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Posted Date : 22-Jul-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    कोरबा, 22 जुलाई। कोरबा में दो दिनों से भारी बारिश होने से बांगो डैम का जलस्तर बढ़ गया है। हालात यह है कि बांगो से जल विद्युत संयंत्र के अलावा डैम से तान नदी से आने वाला पूरा पानी हसदेव में प्रवाहित किया जा रहा है। 8 हजार क्यूसेक से अधिक पानी हसदेव में छोडऩे की वजह से डेम का गेट खोलना पड़ा। हालांकि पानी का स्तर अभी खतरे के निशान तक नहीं पहुंच पाया है। माचाडोली स्थित मिनीमाता हसदेव बांगो बांध में 60 फिसदी भराव पूर्ण हो गया है। पिछले एक पखवाड़े में बांध के जलस्तर में करीब 8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 
    बांध की कुल भराव क्षमता 289433 मिलियन घन मीटर की तुलना में 174 7.01 मिलियन घन मीटर जल का भराव हो गया है। एकाएक बड़े जलस्तर की वजह से 8275 क्यूसेक पानी का बहाव हसदेव नदी में किया जा रहा है, जिससे बांगो बांध से 175 0 व तान नदी से 6525 पानी कोरबा की ओर छोड़ा गया बांध से इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोडऩे की वजह से दर्री डैम का जलस्तर भी काफी ऊपर आ गया जिसकी वजह से गेट को खोल पानी छोड़ा गया। हालांकि अभी डैम में पानी का स्तर खतरे के निशान के नीचे है बावजूद एतिहात के तौर पर नदी के किनारे बसी बस्तियों को जल संसाधन विभाग की ओर से चेतावनी दी गई है कि वह जलभराव वाले क्षेत्र से दूर रहें।

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Posted Date : 21-Jul-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 21 जुलाई। जमनीपाली के सरदार वल्लभभाई पटेल नगर स्थित कान्हा हैंडलूम में आज तड़के आग लग गई जिसमें लाखों  का कपड़ा जलकर राख हो गया। इस इमारत के ऊपरी मंजिल में रह रही एक बुजुर्ग महिला आग में फंस गई थी जिसे सुरक्षित निकाल लिया गया है। समाचार लिखे जाने तक आग  नहीं बुझाई जा सकी थी।

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Posted Date : 21-Jul-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 21 जुलाई। आज सुबह बच्चों से भरी स्कूल वैन पुल से गिर गई। बच्चों को हल्की चोटें आई हैं। इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।   मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह सेंट्रल स्कूल एनटीपीसी के बच्चों को ले जा रही टाटा मैजिक वैन दर्री सिंचाई कॉलोनी के पास बने पुल से 30 फुट नीचे जा गिरी। हादसे के समय 16 बच्चे सवार थे, इन्हें हल्की चोटेंआई हैं। पुलिस ने वाहन चालक मनोज यादव को गिरफ्तार कर लिया है।

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Posted Date : 19-Jul-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 19 जुलाई।  पति और दो बच्चों के साथ बाइक से ससुराल लौट रही महिला ने बीती रात दर्री डेम में छलांग लगा दी। महिला को 15 घंटे बाद भी ढूंढा नहीं जा सका है। नगरसेना के चार गोताखोरों को महिला के रेस्क्यू में लगाया गया है। वे सभी लगातार डेम के गहराइयों में जाकर अरूणा सारथी को खोजने में जुटे हैं। थाना प्रभारी साधना सिंह भी मौके पर सदल बल डटी हुयी हैं। वे कल रात ही मौके पर जवानों के साथ पहुंच गई थी, लेकिन अँधेरा होने की वजह से कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।
    इसकी सूचना उन्होंने शीर्ष पुलिस अधिकारियों को दी थी, जिसके बाद उनके निर्देश पर आज सुबह होमगार्ड के गोताखोरो ने अरूणा को खोजने की कोशिश शुरू कर दी। हालांकि डेम के लबालब होने से उन्हें भी कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस बाबत सिंचाई विभाग को भी गेट खोलने-बंद करने में एहतियात बरतने की सूचना दी गयी है।
    मिली जानकारी के मुताबिक़ कटघोरा थाना के छिरहुट गाँव का निवासी शिव कुमार सारथी अपनी पत्नी अरूणा सारथी को लेकर उरगा थाना इलाके के उसके मायके गया हुआ था, जहाँ से वे दोनों बाइक पर सवार होकर अपने ग्राम छिरहुट वापिस लौट रहे थे। रात करीब 9.30 बजे उनकी गाड़ी जैसे ही दर्री बराज के ऊपर पहुंची, अरूणा ने अपने पति को बाइक रोकने को कहा और फिर बिना कुछ कहे सीधे बराज के भराव वाले किनारे जाकर छलांग लगा दी। पति शिव भी उसके पीछे दौड़ा था लेकिन वह उसे रोक पाने में नाकाम रहा।

