छत्तीसगढ़ » सूरजपुर

Date : 16-Jan-2020

पंचायत चुनाव में चुनाव चिन्ह आवंटन में लापरवाही, एक प्रत्याशी न्यायालय की शरण लेने की कही बात, त्रुटियां हुई थी, सुधारा जा रहा है-रिटर्निंग अधिकारी

छत्तीसगढ़ संवाददाता
विश्रामपुरी, 16 जनवरी।
कोंडागांव जिले में पंचायत चुनाव में चुनाव चिन्ह आवंटन को लेकर गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। मामला बड़ेराजपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत है, जहां कई प्रत्याशियों का 6 दिन चुनाव प्रचार करने के पश्चात चुनाव चिन्ह ही बदल दिया गया। इस अजीबोगरीब फैसले से प्रत्याशी सकते में आ गए हैं। खास बात यह कि यह केवल एक दो नहीं बल्कि कई जगहों पर हुआ है। जिसमें सरपंच से लेकर जनपद पंचायत एवं वार्ड पंच तक के प्रत्याशियों के साथ ऐसा हुआ है।
रिटर्निंग अधिकारी बड़ेराजपुर विश्रामपुरी तहसीलदार एचआर नायक ने इसे स्वीकारते हुए बताया कि कहीं-कहीं त्रुटियां हुई थी, जिसे कलेक्टर कोंडागांव की अनुमति से सुधारा जा रहा है। जनपद पंचायत में भी गलती हुई है, जिसे कमिश्नर बस्तर संभाग की अनुमति से सुधारा जा रहा है।

जनपद पंचायत क्षेत्र क्रमांक-7 सलना में 9 जनवरी को चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया, जिसमें बंसी साहू, डी एस साहू, प्रभु लाल साहू एवं केशव सिंह ठाकुर कुल 4 प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया। जिसमें रिटर्निंग अधिकारी ने तीसरे नंबर के प्रत्याशी प्रभु लाल साहू एवं चौथे नंबर के प्रत्याशी केशव सिंह ठाकुर के बीच पेंच फ ंसा दिया। जहां प्रभु लाल साहू को ट्रैक्टर छाप चुनाव चिन्ह मिलना था, किंतु यह चुनाव चिन्ह केशव सिंह ठाकुर को दे दिया और प्रभु लाल साहू को झोपड़ी छाप दिया गया। मामला यहीं तक हो तो समझ आता है किंतु 6 दिन के चुनाव प्रचार एवं बैनर पोस्टर पाम्पलेट लगने के बाद एकाएक केशव सिंह ठाकुर को चुनाव कार्यालय जनपद पंचायत बड़ेराजपुर से 14 जनवरी की शाम 6 बजे फ ोन आया कि आप तत्काल चुनाव कार्यालय बड़ेराजपुर पहुंचे। यह बहुत अर्जेंट है। तत्पश्चात वहां पहुंचने पर बताया गया कि आप लोगों को जो चुनाव चिन्ह आवंटित हुआ था, वह गलत हुआ है। आप का चुनाव चिन्ह बदलना पड़ेगा अब आपका ट्रैक्टर छाप की जगह झोपड़ी छाप होगा। यह सुनकर केशव सिंह ठाकुर जो कि अधिवक्ता एवं जनपद उपाध्यक्ष भी हैं, सकते में आ गये तथा उसने कहा कि वह 6 दिन चुनाव प्रचार कर चुका है तथा इसमें उसकी कोई गलती भी नहीं है। इसलिए उसे ट्रैक्टर छाप में ही प्रचार करने का अवसर दें, किंतु अधिकारियों ने उसे साफ तौर पर कह दिया कि अब तुम्हारा ट्रैक्टर छाप की जगह झोपड़ी छाप ही होगा। अब केशव सिंह ठाकुर के सामने कोई रास्ता नहीं बचा है। वह मतदाताओं से पूर्व में ट्रैक्टर छाप में वोट देने की अपील कर चुका है, उसे सुधारने में उसे कितनी सफ लता मिलेगी यह तो चुनाव परिणाम ही बता पाएगा।

