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Date : 31-Mar-2020

मनरेगा के तहत् खुलेंगे ग्राम पंचायतों में रोजगारमूलक काम, सोशल डिस्टेंसिंग और सेनेटाईजेशन की व्यवस्था भी होगी

कोरबा। कोरोना वायरस के कारण चल रहे लॉकडाउन के दौरान ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर काम उपलब्ध कराने के लिये महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट के तहत् ग्राम पंचायतों में रोजगारमूलक काम शुरू किये जायेंगे। 

कलेक्टर श्रीमती किरण कौषल ने आज इस संबंध में सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को जरूरी निर्देष दिये। कलेक्टर ने सभी ग्राम पंचायतों में तत्काल पॉंच-पॉंच काम स्वीकृत करने के लिये प्रस्ताव जिला पंचायत को भेजने के निर्देष दिये। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की स्थिति में ग्रामीणों के आजीविका के साधन बहुत सीमित हो गये हैं। अन्य स्थानों पर रोजी-मजदूरी करने गये अधिकांष लोग गांवों में वापस आ गये हैं। काम की कमीं के कारण लोगों की आजीविका प्रभावित न हो इसीलिये ग्रामीण स्तर पर ही मनरेगा से लोगों के लिये काम शुरू करने के निर्देष कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने मनरेगा के तहत् चल रहे कामों में गांवों के अधिक से अधिक लोगों को नियोजित करने के निर्देष दिये हैं। 

कलेक्टर श्रीमती कौशल ने गांवों में चल रहे सभी कार्यस्थलों और नये शुरू किये जाने वाले कामों की जगहों पर कामगारों के लिये हाथ धोने साबुन और पानी की सम्पूर्ण व्यवस्था करने के निर्देष भी दिये हैं। उन्होंने कामों में लगे सभी ग्रामीणों को मास्क उपलब्ध कराने और काम के दौरान सोषल डिस्टेंसिंग भी सुनिष्चित करने के निर्देष रोजगार सहायकों को दिये हैं। कलेक्टर ने यह भी चेताया है कि इन कामों में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर रोजगार सहायकों के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही की जायेगी।
 


Date : 31-Mar-2020

कोरोना संक्रमित छात्र के परिजनों को किया गया होम आइसोलेट 

कोरबा। लंदन से आए छात्र की कोरोना पाजिटिव रिपोर्ट मिलते ही प्रशासन द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए रामसागर पारा स्थित घर की ओर जाने वाली सभी सड़कों को सील कर दिया गया है। सभी सड़कों पर बेरिकेटिंग लगाकर आमजनों को उन सड़कों से आवागमन की मनाही की जा रही है। सभी प्रवेश सड़कों पर पुलिस के जवानों का कड़ा पहरा लगा दिया गया है। पूरे इलाके को सेनेटाईज करने के लिए नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा दवाओं का छिड़काव किया गया है। रामसागर पारा की तीन किलोमीटर परिधि का क्षेत्र अतिसंवेदनशील जोन घोषित कर दिया गया है। इस क्षेत्र के लगभग दो सौ से ढाई सौ घरों में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचना शुरू हो गई है। क्षेत्र के इन सभी घरों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए दस डाक्टरों के पर्यवेक्षण में चालीस दल काम पर लगाये गये हैं। 

 


Date : 31-Mar-2020

सांसद महंत ने दी 2 करोड़ से अधिक की सहायता

कोरबा, 31 मार्च। कोरबा संसदीय क्षेत्र की संासद ज्योत्सना महंत कोरोना वायरस से प्रभावितों की मदद के लिए एक बार फिर सामने आई हैं। श्रीमती महंत ने अपने संसदीय क्षेत्र सहित राज्य एवं देष में भी कोरोना से प्रभावित लोगों की मदद के लिये बड़ी पहल की है। उन्होंने दो करोड़ दो लाख 36 हजार रूपये की राशि कोरोना प्रभावितों की सहायता के लिये दी है। 

कोरबा सांसद की इस मदद में विशेष बात यह है कि उन्होंने प्रधानमंत्री सहायता कोष से लेकर मुख्यमंत्री सहायता कोष, जिला स्तरीय कोविड-19 रिलिफ फण्ड और अपने संसदीय क्षेत्र में शामिल तीनों जिलों के लिये भी कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों की मदद करने सहायता राशि दी है। श्रीमती महंत ने प्रधानमंत्री सहायता कोष में एक करोड़ रूपये दिये हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में शामिल तीन जिलों कोरबा, कोरिया, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के लिये भी 25-25 लाख रूपये कोरोना प्रभावितों की मदद के लिये दिये हैं। 

श्रीमती महंत ने छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री सहायता कोष में भी 25 लाख रूपये की राषि दी है। इससे पहले श्रीमती महंत ने कोरबा जिले के कोविड-19 रिलिफ फण्ड में कोरोना प्रभावित लोगों के लिये 51 हजार रूपये की सहायता राषि भी जमा कराई हैं। इससे पहले श्रीमती महंत ने अपना एक माह का वेतन एक लाख 85 हजार रूपये भी मुख्यमंत्री राहत कोष में कोरोना प्रभावितों की मदद के लिए जमा कराया है।

 


Date : 31-Mar-2020

एसईसीएल कर्मियों का एक दिन का कटेगा वेतन, कोल इंडिया में स्वैच्छिक कटौती

छत्तीसगढ़ संवाददाता

कोरबा, 31 मार्च। कोविड 19 से निपटने के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष में कोल इंडिया 100 रुपए देगा। इसके लिए कोल इंडिया ने  अपने तमाम कर्मचारियों के वेतन से एक दिन की कटौती करने का निर्णय लिया है। कर्मचारी चाहे तो स्वेच्छा से एक दिन से ज्यादा का वेतन कटवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें कोल इंडिया द्वारा जारी फार्म-1 भरकर जमा करना होगा।

