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Date : 26-Aug-2019

10 बरस से सरकारी राशन से वंचित बैगा आदिवासी परिवार, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, तहसीलदार पहुंचे पीडि़तों के घर

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बैकुंठपुर, 26 अगस्त। 
कोरिया जिले में प्रदेश के संरक्षित जनजाति बैगा के कई परिवार ऐसे है जिन्हें खाद्यान्न योजना का ही लाभ नही मिल पा रहा है।अन्य योजनाओं  का लाभ मिलना तो छोड़ ही दें।  वह भी दो चार छ: महीना नहीं बल्कि दस वर्ष हो गये किसी योजना का लाभ संरक्षित बैगा जनजाति को नहीं मिली है। मामले में सोशल मीडिया में वीडियो आने पर भरतपुर तहसीलदार मनमोहन सिंह मौके पर पहुंचे और बैगा जनजाति के निवासियों से पूछताछ शुरू कर दी है।

 प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के भरतपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के वनांचल ग्राम जनुआ के विशेष संरक्षित जनजाति बैगा जाति के देवशरण व एक अन्य परिवार के नाम राशन कार्ड ही नहीं बना है। पीडि़त परिवारों का कहना है कि उन्हें तो 10 साल से सरकारी राशन ही नहीं मिल रही है। उन पीडित परिवारो से दुबारा पूछा गया कि कहींं 10 माह से तो नहीं मिल रहा है तो उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि उन्हें  10 साल से सरकारी राशन नहीं दी जा रही है।  

शिकायत  पर कुछ नहीं हुआ
ग्राम जनुआ के आश्रित ग्राम मरखोही में दो संरक्षित जनजाति बैगा परिवारों के नाम राशन कार्ड नहीं बनाये गये है और सरकारी राशन इस कारण से प्रदाय नहीं किया जा रहा है। पीडि़त परिवारों ने बताया कि उनके द्वारा कई बार सरपंच सचिव को अपनी शिकायत कर चुके हंै लेकिन सिर्फ आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला।  जिसके चलते अब बोलना ही छोड़ दिया।  

विशेष संरक्षित जनजाति पर प्रतिवर्ष लाखों करोडों खर्च
सरकार की सूची में बैगा जनजाति को विशेष संरक्षित जनजाति की श्रेणी में रखा है और सरकार के द्वारा इस पिछडी जनजाति के विकास के लिए आदिवासी विकास विभाग के द्वारा अलग से बैगा विकास प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। जिसके माध्यम से संरक्षित बैगा जनजातियों के विकास के लिए प्रतिवर्ष लाखों करोडों रूपये खर्च कर दिये जा रहे हंै इसके बाद भी बैगा जनजातियों के जीवन स्तर में किसी तरह का सुधार नही दिखाई देता। ज्ञात हो कि विशेष संरक्षित जनजाति बैगा कोरिया जिले के भरतपुर जनपद क्षेत्र में अधिक पाई जाती है। इन क्षेत्रों के ज्यादातर बैगा परिवारों की स्थिति आज भी दयनीय बनी हुई है।

 


Date : 26-Aug-2019

बहरासी -कुंवारपुर रेंज में चेकडेम निर्माण

अनियमितता का आरोप, जांच की मांग, रेंजर ने आरोपों को नकारा

बैकुंठपुर, 26 अगस्त। कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ वनमंडल के बहरासी और कुंवारपुर रेंज में चेकडेम निर्माण और भू जलसंरक्षण में भारी अनियमितता की शिकायतें लगातार सामने आ रही है। मजदूरों का कहना है कि उनकी कम दी गई मजदूरी डीएफओ रेंजर से कहकर वापस करवाए और हुए कार्यो की जांच की जाए।  शिकायतों के बाद भी वनमंडल के अधिकारियों द्वारा किसी भी तरह की जांच नहीं की जा रही है।इस संबंध में बहरासी रेंजर शिवानंद द्विवेदी का कहना है काम सही हुआ है, किसी भी तरह की अनियमितता नहीं बरती गयी है।

जानकारी के अनुसार दो दो रेंज का प्रभार संभाल रहे डिप्टी रेंजर के रेंज में भू जलसंरक्षण के कार्य में भारी धांधली का आरोप लग रहा है। बीते तीन माह में कुंवारपुर और बहरासी रेंज में सबसे ज्यादा राशि के चेंक काटे गए। सिर्फ भू जलसंरक्षण कार्य में सबसे ज्यादा राशि स्वीकृत की गई, जबकि कार्य मात्र 30 प्रतिशत की करवाया गया। वनमंडल से मिली जानकारी के अनुसार कक्ष क्रमांक 1021 में 7 लाख 24 हजार, 1022 में 10 लाख 59 हजार, 1026 में 9 लाख 60 हजार, 1116 में 14 लाख 21 हजार, 1040 में 6 लाख 37 हजार, 1064 में 12 लाख 54 हजार, 1063 में 11 लाख 46 हजार, 1065 में 8 लाख 41 हजार, 1112 में 12 लाख 28 हजार, 1113 में  8 लाख 61 हजार, 1114 में 8 लाख 71 हजार, 1141 में 8 लाख 58 हजार, 1104 और 1105 में 16 लाख 59 हजार, 1123 मे 7 लाख 37 हजार, 1125 ओर 1127 में 18 लाख 50 हजार का कार्य होना बताया जा रहा है। जबकि इन कार्यो में कही 7 प्रतिशत से लेकर मात्र 30 प्रतिशत की कार्य करवाया गया है। ग्रामीणों की मानें तो उन्हें इन बीटों में कुछ जगह ही काम पर लगाया गया, जबकि काम नहीं हुआ है। 

कार्य अधूरा
बहरासी रेंज के कई रांपा, नगरी, देवगढखोह, खमरोध, करवा, हर्री बीट में बीते 1 माह पूर्व चेकडेम निर्माण कार्य जोरों पर था, जिसमें कई पहुंचवीहिन क्षेत्रों पर किसी भी तरह का निर्माण नहीं करवाया गया, ग्रामीणों की माने में बनवाए गए चेकडेम में पानी की रोकथाम बेहद मुश्किल है, जेसे तैसे कार्य को अंजाम देकर उन्हें मात्र 205 रू की दर से मजदूरी भुगतान किया गया है, जबकि पत्थर के काम में ज्यादा राशि दी जानी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के एसडीओ श्री शाक्य को शिकायत किए जाने पर उन्होंने शिकायत करने वाले ग्रामीणों को फटकार भी लगा दी।

 

 


Date : 26-Aug-2019

अवैध रेत उत्खनन से पुल-पुलिया खतरे में

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बैकुंठपुर, 26 अगस्त।
कोरिया जिले के भरतपुर तहसील क्षेत्र की नदियों से अवैध रूप से रेत उत्खनन के मामले पर किसी तरह की रोक नही लगाये जाने के कारण जहां नदियों के अस्तित्व को खतरा है> नदियों में बनाये गये पुल भी सुरक्षित नहीं रह गए है जिससे कि लाखों करोडों के बनाये पुल पुलिया भी अवैध रेत उत्खनन की चपेट में आकर कमजोर हो रहे है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां एक नदी पर अवैध रेत उत्खननकर्ताओं के द्वारा पुल के नीचे की रेत को भी उत्खनित कर लिया गया, अब पुल कभी भी गिर सकता है।

