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26-May-2020

चिरमिरी, 26 मई। सोशल मीडिया फेसबुक पर एक व्यक्ति द्वारा केन्द्रीय राज्य मंत्री भारत सरकार रेणुका सिंह के विरूद्ध टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी चिरमिरी मण्डल के अध्यक्ष रघुनन्दन यादव द्वारा थाना चिरमिरी में लिखित शिकायत देकर व्यक्ति के विरूद्ध आईटी एक्ट के तहत कार्यवाही करने की मांग की हैं। पत्र में लिखा है कि, करीब दस घंटे पूर्व केन्द्रीय मंत्री के विरूद्ध अशलील एवं घटिया टिप्पणी सोशल मीडिया पर तथा आपत्ती जनक शब्दों का प्रयोग करने के कारण पूरे सरगुजा संभाग में आक्रोश हैं। इसलिए उक्त व्यक्ति पर तत्काल कार्रवाई करें।

 


25-May-2020

छत्तीसगढ़ संवाददाता

मनेन्द्रगढ़, 25 मई। झीरम घाटी के शहीदों को याद करते हुए विधायक कार्यलय में दो मिनट का मौन रख श्रद्धासुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।  इस अवसर पर सविप्रा उपाध्यक्ष गुलाब कमरो ने झीरम हमले में शहीद हुए कांग्रेस के प्रथम पंक्ति के नेताओं को नमन करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शिता हमें त्याग एवं समर्पण के साथ ईमानदारीपूर्वक अपने कत्र्तव्यों के निर्वहन के लिए प्रेरित करती है। इस दौरान नपाध्यक्ष प्रभा पटेल, जनपद अध्यक्ष डॉ. विनय शंकर सिंह, नपा उपाध्यक्ष कृष्णमुरारी तिवारी, विष्णुदास, अमर सिंह, अज्जू रवि, शिवनारायण यादव, गोपाल गुप्ता, रविन्द्र सोनी, अशोक सिंह व विधायक जिला प्रतिनिधि रंजीत सिंह उपस्थित रहे।


24-May-2020

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बैकुंठपुर, 24 मई। देर रात तक प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का अमला चिरमिरी और चरचा पहुंच पॉजिटिव मरीजों को रायपुर और अम्बिकापुर भेजने की तैयारी में जुटा रहा। दो वर्षीय बालक और एक मरीज को रायपुर के एम्स जबकि दो मरीजों को अम्बिकापुर भेजा गया। इसके बाद आसपास के लोगों के सैंपल लेने की प्रक्रिया पूरी रात चलती रही। एकत्रित किए सैंपल भी रायपुर रवाना कर दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार जिले के स्वास्थ्य विभाग ने चारों कोरोना पॉजिटिव की पहचान कर ली है, जिसमें पहला चरचा में 30 वर्षीय युवक 17 मई को आया उसे कन्या शाला में रखा गया था। 19 मई को सेंपल भेजे गए। वहीं चिरमिरी के तीन में पहला 52 वर्षीय देवास मप्र से 14 मई को आया था, पोड़ी स्थित लाइवलीहुड कॉलेज में रखा गया था। दूसरा मरीज 26 वर्षीय युवक 18 मई को दिल्ली से आया था उसे भी पोड़ी स्थित लाइवलीहुड कॉलेज में रखा गया था और तीसरा 2 वर्षीय बालक अपने परिवार के साथ गढवा झारखंड से आया था उसे कुंवरबेन पटेल गोदरी पारा में रखा गया था। इसके बाद चिरमिरी और चरचा के मेडिकल टीम ने दो मरीजों को रायपुर एम्स भेजा जबकि दो मरीजों को अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कर दिया गया।

क्वॉरंटीन सेंटर के सभी का टेस्ट

कोरोना पॉजिटिव आने के बाद तीनों क्वॉरंटीन सेंटर में रुके सभी लोगों का पीसीआर टेस्ट के लिए सैंंपल लिया गया। इसके अलावा सेंटर के आसपास के लोगो के भी सेंपल टेस्ट लिए गए। वहीं पॉजिटिव लोगों की ट्रेवल हिस्ट्री खंगाली जा रही है, क्वॉरंटीन समयावधि मे उनके साथ रहने वाले ओर उनके सीधे संपर्क में आने वाले लोगों के भी सैंपल लेकर भेजे गए हैं।


24-May-2020

राष्ट्रीय हरित वाहिनी द्वारा जैव विविधता दिवस पर प्रतियोगिता आयोजित

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
मनेन्द्रगढ़, 24 मई।
नेशनल ग्रीन कोर राष्ट्रीय हरित वाहिनी द्वारा जैव विविधता दिवस पर जिला स्तर पर आयोजित ऑनलाइन निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता में पर्यावरण एवं जैविक विविधता पर रूचि रहने वाले प्रतिभागियों ने प्रकृति, जीव-जंतु एवं वनस्पतियों के संरक्षण की अपील करते हुए उत्साहपूर्वक भाग लिया।
चित्रकला प्रतियोगिता में साउथ जेकेडी कॉलरी की अंजलि चक्रधारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार द्वितीय नव्या जायसवाल मनेन्द्रगढ़ एवं तृतीय आयुषी सिंह सिविल लाइन मनेन्द्रगढ़ रहीं। वहीं निबंध प्रतियोगिता में प्रथम शिवानी जयसवाल कक्षा 12वीं विजय इंग्लिश मीडियम स्कूल मनेंद्रगढ़, द्वितीय अर्पित राय बैकुण्ठपुर एवं मनेन्द्रगढ़ की उमा बुनकर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 

राष्ट्रीय हरित वाहिनी के जिला समन्वयक एवं पर्यावरणविद् सतीश उपाध्याय के संयोजन में आयोजित जैव विविधता दिवस पर विजेता प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट से सम्मानित किया जाएगा। 