कोल इंडिया ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का एक दिन का वेतन कटौती करने का निर्देश दिया है। सभी अनुषंगी कंपनियों के सीएमडी को लिखे पत्र में यह निर्देश दिया गया है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि विगत 26 एवं 27 मार्च को सीएमडी मीट के दौरान वेतन समझौते पर सहमति बनी थी। इसके तहत नॉन एक्जीक्यूटिव के लिए बेसिक, वीडीए व एसडीए की कटौती करने पर सहमति बनी।

बोर्ड स्तरीय व अन्य अधिकारियों के एक दिन की वेतन व वीडीए कटौती करने का निर्णय लिया गया। वेतन कटौती से जमा राशि प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा कराई जाएगी। कोल इंडिया के निदेशक कार्मिक व औद्योगिक संबंध आरपी श्रीवास्तव ने यह पत्र जारी किया है। हालांकि प्रबंधन स्तर पर आम सहमति वेतन कटौती के लिए बन गई है।

इस संबंध में एसईसीएल प्रबंधन ने सभी क्षेत्र के महाप्रबंधकों को पत्र जारी किया है, जिसमें एक दिन के वेतन कटौती को लेकर आदेशित किया है। पत्र में एक दिन से अधिक वेतन देने वाले कर्मियों को प्रपत्र-1 में पूरी जानकारी भरकर 31 मार्च तक जमा करने निर्देशित किया है। कर्मचारी अपने इकाई, उपक्षेत्र, क्षेत्र के प्रभारी अधिकारी के समक्ष आवश्यक रूप से फार्म प्रस्तुत करें, ताकि उनके वेतन से अंशदान की कटौती की जा सके।

अंशदान नहीं देने वालों को भरना होगा फार्म-2

कोल इंडिया ने कर्मचारियों के वेतन कटौती को ऐच्छिक किया है। जो अधिकारी एवं कर्मचारी वेतन में कटौती नहीं करवाना चाहते वो इस आशय की सूचना फार्म -2 भरकर अपने विभागीय कार्यालय में जमा कर सकते हैं। जिसके बाद उनके वेतन से अंशदान की कटौती नहीं की जाएगी। इसकी सूचना विभागीय कार्यालय के सूचना पटल पर भी चस्पा की गई है।


Date : 31-Mar-2020

छापा, 125 क्विंटल शक्कर- 25 क्विंटल गुड़ पकड़ाया, कटघोरा की दूकान सील

छत्तीसगढ़ संवाददाता

कोरबा, 31 मार्च। आज कटघोरा के नवागांव स्थित श्री सिद्धिविनायक ट्रेडिंग कम्पनी में तहसीलदार ने छापामार कर अवैध रूप से भण्डारित 125 क्विंटल शक्कर और 25 क्विंटल गुड़ पकड़ा।

कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निर्धारित मात्रा में आम लोगों तक सुनिश्चित करने शासन-प्रशासन गम्भीर है। राशन, दवाईयों, सब्जियों आदि अति आवश्यक चीजों की कालाबाजारी और अवैध भण्डारण को रोकने के लिये लगातार कार्रवाई की जा रही है। आज कटघोरा के नवागांव स्थित श्री सिद्धिविनायक ट्रेडिंग कम्पनी में तहसीलदार रोहित सिंह ने अपनी टीम के साथ छापामार कार्रवाई की। इस दौरान उन्होंने कम्पनी में अवैध रूप से भण्डारित 125 क्विंटल शक्कर और 25 क्विंटल गुड़ पकड़ा।

लॉकडाउन के दौरान अति आवश्यक वस्तुओं का इतनी अधिक मात्रा में अवैध भण्डारण कर कालाबाजारी करने तथा ऊंचे दामों पर बेचकर मुनाफाखोरी की सम्भावना पर कम्पनी संचालक के विरूद्ध कटघोरा थाने में एफआईआर दर्ज कराया गया है। इसके साथ ही तहसीलदार ने ट्रेडिंग कम्पनी को सील कर दिया है। संचालक हिमांशु अग्रवाल के पास इतनी अधिक मात्रा में भण्डारित शक्कर और गुड़ के कोई वैध दस्तावेज, बिल, रसीद आदि नहीं पाये गये हैं।

कार्रवाई के दौरान कटघोरा नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी जे.बी. सिंह सहित खाद्य अधिकारी, मण्डी प्रभारी एवं स्थानीय पटवारी भी मौजूद रहे।


Date : 31-Mar-2020

कोरबा का युवक कोरोना पॉजिटिव निकला, स्वर्णभूमि में भी ठहरा था...

