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Posted Date : 17-Nov-2018
  • दशहरा की रात को दिया घटना को अंजाम

    राजनांदगांव, 17 नवंबर। ग्रामीण क्षेत्र के एक सूने मकान में रात्रि चोरी करने वाले शातिर नकबजन को पुलिस ने गिरफ्तार कर कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी के पास से सोने-चांदी के जेवरात भी बरामद कर लिया हैं। बताया गया है कि आरोपी नशे की आदत को पूरा करने घटना को अंजाम दिया था। 
    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार डोंगरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम किरगी निवासी बेनीराम साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह 20 अक्टूबर की रात्रि दशहरा कार्यक्रम देखने गया था। कार्यक्रम देखने के पश्चात जब वह वापस आया तो देखा कि घर का ताला तोड़कर किसी अज्ञात चोर द्वारा आलमारी में रखे 10 हजार रुपए एवं सोने-चांदी के जेवरात को चोरी कर लिया गया है। रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला पंजीबद्ध कर विवेचना कर रही थी। घटना की जानकारी पर क्राईम ब्रांच प्रभारी आर्शीवाद रहटगावकर के नेतृत्व में क्राईम ब्रांच की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर घटना के हर पहलुओं की जांच शुरू की। क्राईम ब्रांच टीम को मुखबीर से सूचना मिली कि ग्राम में ही एक व्यक्ति अपनी आय से अधिक खर्च कर रहा है। सूचना पर उक्त व्यक्ति से पूछताछ करने पर अपना नाम टेमन साहू पिता दलीराम साहू 22 साल निवासी किरगी बताया। उन्होंने बताया कि दशहरा की रात्रि बेनीराम साहू के घर का ताला तोड़कर आलमारी में रखे 10 हजार रुपए एवं सोने-चांदी की जेवरात को चोरी करना कबूल किए। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह अपने नशे की लत को पूरा करने घटना को अंजाम दिया था। निशानदेही पर 1 नग चांदी का करधन, 1 जोड़ी  पैरपट्टी, 1 नग चांदी का गुच्छा, 1 जोड़ी चांदी का बचकानी कंगन, 1 जोड़ी चांदी का कंगन, 1 नग चांदी का लाकेट, 1 नग सोने का लॉकेट एवं 1 मोबाईल जुमला कीमती 40 हजार को जब्त किया गया।

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Posted Date : 17-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 17 नवंबर। पहले चरण के चुनाव के बाद राजनांदगांव जिले के कांग्रेस-भाजपा के प्रत्याशी के साथ दोनों दल के कार्यकर्ता दीगर विधानसभा क्षेत्रों में जाकर सघन प्रचार कर रहे हैं। दूसरे चरण के चुनाव 20 नवंबर को प्रस्तावित है। लिहाजा कांग्रेस-भाजपा संगठन के निर्देश पर प्रदेश में दूसरे चरण के 72 सीटों में राजनांदगांव जिले के नेता और कार्यकर्ता अपने-अपने पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में धुंआधार प्रचार कर रहे हैं। सांसद अभिषेक सिंह ने पहले चरण के चुनाव के फौरन बाद कवर्धा जिले के दो सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों को जीताने की कमान सम्हाल ली है। कवर्धा और पंडरिया में सांसद की न सिर्फ सभाएं हुई है, बल्कि व्यक्तिगत मेल-मुलाकात के जरिए भी वह प्रचार कर रहे हैं। बताया गया है कि दोनों सीट के लिए राजनांदगांव महापौर और डोंगरगांव प्रत्याशी मधुसूदन यादव की भी सभाएं हुई है। राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष नीलू शर्मा को गुंडरदेही भेजा गया है। वह भाजपा प्रत्याशी दीपक साहू के पक्ष में लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष भरत वर्मा डौंडीलोहारा विस में भाजपा प्रत्याशी लाल महेन्द्र सिंह टेकाम के पक्ष में गलियों में घूम रहे हैं। इसी तरह राजनांदगांव जिलाध्यक्ष संतोष अग्रवाल भी कवर्धा में प्रचार कर चुके हैं। समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शोभा सोनी ने भी गुंडरदेही विस क्षेत्र में ताबड़तोड़ दौरा किया। इनके अलावा उन्हें अन्य विस क्षेत्र की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मोहला-मानपुर प्रभारी रहे भाजपा नेता अशोक चौधरी बिलासपुर जिले के कोटा विस में भाजपा प्रत्याशी  काशीराम साहू के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं। (बाकी पेज 12 पर)
    इधर कांग्रेस ने भी अपने पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में अलग-अलग विस में राजनांदगांव के कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों को भेजा है। प्रदेश संयुक्त महासचिव जितेन्द्र मुदलियार खरसिया सीट में उमेश पटेल के पक्ष में जनसंपर्क कर रहे हैं। कुलबीर सिंह छाबड़ा धमतरी विस में गुरूमुख सिंह होरा के लिए प्रचार कर रहे हैं। इसके अलावा राजनांदगांव शहर से रूबी गरचा, सुदेश देशमुख अपनी टीम के साथ अंबिकापुर में टीएस सिंहदेव के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं। डोंगरगढ़ के कांग्रेस प्रत्याशी भुनेश्वर बघेल बेमेतरा जिले के नवागढ़ सीट में गुरूदयाल बंजारे के पक्ष में सभाएं कर रहे हैं। उधर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता कमलजीत सिंह पिंटू व नेता प्रतिपक्ष हफीज खान भी दुर्ग शहर में अरूण वोरा के साथ मिलकर प्रचार कर रहे हैं। 

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Posted Date : 16-Nov-2018
  •  रमन ने 6.50 लाख और मधु ने 11 लाख चुनाव में किए खर्च

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 16 नवंबर। चुनाव प्रचार में खर्च के  मामले में सूबे के मुखिया डॉ. रमन सिंह ने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर जहां मात्र साढ़े 6 लाख खर्च किए। वहीं उनकी पार्टी की डोंगरगढ़ प्रत्याशी सरोजनी बंजारे ने दिल खोलकर 18 लाख रुपए खर्च कर दिए। मुख्यमंत्री से मुकाबला कर रही कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती करूणा शुक्ला ने बेहद ही संयम के साथ चुनावी खर्च किया। उन्होंने मात्र 5 लाख 93 हजार रुपए ही चुनाव प्रचार में खर्च किए।
    जिलेभर के विस प्रत्याशियों ने निर्वाचन शाखा को जानकारी देते आदर्श चुनाव आचार संहिता नियम के तहत खर्च करने का ब्यौरा लिखित में प्रस्तुत किया। निर्वाचन आयोग के मुताबिक प्रत्याशियों के लिए 28 लाख रुपए की खर्च करने की सीमा तय की गई थी। जिसके चलते प्रत्याशियों ने सम्हलकर राशि प्रचार में लगाई। राजनांदगांव विस से 30 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। जिसमें प्रत्याशियों को 1, 5 और 3 नवंबर तक चुनाव खर्च का ब्यौरा देना था। इसी तरह खैरागढ़ सीट से कोमल जंघेल ने कांग्रेस के गिरवर जंघेल और छजकां के देवव्रत सिंह की तुलना में ज्यादा राशि खर्च की। कोमल ने 13 लाख, गिरवर जंघेल ने 12 और देवव्रत ने मात्र 6 लाख 24 हजार रुपए खर्च होने का ब्यौरा दिया है। डोंगरगांव से मधुसूदन यादव ने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर 11 लाख और कांग्रेस के दलेश्वर साहू ने 10 लाख रुपए खर्च होने की जानकारी दी है। वहीं मोहला-मानपुर सीट से पूर्व आबकारी अधिकारी  इंद्रशाह मंडावी ने कांग्रेस प्रत्याशी की हैसियत से 8.60 लाख रुपए और भाजपा प्रत्याशी कंचनमाला भुआर्य ने 6 लाख 18 हजार रुपए तथा छजकां के संजीत ठाकुर ने 6 लाख 19 हजार रुपए खर्च किए। खुज्जी सीट से भाजपा प्रत्याशी हिरेन्द्र साहू ने 6 लाख 90 हजार, कांग्रेस प्रत्याशी छन्नीबाई साहू 5 लाख 90 हजार तथा छजकां के जरनैल सिंह भाटिया ने 5 लाख 80 हजार रुपए खर्च किए। वहीं डोंगरगढ़ सीट से भाजपा के बैनर तले दोबारा चुनाव लड़ रही सरोजनी बंजारे ने 18 लाख रुपए चुनाव प्रचार में फूंक दिए। कांग्रेस के भुनेश्वर बघेल ने प्रचार में 9 लाख तथा निर्दलीय प्रत्याशी तरूण हथेल ने 10 लाख रुपए खर्च किए। 

