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Date : 25-Jun-2019

पीएम से हस्तक्षेप की मांग पर रेलवे ने पूर्व डीआरयूसीसी सदस्य को दी रेल परियोजना की जानकारी
छत्तीसगढ़ संवाददाता 
मनेन्द्रगढ़, 25 जून।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के उप मुख्य अभियंता ने रेलवे डिवीजन बिलासपुर के पूर्व डीआरयूसीसी सदस्य अधिवक्ता विजय प्रकाश पटेल को पूर्ववर्ती केन्द्र एवं छत्तीसगढ़ सरकार के विगत् बजट में साझा वित्तीय मंजूरी प्राप्त चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट न्यू रेल लाईन विस्तारीकरण परियोजना के संबंध में सकारात्मक जवाब देते हुए उक्त परियोजना की दिशा में अपनी निश्चित तैयारी की अनेक जानकारियों से अवगत कराया है।

उल्लेखनीय है कि दो वर्षों के भीतर कार्य पूर्ण कर लिए जाने की सार्वजनिक घोषणा के बावजूद उपरोक्त परियोजना की दिशा में जमीनी स्तर पर कोई कार्य प्रारंभ किए बिना ही लगभग एक वर्ष की अवधि बीत जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्वयं हस्तक्षेप करने की गुहार लगाते हुए पूर्व डीआरयूसीसी सदस्य द्वारा 17 फरवरी 2019 को प्रेषित ज्ञापन के परिप्रेक्ष्य में रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड एवं छत्तीसगढ़ शासन के अनुमोदन पर दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे ने अपना कार्यालयीन जवाब विजय प्रकाश पटेल को प्रेषित कर बताया है कि चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट नई रेल लाईन का सर्वेक्षण पूर्ण कर डीपीआर रेल मंत्रालय को 13 अगस्त 2018 को भेजा गया है जिसकी लागत 241 करोड़ है। रेलवे बोर्ड से स्वीकृति 3 अक्टूबर 2018 को प्राप्त हो गई है। निजी भूमि अधिग्रहण के उपरांत ही निर्माण कार्य हेतु निविदा बुलाई जाएगी। राज्य सरकार इस परियोजना की 50 प्रतिशत 120.50 करोड़ लागत साझा करेगी। 20ए अधिसूचना के लिए संबंधित ग्राम पटवारी के साथ निजी भूमि का संयुक्त सत्यापन कार्य प्रगति पर है। साथ ही उक्त पत्र के पृष्ठ भाग पर इस परियोजना का नक्शा व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के विस्तृत विवरण को भी उल्लेखित किया गया है।

 सरगुजा और शहडोल संभाग के लाखों नागरिकों सहित कोयलांचलवासियों के लिए जीवनदायिनी एवं बहुप्रतीक्षित इस रेल विस्तारीकरण परियोजना को गंभीरतापूर्वक लेते हुए इसके क्रियान्वयन की दिशा में रेलवे द्वारा प्रेषित जवाबी पत्र के लिए श्री पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल, रेलवे बोर्ड अध्यक्ष अश्वनी लोहानी एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित दपू मध्य रेलवे जोन के महाप्रबंधक सुनील सिंह सोईन व डीआरएम आर. राजगोपाल के प्रति क्षेत्रवासियों की ओर से कृतज्ञता एवं आभार व्यक्त किया है। 

 


Date : 25-Jun-2019

कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की नवीन जिला संघ स्तरीय कार्यकारिणी गठित, ऋचा अध्यक्ष नियुक्त

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
मनेन्द्रगढ़, 25 जून।
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के आह्वान पर सभी जिलों में नवीन जिला संघ स्तरीय कार्यकारिणी का गठन करने के निर्देश पर कोरिया जिले में जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें जिले के सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित हुए।

सर्वसम्मति से पदेन अध्यक्ष बैकुण्ठपुर तहसीलदार सुश्री ऋचा सिंह, सचिव तहसीलदार मनेंद्रगढ़ सुधीर खलखो, कोषाध्यक्ष तहसीलदार सोनहत टीकाराम देवांगन एवं उपाध्यक्ष नायब तहसीलदार पटना उमेश कुशवाहा को नियुक्त किया गया। वहीं प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी शशिभूषण सोनी नायब तहसीलदार मनेंद्रगढ़ को बनाया गया। कार्यकारिणी सदस्यों में तहसीलदार भरतपुर मनमोहन प्रताप सिंह, तहसीलदार खडग़वां अशोक सिंह, नायब तहसीलदार अंकिता पटेल, विप्लव श्रीवास्तव व भीष्म पटेल को शामिल किया गया।  जिला कार्यकारिणी कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के सभी सदस्यों द्वारा राज्य संघ द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए अनुशासित होकर कार्य करने की प्रतिबद्घता व्यक्त की गई।


Date : 25-Jun-2019

चिरमिरी-बिलासपुर यात्री ट्रेन की बोगी में पानी की समस्या पर मुसाफिरों ने घंटों रोकी ट्रेन

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
मनेन्द्रगढ़, 25 जून।
सोमवार की रात चिरमिरी-बिलासपुर यात्री ट्रेन की किसी भी बोगी में पानी नहीं होने पर मनेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन में यात्री भड़क गए और ट्रेन को करीब दो घंटे तक रोके रखा।

चिरमिरी से बिलासपुर चलने वाली यात्री ट्रेन सोमवार की रात अपने निर्धारित समय पर करीब साढ़े नौ बजे मनेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंची। यात्रियों ने जब बोगियों में पानी का अभाव पाया तो भड़क गए और रेल प्रशासन पर रोष प्रगट करते हुए करीब दो घंटे तक ट्रेन को रोके रखा। इस बीच रेलवे सुरक्षा बल भी मौके पर पहुंचा और यात्रियों को समझाने-बुझाने में जुटा रहा। बताया जाता है कि रेलवे की ओर से यात्रियों को  बिजुरी रेलवे स्टेशन में समस्या का समाधान किए जाने की समझाईश दी गई तब कहीं जाकर यात्री माने और अपने निर्धारित समय से दो घंटे विलंब से ट्रेन रवाना हुई। बता दें कि चिरमिरी-बिलासपुर यात्री ट्रेन क्षेत्र की सबसे प्रमुख गाड़ी है जिसमें रोजाना बड़ी संख्या में मुसाफिर यात्रा करते हैं। ऐसे में बोगी में पानी की समस्या रेल महकमे की घोर लापरवाही को उजागर करता है।


Date : 25-Jun-2019

कलेक्टर ने सूखे नलकूप में फिर बोर के निर्देश दिए

बैकुंठपुर, 25 जून।  जिले के सभी ब्लाकों में अभी भी हजारों ग्रामीण परिवारों को शुऋ पेयजल नसीब नहीं हो पाया है। कहीं ढोढी का पानी पी रहे हैं तो कहीं पर झरिया का पानी लोगों के द्वारा उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा अनेक पंचायतों में फ्लोराईड व लौहयुक्त पेयजल लोगों को पीने की मजबूरी बन गयी है। 

