धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण, नापतौल और टोकन व्यवस्था पर उठे सवाल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 24 दिसंबर। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार के नेतृत्व मंगलवार को कन्हारपुरी, मोहारा, सुरगी और भर्रेगांव धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं से अवगत हुए।
किसानों ने श्री मुदलियार को नापतौल में गड़बड़ी की बात कही। उन्होंने बताया कि पूर्व में जिनका टोकन जारी हो चुका है, जिन्होंने धान नहीं बेचा है, उन्हें धान बेचने में दिक्कत आ रही है। पूर्व में पटवारियों द्वारा रकबा समर्पण और अब खरीदी केंद्रों में कट्टा समर्पण के लिए किसानों को कहा जा रहा है, जिस पर मुदलियार ने प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी प्रकार का समर्पण किसानों से न कराया जाए। प्रबंधकों ने मुदलियार को बताया कि उठाव कम होने के कारण धान खरीदी में दिक्कत आ रहा है, जिस पर तत्काल मुदलियार ने जिला खाद्य अधिकारी से बात कर व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए चर्चा की।
किसानों ने बताया कि पहले 10 एकड़ में 3 टोकन मिलता था, अब 2 ही टोकन मिल रहा है। जिसको लेकर किसानों में संशय की स्थिति बनी हुई है। जिसके कारण कुछ किसान अपना धान नहीं बेच पाए है, उन्हें भी फिर से अवसर मिलना चाहिए। किसानों ने बताया कि जो टोकन है, उसको पुन: जारी करने के लिए भी दिक्कत आ रही है। किसानों को वारिसयान पंजीयन, रकबा संसोधन को लेकर दर-दर भटकना पड़ रहा है। एसडीएम कार्यालय में पहले 15 तारीख तक रकबा संसोधन की व्यवस्था की गई थी, मगर तिथि समाप्त होने के बाद भी उस तिथि को नहीं बढ़ाया गया है, इन सब समस्याओं को किसानों ने जितेन्द्र मुदलियार को अवगत कराया।
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि चुनाव के समय भाजपा नेताओं ने किसानों से वायदा किया था कि पंचायतों में केस काउंटर खोलकर 3100 रुपए धान का देंगे, लेकिन आज तक किसी भी किसान को धान का 3100 रुपए एकमुश्त नहीं मिला है। रकबा सुधार में दिक्कत आ रही है और कई जगह किसानों से 40 किलो 900 ग्राम तक धान लिया जा रहा है। शासन की ओर से किसी भी प्रकार का कोई मापदंड तय नहीं है। हमालों द्वारा 7 रुपए बोरा शिफ्टिंग का खर्च किसानों से लिया जा रहा है। शासन को हमालों के लिए पर्याप्त हमाली की व्यवस्था करनी चाहिए, जिसे राज्य शासन द्वारा नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण यह बोझ सीधा किसानों के जेब में पड़ रहा है।
मुदलियार ने कहा कि जिस प्रकार अधिकारी द्वारा किसानों के घर जाकर उनके धान का सत्यापन किया जा रहा है, वह कहीं से उचित नहीं है। जिससे किसानों में नाराजगी व्याप्त है। किसान अपने आपको ठगा महसूस कर रहा है। किसान की मेहनत को सरकार और उनके अधिकारी संदिग्ध नजरों से देख रहे हैं। इसका कांग्रेस पार्टी विरोध करती है। मेहतन और खून-पसीने से धान उगाने वालों किसानों के साथ इस तरह का व्यवहार कहीं से न्याय संगत नहीं है।
इस दौरान पूर्व महापौर हेमा देशमुख, नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले, मामराज अग्रवाल, अशोक पंजवानी, आसिफ अली, सूर्यकांत जैन, रोहित चंद्राकर, मुकेश साहू, युवराज भारती, अवधेश प्रजापति, महेश साहू, चुम्मन निषाद, मेघराज चंद्राकर, हेमंत साहू, गुमान ढिमर, दिलीप चंद्राकर, भेषदास साहू, युगल सिन्हा, हेमशंकर साहू, भेष साहू, महेश दिवाकर, हुलासी ढिमर, लोकेश गंगवीर, रूपदास साहू, नेतराम साहू, लक्की चंद्राकर, सत्यम, टुकज साहू, मदन साहू, गोपी रजक, भोज साहू, विष्णु सिंह, दीना सोनकर, रमेश मंडावी, विरेन्द्र चंद्राकर, चेतन सोनवानी, प्रेमलाल साहू, चैतराम साहू, जितेन्द्र साहू, हरीश चंद्राकर, ओमप्रकाश साहू, गणेश साहू, नीलकमल देवांगन, भरत निषाद, रामचंद यादव, रूपेश साहू, राकेश रावटे, अनिल सिन्हा, संदीप सोनी, भगवान दास सोनकर, टेन सिंह साहू, राहुल साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।