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05-Aug-2020 6:00 PM

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बैकुंठपुर, 5 अगस्त।
प्रदेश के उत्तरी छोर में स्थित कोरिया जिला कोयले की खान व प्राकृतिक घने जंगलों के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है वरन रामायण काल में भगवान राम का वनवास के दौरान वन गमन मार्ग के लिए भी जाना जाता है। अब सरकार इसे पर्यटन के रूप में विकसित कर रही है। परन्तु इस मार्ग पर पडऩे वाले भगवान राम सीता और लक्ष्मण से जुडे कई ऐसे स्थान है जिस पर सरकार की नजर नही पड़ी है। इनमें सोनहत के रावतसरई के जंगलों में पडऩे वाला सीता चूल्हा है वहीं सुरजपुर जिले मेें सीता लेखनी, लक्ष्मण पंजा के साथ कई ऐसे स्थान है जो उनके यहां से जाने की याद ताजा करते हैं। 

वन गमन के दौरान भगवान राम सीता व लक्ष्मण कोरिया जिले के भरतपुर जनपद अंतर्गत ग्राम हरचौका में प्रवेश किये इसके बाद भरतपुर जनपद क्षेत्र के जंगलों से होते हुए भगवान राम सीमा कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड में प्रवेश कर आगे गुजरते गये। सोनहत विकासखंड के घने जंगल के बीच में भी महत्वपूर्ण आस्था का केंद्र स्थित है जो सिर्फ पास के ग्रामीणों को ही पता है इसके अलावा सोनहत विकासखंड अन्य क्षेत्रों को महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल के बारे में अब तक किसी तरह की जानकारी नहीं है। ऐसे में जिले के अन्य क्षेत्रों के लोगों को इसकी जानकारी होने की उम्मीद नहीं की जा सकती हैं।  

जानकारी के अनुसार सोनहत विकासखंड अंतर्गत ग्राम रावतसरई जो कि कोरिया का सीमावती गांव है जिसके बाद सूरजपुर जिले की सीमा शुरू होती है। ग्राम रावतसरई की सीमा से निकलकर जब जंगलों में काफी अंदर में प्रवेश करते है तो रामायण काल में पत्थरों को तराशकर बनाये गये सीताचूल्हा आज भी स्थित है जो क्षेत्र के ग्रामीणों का महत्वपूर्ण आस्था का केंद्र है। समय समय पर क्ष़ेत्र के ग्रामीण पूजा अर्चना के लिए भी पहुंचते हैं। इस आस्था के केंद्र के बारे में ग्राम रावतसरई निवासी शिवमंगल सिंह उम्र लगभग 36 वर्ष ने बताया कि जब भगवान राम सीता वनवास पर निकले तो यहां भी पहुंचे और इसी चूल्हे में खाना पकाते थे जो आज पत्थर का हो गया है। जिस पर क्षेत्र के ग्रामीणों की विशेष आस्था आज भी बनी हुई है। 

जलस्रोत को कभी नहीं सूखता
सीता चूल्हा के पास में ही पत्थरों के बीच से शीतल जल निकलता है। ग्रामीण बताते हैं कि यही से सीता जी भोजन पकाने के लिए पानी ले जाती थीं। इस स्थल का पानी कभी भी नही सूखता है। जंगल में इसके कुछ दूरी पर जाने पर भतपहरी नामक ऊंचा पत्थर है। इस पत्थर के संबंध में ग्रामीणों की मान्यता है कि सीता जी द्वारा यहीं पर चावल रखे गए थे जो कालंातर में पत्थर बन गए हैं। भतपहरी से कुछ दूर आगे घने जंगलों में जाने पर दो गिद्ध जो कि अब पत्थर बन जाने की बात ग्रामीण बताते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उनके पूर्वजों के समय से सीता चूल्हा पूज्यनीय स्थल के रूप पूजा जाता है। 

सूरजपुर जिले में भी कई ऐतिहासिक प्रमाण 
वनवास के दौरान भगवान राम कोरिया जिले में लंबा समय बिताया। इसके बाद सोनहत विकासखंड के ग्राम पत्थरगवां के जंगलों से निकलने के बाद भगवान श्री राम सूरजपुर जिले की सीमा मे प्रवेश किये। सूरजपुर जिले में भी कई ऐसे प्रमाण है जिसके पीछे मान्यता है कि भगवान राम सीता इस क्षेत्र से समय बिताया और गुजरते गये। 

जानकारी के अनुसार राम सीता से जुड़े एक ऐसा ही प्रमाण सूरजपुर जिले में सीतालेखनी पहाड़ है। सीतालेखनी को प्रमाणित बताया जा रहा है जिसमें अभी और शोध किये जाने की जरूरत है। जानकारी के अनुसार सुरजपुर जिले के ओडगी विकासखंड मुख्यालय से करीब  35 किमी दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत जेहला के पहाड़ी को सीतालेखनी के नाम से जाना जाता है। क्षेत्रीय ग्रामीणों की पुरखों से चली आ रही मान्यता है जब भगवान श्रीराम इस क्षेत्र में वनवास के दौरान पहुंचे तब सीता जी ने क्ष्ेात्र की महिलाओं को पत्थरों पर लिखते हुए देखा जिसे वे समझ नहीं पायी थीं। इस दौरान भगवान राम ने सीता जी को अक्षर ज्ञान कराने के निर्देश लक्ष्मण को दिय। इसके बाद इसी क्षेत्र की पहाड़ी के पत्थरों पर लक्ष्मण ने सीता जी को अक्षर ज्ञान कराया जिसे आज क्षेत्रीय ग्रामीण सीता लेखनी के नाम से जानते है। इतना ही नहीं सूरजपुर जिले में रामायणकाल के रामगमन के ऐसे कई और प्रमाण भी मौजूद है जिनमें लक्ष्मण पंजा, जोगीमाड़ा, सारासोर, बिलदुरा, सीतापांव आदि  स्थित हैं जिनके संबंध में क्षेत्र के लोगों में आस्था बना हुआ है। 
 


04-Aug-2020 6:18 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बैकुंठपुर, 4 अगस्त। 
सोनहत के मनरेगा अफसर के रिश्तेदार के बाद एक राखी कारोबारी के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद बैकुंठपुर में प्रशासन ने 3 दिन का लॉक डाउन करने के आदेश दिए हैं, जिसमें सुबह 8 से 2 बजे तक दुकानें खुली रहेंगी। 

जानकारी के अनुसार रायपुर से सोनहत आए मनरेगा के पीओ के संपर्क में आए बैकुंठपुर के उसके एक रिश्तेदार से एक राखी कारोबारी के कोरोना संक्रमण होने के बाद शहर व क्षेत्र में संभावित संक्रमण को देखते हुए कलेक्टर ने नगर पालिका बैकुंठपुर क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया। दूसरी ओर सरगुजा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की पार्टी में भी एक संक्रमित ने भाग लिया, जिसके कारण बैंक के कर्मचारी भी सकते में हैं। उक्त संक्रमित व्यक्ति की ट्रैव्हल हिस्ट्री की जानकारी प्रशासन को अभी तक नहीं मिल पाई है। 

इधर, कलेक्टर ने 4 से 6 अगस्त तक कंटेनमेंट जोन घोषित कर सुबह 8 बजे से 2 बजे तक जरूरी दुकानें खुली रखने की छूट दी है। जिस पर आम आदमी के साथ व्यापारियों ने भी सवाल खड़े किए हैं। मंगलवार की सुबह से ही भारी संख्या में लोगों की आवाजाही शुरू हो गयी, जिसे लेकर आम लोग भी परेशान रहे, सोशल मीडिया में सवाल खड़े होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने मोर्चा संभाला, फिर दुकानों को बंद करवाया गया। 