इस संबंध में नवपदस्थ जिला खनिज अधिकारी त्रिवेणी देवांगन का कहना है कि जैसा आप बता रहे है उसकी भी जानकारी ली जा रही है, आला अधिकारियों को भी इसके संबंध में बताया जाएगा, जल्द कार्रवाई की जाएगी।जानकारी के अनुसार कोरिया जिले के भरतपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम मलकडोल पंचायत के ग्राम घटई में स्थित ओदारी नदी पर बनाये गये लाखों रूपये के पुल के नीचे अवैध रूप से रेत का उत्खनन लगातार जारी रहा।   स्थिति यह हो गयी है कि   पुल के खंभे के नीचे को भी नहीं बक्शाा और  उत्खनन  कर लिया गया। जिससे कि जिस पीलर के सहारे पुल खडा है उसका बेस कमजोर हो गया है। ऐसी स्थिति में पुल कभी भी धाराशायी हो सकता है। 

ग्रामीणों का कहना है कि अवैध रेत निकाले जाने की गई शिकायते की गई परन्तु जनकपुर के एक ठेकेदार द्वारा मप्र के लोगो के साथ मिलकर ग्राम घटई के ओदारी नदी पर स्थित पुल के पाये के नीचे की पूरी रेत निकला गया। यदि पुल गिर गया तो हमारे आवागमन को लेकर काफी दिक्कत होने वाली है। पुल की बेस एकमद कमजोर हो चुकी है जो कभी भी पुल गिर सकता है। जिससे कि पुल से बड़ी वाहनों का पार करना खतरनाक साबित हो सकता है। जल्द ही इस दिशा में ध्यान दिये जाने की जरूरत है अन्यथा कभी भी कोई बडा हासदा हो सकता है।

भारी मात्रा में निकाले गये रेत सिरखोला में डंप
ग्रामीणों  के अनुसार जिले के भरतपुर जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत मलकडोल के घटई ग्राम पर स्थित ओदारी नदी से भारी मात्रा में रेत निकाला गया। निकाले गये रेत को क्षेत्र के सिरखोला में अवैध भंडारण किया गया है। ग्रामीण बताते हंै कि यहां के नदी से निकाले गये रेत का अवैध रूप भंडारण कर यहां से मप्र के रीवा तथा उप्र के प्रयागराज के अलावा कई अन्य क्षेत्रों में बड़े वाहनों में भरकर ले जाया जाता रहा है। स्थानीय ठेकेदार इस रेत के अवैध खेल में शामिल है, उसके द्वारा वहां के जनप्रतिनिधियों को गुमराह कर इस अवैध कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। सिरखोला में लगभग 500 हाईवा रेत भंडारण किया गया था, जो अब तक काफी मात्रा में बेचा जा चुका है।

 


Date : 25-Aug-2019

सिरौली के प्लाट में स्टॉक कर बेखौफ होकर की जा रही रेत की तस्करी

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
मनेन्द्रगढ़, 25 अगस्त।
ग्राम पंचायत सिरौली में स्थित हसदो नदी और कोथारी स्थित हलफली नाला से रेत का अवैध कारोबार धड़ल्ले से किया जा रहा है, लेकिन खनिज विभाग का ध्यान इस आेर नहीं है।

सिरौली निवासी एक शख्स के द्वारा हसदो नदी में जेसीबी मशीन उतारकर नदी का सीना छलनी कर बड़ी मात्रा में रेत का भंडार नदी से कुछ ही दूरी पर सिरौली से कोथारी जाने वाले मार्ग में किया गया है। सिरौली के ग्रामीणों ने बताया कि रेत माफिया के द्वारा पिछले तीन-चार सालों से यहां रेत का अवैध कारोबार किया जा रहा है। 

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बरसात के मौसम में हसदो नदी में जल स्तर काफी होने की वजह से रेत माफिया के द्वारा कोथारी स्थित हलफली नाला से बड़ी मात्रा में रेत की निकासी कर प्लाट में स्टोर करके रखा गया है। 

ग्राम पंचायत सिरौली के सरपंच विजय ङ्क्षसह का कहना है कि उनके द्वारा जब पटवारी को इसकी सूचना दी जाती है तो उनके द्वारा कहा जाता है कि फॉरेस्ट  का एरिया है और जब वन विभाग को सूचना दी जाती है तो विभाग के द्वारा इस आेर कोई ध्यान ही नहीं दिया जाता है।

 सरपंच ने यह भी बताया कि राजनीतिक संरक्षण की वजह से रेत का अवैध कारोबार बेखौफ होकर किया जा रहा है और यही वजह है कि अधिकारी भी इस आेर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। 

रेत माफियाओं के आगे प्रशासन लाचार
चार दिन पहले ही मनेंद्रगढ़ विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत तेंदूडांड़ स्थित हसदो नदी में राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पांच ट्रेक्टरों को जब्त कर रेत माफियाओं पर नकेल कसने की कोशिश की थी,  पर कार्रवाई के अगले दिन ही तेंदूडांड़ स्थित हसदो नदी से रेत का अवैध खनन और परिवहन जारी रहा। सुबह से लेकर शाम तक ट्रेक्टरों में नदी से रेत ले जाई जाती रही, लेकिन प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा इन्हें रोकने नहीं आया।  


Date : 25-Aug-2019

आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से पा सकते हैं निरोगी काया-डॉ. चंदेल

छत्तीसगढ़ संवाददाता
मनेन्द्रगढ़, 25 अगस्त।
आयुर्वेद ऐसी विधा है जो कि स्वस्थ्य रहने के साथ-साथ उचित जीवन जीने की कला बताती है जिससे व्यक्ति स्वस्थ्य एवं निरोगी रहकर लंबे समय तक जीवन यापन कर सकता है।

उक्त बातें सरस्वती शिशु मंदिर प्रांगण में पतंजलि योग समिति द्वारा आयोजित योग कक्षा में आयुर्वेद डॉक्टर संदीप चंदेल ने कही। इस अवसर पर महिला योग समिति की जिला प्रभारी बलवीर कौर और पतंजलि योग समिति के तहसील प्रभारी सतीश उपाध्याय ने आयुष मंत्रालय छत्तीसगढ़ द्वारा विभिन्न आयुर्वेद उपचार की जानकारी दी। डॉ. संदीप चंदेल ने पंचकर्म, योग-प्राणायाम, पंचकर्म, क्षार सूत्र चिकित्सा पद्धति एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जानकारी देते हुए आयुर्वेद में पंचकर्म को अद्भुत चिकित्सा पद्धति बताया। उन्होंने पंचकर्म का अर्थ बताते हुए पंचकर्म चिकित्सा पद्धति पर अपने विचार रखे। 

उन्होंने बतलाया कि पंचकर्म के अंतर्गत पांच विशिष्ट क्रिया ही आती है जिनके द्वारा अशुद्धियां तथा शारीरिक विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहन निकाला जाता है एवं शरीर का शुद्धिकरण किया जाता है। पंचकर्मी विद्या के द्वारा रोगों का उपचार ही नहीं किया जाता, बल्कि स्वस्थ्य व्यक्ति भी स्वस्थ्य एवं निरोगी जीवन जीने के लिए पंचकर्म करा सकता है। पंचकर्म करने से रोगों की पुनरावृत्ति नहीं होती। 