जनपद पंचायत बैकुंठपुर के ग्राम कदमनारा में पेयजल समस्या को देखते हुए गर्मी के दिनों में एक बोर कराया गया था जो किसी काम का नहीं रहा। बोर कराने के बाद भी वहां पर पर्याप्त पानी नही निकला पूरी तरह से सूखा रहा। कुछ दिनों पूर्व कलेक्टर कोरिया गांव के दौरे के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल समस्या केा बताते हुए किये गये बोर से पानी नहीं निकलने की शिकायत की गयी जिसके बाद कलेक्टर कोरिया ने दुबारा बोर करने के निर्देेश दिये हैं।  जबकि ग्रामीणों ने जिस जगह पर बोर किया जा रहा था वहॉ पर पानी नही निकलने की बात कहते हुए पानी वाले स्थल के बारे में जानकारी दी गयी थी लेकिन ग्रामीणों के कहे स्थान पर बोर नही कराया गया अब दुबारा सूखे बोर स्थल केा ही बोर करने की तैयारी है। इसी तरह जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर अंतर्गत ग्राम गोल्हाघाट के सरईदाह में भी ग्रामीणों को पेयजल की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।  


Date : 25-Jun-2019

सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर जनपद अध्यक्ष ने अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर उचित कार्यवाही की मांग की
छत्तीसगढ़ संवाददाता 
बैकुंठपुर, 25 जून।
कोरिया जिले के वनांचल जनपद पंचायत भरतपुर क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई जा रही सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भरतपुर जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुखवंती सिंह ने लोक निर्माण विभाग संभाग अंबिकापुर के अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर उचित कार्यवाही की मांग की है। 

जानकारी के अनुसार जनपद अध्यक्ष भरतपुर श्रीमती सुखवंती सिंह ने अधीक्षण अभियंता लोनिवि को लिखे अपने शिकायत पत्र में उल्लेख किया है कि लोनिवि द्वारा भरतपुर जनपद क्षेत्र के ग्राम कुंवारपुर से जमथान तक सड़क निर्माण कार्य कराया जा रहा है लेकिन निर्माण स्थल पर न तो अधिकारी दिखाई देते है और न ही इंजीरियर दिखाई देते है। सडक निर्माण कार्य भगवान भरोसे बन रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे में बन रहे सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। सड़क निर्माण पर जगह-जगह बलुआ मिट्टी का उपयोग हो रहा है जो मानक के विपरीत है।

उन्होंने उल्लेख किया है कि कुंवारपुर से जमथान सडक निर्माण कार्य इस जनपद पंचायत अंतर्गत जनकपुर से चॉटी सड़क निर्माण कराये ठेकेदार को ही कार्य दिया गया है जिसके द्वारा जनकपुर से चांटी तक बनाये सडक की दुर्गती हो गयी है। ऐसे में कोई जिम्मेदार विभागीय अमला कुंवारपुर से जमथान सडक निर्माण कार्य का निरी़क्षण करने नही पहुॅंचते हंै। जिससे सड़क निर्माण में गुणवत्ता का अभाव बना हुआ है जिससे कि बन रहे सड़क का भविष्य ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पायेगा। उन्होंने अपने शिकायत में बताया है कि आपके विभाग के अधिकारी जनकपुर आते ही नही है और न ही जनपद पंचायत के सामान्य सभा की बैठक में ही उपस्थित होते हंै। जिससे कि विभागीय जानकारी नहीं मिल पाती है इस तरह के कृत्य से पता चलता है कि अधिकारियों पर विभागीय नियंत्रण नहीं रहता है। उन्होंने मॉंग की है कि बन रहे कुंवारपुर व जमथान सड़क का निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्वक कराया जा सके ताकि मप्र की सीमावर्ती क्षेत्रों तक के लोगों को सड़क सुविधा का लाभ मिल सके। 

 


Date : 25-Jun-2019

दो साल में ही आईटीआई बिल्डिंग का पीछे का हिस्सा धसकने लगा

छात्रों ने कलेक्टर से अधूरे भवन का जल्द पूरा करने और धंस रहे पीछे के हिस्सें को लेकर कार्रवाई की मांग 
छत्तीसगढ़ संवाददाता 
बैकुंठपुर, 25 जून।
कारिया जिले मे लोक निर्माण विभाग द्वारा कराये दो वर्ष पूर्व बने आईटीआई बिल्डिंग का पीछे का हिस्सा धसकने लगा है। इसके कारण भवन में दरारे आ रही है, दूसरी ओर भवन की दूसरी मंजिल आज भी अधूरी खड़ी हुई है, भवन कब पूरा होगा कोई बताने को तैयार नही है। 

जानकारी के अनुसार कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर सीमा से लगे ग्राम सलका में करोडों की लागत से बनाये गये औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र भवन का निर्माण दो वर्ष पूर्व कराया गया। पहले मंजिल बनने के बाद इसका लोकार्पण करा आईटीआई की कक्षाएं शुरू कर दी गई। परन्तु बीते वर्ष से लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित करोड़ों की लागत की औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र भवन का भूतल एक पीछे का हिस्से की जमीन नीचे धंस रही है। जिससे कि कई स्थानों से भवन के फर्श में दरार आ गयी तथा फर्श उंचा नीचा हो गया है। भवन का उपर हिस्सा नीचे की ओर आ रहा है, जिससे दरारें साफ देखी जा सकती है। इसके अलावा भवन के उपरी दीवारों व सीलिंग में क्रेक भी साफ दिखाई दे रहा है। निश्चित ही यह घटिया निर्माण कार्य का पोल खोलने के लिए काफी है। बताया जाता है कि शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों का अवहेलना किये जाने के कारण ही इस तरह की स्थिति निर्मित हो रही है। अध्ययनरत छात्रों ने कलेक्टर कोरिया से अधूरे भवन का जल्द पूरा करने और धंस रहे पीछे के हिस्सें को लेकर कार्यवाही की मांग की है।

 


Date : 25-Jun-2019

कुपोषण के खिलाफ मुनगा पौधरोपण, साल भर में ही सार्थकन नतीजे

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बैकुंठपुर,  25 जून।
कोरिया जिले के जिला महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुपोषण से लडने के लिए मुनगा के वृक्षारोपण अभिनव पहल किया है। जिसका एक ही वर्ष में सार्थक परिणाम सामने आया है। जबकि कुपोषण से लडऩे के लिए कई योजनाएं संचालित हो रही है। लेकिन यह उनसे अलग हटकर नवाचार है जो सफल भी रहा है। सिर्फ बैकुंठपुर के केनापारा के सभी घरों में कार्यकर्ता के सहयोग से ढाई सौ मुनगा के पेड़ देखेे जा सकते है। 

