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Posted Date : 18-Apr-2018
  • मोबाइल ऐप से स्केन करने पर  कंट्रोल यूनिट का कोड बदला 

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 18 अप्रैल। आज भौतिक सत्यापन के दौरान ईवीएम में गड़बड़ीसामने आई है। कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने आपत्ति दर्ज कराई है कि ईवीएम कंट्रोल यूनिट का कोड बार का मोबाइल ऐप से स्केन पर उसने तत्काल अपना कोड बार बदल दिया। 
     आज जिला कार्यालय में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि ईवीएम के भौतिक सत्यापन के लिए बतौर गवाह बुलाये गये थे। जब सत्यापन का दौर शुरू हुआ तो कक्ष में कांग्रेस  प्रतिनिधि पार्षद नानू भाई, एडवोकेट नरेन्द्र दुबे, एडवोकेट भरत ठाकुर भी वहां उपस्थित थे। संविदा कलेक्टर शिव कुमार तिवारी और अपर कलेक्टर श्री ध्रुव सत्यापन के लिए ड्यूटी में लगे थे। 
    इस दौरान कंट्रोल यूनिट सी यू एस 2 पोस्ट 2006 की जिस ईवीएम  को 18 अप्रैल 2018  को ईटीएस साफ्टवेयर के जरिये वेरीफाई किया गया था, ने अपनी आईडी एन कोड बदलकर जे कर दिया। इस मशीन ने आईडी ही नहीं वर्ष भी बदल दिया। जबकि बाक्स नम्बर, ईसीआईएल तथा स्टेटस ज्यों का त्यों था। 
    सत्यापन के समय ईवीएम कंट्रोल युनिट क्रमांक मैनुअल जी 00795 अंकित था। इस कोड बार का मोबाईल एप से स्केन करने पर एन 00 795 अंकित हुआ। जिसका प्रिंट सूची में भी यही नंबर है। 
    कांग्रेस का आरोप है कि पेज संख्या भी अंकित नहीं था लेकिन पेज नंबर अंकित कर करवाने के बाद सत्यापन कराया गया। 
    इसकी खबर मिलते ही जिला अध्यक्ष आलोक चंद्रकार, पूर्व विधायक अग्नि चंद्राकर तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता दाऊलाल चंद्रकार भी कलेक्टोरेट पहुंचे थे। इनके पहुंचने के बाद कांग्रेसियों ने कलेक्टोरेट में ही  प्रदर्शन शुरू कर दिया। इन्हें  कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। 

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Posted Date : 15-Apr-2018

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बसना, 15 अप्रैल। मप्र निवासी  ब्राह्मण युवक ने दलित बनकर दलित युवती से शादी कर ली।  शादी के बाद जब वह दुलहन को लेकर अपने गृहग्राम निकला तो बात खुल गई। लड़की के पिता व समाज के लोग थाने पहुंचे। अब आरोपी दूल्हा, उसके दोस्त समेत शादी में मध्यस्थता करने वाले 3 लोगों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला बसना थाने का है।  
    मिली जानकारी के अनुसार मप्र विदिशा निवासी जितेन्द्र कुमार हार्वेस्टर चालक अक्सर सरायपाली आता जाता था। इस दौरान उसका परिचय सरायपाली पतेरापाली निवासी ट्रक चालक उपेन्द्र पुरी से हुआ। बातों बातों में उसने शादी न हो पाने की बात कही तो उपेन्द्र ने रिश्ता ठीक करने की बात कही।  उपेन्द्र ने अपने दोस्त दुर्गापाली निवासी पूर्व सरपंच महेन्द्र प्रधान और भालूपतेरा निवासी गंगाराम से मिलवाया और लड़की ठीक करने की बात कही। इन तीनों ने इसके एवज में 1 लाख रुपये लिए।
    इन तीनों ने बसना थाना अंतर्गत गांव के एक गरीब दलित परिवार से संपर्क किया। लड़की के पिता को अपने झांसे में लिया कि तुम्हारी जात बिरादरी का कमाऊ लड़का है। अपनी लड़की की शादी इससे करा दो तो अच्छे से रहेगी। उन्होंने शादी में मदद की बात कही। उनके झांसे में आकर लड़की का पिता राजी हो गया तो 25 हजार रुपये का सामान भी उसे दिला दिया।
    (बाकी पेजï 5 पर)
    इन तीनों ने  दिखावे के लिए शादी का कार्ड भी छपवा दिया। 11 अप्रैल को उसकी शादी हुई और वह 12 अप्रैल को अपनी दूल्हन  को लेकर विदिशा जा रहा ता। इसी दौरान समाज के अध्यक्ष ने अनजान बाहरी युवक से शादी करने पर दूल्हन के पिता से पूछताछ की फिर दूल्हे से भी जब पूछताछ करने लगा तो वह भागने लगा। ग्रामीणों ने दूल्हे और उसके साथी को पकड़ा  और सीधे एसीडीएम के पास ले आए। 
    आरोपी दूल्हे ने एसडीएम के सामने शादी के एवज में उपेन्द्र, महेन्द्र और गंगाराम को एक लाख रुपये देने की बात कही। उसका कहना था कि शादी कार्ड भी इन्होंने छपवाए थे।  बहरहाल पुलिस ने आरोपी दूल्हे, उसके दोस्त और शादी करवाने वाले तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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Posted Date : 02-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुंद, 2 अप्रैल। सोमवार दोपहर तुमगांव थाना क्षेत्र के गाड़ाघाट में 19 साल की एक विवाहिता का शव घर में संदिग्ध अवस्था में मिला है। पुलिस मृतिका के पति से पूछताछ कर रही है।  तुमगांव पुलिस के अनुसार मृतका का नाम संतोषी ध्रुव पति सूरज धु्रव है। चार महिने पहले ही दोनों ने प्रेम विवाह किया था। महिला के गले में फंदे के निशान है। समाचार लिखे जाने तक शव को पीएम के लिए भेजा गया है। 

