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Posted Date : 17-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा/ बैकुठंपुर/ अंबिकापुर, 17 अप्रैल। नकदी संकट छत्तीसगढ़ में भी गहराने लगा है।  प्रदेश के कोरबा, कोरिया और सरगुजा के कई इलाकों में एटीएम खाली होने की सूचना है। कई जगहों पर मशीन खराब पड़े हैं तो कहीं पर रुपये ही नहीं हैं। किसी-किसी में दो हजार से कम के नोट नहीं निकल रहे हैं।
     ज्ञात हो कि कई राज्य इन दिनों कैश की किल्लत से जूझ रहे हैं। बिहार और यूपी के साथ-साथ एमपी की स्थिति काफी बिगड़ चुकी है। पिछले 5 दिनों से 60 फीसदी से ज्यादा एटीएम खाली पड़े हैं।  
     कोरबा से मिली जानकारी के अनुसार शहर में रविवार को  कैश के लिए बड़ी किल्लत रही। एसबीआई ने तो अपने 90 फीसदी एटीएम मशीनों का शटर ही डाउन कर दिया। कुछ एटीएम में कैश डाले गए, तो वह भी एक-दो घंटों में खत्म हो गए। रविवार को 99 फीसदी एटीएम सूखे रहे।  पिछले एक सप्ताह से शहर में यह हाल था। लोग एक बार में अधिक से अधिक रुपये निकाल रहे थे जिससे हालत बहुत खराब हो गई। शहर के अलग-अलग इलाकों में लगे जिस एटीएम में रुपये होने की खबर लगती थी लोग पहुंच जाते थे और कुछ ही घंटे में रकम खत्म हो जाता था। आज भी लगभग सभी एटीएम सूखे पड़े हैं।
     कोरिया जिलामुख्यालय बैकुंठपुर में सिर्फ स्टेट बैक के 5 से ज्यादा एटीएम है, जबकि सभी राष्ट्रीय बैकों के साथ निजी बैकों के अपने एटीएम है, परन्तु सभी में एक जैसी स्थिति बनी हुई है। ज्यादातर एटीएम में कैश नहीं है। जिसके कारण लोग खासे परेशान है। सुबह जिस एटीएम से रुपये निकल रहे थे वहां लंबी लाइन लगी हुई थी।
    अंबिकापुर से मिली जानकारी के अनुसार आज भी एसबीआई, सेंट्रल बैंक, पीएनबी और बैंक आफ बड़ौदा के एटीएम खाली पड़े हैं। निजी बैंकों के एटीएम में लंबी कतार लगी हुई है। शहर में कैश की कमी का हल्ला हर तरफ है। इस वजह से अब परेशानी बढऩे लगी है। वहीं आज अक्षय तृतीया है आज से शादियां शुरू हो गई हैं जिसके कारण भी लोग अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा रकम निकाल रहे हैं। एक सप्ताह पहले जब एक-दो दिनों के लिए यह परेशानी सामने आई तो लोगों ने इसे ध्यान नहीं दिया था।  

     

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Posted Date : 11-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 11 अप्रैल। बीती रात कोरबा के हरदीबाजार जिला सहकारी बैंक से 18 लाख 77 हजार की चोरी हो गई।   
    पुलिस के अनुसार मंगलवार देर रात हरदीबाजार के सहकारी बैंक में चोरों ने घावा बोला। बैंक के पीछे की दीवार को  तोड़ा फिर बैंक के पीछे गैस कटर से सेंधमारी कर 18 लाख 77 हजार रुपए ले भागे।
    सुबह जब बैंक का चपरासी  पहुंचा तब चोरी का पता चला। प्रबंधन ने  मामले की जानकारी हरदीबाजार पुलिस को दी. मौके पर हरदीबाजार पुलिस और बैंक के आला अधिकारी पहुंच गए है।  हरदीबाजार थाना प्रभारी शरद चंद्रा ने बताया कि  बैंक से 18 लाख 77 हजार की लूट हुई है। सहकारी बैंक किराए के बिल्डिंग में चल रहा था।  जब घटना हुई तब बैंक में कोई चौकीदार मौजूद नहीं था। बैंक के सारे सीसीटीवी कैमरे भी खराब है। कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।

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Posted Date : 25-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़  संवाददाता
    कोरबा, 25 दिसंबर। कल एक ग्रामीण को जंगल में लकड़ी बीनते वक्त भालू ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उसकी उपचार के दौरान आज सुबह 8 बजे मौत हो गई। कोरबा जिले के श्यांग थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम एलांग निवासी मोहितराम राठिया (50) रविवार दोपहर को अपने 22 वर्षीय पुत्र के साथ घर में जलाने के लिए लकड़ी बीनने जंगल एलांग गया था। उसी दौरान करीब 3 बजे मादा भालू ने मोहित पर हमला कर दिया। मोहितराम इस दौरान भालू से अपने को बचाने के लिए काफी प्रयास किया लेकिन भालू ने अपने नाखूनों एवं दांत से उसके सिर पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।  कुछ दूरी पर लकड़ी बीन रहे उसके पुत्र ने पिता को बचाने के लिए भालू को भगाने का प्रयास किया। भालू के जंगल में जाने के बाद घायल मोहितराम को उसका पुत्र किसी तरह लेकर घर पहुंचा। उसने इसकी जानकारी ग्राम एलांग के सरपंच एवं कोटवार को दी। रात में मोहितराम को उपचार के लिए संजीवनी एक्सप्रेस से कोरबा जिला अस्पताल लाया गया। यहां सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। 

