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Posted Date : 19-Jan-2019
  • निर्माण कार्यों का मेयर-आयुक्त ने किया निरीक्षण

    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    राजनांदगांव, 19 जनवरी। महापौर मधुसूदन यादव ने शुक्रवार को नगर निगम आयुक्त अश्वनी देवांगन के साथ शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय में चल रहे महाविद्यालय जीर्णोद्धार कार्य एवं कांफ्रेन्स हाल निर्माण कार्य का निरीक्षण कर कार्यपालन अभियंता दीपक जोशी से कार्य के संबंध में जानकारी ली। कार्यपालन अभियंता श्री जोशी ने बताया कि लगभग 80 लाख रुपए की लागत से महाविद्यालय मेें कमरों सहित पुराने कांफ्रेस हाल के अलावा सामने व पीछे के द्वार का मरम्मत कार्य किया जा रहा है। जिसमें प्लास्टर कर टाईल्स लगाने के अलावा रंग-रोगन के तहत सफेद रंग किया जाएगा तथा उसके नक्काशियों को रजत कलर से उभारा जाएगा। जिससे महाविद्यालय एक सफेद महल के रूप में दिखाई देगा। इसके अलावा लगभग 60 लाख रुपए की लागत से सर्वसुविधायुक्त कांफ्रेस हाल का निर्माण किया जा रहा है। महापौर श्री यादव ने कहा कि कार्य में तेजी लाए एवं दोनों द्वारों के जीर्णोद्धार कार्य सावधानीपूर्वक करें। जिससे द्वार की नक्काशी प्रभावित न हो और उसे उभारने का कार्य करें। 
    इसके अलावा कांफ्रेस हाल निर्माण कार्य में तेजी लाकर कार्य अतिशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।
     इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. आरएन सिंग, सहायक अभियंता कामना ङ्क्षसह यादव व वाईपी अजमानी, उप अभियंता दीपक महला सहित तकनीकि अमला उपस्थित था।

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Posted Date : 19-Jan-2019
  • 15 दलों ने की 500 विद्युत कनेक्शनों की वनांचल में जांच

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 19 जनवरी। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के संभाग स्तरीय गठित 15 जांच टीमों द्वारा वनांचल मानपुर, खडग़ांव, सड़क चिरचारी एवं शिकारीमहका के सभी चौक-चौराहों में स्थित शासकीय भवनो, होटलों, दुकानों एवं मकानों के 500 विद्युत कनेक्शनों की सरप्राइस जांच किया गया। इस औचक जांच में 68 विद्युत कनेक्शनों पर गंभीर अनियमितताएं पाई गई। 
    इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर की गई कार्रवाई में सभी प्रकरणों पर जुर्माना लगाया गया है। इन ग्रामों में बकायादार उपभोक्ताओं से 1.50 लाख रुपए की बकाया राशि भी वसूल की गई।
    पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा राजनांदगांव जिले में बकाया राजस्व वसूली एवं सरप्राइस चेकिंग के लिए विद्युतकर्मियों की टीम बनाकर निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। जांच दलों द्वारा जिले के सभी विकासखंडों व मुख्यालयों के प्रमुख चौक-चौराहों में स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, होटलों, दुकानों एवं मकानों के विद्युत कनेक्शनों में अनुबंाधित भार के अनुरूप विद्युत लोड, खपत की जानकारी, पूर्व में किए गए विद्युत देयको का विवरण सहित वर्तमान मीटर वाचन, सर्विस कनेक्शनों का विस्तृत निरीक्षण किया जा रहा है। 
    इस दौरान बिजली चोरी संबंधित प्रकरणों पर सख्त कार्रवाई कर उन्हें रोकने की कवायद भी की जा रही है। इस जांच के संदर्भ में कार्यपालन अभियंताद्वय एस. कंवर एवं एनके सक्सेना ने बताया कि मानपुर, खडग़ांव, सड़क चिरचारी एवं शिकारीमहका में सहायक अभियंता एवं कनिष्ठ अभियंता स्तर के अधिकारियों की टीम द्वारा सभी चौक-चौराहों में स्थित शासकीय भवनो, होटलों, दुकानों एवं मकानों के विद्युत कनेक्शनों की सघन जांच की गई। जिसमें कुल 500 विद्युत कनेक्शनों की जांच में 25 कनेक्शनों पर अतिरिक्त लोड, 22 कनेक्शनों के मीटरों में गड़बडियां, 3 कनेक्शन पर बिजली चोरी सहित कम रीडिंग एवं अन्य गड़बडिय़ां पाई गई, जिस पर जांच टीमों ने त्वरित कार्रवाई कर जुर्माना लगाया है। 
    वहीं मौके पर उपस्थित 18 उपभोक्ताओं द्वारा जांच स्थल पर आवेदन प्रस्तुत कर अपने अनुबंधित विद्युत भारों को खपत के अनुसार अपग्रेड कराने की प्रक्रिया पूर्ण की गई। इन ग्रामों में की गई जांच में कई घरेलू कनेक्शनों में गैर घरेलू उपयोग भी पाए गए, जिन पर भी जुर्माना लगाया गया है। इस जांच के दौरान बकायदार उपभोक्ताओं से 1.50 लाख रुपए की बकाया राशि भी वसूल की गई है।

     

     

     

     