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Posted Date : 29-Mar-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    पिथौरा, 29 मार्च। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह लोक सुराज अभियान के तहत  पिथौरा विकासखण्ड के ग्राम खैरखुंटा पहुंचे। ग्राम में चौपाल लगाकर समस्याओं की जानकारी ली एवम शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन संबंधी पूछताछ की। इस दौरान एक ग्रामीण द्वारा अपनी जमीन सम्बन्धी मामले के निपटारे की शिकायत की। इस पर उन्होंने आज ही इसके निपटारे का आदेश दिए।
    ग्राम की एकता और प्रत्येक पंचायत चुनाव में पंच सरपंच का निर्वाचन निर्विरोध होने की जानकारी मिलने पर ग्रामवासियों की तारीफ करते हुए सरपंच का स्वागत किया। इस दौरान  ग्राम के  स्कूल में चल रहे जिला स्तरीय समस्या निवारण शिविर भी पहुंचे।  
     शिविर में कुल 1235 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी दी गयी। कुछ आवेदनों को देखने के बाद उन्होंने सभी आवेदनों के निपटारे के आदेश दिया। जिला स्तरीय समाधान शिविर  मे मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर लगभग 57 लाख के कार्यों की घोषणा की इसमें-दस लाख का सीसी रोड की स्वीकृति, राजीव गांधी सेवा केन्द्र की स्वीकृति । ग्राम पंचायत भवन की स्वीकृति। नल जल योजना अर्तंगत ओव्हर टैंक की स्वीकृति । गोपालपुर के लिए 6 लाख का सामुदायिक भवन की स्वीकृति गोपलपुर मे 6 लाख का सीसी रोड की स्वीकृति दी। 

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Posted Date : 27-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बसना, 27 जनवरी। गढफ़ुलझर में बरिहा परिवार पर हमला कर दो की हत्या और दो को जख्मी करने वाला आरोपी परिवार का ही निकला। भतीजा मुक्तेश्वर अपनी चाची के चरित्र पर शक करता था। इसे लेकर उनमें कहासुनी भी होती रहती थी। पुलिस को प्रारंभ से ही उस पर शक था क्योंकि घटना के बाद से वह फरार था और उसके घर में खून के धब्बे मिले थे। पुलिस ने मामले में आरोपी मुक्तेश्वर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 
    पुलिस के अनुसार घायल साधनी पति स्व. नंदलाल बरिहा, सास कैफुलो बरिहा  बेटे अभिषेक  व  मेहमान अनुज   पर प्राणघात हमला कर दिया।  सास  और बेटे अभिषेक की घटना स्थल पर मौत हो गई थी। साधनी और अनुज अभी मकाहारा रायपुर में भर्ती हैं।  पुलिस के अनुसार  शक के आधार पर साधनी बरिहा के जेठ के लड़के  मुक्तेश्वर बरिहा  से जब पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसे   साधनी का गांव के लोगों के साथ अनैतिक संबंध होने का शक था जिसकी वजह से उसके और उसके चाची के बीच अक्सर कहा सुनी होती थी। घटना दिनांक को उसने रात्रि में अपनी चाची को निपटाने की सोचा और रात्रि 12 बजे के बाद उसके घर पहुंचा। वहां पहुंचते ही उसने अपनी चाची साधनी बरिहा पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। साधनी बरिहा का बचाव करते हुए साधनी  की सास  ने बीच बचाव किया तो मुक्तेश्वर ने  उस पर भी  हमला कर दिया।   घर के भीतर शोर शराबा सुनकर अभिषेक और  रिश्तेदार अनुज   ने भी आरोपी को रोकने का प्रयास किया तो  इन पर भी हमला कर दिया। 

     

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Posted Date : 25-Jan-2018
  • बसना गढफ़ुलझर 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बसना/ पिथौरा,  25 जनवरी।  बसना थानांतर्गत ग्राम गढफ़ुलझर में बीती रात एक घर के 4 लोगों पर किसी से धारदार हथियार से हमला कर दिया। घटना में एक महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि बच्चे ने अस्पताल ले जाते दम तोड़ा। मृतक दादी-पोता हैं। वहीं बच्ची की मां और मेहमान की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल भेजा गया है। घटना का कारण और आरोपी का पता नहीं चल पाया है। बसना पुलिस तथा क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर मौजूद है।  बताया गया कि पड़ोसी मुक्तेश्वर के घर पर खून के धब्बे मिले हैं और घटना के बाद से फरार है।
    पुलिस के अनुसार बीती रात गढफ़ुलझर में  नंदकुमार बरिहा नामक ग्रामीण के घर पर यह हमला हुआ। हमले के वक्त पूरा परिवार सोया हुआ था। हमले में नंदकुमार की मां फूलोबाई की घटनास्थल पर ही मोैत हो गई। जबकि बेटे अभिषेक 9 वर्ष ने अस्पताल ले जाते दम तोड़ दिया। नंदकुमार की पत्नी साधनी बाई और उस रात घर आए मेहमान अनूपकुमार की हालत नाजुक है जिन्हें जिला अस्पताल महासमुंद भेजा गया है। घटना की रात नंदकुमार की बड़ी बेटी और बेटा ग्राम अंखरभाटा रिश्तेदार के घर कार्यक्रम में गए थे। नंदकुमार की 2 साल पहले मौत हो चुकी है।

     