कार्यक्रम के संयोजक सतीश उपाध्याय ने विश्व की पारिस्थितिकी प्रणाली पर संतुलन की चर्चा करते हुए कहा कि पृथ्वी पर जैविक संसाधनों के निरंतर शोषण से प्रकृति को काफी नुकसान हो रहा है। इसके संरक्षण के लिए भावी पीढ़ी को तैयार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी का जैविक अस्तित्व लगभग 400 करोड़ वर्षों का परिणाम है, इसके नष्ट होने से मनुष्य के जीवन पर भी गहरा असर पड़ेगा। श्री उपाध्याय ने छत्तीसगढ़ जैव विविधता बोर्ड द्वारा पोस्टर प्रतियोगिता निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इन आयोजनों से छत्तीसगढ़ की जैव विविधता के प्रति लोगों की सोच विकसित होगी एवं स्कूली छात्र-छात्राओं को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी तय करने में मदद मिलेगी।

 

 


23-May-2020

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बैकुंठपुर, 23 मई।
कोरिया जिला स्थित गुरू घासीदास राष्टीय उद्यान (टाइगर रिजर्व) में लॉकडाउन का यहां के वन्य जीवों पर बहुत असर पड़ा है, इन दिनों ना सिर्फ नए वन्य जीव मेहमानों ने पार्क का लुत्फ उठाया है, बल्कि तीन-तीन टाइगर एक साथ घूमते देखे गए हैं। जबकि टाइगर का एक साथ देखा जाना बेहद दुर्लभ माना जाता है। 

इस संबंध में पार्क के संचालक श्री आओ का कहना है कि लॉक डाउन में जानवरों को आने जाने वाले वाहनों की आवाज कम सुनाई दी और लोगों का आवागमन भी काफी कम हुआ है जिससे वे अपने आप को बेहद खुला महसूस कर रहे हैं। 

कोरिया जिले के गुरू घासीदास पार्क में लॉक डाउन से वन्य प्राणियों में इंसानी भय थोड़ा कम होता नजर आया है, पार्क के अधिकारियों की मानें तो कई तरह के जानवर स्वछंद विचरण करते पाए गए हैं तो कई कैमरों में कैद हुए है। इन दिनों पार्क में चारों ओर हरियाली लहलहा रही है। जो वन्य जीवों को आकर्षित करती है। इूसरी ओर लॉक डाउन की शांति के कारण वन्य जीव बाहर निकल कर घूमते नजर आ रहे हैं। इस समय कई प्रकार के वन्य प्राणी का संजय पार्क और तमोर पिंगला से आते है और चले जाते हैं। 

एक साथ तीन टाइगर के पदचिन्ह
टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद यहां रहने वाले टाइगरों पर पार्क का अमला बेहद बारीकी से नजर रखे हुए है। ऐसे में लॉकडाउन के दौरान एक साथ पार्क के अमले को तीन तीन टाइगर के एक साथ फुटमार्क देखने को मिले, चूंकि टाइगर का अपना क्षेत्र होता है और एक साथ बेहद कम मौके मिलते है जबकि एक साथ होकर साथ चले। परन्तु एक साथ तीन तीन टाइगर के फुटमार्क मिलने से पार्क के अधिकारी भी हैरान है।  ऐसे सभी टाइगर पार्क के सोनहत रेंज में देखे गए। 

दूसरी बार पहुंचा गौर
गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में दूसरी बार गौर कैमरे में ट्रेस हुआ है। इस बार 9 मई को दो तीन बार अलग अलग स्थानों पर कैमरे ने उसकी गतिविधियों को पकड़ा, पार्क के अधिकारियों की माने तो इसके पूर्व लॉक डाउन के पहले भी एक गौर इस क्षेत्र में देखा गया था, एक दो दिन जंगल में घूम कर वह यहां से रवाना हो गया, जिसके बाद दुबारा 9 मई को उसे कैमरों ने ट्रेप किया। बताया यह भी जाता है कि इस बार उक्त गौर का बाघ ने पीछा भी किया, परन्तु वो भागने में कामयाब हो गया। 

5 मीटर की दूरी से देखा और चला गया
त्ीन चार दिन पूर्व टाइगर पर नजर रख रहा अमला जब मेड्रा जंगल की ओर लौट रहा था, बाइक में सवार पार्क के कर्मचारियों के 5 मीटर की दूरी पर टाइगर खड़ा दिखा, ठीक सामने टाइगर देख कर्मचारियों की सांसे अटक गई, टाइगर ने उन्हें देखा, कुछ क्षण रूका और फिर अपने रास्ते चला गया। जिसके बाद कर्मचारियों की जान में जान आई। अधिकारियों की माने तो अब यहां निवासरत टाइगर धीरे धीरे वो यहां के आबोहवा में घुलमिल गए हैं, दूसरा उनके लिए यहां पर्याप्त मात्रा में भोजन है जिसके कारण वो यहां आजाद होकर विचरण कर रहे है। 

 


22-May-2020

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बैकुंठपुर, 22 मई। तेजी से गायब हो रहे गिद्धों की संकट ग्रस्त प्रजातियों में से एक सफेद गिद्ध गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बैक्ुंठपुर में देखा गया। पार्क के सहायक संचालक की नजर इस दुर्लभ गिद्ध पर जब पड़ी तो उन्होनें उसे अपने कैमरे में कैद कर लिया। इन दिनों गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान (टाइगर रिजर्व) जारी लॉक डॉउन के समय कई प्रकार देशी विदेशी पक्षियों का बसेरा बना हुआ है।

इस संबंध मेें पार्क के सहायक संचालक (आईएएफ) आयुष जैन का कहना है कि विलुप्त होने की कगार पर पहुंचे इन गिद्धों की संख्या 90 से 95 प्रतिशत खत्म हो चुकी है। इन दिनों में इसका दिखना पर्यावरण जगत के लिए सुखद खबर है कि पार्क मेें दुर्लभ गिद्धों की उपस्थित है। यहां की आबोहवा एवं अनुकूल रहवास स्थानीय गिद्धों के अलावा प्रवासी गिद्धों को भी रास आ रही है। जो इजिप्तीयन गिद्ध मैंने देखा वो दुर्लभ है। इसका यहां पाया जाना पार्क की डायवर्सिटी के लिए अच्छे संकेत है। संकटग्रस्त गिद्धों के लिए पार्क क्षेत्र में दिखना सुखद संकेत है। पारिस्थितिकी संतुलन के लिए गिद्ध होना जरूरी है। ये मृत पशुओं के मांस एवं अवशेष खाकर वातावरण को साफ रखते हैं। इसी वजह से गिद्ध को जंगल का प्राकृतिक सफाईकर्मी कहा जाता है।