संसदीय सचिव संपूर्ण  लॉकडाउन के पक्ष में 
संसदीय सचिव अंबिका सिंहदेव ने कहा कि जिला मुख्यालय में कुछ कोरोना पॉजिटिव केस आने के बाद यह पाया गया कि विगत दिनों सार्वजनिक स्थानों पर हुई भीड़-भाड़ और आवाजाही के कारण संक्रमण तेजी से बढऩा आशंकित था, जिस कारण से सम्पूर्ण जिला मुख्यालय को कंटेंनमेंट जोन घोषित किया गया है। कलेक्टर कोरिया से अनुरोध किया है कि स्थिति की समीक्षा कर पूर्ण लॉक डाउन करने के संबंध में शीघ्र उचित निर्णय लें, उन्होंने  समस्त नागरिकों से अपील की है कि पूर्ण लॉकडाउन के पहले दैनिक जीवन  के लिए अपनी आवश्यक व्यवस्था कर लें एवं सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएं ताकि लॉक डाउन के दौरान होने वाली असुविधाओं से बचा जा सके।

व्यापारियों में उहापोह 
कलेक्टर कोरिया द्वारा नगर पालिका क्षेत्र बैकुंठपुर को कंटेनमेंट जोन 4 अगस्त से 6 अगस्त तक के लिए कर दिया है। लेकिन अचानक जारी हुए आदेश के बारे में शहर के व्यापारियों को इसकी जानकारी ही सार्वजनिक सूचना के माध्यम से नहीं हुई। जबकि इसके लिए पूर्व सूचना जारी किया जाना था। तीन अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व रहा और इसी दिन की रात्रि में कंटेनमेंट जोन घोषित करने का आदेश जारी किया गया। जिसके चलते दूसरे दिन 4 अगस्त को शहर के अधिकांश छोटे बडे व्यवसासियों द्वारा अपनी प्रतिष्ठानें आम दिनों की तरह खोले रखा। दोपहर में इस दिशा में पुलिस प्रशासन के लोग खुले दुकानों को बंद कराने के लिए निकल पड़े।  

 


04-Aug-2020 6:16 PM

छत्तीसगढ़ संवाददाता
मनेन्द्रगढ़, 4 अगस्त।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के भूमिपूजन को लेकर देशभर में चहुंओर श्रीराम नाम की गूंज है, ऐसे में श्री राम मंदिर निर्माण को लेकर छत्तीसगढ़ में भी उत्साह है। प्रभु श्रीराम के कदम छत्तीसगढ़ में कोरिया जिले के रास्ते पड़े थे।

श्रीराम को 25 साल की उम्र में 14 वर्ष का वनवास हुआ था। वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, सीता और लक्ष्मण ने अपने 10 साल छत्तीसगढ़ में बिताए थे। इस जगह को वनवास के दौरान श्रीराम के छत्तीसगढ़ प्रवेश के रूप में माना जाता है। जब से सीतामढ़ी हरचौका के लोगों को यह जानकारी हुई कि अयोध्या में श्री राम लला के मंदिर निर्माण का भूमिपूजन हो रहा है तब से यहां हवन-पूजन और राम-नाम की गूंज सुनाई पड़ रही है। यहां के लोगों में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर भारी उत्साह है। 

14 वर्ष के वनवास के दौरान भगवान राम सबसे पहले छत्तीसगढ़ के कोरिया पहुंचे थे। सीतामढ़ी मंदिर भगवान श्री राम के वनवास के दौरान का है। प्रभु श्री राम, माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या से 14 वर्ष वनवास के लिए निकले तो पहले अयोध्या से चित्रकूट गए। चित्रकूट में समय बिताने के बाद वहां से आगे बढ़ते हुए सतना व सीधी जिला से होते हुए छत्तीसगढ़ के कोरिया जिला के भरतपुर विकासखण्ड के हरचोका पंचायत में मौजूद सीतामढ़ी में अपना चरण रखा। मवई नदी से होते हुए श्री राम, लक्ष्मण, सीता यहाँ आए हुए थे।

पूजी जाती है चरणपादुका
आज भी श्री राम जी के चरणपादुका यहां पर देखने को मिलते हैं। चरणपादुका की पूजा यहां आने वाले श्रद्धालु करते हैं। सच्चे मन से मांगी हुई सारी मनोकामना यहां पूरी होती है। इस मंदिर में 12 शिवलिंग बनाए गए हैं। बताया जाता है कि जब प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण अपना समय यहां बिताए तब यहां बने शिवलिंग की पूजा अर्चना करते थे। बताया जाता है की जब श्रीराम यहां पहुंचे थे तो भगवान विश्वकर्मा द्वारा यहां पर गुफा का निर्माण कर 12 शिवलिंग की स्थापना की गई थी।

श्रीराम ने किया था रात्रि विश्राम, माता सीता ने पकाया था भोजन
सीतामढ़ी हरचौका में भगवान श्रीराम ने रात्रि विश्राम किया था। तो इस मंदिर में सीता माता की रसोई भी देखने को मिलती है। लोग यहां आज भी सीता की रसोई देखने पहुंचते है। यहीं पर माता कालिका सातों बहनों के साथ में विराजमान हैं। चैत्र रामनवमी और नवरात्रि के समय यहां पर भव्य मेले का आयोजन भी किया जाता है। छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश और सीमावर्ती राज्यों के श्रद्धालु यहां पर पहुंचते हैं और पूजा अर्चना कर मन्नते मांगते हैं।

पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर सीतामढ़ी-हरचौका को पर्यटन के रूप में विकसित किए जाने की घोषणा की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार के प्रमुख सचिव आरपी मंडल भी सीतामढ़ी हरचौका का दौरा कर चुके हैं। कोरिया कलेक्टर एसएन राठौर ने क्षेत्र के विधायक गुलाब कमरो के साथ इस स्थान का दौरा कर प्रशासनिक टीम को जगह का निरीक्षण कर कार्ययोजना को शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस जगह को पुरातत्व विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है। शासन ने यहां पर मंदिर निर्माण कराने के लिए काम शुरू कर दिया है। यहां रोड, शौचालय, यात्री प्रतीक्षालय की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

विधायक भरतपुर-सोनहत गुलाब कमरो का कहना है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप सीतामढ़ी हरचौका को पर्यटन क्षेत्र के तौर पर विकसित करने का कार्य हो रहा है। मैंने खुद कई बार वहां का दौरा कर विकास कार्यों की जानकारी ली है। श्री राम वन गमन पथ हमारे क्षेत्र का गौरव बनेगा और हरचौका का विशेष नाम होगा। सरकार राम वन गमन पथ पर कार्य कर रही है। बहुत जल्द यह मूर्त रूप में आएगा।

कलेक्टर एसएन राठौर का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा श्रीराम वन पथ गमन मार्ग को विकसित करने की योजना बनाई गई है। जल्द ही सीतामढ़ी हरचौका पर्यटन और दर्शनीय क्षेत्र के तौर पर पहचाना जाएगा


04-Aug-2020 5:14 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बैकुंठपुर, 4 अगस्त।
पहुंचविहीन गांव होने के कारण एक बार फिर पंडो जनजाति के बीमार बुजुर्ग को चार ग्रामीणों ने खटिया पर लेटाकर मुख्य सडक़ तक लाया गया। उसके बाद उसे एंबुलेंस में खडग़वां सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया गया। 

जानकारी के अनुसार मंगलवार को कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ विधानसभा के ग्राम कटकोना के नेवारी बेहरा के एक बुजुर्ग की तबियत बिगड़ गयी, पंडो बाहुल्य इस गांव के लोगों ने सामाजिक कार्यकर्ता रामलाल साहू को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद बुजुर्ग को खाट पर लेटा कर लगभग 3 किमी चार ग्रामीणों ने उठा कर मुख्य मार्ग तक पहुंचाया, इधर, रामलाल ने सुबह 9 बजे एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद उसे मौके पर पहुंचने में 4 घंटे लग गए, हलांकि जब पैदल चलकर ग्रामीण मुख्य मार्ग तक पहुंचे तब तक एंबुलेंस पहुंच चुकी थी, तत्काल उसे खडग़वां के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।  
गौरतलब है कि एक माह पूर्व प्रसव के बाद महिला की तबियत बिगड़ी थी तो उसे इसी तरह खाट पर लाया गया था, मामला मीडिया की सुर्खियों में था और कलेक्टर मौके पर पहुंचे थे, जिसके बाद इस समस्या से निजात पाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए थे।
  