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Posted Date : 19-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    पिथौरा, 19 जनवरी। ढांक टोल प्लाजा तुमगांव के पास कर चलती कार में आग लगने से जिंदा जल जाने वाला युवक पिथौरा ठाकुरदिया खुर्द खपराखोल निवासी था। कार में वह अकेला ही था। हादसे के बाद स्टेयरिंग में फंस गया और आग इतनी तेजी से फैली कि बाहर नहीं निकल सका और न ही  वहां पहुंचे लोग उसे निकाल सके। कार उसने रायपुर प्रोफेसर कालोनी निवासी संदीप चन्द्राकर से खरीदी थी जिसे अपने नाम ट्रांसफर नहीं कर पाया था। 
    मिली जानकारी के अनुसार समीप के ग्राम खपराखोल निवासी ताम्रध्वज पटेल  (45 वर्ष) कल सुबह घर से रायपुर जाने के लिए निकल था। सवा ग्यारह बजे ढाक टोल से निकला था। उसके  आधे घण्टे बाद ही तुमगांव के पास हादसा हो गया। अनुमान के मुताबिक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित हो कर तुमगांव बाइपास के पास सड़क  से नीचे गिर गया। पुलिस का अनुमान है कि पेट्रोल टँकी फटने के बाद स्पार्किंग से आग लगी होगी और स्टेयरिंग में फंस जाने से वह बाहर नहीं निकल सका और वहीं जलकर मौत हो गई। ज्ञात हो कि कार में चार अन्य के होने की खबर भी थी, लेकिन हादसे के वक्त वह अकेला था।
    ताम्रध्वज के पिता लालाराम पटेल डेयरी का भी कोरबार करते हैं। दो बेटों में से यह  छोटा था। मृतक की पत्नी केंद्रीय विद्यालय बेगलुरू में शिक्षिका है और एक बेटे और बेटी के साथ वहां रहती है। मृतक गांव में पैतृक व्यवसाय करते  आना जाना करता रहता था। 
    प्रत्यक्षर्दिर्शयों के अनुसार आग इतनी तेजी से लगी कि उन्हें उसे निकालने का मौका ही नहीं मिला। पुलिस फायर ब्रिगेड लेकर पहुंची तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। आज सुबह रायपुर से फोरेंसिक टीम पहुंची औरजांच पड़ताल की।  समाचार लिखे जाने तक अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। 

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Posted Date : 16-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 17 जनवरी। सिरपुर क्षेत्र के ग्राम लहंगर में  आज एक जोड़े ने एकसाथ फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।  तुमगांव थाना प्रभारी श्री शुक्ला ने बताया  कि ग्राम लहंकर के पुलिया के पास एक पेड़ में एक युवक युवती के फांसी पर लटके मिलने की यूचना मिली।  युवक की शिनाख्त सिरपुर निवासी हरिओम वैष्णव पिता रामेश्वर वैष्णव (20वर्ष) व युवती की शिनाख्त ग्राम सुकुलबाय निवासी ममता साहू पिता भीखम साहू  (20वर्ष) के रूप में की गई है। दोनों में लंबे समय से प्रेम संबंध था।
    युवती कल शाम 6 बजे अपने घर से निकली थी जो रात  घर नहीं लौटी तो परिजनों ने आसपास पता किया पर नहीं मिली। परिजनों ने सोचा के मड़ई मेला देखने  गई होगी और अपने सहेलियों के यहां रूक गई होगी।  परिजनों को आज सुबह  जानकारीमिली  कि सुकुलबाय निवासी ममता और सिरपुर निवासी हरिओम वैष्णव की लाश ग्राम लहंगर के पुलिस के पास एक कौहा पेड़ में लटकी मिली है।
     तुमगांव थाना प्रभारी ने  बताया  कि इन दोनों के माता-पिता किसान हैं। इन दोनों ने 12 वीं  के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। दोनों ने फांसी पर लटकने के लिए चुनरी, गमछा और स्कार्फ को जोड़ लिया था।  

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Posted Date : 03-Jan-2018

  • जान माल की सुरक्षा का कोई मापदंड नहीं
    सुरंग में ही फंस गयेे थे भट्ठे में आग  लगाने गये तीनों मजदूर
    जोर आवाज के साथ 90 फीट की  जमनी     का ऊपरी आधा हिस्सा जमीन पर गिरा    

