छत्तीसगढ़ » गरियाबंद

Posted Date : 13-Jun-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    देवभोग, 13 जून। गरियाबंद जिले के देवभोग ब्लाक  के सुपेबेड़ा में किडनी मरीजों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज एक महिला ने दम तोड़ दिया। 
    अब मौत का आंकड़ा बढ़कर 64 हो गया है।  दो सौ से ज्यादा लोग अभी भी इस बीमारी से पीडि़त है।
    राजधानी रायपुर से 250 किमी दूर गरियाबंद जिले के अंतिम छोर में बसे  सुपेबेड़ा  की पहचान किडनी  पीडि़त गांव के रूप में बन गई है।  महिला काफी लंबे समय से बीमार थी। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर प्रशासन सही समय पर ध्यान देता और महिला को समय पर इलाज मिलता को महिला की जान बचाई जा सकती थी।
    अब तक की रिपोर्ट में दूषित पानी को किडनी की बीमारी का कारण बताया गया है। जिला प्रशासन ने दावा किया है कि सुपेबेड़ा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कर दी गई है लेकिन जिला प्रशासन के दावे केवल कागजों तक ही सीमित है। जमीनी हकीकत ये है कि आज भी सुपेबेड़ा के लोग दूषित पानी पीने  मजबूर हैं। 
    सुपेबेड़ा के हालात इतने गंभीर हो गए है कि गांव में 15 दिन में एक नया मरीज सामने आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। परेशान ग्रामीणों ने प्रदेश से अलग होने तक की मांग शासन से की थी,दिल्ली और रायपुर के स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने गांव पहुंचकर बेहतर इलाज का भरोसा दिलाया। 
    रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में सुपेबेड़ा के नाम से 5 बिस्तर का एक अलग विभाग भी बनाया। लेकिन मेकाहारा में भी ग्रामीणों को सही इलाज नहीं मिला। हालात ये है कि लोग अब इलाज के लिए मेकाहारा जाना ही नहीं चाहते।
    स्वास्थ्य प्रशासन दो साल बाद भी सुपेबेड़ा में फैसली इस बीमारी के सही कारणों का पता लगाने में नाकाम साबित हुआ है।  

    सुपेबेड़ा में मौतों पर सरकार की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण-पुनिया
    प्रदेश कांगे्रस प्रभारी पीएल पुनिया ने दिल्ली रवाना होने के पूर्व यहां सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा में कहा है कि सुपेबेड़ा (गरियाबंद)में एक के बाद एक मौतों का सिलसिला जारी है। एक और की मौत दुर्भाग्य की बात है। राज्य सरकार की ओर से कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है। शुद्ध पेयजल का इंतजाम करना राज्य और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस ने यूपीए सरकार के समय एक विशेष कार्यक्रम चलाया था, जो समस्याग्रस्त गांवों के लिए पानी की व्यवस्था करता था। सुपेबेड़ा भी समस्याग्रस्त गांवों में से है। सुपेबेड़ा के लिये शुद्ध पानी की व्यवस्था की जानी चाहिए। न तो केंद्र सरकार ने सुपेबेड़ा की सुधबुध ली हैं और न राज्य सरकार ने जवाबदेही तय की है। 

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Posted Date : 04-Jun-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजिम/छुरा, 4 जून। गरियाबंद जिले के छुरा थाना क्षेत्र के ग्राम कारीमाटी में महिला की लाश मिली है। पुलिस ने बलात्कार हत्या की आशंका जताई है। महिला की पहचान नहीं हो सकी है।
    पुलिस के अनुसार अर्धनग्न लाश दो तीन दिन पहले का है। प्रथम दृष्टि में बलात्कार ओर हत्या का मामला प्रतीत नजर आता है। मृतका बाहर की है। उसकी आयु 35-40 के आसपास बताई गई है। लाल रंग की साड़ी ब्लाउज पहनी हुई है।  पुलिस ने सोशल मीडिया में शव के पहचान के लिए महिला की  फोटो भी अपलोड कर दिया है ताकि कोई पहचान कपड़े से कर उनके परिजनों तक खबर पहुंच सके। घटना स्थल से फिंगर प्रिंट भी लिया गया है। पुलिस ने बताया कि पीएम रिपोर्ट के बाद ही मामला दर्ज करेगी।

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Posted Date : 25-May-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    गरियाबंद/दंतेवाड़ा/कोंडागांव/नांदगांव, 25 मई। नक्सलियों ने 25 मई को 6 राज्यों में बंद का आव्हान किया है। इन राज्यों में छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश हैं। गरियाबंद में आज सुबह नक्सलियों ने तेन्दूपत्ता से भरे ट्रक को आग के हवाले कर दिया। वहीं राजनांदगांव और कोंडागांव में नक्सल बंद बेअसर रहा। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में भी नक्सल उत्पात की खबर नहीं है।
     गरियाबंद जिले के छुरा ब्लॉक मुख्यालय से 15 किलोमीटर  दूर ग्राम कोठी स्थित तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्र से गोदाम जाने निकले ट्रक को आज सुबह नक्सलियों ने आग के हवाले कर दिया। मौके पर ही तेंदूपत्ता से भरे ट्रक स्वाहा हो गया। घटना के बाद से चालक लापता है। मौके पर मिले सादे कागज पर लिखे पत्र से उक्त घटना को पुलिस किसी शरारती तत्वों का होने की आशंका जताई है।
    दूसरी ओर राजनांदगांव और कोंडागांव में शुक्रवार को नक्सल बंद बेअसर रहा। नांदगांव जिले के मानपुर-मोहला में गाडिय़ों की आवाजाही जारी है। मानपुर में बाजार हाट खुले हैं। समाचार लिखे जाने तक महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में कोई भी नक्सल उत्पात की खबर नहीं है।
    ज्ञात हो कि नक्सल बंद के एक दिन पहले नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के कांकेर, सुकमा, नांदगांव जिले से लेकर महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में जमकर उपद्रव मचाया। सुकमा में विस्फोट में सीआरपीएफ का सब इंस्पेक्टर शहीद हो गया। वहीं दुर्गकोंदल में मोबाइल टॉवर उड़ा दिया। नांदगांव के मोहला-मानपुर और महाराष्ट्र के गढ़चिरोली में वन डिपो फूंका, पेड़ काटकर रास्ते बंद किए। 

