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Posted Date : 15-Nov-2018
  • तीन विधानसभाओं में कांग्रेस भाजपा आमने-सामने, महासमुन्द में स्थिति षटकोणीय

    उत्तरा विदानी
    महासमुन्द, 15 नवम्बर (छत्तीसगढ़)। महासमुन्द जिले के चारों विधानसभा में इस बार भारी कसमकस जारी है। कहीं पर भी किसी उम्मीदवार को दूसरे उम्मीदवार से कम नहीं आंका जा रहा है। सभी अपनी-अपनी क्षमताओं के अनुरूप मतदाताओं को रिझाने में लगे हुए हैं। सभी के अपने-अपने स्टार प्रचारक हैं और गाहे-बगाहे सभाएं लेकर मतदाताओं को अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं। सभी प्रचारकों की सभाओं में अमूमन एक ही तरह की भीड़ दिख रही है। लिहाजा कहा नहीं जा सकता कि जमा भीड़ वोट में तब्दील भी होंगे। सभी के अपनी-अपनी डफली अपने-अपने राग हैं। महासमुन्द विधानसभा की बात करें तो यहां इस बार भारी उलटफेर है। पिछली बार की अपेक्षा इस बार ज्यादा जोड़ तोड़ की राजेनीति चल रही है। महासमुन्द जिले में विधानसभावार मतदाताओं की संख्या के अनुसार विधानसभा सरायपाली में 1 लाख 90 हजार 688, बसना में 2 लाख 05 हजार 355, विधानसभा खल्लारी में 1 लाख 99 हजार 030 एवं विधानसभा महासमुंद में 1 लाख 92 हजार 120 मतदाता हैं। इस तरह जिले में कुल 7 लाख 87 हजार 193 मतदाता हैं। 
    महासमुन्द विधानसभा में राज्य के अन्य विधानसभाओं की अपेक्षा कुछ अलग तरह की राजनीति होती चली आई है। यहां के मतदाता न तो राज्य के साथ वोट करते हैं और न ही केन्द्र के अनुसार। इसीलिए जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार होती है तो यहां कमल खिल जाता है और केन्द्र में भाजपा की सरकार रहते यहां लोग पंजा में बटन दबा देते हैं। पिछली बार प्रधानमंत्री बनने से पहले विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान की अपील करने नरेन्द्र मोदी जी पहुंचे थे लेकिन महासमुन्द विधानसभा के मतदाताओं ने निर्दलीय उम्मीदवार को अपना मत दे दिया। पिछले विधानसभा चुनाव में महासमुन्द विधानसभा में कांग्रेस से अग्नि चंद्राकर, भाजपा से पूनम चंद्राकर, निर्दलीय डा. विमल चोपड़ा चुनावी मैदान में आमने-सामने थे। जिसमें महासमुन्द के 1 लाख 90 हजार मतदाताओं में से पूनम चंद्राकर को 39 हजार 609, अग्नि चंद्राकर को 42 हजार 694 तथा डा. विमल चोपड़ा को 47 हजार 416 मत प्राप्त हुए थे। इस तरह पूनम चंद्राकर को 28.1 प्रतिशत, अग्नि चंद्राकर 30.37 प्रतिशत तथा विमल चोपड़ा को 33.73 प्रतिशत वोट मिले थे। इस बार डा. विमल चोपड़ा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीते थे। 
    हालांकि डा. विमल चोपड़ा को कांग्रेस से केवल 3 प्रतिशत वोट ही अधिक मिले थे। उस बार की रणनीति भी सामाजिक ही थी और भाजपा कांग्रेस के दो उम्मीदवारों के कारण चंद्राकरों के वोट बंटे थे। साहू समाज ने भी डा. विमल चोपड़ा को समर्थन दिया था और दोनों राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों को हराकर डा. चोपड़ा चुनाव जीत गये थे। लेकिन इस बार साहू समाज का अपना प्रतिनिधि है और कांग्रेस ने विनोद चंद्राकर जैसे नये चेहरे को मौका दिया है। हालांकि भाजपा प्रत्याशी रिपिट हंै लेकिन इस बार वे भी काफी मजबूती से चुनाव मैदान में हैं। इसलिए कहा जा रहा है कि इस बार निर्दलीय चोपड़ा को काफी नुकसान हो सकता है। ये भी सच है कि श्री चोपड़ा के कोई स्टार प्रचारक नहीं हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद से समाचार तैयार करते वक्त तक वे एक स्टार प्रचारक और उम्मीदवार दोनों के रूप में लोगों के बीच पहुंच रहे हैं। इसलिए उन्हें भी कम आंकना सम्भव नहीं है। 
    इनसे अलग महासमुन्द में जोगी कांग्रेस के प्रत्याशी त्रिभुवन महिलांग हैं और सतनामी समाज के होने के कारण उन्हें अपने समाज का भरपूर साथ मिल रहा है। जोगी की पार्टी है, इसलिए आदिवासी समाज के अलावा ईसाई समाज भी त्रिभुवन को सपोर्ट करते दिख रहा है। कहा जा रहा है कि इनसे भाजपा को कम और कांग्रेस को अधिक नुकसान है। जबकि साहू समाज के दिग्गज प्रत्याशी मनोजकांत से कांग्रेस को कम और डा. विमल चोपड़ा तथा भाजपा को नुकसान अधिक दिख रहा है। इस बार महासमुन्द में आम आदमी पार्टी भी मैदान में है। अधिकांश लोग इस पार्टी के उम्मीदवार संजय यादव को गिनती में नहीं लाते। लेकिन सबसे पहले उन्होंने अपना प्रचार शुरू किया था। पढ़े-लिखे और नये प्रत्याशी से मिलकर न जाने कितने ही मतदाताओं ने उन्हें अपना वोट देने का मन बनाया होगा? इस तरह महासमुन्द विधानसभा में एक से बढ़कर एक 6 उम्मीदवार हैं और इन्हीं उम्मीदवारों में महासमुन्द अपना मत व्यक्त करेगा और सबसे याोग्य प्रत्याशी का चयन अपने विधायक के रूप में क रेगा। अत: इस बार भी महासमुन्द विधानसभा में चौकाने वाले परिणाम सामने आएंगे।  
    जिले के खल्लारी विधानसभा में कांग्रेस के द्वारिकाधीश यादव को भी इस बार भाजपा की मोनिका साहू का जोरदार टक्कर का माना जा रहा है। पिछले बार यहां से एकदम नये चेहरे चुन्नीलाल साहू को भाजपा ने मैदान में उतारा था और कांग्रेस से परेश बागबाहरा मैदान में थे। इस वक्त कांग्रस के परेश को हराकर चुन्नी लाल साहू ने खिल्लारी विधानसभा की सीट हथिया ली थी। 
    इस बार चर्चा है कि सभी विधानसभा को छोड़कर जिलाध्यक्ष बाजपा इंद्रजीत सिंह गोल्डी और प्रदेश उपाध्यक्ष शंकर अग्रवाल दिन रात खल्लारी में ड्यूटी बजा रहे हैं। यहां से कांग्रेस की बागी बसंता के पक्ष में भी काफी मतदाता एकमत हैं। यहां भी कहा जा रहा है कि  कांग्रेस से अधिक गुटबाजी भाजपा में है। यहां जोगी कांग्रेस के परेश बागबाहरा पहले पहल काफी मजबूत थे लेकिन अब उनके ढेर सारे कार्यकर्ता और पदाधिकारी कांग्रसे में शामिल हो रहे हैं। फिर भी यहां परेश बागबाहरा को हल्का नहीं आंका जा सकता। 
    बसना विधानसभा में ऐसा ही कुुछ चल रहा है। यहां भाजपा से बागी होकर सम्पत अग्रवाल ने सभी पार्टियों की गणित बिगाड़ दी है। यहां पिछले बार भाजपा की रूपकुमारी को मतदाताओं ने पहली पसंद बनाया था। यहां से कांग्रेस के देवेन्द्र बहादुर सिंह को हार का मुंह देखना पड़ा था। 
    हालांकि यहां भाजपा प्रत्याशी देवी चरण पटेल को कांग्रेस के राजा देवेन्द्र बहादुर सिंह से काफी वजन आंका जा रहा है। लेकिन यहां आम लोगों का कहना है कि भाजपा में गुटीय लड़ाई के कारण कांग्रेस को काफी फायदा होगा। इसी तरह की गणित सरायपाली में भी है। यहां भी डीएसपी रहे कांग्रेस के उम्मीदवार किस्मत लाल नंद और भाजपा के श्याम तांडी में काफी अंतर है। क्योंकि यहां भी कांग्रेस में गुटीय लड़ाई नहीं है। 
    हालांकि यहां भी जाोगी कांग्रेस को काफी मजबूत बताया जा रहा है। पिछली बार यहां भी भाजपा का परचम लहराया था और कांग्रेस के हरिदास भारद्वाज को थानेदार रहे रामलाल चौहान से मुंह की खानी पड़ी थी। महासमुन्द से निर्दलीय विधायक के संघीय होने के कारण भाजपा यह कहते नहीं थकती थी कि महासमुन्द जिले की सभी चारों सीटों पर भाजपा का कब्जा है लेकिन इस बार जिले के सभी चारों विधानसभा में कुर्सी का ेलेकर काफी टकराव की स्थिति बनी हुई है और कमोबेश सभी स्थानों पर जोगी के उम्मीदवार किसी के जीत हार के फैसले में अहम भूमिका निभाने वाले हैं। 

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Posted Date : 14-Nov-2018
  • पटेल वोटरों का विश्वास नहीं ले पा रहे, देवेन्द्र के पास कार्यकर्ताओं का टोटा, नायक भी दिखा रहे दम