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Posted Date : 19-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 19 जनवरी। वनांचल अंबागढ़ चौकी इलाके में एक सरकारी योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। खादी ग्राम योजना के तहत हितग्राहियों के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में जिला पंचायत सदस्य खगेश ठाकुर के देवर समेत अन्य तीन को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। मामला करीब दो साल पुराना है। 
    13 अक्टूबर 2017 को जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ठाकुर के देवर गौतम सुखदेवे, भाव सिंह, नाथूराम तथा अंबागढ़ चौकी भाजपा के महामंत्री गौरीशंकर गुरले के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज हुआ था। बताया गया है कि खादी ग्राम योजना के तहत कौड़ूटोला, चिखली व अन्य गांव के ग्रामीणों से योजना के अंतर्गत लोन दिलाने के नाम पर तीनों ने फर्जीवाड़ा किया और हितग्राही ग्रामीणों के खाते से राशि का आहरण कर लिया। 
    बताया गया है कि चार साल बाद जब बैंक की ओर से वसूली के लिए नोटिस जारी हुआ, तब हितग्राहियों को अपने साथ हुए ठगी का अहसास हुआ। इस मामले में ग्रामीणों ने अंबागढ़ चौकी पुलिस से तीनों के विरुद्ध लिखित में शिकायत की थी। हालांकि पुलिस ने सुस्त चाल चलते हुए दो साल बाद आरोपियों को हिरासत में लिया है। बताया जाता है कि खादी ग्राम उद्योग योजना के अंतर्गत देना बैंक-पंजाब नेशनल बैंक से कई लोगों के नाम लोन जारी किया गया था।  जब बैंक की ओर से हितग्राहियों से रकम वापसी के लिए दबाव बनाते नोटिस जारी किया गया, तब इस मामले का खुलासा हुआ। इस बीच हितग्राहियों ने बताया कि लंबे समय से इस योजना के तहत लाभ दिलाने के लिए एक गिरोह सक्रिय रहा। 2011-12 में अंबागढ़ चौकी क्षेत्र के कई गांव के ग्रामीणों से संपर्क कर आरोपियों ने आसानी से लोन दिलाने का वादा किया। माना जा रहा है कि ग्रामीण हितग्राहियों के भोलेपन का फायदा उठाते आवेदन एवं अन्य दस्तावेज में हस्ताक्षर करा लिए गए। 
    लोन जारी होने के बाद हितग्राहियों की जानकारी के बगैर रकम भी आहरित कर ली गई। यद्यपि इस मामले में बैंक प्रबंधन भी संदेह के दायरे में है। सवाल यह उठ रहा है कि बैंक की ओर से हितग्राहियों की गैरमौजूदगी के बावजूद कैसे रकम दे दी गई। थाना प्रभारी प्रदीप सोरी ने बताया कि आरोपियों के नाम शिकायत हुई थी। इस मामले में जल्द कुछ और लोगों की मिलीभगत का पर्दाफाश किया जाएगा।

     

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Posted Date : 19-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    राजनांदगांव, 19 जनवरी। ग्राम सिंघोला में झोपड़ी में रह रहे परिवार का पीएम आवास सूची से नाम कटने और इस परिवार के युवक की बाहर सोनेे से ठंड से मौत की खबर पर स्थानीय जनपद कार्यालय ने संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना रायपुर को स्पष्टीकरण देते कहा है कि गुमान नामक उक्त युवक का स्वास्थ्य एक दो वर्ष से खराब था और बिस्तर पर ही रहता था। उसके पिता दसरू राम यादव इस गांव के निवासी नहीं थे। उसका स्थायी निवास अन्यत्र है। वह घर जमाई है और पिछले 4 साल से बेजा कब्जा कर झोपड़ी में रह रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना की सर्वे सूची 2011 में इस परिवार के किसी सदस्य का नाम नहीं है।
    समाचार में जिस गिरधर निषाद का जिक्र किया गया है, पीएम सर्वे सूची 2011 में उसके नाम से एक कच्चा आवास होना दर्ज है जिसे  ग्राम सभा ने पूर्व में इंदिरा आवास योजना का लाभान्वित होने के कारण अपात्र घोषित किया गया है।
    ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ ने कल 18 जनवरी के अंक में झोपड़ी में रह रहे परिवार का नाम पीएम आवास सूची से कटा,  बाहर सोते युवक की ठंड से मौत, शीर्षक से  प्रमुखता से प्रकाशित किया था। 

     

     

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Posted Date : 18-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    राजनांदगांव, 18 जनवरी। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक संजय पटेल ने राजनांदगांव एवं कवर्धा जिले के विभागीय संभाग यथा डोंगरगांव, डोंगरगढ़, खैरागढ़, राजनांदगांव, कवर्धा एवं पंडरिया में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभागीय कार्यों के संपादन में तेजी लाने के दिशा-निर्देश दिए हैं।
    उन्होंने कार्यालयीन समयावधि पर ऑफिस मे उपस्थित नहीं होने वाले एवं कार्य के प्रति उदासीनता बरतने वाले विद्युतकर्मियों के विरूद्ध कड़े अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं। इसी तारतम्य में डोंगरगांव संभाग के कार्यालय सहायक श्रेणी तीन को विभागीय कार्यों में घोर लापरवाही बरतने पर कार्यपालन अभियंता ने निलंबित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा राजनांदगांव एवं कवर्धा जिले में बकाया राजस्व वसूली के लिए वृहद पैमाने पर निरंतर सघन अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्य के उत्तरोत्तर प्रगति के लिए सभी जोन कार्यालय, उपसंभाग कार्यालय एवं वितरण केन्द्रों में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा दोनों जिलों में निर्बाध विद्युत सप्लाई सुनिश्चित करने हेतु सभी उपकेन्द्रों में लाईनकर्मियों तथा मैदानी कार्यालयों, संभागीय कार्यालयो, वृत कार्यालयो में विभागीय कार्यो के संपादन के लिए कार्यालय सहायक श्रेणी एक, दो, तीन एवं अनुभाग अधिकारी स्तर के विद्युतकर्मियों को तैनात किया गया है। विगत कुछ अर्से से उपरोक्त कार्योलयों में पदस्थ विद्युत कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरतने के शिकायतों के संज्ञान में आने के बाद ईडी श्री पटेल ने उदासीनता बरतने वालों के विरूद्ध कड़े अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश प्रसारित किए हैं।

     

     

     

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Posted Date : 18-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    राजनांदगांव, 18 जनवरी। राजनांदगांव पुलिस फोर्स और नक्सलियों के बीच आजसुबह मुठभेड़ हुई।  मुठभेड़ में किसी के हताहत नही होने की सूचना है।   जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली बालाघाट सीमा की ओर भाग गए। 
     एसपी कमलोचन कश्यप ने बताया कि मुठभेड़ के बाद भारी मात्रा में सामान मिले है। पुलिस नक्सलियों की जंगल में तलाश कर रही है। बताया जाता है कि भावे के जंगल में आज सुबह एसटीएफ, आईटीबीपी और जिला पुलिस जवान की संयुक्त टुकड़ी गश्त में निकली। इसी बीच सुबह करीब 8 बजे के आसपास टाडा दलम के नक्सलियों ने फोर्स को देखते गोलीबारी शुरू कर दी। बताया जाता है कि मुठभेड़ से पूर्व नक्सली घटनास्थल पर खाना पका रहे थे। 
    बताया जाता है कि मुठभेड़ में हार्डकोर नक्सली जमुना भी शामिल थी। वारदात के बाद नक्सली सीमावर्ती बालाघाट जिले के अंदरूनी इलाके की ओर फरार हो गए। पुलिस को आधा दर्जन पिठ्ठू, पाईप बम समेत अन्य दैनिक सामान मिले है।