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Posted Date : 24-May-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    गरियाबंद,  24 मई। एंटी करप्शन ब्यूरो ने मैनपुर में पदस्थ उदंती सीतानदी अभ्यारण्य के एसडीओ आरपी दुबे को 1 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
    मिली जानकारी के अनुसार ग्राम कसरूडीह गरियाबंद  निवासी प्रार्थी यशवंत साहू वन विभाग द्वारा ग्राम-जंागड़ा में सड़क का विशेष मरम्मत कार्य कराया गया था। प्रार्थी द्वारा इसके अन्तर्गत मुरूम एवं मिट्टी ढुलाई का कार्य किया गया था जिसके एवज में उसे लगभग 17,72,000 रुपये का भुगतान होना था। 
    प्रार्थी ने इस हेतु  आरोपी  आर.पी.दुबे, सहायक संचालक, उदंति सीतानदी टाइगर रिजर्व, मैनपुर, जिला गरियाबंद से सम्पर्क किया था तो उसने उपरोक्त राशि का भुगतान करने हेतु कुल 3 लाख रू रिश्वत की मंाग की और 50 हजार रुपये प्राप्त कर लिये । शेष रिश्वत की राशि किश्तों में प्राप्त करने हेतु सहमत हुआ और पहली किश्त 1 लाख रुपये लेकर  अपने मैनपुर स्थित निवास में बुलाया। एसीबी की टीम प्रार्थी के साथ मैनपुर पहुंची। आरोपी ने प्रार्थी से 1 लाख रू प्राप्त किये। एसीबी की टीम ने दबिश दी और आरोपी को पकड़ा । रिश्वत की धनराशि बरामद कर जब्त की गई। 

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Posted Date : 22-May-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    गरियाबंद, 22 मई। स्थानीय पुलिस ने दो कार में डेढ़ क्विंटल गांजा  समेत 5 युवकों को गिरफ्तार किया है।   
    पुलिस   के अनुसार   हरियाणा  के पांच युवक ों के दो कार  में गांजा लेकर देवभोग से रायपुर की ओर जाने की सूचना मिली थी।  पुलिस ने  रावनभाठा के समीप दोनों वाहन को रोककर जांच की। एक कार  50 किलो तथा दूसरे में 100 किलो गांजा पाया गया। पुलिस ने  कार सवार पांच युवकों सोनू बेल, अरविंद सैनी, सोनू राजपूत, मंदिप शर्मा  और अमित कुमार को गिरफ्तार किया। गांजा समेत दोनों वाहनों को जब्त कर लिया गया है।

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Posted Date : 30-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    नवापारा-राजिम, 30 जनवरी। त्रिवेणी संगम राजिम में राजिम कल्प कुंभ मेला  31 जनवरी माघी पूर्णिमा से शुरू हो रहा है, जो 13 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलेगा। कल रात्रि 8.45  विस अध्यक्ष गौरी शंकर अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य और धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में इसका औपचारिक शुभारंभ होगा। मेले में विभिन्न अखाड़ों के नागा-साधुओं का आगमन प्रारंभ हो गया है। मेला को तैयारी को लेकर विभिन्न विभागों ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। त्रिवेणी तट पर चलने वाली 15 दिवसीय उक्त धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में 7 से 13 फरवरी तक विराट संत समागम समारोह होगा, जिसमें शंकराचार्य स्वामी, महामंडलेश्वरों, आचार्य वृंद, पीठाधिश्वरों, संत-महात्माओं, के अलावा देश के अनेक प्रदेशों से ख्याति प्राप्त मंदिर, मठों, अखाड़ों और आश्रमों से जाने-माने साधु-संतों की उपस्थिति रहेगी।  
    असंगजी साहेब का प्रवचन 7 से 13 फरवरी तक प्रतिदिन 3 से 6 बजे होगा। 7 फरवरी को जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का आगमन, 10 से 11 फरवरी सद्भावना सत्संग सतपाल महाराज का होगा। इसके अलावा भव्य गंगा आरती दीदी मां साध्वी प्रज्ञा भारती के सानिध्य में प्रतिदिन शाम 6 बजे से 7 बजे तक आयोजित है। 

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Posted Date : 18-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    नवापारा-राजिम, 18 जनवरी।  राजिम कुंभ कल्प मेला को शुरू होने में मात्र दो सप्ताह का समय शेष बच गए है। मेला की तैयारियों को लेकर अधिकारी युद्ध स्तर पर जुट गए हैं। हालांकि अभी तक तैयारियां की मॉनिटरिंग के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं है। 
    धर्मस्व मंत्री एवं राजिम-कुंभ प्रभारी बृजमोहन अग्रवाल 10 जनवरी को राजिम रेस्टहाऊस में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया था कि 25 जनवरी तक सभी कार्य पूर्ण कर लिया जाए। लेकिन अभी की स्थिति देखकर लगता है कि निर्धारित तिथि तक काम पूरा होना मुश्किल है। मेले क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर 250 शौचालय बनने है, अभी एक भी नहीं बना है। अभी तो सड़क का काम ही चल रही है। 
    लोक निर्माण विभाग ने नेहरु घाट जाने वाली सड़क में पुराने मुरूम को खुदाई कर बिछाने का काम शुरू कर दिया है। लोक निर्माण उपसंभाग राजिम, कुरुद एवं रायपुर तीनों डिवीजन मिलकर नदी की रेत पर तकरीबन 10 किमी लंबी मुरूम की सड़क बना रहे है। नई मुरूम अब तक नहीं मंगाई गई हैं, लेकिन विगत वर्षों से बिछाए गए मुरूम की खुदाई कर बेशरम की झाड़ी डाल कर सड़क बनाई जा रही है। अस्थायी सड़क की चौड़ाई भी कम की गई है।
     ओएसडी एवं राजिम कुंभ कल्प मेला के सदस्य सचिव गिरीश बिस्सा ने बताया कि रायपुर स्थित राजिम कुंभ कार्यालय में अभी टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। बिस्सा ने बताया कि प्रक्रिया पूरा होने के बाद वे खुद प्रतिदिन मेला स्थल पहुंचकर मॉनिटरिंग करेंगे। उन्होंने बताया कि 25 जनवरी तक कार्य पूर्णत: की ओर रहेगा। 

