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Posted Date : 10-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    भैयाथान, 10 अप्रैल। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखण्ड में आज सुबह फिर हाथी ने एक ग्रामीण की जान ले ली। दो दिनों में हाथी हमले से मौत की यह दूसरी घटना है। दोनों ग्रामीण महुआ बीनने के दौरान हाथी का शिकार हुए।
    मिली जानकारी के अनुसार घटना प्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम सोनगरा की है जो बोझा के पास ही है जहां कल एक ग्रामीण हाथी के हमले में मारा गया था।  आज सुबह  खासपारा निवासी मानसाय जब अपने घर और बनारस मुख्य मार्ग से थोड़ी ही दूर महुआ बीन रहा था। हाथी से आमना सामना हो गया और हाथी ने पटककर मार डाला। 
    बताया जा रहा है कि घटनास्थल के पास तीस से ज्यादा हाथी जमे रहे।  जिसके कारण शव को दोपहर लाया जा सका।  उल्लेखनीय है कि कल सोमवार को ग्राम बोझा में दंतैल हाथी ने खेत के पास महुआ बिन रहे एक ग्रामीण को जान से मार दिया था।

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Posted Date : 24-Jan-2018
  • सूरजपुर भटगांव में प्रदर्शन, तनाव, आरोपी गिरफ्तार
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    भैयाथान, 24 जनवरी। सूरजपुर जिले के भटगांव में एक मुस्लिम  युवक द्वारा  फेसबुक परें छठ पूजा करती महिलाओं की फोटो पोस्ट कर  टिप्पणी  से तनाव के हालात बन गए हैं। आरोपी की दूकान पर पथराव के बाद आज सुबह फिर हिन्दू संगठनों ने प्रदर्शन किया।  पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया है। वहीं  यहां सभी दूकानें बंद हंै। पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। कल ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था आज जेल भेज दिया गया है।
    जानकारी के अनुसार भटगांव बाजार पारा निवासी 30 वर्षीय युवक मो. हैदर रजा ने फेसबुक पर शाम पांच बजे छठ त्यौहार के दौरान स्नान कर पूजा कर रही महिलाओं का फोटो को पोस्ट करते हुए विवादित टिप्पणी कर दी। इसे लेकर नाराज हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारियों सहित स्थानीय लोग बड़ी संख्या में थाने पहुंच गए एवं थाने का घेराव कर दिया। इतना ही नहीं आरोपी के दूकान पर पथराव कर दिया। 
    हालात को देखते  पुलिस ने खंड कार्यवाह भैयाथान विरेंद्र कुमार शर्मा की रिपोर्ट पर  हैदर रज्जा के खिलाफ धारा 295क, 66 आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार कर किया। विरोध प्रदर्शन में विहिप, हिंदू जागरण मंच, धर्मसेना, हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारी शामिल थे।

     

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Posted Date : 06-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    भैयाथान, 6 जनवरी । सूरजपुर जिले के भैयाथान सहित पूरे वन अंचल सर्द हवाओं के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है। भैयाथान के जनपद में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक गिर गया था एवं जमकर पाले पड़े। वहीं यहां के  क्षेत्रों में आज शनिवार सुबह को पाले की चादर नजर आई।   सुबह का तापमान 4 डिग्री था।
    उत्तर भारत की ओर से आ शीतलहरों ने पूरे उत्तरी छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड ला दी है एवं जमकर पाला पड़ रहा हैं। जनवरी माह के पहले हफ्ते में शीतलहरों के कारण दिन व रात के तापमान में गिरावट के साथ कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंडी बर्फीली शुष्क हवाएं दिन व रात में चलने से लगातार पारा गिर रहा है।
    शनिवार को सूरजपुर जिले के भैयाथान क्षेत्र में सुबह पाले की चादर दिखी।  
    नजदीकी ग्राम हर्रापारा में भी सुबह पैरा एवं घासों में पाले की चादर नजर आई। मैदानी क्षेत्रों में पहली बार पाला पड़ा है।

     

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Posted Date : 18-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 18 दिसंबर। हमले में गभीर रुप से जख्मी एएसआई राजेश प्रताप सिंह ने रविवार रात दम तोड़ दिया।इस मामले में पंडो जनजाति के 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि दो फरार हैं। 
    सूरजपुर  के भैयाथान थाने में पदस्थ  एएसआई राजेश पर दो दिन पहले कोरिया के  रनइ बांसापारा में अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया था और  मरा समझ कर सड़क किनारे  फेंक दिया था। सुबह मौके पर पहुॅंची  पुलिस ने  जिला चिकित्सालय  बैकुंठपुर में भर्ती कराया, जहां से उन्हें अपोलो बिलासपुर भेजा गया था। जहांॅ रविवार रात दम तोड़ दिया। इधर आज पुलिस ने इस मामले में चार संदेहियों के पकड़े जाने और दो के फरार होने की जानकारी दी है। आरोपियों के विरूद्ध हत्या का प्रयास सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। 
    पुलिस का दावा है कि तड़के करीब तीन बजे जब राजेश प्रताप सिंह   लौट रहे थे तो सड़क पर मौजुद पंडो लोगों से तब विवाद हुआ जब उन्हें किनारे हटने को कहा गया। इसके बाद बहस से यह मामला हाथापाई में बदल गया एएसआई पर पंडो ने लामबंद होकर लाठी डंडों से हमला कर दिया। इस  दौरान वाहन चालक भी घायल हुआ, लेकिन भाग निकलने में सफल हो गया।  कुछ देर बाद जब लौटा तो मौक़े पर उसने किसी को नहीं पाया। कोरिया पुलिस ने मामले में मधु पंडो,मानकुंवर पंडो,देवी शंकर पंडो,रामाशंकर पंडो को गिरफ्तार किया है।