    उत्तरा बिदानी
    महासमुन्द, 3 जनवरी (छत्तीसगढ़)। कल महासमुन्द जिला मुख्यालय से राजिम की ओर जाने वाले रास्ते पर महज 6 किमी दूरी पर शेर नामक ग्राम में ईंट भट्टे की चिमकी फटने से 3 लोग गंभीर हुए और एक मजदूर घायल हंै। इस भट्टे में एक साथ कई लाख ईंटें पकता है। इसके अंदर भयानक आग होती है जिसमें किसी भयंकर दुर्घटना की आशंका होती है। इसी तरह के अनेक ईंट भट्ठे जहर उगलती चिमनियों के साथ शहर के चारों तरफ खड़े हैं। इसकी स्वीकृति देते वक्त खनिज विभाग ने यहां जान माल की सुरक्षा के कोई मापदंड नहीं दिये। किसी भी हादसे से बचने के लिए यहां के मजदूरों को न तो किसी तरह का प्रशिक्षण दिया गया है और न ही इनकी सुरक्षा के वैकल्पिक साधन ही है। श्रम विभाग इन मजदूरों के लिए क्या कर रहा है, इस बात की कोई जानकारी नहीं है। किसी हादसे में यहां के मजदूरों और उनके परिवार का क्या होगा? इस पर सभी चुप हैं। 
    कल जिस भट्टे में हादसा हुआ वह दरअसल सावित्री चन्द्राकर पति सुरेन्द्र चन्द्राकर महासमुन्द के नाम से पिछले 15-16 सालों से संचालित है। पिछले तीन सालों से इस भट्ठे का संचालन जिवराखन चन्द्राकर, लभरा खुर्द निवासी, जे.के ब्रिक्स के नाम से किराये पर लेकर संचालित कर रहे हैं। जमीन के भीतर भट्ठे में आग लगाने के लिए 70-80 फीट दूरी तक एक सुरंग बना दी गई है जो 90 फीट चिमनी तक पहुंचती है। जो सुरंग बनाई गई है वह डेढ़-दो फीट चौड़ी है, जहां केवल एक आदमी ही सुरंग में चल फिर सकता है। धुआं निकालने के लिए 90 फीट की चिमनी लगी है। कल जब इसी सुरंग में आग लगाने के लिए एक-एक करके 3 लोग अंदर गये थे तो बाहर भी कई मजदूर चिमनी से लगकर काम कर रहे थे। इनकी कुशलता के लिए भट्ठे में काम करने वाले मजदूर मंदिर में पूजा पाठ कर रहे थे। 
    ईंट भट्ठे की चिमनी में आग लगाने वाले प्रशिक्षित मजदूर थे। जैसे ही इन्होंने भट्ठे में आग लगाई, भयंकर आवाज के साथ 90 फिट की चिमनी का ऊपरी आधा हिस्सा (लगभग 35-35 फीट का हिस्सा) गिर गया। जिसमें चिमनी के पास काम करने वाला एक मजदूर चिमनी के गिरे मलबे में दब गया और चिमनी जलाने के लिए सुरंग में उतरे तीन मजदूर भीतर सुंरग में ही फंस गये। यहां कुछ मात्रा में आग लगी थी। उस आग में ये तीनों मजदूर झुलस गये। समय रहते सुरंग को बीच से फोड़ कर गंभीर हालत में तीनों को बाहर निकाल लिया गया। बाहर चिमनी के पास काम कर रहे मजदूर जो मलबे में दब गया था, वह भी घायल हो गया है। 
    अंदर जब ब्लास्ट हुआ तो जोर की आवाज गांव तक पहुंची और गांव वाले सहायता के लिए भट्ठी की ओर दौड़ पड़े। चिमनी का आधा हिस्सा जमीन पर आ गिरा था और बचे हुए हिस्से में काफी दरारें आ गई थी। खबर मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस घटना स्थल पहुंची और प्रभारी एसपी संजय धु्रव ने तत्काल सभी मजदूरों को अस्पताल पहुंचाया। इनमें से 3 घाटल मजदूरों रायपुर रिफर किया गया है। घटना के बाद खनिज विभाग के अधिकारी श्री रायस्त, अपर कलेक्टर ओंकार यदु, एसडीएम प्रेम प्रकाश शर्मा और तहसीलदार विश्वास राव म्हस्के घटना स्थल पहुंचे थे। 
    यहां यह बताना जरूरी है कि इस भट्ठे में घटना के वक्त पथई काम के लिए 45 मजदूर काम कर रहे थे। कल सुरंग में आग लगाने बलौदा बाजार निवासी गोवर्धन विश्वकर्मा, गंगाराम और जनक राय सुरंग में गये थे। तीनों का इलाज जारी है। वैसे इस भट्ठे में हरदम डेढ़ से दो सौ के मजदूर काम करते हैं। जिसमें शेर गांव के लोग भी शामिल है। यहां का मुंशी रवली, फिंगेश्वर निवासी संतोष विश्वकर्मा और शेर निवासी शिवलाल धु्रव हैं जो बताते हैं कि कल जब सुरंग के भीतर तीनों आग लगाने के लिए गये तो थोड़ी ही देर के बाद कुछ चीज की जोरदार फटने की आवाज आई जिससे पूरा भट्ठा हिल गया। इससे 90 फीट की चिमनी का ऊपर का हिस्सा बीचे से (30-35 फिट) टूटकर नीचे आग गिरा और बाहर के एक मजदूर इस मलबे में दबकर बुरी तरह से घायल हो गया। अंदर गये तीनों मजदूर भी आग से झुलस गये थे जिन्हें जेबीसी मशीन से सुरंग तोड़कर निकाला गया। 
    घटना के बाद अब यह बातें सामने आई है कि महासमुन्द शहर के आसपास गांवों के मैदान में, यहां तक शहरी मैदान में भी कई ईंट भट्ठे संचालित हैं। यहां काम करने वाले मजदूरों और उनके परिवारों के आलावा भट्ठे के आसपास रहने वालों के लिए सुरक्षा का कोई मापदंड जिला प्रशासन और खनिज विभाग के पास नहीं है। यहां काम करने वाले मजदूरों के हताहत होने के बाद भी ऐसी कोई योजना जिला प्रशासन ने अपने मापदंड में निर्धारित नहीं किये हेै जिससे उनके परिवारों को लाभ मिल सके। 
    कल की घटना के बारे में उपस्थित जिला स्तर के सभी अधिकारियों का केवल इतना कहना है कि कल बड़ा हादसा हो सकता था। इनका मानना है कि आग लगाने के दौरान उपयोग में आने वाले मिट्टी तेल, आइल अथवा अन्य पदार्थों से ब्लास्ट करने वाला गैस उत्पन्न हु्आ होगा और फिर बलास्ट हो गया होगा। यहां काम करने वाले इस घटना के बारे में कुछ भी बताने से कतरा रहे हैं। जबकि जिला खनिज अधिकारी का कहना है कि नियम के अनुसार चिमनी का ही मापदंड तय किया गया है। यहां काम करने वाले मजदूरों के बारे में कोई मापदंड निर्धारित नहीं है। हालांकि कलेक्टर हिमशिखर गुप्ता ने घटना के बाद तत्काल अपने मातहतों को निर्देश दे दिये हैं कि तमाम भट्ठों में जाकर स्थल मुआयना कर लें। 

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Posted Date : 02-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    पिथौरा, 2 जनवरी। राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर आज सुबह एक सड़क दुर्घटना में सांकरा (जोंक) के शास हाईस्कूल के प्राचार्य जी आर सिदार की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। 
    आज सुबह  प्राचार्य जी आर सिदार प्रतिदिन की तरह अपने घर कुड़ेकेल बसना से  सांकरा ड्यूटी आ रहे थे। इस बीच लोहरीनडोंगरी के पास एक तेज रफ्तार डस्टर कार की ठोकर से फोरलेन पर ही गिर पड़े। उन्होंने हेलमेट भी नहीं पहना था। सिर पर गहरी चोट के कारण घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। सांकरा पुलिस ने कार चालक को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया है। वहीं बीती रात पिथौरा टप्पा में एक मेटाडोर के दुर्घनाग्रस्त होने से आधा दर्जन घायल हो गए हैं। 