    मंत्री बृजमोहन लेंगे जायजा
    राजिम कुंभ कल्प मेला 31 जनवरी से शुरू होने जा रहा हैं, जो 13 फरवरी तक चलेगा। इसकी तैयारी को लेकर धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल शुक्रवार दोपहर 3 बजे राजिम आएंगे और मुख्य मंच स्थल के पास अधिकारियों व टॉस्क फोर्स के सदस्यों की बैठक लेंगे। 
    श्री अग्रवाल बैठक के बाद पूरे क्षेत्र के एक-एक जगह का स्वयं निरीक्षण कर जायजा लेते हुए विभागीय अधिकारियों से कार्य की जानकारी लेंगे। पिछले बार 10 जनवरी को मंत्री राजिम पहुंचे थे, तब 25 जनवरी तक कार्य पूर्ण कर लेने को कहा था लेकिन वर्तमान में धरातल में स्थिति कुछ और ही हैं। गत वर्ष बनी कुछ सड़क जिनकी उपयोगिता नहीं है उसे निकालकर मुरूम को आवश्यक मार्ग में लगाया जा रहा हैं। बुधवार के शाम क्रेन मशीन के सहारे उपयोगविहीन सड़क में लगे पुल को निकालकर सुरक्षित जगह में रखा जा रहा था। गंगा घाट की सफाई कर रेत निकालकर गहरा किया जा रहा हैं। जिसमें श्रद्धालु डुबकी लगाकर पुण्य स्नान करेंगे।

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Posted Date : 17-Jan-2018
  • देवीचरण ठाकुर

    देवभोग, 17 जनवरी (छत्तीसगढ़)। बिंद्रानवागढ़ विधानसभा का सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। लगातार पिछले दो विधानसभा चुनाव में अंचल की जनता भाजपा को अपना समर्थन देकर बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा में सेवा करने का मौका देते आ रही है, तो वहीं कांग्रेस को लगातार दो बार हार का सामना करना पड़ रहा है। इस बार प्रदेश भर में छजकां पार्टी भी दम भर रही है और बिंद्रानवागढ़ विस में भी अपना उम्मीदवार मैदान में उतारने का मन बना लिया है। बिंद्रानवागढ़ विस में इस बार परिवर्तन की लहर दिख रही है।
    भाजपा से वर्तमान विधायक गोवर्धन मांझी का चुनाव लडऩा भी तय है, लेकिन भाजपा के पूर्व विधायक डमरूधर पुजारी के चुनाव लडऩे का संकेत दिख रहा है।  वहीं भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष भागीरथी मांझी का भी आदिवासी समाज में मजबूत पकड़ है। भाजपा से रामरतन मांझी भी इस बार टिकट के लिए ताल ठोकेंगे, क्योंकि उन्हें पार्टी लगातार दो बार सब्र करने को कहा था और अब तीसरे बार वे भी टिकट की दावेदारी करते दिखेंगे। रामरतन मांझी का आदिवासी समाज के साथ हरे कृष्ण संकीर्तन मंडली में अच्छी पकड़ है।
    कांग्रेस पार्टी से पूर्व प्रत्याशी जनकराम ध्रुव पूरे बिंद्रानवागढ़ क्षेत्र में जनता के बीच एक अच्छी छवि बनकर उभरे हुए हंै। पिछले विधानसभा चुनाव में नए व बाहर का प्रत्याशी कहकर जनता ठुकरा दिया, लेकिन इस बार जनक राम ध्रुव अंचल के मूल निवासी बन गए हैं और पूरे क्षेत्र में अलग पहचान बनाकर लोगों के दिल में छाप छोड़ा है, और अंचलवासियों का उन्हें भी अब भरपूर समर्थन दिख रहा है, जबकि कांग्रेस से ही पूर्व विधायक ओंकार शाह भी अपनी दावेदारी करेंगे। 
    मैनपुर ब्लॉक के जनपद सदस्य युवा नेता संजय नेताम का नाम भी जोरों से चल रहा है। लोग इस बार कांग्रेस से एक युवा व ऊर्जावान नए चेहरे के रूप में संजय नेताम को भी देखना चाहते हैं। संजय नेताम के द्वारा अंचल में लगातार जनसम्पर्क किया जा रहा है व ज्वलंत मुद्दों को उठाकर प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं व कांग्रेस में उनकी भी छवि मजबूत बनती दिख रही है। संजय नेताम भी जमीनी स्तर के नेता है और आये दिन  जनता की आवाज बनकर उनके साथ कंधे से कंधे मिलाते दिख रहे हैं। प्रदेश भर में इस बार तीसरे पार्टी के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी का जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) भी अपना उम्मीदवार मैदान में खड़ा कर सकता है। छजकां से बिंद्रानवागढ़ विस के पूर्व विधायक स्व. चरणसिंह मांझी के पुत्र देवीसिंह मांझी का नाम आ रहा है। अलेख महिमा अनुयायी बाबा उदयनाथ का नाम भी सूत्रों के हवाले से आ रहा है।
    बिंद्रानवागढ़ विस में हमेशा देवभोग ब्लॉक के 36 गांवों की जनता ही निर्णायक होते हैं, और अंचल में पंडरा माली समाज का बाहुल्य होने के कारण माली समाज निर्णायक होता है। एक तरफ देखा जाय तो उक्त समाज के ज्यादातर लोग अलेख महिमा अनुयायी हंै। यदि बाबा उदयनाथ को छजकां से टिकट मिलती है तो पंडरा माली समाज का वोट बैंक जो हमेशा बीजेपी को मिलता है, वह इस बार छजकां के खाते में जा सकता है। अब तो यह देखना होगा कि कांग्रेस, बीजेपी और जनता कांग्रेस (जोगी) किसे टिकट देती है? 

