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26-Nov-2020 6:10 PM 19

कोरबा, 26 नवंबर । डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की 125वीं जयंती के अवसर पर कलेक्टोरेट परिसर में  आज संविधान दिवस मनाया गया। कलेक्टर किरण कौशल सहित कलेक्टर कार्यालय के सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आयोजित कार्यक्रम में  भारतीय संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मास्क पहनकर परिसर में स्थित सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों ने राष्ट्र की एकता और अखण्डता बनाये रखने की शपथ ली। 
संविधान दिवस के अवसर पर कार्यक्रम में अतिरिक्त कलेक्टर प्रियंका महोबिया, संयुक्त कलेक्टर सूर्यकिरण तिवारी, डिप्टी कलेक्टरआशीष देवांगन, एसडीएम कोरबा सुनील नायक सहित सभी अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
 


26-Nov-2020 6:08 PM 21

इस वर्ष सात नये उपार्जन केन्द्र बने, साढ़े 32 हजार से अधिक किसानों का पंजीयन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 26 नवंबर।
कोरबा जिले में आगामी एक दिसम्बर से समर्थन मूल्य पर किसानों का धान खरीदने की तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही है। पिछले सात वर्षों की परंपरा को कायम रखते हुये जिले में इस वर्ष भी जीरो शॉर्टेज पर धान खरीदी के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां, खरीदी शुरू होने के पहले ही पूरी करने के निर्देश जारी किये हैं। कलेक्टर किरण कौशल ने इस संबंध में समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों, राज्य सहकारी विपणन संघ, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक और लैम्पस के प्रबंधकों सहित खाद्य विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से तैयारियों की समीक्षा की। 

बैठक में कलेक्टर श्रीमती कौशल ने धान खरीदी के लिए किसानों को खरीदी केन्द्रों पर सभी संभव सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होनें जीरो शॉर्टेज पर धान खरीदी के लिए समितियों और जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अधिकारियों को जिला प्रशासन की तरफ से सभी संभव सहयोग भी देने का आश्वासन दिया। 

कलेक्टर ने बैठक में पंजीकृत वास्तविक किसानों से ही धान खरीदने के निर्देश अधिकारियों को दिये। श्रीमती कौशल ने अनाधिकृत रूप से धान बेचने के लिए आने वाले व्यक्तियों की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को देने के भी निर्देश उपस्थित अधिकारियों को दिये। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि ऐसे अवैध रूप से बेचने की कोशिश करने वाले धान को जिला प्रशासन द्वारा जप्त करने की कार्रवाई की जायेगी और संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी। कर्मचारी ऐसे किसी भी अवैध एवं अनाधिकृत धान बेचने के मामले की सूचना बिना किसी दबाव के सीधे अपर कलेक्टर श्रीमती प्रियंका महोबिया को दे सकते हैं। 


26-Nov-2020 3:46 PM 30

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोरबा, 26 नवंबर। कमर्शियल माइनिंग को अनुमति दिए जाने के विरोध में एक दिन की देशव्यापी हड़ताल कोरबा जिले में बहुत ज्यादा असर नहीं डाल सकी। यहां के कोलफील्ड्स में उत्पादन संबंधी कार्य सामान्य ढंग से संचालित होने का दावा प्रबंधन की ओर से किया गया। इसके बीच हड़ताल का आह्वान करने वाले यूनियनों ने प्रदर्शन किया।

 हड़ताल का आह्वान भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ को छोडक़र अन्य ट्रेड यूनियनों ने किया था। इससे पहले हड़ताल का अल्टीमेटम सरकार को दिया गया था और मुद्दे पर पुनर्विचार करने की मांग की गई थी। इस दिशा में बातचीत की गई और विकल्प तलाशने का प्रयास किया गया, जो बेनतीजा रहा। इस स्थिति में हड़ताल को अवैध करार देने की घोषणा के बावजूद 26 नवंबर को कोल सेक्टर में खासतौर पर हड़ताल की गई।

 कोल इंडिया की सहायक कंपनी एसईसीएल के सीएमडी ने हड़ताल को अवैध ठहराने के जरिए कोशिश की कि संबंधित यूनियनें बैकफुट पर आएं। इस मुद्दे को लेकर कई तरह के दावे किये जाते रहे और सफाई का जोर भी जारी रहा। हड़ताल दिवस को अस्तित्व की खातिर यूनियनों ने जिले के कई खदानों के आसपास प्रदर्शन किया और कमर्शियल माइनिंग को वापस लेने की मांग की। ह

ड़ताल को देखते हुए कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए एरिया के यूनियन प्रतिनिधि इकाईयों में दौरा किया। केएसएस के अध्यक्ष अरविंद कुमार, सचिव जनकदास कुलदीप व अनूप सरकार प्रात: 6 बजे ढेलवाडीह, सिंघाली, बगदेवा, सुराकछार व बलगी में जाकर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। धर्माराव एसकेएमएस के अध्यक्ष  कोरबा पश्चिम क्षेत्र के सभी इकाईयों का दौरा करते नजर आये। जबकि इधर एसईकेएमसी के गोपालनारायण सिंह, एसकेएमएस के दीपेश मिश्रा, एचएमएस के ए विश्वास व सुरेन्द्र मिश्रा भी इकाईयों में दौरा कर रहे थे।

सीजीएम कार्यालय उपस्थिति में कोई असर नहीं

कोरबा जिले के अंतर्गत चार क्षेत्रों में कोयला खनन का काम अलग-अलग खदानों के जरिए होता है। इनमें कोरबा क्षेत्र की अधिकतम अंडरग्राउंड सहित अन्य क्षेत्रों की ओपनकास्ट माइंस शामिल हैं। कार्मिक विभाग के कोरबा, कुसमुंडा, गेवरा और दीपका विस्तार क्षेत्र के एपीएम से हड़ताल के बारे में जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि हड़ताल का आह्वान यूनियनों ने जरूर किया है लेकिन आज की स्थिति में जनरल शिफ्ट में खदानों में कोई असर नहीं पड़ा है। उत्पादन से लेकर अन्य कार्य सामान्य तरह से संचालित हो रहे हैं।


26-Nov-2020 3:45 PM 73

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोरबा, 26 नवंबर। बालको थाना अंतर्गत परसाभांठा बस्ती में हत्या का मामला सामने आया है। जहां बेटी से मिलने पहुंचे युवक को पिता ने पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद आरोपी पिता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

कोरबा के रवि शंकर नगर वाल्मीकि आवास निवासी लक्ष्मी दास के बड़े बेटे 23 वर्षीय विक्रमदास  बालको परसाभांठा में युवती से मिलने गया हुआ था। इस दौरान उसके पिता की नजर पड़ी और उसने डंडे से पीट पीट कर घायल कर दिया। स्थानीय लोगों की मदद से 112 में जिला अस्पताल के लिए रवाना किया गया। जहाँ उसे डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया।