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Posted Date : 12-Jul-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा,12 जुलाई।  बिलासपुर-अंबिकापुर नेशनल हाइवे पर आज सुबह सड़क हादसे में एक परिवार के 2 की मौत हो गई जबकि 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे का शिकार परिवार बिलासपुर लोरमी का है।
    पुिलस के अनुसार आज सुबह 8 बजे तेज रफ्तार बेकाबू इनोवा कार बांगो थाना के ग्राम गुरसिया में पुलिया से जा टकराई। इसमें सवार एक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि एक अन्य की मौत अस्पताल में हो गई। अन्य 5 घायलों में से 4 की हालत गंभीर बताई गई है। इनका इलाज पोड़ीउपरोड़ा अस्पताल में  चल रहा है।
    हादसे के शिकार सभी लोग बिलासपुर लोरमी के रहने वाले हैं, जो किसी काम से सिंगरौली मध्यप्रदेश गए हुए थे। आज सुबह सिंगरौली से लौटते वक्त गुरसिया गांव के पास पुल पर यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार  तेज रफ्तार थी, बेकाबू होकर पुल की रेलिंग से टकरा गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि कार के इंजन वाला हिस्सा अंदर धंस गया है।

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Posted Date : 07-Jul-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 7 जुलाई। जमनीपाली -बाकीमोंगरा मुख्य मार्ग की जर्जर हालत को लेकर  महिलाओं ने आज जमनीपाली गेट नंबर 5 के  मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। 
    आंदोलन कारियों का कहना था कि विभिन्न निर्माण एजेंसियों के फेरे में फंस चुके इस जर्जर  रोड में बारिश के दिनों में आए दिन हादसे हो रहे हंै। पैदल चलना भी दूभर है। आंदोलन की सूचना मिलने के बाद एसडीएम ने फोन पर  सड़क को जल्द सुधारे जाने की बात कही। जिम्मेदार अधिकारी को   ज्ञापन सौंपे जाने का वे इंतजार कर रहे हैं।  स्थानीय  व्यापारियों ने भी  समर्थन देते अपनी दुकानें बंद की हैं। समाचार लिखे जाने तक पुलिस आंदोलनकारियों को समझाने में जुटी थी।

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Posted Date : 28-Jun-2018
  • छत्तीसगढ़  संवाददाता
    कोरबा,  28 जून। दो दिन पहले छुरी में हुए सड़क हादसे के बाद आज फिर सर्वमंगला चौकी के बरमपुर के पास ट्रेलर ने स्कूटी सवार महिला को रौंद दिया,  जिससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई। 
     मिली जानकारी के मुताबिक़ मृतका बांकिमोंगरा की रहने वाली थी, जो स्कूटी से कोरबा के लिये रवाना हुई थीं। घटना गुरूवार दोपहर करीब 12.30 की है। हादसे की सूचना तत्काल सर्वमंगला चौकी को दी गई। हादसे के बाद ट्रेलर का ड्राइवर वाहन छोड़कर फरार हो गया।

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Posted Date : 22-Jun-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 22 जून। कटघोरा थाना के चंदनपुर के पास बीती रात दो बसों  में टक्कर से 11 सवारियों को चोटें आई हंै इनमें से तीन की हालत  नाजुक है।  हादसे में दोनों बस के ड्राइवर, क्लीनर, कंडक्टर के अलावा ट्रक के ड्राइवर को भी चोटें आयी हैं।
    मिली जानकारी के अनुसार अम्बिकापुर से रायपुर जा रही तेज रफ़्तार रॉयल बस  ने रायपुर से गढ़वा जा रही दुबे बस  को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी की दोनों ही गाडिय़ां सड़क से उतर कर मिट्टी में जा धंसी। वहीं  रॉयल बस के पीछे चल रही एक ट्रेलर  भी बस से जा भिड़ी।  
    घायल सवारियों ने बताया कि दोनों  बस की रफ़्तार बहुत ज्यादा थी। दुबे बस सवार एक  ने बताया कि रॉयल बस ने सामने चल रहे ट्रक को जैसे ही ओवरटेक करने की कोशिश की वह सामने से आ रही दुबे बस से जा भिड़ी।  हादसे के दौरान ज्यादातर सवारी गहरी नींद में थे जबकि दो दर्जन भर सवारी बेहोशी की हालत में बसों से उतारे गए।
     सूचना कटघोरा पुलिस और अस्पताल प्रबंधन को दी गयी जिसके बाद एम्बुलेंस से सभी को सीएचसी कटघोरा में दाखिल कराया गया। कुल 12 लोगों को अस्पताल लाया गया था जिनमे से 9 को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। 3 सवारी की हालत गंभीर है जिनका इलाज जारी है।
    घायलों के नाम
    हादसे में जिन सवारियों को चोट पहुंची है उनमें रामलखन, नानसाय , सिल्वेस्टर, आरिफ हुसैन, सुरदर्शन, शिवचंद्र, आदित्य कुमार, ओमप्रकाश, रघुनाथ, संजय  और रमेश  शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर रायपुर से गढ़वा जाने के लिए दुबे बस पर सवार थे। 