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Posted Date : 16-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सक्ती, 16 नवंबर।    सबसे चर्चित सीट के रूप में सक्ती विधानसभा में पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री डॉ चरणदास महंत का सीधा मुकाबला पूर्व कैबिनेट मंत्री मेघाराम साहू से है। जहां सक्ती विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार अब जोर पकडऩे लगा है वहीं इस चुनाव में एक परिवार के दो भाइयों ने अलग-अलग रूप से भाजपा और कांग्रेस का कमान संभाल रखा है।
     ज्ञात हो कि कांग्रेस प्रत्याशी डॉ चरणदास महंत का चुनाव प्रचार अभियान सक्ती नगर पालिका सीमा क्षेत्र में नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल के अगुवाई में चलाया जा रहा है वहीं भाजपा प्रत्याशी मेघाराम साहू के चुनाव अभियान का कमान पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष पूर्व जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष अनूप अग्रवाल ने संभाल रखा है।  श्याम सुंदर अग्रवाल एवं अनूप अग्रवाल दोनों एक ही परिवार से ताल्लुक रखते हैं और रिश्ते में यह दोनों भाई लगते हैं ऐसे में अब चर्चा यह है कि डॉ चरणदास महंत एवं मेधा राम साहू के लिए तलवार एवं ढाल बने श्याम एवं अनूप में कौन ताकतवर होकर निखरता है। 
    चुनावी माहौल की अगर बात करें तो कांग्रेस समर्थक पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं का कहना है कि डॉ चरणदास महंत की जीत सुनिश्चित है वहीं भाजपा प्रत्याशी मेघाराम साहू के समर्थकों या कहें भारतीय जनता पार्टी संगठन के पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं की मानें तो भाजपा सक्ती विधानसभा क्षेत्र से बड़ी आसानी से जीत हासिल कर रही है।
     कांग्रेसी एक ओर जहां किसान का कर्जा माफ बेरोजगारों को रोजगार भ्रष्टाचार मुक्त सरकार आउटसोर्सिंग जीरो करने की बात निशुल्क चिकित्सा व्यवस्था एवं 25 सौ रुपये में धान की खरीदी जैसी घोषणाएं कर रहे हैं वहीं भाजपा छत्तीसगढ़ में अपने 15 वर्ष के शासनकाल में हुए विकास तथा नरेंद्र मोदी के चमत्कारिक कार्यकाल को भाजपा की जीत के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए सरस्वती साइकिल योजना, एक रुपए में खाद्यान्न योजना, मोबाइल वितरण, गैस वितरण आदि  अन्य विकास कार्यों को लेकर जनता के समक्ष जा रही है।  
    क्या चाहती है सक्ती की जनतायहां नागरिकों ने जो मांगे रखी थी वह पूरी नहीं हो पाई है। नागरिकों का कहना है कि सक्ती नगर पालिका सीमा क्षेत्र से एक भी शासकीय कार्यालय बाहर ना जाए वहीं सक्ती को जिला बनाने की मांग सबसे पुरानी मांग के रूप में देखी जा रही है। इधर सक्ती के प्रबुद्ध जनों का कहना है कि सक्ती को जिला मुख्यालय बनाने के समय इस बात पर भी ध्यान रखना होगा कि जल संसाधन कार्यालय, कृषि उपज मंडी प्रांगण, वन विद्यालय, खेल मैदान एवं विश्राम गृह वन विद्यालय प्रशिक्षण केंद्र यह सभी विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। जिला मुख्यालय का कार्यालय इसी स्थल पर बनाया जाए। साथ ही सक्ती में सौंदर्यीकरण, स्वच्छता अभियान, नल जल योजना, सुव्यवस्थित गार्डन खेल मैदान एवं अन्य कई मूलभूत सुविधाओं जिससे क्षेत्रवासी वंचित है उसे लेकर राजनीतिक दलों को जनता को विश्वास में लेना होगा।

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 15 नवंबर। सियासी उठापटक से भरा आसन्न विधानसभा चुनाव के पहले चरण में राजनांदगांव जिले की छह सीटों में सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सर्वाधिक चर्चा उनके बढ़त को लेकर है। आम और खास के बीच हर किसी के जुबां पर पिछले चुनावी आंकड़ों को लेकर चर्चाएं चल रही है। मुख्यमंत्री का पिछले दो विधानसभा चुनाव में राजनांदगांव से बढ़त बढ़ते क्रम में रहा है। 2008 के विस चुनाव में मुख्यमंत्री ने 32 हजार तथा 2013 में 36 हजार लीड लेकर कांग्रेस को मात दी थी। मौजूदा चुनाव में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के मुकाबले करूणा शुक्ला को प्रत्याशी बनाया। श्रीमती शुक्ला ने चुनाव प्रचार में राज्य सरकार की नीतियों और अन्य मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री पर सवाल दागे।
    बताया जाता है कि  कुछ हिस्सों में प्रचार के दौरान श्रीमती शुक्ला ने अपने साथ हुए राजनीतिक ज्यादाती का भी जिक्र किया। कांग्रेस को इससे फायदा होने की उम्मीद रही। हालांकि चुनावी नतीजों के बाद ही इससे पर्दा उठेगा। राजनांदगांव विधानसभा में मुख्यमंत्री ने भी चौतरफा प्रचार कर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह को राजनांदगांव से काफी उम्मीदें थी। यद्यपि मुख्यमंत्री के लिए 2013 का चुनाव  ग्रामीण मतदाताओं को साधने के लिहाज से बेहतर नहीं रहा। गत् विस चुनाव में भाजपा को ग्रामीण बूथों से शिकस्त खानी पड़ी थी। शहरी मतों से मुख्यमंत्री की जीत का मार्ग प्रशस्त हुआ। मुख्यमंत्री के लिए राजनांदगांव विस में दिग्गजों की बड़ी सभाएं हुई। जबकि करूणा के लिए एकमात्र राहुल गांधी ही बड़े दिग्गजों में शामिल थे। राजनांदगांव विधानसभा में चुनाव के दौरान दोनों ही प्रत्याशियों ने संयम का भी परिचय दिया।
    बताते हैं कि मुख्यमंत्री के वोटों को साधने के लिए करूणा ने भरसक कोशिश की। यही कारण है कि राजनांदगांव में मुख्यमंत्री की चर्चा को लेकर चहूंओर 'जितनी मुंह उतनी बातेंÓ हो रही है। राजनीतिक रूप से यह सवाल भाजपा के लिए भी परेशानी का कारण बना हुआ है। भाजपा के ज्यादातर दिग्गज मुख्यमंत्री के पिछले वोटों से अधिक जीतने का दावा कर रहे हैं। कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री को एक तरह से हारा हुआ प्रत्याशी भी बताया जा रहा है। 