ग्राम पंचायत मारंगपुरी की सरपंच केशनबाई मरकाम ने 6 दिनों से नारियल छाप पर प्रचार किया। तत्पश्चात रिटर्निंग अधिकारी के द्वारा उन्हें सूचना दी गई कि उसे पूर्व में जो चुनाव चिन्ह मिला है, वह गलत है। वह तत्काल उनसे संपर्क कर चुनाव शाखा जनपद पंचायत कार्यालय बड़ेराजपुर से नया चुनाव चिन्ह प्राप्त कर लें। तत्पश्चात वह भागी दौड़ी जब रिटर्निंग अधिकारी के पास पहुंची तो केशन बाई को गिलास छाप थमा दिया। इसके पूर्व नारियल छाप के लिए प्रचार कर चुकी थी तथा पांपलेट पोस्टर बैनर वितरण कर चुकी थी। अब उसे पूर्व में बांटे गए सामग्री को समेट कर नए चुनाव चिन्ह के लिए पुन: प्रचार करना पड़ रहा है।

बांसकोट पंचायत में वार्ड  क्रमांक-15 में कुल 4 प्रत्याशियों को 9 जनवरी को चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया था।  तब यहां एक प्रत्याशी आसकरण साहू को सीढ़ी छाप एवं दूसरे प्रत्याशी आत्माराम सिन्हा को गिलास छाप मिला था किंतु 6 दिन के प्रचार-प्रसार के बाद दोनों के चुनाव चिन्ह में अदला-बदली करने कहा गया है।

दोबारा भी गलती
9 जनवरी को बांसकोट के वार्ड क्रमांक-15 में चुनाव चिन्ह आवंटन किया गया था। 6 दिन बाद गलती सुधार कर 15 जनवरी को पुन: नया चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया, किंतु इस बार भी बड़ी चूक किया गया है, जहां आसकरण साहू पहले नंबर पर होना चाहिए, वहां आत्माराम सिन्हा को पहले नंबर पर दिया गया है। अब इसके बाद यह गलती कब सुधारा जाएगा इसे लेकर प्रत्याशी परेशान हैं। प्रत्याशियों में अब भी असमंजस है कि वे अब प्रचार करें या पुन: गलती सुधारकर फि र एक बार चुनाव चिन्ह बदला जाएगा।

प्रत्याशी परेशान हैं कि वे पाम्पलेट, बैनर एवं नकली मतपत्र तक बांट चुके हैं। अब चुनाव चिन्ह बदलने से पूरा मामला ही बिगड़ जाएगा। मामले को लेकर एक प्रत्याशी न्यायालय की शरण लेने की बात कही है।


Date : 15-Jan-2020

धान खरीदी में रोज-रोज नए फरमान, किसान परेशान, अब लघु- सीमांत कृषक संबंधी आदेश

राज शार्दूल

विश्रामपुरी, 15 जनवरी (छत्तीसगढ़)। धान खरीदी को लेकर किसान शुरू से ही परेशान  रहे। सरकार के दिन प्रतिदिन नए-नए नियमों के चलते अब किसानों का भरोसा टूट रहा है। धान खरीदी के शुरुआत में ही समर्थन मूल्य 2500 रुपये से घटाकर 18 35  रूपये कर किसानों को पहला झटका दे दिया गया। वहीं धान खरीदी 15 दिन बाद शुरू किया गया तथा 10 से 12 दिन हड़ताल, तबादले, बारिश आदि के कारण धान खरीदी बंद रहा। 15 फरवरी तक धान की पूरी खरीदी नहीं हो पाने की स्थिति में तारीख आगे बढ़ाने की चिंता किसानों के मन में है।

किसान के लिए आसान नहीं धान बेच पाना

समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए किसानों को संघर्ष करना पड़ रहा है। दिनोंदिन दिक्कतें बढ़ती जा रही है। सरकार के नित्य नए फरमान से अब किसानों को भरोसा नहीं कि वे पूरा धान बेच पाएंगे। धान बेचने को लेकर किसानों को कई प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।  कोंडागांव जिले के किसान पुनीत दास मानिकपुरी, दलसाय परस्ते, सोनसाय मरकाम, जेठू राम मरकाम आदि ने बताया कि  सरकार के नित्य प्रतिदिन नए-नए  नियम से किसान परेशान हैं। इस वर्ष धान का भाव तो बढ़ा दिया गया लेकिन उससे कई गुना ज्यादा परेशानी बढ़ गई है । इससे अच्छा होता कि धान का भाव बढ़ाया ही नहीं गया होता। कभी नमी मापी यंत्र के गड़बड़ होने से धान में अधिक नमी बताया जाता है तो कभी कहा जाता है कि धान में भूसे की मात्रा है एवं पैरा कुट्टी है। जिससे दूर दराज से वाहनों का जुगाड़ कर लाये गए धान  को वापस ले जाना पड़ता है।