छत्तीसगढ़ संवाददाता

रायपुर, 31 मार्च। कोरबा में कोरोना पॉजिटिव निकला युवक बीती रात एम्बुलेंस से कोरबा से लाकर रायपुर के एम्स में भर्ती कर दिया गया। यह युवक 21 बरस का छात्र है जो की लंदन में पढ़ रहा था। वह 17 तारिख की रात मुंबई पहुंचा, और 18 मार्च की सुबह की उड़ान से रायपुर आया। यहां पर वह स्वर्णभूमि कॉलोनी में अपने चाचा के घर कुछ घंटे रहा, और फिर जांजगीर के एक आदमी के साथ कार से कोरबा आ गया। यहां पहले से उसका इंतजार किया जा रहा था। 

प्रशासन ने उसे होम आइसोलेशन में रखवा दिया, लेकिन बाद में वह बाहर घुमते हुए मिला। इसके बाद घर के चारो तरफ  पुलिस तैनात करके उसे नजरबंदी में रख दिया गया। जांजगीर का जो आदमी उसके साथ आया था उसकी खबर जांजगीर प्रशासन को कोरबा कलेक्टर किरण कौशल ने दी और रायपुर प्रशासन  को उसके चाचा के घर के बारे में बताया। 

कोरबा प्रशासन ने राज्य के कंट्रोलरूम को उसकी लंदन-मुंबई उड़ान और मुंबई-रायपुर उड़ान के नंबर और उसकी सीट नंबरों की जानकारी दी। अब जब कल रात  इसकी रिपोर्ट कोरोनाग्रास्त होने की आयी तो उसे रातों-रात एम्स रायपुर भेजा, और पूरे घर के लोगों को नौकरों सहित घर में ही बंद रख दिया गया है. हर दरवाजे पर पुलिस तैनात कर दी गयी है। पूरे मोहल्ले को सील कर दिया गया है और कलेक्टर ने परिवार के ड्राइवर को आइसोलेशन सेंटर में रखाव दिया है। 

रायपुर के स्वर्णभूमि में भी हड़कंप मचा हुआ है। रईसों की इस कॉलोनी में बाहर से आए लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन कुछ लोग अपने रिश्तेदारों से मिलने अनुमति लेकर आ भी रहे थे। इस पूरे मामले के बाद पूरे इलाके को सेनेटाइजर करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। 

बहन की रिपोर्ट निकली निगेटिव
युवक लंदन से 2 सप्ताह पहले लौटा। उसके साथ उसकी बहन भी मुंबई से आई । यहां दोनों को होम क्वांरटाइन किया गया था। बहन की रिपोर्ट निगेटिव बताई जा रही। माता पिता और दादा के अलावा घर के दो सेवकों का भी सेम्पल लिया गया है। रिपोर्ट मिलते ही रात को सीएचएमओ डॉ बीबी बोर्ड समेत प्रशानिक अफसरों की टीम युवक के घर पहुंची गईं। उसकी शिफ्टिंग के साथ इलाके को सील करने की कारवाई की गई। लंदन से आने के बाद युवक किन परिचितों से मिला इसका भी पता लगाया जा रहा।


Date : 30-Mar-2020

लॉकडाउन, भोपाल में फंसी कोरबा की चार युवतियां

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा, 30 मार्च।
लॉकडाउन के चलते कोरबा जिले की चार युवतियां भोपाल में फंस गई हैं। युवतियों ने सोशल मीडिया में वीडियो जारी कर छत्तीसगढ़ सरकार से मदद की गुहार लगाई है। युवतियों ने वीडियो जारी कर कहा है कि वे दो माह पहले ही काम के सिलसिले में भोपाल पहुंची थीं। लॉकडाउन के बाद जहां वे काम कर रहीं थी उस कंपनी में उत्पादन बंद हो गया है जिससे कंपनी भी बंद है। युवतियों ने सोशल मीडिया में एक वीडियो बनाकर कहा कि उनके पास पैसे ख़त्म हो गए हैं। वे सभी वापस कोरबा लौटना चाहती हैं, उनकी मदद करने कोई आगे नहीं आ रहा है। युवतियों ने भूपेश सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

 


Date : 30-Mar-2020

ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी की हत्या, बलगी खदान क्षेत्र के बेरियर के पास हुई वारदात 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा, 30 मार्च।
बांकीमोंगरा थाना अंतर्गत एस ई सी एल के बल्गी खदान के बैरियर में तैनात सुरक्षा कर्मी की अज्ञात हमलावरों ने डंडे व बेंत से पीट पीट कर हत्या कर दी। इस वारदात के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मौके पर पुलिस की टीम के साथ डॉग स्क्वाड,फोरेंसिक टीम भी पहुँच गई। घटना स्थल की गंध सूंघते हुए खोजी डाग बाघा लाटा जाने वाले मार्ग की तरफ दो किलोमीटर तक गया । जिससे माना जा रहा है कि हमलावर वाहन में भागे होंगे । घटना देर रात की बताई जा रही हैं। पुलिस मामले में जांच कर अज्ञात हमलावरों की तलाश में जुट गई है।

बताया जा रहा है कि बलगी खदान से काफी कम कोयला निकलता है।दिनभर में 7 से 8 ट्रिप कोयला ही निकलता है। लॉक डाउन की स्थिति में अभी एक से दो ट्रिप ही कोयला निकल रहा था।घटनास्थल का जायजा लेने के बाद पुलिस ने बताया कि हमलावरों के साथ सुरक्षा कर्मी के बीच काफी संघर्ष होने का अंदेशा लग रहा है। 

दर्री सीएसपी खोमन लाल सिन्हा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है । प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हत्यारों ने डंडे व बेंत से पीट पीट कर हत्या की है ऐसा प्रतीत हो रहा है । विभागीय सुरक्षा कर्मी जयपॉल सिंह कँवर जो रात्रि बाकी मोंगरा अंतर्गत बलगी माइंस के जाँच तोल नाका में ड्यूटी कर रहा था ।जिसपर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ हमला कर दिया ।जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई ।घटना लगभग रात 1से2 बजे के बीच की बताई जा रही है ।