इस अवसर पर इरा रानू कर, माहेश्वरी सिंह, अनीता फरमानिया, कांता, शशिकला मिश्रा, अमरनाथ राय, ठाकुरदास केसरी, रेखा उपाध्याय, मीनू सिंह, देवीदास मुखर्जी, आरडी दीवान, विवेक कुमार तिवारी, रामअवतार गुप्ता, धर्मराज वर्मा, दुबे आदि उपस्थित रहे। 

कार्यक्रम का संचालन योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय ने किया। पतंजलि योग समिति द्वारा प्रतिदिन सरस्वती शिशु मंदिर के खेल प्रांगण में नि:शुल्क योग कक्षा का संचालन किया जा रहा है।

 


Date : 25-Aug-2019

भारी मात्रा में रेत का अवैध भंडारण
छत्तीसगढ़ संवाददाता 
बैकुंठपुर, 25 अगस्त।
कोरिया जिले के भरतपुर जनपद क्षेत्र से प्रवाहित नदियों से अवैध तरीके से रेत के उत्खनन एवं परिवहन पर किसी तरह की रोक नहीं लग पा रही है। दूसरी ओर इस अवैध कारोबार म़े लगे लोगों ने सैकड़ों हाईवा नदियों से रेत निकाल कर नियम विरूद्ध भंडारण कर रखा है, किए भंडारण से रेत मप्र और उप्र भेजी जा रही है। इधर, मामले को लोगों की नजर से हटाने अब यह दलील दी जा रही है कि अब रेत का टेंडर होगा।

इस मामले में नवपदथ खनिज अधिकारी त्रिवेणी देवांगन का कहना है कि  भंडारण को लेकर मुझे पूरी जानकारी नहीं है, यदि नियम विरूद्ध होगा तो कार्यवाही होगी। 
जानकारी के अनुसार कोरिया जिले के भरतपुर जनपद क्षेत्र के प्रमुख नदियों से जो अवैध तरीके से रेत का उत्खनन एवं परिवहन का कार्य होता आ रहा है। हाल ही में इसे लेकर आंदोलन भी किया गया इसके बाद भी अवैध उत्खनन का कार्य क्षेत्र से रूकने का नाम नहीं ले रहा है। इसका ज्यादा उपयोग जिले में कम बल्कि पड़ोसी मप्र व उप्र के विभिन्न स्थानों में भेजा जा रहा है। नियम निरूद्ध रेत उत्खनन के कारण प्रदेश सरकार को रायल्टी का नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसा तब से शुरू हुआ जब से जिला प्रशासन के नए मुखिया की पदस्थापना हुई। जब बरसात की शुरूआत हुई तो नदियों से रेत उत्खनन पर रोक लगाने के आदेश जारी किये गये थे।

इधर आदेश के बावजूद न तो अवैध रेत उत्खनन व परिवहन का कार्य रूका और न ही इस दौरान अवैध परिवहन करने वाले वाहनों व उत्खनन करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही ही हुई। जिले की गौण खनिजों में से एक रेत का उवैध उत्खनन को रोकने की दिशा में न तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सजग है और न ही प्रशासन के अधिकारी ही। यही वजह है कि बेधडक अवैध तरीके से रेत का उत्खनन व परिवहन का कार्य लगातार जारी है। 

भारी मात्रा में अवैध रूप से रेत का भण्डारण
जानकारी के अनुसार कोरिया जिले के भरतपुर जनपद में कुल 6 स्थानों पर भारी मात्रा में नियम विरूद्ध तरीके से हाल की में अवैध रेत का भण्डारण किया गया है। जबकि मात्र दो ही लोगो को भंडारण की अनुमति है, वह भी बारिश के समय में रेत का भंडारण नहीं किया जा सकता है। जबकि ऐसा नहीं है, बीते दो माह में ही रेत का भण्डारण बड़े पैमाने में किया गया है। कुछ स्थानों से बडे वाहनों हाइवा की सहायता से रेत का उठाव कर परिवहन किया जा रहा है। प्रशासन के अधिकारियों को भली भांति सब कुछ पता है। इसके बाद भी किसी तरह की कार्यवाही न होना प्रशासनिक लापरवाही है। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भरतपुर जनपद क्षेत्र के ग्राम कोटाडोल, चांटंी, खमरौध, सेमरिया रोड पर 15 टोली के पास भारी मात्रा में अवैध रूप से रेत का भण्डारण किया गया है जहां से प्रतिदिन बड़े वाहनों द्वारा रेत भरकर परिवहन किये जाने की जानकारी है। 

 कर रहे गुमराह
भरतपुर में बडे पैमाने पर चल रहा यह अवैध कारोबार में जिले स्तर पर कांग्रेस सरकार की छवि धूमिल हो रही है, गांव गांव में इस कारोबार को लेकर  नाराजगी है। इससे बचने दलील दी जा रही है कि पूरा खेल उपर से चल रहा है। लोगों का कहना है कि उपर का खेल है तो स्थानीय क्यों उनका साथ दे रहे है। 

 


Date : 25-Aug-2019

नगर निगम द्वाराजिला खनिज न्याय की राशि से लगाए गए  वाटर कूलर शोपीस बने, लोगों को भीषण गर्मी में भी नहीं मिल सका

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
बैकुंठपुर, 25 अगस्त।
चिरमिरी नगर निगम द्वारा जिला खनिज न्याय की राशि से लगाए गए  वाटर कूलर शोपीस बने हुए है। न्यास की राशि के तहत कराए गए इस कार्य का लाभ लोगों को भीषण गर्मी में भी नहीं मिल सका। 

जानकारी के अनुसार नगर निगम क्षेत्र चिरमिरी में जिला खनिज न्यास की राशि से क्षेत्र के साप्ताहिक बाजारों में वाटर कुलर लगाने के लिए राशि जारी की गयी। जानकारी के अनुसार नगर निगम क्षेत्र चिरिमरी में इसके लिए कई जगहों के साप्ताहिक बाजारों में करीब एक लाख से अधिक राशि वाटर कुलर के लिए स्वीकृत की गयी और जहां तहां वाटर कुलर स्थापित कर दिये गये है। जहां पर जरूरत नही है वहॉ पर भी लाखों की लागत का वाटर कुलर की स्थापना कर दी गयी। जबकि क्षेत्र के साप्ताहिक बाजार स्थल पर ही वाटर कुलर लगाया जाना था जिससे कि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। पर इस बात को ध्यान नही रखा गया और लाखों की लागत की वाटर कुलर की खरीदी कर जहां मन आया वही स्थापित कर दिया गया। इस तरह से जिला खनिज न्यास की राशि का उपयोग ना होकर दुरूपयोग कर दिया गया। लगे वाटर कूलर में एक भी बंूद पानी नहीं है और ना ही भीषण गर्मी में इन वाटर कूलरों से लोगों की प्यास बुझ पाई है, सिर्फ ये कई स्थानों पर शोपीस बनाकर खडे हुए हैं । 