किसानों ने बताया कि रोज-रोज धान खरीदी बंद होने से से कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जहां एक और मजदूरों का पैसा अतिरिक्त लगता है वहीं वाहन का भाड़ा भी लग जाता है। किसान एक बार धान वापस ले जाता है तो उसे खर्च के अलावा समय भी खराब करना पड़ता है। बोरों में भरकर लाए गए धान को सरकारी बोरों में अदला-बदली भी नहीं करने देते। पूरा धान को जमीन में पाला करना पड़ता है। गरीब किसानों के पास जहां झिल्ली त्रिपाल आदि नहीं होता उन किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

टोकन के लिए लंबा इंतजार

ज्यादातर खरीदी केन्द्रों में टोकन पाने के लिए किसानों में मारामारी की स्थिति दिखाई दे रही है। जैसे ही यह पता चलता है कि धान खरीदी केंद्र में टोकन जारी करने का कार्य पुन: शुरू हो गया है। किसानों में मारामारी की स्थिति निर्मित हो जाती है। मैं पहले- मैं पहले के चक्कर में सुबह ही कडक़ड़ाती ठंड में किसान उपार्जन केंद्र के आसपास पहुंच जाते हैं। भले ही इस चक्कर में किसानों को तीन से चार घंटा इंतजार करना पड़े । तत्पश्चात किसान टोकन काटने वाले कर्मचारी का इंतजार करते हैं जैसे ही वह पहुंचता है ऐसा लगता है कि अब किसानों की मुराद पूरी होगी। वह टोकन काटने वाला व्यक्ति किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। फिर किसानों को लाइन में लगने के लिए कहा जाता है तथा डेढ़ से 2 घंटे ही टोकन काटकर फाटक बंद कर दिया जाता है। यह क्रम रोज रोज चलता है। जिससे किसानों को टोकन के लिए सप्ताह भर तक इंतजार करना पड़ता है। जबकि यह कार्य एक दिन में ही किया जा सकता है। टोकन कटने के बाद किसानों को 30 से 40 दिन के बाद धान बेचने के लिए तारीख मिलता है। उस तारीख पर कितना ही आवश्यक कार्य पड़ जाए किसान वहां मौजूद रहता है। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि धान बेचने के लिए किसानों को किन-किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। कुल मिलाकर किसान चार माह तक धान की पैदावार में जो समय बिताता है। वहीं धान बेचने के लिए 2 माह का अतिरिक्त समय और लगता है।

अब लघु एवं सीमांत किसान वाला फरमान

बताया जा रहा है कि अब टोकन तो काटा जाएगा किंतु लघु कृषकों का ही टोकन काटा जाएगा जिनका जमीन 5 एकड़ से कम है। वहीं  5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को बाद में टोकन दिया जाएगा। इससे अनेक किसानों में निराशा एवं हताशा दिखाई दे रही है तथा वे इस चिंता में पड़े हैं कि यदि लघु कृषकों के धान खरीदी में ही 15 फरवरी का अंतिम समय बीत जाएगा तो क्या होगा। किसानों इस बात से आशंकित हैं कि सरकार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 15 फरवरी के बाद तारीख बढ़ाएगी।

इस वर्ष किसानों के लिए धान खरीदी में समस्या कम होती नहीं दिख रही है। शुरुआत में ही अच्छा खासा धान खरीदी जब सुचारू रूप से हो रहा था तो सरकार के द्वारा धान खरीदी का लिमिट कम कर दिया गया था जिसके चलते किसानों को चार से पांच दिनों तक आंदोलन करना पड़ा। सरकार ने किसानों की बात तो मान ली तथा लिमिट को यथावत कर दिया गया किंतु इस बीच धान खरीदी बंद रहा। जिससे 4 से 5 दिनों का समय व्यर्थ चला गया। तत्पश्चात जब खरीदी पुन: शुरू हुई तो बारिश के चलते धान खरीदी बंद हुआ। बारिश बंद होने पर जमीन गीली है कहकर धान खरीदी 2 से 3 दिनों तक बंद रहा। इसके बाद डाटा एन्ट्री ऑपरेटर एवं खरीदी प्रभारियों का तबादला कर दिया गया।जिसके चलते 2 दिनों तक खरीदी बंद रहा। इस तरह सरकार की धान खरीदी के लिए निधारित तिथि में 8  से 10 दिनों तक धान खरीदी बंद रही है। वहीं इस वर्ष धान की बंपर पैदावार हुई है। जिसके चलते नियत तिथि तक पूरे धान की खरीदी हो पाएगी यह संभव नहीं दिख रहा है।