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Posted Date : 10-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा
    , 10 दिसंबर। चाहे मजबूरी हो या आवश्यकता, अब बहुत हो गया, यहां से लौट भी जाओ। ग्रामीणजन यही आह्वान कर रहे हैं गजराजों से, जो इस इलाके के लिए बड़ी समस्या बने हुए हैं। बंजारी बीट में एक ग्रामीण की जान लेने के बाद हाथियों की हलचल करतला क्षेत्र में जारी है। 
    ग्रामीणों को लगता है कि सीधे प्रार्थना करने से ही काम बनेगा, इसलिए तौर तरीके भी इसी तरह से आजमाए जा रहे हंै। जंगल में प्रकृति के अलावा देहातों में देवी-देवताओं और खासकर गणेश जी की पूजा का काम लोगों ने शुरू किया है। उनका भरोसा है कि इस तरह की कोशिश कारगर साबित हो सकती है। लोगों को पुरानी मान्यताओं पर विश्वास है। उनका कहना है कि अगर किसी भी वजह से जंगली जानवर नाराज चल रहे हैं तो उन्हें मानवीय स्थिति का भी ख्याल रखना चाहिए। 
    ज्ञात हो कि मौजूदा स्थिति में करतला वन परिक्षेत्र में हाथियों का झुंड ब्लॉक मुख्यालय के निकट पहुंच गया है। 27 हाथियों के झुंड को करतला रामपुर मार्ग पर ब्लॉक मुख्यालय से 2 किमी की दूरी पर स्थित बड़मार जंगल में कक्ष क्रमांक पी 1149 के आसपास विचरण करते हुए देखा गया। हालांकि हाथियों के झुंड ने यहां कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन संभावित खतरों को देखते हुए ग्रामीण भयभीत नजर आ रहे हंै और क्षेत्र में हलचल मच गई है। 
    ग्रामीणों ने हाथियों के बड़मार पहुंचने की सूचना वन विभाग के अधिकारियों ने दी। जिस पर वन अमला बड़मार पहुंच गया है तथा हाथियों को खदेडऩे की कोशिश शुरू कर दी है। इस कार्य में प्रशिक्षित हुल्ला पार्टियों के साथ ग्रामीणों की मदद भी ली जा रही है। 
    वन विभाग के सूत्रों के अनुसार हाथियों की बड़मार पहुंचने की सूचना मिलने पर रात में ही अमले को मौके पर भेज दिया गया था। जिसने हाथियों को खदेडऩे की कोशिश की, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल पाई जिससे हाथियों का झुंड बड़मार के आसपास मंडरा रहा है। रात में फिर हाथियों को खदेडऩे की कोशिश की जा रही है। तब तक ग्रामीणों को सतर्क रहने कहा गया है। 
    जंगली जानवरों द्वारा जान-माल को नुकसान पहुंचाने के मामले में वन विभाग द्वारा क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान है। इसके लिए पुरानी दरों का पुनरीक्षण करने के साथ बढ़ोतरी की गई है। इसके अंतर्गत फसल नुकसान, मकानों में होने वाले किसी भी तरह की क्षति और लोगों की मौत अथवा अपंगता की स्थिति में पर्याप्त राहत राशि देने की व्यवस्था विभाग ने की है। जिले के कोरबा वन मंडल में हाथियों के उत्पात का मसला एक दशक से भी अधिक समय से बना हुआ है। इस दौरान अब तक ऐसे मामलों में भारी भरकम राशि का भुगतान विभाग की ओर से किया जा चुका है। वहीं समस्या का विस्तार कटघोरा वन मंडल के ऐतमानगर और केंदई रेंज तक होने से इलाके के लोग हलाकान हंै।

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Posted Date : 25-Nov-2017
  • 80 किसानों की फसल चौपट
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 25 नवंबर। कटघोरा वनमंडल में हाथियों का उत्पात बना हुआ है। ऐतमा नगर क्षेत्र में प्रवेश के दौरान उन्हें खदेडऩे की कोशिश हुई। खबर है कि इस दौरान वन्य प्राणी संस्थान देहरादुन के अधिकारी की जिप्सी को हाथियों ने क्षति पहुंचायी। वहीं बंजारी गांव में 80 किसानों की खरही, बगवानी फसल को भी चौपट कर दिया। वन विभाग का दावा है कि हाथियों को यहां से भगाने का प्रयास जारी है।
    सूचनाओं के मुताबिक हाथियों के समूह में 38 सदस्य शामिल है। केदंयी रेंज के बुका इलाके में धमाचौकड़ी मचाने के बाद इन्हें खदेड़ा गया। हाथियों ने यहां से अपना रूख बदल लिया। इसके बाद वे ऐतमा नगर क्षेत्र में प्रविष्ट हुए। हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन्य प्राणी अनुसंधान संस्थान देहरादून, उत्तराखंड के अधिकारी के अलावा अंबिकापुर सीसीएफ, कटघोरा डीएफओ एस जगदीशन सहित रेंज के अधिकारी और कर्मी यहां मौजूद रहे। 
    विभाग की ओर से प्रशिक्षित अमले को भी यहां रखा गया। इन सभी ने मिलकर देखा कि हाथियों की हलचल किस तरह से हो रही है और इनका अगला रूख क्या हो सकता है। इससे पहले दूसरे क्षेत्र में वन्य प्राणियों का उत्पात हो चुका था और लोगों से शिकायतें विभाग के पास पहुंच चुकी थी। इसी वजह से वन मंडल के पर्यटक केन्द्र से आगामी दिनों में पहुंचने वाले लोगों के कार्यक्रम तत्काल प्रभाव से रद्द किए गए और उन्हें इस बारे में सूचित किया गया। 
    बताया गया कि शुक्रवार की शाम 5 बजे की आसपास हाथियों के समूह ने उस वक्त अपना रौद्र रूप दिखाया, जब उन्हें यहां से खदेडऩे के लिए कोशिश की जा रही थी। इस दरम्यान किसी तरह अधिकारियों ने सुरक्षित ठिकाना तलाश लिया ताकि अपनी जान पर खतरा न आ सके। दूसरी ओर मौके पर सामने आयी अधिकारी की जिप्सी का एक हिस्सा हाथियों ने अपने पैर से रौंद डाला। वहीं कुछ दूर पर खड़े केंदई रेंज एक कर्मी को दौड़ाया। इससे कर्मी गिर कर घायल हो गया। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बंजारी गांव में हाथियों ने प्रवेश के दौरान 80 किसानों की धान की खरही, फसल के अलावा बाडिय़ों में लगी पपिता, बीही और आलू की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया। पीडि़तों ने इस संबंध में अवगत कराया है। उन्हें पूरे मामले में सतर्कता बरतने को कहा गया है। हाथियों से हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए जल्द ही टीम मौके पर भेजी जाएगी। इसके पश्चात प्रारंभिक क्षति की रिपोर्ट तैयार करने के साथ सहायता प्रदान करने की कार्रवाई की जाएगी।
    अब भी कोटमेर में जमे है दस हाथी:- इधर कोरबा वन मंडल के करतला रेंज में 10 हाथियों का डेरा अभी भी मौजूद है। इनकी उपस्थित कोटमेर और कोई के आसपास बनी हुई है। इस इलाके के कक्षों में हाथियों की चहल कदमी लोगों ने देखी है। लोग अपने स्तर पर सावधानी बनाये हुए है। वन विभाग ने सुरक्षा संसाधन मुहैय्या कराने की बात कही गई है। याद रहे करतला रेंज के कई गांव में अब तक हाथियों के अमले में ग्रामीणों की मौत हो चुकी है और लाखों की फसल से किसानों को हाथ धोना पड़ा है।