     

     

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Posted Date : 18-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    राजनांदगांव, 18 जनवरी। राज्य एंटी करप्शन ब्यूरो  की एक टीम ने शुक्रवार को कवर्धा स्थित जिला कार्यालय के अंत्यावसायी वित्त विकास निगम में दबिश देकर प्रभारी सीईओ को रंगे हाथ घूस लेते गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि प्रभारी सीईओ द्वारा एक बैगा आदिवासी से योजना का लाभ दिलाने के एवज में उक्त रकम की मांग की गई थी। 

    मिली जानकारी के मुताबिक एसीबी के डीएसपी  शोएब खान के नेतृत्व में अंत्यावसायी वित्त विकास निगम के प्रभारी सीईओ दीपक नामदेव को कामू बैगा से 20 हजार की नगद रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। डीएसपी खान के मुताबिक शहीद वीर नारायण स्वावलंबन योजना के तहत हितग्राही कामू बैगा को दो लाख रुपए शासन द्वारा मिले थे। जिसमें एक लाख रुपए की राशि शेष थी। इसी राशि के लिए हितग्राही से प्रभारी सीईओ ने 50 हजार रुपए देने की मांग की। बाद में दोनों के बीच 20 हजार रुपए देने पर सहमति बनी। पीडि़त हितग्राही ने इसकी शिकायत एसीबी से की थी।   आरोपी से एसीबी द्वारा पूछताछ की जा रही है। 

     

    झोपड़ी में रह रहे परिवार का नाम
    पीएम आवास सूची से नाम कटा 

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Posted Date : 18-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    राजनांदगांव, 18 जनवरी। ग्रामीणों और परिजनों की मानें तो झोपड़ी में जगह नहीं  होने से सप्ताह भर से बाहर सो रहे युवक की ठंड से मौत हो गई। घटना सिंघोला गांव की है। परिवार इतना गरीब कि अंतिम संस्कार चंदा कर किया गया। मृतक परिवार का कहना है कि पीएम आवास की सूची में नाम होने के बावजूद  प्रशासनिक लापरवाही के कारण मकान नसीब नही हुआ और बाहर सोने से  बेटे की जान चली गई।  इस संबंध में  कलेक्टर भीम सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच कराएंगे।  शिकायत अब तक उन तक नहीं पहुंची है।
    गुमान यादव (22 वर्ष) नामक युवक अपने पिता दशरूराम यादव और मां पेमिनबाई के साथ झोपड़ी में रह रहा था। कुछ माह पहले  पिता का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में दर्ज किया गया।   इसके बाद दूसरी नई सूची में दशरू का नाम गायब हो गया। इसी बीच परिवार को कड़ाके की सर्दी में झोपड़ी में रहना पड़ा। हाल ही के दिनों में पड़ रही  ठंड से  परिवार का जीना मुहाल हो गया। वहीं झोपड़ी में जगह नहीं होने की वजह से  गुमान करीब सप्ताहभर से बाहर सो रहा था। इसी बीच सर्द मौसम के असर से गुमान की तबीयत बिगड़ती गई। और आखिरकार ठंड से  उसकी मौत हो गई। 
     पिता दशरूराम का आरोप है कि पीएम आवास तय समय पर मिल जाता तो बेटे की जान बच जाती। मिली जानकारी के अनुसार सर्वे में नाम होने के बाद भी दशरू को मकान नहीं मिला। वही एक और ग्रामीण गिरधर निषाद भी  सूची में हुए हेरफेर से प्रभावित हुआ है। 
    इधर  दशरू की माली हालत को देखते हुए गांव की कर्मा महिला समूह ने  दाह-संस्कार कराया। समूह की अध्यक्ष श्रीमती तारा साहू ने बताया कि सर्वे में नाम होने के बाद भी परिवार को योजना का लाभ नही मिला। मकान के अभाव में बेटे की मौत ठंड के कारण हुई। समूह  ने प्रशासन की  इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हंै।  दशरू और उसकी पत्नी आज भी झोपड़ी में रहने विवश है। 

     

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Posted Date : 17-Jan-2019
  • राजनांदगांव, 17 जनवरी। पूर्व सांसद करूणा शुक्ला ने बीते दिनों आयोजित मानस सम्मेलन मे विभिन्न ग्रामो में शामिल हुई। श्रीमती शुक्ला ने मां भानेश्वरी मंदिर प्रांगण ग्राम सिंघोला में पूजा-अर्चना कर ग्राम रानीतराई, आलीखुटा, धामनसरा, सुरगी, कोटराभांठा एवं मोखला के मानस सम्मेलन में शामिल हुई। आयोजक समिति द्वारा श्रीमती शुक्ला एवं कुलबीर सिंह छाबड़ा को पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान श्रीमती शुक्ला व श्री छाबड़ा ने मानस मंच के माध्यम से सभा को संबोधित करते आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर श्रीकिशन खंडेलवाल, कुलबीर सिंह छाबड़ा, गणेश्वर चंद्राकर, तुकज साहू, मोतीलाल साहू, अजय मारकंडे, भोजराम साहू, योगेंद्र वैष्णव, रोशन साहू, महेश्वर साहू, रूपदास साहू, दिलीप चंद्राकर, गिरधर निषाद, कुलेश्वर साहू, देवेंद्र साहू, दुर्योधन साहू, हेमंत साहू, महेश दिवाकर, भूषण साहू एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे। उक्त जानकारी जिला कांग्रेस सचिव तुकज साहू ने दी।

     