इस संबंध में महिला बाल विकास अधिकारी चंद्रबेश सिह सिसोदिया बताते हंै कि एक वर्ष पहले जब इसे शुरू किया तब ऐसा नहीं लगा था कि इस अभियान में लोगों की इतनी बड़ी भागीदारी सामने आएगी, आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से पारा मोहल्लों को हराभरा करने में मदद मिली साथ ही मुनगा की पत्ती से लेकर उसका फल जो सेहत के लिए काफी लाभदायक है, अब लोग उसका लुत्फ उठा रहे है। 

जानकारी के अनुसार कोरिया जिले में 3978 गंभीर कुपोषित बच्चे तथा 10780 मध्यम कुपोषित बच्चे है जिन्हे सुपोषित करने के लिए तथा गर्भवती माताओं को सुर्पोिषत करने के लिए मुनगा का पौधा का रोपण अभियान के रूप में बीते वर्ष से लगाने का अभियान चलाया गया है। इसके लिए सभी आंगनबाडी केंद्रों में बीते वर्ष सुपोषण ट्री मुनगा का रोपण अभियान नाम दिया गया। जिससे कि कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने में मदद मिल सके। जिले भर की आंगनबाडी केंद्रों में मुनका के पेड़ तैयार भी हो गये है। आदेश के पालन में कई स्थानों पर मुनगा के पेड लगाये गये जिसे सुरक्षित बचा भी लिया गया है। बैकुंठपुर स्थित आंगनबाडी केन्द्र केनापारा की कार्यकर्ता रमा सिंह का कहना है कि उनके गांव में 250 मुनगा के पेड़ लगे हंै, यहां की निवासी कुसुम के घर 16 और पवन के घर 8 पेेड़ लगे हंै। ग्रामीणों को प्रोत्साहित करने पर वे आगे आए और अब हर घर में मुनगा के रहे पेड़ लहलहा रहे हंै। उन्होंने बताया कि एक पेड़ की डालियों का काट काट कर उसे लगाया गया, जो कुछ ही दिन में हरे पेड़ बनते चले गए। जानकारी के अनुसार मुनगा का पेड़ पौष्टिक तत्वों से भरा पड़ा है। इसके फल से लेकर हरी पत्तियों में भी कई तरह के पौष्टिकता से भरेे हुए है। 

कुपोषण में आयी कमी
जिला कार्यक्रम अधिकारी चंद्रवेश सिंह सिसोदिया के द्वारा किये गये नवाचार के तहत जिले के प्रत्येक आंगनबाडी केंद्रों में सुपोषण ट्री मुनगा का रोपण किया गया है साथ ही गांॅवों में हितग्राहियों के घरों में मुनगा का पौधे का रोपण कर उसकी उचित देखभाल किया गया। साथ ही मुनका के फल व पत्तियों का नियमित उपयोग करने की सलाह भी दी जा रही है आंबा केे बच्चो ंको मुनगा के फल व पत्तियों का साग बनाकर दिया जा रहा है ताकि बच्चों को पर्याप्त मात्रा में विटामिन खनिज तत्व मिल सके।  विभागीय जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 वजन त्यौहार की तुलना में वजन त्यौहार 2019 के कुपोषण में जिले में 3 प्रतिशत की कमी आयी है जो कुपोषण में कमी में सकारात्मक प्रभाव पडा है। 

बीेते वर्ष 17488 मुनगा का रोपण, इस वर्ष अब तक 19169 पौधे लगाये
महिला एवं बाल विभाग की पहल पर बीते वर्ष कोरिया जिले के आंगनबाडी केंद्रों व हितग्राहियों के घरों में मिलाकर कुल 17488 मुनगा पोधों का रोपण किया गया था इस वर्ष लक्ष्य इससे कही ज्यादा निर्धारित किया गया है तथा पौधे लगाये भी जा चुके है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2018-19 में जिले में संचालित कुल आंबा केंद्र 1775 में 4950 मुनगा के पौधे तथा हितग्राहियों के यहां 12538 मुनगा के पौधों को रोपित किया गया था। इसी वर्ष अभियान के दूसरे वर्ष 2019-20 में जिले के 1792 आंबा केंद्रों में अब तक 2533 मुनगा पौधे रोपित कर दिये गये है। अब तक इस वर्ष हितग्राहियों के 16636 पौधे रोपे जा चुके है। इस तरह कुल इस वर्ष 19169 पौधे रोपे जा चुके है आगामी दिनों वृक्षारोपण के दौरान और पौधे रोपे जायेगे। जिससे कि आंकड़ा और बढ़ जायेगा। इस तरह कहा जाये तो जिले में सबसे ज्यादा मुनगा का ही रोपण भारी संख्या में हुआ है। 

 


Date : 24-Jun-2019

छेडख़ानी मामले में हटाए गए डीएमसी सिन्हा, मूल पद पर लौटे, अब नेताओं ने खोला मोर्चा  

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बैकुंठपुर, 24 जून।
कोरिया जिले का चर्चित छेडखानी मामले में जांच रिपोर्ट तत्कालीन कलेक्टर को सौप दी गई, कार्यवाही नही होने के कारण मामला राजधानी पहुंच गया और सीएम के निर्देश पर कलेक्टर ने डीएमसी अशोक सिन्हा को राजीव गांधी शिक्षा मिशन के डीएमसी के पद से हटा शिक्षा विभाग में अटैच कर दिया। उनका मूल पद प्राचार्य होने और शैक्षिणिक व्यवस्था को देखते हुए उन्हें शासकीय हाई स्कूल चिल्का के प्राचार्य पद पर भेज दिया गया, जिसके बाद मामले में घमासान मचा हुुआ है। 

जानकारी के अनुसार एक अधीक्षिका ने डीएमसी अशोक सिन्हा पर छेडखानी का आरोप लगाया, तत्कालीन कलेक्टर भोसकर विलास संदीपाने जांच कमेटी बना कर जांच करवाई, श्री सिन्हा ने आरोप को लेकर कहा था कि उन्हें बेवजह फंसाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूरा मनगढं़त है। उन्हें बेवजह परेशान और बदनाम किया जा रहा है, वे मामले में एकदम साफ है। इधर, जांच समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी परन्तु जांच रिपोर्ट में सही गलत क्या आया है, जिला प्रशासन बताने को तैयार नहीं है।

 उधर, कलेक्टर का स्थानंातरण हो गया और मामला राजधानी में सीएम के पास पहुंच गया, जिसके बाद सीएम के निर्देश पर नवपदस्थ कलेक्टर ने उन्हें डीएमसी के पद से हटाकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अटैच कर दिया, उनकी जगह डिप्टी कलेक्टर अपूर्व टोप्पो को नया डीएमसी नियुक्त कर दिया है। इधर, कलेक्टर के 14 जून 2019 के आदेश के बाद 18 जून 2019 के पूर्व डीएमसी श्री सिन्हा ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपस्थिति दी। कलेक्टर के अनुमोदन पश्चार उन्हें 22 जून को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से रिलीव करते हुए हाई स्कूल चिल्का में प्राचार्य के पद भी भेज दिया गया है। आदेश के बाद उन्हें स्कूल भेजने से रोकने भाजपा में रहे पूर्व नेताओं ने मोर्चा खोल रखा है। दबाव बनाया जा रहा है उन्हें स्कूल ना भेजा जाए। वहीं जिले के 74 स्कूल ऐसे है जहां प्राचार्य के पद रिक्त है। 