25-Nov-2020 9:43 PM 20

  बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के दिये निर्देश  

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोरबा, 25 नवंबर। माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और छत्तीसगढ़ किसान सभा द्वारा घाटमुड़ा से विस्थापित और गंगागनगर में पुनर्वासित परिवारों की लंबित समस्याओं को लेकर गेवरा एसईसीएल कार्यालय के घेराव के बाद अपने वादे के अनुरूप महाप्रबंधक एस के मोहंती कल गंगानगर पहुंचे, गांव का भ्रमण किया, जन समस्याओं से रू-ब-रू हुए और तत्काल समाधान योग्य समस्याओं को हल करने के निर्देश दिए हैं। उनके साथ कोरबा के महापौर राजकिशोर प्रसाद भी थे।

उल्लेखनीय है कि एसईसीएल की गेवरा परियोजना के लिए वर्ष 1980-81 में घाटमुड़ा के 75 परिवारों को विस्थापित किया गया था तथा 25 एकड़ के प्लॉट में गंगानगर ग्राम में उन्हें बसाया गया था। लेकिन पुनर्वास के 40 सालों बाद भी यह गांव बुनियादी मानवीय सुविधाओं स्कूल, अस्पताल, बिजली, पानी, गौठान, मनोरंजन गृह, श्मशान घाट, पार्क आदि से वंचित हैं, जिसे उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की थी। एसईसीएल की इस उदासीनता के खिलाफ ग्रामीणों के साथ मिलकर माकपा पिछले दो सालों से लगातार आंदोलन कर रही है और पिछले सप्ताह ही उन्होंने मुख्यालय पर उग्र प्रदर्शन किया था।

महाप्रबंधक और महापौर का ग्राम गंगानगर पहुंचने पर माकपा जिला सचिव प्रशांत झा, माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर, किसान सभा के नेताओं जवाहर सिंह कंवर, नंदलाल कंवर, रामायण सिंह कंवर, संजय यादव, पुरुषोत्तम कंवर, रघु कंवर, देवकुंवर, शशि कंवर आदि ने स्वागत किया। आंदोलनकारी नेताओं के साथ गांव भ्रमण करते हुए ही उन्होंने पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बिगड़े पंपों को तुरंत सुधारने, स्ट्रीट लाइटों को लगाने और बेरोजगारों को वैकल्पिक रोजगार देने आदि के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। गांव के स्कूल को बेहद जर्जर और मरम्मत योग्य न पाते हुए नए स्कूल भवन के निर्माण के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के आदेश भी उन्होंने अधिकारियों को दिए हैं।

अन्य समस्याओं को जानने के लिए उन्होंने ग्रामीणों के साथ एक चौपाल भी लगाई और उन पर आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।

उन्होंने ग्रामीणों से रोजगार चाहने वाले युवकों की सूची भी मांगी है और आश्वासन दिया है कि एसईसीएल उनके लिए वैकल्पिक रोजगार का प्रबंध तुरंत करेगा। माकपा ने एसईसीएल महाप्रबंधक की इस सकारात्मक पहलकदमी का स्वागत किया है। पार्षद राजकुमारी कंवर ने मड़वाढोढा गांव की समस्याओं को हल करने के लिए स्ट्रीट लाइट, तालाब गहरीकरण, सडक़ मरम्मत, मंच, पचरी निर्माण आदि कार्यों के लिए भी उन्हें ज्ञापन सौंपा।

एसईसीएल के ज्ञात इतिहास में यह पहला मौका है, जब किसी महाप्रबंधक ने किसी गांव का दौरा कर वहां की समस्याओं का जमीनी निरीक्षण किया हो। माकपा के आंदोलन और महाप्रबंधक के इस दौरे की आम जनता में चर्चा है और अन्य गांवों के भूविस्थापित ग्रामीणों को भी आशा बंधी है कि उनकी समस्याएं भी देर-सबेर हल होंगी।


23-Nov-2020 2:58 PM 36

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोरबा, 23 नवंबर। राजस्व मंत्री  जयसिंह अग्रवाल ने आज  राताखार से तुलसी नगर नया पुल गेरवाघाट तक सडक़ पर बोल्डर डामरीकरण कार्य का भूमिपूजन किया। महापौर राजकिशोर प्रसाद की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में राजस्व मंत्री ने कहा कि सडक़ के बन जाने से पुराने कोरबा से दर्री तक का सफर पांच किलोमीटर कम हो जाएगा। इससे लोगों को दर्री तक जाने में सहुलियत होगी।

राजस्व मंत्री ने कहा कि रोड के बन जाने से भारी वाहनों की आवाजाही भी शहर के भीतर कम हो जाएगी जिससे धूल उडऩे और दुर्घटनाओं जैसी अन्य समस्याओं से भी कोरबा वासियों को छुटकारा मिलेगा।  इस कार्यक्रम में एमआईसी सदस्य संतोष राठौर, श्रीमती सपना चौहान, पार्षद  रविसिंह चंदेल, धनसाय साहू, दिनेश सोनी, एल्डर मैन श्रीमती गीता गभेल, एस. मूर्ति,  बच्चु लाल मखवानी, पूर्व पार्षद रामगोपाल यादव सहित चेम्बर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष  राजेन्द्र अग्रवाल तथा  विकास सिंह भी मौजूद रहे। 


22-Nov-2020 3:37 PM 22

23 को पोड़ी एसडीएम को सौंपेंगे ज्ञापन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 22 नवंबर।
रजकम्मा से तानाखार तक प्रधानमंत्री सडक़ बनाने के लिए पोड़ी विकासखंड के दसियों गांवों के सैकड़ों किसानों की जमीन छीन ली गई है और सडक़ निर्माण के लिए इस जमीन पर खड़े हजारों पेड़ों को काट लिया गया है। इससे किसानों में काफी आक्रोश है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने बिना अधिग्रहण और मुआवजा के और किसानों की सहमति के बिना किये जा रहे इस सडक़ निर्माण को अवैध करार दिया है और इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।

माकपा के कोरबा जिला सचिव प्रशांत झा ने बताया कि प्रधानमंत्री सडक़ योजना के अंतर्गत बन रही यह सडक़ सगुना, पंडरीपानी, बिंझरा, सीपत, डोंगरतरई, बरतरई, अमलीभवना सहित कई गांवों से गुजरती है। लेकिन इस सडक़ निर्माण योजना की पूरी जानकारी न तो यहां के ग्रामीणों को है और न ही पंचायत व स्थानीय जन प्रतिनिधियों को ही है। इस सडक़ निर्माण की चपेट में सैकड़ों किसानों के खेत आ रहे है और अधिकांश किसान आदिवासी और गरीब हैं। इन किसानों की जमीन पर खड़े कई साल पुराने कीमती और फलदार वृक्षों को उनकी सहमति के बिना जबरन काट लिया गया है और खेत पाटे जा रहे हैं। 