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Posted Date : 09-Jun-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 9 जून। जिले के जनपद पंचायत करतला के ग्राम चांपा में आज सुबह आम बीनने गए घुँशी राम राठिया नामक ग्रामीण  को हाथी ने कुचल दिया जिससे उसकी मौके पर ही उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों में इस घटना के बाद दहशत  है।  पुलिस व वन विभाग को इसकी सूचना दे दी गई है। 
    ज्ञात हो कि इस इलाके में 32 हाथियों का दल जमा हुआ है। बताया जाता है कि एतमानगर के छातापखना जंगल में हाथी एक सप्ताह से डेरा जमाए हुए हैं। 
    पहले यह दल बांगो के आसपास घूम रहा था। पहले गांव में पहुंचकर कटहल को खा गए। अब हाथी बांगो बांध के किनारे ही रह रहे हैं। वन विभाग ग्राम लालपुर, कापा, नवापारा, धौराडांड, रिंगनिया, झाबर, बांधापारा, डांडपखना के आसपास गांवों में ग्रामीणों को सतर्क रहने की मुनादी की है। 15 हाथियों का झुंड केंदई परिक्षेत्र में घूम रहा है। वन परिक्षेत्र करतला व पसरखेत में 8 हाथी  घोटमार, चचिया, गेरांव, चांपा, सोलवा व कोल्गा जंगल में धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं।  

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Posted Date : 27-May-2018
  • कटघोरा इलाके में 43 हाथियों का डेरा
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 27 मई। जिले के कटघोरा वन मंडल क्षेत्र में मड़ई के पास हाथी ने घर के बाहर सो रहे दंपती को कुचल दिया। घटना में पति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 
    बताया जा रहा है कि दंपत्ति गर्मी की वजह से घर के बाहर ही सोए थे, इसी दौरान देर रात वहां एक जंगली हाथी आ गया। इसके पहले ही दोनों वहां से भाग पाते, हाथी ने उन पर हमला कर दिया। सूचना मिलने के बाद वन विभाग का अमला भी मौके पर पहुंच गया था। इलाके में 43 हाथियों ने डेरा जमा रखा है।

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Posted Date : 25-May-2018
  • जलभराव से प्लांट बंद, बिजली उत्पादन प्रभावित 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 25 मई। कोरबा पश्चिम स्थित हाइडल प्लांट के वाटर टैंक का गेट और वॉॅल टूट गया है। इससे संयंत्र में हजारों क्यूसेक पानी भर गया है। जलभराव से हाइडल प्लांट को बंद कर दिया गया है, इससे 840 किलोवाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। संयंत्र से पानी को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।
    घटना गुरुवार देर शाम की है। पानी के अधिक दबाव से हाइडल प्लांट के वाटर टैंक में दरार पड़ गई। वाटर टैंक का गेट और वॉल टूट गया। पानी संयंत्र के भीतर तेजी से घुसने लगा। यह देखकर प्लांट में काम करने वालों के बीच अफरा तफरी मच गई। नियमित और ठेका मजदूर जान बचाकर प्लांट से बाहर भागे। प्लांट को बंद कर दिया। देखते-देखते प्लांट में पानी भर गया। पानी का भराव इतना तेज था कि कर्मचारी अपनी गाडिय़ों को भी सुरक्षित बाहर नहीं निकाल सके।
    घटना की सूचना बिजली विभाग के अधिकारियों को दी गई। अफसर मौके पर पहुंचे लेकिन संयंत्र में पानी भर जाने से अंदर नहीं जा सके। सुरक्षा के लिहाज से हाइडल प्लांट के बाहर गार्डों को तैनात किया गया है। किसी भी व्यक्ति के अंदर जाने पर रोक लगा दी गई है। अभी भी संयंत्र में घुटना के उपर तक पानी भरा हुआ है। इसे निकालने की कोशिश जारी है।
    दर्री स्थित मिनी हाइडल प्लांट से 840 किलोवाट बिजली का उत्पादन किया जाता है। इसके लिए कोरबा पश्चिम संयंत्र से निकलने वाली पानी का उपयोग किया जाता है। पश्चिम संयंत्र की पानी को एक वॉटर टैंक में एकत्र किया जाता है। इसका उपयोग बिजली निर्माणा में किया जाता है। उसके बाद पानी रिटर्न केनॉल में छोड़ा जाता है। 
    मरम्मत नहीं होने से हुई घटना
    घटना का कारण वॉटर टैंक का मरम्मत नहीं होना बताया जा रहा है। लगभग दो साल पहले बिजली कंपनी ने हाइडल प्लांट के वॉटर टैंक और वॉल की मरम्मत के लिए निविदा जारी की थी। मेसर्स ग्रेस फूल नाम की ठेका कंपनी को काम मिला था। कार्य की लागत अधिक थी लेकिन ठेकेदार कम कीमत पर करने के लिए तैयार हो गया था। काम में नुकसान होने लगा तो ठेकेदार भाग गया। काम पूरा नहीं किया। वॉटर टैंक की मरम्मत और वॉल रिपेयरिंग नहीं हुई थी। इस बीच गुरुवार को वॉटर टैंक में पानी का भराव अधिक हो गया। दबाव बढऩे से गेट और वॉल टूट गया। इससे पानी संयंत्र के भीतर घुस गया है।

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Posted Date : 21-May-2018
  • छत्तीसगढ़  संवाददाता