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Posted Date : 17-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 16 जनवरी। राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में कार्यरत स्टॉफ नर्स और स्वास्थ्यकर्मी बिना सुरक्षा काम कर रहे हैं। प्रशासन की आंख के नीचे रोजाना मरीजों के परिजन मेडिकल कारणों की समझ के बगैर सीधे मुख्य रूप से स्टॉफ नर्सों से न सिर्फ बदतमीजी कर रहे हैं बल्कि गाली-गलौज पर आमादा हो रहे हंै। 
    बीती रात  एक गर्भवती महिला मालती साहू के पति विनय साहू ने प्रसूति वार्ड में मौजूद आधा दर्जन स्टॉफ नर्सो के साथ बदसलूकी की। बताया जाता है कि प्रसूति की कोशिश में जुटी नर्सों को पति ने यह कहकर धमकाया कि बिना देरी किए तत्काल डिलवरी नहीं होने पर विवाद हो सकता है। बताया जाता है कि पति को स्वास्थ्य कर्मियों ने कई तकनीकी कारणों का हवाला देकर प्रसूति नहीं होने की जानकारी दी। इसके बाद भी वह आवेश में आकर गाली देने लगा। 
    बताया जाता है कि वार्ड की रूपम तिग्गा, पुष्पा सार्वा, लक्ष्मी निधि तथा कविता मंडावी नामक स्टॉफ नर्सो के साथ दुव्र्यवहार किया गया। पति के उपद्रव को देखते हुए स्टॉफ नर्सो ने पूरे मामले की जानकारी स्वास्थ्य संघ के पदाधिकारियों को दी। इसके संघ के उपप्रांताध्यक्ष पीसी जेम्स और संतोष शर्मा अस्पताल में पहुंचे। संघ के साथ मिलकर पीडि़त नर्सो ने बाहर आकर नारेबाजी शुरू कर दी। 
    इस घटनाक्रम की जानकारी जैसे ही मेडिकल प्रबंधन को लगी प्रशासन को रिपोर्ट देेने के बाद तहसीलदार वस्तुस्थिति से अवगत हुए। बताया जाता है कि कर्मियों ने रोजाना बढ़ते ऐसी घटनाओं पर तत्काल अंकुश लगाने की मांग की। वही रात्रिकालीन कार्यरत स्टॉफ नर्सो को सुरक्षा देने की संघ की ओर से मांग की गई। बताया जाता है कि तकनीकी जानकारी की समझ नहीं रखने के बाद भी परिजन रोज उत्पात मचा रहे हैं। वहीं नर्सों के साथ ठोस कारण के बगैर उलझते रहे हैं। नारेबाजी की वजह से अस्पताल में देर रात तक हंगामे की स्थिति रही। बताया जाता है कि पीडि़त नर्सों ने गर्भवती महिला के पति के विरूद्ध लिखित में शिकायत की है।
    पुलिस चौकी प्रभारी-आरक्षक के खिलाफ भी शिकायत
    लचर सुरक्षा को लेकर संघ ने अस्पताल पुलिस चौकी की कार्यप्रणाली पर भी अफसरों के समक्ष शिकायत का पिटारा खोल दिया। संघ का आरोप है कि प्रभारी ठगिया चंद्रवंशी और आरक्षक अमित समुंद्रे की कार्यशैली विवादित है। दोनों पर आरोप लगाते संघ ने जल्द से जल्द चौकी में फेरबदल करने की मांग की। संघ का कहना है कि दोनों स्वास्थ्य कर्मियों का साथ देने के बजाए झगड़ाले किस्म के लोगों के पक्ष में खड़े नजर आते हंै। इस बीच संघ ने चौकी के संबंध में लिखित शिकायत की है।
    जूनियर डॉक्टर रहते हैं गैरहाजिर
    अस्पताल में हुए हंगामे के बीच स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रबंधन की खामियों को लेकर अफसरों को पूरी जानकारी दी। बताया जाता है कि वार्डो में ज्यादातर जूनियर डॉक्टर गैरहाजिर रहते है। नियमत: जेआर (जूनियर रेसीडेंस) को रात में तय वार्डो में सेवाएं दी पड़ती है। लंबे समय से जेआर बिना किसी को बताए वार्डों से नदारद रहते हैं। नर्सों का कहना है कि जेआर नहीं होने से मरीजों को यह समझाने में दिक्कत होती है कि नर्स भी उपचार करने में दक्ष होती हैं। लेकिन मरीजों को चिकित्सकों की उपस्थिति से ही फायदा होने की उम्मीद होती है। यही कारण है कि जेआर के गायब होने का खामियाजा नर्सों को भुगतना पड़ता है।

     

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Posted Date : 17-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    राजनांदगांव, 17 जनवरी। नवविवाहित संगीता सोनकर की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत में मामले में डोंगरगांव पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार में है। बताया जाता है कि छह माह पूर्व अर्जुनी के राकेश सोनकर के साथ विवाह के डोर में बंधी संगीता की मौत को रिश्तेदारो ने हत्या निरूपित किया है। संगीता के गले में जहां रस्सी से गला घोटने के निशान दिख रहे है। वही हाथ की ऊंगलियो को जलाया गया है। इस पूरे मामले में मृतिका के भाई ने ससुराल वालो पर दहेज देने के नाम पर प्रताडि़त करने व हत्या करने का आरोप लगाया है। बताया जाता है कि संगीता सोनकर महज 27 साल की थी।
     विवाह के बाद से उसके पति और बड़ी बहनो की ओर से तंग किया जा रहा था। पुलिस ने संदेहास्पद मौत होने की प्रांरभिक जांच करते मृतिका के घर के कमरे और अन्य सामानो को सील कर दिया है। थाना प्रभारी गिरीश तिवारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वस्तुस्थिति का पता चलेगा। बताया जाता है कि पुलिस ने आरोपी ससुराल पक्ष के संबंध में जानकारी ली है। 
    मृतिका के भाई कुलेश्वर सोनकर ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए एसपी से भी न्याय की गुहार लगाई है।

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Posted Date : 17-Jan-2019
  • 71 की काटी बिजली, 122 कनेक्शनों की जांच

