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Date : 29-Mar-2020

ट्रकों से राजस्थान जा रहे 27 लोगों को पुलिस ने पकड़ा, दोनों ड्राइवरों पर एफआईआर 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
विश्रामपुरी (जिला कोंडागांव),  29 मार्च।
लॉकडाउन के दौरान जगदलपुर से राजस्थान जा रही दो ट्रकों में 27 लोगों को केशकाल पुलिस ने पकड़ा है। दोनों ड्राइवरों पर एफआईआर दर्ज कर लिया गया है।

मामला केशकाल थाना का है, जहां थाने के सामने बेरिकेट लगाकर आने-जाने वाली सभी वाहनों की जांच किया जा रहा था। इसी बीच बीती रात दो ट्रक जो कि जगदलपुर से राजस्थान की ओर जा रहे थे, पुलिस द्वारा रोक कर पूछे जाने पर ड्रायवर ने बताया कि समान लेकर जा रहे हैं,परन्तु किसी प्रकार का अनुमति आदेश न दिखाए जाने पर गाड़ी चेक करने पर पाया गया कि एक ट्रक में 18 तथा दूसरे ट्रक में 7 लोग सवार थे। 

इस मामले में एसडीओपी अमित पटेल से बात करने पर उन्होंने बताया कि दोनों ट्रक को जब्त कर ड्राइवरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है, तथा ट्रकों में सवार लोगों के रुकने व खाने की व्यवस्था सामुदायिक भवन में करवा दिया गया है।

 


Date : 28-Mar-2020

ग्रामीणों ने ठान लिया नहीं घुसने देंगे कोरोना, बांस बल्लियों व पत्थर से बाहरी लोगों का रोक रहे रास्ता रोक कई गांवों की सील कर दी सीमा, रतजगा कर निगरानी 

विश्रामपुरी (जिला कोंडागांव),  27 मार्च। देश भर में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा हुई तो गांव-गांव में इसका व्यापक असर दिख रहा है। कोराना संक्रमण से बचाव के लिए ग्रामीण सतर्क हैं। इसी के तहत ग्रामीण किसी भी तरह की कोताही बरतना नहीं चाहते। ग्रामीणों का मानना है कि यदि एक भी ग्रामीण कोरोना वायरस से संक्रमित होता है तो पूरे गांव का गांव खतरे में पड़ जाएगा। 

प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जैसे ही गांव में मुनादी करने के लिए कहा गया तो ग्रामीणों को यह समझते देर नहीं लगी कि मामला काफी गंभीर है तथा यह महामारी कोई छोटी-मोटी नहीं है। यही कारण है कि ग्रामीण अब दिन को तो जाग ही रहे हैं बल्कि रतजगा भी कर रहे हैं तथा बाहर से आने जाने वाले लोगों की निगरानी में लगे हैं। जिले में कई गांव के लोग मजदूरी करने अन्य प्रांतों में गए हुए थे जिनके लगातार यहां पहुंचने की खबर थी जिससे ग्रामीण में भय का वातावरण था। जिस पर मामला गरमाने लगा तथा पुलिस एवं प्रशासन ने चौकसी बरतनी शुरू कर दी तथा ऐसे लोगों को बिना क्वारंटाइन के गांव में घुसने से मना कर दिया गया है। फिर भी कोई अन्य क्षेत्र के संक्रमित व्यक्ति के गांव में घुसने की आशंका के चलते ग्रामीणों ने अपने अपने तरीके से रास्ता रोक रखा है। जिससे कोई भी अन्य गांव का व्यक्ति दूसरे गांव में ना पहुंच पाए। इसके लिए कई गांव में सीमा सील कर दी गई है। 

ग्रामीण लकडिय़ों को काटकर या बांस बल्लियों एवं पत्थर आदि से रास्ता रोक रखा है तथा आने जाने वाले लोगों से कड़ाई से पूछताछ कर रहे हैं तथा बेवजह घूमने वाले लोगों को गांव में घुसने नहीं दिया जा रहा है। यदि कोई गांव का व्यक्ति कहीं बाहर से लौट रहा है तो पहले उसे  क्वारंटाइन की सलाह देते हुए प्रशासनिक अधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया जा रहा है। जिले के फरसगांव, माकड़ी, बड़े राजपुर, केशकाल सभी ब्लॉकों के ग्रामीण क्षेत्र में नाकेबंदी के दृश्य देखने को मिल रहे हैं।

 ग्रामीणों ने एकजुट होकर बैठक करके गांव में किसी को भी बेवजह न घुसने देने का फैसला लिया है। ग्रामीणों के इस फैसले से कोरोना वायरस के ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचने की संभावना कम हो गई है क्योंकि कोरोना वायरस का संक्रमण एक दूसरे के समीप आने से या छूने से होता है। अभी तक बस्तर के ग्रामीण क्षेत्र में कोरोनावायरस के पॉजिटिव मरीज की पुष्टि नहीं हुई है जिसके चलते ग्रामीण एहतियात बरतते हुए स्वयं को सुरक्षित कर रहे हैं। ग्रामीण रास्ता रोकने में अलग-अलग पारी बनाकर रखे हैं जिसमें कई अलग-अलग ग्रुप बनाया गया है जो बारी-बारी से ड्यूटी कर रहे हैं। 
सोनाबाल गांव के मुखिया लोगों ने बैठक करके यह भी कहा है कि गांव के लोग कहीं भी बाहर न जाएं जब कोई गंभीर समस्या होगी तो गांव में बैठक करके ही फैसला लिया जाएगा
ग्रामीणों का यह प्रयास यदि सार्थक रहा तो क्षेत्र में कोरोना वायरस नहीं पहुंच पाएगी इसमें कोई संदेह नहीं है।

 दूसरी ओर ग्रामीणों के इस कार्य से पुलिस एवं प्रशासन का कार्य भी हल्का हो गया है जहां शहरों में पुलिस एवं प्रशासन को लोगों को तितर-बितर करने काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं गांव में यह कार्य ग्रामीण ग्रामीण स्वयं आगे आकर कर रहे हैं जिससे पुलिस एवं प्रशासन को काफी सहूलियत हो रही है।