ज्ञात हो कि मनेन्द्रगढ़ विधानसभा का ग्राम पंचायत कटकोना का नेवारी बेहरा आजादी के बाद से पहुंचविहीन है, यहां के ग्रामीणों के लिए सडक़ नहीं होने से उन्हें आने जाने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि कोई बीमार पड़ गया तो उसे इसी तरह खाट में रखकर 3 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।


02-Aug-2020 10:27 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बैकुंठपुर, 2 अगस्त। प्रशासन द्वारा बीते दिनों मनेंद्रगढ़ विकासखंड अंतर्गत एक आदिवासी परिवार का मकान जेसीबी से गिराये जाने के मामले को लेकर गोंड़ रचनात्मक समाज कल्याण समिति के कोरिया जिला अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त हस्ताक्षरित एक शिकायत आवेदन कलेक्टर कोरिया को देकर न्याय की मांग की है।

अपने आवेदन में उक्त समाज के पदाधिकारियों द्वारा उल्लेख किया है कि जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत चैनपुर निवासी शिवलाल आ. बिहारी गोंड़ जो कि विगत  25 वर्षों से सरकारी भूमि पर काबिज होकर उस पर मकान का निर्माण कराकर निवास कर रहा था। इसी दौरान बीते दिनों तहसीलदार द्वारा खड़े होकर जेसीबी की सहायता से उक्त व्यक्ति के घर को तोड़ दिया गया।

आवेदन में कहा गया है कि ऐसा करने के पूर्व उसे किसी प्रकार का पूर्व नोटिस नहीं दिया गया था। वहीं आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह क्षेत्र 5वीं अनुसूची के अंतर्गत आता है। ऐसे में इस तरह की कार्रवाई करने के पूर्व ग्राम सभा में प्रस्ताव पास होना जरूरी है। इसके बाद ही कार्रवाई की जा सकती है लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया।

समाज के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को दिये अपने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि पीडि़त व्यक्ति  25 वर्षों से काबिज रहा, जिस कारण से उसे वनाधिकार के तहत पट्टा दिया जाना चाहिए था। ज्ञापन में पीडि़त व्यक्ति के काबिज अधिकार को रखते हुए वनाधिकार पट्टा दिये जाने का अनुरोध किया गया है। साथ ही इस तरह की प्रशासनिक कार्रवाई की पुनरावृत्ति न हो इस बात का भी प्रशासन को ध्यान दिये जाने के संबंध में सुझाव दिया गया है।

दूसरों को मना किया खुद का घर टूटा

इस मामले में पीडि़त ने अपने समाज के संगठन गोंड़ रचनात्मक समाज कल्याण समिति के पदाधिकारियों के नाम सौंपे अपने शिकायत में उल्लेख किया है कि उसके कब्जे की भूमि पर जहां मकान बना हुआ है। वहीं पास में ही उसके कब्जे की भूमि पर मई में लालपुर निवासी अज्जू कुमार रवि एवं चैनपुर निवासी चौरसिया द्वारा उसके मकान के पास ही मकान निर्माण करने की नीयत से मजदूर लेकर आये और नींव खुदाई कराना शुरू कर दिये जिस पर मेरे द्वारा मना किया गया। तब उन लोगों द्वारा बोला गया कि मकान नहीं बनवाने दोगे तो तुम्हारा मकान तोड़वा देंगे। इसके बाद जुलाई में मेरा मकान प्रशासन ने तोड़ दिया।


02-Aug-2020 10:05 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बैकुंठपुर, 2 अगस्त। भाई बहनों के पवित्र रिश्तों का पर्व रक्षा बंधन जिले भर में उल्लास के साथ मनाया जायेगा। वहीं कोरोना संक्रमण के दौरान इस बार कई भाई बहनों को भी इस पवित्र पर्व के अवसर पर निराश होना पड़ रहा है। वहीं इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते इस वर्ष राखियां भी पिछले वर्ष की  तुलना में महंगी हो गयी है। वही रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर भी दो दिनों पूर्व राखी की दुकानों में ग्राहकी उस तरह से नहीं दिखाई दे रहे जैसा कि पहले के वर्षों में रहता था। शहर में रक्षाबंधन पर्व को लेकर रंग बिरंगी राखी की दुकानें दर्जनों की संख्या में सज गयी हैं। दो दिन पूर्व राखी की दुकानों में चहल पहल नहीं थी। एक दिन पूर्व शहर में साप्ताहिक बाजार रविवार को राखी की दुकानों व कपड़ों की दुकानों में थेाड़ी चहल पहल दिखाई दी लेकिन पहले जैसी रौनक नहीं दिखाई दी।

आज 3 अगस्त को राखी की दुकानों पर भीड़ -भाड़ राखी दुकानों के साथ मिष्ठान की दुकानों में लगने की उम्मीद है। राखी व्यापारियों के अनुसार इस वर्ष राखियों की कीमत पिछले वर्ष के मुकाबले  25-30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। राखी व्यवसायी रमेश कुमार के अनुसार इस वर्ष राखियां महंगी हैं लेकिन त्यौहार के दो दिनों पहले तक ग्राहकी अच्छी नहीं रही। इस तरह कोरोना संक्रमण का असर इस बार राखियों पर पड़ा है। शहर में नगर पालिका कार्यालय परिसर मुख्य मार्ग के किनारे के साथ घड़ी चौक पर राखी की दुकानें सजी हुई हैं। जहां राखी के एक दिन पूर्व व राखी के दिन ही जमकर ग्राहकी होने की उम्मीद व्यापारी लगाये हुए हैं। वहीं मिष्ठान दुकान भी दुकानों के बाहर नहीं सजाये गये हैं।  उल्लेखनीय है कि रक्षा बंधन पर मिष्ठान की दुकानों में मिष्ठान खरीदी के लिए अच्छी खासी भीड़ उमड़ती थी, लेकिन इस बार स्थिति इसके उलट दिखाई दे रही है।

यात्री वाहन बंद, कई भाई बहन हो रहे मायूस

भाई बहनों के लिए रक्षाबंधन एक बड़ा पर्व है। इस दिन का भाई-बहनों को बेसब्री के साथ इंतजार रहता है। इस बार कोरोना संक्रमण के चलते सार्वजनिक यात्री गाडिय़ों के नहीं चलने का असर रक्षाबंधन पर्व पर भी साफ दिखाई पड़ रहा है। कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर से जिले के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा सूरजपुर अंबिकापुर मनेंद्रगढ़ बिलासपुर सहित कई क्षेत्रों के साथ अंतर्राज्यीय बस सेवा भी रहा, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते अभी सभी रूटों में बसों की आवाजाही बंद हो गयी है। वहीं स्थानीय बस स्टैंड में दिन भर ऑटों दौड़ते रहते थे, लेकिन कोरोना के कारण टैक्सी व टेम्पों सेवा भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में जिले के अंदर ऑटो टैक्सी बुक करके ही आना जाना कर सकते हैं। वहीं दूसरे जिले जाने के लिए अनुमति की आवश्यकता है इसके लिए भी स्वयं के वाहन या वाहन बुक करके ही आना जाना कर सकते हैं। इसके अलावा दूसरे प्रांत में जाने के लिए अनुमति के साथ क्वारंटीन होने का भी डर के कारण दूसरे राज्यों से ज्यादातर बहने अपने भाईयों तक पर्व के अवसर पर नहीं पहुंच रहे हैं। यही हाल एक जिले से दूसरे जिले या फिर जिले के अंदर के लिए भी बनी हुई है। इस तरह इस बार के रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर कई भाई बहन आपस में नही मिल पायेंगे।

इस बार डाक से भेजी जा रही राखियां

कोरोना संकट के इस दौरान में इस बार बहनों ने आने जाने में परेशानियों को देखते हुए डाक से ही अपने भाईयों को राखियां भेजना उचित समझ रहे है। यही कारण है कि इस वर्ष बीते वर्षों के मुकाबले डाक से अधिक संख्या में यहां-वहां राखियां भेजी जा रही हंै। स्थानीय डाक विभाग द्वारा एक माह पूर्व जुलाई में ही राखी स्पेशल डाक हेतु पीली पेटियां लगा रखी हैं जहां प्रतिदिन कई दिनों पूर्व से ही राखियां भेजी जा रही थी।