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Posted Date : 08-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 8  नवंबर। 23 घंटे तक हाथी शहर से सिर्फ एक किलोमीटर दूरी पर चिंघाड़ मारते रहे। वन विभाग और ग्रामीणों की सांसे की उस समय अटक गई, जब इन हाथियों की संख्या 38 से बढ़कर 75 तक पहुंच गई। सोमवार की रात लगभग दो बजे पहले तो हाथियों ने कोरकोमा रोड में लगभग दो घंटे घूमते रहे। फिर वापस जाने के बाद मंगलवार की दोपहर कोरबा रेंज से कोरकोमा रेंज की ओर बढ़ गए। इस बीच मुख्य मार्ग कई बार जाम रहा।
     वन विभाग के मुताबिक नौ माह पहले हाथियों का झुंड भुलसीडीह, बुंदेली से होते हुए झगहरा से लगे जंगल तक पहुंचे थे। हाथी अक्सर जंगल और उससें लगे खेतों तक सीमित रहते हैं। लेकिन बुधवार की शाम को ये हाथी झगहरा में प्रस्तावित हाउसिंग बोर्ड प्रोजेक्ट और उसके आसपास के रहवासी क्षेत्र में पहुंच गए थे।
    यह इलाका कोरबा शहर से सिर्फ एक किलोमीटर की दूरी पर है। इस एक किलोमीटर के बीच भी लगभग 50 से 60 मकान हंै। यहां रहने वाले लोगों ने पहली बार हाथियों के चिंघाढ़़ को इतने करीब से सुना और देखा। पूरी रात यहां रहने वाले लोगों को नींद उड़ी रही। 
    स्थानीय लोगों के मुताबिक भोर में लगभग साढ़े तीन बजे कुछ हाथी सड़क पर बैठे रहे, तो कुछ आसपास विचरण करते रहे। हालांकि सुखद पहलू रहा कि किसी के मकान तक ये हाथी नहीं पहुंच गए थे। वन विभाग और आम लोगों ने इसे संजीदगी से लिया और हाथियों को हर बार की तरह खदेडऩे का प्रयास नहीं किया। अधिकारियों के मुताबिक अगर उनको हुल्ला पाटी से खदेड़ा जाता है तो वे गुस्सैल हो सकते हैं। ऐसे में झुंड बिखर सकता है। और जनहानि की संभावना बढ़ जाती है।
    चौपाल में बोले ग्रामीण- हाथी बर्बाद करे फसल तो 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिले मुआवजे की राशि अगर शहर की तरफ बढ़ते तो वन विभाग के पास कोई विकल्प नहीं। सबसे बड़ा सवाल अगर इतने सारे हाथियों का झुंड झगहरा तालाब के आसपास से पार होते हुए अगर झगहरा प्राथमिक स्कूल और रिस्दी-बरबसपुर बायपास मार्ग तक पहुंच जाता, तब वन विभाग के पास इनको खदेडऩे या फिर इनके उत्पात को रोकने कोई विकल्प नहीं होता। हाथियों की संख्या भी दो चार नहीं है कि इनको एक क्षेत्र में रोका जा सके। ऐसे में वन विभाग की तैयारी पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। रजगामार के आसपास पहुंचे, खतरा अभी टला नहीं। 
    लौट सकते हैं कभी भी- मंगलवार की दोपहर लगभग तीन बजे हाथियों का झुंड रजगामार वन परिक्षेत्र में प्रवेश कर गया है। दोनों के बीच दूरी महज पांच से आठ किलोमीटर की है। ऐसे में झगहरा, भुलसीडीह में वापस हाथियों का झुंड आ सकता है। ऐसी संभावना रहती है कि हाथी जिस रूट से जाते हैं, वापसी के लिए भी उसी का उपयोग करते हैं। इस वजह से यहां रहने वाले लोग अब भी सकते में हैं।  

     

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Posted Date : 05-Nov-2017
  • कोरबा, 5 नवंबर। आज तड़के कटघोरा के पास एनएच पर दुर्ग से अंबिकापुर जा रही बस और ट्रेलर में भिड़ंत हो गई। इस घटना में 8 यात्री घायल हुए हैं, जिसमें से तीन की हालत गंभीर है। वे केबिन में सवार थे। कटघोरा सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद 3 घायलों को जिला अस्पताल कोरबा रेफर कर दिया गया। 
    रविवार सुबह लगभग चार बजे यह घटना कटघोरा में एनएच 111 पर मित्तल पेट्रोल पंप के पास हुई। बताया गया कि दुर्ग से अंबिकापुर को जा रही बस क्रमांक सीजी 07 ई 1590 यहां से रवाना होने के बाद टे्रलर से टकरा गई। 
    ज्ञात हो कि काफी समय से कटघोरा नगर का मुख्य मार्ग वाहनों की बेतरतीब व्यवस्था से जकड़ा हुआ है। (बाकी पेजï 5 पर)
    मार्ग में दोनों तरफ मालवाहकों का जमावड़ा नहीं हटाये जाने का खामियाजा रात्रिकालीन आवाजाही करने वाले वाहनों को भुगतना पड़ रहा है। 
     जानकारी के मुताबिक चार बजे अचानक एक ट्रेलर चालक ने अपने वाहन को निकालने की कोशिश की। वह यह सुनिश्चित कर सका कि सामने से कोई वाहन भी आ रही है। इसी दरम्यान यात्री बस सीधे ट्रेलर से जा भिड़ी। घटना में बस के केबिन में मौजूद तीन यात्रियों को काफी चोंटे आयी, लेकिन चालक और अन्य यात्री सुरक्षित बचे। इसके बाद घायलों को फौरन कटघोरा अस्पताल ले जाया गया। कर्मियों ने उनकी मरहमपट्टी की और पीडि़तों को जिला अस्पताल भेज दिया।

