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Posted Date : 15-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 15 नवंबर। द्वितीय चरण के मतदान के लिए अब ज्यादा दिन शेष नही बचे हुए है इसके लिए चुनाव प्रचार 48 घंटे पूर्व 18 नवंबर को सायं के समय से बंद हो जायेगा। प्रचार के लिए बचे अंतिम समय में विभिन्न राजनीतिक दलों के द्वारा धुंआधार प्रचार अभियान चला रहे हैं। आम सभा एक दिन में कई जगहों पर ली जा रही है। भाजपा विकास को लेकर चुनाव प्रचार में उतरी है, वहीं कांग्रेस विकास के नाम पर भ्रष्ट्राचार को लेकर चुनावी रण में उतरकर घमासान मचाने में जुटी हुई है। कई प्रमुख मुद्दे चुनावी शोर में दब गये हंै सिर्फ विकास बनाम विकास के नाम पर भ्रष्टाचार ही प्रमुख विषय के मुद्दे बन गए हैं। भाजपा के लिए मंत्री द्वारा रेवड़ी की तरह नियम विरूद्ध तरीके से बॉटे स्वेच्छानुदान की राशि गले की फांस बन गई है। इस मामले से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है लेकिन यह मुद्दा को पहले से ही सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। लोगों के पास पूरी सूची चली गई है जो भाजपाईयों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।  
    भाजपा कहती है विकास हुआ कांग्रेस ने कहा भ्रष्टाचार हुआ
    आसन्न विधानसभा चुनाव के पूर्व चुनावी प्रचार अभियान में क्षेत्र में प्रमुख रूप से भाजपा व कांग्रेस में जमकर चुनावी घमासान मच रहा है। विभिन्न जगहों पर आम सभा लेकर जहां भाजपाईयों के द्वारा यह कहा जा रहा है कि आजादी के बाद लंबे समय में कांग्रेस ने जो विकास नहीं किया वह भाजपा ने 15 वर्षो में कर दिखाया। भाजपा विकास के नाम पर वोट बटोरना चाह रही है वही कांग्रेसियों का कहना है कि विकास को खो गया है लेकिन विकास के नाम पर भ्रष्टाचार का विकास जरूर हुआ। इस दौरान भाजपाईयों का सबसे ज्यादा विकास हुआ है असल विकास तो कागजों में ही हुआ। इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप के बीच भाजपा व कांग्रेस एक दूसरे पर तीर छोड़ रहे हैं।
    अवैध उत्खनन पर 
    भाजपा की चुप्पी
    जिले में अवैध रूप से रेत उत्खनन का मामला हो या फिर अन्य गौ खनिजों को लेकर अवैध उत्खनन का मामला हो इसे लेकर हमेशा ही कांग्रेस के पदाधिकारी मुखर रहे लेकिन भाजपा के पदाधिकारी जिले के किसी भी क्षेत्र में हो रहे अवैध उत्खनन कार्य का विरोध करने के लिए सामने नहीं आए। कांग्रेस के द्वारा यह आरोप भी लगाया जाता रहा है कि अवैध उत्खनन कार्य में भाजपा नेताओ का पूरा संरक्षण है। जिले के भरतपुर-सोनहत क्षेत्र के प्रमुख नदियों में बड़े स्तर पर नदियों से रेत का अवैध रूप से उत्खनन कर जिले ही नहीं बल्कि जिले के बाहर मप्र व उप्र में सबसे ज्यादा रेत का परिवहन किया जाता रहा। लेकिन इसी भी भाजपा पदाधिकारियों के द्वारा इसे लेकर भाजपा पदाधिकारियों ने हमेशा ही चुप्पी साधकर इस मामले से दूरी बनाए रखी। कांग्रेस का सीधा आरोप है कि मुख्यमंत्री के रिश्तेदार भरतपुर सोनहत क्षेत्र से अवैध तरीके से रेत उत्खनन कार्य में लगे हुए है जिसके चलते अधिकारी किसी तरह की कार्यवाई नहीं कर रहे हंै। यह मुद्दा भी चुनाव में खूब उछल रहा है।
    शिक्षा और स्वास्थ्य 
    का बन रहा है मुद्दा 
    विधानसभा चुनाव में प्रमुख शिक्षा और स्वास्थ्य का मुद्दा जनता के सामने है। आदिवासी बाहुल्य कोरिया जिले के ग्रामीण अंचलों में आज भी स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल है। प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक में कई तरह की असुविधाओं का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के साथ अव्यवस्था हमेशा ही हावी रहती है जिसका खामियाजा गरीब जनता को भुगतना पडता है। इसके अलावा निजी स्कूलों में बढ़ती फीस से हर अभिभावक परेशान है, इस मुद्दे को लेकर आमजन में वर्तमान सरकार के खिलाफ गहरी नाराजगी है। हर निजी स्कूलों में अनाप-शनाप फीस पर किसी भी प्रकार का सरकारी नियंत्रण नहीं देखा गया है। कई सभाओं में कांग्रेस इसे मुद्दा बना रही है। हालांकि भाजपा व कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी के घोषणा पत्र में स्वास्थ्य को लेकर बड़े-बड़े वायदे किए गए हैं। 
    इस तरह से हो रहा विकास 
    कांग्रेस पदाधिकारियों का आरोप है कि भाजपा के शासन काल में प्रदेश में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। ठेकेदार अधिकारी मिलकर घटिया निर्माण को अंजाम दे रहे हंै। कई भाजपाई अघोषित रूप से ठेकेदारी में लिप्त है। कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना है कि इसका उदाहरण बंजारीडांड से चिरमी के बीच करोड़ों रूपये के सड़क निर्माण कार्य को देखकर पता चल सकेगा। ग्राम बंजारीडांड से चिरमी तक सड़क निर्माण कार्य के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रूपये स्वीकृत किये गये थे इस कार्य को अधिकारी के एक रिश्तेदार ठेकेदार के द्वारा कार्य कराया गया। जिसमें निर्धारित गुणवत्ता मानकों का कितना पालन किया गया। इसी तरह कोरिया जिले में 153 करोड़ के जल संसाधन विभाग मेें बांध, एनिकट, व्यपवर्तन निर्माण में हुआ घोटाला भी लोगों की आम चर्चा में है। कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना है कि यह तो विकास के नाम पर भ्रष्टाचार का उदाहरण मात्र है जिले में ऐसे दर्जनों उदाहरण मिल जायेगे। जिसे भाजपा के लोग विकास होना बताते है क्या इसी तरह से विकास होता है।  
    भारी पड़ सकता है गैस सिलेंडर, डीजल-पेटोल के बढ़ते दाम
    भाजपा शासन काल में लगातार गैस सिलेंडर, डीजल-पेटोल के दामों में बढ़ोत्तरी हो रही है जो महंगाई को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। गैस सिलेंडर, डीजल-पेट्रोल में हो रही लगातार बढ़ोत्तरी कहीं भाजपा को न ले डूबे। हर आम नागरिक इससे परेशान है। गैस सिलेंडर के दाम 1 हजार रूपये के पार पहुंच गया है वहीं डीजल व पेट्रोल की कीमत लगभग आगे-पीछे चल रहे है जो 80 रूपये पार होकर अभी नीचे दाम लुढ़का है। डीजल-पेटोल के दाम बढऩे से यात्री किराये में बढ़ोत्तरी हुई। वहीं माल ढुलाई के दर बढ़ गये जिससे कि सभी परिवाहन होने वाली वस्तुओं के दामों में बढ़ोत्तरी हो गई है। महंगाई के मार से आम आदमी दबता जा रहा है गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है। सभी के चलते लेागों में जबरदस्त नाराजगी देखने को मिल रही है। इसका भी असर चुनाव के नतीजों पर पडऩे की संभावना बन रही है। कांग्रेस इसे प्रमुख मुद्दा बनाकर लोगों के बीच पहुंच रही है।
    और लोग भी स्वीकार कर रहे हैं। 

     

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 15 नवंबर। उप्र के मुख्यमं़त्री योगी आदित्य नाथ  ने आज  एसईसीएल खेल मैदान में चुनावी सभा को संबोधित किया।  20 मिनट दिए भाषण में कांग्रेस को झूठा और आतंकवादियों को पालने वाला और नक्सलियों का समर्थक बताया। 
    सीएम योगी  ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री मोदी देश को आगे बढ़ा रहे है।   राज्य की भाजपा सरकार अवैध उत्खनन रोकने से लेकर गुंडागर्दी पर नकेल कस दी है। लोग खुशहाल है, इसलिए उन्हें फिर से मौका मिलना चाहिए। जबकि कांग्रेस गुंडागर्दी करने वाले और नक्सल समर्थक है। कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के लोग ही राहुल गांधी के बारे में कहते है कि वो चुनाव नहीं जीतवा सकते। 
    उन्होंने कहा कि भाजपा जोड़ तोड़ की राजनीति नहीं करती है, समाज को नहीं बांटती है। जबकि कांग्रेस ऐसा ही करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने गरीबों को एक रूपए किलो चावल दे रही है। जन कल्याणकारी नीतियों के कारण लोग भाजपा के पक्ष में है। 
    उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्याशी काम करने वाला है प्रत्याशी की उपलब्धि वाली सूची पढ़ी ।20 मिनट दिए अपने भाषण में उन्होंनेे कांग्रेस को जमकर कोसा। इधर भाजपा जिलाध्यक्ष तीरथ गुप्ता ने मंच से ही सीएम योगी के हिंदू संगठनों ने मिल पाने पर सफाई देते कहा कि  कुछ लोगों के कारण श्री राम सेना, गौ रक्षा वाहिनी, महाकाल सेवा समिति नहीं मिल पाए। जेड 4 श्रेणी की सुरक्षा के कारण भी ऐसा हुआ है।  
    17 को आएंगे राहुल 
    इसके बाद 17 नवंबर को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की सभा मुख्यालय बैकुंठपुर में पैलेस के निकट प्रदेश के पूर्व वित्तमं़त्री स्व डॉ रामचंद्र सिंहदेव के समाधि स्थल पर आयोजित होगा। पहली बार कोरिया आ रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगमन को लेकर कांग्रेस ने जोरदार तैयारियां की  हंै।  