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 17 जनवरी। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा शहर में बकायेदार उपभोक्ताओं से बकाया राजस्व वसूली के लिए वृहद पैमाने पर सघन अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार को दिनभर हुई हुई कार्रवाई में शहर के 10 हजार से से अधिक बकाया राशि वाले बकायादार उपभोक्ताओं से 16 लाख 16 हजार रुपए की बकाया राशि वसूल कर ली गई है। साथ ही बकाया राशि भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के विद्युत सप्लाई काटी गई है। पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी राजनांदगांव द्वारा गठित टीमों ने सुबह शहर के 122 बकायादार उपभोक्ताओं के कनेक्शनों की जांच की। इस दौरान 38 बकायादार उपभोक्ताओं ने मौके पर ही 16 लाख 16 हजार का भुगतान कर दिया तथा 71 उपभोक्ताओं द्वारा भुगतान नहीं करने पर उनके विद्युत कनेक्शन काट दिए गए हैं। 
    राजनांदगांव संभाग कार्यपालन अभियंता व्हीआरके  मुर्ति ने बताया कि विद्युत कंपनी द्वारा यह सघन अभियान लक्ष्य पूर्ति के अनुरूप निरंतर जारी रहेगा। सहायक एवं कनिष्ठ अभियंता स्तर के अधिकारियों की गठित टीम द्वारा कार्रवाई करते शहर के 122 उपभोक्ताओं के कनेक्शनों की जांच कर 38 बकायेदार उपभोक्ताओं से 16 लाख 16 हजार की बकाया राशि वसूल कर लिया गया है तथा 71 उपभोक्ताओं द्वारा बकाया भुगतान नहीं किए जाने पर उनके विद्युत कनेक्शन काट दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कई उपभोक्ताओं द्वारा भुगतान टालने हेतु विभिन्न माध्यमों से दबाव बनाने का प्रयास भी किए जा रहे हैं, जिस पर उपस्थित जांच अधिकारियों द्वारा सख्ती बरतकर विद्युत कनेक्शन विच्छेदन की कार्रवाई की जा रही है। 
    इस कार्रवाई में बिजली चोरी के 10 प्रकरण भी बनाए गए हैं, जिसे विशेष न्यायालय राजनांदगांव को पेश किया जा रहा है। लंबे अर्से से विद्युत देयको के भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को विच्छेद किए जाने का सूचना पत्र भी दिया जा रहा है, ताकि बिना बिल भुगतान किये बिजली चालू पाए जाने पर पंचनामा बनाकर न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया जा सके, इसलिए उपभोक्ताओं द्वारा तत्काल राशि जमा कर पुन: कनेक्शन चालू करवाए भी जा रहे हैं। उन्होंने बकायदार उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा है कि विद्युत देयकों का भुगतान नियमित रूप से करें, ताकि विच्छेदन की कार्रवाई से होने वाले असुविधा से बचा जा सके।

     

     

     

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Posted Date : 16-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 16 जनवरी। घुमका पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सुर्खियों में है। थाना प्रभारी उमेश साहू एक हत्या के मामले में गवाहों को जबरिया कोर्ट में लाने के मामले में वकील से भिड़ गए। खुलेआम थाना प्रभारी का धौंस दिखाकर साहू ने वकील हफीज खान के साथ खुलकर बहस की। बताया जाता है कि इस पूरे मामले में वकीलों ने एकजुट होकर थाना प्रभारी को घेरने की कोशिश की तब उनका मिजाज ठंडा और माफी मांगकर घटनाक्रम का पटाक्षेप करने की कोशिश की। 
    मिली जानकारी के मुताबिक कल दोपहर पदुमतरा क्षेत्र में हुए एक हत्या के मामले में थाना प्रभारी साहू ने गवाहों को जबर्दस्ती कोर्ट में ला खड़ा कर दिया। जबकि पूर्व में गवाहों ने हाजिरी माफी के लिए अदालत में अर्जी भी लगा दी थी। इसके बाद भी थाना प्रभारी ने गवाहों को जोर जबर्दस्ती करते अदालत में खड़ा कर दिया। इसी बात को लेकर जब अधिवक्ता हफीज खान ने आपत्ति की तो कानूनी पेंच न समझाने की हिदायत देते थाना प्रभारी साहू ने बहस शुरू कर दी।  बताया जाता है कि विवाद इतना बढ़ गया कि बात तू-तू, मैं-मैं तक आ गई। इसके बाद बार एसोसिएशन ने कोर्ट में मौजूद सभी सदस्यों के साथ मिलकर टीआई को घेर लिया। इस दौरान अधिवक्ताओं और टीआई के बीच विवाद चलता रहा। बाद में विवाद बढते देखकर थाना प्रभारी ने हाथ जोड़कर अधिवक्ता खान से माफी मांग ली। इस बीच पुलिसिया रौब दिखाने के कारण पूरे अदालत परिसर में थाना प्रभारी के व्यवहार को लेकर चर्चा रही। बताया जाता है कि अध्यक्ष मनोज चौधरी समेत अन्य अधिवक्ताओं ने थाना प्रभारी पर पुलिस की छवि को खराब करने का आरोप लगाया। इस बीच राजनंादगांव एसपी कमलोचन कश्यप ने थाना प्रभारी को आज सुबह तलब कर मामले की जानकारी ली। हालांकि एसपी श्री कश्यप ने 'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा में कहा कि विवाद जैसी कोई बात नहीं है। मामले को तूल नहीं दिया जाना चाहिए।
    उधर राजनीतिक रूप से भी थाना प्रभारी के व्यवहार को लेकर शिकवा-शिकायत होती रही है। बताया जाता है कि थाना प्रभारी साहू मीडियाकर्मियों से भी उलझते रहे हैं। हाल ही में डोंगरगढ़ विधायक भुनेश्वर बघेल ने भी थाना पहुंचकर टीआई को अपने रवैये में बदलाव करने के लिए चेताया है।

     

     

     

     

     

     

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Posted Date : 16-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 