इस संबंध में एसडीओपी कोंडागांव कपिल चन्द्रा ने कहा कि कुल मिलाकर इस समय संकट सोशल डिस्टेंस आवश्यक है। जिसकी निगरानी के लिए अलग आ टीम बनायी गयी है पुलिस एवं प्रशासन के द्वारा सतत निगरानी की जा रही है।
 


Date : 26-Mar-2020

बाहरी लोगों के घुसने पर गांवों में मनाही

छत्तीसगढ़ संवाददाता

विश्रामपुरी(जिला कोंडागांव), 26 मार्च। छत्तीसगढ़ में भी कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है तो अब ग्रामीण भी चिंतित हो उठे हैं। इसी के चलते ग्रामीणों ने ठान लिया है कि अब कोरोना से अपने अपने तरीके से लडऩा है। ग्रामीणों ने बाहरी लोगों के बेवजह गांव में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया तथा कई मुनादी की जा रही है तो कहीं सडक़ों पर बाहरी लोगों को रोकने का इंतजाम किया जा रहा है

एक और पुलिस लोगों के बेवजह घूमने फिरने पर रोक लगा रही है, वहीं ग्रामीण भी पुलिस एवं प्रशासन का कंधे से कंधे मिलाकर साथ दे रहे हैं। अब ग्रामीणों को भी लग रहा है कि कोरोना बहुत खतरनाक है तथा उससे बचा जाना ही ठीक है। आदिवासी क्षेत्र में ग्रामीण स्वत: आगे आ रहे हैं।

माकड़ी ब्लाक के शामपुर में ग्रामीणों ने सडक़ पर लकडिय़ा डालकर आने जाने वाले लोगों को रोक रखा है। तथा कुछ लोग सडक़ के किनारे बैठे रहते हैं ताकि कोई लकडिय़ों को हटाकर गांव में प्रवेश न कर पाए।  ‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता जब कोरोनावायरस से संबंधित खबर लेने ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचे तो ग्राम शामपुर में सडक़ को लकडिय़ों से बाधित किया गया था। कुछ लोग सामने आए तथा परिचय पूछा तत्पश्चात रास्ता खोल दिया। ग्रामीणों ने बताया कि किसी भी अन्य व्यक्तियों को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

बड़े राजपुर सलना, पलना, मारंगपुरी आदि गांव में कोटवारों के द्वारा लगातार मुनादी की जा रही है कि लोग बेवजह गांव में ना घूमें। इसके अलावा कोई भी बाहरी व्यक्ति गांव में प्रवेश न कर पाए, इसके लिए गांव के कुछ लोग सडक़ों पर निगरानी करते हैं। धीरे-धीरे सडक़ों पर लोगों की आवाजाही लगातार कम हो रही है और अब गिनी-चुनी गाडिय़ां ही सडक़ों पर दिख रही है। जिला मुख्यालय के समीप नेशनल हाईवे पर भी गाडिय़ां नहीं दिख रहीहै इक्का-दुक्का वाहनों की आवाजाही चलती रही। जिनका कहीं अत्यावश्यक कार्य से जाना होता है केवल वही गाडिय़ां ही सडक़ों पर दिख रही हैं।  कई दुकानदारों ने कोरोना के खौफ से स्वत अपनी दुकानें बंद कर दी हैं। रोजमर्रा की जरुरतों के चलते प्रशासन ने किराना दुकानों को सुबह 8 से लेकर दोपहर 12 बजे तक खोलने की छूट दी गई है किंतु कई दुकानदार कोरोना के डर के चलते दुकान ही नहीं खोलना चाह रहे हैं।


Date : 25-Mar-2020

कोरोना की मार किसानों पर मजदूर नहीं, सब्जियां तोडऩा और मंडी तक पहुंचाना मुश्किल

छत्तीसगढ़ संवाददाता
फरसगांव, 25 मार्च।
कोरोना वायरस की मार किसानों पर पड़ती दिख रही है। किसानों का कच्चा माल करेला, भिन्डी, मिर्च, लौकी, पत्ता गोभी अन्य सब्जियां तोडऩे और मंडी तक पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। 

फसलों को खेत से बाहर निकालने के लिए मजदूर मिलना मुश्किल हो रहा है, यदि किसान जैसे-तैसे फसल तोड़कर तैयार कर रहा है, तो थोक में सब्जी खरीदने वाले व्यापारी मंडी तक पहुंचाने कह रहे हंै। यदि किसान फसल मंडी तक पहुंचाने को तैयार है, तो ट्रांसपोर्ट के लिए गाड़ी नहीं मिल रही, क्योंकि मंडी तक गाड़ी में फसल ले जाएंगे, पर वापसी में गाड़ी वाले को कोई सामान नहीं मिलेगा, क्योंकि शहरों के समस्त गैरेज बन्द पड़े हंै। गाड़ी वाला दोनों तरफ का किराया लेगा, जो किसान को महंगा पड़ेगा, उसके बाद भी मंडी में फसल का सही मूल्य मिलेगा या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं। इतना ही नहीं गैरेज बन्द होने के कारण छोटे व्यापारियों का सामान जैसे-दाल, चावल, तेल, दूध पैकेट, अन्य खाद्य सामग्री मेडिकल की दवाइयां भी व्यापारियों तक नहीं पहुंच पा रही है, जिसके कारण धीरे-धीरे सामान के नहीं मिलने पर परेशानी बढ़ सकती है।

 लोगों का कहना है कि प्रशासन और शासन को इस पर जल्द विचार कर राशन और दवाइयों की पहुंच की व्यवस्था करनी चाहिए, साथ ही किसानों की सब्जियां और फल मन्डी तक पहुंचे और सही मूल्य मिल सके और उपभोक्ता तक समय रहते राशन, सब्जी, दवाइयां मिल सके। इसकी चिन्ता करनी पड़ेगी, क्योंकि लॉकडाउन में व्यवस्था देख रहे और मरीजों की सेवा कर रहे डाक्टर, नर्स, मेडिकल स्टाफ, पुलिस, सफाई कर्मचारी, कानून व्यवस्था सुधारने वाले अधिकारी, कर्मचारी मीडिया कर्मी एवं अन्य सहयोगी भी उपभोक्ता है, वे नि:स्वार्थ सेवा में लगे हंै और उन्हें भी रोजमर्रा की वस्तुओं के लिए भटकना पड़े, यह सही नहीं होगा।    