माकपा नेता ने बताया कि इस सडक़ निर्माण से प्रभावित गांवों के किसानों के साथ बैठक हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेता प्रताप दास, जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू, मुरली संत, निर्मल दीवान, उमेद सिंह नामदेव, राकेश सिंह नामदेव, नेतराम, पांचू, रामकुमार सिन्द्रम, अमर सिंह ओड़े आदि उपस्थित थे। प्रभावित किसानों ने जानकारी दी है कि सडक़ निर्माण से पूर्व न तो उनकी कृषि जमीन का अधिग्रहण किया गया है और न ही कोई मुआवजा दिया गया है। इस सडक़ निर्माण के बारे में किसी जानकारी के अभाव में किसानों को यह भी नहीं मालूम कि किस किसान का कितना रकबा इस सडक़ निर्माण के लिए छीना जा रहा है। इससे इन गांवों के सभी किसान अपने भविष्य के प्रति आशंकित हैं।

माकपा नेता ने कहा कि बिना अधिग्रहण और मुआवजा के किसानों की जमीन नहीं छीनी जा सकती और न ही उनकी सहमति के बिना सडक़ का निर्माण किया जा सकता है। यह स्पष्ट रूप से पेसा कानून और पांचवी अनुसूची के प्रावधानों का उल्लंघन है। माकपा ने किसानों के मुआवजे का मामला हल होने तक इस सडक़ निर्माण पर तुरंत रोक लगाने और पेड़ काटकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।

किसान सभा नेता प्रताप दास, जवाहर कंवर, दीपक साहू और एकता परिषद के मुरली संत आदि ने बताया कि इस अवैध सडक़ निर्माण के खिलाफ 23 नवम्बर को पोड़ी एसडीएम को इस क्षेत्र के किसान सामूहिक ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और सडक़ निर्माण की अवैध कारगुजारी जारी रहती है, तो माकपा और किसान सभा ग्रामीणों को लामबंद कर आंदोलन करेगी।
 


20-Nov-2020 8:51 PM 23

  माकपा प्रतिनिधिमंडल ने जमीन पर बैठकर महाप्रबंधक से की बातचीत  

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोरबा, 20 नवंबर। घाटमुड़ा से विस्थापित और गंगागनगर में पुनर्वासित परिवारों की लंबित समस्याओं को लेकर पूर्व घोषणा के अनुसार माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में सैकड़ों भूविस्थापितों ने आज गंगानगर से पांच किमी. पदयात्रा करके एसईसीएल के गेवरा मुख्यालय का घेराव किया तथा कार्यालय के मुख्य दरवाजे को जाम करके धरना पर बैठ गए। महाप्रबंधक एस के मोहंती से सकारात्मक बातचीत के बाद ही यह धरना समाप्त हो सका। इस बीच अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यालय में आवाजाही रूकने के कारण दो घंटे तक कार्यलय का कामकाज ठप्प रहा।

लंबित रोजगार प्रकरणों के तत्काल निराकरण, भूविस्थापित परिवारों को विस्थापन का प्रमाणपत्र तथा काबिज भूमि का अधिकार पत्र देने, पुनर्वास ग्राम गंगागनगर में स्कूल, अस्पताल, बिजली, पानी, गौठान, मनोरंजन गृह, श्मशान घाट, पार्क जैसी बुनियादी मानवीय सुविधाएं उपलब्ध कराने, एसईसीएल के अस्पताल में उन्हें मुफ्त इलाज की सुविधा देने, एसईसीएल द्वारा गांव में की गई तोडफ़ोड़ का मुआवजा देने आदि मांगों पर आयोजित इस प्रदर्शन में गंगानगर के साथ ही आसपास के ग्रामीणों ने भी शिरकत की।

उल्लेखनीय है कि एसईसीएल की गेवरा परियोजना के लिए वर्ष 1980-81 में घाटमुड़ा के 75 परिवारों को विस्थापित किया गया था तथा 25 एकड़ के प्लॉट में गंगानगर ग्राम में उन्हें बसाया गया था। पिछले 40 सालों में इन विस्थापित परिवारों की संख्या और आबादी बढक़र दुगुनी से अधिक हो गई है। उक्त मांगों पर माकपा और छत्तीसगढ़ किसान सभा पिछले दो सालों से विस्थापित ग्रामीणों के पक्ष में आंदोलन कर रही है। इन आंदोलनों के दौरान कई बार ग्रामीणों की एसईसीएल प्रबंधन और प्रशासन के साथ वार्ताएं हुई, लेकिन आश्वासन के बावजूद निराकरण नहीं हुआ। दो माह पूर्व ही एसईसीएल द्वारा दी गई नोटिसों का सामूहिक दहन किया गया था और मुख्यालय घेराव के लिए पदयात्रा का आयोजन किया था, जिसे लॉक डाउन का हवाला देते हुए प्रशासन ने बीच में ही रोक दिया था।

मुख्यालय गेट पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक और झड़प हुई और प्रदर्शनकारी मुख्यालय परिसर में घुसने में कामयाब हो गए। वे कार्यालय के मुख्य द्वार को जाम करके धरना पर बैठ गए, जिसके कारण कार्यालय का पूरा कामकाज ठप्प हो गया। इन प्रदर्शनकारियों को सीआईएसएफ ने बलपूर्वक हटाने की भी कोशिश की, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसे सामान्य करने के लिए प्रबंधन को वहां से इन सुरक्षा बलों को हटाने के लिए बाध्य होना पड़ा। दो घंटे तक मुख्य द्वार जाम रहा और जबरदस्त नारेबाजी के साथ-साथ माकपा जिला सचिव प्रशांत झा, माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर, सुरती कुलदीप, किसान सभा के नेता प्रताप दास, जवाहर सिंह कंवर, नंदलाल कंवर, दीपक साहू, देवकुंवर, हुसैन अली तथा जनवादी महिला समिति की नेता धनबाई कुलदीप आदि ने संबोधित किया।

माकपा नेता प्रशांत झा और पार्षद राजकुमारी कंवर के नेतृत्व में 6 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने महाप्रबंधक से वार्ता की। एसईसीएल के आदिवासी विरोधी, किसान विरोधी रवैये के खिलाफ पूरे प्रतिनिधिमंडल ने जमीन पर बैठकर महाप्रबंधक और अधिकारियों से चर्चा की। ग्रामीणों की मांगों पर सकारात्मक आश्वासन देने के साथ ही महाप्रबंधक मोहंती ने 24 नवम्बर को गंगानगर ग्राम का दौरा करने और स्थानीय समस्याओं का जमीनी निरक्षण कर हल करने की घोषणा की है।

माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर ने कहा है कि अगर 10 दिनों के अंदर धरातल पर काम नहीं दिखेगा, तो इस आंदोलन के दूसरे चरण में 30 नवंबर को गेवरा खदान बंद करने का आंदोलन किया जाएगा।