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Posted Date : 02-Nov-2017
  • एससीएल मानिकपुर में आऊटसोर्सिंग का विरोध
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 2 नवंबर। 12 घंटे काम लेकर 8 घंटे का वेतन दिए जाने का विरोध करने पर एसईसीएल मानिकपुर में आउट सोर्सिंग पर रखे गए कामगारों से ठेका कंपनी के लोगों ने मारपीट की। इसका विरोध करते हुए कामगारों ने कामकाज ठप कर दिया। सूचना मिलने पर मानिकपुर पुलिस के अलावा एसईसीएल का विभागीय सुरक्षा अमला यहां पहुंच गया है। 
    नाराज कर्मियों का आरोप है कि ट्रांसपोर्टिंग का ठेका लेने वाली शिवम ट्रांसपोर्ट कंपनी उनका आर्थिक शोषण कर रही है। कोल सेक्टर में नियमित प्रकृति के कई कार्य प्रबंधन खुद करता है। वहीं कुछ मामलों में ऐसे कार्यों को आउट सोर्सिंग के जरिए कराया जा रहा है। बड़े पैमाने पर ठेके पर ये कार्य दिए गए हैं। कोरबा क्षेत्र में एसईसीएल की मानिकपुर परियोजना में परिवहन संबंधी कार्यो का ठेका शिवम ट्रांसपोर्ट को दिया गया है। उसने कोयला खनन के बाद की प्रक्रियाओं में अपनी भागीदारी तय की है। इसके लिए अलग-अलग स्तर पर ठेका कर्मियों का नियोजन किया गया है। 
    खबर है कि आज मानिकपुर साइडिंग के पास काम कर रहे कुछ कर्मियों से ठेका कंपनी के लोगों ने मारपीट कर दी। ये सभी छोटे दर्जे से लेकर सुपरविजन वर्ग में लगे लोग बताए जा रहे है। मारपीट क्यों की गई, इसकी वजह स्पष्ट नहीं हुई। ठेका कर्मी पर हाथ छोड़े जाने की खबर जैसे ही आम हुई, अन्य कामगार एकजुट हो गए। उन्होंने अपने हिस्से का काम छोड़ दिया और विरोध प्रदर्शन पर उतारु हो गए। इस घटना के नतीजन ट्रांसपोर्ट संबंधी प्रक्रिया बाधित हो गई। आपरेटरों ने गाडिय़ां आसपास में खड़ी कर दी। वहीं ठेका कर्मियों ने साइडिंग में डेरा डालकर मारपीट की घटना का विरोध शुरू कर दिया। 
    वे इस मांग पर अड़े रहे कि गैर जरूरी बर्ताव करने वाले ठेका कर्मी कंपनी के प्रतिनिधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। हंगामा बढ़ते देख इस बारे में उपर जानकारी दी गई। जिसके बाद मानिकपुर पुलिस के साथ-साथ एसईसीएल का सुरक्षा अमला यहां पहुंचा। कुछ देर में एसईसीएल के अधिकारी यहां आये। उन्होंने वस्तुस्थिति जानी। कारणों को जानने के साथ समाधान के रास्ते तलाशने का दौर जारी था, लेकिन हालात जस की तस बने रहे। पूरे मामले की जांच पड़ताल करने का भरोसा अधिकारियों ने दिया।

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Posted Date : 30-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़  संवाददात

    कोरबा, 30  अक्टूबर। रविवार शाम को सिटी बस में सवार गर्भवती ने बच्चे को जन्म दिया। मौके की नजाकत को समझते हुए चालक नारायण ने सिटी बस को सीधे हॉस्पिटल लेकर पहुंच गया, जहां महिला और नवजात को दाखिल किया गया।
            पूरा मामला कोरबा और दर्री के बीच का है, जहां शाम को सीएसईबी चौक से सिटी बस में खुटरीगढ़ निवासी सरिता अकेले ही कटघोरा जाने के लिए सवार हुए थीं, लेकिन पंद्रह मिनट के बाद ही रूमगरा के पास महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और उसने प्रतीक्षा बस स्टैंड के नजदीक बच्चे को जन्म दे दिया। प्रसव के दौरान बस में करीब तीस लोग सवार थे। बस चालक नारायण ने डिलीवरी के बाद कटघोरा अस्पताल के महतारी और संजीवनी एक्सप्रेस से भी संपर्क साधा, लेकिन उसे वाहन नहीं होने की बात कह दी गई। बदहवास चालक नारायण बस को लेकर सीधे कटघोरा के अस्पताल पहुंच गया। 
    पूरे घटनाक्रम में सिटी बस के ड्राइवर नारायण देवांगन का सराहनीय और मानवीय चेहरा उभरकर सामने आया, जिसने इतने नाजुक वक्त में सवारी नहीं बिठाने का फैसला लिया। उसने प्रसव के बाद कटघोरा तक कहीं भी बस नहीं रोका। साथ ही सभी को धैर्यपूर्वक बैठे रहने को कहा। जच्चा-बच्चा की फिक्र लिए नारायण ने सिटी बस को सीधे कटघोरा सामुदायिक केंद्र के लाउंज में खड़ा किया, जहां से डॉक्टरों ने तत्परता से महिला और नवजात को स्ट्रेचर में डालकर वार्ड तक पहुंचाया। डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद इसे सामान्य डिलीवरी बताया। उन्होंने ड्राइवर के हौसले की भी जमकर तारीफ की।

     

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Posted Date : 24-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 24 अक्टूबर। विशेष संरक्षित जनजाति बिरहोर के रहन-सहन, खान-पान, संस्कृति और उनकी सभ्यता के किस्से अब तक केवल लिखने पढऩे तक ही सीमित थे। अब ये चलचित्र का भी हिस्सा बन रहे हैं। यानी अब यह कहानी वीडियो रूपांकन का भी भाग बनेगी। इस पर आधारित शॉर्ट फिल्म के लिए मांगामार के कलाकारों का सहयोग लिया गया। सात दिनों तक एक यूनिट ने अपना डेरा इसी गांव में लगाया और कई कोण से जनजातीय जीवन शैली को कैमरे में कैद किया। 
     यू तो कोरबा जिले के नामकरण के पीछे पहाड़ी कोरवाओं की उपस्थिति को बड़ा आधार माना जाता है। इसे विशेष जनजातीय वर्ग में शामिल किया गया है और इस समुदाय को राष्ट्रपति की दत्तक संतान का भी दर्जा मिला हुआ है लेकिन इतना ही सब कुछ नहीं। कोरबा जिले में कोरवाओं के अलावा बिरहोर नामक जनजाति भी मौजूद है। सभ्यता के आदिमयुग से इसका तानाबाना जुड़ा हुआ है। विकास की चकाचौंध से कोसों दूर यह वर्ग अब भी संसाधनों के मामले में काफी पीछे है। इसकी जीवनशैली और अन्य आयाम की उसकी खास पहचान बने हुए है। अर्से बाद किसी को इस बारे में सूझा की क्यों न इस बारे में एक विशेष वृतचित्र बनाया जाए। 
    फिजी में रह रहे युवा उत्साही और रचनाधर्मी विश्वेष सहरावत ने इसका जिम्मा उठाया। फिल्मांकन के क्षेत्र में उपाधि प्राप्त विश्वेष ने मायानगरी से अलग हटकर अपने लिए खास विषय चुना। उन्होंने मांगामार को केंद्र बनाया। बिरहोर आबादी यहां काफी है। इसलिए अपनी कहानी के लिए यहां के धर्मसिंह, रतन, समारीन बाई, क्षत्रपाल, धनलाल, माखन, दिलीप यादव, जमुनिया को मुख्य और सहयोगी कलाकार के रूप में चयनित किया। उन्होंने यहां बिरहोरों पर बनाई जा रही लघु कथा के लिए रितेश शर्मा, अजय सकलानी, निमाई दास, चेतन, दाऊराम चंद्रा का सहयोग निर्माता और निर्देशक के तौर पर लिया। इसकी पटकथा सहादत हुसैन पर आधारित है। 
    मांगामार और दादर के लोगों के सहयोग से 18 अक्टूबर से यहां लघुकथा पर काम प्रारंभ हुआ, 24 अक्टूबर इसका अंतिम दिवस रहा। इस अवधि में बिरहोरों के अतीत से लेकर वर्तमान तक के कालक्रम को करीब से जानने, समझने के अलावा भविष्य के अंजाने पन्नों पर रौशनी डालने की विशेष कोशिश की गई। कथा के जरिए यह बताने का प्रयास किया गया है कि अब तक इस समुदाय ने किस तरह की कमियों के बीच जीवन जीया है, उनके सामने वर्तमान में क्या चुनौतियां है और उनके भविष्य को संवारने के लिए क्या कुछ करने की जरूरत है। 
    बताया गया कि इस संपूर्ण कोशिश को परवान चढ़ाने में एसीबी इंडिया ने अपने स्तर पर हरसंभव  सहयोग किया है। विश्वेष सहरावत बताते है कि आगामी दिनों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के आयोजन में बिरहोरों पर केंद्रित शॉर्ट फिल्म का चयन हो सके, यह प्रमुख मसला है। अगर इसके जरिए हम जिले की पिछड़ी जनजाति का थोड़ा बहुत कल्याण कर सके तो यह कारगर कदम साबित होगा।