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Posted Date : 16-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    गरियाबंद, 16 जनवरी।  पैरी नदी पुल के मोड़ के पास आज सुबह बकाबू बाइक के गड्ढे में गिरने से चालक सिपाही की मौत हो गई जबकि पीछे बैठा उसका साथी घायल हो गया। 
    पुलिस के मुताबिक छुरा थाने में पदस्थ सीएफ बटालियन का जवान रमेश निषाद  अपने साथी खरखरा निवासी प्रेमलाल साहू के साथ बाईक पर मगरलोड जाने के लिए निकले थे। लगभग 11 बजे गरियाबंद से  3 किमी  दूर  पैरी नदी पुल के मोड़ के पास  बाइक  बेकाबू होकर  गड्ढे में गिर गई । इससे  रमेश निषाद की घटना स्थल पर मौत हो गई। वहीं  प्रेमलाल दूर जा गिरा  जिससे उसे भीतरी  चोटें आई हैं। 
    मृत सिपाही का गृहग्राम बिल्लीबंद  जिला बिलासपुर है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस परिजनों की पतासाजी कर संपर्क कर रही थी।  

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Posted Date : 12-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    नवापारा-राजिम, 12 जनवरी। रायपुर-अभनपुर मार्ग पर बीती रात अभनपुर के पास एक पिकअप वाहन सड़क किनारे खड़ी ट्रक के पीछे जा भिड़ी। हादसे में पिकअप चालक की मौत हो गई, वहीं तीन लोग घायल हो गए। 
    अभनपुर थाना के एएसआई विजय साहू ने बताया कि  पिकअप रायपुर की ओर से आ रही थी। उसी दौरान अभनपुर के गुरूकृपा ढाबा के पास सड़क किनारे खड़ी ट्रक को पीछे से ठोकर मार दी। 
    टक्टर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप चालक कमलेश कुमार गाड़ी के स्टेरिंग में बुरी तरह फंस गया। उसे काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। गंभीर हालत में उसे रायपुर निजी अस्पताल भेजा गया जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक कमलेश कुमार नवापारा शीतलापारा का रहने वाला था। उनके साथ गाड़ी में सवार अभिषेक साहू, सत्यप्रकाश एवं मो. अशरफ को भी चोट आई है। 

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Posted Date : 11-Jan-2018
  • महानदी बचाओ आंदोलनकारियों से बृजमोहन ने कहा
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    नवापारा-राजिम, 11 जनवरी। त्रिवेणी संगम को बचाने के लिए एकजुट नागरिकों और मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के बीच बुधवार की रात हुई बातचीत में मंत्री ने कहा कि इस साल नदी के किनारे कम से कम मुरूम डाली जाएगी, क्योंकि उसके बगैर काम नहीं हो सकता है। जो मुरूम नदी किनारे बिखरा है, उसका उपयोग किया जाएगा। लक्ष्मण झूला के अलावा नदी पर एक सस्पेंशन ब्रिज बनाया जाएगा, जिसमें नदी में बचे इस मुरूम का इस्तेमाल किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि राजिम कुंभ जनता का कुंभ है। राजिम कुंभ के कारण ही राजिम की महत्ता पूरे विश्व में फैली है। 
     उन्होंने कहा कि 3 साल पहले यह बात समाने आई थी तभी हमने निर्णय लिया कि एक सस्पेंशन ब्रिज बनाया जाएगा, जो लोमष ऋ षि आश्रम से कुलेश्वर महादेव मंदिर होते हुए राजिम तट तक बनेगी, जिसका काम चालू हो गया है। इसके अलावा सबमर्शिबल सड़क भी बनाया जाएगा। जिससे पानी ऊपर एवं नीचे बह सके। इसके लिए 30 करोड़ रु. स्वीकृति हो गया है। ये बनने के बाद मुरूम की सड़कें नहीं बनेगी। 
    मंत्रीजी ने कहा कि राजिम कुंभ से छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा है। जब तक स्थाई व्यवस्थाएं नहीं होगी, तब तक दिक्कतें आएंगी। अन्य जगहों पर बड़े-बड़े धर्मशालाएं है। हमें मालूम चला है कि चौबेबांधा के पास 43 एकड़ शासकीय जमीन है, जिसे चिन्हांकित कर धर्मशाला निर्माण एवं अन्य व्यवस्थाओं हेतु कलेक्टर गरियाबंद को निर्देशित किया है। उपस्थित लोगों को आश्वासन दिया कि सभी समाधान अगले वर्ष तक हो जाएगी। 
    इसके पहले सुबह से त्रिवेणी तट पर लोग जुटे रहे। फ्लैक्स, बैनर लेकर लोगों ने महानदी बचाओ, राजिम बचाओ के नारे लगाए। छुरा जाकर लौटते वक्त रात करीब 8 बजे राजिम पहुंचे मंत्री बृजमोहन ने पहले राजीवलोचन मंदिर में दर्शन किया। उसके बाद नदी तट पर पहुंचे। वहां से लौटकर मंत्री अपनी गाड़ी में बैठ गए। जबकि मंदिर के पास आंदोलन कर रहे लोग, बड़ी संख्या में धमतरी से आए पूर्व सैनिकों के साथ ब्रिगेडियर प्रदीप यदु खड़े थे। 
    बृजमोहन गाड़ी में बैठ गए तो राजिम के वरिष्ठ नागरिक राघोबा महाणिक के बताने पर कि काफी लोग उनसे मिलने सुबह से बैठे हैं, तब मंत्री वहां पहुंचे। ब्रिगेडियर यदु ने नेताओं से पूछा कि क्या आप अभियान में साथ हैं या नहीं। मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि नदी की पीड़ा आपकी भी है, हमारी भी है। इसके लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। नदी पर फैली मुरूम का उपयोग नए पुल में किया जाएगा। 
     ब्रिगेडियर यदु ने कहा कि ये राजनीतिक या धर्म का मुद्दा नहीं। हमें सिर्फ  और सिर्फ  नदी को मूल स्वरूप में लाना है। सुबह शांतिपूर्ण आंदोलन में युवाओं, महिलाओं के अलावा द्वितीय विश्व युद्ध में हिस्सा लेने वाले 102 वर्षीय मराखन देवांगन के अलावा सूबेदार केपी साहू और बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक पहुंचे।
    ली अफसरों की बैठक
    यहां से मंत्री बृजमोहन राजिम कुंभ कल्प मेला 2018 की तैयारियों की जानकारी के लिए संबंधित आधिकारियों के साथ राजिम रेस्टहाऊस में बैठक ली। उन्होंने सिलसिलेवार संबंधित विभागों के अधिकारियों से उनके कार्यों की जानकारी ली। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं चलेगी, सभी अधिकारी अपना-अपना काम 25 जनवरी तक पूर्ण कर लें। 
     कलेक्टर गरियाबंद को निर्देश देते हुए कहा कि नदी में मुरूम का उपयोग कम से कम किया जाए, जो मुरूम बचे हैं, उसी का उपयोग किया जाए। नदी में आस्थायी सड़कें भी कम बनाई जाए। 
    इस दौरान विधायक संतोष उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्वेता शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रामकुमार साहू, सांसद प्र्रतिनिधि अशोक राजपूत, पालिकाध्यक्ष विजय गोयल, नपं अध्यक्ष पवन सोनकर, भागवत हरित, जितेन्द्र सोनकर, आशीष शिंदे, मंडल अध्यक्ष राघोबा महाडि़क, गफ्फू मेमन, सिद्धार्थ बंगानी, होरीलाल साहू, ओएसडी एवं राजिम कुंभ मेला सदस्य सचिव गिरीश बिस्सा के अलावा पीडब्ल्यूडी, पीएचई, सिंचाई, कृषि, खाद्य, स्वास्थ्य, एरिगेशन, विद्युत, पुलिस, नगर पंचायत, परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। 