मिशन में कई अनियमितताएं 
राजीव गांधी शिक्षा मिशन में बीतेे 10 साल से कई अनियमितताओं के आरोप लगते रहे, यहां सबसे बडा गणवेश घोटाला सामने आया, हलांकि, अभी तक इस पर किसी भी तरह की कार्यवाही भाजपा के शासनकाल में नहीं हो सकी। इसके अलावा जिले भर में स्कूलों में सप्लाई की गई वेईग मशीन और अग्निशमन यंत्र की खरीदी में भी भारी अनियमितताओं की शिकायत सामने आई, शौचालय के मरम्मत कार्य में मिल राशि को लेकर काफी शोर शराबा हुआ। दूसरी ओर स्कूल में बनने वाली बाउंड्रीवाल को लेकर भी कई पेंच सामने आए, कई स्कूलों में बाउंड्रीवाल आज भी अधूरे है तो कई स्कूलों में आज तक बाउंड्रीवाल नहीं बन पाए है।


Date : 24-Jun-2019

बारिश से कोरिया तरबतर, खेतों में किसान, बारिश से किसानों के चेहरे खिले 

बैकुंठपुर, 24 जून। बीते तीन दिन से रूक रूक कर हो रही बारिश से किसानों के चेहरे खिले है, तो पड रही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली है। किसान खेतों में नजर आ रहे है। ज्यादातर किसान हो रही बारिश को समय पर बता रहे है और अच्छी फसल होने की उम्मीद जता रहे है। 
मानसून की बौछारों से ही शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्र पूरा तरबतर हो गया। रविवार को सुबह से बारिश शुरू हो गई तो सोमवार भी यही स्थिति रही। बारिश का सिलसिला के साथ आसमान में बादलों को डेरा बना रहा। रात भर रूक रूक कर हुई झमाझम बारिश से खेत गिले हो गए। मानसून की इस मेहरबानी से उत्साहित किसान खरीप फसल की तैयारी को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। 

कोरिया जिले में बीते तीन दिनों में अब तक हल्की बारिश हुई है, जिले के तहसील बैकुंठपुर, सोनहत, खडगवां, मनेन्द्रगढ और भरतपुर में भी अच्छी बारिश बताई जा रही है। जिले में हुई बारिश की रफ्तार काफी धीमी है, दिन में कम से कम दो बार हल्की बारिश हो ही रही है। हलांकि अभी खेतों में पानी नहीं भरा है, जमीन में नमी आ चुकी है, यही कारण है कि अब खेत में हल चलने शुरू हो गए है।

 इधर, ज्यादातर किसान अब खेतों में नजर आ रहे है, खेतों में बारिश पूर्व डाली गोबर खाद को फैलाया जा रहा है, तो किसानों का पूरा परिवार खेत की जोताई में लगा हुआ है, घर की महिलाएं भी इस काम में उनका हाथ बंटाते देखी जा रही है। किसानों की माने तो इस बार अभी तक तो बारिश का मौसम समय पर है, आगे बारिश कैसी होती है इस पर अच्छी फसल होने का आंकलन लगेगा। फिलहाल पानी ठीक बरस रहा है। 

 

 


Date : 23-Jun-2019

भूपेश सरकार के खिलाफ भाजपा का प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
बैकुंठपुर, 23 जून। 
शनिवार को कोरिया जिले के पटना में भाजपा द्वारा जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन किया गया। छत्तीसगढ़ प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा जनता से लगातार की जा रही वादा खिलाफी और प्रदेश में फैल रहे अराजकता के खिलाफ आज भारतीय जनता पार्टी जिला कोरिया द्वारा मंडल पटना में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

जानकारी के अनुसार अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सलीम रजा के नेतृत्व मेंं आयोजित इस धरना प्रदर्शन में भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सरकार के 7 महिने के कार्यकाल पर जमकर भडास निकाली, नेताओं ने कहा कि जनता अब पछता रही है, भाजपा की सरकार लोक कल्याणकारी सरकार थी, लोगों का इसका एहसास होने लगा है। 

बिजली हाफ का वादा सरकार ने हर दिन 5-6 घंटे बिजली काट कर पूरा कर रही है, ग्रामीण क्षेत्रो मेें बिजली का बुरा हाल है, अधिकारियो कर्मचरियों में दहशत का महौल व्याप्त है, भाजपा सरकार में कभी 4 महिने में किसी कलेक्टर का स्थानांतरण नहीं हुआ, इनके कार्यकाल में काम करने वाले कलेक्टर का स्थानांतरण 4 महिने में कर दिया गया। स्वास्थ्य सुविधाओं को हाल बेहाल है, सरकार जनता की रिपोर्ट में पूरी तरह से फेल हो चुकी है। कार्यालय में बैठ कर काम का बंटवारा किया जा रहा है। दबाव देेकर काम लिया जा रहा है। कांग्रेस सरकार ने जो चुनावी वादे किए वो अभी तक पूरे नहीं किए गए है। प्रदेश भर में अराजकता का माहौल व्याप्त है। आज तक किसानों का कर्जा माफ नही हुआ है, खाद बीज के दाम आसमान छू रहे है। 
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष तीरथ गुप्ता, मनेंद्रगढ़ के पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल, कृष्ण बिहारी जायसवाल, रविशंकर शर्मा, रामधनी गुप्ता, शैलेष शिवहरे, सुभाष साहू, लक्ष्मण राजवाड़े, पंकज गुप्ता, विनोद साहू, मंडल महांत्री कपिल जायसवाल, राजेश सिंह, अरुण जायसवाल, सुरेन्द्र चक्रधारी, अरशद खान, कुबेर साहू, विंधयेश पांडे, अयाजुददीन सिद्दकी, इरशाद अहमद, श्रीमती गौरी हथगेन, श्रीमती इन्दु पनेरिया, द्वारिका जायसवाल, रामकृष्ण शर्मा, जगदीश साहू, सुखदेव सह राजवाड़े, शिवचरण साहू, जीडी सिंह, कमलेश यादव, राजेश साहू, उत्तम साहू, सत्यम साहू, गोलू सोनी सहित पार्टी के जिले भर से आए हुए सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे। 


Date : 22-Jun-2019

 21 जून से 23 जुलाई तक संचालित शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ

छत्तीसगढ़ संवाददाता,
मनेन्द्रगढ़, 22 जून।
प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी शासन द्वारा 21 जून से 23 जुलाई तक संचालित शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ सीएचसी मनेंद्रगढ़ में शुक्रवार को नपाध्यक्ष राजकुमार केशरवानी के द्वारा शिशु को विटामिन एक का खुराक देकर किया गया।