    कांग्रेस घोषणा पत्र का असर, सोसायटियों में  धान नहीं
    रजिंदर खनूजा
    पिथौरा, 14 नवंबर (छत्तीसगढ़)। प्रदेश में 20 नवम्बर को होने जा रहे विधान सभा चुनाव के दूसरे चरण में प्रत्याशियों के प्रचार प्रसार जोरों पर है। इस विधानसभा में भाजपा से बागी होकर निर्दलीय प्रत्याशी बने सम्पत अग्रवाल ने तीनों ही राष्ट्रीय पार्टियों की नींद उड़ा दी है। ग्रामीणों की मानें तो यहाँ भाजपा से घोषित प्रत्याशी डी सी पटेल आम मतदाताओं में अपना विश्वास कायम नहीं कर पा रहे हंै। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी राजा देवेंद्र बहादुर के पास कार्यकर्ताओं एवम प्रचार वाहनों का टोटा दिखाई पड़ता है।
     विधान सभा चुनाव के मतदान हेतु अब मात्र सप्ताह भर का समय ही शेष रह गया है। परंतु क्षेत्र के राजनैतिक हालात पूरी तरह से राष्ट्रीय दलों के लिए बदतर कहे जा सकते हंै। ग्रामीणों से चर्चा के बाद यह तो कहा ही जा सकता है कि इस विधानसभा में निर्दलीय संपत अग्रवाल एवम कांग्रेस प्रत्याशी राजा देवेंद्र बहादुर सिंह में कांटे की टक्कर होनी तय है। संपत अग्रवाल अपने नीलांचल सेवा समिति के हजारों कार्यकर्ताओं के साथ मैदान में  हंै। संपत  के पक्ष में भाजपा के अधिकांश कार्यकर्ता जुटे दिखाई दे रहे हंै। इनमें एक भाजयुमो नेता ने तो बकायदा संपत अग्रवाल के प्रचार करने का हवाला देकर त्यागपत्र दे चुके हंै।
    इधर कांग्रेस प्रत्याशी पहली बार कार्यकर्ताओं एवम संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद देवेन्द्र को आदिवासी समाज का खासा समर्थन मिल रहा है। इस विधानसभा में जातीय समीकरण के आधार पर भी आदिवासियों की सर्वाधिक संख्या होने के कारण देवेंद्र बहादुर सिंह खासे मजबूत दिखाई दे रहे है। इसके अलावा कांग्रेस के परम्परागत वोट भी राजा के पक्ष में है। परंतु कांग्रेस को देवेन्द्र विरोधी पक्ष की नाराजगी का असर भी पडऩा लाजिमी है।
    इधर भाजपा द्वारा इस बार प्रदेश की सबसे सक्रिय विधायक रूपकुमारी चौधरी की टिकिट काट कर इस बार भी विधानसभा के बाहर के भाजपा कार्यकर्ताओं से अनजान डी सी पटेल को टिकिट दे कर राजनीतिक समीक्षकों को लगभग चौंका दिया था। परन्तु उन्हें टिकिट मिलने के बाद जिस तरह से पार्टी में बगावत हुई उसकी कल्पना भी कभी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने नहीं की होगी। अब पार्टी के कुछ प्रभावशाली नेता कार्यकर्ता भी भाजपा के बागी संपत अग्रवाल के पक्ष में जुट गए हैं। जिसका सीधा नुकसान भाजपा को हो रहा है।
    इनके अलावा छ ग जनता कांग्रेस ने भी बसना विधानसभा के पिरदा के कद्दावर नेता त्रिलोचन नायक को अपना प्रत्याशी बनाकर यहाँ अपनी खासी उपस्थिति दर्ज करवा रहे है। श्री नायक वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार श्री नायक भाजपा प्रत्याशी पटेल की जाति वर्ग से होने के अलावा स्थानीय हैं। जिसका उन्हें लाभ मिलता दिख रहा है। श्री नायक बसना एवम पिथोरा क्षेत्र में भी अपनी पकड़ बनाने लगातार प्रयासरत हंै।
    कांग्रेस का संकल्प पत्र ही कांग्रेस की नैया पार करवा सकता है। ग्रामीण सूत्र बताते हंै कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में किसानों की कर्जमाफी,दो वर्षों का अप्राप्त बोनस जैसे वायदों ने अपना असर दिखने चालू कर दिवा है। कांग्रेस की घोषणा के बाद से ही क्षेत्र में किसानों ने अपना धान सोसाइटी नहीं ले रहे हंै। जिसकी पुष्टि धान खरीदी केंद्रों से भी हो रहा है। किसानों का मानना है कि अभी धान बेचने से इसकी राशि उनके कर्ज में जमा होगी, जबकि कांग्रेस घोषणा पत्र में सभी किसानों के कर्ज माफ की बात कही गयी है।
     इन सबके अलावा कोई दर्जन भर निर्दलीय भी इस विधान सभा के चुनावी मैदान में है।

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Posted Date : 13-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 13 नवम्बर।  कांग्रेस  अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज  बेमचा  में जनसभा ली।  उन्होंने कहा कि कांग्रेस उन वायदों को पूरा कर दिखायेगी जो भाजपा ने पूरे नहीं किये हैं। किसानों को दो साल का बोनस दिया जाएगा। उनके अनाज 25 सौ रुपए समर्थन मूल्य पर खरीदा जायेगा। मरीजों का मुफ्त इलाज होगा, दवाईयां भी मुफ्त दिया जायेगा। उन्होंने ने कहा जीएसटी ने छोटे व्यापारियों को समाप्त कर दिया है और गब्बर सिंह पैक के जरिये करोड़पतियों को फायदा दिलाया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के सीएम और देश का पीएम जनता के लिए नहीं बल्कि करोड़पति व्यापारियों के लिए काम कर रहे हैं। 
     राहुल गांधी के साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रभारी पीएल पुनिया, भूपेश बघेल, चरण दास महंत, देवेन्द्र बहादुर सिंग, द्वारिकाधीश यादव, किस्मतलाल नंद , विनोद चन्द्राकर भी मंच पर थे।  सभा को सबसे पहले प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने संबोधित किया। 
     राहुल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धन सम्पदा का फायदा छत्तीसगढ़ की जनता को नहीं मिल रहा है। बीजेपी ने जनता का धन छिनकर उद्योगपतियों को दे दिया। छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री ने अपने नेताओं के साथ सबके सामने खुलकर चोरी की। प्रधानमंत्री आते हंै भ्रष्टाचार की बातें करते हैं। पाकिस्तान में भ्रष्टाचार पर नवाज शरीफ को जेल मिली क्योंकि उन्होंने  देखा पैसा लेकर पनामा के बैंक में डाल दिया था। यहां सीएम का बेटा यहीं काम करता है, पनामा बैंक में उसका नाम निकलता है पर कोई कार्रवाई नहीं होती, उसी काम के लिए पाकिस्तान को जेल हो जाता है।
    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में चोरी के पैसे कमा कर भाजपा नेता शान से जी रहे हंै। इस पर नरेन्द्र मोदीजी मुंह नहीं खोलते। किसान बीमा का पैसा देता है और उसका पैसा छीनकर अमीरों को दे देती है। पीडीएस में 6 हजार करोड़ की चोरी होती है पता चलता है कि पैसा सीएम मैडम को दिया। ड़ाक्टर साहब को दिया। इस पर कोई सवाल नहीं उठता। छत्तीसगढ़ की जनता का 5 हजार करोड़ रुपए चिटफंड वाले ले कर भाग जाते हंै। ये पैसे अनिल अम्बानी, राफेल के लिए जाता है। 
     राहुल ने कहा कि भाजपा ने बड़े-बड़े वायदे देशवासियों से किये थे। किसानों को उनके उपज का सही दाम, बोनस, छत्तीसगढ़ के 50 लाख बेरोजगार जैसे वायदे पूरे नहीं हुए, अब भी छत्तीसगढ़ शिक्षक के 60 हजार, 13 हजार लेक्चर के पद खाली हैं। दो हजार स्कूलों में शिक्षक नहीं है। उन्होंने उपस्थित लोगों से पूछा कि जनता के अकांउट में 15 लाख आया। 
    नोट बंदी के नाम पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी ने देश को बैंक के सामने खड़ा कर दिया। लेकिन इस लाइन में नहीं दिखा। गरीब का पैसा छीनकर अरब पतियों को दे दिया गया। इस तरह हिन्दुस्तान के चोरों का कालाधन भी सफेद करके दिखाया। काले धन वालों को फायदा दिलवाया। साढ़े 3 लाख करोड़ रुपए करोड़ पतियों का माफ करने वाले नेता को देश के किसानों कार्ज माफ करना ही होगा। 
    उन्होंने वादा कि किसानों को 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल धान की कीमत मिलेगी। हर जिले और ब्लाक में फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जायेगी। फैक्ट्रियों में रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि आपका धन हर रोज चोरी करके दिल्ली का चौकीदार प्रदेश का डॉक्टर करोड़ पतियों को भेज रहे हैं। कांग्रेस गरीबों का पैसा स्कूल, अस्पताल और शिक्षा के लिए लगाायेगी। 
    इसके पहले भूपेश बघेल ने  कहा कि इस बार बस्तर के 12 में से बारह में राजनांदगांव के 6 में से 6 विधानसभा सीट कांगं्रेस जीतेगी। जनता के साथ लगातार विश्वासघात के कारण डॉ. रमन सिंग चुनाव हार रहे हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ी में अपनी बात कहते हुए कहा-किसान मन ला सकउ पाय हे, ये बखत नई ठगे सके। चुनाव के समय मा बोनस, अउ तीन साल कोन अस कथे, सबले जादा छत्तीसगढ़ मां, बिजली महंगा हे। उन्होंने कहा कि हमारे बड़े नेताओं को छीनने का काम भी रमन सरकार ने किया। उन शहीद नेताओं को आज भी न्याय नहीं मिली। भूपेश बघेल ने एकत्र भीड़ को कांग्रेस के पक्ष में वोट की अपील की। उन्होंने कहा परिवर्तन की बात करने वाले नंद कुमार पटेल की हस्ती मिटा दी गई। लेकिन उनकी यादें आज भी ताजा हंै। जनता परिवर्तन चाहती है। उन्होंने कहा कि रोटी नहीं पलटने पर जल जाती है, अत: रमन सरकार को पलटना पड़ेगा। इसके बाद चरणदास महंत ने जनघोणा पत्र की बातें की। 