जानकारी के अनुसार 30 वर्ष पूर्व प्राय: झुंड में नजर आने वाने गिद्ध अब कहीं नजर नहीं आते हैं। पूर्व में बैकुंठपुर के आसपास गांव में कहीं मरे पड़े मवेशियों पर गिद्धों को डेरा आसानी से देखा जाता था। परन्तु अब इनके कई वर्षों से दर्शन नहंी होते है। वहीं अनुशंधान से यह बात सामने आई है कि पेस्टिसाइड एवं डाइक्लोफैनिक के अधिक इस्तेमाल के चलते गिद्ध प्रजाति संकट में पहुंची है। फसलों में पेस्टीसाइड के अधिक प्रयोग से घरेलू जानवरों में पहुंचता है। वहीं मृत पशु खाने से गिद्धों में पहुंचता है। पेस्टिीसाइड से शारीरिक अंग को नुकसान पहुंचता है। इससे इनकी प्रजनन क्षमता खत्म होने के कारण गिद्ध संकटग्रस्त पक्षियों की श्रेणी में पहुंच चुका है। वर्ष 1990 से ही देशभर में गिद्धों की संख्या गिरने लगी। गिद्धों पर यह संकट पशुओं को लगने वाले दर्द निवारक इंजेक्शन डाइक्लोफैनिक की देन थी। मरने के बाद भी पशुओं में इस दवा का असर रहता है। गिद्ध मृत पशुओं को खाते हैं। ऐसे में दवा से गिद्ध मरने लगे। इसे ध्यान में रखकर केंद्र सरकार ने पशुओं को दी जाने वाली डाइक्लोफैनिक की जगह मैलोक्सीकैम दवा का प्रयोग बढ़ाया है। यह गिद्धों को नुकसान नहीं पहुंचाती। वहीं सरकार को चाहिए कि पार्क और उसके आसपास के क्षेत्रो में जानवरों में सर्वे कर ऐसे पेस्टिसाइड एवं डाइक्लोफैनिक के इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सके।


22-May-2020

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बैकुंठपुर, 22 मई। डीएमएफ की राशि से बनने वाले एडवेंचर पार्क के लिए चयनित स्थल को लेकर अब कई बातें सामने आ रही है। पार्क को लेकर चिरमिरी के जिस स्थान का चयन करने की तैयारी है वो ना सिर्फ रिजर्व फॉरेस्ट में आता है बल्कि चिरमिरी के माईनिंग जोन में भी आता है।

कोरिया जिले में डीएमएफ की 40 से 50 करोड़ की राशि से चिरमिरी में एडवेंचर पार्क बनाए जाने की बड़ी तैयारी की जा रही है। इधर, हर कोई जानता है कि चिरमिरी माईनिंग जोन है, इसके चारों ओर जमीन के अंदर आग लगी हुई है, कई इलाके को फायर जोन के रूप में घोषित किया जा चुका है, वहीं एसईसीएल से मिली जानकारी की मानें तो भुकभुकी, भंडारदेही ग्राम की लगभग 667 एकड़ भूमि भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के सीवी एक्ट में पारित हो चुकी।

यहां चिरमिरी ओपन कास्ट खोला जाना प्रस्तावित है, इस ओपन कास्ट की अवधि कम से कम 15 साल से ज्यादा अनुमानित है। यह ओपन कास्ट चिरमिरी की धुरी बताई जा रही है। यहां देश का उच्च कोटी का कोयला निकाला जाता है।

इसे राजपत्र में भी प्रकाशित किया जा चुका है। जिस स्थल के लिए वन विभाग के अधिकारी एडवेंचर पार्क बनवाना चाहते है वो यहां से बमुश्किल 1 से डेढ़ किमी दूर है। माइनिंग जोन होने के कारण आसपास का 5 से 6 किमी का क्षेत्र पूरी तरह ब्लास्टिंग से अछूता नहीं रहता है।

ऐसे में चयनित भूमि पर कई विशेषज्ञ सवाल खड़े कर रहे हैं। यही कारण है कि यदि पार्क का काम शुरू होता है कि मामला एनजीटी के साथ कोर्ट में जाने से इंकार नहीं किया जा सकता है।

रिजर्व फॉरेस्ट में आता है क्षेत्र

वन विभाग जिस क्षेत्र में एडवेंचर पार्क बनाने की तैयारी कर रहा है उसका कम्पार्टमेंट रिजर्व फॉरेस्ट एरिया में आता है। ऐसे में यह क्षेत्र सैर सपाटे के लिए किसी भी नियम के अनुसार दिया नही ंजा सकता है। गौरतलब है कि रिजर्व फॉरेस्ट में वनों की कटाई, चराई के साथ यदि बफर जोन में है तो आने जाने पर भी रोक लगी रहती है, रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में वनों को बचाने के साथ-साथ बिगड़े वनों का सुधार कार्य किया जा सकता है, वनवर्धिनी कार्य किया जा सकता हैं। वहीं रिजर्व फारेस्ट क्षेत्र में पार्क के निर्माण का कार्य नियम विस्द्ध है।

डीएफओ आर.के. चंदेले से सवाल-जवाब

सवाल-जिस क्षेत्र का आपने चयन किया है वो रिजर्व फॉरेस्ट है ?

जवाब- हां, वो रिजर्व फॉरेस्ट का क्षेत्र है, हम वहां इकोलॉजिकल कार्य कर सकते हंै।

सवाल-इतनी बड़ी राशि के खर्च पर सवाल खड़े हो रहे हैं, 40-50 करोड़ में ऐसा क्या बनाएंगे ?

जवाब- जितना लगेगा उतनी ही राशि हम लेगें।

सवाल-पूरा चिरमिरी माईनिग जोन है, वहां कोई निर्माण एसईसीएल की सुरक्षा से जुड़ी समिति की अनुमति के बिना नहीं हो सकता है। कई निर्माण कार्यों की अनुमति वहां आज तक नहीं मिल पाई है ?