02-Aug-2020 10:03 PM

बैकुंठपुर, 2 अगस्त। सोनहत जनपद पंचायत कार्यालय के मनरेगा अधिकारी के गत दिवस पॉजिटिव आने के बाद जनपद पचंायत के दो अन्य कर्मी के साथ कुल 6 लोगों की जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव होने की पुष्टि होने के बाद जनपद कार्यालय सोनहत के साथ सोनहत वासियों में हड़कंप है।

स्वास्थ्य विभाग जितने भी संक्रमित लोग हंै उनके संपर्क में आने वाले लोगों की जांच में जुटा है। पॉजिटिव आये जनपद कर्मियों के संपर्क में कई ग्राम पंचायत के सचिव सरपंच रोजगार सहायक भी आये हंै, जिनके कारण संबंधित ग्राम पंचायत के कई लोगों को खतरा बढ़ गया है। फिलहाल जनपद सोनहत कार्यालय में कर्मियों के पॉजिटिव आने के बाद जनपद कार्यालय को सील कर दिया गया है और कर्मियों को संभावित संक्रमण को देखते हुए जनपद के कर्मियों को होम क्वारंटीन के निर्देश जनपद सीईओ ने दिये हैं।

ज्ञात हो कि जिले में सबसे ज्यादा खडग़वां जनपद अंतर्गत चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र. में पॉजिटिव केस सामने आये हैं इसके साथ ही बैकुण्ठपुर मनेंद्रगढ़ जनपद क्षेत्र में सामने आये। 


01-Aug-2020 10:30 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बैकुंठपुर, 01 अगस्त। खाद्य अधिकारी की टीम द्वारा शुक्रवार दोपहर को जिला मुख्यालय के होटलों में जांच की गयी। जानकारी के अनुसार दोपहर के समय खाद्य विभाग की टीम द्वारा नये व पुराने बस स्टैंड सहित अन्य क्षेत्रों के होटलों व गुमटियों में संचालित दुकानों में आवश्यक साफ सफाई के साथ भोज्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए दबिश देना शुरू किया। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क पर भी ध्यान दिया गया। टीम द्वारा जांच हेतु सेंपल भी लिये गये। लोगों की शिकायत रहती है कि हॉटलों में अंदर साफ सफाई पर ध्यान नहीं दिया जाता है इसे ध्यान में रखते हुए टीम द्वारा जांच की गयी। त्यौहारी सीजन में मिलावटी मिष्ठानों को रोकने की दिशा में खाद्य विभाग की टीम द्वारा जांच कर यह पता लगाने की कोशिश की गई है कि सब कुछ सही चल रहा है या नहीं। क्योंकि त्यौहार के सीजन में मिलावट होती है। जानकारी के अनुसार कई हॉटलों में साफ सफाई पर पूरा ध्यान नही दिया जाता गंदगी के बीच बनने वाले भोज्य पदार्थ सेहत के लिए नुकसान दायक हो सकता है।


01-Aug-2020 10:30 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बैकुंठपुर, 1 अगस्त। कोरिया जिले का सोनहत जनपद क्षेत्र अब तक कोरोना के ग्रीन जोन में था लेकिन कल रात जनपद पंचायत कार्यालय सोनहत में कार्यरत एक मनरेगा के अधिकारी के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद जनपद पंचायत कार्यालय सहित जनपद मुख्यालय सोनहत के लोगों में हड़कंप है। वहीं शनिवार की दोपहर उनके संपर्क में आए दो कर्मचारी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। इधर, कोविड अस्पताल से 4 मरीजों के ठीक होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया। अब भर्ती मरीजों की संख्या 29 हो गई है।

जानकारी के अनुसार सोनहत जनपद पंचायत कार्यालय में कार्यरत जिस मनरेगा अधिकारी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव निकली वे चार पांच दिन पहले रायपुर से लौटे थे, जिसके बाद उनकी जांच की गयी तो पॉजिटिव निकले। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संक्रमित मरीज को कोविड सेंटर में भर्ती कर दिया है, वहीं संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए दो लोगों को बैकुंठपुर जिला अस्पताल में टेस्ट किया गया जो पॉजिटिव आया जिसके बाद दोनों को कोविड ले जाने की तैयारी की जा रही है।

इधर, पॉजिटिव केस मिलने की खबर के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन ने पूरे अस्पताल को सेनेटाइज करवाया। उधर, सोनहत में निकले पॉजिटिव अधिकारी का किन किन लोगों के साथ संपर्क था जानकारी ली जा रही है। विभाग की एक टीम बड़े स्तर पर जांच में जुटी हुई है। जनपद पंचायत कार्यालय को सील करने की भी तैयारी  शुरू कर दी गयी थी। इस घटना के बाद सोनहत क्षेत्र में संपर्क में आये कई लोगों की जांच के साथ रेंडम जांच भी लोगों की जायेगी। अब तक कोरोना संक्रमण से सुरक्षित सोनहत जनपद क्षेत्र भी असुरक्षित हो गया है। इसे लेकर लोगों में भय है। वहीं अब कंटेनमेंट क्षेत्र भी बनाया जायेगा जिससे कि स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

जनपद के सभी कर्मियों की होगी जांच

सोनहत जनपद पंचायत कार्यालय में कार्यरत मनरेगा अधिकारी व कर्मी के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप है। जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत सोनहत कार्यालय में कार्यरत सभी कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट किये जाने की जानकारी मिली है। एक-एक कर्मी की जांच की जायेगी।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोरोना पॉजिटिव आये मनरेगा अधिकारी द्वारा सचिवों की बैठक लेने की भी जानकारी है। ऐसे में कई पंचायतों के सचिवों की भी जांच होगी। वहीं एसडीएम की बैठक में भी उक्त संक्रमित मनरेगा कर्मी के शामिल होने की जानकारी है। इसके अलावा जिला पंचायत कोरिया  में विभागीय कार्य से आने जाने की जानकारी ली जायेगी। इसके बाद जिला पंचायत कार्यालय के कर्मियों की भी जांच की जाएगी। 

संपर्क में आये दो अन्य पॉजिटिव

सोनहत जनपद के मनरेगा कर्मी का कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उनके संपर्क में आये दो लोग स्वयं अपना जांच कराने 1 अगस्त को जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन दोनों व्यक्तियों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आने की जानकारी मिली है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा तत्काल जिला चिकित्सालय को सेनिटाईज करना शुरू कर दिया तथा जिला अस्पताल में कई लोगों को सेनिटाईज किया गया।


01-Aug-2020 10:28 PM

बैकुंठपुर, 1 अगस्त। ट्रैक्टर से जंगल में वन भूमि के जोताई के मामले में क्षेत्र के रेंजर व संलिप्त कुछ लोगों के खिलाफ ग्रामीणों ने वन मण्डलाधिकारी को आवेदन देकर कार्रवाई नहीं किये जाने की जानकारी देते हुए मामले की जांच कर कार्रवाई किये जाने की मांग की है। जानकारी के अनुसार भरतपुर जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत बड़वाही अंतर्गत बीते दिनों जंगल में रात्रि के समय ट्रैक्टर को दोभर पाकड़ के जंगल में जाने की डिप्टी और मुंशी को सूचना दी गयी थी जिसके दूसरे दिन 9 बजे तक ट्रैक्टर पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गयी। शिकायत के अनुसार ट्रैक्टर क्रमांक एम पी 18 एए 3571 से जुलाई के अंतिम दिनों में क्षेत्र के जंगल की भूमि में जोताई कराया गया। आरोप है कि यह कार्य क्षेत्र के रेंजर के सहयोग से किया गया। शिकायत में बताया गया कि जोताने वालों ने कहा कि इसके लिए भारी रकम दिया गया है इसलिए वन भूमि को जोतवा रहा हूं। इस मामले में जांच कर कार्रवाई किये जाने की मांग की गयी है।