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Posted Date : 11-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    पिथौरा, 11 नवंबर। निर्वाचन आयोग के उडऩ दस्ते द्वारा बीती रात कोई 9 बजे जांच के दौरान पिथौरा के समीप 6 मिनीडोर में गर्म कपड़े एवम दरियां लदे होने के कारण संदेह के आधार पर उन्हें स्थानीय  थाने में रोक कर जांच की जा रही है। सभी वाहन चालकों के पास  समान का पक्का वे बिल भी मौजूद है।
    स्थानीय नायब तहसीलदार पवन ठाकुर ने बताया कि पिथौरा में 6 एवम सांकरा में 4 कपड़ों से भरे वाहन रोके गए हैं। सभी वाहनों में पका बिल एवम वे बिल भी है। परंतु इसके बाद भी मामले की जांच की जा रही है।
           कल रात  पिथौरा थाना क्षेत्र में रायपुर मार्ग में स्थानीय तहसीलदार की जांच टीम ने रायपुर से बसना जा रही 6 छोटी मालवाहक वाहनों को पकड़ा। इन वाहन चालकों ने बताया कि  वाहन में लोड समान का पक्का बिल एवम वे बिल भी वाहन नम्बर के साथ दिखाया परन्तु उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई और उन्हें पिथौरा थाना में रोक दिया गया।  आज सुबह बसना के शुभम बॉयज  के मालिक पिथौरा पहुंच कर अपने संस्थान का बिल प्रशासन को दिखाया।  शीतकालीन कपड़ों से लदे 6 वाहनों में कपड़े रायपुर के सुमित सनफेब से  खरीदे गए हैं जो  बसना के शुभम बॉयज जा रहे थे।  
     प्रशासन अनावश्यक परेशान कर रही 
    दूसरी ओर बसना के शुभम बॉयज के संचालक व्यवसायी सुशील ने बताया कि वे ठंड के मौसम के लिए गर्म कपड़े की खरीदी नियमानुसार कर बकायदा जी एस टी के साथ अपना सामान बुक करवा कर ला रहे थे। परंतु बिल दिखाने के बाद भी प्रशासन अनावश्यक परेशान कर रहा है।

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Posted Date : 11-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    पिथौरा, 11 नवंबर । सरायपाली विधानसभा से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी छबिलाल रात्रे ने आज झलप में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के समक्ष कांग्रेस प्रवेश की घोषणा की। 
    रात्रे ने सभा में उपस्थित जनसमूह से अपील की कि वे भारी मतों से कांग्रेस पार्टी को जिताएं। कांग्रेस के प्रभारी महासचिव पी एल पुनिया से भी उन्होंने सभा स्थल से ही बात की। पुनिया और बघेल ने छबिलाल रात्रे के कांग्रेस प्रवेश का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

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Posted Date : 10-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    महासमुन्द, 10 नवम्बर। एक नवम्बर से धान खरीदी पूरे जिले में शुरू कर दी गई है लेकिन अब भी 122 केन्द्रों में से केवल 111 केन्द्रों में ही धान की खरीदी शुरू हो सकी है। बाकी के 11 धान खरीदी केन्द्रों में धान की खरीदी अब तक प्रारंभ नहीं हो सकी है। विभागीय जानकारी के अनुसार कल तक 111 केन्द्रों में  2 लाख 27 हजार क्विंटन धान की खरीदी हुई है। इस वर्ष 60 से 65 लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य विभाग को मिला है। महासमुन्द विकासखंड के बेलसोंड़ा और नवागांव धान खरीदी केन्द्र में अभी तक बोहनी तक नहीं हो सकी है। 
    प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में अब तक एक लाख 17 हजार 373 पंजीकृत किसान है। किसानों को 3 सौ रुपए बोनस दिया जा रहा है। अभी जिले के 11 केन्द्रों में किसान अपना धान बेचने पहुंचे नहीं है। किसानों के धान बेचने में देरी की वजह का कारण देर से धान की कटाई को बताई जा रही है। कई किसानों की पक कर तैयार है लेकिन धान निकलाने का रास्ता नहीं मिल पाया है वहीं कुछ किसानों के फसल को पूरी तरह तैयार होने में अभी भी कुछ समय लग सकता है। बहरहाल वही धान, धान खरीदी केन्द्र में पहुंच रहे हैं जो कम अवधि में पककर तैयार हो जाता है। फसल को देर से तैयार होने का कारण किसान बता रहे है फसल को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलने से धान को पकने में समय लग रहा है। वहीं पानी के अभाव में फसल में कई तरह की बीमारियां हो गई हैं। तनाक्षेदक, माहो आदि का प्रकोप धान में रहा। किसानों का कहना है कि खार में कई ऐसे किसान है जिनकी फसल पक गई है लेकिन किसानों को अपने खेत से धान निकालने के लिए जगह नहीं मिल रही है। इस वजह से भी कई खेतों के धान की कटाई रुकी हुई है। किसानों का कहना है कि इस माह के अंत तक धान खेतों में पक जायेगी और कटाई में गति आने के बाद ही धान के आवक में तेजी होगी। इस वर्ष धान की खरीदी 31 जनवरी तक होगी।
    खाद्य अधिकारी अजय यादव ने बताया कि अब भी 122 धान खरीदी केन्द्रों में से 11 में इसकी शुरूआत नहीं हो सकी है। 11 केन्द्र जिसमें अब तक धान की आवक नहीं हुई है उसमें से दो केन्द्र महासमुन्द के ब्लाक के हंै और बाकी 9 केन्द्र जिले के हैं। जल्द ही इन बचे केन्द्रों में भी धान खरीदी होने की सम्भावना हैं। 

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Posted Date : 10-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    महासमुन्द, 10 नवम्बर। अब राजनैैतिक पार्टियों के द्वारा चुनाव प्रचार जोर-शोर से शुरू हो गया है। कल ही कांग्रेस के स्टार प्रचारक फिल्म अभिनेता राज बब्बर महासमुन्द पहुंचे थे। वे यहां कुल 20 मिनट रुके और कुल 15 मिनट भाषण दिये फिर चलते बने। उन्हें देखने और सुनने वाले की तादात लगभग 500 थी। 
    भाजपा गांव-गांव जाकर मतदाताओं को रुझा रही है। छजकां उम्मीदवार त्रिभुवन महिलांग का प्रचार द्रुत गति से जारी है। निर्दलीय उम्मीदवार मनोजकांत की रैलियां निकल रही हैं जिसमें महिलाएं चुनाव चिन्ह बलून के साथ घूम रही हैं। कैंची छाप पर निर्दलीय डॉ. विमल चोपड़ा समर्थकों के साथ प्रचार-प्रसार में जुटे हैं।
     इस तरह महासमुन्द विधानसभा में चुनावी संघर्ष काफी तेज हो गया है लेकिन मतदाता अब भी चुप हैं। एक रैली में जो लोग भीड़ बढ़ा रहे हैं, वे तमाम चेहरे दूसरी रैलियों में भी दिख रहे हैं। अत: कहा जा रहा है कि रोजी पर लोग रैलियों में आते हैं और भिन्न-भिन्न उम्मीदवारों के झंडे उठा रहे हैं और इसी वजह से रैली के अलावा सभा की भीड़ को मतों में तब्दील होने की संभावना भी कम है। आम आदमी पार्टी उम्मीदवार संजय यादव इन सबसे हटकर एक एक मतदाताओं से खुद मिल रहे हैं। 
    कल कांग्रेस के स्टार प्रचारक दोपहर महासमुन्द पहुंचे। मचेवा हेलीपेड में कुछ कांग्रेसी उनके स्वागत के लिए पहुंचे और कार से उन्हें कांग्रेस भवन तक लाया गया। कार से उतरते ही माइक पर उन्हें आमंत्रित किया गया और उन्होंने बोलना शुरू किया-मैं महासमुन्द दूसरी बार आया हूं।  
    रायपुर से यहां आते तक काफी मेहनत करनी पड़ी। दुर्भाग्य से 15 साल पहले एक डॉक्टर यहां आया था। इस राज्य में एक डॉक्टर को मुखिया बना दिया गया। जो इलाज के बजाय लोगों को कोमा में लेकर चले गये हैं। ये कैसा राज्य है जहां दुकानों से राशन, अस्पतालों से स्वास्थ्य व्यवस्था और स्कूलों से शिक्षा गायब है लेकिन घर-घर शराब की दुकान, घर-घर शराबी पैदा हो गया। ये महासमुन्द इलाका है। यहां धान बहुत पैदा होता है। 
    आज किसान से पूछो कि उनका हाल क्या है। उनकी उपज की कीमत नहीं मिल रही है। यदि ये आगे भी सत्ता में आ जाएं तो वह दिन दूर नहीं जब गांवों ंमें, कस्बों में, किसानों और ग्रामीणों से 24 सौ रुपये टैक्स वसूल करेगी।