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Posted Date : 14-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 14 नवंबर। प्रदेश में पहले चरण का मदान समाप्त होने के बाद नेताओं का जोर अब दूसरे चरण के मतदान के लिए निर्धारित सीटों पर है। इसके लिए स्टार प्रचारकों के द्वारा सभा लेने का कार्यक्र्रम तय किया गया है। कोरिया जिले में दो दिनों के अंतराल में दो राष्ट्रीय नेताओं के साथ राज्य के मुख्यमंत्री पहुंच रहे है। कांग्रेस ने राहुल गांधी की आमसभा का स्थान बदल कर बैकुंठपुर कर दिया है। 
    जानकारी के अनुसार कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में 15 नवंबर को उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंच रहे है तो जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में महल के पीछे मैदान में राहुल गांधी की सभा का आयोजन तय किया गया है। दोनों का उडनखटोला पुलिस लाइन मे ंउतरेगा। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी एक दिन बाद 17 नवंबर को चुनावी सभा को संबोधित करने के लिए पहुंच रहे है। उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा मुख्यालय बैकुंठपुर के एसईसीएल के छोटे से मैदान में आयोजित होगी। यहां वे जनसभा को संबोधित कर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट मांगेंंगे। भाजपा की बेचैनी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोरिया जिले में यह पहला मौका है जब किसी चुनाव में कोई मौजूदा मुख्यमंत्री चुनावी सभा लेने पहुंच रहे है। बीते 4 साल से हिन्दूओं में जारी नाराजगी दूर करने योगी आदित्यनाथ को लाया गया है। बताया जाता है कि बैकुंठपुर के हिन्दू वोटरों में सेंध लगाने योगी आदित्य नाथ को भाजपा ने बुलाया है। इन दिनों क्षेत्र में ठंड भी बढ़ गयी है। ऐसे में सुबह 11 बजे सभा होने के कारण भीड़ लाना भी भाजपा के लिए चुनौती है, इसलिए जीर्णशीर्ण पड़े एसईसीएल के स्टेडियम को आमसभा के लिए चयन किया गया है, इस स्टेडियम में डेढ़ हजार लोगों के आने से ही स्टेडियम भरा दिखेगा। बचरापोडी में भी सत्ता विरोधी लहर को दुरूस्त करने की कवायद तेज हो गयी है, बैकुंठपुर विधानसभा में 17 नवंबर को ही डॉ रमन सिंह बचरापोडी में उतरेंगे। इधर, कांग्रेस की ओर से सालों बाद गांधी परिवार का कोई सदस्य कोरिया की धरती पर आने वाला है। 
    बैकुंठपुर विधानसभा में चुनावी मुकाबला रोमांचक हो गया है। डॉ रामचंद्र सिंहदेव की भतीजी के मैदान में आ जाने से सीट काफी हाई प्रोफाइल हो गयी है। उनके पक्ष में कांग्रेस अध्यक्ष स्वयं आ रहे है। जिसे लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। हाट बाजारों में उनके आने को लेकर चर्चा और माहौल गर्म है। 
    दोनों को पुलिस लाइन से शहर के बीच से सभा स्थल ले जाया जाएगा, जिससे माहौल बनने के ज्यादा आसार नजर आ रहे है। इससे पहले दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने चिरमिरी में चुनावी सभा ली थी इसके बाद मुख्यमंत्री रमन सिंह ने मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के खोगापानी में चुनावी सभा को संबोधित किया। इसी बीच उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यावव भी जिले में चुनावी सभा ले चुके है अब दो दिन के अंतराल में दो राष्ट्रीय नेता चुनावी सभा लेंगे। सभी पार्टियों के नेताओं के द्वारा जोर शोर से चुनावी सभा ली जा रही है। द्वितीय चरण का मतदान आगामी 20 नवंबर को होना है इसके ठीक पूर्व राष्ट्रीय नेताओं की सभा क्या असर डालती है यह तो मतदान दिवस ही तय हो पायेगा।

    80 के दशक में राजीव आए थे सोनहत
    इससे पहले 80 के दशक में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व राजीव गांधी सोनहत के कटगोडी के पास स्थित आन्नदपुर गांव में उतरे थे। राजीव गांधी कटगोड़ी में उतरे थे वहां से वो पैदल आनंदपुर तक गए थे, वहाँ उन्होंने नीलसाय पंडो के यहां खाना खाया था और इसके बाद कुशमाहा बांध का शुभारंभ किया था।  राहुल गांधी महल के पीछे स्थित मैदान में चुनावी सभा लेंगे। यहां स्व कुमार साहब की समाधि भी है। 

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Posted Date : 13-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 13 नवंबर। आगामी चुनाव में रोजाना राजनैतिक दलों में प्रचार को लेकर हड़बड़ाहट साफ देखी जा रही है, भाजपा हर हाल में साहू समाज को मैनेज और राजवाडे समाज को बंटने से रोकने में पूरा जोर लगा रही है, तो कांग्रेस डोर टू डोर कैम्पैन में प्रत्याशी को लोगों के करीब ले जा रही है। वहीं जोगी कांग्रेस, आप और गोंडवाना ने भी इस चुनाव में अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया है। 
    जानकारी के अनुसार चुनावी दौर में हर हाल में जीत दर्ज करने सभी राजनैतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। छोटी छोटी सभाओं में लोग चाय की चुस्की लेते हुए सभी लोगों के भाषण सुन रहे है। इधर, हाट बाजारों में प्रत्याशी लोगों से मिलकर अपने को दूसरे से बेहतर बताने से पीछे नहीं है। ग्रामीण भी सुन सबकी रहे हंै, पहली बार विधानसभा चुनाव में ग्रामीण मुखर होकर अपनी राय दे रहे हैै। पूछने पर उनका कहना है इस बार चुनाव में एक विशेष पार्टी द्वारा पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा है। जिसे वो लेंगे ही, क्योंकि वो पैसा आम जनता का है, परन्तु वोट वो अपने मन से ही देंगेे।, ऐसा हर कही सुनने को मिल रहा है।
     उधर, मतदान के लिए बचे दिनो मेें राजनैतिक दलों में लोगों के बीच पहुंचने की बेहद हड़बड़ाहट देखी जा रही है। सूत्रों की माने तो दो दिन पहले भाजपा प्रत्याशी को बचरापोडी में कार्यकर्ताओं ने जमकर खरी खोटी सुनाई, और कहा कि बीते 5 साल में कांग्रेसियों का काम सबसे पहले हुआ है, जिसे सुनकर उन्होंने कहा कि अब ऐसा नहीं होगा। काफी संख्या में जमा कार्यकर्ताओं को काम में लगने का मंत्र भी फंूका गया। वहीं कांग्रेस अपनी टीम का एकजुट करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्याशी का रोड शो करवा रही है। मंत्री के विवादित बोल के वीडियो लोगों को शेयर कर रहे हैं। तो जोगी कांग्रेस ने हर पोलिंग के साथ बड़े क्षेत्रों में अपने समर्थकों को बिठा दिया है, ताकि मतदाताओं को कोई और अपने पक्ष में ना कर सके। गोंगपा गोंड समाज के साथ अन्य समाज को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। 
    सोनहत में भी मंत्री के स्वेच्छादान राशि का विरोध
    सोनहत में राजवाडे समाज के कुछ खास लोगो को मंत्री ने स्वेच्छानुदान से लाखों रू बांट डाले, जिसे लेकर यहां के राजवाडे समाज में खासा विरोध है। इसकी सूची हर गांव मुहल्लों मे देखी जा रही है। सोनहत में लगभग 45 सौ राजवाडे मत है। जबकि दूसरे समाजों की बहुतायत है, ऐसे में सिर्फ राजवाडे समाज की ही ये राशि बांटी गई है। दूसरी ओर कुछ राजवाडे समाज के कुछ ही लोगों को ठेकेदारी से लाभ पहुंचाया गया है, जबकि ज्यादातर किसानी पर निर्भर है। इनकी पूछ परख सिर्फ चुनाव के समय ही होती है। ऐसे में बंटी स्वेच्छानुदान की राशि को लेकर समाज व्यथित है। इसके अलावा राजवाडे बाहुल्य एक ग्राम पंचायत में  मैदान पर बना मंच हटाने की बात कही थी, जबकि मंच आज तक नहीं हटा है जिसके कारण भी लोग बेहद नाराज है। 
    साहू समाज में सेंघ लगाने की तैयारी
    भाजपा का परंपरागत वोट साहू समाज को अपने पक्ष में लाने हर संभव प्रयास किया जा रहा है, झारखंड से आए चुनाव प्रभारी झारखंड राज्य के साहू समाज के लोगों को यहां के समाजिक लोगों के घर भेज रहे है, वहां वो खाना खा रहे है और भाजपा के पक्ष में वोट देने की समझाईस भी दे रहे है। वहीं मंत्री ने साहू समाज के बच्चे का इलाज करवाया है उनके यहां पूजा का आयोजन करवा, साहू समाज के पास जाकर वोट की गुहार लगाई। इधर, भाजपा के मंच से साहू समाज के एक पदाधिकारी बिजेन्द्र साहू ने कहा कि मंत्री के खिलाफ साहू समाज को नाराज करने के पीछे षडयंत्र रचा गया है, जबकि साहू समाज भाजपा के साथ है, वहीं कांग्रेस के मंच से समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी अरूण साहू ने कहा कि मंत्री के खिलाफ बैठक में जारी निंदा प्रस्ताव में उनका भी हस्ताक्षर है, लगता है उनको चढ़ोतरी चढ़ गया है, इसलिए उनके सुर बदल गए है, साहू समाज की यह लड़ाई मान सम्मान की है, वो किसी कीमत पर समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं करेेगे। 
    झारखंड से आए भाजपाईयों की शिकायत
    सामाजिक कार्यकर्ता अनिल महाराज ने मुख्य चुनाव आयुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी को भाजपा के पक्ष में प्रचार और पैसा लाने ले जाने का जिम्मा संभाल रहे झारखंड के पदाधिकारियों को यहां से हटाए जाने की शिकायत की है। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया है कि ऐसे पन्ना प्रभारियों के साथ पदाधिकारियों को जिले से बाहर किया जाए, ये चुनाव को ना सिर्फ प्रभावित कर रहे है बल्कि भयपूर्ण वातावरण भी निर्मित कर रहे है। ये बीते 1 माह से बैकुंठपुर में रहकर चुनाव को प्रभावित कर रहे है। ये ग्रामीण अंचलों में लाकर लोगों को बरगला रहे है। यह भी बताया कि इसी वजह से बीते एक माह में शहर और ग्रामीण क्षेत्रो चोरी की वारदात भी बढ़ गयी है। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की है ऐसे व्यक्तियों को चिन्हाकित कर वापस झारखंड भेजा जाए और उनके विरूद्ध कार्यवाही भी की जाए।