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Posted Date : 14-Nov-2017

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    भैयाथान, 14 नवंबर । सूरजपुर जिले के प्रतापपुर ब्लाक मुख्यालय से 25 किमी दूर ग्राम नवाढक्की में रविवार रात 8 बजे एक मादा हाथी कुएं में गिर गई थी उसे आज 48 घण्टे के बाद वन विभाग द्वारा सुरक्षित क्रेन की मदद से निकाला गया।  इस इलाके में  अभी भी 19 हाथियों का दल मौजूद है। 
    ज्ञात हो कि हाथी के गिरने की खबर के बाद रात 7 बजे सुरजपुर वन मण्डलाधिकारी पहुंचे। और गांव की वालों की मदद से वन विभाग  के पूरे  अधिकारी पूरी रात बचाव में लगे  रहे। आज सुबह हाथी को सेसीबी औक क्रेन की मदद से  निकालने का अभियान शुरू किया गया और 3 बजे  हाथी को निकाल लिया गया। बचना अभियान में हाथी रक्षा दल व फारेस्ट के छोटे कर्मचारी अहम योगदान रहा । इस अभियान में तीन विभाग ने मिलकर  हाथी को निकाला।  मिली जानकारी के अनुसार हाथी का एक पैर मिट्टी में धंस गया था जिसके वह उठ नहीं पा रही थी। उसका एक पैर टूट गया है उसका पिछला  पूरी तरह से पैरालाइज हो गया है। इलाज के लिए तमोर पिंगला भेजा जा रहा है।  बचाव अभियान के दौरान  गृहमंत्री रामसेवक पैकरा भी पहुंचे और  दिशा-निर्देश दिया । वही इस दौरान सरगुजा के सिसीएफ केके विसेन ,सुरजपुर वन मण्डला अधिकारी बीपी सिंह,सहित ,ओडग़ी एसडीओ, प्रतापपुर एसडीओ,  सहित  पशु विभाग ,पुलिस विभाग, फारेस्ट के अधिकारी व कर्मचारी उपथित थे।

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Posted Date : 13-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सूरजपुर/ भैयाथान, 13 नवंबर। बीती रात ग्राम नयनपुर में बेटी को बचाने कुएं कूदे रामानुजगनगर बीईओ की बेटी समेत मौत हो गई।  सुबह पिता-पुत्री की लाश गांव वालों की मदद से पुलिस ने बाहर निकलवाया। गौरतलब है कि बीईओ की उपसरपंच पत्नी शासन की योजना के तहत फिलहाल भारत भ्रमण में मुंबई गई हुई हैं। 
    मिली जानकारी के अनुसार ग्राम नयनपुर निवासी नारायण सिंह रामानुजनगर विकासखंड में बीईओ के पद पर पदस्थ थे। उनकी पत्नी जगमनिया देवी पूर्व में सरपंच रह चुकी है, वह फिलहाल उपसरपंच हैं और भारत भ्रमण पर मुंबई गई हुई हैं। रविवार  देर रात बीईओ अपने घर लौटे और 19 वर्षीय पुत्री ललिता सिंह से पीने के लिए  पानी मांगा। पिता की इस बात पर पुत्री ने ध्यान नहीं दिया। इस पर बीईओ ने उसे फटकार लगा दी। इससे नाराज होकर पुत्री अपनी बाड़ी में स्थित  गहरे कुएं में छलांग लगा दी। कुएं में कुछ गिरने की तेज आवाज सुनकर वे बाड़ी में दौड़े। पुत्री को बचाने वे भी कुएं में कूद गए, लेकिन कुएं में पानी अधिक होने के कारण वे न तो बेटी को बचा सके और न खूद को। 
    घर के अन्य बच्चों  की आवाज पर गांव के लोग पहुंचे लेकिन अंधेरा होने के कारण उस दौरान कुछ न किया जा सका। सूचना मिलते ही सुबह पुलिस पहुंची और आज सुबह शवों को बाहर निकाला गया।
    मार्गदर्शक के रूप में रही है छवि
    बीईओ व उनकी पुत्री की मौत की खबर जैसे ही उनके गांव सहित अन्य लोगों को हुई वे घटनास्थल पर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि बीईओ की छवि गांव सहित जिलेभर में एक मार्गदर्शक के रूप में रही है।
    पत्नी रात तक पहुंचेगी गांव
    बीईओ की पत्नी जगमनिया देवी वर्तमान में उपसरपंच हैं। वे शासन की योजना के तहत भारत भ्रमण में मुंबई में हैं। घटना की सूचना परिजनों व पुलिस द्वारा उन्हें दे दी गई है। बताया जा रहा है कि वे वायु मार्ग से रायपुर व रात तक सूरजपुर पहुंच जाएंगीं।