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Posted Date : 09-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
     पिथौरा, 9 नवंबर। दीपावली का पर्व क्षेत्र में सूनेपन एवम बगैर किसी खास उत्साह से सम्पन्न हो गया। वही प्रति वर्ष दीपावली के सप्ताह भर पूर्व से महिलाओं द्वारा सुआ नृत्य नाचने की परंपरा भी समाप्त होती नजर आयी। दूसरी ओर क्षेत्र के व्यापारी भी दीपावली में बाजार भी मंदी के चलते आधा ही होने से परेशान दिखाई दिए।
    क्षेत्र में प्रति वर्ष दीपावली पर्व उत्साह पूर्वक मनाया जाता था परंतु इस बार की दीवाली अन्य वर्षो की अपेक्षा फीकी रही।व्यपारियो के अनुसार व्यापार में भारी मंदी देखने मिली।अन्य दीवाली के मुकाबले इस वर्ष की दीवाली की बिक्री 40 से 60 फीसदी के बीच ही रही।पटाखों एवम सजावट पूजा  सामग्री की बिक्री भी सामान्य दीवाली से कम थी जिससे सिज्नी समान काफी मात्रा में बच गया जिसे अब आगामी वर्षो तक बचा कर रखना होगा।          
    दीपावली पर्व के कोई सप्ताह भर पूर्व से ही अपने मोहल्लों में गौरा गौरी विराजित करने हेतु लोकनृत्य सुआ के माध्यम से चंदा एकत्र करने की कला भी अब लगभग विलुप्ति की कगार पर है।इस वर्ष विगत वर्षों की अपेक्षा काफी कम संख्या में सुआ नाचने वाली महिलाएं दिखाई दी।जिससे ऐसा प्रतीत हुआ कि अब सरकारी मोबाइल एवम डिजिटलीकरण का असर लोक नृत्यों पर भी दिखने लगा है।जो कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति के लिए चिंताजनक है। 
    मंदी के दौर में फटाकों की बिक्री भी इस दीवाली में काफी कम हुई। इसके बावजूद लक्ष्मी पूजन का समय देर रात होने की वजह से नगर एवम क्षेत्र में रात भर इक्का दुक्का फटको की आवाज सुनाई देते रही।

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Posted Date : 06-Nov-2018
  • महासमुंद, 6 नवम्बर। भूमिगत डीजल पाइप लाइन से करोड़ों रुपये के डीजल चोरी के मामले में अंतर्राज्यीय गिरोह के चार आरोपी पकड़े गये हैं। महासमुंद और ओडिशा पुलिस को तीन महीने की तफ्तीश पर यह सफलता मिली है। आरोपियों को मथुरा से पकडक़र महासमुंद लाया गया है। पेट्रोल चोरी के जिले में 2 और ओडि़सा में 7 मामले थे। ओडिशा पुलिस को इस मामले में सफलता नहीँ मिली थी। जिले की पुलिस ने ढूंढ़ निकाला। इस मामले का खुलासा इंडियन आयल के मुख्य सुरक्षा अधिकरी एम आर महंती तथा महासमुंद एस पी सन्तोष सिंह ने आज दोपहर महासमुंद कंट्रोल रूम में किया।

    पकड़े गये आरोपी छत्तीसगढ़ में 2, ओडिशा में 7 कुल 9 घटना को अंजाम दे चुके हैं। इन्होंने कुल 1लाख 10 हजार लीटर डीजल पेट्रोल की चोरी की है। पुलिस का अंदेशा है कि आरोपियों से पूछताछ में देश के कई मामलों के खुलासे का अंदेशा है।

     मामले का खुलासा इस तरह हुआ कि प्रार्थी अखिल सिंह परिहार पिता अजब सिंह परिहार सहायक प्रब्रधंक इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन आरंग द्वारा पाईप लाईन दबाव में गिरावट होने से चेक करने पर पता चला कि पाईप लाईन से 20 हजार लीटर डीजल चोरी कर ली गई है। जिस पर दिनॉंक 26.07.18 को थाना सरायपाली में रिपोर्ट दर्ज कराया कि ग्राम चट्टीगिरौला थाना सरायपाली में स्थित इंण्डियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड की पाईप लाईन में सेध कर कुछ अज्ञात लोगों द्वारा 20 हजार लीटर की डीजल चोरी की गई है। यह चोरी पारादीप ओडिशा से महासमुन्द आने वाली पाईप लाईन पर सेघमारी कर किया गया था। इंण्डियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड अधिकारी के सुक्ष्मता से निरीक्षण से पता चला है कि पाईप लाईन में सेघ लगाकर उसमें वाल्व लगाकर डीजल की चोरी की गई है।         

    पुलिस चोरों की तलाश कर रही थी कि एक माह बाद फिर से महासमुंद जिलें के बार्डर उडि़सा राज्य की सीमा से लगे थाना सिंघोड़ा में एक और रिपोर्ट दर्ज की गई जिसमें चोरो ने डीजल के पाईप लाईन में गड्ढा खोदकर चोरी का प्रयास किया था। इस प्रकार महासमुंद जिलेे में एक माह के अंतराल में डीजल के पाईप लाईन में चोरी और चोरी के प्रयास की दो घटनायें हुई। क्राइम पुलिस डीजल के खरीदार, चोरी की तरकीब को सीखने वाले नव सीखियें की तरह मथूरा शहर में फैल गये और सादीवर्दी में मथूरा के समान्य वेश-भूषा में लोगो की बीच घुल मिलकर जानकारी एकत्र करने लगे। जिससें टीम को ज्ञात हुआ कि इस शहर के हजारों लोग डीजल चोरी के इस धंधे में संलिप्त है। उन्हे बड़े-बड़े सफेदपोश लोगो का संरक्षण प्राप्त है।

     ओडिशा और महासमुन्द जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने गुड्डा चौधरी और दलबीर सिंह को पकडऩे में सफलता हासिल की। गुड्डा सिंह के जरिये मनोज कुमार तथा तुलेश्वर यादव तक पुलिस पहुंची। इनके कब्जे से एक टेंकर , एक कार, एक टाटा मैजिक, 6 नग ड्रम, 6 नग बैरल/जरकीन कुल कीमती 38 लाख रूपयें  बरामद कर लिया है। पूछताछ में इन शातिर चोरों ने बताया है कि इससे पूर्व उडि़सा के झारसुकड़ा, सम्बलपुर, अंगुल, खुटी आदि जगहो पर चोरी एचं चोरी के प्रयास की 09 घटनाओं को अंजाम दिया और पाईप लाईन से डीजल चुराकर उसे बेच दिया।

     यह गिरोह पेट्रोलियम पाईप लाईन जो जमीन अंदर बिछे होते है उसे निशाना बताये थे। गुगल मैप की सहायता से जिस जगह से पाईप से डीजल की चोरी करना है उसे चिन्हांंिकत करते थे। चिन्हाकिंत जगह पर बोरा लेकर खुदाई करते थे और गढ्ढे से निकलने वाले मिट्टी को बोरा में भरकर फिर गढ्ढे को पुन: पहले जैसे कर देते थे जिससे गढ्ढे के पास एैसा  कोई सुराग नहीं रहता था जिसे पाईप लाईन की सुरक्षा करने वाली टीम जान सके की कही्र पर सेघमारी के उददेश्य से गड्ढ़ा किया गया है फिर दूसरे या तीसरे दिन चिन्हांकित जगह पर पहुचकर गड्ढे से बोरे में भरे हुये मिट्टी को निकालकर पाईप लाईन में वाल्ब वेल्डिंग मशीन की सहायता से लगाकर वाल्ब में बने सुराग की सहायता से पाईप को टेंकर में फंसाकर जनरेटर के माध्यम से डीजल को टेंकर में भरा जाता था चोरों को इतनी जानकारी थी कि वो पाईप लाईन को छुकर बता सकते थे कि पाईप लाईन में पेट्रोल, डीजल या कैरोशिन बह रहा है फिर खरीदार जो पहले से तय थे के पास डीजल को बेच दिया जाता था। इस प्रकार पाईप लाईन में सेंध लगाकर लाखो रूपयें का डीजल चोरी कर शासन को चूना लगाया जाता था।

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Posted Date : 05-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 5 नवम्बर। महासमुन्द विधानसभा में साहू समाज के लोगों को टिकट नहीं मिलने के कारण कल नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज कांत साहू को  समाज की ओर से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतार दिया गया है। इसके लिए पिछले 5-6 रोज से साहू समाज की मैराथन बैठक हुई और अंतत: कल इस पर मुहर लगा दी गई। मालूम हो कि साहू समाज की ओर से तीन लोगों मनोजकांत साहू,गोविंन्द साहू तथा रमेश साहू ने विधानसभा केलिए अलग-अलग पार्टियों से दावेदारी की थी। इनमें से मनोजकांत और गोविन्द मूल रूप रूप से कांग्रसी थे वहीं रमेश साहू वर्तमान में जोगी कांग्रेस से टिकट के दावेदार थे।
    मनोजकांत साहू के चुनावी मैदान में उतरकर कांग्रेस, भाजपा, आम आदमी पार्टी, छजकां व वर्तमान निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. विमल चोपड़ा की चुनावी रणनीति में उलट फेर कर दिया है। कल मनोजकांत साहू के नाम पर साहू समाज के मुहर लगाने के बाद शहर में कार्यकर्ताओं ने फटाखे फोड़े और एक रैली भी निकाली। कल दिन भर शहर में इस बात की चर्चा होती रही कि मनोजकांत साहू के चुनाव में उतरने से किस पार्टी को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ेगा। इस तरह अब महासमुन्द में चुनाव पंचकोणीय ना हो कर षष्टकोणीय हो गया है। 
    बहरहाल अब यह देखना है कि कौन कितना मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित कर अपने पक्ष में मतदान करा सकता है। वहीं भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।

     महासमुन्द की जनता ने हर बार पूरे प्रदेश से अलग हट कर निर्णय लिया है और अपना प्रत्याशी चुना है। इस बार महासमुन्द विधानसभा में कांग्रेस से विनोद चन्द्राकर, भाजपा से पूनम चन्द्राकर, छजकां से त्रिभुवन महिलांग, आम आदमी पार्टी से संजय यादव, इसके अलावा वर्तमान विधायक डॉ. विमल चोपड़ा निर्दलीय और पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष और शहर के कद्दवार नेता मनोजकांत साहू मैदान में उतर गये हंै। पूरे विधानसभा में किसी भी प्रत्याशी को कम नहीं आका जा रहा है। वर्तमान परिस्थिति में यह विधानसभा चुनाव टक्कर का होना माना जा रहा है। 