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • दो फीसदी मतदान कम होने से बिगड़ सकता है उम्मीदवारों का गणित
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 15 नवंबर। जिले के छह सीटों में 12 नवंबर को हुए मतदान के आंकड़ों में राजनांदगांव विधानसभा का प्रदर्शन सबसे फीका रहा। वहीं डोंगरगांव विस के मतदाताओं ने सर्वाधिक मतदान कर लोकतंत्र के प्रति गहरी आस्था जताई। हालांकि पूरे चुनाव में गत् विधानसभा चुनाव की तुलना में दो फीसदी मतदान कम हुए। जिससे राजनीतिक दलों का गणित गड़बड़ा सकता है। बीते चुनाव में करीब 84 प्रतिशत मतदाताओं ने नए विधायकों के लिए वोट किया था। इस चुनाव में यह आंकड़ा 82.5 प्रतिशत रहा। सर्वाधिक मतदान डोंगरगांव में 85.15 फीसदी और राजनांदगांव में सबसे कम 78.66 फीसदी मत पड़े।
    मिली जानकारी के अनुसार राजनांदगांव जिले में कुल 11 लाख 17 हजार 298 मतदाता हैं। जिनमें पांच लाख 56 हजार 842 पुरूषों एवं पांच लाख 60 हजार 528 महिलाओं ने तथा 28 थर्ड जेंडर मतदाता है। जिनमें से नौ लाख 22 हजार 728 मतदाताओं ने वोट डाले। इनमें से 4 लाख 60 हजार 862 पुरूषों एवं 4 लाख 61 हजार 865 महिलाओं तथा एक थर्ड जेंटर ने वोट दिया अर्थात् 82.76 फीसदी पुरूषों ने और 82.40 फीसदी महिलाओं ने कुल 82.58 फीसदी लोगों ने मतदान किया।
    विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 76 डोंगरगांव में एक लाख 88 हजार 891 मतदाताओं ने 94 हजार 714 पुरूष एवं 94 हजार 173 महिला मतदाता हैं। इनके अलावा चार थर्ड जेंटर हैं। इन मतदाताओं में से एक लाख 60 हजार 846 ने वोट डाला। इनमें 80 हजार 655 पुरूष एवं 80 हजार 191 महिलाओं कुल 85.15 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 
    इसी तरह सबसे कम मतदान वाले विधानसभा क्षेत्र 75 राजनांदगांव में कुल 78.66 फीसदी वोट डले। जिसमें 78.88 फीसदी पुरूषों तथा 78.44 फीसदी महिलाओं ने वोट डाले। यहां कुल एक लाख 97 हजार 480 मतदाताओं में से 97 हजार 597 पुरूष एवं 99 हजार 879 महिला मतदाता हैं। इनके अलावा चार थर्ड जेंडर मतदाता भी हैं। यहां एक लाख 55 हजार 336 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इनमें 76 हजार 988 पुरूष एवं 78 हजार 348 मतदाता हैं। 
    इनके अलावा विधानसभा क्षेत्र क्र. 73 खैरागढ़ में दो लाख एक हजार 701 मतदाताओं में से एक लाख 70 हजार 53 ने वोट डाले। इनमें एक लाख एक हजार 52 पुरूषों में से 85 हजार 876 एवं एक लाख 641 महिलाओं में से 84 हजार 177 महिलाओं ने मतदान किया। यहां का मतदान प्रतिशत 84.31 प्रतिशत रहा। डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र क्र. 74 में एक लाख 94 हजार 42 मतदाताओं में से एक लाख 60 हजार 140 मतदाताओं ने मतदान किया। कुल 97 हजार 473 पुरूषों में से 80 हजार 643 पुरूषों ने और 96 हजार 562 महिलाओं में से 79 हजार 496 महिलाओं ने वोट किया। यहां मतदान प्रतिशत 82.53 फीसदी रहा। खुज्जी क्षेत्र क्र. 77 में एक लाख 79 हजार 268 मतदाताओं में से एक लाख 51 हजार 450 वोटर्स ने मतदान किया। इसमें कुल 88 हजार 897 पुरूष में से 74 हजार 851 ने और 90 हजार 370 महिलाओं में से 76 हजार 599 ने वोटिंग किया। यहां 84.48 प्रतिशत मतदान हुआ। 
    नक्सल प्रभावित क्षेत्र मोहला-मानपुर विधानसभा में कुल एक लाख 56 हजार 16 मतदाताओं में से एक लाख 24 हजार 903 मतदाताओं में से एक लाख 24 हजार 903 मतदाताओं ने मतदान किया। इनमें कुल 77 हजार 109 पुरूषों में से 61 हजार 849 और 78 हजार 903 महिलाओं में से 63 हजार 54 ने वोटिंग किया। यहां का मतदान प्रतिशत 80.06 रहा।

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Posted Date : 14-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 14 नवंबर। विधानसभा चुनाव में पुलिस की अतिरिक्त सतर्कता के कारण कल उस वक्त बड़ा हादसा टल गया जब गश्त कर रहे जवानों ने तीन अलग-अलग जगहों से करीब 90 किलो वजनी विस्फोटक बरामद किया। माना जा रहा है कि नक्सलियों ने चुनावी पार्टियों और सुरक्षा बलों को उड़ाने की साजिश के तहत भारी मात्रा में विस्फोटक को जमीन में छुपाकर रखा था।  मानपुर पहाड़ी और सुकतारा के बीच 30-30 किलो के तीन आईईडी मिला। 
    पुलिस  के मुताबिक नक्सली जंगल में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामान को डंप कर रखे हुए थे।  बताया जाता है कि बकरकट्टा थाना के अधिकारी व पुलिस कर्मचारी गश्त पर निकले थे। 
    इस दौरान लावातरा के जंगल में बम रखने की भनक लगी। सुरक्षा के जवान मौके पर पहुंचे और विस्फोटक को जब्त किया। विस्फोटक में केबल तार, किल समेत अन्य सामानों की जब्ती हुई है।  लिहाजा पुलिस के सावधान होने से एक बड़े हादसे को टाला गया।

     

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Posted Date : 13-Nov-2018
  • स्ट्रॉंग रूम में कैद हुई राजनीतिक दलों की किस्मत