हजारों क्विंटल धान जाम होने से बंद हो सकती है खरीदी

अब इस समय पुन: एक बार धान खरीदी बंद होने की स्थिति में दिखाई दे रही है क्योंकि धान का उठाव नहीं हो पा रहा है जिससे  उपार्जन केंद्रों में हजारों क्विंटल धान  जाम हो गया है। किसानों के लिए धान रखने का जगह नहीं है।  किसानों का कहना है कि सरकार को फिर एक बार धान खरीदी बंद करने का बहाना मिल जाएगा। यह भी बताया जा रहा है कि कभी भी बारदाना खत्म होने की स्थिति भी निर्मित हो सकती है। इसके पश्चात भी धान खरीदी प्रभावित हो सकती है। गत वर्ष भी बारदाना नहीं होने से धान खरीदी बंद हुआ था तथा किसान अपने पैसे से बारदाना लेकर आते थे तथा कहीं कहीं झिल्ली बोरियों के माध्यम से धान बेचा गया था। किसानों को बारदाना का पैसा अब तक नहीं मिला है।

जिला सहकारी समिति कोंडागांव नोडल अधिकारी फैज मोहम्मद खान ने बताया कि धान खरीदी में सभी किसानों का पूरा धान खरीदा जाएगा, किंतु लघु कृषक को प्राथमिकता दी जा रही है, इसका यह मतलब नहीं है कि बड़े किसानों का धान नहीं खरीदा जाएगा।

 

 

 

 

 


Date : 12-Jan-2020

पं. रविशंकर त्रिपाठी शासकीय महाविद्यालय भैयाथान के एनएसएस इकाई द्वारा ग्राम रजनहर में शिविर के माध्यम से जीवन जीने के कला के संबंध में विस्तार से बताया गया

छत्तीसगढ़ संवाददाता
भैयाथान, 11 जनवरी।
पं. रविशंकर त्रिपाठी शासकीय महाविद्यालय भैयाथान के एनएसएस इकाई द्वारा ग्राम रजनहर में शिविर चल रहा है। शिविर के स्वयं सेवकों द्वारा निर्माणाधीन अधूरे पुल के निर्माण में श्रमदान किया गया। ग्रामीणों को नशामुक्ति हेतु जागरुक करने का कार्य स्वयं सेवकों द्वारा किया गया। घर-घर जाकर ग्रामीणों को अधिक मात्रा में शराब न बनाए जाने के लिए प्रेरित किया गया। नशा सेवन से होने वाली दुष्परिणाम के बारे में अवगत कराकर ग्रामीणों से नशा नहीं करने का आव्हन स्वयं सेवकों ने किया। 

स्वयं सेवक अपनी प्रतिदिन की दिनचर्या में समस्त गतिविधियों का कर रहे है। बौद्धिक परिचर्चा के तहत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक शर्मा के द्वारा स्वयं सेवकों को शिविर के माध्यम से जीवन जीने के कला के संबंध में विस्तार से बताया गया तथा शिविर के माध्यम से जीवन में आत्मसात करने एवं समाज तक पहुंचाने का आव्हन किया। बौद्धिक परिचर्चा के अंतर्गत थाना प्रभारी भैयाथान एम.जे. फिरदौसी द्वारा स्वयं सेवकों को यातायात नियम एवं कानून की जानकारी दी गई। शिविर के सफल संचालन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक शर्मा का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है

। स्वयं सेवकों के शिविर को सफल बनाने में एनएसएस प्रभारी श्यामाचरम  चतुर्वेदी, केबी गोस्वामी, संजीव विश्वकर्मा तथा महाविद्यालय के अतिथि व्याख्याता अशोक सिंह, सुप्रिया पांडेय, आशकिरण मिंज, वेदमती गोयन एवं समस्त स्टाफ का सहयोग रहा। 