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Posted Date : 02-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 2 जनवरी। आज प्रात: लगभग सवा 11 बजे ग्राम शेर स्थित जे.के. ब्रिक्स की चिमनी गिरने से 4 मजदूर घायल हुए हैं। इनमें से तीन मजदूरों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें रायपुर भेजा जा गया है।  
    मिली जानकारी के अनुसार ये सभी मजदूर जेके ब्रिक्स कम्पनी में ईंट बनाने का काम करते थे। दो तीन दिनों से ईंटों को पकाने के लिए भट्ठी में आग लगाई गई थी। अत: आज भी भट्टी गर्म थी।  
     आज सवा 11 बजे अचानक इन मजदूरों पर चिमनी आ गिरी। गंभीर मजदूरों में गंगाराम निषाद अमोली, गोवर्धन विश्वकर्मा  नांदघाट बेमेतरा निवासी, जनक निषाद  शिकारी केसरी थाना सुहेला जिला बलौदाबाजार  है। चमन लाल साहू  नामक मजदूर को हाथ पैर में चोटें आई हैं।  
    इस घटना के जानकारी मिलते ही प्रभारी एसपी संजय ध्रुव घटनास्थल पहुंचे थे।  घायलों को रायपुर स्थित कालड़ा नर्सिंग होम में भेजा गया है। ईंट भट्ठा सुरेन्द्र चंद्राकर महासमुन्द का बताया जा रहा है।  

     

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Posted Date : 21-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 21 दिसम्बर। बागबाहरा ब्लॉक के लालपुर में कल महिला शिक्षाकर्मी यमुना द्वारा अपने दो बच्चों की चाकू से  हत्या और खुदकुशी की खबर से बागबाहरा-महासमुन्द स्तब्ध है। पुलिस के अनुसार घटना से पहले महिला ने पत्र में लिखा है कि पति ईश्वर पांड़े के  उपेक्षा पूर्ण व्यवहार के कारण क्षुब्ध होकर उसने ऐसा कदम उठाया है। वहीं पति को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से वह बदहवास है और किसी के साथ कुछ बात नहीं कर रहा है। समाचार लिखे जाने तक दोनों मासूमों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। घटना के बाद से पति-पत्नी दोनों के रिश्तेदार पहुंच चुके हैं। बताया जा रहा है कि यमुना की मां की मौत हो चुकी है और पिता बीमार हालत में यमुना के साथ ही रहते हैं और घटना के वक्त वह घर पर नहीं थे। यमुना अपने मां बाप की इकलौती संतान थी। 
    गौरतलब है कि कल बागबाहरा ब्लॉक के प्राथमिक शाला में शिक्षा कर्मी यमुना पांड़े पति ईश्वर पाड़े 30 साल ने अपने 5 साल और 2 साल के दो बच्चों को कल दोपहर 3-4 बजे के बीच अपने  घर पर चाकू से गोद कर हत्या कर दी और अपनी नस काट ली थी। घटना के बाद से आसपास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी तब हुई जब शिक्षाकर्मी महिला का पति ईश्वर घर पहुंचा। उसने घर के भीतर प्रवेश करते ही देखा कि बच्चे खून से लथपथ मृत अवस्था में बड़े हैं और पत्नी यमुना लहूलुहान हालत में पड़ी है। ईश्वर पांडेय घर के भीतर के मंजर को देखकर जोर-जोर से चिल्लाने लगा। आसपास के लोग आवाज सुन कर उसके घर पहुंचे तो वे भी स्तब्ध रह गए। आसपास के लोगों ने पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई। 
    यमुना पांड़े और पति ईश्वर पांड़े दोनों  शिक्षाकर्मी हंै। यमुना लालपुर के प्राथमिक शाला में पदस्थ थी और ईश्वर खैरटखुर्द में। पति पत्नी दोनों पिछले 4-5 साल से लालपुर में ही एक किराये के मकान में अपने दोनों बच्चों के साथ रह रहे थे। पड़ोसी भी घटना के बाद से हैरान हैं। आसपास के लोगों के मुताबिक पति-पत्नी के बीच कभी किसी भी बात को लेकर कोई तनाव नहीं देखा गया है। सभी लोग इस बात से हैरान हंै कि यमुना ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया? 
    इधर समाज सेवा के  क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं ने भी इस घटना के बाद महिलाओं को मानसिक रूप से सम्भलकर रहने की अपील की है। स्वयं एसपी नेहा चम्पावत ने कहा कि किसी मां के द्वारा इस तरह की घटना को अंजाम देना कई संदेहों को जन्म देता है। एएसपी श्री ध्रुव के मुताबिक महिला ने भी खुद पर भी चाकू से कई वार किये थे, गर्दन में भी चाकू चलाई थी और फिनाइल भी पी ली थी। दोनों बच्चों को मौत के घाट उतारने के बाद महिला की कल रायपुर में अस्पताल में मौत हो गई। महिला का पति अभी भी बदहवास की स्थिति में है।
    महासमुन्द एसपी नेहा चम्पावत ने कहा है कि कोई भी मां ऐसी हरकत नहीं कर सकती है। इसके पीछे जो भी हालात रहे होंगे, उसका पता लगाया जाएगा। मालूम हो कि महासमुन्द जिले में यह पहला मामला है जब किसी मां ने अपने बच्चों को इस कदर मौत के घाट उतारा है।    
    इस मामले में समाज सेविका अरुणा शुक्ला, अनिता रावटे, निरांजना शर्मा, रंजना शर्मा, तारिणी चंद्राकर, नैनी सिंह आदि का कहना है कि इस घटना के पीछे जरूर कोई मानसिक कारण रहा होगा। चूंकि दोनों पति-पत्नी शिक्षा कर्मी की नौकरी कर रहे थे, अत: हत्या-आत्महत्या का कारण आर्थिक तो बिल्कुल नहीं रहा होगा। इन महिलाओं का कहना है कि पति-पत्नी में गहरा मनमुटाव और पति अथवा पत्नी का किसी अन्य से संबंध भी इस तरह के हादसों को जन्म देता है। 