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Posted Date : 22-Oct-2017
  • कोरबा रजगामार रोड पर हादसा
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 22 अक्टूबर। बीती रात रजगामार रोड पर एक सड़क हादसे में पिता और दो बच्चों सहित तीन  की मौत हो गई जबकि  मृतक की पत्नी की हालत भी गंभीर  है। 
     मिली जानकारी के अनुसार विकास नगर कुसमुंडा में निवासी रोशन लाल राठौर उम्र 36 अपनी पत्नी लता बाई राठौर उम्र 28 तथा 5 वर्षीय पुत्र अरनव राठौर,  पुत्री राघवी राठौर उम्र 1 वर्ष को लेकर अपनी  कार से अपने ससुराल रजगामार   ओमपुर कालोनी गया हुआ था। रात खाना खाने के बाद  परिवार के सदस्यों के साथ वापस विकास नगर कुसमुंडा लौट रहा था। 
    इसी दौरान  सरफीदाई मंदिर के पास कार पेड़ से कार टकरा गई।   दुर्घटना इतनी जबरदस्त थी कि पेड़ भी उखड़ गया और कार के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना में मौके पर ही रोशन  और उसके पुत्र अरनव की मौत हो गई। जबकि लता राठौर और उसकी पुत्री राघवी को कोरबा जिला अस्पताल लाया गया। यहां राघवी की भी आज सुबह मौत हो गई। लता राठौर की हालत गंभीर बनी हुई है।

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Posted Date : 13-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    कोरबा, 13 अक्टूबर। बिलासपुर से पाली-दीपका मार्ग पर आज सुबह बेकाबू ट्रेलर पलट गया, इसकी चपेट में आने से साइकिल सवार दो युवकों की मौत हो गई।  मिली जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार ट्रेलर  बिलासपुर  से पाली होते दीपका की ओर आ रहा था।  बसीबार मोड़ पर बेकाबू होकर पलट गया। इसी दौरान सायकिल से जा रहे दो युवक इसकी चपेट में आ गए और दबकर दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।  हादसे के बाद भीड़ जुट गई  और जाम की नौबत आ गई। पुलिस पहुंची और नियंत्रित किया। शवों को निकाल पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतकों का नाम-पता नहीं मिल सका है।

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Posted Date : 09-Oct-2017
  • कोरबा में बोनस तिहार
    छत्तीसगढ़  संवाददाता
    कोरबा, 9 अक्टूबर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हितों का संरक्षण करने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि नीति में काफी कुछ बदलाव करते हुए ऐसे नियम बनाए गए हैं, जिससे किसानों को फायदे हो। फसल को नुकसान से रोकने के लिए राष्ट्रीय और राज्य के स्तर पर बीमा योजना लागू की गई है। सामान्य प्रीमियम अदा कर किसान इसका फायदा ले सकते हैं। 
    कोरबा के सीएसईबी खेल मैदान में सोमवार को बोनस तिहार में हजारों की भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतीकात्मक रूप से डॉ. रमन सिंह ने कुछ किसानों को बोनस राशि के चेक दिए। इसके साथ ही बोनस की राशि डिजिटल तरीके से उनके खाते में हस्तांतरित की गई। कोरबा के 17 हजार किसानों को लाभान्वित किया जाना है। 
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य की खाद्यान्न आवश्यकाताओं को पूूरा करने के मामले में किसान सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कृषि उत्पादन दर बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। धान बोनस देने की व्यवस्था इसी का हिस्सा है। इससे किसानों का मनोबल बढ़ेगा। 
    उन्होंने अन्नदाताओं से अपील की कि वे आपात स्थितियों में विचलित होने के बजाए इच्छा शक्ति से काम लें, क्योंकि उनके हितों का पोषण करने की खातिर राज्य सरकार अपने स्तर पर चिंता कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सहयोग भी किसानों की सहायता के लिए लगातार मिल रहे हैं। 
    मुख्यमंत्री ने आज के इस कार्यक्रम में पौने चार अरब की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इस मौके पर जिला भाजपा अध्यक्ष अशोक चावलानी सहित अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। 
     कार्यक्रम में सांसद डॉ. बंशीलाल महतो, कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, नगरीय विकास मंत्री अमर अग्रवाल, संसदीय सचिव लखनलाल देवांगन, कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल, रामपुर विधायक श्यामलाल कंवर, जिला पंचायत अध्यक्ष देवी सिंह टेकाम तथा महापौर रेणु अग्रवाल, कलेक्टर मो. कैसर अब्दुल हक, एसपी डी. श्रवण सहित अधिकारी, कर्मचारी व बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
    सबसे ज्यादा बोनस करतला के हिस्से में
    कोरबा जिले में धान उपार्जन वर्ष 2016-17 में कुल 31 करोड़ 55 लाख 12 हजार नौ सौ चालीस रुपये का बोनस किसानों को प्रति क्विंटल तीन सौ रूपये के मान से प्रदान की गई।  कोरबा विकासखंड में कुल 167143.60 क्विंटल धान की खरीदी के एवज में पांच करोड़ एक लाख 43 हजार 80 रूपये, कटघोरा विकासखण्ड अन्तर्गत 110012 क्विंटल के एवज में तीन करोड़ तीस लाख तीन हजार छ: सौ, पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड में 108222 क्विंटल के एवज में तीन करोड़ 24 लाख 66 हजार छ: सौ, करतला विकासखंड अन्तर्गत 483756.60 क्विंटल के एवज में 14 करोड़ 51 लाख 26 हजार 980 और पाली विकासखण्ड अन्तर्गत 182575.60 क्विंटल के एवज में पांच करोड़ 37 लाख 72 हजार 680 रूपये का बोनस किसानों को वितरित किया गया।