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 13 नवंबर। जिले की छह विधानसभा सीटों में कल हुए मतदान के बाद अब कयासों का दौर शुरू हो गया है। करीब एक माह तक उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम मशीनों में कैद रहेगी। स्ट्रॉंग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच जिलेभर बूथों की ईवीएम मशीनें सील कर दी गई है। लगभग एक महीने तक राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों में धुकधुकी रहेगी। अगले माह 11 दिसंबर को ईवीएम मशीनें किसके पक्ष में पत्ता खोलेगी यह देखना होगा। राजनांदगांव जिले में कल सर्वाधिक मत खैरागढ़ विधानसभा में पड़े हैं। 84 प्रतिशत मतदाताओं ने खैरागढ़ के नए विधायक को चुनने में रूचि ली है। सबसे कम मोहला-मानपुर विधानसभा में रहा, जहां मात्र 69 प्रतिशत मत पड़े। दूसरे सर्वाधिक मतों में खुज्जी का नम्बर रहा। खुज्जी में 78 प्रतिशत और तीसरे बड़े मत प्रतिशत में राजनांदगांव 75.43 रहा। डोंगरगांव और डोंगरगढ़ में 71 प्रतिशत ही मत पड़े। हालांकि मतदान को लेकर सुबह से ही बूथ केंद्रों में मतदाताओं की लंबी कतार रही। लिहाजा उम्मीद की जा रही थी कि मत प्रतिशत 80 प्रतिशत से अधिक हो सकता है। मोहला-मानपुर क्षेत्र में सुबह 7 बजे से 3 बजे तक मतदान हुए। 
    बताया जाता है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में मतदाताओं को जब सुरक्षा की गारंटी मिली तब उन्होंने बूथ केंद्रों का रूख किया। इसके चलते मोहला-मानपुर क्षेत्र में मतदान की प्रक्रिया धीमी रही। राजनांदगांव जिले में बिना किसी नक्सल उपद्रव के हुए मतदान के पीछे प्रशासन की तगड़ी मोर्चाबंदी एक कारण रही।  नक्सलियों के बहिष्कार की घोषणा के कारण डोंगरगढ़ एवं खैरागढ़ विधानसभा के अंदरूनी हिस्सों में भी डर का प्रभाव रहा, लेकिन मौका पाते ही मतदाताओं ने जोरदार अपने मतों का प्रयोग कर लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था को जाहिर किया। नए मतदाताओं ने भी मतदान के लिए बढ़-चढ़कर भाग लिया। राजनांदगांव विधानसभा में नए मतदाताओं में उत्साह साफतौर पर छलक रहा था।
    इधर मतदान के बाद सभी विधानसभा क्षेत्रों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक पंडित और अनुभवी नेता अपने-अपने स्तर पर आंकलन कर रहे हैं। बताया जाता है कि एंटी इनकैम्बसी होने का दावा कर रही कांग्रेस को इससे फायदा होने की उम्मीद है। जबकि मतदान की लंबी कतार को देखकर भाजपा को चौथी बार सरकार बनने की आस है। मोहला-मानपुर सीट में कांग्रेस के इंद्रशाह मंडावी, भाजपा की कंचनमाला भुआर्य और छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के संजीत ठाकुर की त्रिकोणीय लड़ाई से स्थिति रोचक हो गई है। यहां पर तीनों जीत के दावे कर रहे हैं। यही हाल खैरागढ़ में भी रहा। खैरागढ़ के भाजपा प्रत्याशी कोमल जंघेल, कांग्रेस के गिरवर जंघेल और पूर्व सांसद देवव्रत सिंह की आपसी लड़ाई भी रोमांचक हो गई है। डोंगरगढ़ विधानसभा में कांग्रेस के भुनेश्वर बघेल और भाजपा की सरोजनी बंजारे को निर्दलीय प्रत्याशी तरूण हथेल से भी कड़ी टक्कर मिली है। तरूण हथेल शहरी मतों को ध्रुवीकरण के तहत प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस में से किसी एक को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
    डोंगरगांव विधानसभा में दो दलों में मुकाबला होने के कारण लोगों की निगाह टिकी हुई है। भाजपा प्रत्याशी मधुसूदन यादव और कांग्रेस के मौजूदा विधायक दलेश्वर साहू के बीच सीधी टक्कर है। राजनांदगांव विधानसभा में भी भाजपा के डॉ. रमन ङ्क्षसह और कांग्रेस की करूणा शुक्ला आपस में भिड़ गई है। राजनांदगांव विधानसभा में किसी तीसरे दल की धमक सुनाई नहीं दी। ऐसे में डॉ. सिंह और श्रीमती शुक्ला के बीच ही द्वंद है।  खुज्जी विधानसभा में तीन प्रत्याशियों भाजपा के हिरेन्द्र साहू, कांग्रेस की छन्नी साहू तथा छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस पार्टी के जनरैल सिंह भाटिया में से जनता किसे चुनेगी? यह अगले महीने साफ होगा। फिलहाल प्रत्याशियों की किस्मत स्ट्रॉंग रूम में एक महीने तक ईवीएम में कैद रहेगी। 

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Posted Date : 10-Nov-2018
  • भाजपा-कांग्रेस के बीच छिड़ा आखिरी द्वंद

    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    राजनांदगांव, 10 नवंबर। पहले चरण के चुनाव के लिए राजनांदगांव जिले की सभी छह सीटों में प्रचार  आज शाम को थम जाएगा। चुनावी शोर-गुल के बंद होने के बाद प्रत्याशी व्यक्तिगत रूप से डोर-टू-डोर लोगों से जनसंपर्क करेंगे। राजनांदगांव जिले में भाजपा और कांग्रेस के बीच ही सीधा मुकाबला है। हालांकि कुछ सीटों में त्रिकोणी संघर्ष की भी स्थिति है। राजनांदगांव, डोंगरगांव, डोंगरगढ़ में जहां भाजपा-कांग्रेस आपस में भिड़ रहे हैं। वहीं मोहला-मानपुर, खुज्जी तथा खैरागढ़ में त्रिकोणी संघर्ष की स्थिति दिख रही है। राजनांदगांव में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और कांग्रेस की करूणा शुक्ला के मध्य चुनावी लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। डोंगरगांव में कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू और राजनांदगांव महापौर मधुसूदन यादव के बीच सीधी टक्कर है। इसी तरह डोंगरगढ़ की मौजूदा विधायक सरोजनी बंजारे भाजपा  प्रत्याशी के तौर पर कांग्रेस के भुनेश्वर बघेल से भिड़ रही है। दोनों के बीच ही सीधा मुकाबला होने से यहां पर स्थिति रोचक हो गई है। खैरागढ़ में पूर्व विधायक कोमल जंघेल भाजपा से, गिरवर जंघेल कांग्रेस और  पूर्व सांसद देवव्रत ङ्क्षसह चुनावी लड़ाई लड़ रहे हैं। तीनों की स्थिति को लेकर राजनीतिक पंडि़तों का दावा भी काम नहीं कर रहा है। यहां त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति बन गई है। उधर मोहला-मानपुर में भाजपा प्रत्याशी कंचनमाला भुआर्य, कांग्रेस से इंद्रशाह मंडावी तथा छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस पार्टी के संजीत ठाकुर अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। तीनों के बीच चल रही लड़ाई से स्थिति त्रिकोणीय हो गई है। यही हाल खुज्जी विधानसभा का भी है। छत्तीसगढ़ जनता पार्टी के जरनैल सिंह के मैदान में होने से भाजपा के हिरेन्द्र साहू और कांग्रेस की छन्नी साहू के बीच पेंच फंस गया है। इधर राजनांदगांव जिले के सभी छह सीटों पर करीब 11 लाख मतदाता नए विधायक को चुनेंगे। सर्वाधिक मतदाता खैरागढ़ विधानसभा में है। यहां एक लाख 21 हजार मतदाता  राजनीतिक दलों के भाग्य को तय करेंगे। सबसे कम  मतदाता मोहला-मानपुर में है। फिलहाल आज देर शाम को प्रचार थमने के बाद व्यक्तिगत रूप से उम्मीदवार मतदाताओं से संपर्क करेंगे।