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Posted Date : 13-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    भैयाथान,13 नवंबर। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर ब्लाक मुख्यालय से 25 किमी दूर ग्राम नवाढक्की में रविवार रात 8 बजे एक मादा हाथी कुएं में गिर गई। वन अमले ने पूरी रात हाथी को  निकालने का प्रयास किया लेकिन अब तक नहीं निकाला जा सका है। वन विभाग के अनुसार गिरने से हाथी को काफी चोटें आईं हैं। पैरों में गंभीर चोट के कारण वह उठ नहीं पा रही है। इस कारण बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। जेसीबी की भी मदद ली जा रही है।  सीसीएफ के के बिसेन भी मौके पर हैं।
    ज्ञात हो कि 19 हाथी लगभग 15 दिनों से सूरजपुर वन मंडल के मोहनपुर इलाके में जमे हुए हंै। हाथियों के आक्रामक रूख को देखते हुए इन्हें तैमोर पिंगला अभ्यारण्य क्षेत्र में ले जाने का अभियान शुरू किया गया था। छह किमी तक हाथियों को ले जाने में भी सफलता मिली थी लेकिन पुन: हाथी मोहनपुर जंगल लौट आए थे। इस कारण मोहनपुर क्षेत्र में एलिफेंट एलर्ट बेरियर लगाए गए हैं ताकि हाथी विचरण क्षेत्रों में जाने से गांव वालों को रोका जा सके।
    वन अधिकारियों के मुताबिक मोहनपुर व उससे लगे गांवों में बड़े रकबे में गन्ना व धान की खेती की गई है। मोहनपुर के आसपास जलस्रोत भी हैं।
     घने जंगल, पानी के साथ गन्ना व धान की बहुतायत के कारण हाथी इस अनुकूल माहौल को छोड़कर नहीं जाना चाह रहे हैं, इसलिए सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जा रहा है।  मोहनपुर से लगे जंगल के बीचोबीच एक रास्ता गुजरा है। इसी रास्ते के आसपास भी हाथी विचरण करते रहते हैं।  
    रविवार को वन अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम दोपहर बाद से क्षेत्र में सक्रिय हो गई थी। रविवार को हाथी दो दल में बंट गए थे। बोझा व मोहनपुर के बीच अलग-अलग घूम रहे हाथियों द्वारा गन्ना व धान की फसल को नुकसान भी पहुंचाया गया है। सीसीएफ केके बिसेन ने कहा कि हाथियों को दीर्घकालिक योजना के तहत तैमोर पिंगला अभ्यारण्य क्षेत्र में प्रवेश कराया जाएगा, लेकिन सुरक्षित तरीके से यह काम होगा। बलपूर्वक हाथियों को खदेडऩे की कोशिश नहीं होगी।
    गांव-गांव में हो रही मुनादी
    हाथियों की मौजूदगी वाले मोहनपुर क्षेत्र में  वन विभाग  अमला पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है। वाहनों से गांव-गांव में लगातार मुनादी कराई जा रही है। हाथी विचरण क्षेत्रों में गांव वालों को न जाने की समझाइश दी जा रही है। अभी खेतों में फसल काटकर रखी गई है। फसलों की सुरक्षा के नाम पर गांव वाले खेत-खलिहान में भी सोते हैं। ऐसे गांव वालों को भी सतर्क किया जा रहा है कि वे शाम ढलने के बाद घरों में चले जाएं।

     

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Posted Date : 27-Oct-2017
  • उत्पाती-हिंसक बंदर का नाम लोगों ने सन्नी देयोल रखा था
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 27 अक्टूबर। कोरिया जिले के  गेल्हापानी इलाके में जब वो निकलता था तो कुत्ते-बिल्ली ही नहीं इंसान भी घर में छिप जाया करते थे। स्कूली  बच्चे डंडे लेकर पढ़ाई करते थे। अब तक 55 लोगों को शिकार बना चुका था। यह बंदर लोगों में पप्पू के नाम के अलावा सन्नी देओल के नाम से जाना जाताा था।  जब पकड़ा गया तो तस्वीर लेते समय उसने अपना चेहरा छिपा लिया।  आज तक आपने बंदरों को शाकाहारी देखा होगा, पर पप्पू बेहद आक्रामक और मांसाहारी था, वो जिन्दा मुर्गा पकड़कर खाने में उस्ताद था।  
    इस संबंध में रेंजर अखिलेश मिश्रा ने बताया कि काफी समय से लोगों को तंग कर चुके 7 बंदरों को कोरिया वनमंडल के उडऩ दस्ता ने पकड़ा है, इन्हें पकड़ कर गुरू घासीदास उद्यान में छोड़ा गया है, बंदरों में पप्पू नाम का बंदर 55 लोगों को घायल कर चुका था। ज्ञात हो कि दैनिक छत्तीसगढ़ ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था तब तक विभाग 23 बंदर पकड़ चुका था, और मुख्य आतंकी बंदर पप्पू पकड़ से बाहर था।
    कोरिया जिले के चिरमिरी क्षेत्र के गेल्हापानी क्षेत्र में वन विभाग के उडऩदस्ते ने पप्पू को बड़ी मुश्किल से पिंजरे के अंदर लाने में कामयाब रहा। पप्पू के साथ 6 अन्य बंदरों को भी पकड़कर पार्क में भेज दिया गया। बेहद शातिर और चालाक  यह बंदर किसी से संभाले नहीं संभल रहा था, बीते डेढ़ वषों से वन विभाग इसे काबू पाने में असफल था। 
    वन विभाग के पवन रूपौलिया बताते है कि पप्पू को पकडऩा इतना आसान नहीं था। वो तेज दिमाग का शातिर बदमाश बंदर था। कई दिन से पप्पू को पकडऩे के लिए वन विभाग जुटा रहा, रोज पिंजरे के अंदर रखे केले और तमाम फलों को बाहर से ही निकाल कर वो और उसका परिवार खा जाता था। गुरूवार को ऐसा ही हुआ। पूरे दिन कोई सफलता नहीं मिली। पप्पू किसी भी बंदर को दरवाजे की ओर से फल खाने नहीं दे रहा था, बल्कि वो पिंजरे के ऊपर से फल निकाल कर अपने साथियों को दे देता था। 
    फिर पिंजरे को ट्रक से उतारकर नीचे रख दिया गया, और  लौटने का नाटक कर चले गए। जैसे ही पप्पू अपने अन्य 6 बंदरों के साथ पिंजरे में घुसा दूर बैठे उडऩ दस्ते ने रस्सी खींच ली और पप्पू पिंजरे में कैद हो गया।  श्री रूपोलिया बताते हंै कि पकड़े जाने के बाद उसने अपना मुंह छिपा लिया और किसी भी कीमत पर कैमरे में कैद ना हो ऐसा करता रहा। ऐसा लगा कि उसे अपने किए पर काफी पछतावा हो रहा हो। 
    एक को मच्छरदानी से पकड़ा
    गेल्हापानी से जब उन बंदरों को बैकुठपुर लाया तो उनमें से एक बंदर पिंजरे में से निकल कर फरार हो गया, जिसको पकडऩे विभाग को पसीना छूट गया, दो घंटे की भागदौड़ के बाद उसे मच्छरदानी की मदद से पकड़ा गया। उडऩ दस्ते में रजनीश शुक्ला, रविन्द्र पांडेय, धीरेद्र चौबे, सबीना दास और उषा भगत की मुख्य भूमिका थी। 