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Posted Date : 17-Dec-2017
  • समिति कर्मचारी ने उसके पट्टे से दो लाख निकाले
    आरोपी फर्जीवाड़ा मामले में जेल में

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    देवभोग, 17 दिसंबर। कदलीमुड़ा का किसान बिना कर्ज लिए डिफाल्टर बन गया उसे इसका पता तब चला जब वह धान बेचने गया। अब वह अपने काते पर धान बेच नहीं पा रहा है। आरोपी पहले से ही फर्जी धान खरीदी मामले में जेल में हैं।
    बहुचर्चित फर्जी धान खरीदी केंद्र उरमाल तब सुखिऱ्यों में आया था जब कम्प्यूटर में अधिक धान इन्द्राज कराकर फर्जी धान की आवक दर्शाई गई थी,और उक्त प्रकरण में अब संस्था के तात्कालीन ब्यवस्थापक ,भृत्य सहित दर्जन भर लोग आज  जेल  में हैं। 
    और अब कदलीमुड़ा का किसान उग्रेसिंग यदु का मामला उजागर हुआ है। किसान उग्रेसिह यदु उरमाल धान खरीदी केंद्र का नियमित किसान है और उसका लेन देन बराबर चल रहा था। संस्था के तात्कालिक भृत्य डीलेश्वर नागेश व तात्कालिक ब्यवस्थापक भोलेश्वर सोनवानी से किसान उग्रेसिंग यदु लेन देन करता था व उसके पट्टे को भृत्य डीलेश्वर नागेश अपने पास रखा था और पट्टे से ही  2 लाख का कर्ज निकाल लिया। 
    किसान को इसकी भनक तक नहीं लगी कि उसके पट्टे से 2 लाख का कर्ज निकल चुका है। किसान जब अपना पट्टा मांगता तो उसे डीलेश्वर नागेश टाल मटोल कर भगा देता था। किसान जब इस वर्ष धान बेचने गया तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई जब उसे पता चला कि उसके नाम से 2 लाख का कर्ज है और अब किसान उग्रेसिंग यदु दर दर भटक रहा है और बिना कर्ज लिए कर्जदार बन गया है और सोसाइटी ने उसे डिफाल्टर  घोषित कर दिया है।   
    ज्ञात हो कि वर्ष 2014-15 में उरमाल धान खरीदी केंद्र में 1 करोड़ 16लाख 45 हजार रूपये की हेराफेरी हुई थी ,जिसके आरोप में 5 लोगो की गिरफ्तारी भी हो चुकी है और उक्त आरोपी आज जेल में है ,जिसमें तात्कालिक भृत्य डीलेश्वर नागेश भी है ,जिसने उक्त किसान उग्रेसिंग यदु के पट्टे से 2 लाख का लोन निकाल लिया है। 
    अब  किसान परेशान है तो उसके परिवार के पास बहुत ही बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। उसकी गुहार है कि  उसका कर्ज माफ़ होना चाहिए। वह इस  मामले में  प्रधानमंत्री  को खत लिखकर न्याय मांगेगा।  

    मैंने अभी अभी चार्ज लिया है। हमारे समिति के पूर्व व्यवस्थापक गुलाब सिन्हा से पूछना पड़ेगा। किसान उग्रेसिंग यदु का नाम डिफाल्टर किसान के श्रेणी में है।
     जीवन लाल श्रीवास, व्यवस्थापक,  उरमाल सोसाइटी

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Posted Date : 06-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    छुरा/गरियाबंद, 6 दिसंबर। छुरा थाना के ग्राम गायडबरी-जतमई के बीच स्थित जोगीगुडी जंगल में 4 माह पूर्व मिली अज्ञात महिला की लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। घटना को अंजाम देने वाला और कोई नहीं महिला का पति की निकला। वह अपने जीजाजी के साथ मिलकर हत्या की थी। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
     छुरा थाना के जोगीगुडी जंगल में 31 अगस्त को एक अज्ञात महिला की लाश मिली थी। मृतका के सिर को पत्थर से कुचला गया था। एक हाथ भी गायब था। मृतिका की पहचान के लिए समाचार पत्रों में इस्तहार भी जारी किया गया था। पुलिस जांच कर रही थी इसी दौरान जागेश्वर प्रसाद निर्मलकर निवासी भुरसुदा थाना तिल्दा-नेवरा छुरा थाना आकर बताया कि मेरी बड़ी बहन मंजू निर्मलकर अपनी मर्जी से वर्ष 2008 में जगनाथ रात्रे से प्रेम विवाह किया था। मंजू वहीं गांव के ही सतनामीपारा में रहती थी। वह पिछले तीन माह से गायब है। जगनाथ रात्रे पिछले दिनों नशे की हालत में कह रहा था कि तुम्हारी बहन चरित्र हीन थी इस वजह से उसे गरियाबंद जिला जतमई मंदिर घुमाने लेजाकर अपने जीजाजी परदेशी राम कोशले के साथ मिलकर उसकी हत्या कर जंगल में फेंक दिया हूं। मृतिका का छायाचित्र एवं उसके बदन से जब्त साड़ी को दिखाने पर उक्त साड़ी को अपनी बहन मंजू का ही होना बताया। मामले की जांच के लिए थाना छुरा से पुलिस टीम बनाकर जांच शुरू की गई। जगन्नाथ रात्रे एवं परदेशी राम कोशले को गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ करने पर जुर्म कबूल लिया। आरोपियों ने बताया कि 27 अगस्त को मृतिका मंजू को जतमई मंदिर घुमाने के नाम से मोटरसाइकिल से जतमई जंगल ले जाकर सिर को पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी थी। बांये हाथ में गोदना में मंजू तथा आरोपी जगनाथ रात्रे का नाम लिखा था इस कारण से मृतिका के शरीर से हाथ को पत्थर से मार कर अलग कर जांगल में फेंक दिया था। 