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Posted Date : 10-Nov-2018
  •  सरकार बनने पर पंचायत होंगे अमीर, किसानों का कर्ज 10 दिन में माफ

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 10 नवंबर। कांग्रेस ने चुनावी घोषणा पत्र में वादों की झड़ी लगा दी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कल एक निजी होटल में राज्य में सत्तारूढ़ होने पर चुनावी घोषणा पत्र के आधार पर कार्य करने का दावा करते घोषणा पत्र को 'सच्चे वादेÓ का प्रतिरूप करार दिया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय समेत अन्य राज्य के नेताओं की मौजूदगी में गांधी ने चुनावी घोषणा पत्र जारी किया। श्री गांधी ने चुनावी घोषणा पत्र को कागज का टुकड़ा न मानकर भरोसे का पत्र कहा। गांधी ने कहा कि जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, उसकी यह जिम्मेदारी होगी कि चुनावी घोषणा पत्र के अनुरूप ही कार्य किए जाएं। इससे पहले श्री गांधी को चुनावी घोषणा पत्र के संबंध में नेताप्रतिपक्ष श्री सिंहदेव ने विस्तृत जानकारी दी। गांधी को अवगत कराते नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि करीब छह माह तक राज्यभर के अलग-अलग जिलों में पहुंचकर आम  लोगों से चर्चा पश्चात चुनावी घोषणा पत्र को अमलीजामा पहनाया गया है। गांधी ने स्पष्ट तौर पर नेता प्रतिपक्ष से यह भी कहा कि वादों को पूरा करने के लिए धन की जरूरत को कैसा पूरा किया जाएगा इस पर भी जानकारी देने को कहा। श्री गांधी के कहे अनुसार नेताप्रतिपक्ष सिंहदेव ने बताया कि कोलब्लॉकों की नीलामी मात्र से ही राज्य सरकार को करोड़ों रुपए की आय होगी। जिससे बेरोजगारी की समस्या के साथ ही किसानों का कर्ज माफ, उच्च स्तरीय अस्पताल, कर्मचारी संगठनों की वेतन विसंगतियों को दूर किया जा सकेगा। श्री गांधी ने आला नेताओं की मौजूदगी में यह कहा कि कांग्रेस की सरकार आने की स्थिति में चुनाव घोषणा पत्र के आधार पर ही कार्य होंगे। चुनाव घोषणा पत्र में पंचायतों को धनाढ्य बनाने पर भी ध्यान दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष के मुताबिक अधिसूचित क्षेत्रों के पंचायतों को एक करोड़ तथा गैर अधिसूचित क्षेत्रों के पंचायतों को 70 लाख रुपए सालाना विकास कार्य के लिए दिए जाएंगे। राज्य सरकार  कर्जमाफी के लिए किसानों पर पूरा ध्यान देगी। कांग्रेस की चुनावी घोषणा पत्र को देखकर गांधी ने तारीफ की। 

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Posted Date : 10-Nov-2018
  • नांदगांव में पहली बार गांधी परिवार के सदस्य को देखने उमड़े लोग

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 10 नवंबर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की शुक्रवार देर शाम को हुए रोड़ शो में शहर की अंदरूनी सड़कें खचाखच भरी रही। कड़ी सुरक्षा के बीच गांधी ने सड़क के दोनों किनारे खड़े लोगों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। वहीं श्री गांधी को देखने के लिए सड़क में जनसैलाब उमड़ पड़ा। एसपीजी की सुरक्षा दायरे में रहकर गांधी ने करीब डेढ़ किमी की लंबी दूरी में लोगों को हाथ हिलाकर धन्यवाद दिया। वहीं सड़क में गांधी की एक झलक पाने के लिए लोग आपस में धक्का-मुक्की करते रहे। स्थानीय गुरूनानक द्वार से शुरू हुआ रोड़ शो गंज चौक में जाकर समाप्त हुआ। गांधी ने वहां एक छोटी सी जनसभा को भी संबोधित किया। गांधी के चेहरे में कांग्रेस सरकार बनने की खुशी साफ तौर पर दिख रही थी। गांधी कल डोंगरगढ़ और खैरागढ़ विधानसभा में जनसभा को संबोधित करने के बाद राजनांदगांव में विशेषतौर पर रोड-शो करने पहुंचे। यहां यह बता दें कि यह पहला मौका है, जब गांधी परिवार के किसी सदस्य ने राजनांदगांव की सड़कों को नापा। राजनांदगांव शहर के व्यापारिक मार्ग में गांधी ने करीब दो घंटे तक लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के क्षेत्र में गांधी ने जिस तरह से रोड-शो के जरिए लोगों को अपनी आकर्षित किया। उससे भाजपा भी सकते में है। हालांकि गांधी के रोड-शो के जवाब में आज देर शाम को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह साझा रोड-शो करेंगे। बताया जाता है कि गांधी की भीड़ को देखकर राजनीतिक पंडि़तों का समीकरण गड़बड़ा गया है। राजनांदगांव जिले के सभी छह सीटों के लिए गांधी ने दिन-रात का वक्त दिया। 
    गांधी ने बीएनसी मिल को दोबारा चालू करने का भरोसा देकर भाजपा के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। राजनांदगांव में उद्योग के मसले पर सवाल खड़ा करके गांधी ने राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा के लिए उलझन पैदा कर दी है। बीएनसी मिल का मामला आज भी भाजपा सरकार के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। कांग्रेस हमेशा से बीएनसी मिल बंद होने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन ङ्क्षसह पर केंद्रीय मंत्री रहते इस पर ध्यान नहीं देने का दोष मढ़ती रही है। राजनांदगांव जिला उद्योग के मामले में प्रदेश के दीगर जिलों से काफी पिछड़ा हुआ है। ऐसे में गांधी ने उद्योग के बहाने शिक्षित बेरोजगारों का नब्ज टटोलकर बीएनसी मिल को चालू करने का भरोसा दिया है। गांधी ने कांग्रेस सरकार आने पर बीएनसी मिल को अत्याधुनिक मशीनों से लैस कर प्रारंभ करने का वादा किया है। गांधी के रोड़ शो पर न सिर्फ कांग्रेसियों की, बल्कि गैर कांग्रेसियों की भी नजर रही। सियासी जगत में गांधी के रोड़ शो में उमड़ी भीड़ को देखकर विपक्षी दलों की नींद उड़ गई है।