     

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Posted Date : 25-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    अम्बिकापुर, 25 अक्टूबर। सरगुजा के सीतापुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत   ढेलसरा गांव में एक  गड्डे में मंगलवार की रात  जंगली हाथी के 3 बच्चे व एक वयस्क हाथी गिर गए। इसके बाद एक दंतैल हाथी गड्डे के आसपास मंडराने  से गांव में दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया। बुधवार की सुबह गांव वालों की सूचना पर  हाथी के बच्चों को निकालने वन अमला व हाथी बचाओ दल मौके पर पहुंचा। करीब एक घंटे बाद इन हाथियों को  सकुशल बाहर निकाल लिया गया।
     गौरतलब है कि क्षेत्र में 43 हाथियों का दल है उन्हीं दल के हाथियों में 3 बच्चे और एक वयस्क हाथी खेत में बने दलदलनुमा गड्ढे में फंस गए। हाथियों के गिरने के बाद एक बड़ा दंतैल हाथी इनकी निगरानी कर रहा था, जिससे ग्रामीणों में भय निर्मित हो गया। निगरानी करने वाले हाथी के पास जाने वाले किसी भी व्यक्ति पर हमला कर सकता है। वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने जेसीबी व रस्सी के सहारे दलदल में फंसे हाथियों को बाहर निकाला। इस दौरान एक हाथी ने ग्रामीण को पैर से मारा, जिससे वह घायल हो  गया है। 
    इधर सीतापुर विधायक अमरजीत भगत वन विभाग के मंत्री महेश गागड़ा, सरगुजा सीएएफ एवं डीएफओ को फोन करके घटनाक्रम की जानकारी देनी चाही, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। विधायक अमरजीत भगत ने छत्तीसगढ़ को बताया कि वे सुबह 7 बजे से सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों से सम्पर्क करते रहे, लेकिन सभी चैन की नींद सो रहे थे।  विधायक का कहना है कि गत 3 महीने से इस क्षेत्र में हाथी डेरा जमाये हुये हैं और जान-माल का नुकसान हुआ है। हाथी शावकों के गड्डे में गिरने के बाद वन विभाग की टीम समय पर नहीं पहुंची, जिसके कारण ग्रामीण रात भर  भय से जागते रहे। 
    श्री भगत ने आगे कहा कि सरकार के पास हाथी को भगाने कोई ठोस कार्ययोजना नहीं है। बचाव के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रहा है। परेशानी आने पर मंत्री से लेकर अधिकारी तक उपलब्ध नहीं होते हैं। ऐसे में कभी भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है।  

     

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Posted Date : 23-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जरही-भटगांव/भैयाथान, 23 अक्टूबर। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम धरमपुर में रविवार देर शाम हाथियों ने एक रिटायर्ड लाइनमैन को अपने पैरों तले रौंद दिया। अभी 7 हाथियों का दल दलदली, भरदा, धरमपुर के जंगलों में डटा हुआ है जिससे इन गांवों में दहशत है।
    वन विभाग  के अनुसार धरमपुर निवासी सेवानिवृत्त लाइनमैन जुठल दास (63 वर्ष) मोटरसाइकिल से गौरा से धरमपुर घर आ रहा था। जंगल में धरमपुर भरदा मोड़ के पास पहुंचा ही था कि अचानक 7 हाथियों ने उसे घेर लिया और कुचल कर मार डाला। घटना से लोगों में दहशत है। वहीं वन कर्मचारियों पर इनका गुस्सा फूट पड़ा। लगभग दो घंटे तक तनाव का माहौल निर्मित था।  मृतक के परिजनों को तात्कालिक सहायता राशि के रूप में वन विभाग के द्वारा 25 हजार रुपये दिए गए हैं।  वहीं अभी 7 हाथियों का दल दलडली, सिंघरा, मदनपुर ,गडेसपुर, गोठगाव, कोजवा, गौरा ,बगड़ा, भारदा इलाके के जंगलों में  डटा हुआ है। 
    वही दूसरी और ओडग़ी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत इंजानी (पाषाण पारा) में रविवार देर रात  हाथियों ने धान व अरहर फसल को खाकर  बुरी तरह रौंद दिया।  प्रभावित किसान हुबलाल , रामलाल, रमकेलिया , रन्साय , गोर्रा , सुदरसाय, शुभकलाल ने इसकी सूचना वन विभाग को दी है। फिलहाल हाथियों के आतंक से पूरा गांव दहशत में है।

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Posted Date : 22-Oct-2017
  • 3 महीने में 32 मौतें