Date : 11-Jan-2020

पुलिस ने एसईसीएल से चोरी हुई कलपुर्जों से भरा छोटा हाथी वाहन पकड़ाया, 4 बंदी

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
बिश्रामपुर, 11 जनवरी।
बिश्रामपुर पुलिस ने एसईसीएल के कुम्दा सब एरिया स्टोर के समीप कोयला खान क्षेत्र से चुराए गए कबाड़ मशीनी कलपुर्जों से लोड छोटा हाथी वाहन बरामद कर वाहन सवार चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बरामद कबाडऩुमा मशीनी कलपुर्जो की कीमत 50 हजार रुपये से अधिक बताई गई है।

 शुक्रवार तड़के बिश्रामपुर थाना प्रभारी कपिलदेव पांडेय को मुखबिर ने सूचना दी कि एसईसीएल के कोयला खान क्षेत्र से चुराए गए कबाडऩुमा मशीनी कलपुर्जों को चोर गिरोह के सदस्यों द्वारा एक छोटा हाथी वाहन में लोड कर अंबिकापुर ले जाने की तैयारी है। सूचना पर थाना प्रभारी कपिलदेव पांडेय ने पुलिस टीम के साथ तत्काल घेराबंदी कर कुम्दा सब एरिया स्टोर के समीप छोटा हाथी वाहन को रोककर तलाशी ली। वाहन में एसईसीएल के कोयला खान क्षेत्रों से चुराये गए कबाडऩुमा मशीनी कलपुर्जे लोड पाए गए। 

वाहन में सवार चार युवकों को हिरासत में लेकर सघन पूछताछ करने पर युवकों ने पुलिस को बताया कि कुम्दा सब एरिया स्टोर से चुराया गया लोहा कबाड़ तथा बिश्रामपुर क्षेत्र के रीजनल वर्कशाप से चुराए गए सिस्टन के बोरियों में भरे गए टुकड़े छोटा हाथी वाहन में लोड है। 

पुलिस ने कोयला खान क्षेत्र से चुराए गए कबाडऩुमा मशीनी कलपुर्जो से लोड छोटा हाथी वाहन को बरामद करने के साथ ही वाहन सवार नगर के पउआ पारा निवासी नितेश कुमार 31 वर्ष सहित दिलीप सिंह, जालंधर सिंह 36 वर्ष झोपड़पट्टी माइनस कलोनी, बलजीत सिंह 34 वर्ष शिवनंदनपुर तथा मनी बरई 32 वर्ष भातु पारा शिवनंदनपुर को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध अपराध दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर सूरजपुर न्यायालय भेज दिया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पांडेय सहित एएसआई विमलेश सिंह,चंदेश्वर राम, प्रधान आरक्षक इंद्रजीत सिंह,वरुण तिवारी,आनंद सिंह, आरक्षक अखिलेश पांडेय, संदीप शर्मा, उदय सिंह, सोनू सिंह, राजकुमार सिंह आदि की टीम सक्रिय रही।


Date : 11-Jan-2020

हेलमेट के प्रति आमजनों को जागरूक करने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा सप्ताह के पहले दिन एसपी राजेश कुकरेजा के निर्देशन में पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों एवं ग्रामीणों ने हेलमेट पहनकर बाइक रैली निकाली

छत्तीसगढ़ संवाददाता
भैयाथान, 11 जनवरी।
थाना क्षेत्र में आज हेलमेट के प्रति आमजनों को जागरूक करने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा सप्ताह के पहले दिन एसपी राजेश कुकरेजा के निर्देशन में पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों एवं ग्रामीणों ने हेलमेट पहनकर बाइक रैली निकाली। यह रैली नगर के प्रमुख मार्गों व गली-मोहल्लों से होकर गुजरी। रैली के माध्यम से पुलिस कर्मचारियों ने दोपहिया चालकों को वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग करने प्रेरित किया। थाना प्रभारी की अगुवाई में बड़ी संख्या में पुलिस कर्मचारियों ग्रामीणों ने हेलमेट पहन बाइक से निकलने पर शहरवासियों में भी उत्सुकता देखी गई।

उल्लेखनीय है कि सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सुरजपुर जिले में यातायात पुलिस द्वारा 31वें सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पहले  दिन थाना से हेलमेट जागरूकता अभियान के तहत बाइक रैली निकाली गई। इस रैली का नेतृत्व थाना प्रभारी एम जे फिरदोसी ने किया। 