Date : 25-Mar-2020

देश भर में लॉकडाउन, गांवों में शादी की तैयारी 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
विश्रामपुरी (जिला कोंडागांव), 25 मार्च।
प्रधानमंत्री द्वारा देश भर में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा एवं कोरोना वायरस के खतरे के संबंध में देश भर के लोगों को जागरूक किया गया, बावजूद इसके कई गांव ऐसे हैं जहां कोरोना वायरस के संक्रमण का भय दिखाई नहीं दे रहा है। कहीं कल परसों ही शादी हो चुकी है तो कहीं  शादी की तैयारी चल रही है। लोगों को जागरूक करते एवं कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को ग्रामीणों तक पहुंचाने में प्रशासन का पसीना छूट रहा है।

 जिले के माकड़ी तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत बालोंड में 24 मार्च को लॉकडाउन के बीच एक शादी संपन्न हुई है जिसकी पार्टी बुधवार को थी। समाचार लिखे जाने तक काफी लोगों के लिए भोजन की तैयारी चल रही थी। दूल्हा और दुल्हन एक ही गांव के बताए जा रहे हैं।  बालोंड एक अच्छा खासा विकसित गांव है। गांव में जगह-जगह भीड़-भाड़ का नजारा दिखाई दे रहा था। 

दूसरे मामले में कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे की परवाह न करते हुए बड़े राजपुर ब्लॉक के ग्राम पाड़ोकी में 28 मार्च को एक जोड़े की शादी होनी है, जिसके लिए ग्राम बासकोट में एक व्यक्ति घर घर जाकर न्योता दे रहा है कि शनिवार की शादी में सबको बारात जाना है तथा ग्राम पाड़ोकी में शादी धूमधाम से होगी।

 ग्राम पंचायत बड़ेराजपुर के कोलियारीडीही में दो दिन पहले ही शादी सम्पन्न हुई। जहां ग्राम लूभा तहसील माकड़ी से बारात आया था। बड़ेराजपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोरगांव में कल ही एक शादी संपन्न हुई थी। प्रशासन एवं पुलिस के हस्तक्षेप के बाद रात 8 बजे भीड़ को तितर-बितर किया गया और परिजन एवं कुछ अन्य लोग की मौजूदगी में शादी संपन्न हुई।
 सड़कें सुनसान हैं। पुलिस गश्त कर रही है। प्रशासन भी पूरी तरह चौकस दिखाई दे रहा है। लेकिन गांव-गांव में चल रहे कार्यक्रमों को देखकर लोगों में कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रति चिंता दिखाई दे रही है।

 इसी बीच कांग्रेस नेता एवं राजीव ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष रितेश पटेल ने अपनी शादी स्थगित करने की घोषणा कर दी। धमतरी के पास कुरूद से 2 अप्रैल को शादी होनी थी, किंतु कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए तथा लॉकडाउन की स्थिति को देखते हुए उन्होंने अपनी शादी स्थगित करने की घोषणा कर दी है। जिन लोगों को शादी के लिए आमंत्रित किया गया था उन्हें फोन करके शादी स्थगित करने की सूचना दी जा रही है।

एसडीएम केशकाल डीडी मंडावी ने इस संबंध में बताया कि संबंधित थानों को सूचना दे दी गई है कि जहां भी भीड़ इक_ा हो या शादी ब्याह का आयोजन हो तो वहां भीड़ को तितर-बितर कर दिया जाना चाहिए। एक साथ लोगों का इक_ा होना उचित नहीं है। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए सबको सावधानी एवं सजगता बरतने की आवश्यकता है।

 


Date : 25-Mar-2020

दीगर प्रांतों से लौट रहे मजदूर बिना हेल्थ चेकअप कर रहे प्रवेश
विश्रामपुरी (जिला कोंडागांव), 25 मार्च।
छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉकडाउन किया गया है। वहीं राज्य से बाहर गए मजदूर कई साधनों से अपने घरों में बस्तर जिले में वापस लौट रहे हैं। जानकारी के अभाव में बिना डॉक्टरी परीक्षण के अपने-अपने घरों में प्रवेश कर रहे हैं। आसपास के लोगों को जब पता चलता है कि अन्य राज्यों से मजदूर लौट रहे हैं, तो इसकी सूचना पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य विभाग को दी जाती है। 

गत दिनों बड़े राजपुर एवं केशकाल क्षेत्र में कई गांव में बाहर बोरवेल्स एवं अन्य कार्यों के लिए गए मजदूरों की वापसी को लेकर लोगों में चिंता दिखाई दे रही है। लिहागांव में कर्नाटक से काम करके लौटे मजदूर के अपने घर में प्रवेश के पश्चात कुछ लोगों की शिकायत पर उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। उसका अभी रिपोर्ट नहीं मिली है किंतु तब तक उसके संपर्क में घर के अन्य सदस्य एवं ग्रामीण आ चुके थे। 

पीड़ापाल में दो मजदूरों के अन्य प्रांत से लौटने की खबर है। वहीं ग्राम पंचायत मछली में एक महिला जो कि हैदराबाद में किसी कंपनी में कार्यरत है अपने घर वापस लौटी हंै। उसका भी उसका भी हेल्थ चेकअप नहीं हुआ था। इसी गांव के दो मजदूर अन्य प्रांत से लौटे हैं। पेन्ड्रावन में भी कुछ दिनों पूर्व 7 से 8  मजदूरों के अन्य प्रांतों से लौटने की खबर है। 

ग्राम पंचायत मारंगपुरी एवं ग्राम पंचायत धामनपुरी में भी दूसरे प्रांतों से कार्य करके मजदूर वापस लौटे हैं, जिसकी सूचना बांसकोट पुलिस चौकी को दी गई है। तत्पश्चात यहां चौकी प्रभारी के द्वारा उन्हें अस्पताल में जाकर स्वास्थ्य चेकअप कराने की सलाह दी गई है।

विश्रामपुरी पुलिस घुमंतू लोगों पर सख्ती बरतेगी-थाना प्रभारी 
थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार दरो ने कहा कि बेवजह घूमने वाले लोगों पर सख्ती बरती जाएगी। वहीं अन्य प्रांतों से वापस आने वाले मजदूर लोगों को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए कहा जा रहा है तथा लोगों को इसके संबंध में जागरूक किया जा रहा है।
 

 