जवाब-हम कोई निर्माण कार्य नहीं करेगें। बंबू सेंटम जैसे कई इकोफ्रेंडली गतिविधियां की जाएगी।


20-May-2020

छत्तीसगढ़ संवाददाता

मनेन्द्रगढ़, 20 मई। सुभाष वार्ड क्र. 8 में कुछ समय से खराब पड़े हैण्डपम्प की वार्डवासियों ने नपाध्यक्ष को जानकारी दी और दूसरे ही दिन हैण्डपम्प की मरम्मत करा दिए जाने पर वार्डवासियों ने नपाध्यक्ष प्रभा पटेल के प्रति आभार व्यक्त किया है।

वार्ड क्र 8 में सबसे पुराना हैण्डपम्प पिछले कुछ समय से खराब पड़ा था। इससे लोगों को पेयजल के लिए परेशानी हो रही थी। इस गर्मी के मौसम में किसी कारण जलापूर्ति बाधित होने पर यह हैण्डपम्प ही लोगों के लिए पेयजल का सहारा बनता है। इसके बाद भी काफी दिनों से बंद पड़े हैण्डपम्प की मरम्मत की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा था। वार्ड में निवासरत् विक्की दत्ता के द्वारा इसकी जानकारी नपाध्यक्ष प्रभा पटेल को दी गई और दूसरे ही दिन नपा में कार्यरत जल विभाग के कर्मचारियों द्वारा हैण्डपम्प में नया पाइप डालकर पानी चालू कर दिया गया। विक्की दत्ता एवं गिरीश चंदेल सहित अन्य वार्डवासियों ने नपाध्यक्ष के प्रति आभार व्यक्त किया है।


20-May-2020

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बैकुंठपुर, 20 मई।
कोरिया जिले में डीएमएफ की राशि को एडवेंचर पार्क में खर्च करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए बकायदा 1 करोड़ रू की राशि भी वन विभाग को दे दी गई है, निर्माण समिति बनाकर मुम्बई के खंडाला का भ्रमण भी कर आई है। इसके लिए संभावित 50 करोड़ रू का प्रस्ताव बनाया गया, जो कि डीएमएफ से प्रतिवर्ष मिलने वाली राशि का 75 प्रतिशत है। डीएमएफ की राशि से 50 करोड़ का पार्क के निर्माण को लेकर कई सवाल खड़े हो ही रहे है।

इस संबंध में कोरिया वनमंडल के डीएफओ आरके चंदेले का कहना है कि उक्त कार्य को पार्क का नाम देना ठीक नहीं है। हम वहां ईकोलॉजिकल सिस्टम के तहत पर्यटन के बढ़ावे, बंबू सेटम, वृक्षारोपण, हरियाली जैसी कुछ करने वाले हंै। 40-50 करोड़ की बात नहीं है हमें प्रोजेक्ट में जितना लगेगा उतनी ही राशि ली जाएगी।
डीएमएफ की राशि से 50 करोड़ के एडवेंचर पार्क बनाए जाने की रूपरेखा बड़ी तेजी से की जा रही है। लॉक डाउन के पहले जिला प्रशासन ने 5 सदस्यी समिति के सदस्यों को मुम्बई जाकर खंडाला के दर्शन के लिए भेजा था ताकि उसी की तर्ज पर चिरमिरी का एडवेंचर पार्क बनाया जा सके। इस कार्य के लिए जिला प्रशासन ने बिना देरी किए 1 करोड़ रू स्वीकृत कर वन विभाग को सौंप भी दिए हैं।

40 से 50 करोड़ की लागत के बनाए जाने एडवेंचर पार्क के लिए अभी तक किसी भी कार्य के लिए टेंडर जैसी बात सामने नहीं आई है। 9 मई को डीएफओ श्री चंदेले अपने साथ एक वनरक्षक को लेकर चिरमिरी में जिस स्थल पर इसका निर्माण किया जाना है वहां पहुंचे थे, जहां मनेन्द्रगढ़ के विधायक ने उक्त स्थल के बारे डीएफओ को बताया था।

5 सदस्यीय बनी है टीम
डीएमएफ के पदेन सचिव कलेक्टर ने चिरमिरी में बनने वाले एडवेंचर पार्क के लिए डीपीआर तैयार करने के लिए 5 सदस्यीय टीम का गठन किया है, जिसमे कोरिया वनमंडल के डीएफओ आरके चंदेले, कार्यपालन अभियंता पीएमजीएसवाय, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग लाईट एंड मशीनरी, अम्बिकापुर, कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी विभाग को शामिल किया है। उक्त आदेश में समिति संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण करने और डीपीआर बनाकर पेश करने का निर्देश दिया है।

डीएमएफ कौन कौन से कार्य करना है
कांग्रेस की वर्तमान सरकार ने 14 अगस्त 2019 को खान और खनिज अधिनियम 1957 कानून में संशोघन करते हुए बड़े बदलाव किए, प्रकाशित राजपत्र में स्पष्ट तौर पर कौन कौन से कार्य किए जाने है उसका उल्लेख किया है, जिसमेें आमदनी बढ़ाने और जीवन स्तर मे सुधार के लिए प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्रों में समुदायों के लिए स्थायी और सतत अजीविका, वन अधिकार पट्टाधारकों के लिए आजीविका, आमदनी के लिए उपाय, कृषि और लघु वनोपज से अजीविका, लघु ग्रामीण उद्योग के लिए संसाधन। पेयजल वितरण की सुविधा, जल शोधन प्रणाली, जल उपचार संयंत्र और स्थायी, अस्थायी जल वितरण नेटवर्क, खनन प्रभावित क्षेत्र में प्राथमिक और माध्यमिक स्वास्थ्य सुविधाएं, निर्माण, स्टाफिंग, उपकरण आदि की आपूर्ति, शिक्षण संस्थानों और व्यवसायिक प्रशिक्षण केन्द्रों के साथ सहयोगी संसाधनों की उपलब्धता, उच्च तकनिकी शिक्षा के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजो मेें शिक्षा शुल्क और छात्रावास शुल्क का प्रावधान, महिलाओं और बच्चों के क्ल्याण की योजनाएं, कुपोषण आदि का समाधान सुनिश्चित करना, वृद्ध और विकलांग लोगों के लिए कल्याणकारी कार्य, प्रभावित क्षेत्र के लोगों के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार योजनाए, स्व सहायता समूहों और उद्यमशीनता आदि का समर्थन देना शामिल है।