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सूरजपुर, 22 अक्टूबर। जिले के अंतिम छोर में बसे क्षेत्र चांदनी बिहारपुर के ग्राम पंचायत कोल्हुआ में एक बार फिर से मलेरिया से मौत का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। जिले के कोल्हुआ में हफ्ते भर में मलेरिया से हुए 6 मौतों से क्षेत्र में हड़कंप सा मच गया है। ग्रामीणों ने तत्काल शिविर लगाए जाने की मांंग की है।
    विदित हो कि चंद माह पूर्व भी इसी क्षेत्र में कई लोगों की मलेरिया के चपेट में आने से मौत हो गई थी। जिसके पश्चात आनन-फानन में प्रशासन ने उक्त ग्राम में अस्थायी स्वास्थ्य शिविर लगा कर क्षेत्र में फैले मलेरिया प्रभाव को कम करने का प्रयास किया था, परंतु वक्त से पहले ही यह स्वास्थ्य शिविर हटा दिये जाने के कारण पूर्ण रूप से मलेरिया प्रकोप समाप्त नहीं हो सका। क्षेत्र में एक बार फिऱ मलेरिया अपने पैर पसारने लगा है, जिससे पण्डो जनजाति के दो लोगों की मौत हो गई है, वहीं दो दिन पहले हुए तीन लोगों की मौतों का कारण भी ग्रामीणों के अनुसार मलेरिया ही है तथा गत दिवस अवंतिकापुर से भी मलेरिया से एक बच्चे की मौत हुई है।
     उल्लेखनीय है कि मलेरिया से एक सप्ताह में 6 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं पुराने आंकड़ों को देखें तो बिहारपुर क्षेत्र में 23 बच्चों सहित 32 लोगों की मौत पूर्व में हो चुकी है।
    प्राप्त जानकारी के अनुसार परदेशी पण्डो पिता इन्द्रमन पण्डो (24) एवं जंगू पण्डो पिता बंधू पण्डो (80) की मौत मलेरिया बुखार से हो गई है, वहीं अंतरा कुंवर पण्डो पिता इन्द्रश पण्डो (4), सिताकुंवर पण्डो पति जवाहिर पंडो (40), शिवम पिता विजेंद्र (4) तथा गत दिवस अवंतिकापुर से भी मलेरिया से एक बच्चे मौत हुई है। मृतकों के परिजनों के अनुसार मलेरिया से ही मौत हुई है। जिससे मौत का आंकड़ा 3 महीने में बढ़कर 32 पहुंच गया तथा जिसमें 23 बच्चे शामिल हैं।
     ग्रामीणों की मानें तो बीमारी की रोकथाम के लिए शासन द्वारा उचित पहल नहीं किया जा रहा है। इस लापरवाही के कारण आये दिन किसी ना किसी की मौत हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिहारपुर क्षेत्र में इतनी मौत होने के बाद भी आज तक इस क्षेत्र को संजीवनी 108 नहीं मिल सकी, यह भी एक अहम वजह इस क्षेत्र में मौत के आंकड़ों के बढऩे की। वहीं महुली स्वास्थ्य केन्द्र में 24 घंटा ताला लटका रहता है।
    ग्रामीणों ने तत्काल पुन: स्वास्थ्य कैम्प लगाये जाने के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र महुली को 24 घंटे खुलवाये जाने एवं क्षेत्र हेतु 108 संजीवनी एक्सप्रेस की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है अगर शासन-प्रशासन ने उनकी मांग पूरी नहीं की तो उनके द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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Posted Date : 17-Oct-2017
  • फसल चट कर रहे, लोगों ने की भगाने की मांग
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    भैयाथान, 17 अक्टूबर । सूरजपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र चांदनी बिहारपुर  में 31 हाथियों का दल पहले से ही बिहारपुर इलाके में डेरा डाले हुए थे कि और अब 6 हाथियों का दल पहुँच के उसी दल में शामिल हुआ1 महीना से भारी तबाही मचाये हुए है। जिले के वनाचल छेत्र चाँदनी बिहारपुर के नवडीहा, कछिया, उमझर,रामगढ़, जुड़वानीया सहित लगभग एक दर्जन गांव में 1 महीना से 40 हाथियों का दल लगभग 60 से 80 किसानों का फसल बर्बाद कर चुके हैं।
     मिली जानकारी के अनुसार एक महीना से 31 हाथियों का दल पहले से ही इन गांव में पहले से ही नुकसान कर रहे थे कि 6 हाथियों का दल कोरिया जिले से आकर शामिल हुए।   ग्रामीणों कहना है कि 40 हाथियों का दल है व वन विभाग का कहना है कि 36 हाथियों का दल है।  वहीं बिहारपुर छेत्र लगा गुरू घासीदास राष्टीय उद्यान बैकुंठपुर कोरिया जंगल बिहारपुर क्षेत्र से लगा मोहरशोप, नवडीहा, कछिया, जुड़वानीय, के बीच जंगल मे जंगली हाथियों ने डेरा डाले हुए हैं। हाथी रात में गांव में आ के फसल को धान फसल खाते और  रौंदते हैं सुबह होते ही जंगल में चले जाते हैं। सूचना बाद भी  वन विभाग का दल नहीं पहुंचता है।          
    एक महीने में 60 से 80 किसानों का फसल रौंद दिये जिनमेें रामपाल साहू, रूपनारायण, श्यामलाल, जगबन्धन,रामबरन, रामभोग लाले, ज्वाला, अमरसिंग, राम सिंह, माहौल, रूप साय ,धनु सिंह, जगप्रसाद, सुखदेव,और किसान शामिल हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर एवं वन विभाग से जंगली हाथियों को भगाने की मांग की है।

     