 

 


Date : 25-Aug-2019

कोरिया मनरेगा लोकपाल के फैसले पर प्राधिकरण की रोक

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बैकुंठपुर, 25 अगस्त।
कोरिया जिले के मनरेगा लोकपाल ने कृषि विभाग के एक मामले में प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच व सुनवाई पश्चात अवार्ड पारित कर दोषी पाया और राशि की वसूली के साथ कार्यवाही करने की अनुशंसा भी की। और तो और दोषियों पर अपराधिक प्रकरण दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए। अब इस मामले में लोकपाल प्राधिकरण मनरेगा रायपुर ने रोक लगा दी है। 

जानकारी के अनुसार लोकपाल मनरेगा कोरिया के निर्णय के विरूद्ध लोकपाल अपीलिय प्राधिकरण रायपुर में कृषि विभाग के कर्मियों के द्वारा अपील प्रस्तुत की गयी जिसके बाद लोकपाल अपीलीय प्राधिकरण रायपुर के सदस्य डी के मनहर द्वारा प्रस्तुत अपील के अंतिम निराकरण तक वसूली एवं अन्य कार्यवाही को स्थगन प्रदान किया। जानकारी के अनुसार मनरेगा के एक कार्य को लेकर मनरेगा लोकपाल कोरिया द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध कर सुनवाई की थी। जिसके बाद अवार्ड पारित किया था।

 इस अवार्ड से क्षुब्ध होकर लोकपाल अपीलीय प्राधिकरण के पास अपील प्रस्तुत की गयी। अपीलार्थी आरके वैष्णव सर्वेयर कार्यालय उप संचालक कृषि बैकुण्ठपुर तथा श्रवण कुमार मेट मनरेगा ग्राम पंचायत जिल्दा जनपद पंचायत खडगवॉ कोरिया द्वारा अपीलीय प्राधिकरण रायपुर को प्रस्तुत अपील को पंजीबद्ध कर लोकपाल मनरेगा कोरिया द्वारा पारित अवार्ड के तहत वसूली एवं अन्य कार्यवाही पर रोक लगाने की मॉंग को स्वीकार कर स्थगन आदेश जारी किया।   

मनरेगा में फर्जीवाड़ा:  गबन का मामला 
मनरेगा के तहत कृषि विभाग द्वारा अर्जुन के पौधारोपण के लिए बीज की खरीदी कर नर्सरी तैयार किया जाना था। यह कार्य जिले के खडगवॉ जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम जिल्दा के लिए स्वीकृत था। शिकायत थी कि कृषि विभाग के सर्वेयर आर के वैष्णव व मेट मनरेगा श्रवण कुमार द्वारा गड़बड़ी की गयी। शिकायत के अनुसार कृषि विभाग के सर्वेयर आर के वैष्णव नर्सरी तैयार करने हेतु अर्जुन बीज के खरीदी में फर्जी तथा कूटरचित बिल लगाकर 93 हजार पॉच सौ रूपये आहरित कर लिये गये थे तथा श्रमिकों के मजदूरी भुगतान हेतु भी फर्जी तरीके से मस्टर रोल तैयार कर 1 लाख 8 हजार 1 सौ छियानबे रूपये आहरित कर गबन किये गये। शिकायत पर इस मामले की जॉच एवं सुनवाई मनरेगा लोकपाल कोरिया द्वारा के द्वारा की गयी जिसमे सर्वेयर आर के वैष्णव तथा मनरेगा मेट श्रवण कुमार दोषी पाये गये। जिस पर मनरेगा लोकपाल द्वारा पारित अवार्ड में गबन की राशि वसूली करने हेतु उप संचालक कृषि को निर्देशित किया गया तथा वसूली की गयी राशि राज्य रोजगार गारंटी कोष में जमा करने व दोषियों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश उप संचालक कृषि बैकुण्ठपुर को दिये गये थे। अर्जुन बीज खरीदी में 93 हजार 5 सौ रूपये  निकाले श्रमिकों की फर्जी हाजिरी के लिए 1 लाख 60 हजार एक सौ छियानवे रूपये निकाले। 

 


Date : 24-Aug-2019

प्ले स्कूल बचपन में धूमधाम से कृष्ण जन्माष्टमी

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
मनेन्द्रगढ़, 24 अगस्त।
प्ले स्कूल बचपन में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व उल्लासपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राएं राधा की पोशाक पहनकर आईं तो वहीं छात्र भगवान श्री कृष्ण की वेशभूषा में नजर आए।

कार्यक्रम की शुरूआत संस्था की डायरेक्टर्स आशी कक्कड़ एवं ज्योति ताम्रकार ने भगवान श्री कृष्ण की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्जवलित कर की। कार्यक्रम में नाटक के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण के जन्म एवं उनकी विभिन्न लीलाओं माखन चोरी, माँ यशोदा के साथ उनका रूठना-मनाना, मटकी फोडऩा, राधा-कृष्ण की लीलाओं एवं उसके साथ-साथ सुदामा चरित्र और श्री कृष्ण की अन्य लीलाओं को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में कक्षा यू. केजी के छात्रों द्वारा नाटक एवं कक्षा एल. केजी व नर्सरी के छात्र-छात्राओं द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया। विद्यालय की शिक्षिकाओं के द्वारा मटकी फोड़ का आयोजन किया गया, तत्पश्चात् पूरे विधि-विधान से भगवान श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना की गई। विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षिकाओं के द्वारा भजन का आयोजन किया गया।  डांडिया के आयोजन से पूरा विद्यालय परिसर भक्तिमय हो गया। हाथी-घोड़़ा पालकी जय कन्हैया लाल की नारों के साथ भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। संस्था की डायरेक्टर ज्योति ताम्रकार एवं आशी कक्कड़ ने कहा कि हमें हमेशा सत्य की राह पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्यमेव जयते अर्थात् हमेशा सत्य की ही जीत होती है। विद्यालय की काउंसलर सोनाली दास ने बच्चों को श्री कृष्ण से जुड़ी कथाओं एवं उनकी लीलाओं के बारे में बताया। 

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की शिक्षिकाओं लक्षिता जैन, नेहा यादव, प्रिया फारकसे, प्रतिभा सिंह, साधना सिंह, रेखा दोहरे, शिल्पी सिन्हा, अंजली साहू, तनुश्री सरकार, तनु सोनी, अनीता मिश्रा, आलिया कौशर, रागिनी गुप्ता, रोशनी अग्रवाल, मंजूश्री दत्ता एवं रिद्धिमा जायसवाल का सराहनीय योगदान रहा। 


Date : 24-Aug-2019

एकेडमिक हाईट्ज पब्लिक स्कूल में मना जन्माष्टमी पर्व का भव्य आयोजन किया गया

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
मनेन्द्रगढ़, 24 अगस्त।
अकेडमिक हाईट्ज पब्लिक स्कूल तेंदूडांड़ में जन्माष्टमीं पर्व का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत संस्था संचालक संजीव ताम्रकार, ज्योति ताम्रकार, आशीष कक्कड़, आशी कक्कड़, प्राचार्य पी. रविशंकर व उप प्राचार्या जॉली जार्ज के द्वारा भगवान श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ की गई।