    कोरबा,  21 मई। पहली पत्नी की हत्या के बाद जमानत पर छूटे पति ने बीती रात दूसरी पत्नी और मौसी सास की हत्या कर दी। आरोपी के नानी सास पर भी हमला किया है, वह गंभीर रूप से घायल है। घटना के बाद से आरोपी फरार है।
    पाली थाना प्रभारी मानसिंह राठिया ने बताया कि घटना बीती रात की है। घायल महिला को अस्पताल भेजा गया है। संदेही लक्ष्मी गोड फरार है। पुलिस उसकी खोजबीन कर रही है।
    डबल मर्डर से जुड़ा यह मामला पाली थाना के मादन ग्राम पंचायत अंतर्गत गांजर नाले के पास की है। यहां का रहने वाला लक्ष्मी गोड आदतन शराबी है। उसने कुछ समय पहले सैला गांव की रहने वाली अपनी पहली पत्नी की हत्या कर दी थी। वह जेल में बंद था। आरोपी की दूसरी पत्नी टीकैतीन बाई गोंड़ पाली के पास ही रहती थी। उसने कर्ज लेकर पति की जमानत करवाई थी।
    आरोपी जेल से बाहर आने के बाद फिर से शराब पीकर घर आने लगा। टीकैतीन बाई पति से जमानत के पैसे वापिस करने की मांग करती थी, जिसे लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया था। बीती रात लक्ष्मी फिर शराब के नशे में धुत्त होकर घर पहुंचा। पत्नी टीकैतीन बाई, मौसी सास राजकुमारी और चैतीन बाई से विवाद करने लगा। इस बीच लक्ष्मी आक्रोशित हो गया और घर पर रखे हथौड़े से अपनी पत्नी, मौसी और नानी सास के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। टीकैतीन और राजकुमारी की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं बुजुर्ग नानी चैतीन बाई गंभीर रूप से घायल हो गई।
    सोमवार सुबह पड़ोसियों ने पाली पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने घायल चैतीन बाई को अस्पताल भेजा, वहीं दोनों लाशों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आरोपी फरार है। 

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Posted Date : 18-May-2018
  • कांग्रेस पर जमकर साधा निशाना

    छत्तीसगढ़  संवाददाता
    कोरबा, 18 मई। शुक्रवार को कोरबा के करतला में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस को विकास विरोधी करार दिया और कहा कि आज तक कभी कांग्रेस ने गरीबों के लिए कुछ नहीं किया।
    डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राहुल गांधी कांग्रेसियों को प्रशिक्षण देने नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ का विकास देखने के लिए आए हैं कि काश कि हमने भी ये विकास कर लिया होता, तो आज ये हालत नहीं होती। उन्होंने कहा कि राहुल एक ऐसे प्रशिक्षक हैं, जो अपना घर यानि अमेठी तक नहीं बचा सके। उनके नेतृत्व में बिहार, असम, उत्तरप्रदेश सभी जगह कांग्रेस की हार हुई। उन्होंने कहा कि अब 22वें राज्य के रूप में कर्नाटक में भी भाजपा की सरकार बन गई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अच्छे कोच नहीं हैं।
    सीएम ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि टीम का कोच अच्छा होता है, तो टीम अच्छी होती है. लेकिन जब कोच अच्छा नहीं होता तो उसे बदल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश जो उनका अपना घर होता था, उसे नहीं बचा पाए, अब छत्तीसगढ़ में प्रशिक्षण देने आए हैं।
    डॉ. सिंह ने कहा कि दक्षिण बस्तर में मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद से विकास यात्रा की शुरुआत की थी। विकास यात्रा एक तरह से तीर्थ यात्रा है। दंतेश्वरी मां का दर्शन किया, उसके बाद करतला की जनता का आशीर्वाद लेने निकला हूं। उन्होंने कहा कि ये यात्रा आने वाले 5 सालों की भूमिका तय करेगा। यह यात्रा विकास का धर्म, विकास का मर्म है।
    सीएम ने कहा कि करतला के लोगों का उत्साह देखकर लगता है कि विकास यात्रा में एक और चरण जुड़ गया। उन्होंने कहा कि देश में 21 राज्य ऐसे थे, जहां बीजेपी की मिलीजुली सरकार थी। अब देश के नक्शे में 75 फीसदी हिस्से में बीजेपी की सरकार है। कर्नाटक अब 22वां राज्य हो गया है। देश के नक्शे पर अब कमल ही कमल दिख रहा है।
    उन्होंने कहा कि लोग पूछते हैं कि कांग्रेस सत्ता से 15 साल से बाहर क्यों है? मैं जवाब देता हूं कि ये कांग्रेस की विकास विरोधी मानसिकता है। उन्होंने कहा कि 50 सालों तक सरकार थी, चाहते तो कांग्रेसी क्या नहीं कर सकते थे, लेकिन भय, भूख, भ्रष्टाचार और पलायन की त्रासदी उनकी सरकार में लोग झेल रहे थे।
    सीएम ने कहा कि मैं यहां की जनता से पूछना चाहता हूं कि 50-60 तक के कार्यकाल में कांग्रेस ने जो गरीबी हटाओ का नारा दिया, उसका क्या हुआ? क्या कांग्रेस ने एक रुपए किलो चावल, नमक, चना की योजना शुरू की थी? उन्होंने कहा कि गरीबों को दोनों वक्त का खाना मिल जाए, ये है विकास। सीएम ने कहा कि गरीबों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए 50 हजार रुपए तक का इलाज स्मार्ट कार्ड से कराने की योजना शुरू की।
    रमन सिंह ने कहा कि नारा लगाने वाले कांग्रेसियों ने अपने शासनकाल में एक रुपये बोनस भी नहीं दिया था। आज मैं 1700 करोड़ रूपये बोनस की राशि बांटने निकला हूं, तो फिर उनके पेट में दर्द क्यों होता है?
    उन्होंने कहा कि मैं यदि बजट से राशि निकालकर किसानों को बोनस दे रहा हूँ, तो कांग्रेस को तकलीफ होती है। सीएम ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में 14 फीसदी ब्याज दर पर किसानों को कर्ज दिया जाता था, आज हम जीरो फीसदी पर कर्ज दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता खरीदी की दर 2500 रुपए प्रति बोरा किसी ने दिया, तो सिर्फ बीजेपी ने दिया।
    सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता के आशीर्वाद से एक नहीं, बल्कि तीन बार बीजेपी की सरकार बनी. उन्होंने कहा कि चूल्हे के धुएं के बीच खाना पकाने वाली बहनों की चिंता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की और उज्ज्वला योजना शुरू की। इसके तहत लाखों बहनों को रसोई गैंस सिलेंडर मिला। उन्होंने कहा कि बिलासपुर से रांची तक भारत माला प्रोजेक्ट के तहत 1700 करोड़ रूपये की एक्सप्रेस वे बनेगा। आयुष्मान भारत योजना के तहत 37 लाख लोगों को 5 लाख रुपए वार्षिक का मेडिकल बीमा मिलेगा, जिससे नि:शुल्क इलाज हो सकेगा।