शिशु संरक्षण माह के अंतर्गत प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को निर्धारित टीकाकरण केन्द्र में समस्त शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को स्वास्थ्य सेवा में टीकाकरण, आयरन, कैल्शियम टैबलेट, समस्त जांच के साथ-साथ 6 माह से पांच वर्ष तक बच्चों को आयरन, सिरप, विटामिन ए सिरप का खुराक दिया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ के अंतर्गत संचालित कुल 34 उप स्वास्थ्य केंद्र में सूक्ष्म कार्ययोजना में शामिल कुल 15 हजार बच्चों एवं 350 गर्भवती, शिशुवती महिलाओं को आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिलेगा। 21 जून को नपाध्यक्ष राजकुमार केशरवानी के हाथों शिशु को विटामिन ए का एक खुराक देकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर बीएमओ डॉ. सुरेश तिवारी, बीईई सौमेंद्र मंडल, बीपीएम सुलेमान खान, आरएचओ श्री सिद्दीक, अरूण कुमार ताम्रकार, सरोज गुप्ता आदि उपस्थित रहे। इस दौरान एके नर्सिंग स्कूल की छात्राओं द्वारा शिशु संरक्षण माह को लेकर जागरूकता रैली भी निकाली गई।


Date : 22-Jun-2019

सेंट्रल हॉस्पीटल वार्ड में विकराल पेयजल संकट वार्डवासियों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

छत्तीसगढ़ संवाददाता
मनेन्द्रगढ़, 22 जून।
नपा क्षेत्रांतर्गत सेंट्रल हॉस्पीटल वार्ड क्र. 22 में विकराल पेयजल संकट गहराया हुआ है। पिछले एक माह से बूंद-बूंद पानी के लिए जद्दोजहद कर रहे वार्डवासियों ने शुक्रवार को वार्ड पार्षद के नेतृत्व में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और नपा प्रशासन को उचित कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किए जाने की मांग की, ताकि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा उन्हें मयस्सर हो सके।

वार्ड पार्षद आदित्य राज डेविड एवं वार्डवासी हीरालाल रजक, राम बाबू शाह, संगीता सिंह, विश्वनाथ शर्मा, राजेश सिंह, दुर्गेश शर्मा, अमिता शर्मा, मीरा बहादुर, ममता शर्मा, गणेश शर्मा एवं काशी आदि ने एसडीएम को सौंपे अपने ज्ञापन में कहा कि वार्ड क्र. 22 में पंप हाउस मोहल्ले में पानी की विकराल समस्या विगत् एक माह से बनी हुई है। नगर पालिका प्रशासन को बार-बार अवगत कराने पर भी खानापूर्ति के सिवाय कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

कभी चैनपुर में नवनिर्मित ओवरहेड टैंक के शुरू होने पर समस्या दूर हो जाएगी यह कहकर आश्वासन दिया
जाता है तो कभी लाइन की जांच करने की बात की जाती है, लेकिन इस ओर नगर पालिका द्वारा गंभीरता से कोई काम नहीं किया जा रहा है जिसके कारण वार्डवासी भीषण गर्मी मेें बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज हो गए हैं। इसी प्रकार कोड़ाकू मोहल्ला जहां समाज के सबसे पिछड़े तबके के लोग निवास करते हैं वहां भी 6 वर्ष पूर्व पाइप लाइन विस्तार किया गया था, किंतु आज तक वहां नगरपालिका द्वारा पेयजल प्रदाय नहीं किया गया है। कोड़ाकू मोहल्ले में दो हैंडपंप हैं जिससे कोड़ाकू मोहल्ला व पंप हाउस मोहल्ला दोनों मोहल्ले के लोग निस्तार के लिए पानी लेते हैं वे हैंडपंप भी लोड के कारण आए दिन खराब हो जाते हैं।

ज्ञापन में वार्ड क्र. 22 में लोक सुराज के दौरान
स्वीकृत पाइप लाइन विस्तार के लिए लगभग 14 लाख रूपए का टेंडर है उसका कार्य तत्काल प्रारंभ करने और वार्ड में स्वीकृत कार्य वार्ड में ही किए जाने की मांग की गई। पार्षद डेविड ने कहा कि उनके द्वारा पार्षद निधि से वार्ड में विभिन्न कार्यों के लिए मांग की गई है, लेकिन साल भर बीत जाने के बाद भी पार्षद निधि के कार्यों के लिए नगरपालिका द्वारा टेंडर जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले एक-दो माह में नगरपालिका चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी इसके बाद पार्षद निधि से कार्य नहीं हो सकेंगे और पार्षद निधि का उपयोग नहीं हो पाएगा जो कि शासन की मंशा के विपरीत कार्य होगा।


Date : 22-Jun-2019

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्ले स्कूल में योग शिविर आयोजित

छत्तीसगढ़ संवाददाता,
मनेन्द्रगढ़, 22 जून। 21
जून को पांचवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्ले स्कूल बचपन में योग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विद्यालय की शिक्षिकाआें द्वारा योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया गया साथ ही योगासनों को अपने दिनचर्या में शामिल करने का प्रण लिया गया।

विद्यालय की काउंसलर सोनाली दास ने सर्वप्रथम योग करने के फायदे समझाते हुए बतलाया कि योग करने से इंसान स्वस्थ्य रहने के साथ ही शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत रहता है। आधुनिक युग में योग का महत्व बढ़ गया है। इसके बढऩे का कारण व्यस्तता और व्याग्रता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक मनुष्य को आज योग की ज्यादा आवश्यकता है, क्योंकि मन और शरीर अत्यधिक तनाव, वायु प्रदूषण और भागमभाग भरे जीवन से रोग ग्रस्त हो चला है, जिसका परिणाम संबंधों में तनाव और अव्यवस्थित जीवनचर्या के रूप में सामने आया है। 

योग शिविर के माध्यम से लोगों के जीवन में योग के महत्वों के प्रति जागरूकता लाने का प्रयास किया गया। शिविर में विद्यानय की शिक्षिकाएं अंजली साहू, रोशनी अग्रवाल, रेखा दोहरे, साधना सिंह, समीक्षा मिश्रा, अनीता मिश्रा, सुजाता निषाद, शिल्पी सिन्हा, रिद्घिमा जायसवाल, तनुश्री सरकार, मंजूश्री दत्ता, प्रिया फारकसे, लक्षिता जैन एवं तनु सोनी आदि का सराहनीय योगदान रहा।

 

 


Date : 21-Jun-2019

कमरो की पहल पर सरकारी अस्पताल में महिला डॉक्टर की सेवाएं दोबारा शुरू

मनेन्द्रगढ़, 21 जून। शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञा डॉ. बिशाखा डे ने शुक्रवार से दोबारा सुचारू रूप से अपनी सेवाएं देना आरंभ कर दी है। डॉक्टर की पदस्थापना से महिला मरीजों ने राहत की सांस ली है।