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Posted Date : 20-Dec-2017

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बागबाहरा, 20 दिसंबर। स्थानीय वार्ड क्रमांक 6 लालपुर में बुधवार की शाम किराए की मकान में निवासरत महिला शिक्षाकर्मी व उसके दो बच्ची खून से लथपथ मिले। घायल अवस्था में माँ और दोनों बच्ची को हॉस्पिटल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद दोनों बच्चियों को मृत घोषित किया गया वहीं माँ की प्राथमिक उपचार कर गंभीर अवस्था में रायपुर भेजा गया है। अपने परिवार को खून से लथपथ देख पति भी अचेतावस्था में है। 
    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार लालपुर में किराए के मकान में ईश्वर पाड़े अपनी पत्नी यमुना पाड़े व दो बच्ची यामिनी 5 वर्ष व लीना 2 वर्ष के साथ निवासरत थे। पति-पत्नी दोनों शिक्षाकर्मी हैं। ईश्वर पाड़े स्कूल से जब घर लौटा तो उसकी पत्नी व दोनों बच्चियां खून से लथपथ पड़े थे। घटना को देखकर ईश्वर पाड़े चीखते हुए बेहोश जो गया। चीख को सुनकर मकान मालिक व अन्य लोग उस घर में पहुंचे और स्थिति को देखकर दंग रह गए। जैसे-तैसे आनन-फानन में घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां डॉक्टरों ने दोनों बच्चियों को मृत घोषित कर दिया। बहरहाल पुलिस मामलेे की हर पहुलओं की जांच कर रही है।

     

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Posted Date : 10-Dec-2017
  •  छत्तीसगढ़ संवाददाता
    पिथौरा, 10 दिसंबर।  शहीद वीर  नारायण सिंह की गाथा सुनकर मैंने गरीबों के लिए एक रुपये चावल की योजना बनाई। इतना ही नहीं देश के सबसे बड़े मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की शुरुवात की। 
    उक्त बातें मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां कौडिय़ा आदिवासी संघ द्वारा शहीद वीरनारायण सिंह शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने कहा कि शहीद वीरनारायण सिंह के शहादत दिवस पर प्रदेश भर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं लेकिन मंैने पिथौरा का चयन इसलिए किया क्योंकि यहीं से आजादी का बिगुल  वीरनारायण सिंह द्वारा फूंका गया था।  इस मौके पर उन्होंने  शासकीय अस्पताल का नामकरण स्व विष्णुप्रिया के नाम से करने, आई टी आई का नामकरण बुधानशाह शाह के नाम करने की घोषणा की। इसके अलावा आदिवासी भवन हेतु 10 लाख रु देने की घोषणा की।
    उन्होंने कहा भूखे गरीब जनता के लिए वीरनारायण सिंह को अनाज का गोदाम लूटना पड़ा था। मैंने उनसे ही प्रेरणा लेकर गरीबों के लिए एक रुपये किलो चावल की योजना शुरू की। उन्हें श्रद्धांजलि के रूप में इससे बड़ी योजना क्या होगी। 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल चावल ही नहीं स्वास्थ्य सुविधाओं की भी व्यवस्था की।  मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत प्रत्येक परिवार को स्मार्ट कार्ड के माध्यम से 50 हजार तक के इलाज की सुविधा दी गई है। 
    हम गरीब जनता से सीधे जुडऩे के लिए स्काई योजना शुरू कर रहे हैं। इसमें स्मार्ट फोन निशुल्क दिया जाएगा जिससे सरकार की हर योजनाओं और सुविधा की जानकारी मिलेगी। उन्होंने शासन की अन्य योजनाओं की भी जानकारी दी। 
    कार्यक्रम में मुख्यत: क्षेत्रीय संसद चन्दूलाल साहू ,क्षेत्रीय विधायक रूपकुमारी चौधरी,खल्लारी विधायक चुन्नीलाल साहू,सराईपाली विधायक रामलाल चौहान,महासमुंद विधायक डॉ विमल चोपड़ा,जिला पंचायत अध्यक्ष अनिता पटेल,प्रदश मंत्री शंकर अग्रवाल,पूनम चंद्राकर,आदिवासी समाज के स्थानीय अध्यक्ष रनसाय, ठाकुर,कमलेश ध्रुव एवम मन्नू लाल ठाकुर, कल्याण सिंह बरिहा सहित अनेक सामाजिक एवम भाजपा नेता मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान समाज अध्यक्ष रनसाय ठाकुर ने स्वागत भाषण में मुख्यमंत्री से समाज के हित में मांगे रखी। इनमें स्थानीय बार चौक में शहीद वीरनारायण सिंह की मूर्ति स्थापना,जगगन्नाथ मन्दिर में मांगलिक भवन,समाज के शहीद स्व बुढ़ान सिंग का स्मारक स्थापित करने सहित दर्जन भर मांग रखी।

     