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Posted Date : 26-Sep-2017
  • दो माह में 26 मौतें 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सूरजपुर, 26 सितंबर। जिले के ओडग़ी ब्लॉक अंतर्गत सुदूर वनांचल क्षेत्र में मलेरिया से एक के बाद एक मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र में एक और बच्चे की मौत हो गई। इससे स्वास्थ विभाग के तमाम दावों की कलई खोल कर रख दी है। दो महीनेे में दो दर्जन से भी अधिक लोगों की  मौत के बाद भी शासन-प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रही है।
    ओडग़ी ब्लॉक के चांदनी बिहारपुर के ग्राम पंचायत खोहिर लुल्ह में एक और बच्चे की मौत हो गई। इसके साथ ही मलेरिया प्रभावित क्षेत्र से दो महीने में दो दर्जन से भी अधिक मौतें हो चुकी हंै। इसके बाद भी पूरा प्रशासनिक अमला स्थिति को नियंत्रित बता रही है। एक के बाद एक लगातार मौतों के सिलसिले से पूरा क्षेत्र सहमा हुआ है। इसके बाद भी शासन प्रशासन की ओर से अब तक कोई कारगर पहल नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है और अब ग्रामीण उग्र आंदोलन की तैयारी में है।
    गत् दिवस ओडगी के ग्राम पंचायत खोहिर लुल्ह के श्रीकांत चेरवा की 12 वर्षीय बच्चे की की मौत हो गई। इस मौत के साथ 21 बच्चों सहित 26 लोगों की मौत दो माह में हो चुकी है। 
    परिजनों के अनुसार मृतक बालक बसंत चेरवा पिछले तीन दिनों से मलेरिया बुखार से पीडि़त था। मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने से उसे बाहर उपचार के लिए नहीं ले जा पाए। दूसरी ओर क्षेत्र में शासन की सुविधा शून्य है। मौके पर न एम्बुलेंस रही न 108 पहुंची। साथ ही क्षेत्र के एक मात्र प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र महुली चार पांच दिनों से बंद पड़ी हुई है। ऐसी परिस्थितियों में गरीब पीडि़त परिवार के द्वारा मृतक बालक का घर पर ही घरेलू उपचार किया जा रहा था।
     इस संबंध में जिले के मलेरिया प्रभारी डॉ. आर. एस. सिंह से 'छत्तीसगढ़Ó ने चर्चा कर जानकारी चाही तो श्री सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बात करने की सलाह देते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया। वहीं मोबाइल पर सीएमओ से संपर्क करने की कोशिश की गई पर संपर्क नहीं हो पाया।

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Posted Date : 19-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    भैयाथान, 19 सितंबर। सूरजपुर जिले के ओडग़ी ब्लाक के ग्राम कुदरगढ़ सेंदरीपारा में सोमवार की सुबह 3 किशोरियां मिट्टी लेने गांव के ही खेत में गई थीं। इसी दौरान बारिश होने लगी और तेज गरज के साथ गाज गिरी। इसकी चपेट में तीनों किशोरियां आ गईं। हादसे में एक किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 झुलसकर घायल हो गईं।  
    घायल किशोरियों को तो अस्पताल ले जाया गया लेकिन मृत किशोरी के परिजन उसे जिंदा करने के लिए चेहरा छोड़कर पूरा शरीर गोबर में गाड़ दिया। गांवों में यह मान्यता है कि गोबर आसमानी बिजली के प्रभाव को पूरी तरह से खत्म कर देती है। बेटी की लाश के पास ही उसकी मां इस आस में बैठकर बिलखती रही कि उसकी बेटी जिंदा हो उठेगी। गोबर में गड़ी बेटी की लाश के पास बैठी बिलखती मां को जिसने भी देखा उसके रोंगटे खड़े हो गए। करीब 1 घंटे तक शव गोबर में गड़ा रहा। 
    इसकी जानकारी जब जनपद सदस्य सतीश तिवारी को लगी तो वे वहां पहुंचे और परिजन को समझाइश देकर शव को बाहर निकलवाया। उन्होंने गांव में ही चिकित्सक से मृतिका की जांच कराई। चिकित्सक ने जब उसे मृत बताया तब परिजन माने। 
    इधर दोनों किशोरियों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।  डॉक्टरों का कहना है कि गोबर में मृत शरीर को गाडऩे से उसमें जान लौटकर नहीं आती है। यह केवल अंधविश्वास है।

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Posted Date : 18-Sep-2017
  • आधा दर्जन मकान तोड़े, रखा अनाज भी चट  

    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    जरही/ भटगांव/भैयाथान, 18 सितम्बर। सूरजपुर जिले के चेंद्रा में 14 सदस्यीय हाथियों के दल ने एक 40 वर्षीय युवक को पटक-पटक कर मार डाला। मिली जानकारी के अनुसार रविवार की रात करीब 10 बजे गांव में हाथी आने की खबर पर ग्रामीण हाथी खदेड़ रहे थे, इसी बीच युवक हाथी के करीब पहुंच गया। दंतैल हाथी ने युवक को  बुरी तरह कुचल दिया। घटना की जानकारी से पूरे नगर में सनसनी का माहौल निर्मित हो गया। 
    जानकारी के अनुसार मृतक कमलसाय  अपने साथियों के साथ मिलकर हाथी भगाने लगा हुआ था इसी दौरान हाथी के करीब पहुंच गया जहा हाथियों के उसे चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि करीब 500 की संख्या में ग्रामीण हाथी भगा रहे थे जिसकी वजह से रात में युवक को हाथी द्वारा मारने की खबर की पुुष्ट नहीं हो पा रही थी।
     सोमवार की सुबह 5 बजे ग्रामीण जब युवक को खोजने निकले तो मृतक का पहचान कमलसाय के रूप में हुई। वन विभाग द्वारा तत्कालीन सहायता राशि मृतक के परिजन को मौके पर 25 हजार दी गई। हाथियों के 14 सदस्यीय दल ने ग्राम पंचायत टोमो के आश्रित ग्राम झारूडीह में आधा दर्जन घर को हाथियों ने तोड़ दिया तथा घर में रखे अनाज करीब पांच क्विंटल को भी चट कर दिये। प्रभावित ग्रामीणों में मोहर साय, श्रीराम , जवाहीर, कवलसाय कवंर, सोमारू, हरबचन कवर, रमेश्वर के घर को हाथियों ने तोड़ दिया, वहीं कई एकड़ फसल को भी रौंद डाला, जिसका मुआयना वन विभाग की टीम कर उचित मुआवजा देने की बात कही। 
    गृहमंत्री भी पहुंचे घटना स्थल
    घटना की जानकारी मिलते ही गृहमंत्री रामसेवक पैकरा पहुंच मृतक के परिवार के प्रति शोक जताया और ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने की समझाईस भी दिये। घटना स्थल पर वन विभाग सहित चेंद्रा पुलिस मौके पर मौजूद था। 