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Posted Date : 10-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
     राजनांदगांव/रायपुर, 10 नवंबर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार की रात प्रदेश के नेताओं के साथ बैठक कर पार्टी की स्थिति का हाल जाना। पार्टी नेताओं ने उन्हें बताया कि पहले चरण की सीटों में कांग्रेस के पक्ष में माहौल है। दूसरे चरण की इस सीटों में भी  अच्छी स्थिति बनी है। 
    राजनांदगांव में कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती करूणा शुक्ला के पक्ष में रोड शो करने के बाद श्री गांधी ने एक होटल में पार्टी नेताओं के साथ चुनाव प्रचार को लेकर मंथन किया। इस मौके पर प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के साथ-साथ प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, चुनाव अभियान समिति के प्रमुख डॉ. चरणदास महंत और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय थे। 
    सूत्रों के मुताबिक बैठक में उन्होंने पहले चरण की 18 सीटों को लेकर चर्चा की। यहां शनिवार की शाम प्रचार खत्म हो रहा है। पार्टी नेताओं ने बताया कि पहले चरण की सीटों में कांग्रेस के पक्ष में अनुकूल माहौल है और पहले से ज्यादा सीटें मिलने की उम्मीद है। पहले चरण की 18 में से 12 सीट कांग्रेस के पास है। 
    श्री गांधी ने दूसरे चरण की सीटों को लेकर लंबी चर्चा की। पार्टी नेताओं ने उन्हें बताया कि दूसरे चरण की 72 सीटों में भी कांग्रेस अच्छी स्थिति में है और धीरे-धीरे माहौल बन रहा है। पार्टी नेताओं ने उनसे कहा कि जनता बदलाव चाहती है और इस बार प्रदेश में हर हाल में पार्टी की सरकार बनेगी। 

     

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Posted Date : 10-Nov-2018
  • कटेमा के बाशिंदे पगडंडियों से गुजरते पहुंचते हैं मतदान केन्द्र 

    राजनांदगांव, 10 नवंबर। दुर्गम पहाडिय़ों में घिरा  राजनांदगांव जिले के कटेमा के बाशिंदे लोकतांत्रिक सरकार को चुनने पगडंडियो के रास्ते करीब 14 किमी का पैदल सफर तय करते हैं। 
    महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमा में बसा यह गांव गोंड आदिवासी बाहुल्य है। डोंगरगढ़ विधानसभा के आखिरी छोर में स्थित इस गांव के लोग नई सरकार चुनने के लिए खासे उत्साहित हैं, लेकिन वोट देने के लिए गांव के महिलाओं और पुरूषों को तकरीबन 2 से 3 घंटे पैदल रास्ता तय कर घाघरा बूथ केंद्र में जाना पड़ता है। जिला मुख्यालय से लगभग 80 किमी दूर कटेमा घनघोर जंगल में स्थित है। नक्सलियों के उपद्रव और दहशत के कारण यह गांव विकास के मुख्यधारा से आज पर्यन्त कटा हुआ है। इसके बाद भी लोकतंत्र की गहरी समझ रखते हुए यहां के लोग वोट देने के लिए ललायित हैं। 
    घाघरा बूथ क्रमांक 39 में शामिल इस गांव में 65 मतदाता हैं। लछना पंचायत के अधीन यह गांव बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। हर बार विधानसभा चुनाव में गांव में बूथ केंद्र खोले जाने की मांग होती रही है, लेकिन लंबी दूरी होने के कारण प्रशासन बूथ खोलने के लिए हाथ खींच लेता है। चुनावी शोर-गुल से दूर इस गांव के मतदाता स्वविवेक मताधिकार के लिए घाघरा का सफर तय करते हैं। गांव के कार्तिक पटेल का कहना है कि वोट देने के लिए सुबह से घर से निकलना पड़ता है। घाघरा बूथ और कटेमा के बीच 14 किमी की दूरी में एक भी गांव नहीं है। 
    ऐसे में कटेमा के बाशिंदों को सामुहिक रूप से एक साथ वोट के लिए घाघरा का रूख करना पड़ता है। गांव के श्यामलाल बताते हैं कि वोट देने सुबह से घर से निकलने के बाद वापसी देर रात तक होती है। ग्राम पंचायत के सरपंच गणेशराम पटेल का कहना है कि   घाघरा में बूथ खोले जाने के कारण कटेमा के लोगों को हर चुनाव में परेशानी होती है। 
    प्रशासन को कई बार इस संबंध में जानकारी दी गई है। गोंड आदिवासी  बाहुल्य यह गांव हमेशा से पुलिस-नक्सल लड़ाई का शिकार होता रहा है। नक्सलियों के साथ-साथ पुलिस की ज्यादती भी गांव के लोगों के लिए तनाव का कारण रही है। आधी रात को पैरामिलिट्री फोर्स और नक्सलियों की अनचाही दस्तक को झेल रहा यह गांव प्रशासन की नासमझी से बुनियादी दिक्कतों को भुगत रहा है। 
    राज्य में अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को विकास का स्वाद चखाने का दावा करने वाली सरकारें इस गांव के लोगों के दर्द को अब तक समझ नहीं पाई है। वोट देने जैसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होना कटेमा के लोगों के नजरिए से तकलीफ भरा है। फिलहाल नई सरकार चुनने का सकारात्मक इरादा रखने वाले इस गांव के लोगों को उबड़-खाबड़ रास्तों से मताधिकार  का प्रयोग करने सफर तय करना पड़ रहा है।

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Posted Date : 10-Nov-2018
  • राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के दो दिनी चुनावी दौरे पर आए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को राजनांदगांव शहर में दो सम्प्रदायों के धार्मिक स्थलों में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। गांधी ने सतनामी समाज की पुरोधा मिनीमाता की प्रतिमा के समक्ष पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते माथा टेका। बाद में गांधी ने गुरूद्वारा पहुंचकर गुरूग्रंथ साहिब के दरबार में हाजिरी लगाई। इससे पहले गांधी का गुरूद्वारा कमेटी द्वारा स्वागत किया गया। गांधी को समाज की ओर से कृपाण भेंट की गई। मिनीमाता प्रतिमा में पुष्प अर्पित करने के दौरान समाज के लोगों ने छत्तीसगढ़ में उनकी योगदान को लेकर गांधी को विस्तृत जानकारी दी।

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Posted Date : 09-Nov-2018
  • रेवाडीह क्षेत्र में बीती रात की घटना