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Posted Date : 10-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    बैकुंठपुर, 10 नवंबर। कोरिया जिले में चुनाव के बचे दिनों में भाजपा हर हाल सीट बचाने पूरा जोर लगा रही है, जबकि अन्य दल बीेते वर्षो में किए गए कार्यो का लेखा जोखा बता जनता को अपनी ओर करने में जुटी है। वहीं बैकुंठपुर में खुलेआम कंबल, जैकेट, साड़ी बांटे जाने की जानकारी  मिल रही है। कुछ दलों ने इसकी शिकायत चरचा थाने में भी की है। 
    प्रदेश में पहले चरण का चुनाव 12 नवंबर को होना है, इसके बाद भाजपा संगठन के तमाम पदाधिकारी कोरिया की तीनों सीट बचाने के लिए मैदान में उतरने वाले है, 13 तारीख से चुनावी घमासान बढऩे के आसार अभी से दिख रहे हंै।  
     इधर, कांग्रेस की सभाओं में एक्का दुक्का नेता ही भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ कुछ बोलता दिख रहा है, कांग्रेस हाट बजारों में होने वाली सभाओं में चुनाव में मोदी, डॉ रमन सिंह, राम मंदिर को मुद्दा बना रही है, जबकि स्थानीय मुद्दों से दूरी बनाए हुए है। 
    दूसरी ओर भाजपाई कांग्रेस की प्रत्याशी के खिलाफ जमकर प्रचार कर रहे हैं। वो उन्हें बाहरी बता रहे है। वही साहू समाज को हर हाल में मनाने की तैयारी भाजपा ने कर ली है, अब समाज को मनाने में राज्य संगठन से भी भाजपा नेताओं पर दबाव तेज हो गया है। 
    वहीं शुक्रवार को चरचा से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में कंबल, जैकेट, साल बांटने की बात सामने आई, इसकी शिकायत कुछ दलों ने चरचा थाने में भी की है। वहीं बैकुंठपुर शहर के कुछ इलाकों में भी कंबल और युवाओं को जैकेट बांटे जानकारी की जानकारी लोग दे रहे हैं। हालांकि लोगों का यह भी कहना है जो दे रहे हैं उनका हम ले भी रहे हैं, जो वो खर्च कर रहे है वो जनता का ही पैसा है। 
    खुफिया रिपोर्ट में पीछे 
    कोरिया जिले की तीेनों सीट पर भाजपा अपना किला बचाने में पूरा जोर लगा रही है।  सूत्रों की माने में  खुफिया रिपोर्ट में भाजपा को काफी नुकसान बताया जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी बात सामने आ रही है कि सबसे ज्यादा नुकसान विवादित बोल के कारण हो रहा है,।आदिवासियों के बीच पत्थरगड़ी पर देशद्रोही और किक आउट करने की बात हो, ब्राहम्ण समाज के सचिव को जूता मारने की बात हो या साहू समाज के खिलाफ टिप्पणी हो इसे लेकर लोगो में काफी रोष देखा जा रहा है।  
     हर हाल में ऐसे पोलिंग बूथ की पहचान करने के निर्देश दिए गए है जहां उन्हें नुकसान हो रहा है। ऐसा तब हो रहा है जब भाजपा ने ग्राउड लेवल पर पन्ना प्रभारी के बनाए है, रूठी राम सेना को अपने पक्ष में मना लिया है, उनके सभी लोग रात दिन भाजपा के लिए काम कर रहे हंै।  
    मौका देख पलट रहे लोग
    भाजपा के शासन में कुछ ऐसे लोग रहे जिन्होने सत्ता का जमकर फायदा उठाया और तो और मंत्री के करीबी बने रहे, ऐन चुनाव के वक्त एकदम चुप्पी साधे बैठे है, सत्ता विरोधी लहर होने के कारण अब वो ये फिराक मेें है कि यदि सत्ता बदली तो वो कैसे दूसरी ओर आ सकते है। वहीं जनता ऐसे लोगों पर नजर गढाए हुए है, उनकी गतिविधियों को लेकर शहर में चर्चा आम हो रही है।

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Posted Date : 09-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    बैकुंठपुर, 9 नवंबर। जारी विधानसभा चुनाव में विकास का मुद्दा पीछे छूट गया है और नेताओं के बोल और स्वेच्छानुदान सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। वहीं ग्रामीण परिवेश के युवाओं में चुनाव में उतरे प्रत्याशियों को लेकर बड़ी जागरूकता देखी जा रही है। युवा खुलकर अपना पक्ष रख ही रहे है, बल्कि वो किसी भी कीमत पर ना बिकने की बात भी कह रहे है, साथ ही कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पैसा देगे तो झोंक लेगें पर वोट वो अपने मन के ही प्रत्याशी को देेंगे।
    जानकारी के अनुसार चुनावी घमासान में सबसे बड़ा मुद्दा स्वेच्छानुदान का देखा जा रहा है, इससे निपटने भाजपा द्वारा मंडल अध्यक्ष से लेकर पन्ना प्रभारियों को दिवाली मनाने के लिए भारी पूछपरख की गई है, पहलंी बार हुई पूछ परख से भाजपा के कार्यकर्ता भी हैरान है, कईयों का कहना है कि यदि 5 साल ऐसे ही दिवाली मनाई जाती तो भाजपा को इतनी मेहनत नहीं करनी पड़ती। वहीं स्वेच्छानुदान को लेकर भाजपा अपने कार्यकर्ताओं से लेकर पन्ना प्रभारियों को जवाब देने के लिए हर संभव समझाईस दे रही है, ताकि इस मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाया जा सके। जबकि स्वेच्छानुदान की सूची व्हाट्सअप से गांव गांव में लोगों के मोबाइल में तैर रही है।
     बैकुंठपुर विधानसभा के कई ग्राम पंचायत में कुछ खास लोगों के नाम इस सूची है कई तो ठेकेदारी भी कर रहे है और स्वेच्छानुदान की राशि इलाज के लिए ले चुके हंै। ऐसे में पंचायत के ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त है, वहीं कांग्रेस, जोगी कांग्रेस और गोंगपा इसको मुख्य चुनावी मुद्दा बनाकर लोगों की बीच जा रही है। तीनों का भाजपा पर आरोप है कि अपने कुछ करीबियों, भाजपा के पदाधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों  व सेठ करोड़पतियों को इलाज और शिक्षा के नाम पर राशि का बंदरबांट किया गया है। सूची में कई नाम ऐसे है जिन्होने कर वर्ष इसकी राशि ली है, तो कुछ नाम ऐसे है कि जिन्होंने संसदीय सचिव चंपादेवी पावले से भी ली और मंत्री से भी। इसका सबसे ज्यादा असर पटना 84 और सोनहत में सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। मंच पर आते ही विपक्षी सिर्फ इसी मुद्दे को लेकर लोगो के बीच भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हंै। वहीं लोग भी सूची देख हैरान है। 
    युवा नहीं बिकेंगेे, देेंगे मन का वोट 
    इधर, बैकुंठपुर विधानसभा में युवा वोटर किसी भी कीमत पर बिकने को तैयार नहीं है, स्वेच्छानुदान के मुद्दे ने फेसबुक पर विकास की पोस्ट डालने वालों की युवाओं ने बोलती बंद करा दी है। कई युवाओं से जब यह सवाल किया गया कि इस चुनाव में काफी पैसा देकर लोगों को वोट के लिए खरीदा जा रहा है ऐसे मे क्या आप लोग भी बिकोगे, जिस पर युवाओं का कहना है कि वो किसी भी कीमत पर नहीं बिकेगें, खरीदने वालों से यह पता चलता है कि वो हारने की स्थिति में है, वहीं कुछ ग्रामीणों से इस संबंध में सवाल किया गया है तो ग्रामीणों केा कहना है कि नेताओं के पास किसका है, जनता का ही है, यदि पैसा देते है तो झोंक लेगें, परन्तु वोट वो अपने मन से ही देेगें ये तय है।

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Posted Date : 09-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    बैकुंठपुर, 9 नवंबर। बहनों को 35 किलो चावल देने के नाम पर 7 किलो  देकर ठग दिया गया, परन्तु कांग्रेस ऐसा नहीं करेेगी, कांग्रेस हर किसी को 35 किलो चावल देगी, हर तरह की मेडिकल सुविधा नि:शुल्क, चिटफंड कम्पनी के मालिकों से होगी वसूली, अभिकर्ता और छोटे एजेन्टों को दी जाएगी राहत, उक्त बातें नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने बचरा पोडी में आयोजित कांग्रेस की आम सभा में कहीं।
    गुरूवार को बचरापोडी में कांग्रेस की आम सभा में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव का हैलीकॉपटर उतरा, दूर दूर से काफी संख्या में महिला पुरूष पहुंचें हुए थे, लोगेां को उनका कुछ देर इंतजार करना पडा, आते ही उन्होने महिलाओं से मुखातिब होकर उनसे 35 किलो चावल से 7 किलो किए जाने पर सवाल किया, इसी तरह वो अपनी हर बात लोगों से बुलवाते और उनसे हामी भरवाते रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार आते ही रमन सरकार द्वारा दो साल का जो बोनस नहीं दिया गया है उसे वो देेंगे।  किसानों को कर्जा माफ करना प्राथमिकता है, इस समय जो किसान अपना कर्जा जमा कर चुके है वह भी माफ होगा। इन दिनों जो फसल का नुकसान हुआ उसे भी सर्व करवा कर दिया जाएगा। 
    बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं के लिए उन्होनें कहा कि फार्म भरने के लिए उन्हें 300'-400 रू देना पडता है, हमारी सरकार में पूर्णत: निशुल्क होगा, आउट सोर्सिग नहीं होगा, पहले स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, बचे पदों पर बाहर के लोगों को नौकरी मिलेगी। उन्होंने कहा कि हर किसी के मेडिकल खर्च को सरकार वहन करेगी, किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा। इसी तरह 35 किलो चावल हर किसी को दिया जाएगा। उन्होंनेे कहा कि सरकारी कर्मचारियों के वेतन की विसंगतियों को खत्म करने की भी उन्होंने योजना बना रखी है। सभी संघों से विचार कर उसे दुरूस्त कर कर्मचारियों को राहत पहुंचाई जाएगी।  इसके अलावा उन्होंने चिटफंड कम्पनियों के फरार हो जाने पर अभिकर्ताओं और छोटे एजेन्टों को परेशान नहीं करने की बात कही। उनका कहना है कि बड़े बड़े लोग गरीबों के पैसे लेकर भागे है उनसे वसूली की जाएगी, जबकि छोटे लोगों परेशान नहीं किया जाएगा। उन्होंने बेहद सरल और सरगुजिहा भाषा में लोगों से बात की, कई बार महिलाओं की ओर से उनके लिए तालियां भी बजती दिखी तो कई बार हंसी ढिठौली का भी माहौल देखा गया। 
    चुनाव आयोग की थी कड़ी नजर
    कांग्रेस की आमसभा में कांग्रेस के प्रत्याशी को आयोग की टीम ढंूढंती रही, आयोग के अघिकारी कर्मचारी सायकल से लेकर बड़े वाहनों की गिनती करते देखे गए। वहीं चारों तरह यह पता लगाया जा रहा है कि आमसभा में कांग्रेस प्रत्याशी अम्बिका सिंहदेव है या नही, दरअसल, आदर्श आचार संहिता के अंतर्गत यदि प्रत्याशी का प्रचार प्रसार किया जाता है तो आम सभा का पूरा खर्चा प्रत्याशी के खाते में समायोजित कर दिया जाना है। ऐसे में कांग्रेस की आम सभा से अंबिका सिंहदेव से दूरी बना रखी थी, तब सभा चल रही थी वो उस समय बचरा पोडी से जुडे गांवों में जनसंपर्क करती दिखी। 