इस अवसर पर कक्षा पहली से दसवीं तक के छात्रों के लिए मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें छात्रों के आंखों में पट्टी बांध दी गई व बंद आंखों से उन्हें मटकी फोडऩी थी। इसके बाद कक्षा छठवीं के छात्रों ने भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव में भजन व बधाई गीत प्रस्तुत किया। कक्षा आठवीं के छात्रों द्वारा श्री कृष्ण व माता यशोदा के मध्य प्रेम को प्रदर्शित करते हुए भजन प्रस्तुत किया जिसने सभी को भाव-विभोर कर दिया। कक्षा छठवीं तथा सातवीं के छात्रों द्वारा राधा-कृष्ण के प्रेम को प्रदर्शित करती रासलीला प्रस्तुत की गई। इसके बाद कक्षा पहली से दसवीं तक के छात्रों द्वारा कृष्ण की लीलाओं को प्रदर्शित करती नृत्य नाटिका का प्रदर्शन किया गया, जिसमें श्री कृष्ण के जन्म से लेकर कंस के वध तक सम्पूर्ण कहानी का प्रदर्शन नृत्य नाटिका के द्वारा किया गया। तत्पश्चात् श्री कृष्ण के बाल्यकाल से जुड़ी घटनाएं कालिया नाग मर्दन, उनकी व सुदामा की मित्रता के द्वारा सच्ची मित्रता का संदेश, श्री कृष्ण के साथ गोपियों की रासलीला व उनका माखन चोर नाम के पीछे के रहस्य का सुंदर प्रदर्शन किया गया। अंत में श्री कृष्ण द्वारा कंस वध से बुराई पर अच्छाई की जीत व असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया गया। 

इसके बाद श्री कृष्ण, उनके सखाओं व गोपालों द्वारा दही हांडी का आयोजन किया गया जिसमें कक्षा छठवीं से दसवीं तक के छात्रों द्वारा पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ी गई। अंत में सभी छात्रों के द्वारा डांडिया नृत्य का आयोजन किया गया जिसमें छात्र-छात्राओं द्वारा डांडिया व गरबा नृत्य किया गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की शिक्षिका रूबी पासी, निखत अहमद, श्रेयश श्रीवास्तव, शिखा अग्रवाल व फातिमा शेख ने किया।

 


Date : 24-Aug-2019

कागजों पर मेडिकल कचरे का निपटान, तय मापदंडों का पालन करने पर ही लायसेंस- पर्यावरण विभाग अधिकारी

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
बैकुंठपुर, 24 अगस्त।
पर्यावरण विभाग द्वारा मेडिकल वेस्ट को लेकर नर्सिंग होम, पैथालॉजी लैब, एक्स-रे सेंटर की जांच कर पर्यावरण लाईसेंस देने का कार्य जोरों पर है। परन्तु सिर्फ कागजों पर मेडिकल का निपटान दिखाकर तथा तय मापदंडों को दरकिनार का लायसेंस की प्रक्रिया पूरी कर ली जा रही है। इस पूरे मामले में लेन-देन की भी चर्चा है। 

हालांकि इस संबंध में चिरमिरी के क्षेत्रीय अस्पताल में जांच कर रहे अम्बिकापुर पर्यावरण विभाग के अधिकारी हरि तिवारी ने इससे इंकार किया और कहा कि जब तक सरकारी, निजी नर्सिंग होम, लैब मेडिकल अवशिष्ट के निपटारे के लिए सोख्ता सहित तय मापदंडों का पालन नहीं करते, तब तक किसी भी कीमत पर लायसेंस नहीं दिया जाएगा। मंैने सीएमएचओ से सूची मांगी है, निजी प्रेक्टिस करने वाले चिकित्सकों पर भी पर्याचरण विभाग इसके निपटारे को लेकर कमर कसेगा। 

जानकारी के अनुसार कोरिया जिले का दायित्व अंबिकापुर में स्थित पर्यावरण कार्यालय पर है। ऐसे में पर्यावरण का अमला कभी कभार ही जिले के दौरे पर आता है और औपचारिकता पूरी कर लौट जाता है। इन दिनों विभाग के कुछ अधिकारी लैब, नर्सिंग होम, एक्स-रे सेंटरों को पर्यावरण लायसेंस देने के लिए जांच कर फटाफट लायसेंस जारी कर रहे हंै। 

बताया जाता है कि हर स्तर पर अलग-अलग रेट फिक्स किया गया है। चिरमिरी पहुंचे अधिकारियों ने पहले लैब संचालकों सहित निजी नर्सिंग होम को एक सोख्ता बनाए जाने के साथ कई तरह के कड़े नियमों की विस्तार से जानकारी दी और बनाए जाने को कहा। 

सूत्र बताते हैं कि कुछ नर्सिंग होम व लैब संचालक को पहले कड़े नियम बता काफी भयभीत किया गया बाद में लायसेंस के लिए अलग-अलग दर बताई जा रही है। इस तरह लायसेंस देने में गड़बड़ी की बात सामने आ रही है। ऐसे में मेडिकल अवशिष्ट का निपटारा भी कागजों में हो गया और लायसेंस भी बांट दिया गया। 

पूरे जिले का हाल बेहाल
जिला मुख्यालय बैकुंठपुर की ही बात की जाये तो यहां संचालित सरकारी अस्पताल के साथ निजी नर्सिंग होम, पैथालॉजी सेंटर मेडिकल वेस्ट को लेकर गंभीर नहीं है। ऐसा ही हाल जिले भर का है। मेडिकल वेस्ट को डिस्पोज करने के लिए बनाई गए नियम कायदों को दरकिनार कर खुले में ही असुरक्षित तरीके से मेडिकल वेस्ट को फेंका जा रहा है, जो पर्यावरण के साथ जानवरों के लिए भी नुकसानदायक है। 

निजी प्रैक्टिस पर नहीं है ध्यान
जिले के लगभग हर हिस्से में निजी और सरकारी डॉक्टरों के साथ झोलाछाप डाक्टरों की प्रैक्टिस जारी है। ज्यादातर घरों में निजी प्रैक्टिस करते हैं। यहां भी सिरींज का उपयोग होता है परन्तु पर्यावरण विभाग की नजर ऐसे प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों पर नहीं गई है। जहां से काफी मात्रा में मेकिडल अवशिष्ट निकलता है और उनके घर के आसपास आसानी से देखा जा सकता है। 

यह है निपटान के नियम
बायोमेडिकल वेस्ट अधिनियम 1998  के अनुसार निजी व सरकारी अस्पतालों को इस तरह के चिकित्सीय जैविक कचरे को खुले में या सड़कों पर नहीं फेंकना चाहिए। ना ही इस कचरे को नगर पालिका के कचरे में मिलाना चाहिए। साथ ही स्थानीय कूड़ाघरों में भी नहीं डालना चाहिए। क्योंकि इस कचरे में फेंकी जानी वाली सलाइन बोतलें और सिरिंज कबाडियों के हाथों से होती हुई अवैध पैकिंग का काम करने वाले लोगों तक पहुंच जाती हैं। जहां इन्हें साफ कर नई पैकिंग में बाजार में बेच दिया जाता है। जैविक कचरे को खुले में डालने पर अस्पतालों के खिलाफ जुर्माने व सजा का भी प्रावधान है। इसके बाद केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने मार्च 2016  में अधिसूचना प्रकाशित कर जैव चिकित्सा अपशिष्ट के निराकरण के लिए मानक तय किए थे। इसके तहत हर जिले में प्रशासन को इंसीनरेटर स्थापित कर व्यवस्था बनानी थी, लेकिन जिले में अभी तक इस पर अमल ही नहीं हुआ है।  