    राजनांदगांव, 16 जनवरी। शहर में सालों से संचालित दो बस स्टैंड का आपसी विलय करने का प्रशासनिक फैसला कर लिया गया है। शहर में लंबे समय से पुराने और नए बस स्टैंड से आवाजाही होने के कारण यात्रियों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। कल महापौर मधुसूदन यादव ने बस यूनियन के साथ बैठक में अब 26 जनवरी से नए बस स्टैंड से ही सभी बसों की आवाजाही करने का निर्णय लिया है।
    पुराने बस स्टैंड को नए बस स्टैंड में स्थानांतरित किए जाने बस आपरेटरों के साथ महापौर मधुसूदन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को महापौर कक्ष में बैठक आहुत की गई। बैठक में नगर निगम आयुक्त अश्वनी देवांगन, निगम अध्यक्ष शिव वर्मा, यातायात प्रभारी गजेन्द्र सिंह, सीएसपी डॉ. प्रशांत शुक्ला उपस्थित थे।
    महापौर श्री यादव ने बस आपरेटरों से कहा कि नए बस स्टैंड में सर्वसुविधायुक्त हाईटेक बस स्टैंड का निर्माण किया गया है, जहां दोनों बस स्टैंडों के बस खड़ी करने की पर्याप्त जगह के साथ सभी प्रकार की सुविधा है। दो जगह बस स्टैंड संचालित होने पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जैसे डोंगरगांव, बालोद आदि क्षेत्रों में जाने के लिए नागपुर व खैरागढ़ क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को नए बस स्टैंड से पुराना बस स्टैंड जाना पड़ता है। दोनों बस स्टैंड एक हो जाने से इस प्रकार की परेशानियों से निजात मिलेगा। महापौर ने कहा कि पुराना बस स्टैंड अत्यंत जर्जर हो चुका है, टिकिट काऊंटर, यात्री प्रतिक्षालय भी जर्जर हो चुकी है। साथ ही बरसात के दिनों में बस स्टैंड में पानी भरान की स्थिति निर्मित हो जाती है। जिससे यात्रियों को परेशानी होती है। इसके अलावा निगम द्वारा वहां पर सर्वसुविधायुक्त व्यावसायिक परिसर निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। जिसकी प्रक्रिया की जा रही है। इन कारणों से भी बस स्टैंड को स्थानांतरित किया जाना है, इसलिए सभी बस संचालकों से मैं नए बस स्टैंड में स्थानांतरित करने का आग्रह करता हूं।
    इस संंबंध में बस संचालकों ने कहा कि पुराने बस स्टैंड के संचालकों के लिए अलग से टिकिट काऊंटर दिया जाए तथा बस यूनियन के लिए नए बस स्टैंड में अलग से कार्यालय दिया जाए। इसके अलावा नया बस स्टैंड से सिविल लाइन जाने वाली रोड के प्रारंभ को चौड़ा किया जाए। जिससे सिंगनल के पास बस स्टैंड जाने वाली बस को रूकना न पड़े। उनकी मांगों पर आयुक्त श्री देवांगन ने कहा कि नए बस स्टैंड में अलग-अलग टिकिट काऊंटर का निर्माण किया गया है, इसलिए टिकिट काऊंटर की सुविधा सभी बस संचालकों को मिलेगी और यूनियन वालों के लिए आफिस की व्यवस्था भी की जाएगी। साथ ही सिविल लाइन जाने वाली चौक के पास रोड को भी बस जाने लायक ठीक किया जाएगा।
    यातायात प्रभारी गजेन्द्र सिंह ने कहा कि डोंगरगांव, चौकी, धमतरी बालोद, दल्लीराजहरा आदि क्षेत्रों में नए बस स्टैंड से जाने वाली बसे इमाम चौक, पोस्ट आफिस चौक, पुराना बस स्टैंड चौक होते हुए राम दरबार से यूटर्न कर अग्रवाल ट्रांसपोर्ट चौक होते हुए मठपारा, पुराना गंज चौक से नंदई चौक पहुंचकर अपने-अपने क्षेत्रों के लिए रवाना होगी। साथ ही वापसी मेें बालोद, दल्लीराजहरा वाली बसों के साथ सभी बसें बसंतपुर होते हुए भदौरिया चौक से नया बस स्टैंड आएगी। इसके अलावा कोई भी बसे रवानगी रूट पर एक मिनट से ज्यादा नहीं रूकेगी। अंत में सर्वसम्मति से 26 जनवरी से पुराने बस स्टैंड की सभी बसे अपने निर्धारित समय पर नए बस स्टैंड से चलाए जाने का निर्णय लिया गया। 
    इसके लिए पुरानी बस स्टैंड की सभी बसें 25 जनवरी की रात्रि में नया बस स्टैंड में खड़ी हो जाएगी।
    महापौर श्री यादव ने कहा कि पुराना बस स्टैंड स्थानांतरित होने के 15 दिन बाद समीक्षा बैठक की जाएगी। जिसमें आने वाली कठिनाईयों के संंबंध में चर्चा कर निराकरण किया जाएगा। बैठक में पुर्नवास एवं नियोजन विभाग के प्रभारी सदस्य भगवानदास सोनी, सब इंस्पेक्टर गुरविंदर सिंह व कमलेश बंजारे, सहायक अभियंता कामना सिंह यादव, प्रभारी राजस्व अधिकारी आरबी तिवारी सहित बस संचालकों रईस अहमद शकील, आशीष पांडे, प्रकाश कुमार राठोर, हनीफ सोलंकी, ललित लोधी, नरेश यादव, अशोक जैन, सुरेन्द्र यादव, बिल्लू भाटिया आदि उपस्थित थे।

     

     

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Posted Date : 16-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    राजनांदगांव, 16 जनवरी। कलेक्टर भीम सिंह ने लोक सेवा गारंटी के क्रियान्वयन की मानीटरिंग बैठक में समय सीमा में हल नहीं किए गए आवेदनों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर विलंब की तिथि के अनुसार जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि लोक सेवा गारंटी का कार्य बेहद महत्वपूर्ण है और इस संबंध में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
    इस अधिनियम में आवेदनों को हल करने के लिए पर्याप्त समय-सीमा का प्रावधान है और इसके बाद भी यदि आवेदनों का निराकरण करने में ढिलाई हुई है तो अधिनियम के अंतर्गत जुर्माना संबंधित अधिकारी पर लगाया जाए। कलेक्टर ने कहा कि लोगों को लोक सेवा गारंटी से संबंधित सेवाओं की जानकारी मिले, इसलिए सभी विभागों में इनकी जानकारी चस्पा की जाए। साथ ही रजिस्टर भी रखें। उन्होंने कहा कि वे स्वयं विभागों का निरीक्षण करेंगे और यह देखेंगे कि लोक सेवा गारंटी से संबंधित आवेदनों का संधारण हो रहा है या नहीं। कलेक्टर ने कहा कि हो सकता है कि कोई ऐसा आवेदन आए जो लोक सेवा गारंटी के तहत दी जाने वाली सेवा के अंतर्गत आता है, लेकिन आवेदक ने इसे लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत चिन्हांकित करते हुए नहीं दिया हो, फिर भी आवेदकों को समय सीमा पर सेवाओं का लाभ मिले, इसके लिए इसे लोक सेवा गारंटी के तहत की रजिस्टर में चढ़ाकर तय समय सीमा में इसे निराकृत करें। कलेक्टर ने वनाधिकार प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी प्राप्त आवेदनों पर गंभीरतापूर्वक समीक्षा कर पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर ओंकार यदु, डीएफओ पंकज राजपूत, सहायक कलेक्टर रोहित व्यास सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
     विद्यार्थियों को मिलने लगा पास
    महाविद्यालयीन विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत की छूट मिलने लगी है। कलेक्टर ने इस संबंध में आरटीओ अधिकारी से पूछा। उन्होंने बताया कि किराए में पचास प्रतिशत की छूट मिलने लगी है। दिग्विजय महाविद्यालय के प्राचार्य आरएन सिंह ने बताया कि दिग्विजय महाविद्यालय के 500 विद्यार्थियों का पास जारी कर दिया गया है।
    शिफ्टिंग संबंधी दिक्कतों की समीक्षा
    कलेक्टर ने थोक बाजार की शिफ्टिंग के संबंधित मुद्दे पर भी बैठक में चर्चा की। उन्होंने इसके लिए उपयुक्त हल जल्द ही निकालने के निर्देश दिए, ताकि सभी को राहत मिल सके।
     निर्माण कार्यों की समीक्षा भी
    कलेक्टर ने जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी कार्यों को तय समयावधि में पूरा करने निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों में पूरी तरह से गुणवत्ता का ध्यान रखने के निर्देश भी दिए।