    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    राजनांदगांव, 9 नवंबर। शहर के रेवाडीह वार्ड में एक युवक ने मारपीट के मामले में गुस्से में आकर एक नौजवान की चाकू घोपकर हत्या कर दी। बताया जाता है कि मृतक ने घटना से एक दिन पहले आरोपी के बड़े भाई की जमकर धुनाई कर दी थी। इसी बात से नाराज होकर युवक ने जघन्य हत्या की घटना को अंजाम दिया। मामले की जानकारी देते लालबाग थाना प्रभारी केपी मरकाम ने बताया कि रेवाडीह वार्ड में बीती रात लगभग 9 बजे डोमेन्द्र यादव की चार लोगों ने मिलकर हत्या कर दी। इस वारदात में शामिल दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। जबकि दो फरार हैं। 
    पुलिस के अनुसार डोमेन्द्र यादव ने आरोपी मोनू उर्फ मोन्टू उर्फ टोमन पडौती के बड़े भाई की घटना से एक दिन पहले पिटाई कर दी थी। बताया जाता है कि मृतक के एक दोस्त की एक बहन के साथ आरोपी  के बड़े भाई के साथ प्रेम प्रसंग के मामले में विवाद हुआ था। मृतक ने इस मामले में मृतक के बड़े भाई की दोस्तों के साथ मिलकर धुनाई कर दी थी। यह खबर सुनने के बाद आरोपी ने कल देर शाम को अपने एक साथी दीपचंद यादव व दो अन्य के साथ मिलकर डोमेन्द्र की जमकर पिटाई की। बाद में चाकू घोपकर उसका कत्ल कर दिया। पुलिस ने बताया कि मामले में दो आरोपी अब भी फरार हैं। 

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Posted Date : 09-Nov-2018
  • कल शाह-रमन भी सड़क में झोंकेंगे ताकत

    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    राजनांदगांव, 10 अक्टूबर। पहले चरण के चुनाव के आखिरी दौर में राजनांदगांव की सभी छह सीटों के लिए मुख्य राजनीतिक दल भाजपा-कांग्रेस के मध्य मुकाबला दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की दिन-रात के दौरे के जवाब में भाजपा ने भी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कल 10 नवबंर को रोड-शो से सियासी ताकत झोंक दी है। राजनांदगांव के सभी छह सीट पर परपंरागत तौर पर भाजपा-कांग्रेस के बीच ही लड़ाई है।
     कांग्रेस आज राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की आज जिले में दो चुनावी सभा के साथ देर शाम को राजनांदगांव में रोड़-शो कर रही है। बताया जाता है कि कांग्रेस के सभी प्रत्याशी राजनांदगांव जिले में गांधी की बड़ी जनसभा के लिए प्रयासरत थे। कांग्रेस के सभी प्रत्याशियों ने प्रदेश के नेताओं के माध्यम से राष्ट्रीय नेताओं को गांधी के चुनावी दौरा कराने का दबाव बनाए हुए थे। बताया जाता है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और कई केंद्रीय नेताओं के ताबड़तोड़ दौरे से कांग्रेस खेमे में बैचेनी बढ़ गई थी।
     पहले दौर में कांग्रेस की तुलना में भाजपा ने स्टार प्रचारको को प्रचार में झोंककर अपने उम्मीदवारो का हौसला बढ़ाया। इसी के चलते गांधी की आज खैरागढ़, डोंगरगढ़ तथा राजनांदगांव में रोड़ शो कर कांग्रेस अपने पक्ष में माहौल बनाने कड़ी मेहनत करती दिख रही है। इधर कल भाजपा अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की राजनांदगांव में आयोजित मेगा रोड शो के जरिए मतदाताओं को लुभाने की कोशिश करेगी। बताया जाता है कि दोनों नेता दोपहर को राजनांदगांव के भीतरी मार्गो में तीन घंटे रोड़-शो करंेगे।
     कल प्रचार का आखिरी दिन होने की वजह से भाजपा अपनी राजनीतिक ताकत का शानदार प्रदर्शन करेगी। इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल त्यौहार के अवसर पर स्थानीय सामाजिक संगठनो और समाज प्रमुखो के साथ अलग-अलग मुलाकात की। बताया जाता है कि गैर राजनीतिक संगठनो के बीच रहकर मुख्यमंत्री ने भाजपा के पक्ष में समर्थन मांगा। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कल देर रात तक सभी तबके से भेंट की। मुख्यमंत्री आज सुबह रायपुर रवाना हुए। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जगदलपुर में सभा के बाद मुख्यमंत्री आज देर शाम को फिर राजनांदगांव पहुंचेगें।

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Posted Date : 09-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 09 नवंबर। शहर एवं अंचल में दीपावली पर्व परंपरागत रूप से मनाया गया। मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना के लिए घर-आंगन जगमग रहा। बच्चों समेत अन्य लोगों में दिवाली पर्व को लेकर जबर्दस्त उत्साह दिखाई दिया। लोगों ने खुशहाली के लिए घर-घर दीये जलाए। शुभ मुहूर्त पर व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी मां लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना की गई। शाम होते ही घर और आंगन में कतारबद्ध दीये प्रज्जवलित किए गए। इसके अलावा कृत्रिम रौशनी से भी घरों को आकर्षक रूप दिया गया। इसके बाद  पटाखों की गंूज पूरे क्षेत्र में सुनाई दी।
    दिवाली पर्व पर घरों में जहां उत्साह का माहौल रहा। वहीं पटाखों को जलाने बच्चों समेत युवतियों में भी उत्साह दिखाई दिया। पर्व को लेकर लोगों ने घरों में पूजा-अर्चना करने के पश्चात मंदिरों में पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली की कामना की। इधर अंचल में भी किसानों ने भी पर्व को लेकर पूरी तैयारी की थी। घरों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के साथ ही खेतों में भी पूजा-अर्चना की। 
    दिवाली के अवसर पर बच्चों के साथ परिवार वालों ने भरपूर पटाखे का आनंद उठाया। मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए घर के द्वारों में खूबसूरत व नए रंगोली बनाए गए। महिलाएं-युवतियों ने रंगोली के जरिए मां लक्ष्मी का स्वागत करने के लिए पूरी तैयारी की। घरों में पूजा-अर्चना के दौरान मां लक्ष्मी की कृपा के लिए सामुहिक प्रार्थना की गई। पटाखों की गंूज से हर गली-मोहल्लों में शोरगुल आधी रात तक रहा। पटाखों के बाजार में भी इस बार काफी चहल-पहल रही। बच्चों के लिए परिवार वालों ने चकरी, अनारदाना, बुलेट बम सहित छोटे-आकार के पटाखों को खरीदा। पिछले कुछ सालों में पटाखों के प्रति हर किसी का रूझान बढ़ा है।
    बाजार में लक्ष्मी पूजा के दिन काफी गहमा-गहमी रही। मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना के लिए उपयोगी सामग्रियों की खरीदी की गई। शाम को सामुहिक रूप से घरों में मां लक्ष्मी की आराधना की गई। घरों में दिवाली के लिए स्वादिष्ट व्यंजन भी बनाए गए। मिठाईयों की हर घर में तरह-तरह का प्रकार देखा गया। विभिन्न मिठाईयों का स्वाद लेकर एक-दूसरे को दिवाली पर्व की शुभकामनाएं दी गई। इस बीच शहर के अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। आदतन अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने पहले से ही धर-पकड़ अभियान छेड़ रखा था। नतीजतन शहर में बदमाशों पर पुलिस ने पूरी तरह से शिकंजा कस दिया था। दिवाली के धूम-धड़ाके के बीच गौरा-गौरी की पूजा-अर्चना एवं विसर्जन का माहौल बना रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में गौरा-गौरी की पूजा-अर्चना के लिए पूरा गांव जुटा। लक्ष्मी पूजा के दूसरे दिन दिवाली पर खानपान में लोग मस्त रहे। लजीजदार भोजन में एक-दूसरे को आमंत्रित किया गया। गैर हिन्दू लोगों को घरों में आमंत्रित कर  स्वागत सत्कार में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। दिवाली पर पारंपरिक रूप से खीर-पुड़ी के साथ-साथ अन्य मिठाईयों को परोसा गया। आनंद पूर्वक त्यौहार मनाकर  लोगों ने मिशाल पेश की।
    दिवाली पर बिखरी खुशियां परिवार वालों की मौजूदगी से दोगुनी हो गई। त्यौहार के मद्देनजर घरों में ही मनोरंजन के साधन जुटाए गए। परिवार वालों के साथ पूरा वक्त देकर लोगों ने इस त्यौहार का भरपूर मजा लिया। समय व्यतीत करने के लिए सामूहिक गीत-संगीत का कार्यक्रम भी रखा गया। कल दिनभर घरों में आगंतुकों के आने-जाने का दौर चलता रहा।
    मड़ई-मेले का दौर आज से शुरू
    दिवाली पर्व की समाप्ति के बाद आज से मड़ई मेले का दौर शुरू हो गया। मडई-मेले को परंपरागत रूप से हर गांव में मनाया जाता है। तकरीबन 3 महीने तक पूरे क्षेत्र में मड़ई और मेले का सिलसिला चलता रहेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में मड़ई-मेले को काफी महत्व दिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि मड़ई-मेले में पारिवारिक वातावरण के बीच गांव के लोग एक-दूसरे से आत्मीय संबंध बढ़ाने के उद्देश्य से पहुंचते हैं। यही वजह है कि गांव में मड़ई मेले का अब भी महत्व बरकरार है।