18-Nov-2020 9:28 PM 20

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोरबा, 18 नवंबर। खरीफ वर्ष 2020-21 में धान-मक्का खरीदी के लिये जिले के किसानों का पंजीयन पूरा कर लिया गया है। इस खरीफ सीजन में जिले के 32 हजार 589 किसान 27 समितियों के माध्यम से अपना धान बेचेंगे।

 जिले में धान खरीदी के लिये कुल 32 हजार 589 किसानों का पंजीयन है। इस वर्ष नये पंजीकृत किसानों की संख्या पांच हजार 746 है। पिछले वर्ष 27 हजार 694 पंजीकृत किसानों द्वारा समितियों के माध्यम से धान बेचा गया था। धान खरीदी के लिये सभी पंजीकृत किसानों के धान के रकबे का खसरा सत्यापन की प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई है।

कलेक्टर किरण कौशल के निर्देशानुसार धान खरीदी केन्द्रो में भी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित की जा रही है। कलेक्टर ने अधिकारियों को धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी के पूर्व फड़, कम्प्यूटर, प्रिंटर, कांटा-बांट, जनरेटर, यूपीएस, नमी मापक यंत्र, डेऊनेज, केप कव्हर्स इत्यादि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जिले में मक्का खरीदी के लिये मक्का बेचने वाले किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई है। मक्का खरीदी जिले में 41 समितियों के माध्यम से की जाएगी। जिले में मक्का बेचने के लिये कुल दो हजार 686 पंजीकृत किसान हैं। इस वर्ष मक्का बेचने के लिये नया पंजीयन कराने वाले किसानों की संख्या कुल 595 है। मक्का खरीदी के लिये दो हजार 686 मक्का किसानों के 403 हेक्टेयर मक्के के रकबे का सत्यापन भी पूरा कर लिया गया है।

प्रदेश सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के लिये किसानों के पंजीयन की अवधि 17 नवंबर तक बढ़ानेे के बाद जिले में नये-पुराने मिलाकर 32 हजार 589 किसानों का पंजीयन किया गया है। इन पंजीकृत किसानों का धान के फसल का रकबा 48 हजार 113 हेक्टेयर है।

 जिले में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिये पांच हजार 746 नये किसानों ने सहकारी समितियों में अपना पंजीयन कराया है। पिछले वर्ष धान खरीदी के लिये जिले में 27 हजार 694 किसानों ने पंजीयन कराया था, जिनमें से इस वर्ष रकबा सत्यापन के बाद 851 किसानों का पंजीयन निरस्त हुआ है। पिछले वर्ष के पंजीयन अनुसार 26 हजार 843 किसानों के धान के रकबे के सत्यापन के बाद 42 हजार 274 हेक्टेयर रकबे की सोसायटी मॉड्युल में खसरा प्रविष्ट किया गया है। इसी प्रकार पांच हजार 746 नये पंजीकृत किसानों के पॉंच हजार 838 हेक्टेयर धान के रकबे की इंट्री सोसायटी मॉड्युल में हो चुकी है।

उल्लेखनीय है कि किसानों की सुविधा के लिये राज्य शासन ने धान खरीदी के लिये किसानों के पंजीयन की तिथि 17 नवंबर तक बढ़ाया था। धान एवं मक्का खरीदी के लिये जिन किसानों ने खरीफ वर्ष 2019-20 में पंजीयन करा लिया था, उन्हें नए पंजीयन की जरूरत नहीं पड़ी। पिछले सीजन में पंजीकृत किसानों की दर्ज भूमि, धान और मक्के के रकबे और खसरे को राजस्व विभाग द्वारा अद्यतन किया किया गया है। खरीफ वर्ष 2020-21 में किसान पंजीयन के लिए पिछले वर्ष 2019-20 में पंजीकृत किसानों का डाटा कैरी-फॉरवर्ड किया गया है।


18-Nov-2020 9:17 PM 21

  छह फिट की दूरी का पालन करना अनिवार्य, दर्शनार्थियों का छठ घाट जाना रहेगा मना  

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोरबा, 18 नवंबर। कलेक्टर किरण कौशल ने केवल पूजा करने वाले व्यक्ति को छठ घाट जाने की अनुमति प्रदान कर दी है। छठ पूजा करने जाने वाले व्यक्ति को कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा। कलेक्टर ने पूर्वांचल सर्व समाज विकास समिति कोरबा के निवेदन के आधार पर कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए केवल पूजा करने वाले व्यक्ति को पूजा स्थल में जाने की अनुमति प्रदान की है। कलेक्टर ने इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिये हैं।

कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशानुसार छठ घाट या पूजा स्थल पर जाने वाले व्यक्ति को शासन द्वारा जारी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। छठ घाट पर पूजा करने वाले व्यक्तियों को आगे पीछे, अगल-बगल में पर्याप्त फिजिकल डिस्टेंस सुनिश्चित करना होगा। छह फिट की दूरी सुनिश्चित करके छठ पूजा को सम्पन्न करने के निर्देश दिये गये हैं। पूजा स्थल में एंट्री-एक्जिट प्वाइंट और कॉमन एरिया में टच फ्री मोड में सेनेटाइजर रखना अनिवार्य होगा। पूजा स्थल में प्रवेश के समय प्रत्येक व्यक्ति का हाथ सेनेटाइजर से सेनेटाइज करने या धोने तथा थर्मल स्केनिंग किया जाना अनिवार्य होगा। कॉमन एरिया में छह फिट की दूरी के मार्कर बनाया जाना अनिवार्य होगा। प्रत्येक व्यक्ति के लिये मास्क पहनकर फिजिकल, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा।

कलेक्टर द्वारा जारी दिशा निर्देशानुसार खुले मैदान, तालाब, नदी में पूजा की गतिविधियों के संचालन करते समय दो व्यक्तियों के बीच छह फिट की दूरी होना आवश्यक होगा। छठ घाट या पूजा स्थल पर कोरोना के लक्षण रहित व्यक्तियों को ही भाग लेने की अनुमति होगी। सार्वजनिक पूजा स्थल या छठ घाट में कोरोना के लक्षण जैसे- सर्दी, खांसी, बुखार वाले लोगों का कार्यक्रम स्थल में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। छठ घाट, पूजा स्थल, सार्वजनिक स्थानों पर पान, गुटका खाकर एवं अन्यथा थुकना मना रहेगा। कार्यक्रम के आयोजक आगंतुकों द्वारा छोड़े गये मास्क, फेस कवर, दस्तानों को मेडिकल वेस्ट मानते हुए नियमानुसार उसका समुचित निपटान की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।

आयोजन स्थल पर कहीं भी प्रसाद वितरण, भोज-भण्डारा करने की अनुमति नहीं होगी। कंटेनमेंट जोन में किसी भी प्रकार की धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी। पूजा स्थल पर जाने के कारण किसी व्यक्ति का संक्रमित हो जाने पर ईलाज का सम्पूर्ण खर्च छठ पर्व आयोजकों, समितियों द्वारा किया जाएगा। शासन द्वारा समय-समय पर जारी कोविड-19 संबंधी प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा। शासन द्वारा जारी निर्देशों के उल्लंघन करने पर एपिडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकुल नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।