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Posted Date : 13-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सूरजपुर, 13 सितंबर। जिले के दूरांचल क्षेत्र बिहारपुर चाँदनी के विकलांग बालक को शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिलने से पीडि़त परिवार ने जिले के कलेक्टर गुहार लगाई है।
    जिले के दूरांचल क्षेत्र चाँदनी  बिहारपुर के ग्राम पंचायत पसाल के कुरुपहारी का निवासी मेहीलाल पिता राम सूचित पंडो उम्र10 वर्ष यह लड़कापूरी तरह विकलांग होने के बाद भी इसे शासन का विकलांग योजना कोई लाभ नही मिल रहा है।  वहीं ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार पसाल निवासी मेहीलाल पंडो विकलांग है। यह बच्चा स्कूल से भी वंचित हैं शासन कोई लाभ मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने  जिले कलेक्टर से मांग की है कि बेसहारा बालक को शासन के योजनाओं तत्काल लाभ दिलाया जाए। विकलांग बालक को स्कूल में दाखिला भी कराया जाए। 

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Posted Date : 07-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सूरजपुर/भैयाथान, 7 सितंबर। सूरजपुर जिले के चाँदनी बिहारपुर के ग्राम पंचायत खोहिर, बैजानपाठ, लुल,भुंडा,में 6  हाथियों का दल भारी आंतक मचाये हुए है। लगभग 6 एकड़ धान एवम मक्का को पूरी तरह से फसल रौंद डाला। कई मकानों को तोड़ डाला।   
    मिली जानकारी के अनुसार गुरु घासीदास राष्ट्रीय  उद्यान बैकुंठपुर  कीओर से 6 हाथियों का दल कल शाम 7 बजे गांव भुण्डा में पहुँचा था। हाथियों ने 2 घण्टे तक लगातार धान और मक्का को रौंद डाला। प्रभावित किसानों के नाम धन साय चेरवा,शुधू चेरवा,हरिचंद,चेरवा शुखलाल, चेरवा हैं।
    वहीं  लुल्ह में लछमन  चेरवा नामक ग्रामीण का मकान तोड़कर वहां रखा 15 क्विंटल को चावल खा गए। यह चावल लुल्ह भुन्डा के राशनकार्डधारियों बांटना था। वहीं सुखाई चेरवा, जयकरन चेरवा कारण साय चेरवा, के धन मक्का को रौंद दिया।  (बाकी पेजï 5 पर)      
     गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के रेंज महुली के अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई है लेकिन अधिकारी समाचार लिखे जाने तक मौके   पर नहीं पहुँचे थे।   लुल्ह भुंडा, बैजानपाठ, खोहिर,महुली, कोल्हुआ, कछवारी, रामगढ़, उमझर,जुड़वानीय, नवडीहा, मोहरशोप, बसनारा रसौकि, कछिया, खैरा, करौती, चोंगा में हाथियों का उत्पात लगातार जारी है।
    ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की तरफ क्षतिपूर्ति  राशि नहीं मिलती है। सूरजपुर कलेक्टर से  पुन: चावल भिजवाने की मांग की है और कहा है कि नहीं भिजवाया गया तो भूखे रहना पड़ सकता है।
    इस संबंध में गुरु घासीदास वन रक्षक गणेशु राम  के अनुसार रेंज महुली के रेंजर  महीने में 1 और  2 बार आते हैं तुरन्त चले जाते हैं। एक चौकीदार के सहारे महुली रेंज देखरेख किया जाता हैं। मुख्य रूप से कोई अधिकारी रिहन्द रेंज महुली में नहीं रहते हैं।  क्षति कीजानकारी रेंजर को दे दी गई है।

     

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Posted Date : 04-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सूरजपुर, 4 सितंबर। शव वाहन नहीं मिल पाने से एक ग्रामीण की लाश को पोस्टमार्टम के बाद ट्रैक्टर ट्रॉली  में ढोकर ले जाना पड़ा। ज्ञात हो कि जिला अस्पताल में  मुक्ति वाहन है डाक्टरों के अनुसार वाहन खराब होकर गैरेज में है। अब अस्पताल प्रबंधन  मामले की जांच की बात कह रहा है।
     सूरजपुर के सलका गांव के राम साय  ने  गत् दिवस  फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आज  जिला अस्पाल में पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टरों ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। लेकिन जब परिजनों ने डॉक्टर से शव ले जाने के लिए वाहन की मांग की तब डॉक्टरों ने यह कहकर मना कर दिया कि अस्पताल का शव वाहन खराब है और गैरेज में  है। ग्रामीणों ने किराए पर ट्रेक्टर ट्राली लेकर शव को अपने घर सलका लेकर गए,जिसकी दुरी जिला मुख्यालय से लगभग 20 किमी है। मृतक के परिजन साधारण किसान हैं,जिसकी वजह से उनके लिए  किराया देना भी बड़ी समस्या है।
      जिला स्वास्थ अधिकारी को मीडिया से इस घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद अब वे जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।  वहीं पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने इस बात से इंकार किया है कि उनसे मृतक के परिजनों के द्वारा मुक्ति वाहन के लिए मांग की गई थी।

     