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Posted Date : 07-May-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 7 मई। आदिवासी समाज की एक युवा विंग शम्भू सेना ने कल पत्थलगड़ी के समर्थन में रैली निकाल कर प्रदर्शन करने की बात कही थी। जिसके बाद आज जिला पुलिस बल ने क़ानून व्यवस्था को देखते हुए बुधवारी स्थित आदिवासी शक्तिपीठ से लेकर निहारिका, सुभाष चौक से लेकर कोसाबाड़ी तक के इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है। जबकि अलग-अलग प्वाइंट पर टीआई स्तर के अधिकारियों को बल के साथ तैनात किया गया है। जिला पुलिस की पूरी कोशिश है की किसी भी हाल में इस तरह के रैली का आयोजन शहर में ना होने पाए. खुद एएसपी कीर्तन राठौर, सीएसपी और एसडीओपी के साथ पूरी हालात पर नजर बनाये हुए है।  

    एएसपी कीर्तन राठौर उन्होंने बताया कि बिना प्रशासन के अनुमति के इस तरह के किसी भी रैली का आयोजन शहर में नहीं होने दिया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ जिले में 5वीं अनुसूची लागू होने का हवाला देकर आदिवासी समाज की शम्भू सेना भी रैली  के लिए तैयार है। हालांकि अब तक यह साफ़ नहीं हो सका है कि रैली कहाँ से निकाली जाएगी।
    संदेहियों पर नजर
    पुलिस ने  रैली के मद्देनजर पूरे शहर में अपनी गश्त तेज कर दी है। इस दौरान वे रैली का समर्थन करने वाले हर संदेही पर कड़ी नजर रखे हुए है। सूत्रों   के मुताबिक़ सुबह शम्भू सेना से जुड़े कुछ लोगों से पूछताछ भी की गयी हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें हिरासत में लिया गया है या फिर महज चेतावनी दी गयी है। बहरहाल पत्थलगड़ी को लेकर पुलिस की तैयारी चुस्त दुरुस्त है। किसी भी तरह के क़ानून व्यवस्था से जुड़े हालात पर पुलिस के आला अधिकारी अपनी नजर बनाये हुए हैं।