हमलावर हो सकते हैं कबाड़ चोर 
वारदात का कारण कबाड़ चोरी हो सकता है। सूनेपन का फायदा उठाकर चोर बेरियर से गुजर रहे होंगे ।जिन्हें कर्मचारी ने रोकने का प्रयास किया होगा तो उन्हें उस पर हमला कर दिया होगा। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।

 


Date : 30-Mar-2020

हाथियों के उत्पात से हलाकान हैं ग्रामीण, मिला राशन

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा, 30 मार्च।
लॉकडाउन ने वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों का जीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। इससे कहीं ज्यादा हलाकान ग्रामीण हाथियों के उत्पात से हैं। हाथियों का अलग अलग झुंड चारापानी की तलाश में बस्ती के भीतर प्रवेश कर रहा। हाथी लगातार घर में रखे अनाज को खा रहे हैं। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग से राशन की मांग शुरू कर दी है।

कटघोरा वन मंडल के कोरबी वन परिक्षेत्र में बीते दो माह से 43 हाथियों का अलग अलग झुंड विचरण कर रहा है। हाथियों का यह झुंड आए दिन बस्तियों के भीतर प्रवेश कर मकानों को ध्वस्त कर रहे हैं। शनिवार की रात को भी हाथियों ने क्षेत्र में जमकर उत्पात मचाया। पोड़ी खुर्द के खडफ़ड़ी मोहल्ले में हाथी जा घुसे। यहां रहने वाले दुबेराम यादव की कच्चे मकान को ध्वस्त कर दिया। घटना में दुबेराम के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों ने किसी तरह रात बिताई। इसके अलावा हाथियों के झुंड ने बैगा परिवार के आशियानों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। 

हाथियों के पहुंचने की खबर देने ग्रामीण वन विभाग के अफसर व कर्मचारियों से संपर्क करने का प्रयास करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया है। उनका कहना है कि लॉकडाउन के बाद पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है। उन्हें कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने घर से नहीं निकलने की बात कही जा रही है। इधर शाम ढलते ही गांव में घुसकर हाथी उत्पात मचा रहे हैं। ऐसे में दो जून की रोटी व्यवस्था करना किसी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे वन कर्मियों से मुआवजा के अलावा राशन सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।

 


Date : 30-Mar-2020

मालवाहकों में सवार होकर बिहार जा रहे थे मजदूर वाहन चालकों पर कार्रवाई

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा, 30 मार्च ।
राज्य में दीगर प्रांत से आए मजदूरों के गांव लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है। वे न सिर्फ पैदल बल्कि नेशनल हाइवे में दौड़ रहे वाहन का सहारा ले रहे हैं। पुलिस ने ऐसे ही दो वाहन को पकडऩे में सफलता पाई है, जिसमें 20 मजदूर सवार होकर बिहार जा रहे थे। मामले में ट्रेलर व टाटा मैजिक को जब्त कर चालकों के खिलाफ कार्रवाई की है। संभवत: जिले का यह पहला मामला है, जिसमें महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई हुई है।

देश में कोरोना वायरस कोविड 19 का संक्रमण रोकने लॉकडाउन किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा व एएसपी उदय किरण ने लॉकडाउन का उल्लंघन न हो, इसके लिए तमाम अफसरों को दिशा निर्देश जारी किए हैं। उनके निर्देश व एसडीओपी पंकज पटेल के मार्गदर्शन तथा  थाना प्रभारी रघुनंदन प्रसाद शर्मा के नेतृत्व में कटघोरा पुलिस ने मुख्यमार्ग पर नाकेबंदी कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।  इसी कड़ी में रविवार की सुबह थाना प्रभारी श्री शर्मा अपनी टीम के साथ वाहनों की जांच कर रहे थे। इस दौरान ट्रेलर क्रमांक सीजी 04 जेबी 6951 व टाटा मैजिक क्रमांक यूपी 64 एच 3621 पहुंचा। पुलिस ने जब ट्रेलर की जांच की तो केबिन में चालक के अलावा सात लोग सवार थे। जबकि टाटा मैजिक के ट्राली में 13 मजदूर बैठे थे। पूछताछ के दौरान पता चला कि ट्रेलर व टाटा मैजिक में सवार मजदूर बिलासपुर तथा रायपुर की कंपनियों में काम कर रहे थे। लॉकडाउन के कारण काम बंद होने के कारण वे बिहार लौट रहे थे। वे गांव लौटने वाहन में सवार हुए थे। पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन पाए जाने पर ट्रेलर व टाटा मैजिक को जब्त कर लिया। इसके साथ ही ट्रेलर चालक लगन देव महतो व टाटा मैजिक के चालक सुरेश कुमार साव के खिलाफ धारा 188, 269 के अलावा महामारी अधिनियम की धारा तीन के तहत कार्रवाई की है। खास बात तो यह है कि जिले में यह पहला मामला है, जिसमें पुलिस ने वाहन चालकों के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।

रेलवे ठेकेदार के खिलाफ हो सकता है जुर्म दर्ज 
कटघोरा पुलिस की टीम शनिवार की देर रात गश्त पर थी। इसी दौरान  20 मजदूर पैदल झारखंड के लिए जाते मिले। वहीं रविवार की शाम पुलिस ने 29 मजदूरों रोका, जो उरगा के निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज में काम करने आए हुए थे। पुलिस इस मामले में रेलवे ठेकेदार के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर सकती है।

