सील, झोलाछाप डॉक्टर गिरफ्तार
क्लिनिक में गांजा-अवैध दवाइयां मिली, बिना पोस्टमॉर्टम अंतिम-संस्कार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 3 मार्च। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पलारी थाना क्षेत्र के छेरकाडीह जारा गांव में गर्भवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद प्रशासन ने बिना पंजीयन संचालित एक निजी क्लिनिक को सील कर दिया है। मामले में झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव की रहने वाली 4 माह की गर्भवती महिला सर्दी-खांसी की शिकायत लेकर गांव में संचालित एक निजी क्लिनिक पहुंची थी। उपचार के दौरान उसकी तबीयत बिगडऩे पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी के बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा के अनुसार, महिला को अस्पताल लाए जाने पर जांच में पाया गया कि उसकी मृत्यु अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार करते हुए लिखित आवेदन दिया, जिसके बाद शव उन्हें सौंप दिया गया।
परिजनों द्वारा पुलिस में किसी प्रकार की औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
घटना के बाद राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने संबंधित क्लिनिक की जांच की। अधिकारियों के अनुसार, क्लिनिक से भारी मात्रा में अवैध दवाइयां और गांजा बरामद किया गया है। इसके बाद क्लिनिक को सील कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि संचालक जयंत साहू के पास मान्य मेडिकल डिग्री नहीं थी। पूछताछ के बाद उसके खिलाफ मादक पदार्थ से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया।
पलारी थाना प्रभारी परिवेश तिवारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि बरामद सामग्री की जांच की जा रही है और मामले की विवेचना जारी है।
परिजनों के अनुसार, महिला उपचार के दौरान अचानक उल्टी और बेहोशी की स्थिति में चली गई थी। हालांकि इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
प्रशासन ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या है मामला
जानकारी के मुताबिक, अजय साहू और इंदु साहू की 2022 में शादी हुई थी। इनका ढाई साल का एक बेटा है। अभी वो दूसरी बार 4 महीने की गर्भवती थी। सर्दी-खांसी की शिकायत थी। इसलिए गुरुवार को गांव के ही बिना डिग्री वाले डॉ. जयंत साहू के पास इलाज के लिए पैदल पहुंची, जो छेरकाडीह जारा गांव का सरपंच भी है।
परिजनों के अनुसार, इंदु जब पहली बार डॉक्टर के क्लिनिक पहुंचीं तो वो वहां मौजूद नहीं थे। जिसके बाद घर लौट आई। थोड़ी देर बाद डॉक्टर के लौटने की जानकारी मिलने पर इंदु दोबारा उसके पास गई।
उल्टी की और बेहोश हो गई
डॉ. जयंत साहू ने बताया कि, इंदु को सर्दी-खांसी और सीने में दर्द थी, बीपी चेक किया। खाना नहीं खाई थी, इसलिए ज्यादा कुछ इलाज नहीं कर पाऊंगा बोला। वो करीब 15-20 मिनट तक उनके पास रुकीं। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उल्टी होने लगी।
बिना डिग्री 17 साल से कर रहा इलाज
चक्कर आने के बाद महिला गिरकर बेहोश हो गई। महिला को पानी पिलाया गया, जिससे वह कुछ देर के लिए होश में आईं, लेकिन फिर से बेहोश हो गईं। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी भेज दिया। डॉ. जयंत साहू ने स्वीकार किया है कि, उनके पास डिग्री नहीं है। करीब 17 साल से इलाज कर रहा है।
पति की गोद पर बेहोश पड़ी थी पत्नी- सास
महिला की सास कांति साहू ने बताया कि, जब उनकी बहू देर तक घर नहीं लौटी तो वह डॉक्टर के यहां देखने गई थी। वहां इंदु अपने पति की गोद पर अचेत अवस्था में थी। इसके बाद उसे तत्काल पलारी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया।
वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही इंदु की मौत हो चुकी थी। महिला के नाक से झाग और खून दोनों निकला है। बीएमओ डॉ पंकज वर्मा के अनुसार महिला को लेकर अस्पताल पहुंचने वालों में कथित डॉक्टर जयंत साहू भी शामिल था।