    दुर्ग में बोनस तिहार 10 को
    दुर्ग, 9 अक्टूबर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह बोनस तिहार के अवसर पर जिला मुख्यालय में यहां 10 अक्टूबर को किसानों को 106 करोड़ रुपये का बोनस बांटने के साथ ही लगभग 199 करोड़ रूपये के 71 विकास कार्यों की सौगात भी देंगे। डॉ. सिंह यहां पूर्ण हो चुके लगभग 34 करोड़ रुपये के 35 निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे।  वहीं 165 करोड़ रुपए की लागत वाले 37 स्वीकृत नए कार्यों के लिए भूमिपूजन भी करेंगे। 
    बोनस तिहार का आयोजन यहां जिला मुख्यालय में धमधा रोड स्थित नई कृषि उपज मण्डी प्रांगण में दोपहर 1 बजे से होगा। मुख्यमंत्री के हाथों समारोह में राज्य और केन्द्र सरकार की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के अंतर्गत लगभग 4 हजार 600 हितग्राहियों को सामग्री और चेक का वितरण भी किया जाएगा।  


    धमतरी में बोनस तिहार अब 15 को
    गडकरी भी आएंगे  
    धमतरी, 9 अक्टूबर। जिले में 11 अक्टूबर को आयोजित   होने वाले धान बोनस तिहार कार्यक्रम  4 दिन आगे बढ़ गया है। कलेक्टर डॉ. सीआर प्रसन्ना ने बताया कि यह कार्यक्रम अब 15 अक्टूबर को होगा। 
    बोनस तिहार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आगमन प्रस्तावित है। कार्यक्रम की तैयारी एकलव्य खेल मैदान में जोर-शोर से चल रही है। 

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Posted Date : 04-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 4 अक्टूबर। सर्वमंगला नगर बरमपुर चौक की सड़क की स्थिति जर्जरता की कहानी स्वयं बयां कर  रही है। इस मुख्य मार्ग के एक स्थान पर छोटे बड़े अनेक गढ्ढें बन गए है जो काफी जोखिम भरा है। गड्डों के अलावा निरंतर ब्रेकर भी है इस राह में राहगीर जान को जोखिम डालकर आवागमन कर रहे हंै। 
    सोचनीय बात यह भी है कि ये मार्ग काफी व्यवस्तम मार्ग है, जो कोरबा से निकलकर उपनगरीय कॉलरी क्षेत्र कुसमुंडा, दीपका, झाबर, गेवरा, भिलाई बाजार, हरदीबाजार के लिए निकलती है। जहां प्रतिदिन नौकरी पेशा वालों के अलावा व्यवसायियों का भी आवागमन लगा रहता है। हल्की बारिश होने पर ये छोटे गढ्ढों में पानी भर जाता है वाहन चालक ये अंदाजा भी नहीं लगा पा सकते कि अगला गड्डा और कितनी दूरी पर है। गर्मी व ठंड के दिनों में लोगों का जीना दूभर हो जाता है। धूल सर चढ़कर बोलता है, इस मार्ग में काफी धूल उड़ता दिखाई देता है। जबकि इसी मार्ग में कुसमुंड़ा चौक से लगातार दूकान व काम्प्लेक्स होटल, रेलवे स्टेशन तथा गेवरा बस्ती की ओर जाने वाली मार्ग पर रेलवे फाटक भी है, जहां हाईवा गाडिय़ों की लंबी लाईनें रेलवे क्रासिंग के खुलने का इंतजार करती रहती है, दूसरी तरफ गेवरा बस्ती व कुसमुंड़ा प्रोजक्ट की ओर जाने वाली मार्ग में चाहे वह दूपहिया वाहन हो या हाईवा, ये गाडिय़ां दीपका मार्ग की ओर जाने वाली वाहनों को भी काफी बाधित करती है।
     संकरा मार्ग होने के वजह से कई वाहन चालक हादसों का शिकार हुए है तो कईयों का परिवार उजड़ चुका है। अति व्यवस्तं मार्ग होने के कारण धूल के गुब्बारों के बीच रास्ता ओझल हो जाता है। दुपहिया वाहन चालकों को कुछ भी दिखाई नहीं पड़ता। राहगीरों को यहाँ से गुजरने के लिये काफी मशक्कतों का सामना करना पड़ता है।  स्थानीय लोग व व्यवसायियों की माने तो कई बार शिकायतों का पुलिंदा एसईसीएल के संबंधित अधिकारी व निगम को भी दिया जा चुका गया है। लेकिन दोनों विभाग में क्षेत्र का वर्चस्व का बहाना बनाकर लोगों को अंधेरे में ही रखा गया है। यहीं नहीं इन्हीं ईलाकों में कॉलरी कर्मियों के रहवासी क्षेत्र भी है, आदर्श व विकास नगर। जहां बी टाईप व माइनस जटर भी कामगारों को आबंटित प्रबंधन ने किया है, वे भी कोयले के धूल का दंश झेल रहे है। बहरहाल मामला कुछ भी हो सरकार का स्वच्छ-भारत का नारा निगम व एसईसीएल दोनों ही धत्ता बता रहे हंै। 
    स्थानीय लोगों का कहना ये भी है कि एक ओर जहां एसईसीएल अपने उच्च अधिकारियों को खुश करने के लिए साफ-सफाई का कागजी आंकड़े दिखाने में मशगूल है। इस मार्ग में निगम व एसईसीएल को चाहिए की ट्रेफिक व्यवस्था को दूरूस्त कर निरंतर टेंकरों से मार्गो में पानी का छिड़काव कर बड़ी वाहनों के लिए सड़क चौड़ीकरण का कार्य प्रारंभ हो तभी लोगो को समस्याओं से निजात मिल सकेगा।  