 


16-May-2020

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बैकुंठपुर, 16 मई।
सरगुजा संभाग के कोरिया जिले में कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद स्वास्थ्य विभाग का अमला पूरी रात मुस्तैद रहा। रात को ही मरीज को अंबिकापुर भेजा गया, वहीं रात भर में लगभग 56 लोगों के सैंपल लिए गए। सभी सैंपल रायपुर रवाना कर दिए गए हैं। वहीं शनिवार की सुबह से होमगार्ड के जवानों ने इलाके को सैनिटाइज किया। 

इधर, यूपी से आए युवक को होम क्वॉरंटीन करने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आठ मई को चिरमिरी पहुंचा युवक ना सिर्फ दर्जनों लोगों के संपर्क में आया है, बल्कि खुद की दुकान भी खोली और क्रिकेट भी खेला है। 

सीएमएचओ डॉ. रामेश्वर शर्मा का कहना है कि पूरी टीम मुस्तैदी से काम कर रही है। 56 सैंपल रायपुर भेजे गए हैं। सबका रैपिड टेस्ट भी किया गया, रिपोर्ट नेगेटिव आई है। सभी को क्वॉरंटीन सेंटर में रखा गया है। आज से हल्दीबाड़ी पूरा लॉकडाउन रखा गया है। पूरे क्षेत्र में कड़ी नजर रखी जा रही है। मरीज को अंबिकापुर में भर्ती किया गया है।

शुक्रवार को चिरमिरी के हल्दीबाड़ी से रायपुर भेजे गए सैंपल में एक युवक पॉजिटिव पाया गया। जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। युवक फतेहपुर यूपी से पत्नी को लेकर चिरमिरी लौटा था। रिपोर्ट पॉजिटिव की खबर लगते ही स्वास्थ्य अमला हल्दीबाड़ी पहुंच गया, जिसके बाद डोर-टू-डोर सर्वे कर लगभग 56 लोगों का पीसीआर सैंपल लिया गया। इसके पहले सभी के रैपिड टेस्ट भी किए गए, जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई। सभी पीसीआर सैंपल रातोंरात रायपुर रवाना कर किए गए। वहीं आज दिन भर पूरे हल्दीबाड़ी में मेडिकल टीम घर-घर जाकर सर्वे कर रही है। युवक के संपर्क में आए सभी लोगों को क्वॉरंटीन सेंटर में रखा गया है। वहीं होमगार्ड के कमांडेंट के साथ कई जवान सुबह हल्दीबाड़ी पहुंचे और वहां पूरे इलाके को सैनिटाइज किया।

कई लोगों से मिला युवक
8 मई को यूपी से चिरमिरी पहुंचा युवक ना सिर्फ दर्जनों लोगों के संपर्क में आया है, बल्कि खुद की दुकान भी खोली और क्रिकेट भी खेला है। अब प्रशासन ऐसे सभी लोगों को चिन्हांकित कर रहा है, जो उसके संपर्क में रहे हैं। हालांकि अभी तक सिर्फ 56 लोगों का ही प्रशासन पता लगा पाया है।

 

 

 


14-May-2020

छत्तीसगढ़ संवाददाता

मनेन्द्रगढ़, 14 मई। सविप्रा उपाध्यक्ष व विधायक गुलाब कमरो ने भरतपुर विकासखण्ड में 3 करोड़ 56 लाख के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। सर्वप्रथम उन्होंने 1 करोड़ 21 लाख की लागत से बनने वाले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जनकपुर एवं इसके बाद जनकपुर में ही 1 लाख 50 हजार की लागत से बनने वाले रंगमंच शेड तथा ग्राम पंचायत सिंगरौली में 7 लाख की लागत से बनने वाले जंगी नाला पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

विधायक गुलाब कमरो ने जनकपुर विकासखण्ड में 2 करोड़ 27 लाख की लागत से बने 50 बिस्तरीय आदिवासी पोस्ट मैट्रिक छात्रावास भरतपुर का लोकार्पण किया। उक्त निर्माण की स्वीकृति व भूमिपूजन होने से ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने विधायक के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।

गुलाब कमरो ने सिंगरौली में मजदूरों से कार्य स्थल पर मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली, साथ ही राशन और अन्य सुविधाओं की जानकारी लेकर किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अवगत कराने को कहा। उन्होंने मनरेगा से हो रहे तालाब गहरीकरण में लगे मजदूरों को साबुन व मास्क का वितरण किया, साथ ही लॉकडाउन का पालन कर सोशल डिस्टेंस बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों की ली बैठक

विधायक ने जनकपुर में प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान सही ढंग से लॉकडाउन का पालन कराने व सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए लगातार प्रेरित करने को कहा। इस दौरान रविप्रताप सिंह अध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस कमेटी, राजेश साहू उपाध्यक्ष जपं मनेंद्रगढ़, अंकुर प्रताप सिंह विधायक प्रतिनिधि, प्राचार्य अमित गुप्ता जनकपुर सरपंच जयमनिया घघरा सरपंच ज्ञानेंद्र सिंह भरतपुर सरपंच वृजभूषण सिंह सिंगरौली सरपंच चन्द्रवती बैगा, अवधेश सिंह, विधायक निज सचिव सगीर खान, विधायक जिला प्रतिनिधि रंजीत सिंह सहित जनप्रतिनिधि व आमजन उपस्थित रहे।


14-May-2020

मनेन्द्रगढ़, 14 मई। बुधवार को नपाध्यक्ष प्रभा पटेल ने नपा क्षेत्रांतर्गत वार्ड क्र. 13 और 14 में 12.90 लाख की लागत से बनने वाले दो आंगनबाड़ी भवनों का विधिवत् भूमि पूजन किया। इस दौरान उपाध्यक्ष कृष्णमुरारी तिवारी, पार्षद नागेन्द्र जायसवाल, दयाशंकर यादव, अजीमुद्दीन अंसारी, पप्पू हुसैन, मो. सईद, सपन महतो, हमीदा खातून, गौरी केरकेट्टा, सुनैना विशकर्मा, ब्लाक अध्यक्ष राजेश शर्मा, पूर्व पार्षद गोपाल गुप्ता, शिवनारायण यादव, गंभीर सिंह, नपा सीएमओ हरदयाल रात्रे, इंजीनियर पवन साहू तथा नगरपलिका के कर्मचारी व अन्य सभी लोग उपस्थित रहे।