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Posted Date : 06-Nov-2018
  • अभी नहीं दिख रहा मतदाताओं में उत्साह

    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    बैकुंठपुर, 6 नवंबर। कोरिया जिले की तीनों सीटों पर प्रत्याशियों के नाम और चिन्ह साफ हो चुके हंै,अब घमासान शुरू हो गया है। दिवाली के बाद चुनाव प्रचार और जोर पकड़ेगा। भाजपा की ओर से कांग्रेस के बड़े नेता पर आम सभा में निजी हमला कर दिया, बताया जा रहा है कि बाद उस नेता को जमकर खरी खोटी सुनने पड़ी है, और आगे से ध्यान रखने की हिदायत भी दी गई है। 
    विधानसभा चुनाव 2008 और 2013 के बाद भाजपा उतनी मजबूती से चुनाव में उतरती नजर नहीं आ रही है, इसका सबसे बड़ा कारण लोगों में वो उत्साह नहीं देखा जा रहा है। वहीं विपक्षी आक्रमक हो रहे है। भाजपा का चुनाव सिर्फ झारखंड से आए लोगों तक सीमित होकर रह गया है। झारखंड से आए पदाधिकारी अब पटना और बचरापोडी जैसे छोटे कस्बो में भी वे डेरा डाल कार्यकर्ताओं से नीचे स्तर तक व्यवस्था उपलब्ध कराने में जुटे है। वहीं बाकि दलों ने भी बूथ मैनेजमेंट पर ही जोर दे रखा है। परन्तु जनता में वैसा उत्साह नहीं दिख रहा है जो चुनाव के समय होना चाहिए।
    बैकुंठपुर में चतुष्कोणीय मुकाबला
    पहली बार बैकुंठपुर में मुकाबला चतुष्कोणीय  नजर आ रहा है। भाजपा की एंटी इंकबेंसी और जोगी कांग्रेस के आ जाने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। अभी तक बीते दो चुनाव में गोडवाना गणतंत्र पार्टी के वोट लेने से भाजपा को फायदा होता था, परन्तु इस बार राजवाडे वोटरों में जोगी कांग्रेस की सेंध लगाने से भाजपा हड़बड़ाई हुई है। भइयालाल राजवाडे अपने प्रचार मेें बच्चे के इलाज के लिए 15 लाख रू देना बता लोगों से वोट मांग रहे है, जबकि विपक्षियों को कहना है सरकारी खर्च पर इलाज हुआ है, ना कि निजी खर्च से उन्होंने मदद की है। इधर, कांग्रेस के परांपरागत वोट काफी है, कांग्रेस डॉ रामचंद्र सिंहदेव के निधन के बाद लोगो के मन में उनके प्रति सम्मान को लेकर चुनाव में उतरी है। कुमार साहब की भतीजी अंबिका सिंहदेव अब मैदान मे भाजपा से जवाब मांग रही है। जबकि जातीय समीकरण के कारण गोंडवाना भी आगे नजर आ रही है। गोंडवाना अपनी सभाओं में सीधे मंत्री से सवाल पूछ रही है, उनके कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार और मनमानी की बाते लोगों तक पहुंचा रही है।  वहीं स्वेच्छानुदान की राशि की सूची गांव गांव में देखी जा रही है, जिसका भी असर इस चुनाव में होना तय माना जा रहा है। परिसीमन के पहले ये सीट कांग्रेस के पास हुआ करती थी, बीते दो चुनाव में भइयालाल राजवाड़े ने कांग्रेस के बेदांति तिवारी से छीन कब्जा जमा रखा है। 
    मनेन्द्रगढ़ में त्रिकोणीय मुकाबला 
    जोगी कांग्रेस से लखन श्रीवास्तव के मैदान में उतर जाने से कांग्रेस और भाजपा दोनों में खलबली मची हुई है। हालांकि कांग्रेस ये सोच रही है कि लखन श्रीवास्तव भाजपा से आए तो भाजपा का नुकसान होगा, परन्तु खडगवां क्षेत्र से पूर्व विधायक गुलाब सिंह ने जोगी कांग्रेस के लिए मैदान संभाल रखा है, कांग्रेस ने चिरमिरी से विनय जायसवाल को टिकट दिया है, जिसे भाजपा बाहरी बता लोगों को अपनी ओर करने मे जुटी है। यहां भाजपा, कांग्रेस और जोगी कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने के आसार दिख रहे है, जबकि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भी पहले से हर हाल में अच्छा करने कमर कस कर मैदान में है। वर्ष 2008 के पहले ये सीट कांग्रेस के पास थी, बीते दो चुनाव में पहले दीपक पटेल और फिर श्याम बिहारी जायसवाल ने जीत दर्ज कर इसे कांग्रेस से छिन ली। 
    भरतपुर सोनहत में आमने सामने की लड़ाई
    राज्य की पहली विधानसभा में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी लडाई है। हलांकि बसपा, गोंगपा भी मैदान में है, परन्तु लोगों के बीच दो प्रमुख दलों के बीच घमासान की चर्चा आम है। इधर कांग्रेस से बागी होकर शरण सिंह निर्दलीय मैदान में उतर आए है, इसे कांग्रेस भाजपा की चाल बता रही है। जबकि कुछ निर्दलीय ऐसे भी जो भाजपा का नुकसान कर रहे है। इधर, गोंडवाना से अपने कद्दावर नेता श्याम सिह मरकाम को उतारा है तो चेरवा समाज की बाहुल्यता देखते हुए बसपा ने कृष्णा प्रसाद चेरवा को ला खडा कर दिया है। इसके पूर्व परिसीमन के बाद नई बनी भरतपुर सोनहत सीट कांग्रेस के पास हुआ करती थी। 2008 के चुनाव में भाजपा के फूलचंद सिंह ने बाजी मारी थी, 2013 में भाजपा की चंपादेवी पावले ने जीत हासिल की थी। प्रत्याशियों के लिए काफी बडा क्षेत्र होने के कारण चुनाव से ठीक पहले सभी जगह पहुंच पाना बेहद असंभव कार्य है।