Date : 24-Aug-2019

जिला अस्पताल में 9 माह पूर्व लगे सोलर गीजर बंद

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
बैकुंठपुर, 24 अगस्त।
 जिला अस्पताल में 9 माह पूर्व लगे सोलर गीजर शोपीस बने हुए है। इनमें से आने वाला गर्म पानी अस्पताल के किसी भी वार्ड मे नहीं पहुंचता है। क्रेडा विभाग ने इनको लगाने के बाद इनकी स्थिति का जायजा लेने कभी जिला अस्पताल का रूख नहीं किया। वहीं आम लोगो के साथ स्टाफ को भी इसकी जानकारी नहीं है कि गर्म पानी की व्यवस्था जिला अस्पताल में की गई है। गीजर लगाये अब लगभग एक वर्ष होने वाला है लेकिन जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को गर्म पानी की सुविधा नहीं मिल पा रही है। हैरानी की बात है यह कि स्वयं जिला अस्पताल के कर्मियों को भी जानकारी नहीं है कि अस्पताल के लिए गीजर भी लगवाये गये हैं। जबकि डीएमएफ से इसके लिए लाखों रूपये खर्च कर दिये। बावजूद इसके भर्ती मरीजों को गीजर की सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सुविधा का लाभ दिलाने की दिशा में अस्पताल प्रबंधन द्वारा भी अब तक पहल नहीं की गई है। इस संबंघ में क्रेडा के सहायक संचालक रामायण उपाध्याय का कहना है कि वे इंजीनियर भेज कर पता लगवाते हंै कि आखिर क्यों गीजर काम नहीं कर रहा है। 

लगभग 6  लाख रूपये खर्च किये 
जानकारी के अनुसार डीएमएफ के तहत जिला अस्पताल में 5 सोलर गीजर छग राज्य अक्ष्य उर्जा विकास अभिकरण कोरिया (क्रेडा) के द्वारा लगाया गया है। यह कार्य 1 दिसंबर 2018  को पूर्ण कर लिया गया था। इसके लिए तत्कालिन जिला प्रशासन द्वारा 5 लाख 8 8  हजार 300रूपए की राशि जारी की गई।  जिससे सोलर गीजर जिला अस्पताल में लगाया गया लेकिन अब तक सोलर गीजर से गर्म पानी किसी को नहीं मिला। दूसरी ओर जिला अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात को पोछने या अन्य कार्यो के लिए गर्म पानी की जरूरत होती है और सबसे ज्यादा जरूरत डिलीवरी वार्ड में पड़ती है। ऐसे में जिला अस्पताल के सभी वार्डों को चेक करने से यह बात सामने आई कि किसी वार्ड में गीजर का गर्म पानी नहीं आता है।

गर्म पानी के लिए परिजन
जिला अस्पताल में मरीजों व उनके परिजनों को गर्म पानी की जरूरत पडऩे पर उन्हें कैंटिन व होटलों से गर्म पानी कराना पड़ता है। इसके एवज में उन्हे 5-10 रूपये खर्च करना पड़ता है। प्रतिदिन ऐसे कई मरीज होते हैं जिन्हें गर्म पानी की आवश्यकता होती है। लाखों खर्च कर लगाये गये सोलर गीजर का लाभ मिलता तो मरीजों व उनके परिजनों को नि:शुल्क सुविधा का लाभ मिल सकता था। 


Date : 24-Aug-2019

जल आवर्धन योजना, पाइप लाइन बिछाना शुरू

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
बैकुंठपुर, 24 अगस्त।
शहर की बढ़ती आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने नगर पालिका परिषद बैकुंठपुर द्वारा वृहद जल आवर्धन योजना के तहत करोड़ों रूपये स्वीकृत किये गये हंै ताकि आगामी कई सालों तक पर्याप्त पानी मिल सके। इसके तहत पानी टंकी निर्माण के साथ जल शोधन केंद्र की स्थापना एवं पाईप लाईन विस्तार का कार्य शामिल है। इस योजना के तहत कार्य प्रारंभ भी कर दिया गया है। 

जानकारी के अनुसार नगर पालिका के विभिन्न वार्डों में नई जल आवर्धन योजना के तहत वार्डो में पाईप लाईन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। सभी वार्डों मे नये सिरे से पहले की अपेक्षा थोड़ी मोटी पाईप लाईन का विस्तार किया जा रहा है। यह योजना आगामी कई वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद की पेयजल आपूर्ति को लेकर यह अब तक की सबसे बड़ी योजना है। 

जिन क्षेत्रों के लिए भी स्वीकृत अब वे नपा से अलग
योजना की स्वीकृति के दौरान नपा में कई अन्य क्षेत्र जुड़े थे। योजना की स्वीकृति पश्चात नपा से जुड़े कई नये क्षेत्र को हटाकर पंचायत क्षेत्र में शामिल करने का आदेश जारी किया गया।

 जानकारी के अनुसार नपा बैकुंठपुर क्षेत्र में जुड़े नये वार्डों में जामपारा, केनापरा, सागरपुर, रामपुर सहित कई अन्य क्षेत्र शामिल थे जिनमें से कई क्षेत्रों को नपा से अलग कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में उन क्षेत्रों में क्या जल आवर्धन योजना के तहत पेयजल आपूर्ति के लिए पाईप लाईन विस्तार कार्य किया जायेगा। यदि किया जाता है और पाईप लाईन के माध्यम से लोगों को पेयजल आपूर्ति की जाति है तो जल कर की राशि पंचायत क्षेत्र में शामिल होने के बाद क्या वसूली की जायेगी। जबकि ग्राम पंचायत क्षेत्रों में अभी तक जलकर की राशि नहीं जमा की जाती है। वहीं नल कलेक्शन कोई परिवार निजी तौर पर लेना चाहता है तो क्या उसे दी जायेगी आदि कई सवाल खड़े हो रहे है। 

नये जुड़े कुछ क्षेत्रों में कार्य निरस्त
नगर पालिका परिषद बैकुंठपुर में नये जुड़े कुछ वार्डों में योजना के तहत जो कार्य कराये जाने थे उसे कैंसिल कर दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार शहर सीमा में शामिल जामपारा में एक पानी टंकी नई योजना के तहत निर्माण कराया जाना था जिसे कैंसिल कर अब पुलिस लाईन में टंकी का निर्माण कराया जायेगा। जबकि पुलिस लाईन परिसर में एक बड़ी टंकी पूर्व से ही स्थापित है। इसी तरह सागरपुर व रामपुर जो नये वार्ड जुड़े थे जो अब अलग हो गये है वहॉ पर बनाये जाने वाले पानी टंकी को कैसिंल कर दिया गया। जिससे कि उन क्षेत्र. के लोगों को शहरी जल आवर्द्धन योजना का लाभ नही मिल पायेगा जबकि स्वीकृति उन क्षेत्रों को मिलाकर की गयी थी। 