अग्रसेन भवन में 70 मजदूरों को मिली पनाह
पुलिस ने पड़ोसी राज्य के 70 मजदूरों को रोका है, जो लॉकडाउन के बावजूद गांव लौट रहे थे। इन सभी मजदूरों को कटघोरा स्थित अग्रसेन भवन में ठहराया गया है। इससे पूर्व सभी मजदूरों की डाक्टरी जांच कराई गई। वहीं सुरक्षा के लिए जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस मजदूरों को भोजन समेत अन्य किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका ख्याल रख रही है।
 


Date : 30-Mar-2020

एसीबी के सुरक्षा अधिकारी को चार युवकों ने पीटा, केस दर्ज

कोरबा, 30 मार्च। दीपका थाना ग्राम कसाईपाली के पास एसीबी कंपनी के सुरक्षा अधिकारी को संयंत्र जाते समय चार युवकों ने मारपीट की। शिकायत पर पुलिस ने सभी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। एसबी कंपनी में विजय पाल सिंह सुरक्षा अधिकारी हैं। वे रोज की भांति 28 मार्च दोपहर लगभग 2 बजे एसबी संयंत्र काम पर जाने निकले थे। ग्राम कसाईपाली दीपका के पास रास्ते में सलिहापारा चाकाबुड़ा बस्ती निवासी कृपाल, गणेश, सुनील अघरिया व बीरबल उर्फ जोगी ने मारपीट की। प्रार्थी ने दीपका थाना में की शिकायत में मारपीट की वजह ड्यूटी करने जाने से मना करने पर बात नहीं मानना व कंपनी के वाहनों को रोकने की वजह पूछना बताया। बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में सभी आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई की है।

 


Date : 30-Mar-2020

लॉकडाउन में वन अफसर ने मनाया पिकनिक 

कोरबा, 30 मार्च। कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम को लेकर केंद्र सरकार द्वारा देशभर में 21 दिनों तक लाकडाउन किया गया। इन सबके बीच जिले में पदस्थ एक वन अफसर द्वारा अपने परिवार के साथ सतरेंगा से पिकनिक मनाकर लौटने की खबर है। सूत्रों के अनुसार वन अफसर अपने परिवार के सदस्यों को शासकीय बोलेरो से लेकर पिकनिक मनाने सतरेंगा गया था. जहां स्थित विश्राम गृह में रूककर भरपेट भोजन करने के साथ खूब मस्ती भी की गई और फिर देर शाम को वापस घर लौट गए।

 


Date : 30-Mar-2020

112 की टीम ने लापता बालक को घर पहुंचाया

कोरबा, 30 मार्च। लोकेशन बांगो कोबरा को इवेंट नंबर से सूचना मिली थाना बांगो के बीहड़ वनांचल ग्राम घुमानी डांड में एक 12 वर्षीय बालक लावारिश हालत में घूम रहा है इसके तलाश में मौका स्थल पर डायल 112 ई आर वी स्टॉप आरक्षक 616 महेंद्र कुमार चंद्रा, चालक नीरज पांडे, सूचना मिलते ही टीम मौके पर रवाना हुई और कालर राजेंद्र पुलस्त, से संपर्क किया गया तत्पश्चात बच्चे को अपने घर में भोजन कराया और उसकी अच्छी तरह से देखभाल की गई! उक्त गुमा पालक पैदाइशी मूंगा लग रहा था, तथा वह पूछने पर अपना नाम भी नहीं बता पा रहा था, टीम के द्वारा टीम के द्वारा इसकी तत्काल जानकारी चाइल्ड लाइन के अधिकारियों को दी गई तत्पश्चात चाइल्ड लाइन के द्वारा पुष्टि की गई कि वह बच्चा पसान थाना क्षेत्र के ग्राम अडसरा का मूल निवासी है, एवं उसके पिता का नाम समार साय, है! डायल 112 टीम द्वारा मौके की नजाकत को देखते हुए गूंगे बालक को ई आर वी में उठाकर उसके गृह ग्राम अडसरा के लिए रवाना किया गया और सी फोर से संपर्क करें पसान कोबरा वन में बैठा कर बच्चे के पिता के पास सकुशल पहुंचाया गया।

 


Date : 30-Mar-2020

बैंक सखियों के माध्यम से होगा गांव-गांव में पेंशन और मजदूरी भुगतान

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा, 30 मार्च।
कोरोना  वायरस के संक्रमण के कारण बैंकिंग व्यवस्था को सुरक्षित रूप से लगातार चलाकर लोगों को सहुलियत देने के लिये गांवों में बैंक सखियों-बैंक मित्रों को सक्रिय कर दिया गया है। गांव-गांव में लोगों के पास जरूरत के हिसाब से नगदी उपलब्ध रहे और रूपयों से वे अपनी जरूरत की चीजें आदि खरीद सकें इसके लिये कलेक्टर किरण कौशल ने जिले की सभी बैंक सखियों और बैंक मित्रों को तत्परता से काम करने के निर्देष दिये हैं। 

सामाजिक सुरक्षा पेंशन, वृद्धावस्था पेंषन, विधवा पेंशन जैसी सभी प्रकार की पेंषनों का भुगतान भी बैंक सखियों और मित्रों के माध्यम से तेजी से होगा। इसके साथ ही लोगों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत् गंावों में ही किये गये काम की मजदूरी भी बैंक मित्रों के माध्यम से ही मिलेगी। कलेक्टर ने सभी बैंक मित्रों एवं सखियों को लोगों को भुगतान के दौरान सोषल डिस्टेंसिंग बनाये रखने के निर्देष दिये हैं। 