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Posted Date : 03-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुंद, 3 नवंबर। आज महासमुंद विधानसभा के निर्दलीय प्रत्याशी डा. विमल चोपड़ा और सरायपाली विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी श्याम तांडी पर नामांकन फार्म में गलत जानकारी देने के मामले सामने आये हैं। कांग्रेस की शिकायत पर सुनवाई जारी है।
    कलेक्टर हिमशिखर गुप्ता के कोर्ट में डॉ. विमल चोपड़ा तथा सरायपाली रिटर्निंग आफिसर के कोर्ट में श्याम तांडी मामले की सुनवाई जारी है। 
    डॉ. विमल चोपड़ा पर आरोप है कि उन पर जिले के विभिन्न थानों में बीस से पच्चीस मामले दर्ज हंै जिसे छिपाते हुए  उन्होंने नामांकन पत्र में केवल तीन मामले बताये हैं।  वहीं श्याम तांडी पर आरोप है कि वे उद्योग विभाग में अनुसूचित जनजाति वर्ग से नौकरी करते थे लेकिन वे अब अनुसूचित जाति वर्ग से  भाजपा प्रत्याशी हैं।

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Posted Date : 02-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    महासमुन्द, 2 नवम्बर। खल्लारी विधानसभा क्रमांक 41 की महिला नेत्री अमृता बजाज और उनके परिजनों का नाम ऐन चुनाव से पहले मतदाता सूची से गायब हो गया है। बीते कुछ महीनों से वह खल्लारी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडऩे की तैयारी कर रही थीं। 
    जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ से उनकी प्रबल दावेदारी थी लेकिन पार्टी ने टिकट नहीं दी। अब बताया जा रहा है कि वोटर लिस्ट से भी नाम कट जाने से अमृता को गहरा आघात लगा है। 
    मुख्य निर्वाचन आयुक्त छत्तसीगढ़ सुब्रत साहू को लिखे पत्र में उन्होंने बताया है कि उनका नाम जगदलपुर विधानसभा 86 के पथरागुड़ा में अमृता अलग पति संजय अलग मतदाता पहचान पत्र क्रमांक केटीसी 5252135 था। जब वह नाम निर्देशन पत्र लेने कलेक्टोरेट पहुंची तब पता चला कि मतदाता सूची में उनका नाम ही नहीं है। 
    अमृता के मुताबिक खुद के अलावा उसके परिवार के कुल 12 लोगों का नाम सूची से गायब मिला।  इसे राजनीतिक षडयंत्र मानकर उन्होंने कलेक्टर और राज्य निर्वाचन आयुक्त से शिकायत की है। कि किसी ने फ ार्म 7 भरकर उनका नाम कटवा दिया है। 
    अमृता का अरोप है कि चुनाव से पहले मतदाता सूची से बेवजह नाम काटकर चुनाव लडऩे से रोकने का षडयंत्र कुछ लोगों के द्वारा रचा गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि निर्वाचन आयोग के विरूद्ध इस मामले में वह हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगी। 
    अमृता का कहना है कि खलारी की जनता का आशीर्वाद प्राप्त कर जनता के हक की लड़ाई लडऩे का काम सभी कार्यकर्ताओं के साथ कर रहीं है।  खलारी विधानसभा की जायज मांगों को लेकर जनहित के कई आंदोलन किए गए हैं।  जिससे घबराकर विरोधी दलों द्वारा षडयंत्र पूर्वक चुनाव करीब आते ही अमृता और उसके परिवार का निवास होने के बाद भी फ ार्म 7 का दुरुपयोग करते हुए वर्तमान मतदाता सूची से नाम कटवा दिया गया  है। इसकी सूचना भी उन्हें अथवा उनके परिवार के लोगों को नहीं दी गई। 
    अमृता का कहना है कि मामले की लिखित शिकायत करने के बाद भी गलती नहीं सुधारा गया और मामले को जैसे-तैसे रफ ा-दफा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास है जिसे खल्लारी विधानसभा की जनता माफ  नहीं करेगी।  

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Posted Date : 02-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 2 नवम्बर। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी हिमशिखर गुप्ता महासमुंद के निर्देशानुसार स्वीप कार्य योजना के अंतर्गत कल एक नवंबर 2018 को जिले के सभी शासकीय, अशासकीय महाविद्यालयों के लगभग 25 हजार विद्यार्थीयों एवं स्कूलों के 20 हजार विद्यार्थियों ने सामूहिक मतदान संकल्प शपथ लिया। इस अवसर पर उनके द्वारा स्वयं मतदान करने एवं परिवार के मतदाताओं को मतदान करवाने के लिए संकल्प पत्र भरा गया है तथा 20 नवंबर को मतदान करने के लिए प्रेरित करेंगे। जिले के समस्त महाविद्यालय, विद्यालय शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय महासमुंद में स्टाफ एवं विद्यार्थियों द्वारा मतदान करने एवं अपने अभिभावकों, आस-पड़ोस, मित्रजनों को मतदान के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एस.के .चटर्जी द्वारा संकल्प दिलाया गया। 
    इसके अलावा मतदान संकल्प पत्र भरवाया गया। महाविद्यालय के विद्यार्थियों से अपने घर, अपने घर में माता-पिता को संकल्प के लिए प्रेरित कर उनसे हस्ताक्षर कराएं। शासकीय माता कर्मा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर सरिता सिन्हा एवं नोडल अधिकारी डाक्टर सरस्वती वर्मा एवं प्राध्यपकगण शासकीय महाविद्यालय बागबाहरा के प्राचार्य वीरेंद्र ठाकुर, विधानसभा नोडल अधिकारी ओमप्रकाश मरावी, महाविद्यालय स्टॉप एवं छात्र-छात्राएँ, शासकीय  महाविद्यालय पिथौरा, शासकीय महाविद्यालय बसना प्राचार्य सुरेंद्र साव, श्री प्रधान, शासकीय वीरेंद्र बहादुर महाविद्यालय सरायपाली के प्राचार्य डॉक्टर ए.एल. पटेल नोडल अधिकारी उमेंद्र बरिहा शासकीय महाविद्यालय बलोदा, कमला दीवान, महाविद्यालय बागबाहरा विद्यालय के बड़ेसाजापाली स्कूल के साथ महाविद्यालय में सामूहिक ने शत-प्रतिशत मतदान आव्हान करते हुए 20 नवंबर को मतदान केंद्र में मतदान करने अवश्य जाएं दिव्यांग जनों का सहयोग करें एक वोट मूल्यवान है। यह जानकारी नोडल अधिकारी डॉ. मालती तिवारी ने दी। 

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Posted Date : 02-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 2 नवम्बर। कल शाम तक विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया। कल भाजपा के महामसुन्द के प्रत्याशी पूनम चंद्राकर, खल्लारी से मोनिका साहू, बसना से डीसी पटेल तथा सरायपाली से स्याम तांडी ने अपना नामांकन भरा। 
    इसी क्रम महासमुन्द के निर्दलीय प्रत्याशी डा. विमल चोपड़ा ने भी नामांकन जमा किया। वैसे जिले के सभी चारों विधानसभा सीटों में राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी कांग्रेस ने भी अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। कल ही कांग्रेस ने बसना विधानसभा क्षेत्र से देवेद्र बहादुर सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। आज जिले भर के सभी चार सीटों के लिए कांग्रेस के प्रत्याशी नामांकन दाखिल करेंगे। दोनों राष्ट्रीय पार्टियों के प्रत्याशियों की घोषणा के बाद अब दोनों ही दलों से बागियों के मुखर होने की खबरें आ रही हैं। महासमुन्द विधानसभा की बात करें तो यहां साहू समाज को निकट नहीं मिलने के बाद साहू समाज ने अपना प्रत्याशी उतारने का फैसला किया है। कांग्रेस के बड़े नेता अपने स्तर पर बगावत करने वालोंं से बातचीत कर मामला शांत करने की कोशिश में लगे हैं लेकिन मामला शांत होते नहीं दिख रहा है। इसी तरह सरायपाली में श्यामतांडी को भाजपा से उम्मीद्वार घोषित करने से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सरला कोसरिया नाराज हैं। सूत्रों का कहना है कि आज सरला कोसरिया निर्दलीय चुनाव लडऩे के लिए नामांकन भर सकती है? 
    वहीं खल्लारी विधानसभा में वर्तमान विधायक चुन्नीलाल साहू की टिकट काटकर मोनिका साहू को प्रत्याशी बनाने से खल्लारी के जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भेखलाल साहू नाराज हैं और बगावत पर उतर आये हैं। भाजपा के बड़े नेता बागियों के तेवर पर नजर जमाये रखे हुए हैं और उनकी कोशिशें जारी है कि खल्लारी के नाराज लोगों को मनाकर चुनाव में सक्रिय किया जाये। इसी तरह बसना विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान विधायक रुपकुमारी चौधरी की टिकट काटकर डीसी पटेल को टिकट देने से नगर पंचायत के अध्यक्ष सम्पत अग्रवाल नाराज है और उन्होंने नामांकन आदि जमा कर निर्दलीय चुनाव लडऩे का ऐलान कर दिया है। सम्पत अग्रवाल ने भाजपा के नेताओं पर टिकट खरीद फरोख्त का आरोप भी लगा दिया है। 
    कल बसना विधानसभा के प्रत्याशी डीसी पटेल ने नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि बसना विधानसभा में जो भी नाराज हैं उन्हें पार्टी के बड़े नेता मनाने का प्रयास कर रहे हंै और सम्भवत: वे मान भी जायेगें। कल डीसी पटेल अपने कार्यकर्ताओं के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचे थे लेकिन उनके साथ वर्तमान विधायक रुपकुमारी चौधरी कहीं नजर नहीं आई। लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना रहा। वहीं खल्लारी विधानसभा के वर्तमान विधायक चुन्नीलाल साहू डीसी पटेल के साथ नजर आये और डीसी पटेल के रैली वाहन में पीछे लटक कर पहुंचे। सरायपाली के पूर्व विधायक रामलाल चौहान कहीं नजर नहीं आए और न ही जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष सरला कोसरिया भी नजर आई। 
    कल की तारीख में कुल 21 अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किया। इनमें से कुछ अभ्यर्थियों ने इससे पहले भी नाम निर्देशन पत्र दाखिल किए थे, इनमें बसना विधानसभा-40 के लिए अनामिका पाल निर्दलीय, दुर्गाचरण पटेल भारतीय जनता पार्टी, अशोक प्रधान शिव सेना, विधानसभा खल्लारी-41 के लिए भुखन लाल साहू निर्दलीय, संतोष चन्द्राकर आम आदमी पार्टी, मोनिका साहू भारतीय जनता पार्टी, सरायपाली विधानसभा-39 से श्याम तांडी भारतीय जनता पार्टी शामिल हैं। जिन प्रत्याशियों ने कल पहली बार नामांकन दाखिल किया उनमें बसना विधानसभा से कुलेश्वर यादव एनडीपीएफ,, संकल्प दास आम आदमी पार्टी, एवं द्वारिकाधीश यादव इंडियन नेशनल कांग्रेस शामिल हैं। खल्लारी विधानसभा से परेश अग्रवाल छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस एवं महासमुंद विधानसभा से त्रिभुवन महिलांग छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस, विनोद चन्द्राकर इंडियन नेशनल कांग्रेस, पूनम चन्द्राकर भारतीय जनता पार्टी, डॉ. विमल चोपड़ा निर्दलीय, रमनलाल जांगड़े एवं नानजी बाघमारे निर्दलीय एवं सरायपाली विधानसभा से प्रभाकर ग्वाल आम आदमी पार्टी, प्रतिभा ग्वाल आम आदमी पार्टी, पद्म चरण नाग शिवसेना, छबिलाल रात्रे बहुजन समाज पार्टी ने कल ही नामांकन पत्र दाखिल किया। वहीं सरायपाली विधानसभा क्षेत्र से सरला कोसरिया एवं सेतराम भास्कर, खल्लारी विधानसभा क्षेत्र से भेखलाल साहू, तेजसिंह एवं दयाराम बघेल, बसना विधानसभा क्षेत्र से देवेन्द्र बहादुर सिंह एवं केदारनाथ पटेल एवं महासमुंद विधानसभा क्षेत्र से गोविन्द साहू द्वारा नाम निर्देशन पत्र लिए हैं। 