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Posted Date : 06-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 6 दिसम्बर। नगरपालिका उपाध्यक्ष कौशिल्या बँसल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त हो गया। प्रस्ताव के विपक्ष में 19 वोट मिले और जबकि पक्ष में11 वोट मिले। इस तरह उन्होंने 8 मत अधिक लेकर अपनी कुर्सी बचा ली है।
    आज दोपहर सेे नगर पालिका कार्यालय में नगर पालिका उपाध्यक्ष कौशल्या बसंल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान  शुरू हुआ।  चुनाव अधिकारी अपर कलेक्टर ओंकार यदु अपनी टीम के साथ  मौजूद थे।  गौरतलब है कि नगर पालिका उपाध्यक्ष कौशल्या बसंल के खिलाफ कांग्रेस और राकांपा के कुछ पार्षदों द्वारा  अविश्वास प्रस्ताव लाया दया जिस पर आज  मतदान हुआ। 
    कांग्रेस और राकांपा को अपनी जीत पर भरोसा था वहीं भाजपाई भी हारने के लिए तैयार नहीं थे। शहर में इस बात की भी चर्चा थी कि कौशल्या बसंल के हटने के बाद भाजपा के ही पार्षद विक्रम ठाकुर को सर्वसम्मति उपाध्यक्ष बना दिया जाएगा। ज्ञात हो कि विक्रम ठाकुर के बर्खास्तगी का आदेश जिलाध्यक्ष इंद्रजीत गोल्डी ने कल शाम ही जारी कर दिया था।  

     

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Posted Date : 06-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    पिथौरा, 6 दिसंबर। हड़ताल के बाद स्कूल लौट रहे शिक्षाकर्मियों को अब ग्रामीणों की नराजगी का सामना करना पड़ रहा है। पिथौरा के ग्राम चारभांठा के नाराज ग्रामीण आज सुबह स्कूल परिसर में जमा हो गए और शिक्षाकर्मियों को स्कूल में घुसने नहीं दिया। वे मांग कर रहे हैं कि  शिक्षाकर्मी लिखकर दें कि वे अब कभी हड़ताल पर नहीं जाएंगे। समाचार लिखे जाने तक शिक्षाकर्मी बाहर ही खड़े थे। घटना की जानकारी विकासखण्डशिक्षा अधिकारी को मिलते ही वे तत्काल चारभांठा के लिए रवाना हो गए।
    मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह 10 बजे चारभाठा में शाला समिति,  सरपंच व पंच को पालकों की उपस्थिति में हड़ताल में गए शिक्षाकर्मियों को पुन: हड़ताल में नहीं जाने की शर्त  रखकर स्कूल  प्रवेश करने से  रोक दिया गया। ग्रामीण उनसे मांग कर रहे हंै कि वे लिखित में दें कि स्कूल पढ़ाई के दिनों में वे हड़ताल पर नहीं जाएंगे। परन्तु वह पदस्थ शिक्षक इसके लिए तैयार नहीं हैं। लिहाजा स्कूल में तालाबन्दी कर शिक्षकों को बाहर ही रखा गया है।
     बीईओ के के ठाकुर ने बताया कि उन्हें जानकारी मिलते ही वे चारभाठा जाने निकल चुके हंै। सुलह करवाकर स्कूल प्रारम्भ कराया जाएगा। 
    ज्ञात हो कि विगत 15 दिनों से शिक्षा कर्मियों की हड़ताल से शासकीय स्कूलों की पढ़ाई काफी पिछड़ चुकी है। इस दौरान शिक्षकों एवम सरकारी स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के पालकों के बीच संबंधों में दरार आयी हंै। जिसके परिणाम स्वरूप अनेक स्कूलों में ऐसी स्थिति बन रही है।  महासमुंद के बीके बाहरा में भी ऐसे हालात सामने आए थे।

     

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Posted Date : 01-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 1 दिसम्बर। महासमुन्द कल्केटोरेट में आये दिन बहुत से पढ़े लिखे बेरोजगार लोग पहुंचकर काम की गुहार लगाते हैं। किसी तरह मेहनत कर पढ़ लिखकर तैयार दिव्यांगों में मन में भी परिवार के सहयोग न कर पाने की तकलीफ रहती है। ऐसे लोगों की तादात अब बढऩे लगी है। कल ही बागबाहरा ब्लॉक के ग्राम चोरभट्ठी की डिगेश्वरी गोड़ पिता सियाराम गोड़ रोजगार पाने की आस में कलेक्टर दफ्तर का चक्कर लगा रही थी।
     छत्तीसगढ़ ने डिगेश्वरी से कलेक्ट्रेट दफ्तर आने का कारण पूछा तो उसने बताया कि मैं कुछ दिनों पहले कलेक्टर हिमशिखर गुप्ता से मिल कर किसी भी स्थान में दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्य करने की इक्छा जाहिर करते हुए एक आवेदन दिया था जिसे उन्होंने विपणन अधिकारी के पास भेज दिया था। विपणन अधिकारी के पास जाने के बाद मुझे उन्होंने कहा कि अभी हमारे पास कोई जगह खाली नहीं है। डिगेश्वरी अपने पिता सिराराम गोड़ के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची थी। उन्होंने बताया कि हम बहुत गरीब हंै कृषि मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे है। मैं 12 वीं पास हूं साथ ही कम्प्यूटर में भी योग्यता रखती हूं। कहीं काम मिल जाता तो अपने माता पिता की थोड़ी मद्द भी कर पाती तो मुझे अच्छा लगता। पर यहां मुझ जैसे विकलांग को कोई काम देने के लिए तैयार नहीं है। कलेक्टर साहब सेे मिलने आये हंै तो वे अपना काम में व्यस्त हैे। आज उनसे मुलाकात नहीं हो सकेगी। फिर किसी दिन अपने पिता के साथ कलेक्टर साहब से मिलकर अपनी बात रखूंगी।  
    डिगेश्वर ने बताया कि पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह आगे की पढ़ाई नहीं कर सकी है। पैर ठीक होते तो मजदूरी करके परिवार का मद्द कर सकती थी। पर इस हालत में तो मजदूरी भी नहीं कर सकती हूं। जिला कलेक्टर से मैंने निवेदन किया है, अगर किसी स्थान पर मुझे काम मिल जाये मेरी योग्यता के मुताबिक तो बूढ़े पिता का बोझ थोड़ा कम कर पाती। इस पर महासमुन्द डीएमओ ने बताया कि-मेरे पास डिगेश्वरी पहुंची थी पर मेरे पास अभी कोई जगह खाली नहीं है। यदि कोई जगह खाली होगी तो उन्हें बुला लिया जायेगा। फिलहाल तो कोई जगह खाली नहीं है। 