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Posted Date : 17-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा/ बैकुठंपुर/ अंबिकापुर, 17 अप्रैल। नकदी संकट छत्तीसगढ़ में भी गहराने लगा है।  प्रदेश के कोरबा, कोरिया और सरगुजा के कई इलाकों में एटीएम खाली होने की सूचना है। कई जगहों पर मशीन खराब पड़े हैं तो कहीं पर रुपये ही नहीं हैं। किसी-किसी में दो हजार से कम के नोट नहीं निकल रहे हैं।
     ज्ञात हो कि कई राज्य इन दिनों कैश की किल्लत से जूझ रहे हैं। बिहार और यूपी के साथ-साथ एमपी की स्थिति काफी बिगड़ चुकी है। पिछले 5 दिनों से 60 फीसदी से ज्यादा एटीएम खाली पड़े हैं।  
     कोरबा से मिली जानकारी के अनुसार शहर में रविवार को  कैश के लिए बड़ी किल्लत रही। एसबीआई ने तो अपने 90 फीसदी एटीएम मशीनों का शटर ही डाउन कर दिया। कुछ एटीएम में कैश डाले गए, तो वह भी एक-दो घंटों में खत्म हो गए। रविवार को 99 फीसदी एटीएम सूखे रहे।  पिछले एक सप्ताह से शहर में यह हाल था। लोग एक बार में अधिक से अधिक रुपये निकाल रहे थे जिससे हालत बहुत खराब हो गई। शहर के अलग-अलग इलाकों में लगे जिस एटीएम में रुपये होने की खबर लगती थी लोग पहुंच जाते थे और कुछ ही घंटे में रकम खत्म हो जाता था। आज भी लगभग सभी एटीएम सूखे पड़े हैं।
     कोरिया जिलामुख्यालय बैकुंठपुर में सिर्फ स्टेट बैक के 5 से ज्यादा एटीएम है, जबकि सभी राष्ट्रीय बैकों के साथ निजी बैकों के अपने एटीएम है, परन्तु सभी में एक जैसी स्थिति बनी हुई है। ज्यादातर एटीएम में कैश नहीं है। जिसके कारण लोग खासे परेशान है। सुबह जिस एटीएम से रुपये निकल रहे थे वहां लंबी लाइन लगी हुई थी।
    अंबिकापुर से मिली जानकारी के अनुसार आज भी एसबीआई, सेंट्रल बैंक, पीएनबी और बैंक आफ बड़ौदा के एटीएम खाली पड़े हैं। निजी बैंकों के एटीएम में लंबी कतार लगी हुई है। शहर में कैश की कमी का हल्ला हर तरफ है। इस वजह से अब परेशानी बढऩे लगी है। वहीं आज अक्षय तृतीया है आज से शादियां शुरू हो गई हैं जिसके कारण भी लोग अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा रकम निकाल रहे हैं। एक सप्ताह पहले जब एक-दो दिनों के लिए यह परेशानी सामने आई तो लोगों ने इसे ध्यान नहीं दिया था।  

     

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Posted Date : 11-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 11 अप्रैल। बीती रात कोरबा के हरदीबाजार जिला सहकारी बैंक से 18 लाख 77 हजार की चोरी हो गई।   
    पुलिस के अनुसार मंगलवार देर रात हरदीबाजार के सहकारी बैंक में चोरों ने घावा बोला। बैंक के पीछे की दीवार को  तोड़ा फिर बैंक के पीछे गैस कटर से सेंधमारी कर 18 लाख 77 हजार रुपए ले भागे।
    सुबह जब बैंक का चपरासी  पहुंचा तब चोरी का पता चला। प्रबंधन ने  मामले की जानकारी हरदीबाजार पुलिस को दी. मौके पर हरदीबाजार पुलिस और बैंक के आला अधिकारी पहुंच गए है।  हरदीबाजार थाना प्रभारी शरद चंद्रा ने बताया कि  बैंक से 18 लाख 77 हजार की लूट हुई है। सहकारी बैंक किराए के बिल्डिंग में चल रहा था।  जब घटना हुई तब बैंक में कोई चौकीदार मौजूद नहीं था। बैंक के सारे सीसीटीवी कैमरे भी खराब है। कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।

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Posted Date : 25-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़  संवाददाता
    कोरबा, 25 दिसंबर। कल एक ग्रामीण को जंगल में लकड़ी बीनते वक्त भालू ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उसकी उपचार के दौरान आज सुबह 8 बजे मौत हो गई। कोरबा जिले के श्यांग थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम एलांग निवासी मोहितराम राठिया (50) रविवार दोपहर को अपने 22 वर्षीय पुत्र के साथ घर में जलाने के लिए लकड़ी बीनने जंगल एलांग गया था। उसी दौरान करीब 3 बजे मादा भालू ने मोहित पर हमला कर दिया। मोहितराम इस दौरान भालू से अपने को बचाने के लिए काफी प्रयास किया लेकिन भालू ने अपने नाखूनों एवं दांत से उसके सिर पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।  कुछ दूरी पर लकड़ी बीन रहे उसके पुत्र ने पिता को बचाने के लिए भालू को भगाने का प्रयास किया। भालू के जंगल में जाने के बाद घायल मोहितराम को उसका पुत्र किसी तरह लेकर घर पहुंचा। उसने इसकी जानकारी ग्राम एलांग के सरपंच एवं कोटवार को दी। रात में मोहितराम को उपचार के लिए संजीवनी एक्सप्रेस से कोरबा जिला अस्पताल लाया गया। यहां सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। 