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Posted Date : 02-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    महासमुन्द, 2 नवम्बर। मोबाइल में प्रेमिका के साथ देर रात तक बातचीत करने से पत्नी ने मना किया तो नाराज पति ने प्रेमिका के घर जाकर फांसी लगा आत्महत्या कर ली। मामले में कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना की विवेचना शुरू कर दी है। आज प्रात: पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दी है।  
    कोतवाली पुलिस से प्राप्त जानकारी अनुसार महासमुन्द से 10 किलो मीटर दूर ग्राम बिरकोनी में दीनदयाल उपाध्याय नगर निवासी लक्ष्मीनारायण 31 अक्टूबर की रात्रि को अपनी प्रेमिका के साथ देर रात तक मोबाइल से बातचीत कर रहा था। पत्नी ने मोबाइल में देर रात तक बातचीत करने को लेकर टोंका टोकी की तो दोनों के बीच जमकर विवाद हो गया। पत्नी के लड़ाई के बाद लक्ष्मीनाराण गुस्से में आकर रात्रि में ही अपने घर से निकल गया और सीधे अपनी प्रमिका के घर चला गया। देर रात्रि पत्नी को मोबाइल पर सूचना देते हुए उसने कहा कि अब मैं घर कभी नहीं लौटूंगा। लक्ष्मीनारायण की पत्नी ने भी अपने पति के बातचीत को गंभीरता से नहीं लिया। 
    जानकारी के अनुसार लक्ष्मीनाराण पत्नी से विवाद के बाद बिरकोनी स्थित अपनी एक प्रेमिका के घर चला गया और उसके साथ रात्रि एक बजे खाना खाया। अपनी प्रेमिका को उसने रात्रि में ही कमरे से बाहर निकाल दिया और खुद को कमरे में बंद कर लिया।
     प्रेमिका लक्ष्मीनारायण के इस व्यवहार को कुछ समझ पाती इससे पहले ही लक्ष्मीनारायण ने घर के भीतर फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। प्रेमिका ने कुछ देर इंतजार कर उसे बाहर निकालने के लिए आवाज दी लेकिन कमरे से कुछ आवाज नहीं आई। लिहाजा प्रेमिका ने कमरे के खिड़की से अंदर झांक कर देखा तो लक्ष्मीनाराण फांसी पर झूलता दिखा। प्रेमिका ने आस पड़ोस के लोगों को आवाज दी। कमरे का दरवाजा तोड़कर ग्रामीणों ने अंदर प्रवेश किया तब तक लक्ष्मीनारायण की फांसी के फंदे में मौत हो चुकी थी। 
    मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। घटना की जनाकारी मिलते ही पुलिस घटना स्थल पहुंची लेकिन रात्रि हो जाने की वजह से शव को फांसी के फंदे से नहीं उतारा जा सका। अत: कल शव को फांसी के फंदे से उतारकर पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

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Posted Date : 01-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 1 नवम्बर। जिले के चारों विधानसभा में भाजपा के प्रत्याशी घोषित होने के बाद बसना विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के संपत अग्रवाल ने भाजपा से बगावत कर दी है। कल सम्पत अग्रवाल ने अपने हजारों समर्थकों के साथ नामांकन दाखित कर दिया है। नामांकन दाखिल करने कलेक्ट्रेट परिसर से निकलकर  मीडिया से बातचीत करते हुए सम्पत अग्रवाल ने कहा कि भाजपा की बसना सीट पर टिकट वितरण में रुपए का लेन देन हुआ है। जिस व्यक्ति का नाम तक कोई नहीं जानता उसे भाजपा ने टिकट देकर आम जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़ किया है। पार्टी ने मेरे साथ छलावा किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के छत्तीसगढ़ प्रभारी सौदान सिंह सहित सभी दिग्गजों ने यही कहा था कि सम्पत अग्रवाल की टिकट बसना से फायनल है। 
    भाजपा से बागी होकर बसना विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़के लिए सम्पत अग्रवाल ने कल अपने समर्थकों के साथ महासमुन्द कलेक्ट्रेट नामांकन दाखिल करने पहुंचे। श्री अग्रवाल के समर्थकों के वाहनों को पुलिस ने आचार सहित के चलते शहर के बाहर ही रुकवा दिया था। कल दोपहर लगभग 2.30 बजे सम्पत अग्रवाल ने नामांकन दाखिल कर निकले और कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर मीडिया से कहा कि मैंने बसना विधानसभा से अपना नामांकन भर दिया है। जिस व्यक्ति को लोग जानते नहीं है उसे भाजपा ने टिकट दिया है। भाजपा ने बारबार मुझे भरोसा दिया और एन मौके पर भरोसा तोड़ दिया है। मैं अपने समर्थकों के साथ बसना विधानसभा का चुनाव लड़ रहा हूं। 
    उन्होंने कहा कि ये मेरी लड़ाई नहीं बसना विधानसभा की जनता की लड़ाई है। मीडिय़ा ने सवाल किया कि क्या पार्टी के लोग आप को नाम वापस लेने कहेंगे तो क्या नाम वापस लेंगे। इस पर उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी मुझे आकर नाम वापस लेने कहेंगे तो मैं नामांकन वापस नहीं लूंगा। मैं और मेरा परिवार भाजपा के साथ इतने सालों से पूरी निष्ठा के साथ काम कर रहे थे। लेकिन भाजपा ने ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया है जो  ना तो भाजपा को सदस्य है ना आरएसएस का। ऐसे पैराशूट प्रत्याशी को प्रकट किया है। टिकट वितरण के पहले भाजपा के पदाधिकारियों ने मेरे कार्यकर्ताओं को कहा था कि सम्पत अग्रवाल के लिए काम करना है उनका टिकट फाइनल है। ये चुनाव मैं नहीं बसना क्षेत्र के 2 लाख 10 हजार जनता चुनाव लड़ रही है। 