बता दें कि 11 जून को डॉ. बिखाशा डे ने सीएचसी मनेंद्रगढ़ में अपनी ज्वाइनिंग दी थी, लेकिन एक सप्ताह बाद ही 18 जून को उन्होंने खंड चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश तिवारी को लिखित में पत्र सौंपकर ड्यूटी करने में यह कहते हुए असमर्थता जता दी थी कि जिला खनिज न्यास के अंतर्गत वे अपनी सेवाएं दे रही हैं, लेकिन मार्च, अप्रैल और मई तीन माह का वेतन उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं प्रशासन की ओर से उनके लिए निवास की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है जिससे अब वे अपनी सेवाएं नहीं दे पाएंगी। स्वास्थ्य के मामले में बेहद संजीदा रहने वाले सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राज्यमंत्री गुलाब कमरो ने स्त्री रोग विशेषज्ञ के पत्र को गंभीरता से लिया

और उनकी पहल पर संबंधित डॉक्टर को दो महीने के वेतन का भुगतान किया गया साथ ही उनके ठहरने के लिए जब तक डॉक्टर्स क्वार्टर खाली नहीं हो जाते रेस्ट हाउस के कमरा नं. 4 को एसडीएम आरपी चौहान के द्वारा एलॉट किया गया। सरकारी अस्पताल में डॉ. बिशाखा डे की सेवाएं शुरू होने पर महिला मरीजों ने राहत की सांस ली है वहीं क्षेत्रवासियों खासकर जनहित एवं सेवाभावी कार्यों के लिए समर्पित रहने वाली संस्था आम नागरिक मंच ने राज्यमंत्री गुलाब कमरो सहित शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। 

 


Date : 21-Jun-2019

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जनसमुदाय ने किया योगाभ्यास

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
मनेन्द्रगढ़, 21 जून।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सुरभि पार्क में सामान्य योग अभ्यासक्रम (प्रोटोकाल) की  जानकारी पंतजलि योग समिति  के योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय द्वारा दी गई।

एसडीएम आरपी चौहान एवं जनपद पंचायत सीईआे एके निगम के निर्देशन में संपन्न योग शिविर  का शुभारंभ  प्रार्थना से किया गया। सर्वप्रथम ग्रीवा चालन से योग अभ्यास की शुरूआत की गई। खड़े होकर किये जाने वाले आसनों में ताड़ासन, वृक्षासन पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन एवं बैठकर किए जाने वाले आसनों में  भद्रासन और शशांक आसन, मंडूकासन तथा उदर के बल लेटकर  किये जाने वाले आसनों में मकरासन, भुजंगाासन, शलभासन का अभ्यास कराया गया। पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले आसनो में सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, पवन मुक्तासन श्वासन का अभ्यास कराया गया। प्राणायाम की शुरूआत कपालभांति से की गर्ई। 

प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय ने प्राणायाम के लाभ के बारे में बताया कि कपालभांति से तंत्रिका तंत्र शक्तिशाली बनता है साथ ही यह पाचन तंत्र में लाभ पहुचांता है। अन्य प्राणायाम में अनलुोम-विलोम, शीतली  भ्रामरी  में जन समुदाय ने गहरी रूचि दिखाई। कार्यक्रम के अंतिम चरण में योग सत्र का समापन ध्यान और संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीएम आरपी चौहान ने विश्व योग दिवस की प्रशंसा करते हुए कहा कि योग आज पूरे विश्व में स्थापित हो रहा है, क्योंकि योग हमारे जीवन के ²ष्टिकोण को बदलने एवं सद्भाव बढ़ाने की अदभुत क्षमता रखता है। 


Date : 21-Jun-2019

एक व्यक्ति द्वारा शासकीय स्कूल की भूमि पर कब्जा कर मकान, प्रधान पाठक ने तहसीलदार से अतिक्रमण हटाने की मांग की

बैकुंठपुर, 21 जून। सोनहत में एक व्यक्ति द्वारा शासकीय स्कूल की भूमि पर कब्जा कर मकान बनाया जा रहा है। सरकारी हैंडपंप को घर के अंदर और सरकारी नहानी घर को तोड़ उसे घर की दीवार बनाई जा रही है। मामले की जानकारी लगते ही स्कूल के प्रधान पाठक ने तहसीलदार को तत्काल उक्त सरकारी भूमि में किया जा रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार सोनहत के घुमाडांड स्थित प्राथमिक शाला के प्रधानपाठक ने तहसीलदार को शिकायत कर बताया है कि स्कूल भवन से लगी सरकारी भूमि पर वहीं के निवासी भूपेन्द्र राजवाडे और सुनील राजवाडे द्वारा कब्जा कर घर का निर्माण करवाया जा रहा है। दोनों ने स्कूल का सार्वजनिक हैंडपंप को अपने बनाए घर के अंदर कर लिया है, ऐसे में स्कूल खुलने के बाद बच्चों को पीने के पानी के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। वहीं ग्राम पंचायत द्वारा बनाई गई नहानी घर पर भी कब्जा कर लिया गया है, उसकी दिवार तोड़कर उसपर घर बनाया जा रहा है, उन्होने तहसीलदार को पत्र लिखकर मामले में कार्यवाही कर अतिक्रमण हटाए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो और लोग इनसे प्रेरित होकर शासकीय भूमि पर कब्जा करेगे। उन्होंने मामले की जानकारी कलेक्टर, एसडीएम और ब्लाक शिक्षा अधिकारी को भी दी है। 

 


Date : 21-Jun-2019

बीते 8 साल से बंद मोबाइल टॉवर को शुरू करने नई सरकार ने भी आज तक किसी तरह की पहल नहीं की, फोन सेवा वंचित बडगांवकलां 
छत्तीसगढ़ संवाददाता 
बैकुंठपुर, 21 जून।
कोरिया जिले में छत्तीसगढ राज्य के अंतिम छोर पर रहने वाले ग्रामीण बिना मोबाइल टॉवर के रहने को मजबूर है। डिजीटल इंडिया के दौर में यहां के ग्रामीणों को किसी भी योजना का लाभ तो मिलना तो दूर है बल्कि परेशानियों का सबब बना हुआ है। यहां के लोग सबसे जरूरी मोबाइल सुविधा से काफी दूर है।  बीते 8 साल से बंद मोबाइल टॉवर को शुरू करने नई सरकार ने भी आज तक किसी तरह की पहल नहीं की है। 