Date : 24-Mar-2020

दीगर प्रांतों से लौट रहे मजदूर बिना हेल्थ चेकअप कर रहे प्रवेश

विश्रामपुरी (जिला कोंडागांव), 24 मार्च। छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉकडाउन किया गया है। वहीं राज्य से बाहर गए मजदूर कई साधनों से अपने घरों में बस्तर जिले में वापस लौट रहे हैं। जानकारी के अभाव में बिना डॉक्टरी परीक्षण के अपने-अपने घरों में प्रवेश कर रहे हैं। आसपास के लोगों को जब पता चलता है कि अन्य राज्यों से मजदूर लौट रहे हैं, तो इसकी सूचना पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य विभाग को दी जाती है। 

गत दिनों बड़े राजपुर एवं केशकाल क्षेत्र में कई गांव में बाहर बोरवेल्स एवं अन्य कार्यों के लिए गए मजदूरों की वापसी को लेकर लोगों में चिंता दिखाई दे रही है। लिहागांव में कर्नाटक से काम करके लौटे मजदूर के अपने घर में प्रवेश के पश्चात कुछ लोगों की शिकायत पर उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। उसका अभी रिपोर्ट नहीं मिली है किंतु तब तक उसके संपर्क में घर के अन्य सदस्य एवं ग्रामीण आ चुके थे। 

पीड़ापाल में दो मजदूरों के अन्य प्रांत से लौटने की खबर है। वहीं ग्राम पंचायत मछली में एक महिला जो कि हैदराबाद में किसी कंपनी में कार्यरत है अपने घर वापस लौटी हंै। उसका भी उसका भी हेल्थ चेकअप नहीं हुआ था। इसी गांव के दो मजदूर अन्य प्रांत से लौटे हैं। पेन्ड्रावन में भी कुछ दिनों पूर्व 7 से 8  मजदूरों के अन्य प्रांतों से लौटने की खबर है। 
ग्राम पंचायत मारंगपुरी एवं ग्राम पंचायत धामनपुरी में भी दूसरे प्रांतों से कार्य करके मजदूर वापस लौटे हैं, जिसकी सूचना बांसकोट पुलिस चौकी को दी गई है। तत्पश्चात यहां चौकी प्रभारी के द्वारा उन्हें अस्पताल में जाकर स्वास्थ्य चेकअप कराने की सलाह दी गई है।

ओडिशा के घूम रहे लोगों पर सख्ती
 केशकाल, विश्रामपुरी बांसकोट में पुलिस के द्वारा सड़कों पर सघन चेकिंग की जा रही है। प्रदेश में लाकडाउन के बावजूद विश्रामपुरी में मोटरसाइकिल पर चल रहे ओडिशा के लोगों की पहचान कर पुलिस ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया। इसके अलावा आसपास के गांव के लोग बिना काम के मोटरसाइकिल से इधर-उधर घूम रहे थे, जिसे पुलिस सतर्कता बरतते हुए ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। 

विश्रामपुरी पुलिस घुमंतू लोगों पर सख्ती बरतेगी-थाना प्रभारी 
थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार दरो ने कहा कि बेवजह घूमने वाले लोगों पर सख्ती बरती जाएगी। वहीं अन्य प्रांतों से वापस आने वाले मजदूर लोगों को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए कहा जा रहा है तथा लोगों को इसके संबंध में जागरूक किया जा रहा है।


Date : 24-Mar-2020

कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए बैठक

छत्तीसगढ़ संवाददाता
केशकाल/ विश्रामपुरी, 24 मार्च।
विश्व भर में कोरोना वायरस का कहर फैला हुआ है, इसको ध्यान में रखते हुए केशकाल थाना में एस.डी.एम दीनदयाल मंडावी के नेतृत्व में  बैठक रखी गई, जिसमें शासन द्वारा दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में बी.एम.ओ डॉ. डी.के. बिसेन ने कोरोना के प्राथमिक लक्षणों के बारे में बताया तथा अपने आस-पास रहने वाले लोगों को इसके प्रति जागरूक करने की अपील की। 

डॉ. डी.के. बिसेन ने बताया कि यदि किसी को खबर मिलती है, की कोई व्यक्ति अन्य राज्य से आया है तो तत्काल उसकी जानकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केशकाल में दी जाए तथा अधिक से अधिक सतर्कता बरती जाए। 

बैठक में केशकाल नगर के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिसमे दूध की दुकान तथा किराने की दुकान केवल सुबह 8  बजे से 12 बजे तक ही खुलेगी, वही दवाई की दुकानें दिन भर खुली रहेंगी। 

साथ ही दोपहर 12 बजे के बाद यदि कोई भी व्यक्ति मोटरसाइकिल अथवा अन्य वाहन से घर से बाहर निकला तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।बैठक में एस.डी.एम. दीनदयाल मंडावी, तहसीलदार राकेश साहू, एसडीओपी अमित पटेल, बीएमओ डीके बिसेन, अमीन मेमन, नपं अध्यक्ष रोशन जमीर, जनपद अध्यक्ष महेंद्र नेताम, सीएमओ नमेश कावड़े, सभी जनपद सदस्य, समस्त पार्षद न.पं. व एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे।

 


Date : 24-Mar-2020

दुकानें खुली मिलने व अनावश्यक वाहन में घूमते पाए जाने पर होगी कार्रवाई 

फरसगांव, 24 मार्च। फरसगांव नगर पंचायत मुख्यालय में आज अनुभाग स्तरीय कोर कमेटी की बैठक फरसगांव अनुविभागीय अधिकारी पवन प्रेमी की अध्यक्षता में रखी गई। जिसमें समस्त नगरवासियों को सूचित किया गया कि नगर के राशन दुकान एवं मोबाइल रिचार्ज दुकान प्रतिदिन प्रात: 10 से 2 बजे तक खुली रहेंगी, इसके अतिरिक्त फल दुकानें प्रात: 10 से 5 बजे तक खुली रहेंगी।