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Posted Date : 31-Oct-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    पिथौरा, 31 अक्टूबर।  विगत जुलाई से अक्टूबर चार तक बंद रहने के बाद अब एक नवंबर से बार नवापारा के गेट पुन:पर्यटकों के लिए खुल जाएंगे। गुरुवार की सुबह पर्यटको का स्वागत करने के लिए पार्क प्रबंधन की तरफ से बार अधीक्षक और रेंज के अधिकारी स्वयं मौजूद रहेंगे।पहले दिन पर्यटक ग्राम के पूरी तरह से बुक हो चुका है और सभी 18 पर्यटक जिप्सियों का प्रवेश अभ्यारण्य में होगा। बार अभ्यारण्य में पर्यटको का स्वागत करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। प्रदेश के लगभग सभी अभ्यारण्य एक नवम्बर गुरुवार से खुल जाएंगे। पहले दिन पार्क पहुॅचने के लिए पर्यटकों में खासा उत्साह है और यहीं कारण है कि सभी पर्यटक वाहनों की बुकिंग होने की जानकारी मिली है। बार भृमण हेतु अब ऑनलाइन टिकट भी पर्यटक बुकिंग करा सकते है। इसके अलावा करंट टिकट जो पार्क की बुकिंग विंडो से दिए जाते है वहीं पर्यटको को भी मिल जाएगा। हालांकि जो बुकिंग निरस्त होंगी उसका लाभ अन्य पर्यटकों को मिल सकता है।
       अभ्यारण्य में स्थानीय 
    समिति की देख-रेख
    क्षेत्र के वन मंडलाधिकारी ने बताया कि गत वर्षों से अभ्यारण्य की देख-रेख स्थानीय वन समिति के सदस्यों द्वारा पर्यटकों की देख-रेख की जा रही है स्थानीय समिति को ऋण देकर वाहनों की खरीददारी की गई है जिससे उन्हें क्षेत्र में पहुँच रहे पर्यटकों को बार अभ्यारण्य की सैर कराकर कुछ लाभ मिल सके। और उसी पैसों से विभाग द्वारा लिया ऋण समय-सीमा के अंदर अदा कर सके। जिससे आगामी समय मे अन्य व्यक्ति को रोजगार के लिए ऋण दिया जा सकें।
        पक्षीविहार और हैरिटेज 
    क्वार्टज रहेगा नयापन
    बार अभ्यारणय के सभी गेट चार महीने बाद पर्यटको के लिय एक नवम्बर को खुल जाएंगे, जिसमें इस बार अभ्यारण्य के अधिकारियों के सहयोग से पर्यटकों के लिए हैरिटेज क्वार्टज सहित पक्षी विहार देखने के लिए नयापन रहेगा। पर्यटकों को सभी पार्क में उसी तरह प्रवेश दिया जाएगा जैसा हमेशा से दिया जाता रहा है जिप्सियों की संख्या, जिप्सियों का शुल्क, गाइड शुल्क और पर्यटन जोन की सीमा 30 किलोमीटर सब जस की तस है जंगल के अंदर रोमांच के लिए तेंदुए की तलाश के अलावा भालू, बायसन, नीलगाय, काला हिरण, चीतल, खरगोश, भेडिय़ा और हाथी का नजारा देखने को मिलेगा। बार अभयारण्य में सुबह 6 बजे से लेकर 9 बजे और शाम 3 बजे से लेकर 6 बजे तक मिलाकर कुल 18 जिप्यिसयों को जैसे पहले प्रवेश दिया जाता था उसी तरह अभी प्रवेश दिया जाएगा। और उसी तरह पर्यटक को 1500 रूपए 6 व्यक्ति के हिसाब से प्रत्येक 1 जिप्सी के चुकाने होंगे। यहाँ एक दिन में लगभग 25 बार जिप्सी ट्रिप करेगी। इसके अलावा इस बार से निजी वाहनों को बार अभ्यारण्य के अंदर प्रवेश नही दिया जायेग।
    पांच गेट और दो रेंज
    दो रेंज में बटे सिर्फ अभ्यारणय में भ्रमण के लिए कुल चार गेंटो से प्रवेश दिया जाता है इसमें पकरीद गेट, बरबसपुर गेट, रवान गेट और तुरतुरिया गेट शामिल है इन चारो गेटों से प्रतिदिन पर्यटक बार अभ्यारण्य में प्रवेश कर सकते है जिसमे कुल 18 जिप्सियों को मुख्य चौराहे से अभ्यारण्य के अंदर प्रवेश किया जायेग। बार पहुॅचने के लिए पर्यटको को कसडोल सिरपुर और पिथौरा तीनो ही तरफ से आना पड़ता है। कसडोल से बार की दूरी लगभग 40 किलोमीटर है इस रास्ते में कई रिसॉर्टस है जहां पर्यटक निर्धारित शुल्क अदा करके विश्राम कर सकते है। बार अभ्यारण्य में भ्रमण के लिए ऑनलाइन बुकिंग सहित काउंटर टिकट जरूरी है, अन्यथा पर्यटकों को परेशानी हो सकती है हालांकि प्रतिदिन टिकट करंट से भी बुकिंग मिलती है पर इसमें से ज्यादातर आस-पास के पर्यटक शामिल होते है।
     प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर
    बार अभ्यारण्य अप्रितम प्राकृतिक सौंदर्य की मूरत है कुछ पहाड़ों से घिरे बार में 7 से 8 छोटी-बड़ी गुफाओं में न सिर्फ जंगली जानवरों ने अपना घर बना रखा है, बल्कि इन गुफाओं तक मनुष्यों का भी आना-जाना हुआ करता था। इन गुफाओं तक अब भले ही लोगों का अब पहुंचना संभव न हो, लेकिन इन्हे दूर से अभी भी देखा जा सकता है, जिसमें जंगली जानवर अपना आश्रय बना रखा है।
      वनराज की बस्ती
    बार अभ्यारण्य में सही मायने पर वनराज की बस्ती है। पार्क प्रबंधन का दावा है कि यहां 100 से ज्यादा तेंदुआ है। हालांकि अभी विभाग ने क्षेत्रवार तेंदुआ की संख्या स्पष्ट नहीं की, लेकिन पिछले गणना की संख्या को आधार माने तो भी यह संख्या 62 के पार हो जाती है। पिछली गणना के अनुसार बार अभ्यारण्य में तेंदुआ की संख्या 62 थीं हाल ही में यहाँ कई मादा तेंदुआ ने सात शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही अन्य मादा तेंदुआ ने भी शावकों को जन्म दिया है जो अभी सामने नहीं आए है इसके अलावा कई छोटे शावक जंगल में सामने दिखाई पड़ते है। जिससे पर्यटक में एक जंगल सफारी की तरह दृश्य दिखाई देता है।

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Posted Date : 31-Oct-2018
  • जोगी पार्टी ने महिलांग को बनाया उम्मीदवार

     

     

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 31 अक्टूबर। महासमुंद सीट से जोगी पार्टी की तिरछी चाल से मुकाबला रोचक हो गया है। पार्टी ने जातिगत समीकरण को देखते हुए पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष त्रिभुवन महिलांग को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस और भाजपा से परे निर्दलीय विधायक डॉ. विमल चोपड़ा और जोगी पार्टी की दमदार मौजूदगी दिख रही है। इन सबके बीच जाति-सामाजिक समीकरण की भूमिका अहम हो गई है।  
    महासमुन्द विधानसभा सभा सीट के लिए अब चारों राजनीतिक पार्टियों ने अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिये है। कांग्रेस से विनोद चन्द्राकर, भाजपा से पूनम चन्द्राकर, आम आदमी पार्टी से संजय यादव और जोगी पार्टी से त्रिभुवन महिलांग मैदान में हैं। जबकि विधायक डॉ. विमल चोपड़ा पहले ही निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं। महासमुंद विधानसभा क्षेत्र में कुर्मी-साहू समाज के मतदाताओं की संख्या तकरीबन बराबर है। साथ ही अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है। 
    पिछले चुनाव में साहू समाज के मतदाताओं का रूझान निर्दलीय विमल चोपड़ा की तरफ रहा और उन्होंने चुनाव जीतने में सफलता हासिल की। इस बार स्थिति अलग दिख रही है। वजह यह है कि कांग्रेस ने तीन बार के विधायक अग्नि चंद्राकर की जगह विनोद चंद्राकर को टिकट दी है। पूर्व विधायक अग्नि चंद्राकर नाराज हैं। साथ ही टिकट के एक अन्य दावेदार पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनोजकांत साहू भी खुश नहीं हैं। उनके पक्ष में सामाजिक बैठकें हो रही है। 
    सहज-सरल स्वभाव के विनोद नाराज नेताओं को मनाने की कोशिश में जुटे हैं, उन्हें इसमें कुछ हद तक सफलता भी मिली है। पूर्व मंत्री पूनम चंद्राकर के पक्ष में भाजपा के कार्यकर्ता एकजुट हैं। इससे परे निर्दलीय डॉ. विमल चोपड़ा के कार्यकर्ता तकरीबन प्रदेश के सभी गांव में हैं। 
    महासमुन्द विधानसभा की राजनीति गलियारों में सभी पार्टियों में साहू समाज को भुनाने की कवायद भी जारी है। कहा तो यह भी जाता रहा है कि पिछले विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी को जिताने में साहू समाज की अहम भूमिका रही है। इस बार भी विनोद चन्द्राकर को कांग्रेस से टिक ट मिलने के बाद से साहू समाज आक्रोशित नजर आ रहा था लेकिन उन्हें तब भी छजकां से साहू समाज के प्रत्याशी उतारने की काफी आशा थी। लेकिन यहां भी उनकी अनदेखी की वजह से साहू समाज का आक्रोश बढ़ गया है। अत: महासमुन्द विधानसभा में तीनों पार्टियों से टिकट नहीं मिलने से साहू समाज के लिए यह प्रतिष्ठा का विषय बन गया है।
    समाज से जुड़े सूत्रों की मानें तो विगत दो दिनों से साहू समाज की बैठक चल रही है। लेकिन अभी तक कोई ठोस बात निकल कर सामने नहीं आ सकी है। लोगों का कहना है कि साहू समाज ने निर्दलीय के रूप में अपना प्रत्याशी मैदान में उतारने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि समाज के प्रमुख नेता मनोजकांत साहू से जुड़े लोगों का कहना है कि वे कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन करेंगे। विनोद चंद्राकर ने नाराज चल रहे मनोजकांत को मनाने में कुछ हद तक सफलता भी हासिल कर ली है। फिर भी आज कल में साहू समाज के रूख पर लोगों की निगाहें हैं। इन सबके बावजूद यह देखने में आया है कि जातिवाद का सीमित असर रहा है। पूर्व में अरूण अग्रवाल और मौजूदा निर्दलीय विधायक डॉ. विमल चोपड़ा की जीत साबित करते हैं। इन सबके बावजूद जाति समीकरण बनाने की कोशिश हो रही है। 
    बताया गया कि महासमुन्द विधानसभा में मतदाताओं की संख्या एक लाख 89 हजार हैं। जिसमें आदिवासियों की संख्या सबसे ज्यादा है। वहीं साहू समाज और सतनामी समाज के मतादाताओं की संख्या दूसरे और तीसरे नम्बर पर है। इसके बाद चन्द्राकर समाज, मरार समाज, यादव समाज सहित अन्य समाज के लोगों की जनसंख्या है। सभी चुनाव में सबसे ज्यादा फोकस साहू और सतनामी समाज के मतदाताओं पर है। इस चुनाव में छजकां ने सतनामी समाज के त्रिभुवन महिलांग को चुनाव में उतारकर सभी पार्टियों के चुनावी गणित बिगाड़ दिये हैं। 