01-Aug-2020 10:27 PM

छत्तीसगढ़ संवाददाता

मनेन्द्रगढ़, 1 अगस्त। मुंशी प्रेमचंद का साहित्य अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन चुका है। उर्दू एवं हिंदी में समान रूप से लेखन करने वाले प्रेमचंद का जन्म दिवस आज जितनी गंभीरता के साथ भारत में मनाया जाता है, उतनी ही गंभीरता के साथ पाकिस्तान में भी उन्हें याद किया जाता है। प्रेमचंद को उर्दू के लेखक आज भी अपना मानते हैं। प्रेमचंद ने हमेशा समाज के शोषित वर्ग की वेदना को बहुत नजदीक से महसूस किया, जिसे शब्दों और लेखनी के माध्यम से कहानी का रूप दिया। उक्त बातें व्याख्याता सतीश उपाध्याय ने संबोधन साहित्य एवं कला विकास संस्थान मनेंद्रगढ़ द्वारा आयोजित ऑनलाइन संगोष्ठी में कही।

वर्तमान संदर्भ में प्रेमचंद का साहित्य विषय पर संबोधन साहित्य विभागाध्यक्ष नागेंद्र जायसवाल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्यकार गौरव अग्रवाल ने कहा कि मात्र 56 वर्ष के जीवन काल में सामाजिक जीवन की पीड़ा को कहानी और उपन्यास में व्यक्त कर उन्होंने मात्र समस्याओं से नहीं बल्कि समाधान के मार्ग को भी इंगित किया। यही प्रेमचंद के साहित्य की विशेषता रही है।

वरिष्ठ साहित्यकार वीरेंद्र श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए मुंशी प्रेमचंद के साहित्य की कर्म भूमि के संस्करणों को याद करते हुए कहा कि 31 जुलाई 2017 में संबोधन साहित्यकारों ने वाराणसी (लमही) जाकर उनके लेखन कर्म स्थल के आसपास के वातावरण को महसूस किया। ठाकुर का कुआं की कहानी का कुआं आज भी वहीं गांव में मौजूद है। अधिवक्ता कल्याण चंद केसरी ने प्रेमचंद जयंती पर उन्हें स्मरण करते हुए कहा कि मुंशी जी का लेखन तब भी समाज के बीच  जितना प्रासंगिक था उतना ही आज भी है।

 संस्था अध्यक्ष विनोद तिवारी ने कार्यक्रम के समापन के पूर्व अंचल के साहित्यकार टीएन दुबे के असामयिक निधन पर संबोधन संस्था सदस्यों एवं समस्त साहित्यकारों की ओर से शोक श्रद्धांजलि व्यक्त की गई। संगोष्ठी में साहित्यकार प्रमोद बंसल, संजय ताम्रकार, सांवलिया प्रसाद सोनी, अमर लाल सोनी, एसएस निगम, सतीश द्विवेदी, नरेंद्र श्रीवास्तव ने सहभागिता दी।


31-Jul-2020 11:07 PM

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बैकुंठपुर, 31 जुलाई। कोरिया जिले में 30 से 31 जुलाई की सुबह 11 बजे तक सर्वाधिक 19 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आये। कुछ प्रभावितों को कोविड-19 केयर सेंटर बैकुंठपुर में शिफ्ट कर दिय गया है जबकि कुछ को शिफ्ट किया जा रहा है। इस बीच 70 वर्षीय व्यक्ति की रायपुर में मौत के बाद उसका प्रशासन की उपस्थिति में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

कहां कितने मिले मरीज

कोरिया जिले में सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव की संख्या चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में मिले है, जहां कई इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। वहीं 30 जुलाई से आज 31 दिसंबर तक 11 बजे तक चिरमिरी में 5, मनेंद्रगढ में 8, बैकुंठपुर में 5 तथा चरचा कॉलरी में 1 कोरोना पाजिटिव मामले सामने आए है। जिसमें बचे 6 मरीजोंं को कोविड अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए मेडिकल स्टाफ लगे हुए हैै। जिले में अब तक करीब सवा सौ का आंकडा भी पार हो गया। गत 30 जुलाई तक जिले में कुल 122 केस सामने आ चुके थे। 30 जुलाई को मनेंद्रगढ़ उप जेल में  2 जेल प्रहरी के साथ पत्नी पुत्र पुत्री के साथ बंदी सहित 8 कोरोना संक्रमित पाये गये थे। जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमितों की संख्या को लेकर जिस क्षेत्र में संक्रमित मिल रहे है उन क्षेत्र में लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है इसके बावजूद कई लोग इसे गंभीरता से नही लेते। लगातार सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही है। वहीं पुलिस व नपा की टीम भी लगातार बिना मास्क पहनने वालों पर चालानी कार्रवाई कर रही है इसके बाद भी लापरवाही जारी है।

प्रशासन ने करवाया अंतिम संस्कार

बैकुंठपुर निवासी एक 70 वर्षीय व्यक्ति की रायपुर में मौत हो गई, आज सुबह उनका शव रायपुर से बैकुंठपुर पहुंचा, जहां नायब तहसीलदार भीष्म पटेल के साथ  डॉ अमरदीप जायसवाल, शिशिर जायसवाल, नपा के स्टाफ की मौजूदगी में मृतक का अंतिम संस्कार किया गया, शव के पास जाने वाले नपा के कर्मचारियों को पीपीई किट पहनाई गई थी, उनके परिजनों को शव से काफी दूर रखा गया था। इसके अलावा रायपुर से आई एम्बुलेंस के साथ आसपास के स्थान को सेनेटाइज भी किया गया। हालांकि परिजनों ने कहा कि उनकी हर रिपोर्ट कोरोना नेगेटिव ही आई है, परिजनों के अनुसार एक किडनी खराब होने को लेकर उनका लम्बे समय से इलाज जारी था और रायपुर में इलाज के दौरान ंहार्ट अटैक से मौत होना बताया जा रहा है।

5 में से 3 जनपद रेड जोन में

हाल में जारी जनपद क्षेत्रों के जोन निर्धारण में लगातार कोरिया जिले के पांच जनपद क्षेत्रों में से  3 जनपद क्षेत्र रेड जोन पर बने हुए है। जानकारी के अनुसार हाल में इस संबंध में जारी सूची के अनुसार कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ बैकुण्ठपुर व खडग़वां जनपद पंचायत क्षेत्र  लगातार रेड जोन में बने हुए हैं। वही भरतपुर व सोनहत जनपद क्षेत्र ग्रीन जोन में रखे गये है। सबसे सबसे ज्यादा मनेंद्रगढ, खडग़वां व बैकुण्ठपुर जनपद क्षेत्र में ही कोरोना संक्रमित ज्यादा पाये जा रहे हैं।   

कोरोना संक्रमण से सोनहत सेफ

कोरोना संक्रमण के मामने में जिले के सबसे सुरक्षित जनपद पंचायतों में से सोनहत जनपद पंचायत पूरी तरह से सेफ बना हआ है। यही कारण है कि जिले का सोनहत जनपद पंचायत लगातार ग्रीन जोन में अब तक बना हुआ है। ज्ञात हो कि इस जनपद क्षेत्र से अब तक केवल एक कोरोना संक्रमित पाया गया था जो बरबसपुर क्वारंटीन सेंटर से मिला था। इसके इलावा दुूबारा सोनहत जनपद क्षेत्र में दूसरा कोई मामला अब तक नही सामने आया हैं।

ज्ञात हो कि सोनहत जनपद क्षेत्र में 140 ग्राम आते है। सोनहत जनपद मुख्यालय में शनिवार को व्यापारिक प्रतिष्ठानें पूरी तरह से बंद रहती है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी कोराना को लेकर अधिक सजग है।


31-Jul-2020 11:04 PM

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बैकुंठपुर, 31 जुलाई। कोरिया जिले के खडग़वां जनपद पचंायत क्षेत्र के एक गांव में डबरी निर्माण कार्य में फर्जीवाड़ा करने की शिकायत की गयी थी जिस पर जांच में शिकायत भी सही पायी गयी। लेकिन इसी बीच मजदूरों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करा दिया गया। इस मामले को लेकर गांव के मजदूरों ने कलेक्टर कोरिया को आवेदन देकर ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक को सेवा से पृथक करने के साथ सरपंच उप सरपंच व संलिप्त पंचों के विरूद्ध तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