 कोर कमेटी द्वारा निर्णय लिया गया है कि चाय एवं पान दुकान के साथ संचालित ब्रेड बिस्किट एवं अन्य सामग्री विक्रेताओं की दुकानें भी पूर्णता बंद रहेगी, खुली दुकानों में मात्र 5 लोग ही उपस्थित रहेंगे, एवं प्रत्येक व्यक्ति के बीच की दूरी 1 मीटर रहेगी, इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार की दुकान खुली पाए जाने पर एवं अनावश्यक वाहन मोटरसाइकिल में घूमते पाए जाने पर पुलिस प्रशासन द्वारा आईपीसी की धारा के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसकी समस्त जवाबदारी स्वयं की होगी। नगरीय निकाय क्षेत्र में मालवाहक के तौर पर राशन सामग्री एवं सब्जी अथवा फल लेकर आने वाले वाहनों को ही प्रवेश की पात्रता रहेगी, इसके अतिरिक्त किसी भी मालवाहक वाहन का प्रवेश नगर में प्रतिबंधित रहेगा। उक्त जानकारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी वनिश दुबे नगर पंचायत फरसगांव द्वारा दिया गया।

 बैठक में मुख्य रूप से थाना प्रभारी विनोद साहू, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रमेश कुमार ओटी, खंड चिकित्सा अधिकारी लखनलाल जुर्री एवं अन्य लोग उपस्थित रहे। फरसगांव विकासखंड में ग्राम पंचायत स्तर पर कोर कमेटी बनाई गई है जिनके द्वारा यह पता लगाया जा रहा है कि किस -किस गांव से कौन-कौन लोग बाहर काम करने गए हुए थे, वे लोग वापस आ रहे हैं या नहीं तथा जो लोग आ गए हैं उनकी सूचना तत्काल अनुभाग स्तरीय कमेटी को देनी है, ताकि उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा सके।

 


Date : 23-Mar-2020

फरसगांव स्वस्फूर्त बंद रहा

फरसगांव, 23 मार्च। जनता कफ्र्यू पर फरसगांव भी पूर्ण रूप से बंद था। सकड़के सूनी रहीं। इक्का-दुक्का वाहन आ जा रहे थे। संध्या पांच बजते ही नगर के नगरवासियों द्वारा अपने घरों की छत और बाल्कनी में निकलकर शंख, थाली, घन्टी और ताली बजाना प्रारम्भ किया और बहुत देर तक बजाते रहे। कुछ देर तक नगर का वातावरण ध्वनियुक्त हो गया था। करोना वायरस से बचने के लिए रविवार को जनता कफ्र्यू था। 


Date : 23-Mar-2020

सुकमा नक्सल हमले में शहीद हेमंत दास को मोहन मरकाम ने दिया कंधा

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोण्डागांव, 23 मार्च।
सुकमा जिले के मिनपा इलाके में शनिवार को हुई मुठभेड़ में 17 जवान शहीद हो गए, तो वहीं 14 जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इन 17 शहीद जवानों में कोण्डागांव जिला का भी एक जवान शामिल है। घटना के बाद से शहीद जवान के गृहग्राम कोण्डागांव बड़ेबेंदरी में शोक का माहौल है। शहीद जवान के पार्थिव शरीर को 23 मार्च की दोपहर उसके गृहग्राम बड़ेबेंदरी लाया गया, यहां राजकीय सम्मान के साथ उनको अंतिम विदाई दी गई। इस मौके पर कोण्डागांव विधायक व कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम भी यहां मौजूद रहे।

जानकारी अनुसार, सुकमा जिला के मिनपा जंगलों में भेज्जी से चिंतागुफा के बीच 21 मार्च को नक्सलियों ने घात लगाकर जवानों पर हमला कर दिया था। इस हमले में कोण्डागांव जिला के बड़ेबेंदरी निवासी आरक्षक हेमंत दास मानिकपुरी समेत 17 जवान शहीद हो गए। शहीद हेमंत दास मानिकपुरी का पार्थिव शरीर 23 मार्च को उसके गृहग्राम बड़ेबेंदरी लाया गया। यहां विधायक व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, कोण्डागांव कलेक्टर नीलकंठ टीकाम, एसपी सुजीत कुमार समेत भारी जनसैलाब ने अपने नम आंखों से शहीद को विदाई दी। शहीद हेमंत को मोहन मरकाम ने भी कंधा दिया। शहीद की अंतिम विदाई के दौरान पुलिस ने गॉर्ड ऑफ ऑनर देते हुए अंतिम सलामी दी। 

माता-पिता का था लाडला
शहीद हेमंत दास मानिकपुरी के पिता सुखदास मानिकपुरी कांकेर चारामा के तहसील कार्यालय में लिपिक के पद पर पदस्थ है, और मां पिलाबाई एक गृहणी है। हेमंत के परिवार में बड़ा भाई विजय दास मानिकपुरी (37), बहन रीना (33), कविता (30) और भाई नोमेन्द्र कुल पांच भाई बहन में हेमंत (26) सबसे छोटा था, इसलिए परिवार का लाडला था।

2 अप्रैल को जन्मदिन, दोस्तों को देने वाला था बर्थडे पार्टी
 शहीद हेमंत का पैतृकग्राम बड़ेबेंदरी कोण्डागांव है, लेकिन उसने अपनी पढ़ाई चारामा से की, वहीं उसके दोस्त भी चारामा के ही है। हेमंत के पिता सुखदास मानिकपुरी शासकीय कर्मचारी है, जिसके चलते उनका छिंदगढ़ में स्थानांतरण हो गया था। हेमंत छिंदगढ़ में ही रहते हुए 24 अप्रैल 2017 में पुलिस आरक्षक बनाए गए। 

चारामा से अंतिम विदाई के लिए पहुंचे मित्र अनूप, सतीश सिन्हा, पुलस तारम और अन्य दोस्तों ने आगे बताया कि, 2 अप्रैल 1993 को उसका जन्मदिन है, ऐसे में उसने वादा किया था कि, पुलिस जॉब और जन्मदिन की बर्थडे पार्टी वह इस बार अपने दोस्तों को एक साथ देगा। क्योंकि एमए की परीक्षा देने वह चारामा आने ही वाला था। दोस्तों ने यह भी बताया कि, शहीद हेमंत मिलनसार था, जिसकी याद दोस्तों के दिल से कभी नहीं जाएगी।


Date : 23-Mar-2020

लॉकडाउन, सब्जी खरीदने भीड़ देखकर पुलिस-नपं टीम ने दी समझाइश

छत्तीसगढ़ संवाददाता
फरसगांव, 23 मार्च।
राज्य सरकार के निर्देश का पालन करते हुए नगर पंचायत और राजस्व विभाग के अमले ने नगर में मुनादी करवाकर फरसगांव नगर पंचायत को लॉकडाउन कर दिया। दवाई-राशन दुकान, सब्जी एवं अन्य आवश्यक दुकानों को छोड़कर बाकी सब बंद है।