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Posted Date : 20-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    गरियाबंद, 20 नवंबर।  आज सुबह रसेला से गरियाबंद जाने वाली यात्री बस  बेकाबू होकर नाले में पलट गई। इस हादसे में एक दर्जन को चोटें आईं हैं।
    पुलिस के अनुसार उक्त यात्री बस ग्राम लिटीपारा से सुबह यात्रियों को लेकर गरियाबंद के लिए निकली थी।  ग्राम पिपरछेडी  नाला ढलान में बेकाबू होकर नाले में जा पलटी। ग्रामीणों के अनुसार बस में  35 यात्री सवार थे। घटना की जानकारी होते ही ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को बाहर निकाला गया। ओम प्रकाश  ग्राम लोहारी निवासी युवक को गंभीर हालत में  रायपुर मेकाहारा भेजा गया है। वहीं हरदी निवासी राजकुमारी नामक महिला को भी गंभीर चोटें आई हैं। अन्य घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

     

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Posted Date : 17-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    गरियाबंद, 17 सितंबर। हिरासत में रखे गए लकड़ी तस्करी के आरोपी ने बीती रात धुर्वागुड़ी स्थित वन रेस्ट हाउस में फांसी लगा ली। ओडिशा निवासी इस आरोपी को  दो दिन पहले वन विभाग की टीम उसके घर से लेकर आई थी। 
    घटना के बाद से वहीं तनाव के हालात हैं, परिजनों ने लाश ले जाने से इंकार कर दिया है और वन विभाग पर जबरदस्ती घर से उठा ले जाने का आरोप लगाया है उनका कहना है कि आरोपी कभी लकड़ी काटने गया ही नहीं था। हालात को देखते हुए आसपास के  तीन थानों से पुलिस बल बुलाए गए हैं। 
    मिली जानकारी के अनुसार मृतक  लोबो माँझी ग्राम तालाकोट ओडिशा का  निवासी था।  उसे ईन्दागाँव वन परिक्षेत्र की टीम ने डिप्टी रेंजर तुलसीराम ठाकुर के नेतृत्व मेें बीती रात अवैध कटाई के आरोप में पकड़ा था। आरोपी से कुल्हाड़ी जब्त कर अग्रिम कार्रवाई  हेतु रात को रेस्ट हाउस में रखा गया था।  
    फांसी लगाए जाने की सूचना के बाद अमलीपदर पुलिस मौके पर पहुंची  और शव अपने कब्जे में लिया। वहीं परिजनों का आरोप है कि  वन विभाग के कर्मचारियों व फारेस्ड गार्ड ने युवक को धमकाया था कि उसे चोरी के अलावा और भी कई मामलों के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग के कर्मचारी उसे बार-बार धमकी दे रहे थे। वह लकड़ी काटने कभी जंगल गया ही नहीं था। 

    वन विभाग के कारण ही उसने फांसी लगा ली। 
    लाश लेने से इंकार करते हुए परिजन वहीं बैठ गए हैं। पुलिस उन्हें मनाने में लगी हुई है। तनाव को देखते हुए आसपास से पुलिस बल भी मंगा लिया गया है।
    इधर वन विभाग के अफसरों का कहना है कि वो बाथरूम जाने की बात कहकर गया और फिर बाहर से दरवाजे की कुंडी लगाकर आत्महत्या कर ली।

     

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Posted Date : 06-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़  संवाददाता
    गरियाबंद, 6 नवंबर। जिले के छुरा वन परिक्षेत्र से सटे गांव में रविवार शाम खेत में धान फ सल देखने पहुंचे एक  ग्रामीण को हाथियों ने कुचलकर मार डाला। क्षेत्र में एक ग्रामीण की मौत से ग्रामीण दहशत में हंै। 
    मिली जानकारी के अनुसार महासमुंद वन परिक्षेत्र से आये हाथियों का दल बीते पांच दिनों से गरियाबंद जिले के छुरा वन परिक्षेत्र में घूम रहा है। वन सीमा क्षेत्र के ग्रामीण व वन विभाग के कर्मी हाथियों के दल को ढोल-पटाखा व मशाल जला कर बाहर खदेडऩे का प्रयास लगातार कर रहे हैं। ग्रामीणों को सुरक्षा की दृष्टि से सर्तकता बरतने की मुनादी भी की गई है।
    इस बीच कई किसानों के खेत को रौंदते हुए छुटपुट घटनाओं के साथ हाथियों का झुण्ड धीरे-धीरे आगे बढ़ता जा रहा है। रविवार शाम को छुरा वन परिक्षेत्र के गांव मातरबाहरा का किसान तुरूप सिंह गोड़ (40) धान फसल देखने अपने खेत गया था। शाम लगभग 7 बजे हाथियों के झुण्ड ने उसको खेत में रौंद कर मार डाला। 
      उक्त ग्रामीण को आक्रोशित हाथियों ने इतनी बुरी तरीके से रौंद कर क्षतविक्षत किया था कि ग्रामीण की पहचान करना मुश्किल हो गया था। उसके पहने हुए वस्त्र से पहचान की गई। सूचना मिलते ही रात को ही वन विभाग व पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गए व शव की रखवाली में रात भर वन विभाग व ग्रामीण जमे रहे। 
    अब एक ग्रामीण की मौत से क्षेत्र के आसपास के ग्रामीण दहशत में हंै। 
    हाथियों के झुंड में एक दंतेल हाथी, चार बड़ी हथनी एवं दो शावक कुल 7 हाथी होना बताया जा रहा है, जो छुरा परिक्षेत्र के जंगल से लगे गांवों में मौजूद हंै। 