Date : 24-Aug-2019

सहायक अनुदान के लिए कमरो-जायसवालने सौंपा ज्ञापन

छत्तीसगढ़ संवाददाता
मनेन्द्रगढ़, 24 अगस्त।
सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुलाब कमरो एवं मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉ. विनय जायसवाल ने केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और राज्यमंत्री रेणुका सिंह को ज्ञापन सौंपकर संविधान अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत अनुदान स्वीकृत किए जाने का आग्रह किया।

ज्ञापन में कहा गया कि छत्तीसगढ़ राज्य का कोरिया जिला जनजातीय आबादी युक्त जिला है जहां मुख्यत: बैगा, पण्डो, गोंड़, कंवर एवं उरांव जनजाति निवास करते हैं। कोरिया जिले में जनजाति समुदाय के विकास हेतु क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों की पहुंचविहीनता दूर करने, ग्रामवासियों को तहसील एवं जिला मुख्यालय से जोडऩे एवं छात्र-छात्राओं के बेहतर शैक्षणिक विकास हेतु स्कूल, छात्रावास भवनों में पीने का पानी एवं आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर छात्र-छात्राओं एवं आम जनता की कठिनाईयां दूर की जा सकती हैं।

सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और विधायक ने छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक भविष्य को ध्यान में रखकर संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत् संलग्न कार्ययोजना अनुसार राज्य को सहायक अनुदान राशि स्वीकृत करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष कृष्णमुरारी तिवारी एवं ब्लाक कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष राजेश साहू आदि उपस्थित रहे।

 

 


Date : 24-Aug-2019

जन्माष्टमी सोल्लास मनाया गया

छत्तीसगढ़ संवाददाता
मनेन्द्रगढ़, 24 अगस्त।
नगर में जन्माष्टïमी का पर्व सोल्लास मनाया गया। शनिवार की प्रात:काल से ही कृष्ण भक्तों ने सपरिवार मंदिर पहँुचकर बाल-गोपाल की झांकी के दर्शन किए एवं पारिवारिक सुख-समृद्घि की मंगलकामना की।
रात्रि के बारह बजते ही घण्टे-घडि़य़ाल व शंख की ध्वनि से समूचा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। ‘हाथी-घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की’ आदि गीतों पर श्रद्घालु थिरकते रहे और श्रीकृष्ण के जयकारे लगाते रहे। परम्परानुसार इस वर्ष भी नगर के हृदय स्थल स्थित श्री श्री राम मंदिर में श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। पर्व के मद्देनजर काफी संख्या में श्रद्घालु मंदिर परिसर में उपस्थित थे। सुबह से ही विविध धार्मिक अनुष्ठïान आयोजित किए जाते रहे। बच्चों से लेकर बड़े-बूढ़े सभी श्याम के भक्तिरस में गोते लगा रहे थे। मंदिर में भगवान श्री कृष्ण को पालने में बिठाया गया और उनके पालने को आकर्षक तरीके से सजाया गया। रात्रि के बारह बजते ही जय कृष्ण-जय गोपाल के जयघोष से समूचा वातावरण भक्तिमय हो गया।

 


Date : 24-Aug-2019

जिला अस्पताल से मिली दवा में परत तैरता मिला, जमा हुआ भाग बोतल में घूम रहा- सीएस एस के गुप्ता

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बैकुंठपुर, 23 अगस्त।
जिला अस्पताल से सीजीएमएससी की सप्लाई वाली पैरासीटामोल सिरप की बोतल में काला काला कुछ ज्यादा मात्रा में तैरता दिखा, जिसके बाद मरीज ने उसे ना लेकर निजी मेडिकल दुकान से दूसरी दवा ले ली। परन्तु जिला अस्पताल समेत सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली दवाओं पर सवाल खड़े हो गए है। 

इस संबंध में जिला अस्पताल के सीएस एसके गुप्ता का कहना है कि सिरप के अंदर वो ही जम गया है, जिसके कारण जमा हुआ भाग बोतल में घूम रहा है, किसी प्रकार का कीड़ा इत्यादि नहीं है। 

जानकारी के अनुसार कोरिया जिले के सोनहत के कैलाशपुर निवासी रामनरेश अपने 3 साल के पुत्र सौरभ को इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचा, जहां डाक्टर ने उसे देखने के बाद पैरासीटामोल सिरप लिखा, उसने जिला अस्पताल के दवा कांउटर से नि:शुल्क दवा दी गई। डोल्सिन नामक पैरासीटामोल सिरप के अंदर काले काले कुछ तत्व उपर नीचे करने पर तैरते दिखे, जिसके बाद उसने निजी मेडिकल स्टोर से दवा ले ली। दवा की एक्पाइरी 2021 की है, और फरवरी 2019 को दवा को बनाया गया है, सीएस का कहना है कि दवा अंदर जम गई है, वहीं जानकारों का कहना है कि सीरप का जम जाना बताता है कि सीरप में मिलाया जा रहा मिश्रण घटिया है, जिसके कारण दवा अंदर से जम रही है। 

दो साल से बंद है जनऔषधि केन्द्र 
केन्द्र सरकार द्वारा जिला अस्पताल में संचालित जनऔषधि केन्द्र सालों से बंद पडा है, बताया जाता है कि इस केन्द्र में कई महिनों से सीजीएमएससी द्वारा दवाईयों की सप्लाई नहीं की जा रही है, जिसके कारण अब इसे पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, इसके पूर्व की सरकार ने पहले अस्पतालों के कैम्पस में दवाई दुकानें खोली थी जो बाचार से कम दर पर दवाईयां उपलब्ध करा रही थी, ऐसे केन्द्र 24 घंटे मरीजों को सेवा दिया करते थे। बाद में जन औषधी केन्द्र खोला गया, जिसके मात्र 8 घंटे सेवा कुछ दिन मिली और वो भी पूरी तरह से बंद हो चुका है। अब रात में दवाओं की जरूरत पडऩे पर मरीज को यहां वहां भटकना पड़ता है।


Date : 23-Aug-2019

मनेन्द्रगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनेगा 100 बिस्तर का अस्पताल'

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
चिरमिरी, 23 अगस्त।
मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. विनय जायसवाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ को उन्नयन कर 100 बिस्तर अस्पताल करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री सहित मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। जिसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ को 100 बिस्तर अस्पताल में उन्नयन प्रस्ताव को बजट में शामिल करने के लिए पीडब्ल्यूडी मंत्री के विशेष सहायक ने स्वास्थ्य मंत्रालय को इस बाबत पत्र भी लिखा है जिसके बाद आने वाले समय में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कर उसे सौ बिस्तर का अस्पताल बना दिया जाएगा । 

उल्लेखनीय है कि मनेंद्रगढ़ के आसपास के क्षेत्रों से काफी संख्या में मरीज उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ आते हैं। मरीजों की परेशानी को देखते हुए स्थानीय विधायक विनय जायसवाल ने संबंध में पहल की थी। विधायक ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ 100 बिस्तर अस्पताल होने के साथ ही यहां के स्टाफ की कमी को शीघ्र ही दूर किया जाएगा।