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Posted Date : 03-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 3 नवंबर। बीते दो दिन में विभिन्न राजनीतिक दलों के शक्ति प्रदर्शन को लेकर लोगों में अलग-अलग राय बनती दिख रही है। जोगी कांग्रेस को सबसे कमजोर मनाने वाले ऐसे लोग उनकी रैली देख अचंभित रह गए। वहीं भाजपा भी इसे लेकर चिंता में है, क्योंकि सबसे ज्यादा समाजिक वोटों के बंटवारे के आसार जोगी कांग्रेस और भाजपा में ही दिख रहे हंै। वहीं कांग्रेस और भाजपा अपनी-अपनी रैली को आगे बताने में जुटे हैं। वहीं बरदिया में ग्रामीणों ने मंत्री को वापस जाओ नारे लगाए, जिस पर जोगी कांग्रेस ने उन पर लगे आरोपों का खंडन करते हुए उनका स्वागत किया है। 
    जानकारी के अनुसार 1 नवंबर को भाजपा ने रैली निकाल कर शक्ति प्रदर्शन किया, तीनों विधानसभा के साथ संगठन के साथ पोलिंग बूथ लेवल के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। तीनों विधायक रथ पर सवार थे, बैकुंठपुर भाजपा के प्रत्याशी भइयालाल हाथ हिलाते हुए नजर आए जबकि मनेन्द्रगढ़ श्याम बिहारी जायसवाल और भरतपुर सोनहत की चंपा देवी पावले हाथ जोड़कर लोगों से वोट की अपील करते देखे गए, इधर, 2 नवंबर को कांग्रेस के तीनों प्रत्याशी अंबिका सिंहदेव, डॉ विनय जायसवाल और गुलाब कमरों ने हाथ जोड़कर पैदल चलते हुए लोगों से वोट मांगा, ऐसा ही गोंगपा के संजय कमरो, श्याम सिंह मरकाम और जोगी कांग्रेस के बिहारी लाल राजवाडे ने भी किया। तीनों पार्टियों के प्रत्याशियों ने लंबी दूरी तय कर पैदल कलेक्टर पहुंचे। भाजपा, कांग्रेस, जोगी कांग्रेस, गोंगपा के समर्थक अपनी अपनी रैली को बढ़ा चढ़ाकर लोगों को एक दूसरे से शानदार बताने में पीछे नहीं है। परन्तु आने वाले 20 नंवबर में यह तय होना है कि आखिर जनता किसकी रैली और पार्टी को अच्छे नंबर देती है। 
    बरदिया में विरोध का 
    करना पड़ा सामना
    शुक्रवार की रात बरदिया पहुंचे भइयालाल राजवाड़े को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा, बरदिया के ग्रामीणों के अनुसार इस वर्ष घुघरी बांध पर शिवरात्री पर लगे मेेले में उनसे पानी टैंकर की मांग की गई थी, इस आयोजन में पटना 84 के ग्रामीण एकत्रित होते हंै और भारी भीड़ भी इक_ी होती है। जिस पर उन्होंने यह कह कर टैंकर देने से मना कर दिया था कि क्या घुघरी का पानी ,खत्म हो गया, ऐेसे में जब वे मंत्री राजवाडे वोट मांगने बरदिया पहुंचे तो उनके समर्थकों ने भइयालाल जिंदाबाद में नारे लगाए, जिसके बाद ग्रामीणों ने वापस जाओ और मुर्दाबाद के नारे लगाकर विरोध करना शुरू कर दिया। दोनों तरफ लगते रहे। 
    इधर, कुछ स्वेच्छानुदान प्राप्त समर्थक सोशल मीडिया में जोगी कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराने लगे, जिसके बाद जोगी कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि रैली देखकर भाजपा और उनक समर्थक घबरा गए हैं, जोगी कांग्रेस के प्रत्याशी बिहारी लाल राजवाड़े ने फेसबुक पर मामले की जानकारी देते हुए बताया है कि मामले से जोगी कांग्रेस का कोई  लेना देना नहीं है। वे इसकी कड़ी निंदा करते है। ना ही उनके समर्थकों ने उनके खिलाफ नारे बाजी की है। जब ये घटना घटी तक उनके समर्थक बरदिया में नहीं थे, कुछ बैकुंठपुर से लौट रहे थे, जबकि कुछ आनी में बैठक ले रहे थे। सिर्फ वहां ग्राम वासी ही थे। वे मंत्री राजवाड़े का सम्मान करते है और वे बरदिया में आए जनसंपर्क करे वो उनका स्वागत करते है। 
    समाज भइयालाल 
    के पक्ष में
    बैकुंठपुर विधानसभा में राजवाड़े समाज की बाहुल्यता को देखते हुए भाजपा ने चौथी बार भइयालाल राजवाड़े को तो नई पार्टी जोगी कांग्रेस ने बिहारीलाल राजवाड़े को अपना उम्मीदवार बनाया है। इधर, जामपारा में हुई समाजिक बैठक में भइयलाल राजवाड़े के नाम पर सहमति बनी है, इसकी जानकारी भाजपा के पार्षद हेमंत राजवाड़े ने फेसबुक पर देते हुए बताया है कि पूरा समाज भइयालाल राजवाडे के साथ है। गौरतलब है कि जोगी कांग्रेस के प्रत्याशी बिहारी लाल राजवाड़े को एक साल पहले अपना प्रत्याशी बनाया था, तभी से यह तय दिख रहा था कि दो राजवाड़े की सीधी टक्कर होना तय है। बहरहाल, 20 नवंबर को ये देखना होगा कि सामजिक वोटों का बंटवारा हो पाता है या एक ही राजवाड़े के समर्थन में वोट पडते है।

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Posted Date : 02-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 2 नवंबर। विधानसभा चुनाव 2018 के लिए चुनाव मैदान में उतरे बैकुंठपुर विधान सभा क्षेत्र से कंाग्रेस प्रत्याशी के पास चल अचल करोड़ों की संपत्ति है। इसी विधानसभा क्षेत्र से आप प्रत्याशी के एक लाख से कम ही नगदी व जमा रकम कुल है। ऐसा ही हाल भरतपुर विधानसभा में कांग्रेस के प्रत्याशी का है और गोगपा के प्रत्याशी के पास भी ज्यादा राशि नहीं है। जबकि मनेंद्रगढ़ क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी इस मामले में उक्त तीनों प्रत्याशियों से की ज्यादा उनके पास करोड़ों की संपत्ति है। 
    नाम निर्देशन पत्र में दिये गये शपथ में दी गयी जानकारी के अनुसार मनेंद्रगढ के कांग्रेस प्रत्याशी डॉ विनय जायसवाल नेत्र रोग विशेषज्ञ है जो एमएस आप्थल्मेलॉजी में डिग्री वर्ष 2008 में रायपुर मेडिकल कालेज से लिये है। पेशे से चिकित्सक है और इनके पास नगदी रकम 7 लाख रूपये है जो उक्त किसी भी उम्मीदवार से कई गुना ज्यादा है वहीम पत्नी के पास नगद 4 लाख 91 हजार से ज्यादा है। ओरिऐंटल बैंक रायपुर में इनके नाम पर 2 लाख 39 हजार 101 रूपये है वही पीएनबी चिरमिरी में 9 लाख 50 हजार रूपये है इसके अलावा 55 लाख व 20 लाख हास्पिटल पार्टरशिप में लगाये है। बीमा भी इनके नाम पर है जिनमें से एक 6 लाख से ज्यादा तथा एक में 20 हजार से ज्यादा का वार्षिक प्रीमियम है। बिरना सनलाईफ में 4 लाख से अधिक जमा है। इनके पास एक कार है। वहीं पत्नी के नाम पर भी एक कार मौजूद है। इसके अलावा पत्नी के नाम पर भी लाखों रूपये जमा है तथा आश्रितों के नाम पर भी रकम हजारों में है। साथ ही 12 लाख से ज्यादा त्रण राशि देय है। पत्नी के नाम पर 20 हजार की चांदी तथा 18 लाख से ज्यादा के सोने के आभूषण है। 
    बैकुंठपुर विधान सभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अंबिका सिंहदेव भी लखपति है। इनके पास 35 हजार नगद, पति के नाम 22 हजार से ज्यादा नगद, आश्रितों के नाम पर 10 हजार से ज्यादा नगदी है। स्वयं के नाम पर कोलकाता में 16 लाख से ज्यादा रकम जमा है। वही एक खाते में 328 रूपये, एसबीआई रायपुर में 1 लाख 48 हजार रूपये, एचडीएफसी बैकुण्ठपुर में 11 हजार रूपये के साथ स्वयं के नाम पर लाखों रूपये है। वही इनके पति के नाम पर यूके के खाते में 57 हजार रूपये आश्रितों के नाम पर कुल 42 हजार रूपये जमा है। इसके अलावा इनके नाम पर सोने के जेवरात 29 लाख रूपये के है वही चांदी 15 लाख रूपये के है।  कोलकाता में वाणिज्यिक अपार्टमेंट के साथ एक चौथाई भाग में आवास हैं। अंबिका सिंहदेव कोलकाता से वाणिज्य स्नातक है। 
    इसी तरह भरतपुर सोनहत से कांग्रेस प्रत्याशी गुलाब कमरो के पास नकदी 65250, जबकि पत्नी के पास 42810 है। दिये गये शपथ प़त्र के अनुसार उनके पास 45775 रूपये बैंक में उनके नाम से जमा है तथा नाम मा़त्र का नगदी है। पत्नी के नाम पर 6899 रूपये बैंक में जमा है। इसके अलावा सोना व चांदी पत्नी के नाम पर है। उनके पास मारूति कार कीमत 1 लाख और एक बाइक है।   
    बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र से गोगपा प्रत्याशी के पास ज्यादा नगदी नहीं है लेकिन लाखों में देनदारी वित्तीय संस्थाओं की जरूर है। इनके पास नगद मात्र 50 हजार ही है। जबकि पत्नी के पास  15 हजार एसबीआई व बैंक आफ इंडिया बैकुंठपुर के खाते में शून्य राशि है। जबकि बडौदा बैंक में 500 रूपये, यूनाईटेड बैंक आफ इंडिया में 1750 रूपये पीएनबी में 4 हजार रूपये है बैंक आफ बडोदा के चालू खाते में भी शून्य रूपये है। 12 हजार का इंश्योरेंस इनके नाम पर है जबकि करीब 33 लाख रूपये वित्तीय संस्थानों की देनदारी है। इनके पत्नी के नाम पर सीबीआइ खाते में 400 रूपये, ग्रामीण बैंक में 6801 रूपये, बैंक ऑफ इंडिया में 6 हजार रूपये तथा बडौदा बैंक में 411 रूपये ही जमा है। सोने चांदी के इनके पास नही है। उनके विरूद्ध पूर्व में आपराधिक प्रकरण भी दर्ज हो चुके है जिनमें दोषी पाये जाने पर अर्थदंड के रूप में 5 सौ रूपये भरे है। संजय कमरों भोपाल पॉलिटेक्निक कालेज से वर्ष 2003-4 में इंजीनियरिंग डिप्लोमा इन इलेग्टानिक्स तक शिक्षा प्राप्त किये है। 
    इसी तरह बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी के प्रत्याशी सुनील सिंह के पास भी ज्यादा रकम नही हैै। शपथ पत्र में दी गयी जानकारी के अनुसार इनके पास नगदी 5 हजार रूपये पत्नी के पास 3 हजार दो आश्रितों के पास 2-2 हजार रूपये है। वही बैंक खाते में इनके नाम पर 68 हजार 728 रूपये जमा है। जबकि वित्तीय संस्थानों को देनदारी 5 लाख रूपये से ज्यादा है।