इसके साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को पॉस मषीन या बायोमेट्रिक डिवाईस पर अंगूठा लगाने के बाद मषीन या डिवाईस को अच्छी तरह से सेनेटाईज करके ही दूसरे व्यक्ति के लिये उपयोग करने के निर्देष दिये हैं। श्रीमती कौषल ने यह भी निर्देषित किया है कि बैंक सखी या मित्र जिस स्थान पर लोगों को भुगतान करने पहुॅंचे हैं, वहॉं सोषल डिस्टेंसिंग सुनिष्चित करते हुये लोगों के हाथ धुलाने के लिये पानी एवं साबुन की व्यवस्था भी ग्राम पंचायत के माध्यम से की जाये। 

उल्लेखनीय है कि जिले में वर्तमान में 63 बैंक सखियॉं कार्यरत् हैं। जिनके द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के 8 हजार 470 खातों का संचालन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की 52, भारतीय स्टेट बैंक की 5, पंजाब नेषनल बैंक की 3 और यूनियन बैंक की एक और ओरिएन्टल बैंक ऑफ कॉमर्स की 2 बैंक सखियॉं कार्यरत् हैं। हर एक बैंक सखी का कार्यक्षेत्र तीन से पॉंच ग्राम पंचायतों को मिलाकर निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायतों में निर्धारित जगहों पर भी उपस्थित रहकर यह बैंक सखियॉं लोगों को मनरेगा मजदूरी भुगतान, छात्रवृत्ति भुगतान, सामाजिक सुरक्षा पेंषनों का वितरण और अपने बैंक खातों में जमा रूपयों के लेनदेन-नगद निकासी-जमा की सुविधा उपलब्ध करा रही हैं। 
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Date : 30-Mar-2020

बाहर से आने वाले प्रवासियों को जिले की सीमा पर रहेंगे, सत्रह पुनर्वास केन्द्र बनाए गए

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा, 30 मार्च।
मुख्यमंत्री द्वारा कल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिये गये निर्देषों के बाद अपने घरों के लिये लौटने वाले प्रवासी मजदूरों और कामगारों के ठहरने और खाने की व्यवस्था जिला कोरबा में सुनिष्चित की जा रही है। 

कलेक्टर श्रीमती किरण कौषल ने निर्देषों के परिपालन में लॉकडाउन के बाद भी कोरबा जिले की सीमा में प्रवेष करने वाले सभी प्रवासी कामगारों के लिये सीमावर्ती क्षेत्रों में ही ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था करने के निर्देष सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को दिये हैं। कोरोना वायरस के फैलाव को देखते हुये श्रीमती कौषल ने किसी भी स्थिति में ऐसे किसी भी प्रवासी कामगार को अपने जिले से होकर अन्यत्र जाने देने या जिले में स्थित अपने गांवों तक जाने देने पर पूरी तरह से रोक लगाने के निर्देष भी दिये हैं।

कलेक्टर के निर्देष पर जिले में इसके लिये 17 जगहों पर अस्थायी पुनर्वास केन्द्र भी बनाये गये हैं और उन पुनर्वास केन्द्रों में जरूरी व्यवस्थाओं के लिये प्रभारी अधिकारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। कोरबा विकासखण्ड के सीमावर्ती इलाकों श्यांग और कुदमुरा में दो-दो अस्थायी पुनर्वास केन्द्र बनाये गये हैं। प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास श्यांग, आदिवासी कन्या आश्रम श्यांग, प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास कुदमुरा और आदिवासी कन्या आश्रम कुदमुरा को अस्थायी पुनर्वास केन्द्र बनाया गया है। इसी तरह करतला विकासखण्ड के कोथारी के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास को, रामपुर के आदिवासी बालक आश्रम को, कनकी के प्री मै आदिवासी बालक छात्रावास को अस्थायी पुनर्वास केन्द्र के रूप में उपयोग किया जायेगा। पाली विकासखण्ड के सीमावर्ती क्षेत्रों हरदीबाजार के आदिवासी बालक बिंझवार आश्रम और आदिवासी कन्या आश्रम सहित मुनगाडीह के प्री मै आदिवासी बालक छात्रावास तथा सिल्ली के प्री मै आदिवासी बालक छात्रावास एवं आदिवासी बालक छात्रावास को अस्थायी पुनर्वास केन्द्र बनाया गया है। पोड़ीउपरोड़ा विकासखण्ड के सीमावर्ती क्षेत्रों में पॉंच अस्थायी पुनर्वास केन्द्र बनाये गये हैं। प्री मै आदिवासी बालक छात्रावास मोरगा, प्री मै आदिवासी बालक छात्रावास कोरबीचोटिया, प्री मै आदिवासी कन्या छात्रावास कोरबीचोटिया, प्री मै आदिवासी बालक छात्रावास पसान और प्री मै अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास पसान को बाहर से आने वाले प्रवासी कामगारों के ठहरने के लिये अस्थायी पुनर्वास केन्द्र बनाया गया है। 

इन सभी 17 अस्थायी पुनर्वास केन्द्रों में प्रवासी कामगारों के लिये भोजन एवं ठहरने की व्यवस्था के साथ-साथ सेनेटाईजेषन, आवष्यकतानुसार स्वास्थ्य जॉंच एवं सुरक्षा की व्यवस्था करने के निर्देष भी कलेक्टर ने जारी किये हैं। कलेक्टर ने इन सभी अस्थायी पुनर्वास केन्द्रों में रूकने वाले लोगों की दैनिक स्तर पर रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय को भेजने के भी निर्देष दिये हैं। 

 