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Posted Date : 24-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 24 सितंबर। जिले के पाली विकासखंड के गांव पोड़ी में जलाशय के बाहर एक मगरमच्छ को देख ग्रामीणों  ने उसे रस्सी से बांध दिया। बांध की बल्ली उसके पीठ पर डाल दी। मगरमच्छ के साथ फोटो खिंचवाने की युवकों में होड़ लग गई। वनकर्मी पहुंचे तो उन्हें सौंप दिया।
    आज सुबह पोड़ी जलाशय  के पास एक खेत में रामलखन नामक युवक  इसे देखा और ग्रामीणों को  बुलाया। ग्रामीणों ने इसे पकडऩे  फंदा बनाकर एक बल्ली के सहारे मगरमच्छ के मुंह में फंसाया। रस्सी को खींचकर बांध दिया।  बांस की एक बल्ली को मगरमच्छ के ऊपर रख दिया। फिर मगरमच्छ को रस्सी से कई बार बांधा। जंगल से उठाकर ग्रामीण मगरमच्छ को अपने गांव मड़वामहुआ ले गए।
    इसे देखने  ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। युवाओं में मगरमच्छ के साथ फोटो खिंचवाने की होड़ मच गई। मगरमच्छ करीब आठ फीट लंबा है। इसके दांत बड़े-बड़े हैं। 
    ग्रामीणों का कहना है कि मगरमच्छ भोजन की तलाश से बांध से बाहर निकला होगा। सूचना पर वनकर्मी पहुंचे तो ग्रामीणों ने मगरमच्छ को उनके हवाले कर दिया। यहां से इसे बिलासपुर भेजने की तैयारी की जा रही थी। 
    ग्रामीणों का कहना है कि पोड़ी जलाशय बिलासपुर जिले में स्थित खूंटाघाट जलाशय से जुड़ा हुआ है। एक नाला दोनों जलाशय को आपस में जोड़ता है। बरसात के मौसम में नाले में पानी भरने पर मगरमच्छ खूंटाघाट से निकलकर पोड़ी जलाशय पहुंच जाते हैं। अभी भी पोड़ी बांध में कई मगरमच्छ हो सकते हैं।

     

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Posted Date : 24-Sep-2017
  • एसपी डी श्रवण की पहल
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 24 सितंबर। सहकर्मी की जिंदगी बचाने जिले की पुलिस ने अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। जिले में पदस्थ एक आरक्षक की दोनों किडनी फेल है, जिसका इलाज गुजरात के नाडियाड स्थित एक अस्पताल में चल रहा। आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहे आरक्षक के इलाज पर चिकित्सकों ने दस लाख का खर्च थमाया। इस बात की खबर जब एसपी डी श्रवण को लगी, तो उन्होंने एक पत्र जारी किया और जिले के सभी पुलिसकर्मियों को अपना एक दिन का वेतन दान करने की गुजारिश की। जिलेभर के पुलिसकर्मियों ने अपने कप्तान की गुजारिश सर आंखों पर ली और खुशी-खुशी एक दिन का वेतन दे दिया। एक ही दिन में 9 लाख रुपए जमा कर आरक्षक के खाते में जमा करा दिया गया है।
    दर्री घाट में पदस्थ आरक्षक मुकेश सिंह ठाकुर इन दिनों अस्पताल में भर्ती है। उसके दोनों गुर्दे फेल हैं और वह जिंदगी और मौत के बीच जद्दोजहद कर रहा। आर्थिक मुश्किलों के चलते इलाज का महंगा खर्च उसके बूते के बाहर की बात थी, जिसके विपरीत चिकित्सकों ने उपचार के लिए दस लाख की जरूरत बताई। यह बात किसी तरह एसपी डी श्रवण तक पहुंची और उन्होंने भी मानव धर्म निभाने मिले इस मौके को निभाने एक पल की भी देरी नहीं की। 
    श्री श्रवण ने तत्काल एक निर्देश पत्र जारी किया, जिसमें उन्होंने अपने मातहत अधिकारियों व कर्मचारियों को आरक्षक मुकेश की मदद करने खुले दिल से आगे आने की बात कही। उन्होंने महकमें के अफसरों व कर्मियों से अपना एक दिन का वेतन दान करने की गुजारिश की। उनकी बात का मान रखते हुए जिले के पुलिसकर्मियों ने सहर्ष अपना वेतन कटवाया और एक ही दिन में 9 लाख रुपये की मदद जुटाते हुए आरक्षक के खाते में जमा कराए।
    कल होना है मुकेश का ऑपरेशन
    बिल्ला नंबर-339 यानि आरक्षक मुकेश सिंह ठाकुर का ऑपरेशन 25 सितंबर को निर्धारित है, जिसकी तैयारी की जा रही है। ऑपरेशन के लिए लोगों की मदद से किसी तरह 
    उसके लिए 7 लाख की व्यवस्था की जा सकी थी, जबकि परिजनों के लिए शेष 3 लाख समेत कुल दस लाख रुपए इक_ा करना बूते से बाहर दिखाई दे रहा था। जिला पुलिस की इस मदद से अब आर्थिक दशा की वजह से उसके ऑपरेशन में कोई अड़चन नहीं होगी और वह जल्द ही स्वस्थ्य होकर अपनी ड्यूटी ज्वाइन करेगा, ऐसी उम्मीद की जा रही है। आरक्षक की परिस्थितियों का ध्यान रखते हुए की गई यह मदद उसके लिए किसी संजीवनी के समान है। साथ उन लोगों के लिए एक मिसाल है, जो हमें अपनों के साथ-साथ दूसरों की मदद के लिए भी तत्पर रहने मानवता की सीख मिलेगी, ऐसी उम्मीद है।


    जिले के पुलिसकर्मियों की सैलरी से मदद पहुंचाने आरक्षक के खाते में 9 लाख जमा करा दिया गया है। सभी के एक दिन का वेतन काटकर आर्थिक सहायता प्रदान की गई है, ताकि उसका ऑपरेशन समय पर किया जा सके।
    - तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
     

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Posted Date : 18-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा 18 सितंबर। रविवार दोपहर गाज गिरने से  4 लोगों की  मौत मौके पर ही हो गई, जबकि एक 10 साल का बालक झुलस गया है। 1 से 2 बजे के बीच जमकर बारिश के बीच आकाशीय गर्जना हुई। तीव्र आवाज के साथ लगातार बिजली गिरने की घटनाएं हुई। कोरबा जिले के हरदीबाजार के ग्राम मनगांव में रहने वाले रमेश कामरो   रलिया, अजमेर सिंह बाइक में झाबर जाने निकले थे।अभी गांव से बाहर निकले ही थे कि बारिश होने लगी। एक खंडहरयुक्त भवन में खड़े थे, इस बीच आकाशीय बिजली गिरी और दोनों की मौत हो गई। हरदीबाजार के ही झांझ में 10 वर्षीय बालिका एलिजा सारथी उर्फ तनु  की जान आकाशीय बिजली से चली गई। वे एक पेड़ में झूला बनाकर एलिजा और लक्ष्मीनारायण  झूला झूल रहे थे। इस दौरान पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरी। इसमें लक्ष्मीनारायण की जान बच गई। झुलसे हुए अवस्था में उसे हरदीबाजार स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। उसकी जान खतरे से बाहर बताई जा रही है। 
    उर, दीपका के तिवरता के पास बनवासी नुहार  की भी मौत गाज की चपेट में आने से हो गई। मूलत जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम तिलई का रहने वाला बनवासी वर्तमान में नोनबिर्रा में ठेका कंपनी में मजदूरी कर रहा था। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर दीपका जाने घर से निकला था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह बाइक में ही था और इस दौरान आकाशीय बिजली गिर गई और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