इसके अलावा विधायक की पहल पर विकास खंड खडग़वां के अंतर्गत जरौंधा, कटकोना एवं ग्राम पंचायत बरदर में सड़क डामरीकरण कार्य को भी बजट में शामिल किया जा रहा है।

 


Date : 23-Aug-2019

मेंहदौली स्कूल जाने में लिए अँधेरगढ़ नदी पार करने को लेकर 'छत्तीसगढ़' खबर का असर

तहसीलदार ने एसडीओ आरईएस को जल्द से जल्द पुलिया पूर्ण करने के निर्देश दिए

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
बैकुंठपुर, 23 अगस्त।
दैनिक 'छत्तीसगढ़' ने सबसे पहले मेंहदौली स्कूल जाने में लिए अँधेरगढ़ नदी पार करने को लेकर खबर का प्रकाशन किया, जिसके बाद आरईएस के एसडीओ और तहसीलदार मनमोहन सिंह मौके पर पहुंचे, नदी से आने जाने वाले मार्ग का दौरा किया, स्कूली बच्चों से मिले, उनकी समस्याओं को सुना औऱ एसडीओ आरईएस को जल्द से जल्द पुलिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। 

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में तत्कालीन जिला प्रशासन ने नदी पर पुल बनाने के लिए 49 लाख रुपये डीएमएफ के तहत स्वीकृत किये, बीते दो साल से काम की धीमी रफ्तार के बाद भी पुलिया पूर्ण नहीं हो सकी, 'छत्तीसगढ़' की खबर के बाद एक बार फिर प्रशासन जागा है। 

 


Date : 23-Aug-2019

मनेन्द्रगढ़ वनमंडल में भुगतान में अनियमितता की शिकायत, ग्रामीणों ने कम मजदूरी देने की बात कही

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बैकुंठपुर, 23 अगस्त।
कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ वनमंडल में सिर्फ दो रेंज में भारी भरकम राशि के चेक काटकर राशि में हेराफेरी के आरोप लग रहे हंै। एक ओर ग्रामीणों ने कम मजदूरी की बात कही है तो दूसरी ओर बैकों की मिलीभगत से करोड़ों रूपए नकद आहरण का मामला सामने आ रहा है। 

इस संबंध मेें कुंवारपुर और बहरासी रेंज का प्रभार सम्हाल रहे डिप्टी रेंजर शिवानंद द्विवेदी का कहना है कि 15 जून के पहले भू-जलसंरक्षण के कार्य कराए गए। जिसमें 421 रूपए के हिसाब से मजदूरी का भुगतान किया गया है। उनका कहना है कि मजदूरों को भुगतान उनके खाते में किया गया है। 

जानकारी के अनुसार मनेन्द्रगढ़ वनमंडल के डीएफओ सिर्फ कुंवारपुर और बहरासी रेंज पर ज्यादा काम देने और चेक जारी कर रहे हैं। बताया जाता है कि डिप्टी रेंजर शिवानंद द्विवेदी के पास बहरासी रेंज का प्रभार था। जिसके बाद सीसीएफ के आदेश को दरकिनार कर उन्हें कुंवारपुर रेंज का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया। 

सूत्रों की मानें तो मनेन्द्रगढ़ वनमंडल से बीते दो माह रेग्युलर मद से यहां लगातार करोड़ों के चेक जारी किए गए हैं। जिसमें बहरासी रेंज मे जून माह में 90 लाख और जुलाई 1 करोड़ 10 लाख के चेक जारी किए गए। वहीं कुंवारपुर रेंज में 92 लाख की राशि के चेक जारी किए गए हैं। इसके अलावा कैम्पा और डीएमएफ के अलग चेक है। 

वहीं सूत्र यह भी बातते है कि मात्र लगभग 18  लाख का ही भुगतान मजदूरों के खाते में किया गया बाकी पूरा भुगतान बैंक से नगद आहरण कर दिया गया है। जबकि वन विभाग में नगद भुगतान पर रोक लगी हुई है। इधर कई मजदूरों के खातें में पहुंची राशि को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रेंजर जहां 421 रूपए की बात कह रहे हंै जबकि मजदूरों के खातें में 205 की दर से ही राशि आई है। 19 को खबर 20 को जांच पूरी 
़'छत्तीसगढ़Ó ने 19 अगस्त को खबर का प्रकाशन कर बताया था कि भू-जलसंरक्षण के कार्य में बहरासी रेंज मे भारी अनियमितताएं बरती गयी है। अधिकारियों द्वारा 20 अगस्त को पूरे क्षेत्र की जांच कर ग्रामीणों की शिकायत को निराधार बता दिया। और एक ही दिन में जांच पूरी कर ली गई।

 जिन कक्ष क्रमांक के संबंध में खबर में बताया में गया था उसकी जांच में कम से कम 4 माह का समय लग सकता है।


Date : 23-Aug-2019

मानव तस्करी में संलिप्त फरार आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ संवाददाता
मनेन्द्रगढ़, 23 अगस्त।
भोलेभाले बेरोजगार ग्रामीण युवकों के साथ ही नाबालिगों को अच्छे वेतन में काम का झांसा देकर परदेश में बंधक बनाकर उनसे काम कराने एवं उनके मामूली मानदेय को भी हड़पने के जुर्म में फरार एक आरोपी को आज पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उसके घर से दबोच लिया।

बता दें कि इस साल के शुरूआत में ही मनेंद्रगढ़ थाना क्षेत्र में मानव तस्करी की घटना सामने आई थी जिसमें प्रार्थी शिवपाल सिंह गोंड़ के द्वारा 15 जनवरी 19 को थाना मनेंद्रगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि 11 नवम्बर 2018 को सुग्रीव व राकेश के द्वारा उनके लड़के मान सिंह 25 वर्ष, सुखसेन 16 वर्ष, गांव के हृदय सिंह 16 वर्ष एवं नन्हू सिंह 25 वर्ष तथा परसगढ़ी से भी कुछ लड़कों को जबरन काम कराने के लिए हैदराबाद (सिकंदराबाद) ले गए हैं और उन्हें वहीं जबरन रोककर काम करा रहे हैं। घर नहीं आने दे रहे हैं। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान मान सिंह, सुखसेन, नन्हू को शाहपुर जिला यादगिर (कर्नाटक) में बोरवेल्स मशीन में काम करते पाए जाने पर 31 जनवरी को तथा हृदय सिंह को 1 फरवरी को सिकंदराबाद से एवं गेंदलाल, सतीश सिंह, अमोल सिंह, सुखलाल व कमलेश को 6 अप्रैल को नासिक (महाराष्ट्र) से बरामद किया गया। मामले में आरोपी राकेश पनिका, सुग्रीव उरांव तथा महेंद्र यादव की पतासाजी की जा रही थी।

 इस बीच 23 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी सुग्रीव उरांव अपने घर आया हुआ है। सूचना पर दबिश देकर आरोपी को अभिरक्षा में लेकर थाने लाया गया। आरोपी सुग्रीव उरांव के द्वारा राकेश पनिका के साथ मिलकर अपराध घटित करना स्वीकार किया गया।

 


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