हेलमेट पहन बुलेट वाहन से थाना प्रभारी की अगुवाई में निकली जागरूकता रैली भैयाथान चौक से दर्रीपारा रोड़ हर्रापारा से भैयाथान चौक ,सूरजपुर रोड़ समौली से पुन: भैयाथान चौक पहुची और यहां से प्रतापपुर रोड़ मोहल से पुन: होते हुए वापस थाना पहुंची। यहां आकर हेलमेट जागरूकता रैली का समापन किया गया।ईस दौरान थाना प्रभारी एम जे फिरदौसी,चौकी प्रभारी लक्षमी गुप्ता,लव राजवाड़े,ललित तिर्की,प्रकाश दुबे,सरपंच अनिल सिंह,सहित अन्य लोग उपस्थित थे।


Date : 11-Jan-2020

भैयाथान विकासखंड अंतर्गत क्षेत्र क्रमांक-9 जूर के बीडीसी के दस प्रत्याशी चुनाव चिन्ह आबंटन को लेकर एसडीएम से शिकायत, निरस्त करने की मांग पर अड़े 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
भैयाथान, 11 जनवरी।
भैयाथान विकासखंड अंतर्गत क्षेत्र क्रमांक-9 जूर के बीडीसी के दस प्रत्याशी चुनाव चिन्ह को लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे और चुनाव चिन्ह आबंटन को निरस्त करने की मांग पर अड़े रहे। जिसके बाद समाचार लिखे जाने तक एक प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह निरस्त किया गया। 

इस संबंध में एसडीएम प्रकाश सिंह राजपूत ने कहा कि शिकायत मिली है उसका निराकरण किया जा रहा है। ज्ञात हो कि भैयाथान जनपद क्षेत्र क्रमांक 09 जूर में जनपद सदस्य के सबसे अधिक उमीदवार हंै, यहां उमीदवारों की संख्या 16  है। मामला उस समय गरमाया जब चुनाव चिन्ह आबंटन किया गया। यहां से चिश्ती तैयब अंसारी को दूसरे नंबर पर बरगद चुनाव चिन्ह मिला। अन्य प्रत्याशियों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।  जैसे तैसे मामले को मौके पर ठंडा किया गया। सभी दस उमीदवारों ने एक होकर इस बात का विरोध किया कि चिश्ती तैयब अंसारी का नाम वोटरलिस्ट में मोहमद तैयब अंसारी है। चुनाव चिन्ह बरगद के दूसरे क्रम में होने को लेकर ही मोहम्मद की जगह चिश्ती नाम का उल्लेख किया गया है।  
जानकारी के अनुसार एसडीएम दफ्तर में सभी दस प्रत्याशियों ने कहा कि अगर इस मामले को लेकर कार्रवाईनहीं होती है तो सरगुजा कमिश्नर के पास सोमवार को अपनी शिकायत लेकर जाएंगे। शिकायतकर्ताओं दीपनारायण साहू, कृष्ण मुरारी लाल साहू, राभित साहू, तेजराम साहू, दिलकेश राज, सब्बीर मोहमद अंसारी, योगेंद्र कुमार साहू, विशाल सिंह देव, सोनी प्रसाद कुशवाहा, राहुल देवांगन आदि प्रत्याशियों का कहना है कि अगर नियमानुसार चुनाव चिन्ह का आबंटन नहीं किया गया तो ऐसी स्थिति में हम सभी प्रत्याशी ग्रामीणों को लेकर होने वाले चुनाव का विरोध करेंगे।

क्या है बरगद चिन्ह का मामला
जनपद क्षेत्र क्रमांक 09 जूर में बरगद चिन्ह को लेकर यह मान्यता है कि जबसे चुनाव हो रहे हैं तब से बरगद चुनाव चिन्ह जिस प्रत्याशी को मिलता है उसकी जीत होती है। इसी को लेकर आज सभी प्रत्याशी एक होकर भैयाथान एसडीएम कार्यालय पहुंच कर एसडीएम प्रकाश सिंह राजपूत से अपनी शिकायत दर्ज कराई है। अगर इस मामले को लेकर कार्रवाईनहीं होती है तो सरगुजा कमिश्नर के पास सोमवार को अपनी शिकायत लेकर जाएंगे। 

प्रत्याशी कलाम अंसारी ने कहा कि चुनाव चिन्ह मिलने के बाद पंपलेट छपवाया था। चुनाव चिन्ह बदलने से 40 हजार का नुकसान उठाना पड़ेगा। चुनाव चिन्ह निरस्त होने के बाद प्रत्याशी तैयब अंसारी ने कहा कि चुनाव चिन्ह निरस्त होने से चुनाव प्रचार सामग्री में चालीस हजार का नुकसान हो रहा है।