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Posted Date : 10-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा
    , 10 दिसंबर। चाहे मजबूरी हो या आवश्यकता, अब बहुत हो गया, यहां से लौट भी जाओ। ग्रामीणजन यही आह्वान कर रहे हैं गजराजों से, जो इस इलाके के लिए बड़ी समस्या बने हुए हैं। बंजारी बीट में एक ग्रामीण की जान लेने के बाद हाथियों की हलचल करतला क्षेत्र में जारी है। 
    ग्रामीणों को लगता है कि सीधे प्रार्थना करने से ही काम बनेगा, इसलिए तौर तरीके भी इसी तरह से आजमाए जा रहे हंै। जंगल में प्रकृति के अलावा देहातों में देवी-देवताओं और खासकर गणेश जी की पूजा का काम लोगों ने शुरू किया है। उनका भरोसा है कि इस तरह की कोशिश कारगर साबित हो सकती है। लोगों को पुरानी मान्यताओं पर विश्वास है। उनका कहना है कि अगर किसी भी वजह से जंगली जानवर नाराज चल रहे हैं तो उन्हें मानवीय स्थिति का भी ख्याल रखना चाहिए। 
    ज्ञात हो कि मौजूदा स्थिति में करतला वन परिक्षेत्र में हाथियों का झुंड ब्लॉक मुख्यालय के निकट पहुंच गया है। 27 हाथियों के झुंड को करतला रामपुर मार्ग पर ब्लॉक मुख्यालय से 2 किमी की दूरी पर स्थित बड़मार जंगल में कक्ष क्रमांक पी 1149 के आसपास विचरण करते हुए देखा गया। हालांकि हाथियों के झुंड ने यहां कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन संभावित खतरों को देखते हुए ग्रामीण भयभीत नजर आ रहे हंै और क्षेत्र में हलचल मच गई है। 
    ग्रामीणों ने हाथियों के बड़मार पहुंचने की सूचना वन विभाग के अधिकारियों ने दी। जिस पर वन अमला बड़मार पहुंच गया है तथा हाथियों को खदेडऩे की कोशिश शुरू कर दी है। इस कार्य में प्रशिक्षित हुल्ला पार्टियों के साथ ग्रामीणों की मदद भी ली जा रही है। 
    वन विभाग के सूत्रों के अनुसार हाथियों की बड़मार पहुंचने की सूचना मिलने पर रात में ही अमले को मौके पर भेज दिया गया था। जिसने हाथियों को खदेडऩे की कोशिश की, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल पाई जिससे हाथियों का झुंड बड़मार के आसपास मंडरा रहा है। रात में फिर हाथियों को खदेडऩे की कोशिश की जा रही है। तब तक ग्रामीणों को सतर्क रहने कहा गया है। 
    जंगली जानवरों द्वारा जान-माल को नुकसान पहुंचाने के मामले में वन विभाग द्वारा क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान है। इसके लिए पुरानी दरों का पुनरीक्षण करने के साथ बढ़ोतरी की गई है। इसके अंतर्गत फसल नुकसान, मकानों में होने वाले किसी भी तरह की क्षति और लोगों की मौत अथवा अपंगता की स्थिति में पर्याप्त राहत राशि देने की व्यवस्था विभाग ने की है। जिले के कोरबा वन मंडल में हाथियों के उत्पात का मसला एक दशक से भी अधिक समय से बना हुआ है। इस दौरान अब तक ऐसे मामलों में भारी भरकम राशि का भुगतान विभाग की ओर से किया जा चुका है। वहीं समस्या का विस्तार कटघोरा वन मंडल के ऐतमानगर और केंदई रेंज तक होने से इलाके के लोग हलाकान हंै।

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Posted Date : 25-Nov-2017
  • 80 किसानों की फसल चौपट
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 25 नवंबर। कटघोरा वनमंडल में हाथियों का उत्पात बना हुआ है। ऐतमा नगर क्षेत्र में प्रवेश के दौरान उन्हें खदेडऩे की कोशिश हुई। खबर है कि इस दौरान वन्य प्राणी संस्थान देहरादुन के अधिकारी की जिप्सी को हाथियों ने क्षति पहुंचायी। वहीं बंजारी गांव में 80 किसानों की खरही, बगवानी फसल को भी चौपट कर दिया। वन विभाग का दावा है कि हाथियों को यहां से भगाने का प्रयास जारी है।
    सूचनाओं के मुताबिक हाथियों के समूह में 38 सदस्य शामिल है। केदंयी रेंज के बुका इलाके में धमाचौकड़ी मचाने के बाद इन्हें खदेड़ा गया। हाथियों ने यहां से अपना रूख बदल लिया। इसके बाद वे ऐतमा नगर क्षेत्र में प्रविष्ट हुए। हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन्य प्राणी अनुसंधान संस्थान देहरादून, उत्तराखंड के अधिकारी के अलावा अंबिकापुर सीसीएफ, कटघोरा डीएफओ एस जगदीशन सहित रेंज के अधिकारी और कर्मी यहां मौजूद रहे। 
    विभाग की ओर से प्रशिक्षित अमले को भी यहां रखा गया। इन सभी ने मिलकर देखा कि हाथियों की हलचल किस तरह से हो रही है और इनका अगला रूख क्या हो सकता है। इससे पहले दूसरे क्षेत्र में वन्य प्राणियों का उत्पात हो चुका था और लोगों से शिकायतें विभाग के पास पहुंच चुकी थी। इसी वजह से वन मंडल के पर्यटक केन्द्र से आगामी दिनों में पहुंचने वाले लोगों के कार्यक्रम तत्काल प्रभाव से रद्द किए गए और उन्हें इस बारे में सूचित किया गया। 
    बताया गया कि शुक्रवार की शाम 5 बजे की आसपास हाथियों के समूह ने उस वक्त अपना रौद्र रूप दिखाया, जब उन्हें यहां से खदेडऩे के लिए कोशिश की जा रही थी। इस दरम्यान किसी तरह अधिकारियों ने सुरक्षित ठिकाना तलाश लिया ताकि अपनी जान पर खतरा न आ सके। दूसरी ओर मौके पर सामने आयी अधिकारी की जिप्सी का एक हिस्सा हाथियों ने अपने पैर से रौंद डाला। वहीं कुछ दूर पर खड़े केंदई रेंज एक कर्मी को दौड़ाया। इससे कर्मी गिर कर घायल हो गया। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बंजारी गांव में हाथियों ने प्रवेश के दौरान 80 किसानों की धान की खरही, फसल के अलावा बाडिय़ों में लगी पपिता, बीही और आलू की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया। पीडि़तों ने इस संबंध में अवगत कराया है। उन्हें पूरे मामले में सतर्कता बरतने को कहा गया है। हाथियों से हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए जल्द ही टीम मौके पर भेजी जाएगी। इसके पश्चात प्रारंभिक क्षति की रिपोर्ट तैयार करने के साथ सहायता प्रदान करने की कार्रवाई की जाएगी।
    अब भी कोटमेर में जमे है दस हाथी:- इधर कोरबा वन मंडल के करतला रेंज में 10 हाथियों का डेरा अभी भी मौजूद है। इनकी उपस्थित कोटमेर और कोई के आसपास बनी हुई है। इस इलाके के कक्षों में हाथियों की चहल कदमी लोगों ने देखी है। लोग अपने स्तर पर सावधानी बनाये हुए है। वन विभाग ने सुरक्षा संसाधन मुहैय्या कराने की बात कही गई है। याद रहे करतला रेंज के कई गांव में अब तक हाथियों के अमले में ग्रामीणों की मौत हो चुकी है और लाखों की फसल से किसानों को हाथ धोना पड़ा है।

