छत्तीसगढ़ » सुकमा

Date : 16-Aug-2019

जवानों पर नक्सल हमला, सभी सुरक्षित

सुकमा, 16 अगस्त। जिले के कसलपाड़ गांव में कल 15 अगस्त को तिरंगा फहराने गए जवानों पर नक्सलियों ने विस्फोट कर हमला कर दिया। हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। इस गांव में पहली बार तिरंगा फहराया गया।  ज्ञाता हो कि कसलपाड़ नक्सल हमले 14 जवान शहीद हुए थे।

 


Date : 13-Aug-2019

कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन सिंह देव ने किसानों को ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरित किया

सुकमा, 13 अगस्त। जिला मुख्यालय कुम्हाररास स्थित ऑडिटोरियम में कृषक ऋण माफी तिहार में सुकमा जिले के किसानों को सुकमा जिला पंचायत अध्यक्ष कवासी हरीश एवं जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन सिंह देव ने ऋ ण माफ ी प्रमाण पत्र वितरित किया।

 जिले के सहकारी बैंक समितियों के 4 शाखाओं में  सुकमा, कोंटा, गादीरास  एवं फु लबगड़ी में समितियों के माध्यम से वितरित ऋ ण कुल 4240 किसानों का 21 करोड़ 18 लाख रुपये के अल्पकालीन कृषि ऋ ण छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा माफ  किया गया है। इस कृषि ऋ ण माफ ी से किसानों के चेहरे पर दुगुनी खुशी साफ  नजर आ रही थी। इस दौरान युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव दुर्गेश राय, नगर कांग्रेस के अध्यक्ष शेख सज्जार, नगरपालिका के नेताप्रतिपक्ष राजू साहू, किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शेख औलिया, नगर कांग्रेस के महामंत्री राजेश नारा, वरिष्ठ कांग्रेसी मनोज चौरसिया,रोहित पांडे, नवनियुक्त एल्डरमैन नागराज कर्मा, हरी सेठिया,मुकेश कश्यप, नगर उपाध्यक्ष मोहन ठाकुर, एर्राबोर के युवा नेता शेख वहदुल्ला, सुनील यादव, युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष प्रताप आदि मौजूद थे।


Date : 10-Aug-2019

उद्योग मंत्री ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण, प्रभावित लोगों को शीघ्र सहायता राशि देने के निर्देश

छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 10 अगस्त।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के निर्देश पर प्रदेश के वाणिज्यिक कर आबकारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने आज यहां सुकमा और जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और पिछले दिनों हुई भारी वर्षा से हुई क्षति का जायजा लिया। उन्होंने सुकमा जिले के छिंदगढ़, सुकमा और कोंटा तहसील तथा बीजापुर जिले के भोपालपट्नम तहसील में वर्षा एवं शबरी व इंद्रावती नदी में आई बाढ़ से प्रभावित विभिन्न गांवों में हुई क्षति का हेलीकॉप्टर से जायजा लिया। इस अवसर पर उनके साथ बस्तर के सांसद दीपक बैज, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, नारायणपुर विधायक चन्दन कश्यप, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव एनके खाखा भी मौजूद थे। श्री लखमा ने जिले में बाढ़ से हुए मकान और अन्य सम्पत्ति के नुकसान के लिए प्रभावित सात व्यक्तियों को मौके पर सहायता राशि के चेक प्रदान किए।

श्री लखमा ने बताया कि उन्होंने जिले के तालनार, ओलेर, कोतरा सहित अन्य कई गांवों का जगदलपुर से सुकमा आते समय हेलीकॉप्टर से देखा। उन्होंने बताया कि बाढ़ से काफ ी नुकसान हुआ हैं। श्री लखमा ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि शीघ्र बाढ़ और बारिश से हुई क्षति का व्यापक सर्वे कर रिर्पोट शासन को भेंजेए इससे शीघ्र प्रभावितों को नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए सहायता प्रदान की जा सके। श्री लखमा ने कहा कि सुकमा में आई इस त्रासदी को देखने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आज यहां सुकमा आने का कार्यक्रम निर्धारित था। परन्तु उन्हें अति आवश्यक कार्य से दिल्ली जाना पड़ा, इसलिए वे नहीं आ पाए। उन्होंने मुझे और राजस्व एवं आपदा विभाग के सचिव को भेजा हैं। श्री लखमा ने कहा कि विगत पन्द्रह दिनों से पूरे संभाग में भीषण बारिश के कारण बाढ़ की भीषण स्थिति निर्मित हुई थी। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल स्थिति पर पूरी तरह नजर रखे हुए थे। बाढ़ प्रभावितों को राहत के संबंध में लगातार निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इस भीषण बाढ़ की स्थिति में पूरे प्रशासन ने बहुत अच्छा कार्य करते हुए जन-धन हानि से लोगों को बचाया। मंत्री ने सभी बाढ़ वास्तविक बाढ़ प्रभावित लोगों को राजस्व पुस्तक परिपत्र के अनुसार शीघ्र सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि इस दौरान बहुत से ऐसे लोग भी हैं जो इस स्थिति का बेजा फ ायदा उठाने की कोशिश करते हैं और बिना किसी हानि के भी आर्थिक सहायता प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। 

उन्होंने सिर्फ  बाढ़ प्रभावित लोगों को ही आर्थिक सहायता प्राप्त हो, इसके लिए पूरी पारदर्शिता के साथ करने के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ के कारण शासकीय एवं सार्वजनिक संपत्तियों के हुए नुकसान का सर्वेक्षण कर तत्काल अधोसंरचनाओं के निर्माण के लिए राज्य शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण कई क्षेत्र अभी जलमग्न हैं। बाढ़ का पानी उतरने के बाद राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों का संयुक्त दल बाढ़ प्रभावित इन क्षेत्रों में पहुंचकर बाढ़ से हुई हानि का वास्तविक सर्वेक्षण शीघ्र करे और बाढ़ प्रभावितों को आर्थिक सहायता दे।