‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
केशकाल, 27 अप्रैल। वनमंडल केशकाल प्रांगण में सोमवार को जिला यूनियन स्तरीय तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यशाला 2026 का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य को सुव्यवस्थित, गुणवत्तायुक्त एवं मानक अनुरूप सुनिश्चित करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लक्ष्मण सिंह (भारतीय वन सेवा) मुख्य वन संरक्षक एवं कार्यपालन अधिकारी कैम्पा रायपुर रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रबंध संचालक एवं वन मंडलाधिकारी दिव्या गौतम ने की। इस अवसर पर उप प्रबंध संचालक नंदकुमार सिंहा एवं उपवनमंडलाधिकारी सुषमा जे. नेताम विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान तेंदूपत्ता संग्रहण एवं क्रय में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि केवल उच्च गुणवत्ता वाले, मानक अनुरूप पत्तों की ही खरीदी की जाए। दागयुक्त, टूटे-फूटे, अत्यधिक मोटे अथवा अनुपयुक्त पत्तों को खरीद से बाहर रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही मानक बोरा के अनुरूप ही संग्रहण एवं संकलन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
इसके अलावा फड़ों के समुचित रख-रखाव, नियमित निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए। संग्रहित तेंदूपत्तों को परिवहन तक सुरक्षित रखने एवं किसी भी प्रकार की क्षति से बचाने हेतु आवश्यक सावधानियां बरतने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों को शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य संपादित करने के निर्देश दिए, ताकि विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
प्रबंध संचालक श्रीमती गौतम ने बताया कि जिला यूनियन की 16 समितियों के 254 फड़ों में 28 अप्रैल 2026 से तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य प्रारंभ होगा। इस वर्ष लगभग 28,500 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कार्यक्रम में परिक्षेत्र अधिकारी केशकाल के.के. नेताम, बड़ेराजपुर मिर्जा फिरोज बेग, आर.एस. यादव, एन.के. मेशराम एवं नवपदस्थ परिक्षेत्र अधिकारी शुभम पांडे, पोषक अधिकारी, प्रबंधक, फड़ अभिरक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव एवं बड़ी संख्या में संबंधित कर्मचारी शामिल हुए।