14-May-2020

मनेन्द्रगढ़, 14 मई। मनेंद्रगढ़ के विभिन्न वार्डों में अधोसंरचना मद से होने वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमि पूजन सविप्रा उपाध्यक्ष विधायक गुलाब कमरो व मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ. विनय जायसवाल के मुख्य आतिथ्य, नपाध्यक्ष प्रभा पटेल की अध्यक्षता एवं नपा उपाध्यक्ष कृष्णमुरारी तिवारी सहित पार्षदों के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुआ।  इस दौरान विधायक गुलाब कमरो ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का भरोसा दिलाते हुए कहा कि जन सुविधाओं के विकास के लिए प्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि सडक़ बनने के बाद लोग सहजतापूर्वक आवागमन कर सकेंगे। वहीं नपाध्यक्ष प्रभा पटेल ने कहा कि शहर का समुचित विकास उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वार्ड में जरूरी विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे।

 

 

 


13-May-2020

बैकुंठपुर, 13 मई । मप्र और छत्तीसगढ़ बार्डर पर हुई एक वृद्ध की मौत के बाद जिला प्रशासन की काफी किरकिरी हो रही है, वहीं प्रशासन के अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं। एक ओर एसडीएम मनेन्दगढ़ मीडिया को यह कहते नजर आ रहे हंै कि मृतक के परिजनों को अस्पताल जाने के लिए अनुमति दे दिया गया, बाद में उनकी तबियत बिगड़ गई। वहीं सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया कि मृतक की मौत घुटरीटोला पहुंचने के पूर्व ही हो चुकी थी। वहीं परिवार का कहना है कि अनुमति देने में देर होने से मौत हुई।

कोरिया जिले के मप्र छत्तीसगढ़ सीमा पर स्थित घुटरीटोला नाके पर मनेन्द्रगढ़ जाने की अनुमति नहीं मिलने पर उमरिया के एक वृद्ध की मौत हो गई। घटना के बाद मीडिया ने एसडीएम से सवाल पूछा, तो एसडीएम ने बताया कि वे उमरिया से बिलासपुर जा रहे थे, उनके जाने के लिए उनको अलाउ कर दिया गया था बाद में उनकी तबियत बिगड़ गयी। वहीं दूसरे दिन सुबह जिला प्रशासन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मनेन्द्रगढ़ एसडीएम आरपी चौहान ने बताया कि मप्र के उमरिया जिले भरेवा के रहने वाले राकेश मिश्रा अपने पिता केशव मिश्रा एवं माता के साथ बिलासपुर जा रहे थे, उनके पास व्हीकल पास था, पारिवारिक कारणों से वे चिरमिरी से कोरबा होते हुए बिलासपुर जाने के लिए मनेन्द्रगढ़ के घुटरीटोला पहुंचे थे। उनका कहना है कि कोविड 19 के सांभव्य प्रसार की रोकथाम व सुरक्षा उपायों के मद्देनजर नाका ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों द्वारा पास परीक्षण के उपरांत उन्हें जाने की अनुमति दे दी। कुछ पश्चात श्री मिश्रा द्वारा उनके पिता के निधन की सूचना दी गई। बताया गया कि नाका पहुंचने के पूर्व ही उनके पिता की मौत हो चुकी थी। वहीं मौत के बाद मृतक के पुत्र राकेश मिश्रा ने प्रशासन को काफी कोसा और मीडिया का बताया कि किस तरह उन्हें अस्पताल जाने के नाम पर एक घंटे से परेशान किया जाता रहा, जिसके कारण उनके पिता की असमय मौत हो गई। 

कोई जांच नहीं होगी
एसडीएम मनेन्द्रगढ़ से जब पूछा गया कि ईपास होने के बाद भी घुटरीटोला पर रोका जा रहा है, ऐसे में एक व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो क्या इसकी जांच होगी, जिस पर एसडीएम ने कहा कि उन्होंने परीक्षण कर लिया, किसी भी प्रकार की कोई त्रुटि नहीं हुई है, सबकुछ ठीक तरीके से किया जा रहा है, इसलिए जांच का सवाल ही पैदा नहीं होता है।  अनुमति नहीं दिए जाने के कारण हुई वृद्ध की मौत की खबर के बाद प्रशासन की ओर से सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया कि स्थिति की संवेदनशीलता समझते हुए जिला प्रशासन ने शव को उनके पुत्र की इच्छानुसार ले जाने के लिए एंबुलेंस मुहैया कराई और उमरिया भेजने की व्यवस्था भी की। 


13-May-2020

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बैकुंठपुर, 13 मई। कभी लिफ्ट तो कभी पैदल चलते हुए 3 मजदूर इंदौर से बैकुंठपुर 980 किमी का सफर कर पहुंच गए। सभी को उनके गांव में ही क्वॉरंटीन कर दिया गया है, वहीं जिला अस्पताल के कोरोना वार्ड से लेकर नेत्र वार्ड में इंदौर, कोलकाता और दूसरे राज्यों से आए लोगों को रखा गया, जबकि जिले भर में मजदूरों का आना जारी है। अभी तक 2089 लोग क्वॉरंटीन में रखे गए हंै। जिसमें 331 मजदूर है।

कोरिया जिले में अब तक 2463 लोग क्वॉरंटीन किए गए है, जिसके 417 होम क्वॉरंटीन हैं, जबकि 205 लोगों ने अपना क्वॉरंटीन पीरियड पूरा कर लिया है। इधर, कोरिया पहुंचें 331 मजदूरों को उनके ग्राम पंचायतों में ही स्थित स्कूलों में रखा गया है, जिसमें सबसे ज्यादा भरतपुर के ग्राम पंचायतों में रखे गए हैं, यहां 293 मजदूरों को विभिन्न ग्राम पंचायतों में रखा गया है, जबकि 9 मजदूर सोनहत और जबकि 29 मजदूर खडग़वां में रखे गए है।