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Posted Date : 01-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 1 नवंबर।  इस बार के चुनाव में जिले के तीनो विधान सभा क्षेत्रों में भाजपा के तीनों प्रत्याशी करोड़पति है तथा लाखों की चल अचल संपति उनके पास है। नामांकन प़त्र दाखिल करने के साथ ही दिये गये शपथ प़त्र में दी गयी जानकारी ये बताती है कि तीनों विधायक के पास खासी संपत्ति है। 
    जानकारी के अनुसार बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी भईयालाल राजवाडे के पास स्वयं के खाते में 42 लाख 94 हजार 415 रूपये तथा उनके आश्रित पु़त्री के खाते में लगभग 22 लाख रूपये जमा है। वही भईयालाल के पास नगद 49 हजार ही है। उनपर आवास का 15 लाख ऋण है जिसमें से 10 लाख 10 हजार 888 रूपये बकाया है। इनके पास रेक्सान वाहन कीमत 22 लाख 47 हजार 428 रूपये है। आश्रित पुत्री के नाम हीरो होंडा प्लीजर स्कूटी है। भईयालाल के पास 3 लाख 20 हजार का सोना है तथा 13 एकड भूमि के साथ कई आवास है। वही पु़त्री के नाम पर 64 हजार रूपये का सोना है। 
    इसी तरह मनेंदगढ़ क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी श्याम बिहारी जायसवाल के पास 1 लाख 60 हजार 127 रूपये नगदी के साथ बैंक में लगभग 4 लाख रूपये है इनके पास एक इनोवा, एक टाटा सफारी, एक फोर्ड आईकॉन, 2 ट्रक, 1 जेसीबी सहित बाइक साथ में चार लाख का सोना तथा 80 हजार का हीरा भी है। कर्ज भी लाखों में है। 
    इसके अलावा लगभग 23 एकड भूमि है इनके पत्नी के नाम पर एक लाख से नीचे राशि जमा है जबकि पत्नी के नाम पर करीब साढे 6 लाख का सोना, ढाई लाख का चंादी के साथ ही पत्नी के नाम पर लगभग 28 एकड भूमि है। 
    इसी तरह भरतपुर सोनहत क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती चंपादेवी पावले के नाम पर नगद मात्र 44 हजार रूपये है जबकि बैंक खाते में लाख रूपये से भी कम जमा राशि है। जबकि इनके पति के नाम पर 3434 हजार रूपये बैंक खाते में जमा है। 
    चंपादेवी पावले के नाम पर मारूती स्वीफ्ट कार के साथ 15 तोला सोना, चांदी 3.50 किग्रा है। इनके नाम पर 1.51 हे भूमि है। अचल संपत्ति करीब 7115000 रूपये की है। वहीं बैंक बकाया 221137 रूपये है। पति के नाम पर 1 र्स्कािर्पयों, 1 बोलेरा, 1 बाईक जेसीबी है। पति के नाम पर  42 एकड भूमि के साथ 0.25 हे भूमि है। इनके नाम पर अचल संपत्ति 14,25,6000 रूपये की कुल है।

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Posted Date : 31-Oct-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 31 अक्टूबर। कोरिया जिले की मनेन्द्रगढ़ सीट पर भाजपा के बागी लखन श्रीवास्तव ने पार्टी से इस्तीफा देकर जोगी कांग्रेस से चुनाव लडऩे के लिए नामांकन भी दाखिल कर दिया है। इससे जोगी कांग्रेस से पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के परिवार से यहां चुनाव लडऩे के कयास खत्म हो चुके है। यह भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। टिकट वितरण के बाद कांग्रेस में नाराजगी दबी हुई है तो भाजपा में लोग खुलकर पार्टी के निर्णय के विरोध में देखे जा रहे है। 
    भाजपा में मनेन्द्रगढ़ विधानसभा में श्याम बिहारी जायसवाल के नाम पर मुहर लगने के बाद भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष संजय सिंह और पूर्व जिला अध्यक्ष लखन श्रीवास्तव ने पार्टी के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, युवा मोर्चा के अध्यक्ष संजय सिंह ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले है। जबकि लखन श्रीवास्तव ने ना सिर्फ भाजपा के खिलाफ प्रेस कांफे्रंस की बल्कि जोगी कांग्रेस का दामन भी थाम लिया। भाजपा ने यहां मौजूदा विधायक श्यामबिहारी जायसवाल को टिकट दी है। कांग्रेस ने नए चेहरे डॉ. विनय जायसवाल को उम्मीदवार बनाया है। 
    कोरिया जिले का भाजपा संगठन में भी कई मतभेद उभर कर सामने आ रहे है। माना जा रहा है कि वर्षो से भाजपा में रहे लखन श्रीवास्तव भाजपा को नुकसान पहुंच सकता है। लखन श्रीवास्तव खुद को मनेन्द्रगढ़ की जनता के साथ चिरमिरी मेें उनके द्वारा किए कार्यो के दम पर चुनाव जीतने का दावा कर रहे है। जबकि कांग्रेस में अभी तक बागवत के स्वर खुल कर सामने नहीं आए है। वहीं भरतपुर सोनहत में भाजपा और कांग्रेस की सीधी टक्कर होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। हलांकि यहां दोनों की पार्टियों में दावेदार खुलकर विरोध में सामने नहीं आए है। जबकि बैकुंठपुर में भाजपा के दावेदारों को संगठन ने मना लिया है और वे प्रत्याशी के पक्ष में वोट मांगने निकल पड़े हैं। 
    चुनाव में होगा घमासान
    कोरिया जिले की तीनों सीटो पर भाजपा और कांग्रेस के मैनेजमेंट टीम नामांकन के बाद जोरदार घमासान के लिए तैयार है। हलांकि भाजपा सभी पार्टियों से पहले ही 15 साल की एंटी इनकंबेंसी से लडऩे की तैयारी में जुट चुकी थी, इसके अलावा जोगी कांग्रेस ने कुछ प्रत्याशियों का टिकट साल भर पहले फाइनल कर मैदान में उतार दिया था, परन्तु कांग्रेस के परांपरागत कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर मैदान उतर पर अपनी पकड़ बनाने में लग गए है, ऐसे में नामांकन और नाम वापसी के बाद चुनावी मैदान में जोरदार घमासान के असार अभी से बनते दिख रहे हंै।

     

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Posted Date : 31-Oct-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    बैकुंठपुर, 31 अक्टूबर। चुनाव की तिथि जैसे-तैसे नजदीक आ रही है चुनाव प्रचार जोर पकडऩे लगा है। मतदाताओं को लुभाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाये जा रहे हंै जो चुनाव आयोग के अनुसार अवैध है।   बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र के एक  प्रत्याशी  द्वारा अपने पक्ष में वोट देने के लिए पांच पांच हजार रूपये  बांटने  की चार्चा है। वहीं लोगों का कहना है कि वे पैसा तो सभी से ले लेंगे लेकिन इस बार वोट अपने मन के प्रत्याशी को ही देंगे।  चुनाव प्रचार करने के साथ ही  मतदाताओं के बीच दारू मुर्गा के साथ कंबल साड़ी व रूपये जमकर बांॅटे जाने की संभावना  भी  है।  
    झारखंड से आये पर्यवेक्षकों को भगाया
    जिले में भाजपा का प्रचार करने के लिए झारखंड प्रांत से कुछ पर्यवेक्षक के रूप में लोग आये हुए है जो जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर भाजपा का प्रचार करने मे जुट गये है। लोगों को साधने की कोशिश की जा रही है। सू़त्रों से मिली जानकारी के अनुसार गत दिवस भरतपुर सोनहत विधानसभा क्षेत्र के वनांचल ग्राम बडगांवकला में जब झारखंड से आये पर्यवेक्षकों का दल बाजार स्थल पर लोगों की एकजुट कर भाजपा के पक्ष में वोट डालने के लिए प्रेरित करने का कार्य जैसे ही शुरू किया था वैसे ही स्थानीय लोगों के द्वारा क्षेत्र. में 8 साल से बंद पडे मोबाइल टॉवर और बिजली की समस्या विकास न होने की बात सहित अन्य समस्याओं को लेकर झारखंड से आये पर्यवेक्षकों को जमकर खरी खोटी सुनाई और कहा कि विकास के नाम पर कुछ हुआ नहीं है, झारखंड से आए पर्यवेक्षक अपनी गाडी से उतरे तक नहीं और वापस लौट गए। जिससे कि बडगॉवकला क्षेत्र के लोगों में भाजपा को लेकर किस तरह से गुस्सा है यह जाहिर हो गया है। उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र. वनांचल क्षेत्र है और इस क्षेत्र. में विकास के साथ अन्य समस्याएॅ आज भी मौजूद है। 
    साहू समाज से समझौते की झूठी खबर
    विधानसभा चुनाव के ठीक पहले प्रदेश के श्रम मंत्री द्वारा साहू समाज को लेकर की गयी अपमानजनक टिप्पणी को लेकर साहू समाज का गुस्सा अभी भी शांत नही हुआ है इसी बीच यह झूठी खबर फैलायी जा रही है कि साहू समाज से भाजपा ने समझौता कर लिया है और वे भाजपा के पक्ष में आ गये है। इस खबर का खंडन करते हुए साहू समाज के अध्यक्ष रामबरन साहू ने कहा कि यह केवल अफवाह है। साहू समाज अपने सम्मान को लेकर किसी तरह का समझौता नही करने वाला। न इस संबंध में कही पर भी बैठक भी नही हुआ है कि भाजपा से समझौता कर सके। वहीं मनेन्द्रगढ साहम समाज के महांमत्री महेश साहू का कहना चुनाव का समय है तरह की अफवाहे उडाई जाएगी। समाज पूरी तरह से संगठित है, ये हमारे मान सम्मान की लडाई है। जो ये बोलते है साहू समाज बिकाउ है, आने वाले चुनाव में ये सब कुछ सामने आ जाएगा। दोनों के बयान से स्पष्ट है कि भाजपा को लेकर साहू समाज की नाराजगी अब तक कायम है। जिससे कि भाजपा को नुकसान हो सकता है। ज्ञात हो कि साहू समाज के ज्यादातर लोग भाजपा से जुडे है और भाजपा को ही वोट देते आये है। लेकिन यह खबर वायरल की जा रही है कि अब भाजपा का साहू समाज से समझौता हो गया। 
    लोक आयोग ने लिया संज्ञान
    श्रम मंत्री राजवाडे द्वारा बांटी गई स्वेच्छानुदान राशि पर छत्तीसगढ कांग्रेस खेल सेल के अध्यक्ष प्रवीण जैन द्वारा लोक आयोग में की गई शिकायत पंजीबंद्ध कर ली गई है। आगामी 16 जनवरी 2019 को श्री जैन को साक्ष्य के साथ उपस्थित होने के लिया कहा गया है। वहीं स्वेच्छानुदान को लेकर गोंडवाना के साथ जोगी कांग्रेस और कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल रखा है। इधर भाजपा अब इस पर सफाई देने में जुटी हुई है।
    भाजपा समझ रही है कमजोर कांग्रेस और जोगी कांग्रेस को 
    राजनीतिक हलचलों के बीच यह खबर भी सामने आ रही है कि बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी अंबिका सिंहदेव को कमजोर केंडिडेट मान रही है। इस बात को प्रचारित भी जमकर किया जा रहा है ताकि लोगों में यह संदेश जाये कि कांग्रेस कमजोर हो गयी है, जानकार बता रहे है इस बार ऐसा नही है। कांग्रेस इस बार दम खम व पूरी एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में है वहीं जोगी कांग्रेस के बिहारी राजवाडे को भी बेहद कमजोर आंका जा रहा है। दूसरी ओर भाजपा की एंटी इंकम्बेंसी की कही ना कही भाजपा को कमजोर कर रही है। तीसरी शक्ति के रूप में गोंडवाना को भी कमजोर आंकना किसी के लिए भी धोखा हो सकता है। 