साप्ताहिक बाजार पूर्ण रूप से बंद रहा। साप्ताहिक बाजार में मात्र सब्जी बिक्रेता ही सब्जी बेचने आए। नगरवासियों ने जल्दबाजी में सरकार के आदेश का अनदेखा किया और एक जगह भीड़ करके खरीदी करते रहे। जिस पर पुलिस और नगर पंचायत के कर्मचारियों ने समझाइश दी। सब्जी बेचने वाले कारोबारियों ने किसानों से सस्ते में खरीद कर महंगे में बेचा और अच्छा मुनाफा कमा लिया। 

कोण्डागांव जिले के पांचों विकासखण्ड के अनेक ग्रामों से ग्रामीण बोर करने वाली गाडिय़ों में काम करने केरल कर्नाटक आन्ध्रप्रदेश और अन्य राज्यों में जाते है, परन्तु उनके आने की सूचना किसी को नहीं रहती।

इस विषय पर नायब तहसीलदार फरसगांव हार्दिक श्रीवास्तव और खण्ड चिकित्सा अधिकारी लखन जुर्री से चर्चा करने पर उन्होंने माना कि अन्य राज्यों से काम कर वापस आने वाले जानकारी नहीं देते हैं। ग्राम स्तर के स्वास्थ्य कर्मी, कोटवार, पटवारी, सरपंच, पंचायत कर्मी(सचीव) आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सचेत रखकर उनकी जानकारी एकत्र की जाएगी और वर्तमान में की जा रही है। 


Date : 23-Mar-2020

आंध्र से लौटा मजदूर होम आईसोलेशन पर

छत्तीसगढ़ संवाददाता
विश्रामपुरी(कोंडागांव), 23 मार्च।
दो दिन पूर्व क्षेत्र का एक व्यक्ति आंध्रप्रदेश से लौटा, जिसकी सूचना ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन को दी। तत्पश्चात उस व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच की गई तो तथा उसे एहतियातन होम आइसोलेशन पर रखा  गया है। 

थाना विश्रामपुरी अंतर्गत निवासी युवक लगभग एक साल पहले बोर गाड़ी में मजदूरी करने आंध्रप्रदेश गया था, जो कि 20 मार्च को वापस लौटा। उसके घर आने पर कोटवार एवं आसपास के लोगों ने इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग विश्रामपुरी एवं प्रशासनिक अधिकारियों को दी। उसके बाद उसे विश्रामपुरी स्वास्थ्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भेजकर उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। हालांकि प्रारंभिक तौर पर उसे सर्दी, खांसी, बुखार के कोई लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं। किंतु उसे होम आईसोलेशन पर रहने के लिए कहा गया है। उसे 14 दिनों तक घर के घर एक कमरे में रहना है तथा लोगों से मेल-मिलाप नहीं रखने की सलाह दी गई है।

 जानकारी के मुताबिक आदिवासी अंचल के कई लोग कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र आदि प्रांत में बोरगाड़ी एवं अन्य मजदूरी करने जाते हैं, जो कि इस समय कोरोना प्रभाव के चलते वापस लौट रहे हैं तथा जानकारी के अभाव में सीधे अपने घर पहुंच जाते हैं। ऐसे लोगों को संक्रमित होने की आशंका बनी रहती है, क्योंकि वह वाहन एवं ट्रेन आदि से सफर करके वापस लौटते हैं। बस्तर में बड़ी संख्या में लोग अन्य प्रांतों में काम करने जाते हैं। प्रशासन के द्वारा ऐसे लोगों पर नजर रखने तथा सावधानी एवं सजगता बरतने कहा गया है।

 इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी एसके कनवर ने बताया कि पता चला है कि उस व्यक्ति में प्रारंभिक तौर पर लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं, किंतु ऐसे व्यक्ति को होम आइसोलेशन की सलाह दी जाती है। उन्हें 14 दिन तक घर में रहकर किसी से मेल-मिलाप नहीं करने की सलाह दी गई है।


Date : 23-Mar-2020

फरसगांव स्वस्फूर्त बंद रहा

फरसगांव, 23 मार्च। जनता कफ्र्यू पर फरसगांव भी पूर्ण रूप से बंद था। सकड़के सूनी रहीं। इक्का-दुक्का वाहन आ जा रहे थे। संध्या पांच बजते ही नगर के नगरवासियों द्वारा अपने घरों की छत और बाल्कनी में निकलकर शंख, थाली, घन्टी और ताली बजाना प्रारम्भ किया और बहुत देर तक बजाते रहे। कुछ देर तक नगर का वातावरण ध्वनियुक्त हो गया था। करोना वायरस से बचने के लिए रविवार को जनता कफ्र्यू था। 


Date : 23-Mar-2020

जनता कफ्र्यू का व्यापक असर, गांव-गांव में पसरा सन्नाटा

छत्तीसगढ़ संवाददाता
विश्रामपुरी (कोंडागांव), 23 मार्च।
केशकाल, बड़ेराजपुर विश्रामपुरी क्षेत्र के गांव-गांव में जनता कफ्र्यू का व्यापक असर देखा गया। सभी मार्ग सुबह से ही सूनसान रहे। छोटी-छोटी दुकानों से लेकर ठेले, होटल इत्यादि सभी बंद रहे। लोगों का घर से बाहर निकलना पूरी तरह बंद था। सड़कों पर कोई भी दिखाई नहीं दे रहा था ना ही गाडिय़ां चल रही थी।

 कल तक विश्रामपुरी का शनिचरी बाजार भी चालू था तथा अच्छी खासी भीड़-भाड़ दिखाई दे रही थी, किंतु प्रधानमंत्री के राष्ट्र को संबोधन तथा जनता कफ्र्यू के बारे में सुनने के बाद इसका व्यापक असर दिखाई दिया है।