     

     

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Posted Date : 16-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजनांदगांव, 16 जनवरी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आफताब आलम ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं को देश का चौकीदार निरूपित कर विभिन्न विभागों और सिस्टम को पंगु तथा दिशाहीन बनाने का कार्य किया है। जिससे निश्चित रूप से आने वाले समय में घातक रूप से परिणाम सामने आएंगे। 
    श्री आलम ने यह भी कहा कि जिस तरह से केंद्र सरकार ने देश की संवैधानिक संस्थाओं को पंगु बनाने का कार्य किया है वह जगजाहिर हो चुका है। जिसका परिणाम छत्तीसगढ़ में भी व्याप्त रहा है। श्री आलम ने कहा कि एक नामीगिरामी पत्रकार को सीबीआई का दुरूपयोग कर फर्जी तरीके से चर्चित सीडी कांड में फंसाने का साजिश कर प्रजातंत्र के चौथे स्तंभ की छवि को धूमिल करने का कुत्सिक प्रयास किया गया। यह निश्चित तौर पर अतिनिंदनीय है कि सीबीआई तथा स्थानीय पुलिस भी पत्रकार विनोद वर्मा के विरूद्ध ठोस सबूत प्रस्तुत करने में नाकाम रही। यहां उल्लेखित करना आवश्यक है कि किसान नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं विशेषकर बस्तर संभाग के तबके के हक को दबाने का भी प्रयास सीबीआई और अन्य एजेंसी द्वारा पूर्व भाजपा सरकार द्वारा किया जा रहा था। 
    श्री आलम ने कहा कि राज्य के नवनियुक्त मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की अवाम, जनप्रतिनिधि व मीडियाकर्मियों पर मनमानी कार्रवाई न हो उसे देखते हुए छत्तीसगढ़ में सीबीआई को दाखिले पूर्व अनुमति लेने का फैसला लिया है जो कि सराहनीय कदम माना जा रहा है। श्री आलम ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते कहा कि बस्तर समेत अन्य क्षेत्रों में जहां मीडियाकर्मियों पर जुर्म दर्ज किए गए हैं उसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।  श्री आलम ने राज्य के खबरनवीसों की सुरक्षा का पुख्ता बंदोबस्त करने की मुख्यमंत्री से आग्रह करते कहा कि अब छत्तीसगढ़ में भय का वातावरण खत्म होगा और हर मामलों में नीतिगत फैसलों के तहत कार्य होंगे।

     

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Posted Date : 16-Jan-2019
  • प्रदीप मेश्राम

    राजनांदगांव, 16 जनवरी (छत्तीसगढ़ )। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए प्रमुख नेता अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर खासे चिंतित हैं। राज्य में सत्ता से बेदखल होने के बाद भाजपा में शामिल हुए नेताओं अपने वजूद को बचाने के लिए फिक्रमंद है। 
    जिले के कई कांग्रेसी नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष व मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से राजनीतिक खटपट के कारण भाजपा का दामन थाम लिया था। राजनांदगांव के पूर्व महापौर नरेश डाकलिया, जिलाध्यक्ष रहे विनोद गोस्वामी के साथ मोहला-मानपुर के पूर्व विधायक स्व. शिवराज उसारे को भाजपा में खास महत्व नहीं मिला। इसके अलावा कांग्रेस के पूर्व महामंत्री कचरू शर्मा, पूर्व पार्षद संतोष पिल्ले और स्व. नबी कुरैशी ने करीब चार वर्ष पूर्व भाजपा का रूख कर लिया था। 
    बताया जाता है कि भाजपा में शामिल हुए सभी नेताओं को संगठन की ओर से सब्जबाग दिखाए गए थे। पूर्व महापौर डाकलिया और गोस्वामी की राजनीतिक हैसियत को देखते हुए भाजपा बिना देरी किए संगठन में शामिल किया। इसके बाद से न सिर्फ डाकलिया और गोस्वामी बल्कि दूसरे नेताओं की पूछ-परख कम हो गई। बताया जाता है कि डाकलिया और गोस्वामी के तर्जुेबेकार राजनीतिज्ञ होने के बाद भी भाजपा के इनका किसी भी तरह से उपयोग नहीं किया। 
    भाजपा में आने के बाद से सभी नेता चुप्पी साधकर बैठ गए। कहा जाता है कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को छोड़कर अन्य नेता ने कभी भी इनका हालचाल जानना जरूरी नहीं समझा। डाकलिया और गोस्वामी की गिनती कांग्रेस की राजनीति में अग्रणी नेता के रूप में होती रही। गोस्वामी ने कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रहते हुए भाजपा का दामन थाम लिया था। बताया जाता है कि सबसे बुरी गत मोहला- मानपुर के पूर्व विधायक स्व. शिवराज उसारे के साथ हुई। 
    भाजपा ने स्व. उसारे की राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने के बजाए पतली कर दी। हालांकि स्वास्थ्यगत कारणों से विधानसभा चुनाव से कुछ माह पूर्व उनका असामायिक निधन हो गया। यही हाल संतोष पिल्ले, कचरू शर्मा के साथ भी हुआ। पिल्ले कांग्रेस से अलग होने के बाद जोगी कांग्रेस मे शामिल हुए। अमित जोगी से मतभेद के कारण वह एकाएक भाजपा में चले गए। कहा जा रहा है कि सत्ता बदलने के बाद सभी नेता अपने भावी कदम को लेकर चिंता में पड़ गए हैं।
     भाजपा में शामिल हुए सभी नेताओं को संगठन से बेहतर महत्व नहीं मिलने का अफसोस है। बताया जाता है कि राजनांदगांव में कुछ भाजपा नेताओं की शह पर सभी को किनारे करने का मुहिम चला। लोकसभा सांसद अभिषेक सिंह भी ऐसे नेताओं की खोज-खबर लेने में पीछे रह गए। कांग्रेस से भाजपा में जाने के फैसले को लेकर सभी विचार-विर्मश कर रहे हैं। 