Date : 29-Mar-2020

अधिक दाम पर प्याज बेचा, थोक व्यापारी की दुकान सील

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा, 29 मार्च।
कोरोना वायरस से बचाव हेतु लॉकडाउन के दौरान आमजन को आलू-प्याज सही दर पर उपलब्ध हो सके, इसके लिए तहसीलदार कोरबा सोनित मेरिया, नायब तहसीलदार कोरबा पवन कोसमा, नायब तहसीलदार कोरबा  पंचराम सलामे, नायब तहसीलदार कोरबा सोनू अग्रवाल, थाना प्रभारी सिटी कोतवाली दुर्गेश शर्मा तथा खाद्य विभाग से शुभम मिश्रा खाद्य निरीक्षक एवं पंकज बरूआ खाद्य निरीक्षक की संयुक्त टीम द्वारा इतवारी बाजार स्थित दुकानों का निरीक्षण किया गया। 

निरीक्षण के दौरान फर्म एसके ओनियन प्रोप्राईटर अशोक कुकरेजा के थोक दुकान में प्याज को 1300 रूपये प्रति 40 किलो में बेचा जा रहा था। जबकि प्याज यूनियन द्वारा निर्धारित दर 1100 रूपये प्रति 40 किलो है। गोदाम में 361 कट्टी (40 किलो) प्याज तथा 445 कट्टी (50 किलो) आलू उपलब्ध पाया गया। प्रोप्राईटर द्वारा प्याज के स्टॉक से संबंधित कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं किये गये न ही आवक की जानकारी उपलब्ध कराई गई। इससे पूर्व एसके ओनियन को दो बार चेतावनी दी गई थी कि दुकान को जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित समय सीमा में ही संचालित किया जाये तथा प्याज को अधिक दाम में न बेचे अन्यथा कार्यवाही की जाएगी। उपलब्ध प्याज का स्टॉक से संबंधित जानकारी न होने तथा दी गई चेतावनी को न मानने के कारण फर्म एस.के. ओनियन को आगामी आदेश तक सील कर दिया गया। 


Date : 29-Mar-2020

फायर ब्रिगेड के माध्यम से शहर को किया जा रहा सेनिटाईज

कोरबा, 29 मार्च। नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव व नियंत्रण की दिशा में प्रभावी कदम उठाते हुए नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा फायरब्रिगेड के माध्यम से क्लोरिन सेनिटाईजर का छिड़काव कर शहर को सेनेटाईज किया जा रहा है, वहीं सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने, जरूरतमंदों को भोजन व खाद्य सामग्री बांटने के कार्य भी पूरी तत्परता व सजगता के साथ किए जा रहे हैं। इसके साथ ही विशेष सफाई अभियान चलाकर शहर की स्वच्छता को कायम रखा जा रहा है।

 जिन लोगों को होम कोरन्टाईन पर रखा गया है, उनके घर के आसपास भी विशेष सेनेटाईजेशन का कार्य किया गया, इसी प्रकार सभी छात्रावासों, एस.एल.आर.एम. सेंटरों के साथ शासकीय कार्यालयों को सेनेटाईज किया गया। 


Date : 29-Mar-2020

वेदांता लिमिटेड बोर्ड में शामिल हुए अनिल अग्रवाल

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा, 29 मार्च।
  धातु और खनन क्षेत्र के दिग्गज कारोबारी अनिल अग्रवाल पहली बार अपनी प्रमुख भारतीय कंपनी वेदांता लि. के निदेशक मंडल (बोर्ड) में शामिल हुए हैं। बोर्ड में उन्होंने अपने भाई नवीन का स्थान लिया है। वे कोरबा में संचालित उद्योग बालको के मालिक भी हैं ।

अग्रवाल (66) ने अपने धातुओं के छोटे से कारोबार को खनन क्षेत्र के एक बड़े समूह में बदला है। अभी वे लंदन मुख्यालय वाली वेदांता रिसोर्सेज के बोर्ड की अगुवाई कर रहे थे। भारत की वेदांता लि. के पास तेल एवं गैस, एल्युमीनियम, बिजली, लौह अयस्क, इस्पात और तांबा कारोबार है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि अनिल अग्रवाल को वेदांता लि. का गैर कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त किया गया है। उन्होंने अपने भाई नवीन का स्थान लिया है। नवीन में बोर्ड में कार्यकारी वाइस चेयरमैन होंगे। इन बदलावों से पहले वेदांता लि. के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एस वेंकटकृष्णन ने इस्तीफा दे दिया था। वेदांता की इकाई हिंदुस्तान जिंक लि. के मौजूदा प्रमुख सुनील दुग्गल ने उनका स्थान लिया है।

बयान में कहा गया है, कंपनी का संचालन अब एक प्रबंधन समिति करेगी। इस समिति में सीईओ, मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ), मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (सीएचआरओ) और मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी (सीसीओ) शामिल रहेंगे। यह समिति चेयरमैन के निर्देशन में सभी फैसले सामूहिक रूप से करेगी। समूह की अन्य कंपनियों में केयर्न आयल एंड गैस, स्टरलाइट कॉपर, बाल्को, सेसा गोवा आयरन ओर, वेदांता एल्युमीनियम और इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स हैं।

पुत्री प्रिया भी निदेशक मंडल में
वेदांता लि. के निदेशक मंडल में अनिल अग्रवाल की पुत्री प्रिया भी निदेशक हैं। उनके भरोसेमंद साथ तरुण जैन भी बोर्ड में हैं। हिंदुस्तान यूनिलीवर के पूर्व कार्यकारी अरुण कुमार जीआर कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी हैं। अनिल अग्रवाल की अन्य सूचीबद्ध कंपनी हिंदुस्तान जिंक की प्रमुख उनकी पत्नी किरण हैं। वह समूह की अन्य सूचीबद्ध भारतीय कंपनी स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज के गैर कार्यकारी चेयरमैन हैं।