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Posted Date : 26-Oct-2018
  • कोरिया का 70 फीसदी हिस्सा खेती से जुड़ा

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 26 अक्टूबर। चुनाव आते ही राजनीतिक दलों ने वादों के झुनझुना बजाना शुरू कर दिया है। कोरिया जिले में अन्नदाताओं की संख्या अधिक है। कुल आबादी का 70 फीसदी हिस्सा खेती से जुड़ा है। इसलिए हर दल के पिटारे में इनके लिए कुछ न कुछ खास वादा है। वादों का यह झुनझुना चुनाव के बाद बजेगा या नहीं यह तो वक्त ही बताएगा। क्योंकि चुनाव के पूर्व अन्नदाताओं की समस्याओं को जानने के लिए तो कोई नेता उनके पास नही पहुंच रहा था जैसा कि अभी चुनाव आने के साथ पहुंचने लगे है।  
    राजनीतिक दल चुनावी साल में किसान भी दबाव बनाने में पीछे नहीं रहे। अगर चुनाव में विजय हासिल करनी है तो किसानों का समर्थन जरूरी होगा। 
    कोरिया जिले मेंं सबसे ज्यादा धान की पैदावार होती है। इस बार भी विधानसभा चुनाव में लगभग वही मुद्दे हैं जो 2003 के पहले विधानसभा चुनाव के समय थे। यानी बेरोजगारी और कृषि संकट का मुद्दा। पिछले 15 सालों से सत्ता पर काबिज भाजपा इन दोनों समस्याओं पर नियंत्रण पाने का दावा कर रही है लेकिन प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस का आरोप है कि संकट और गहरा गया है। राज्य सरकार किसानों का धान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदती है। इस पर राज्य अपनी ओर से तीन सौ रूपये प्रति क्विंटल बोनस दे रही है। यानी धान की कीमत होगी 2070 रूपये प्रति क्विंटल। इस बार समर्थन मूल्य और बोनस की राशि एक साथ दी जाएगी। इतना ही नहीं इस बार मक्का भी समर्थन मूल्य पर खरीदने की तैयारी है। हलांकि इससे किसान संतुष्ट नहीं है। कई किसानों ने बताया कि फ्लैट रेट पर बिजली का बिल देने से हमें साल भर का भुगतान करना होगा जबकि पंप तो एक-दो महीने ही चलता है। समर्थन मूल्य बढ़ाने से भी किसानों को खास फायदा नहीं हो रहा है। इससे तो लागत भी नहीं निकल रही है। इस वर्ष भी अंतिम दौर में वर्षा नही होने के कारण खरीफ की प्रमुख फसल धान का उत्पादन प्रभावित हुआ है। किसानों की दशा लगातार खरा फसल उत्पादन के कारण आर्थिक स्थिति डंवाडोल हो गयी है।  
    कांग्रेस कह रही कर्ज माफ 
    बिजली हाफ
    चुनाव आने के साथ ही कांग्रेस किसानों का कर्ज माफ करने की बात कह रही है। कांग्रेस दावा कर रही है कि उनकी सरकारी सत्ता में आयी तो 10 दिनों में किसानों का पूरा कर्जा माफ कर दिया जायेगा। इसके अलावा बिजली हाफ का नारा भी दे रही है। वहीं, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ढाई हजार रूपये क्विंटल तो आम आदमी पार्टी 26 सौ रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से धान खरीदी करने की बात कर रही है। तीन बार सत्ता में रहे भाजपा सरकार के कार्यकाल को अन्नदाता समझ चुके है वही अन्नदाता भी चुनावी लुभावने वायदे को समझ रही है। आने वाला समय ही पता चल सकेगा कि किसान इस बार किसे अपना सरकार चुनती है क्योकि जीत हार में ग्रामीण मतदाताओं की भूमिका सबसे अधिक रहेगी। 
    किसान और राजनीतिक दल
    जिले के मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग खेती किसानी से जुड़ा हुआ है। ये किसान ही हैं जो ग्रामीण क्षेत्रों में जीत को हार और हार को जीत में बदलने का माद्दा रखते हैं। किसानों की इस ताकत से सभी दल वाकिफ हैं और इन्हें साधने के लिए तरह तरह के जतन किए जा रहे हैं। भाजपा किसानों की आय दोगुनी करने के वादे कर रही है।
    धान ही है सबसे बडा मुद्दा
    धान का समर्थन मूल्य बड़ा मुद्दा है। पिछली बार भाजपा ने 2100 रुपये देने का वादा किया था। 300 रुपये बोनस अलग से देने की बात कही थी। बाद में केंद्र सरकार ने धान का दाम बढ़ाने की कवायद शुरू की। कहा गया कि किसानों के लिए स्वामिनाथन आयोग की सिफारिशें लागू की जाएंगी। दाम आया तो किसान संतुष्ट नहीं हुए। करीब 200 रुपये की वृद्धि के साथ 1750 और 1770 रुपये में खरीद की जाएगी और 300 रुपये बोनस के साथ 2050 या 2017 रुपये भुगतान किया जाएगा। आम आदमी पार्टी 2600 रुपये देने की बात कह रही है। जोगी की पार्टी भी इस मामले में वादे करने में पीछे नहीं है। कांग्रेस किसानों को उलझाने के लिए दांव चलती है तो भाजपा कहने लगती है भूलना मत, ये तो किसानों का धान भिगाकर तौलवाते थे। यानी धान उत्पादक किसान चुनावी मौसम में सभी दलों के मोहरे बनने जा रहे हैं।

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Posted Date : 16-Oct-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    अंबिकापुर,16 अक्टूबर । चुनाव सामने है और ऐसे में सीडी के साथ साथ अब ऑडियो भी दौर चल रहा है। सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हो रहा है जिसमें कांग्रेस के लुंड्रा विधायक चिंतामणि को भाजपा प्रवेश के लिए लुभावन प्रलोभन दिया जा रहा है।
    इस ऑडियो में एक आवाज़ चिंतामणि महाराज की है तो प्रलोभन दे रहा व्यक्ति कथित बाबा कंबल बाबा है जिसकी गृहमंत्री रामसेवक पैकरा से कऱीबी चर्चाओं में रही है। इस ऑडियो में कंबल बाबा यह दावा कर रहा है कि करोड़ों की राशि के साथ साथ जीत और मंत्री पद दिलाने का दावा कंबल बाबा कर रहा है, हालाँकि ऑडियो में चिंतामणि महाराज इस प्रस्ताव को ख़ारिज कर रहे हैं। चिंतामणि इस प्रस्ताव को यह कहते हुए ख़ारिज कर रहे हैं कि टीएस को वे मुख्यमंत्री के रुप में देख रहे हंै और केवल कांग्रेस विधायक बने रहना पसंद करेंगे।

     

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Posted Date : 13-Oct-2018
  • कोरिया जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान दूसरी बार बड़ी लापरवाही 

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 13 अक्टूबर। जिला अस्पताल में  डिलीवरी के दौरान दूसरी बार बड़ी लापरवाही उजागर हुई, प्रसूता को प्रसव कक्ष में अकेले छोड स्टाफ कायाकल्प की तैयारी मेें जुटा रहा, पीड़ा से  प्रसूता बार बार चिल्ला रही थी तभी उसका प्रसव हो गया और नवजात बाहर निकल कर डस्टबीन में जा गिरा, मौके पर मौजूद एक मितानीन ने देख उसे बचाने दौड़ पड़ी। मामले की जानकारी मिलते ही सारी संवेदनाओं को ताक पर रख एक मेडिकल स्टाफ ने पीडि़ता की मां का काफी देर तक भला बुरा कहा, इतना ही नहीं  प्रसव के दौरान निकले एमनिओटिक फ्लूड को पीडि़ता की मां से ही साफ भी करवाया। जैसे तैसे प्रसूता के साथ रोती उसकी मां ने साफ किया। बाद में बच्चे की मौत हो गयी, पीडि़ता ने मामले की शिकायत पुलिस में की है, इसके अलावा 104 में भी शिकायत दर्ज कर कार्यवाही की मांग की है। 
    इस संबंध में सिटी कोतवाली प्रभारी रविन्द्र अन्नत ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी है, शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया है, रिपोर्ट के आने बाद कार्यवाही की जाएगी। 
    मिली जानकारी के अनुसार 12 अक्टूबर को कायाकल्प की 5 सदस्यीय टीम जिला अस्पताल का दौरे पर आई थी। इस दौरान चिरमिरी निवासी नसरीन पति मोहम्म शकिल (25) प्रसव पीडा होने पर जिला अस्पताल पहुंची, इधर, मेडिकल स्टाफ ने जिला अस्तपाल बने नए डिलीवरी कक्ष पीडि़ता को लेटने का फरमान दिया गया। प्रसूता को असहनीय दर्द शुरू हो गया। वो चिल्लाने लगी, उसके साथ आई उसकी मां यहां वहां नर्स की तलाश में दौड़ी, परन्तु किसी ने नहीं सुनी जब वो लौट के आई तब तक प्रसूता प्रसव हो चुका था, प्रसव होते ही नवजात डिलीवरी बेड के नीचे रखे पीले डस्टबीन में जा गिरा, प्रसूता के चिल्लाने की आवाज सुनकर कंचनपुर की मितानीन दौड़कर आई और उसने देखा कि बच्चा डस्टबीन में गिरा हुआ है, उसने तत्काल दौड कर नर्स को बताया, जिसके बाद आनन फानन में नवजात को एसएनसीयू में ले जाया गया फिर ओटी में ले जाकर उसके जीवित होने की औपचारिकताएं जताई जाने लगी। 
    उधर, प्रसूता की हालत बेहद खराब हो गईऔर उसके साथ उसकी मां का भी रो रोकर बुरा हाल हो गया, इसी बीच पहुंची एक नर्स ने ना सिर्फ प्रसूता की मां को जमकर खरी खोटी सुनाई बल्कि प्रसव के साथ निकले एमनिओटिक फ्लूड को साफ करने को कहा। जिसके बाद उसकी मां ने पूरा डिलीवरी रूम रोते रोते साफ किया। बाद में जिला अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया, प्रसूता के परिजन इस घटना से बेहद आहत हुए उन्होंने मामले की शिकायत में दर्ज कराई और 104 में भी मामले की शिकायत बताई। इधर, मृत नवजात का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। 
    डिलीवरी में दो पुरूष की मौजूदगी
    जिला अस्पताल के महिला वार्ड में वैसे तो किसी प्रसूता का पति भी पहुंच जाए तो उसे एक मिनट खडे रहने नहीे दिया जाता है, परन्तु जब नए डिलीवरी रूम में प्रसूता चिल्ला चिल्ला कर मदद  मांग रही थी ठीक उसी समय जिला अस्पताल के दो पुरूष कर्मचारी उिलीवरी रूम में कायाकल्प के तहत पर्दे लगा रहे थे, वहां उपस्थित कई महिलाओं ने आपत्ति भी दर्ज की थी। अब सवाल ये उठता है कि कैसे डिलीवरी रूम में दो दो पुरूष पहुंच गए ये जिला अस्पताल प्रबंधन की सबसे बड़ी लापरवाही सामने आई है। 
    पूर्व में भी एक नवजात की हो चुकी है मौत
    जिला अस्पताल में डस्टबीन में गिरकर मौत का यह दूसरा मामला है, इससे पहले हुई मौत में जांच हुई, परन्तु किसी पर किसी तरह की कार्यवाही नहीं हुई। तब पीडि़त पक्ष ने मृत बालक का पोस्टमार्टम नहंी कराया था। पीडिता के साथ काफी संख्या में महिलाओं ने जिला अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन औ धरना प्रदर्शन भी किया था। जो उस समय पीडि़ता के साथ थे वे इस बार मामले में फूंक फंूक कर कदम रख रहे है।  
    लगवाने का दबाव और निकलवाने में चक्कर 
    कई महिलाओं ने छत्तीसगढ़ को बताया कि जिला अस्पताल में कॉपर टी लगवाने के लिए मेडिकल स्टाफ काफी दबाव देते है, और जब निकलवाना हो तो इतना चक्कर लगवाते है साथ ही जमकर अनाप शनाप भी बोलने से पीछे नहीं रहते। महिलाओ के मुताबिक बेहद बुरेे बर्ताव के कारण ग्रामीण महिलाओं को काफी भला बुरा सुनना पडता है।