जानकारी के अनुसार कोरिया जिलामुख्यालय बैकुंठपुर से 205 किमी दूर स्थित ग्राम बडगांवकलां के आसपास के लगभग 30 गांवों के ग्रामीणों की सुध लेने वाला कोई नहीं हैं, जिसमें रांपा, बडवार, बडगांवकलां, जनौरा, मनियारी, झांपर सहित कई बडे गांव शामिल है। बडगांवकलां में वर्ष 2008 में बीएसएनएल का टॉवर लगाया गया, दो साल टॉवर ठीक था, बीते 8 साल से यहां का टॉवर बंद पडा है। यहां किसी भी मोबाइल कम्पनी का टॉवर नहीं है, बीएसएनएल का टॉवर कबाड हो गया है, इधर, सब कुछ डिजीटल होता चला गया। नोटबंदी के बाद हर कुछ कैशलेस हो गया है। ग्रामीणों टॉवर शुरू करने की मांग को लेकर हर किसी का दरवाजा खटखटाया, परन्तु किसी ने ठीक कराने की पहल नही की। ग्रामीण बताते है कि हम लोगो को ना तो 102 का और ना ही 108 संजीवनी वाहन का लाभ मिल पा रहा है। कैशलेस होने के कारण यहां के सभी गांवों के निवासियों को 55 किमी जनकपुर या 50 किमी कोटाडोल जाना होता है, जनकपुर में बैक, जनपद पंचायत, अस्पताल है। ऐसे में हर काम के लिए उन्हें आने जाने में आर्थिक परेशानियों के साथ कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत बडवार के सरपंच बताते हंै कि वृद्धापेशन को ऑनलाइन कर दिया गया, यहां के वृद्धजन इसके बारे में अंजान है, मोबाइल तो यहां के लोगों के पास नहीं है, ऐसे में उन्हें बीते कई महिनों से पेंशन देने में बड़ी परेशानी खड़ी हो गयी है। 

कोटाडोल में टॉवर की समस्या
भरतपुर के कोटाडोल में आईडिया कम्पनी का टॉवर है, परन्तु वह भी बीते कई दिनों से खराब पडा हुआ है, यहां के लोगों को यदि कॉल करना होता है तो जनकपुर के समीप आकर कॉल कर बात करना पडता है। ग्रामीणों का कहना है इस दूरस्थ क्षेत्र की ओर कोई देखना पसंद नहीं करता है यही कारण यहां के समस्याएं जिलामुख्यालय तक पहुंच ही नही ंपाती है। 

सिर्फ पिकप ही है साधन
कोरिया जिले दूरस्थ क्षेत्र बडगांवकला पहुंचने के लिए जनकपुर कोटाडोल मार्ग में पडऩे वाले ग्राम रांपा से बडगांवकला तक पीएमजीएसवाय सड़क बनी चुकी है, परन्तु यहां आने जाने के लिए कोई भी सरकारी सुविधा नहीं है, यहां ग्रामीणों के लिए व्यापारियों की पिकप ही एक मात्र साधन है। ग्रामीण बताते है कि पिकप के आने जाने का समय फिक्स नहीं है, जिसके कारण एक बार जनकपुर जाने पर एक दिन में घर  लौट पाना आसान  नहीं है।

 


Date : 20-Jun-2019

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर सुरभि पार्क में अधिकारियों एवं योग साधकों ने किया योग का पूर्वाभ्यास

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
मनेन्द्रगढ़, 20 जून।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर योग का पूर्वाभ्यास कराया जा रहा है। गुरूवार को सुरभि पार्क में एसडीएम आरपी चौहान सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों व योग साधकों ने योग किया। उल्लेखनीय है कि पतंजलि योग संस्थान के सहयोग से तीन दिनों तक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के निर्धारित मापदंड के अनुरूप योग का पूर्वाभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने योग में घुटना चालन, तड़ासन, वृक्षासन, अर्ध चंद्रासन, त्रिकोणासन, दंडासन, गृभा चालन, स्कंद चालन, कटी चालन, वज्रासन, भद्रासन, वक्रासन, मकरासन, भुजंगासन, उत्तानपाद आसन आदि आसन कराया साथ ही प्राणायाम मे अनुलोम-विलोम, कपालभाति का भी अभ्यास कराया गया। पतंजलि योग समिति के योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय ने आम नागरिकों से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को सामूहिक योग शिविर में अधिकाधिक संख्या में सम्मिलित होने की अपील की। 


Date : 20-Jun-2019

बिना लाइसेंस खाद-बीज बिक्री पर रोक, पर लाइसेंस से दुगुनी दुकानें संचालित 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बैकुंठपुर, 20 जून।
कोरिया जिले भर में अमानक और घटिया बीज तथा कीटनाशक की सप्लाई हो रही है। इस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने बिना लाइसेंस विक्रय पर रोक लगा दी है। लाइसेंस बनाने की जवाबदारी कृषि विभाग को सौंपी गई है। इधर, कुषि विभाग के दिए लक्ष्य के मुकाबले एक्का दुक्का ही दुकानों के सेंपल जांच के लिए रायपुर भेजे गए है।   जिले में जितने लोगों को खाद-बीज बिक्री के लिए लाइसेंस दिया है। उसके दोगुने से कही ज्यादा दुकानें यहां संचालित हो रही हंै। 

  किसान खेती की तैयारियों में जुट गए हैं। हलांकि अभी खेतों में पर्याप्त पानी नही हो पाया है। कुछ किसान अपने खेतों में नजर आने लगे हैै। किसानों की जरूरतों को देखते हुए जिले भर के हर छोटे-बड़े शहर  व गांव में खाद व बीज की दुकानें भी लग चुकी है। दुकानों में हाइब्रिड बीज किसानों को आसानी से मिल रहा है जिससे वे दोगुने से तीन गुने तक उत्पादन का लाभ ले सकते हैं। यही नहीं अत्यंत जहरीले कीटनाशक व रासायनिक खाद से बाजार पटा पड़ा है। विडंबना है कि कृषि विभाग ने जिले में जितने लोगों को खाद-बीज बिक्री के लिए लाइसेंस दिया है। उसके दोगुने से कही ज्यादा दुकानें यहां संचालित हो रही हंै। 

रासायनिक खाद व हाईब्रीड बीज सिर्फ सैकड़ों अवैध दुकानों से नहीं बल्कि किराना की दुकान व हाट बाजारों में तिरपाल के नीचे भी खुले में बेचे जा रहे हैं। इधर, किसानों को सरकारी बीज 1010 या 64 के बजाय हाईब्रिड बीज दिया जा रहा है और उसका केसीसी भी किया जा रहा है, जिसकी ऐवज में बडी बडी निजी कम्पनियां ऐसे लोगों को हर वर्ष सिंगापुर और थाईलैंड टूर पर भेज रही है। बताया जाता है कि बचे सरकारी बीज को धान खरीदी बता दिया जाता है। इस पर निगरानी रखने वाला कोई नहीं है।
 रासायनिक खाद बेचने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया लंबी है। हर वह व्यक्ति जो कि दुकान संचालित करता है वह लाइसेंस प्राप्त नहीं कर सकता है। इसके बावजूद लोग खाद-बीज की दुकान चला रहे हैं। ऐसा नहीं कि जिले में संचालित इतने अधिक दुकानों की जानकारी कृषि विभाग को नहीं है। 

सेंपलिंग जांच के लिए कृषि विभाग ने हर तहसील में एक अधिकारी को जिम्मेदारी दे रखी है, परन्तु मनेन्द्रगढ के प्रभारी को भरतपुर का जिम्मा दिया गया है, बैकुंठपुर और खडगवां में भी एसडीओ के पास इस कार्य की जिम्म्ेदारी है। यही कारण है कि मामले की जांच की गति बेहद धीमी है। विभाग के फील्ड कर्मचारी से लेकर अधिकारियों को भी ऐसी दुकानों की जानकारी है, पर विभाग अब तक ऐसी अवैध दुकानों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। 