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Posted Date : 08-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 8  नवंबर। 23 घंटे तक हाथी शहर से सिर्फ एक किलोमीटर दूरी पर चिंघाड़ मारते रहे। वन विभाग और ग्रामीणों की सांसे की उस समय अटक गई, जब इन हाथियों की संख्या 38 से बढ़कर 75 तक पहुंच गई। सोमवार की रात लगभग दो बजे पहले तो हाथियों ने कोरकोमा रोड में लगभग दो घंटे घूमते रहे। फिर वापस जाने के बाद मंगलवार की दोपहर कोरबा रेंज से कोरकोमा रेंज की ओर बढ़ गए। इस बीच मुख्य मार्ग कई बार जाम रहा।
     वन विभाग के मुताबिक नौ माह पहले हाथियों का झुंड भुलसीडीह, बुंदेली से होते हुए झगहरा से लगे जंगल तक पहुंचे थे। हाथी अक्सर जंगल और उससें लगे खेतों तक सीमित रहते हैं। लेकिन बुधवार की शाम को ये हाथी झगहरा में प्रस्तावित हाउसिंग बोर्ड प्रोजेक्ट और उसके आसपास के रहवासी क्षेत्र में पहुंच गए थे।
    यह इलाका कोरबा शहर से सिर्फ एक किलोमीटर की दूरी पर है। इस एक किलोमीटर के बीच भी लगभग 50 से 60 मकान हंै। यहां रहने वाले लोगों ने पहली बार हाथियों के चिंघाढ़़ को इतने करीब से सुना और देखा। पूरी रात यहां रहने वाले लोगों को नींद उड़ी रही। 
    स्थानीय लोगों के मुताबिक भोर में लगभग साढ़े तीन बजे कुछ हाथी सड़क पर बैठे रहे, तो कुछ आसपास विचरण करते रहे। हालांकि सुखद पहलू रहा कि किसी के मकान तक ये हाथी नहीं पहुंच गए थे। वन विभाग और आम लोगों ने इसे संजीदगी से लिया और हाथियों को हर बार की तरह खदेडऩे का प्रयास नहीं किया। अधिकारियों के मुताबिक अगर उनको हुल्ला पाटी से खदेड़ा जाता है तो वे गुस्सैल हो सकते हैं। ऐसे में झुंड बिखर सकता है। और जनहानि की संभावना बढ़ जाती है।
    चौपाल में बोले ग्रामीण- हाथी बर्बाद करे फसल तो 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिले मुआवजे की राशि अगर शहर की तरफ बढ़ते तो वन विभाग के पास कोई विकल्प नहीं। सबसे बड़ा सवाल अगर इतने सारे हाथियों का झुंड झगहरा तालाब के आसपास से पार होते हुए अगर झगहरा प्राथमिक स्कूल और रिस्दी-बरबसपुर बायपास मार्ग तक पहुंच जाता, तब वन विभाग के पास इनको खदेडऩे या फिर इनके उत्पात को रोकने कोई विकल्प नहीं होता। हाथियों की संख्या भी दो चार नहीं है कि इनको एक क्षेत्र में रोका जा सके। ऐसे में वन विभाग की तैयारी पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। रजगामार के आसपास पहुंचे, खतरा अभी टला नहीं। 
    लौट सकते हैं कभी भी- मंगलवार की दोपहर लगभग तीन बजे हाथियों का झुंड रजगामार वन परिक्षेत्र में प्रवेश कर गया है। दोनों के बीच दूरी महज पांच से आठ किलोमीटर की है। ऐसे में झगहरा, भुलसीडीह में वापस हाथियों का झुंड आ सकता है। ऐसी संभावना रहती है कि हाथी जिस रूट से जाते हैं, वापसी के लिए भी उसी का उपयोग करते हैं। इस वजह से यहां रहने वाले लोग अब भी सकते में हैं।  

     

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