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Posted Date : 02-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    भैयाथान, 2 सितंबर। सूरजपुर जिले के ओडग़ी जनपद के कुदरगढ़ रेज के लांजीत में प्रतापपुर से आए 7 हाथियों के दल से  अलग 2 हाथियों ने लांजीत ग्राम में जमकर उत्पात मचाया। हथियों ने आधा दर्जन से भी अधिक किसानों की धान की फसल  रौंद कर बर्बाद कर दिया और घर के बाहर खड़ी बाइक को भी  तहस नहस कर दिया।  ग्रामीणों के अनुसार 5 से 6 हेक्टर की धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है जिसका आंकलन कर वन विभाग किसानों को मुआवजा देने की बात तक नहीं की गई। किसानों का कहना है कि बड़ी मुश्किल से तो खेती कार्य किया जाता है। इसके बाद इस तरह से हाथियों के नुकसान से किसानों के जीवन मे रोजी रोटी की समस्या भी पैदा हो जाती है।
    ग्राम लांजीत में शुक्रवार रात 10 बजे कवहार तरफ से 7 हाथियों का दल आ धमका। वहीं इस दल से 2 हाथी अलग होकर चल रहे  थे जिसने फसल  रौंदा। एक ग्रामीण  बाइक घर के दरवाजे में खड़ी कर  परिवार वालों से  बात कर ही रहा था कि इन दो हाथियों ने उनपर हमला कर दिया। गरामीण हसिद गुर्जर ने  भागकर अपनी जान बचाई जबकि उसकी बाइक को हाथियो ने पूरी तरह से तहस नहस कर दिया।
     इसकी सूचना वन विभाग को दी लेकिन रात में वन विभाग के कर्मचारी घटना स्थल नही ंपहुचे और आज सुबह वन रक्षक किसानों की फसल की मुआयना और धान की नुकसान की आंकलन कर चलते बने उन्होंने हाथियों को खदेडऩे के लिए कोई पहल नहीं की।  फिलहाल अभी महानदी के उस पार ग्राम कवहार में डटे हुए हैं।
    वही दो ग्रामीण को हाथियों ने एक किमी तक दौड़ाया गया। अजेंद्र गुर्जर ,लछमण देवांगन नामक ग्रामीण भाग कर अपनी जान बचाने में सफल हो गए। इस दौरान उनको काफी चोट लगी है। इन्हें   लांजीत के ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार किया गया। वही  क्षेत्र के ग्रामीण काफी डरे व सहमे हुए हंै।
    थर्राया धरमजयगढ़ वन मंडल
    चार दिनों में हाथियों ने 33 घर उजाड़े

    रायगढ़, 2 सितंबर।  धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर दिन किसी न किसी गांव में पहुंच कर हाथी उत्पात मचा रहे हैं। वहीं विभागीय जानकारों के अनुसार पिछले चार दिनों में हाथियों ने धरमजयगढ़ वन मंडल के कापू रेंज में करीब 33 घरो को क्षतिग्रस्त कर दिया है। वहीं हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए विभाग के अधिकारी भी हाथी प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं। जिन स्थानों में हाथियों के मूवमेंट हो रहे हैं, वहां भी मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
    विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि हाथियों का दल शाम ढलने के बाद जंगल से निकल कर बस्ती तक पहुंच रहा है। इसके बाद खाने की तालाश में घरो को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं और इसी वजह से महज चार दिनों में जंगल के भीतर रहने वाले लोगों के घरों को हाथियों ने क्षतिग्रस्त किया है। सबसे ज्यादा प्रभावित कापू वन परिक्षेत्र के दाहीडांड़ सर्किल के गेरूपानी दर्रापारा व इसके आसपास के इलाके हैं। एक दिन पहले यहां 17 हाथियों के दल ने रात में ग्रामीणों के घर पर हमला कर दिया था। जान बचाने की कोशिश में दो महिलाओं का सामना हाथियों से हो गया और हाथियों ने दोनों को अपने पैरों तले रौंद डाला। 
    बचाव दे रहे टिप्स
    हाथियों की लगातार मौजूदगी को देखते हुए धरमजयगढ़ वन मंडल के अधिकारी व कर्मचारी लोगों को हाथी से बचाव के टिप्स दे रहे हैं और अकेले जंगल की ओर जाने से मना किया जा रहा है। इसके अलावा जंगल में झोपड़ी बना कर रहने वालों को भी वहां से हटाया जा रह है। ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो सके।

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Posted Date : 28-Aug-2017
  • कटघोरा के पास पिकअप-कार भिड़ंत 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रामानुजगंज, 28 अगस्त। अम्बिकापुर-बिलासपुर मार्ग में कटघोरा-पाली के बीच चेतमा पेट्रोल पम्प के पास पिकअप व कार की  भिड़ंत में रामानुजगंज लोक निर्माण विभाग के एसडीओ ए डी मानिकपुरी की मौके पर ही  मौत हो गई। जबकि उनके बेटे को हल्की-फुल्की चोटें आई हंै। घटना में दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 
    जानकारी के मुताबिक रायपुर निवासी एडी मानिकपुरी   बलरामपुर-रामानुजगंज जिला के रामानुजगंज नगर में लोक निर्माण विभाग के एसडीओ थे। श्री मानिकपुरी कुछ दिन पहले  रायपुर गए थे। सोमवार को  अपने बेटे नोबल मानिकपुरी के साथ अर्टिगा कार से रामानुजगंज टीएल मीटिंग  के लिये आ रहे थे। 
    सुबह: 6.30 बजे कटघोरा थाना क्षेत्र के चेतमा ग्राम में पेट्रोल पम्प के सामने सड़क के बीचों-बीच तीन गायें मृत पड़ी थीं। कार इनसे बचने के चक्कर में अम्बिकापुर की ओर से आ रही पिकअप से जा भिड़ी।  इस घटना में पिकअप चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही कटघोरा पुलिस मौके पर पहुंची। लाश को पीएम पश्चात परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

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