गांव में निर्माण कार्य में फर्जीवाड़ा को लेकर खडग़वां जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम कदमबहरा  के समस्त मजदूरों ने कलेक्टर कोरिया  को दिये अपने शिकायत में उल्लेख किया है कि गांव में डबरी निर्माण कार्य में जमकर फर्जीवाड़ा किया गया। फर्जी तरीके से मस्टर रोल भरकर  राशि आहरण कर लिया गया।

शिकायत में उल्लेख किया गया है कि हितग्राही श्रीराम पिता होलसाय, प्रेम सिंह पिता कुबेर साय के नाम से पिछले सत्र में का स्वीकृत हुआ था जिसमें बिना कार्य के फर्जी मस्टर रोल भरकर सरपंच, रोजगार सहायक, उप सरपंच और दो पंच ने मिलकर निर्माण कार्य का पैसा आहरण कर लिया गया। जिसकी शिकायत समस्त मजदूरों द्वारा जनपद पंचायत के सीईओं से की गयी थी। जिस पर अपने बचाव के लिए उक्त आरोपियों ने मजदूर इंद्र कुमार, कृष्णा कुमार, मोती सिंह, राकेश, भान सिंह, रविन्द्र कुमार, उदय मुकेश, चलित्तर, गोविंद सिंह पर गलती व झुठा एफआईआर खडग़वां थाने में दर्ज करवा दिया गया है।

शिकायत में उल्लेख किया गया है कि फर्जी तरीके से राशि आहरण करने की पूर्व में की गयी शिकायत की जांच की गयी इस दौरान एक ही डबरी का निरीक्षण किया गया हितग्राही श्रीराम पिता होलसाय का जांच में डबरी कार्य फर्जी पाया गया इसके बाद भी आरोपी सरपंच रोजगार सहायक उप सरपंच व दो पंचों के विरूद्ध किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की गयी। मजदूरों ने कलेक्टर को दिये शिकायत में मांग की है कि उल्लेखित मजदूरों एवं हितग्राहियों के समक्ष  निर्माण कार्य की जांच की जाकर रोजगार सहायक को हटाया जाये तथा गडबडी करने वाले सरपंच, उप सरपंच व दो पंचों के विरूद्ध कार्रवाई  की जाये।


31-Jul-2020 10:58 PM

बैकुंठपुर, 31 जुलाई। नगरीय प्रशासन व विकास विभाग के उप सचिव द्वारा 30 जुलाई को नगर पालिकाओं के आम निर्वाचन के संबंध में वार्डों के परिसीमन को लेकर आदेश जारी किया गया है जिनमें कोरिया जिला मुख्यालय का नगर पलिका बैकुंठपुर भी शामिल है।

आम निर्वाचन के पूर्व वर्ष 2011 की जनगणना के आंकडों के आधार पर वार्डों के परिसीमन की कार्रवाई की गयी थी। जिसके आधार पर परिसीमन की कार्यवाही पूर्ण करने के आदेश दिये गये है यदि परीक्षण उपरांत वार्डो के परिसीमन की आवश्यकता नहीं प्रतीत होती है तो इस आशय का प्रमाण पत्र एक सप्ताह में देने के निर्देश दिये गये हैं। जारी आदेश के अनुसार नगर पालिका के आम निर्वाचन हेतु वार्डों का विस्तार नियम 1994 के नियम 8 के तहत सीमा निर्धारण संबंधी प्रस्ताव तैयार कर नागरिकों से प्राप्त आपत्ति एवं सुझाव पर अपना अभिमत सहत संपूर्ण प्रस्ताव 22 अगस्त तक सं.चालनालय भेजने के निर्देश दिये है। इस तरह पूर्व यह यह निर्र्देश आया था कि कोरिया जिले के नगर पालिका बैकुंठपुर व शिवपुर चरचा में वर्ष  20120 में आम चुनाव नही होंगे इसी बीच नगर पालिका बैकुंठपुर का परिसीमन की कार्यवाही  22 अगस्त तक करने के निर्देश दिये गये ताकि 2020 में नगर पालिका का आम निर्वाचन संपन्न किया जाये।

 पिछली सरकार द्वारा नगर पंचायत बैकुण्ठपुर में नगरीय निकाय के सीमावर्ती ग्राम पंचायत के गांवों को जोड़ कर वार्डों की बढ़ोतरी कर नगर पालिका का दर्जा दिया गया था जिसके बाद नये जुड़े वार्डों के लोगों द्वारा शहरी क्षेत्र में जुडऩे का विरोध किया जाने लगा।

आखिरकर कुछ माह पूर्व इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया और नगरीय निकाय बैकुण्ठपुर में जुडे ग्राम पंचायतों नगरीय निकाय से अलग कर ग्राम पंचायतें बना दी गयी। और इसके लिए वर्क कोड भी जारी कर दिया गया। 


31-Jul-2020 10:58 PM

छत्तीसगढ़ संवाददाता

मनेन्द्रगढ़, 31 जुलाई। सरगुजा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष व भरतपुर-सोनहत विधायक गुलाब कमरो जटाशंकर धाम स्थित भोलेनाथ के दरबार पर पहुंचे, जहां उन्होंने प्राकृतिक गुफा में घुटनों के बल चलकर 52 हाथ अंदर स्थित शिवलिंग पर जल चढ़ाया और जटाशंकर धाम  में विधिवत पूजा अर्चना कर भोले बाबा से प्रदेश व क्षेत्र में सुख-समृद्धि प्रगति खुशहाली व अमन चैन हेतु कामना की।

विधायक ने जटा शंकर धाम का निरीक्षण कर यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की बेहतर सुविधा हेतु कई विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने जटाशंकर धाम चपलीपानी में हाई मास्ट लाइट, शेड निर्माण,  हैंडपंप, धाम में फर्श निर्माण के साथ 12 किलोमीटर सड़क निर्माण हेतु प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से सर्वे का निर्देश एवं विकास प्राधिकरण से प्रवेश द्वार निर्माण कराए जाने की

घोषणा की। इस दौरान सभी विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे जिन्हें जल्द प्राक्कलन तैयार कर कार्य करने हेतु निर्देशित किया।  इस अवसर पर नपा उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी तिवारी, जनपद अध्यक्ष विनय शंकर सिंह, उपाध्यक्ष राजेश साहू, राम नरेश पटेल, विधायक जिला प्रतिनिधि रंजीत सिंह, भरतपुर सोनहत प्रतिनिधि राजन पाण्डेय, जनपद सोनहत प्रतिनिधि अविनाश पाठक, लव प्रताप, प्रदीप साहू, सूर्य प्रकाश, ब्लॉक कांग्रेस उपाध्यक्ष सुरेश सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


31-Jul-2020 10:57 PM

छत्तीसगढ़ संवाददाता

मनेन्द्रगढ़, 31 जुलाई। सविप्रा उपाध्यक्ष विधायक गुलाब कमरो ने ग्राम पंचायत चिरईपानी, मुक्तियारपारा, सरभोका व नागपुर में 11-11 लाख की राशि से बनने वाले ठोस एवं तरल अवशिष्ठ प्रबंधन एवं ग्राम पंचायत सोनवर्षा में 20 लाख की लागत से बनने वाले नवीन ग्राम पंचायत भवन व सह उचित मूल्य दुकान निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

उल्लेखनीय है कि विभिन्न ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की लगातार स्वीकृति से रोजगार के अवसर निरंतर पैदा हो रहे हैं वहीं ग्रामीणों को लगातार रोजगार मिल रहा है। विधायक गुलाब कमरो के साथ भूमिपूजन कार्यक्रम में जिला पंचायत सभापति उषा सिंह, जनपद उपाध्यक्ष राजेश साहू, नपा उपाध्यक्ष कृष्णमुरारी तिवारी, जिला महामंत्री राम नरेश पटेल, जनपद सदस्य आरती, वृजमोहन साहू, अजय सिंह, मानमती, उपेंद्र सिंह, तेज कुमारी, जगन्नाथ, राजेश सिंह, नगीना साहू, चंद्रिका यादव, राजेश यादव, उत्तम सिंह, मुत्तबर अली सिद्दीकी, लेखनदास, कृष्ण प्रताप, भगवान सिंह, कृष्णा राय, सरोज जायसवाल, लक्ष्मी नारायण, शरदचन्द्र जायसवाल, प्रेमशंकर आदि उपस्थित रहे।