     

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Posted Date : 16-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    राजनांदगांव, 16 जनवरी। बसंतपुर स्थित एक परिवार में उस वक्त शोक की लहर दौड़ गई जब एक ढ़ाई साल की मासूम बच्ची की खेलते हुए छत से नीचे गिरने से मौत हो गई। इस लोमहर्षक घटना से पूरे मोहल्ले में मातम छा गया। वहीं परिवार के लोग हादसे से सदमे में आ गए। 
    मिली जानकारी के अनुसार वार्ड नं. 46 में मंगलवार सुबह 10.30 बजे जनकराम यादव के घर पर उनकी मासूम बेटी नुपूर यादव उर्फ नुसिका छत से नीचे गिर पड़ी और उसकी मौत हो गई। सुबह अपने होटल के काम को शुरू करने जाने से पूर्व भोजन कर रहे जनकराम यादव की बेटी कब छत पर जा पहुंची इसकी भनक परिजनों को नहीं लग पाई। छत से गिरने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, किन्तु तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सूत्रों की माने तो वह छत पर लगे पाईप को पकड़कर झूलने का प्रयास कर रही थी, किन्तु पाईप ठीक से पकड़ न सकी और सीधे नीचे आ गिरी। हादसे के बाद मृतिका नुपूर अपने 4 वर्षीय भाई को अकेला छोड़ गई। उक्त हादसे से बसंतपुर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

     

     

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Posted Date : 16-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    डोंगरगांव के अर्जुनी का मामला
    राजनांदगांव, 16 जनवरी। राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में कल देर शाम को एक नवविवाहिता को संदिग्ध परिस्थितियों में अस्पताल में दाखिल कराने के बाद मौत की घटना से बवाल मच गया है। नवविवाहित की मौत को दहेज प्रताडऩा से जुड़ा बताते मृतिका के पुलिस अफसर भाई ने ससुराल पक्ष पर न सिर्फ प्रताडऩा का आरोप लगाया, बल्कि गला घोंटकर मारने का दावा किया है। 
    बताया गया है कि पूरा मामला घरेलू विवाद से जुड़ा हुआ है। डोंगरगांव थाना के अर्जुनी की संगीता सोनकर को कल देर शाम को जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। भर्ती के दौरान चिकित्सकों ने उक्त महिला को मृत घोषित कर दिया। इस बात की खबर मायके वालों को लगी तब दंतेवाड़ा डीआरजी में पदस्थ मृतिका के भाई सहायक उप निरीक्षक कुलेश्वर सोनकर ने अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले में पति राकेश सोनकर और उसकी तीन बड़ी बहनें ललिता सोनकर, मालती सोनकर तथा लेखनी सोनकर पर हत्या करने का आरोप लगाया है। 
    बताया गया है कि इस पूरे मामले की जानकारी डोंगरगांव थाना तक पहुंची। इससे पूर्व मृतिका को पड़ोसियों की मदद से राजनांदगांव अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मृत्यु की चिकित्सकों ने पुष्टि कर दी। मृतिका गले और हाथ की उंगलियों में स्पष्ट जख्म भी है। पुलिस अफसर भाई का आरोप है कि ससुराल की ओर से दहेज के नाम पर विवाह पश्चात  सताया जा रहा था। भाई के मुताबिक करीब छह माह पूर्व संगीता का विवाह हुआ था। इस दौरान महिला पर ससुराल में अत्याचार होते रहे। 
    उधर डोंगरगांव थाना प्रभारी गिरीश तिवारी ने मामले की जानकारी होने की बात कहते बताया कि मृतिका के कमरे और अन्य सामानों को सील कर दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद वस्तु स्थिति का पता चलेगा। इस बीच महिला की मौत होने के मामले को लेकर एएसआई ने राजनांदगांव एसपी से भी लिखित में शिकायत करते उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। बताया गया है कि ससुराल पक्ष के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने की पड़ोसियों ने भी मांग की है।

     

     

     

     

     

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Posted Date : 16-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    राजनांदगांव, 16 जनवरी। डोंगरगढ़ के ऊपर स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर के पिछले हिस्से में निर्माणाधीन सीढ़ी कार्य को तत्काल बंद करने की मांग को लेकर  कांग्रेस जिलाध्यक्ष नवाज खान की अगुवाई में प्रभावित दुकानदारों ने बुधवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। पीडि़तों का पक्ष लेकर डोंगरगढ़ विधायक भुनेश्वर बघेल ने भी मुलाकात की। 
    मिली जानकारी के मुताबिक उपर मंदिर जाने के लिए पहाड़ के पिछले हिस्से में भी नई सीढ़ी का निर्माण किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य से छीरपानी परिसर व संजय नगर में बरसों से सैकड़ों परिवार प्रभावित होंगे। पीडि़त दुकानदारों का आरोप है कि नई सीढ़ी का निर्माण होने से दर्शनार्थियों की संख्या में कमी आना स्वभाविक है।
     ऐसे में उनका सालों पुराना कारोबार ठप हो जाएगा और उनके सामने आजीविका का संकट खड़ी हो जाएगी। पीडि़तों ने कलेक्टर से गुहार लगाते कहा कि करीब 5 से 7 सौ दुकानदार रोजाना दर्शनार्थियों के जरिए प्रसाद और अन्य सामाग्री बेचकर अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं। ऐसे में नए सीढ़ी के निर्माण होने से कारोबार पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। जिलाध्यक्ष खान ने कलेक्टर से पीडि़तों के पक्ष को वाजिब ठहराते हुए निर्माण कार्य को रोकने की मांग की। इस बीच पीडि़तों के पक्ष में विधायक ने भी कलेक्टर से मिलकर मांग को पूरा करने चर्चा की।  

     

     

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