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Posted Date : 16-Sep-2017
  • गांजा खपाने ग्राहक के इंतजार में थे
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा, 16 सितंबर। ओडिशा से गांजे की खेप लेकर कार में आए तस्कर ग्राहक के इंतजार में सर्वमंगला चौक के इर्द-गिर्द चक्कर लगा रहे थे। ट्रैफिक पुलिस को उन पर संदेह हुआ और अफसरों को इसकी जानकारी दी। क्राइम ब्रांच और कुसमुंडा पुलिस ने संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर छानबीन की। इस दौरान गाड़ी में लोड 90 किलो गांजा बरामद किया गया। गांजा खपाने पहुंचे गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त गांजे की कीमत 4 लाख बताई जा रही।
    कुसमुंडा थानांतर्गत गुरूवार को एक कार क्रमांक ओआर 02 बीजेड 6888 बार-बार सर्वमंगला चौक के आसपास चक्कर लगा रही थी। सर्वमंगला चौक में पदस्थ यातायात के जवान को उन पर संदेह हुआ। इस आधार पर उसने इसकी सूचना बड़े अधिकारियों को दी। क्राइम ब्रांच व कुसमुंडा पुलिस ने चक्कर लगा रही कार को घेराबंदी कर पकड़ लिया। 
    कार में बैठे तीन युवकों से पुलिस ने पूछताछ की तो वे सकपका गए। गाड़ी की जांच की गई, तो डिक्की में प्लास्टिक के बोरे में रखा 90 किलो गांजा मिला। पकड़े गए सभी आरोपी ओडिशा के अंगुल जिले के रहने वाले बताए जा रहे। इनमें वरूण भटियारी (27), इस्माइल खान (28) व सोमनाथ साहू (23) शामिल हैं। 
    आरोपियों ने बताया कि ओडिशा से इन्हें कोरबा में किसी विनोद के पास गांजा खपाने को कहा गया था, लेकिन वे उसे नहीं पहचानते थे, जिसकी वजह से बार-बार सर्वमंगला चौक में चक्कर लगा रहे थे। आरोपी ओडिशा से झारसुगड़ा, रायगढ़, चांपा होते हुए उरगा नहर मार्ग के रास्ते सर्वमंगला चौक पहुंचे थे। बरामद किए गए गांजे का बाजार मूल्य 4 लाख रुपये बताया जा रहा है। गांजा के साथ वाहन को भी जब्त किया गया है। 
    गांजा गिरोह का सरगना ओडिशा में रहता है। वहीं बैठकर अपने साथियों के माध्यम से यह गोरखधंधा चलाता है। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि चांपा में भी उन्हें माल खपाना था, पर उसका नाम उन्हें नहीं बताया गया था। निर्धारित स्थान पर पहुंचने के बाद ही नाम पता की जानकारी मोबाइल पर दी जाती थी। आरोपियों ने पुलिस को सरगना का नाम भी नहीं बताया।

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Posted Date : 31-Aug-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    कोरबा, 31अगस्त। कुसमुंडा रेलवे साइडिंग में आज सुबह पंजाब से आई मालगाड़ी की रैक में जिंदा बम मिला है।  बम का पता तब चला जब मालगाड़ी कोयला लोड होने जा रही थी। लोडिंग अनलोडिंग में लगे कर्मचारियों ने सबसे पहले इसे देखा और  इसकी सूचना रेल्वे के वरिष्ठ अधिकारियों को दी।
    खबर मिलते ही  मौके पर आरपीएफ, जीआरपी और पुलिस बल को तैनात किया गया। जिस रैक में बम मिला था उसे  मालगाड़ी से अलग कर दिया गया। बम डिफ्यूज करने वाले दस्ते को बुलाया गया।
    अभी बम की पहचान नहीं हुई है और न ही इस बात का पता चला है कि बम रैक के अंदर कैसे पहुंचा। फिलहाल पूरी जांच के बाद ही पता चल पाएगा की कोयले क रैक में बम कहां से पहुंचा कहीं यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा तो नहीं। प्रारंभिक जांच के मुताबिक यह बम सेना को आपूर्ति की जाती है।  

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Posted Date : 30-Aug-2017
  • जबरन कन्या छात्रावास में घुसे थे

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कोरबा,  30 अगस्त। पाली कन्या छात्रावास में अनाधिकृत रूप से घुसकर छात्रा से छेड़छाड़ करने के हाईप्रोफाईल मामले में विशेष न्यायालय ने मामले के आरोपी पूर्व जिपं उपाध्यक्ष अजय जायसवाल व पूर्व जनपद अध्यक्ष गणराज सहित शंकर दास महंत, रसिया सिंह कंवर, दिनेश राठौर को दो वर्ष का सश्रम कारावास व दो हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अपीली जमानत पर सभी को बेल मिल गई है।
    गत 14 जुलाई 2015 की शाम लगभग 5.25 बजे आरोपीगण द्वारा पोस्ट मैट्रिक पाली कन्या छात्रावास में अनाधिकृत रूप से प्रवेश किया गया था। जहां मामले के मुख्य आरोपी गणराज सिंह कंवर छात्रा ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था।
    मामले में आरोपियों के खिलाफ धारा 147, 448, 451, 354, क भादवि एवं धारा 8 लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1979 की धारा 3,1, 9 के तहत पंजीबद्ध मामले में विशेष न्यायालय न्यायाधीश अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण के पीठासीन न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए आरोपीगण को धारा 147 के तहत 1 वर्ष की सश्रम कारावास व 500 रुपये जुर्माना, धारा 448 के लिए एक वर्ष की सश्रम कारावास व 500 रुपये जुर्माना तथा 451 के लिए दो वर्ष की सश्रम कारावास तथा एक हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई गई।
    कारावास की सभी सजाए एक साथ चलने के आदेश के कारण उन्हें दो वर्ष सश्रम कारावास की सजा हुई है। इस मामले में आरोपीगण द्वारा जमानत की अपील की गई। जिसे न्यायालय से स्वीकार करते हुए उन्हें अपीली जमानत पर जमानत दे दी है।

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