30-Jul-2020 8:58 PM

सब्जी कारोबारियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बैकुंठपुर, 30 जुलाई।
शहर के सब्जी व्यापारियों ने कलेक्टर कोरिया को आवेदन देकर बार बार साप्ताहिक सब्जी बाजार का स्थल न बदलने की मांग करते हुए स्थाई रूप से सब्जी मंडी स्थल बाजार पारा क्षेत्र में ही साप्ताहिक बाजार लगाये जाने हेतु अनुमति दिये जाने की मांग की। 

इस संबंध में दर्जनों सब्जी विक्रेताओं ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन कलेक्टर को देकर बाजारपारा स्थित सब्जी मण्डी स्थल पर ही साप्ताहिक बाजार लगाये जाने की मांग की गई है। अपने आवेदन के संबंध में सब्जी व्यापारियों ने बताया कि बाजारपारा स्थित सब्जी मंडी के पास पर्याप्त जगह है जिस कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती है। व्यापारियों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने में प्रशासन का भी सहयोग करने की बात का उल्लेख किया है। 

व्यापारियों का कहना  कि प्रशासन द्वारा साप्ताहिक सब्जी मार्केट शहर के रामानुज मिनी स्टेडियम में लगाये जाने के निर्देश के बाद सब्जी व्यापारियों की परेशानियां बढ़ जाती है। व्यापारियों को साप्ताहिक बाजार दिवस रामानुज मिनी स्टेडियम में अपनी दुकान लगाने हेतु सामान ले जाने में परेशानी होती है साथ ही उक्त स्थल पर सुविधा का भी अभाव है जिसका भी सामना व्यापारियों को करना पड़ता है। व्यापारियों ने बताया कि रामानुज मिनी स्टेडियम में साप्ताहिक सब्जी बाजार लगाने के लिए शेड नहीं है। बरसात में सब्जिया भींग जाती हैं जिससे कि सब्जियां खराब हो जाती है। जिसे ध्यान में रखते हुए शहर में साप्ताहिक सब्जी बाजार को यथावत पूर्व के स्थाई स्थल पर ही लगाये जाने हेतु आदेश दिये जाने की मांग की है।

बाजार स्थल बदलने की मांग नहीं बदली
कोरोना संक्रमण के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने को लेकर प्रशासन द्वारा शहर में सप्ताह में दो दिन लगने वाले साप्ताहिक बाजार स्थल का स्थल परिवर्तन पूर्व में किया गया था जिसके बाद अनलॉक की प्रकिया शुरू होने के बाद स्थाई सब्जी बाजार स्थल पर ही कुछ सप्ताह तक साप्ताहिक बाजार लगने लगा। इसी बीच संक्रमण के प्रभाव को देखते हुए प्रशासन द्वारा पुन: शहर के साप्ताहिक सब्जी बाजार स्थाई स्थल से बदल कर रामानुज मिनी स्टेडियम कर दिया गया। 30 जुलाई को सुबह से व्यापारी साप्ताहिक सब्जी बाजार बैठकी के लिए रामानुज मिनी स्टेडियम पहुंचना शुरू कर दिये। इसके पूर्व भी यहां पर कोरोना संक्रमण को देखते हुए साप्ताहिक बाजार बैठक करने का आदेश दिया गया था। 

कभी यहां कभी वहां से परेशान व्यापारी 
साप्ताहिक बाजार बैठकी को लेकर बार बार स्थान बदलने को लेकर व्यापारियों में नाराजगी है। व्यापारियों के अनुसार उनके लिए बाजारपारा स्थित सब्जी मंडी स्थल पर सुविधाएं हैं और व्यापारियों को परेशान नहीं होना पड़ता है इसे लेकर प्रशासन को आवेदन भी दिया जा चुका है इसके बावजूद व्यापारियों को साप्ताहिक बाजार बैठकी हेतु कभी रामानुज मिनी स्टेडियम तो कभी प्रेमाबाग मंदिर परिसार में दुकान लगाने के लिए निर्देश मिलते रहे। कुछ दिनों तक साप्ताहिक सब्जी बाजार प्रेमाबाग मंदिर परिसर में लगती रही  अब  उस स्थल से पुन: रामानुज मिनी स्टेडियम में साप्ताहिक बाजार लगाने के निर्देश दिये गये है। बीते दिनों साप्ताहिक बाजार लगाने हेतु नपा द्वारा रामानुज मिनी स्टेडियम में साप्ताहिक सब्जी मार्केट लगाने हेतु मुनादी की गयी और बाद में पता चला कि  एसडीएम द्वारा ली गयी बैठक में प्रेमाबाग मंदिर परिसर में साप्ताहिक बाजार लगायी जायेगी लेकिन इसके बाद फिर से अब रामानुज मिनी स्टेडियम में साप्ताहिक सब्जी बाजार लगाने के निर्देश मिले। इस तरह बार बार कभी यहां कभी वहां जाने के निर्देश के कारण व्यापारी परेशान हो रहे हैं।


30-Jul-2020 7:47 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बैकुंठपुर, 30 जुलाई। प्रकृति की गोद में बसे कोरिया जिले में कई प्राकृतिक नजारे देखने को मिल जाते हैं जो दो पल के लिए लोगों को सुकून देते हैं। जिले में स्थित गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान जिसे टाइगर रिजर्व भी घोषित किया जा चुका है, यहां की प्राकृतिक छटा देखते ही बनती है, यहां से निकलने वाले झरने और हरियाली से अच्छादित जंगल हर किसी का मन मोह लेते हैं।

कोरिया जिले में स्थित गुरूघासीदास नेशनल पार्क क्षेत्रफल की दृष्टि से प्रदेश का सबसे बड़ा नेशनल पार्क है। जहां कई किमी लंबी दूरी तक घने जंगल व बड़े-बड़े पहाड़ हैं। जो कई तरह के प्राकृतिक नजारे समेटे हुए है, कुछ ऐसे हैं जो आम लोगों के पहुंच के बाहर हैं। यही कारण है कि ऐसे कई प्राकृतिक नजारों का कई लोग अभी तक दीदार नहीं कर पाये हैं। ऐसे ही एक मनमोहक प्राकृतिक नजारा हसदेव नदी के उद्गम पर देखने को मिला।

कोरिया जिले में स्थित गुरू घासीदास नेशनल पार्क पहुंचने के लिए सोनहत जनपद मुख्यालय से नेशनल पार्क के मुख्य मार्ग से कुछ ही दूरी से घने जंगलों व पहाड़ों के बीच से कुछ दूर अंदर प्रवेश करते ही नेशनल पार्क की हरियाली मन मोह लेती है। उबड़-खाबड़ व पथरीले रास्तों के बीच कठिनाई से आगे बढ़ते हुए नेशनल पार्क क्षेत्र में एक ऐसी जगह मिली जहां दो-तीन प्राकृतिक झरनों की कल-कल शांति प्रकृति में शोर मचा रही थी, जो मन को लुभाने के साथ ही आनंदित भी कर रहा था।

इस स्थल पर दो तीन छोटे किन्तु सुन्दर झरनों को देखा जा सकता है जो अपनी ओर लोगों को आकर्षित करती है। पास ही एक विशाल पत्थरों के बीच में एक गुफा है जो आर पार है। गुफा में प्रवेश करने के पूर्व दूर से गुफा के द्वारा पर कुछ पत्थर फेंके गए जो यह तसल्ली करने के लिए थे कि कहीं टाईगर या भालू तो गुफा के अंदर नहीं है। जब यह यकीन हो गया कि यहां कुछ भी नहीं है तब गुफा के पार हुए जिसके बाद एक सुन्दर झरना कल कल करता बहता मिला।

