सक, नर्स, पैरामेडिकल स्टॉफ सहित सभी प्रकार के चिकित्सीय कार्य में कार्यरत स्टॉफ एवं सहायक सेवाएं संबंधी व्यक्तियों के परिवहन की अनुमति दी जाएं। राज्य की सभी व्यावसायिक निजी संस्थाएं बंद रहेंगी। राज्य में राशन दुकान पीडीएस दुकान, खाद्य, किराना, फल एवं सब्जी एवं दुग्ध उत्पाद के बुथ, मीट एवं मछली, जानवरों के चारे संबंधित दुकानों को लाकडाउन से छूट प्रदान किया गया है।

आदेश में कहा गया है कि जिला प्रशासन द्वारा लोगों के आवागमन को कम करने के लिए घर पर ही डिलवरी, प्रोत्साहित किया जाना चहिए। इनके अलावा बैंक, बीमा कार्यालय, एटीएम, प्रिन्ट तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को छूट दी गई है। टेलिकॉम, इंटरनेट सेवाएं, प्रसार एवं केबल टीवी सेवाएं, आईटी एवं आईटी आधारित सेवाएं न्यूनतम आवश्यकता अनुसार अधिक से अधिक निवास से कार्य के माध्यम से संचालित किए जाए। ई-कॉमर्स के माध्यम से खाद्य, दवाईयां, मेडिकल उपकरण सभी आवश्यक वस्तुओं की डिलिवरी , पेट्रोल पंप, एलपीजी, गैस एजेंसी एवं संबंधित भण्डारण केन्द्र, विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन एवं वितरण संबंधी सेवाएं, कार्यालय, सेबी द्वारा अधिसूचित सेवाएं, कोल्ड स्टोरेज एवं भण्डार गृह सेवाएं, निजी सुरक्षा सेवाएं एवं अन्य सभी स्थापनाओं में वर्क फ्राम होम लागू किया जाए।

जारी आदेश के अनुसार औद्योगिक स्थापनाएं बंद रहेंगी। लेकिन आवश्यक वस्तुओं के विनिर्माण करने वाली यूनिट्स को छूट दिया गया है। राज्य शासन की अनुमति से ऐसी उत्पादन इकाईयां जिसमें उत्पादन प्रक्रिया अनवरत प्रकृति की हो उसे भी छूट दिया गया है। सभी एयर लाईन, रेल्वे, सडक़ परिवहन सेवाएं स्थगित रहेंगी। केवल आवश्यक वस्तुओं का परिवहन करने वाले एवं कानून व्यवस्था, फायर ब्रिगेड एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं को छूट रहेगी।

प्रदेश में हास्पीटिलिटी सेवाएं बंद रहेंगी। होटल, होम स्टये, लॉज तथा मोटल जिनमें लॉकडाउन के कारण फंसे हुए व्यक्ति, पर्यटन, आवश्यक सेवाएं से संबंधी स्टॉफ रूके हो और संभावित कोरोना संक्रमित व्यक्तियों से संपर्क में आने वालों को आइसोलेशन में रखने हेतु चिन्हित स्थापनाओं को छूट प्रदान किया गया है।

सभी प्रकार के शैक्षणिक, प्रशिक्षण, अनुसंधान कोचिंग बंद रहेंगे। पूजा स्थल, जन साधारण के लिए बंद रहेंगे। किसी प्रकार के सामूहिक धार्मिक आयोजनों को अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी प्रकार के सामाजिक, राजनैतिक, खेल कूद, शैक्षिक, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, सामुहिक आयोजनों पर प्रतिबंध रहेगा। अंतिम संस्कार हेतु 20 व्यक्तियों से अधिक एकत्रित होने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे सभी व्यक्ति जो 15 फरवरी 2020 के उपरांत अन्य देशों से भारत आए है तथा ऐसे व्यक्ति जिनकों स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, चिकित्सों द्वारा निश्चित अवधि हेतु घर अथवा चिन्हित स्थल पर आइसोलेशन में रहने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का पालन न करने पर आईपीसी की धारा 188 के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी। जहां पर भी कोरोना वायरस के नियंत्रण हेतु लॉकडाउन में छूट प्रदान की गई है। उन सभी संस्थानों, नियोक्ताओं को कोरोना से बचाव तथा सोशल डिसटेंस मेंटेंन करने के उपायों जैसे की समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया जाए, का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा। कोरोना नियंत्रण के निर्देशों को लागू करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट अपने क्षेत्राधिकार में कार्यपालिक दंडाधिकारियों को क्षेत्र निर्धारित करते हुए इन्सीडेंट कमान्डर के रूप में तैनात करेंगे। जो अपने निर्धारित क्षेत्र में निर्देशों के पालन के लिए जिम्मेदार होंगे। निर्धारित क्षेत्र में सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी इन्सीडेंट कमान्डर के निर्देशों के तहत कार्य करेंगे। आवश्यक मूवमेंट हेतु इन्सीडेंट कमान्डर द्वारा पास जारी किया जाएगा।

मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेश में प्रतिबंध मुख्यत: लोगों के आवागमन के संबंध में है। आवश्यक वस्तुओं के आवागमन के संबंध में नहीं है। इन्सीडेंट कमाण्डर विशेष रूप से सुनिश्चित करेंगे कि अस्पताल अधोसंरचना के विस्तार के लिए आवश्यक संसाधन वस्तुएं एवं सामग्री बिना किसी रूकावट के उपलब्ध रहे।


Date : 27-Mar-2020

फसल कटाई के दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को दूर करने दिशा-निर्देश, कटाई मशीन से करने की अपील

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 27 मार्च। छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के द्वारा वर्तमान में विभिन्न फसलों की हो रही कटाई को ध्यान में रखते हुए फसल कटाई कार्य में कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को दूर करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है।

कृषि विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि फसल कटाई यथासंभव मशीन चलित उपकरणों से की जाए। हस्त चलित कटाई उपकरण काम में लेने पर उपकरणों को दिन में कम से कम 3 बार साबुन के पानी से कीटाणु रहित करें। फसल कटाई में सोशल डिसटेंसिंग का सख्ती से पालन किया जाए। खेत में फसल काटने, खाना खाते समय एक व्यक्ति से दूसरे के मध्य कम से कम 5 मीटर की दूरी रखी जाए। खाने के बर्तन अलग-अलग रखें तथा उनके प्रयोग के पश्चात साबुन के पानी से अच्छी तरह साफ करें।

एक व्यक्ति द्वारा काम लिए जाने वाले उपकरण को दूसरा व्यक्ति कदापि काम में न ले। कटाई करने वाले सभी व्यक्ति अपने-अपने उपकरण ही काम में ले। कटाई के दौरान बीच-बीच में अपने हाथों को साबुन के पानी से अच्छी तरह साफ करते रहें। कटाई कार्य अविध में पहले दिन पहने कपड़े दूसरे दिन काम में न लें। काम में लिए कपड़ों को अच्छी तरह धोकर धूप में सुखाने के पश्चात ही पुन: उपयोग किया जाए, कटाई के दौरान सभी व्यक्ति अपनी-अपनी पानी की बोतल रखें।

कटाई करने वाले सभी व्यक्ति मास्क का प्रयोग करें।

अगर किसी व्यक्ति को खांसी, जुखाम, बुखार, सर दर्द, बदन दर्द आदि के लक्षण हैं तो उसे फसल कटाई कार्य से अलग रखें तथा तत्काल अपने निकटतम स्वास्थ्यकर्मी को सूचित करें। खेत में पर्याप्त मात्रा में पानी व साबुन की उपलब्धता रखें। थ्रेसिंग कार्य के दौरान भी मास्क का प्रयोग, खाने व पानी पीने के बर्तनों का प्रयोग आदि सभी सावधानियों का पूर्ण गंभीरता से पालन करने को कहा गया है।

 


Date : 27-Mar-2020

कोरोना प्रकोप, स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर उठे सवाल

सीएम ने संभाली कमान, मरीजों का हाल जाना


छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 27 मार्च।
प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढऩे से भय का वातावरण बन रहा है। मगर स्वास्थ्य विभाग इससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है, यह दिख नहीं रहा है। विभाग ने आनन-फानन में नियमों को ताक पर रखकर निजी अस्पताल- नर्सिंग होम को अधिग्रहण करने का आदेश भी जारी कर दिया था, लेकिन दो घंटे के भीतर आदेश वापस लेना पड़ा। खास बात यह है कि प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा में भी पूरी तरह कोरोना मरीजों की इलाज की सुविधाएं नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की गैरमौजूदगी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुद स्वास्थ्य इंतजामों की समीक्षा कर रहे हैं और उन्होंने एम्स के डायरेक्टर से संपर्क कर पीडि़तों का हाल जाना। 

देशभर में लॉकडाउन के चलते स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव मुंबई में फंसे हुए हैं। उनकी गैर मौजूदगी में एक तरह से कोरोना संक्रमण से निपटने की तैयारी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। गुरूवार को आनन-फानन में स्वास्थ्य संचालक नीरज बंसोड़ ने आदेश जारी कर दिया कि  प्रदेश के निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम का अधिग्रहण जरूरी है। साथ ही साथ उन्होंने 25 मार्च से नरदहा स्थित रिम्स मेडिकल कॉलेज के अस्पताल का अधिग्रहण करने का भी जिक्र किया। विभाग के इस फैसले पर सवाल खड़े हो गए। सूत्र बताते हैं कि विभाग ने यह फैसला वित्त और विधि विभाग की सहमति के बिना अपने स्तर पर ले लिया।   यही नहीं, इस फैसले की प्रक्रिया से नर्सिंग होम संचालकों को भी दूर रखा गया। 