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Posted Date : 30-Oct-2018
  • पिछले चुनाव में भी यही रणनीति थी जिसका लाभ निर्दलीय को मिला था

     

     

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 30 अक्टूबर। भारतीय जनता पार्टी ने लोगों के सारे चर्चे पर विराम देते हुए जिले के बचे हुए तीनों सीटों के लिए अपने प्रत्याश्यिों का चयन कर लिया है। भाजपा ने पहले से ही खल्लारी विधानसभा टिकट की घोषणा कर दी थी और कल महासमुन्द से पूर्व राज्य मंत्री पूनम चन्द्राकर को टिकट देकर अपना भरोसा फिर से उन पर जताया है। बसना के वर्तमान विधायक व संसदीय सचिव रुपकुमारी चौधरी व सरायपाली के वर्तमान विधायक रामलाल चौहान की टिकट काट कर बसना से डीसी पटेल और सरायपाली से श्याम तांडी को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। 
    इस तरह अब महासमुन्द से वर्तमान निर्दलीय विधायक डॉ. विमल चोपड़ा के भाजपा में शामिल होने तथा उन्हें टिकट देने जैसी बातों पर विराम लग गया है। अब महासमुन्द विधानसभा में चार प्रत्याशियों के नाम जाहिर हो चुके हैं। सबसे पहले आम आदमी पार्टी से संजय यादव, उसके बाद निर्दलीय डा. विमल चोपड़ा, उसके बाद कांग्रेस से विनोद चंद्राकर और कल शाम भाजपा से पूनम चंद्राकर के नामों की घोषणा हो चुकी है। अब केवल छजकां को अपना उम्मीदवार घोषित करना बाकी है। 
    इस बार भाजपा ने जिले के तीन सीटों पर नये चेहरों पर दांव खेल दिया है वहीं कांग्रेस ने महासमुन्द विनोद चंद्राकर, खल्लारी से द्वारिकाधीश यादव, सरायपाली से किस्मत लाल नंद को मिलाकर तमाम तीनों सीटों पर नये चेहरों को ही उतारा है। जबकि बसना की सीट पर घोषणा अभी बाकी है।  
     अब प्रत्याशियों के चेहरे साफ होने के बाद जिले के सभी चाारों विधानसभाओं में मतों के लिए जोड़-तोड़ शुरू हो गया है। परसों रात्रि कांग्रेस द्वारा महासमुन्द विधानसभा से विनोद चन्द्राकर के प्रत्याशी घोषित होने के बाद मनोजकांत साहू ने विनोद चन्द्राकर को टिकट दिये जाने पर सवाल खड़े करते हुए नाराजगी जाहिर की है और उनके पुत्र ने इसका विरोध करते हुए कल शहर में युवाओं के साथ विरोध रैली भी निकाली। कल दिन भर शहर में इस बात की चर्चा होती रही कि  मनोजकांत साहू कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ सकते है? बहरहाल आज समाचार तैयार करते तक अभी श्री साहू की ओर से कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं लेकिन कार्यकर्ताओं और साहू समाज के कुछ पदाधिकारियों के साथ बैठकों का दौर जारी है। 
     अजीत जोगी की पार्टी से प्रत्याशी घोषित होने के बाद महासमुन्द विधानसभा में पंचकोणीय मुकाबले के आसार बनेंगे। जोगी कांग्रेस से रमेश साहू, भागीरथी चन्द्राकर और त्रिभुवन महिलांग ने नामांकन फार्म ले लिया है। इनके बीच अभी भी इस बात पर सहमति नहीं बन सकी है कि महासमुन्द से इन तीनों में से मैदान में कौन उतरेगा? 
    कल 29 को 16 लोगों ने खरीदा नाम-निर्देशन पत्र 
    महासमुन्द, 30 अक्टूबर। जिले में विधानसभा निर्वाचन-2018 के दूसरे चरण में होने वाले निर्वाचन के लिए आज 29 अक्टूबर 2018 को 16 अभ्यर्थियों द्वारा नाम निर्देशन पत्र खरीदे गए हंै। इनमें सरायपाली विधानसभा क्षेत्र से छबीलाल रात्रे, पद्मचरण बाघ एवं किस्मतलाल नंद, महासमुंद विधानसभा क्षेत्र से पंकज साहू,  नानजी बाघमारे, भागीरथी चंद्राकर, विनोद चंद्राकर एवं डेजीरानी नेताम, खल्लारी विधानसभा क्षेत्र से द्वारिकाधीश यादव, भूखनलाल साहू, श्री कुमार ध्रुव एवं परेश अग्रवाल, बसना विधानसभा क्षेत्र से त्रिलोचन नायक, कुलेश्वर यादव, अशोक प्रधान एवं अनामिका पाल द्वारा नाम निर्देशन पत्र खरीदे गए हैं। इस प्रकार अब तक कुछ 35 लोगों द्वारा नाम निर्देशन पत्र खरीदे गए हंै।    

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Posted Date : 28-Oct-2018
  • दिल्ली में दावेदार जुटे
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    महासमुन्द, 28 अक्टूबर। महासमुन्द विधानसभा के लिए कांग्रेस प्रत्याशी के नाम की घोषणा रोकने से खलबली मची हुई है। चर्चा है कि महासमुन्द सीट के लिए कांग्रेस ने जिला वनोपज यूनियन के अध्यक्ष विनोद चंद्राकर का नाम फाइनल किया था लेकिन पूर्व विधायक अग्नि चंद्राकर की शिकायत के बाद इस सीट की घोषणा रोक दी गई। 
    इस वक्त अग्नि चंद्राकर अपने साथियों समेत दिल्ली गये हुए हैं इसलिए इस सम्बंध में उनसे कोई बातचीत नहीं हो पाई है लेकिन विनोद चंद्राकर ने इसकी पुष्टि कर दी है कि उनके नाम पर अग्नि चंद्राकर ने आपत्ति जताई है और शिकायत की है कि विनोद को टिकट अग्नि के बेटे की हैसियत से दी गई है, जो कि गलत है, विनोद उनका बेटा नहीं है। इस बात पर विनोद चंद्राकर ने कहा है कि कई बार सर्वे करने के बाद उम्मीदवारों की लिस्ट बनाई गई थी इसमें मैं कैसे भला उनका बेटा होने का दावा कर टिकट ले सकता हूं? मामला चाहे जो भी हो लेकिन इस वक्त महासमुन्द कांग्रेस में भारी खलबली है और अग्नि चंद्राकर के दिल्ली कूच करने से और भी सनसनीखेज हो गई है।  
    गौरतलब है कि महासमुंद विधानसभा कांग्रेस से लगभग विनोद चंद्राकर का नाम तय हो चुका था। लेकिन गलत जानकारी देकर टिकट हासिल करने का आरोप उन पर लग गया है।
    कल पूर्व विधायक अग्नि चंद्राकर ने स्क्रीनिंग कमेटी के पास इसकी शिकायत की है। इसके बाद कांग्रेस हाईकमान को महासमुंद विधानसभा की टिकट को रोकना पड़ा है। सूत्रों की मानें तो इस सीट में प्रत्याशी चयन के लिए पुन:स्क्रीनिंग कमेटी में जांच होगी। टिकट कटने की सूचना मिलने के बाद पूर्व विधायक अग्नि चंद्राकर, दिव्येश चंद्राकर, प्रदेश महासचिव चौलेश्वर चंद्राकर के अलावा एक और महासचिव सहित 10 से भी अधिक कांग्रेस पदाधिकारी कल शनिवार को स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष भुनेश्वर कलीता से उनके निवास पर मुलाकात करने पहुंचे। अग्नि चंद्राकर ने सवाल किया कि हम तो पांच हजार से कम वोट में हारे हैं हमारा टिकट क्यों काट दिया गया? इसके जवाब में भुनेश्वर कलीता ने कहा-टिकट तो हमने आपके बेटे को दे दिया है। लेकिन ऐसा नहीं होने पर उन्होंने आश्चर्य चकित होते हुए पुन: स्क्रीनिंग कमेटी में बात रखने को कहा। कल शनिवार को कांग्रेस ने दूसरे चरण की पहली सूची में 37 उम्मीद्वारों के नाम घोषित किया है। इसमें 15 नये चेहरों के अलावा 15 सिटिंग एमएलए तथा 7 हारे हुए प्रत्याशियों को मौका दिया गया है। खासकर जिन हारे हुए प्रत्याशियों को मौका दिया है, उससे कम अंतर से बीते चुनाव में अग्नि चंद्राकर हारे हुए थे। इसलिए वे भी टिकट के लिए मैदान कूदे हैं। महासमुन्द के मतदाताओं को अभी तक भाजपा प्रत्याशी का नाम भी नहीं मालूम है। कांग्रेस और भाजपा पिछले एक हप्ते से महासमुन्द विधानसभा के  लिए पहले आप-पहले आप का खेल खेल रहे हैं और मतदान की तारीख निकट होते जा रही है। ऐसे में मतदाताओं तक उनके पहुंचने का समय कम होते जा रहा है। यहां चर्चा है कि पहले कांग्रेस अपना पत्ता खोलेगी, फिर भाजपा और फिर छजकां। इस तरह अभी भी यहां मुख्य राजनीतिक दलों द्वारा महासमुन्द सीट के लिए जद्दोजहद जारी है। 

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