इधर, जिला अस्पताल में बने क्वॉरंटीन वार्ड भी पूरा भर गया है, यहां 15 लोगों को रखा गया है, जिसमें ज्यादातर बैकुंठपुर के बाहर के हंै। इसके अलावा नेत्र वार्ड को भी क्वॉरंटीन वार्ड में तब्दील कर दिया गया है, यहां दो लोगों को रखा गया है।

इंदौर से पहुंचे मजदूर

बीते एक सप्ताह से देश के कई राज्यों ने मजदूरों, छात्रों, बच्चों और बुजुर्गों का पैदल, सायकल से आना जारी है, ऐसे में ग्राम पंचायत बुढार के परसाबहरी के दो मजदूर सोमवार को बैकुंठपुर पहुंचें, जिसके बाद उन्हें परसाबहरी स्कूल में ही क्वॉरंटीन कर दिया गया है, वहीं 1 मजदूर पोटेडांड़ का है, जिसे चिल्का स्थित स्कूल में रखा गया है। तीनों इंदौर की एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करते थे, लॉकडाउन के दौरान तीनों को जनपद पंचायत द्वारा उनके खाते में राशि भी भेजी गई थी, परन्तु वहां उन्हें खाने की समस्या खड़ी हो गई, जिसके बाद तीनों कभी पैदल तो कभी लिफ्ट ले लेकर बैकुंठपुर तक पहुंच गए।

रहम करो सरकार-विवेक तन्खा

मप्र से आने वाले मजदूरों को घुटरीटोला बैरियर में रोका जा रहा था। यहां फंसे लोगों ने इसकी जानकारी राज्य सभा सांसद को दी। जिसके बाद कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने दो ट्वीट किया। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ट्वीट कर लिखा कि छग और अनूपपुर बार्डर पर बच्चों और परिवारों को रोका जा रहा है, जबकि उनके पास मप्र शासन के पास है। कल रात सबने तेज बारिश में रात काटी, रहम करो सरकार। इसके पहले उन्होंने एक ट्वीट और किया जिसमें लिखा कि मप्र से छत्तीसगढ़ जा रहे लोगों को रोका जा रहा है। छत्तीगसढ़ सरकार अपने नागरिकों को नहीं ले रही है। जिसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और जिनको वो नहीं आने दे रहे थे, बाद में उन्हें अलग-अलग स्थानों पर क्वॉरंटीन किया गया।


13-May-2020

छत्तीसगढ़ संवाददाता

मनेन्द्रगढ़, 13 मई। सामाजिक संस्था नवसृजन मंच द्वारा प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी को लेकर अनूठा डिजिटल प्रदर्शन किया गया। अपने घरों की छत पर एवं आंगन में खड़े होकर लोगों ने शराबबंदी के नारों से लिखे पोस्टर को दिखाया। हाथों में शराब बंदी का पोस्टर थामे महिला, पुरूष और बच्चे हर कोई कोरोना संक्रमण काल के दौरान शराब बेचने की सरकार की इस नीति का विरोध किया।

सामाजिक संस्था नवसृजन मंच ने लोगों से अपील की थी कि घरों में रहकर सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए अपने घर की छत अथवा आंगन में ही रहकर शराबबंदी के स्लोगन वाला पोस्टर दिखाना है और उसकी फोटो या वीडियो बनाकर एक साथ सोशल मीडिया फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्वीटर, इंस्टाग्राम में शेयर करनी है जिससे की एक ही समय में डिजिटल विरोध शराब को लेकर दिखे। संस्था नवसृजन मंच की इस मुहिम में बहुत बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी वर्ग, समाजसेवी एवं राजनीतिक दल से जुड़े लोग एवं महिला संगठन शामिल हुए। भाजपा नेत्री जया कर ने संस्था नवसृजन मंच की इस मुहिम में विशेष योगदान दिया साथ ही शराब नहीं खरीदने की अपील की।

उन्होंने कहा कि इस समय कोरोना संक्रमण से पूरा देश जूझ रहा है। डेढ़ महीने से ज्यादा समय से लोगों के काम धंधे बंद हैं। मध्यमवर्गीय और निम्न वर्ग के लोगों के सामने भोजन की समस्या उत्पन्न हो गई है, ऐसे में शराब दुकानों के खुलने से जो पैसे इन वर्गों के हाथ में थे वे भी शराब की भेंट चढ़ गए साथ ही कोरोना महामारी की वजह से सोशल डिस्टेंस का पालन भी नहीं हो रहा। संस्था की जिला प्रभारी प्रवीन सिंह ने कहा कि संस्था शराब बंदी को लेकर निरंतर जनजागरण अभियान चलाती रहेगी। सरकार को समय रहते शराब की बिक्री को बंद करना ही होगा।  मीनू सिंह, बबीता सिंह, उर्मिला नेताम, धर्मवती राजवाड़े एवं रेवती सोनी ने शराब बंदी के नारों से लिखे पोस्टर को दिखाते हुए सरकार की शराब बेचने की नीति का विरोध किया।


13-May-2020

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

मनेन्द्रगढ़, 13 मई। आदिवासी गौरव समिति कोरिया द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ के चिकित्सकों एवं समस्त स्टाफ का सम्मान रू, श्रीफल, सेनेटाइजर और पुष्प देकर सम्मान किया गया।