 जिसकी छटा घने जंगलों की बीच प्रकृति के नजारे को और भी खूबसूरत बना रही थी। इसके अलावा पास ही दो अन्य छोटे झरने भी बहते दिखाई दिये जो चट्टानों के सीना को चीरते हुए उंचाई से नीचे गिर रहे थे जिसका नजारा मन को मोहित कर रहा था। इसके चारों ओर हरियाली छायी थी यहां तक की पत्थरों जमी काई भी खूबसूरत दिखाई दे रही थी।

गौरतलब है कि जिले में अभी भी कई ऐसे प्राकृतिक नजारे हंै जो ज्यादातर लोगों के पहुंच के बाहर हंै उनके बारे में स्थानीय लोगों के अलावा दूसरे लोगों को इसकी कोई जानकारी नहीं है लेकिन जिले में स्थित गुरूघासीदास नेशनल पार्क क्षेत्र में तो कई ऐसे प्राकृतिक नजारे हैं जिनके बारे में सिर्फ पार्क क्षेत्र में तैनात वन कर्मियों को ही मालूम है।

पहुंचना कठिन, पर मिलता है सकून

गुरू घासीदास नेशनल पार्क के शुरूआत क्षेत्र में जिस स्थल पर दो तीन की संख्या में खूबसूरत छोटे झरने बह रही है वहां तक पहुंचना कठिन है लेकिन जितना कठिन पहुंच है उतना ही सकून झरना स्थल पर पहुंच कर मिलता है। झरने तक पहुंचने के लिए जंगलों के बीच चलते हुए झरने स्थल तक पहुंचने के लिए एक आर पार गुफा को पार करना पड़ता है साथ ही एक स्थान पर पत्थर के चटृटानों पर लगभग सीधी चढ़ाई भी करना होता है इन दिनों पत्थरों में फिसलन होने के कारण थोड़ी सी लापरवाही हुई तो दुर्घटना का कारण बन सकता है।

नेशनल पार्क के साथ टाईगर रिजर्व भी

जिले में स्थित गुरूघासीदास नेशनल पार्क ही नहीं है बल्कि इसे टाईगर रिजर्व क्षेत्र भी घोषित किया जा चुका है। पार्क परिक्षेत्र के अधिकारियों की माने तो पार्क के सोनहत रेंज में 4 टाइगर जबकि अन्य रेंज में 2 टाइगर मिलाकर कुल 6 टाइगर मौजूद है। जिनकी मूवमेंट आये दिन ट्रेस किये जा रहे है। अधिकारियों की मानें तो कई बार तो निगरानी के लिए बनाये गये मास्टर टावर कैप के नजदीक तक टाईगर पहुंच जाते हैं। प्रत्येक दिन टाईगर के मूवमेट पर नजर बनाये हुए हैं।


29-Jul-2020 9:52 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

मनेन्द्रगढ़, 29 जुलाई। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति गंभीर है। मनेन्द्रगढ़ की जनता की वर्षों पुरानी मांग पर जल्द ही मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। उक्त बातें सरगुजा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष और भरतपुर-सोनहत विधायक गुलाब कमरो ने मनेंद्रगढ़ शहर से लगे ग्राम पंचायत चैनपुर में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए चयनित स्थल के निरीक्षण के दौरान कही।

बुधवार को भरतपुर-सोनहत विधायक, सांसद प्रतिनिधि प्रदीप गुप्ता और प्रशासनिक अमले ने मेडिकल कॉलेज के लिए चैनपुर में स्थल का निरीक्षण 65 एकड़ भूमि का चयन किया। इस दौरान विधायक गुलाब कमरो ने कहा कि मनेद्रगढ़ में बहुप्रतीक्षित मेडिकल कालेज का सपना जल्द ही पूरा होने वाला है। भूमि का चयन किया जा चुका है और निरीक्षण के बाद जल्दी ही भूमि पूजन किया जाएगा।

विधायक कमरो ने कहा कि क्षेत्र में मेडिकल कालेज की मांग कई वर्षों से की जा रही थी, लेकिन पूर्व की भाजपा सरकार और उनके विधायकों ने इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की। यही कारण है कि यहां स्वास्थ्य सुविधाओं की काफी कमी है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण के बाद यहां की जनता को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेगी और लाखों को इसका लाभ मिलेगा। भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत चैनपुर में स्थित 65 एकड़ शासकीय भूमि में मेडिकल कॉलेज की नींव रखी जाएगी।

 इस अवसर पर मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉ. विनय जायसवाल, कलेक्टर कोरिया एसएन राठौर, सांसद प्रतिनिधि प्रदीप गुप्ता, नपाध्यक्ष प्रभा पटेल, जनपद अध्यक्ष डॉ. विनय शंकर सिंह, उपाध्यक्ष राजेश साहू, नगर पंचायत झगराखांड अध्यक्ष रजनीश पांडेय, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष राजेश शर्मा, एसडीएम आरपी चौहान, सीएमओ एचडी रात्रे, चंद्रकांत चावड़ा, राजेश सिंह, अंकुर प्रताप सिंह, रविंद्र सोनी, राज्यमंत्री जिला प्रतिनिधि रंजीत सिंह सहित जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अमला मौजूद रहा।


28-Jul-2020 9:43 PM

छत्तीसगढ़ संवाददाता

मनेन्द्रगढ़, 28 जुलाई। सावन में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं भरतपुर-सोनहत विधायक गुलाब कमरो ने क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जटाशंकर धाम एवं सिद्धबाबा पहाड़ी पर स्थित प्राचीनकालीन भगवान शिव के मंदिर में पहुंचकर महादेव के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश, प्रदेश व क्षेत्र में सुख-समृद्धि, प्रगति, उन्नति, खुशहाली व अमन-चैन की कामना की।

सोमवार को जटाशंकर धाम पहुंचे विधायक कमरो ने वन अमले की टीम साथ पहुँच मार्ग का निरीक्षण कर भक्तजनों की बेहतर सुविधा व जटाशंकर धाम के विकास हेतु पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर कार्य योजना बनाई। इस अवसर पर जिला पंचायत सभापति उषा सिंह, जिला पंचायत विधायक प्रतिनिधि शैलजा सिंह, नपा उपाध्यक्ष कृष्णमुरारी तिवारी आदि साथ रहे।

विधायक ने चपलीपानी स्थित जटाशंकर धाम के विकास हेतु सौगात दी। उन्होंने जटाशंकर धाम चपलीपानी में हाईमास्ट लाईट, शेड निर्माण, हैण्डपम्प, धाम में फर्श निर्माण के साथ 12 किमी सड़क निर्माण हेतु प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से सर्वे का निर्देश एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण से चपलीपानी में जटाशंकर प्रवेश द्वार निर्माण की घोषणा की। वहीं मंगलवार को उन्होंने सिद्धबाबा पहाड़ी पर स्थित प्राचीनकालीन भगवान शिव के मंदिर में पहुंचकर विधि-विधान से महादेव की आराधना की।

ज्ञात हो कि वर्ष 1994 के बाद करीब ढाई दशक का लम्बा समय गुजर जाने के बाद विधायक कमरो सिद्धबाबा पहुंचे थे।  उन्होंने वन अमले के साथ प्राचीन सिद्धबाबा पहाड़ का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के लिए सड़क, सीढ़ी, शेड निर्माण के साथ मंदिर का जीर्णोद्धार, पानी की व्यवस्था व सौंदर्यीकरण की घोषणा की साथ ही मंदिर की जर्जर हालत देखकर उन्होंने इसके जीर्णोद्धार हेतु विधायक निधि से 2 लाख की राशि स्वीकृत किए।

इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष डॉ. विनय शंकर सिंह, जिला महामंत्री रामनरेश पटेल, रेंजर एस. फारूकी, विधायक निज सहायक अशोक सिंह, प्रदीप साहू, कार्यालय प्रभारी रविन्द्र सोनी, विधायक जिला प्रतिनिधि रंजीत सिंह सहित वन अमला मौजूद रहा।


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