03-Nov-2020 6:37 PM 20

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 3 अक्टूबर।
थानेदार के घर में चोरी की घटना को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर 51 हजार 550 रूपए जप्त किए हैं। घटना में शामिल तीन अन्य सदस्यों की तलाश में कोरबा पुलिस मध्यप्रदेश के धार जिला गई हुई है।

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार उरगा थाना क्षेत्र में पदस्थ थानेदार एम एल पटेल का निवास बालकों के आवासीय परिसर में है। 27 अक्टूबर को थानेदार का पूरा परिवार अपनी गृह ग्राम गया हुआ था। 1 नवंबर को जब वापसी हुई तो पाया कि दरवाजे का ताला टूटा हुआ है और घर का सामान अस्त-व्यस्त है। चोरों ने अलमारी को तोडक़र गहने नगद वह दीवान में रखें सामानों को चोरी कर लिया। जिसकी  अनुमानित कीमत लगभग तीन लाख रुपए बताई गई हैं। 

पुलिस ने मामले में जुर्म दर्ज कर संदिग्धों की धरपकड़ बड़ी तेजी से शुरू की। इसमें पुलिस को सफलता भी मिली। रिसदी चौक से एक संदिग्ध युवक को पकडक़र थाना लाया गया। कड़ाई से जब पूछताछ की गई तो युवक ने चोरी की बात कबूल ली। आरोपी रमेश मेड़ा उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम गोडदलिया थाना टान्डा जिला धार मप्र, के कब्जे से चोरी की मशरूका 51 हजार 550 रूपये एवं ताला कुण्डी तोडऩे में प्रयुक्त लोहे का राड तथा अन्य सामाग्री निशादेही पर जप्त किया गया है। आरोपी से पूछताछ पर अपने तीन अन्य सदस्य के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया है जो घटना के बाद से फरार है। फरार आरोपियों की पता तलाश हेतु विशेष टीम गठित कर जिला धार मप्र रवाना किया गया है। 


30-Oct-2020 6:57 PM 19

कोरबा, 30 अक्टूबर। कोरबा जिले के सतरेंगा पर्यटन स्थल को देश के पर्यटन मानचित्र पर अब स्थाई जगह मिल जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्योत्सव के अवसर पर एक नवम्बर को सतरेंगा बोट क्लब एंड रिसॉर्ट का ई-लोकार्पण करेंगे। 

छत्तीसगढ़ राज्य पर्यटन मंडल और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस ई-लोकार्पण आयोजन में राजधानी रायपुर से वीडियो कांफें्रसिंग के माध्यम से गृह, जेल एवं पर्यटन मंत्री  ताम्रध्वज साहू, स्कूल शिक्षा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, पर्यटन विभाग के संसदीय सचिव  चिंतामणि महाराज शामिल होंगे। कार्यक्रम में कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना महंत, मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं कटघोरा के विधायक पुरूषोत्तम कंवर, रामपुर विधायक ननकी राम कंवर, पाली तानाखार विधानसभा क्षेत्र के विधायक  मोहित केरकेट्टा, जिपं अध्यक्ष शिवकला सिंह कंवर, जनपद पंचायत अध्यक्ष कोरबा हरेश कंवर एवं सरपंच ग्राम पंचायत सतरेंगा धनसिंह कंवर भी मौजूद रहेंगे।
 


28-Oct-2020 9:24 PM 20

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

कोरबा, 28 अक्टूबर। कोरबा जिले में कोरोना की जांच के लिये भेजे गये सैम्पलों में से लगभग 90 फीसदी सैम्पलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जिले से अब तक 84 हजार 763 सैम्पल कोरोना जांच के लिये रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ की जांच प्रयोगशालाओं में भेजे गये हैं। जिनमें से 76 हजार 126 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। अभी तक केवल आठ हजार 581 सैम्पल ही कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। आज की स्थिति में जिले से भेजे गये 56 सैम्पलों की जांच रिपोर्ट आना बाकी है, जबकि विभिन्न तकनीकी कारणों से 614 सैम्पल रिजेक्ट भी हुये हैं। जिले में प्रतिदिन लगभग एक हजार 300 से अधिक सैम्पल लेकर जांच की जा रही है या जांच के लिये प्रयोगशाला में भेजे जा रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार  अभी तक आरटीपीसीआर पद्धति से जांच के लिये जिले से कुल 33 हजार 779 सैम्पल प्रयोगशालाओं में भेजे जा चुके हैं। जिनमें से 92 प्रतिशत सैम्पलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। केवल दो हजार 597 सैम्पल कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। आरटीपीसीआर टेस्ट के लिये भेजे गये सैम्पलों में से अभी 056 की रिपोर्ट आनी बाकी है और अभी तक 436 सैम्पल विभिन्न तकनीकी कारणों से रिजेक्ट हुये हैं। जिले से अब तक 47 हजार 639 सैम्पलों की जांच रैपिड एंटीजन विधि से की जा चुकी है। 41 हजार 897 की जांच नेगेटिव और पांच हजार 742 सैम्पलों की जांच पॉजिटिव आई है। एंटीजन विधि में कुल किये गये टेस्ट में से केवल 12 प्रतिशत सैम्पल की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है तथा लगभग 88 प्रतिशत सैम्पल की रिपोर्ट निगेटिव है। ट्रु-नॉट पद्धति से जिला अस्पताल में अभी तक तीन हजार 345 सैम्पल जांचे गये हैं।

इनमें से तीन हजार 103 कोरोना नेगेटिव और केवल 242 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। ट्रु-नॉट विधि से केवल सात प्रतिशत सैम्पलों की कोरोना जांच पॉजिटिव आई है तथा लगभग 93 प्रतिशत सैम्पलों की कोरोना जांच नेगेटिव पाया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने आज यहां बताया कि सबसे अधिक कोरबा विकासखण्ड में 37 हजार 173 सैम्पलों की जांच की गयी है जिनमें से 32 हजार 340 नेगेटिव, चार हजार 562 पॉजिटिव मिले हैं। कोरबा विकासखण्ड से जांच के लिये भेजे गये 36 सैम्पलों की जांच रिपोर्ट आना बाकी है जबकि 235 सैम्पल तकनीकी कारणों से रिजेक्ट हुये हैं। इसी प्रकार कटघोरा विकासखण्ड से अभी तक 16 हजार 605 सैम्पल भेजे जा चुके हैं। कटघोरा विकासखण्ड के आठ हजार 14 हजार 171 सैम्पल नेगेटिव, दो हजार 282 सैम्पल पॉजिटिव आये हैं। तीन सैम्पलों की रिपोर्ट प्रतिक्षारत है और 149 सैम्पल तकनीकी कारण से रिजेक्ट हुये हैं। पाली विकासखण्ड से कोरोना जांच के लिये भेजे गये 11 हजार 839 सैम्पलों में से 640 पॉजिटिव, 11 हजार 125 नेगेटिव आये हैं। चार की रिपोर्ट आना बाकी है और तकनीकी कारणों से 70 सैम्पल रिजेक्ट हुये हैं। करतला विकासखण्ड से अभी तक कोरोना की जांच के लिये नौ हजार 800 सैम्पल भेजे जा चुके हैं। करतला विकासखण्ड के भेजे गये सैम्पलों में से जांच के बाद आठ हजार 953 की रिपोर्ट नेगेटिव आयी है। केवल 802 सैम्पल पॉजिटिव मिले हैं। तकनीकी कारणों से 38 सैम्पल रिजेक्ट हुये हैं जबकि सात सैम्पलों की रिपोर्ट आना बाकी है। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड से अभी तक नौ हजार 960 सैम्पल जांच के लिये भेजे गये हैं। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड से भेजे गये सैम्पलों में से नौ हजार 537 की रिपोर्ट नेगेटिव और 295 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। विकासखण्ड से भेजे गये 122 सैम्पल तकनीकी कारणों से रिजेक्ट हुये हैं तथा छह सैम्पलों की रिपोर्ट आना बाकी है।