क्षेत्र का सबसे बड़ा साप्ताहिक बाजार गम्हरी पूरी तरह बंद रहा। यहां केशकाल विश्रामपुरी कांकेर धमतरी कोंडागांव के अलावा उड़ीसा एवं दूर-दूर के व्यापारी बाजार पहुंचते हैं, किंतु इस बार बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ था। इसके अलावा ओडिशा का रायगढ़ भी काफी बड़ा साप्ताहिक बाजार है, जहां क्षेत्र के लोग भी बड़ी संख्या में जाते हैं, किंतु इस समय रविवार को दोनों ही बाजार पूरी तरह बंद रहे।

 ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी कर दी गई थी कि कोई भी सुबह 7 से लेकर रात 9 बजे तक घर से बाहर न निकले, जिसका व्यापक असर दिखाई दिया है। गांव गांव में लोग घर के अंदर ही दिन रात दुबके रहे।


Date : 21-Mar-2020

दवाई दुकानों में मास्क और सेनिटाइजर नहीं मिले रहे

फरसगांव, 21 मार्च। नगर की दवाई दुकानों में मास्क और सेनिटाइजर गायब हो गया है। फरसगांव में 6 मेडिकल स्टोर हैं, परन्तु किसी भी मेडिकल स्टोर में मास्क और सेनिटाइजर नहीं है। लोगों का कहना है कि नगर क्षेत्र में बैंक एटीएम पोस्ट आफिस और अन्य भीड़ वाले जगहों पर कोरोना से बचने के लिए कोई स्प्रे नहीं किया गया है। कोण्डागांव जिले के विकासखण्ड फरसगांव माकड़ी केशकाल कोण्डागांव बड़ेराजपुर से ग्रामीण रोजी रोटी के लिए दक्षिण भारत के राज्य में जाते हैं, जिसका कोई हिसाब नहीं होता। यदि वे वापस अपने गांव में आकर घरों में होंगे, तो कोई बताने वाला नहीं है।

लोगों की मांग है कि जिला और विकासखण्ड प्रशासन ग्राम पंचायत और कोटवारों से इनकी जानकारी लेकर तुरन्त कार्रवाई करें, ताकि होने वाले नुकसान से सबको बचाया जा सके। 


Date : 20-Mar-2020

विश्रामपुरी का पांच दिवसीय मेला स्थगित, ग्रामीणों ने भी कहा पहले कोरोना भगाना है, बाद में मेला मनाएंगे

छत्तीसगढ़ संवाददाता
विश्रामपुरी, 20 मार्च।
छत्तीसगढ़ में एक कोरोना पॉजिटिव केस की पुष्टि के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिसके चलते कोंडागांव जिले में भी धारा 144 लागू कर दी गई है तथा ग्रामीणों को सतत सावधानी बरतने कहा गया है। इसी के चलते विश्रामपुरी में प्रशासनिक अधिकारियों ने एक महत्वपूर्ण बैठक ली, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए। 

बैठक में विश्रामपुरी में होने वाला पांच दिवसीय मेला स्थगित कर दिया गया है। यह मेला 5 दिनों तक चलता है। चूंकि मेले में दूरदराज के पर्यटक व बड़ी संख्या में लोग मेला का आनंद लेने पहुंचते हैं। आसपास के गांवों के अलावा अन्य जिले एवं दूसरे राज्य के व्यापारी भी यहां मेले में पहुंचते हैं, जिससे चार से पांच दिनों तक काफी भीड़भाड़ का माहौल रहता है जिसके चलते कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ सकता है। एहतियातन यहां होने वाला वार्षिक मेला उत्सव को स्थगित कर दिया गया है। इसके अलावा बांसकोट माकड़ी एवं अन्य गांवों में होने वाले मेले भी स्थगित किए जा सकते हैं।

 मेला को स्थगित करने से पहले प्रशासन ने ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों की आवश्यक बैठक आहुत की, जिसमें मांझी- मुखिया पटेल, सरपंच ,कोटवार आदि को बुलाया गया था। सभी ने कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए मेला मड़ाई को स्थगित करने पर हामी भरी तथा सभी ने कहा कि जब तक कोरोना वायरस का खात्मा नहीं होता, तब तक मेला का आयोजन नहीं होगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश दी कि भीड़भाड़ वाले इलाके से दूरी बनाए रखें तथा साफ-सफाई पर ध्यान दें। 

ज्ञात हो कि तीन से चार दिन पूर्व ही फरसगांव मड़ई का आयोजन हुआ था, जहां काफी भीड़ जुटी थी। जहां लोगों ने मेले के आनंद में कोरोना वायरस के खतरे को भी भुला दिया था। जिसकी क्षेत्र में चर्चा हो रही थी। इसी प्रकार गांव-गांव में होने वाले मुर्गा लड़ाई में भी बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं प्रशासन ने अभी मेला मड़ाई पर प्रतिबंध लगा दिया है किंतु अभी तक मुर्गा लड़ाई पर अलग से प्रतिबंध लगाने का आदेश दिखाई नहीं दिया, जहां एक और धारा 144 लागू हो गई है। 

प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को अधिक से अधिक सजग रहने एवं सावधानी बरतने की सलाह दी है। इस अवसर पर एसडीएम केशकाल डीडी मंडावी तहसीलदार विश्रामपुरी एचआर नायक विश्रामपुरी थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार दरो, मुख्य कार्यपालन अधिकारी एके ठाकुर, एम एन मंडावी आदि सम्मिलित थे।


Date : 19-Mar-2020

नगरीय क्षेत्र की चौपाटी और फास्ट फूड वाले अस्थायी ठेले बंद करने के निर्देश

कोण्डागांव, 19 मार्च। कलेक्टर नीलकण्ठ टीकाम ने नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय (महानदी भवन) से जारी ताजा आदेश के परिपालन में कोण्डागांव के नगरीय क्षेत्र के अंतर्गत लगने वाले सभी मॉल, चौपाटी, बाजार एवं अन्य स्थलों जहां चाट-पकौड़ी, फास्ट फूड तथा अन्य खाद्य वस्तु के विक्रय के लिए अस्थायी ठेले आदि लगाये जाते हैं, उन्हें आगामी आदेश तक के लिये बंद रखने के निर्देश दिए गए है। इसके साथ ही नगरीय क्षेत्रों में स्थित छात्रावासों और छात्रों को किराये पर उपलब्ध कराए जाने वाले पी.जी. को भी खाली कराये जाने अथवा उनमें निवास करने वाले छात्र-छात्राओं के बाहर आने-जाने को हतोत्साहित करने कहा गया है। नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को इस आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। 