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Posted Date : 02-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    गरियाबंद, 2 नवंबर। हाथियों का दल महासमुंद वन क्षेत्रों से होते हुए गरियाबंद जिले के वन सीमाओं में पहुंच गया है। गरियाबंद वन विभाग सतर्कतता बरतते हुए हाथियों के झूंड को अपने वन सीमाओं से खदेडने 24 घंटे डटे हुए हैं। संबंधित क्षेत्र के निवासरत ग्रामीणों को सावधानी बरतने कहा जा रहा है। हाथियों के झूंड दिखे जाने पर उनसे किसी प्रकार की छेड़छाड़ न करने की अपील की है।
    हाथियों का दल गरियाबंद परिक्षेत्र के छुरा वन अंतर्गत 7 किलोमीटर दूर ग्राम पत्थरी में देखा गया है। हाथियों का दल छुरा परिक्षेत्र के सीमा क्षेत्रों में विचरण करते हुए आगे बढ़ता जा रहा है। वन अमला व पुलिस जवान मशाल, टीपा एवं पटाखा का उपयोग करते हुए मुस्तैदी से टैकिंग कर रहे हैं। सावधानी के लिए ग्रामीणों से कहा गया है कि किसी प्रकार से हाथियों के दल से छेड़छाड़ न करते हुए चलने दें। 
    वनपरिक्षेत्र अधिकारी अशोक भट्ट ने बताया कि हाथियों के झूंड को अपने एरिया से बाहर करने के लिए वन कर्मचारी डटे हुए हैं। एक-दो दिनों में क्षेत्र से बाहर होने की संभावना है। अभी तक किसी प्रकार की हानि नहीं हुई है। किसी प्रकार क्षति होने पर मुआवजा प्रकरण तैयार कर मुआवजा दिया जाएगा।

     

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Posted Date : 14-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    गरियाबंद, 14 अक्टूबर। मैनपुर इलाके में हीरा बेचने की फिराक में घूम रहे एक व्यक्ति से पुलिस ने 22 नग हीरा बरामद किया है।
     क्राइम ब्रांच टीम ने  सूचना मिलते ही  ग्राम परसुली स्थित नाले के पास उक्त आरोपी मैनपुर कला निवासी झनेश्वर झंडी के घेरे बंदी कर तलाशी में 22 नाग हीरा, एक मोटर साइकिल, 1 मोबाइल कुल 1 लाख 82 हजार जब्त किया। 
    उल्लेखनीय है कि मानपुर इलाके में अवैध हीरा उत्खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके पहले भी कई लोगों को अवैध हीरे के साथ पकड़ा जा चुका है। बहरहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ में लगी है।

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Posted Date : 11-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    गरियाबंद/रायपुर, 11 अक्टूबर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने गरियाबंद में बोनस तिहार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में एक बार भी किसानों को धान बोनस नहीं मिला। भाजपा सरकार लाखों किसानों को धान बोनस बांट रही है। इस फसल का धान बोनस अगली दिवाली के पहले बांट दी जाएगी।धान बोनस को लेकर कांग्रेस यहां सिर्फ राजनीति कर रही है। 
    गरियाबंद धान बोनस तिहार में वहां के करीब 50 हजार किसानों को करीब 73 करोड़ का धान बोनस वितरित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने बटन दबाकर धान बोनस बांटा। बोनस की यह राशि सीधे किसानों के खाते में जमा हो गई है। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सूखे और अकाल की स्थिति में इस बार बोनस देने की कोई योजना नहीं थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसकी सूचना दी तो उन्होंने कहा कि आप तत्काल रायपुर जाए और विधानसभा की विशेष सत्र बुलाकर बोनस बांटने की तैयारी करंे। 
    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज गरियाबंद जिले में आयोजित बोनस तिहार में जिले के 48 हजार 883 किसानों को 73 करोड़ 49 लाख रूपए बोनस का वितरण किया।  मुख्यमंत्री द्वारा कम्प्यूटर में एक क्लिक करने के साथ ही किसानों के खातों में बोनस राशि का ट्रांसफर हो गया। मुख्यमंत्री ने बोनस राशि वितरण के साथ ही 229 करोड़ के 49 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। 
    मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हर सुख-दुख में सहभागी है, उन्हें किसी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है। अभी किसानों को धान का बोनस दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां सूखे की स्थिति है, वहां सर्वें करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं और जल्द ही किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के तहत सहायता दी जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमित किसानों को बीमा राशि का लाभ दिया जाएगा। 
    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि गरियाबंद अब विकसित जिला का स्वरूप ले रहा है। यहां सभी शासकीय कार्यालय खुल चुके हैं। नये भवनों का निर्माण हो चुका है। अब गरियाबंद के लोगों को रायपुर का चक्कर लगाना नहीं पड़ता। सारे निर्णय अब गरियाबंद में ही लिए जा रहे हैं। 
    मुख्यमंत्री ने कहा किसानों के पसीने की एक-एक बूंद से फसल तैयार होती है। उनकी मेहनत का लाभ देने के लिए सरकार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के साथ ही बोनस का वितरण कर रही है। वर्ष 2016 में बेचे गए धान का बोनस अभी दिया जा रहा है और इस साल जो धान खरीदेंगे उसका बोनस हम अगले साल अप्रैल में वितरित करेंगे। 
    उन्होंने कहा कि किसानों की भलाई के लिए सर्वाधिक योजनाएं छत्तीसगढ़ में ही संचालित की जा रही है। एक समय था जब किसानों को 15 प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण मिलता था। इसे हमने शून्य प्रतिशत कर दिया है। छत्तीसगढ़ में किसानों को साढ़े सात हजार यूनिट नि:शुल्क बिजली दे रहेे हैं। सौर सुजला योजना के तहत सोलर सिंचाई पम्प की कीमत लगभग साढ़े चार लाख रूपए होती है, लेकिन हम किसानों को केवल 8 हजार से 10 हजार रूपए में दे रहे हैं। अकेले गरियाबंद जिले में एक हजार से ज्यादा किसानों को सोलर सिंचाई पम्प का वितरण किया गया है जो अपने आप में एक बड़ा कीर्तिमान है। 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ का निर्माण किया था और मुझे 11 नये जिलों के निर्माण का सौभाग्य प्राप्त हुआ। आज इन जिलों में विकास तेजी से हो रहा है। यह प्रशासनिक विकेन्द्रीयकरण के कारण ही संभव हुआ है। आज गरियाबंद जिले के विकास को देखकर संतुष्टि मिलती है। यहां का कलेक्टोरेट भवन रायपुर से भी बेहतर है। 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गरियाबंद जिले में एक हजार से ज्यादा महिलाओं को उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिया गया है। अब तक गरियाबंद जिले में सात हजार से ज्यादा घरों में गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 11 लाख आवासहीन परिवारों को आवास दिया जा रहा है। 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पांच सौ बालिकाओं को सरस्वती सायकल योजना के तहत नि:शुल्क सायकल का वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से छात्राओं की शिक्षा  का प्रतिशत बढ़ा हैं। पहले 50 से 55 प्रतिशत बालिकाएं ही स्कूल जा पाती थी, लेकिन साइकिल की सुविधा हो जाने से बालिकाओं का स्कूल जाने का प्रतिशत 98 हो गया है। यह एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अक्टूबर 2018 तक प्रदेश के शत-प्रतिशत घरों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। गरियाबंद जिले के भी सभी घरों में बिजली पहुुंच जाएगी और इन घरों में नि:शुल्क एलडी बल्ब भी दिए जाएंगे।
    इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अजय चन्द्राकर, महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा गरियाबंद जिले की प्रभारी श्रीमती रमशीला साहू, लोकसभा सांसद चन्दूलाल साहू, विधायक  संतोष उपाध्याय और जिला पंचायत गरियाबंद की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और किसान हजारों की संख्या में उपस्थित थे। 