28-Oct-2020 9:19 PM 22

कोरबा, 28 अक्टूबर।  कोरबा जिले में इलाज की बेहतर सुविधा, जांच की अच्छी व्यवस्था और मेडिकल सुविधाओं के साथ-साथ प्रशासन की सजगता से कोरोना संक्रमित मरीजों के स्वस्थ होने की औसत दर 76 प्रतिशत है।

जिले में अब तक आठ हजार 581 कोरोना संक्रमित मरीज रिपोर्ट हो चुके हैं जिनमें से दो हजार 894 ग्रामीण क्षेत्र से और पांच हजार 687 शहरी क्षेत्र के हैं। इनमें से इलाज के बाद छह हजार 524 कोरोना मरीज स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। अब तक जिले के 57 कोरोना संक्रमितों की मृत्यु हुई है जिनमें से अधिकांश जिले से बाहर के कोविड अस्पतालो में ईलाज के लिये भर्ती थे। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल के निर्देश पर कोरबा जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम और कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिये अन्य जिलों से बेहतर व्यवस्थाएं की गयी हैं।

                स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में बीते दिन की स्थिति में कोविड-19 के एक हजार 999 सक्रिय प्रकरण हैं, जिनका इलाज जिले के विशेष कोविड अस्पताल सहित स्याहीमुड़ी के कोविड केयर सेंटर, होम आईसोलेशन और निजी क्षेत्र के विशेष कोविड केयर सेंटरों में चल रहा है। अब तक मिले पॉजिटिव मरीजों और अस्पतालों में इलाज के बाद ठीक हुये मरीजों के हिसाब से करतला विकासखण्ड में रिकवरी रेट जिले में सबसे अधिक 88.15 प्रतिशत मिला है। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड में बीते दिन तक 295 कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान हुई है जिनमें से अभी तक इलाज के बाद 216 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं।

रिकवरी रेट के हिसाब से जिले में दूसरा स्थान कोरबा ग्रामीण क्षेत्र का है, जहां रिकवरी रेट 86.13 प्रतिशत है। कोरबा विकासखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में अभी तक 476 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं जिनमें से 410 ठीक हो गये हैं। करतला विकासखण्ड में 802 कुल कोरोना मरीजों में से 707 अब तक ठीक हो चुके हैं। कटघोरा विकासखण्ड में मिले दो हजार 282 कोरोना मरीजों में से अब तक एक हजार 627 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ हो गये हैं और कटघोरा विकासखण्ड मे रिकवरी रेट 71.29 प्रतिशत है।

जिले में सबसे कम रिकवरी रेट प्रतिशत के हिसाब से कटघोरा विकासखण्ड का है। विकासखण्ड पाली में कोरोना संक्रमितों का रिकवरी रेट 79.21 प्रतिशत है, जहां अब तक 640 कोरोना मरीजों में से 507 मरीज इलाज के बाद ठीक हुये हैं। कोरबा के शहरी क्षेत्रों में अब तक चार हजार 086 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान हुई है जिनमें से तीन हजार 057 मरीज इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं। विकासखण्ड पोड़ी-उपरोड़ा में 295 कोरोना मरीजों की पहचान हुई है, जिनमें से 216 मरीज ईलाज के बाद ठीक हो चुके हैं तथा रिकवरी रेट 73.22 प्रतिशत है।


27-Oct-2020 6:25 PM 23

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 27 अक्टूबर।
ट्रेलर वाहन की जब्ती के मामले में न्यायालय से सुपुर्दनामा पर प्राप्त करने के लिए वाहन मालिक की जगह उसके पुत्र को मालिक बनाकर खड़ा करने के मामले में मुख्य आरोपी अधिवक्ता को सोमवार की रात गिरफ्तार कर जेल दाखिल कराया गया है।  जबकि जूनियर और फर्जी मालिक फरार है जिनकी तलाश पुलिस कर रही है।

जानकारी के मुताबिक फरवरी माह में हरदीबाजार चौकी पुलिस के द्वारा सडक़ पर बेतरतीब तरीके से ट्रेलर वाहन क्रमांक सीजी -12 एफ-6148 को खड़ी करने पर धारा 283 भादवि का जुर्म दर्ज वाहन की जप्ती की गई थी। इस वाहन को सुपुर्दनामा आदि के संबंध में वाहन मालिक रामफल शर्मा के द्वारा अधिवक्ता राजेश राठौर निवासी टॉवर मोहल्ला पाली को नियुक्त किया गया। 

न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, पाली के समक्ष सुपुर्दनामा के लिए अधिवक्ता राजेश राठौर, जूनियर अधिवक्ता प्रियंका जायसवाल द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया गया। इस दौरान मूल वाहन स्वामी रामफल शर्मा के स्थान पर उसके पुत्र विकास वशिष्ठ को रामफल शर्मा बनाकर न्यायालय में उपस्थित कराया गया और छलपूर्वक सुपुर्दनामा आदेश पारित करा लिया। कार्यवाही के दौरान वाहन मालिक का आधार कार्ड, आईडी प्रूफ आदि में से कोई एक दस्तावेज पेश करने कहा गया जो तत्काल नहीं होने की बात कह लाकर जमा कराने का झांसा दिया गया। इसके बाद दस्तावेज नहीं सौंपे गए। 

इसके बाद न्यायालय ने प्रकरण के  जांच का निर्देश पाली थाना को दिया। पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि मूल वाहन स्वामी के स्थान पर उसके पुत्र को वाहन स्वामी बताकर छलपूर्वक सुपुर्दनामा पारित कराया गया। अधिवक्ता राजेश राठौर उसकी जूनियर अधिवक्ता प्रियंका जायसवाल एवं विकास वशिष्ठ के विरूद्ध धारा 419, 420, 468, 193, 120 बी व 34 भादवि के तहत जुर्म दर्ज कर आरोपी राजेश राठौर को गिरफ्तार कर जेल दाखिल करा दिया गया। पाली टीआई लीलाधर राठौर ने बताया कि प्रकरण के शेष 2 आरोपी फरार है जिनकी तलाश की जा रही है। 