 


Date : 19-Mar-2020

सुपोषण, वन-धन आजीविका, मलेरिया मुक्ति से बनेगी कोण्डागांव की नई पहचान 

मुख्य सचिव ने कोण्डागांव-नारायणपुर जिले के अधिकारियों की ली संयुक्त बैठक 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोण्डागांव, 19 मार्च।
कोण्डागांव जिले में विगत दो वर्षों में विकास की नई ईबारत लिख रहा है और यह पूरे राष्ट्रीय परिदृश्य में साबित भी हो चुका है बस इसकी निरंतरता को एक जनआंदोलन का स्वरूप देना है ताकि यह जिला न केवल प्रदेश बल्कि संपूर्ण राष्ट्र में एक रोल मॉडल बनकर उभरे। उक्त आशय के विचार मुख्य सचिव आरपी मण्डल ने आज जिला कार्यालय के सभागार में व्यक्त किए। उन्होंने आगे कहा कि चाहे वह मयूरडोंगर या चारगांव क्लस्टर के विकास कार्य हो या फिर एनआरएलएम की महिला स्व-सहायता समूह को रोजगार के नए क्षेत्रों से जोडऩा हो जिस तरह से यहां कलेक्टर के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने कार्य किया है वह विशेष रूप से सराहनीय है। 

उन्होंने कहा कि गरीबी को समाप्त करने के साथ ही मलेरिया उन्मूलन, सुपोषण, वन-धन आजीविका योजनाओं का सफल क्रियान्वयन राज्य शासन का मुख्य लक्ष्य है। इसके अलावा राज्य शासन के महात्वाकांक्षी कार्यक्रम राम वन गमन पथ को विकसित करने की कार्ययोजना को अमलीजामा पहुंचाने में कोण्डागांव जिले को भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए माकड़ी ब्लॉक के आस-पास के क्षेत्रों को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने के साथ ही अन्य पर्यटन क्षमताओं को सर्वांगीण विकास होगा। 

सुपोषण अभियान पर प्रकाश डालते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने कहा कि यूनिसेफ एवं डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट अनुसार नवजात शिशु के जन्म से प्रारंभिक एक हजार दिन कुपोषण मुक्ति हेतु महत्वपूर्ण होते है। इस दौरान बच्चों का संपूर्ण ध्यान रखा जाना आवश्यक है। इसके लिए संपूर्ण स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास अमले को संयुक्त रूप से कार्य करना आवश्यक है। आंगनबाडिय़ों में सुपोषण वाटिका के साथ ग्राम स्तर पर सुपोषण पंचायते आयोजित करने पर बल दिया जाना चाहिए।  

बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी ने कहा कि कोण्डागांव प्राकृतिक वन सम्पदा से समृद्ध जिला है और यह गौरव का विषय है कि संपूर्ण प्रदेश में यहां सर्वाधिक वनोपज की प्राप्ति होती है। अब यहीं वनोपज स्थानीय ग्रामीणों की सम्पन्नता का आधार बनेंगे। इसके लिए वन विभाग द्वारा महिला स्व-सहायता समूह को वनोपज खरीदी से जोड़कर उन्हें नगद भुगतान करने की व्यवस्था भी की जाएगी और इसके लिए शासन द्वारा हरसंभव प्रयास किया जाएगा। 

पर्यटन सचिव पी. अन्बलगन ने कहा कि चूंकि बस्तर क्षेत्र में मलेरिया के प्रकोप की अधिकता है अत: शासन ने यहां मलेरिया उन्मूलन को पहली प्राथमिकता देते हुए यहां विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई है इसके लिए अब हर परिवार को मेडिकेटेड मच्छरदानियां प्रदाय की जाएगी साथ ही गांव-गांव में मच्छरदानी के उपयोग की महत्ता बताते हुए मलेरिया के दुष्प्रभाव के बारे में भी जागरुक किया जाएगा। 

अपने प्रवास में मुख्य सचिव ने कोण्डागांव जिले में निर्मित समस्त प्रकार के स्व-सहायता समूह द्वारा निर्मित उत्पादों के कलेक्ट्रेट परिसर में लगाये गए प्रदर्शन पटल की विशेष रूप से प्रशंसा की एवं इस प्रकार के प्रदर्शन पटल समग्र प्रदेश में एवं राज्य मुख्यालयों में भी लगाये जाने की इच्छा जाहिर की  साथ ही इन उत्पादों के मूल्य एवं गुणवत्ता की उत्तमता को जानकर उन्होंने इन प्रयासो के द्वारा जिले में रोजगार के नवीन अवसर युवाओं को प्रदान करने के लिए जिले के कलेक्टर की तत्परता की भी सराहना की। 

 बैठक में प्रबन्ध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ संजय शुक्ला, कमिश्नर बस्तर संभाग अमृत कुमार खलखो, सहित कलेक्टर कोण्डागांव श्री नीलकंठ टीकाम, कलेक्टर नारायणपुर पी.एस.एल्मा सहित दोनों जिलों के पुलिस अधीक्षक, डीएफओ, सीईओ जिला पंचायत तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।


Date : 19-Mar-2020

नगरीय क्षेत्र की चौपाटी और फास्ट फूड वाले अस्थायी ठेले बंद करने के निर्देश

कोण्डागांव, 19 मार्च। कलेक्टर नीलकण्ठ टीकाम ने नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय (महानदी भवन) से जारी ताजा आदेश के परिपालन में कोण्डागांव के नगरीय क्षेत्र के अंतर्गत लगने वाले सभी मॉल, चौपाटी, बाजार एवं अन्य स्थलों जहां चाट-पकौड़ी, फास्ट फूड तथा अन्य खाद्य वस्तु के विक्रय के लिए अस्थायी ठेले आदि लगाये जाते हैं, उन्हें आगामी आदेश तक के लिये बंद रखने के निर्देश दिए गए है। इसके साथ ही नगरीय क्षेत्रों में स्थित छात्रावासों और छात्रों को किराये पर उपलब्ध कराए जाने वाले पी.जी. को भी खाली कराये जाने अथवा उनमें निवास करने वाले छात्र-छात्राओं के बाहर आने-जाने को हतोत्साहित करने कहा गया है। नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को इस आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। 


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