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Posted Date : 09-Sep-2017
  •  छत्तीसगढ़ संवाददाता

    गरियाबंद, 9 सितंबर। जिले कई विकासखंड सूखे की मार से प्रभावित हैं। कई गांवों में खंड वर्षा के कारण बोनी के प्रारंभ से लेकर बियासी व रोपाई नहीं कर पाये।  बारिश होने के बाद भी तीन चौथाई फसल चौपट हो गई है। किसानों का कहना है कि असिंचित स्थानों में बीज वापस हो जाये, वही बहुत है। प्रभावित किसान फ सलों को अब मवेशियों के हवाले करने लगे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में सूखा घोषित करने की मांग उठने लगी है।  
     खण्ड वर्षा एवं अल्प बारिश के कारण बोरवेल्स लगे किसानों के माथे में चिंता सता रही है। समय बे समय वि़द्युत प्रवाह का बंद चालू होना एवं बोर वेल्स के गिरते जल स्तर,  फसलों  पर  कीट प्रकोप और  दवाई बेअसर। कई किसान तालाब किनारे खेतों में  पंप से पानी लेकर  बचाने की जद्दोजेहद कर रहे हैं। प्रभावित किसान सहकारी समितियों से खरीदी गई खाद ज्यों के त्यों पड़ा पड़ा खराब हो रहा है। उपर से छोटे व बड़े किसानों के द्वारा कृषि कार्य के लिए  20 हजार से लेकर 50 हजार राशि तक के कर्ज भी अब भारी पडऩे लगा है। किसान एकजुट होकर बैठक कर रहे हैं, तो कहीं-कहीं किसान खेतों में मवेशियों को छोड़ रहे हंै। 
    सम्पूर्ण जिले के कुछ क्षेत्र ,जहॉं सिचाई के साधन उपलब्ध हंै उन क्षेत्रों को छोड़कर जिलेे का अधिकांश रकबा असिंचित है। अल्प वर्षा व खण्ड वर्षा से बोवाई रोपाई बियासी एवं निंदाई   प्रभावित होने से फसल अब बारिश होने से भी  फायदा नहीं के बराबर होगा। 
    ग्राम हरदी के कोलयारी दादर खार के 60 से 70 एकड़ सुखा प्रभावित किसान  नेहरू साहू, गोपी राम यादव ,ढेलकुराम ,केशव राम ,सुखुराम ,नीलकंठ हिरवानी ,रामसिंह ,अबधराम ,मेहत्तर राम गुलाब राम ,मिलउराम साहू ,अतर कमार ,बिहान भुजिया ,शालिक राम भाुजिया ,भाुपेन्द्र बरातुराम ने बताया समय पर बारिश नही होने पर एक माह पिछड़ गया। जैसे तैसे बोवाई किया गया लेकिन ब्यासी व रोपाई ,निंदाई  बारिश न होने से हो नहीं पाई। खाद जस का तस है। तेज धूप गर्मी के कारण खेतों में खरपतवार की अधिकता होने अब मवेशियों के चराने छोड़ा जा रहा है। 
     गरियाबंद ब्लाक अंर्तगत ग्राम दर्रीपारा क्षेत्र के आठ ग्राम पंचायत के लगभग 30 गांव  कोसमी ,दर्रीपारा ,बोईरगांव ,आमागांव ,चिपरी ,पेण्ड्रा ,रावणडिग्गी ,नवागांव ,खरता ,खुर्सीपार ,आमदी जोवा ,दशपुर ,नवागढ ,खमारीपारा के किसान  सूखा घोषित करने  लगातार बैठक कर रहे हं।  सूखा प्रभावित क्षेत्रों का राजस्व विभाग द्वारा सड़क किनारे व साधन सम्पन्न खेतों व किसानों से पूछताछ  कर नजरी रिपोर्ट तैयार करने को लेकर नाराजगी है।

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