बताया गया कि राजेश राठौर के विरूद्ध पूर्व में भी धारा 294 भादवि, 10 (3) एक्ट्रोसिटी एवं 67 आईटी एक्ट के अलावा धारा 186, 188, 269, 270 भादवि तथा महामारी अधिनियम 1987 की धारा 3 के तहत भी प्रकरण दर्ज है।
 


27-Oct-2020 1:50 PM 105

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 27 अक्टूबर।
ट्रेलर वाहन की जब्ती के मामले में न्यायालय से सुपुर्दनामा पर प्राप्त करने के लिए वाहन मालिक की जगह उसके पुत्र को मालिक बनाकर खड़ा करने के मामले में मुख्य आरोपी अधिवक्ता को सोमवार की रात गिरफ्तार कर जेल दाखिल कराया गया है।  जबकि जूनियर और फर्जी मालिक फरार है जिनकी तलाश पुलिस कर रही है।

जानकारी के मुताबिक फरवरी माह में हरदीबाजार चौकी पुलिस के द्वारा सडक़ पर बेतरतीब तरीके से ट्रेलर वाहन क्रमांक सीजी -12 एफ-6148 को खड़ी करने पर धारा 283 भादवि का जुर्म दर्ज वाहन की जप्ती की गई थी। इस वाहन को सुपुर्दनामा आदि के संबंध में वाहन मालिक रामफल शर्मा के द्वारा अधिवक्ता राजेश राठौर निवासी टॉवर मोहल्ला पाली को नियुक्त किया गया। 

न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, पाली के समक्ष सुपुर्दनामा के लिए अधिवक्ता राजेश राठौर, जूनियर अधिवक्ता प्रियंका जायसवाल द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया गया। इस दौरान मूल वाहन स्वामी रामफल शर्मा के स्थान पर उसके पुत्र विकास वशिष्ठ को रामफल शर्मा बनाकर न्यायालय में उपस्थित कराया गया और छलपूर्वक सुपुर्दनामा आदेश पारित करा लिया। कार्यवाही के दौरान वाहन मालिक का आधार कार्ड, आईडी प्रूफ आदि में से कोई एक दस्तावेज पेश करने कहा गया जो तत्काल नहीं होने की बात कह लाकर जमा कराने का झांसा दिया गया। इसके बाद दस्तावेज नहीं सौंपे गए। 

इसके बाद न्यायालय ने प्रकरण के  जांच का निर्देश पाली थाना को दिया। पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि मूल वाहन स्वामी के स्थान पर उसके पुत्र को वाहन स्वामी बताकर छलपूर्वक सुपुर्दनामा पारित कराया गया। अधिवक्ता राजेश राठौर उसकी जूनियर अधिवक्ता प्रियंका जायसवाल एवं विकास वशिष्ठ के विरूद्ध धारा 419, 420, 468, 193, 120 बी व 34 भादवि के तहत जुर्म दर्ज कर आरोपी राजेश राठौर को गिरफ्तार कर जेल दाखिल करा दिया गया। पाली टीआई लीलाधर राठौर ने बताया कि प्रकरण के शेष 2 आरोपी फरार है जिनकी तलाश की जा रही है।
 
बताया गया कि राजेश राठौर के विरूद्ध पूर्व में भी धारा 294 भादवि, 10 (3) एक्ट्रोसिटी एवं 67 आईटी एक्ट के अलावा धारा 186, 188, 269, 270 भादवि तथा महामारी अधिनियम 1987 की धारा 3 के तहत भी प्रकरण दर्ज है। 


24-Oct-2020 9:46 PM 28

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 24 अक्टूबर।
जिले में शनिवार को कोरोना के हॉटस्पॉट ढेलवाडीह में 39 व वन विभाग में 8 संक्रमित सहित 196 मरीज चिन्हित किए गए। 

बालको दर्री के विभिन्न बस्तियों कोरबा के बुधवारी, सिचाई कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर, मुड़ापार, पंप हाउस, नेहरू नगर, रामपुर कॉलोनी, सीएसईबी कॉलोनी, वन विभाग,  शारदा विहार, मानिकपुर, लक्मन बन तालाब, डीडीएम रोड, संजय नगर, 15 ब्लॉक, सुभाष ब्लॉक, पुरानी बस्ती, शिवजी नगर, मंदिर मोहल्ला, सर्वमंगला, सीतामढ़ी, राताखार, गांधी चौक, निहारिका, पोड़ीबाहर, काशीनगर, रिश्दी, रामसागर पारा, आरएसएस नगर, आर पी नगर आदि मोहल्लों में कोरोना रोगी पाए गए। 

इनके संपर्क में आने वालों लोगों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग जुटा रहा है। संक्रमितों को होम आइसोलेशन व कोविड अस्पताल भेजने की तैयारी की जा रही है।


24-Oct-2020 9:44 PM 94

45 दिन बाद खुलासा, गिरफ्तारी जारी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 24 अक्टूबर।
शिकार करने के लिए बिछाए गए करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। शिकारियों ने घटना को छुपाने के लिए युवक का शव जंगल में ही दफन कर दिया। 45 दिनों के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा कर गांव के ही तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की है। घटना में लगभग 15 आरोपियों के शामिल होने की बात सामने आ रही है।

मामला जिले के करतला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बेहरचूआ का है। आज से 45 दिन पूर्व बेहरचूआ निवासी आनंद राम रात के समय अपने गांव लौट रहा था। रास्ते में उसे जंगल के अंदर टॉर्च की रोशनी दिखाई दी।  इसके बाद वो रास्ता बदलकर जंगल के दूसरे रास्ते से अपने गांव की ओर जाने लगा। इसी दौरान गांव के शिकारियों के द्वारा जंगली सूअर का शिकार करने के लिए बिछाए गए करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से आनंदराम की मौके पर ही मौत हो गई। 

घटना की जानकारी जब शिकारियों को लगी तो उन्होंने इस मौत को छुपाने के लिए आनंद राम का शव जंगल में ही दफन कर दिया। आरोपियों ने आनंद राम के मोबाइल को निकाल कर तोड़ दिया। टूटे हुए मोबाइल को शव को दफन किए गए स्थान से बहुत दूर एक बोरवेल के अंदर डाल दिया।  आनंदराम जब अपने घर नहीं लौटा तब परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई।  

परिजनों ने पुलिस के समक्ष आनंद राम के हत्या की आशंका भी जताई थी। इस मामले की छानबीन पुलिस कर रही थी। जब सफलता नहीं मिली तो मामले को क्राइम ब्रांच को सौंपा गया। क्राइम ब्रांच ने कड़ी जोड़ते हुए आनंद राम की खोजबीन करते हुए आरोपियों तक पहुंच गई। 