आदिवासी गौरव समिति के रामलखन सिंह पैकरा, परमेश्वर सिंह, डीपी रऊतिया एवं शरण सिंह ने कहा कि कोरोना की लड़ाई में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन, नगर पालिका द्वारा अहम भूमिका निभाकर लोगों का उपचार व बचाव किया जा रहा है। सभी अपने कार्यों को मुस्तैदी व निष्ठापूर्वक कर रहे हैं, इसलिए समाज का भी दायित्व है कि ऐसे योद्धाओं का सम्मान कर हौसलाआफजाई करें, ताकि और जिम्मेदारीपूर्वक अपने दायित्व का निर्वहन करेंगे। इन सभी योद्धाओं के पीछे समाज का हर तबका खड़ा है एवं इस लड़ाई को मिलकर ही लड़ा जा सकता है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ के बीएमओ डॉ. एसके तिवारी, डॉ. एसएन गुप्ता, डॉ. एसएस सिंह, डॉ. बर्मन, डॉ. किरण किशोर, डॉ. अर्चना कुम्ळारे, आरडी दीवान, लक्ष्मी रजक, अंजय मिश्रा, करौलिया सहित समस्त स्टाफ एवं सफाई कर्मियों का सम्मान किया गया। वहीं थाने में एसडीओपी कर्ण उइके, टीआई तेजनाथ सिंह सहित सभी स्टाफ का सम्मान किया गया। इस दौरान समिति के रामलखन सिंह, शरण सिंह, परमेश्वर सिंह, डीपी रऊतिया, ब्रह्मा सिंह, भागीरथी, आनंद भगत, अमोल सिंह, जनपद अध्यक्ष डॉ. विनय शंकर सिंह, धर्मपाल सिंह, रघुवर सिंह, बृजकिशोर सिंह, सुरेश भगत, अनंत कुमार, विवेक अग्रवाल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।


12-May-2020

चिरमिरी, 12 मई। बैंकों में अब शारीरिक व सामाजिक दूरियों के पुख्ता इंतजामों के साथ लोगों को होर्डिंग व बैनर के माध्यम से जागरूक किया जा रहा हैं। वहीं लेनदेन के लिए गोलाकार बनाकर ग्राहकों को अपनी बारी बारी से बैंक के अंदर प्रवेश दिया जा रहा हैं। 

कोरोना लॉकडाउन से प्रभावित गरीबों को राहत पैकेज के तहत केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से जन-धन व अन्य बैंक खातों में आर्थिक मदद भेजी जा रही है। वहीं एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र होने के कारण हजारों मजदूरों का वेतन का भुगतान बैंकों द्वारा किया जाता हैं। जिसे निकालने की लोगों में होड़ मची हुई है। 

राहत पैकेज की घोषणा के बाद से ही बैंको में भीड़ बढ़ गई है। राहत पैकेज की राशि जल्द से जल्द निकालने को लेकर लोगों में बेताबी है। उन्हें भय है कि उनके खाते में आयी राशि निकासी नहीं होने के पश्चात स्वत: वापस हो जाएगी या अगली किस्त की राशि नहीं मिलेगी। इसको लेकर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अफवाहों का भी बाजार गर्म है। जबकि बैंक अधिकारियों की मानें तो ऐसा कुछ नहीं है। राहत पैकेज की राशि लाभुकों के बैंक खातों में आयी है। जिसकी निकासी कभी भी की जा सकती है।

 

 

 


12-May-2020

चिरमिरी, 12 मई। सोमवार की देर शाम चिरिमिरी आजाद नगर ग्राउंड गोदरी पारा स्थित मंदिर की सीढिय़ों में भालू विचरण करते हुए देखा गया। जिससे वहां उपस्थित स्थानीय लोग भालू को एकाएक देखकर डर गए। वहीं कुछ युवाओं द्वारा भालू की तस्वीरें अपने कैमरों में कैद करने होड़ लग गई।

ज्ञात हो कि लॉकडाउन के बाद शहर की सड़कें सूनी हो गई हैं। सड़कों पर आवजाही बंद होने के बाद भालूओं ने रहवासी क्षेत्रों में चहलकदमी शुरू कर दी है। जंगलों से भालू सड़कों से होते हुए आवासीय कालोनी में भी आने लगे हैं। गत दिवस की भालू के शावक की मौत के बाद मादा भालू आक्रामक होकर वनांचल क्षेत्र में विचरण कर रही है। 

 

 


12-May-2020

छत्तीसगढ़ संवाददाता
मनेन्द्रगढ़, 12 मई।
सामाजिक संस्था नवसृजन मंच द्वारा प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी को लेकर अनूठा डिजिटल प्रदर्शन किया गया। अपने घरों की छत पर एवं आंगन में खड़े होकर लोगों ने शराबबंदी के नारों से लिखे पोस्टर को दिखाया। हाथों में शराब बंदी का पोस्टर थामे महिला, पुरूष और बच्चे हर कोई कोरोना संक्रमण काल के दौरान शराब बेचने की सरकार की इस नीति का विरोध किया।

सामाजिक संस्था नवसृजन मंच ने लोगों से अपील की थी कि घरों में रहकर सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए अपने घर की छत अथवा आंगन में ही रहकर शराबंदी के स्लोगन वाला पोस्टर दिखाना है और उसकी फोटो या वीडियो बनाकर एक साथ सोशल मीडिया फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्वीटर, इंस्टाग्राम में शेयर करनी है जिससे की एक ही समय में डिजिटल विरोध शराब को लेकर दिखे। संस्था नवसृजन मंच की इस मुहिम में बहुत बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी वर्ग, समाजसेवी एवं राजनीतिक दल से जुड़े लोग एवं महिला संगठन शामिल हुए। भाजपा नेत्री जया कर ने संस्था नवसृजन मंच की इस मुहिम में विशेष योगदान दिया साथ ही शराब नहीं खरीदने की अपील की।

उन्होंने कहा कि इस समय कोरोना संक्रमण से पूरा देश जूझ रहा है। डेढ़ महीने से ज्यादा समय से लोगों के काम धंधे बंद हैं। मध्यमवर्गीय और निम्न वर्ग के लोगों के सामने भोजन की समस्या उत्पन्न हो गई है, ऐसे में शराब दुकानों के खुलने से जो पैसे इन वर्गों के हाथ में थे वे भी शराब की भेंट चढ़ गए साथ ही कोरोना महामारी की वजह से सोशल डिस्टेंस का पालन भी नहीं हो रहा। 

संस्था की जिला प्रभारी प्रवीन सिंह ने कहा कि संस्था शराब बंदी को लेकर निरंतर जनजागरण अभियान चलाती रहेगी। सरकार को समय रहते शराब की बिक्री को बंद करना ही होगा। 

मीनू सिंह, बबीता सिंह, उर्मिला नेताम, धर्मवती राजवाड़े एवं रेवती सोनी ने शराब बंदी के नारों से लिखे पोस्टर को दिखाते हुए सरकार की शराब बेचने की नीति का विरोध किया।

 


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