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Posted Date : 17-Nov-2017
  • महासमुन्द, 16 नवम्बर। जिला अस्पताल में कल शाम लाए गए शवों का आज सुबह 11 बजे तक पोस्टमार्टम नहीं हुआ। नाराज जनपद सदस्य समर्थकों के साथ पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इसके बाद डॉक्टरों को बुलाया गया तब कहीं पोस्टमार्टम हुआ। कलेक्टर ने समय पर डॉक्टरों के पहुंचने का भरोसा दिलाया तब कहीं धरना खत्म हुआ।
    मिली जानकारी के अनुसार कल सड़क हादसे में दो लोगों की मौत  के बाद जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए शाम 5 बजे तीन शव लाए गए।  रात भर  परिजन चीरघर के बाहर बैठे रहे। सुबह 11 बजे तक जब डॉक्टर नहीं पहुंचे तो जनपद सदस्य योगेश्वर चंद्राकर वहां 

    पहुंचे और धरना शुरू कर दिया।  एक-एक करके भीड़ जुटने लगी और हंगामा हुआ तो अस्पताल प्रशासन ने साढ़े 11 बजे डॉक्टरों को बुलाया और पोस्टमार्टम शुरू हुआ। फिर कलेक्टर ने  जब डाक्टरों के समय पर पहुंचने का भरोसा दिलाया तब जाकर धरना खत्म हुआ । 
    मृतकों के परिजनों के साथ योगेश्वर चंद्राकर का आरोप है कि जिला अस्पताल के डॉक्टर अस्पताल में उपलब्ध नहीं रहते वे सभी अपने  निवास पर इलाज करते हैं। इसी वजह से जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बिना इलाज निजी अस्पताल में रिफर कर दिया जाता है या फिर असमय मौत के मुंह में समा जाते हैं। गौरतलब है कि 8 महीने पहले इसी तरह के मामले को लेकर योगेश्वर चंद्राकर तथा अन्य लोगों ने इसी तरह  एनएच 53 पर हंगामा किया था। तब जाकर अस्पताल में 6-7 महीने डाक्टरों की ड्यूटी नियमित थी।  

     

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Posted Date : 12-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 12 नवम्बर। ग्राम बोरियाझर की 80 वर्षीय पति खो चुकी महिला पुन्नी बाई यादव को आधार कार्ड नहीं होने के कारण राशन नहीं मिला। राशन के अभाव में शुक्रवार को उसके घर में चूल्हा नहीं जला। पुन्नी बाई के अनुसार शुक्रवार को राशन दुकान में दुकान वाले ने उसे दिन भर बैठा कर रखा। लेकिन शाम तक उसे राशन नहीं दिया। 
    यह खबर जब भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष राजू बाघमारे एवं भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा शहर मंडल अध्यक्ष विक्की महानंद को मिली तो वे राशन दुकान के सेल्स मेन और जिला खाद्य अधिकारी से मोबाइल पर चर्चा की। उसके बाद कर शनिवार को पुन्नी बाई को दुकान से राशन मिल सका। अब पुन्नी बाई को इस माह से नियमित राशन दिलाने की व्यवस्था की गई है। 
    इस संबंध में श्री बाघमारे ने बताया कि महिला के पास आधार कार्ड नहीं होने से सेल्समेन भेखराम साहू ने राशन देने से साफ  इंकार कर दिया था। जानकारी अनुसार उक्त वृध्द महिला के दो बेटे हैं पर दोनों मानसिक रोग से पीडि़त हैं। घर में कमाने वाला कोई नहीं है, न ही उसका कोई सहारा है। अत: पुन्नी बाई के जीवकोपार्जन में काफी कठिनाईयां हो रही है। 
    सेल्स मेन से चर्चा करने पर उसने कहा कि 80 वर्ष की उम्र में आधार कार्ड नहीं बनता। इस पर खाद्य अधिकारी ने सेल्समेन को फटकार लगाई तब वह राशन दिया और  पुन्नी बाई को हर माह नियमित रुप से राशन देने राजी हुआ। 
    बहरहाल राजू बाघमारे व विक्की महानंद का कहना है कि भविष्य में उक्त महिला एवं अन्य किसी बेसहारा को राशन नहीं दिये जाने का मामला  प्रकाश में आता है तो प्रदेश के मुख्यमंत्री, खाद्य मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री से शिकायत की जाएगी। ताकि किसी के साथ ऐसा न हो। वृद्ध महिला को चावल वितरण के दौरान वामन राव, परमानंद चंद्राकर, राजकुमार सागर, भगवती भोई, दुकालू राम, रोहित ध्रुव, भानू गजेन्द्र, जाम बाई यादव आदि उपस्थित थे। 

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Posted Date : 11-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    महासमुंद, 11 नवंबर। यहां एक 5 साल की बच्ची से बलात्कार का मामला सामने अया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
    मिली जानकारी के अनुसार घटना कल शाम 7 बजे की है। खून से सनी बच्ची रोती हुई घर आई और  अपने अभिभावकों को अपने साथ हुए घटना की जानकारी दी। अभिभावक उसे एक निजी अस्पताल में लेकर गए और अस्पताल वालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी। आज सुबह घटना की खबर लगते ही मोहल्ले में तनाव फैल फैल गया। इसके बाद पुलिस सक्रिया हुई। दोपहर आरोपी किशन यादव निवासी इमली भाठा को गिरफ्तार कर लिया। 
    ज्ञात हो कि इसके पहले सोशल मीडिया पर बच्ची के साथ गैंगरेप की खबर वायरल हो गई थी जिससे लोगों में आक्रोश पनपने लगा था। पुलिस दो संदिग्ध से पूछताछ कर रही थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बच्ची से रेप होने की पुष्टि करते हुए गैंगरेप से इंकार किया है।  बेहतर इलाज के लिए बच्ची को रायपुर भेजा गया है।

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