शासन की ओर से यह है दिशा-निर्देश रू छग शासन ने मार्च 2015 में कृषि विभाग को दिशा-निर्देश देते हुए कहा था कि उर्वरक लाईसेंसधारी संस्थाओं का पंजीयन ऑनलाइन किया जाए। इसके बाद भी पंजीयन ऑनलाइन नहीं किया जा रहा है।
नवीन उर्वरक लाईसेंस जारी करने, नवीनीकरण व जिन संस्थाओं की लाइसेंस की वैधता समाप्त हो रही हो, उन्हें सूचित कर रिन्यूवल करने निर्देश जारी किए हैं। आज भी प्रक्रिया को विभाग ने पूरा नहीं कर पा रहा है। ऑनलाइन पंजीयन करना और करवाना उपभोक्ता के साथ कृषि विभाग की भी जिम्मेेदारी है। शासन के निर्देश के अनुसार कृषि विभाग को जांच कमेटी टीम का गठन करना है, जो अवैधानिक रूप से खाद, बीज, दवा बेच रहे हैं, उन दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। परन्तु यह भी कागजों पर ही सिमट कर रह गयी है। 

रासायनिक खाद व हाईब्रीड बीच की बिक्री के लिए लाइसेंस उन्हीं को दिया जाता है जो कि बीएससी एग्रीकल्चर या बीएससी रसायन शास्त्र की डिग्री ले चुका है। कृषि को बढ़ावा देने और किसानों की खेत की रक्षा के उद्देश्य से शासन से यह मापदंड तय किया है। पर इन मापदंडों की परवाह यहां किसी को नहीं है। बीएससी एग्रीकल्चर करने वाला व्यक्ति नौकरी में जाना पसंद करता है। जो पहले से दुकान चला रहे हैं वे सिर्फ लाइसेंस प्राप्त करने के लिए इस डिग्री की पढ़ाई करना उचित नहीं समझते। क्षेत्र में विभिन्न नई कंपनियों के खाद-बीज भी आ रहे हैं। कंपनियों के एजेंट गांव के दुकानों में जाकर अपना माल बेच रहे हैं और दुकानदार इसे किसानों को थमा रहे हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी
सोनहत में उर्वरक और बीच के सेपंलिग मे लगे एसएडीओ जेके पैकरा का कहना है कि वो सरकारी और निजी दोनों का सेंपल ले रहे है, उन्हें 800 का टारगेट मिला है, फिलहाल 2 सेंपल लिया है, जुलाई तक टारगेट पूरा हो जाएगा। हालांकि यहां की जिम्मेदारी वैसे पीएल तिवारी जी के पास है। मनेन्द्रगढ़ के एसएडीओ जितेन्द्र कुमार ठाकुर का कहना है कि मंैने बीज का सेंपल लोहारी से लेकर भेज दिया था, खाद के कुल 5 सेंपल लिए हंै, निजी दुकानों का एक भी सेंपल नहीं ले सका हूं, सरकारी एक सेंपल जांच में सही पाया गया है। वहीं भरतपुर का प्रभार देख रहे मनेन्द्रगढ़ के सहायक संचालक एलएस अरमो, बैकुंठपुर और खडगवां के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी ने कई बार कॉल करने के बाद भी कॉल रिसीव नहीं किया। 


Date : 19-Jun-2019

खसरा रूबेला अभियान जिसके तहत् समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में 9 माह से 15 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण अभियान संपन्न हुए 6 माह बीत गए लेकिन ड्यूटीरत् कर्मचारियों प्रोत्साहन राशि भुगतान नहीं 

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
मनेन्द्रगढ़, 19 जून
। खसरा रूबेला अभियान जिसके तहत् पूरे जिले के समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों, निजी, शासकीय व अर्धशासकीय विद्यालयों एवं मदरसों में 9 माह से 15 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण किया गया था। उक्त अभियान को संपन्न हुए 6 माह बीत जाने के उपरांत भी इस कार्यक्रम में ड्यूटीरत् कर्मचारियों को प्रति सत्र 75 रूपए के अनुसार प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जाना था जो आज पर्यंत प्राप्त नहीं हुआ है। इसके अतिरिक्त राज्य से प्राप्त गाइडलाइन के अनुसार प्रत्येक उप स्वास्थ्य केंद्र में माइक्रोप्लान हेतु 100 रूपए, प्रचार-प्रसार हेतु 900 एवं सुपरवाइजर हेतु 100 रूपए प्रति तीन सत्र के अनुसार दिया जाना था, लेकिन बताया जाता है कि जिले के सभी विकासखंडों में नियम के विरूद्ध भुगतान किया गया या फिर किया ही नहीं गया। यह भी जानकारी मिली है कि उप स्वास्थ्य केंद्रों में दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि का विकासखण्ड में नियम विरूद्ध उपयोग किया गया। विकासखण्ड मनेंद्रगढ़ में किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया गया। राज्य से प्राप्त गाइडलाइन अनुसार जिले के जिला कार्यक्रम प्रबंधक, इकाई के कर्मचारी,अधिकारियों द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को अंधेरे में रखकर गाइडलाइन को परिवर्तित कर एएनएम का नाम हटाकर उच्चाधिकारी के आदेश की अवहेलना की गई है। वहीं विकासखण्ड खडग़वां में नियम को ताक पर रखकर प्रति कर्मचारी 400 रूपए की दर से भुगतान किया गया जबकि विकासखण्ड सोनहत में किसी कर्मचारी को भुगतान नहीं किया गया। विकासखंड पटना से शिकायत प्राप्त होने पर वर्तमान सीएमएचओ द्वारा जांच समिति बनाई गई, लेकिन दो माह बाद भी अब तक कोई जांच नहीं की जा सकी है और न ही नियमविरूद्ध कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी पर कोई कार्रवाई की गई। वहीं इस विषय में विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक सुलेमान खान से जानकारी लिए जाने पर उन्होंने कहा कि खसरा रूबेला अभियान में कार्यरत् कर्मचारियों के द्वारा दावा पत्रक पेश नहीं किए जाने की वजह से उन्हें प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया है, जबकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ रायपुर के द्वारा जारी 20 बिन्दुओं के गाइडलाइन में कहीं भी दावा पत्रक पेश किए जाने का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। बहरहाल ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक अरूण कुमार ताम्रकार ने कहा कि माह जून-जुलाई 2019 में समस्त कर्मचारियों के साथ व संघ के सभी जिला व विकासखण्ड पदाधिकारियो के साथ बैठक कर प्रोत्साहन राशि की बंदरबाट व नियमविरूद्ध कार्य करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होने पर पूरे जिले में समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रम व टीकाकरण को बंद करने की रणनीति बनाई जाएगी।

 


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