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Posted Date : 19-Sep-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर,19 सितंबर। अटल विकास यात्रा में कोरिया पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल बिलासपुर में कांग्रेसियों पर लाठी चार्ज के दंडाधिकारी जांच के आदेश दिए। जाँच में मंत्री के घर कचरा फेंके जाने का मसला भी शामिल है। आज सुबह शिवपुर चरचा में मुख्यमंत्री ने पे्रस से बात करते हुए कहा कि बिलासपुर की दोनों घटना की वो निंदा करते हंै। 
    छत्तीसगढ़ राज्य शान्ति प्रिय राज्य है यहां सभी राजनीतिक दलों का सम्मान है। मंत्री के घर कचरा फेंकने को भी वो सही नहीं मानते, जबकि कांग्रेस भवन में हुई लाठी चार्ज की वो निंदा करते हंै। उन्होंने मामले की दंडाधिकारी जांच की घोषणा करते कहा कि जाँच के बाद सारी सच्चाई सामने आएगी। जाँच में दोषी  के खिलाफ़ कार्यवाही होगी।
    उन्होंने राम मंदिर के निर्माण को लेकर एक सवाल के जवाब में कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट का निर्णय ही मान्य होगा। वहीं कल रोड शो के दौरान मंत्री राजवाड़े के बैकुंठपुर सीट से टिकट फाइनल करने की चर्चा पर कहा कि किसी का भी टिकट फाइनल नहीं हुआ है। मैं किसी का भी टिकट फाइनल नहीं करता, हमारी पार्टी तय करती है। प्रेस वार्ता में उन्होंने अपनी सरकार के 15 साल में किए गए विकास के बारे में जानकारी दी।

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Posted Date : 07-Sep-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रामानुजगंज, 7 सितंबर। स्थानीय निवासी 8 वीं के छात्र इजहान अकरम की फिरौती नहीं मिलने से अपहरणकर्ताओं ने उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया है।  छात्र का 4 सितंबर को अपहरण किया गया था।
    पुलिस के अनुसार  रामानुजगंज वार्ड 2 निवासी अलीम मिस्त्री का बेटा इजहान 
    अकरम बालक माध्यमिक शाला रामानुजगंज में कक्षा 8वीं का छात्र था।  4 सितंबर को  छुट्टी  के बाद शाम साढ़े 4 बजे  घर आने निकला था। इसी दौरान उसका अपहरण कर लिया गया था।  उसके घर नहीं पहुंचने से  परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चलने पर देर शाम थाने में इसकी सूचना दी। पुलिस मामले की तफ्तीश में लगी हुई थी।  शक के आधार पर पुलिस ने छात्र के ही पड़ोसी साहिल बारी उम्र 19 वर्ष तथा उसके 2 दोस्त समशेर आलम उम्र 18 वर्ष व मो. रजा उर्फ मो. इसरार  ्र 20 वर्ष को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की तो युवकों ने बताया कि उन्होंने छात्र की गला दबाकर हत्या कर कनकपुर के जंगल में लाश फेंक दी है। 
    शुक्रवार की सुबह पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर रामानुजगंज से करीब 6 किमी दूर वाड्रफनगर मार्ग पर स्थित कनकपुर जंगल पहुंची। यहां पुलिस ने छात्र की लाश बरामद की।  
     मुख्य आरोपी साहिल बारी ने बताया कि उसे रुपयों की जरूरत थी, इस कारण उन्होंने छात्र का अपहरण किया था। आरोपियों ने छात्र के परिजनों से 7 लाख की फिरौती मांगी थी। रुपये नहीं मिलने  और   बाद में पकड़े जाने तथा छात्र द्वारा उनकी पहचान कर लिए जाने के डर से उन्होंने उसकी हत्या कर जंगल में लाश फेंक दी थी।
    आरोपियों ने पुलिस को बताया कि स्कूल से लौटने के दौरान साहिल ने उसे अपनी बाइक में बैठाकर रामानुजगंज चौपाटी ले गए। यहां छात्र को नाश्ता करा कर उसे घूमने जाने की बात कहकर तीनों उसे कनकपुर के जंगल की ओर ले गए और यहां गला दबाकर हत्या कर दी। 

     

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Posted Date : 02-Sep-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुण्ठपुर, 2 सितंबर। सरगुजा संभाग के कोरिया जिले में बीती रात 11.39 में भूकंप का हल्का झटका पड़ा। लोग अपने अपने घरों से बाहर आ गए । भूकंप की तीव्रता 4.7 थी।  भूगर्भ जानकारों के अनुसार बहुत ही मामूली झटका था इसलिए किसी भी तरह की हानि नहीं हुई। झटका केवल एक बार पड़ा। भूकंप का केंद्र  भूतल से 15.4 किमी गहराई में थी। बैकुंठपुर के अलावा सोनहत पटना में भी कंपन महसूस किए गए।

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Posted Date : 01-Sep-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 1 सितंबर। कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ वनमंडल में कल डिप्टी रेंजर की मौत का कारण गाड़ी में लगा सायरन बना। सायरन बजने से हाथी किस कदर उत्तेजित हो गए थे कि लाश के  टुकड़े-टकड़े कर दिए। आज सुबह शव पीएम के बाद उनके गृहग्राम रवाना कर दिया गया। घटना के बाद वनकर्मियों में काफी रोष देखा जा रहा है।
    इस संबंध में सीसीएफ केके बिसेन का है कि ये हमारे लिए बहुत बड़ा नुकसान है। हमारे परिवार के एक सदस्य की असमय मौत का उन्हें गहरा सदमा लगा है। मामले की जांच पर कहा कि पूरी तफ्तीश की गई है, जांच की कोई जरूरत नहीं है। 
     ज्ञात हो कि 31 सितंबर की शाम 4.30 बजे केल्हारी रेंजर अपने साथ डिप्टी रेंजर सीताराम तिवारी और एक बीट गार्ड को लेकर शिवपुर के घमाडांड पहुंचे, जहां 11 हाथियों का दल मौजूद था। सूत्र बताते हंै कि जब वेे गाड़ी से उतर पर जंगल की ओर गए इसी दौरान किसी ने गाड़ी में लगा सायरन बजा दिया। सायरन से हाथी  उतेतजित हो गए और  हाथियों के समूह में से एक  डिप्टी रेंजर और दो बीट गार्ड को दौड़ाने लगा।  इसी दौरान डिप्टी रेंजर के गिरते ही हाथी उन्हें कुचलने लगा, काफी देर तक वो उनके शव पर अपना गुस्सा निकलता रहा।  हाथी इस कदर उतेतजित था कि  शव  को  20 मिनट तक कुचलता रहा।  उधर, डिप्टी रेंजर की चीखें सुनने के बाद रेंजर ने इसकी जानकारी एसडीओ केएस कंवर को दी, और फिर सीसीएफ को इसके बारे में बताया गया। सीसीएफ फौरन अम्बिकापुर से केल्हारी के लिए निकल गए। रौशनी लेकर वन अमला घटना स्थल पहुंचा और बिखरे शव को एकत्रित कर केल्हारी के विश्राम भवन लाया गया।  सुबह होते ही शव का पीएम करवाया गया और शव मृतक के गृह जिले रीवा के लिए रवाना कर दिया गया।   
    कर्मचारियों में  रोष
    डिप्टी रेंजर की मौत के बाद वन कर्मचारियों में काफी रोष है। उच्चाघिकारियों से कर्मचारियों ने रेंजर को यहां से हटाए जाने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि हाथी से बचाव के लिए उनके पास किसी तरह के संसाधन नहीं है, और अधिकारियों के दबाव के कारण उन्हें हाथियों के करीब जाना पड़ता है और रेंज अफसर वाहवाही लूटते हंै।
    कांग्रेस ने की जांच की मांग
    इधर, कांग्रेस  नेता गुलाब कमरो ने केल्हारी रेंजर को हटाए जाने की मांग की है। उनका कहना था कि उक्त रेंजर बीते कई साल से मनेन्द्रगढ़ वनमंडल के अंतर्गत पदस्थ्य है।  इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए कि आखिर रेंजर कैसे डिप्टी रेंजर को जंगल में छोड़ आए। 

     

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