पुलिस ने बताया कि गांव के कुछ लोगों द्वारा जंगली सूअर का शिकार करने के लिए करंट प्रवाहित तार को जंगल में बिछाया जाता है । इसी तार की चपेट में आकर करंट लगने से आनंदराम की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तहसीलदार की उपस्थिति में कब्र खोदकर शव को बाहर निकलवाया।  परिजनों ने शव की पहचान की, तत्पश्चात शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी हुई है।


23-Oct-2020 10:59 PM 28

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 23 अक्टूबर।
कोरबा जिले में आज विभिन्न क्षेत्रों सहित जिले से 234 नए संक्रमितों की पहचान हुई है। आज सर्वाधिक 95 मरीज ढेलवाडीह से दर्ज हुए हैं। 
करतला ब्लाक के बरपाली, गिधौरी, कोटमेर, चचिया, बिरतराई, मुकुंदपुर, फरसवानी, कोथारी, पचपेढ़ी, सरगबुंदिया, करतला, कनकी गुधीपारा, कटघोरा ब्लाक के आदर्श नगर कुसमुण्डा, श्यामनगर साडा कालोनी जमनीपाली, बांकीमोंगरा कुदरीपारा, गेवरा बस्ती, आदर्श नगर, बांकी, बनवारी साइड बांकी, डंगनियाखार बलगी, सुमेधा बस्ती, वैशाली नगर, पानी टंकी के पास बांकीमोंगरा, ग्राम कोराई, चाकाबुड़ा, शक्ति नगर, विजय नगर, ऊर्जा नगर, हरदीबाजार, कटघोरा, गेवरा, ढेलवाडीह, रामनगर स्याहीमुड़ी, घुड़देवा बांकीमोंगरा, कटघोरा नवागांव, कोरबा ब्लॉक के  पोड़ीबहार कोरबा, टीपीनगर कोरबा, मेन रोड कोरबा, बालकोनगर, आरएसएस नगर, ब्लूबर्ड पब्लिक स्कूल के पास निहारिका, सीएसईबी कालोनी पथर्रीपारा, रामनगर, मुड़ापार, सुभाष ब्लॉक, एसईसीएल मुड़ापार, एमपी नगर, रमेश गली सीतामणी, पुरानी बस्ती, पथर्रीपारा, इमलीडुग्गू, पंपहाउस, एसबीएस कालोनी, सीएसईबी कालोनी, ट्रांसपोर्ट नगर, ओमपुर कालोनी रजगामार, नेहरूनगर कोरबा, सुभाष ब्लाक, मानिकपुर,नर्बदा कोरबा, सिंधी मोहल्ला कोरबा, सेक्टर-5 बालको, कैलाश नगर बालको, बेलगरी नाला, नेहरू नगर बालको, परसाभाठा, हाउसिंग बोर्ड बालको, हाउसिंग बोर्ड आरपी नगर, मस्जिद मोहल्ला कांशीनगर, पाली ब्लॉक के गांधीनगर सिरकी, पटपरा, सद्भावना, बोइदा पाली, माखनपुर पाली, सैला, मादन, वार्ड 11, बरपाली, पोड़ीउपरोड़ा से मिलाकर जिले से कुल 234 संक्रमितों की पहचान हुई है। 

इन संक्रमितों को उनमे कोरोना संक्रमण के अनुसार होम आइसोलेशन में रखने अथवा कोविड अस्पताल में भर्ती कराने की तैयारी की जा रही हैं।


22-Oct-2020 10:17 PM 43

कलेक्टर ने मेडिकल स्टाफ को सराहा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 22 अक्टूबर।
कोरबा के विशेष कोविड अस्पताल मे 12 घंटे के अंतराल पर दो गर्भवती कोरोना संक्रमित महिलाओं का सुरक्षित प्रसव मेडिकल टीम ने कराया है। कोरोना की मरीज एक युवती ने विशेष कोविड अस्पताल की मेडिकल टीम के प्रयासों से स्वस्थ बालक को जन्म दिया तो दूसरी के घर स्वस्थ सुंदर बेटी आई है। जन्म लेते ही बच्चों की किलकारियों से पूरा कोविड अस्पताल गुंजायमान हो गया और उसमें इलाज करा रहे सभी कोरोना मरीजों के जीवन में आशा और जीवन के प्रति सकारात्मकता का भाव भर गया। 

कोविड अस्पताल में डॉ. प्रिन्स जैन के नेतृत्व में अस्पताल की मेडिकल टीम ने रवि शंकर शुक्ल निवासी कोरोना संक्रमित महिला का स्वस्थ प्रसव कराया। कोरोना से संक्रमित महिला को कल सुबह ही प्रसव पीड़ा के साथ अस्पताल में भर्ती किया  था। 

महिला की कोरोना जाँच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद से वह होम आईसोलेशन में रहकर अपना इलाज करा रही थी। परंतु कल सुबह प्रसव पीड़ा होने पर सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के अमले ने उसे सुरक्षित प्रसव के लिए कोविड अस्पताल में भर्ती किया था। महिला ने स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। इसी तरह कल शाम को ही एक अन्य कोरोना पीडि़त पौड़ी बहार रहवासी गर्भवती को कोविड अस्पताल में लाया गया था। महिला भी पहले से ही होम आईसोलेसन में रहकर कोरोना का इलाज करा रही थी।

कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने दोनों शिशुवती माताओं को बधाई दी और कोविड अस्पताल के पूरे मेडिकल स्टाफ की तारीफ कर हौसला बढ़ाया है। कलेक्टर ने कहा कि गर्भवती महिला के कोविड-19 संक्रमित होने के कारण सुरक्षित प्रसव कराना चुनौतीपूर्ण है, जिसे डॉक्टरों की टीम ने अच्छे ढंग से निभा रही है। कलेक्टर ने कहा कि जिले में बनाए गये कोविड अस्पताल में ईलाज कराने वाले मरीज लगातार ठीक हो रहे हैं। कोविड अस्पताल में कुशल डाक्टरों और नर्सों की मेडिकल टीम की ड्यूटी लगाई गई है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. बी.बी.बोर्डे ने बताया कि दोनों महिलाओं का ईलाज होम आइसोलेशन में रखकर किया जा रहा था। प्रसव पीड़ा शुरू होने पर कल सुबह और दूसरी शाम को ही ईएसआईसी कोरबा में भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉक्टर प्रिन्स जैन की देखरेख में डॉक्टर उषा धीरे, सुष्मिता परिदा, निर्मला कंवर और झूलकुंवर जगत की टीम ने दोनों का सफलतापूर्वक प्रसव कराया जिसके बाद दोनों जच्चा-बच्चा स्वस्थ्य हैं। नर्सों द्वारा जच्चा-बच्चा की लगातार देखभाल की जा रही है।
 
उल्लेखनीय है कि अभी तक कोविड अस्पताल में चार गर्भवती कोरोना पॉजिटिव महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया जा चुका है।


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