बाद में ढेरों आपत्तियों के बाद दो घंटे के भीतर आदेश वापस भी ले लिया गया। इस पूरे मामले में स्वास्थ्य संचालक नीरज बंसोड़ से चर्चा की कोशिश की गई, किन्तु उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया। राजधानी रायपुर के एक प्रमुख नर्सिंग होम संचालक डॉ. राकेश गुप्ता ने 'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा में बताया कि नर्सिंग होम संचालक अधिग्रहण के निर्णय की प्रक्रिया में नहीं है। उन्होंने इसकी प्रासंगिकता पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि इसको मूर्त रूप में नहीं ढाला जा सकता। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी संक्रामक बीमारी के लिए भारत सरकार की गाइड लाइन बनी हुई है, मगर सरकार के नीति निर्धारकों ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया और इससे पढऩे वाले दुष्प्रभावों को नजर अंदाज कर दिया। 

बताया गया कि कोरोना मरीजों को एक विशेष दायरे में भर्ती किया जा सकता है। वहां सुरक्षा के तमाम इंतजाम होने चाहिए। इसके लिए अस्पताल चिंहित है और गाईडलाइन भी बने हुए हैं। मगर प्रदेश के 80 फीसदी नर्सिंग होम घनी आबादी के बीच में है और अधिकतम 25 बिस्तर ही हैं। डॉक्टरों और मेडिकल स्टॉप कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग की जरूरत होती है, लेकिन इसके बिना ही अधिग्रहण के आदेश जारी कर दिए गए। सूत्र बताते हैं कि एम्स के अलावा मेकाहारा में सारी सुविधाएं उपलब्ध है। मगर मेकाहारा का हाल यह है कि चिकित्सकों को इलाज के लिए विशेष पोशाक तो दूर दस्ताने तक उपलब्ध नहीं कराए गए। कई डॉक्टरों ने अपने पैसे से मास्क-दस्ताने खरीदे हैं। 

नरदहा मेडिकल कॉलेज अस्पताल का हाल यह है कि वहां बिस्तर तो हैं, लेकिन आईसीसीयू नहीं है। ऐसे में इसके अधिग्रहण के औचित्य को लेकर सवाल उठाए गए हैं। देर सबेर इसको लेकर कानूनी अड़चन आ सकती थी। मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने आदेश को तुरंत निरस्त कर दिया। इसके साथ ही साथ वे खुद कोरोना संक्रमण की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। 

श्री बघेल ने एम्स के डायरेक्टर डॉ. एनएम नगरकर के टेलीफोन पर बात कर एम्स में भर्ती कोराना पीडि़त मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनका हाल-चाल जाना। एम्स के डायरेक्टर डॉ. एनएम नगरकर ने मुख्यमंत्री को बताया कि कोरोना वायरस के पीडि़त एम्स में भर्ती सभी मरीज की स्थिति सामान्य है। एम्स प्रबंधन द्वारा उनका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए एम्स में सभी आवश्यक तैयारी पूरी है।


Date : 27-Mar-2020

प्रजापिता ब्रम्हकुमारी संस्थान की प्रमुख दादी जानकी का निधन

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 27 मार्च। नारी शक्ति द्वारा संचालित दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक संगठन ब्रह्माकुमारीज संस्थान की मुख्य प्रशासिका तथा स्वच्छ भारत मिशन ब्रांड अम्बेसडर राजयोगिनी दादी जानकी का 104 वर्ष की उम्र में देहावसान हो गया। माउण्ट आबू के ग्लोबल हास्पिटल में 27 मार्च को प्रात: 2 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्हें पिछले दो महीने से स्वांस तथा पेट की तकलीफ थी जिसका इलाज चल रहा था। उनका अंतिम संस्कार ब्रह्माकुमारीज के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में काफ्रेंस हाल के सामने मैदान में दोपहर 3.30 बजे होगा।

नारी शक्ति की प्रेरणास्रोत राजयेागिनी दादी जानकी का जन्म 1 जनवरी, 1916 को हैदराबाद सिंध, पाकिस्तान में हुआ था। वे 21 वर्ष की उम्र में ब्रह्माकुमारीज संस्थान के आध्यात्मिक पथ को अपना लिया था और पूर्णरुप से समर्पित हो गयी थी। आध्यात्मिक उड़ान में शिखर छू चुकी राजयोगिनी दादी जानकी मात्र चैथी तक पढ़ी थी। लेकिन आध्यात्मिक आभा से भरपूर भारतीय दर्शन, राजयोग और मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए 1970 में पश्चिमी देशों का रुख किया। दुनिया के 140 देशों में मनवीय मूल्यों के बीजारोपण के हजारों सेवाकेन्द्रों की स्थापना कर लाखों लोगों को एक नयी जिन्दगी दी।

रायजोगिनी दादी जानकी ने पूरे विश्व में मन, आत्मा की स्वच्छता के साथ बाहरी स्वच्छता के लिए अनोखा कार्य किया। जिसके लिए भारत सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड अम्बेसडर बनाया था। दादी जानकी के देहावसान की खबर सुनते ही देश विदेश के संस्था के अनुयाईयों ने भावभीनी के लिए योग साधना प्रारम्भ कर दी है। उनके पार्थिव शरीर को माउण्ट आबू से आबू रोड के शांतिवन परिसर तलहटी लाया जायेगा। जहां पर भावभीनी श्रद्धांजलि के पश्चात अन्तिम संस्कार किया जाएगा।