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Posted Date : 06-Nov-2018
  • राजनांदगांव, 06 नवंबर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का आगमन सांस्कारधानी नगरी में 10 नवंबर को होने जा रहा है। जिला भाजपा अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, विधानसभा प्रभारी रमेश पटेल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान के अंतिम दौर मे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 10 नवंबर को दोपहर 2 बजे शहर में आयोजित विशाल रोड़ शो का नेतृत्व करेंगे। कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कवर्धा, 6 नवम्बर। विधानसभा निर्वाचन 2018 की आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने पर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अवनीश कुमार शरण ने रोहित चंद्राकर सेल्समेन सेवा सहकारी समिति महली विकासखण्ड पंडरिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
     नोटिस में कहा गया है कि 6 अक्टूबर 2018 से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है, जिसकी विधिवत सूचना सभी कार्यालयों को प्रेषित की गई है। आप के द्वारा वाट्सअप ग्रुप के माध्यम से एग्री एलाईड वाट्सअप ग्रुप में ' वक्त है बदलाव का Ó वृहस्पत सिंह कांग्रेस प्रत्याशी रामानुगंज विधानसभा द्वारा जारी फोटो युक्त अपील का प्रचार करके आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन किया गया है। 
    इस कृत्य के लिए क्यों न लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत आप के विरूद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। इस संबंध में कारण बताओं नोटिस का प्रति उत्तर लौटती डाक से भेजना सुनिश्चित करें, संतोषप्रद जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में एक पक्षीय कार्यवाही की जाएगी। 

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Posted Date : 06-Nov-2018
  • राजनांदगांव, 6 नवंबर। गोटाटोला, मोहला, मानपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी कंचन माला के समर्थन मे केन्द्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति इरानी ने छात्रावास मैदान में पार्टी द्वारा आयोजित एक महती जनसभा को संबोधित करते कहा कि जिन लोगों ने कई वर्षों से राज किया, खुब लूटा, खाया, घोटाले किए, घपले किए, ऐसे कांग्रेस के लोग फिर से आपके मध्य वोट मांगने के लिए आ रहे हैं। अब निर्णय इस प्रदेश के आवाम को करना है कि उन्हें विकास करने वाली किसान, मजदूर, आम लोगों को राहत पहुंचाने वाली भाजपा सरकार चाहिए या फिर घपले, घोटालों मे आकंठ डूबे रहने वाले लोगों की सरकार चाहिए।
    मीडिया सेल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार गोटाटोला की भीड़ भरी ऐतिहासिक हजारो की जनसभा मे स्मृति इरानी ने कांग्रेस के दावे को खोखला बताते कहा कि जिन लोगो ने अपने लंबे शासनकाल में देश, प्रदेश, क्षेत्र के लोगो को सड़क जैसी मुलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं करा सके ऐसे लोग आज भाजपा सरकार द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों से बौखला गए हंै। उन्होंने कहा कि देश में एक दौर था कि बेटी पैदा होना अभिशाप माना जाता था, परन्तु केन्द्र में बैठी मोदी सरकार एवं रमन सरकार ने ऐसी नीतियां बनाई की, अब बेटी पैदा होते ही लखपति हो जाती है। उसके हाथ पीले करने की चिंता और क्रियान्वयन करने के लिए नोनी सुरक्षा योजना प्रारंभ की गई है। गरीब परिवार के बच्चों को स्वयं का व्यापार खड़ा करने के लिए मुद्रा लोन लाया गया। लोगो को पक्के मकान बनाकर दिए जा रहे हंै। उज्जवला गैस योजना के माध्यम से महिलाओं की दिनचर्या बदल गई है। किसानों, मजदूरों एवं आम लोंगों के लिए दर्जनों ऐसी योजनाएं प्रारंभ कि गई जिनका लाभ लाखों मजदूर, किसानों को मिल रहा है। विकास के इस नई युग से कांग्रेसी भयभीत एवं चिंतित हैं, उन्हें मालूम है कि अब उन्हें काई वोट देने वाला नहीं है। पूरा देश अब कांग्रेस मुक्त भारत की ओर बढ़ रहा है। मैं क्षेत्र के लोगों से अपील करती हूं कि मोहला, मानपुर विधानसभा क्षेत्र के विकास की गाड़ी को आगे बढ़ाने के लिए कंचन माला को कमल निशान पर वोट देकर विजयी बनाए।

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Posted Date : 05-Nov-2018
  • नागपुर से मजदूरी कर लौट रही थी

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 5 अक्टूबर। दीवाली मनाने के लिए बेटे के साथ घर लौट रही एक महिला की सड़क हादसे में मौत हो गई। मोटरसाईकिल में सवार महिला अपने बेटे के साथ नागपुर से बालोद जा रही थी। मिली जानकारी के अनुसार प्रभा सोनकर नामक महिला अपने बेटे जयप्रकाश सोनकर के साथ नागपुर से अपने गांव बालोद के अछोली जा रही थी। शहर के पेन्ड्री तिराहे में टे्रलर से घरेलू सामान भरा बैग अचानक फंस गया। बताया जाता है कि तिराहे में स्थित ब्रेकर में ट्रेलर और मोटरसाईकिल दोनो आसपास थे, इसी बीच मोटरसाईकिल के हैडिंल में रखा बैग ट्रेलर में फंस गया। जिसके चलते हैडि़ल मुडकर सीधे ट्रेलर के पिछले पहिए में जा घुसी। पीछे बैठी महिला का सिर सीधे पहिए में आ गया। बताया जाता है कि महिला के बेटे को मामलूी खरोचें आई है। दीवाली त्यौहार के लिए मां -बेटे मोटरसाईकिल से नागपुर से आज सुबह निकले थे। इसी दौरान यह हादसा हो गया। 

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