Date : 28-Mar-2020

एसईसीएल के लिए टारगेट पूरा कर पाना चुनौती, कोरोना के खतरे बीच जोर लगा रहे कर्मी

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा, 28 मार्च।
कोल इंडिया की सहायक कंपनी एसईसीएल कोयला उत्पादन में भले ही दूसरी अनुषंगी कंपनियों से आगे चल रही हैं, लेकिन 170.5 मिलियन टन के वार्षिक उत्पादन लक्ष्य के मुकाबले अब तक एसईसीएल की कोयला खदानों से 146 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया जा चुका है।  26 मार्च तक की मौजूदा स्थिति में उत्पादन लक्ष्य से एसईसीएल 24.5 मिलियन टन पीछे है। एसईसीएल को अब बाकी बचे पांच दिनों में इस लक्ष्य को हासिल करना होगा, जो उसके लिए बड़ी चुनौती है।

कोरोना के चलते पूरे देश में लॉकडाउन है, इससे सभी उद्योग प्रभावित हुए हैं। इस बीच अत्यावश्यक सेवाओं के दायरे में आने वाले कोयला क्षेत्र में काम जारी है। लॉकडाउन के दौरान कोयला कर्मचारियों को प्रबंधन के निर्देश के तहत सावधानी बरतने की हिदायत दी जा रही है। इसके मद्देनजर जिले की कोयला खदानों में भी कर्मचारी काम कर रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान भी जिले के कोयला खदानों से हर दिन लगभग साढ़े छह लाख टन से अधिक कोयला का उत्पादन किया जा रहा है। लक्ष्य पूरा करने की कवायद में एसईसीएल जुटा हुआ है। एसईसीएल को वित्तीय वर्ष में 170.5 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य हासिल है। 26 मार्च की स्थिति में एसईसीएल को 167 मिलियन टन कोयला उत्पादन कर लेना था, लेकिन कंपनी 146 मिलियन टन कोयला उत्पादन ही हासिल कर सका है। रोजाना उत्पादन में तेजी आने के बाद भी वित्तीय वर्ष में टारगेट पूरा हो पाना मुश्किल नजर आ रहा है।

डिस्पैच में भी पीछे हैं खदानें
जहां तहां उत्पादन में एसईसीएल की खदानें बेहतर प्रदर्शन कर रही है, लेकिन डिस्पैच के मामले में जिले की चारों परियोजना पिछड़ गई हैं. दीपका को 35 मिलियन टन डिस्पैच का टारगेट मिला है। इसके मुकाबले 22.39, गेवरा 45.5 मिलियन टन के मुकाबले 41.74 मिलियन टन, कोरबा 7.86 मिलियन टन के मुकाबले 6.35 एवं कुसमुंडा 42.15 टारगेट के मुकाबले 40.29 मिलियन टन ही डिस्पैच करने में सफल हो सका है। कोरोना के कारण कोल परिवहन में परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है।


Date : 28-Mar-2020

राशन-सब्जियों की कालाबाजारी रोकने तहसीलदार-पटवारी रखेंगे नजर

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोरबा, 28 मार्च।
कोरोना वायरस के फैलाव से बदलते माहौल के बीच जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में चावल-दाल राशन सामग्रियों और सब्जियों के दाम बढऩे तथा उनकी कालाबाजारी व जमाखोरी की अपुष्ट खबरों को कलेक्टर किरण कौशल ने गंभीरता से लिया है। 

उन्होंने किसी भी परिस्थिति में अति आवश्यक चीजों को, सामान्य दिनों के दामों से अधिक दाम पर नहीं बेचने की अपील दुकानदारों से की है। कलेक्टर ने कोरोना वायरस संक्रमण से लड़ाई में सभी व्यापारियों से अपना सहयोग देने की अपील की है और राशन, सब्जियों आदि की कालाबाजारी तथा जमाखोरी नहीं करने को कहा है। उन्होंने सभी व्यापारियों और राशन दुकानों में उपलब्ध सामग्रियों का स्टॉक निरीक्षण करने उडऩदस्ता प्रभारियों को दिए हैं। श्रीमती कौषल ने तहसीलदारों एवं पटवारियों को निर्देषित किया है कि ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में आलू-प्याज, तेल, दाल, चावल, दूध, सब्जी, नमक आदि जरूरी चीजों के दाम नियंत्रित रखें। कोई दुकानदार अधिक दाम में चीजों की बिक्री की सूचना मिलने पर संबंधित विक्रेता के विरूद्ध विधिसम्मत प्रकरण तैयार कर कार्यवाही सुनिश्चित करें।

दुकानदारों को मेन्टेन करना होगा सोशल डिस्टेन्सिंग लॉकडाउन की स्थिति में निर्धारित किये गये समयानुसार अत्यावष्यक सेवाओं से संबंधित दुकानें खुलेंगी। दुकानदारों को कोरोना संक्रमण की गम्भीरता को देखते हुये अपने ग्राहकों के बीच कम से कम एक-एक मीटर की दूरी मेन्टेन करनी होगी। इसके लिये दुकानों के सामने एक-एक मीटर पर लाईन, चैकोर डिब्बा या गोला बनाकर लोगों को निर्धारित दूरी पर रखना होगा। दुकानों पर भीड़ लगाने की बजाय लोगों को भी एक-एक कर सामान खरीदने की हिदायत जिला प्रशासन की ओर से भी की जा रही है।


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