छत्तीसगढ़ » सुकमा

Date : 13-Dec-2019

मुठभेड़ में पुलिस ने 1 ईनामी सहित 2 नक्सली को मार गिराया,साथ ही 3 हथियार सहित भारी मात्रा में नक्सल सामग्री बरामद, हुई शिनाख्त 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 13 दिसंबर।
जिले के थाना चिंतलनार क्षेत्रान्तर्गत गुरुवार को मुठभेड़ में पुलिस ने 1 ईनामी सहित 2 नक्सली को मार गिराया,साथ ही 3 हथियार सहित भारी मात्रा में नक्सल सामग्री बरामद किया गया। पूर्व आत्मसमर्पित नक्सलियों द्वारा मृत नक्सलियों की पहचान में मड़कम हिड़मा पेद्दाबैरकेल एलओएस का सदस्य व सोढी गंगा फुलनपाड़ मिलिशिया सदस्य के रूप में की गई।

उल्लेखनीय है कि नक्सलियों की उपस्थिति की स्थानीय सूचना पर 10 दिसंबर की रात थाना चिंतलनार एवं कैम्प बुरकापाल से एसटीएफ  एवं डीआरजी का संयुक्त बल थाना चिंतागुफ ा एवं चिंतलनार के क्षेत्रान्तर्गत जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में नक्सल गश्त सर्चिंग के लिए रवाना हुए थे। अभियान के दौरान 11 दिसम्बर को कुमोरतोंग के जंगल-पहाड़ी की सर्चिंग कर रहे थे, तभी सांय के समय नक्सलियों द्वारा घात लगाकर पुलिस पर फ ायरिंग की गई थी। पुलिस द्वारा भी फ ायरिंग की गई, इसके बाद नक्सली भाग निकले। 12 दिसम्बर को लगभग 9:15 बजे ग्राम पेद्दाबोरकेल के जंगल-पहाड़ के पास पुलिस की नक्सलियों के साथ पुन: मुठभेड़ हुई। पुलिस के बढ़ते दवाब को देख नक्सली भाग निकले। 

पुलिस तिम्मापुरम जंगल का सर्च करते हुए आगे बढ़ रहे थे। नक्सलियों द्वारा ग्राम तिम्मापुरम जंगल नाला के पास सुरक्षा बलों पर प्राणघातक हमला तथा हथियार लूटने के उद्देश्य से आईईडी का जाल बिछाकर एम्बुश लगाकर बैठे थे। तभी पुलिस को आता देख दोपहर लगभग 1: 30 बजे नक्सलियों द्वारा लगायें गये आईईडी की चपेट में आने से एसटीएफ जवान आरक्षक महेश नेताम गंभीर रूप से घायल हो गया। उसी समय पीछे  चल रही डीआरजी पर आईईडी विस्फ ोट करने के साथ-साथ अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध फ ायरिंग की गई। पुलिस द्वारा भी जवाबी फ ायरिंग की गई। पुलिस के दबाव को देख घने जंगल व पहाड़ की आड़ लेकर भाग खड़े हुए। नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी की चपेट में डीआरजी के 1 जवान को साधारण चोट आई। 

मुठभेड़ के बाद सर्चिंग के दौरान 2 नक्सली का शव, 1 नग 315 बोर बंदूक, 5 नग राऊंड, 2 नग भरमार बंदूक, 1 नग आईईडी, 1 नग नक्सली पिठ्ठू, दवाईयां, बीजली वायर, पेंसिल, सेल, आईईडी विस्फ ोक करने का स्वीप, 1 नग स्टेपलर, नक्सली साहित्य एवं अन्य दैनिक उपयोगी सामग्री बरामद किया गया। वहीं घायल दोनों जवानों को मौके से प्राथमिक उपचार हेतु थाना चिंतलनार लाया गया तथा एसटीएफ जवान महेश नेताम को बेहतर उपचार के लिए हेलीकाप्टर के माध्यम से रायपुर भेजा गया। 

 


Date : 12-Dec-2019

जिला मुख्यालय के एसपी कार्यालय में एएसपी नक्सल ऑपरेशन व सीआरपीएफ कमांडेंट के सामने एक-एक लाख के दो ईनामी सहित तीन नक्सलियों का समर्पण

सुकमा, 12 दिसम्बर। जिला मुख्यालय के एसपी कार्यालय में गुरुवार को एएसपी नक्सल ऑपरेशन सिद्धार्थ तिवारी व सीआरपीएफ  कमांडेंट ताशी ज्ञालिक के सामने गुरूवार को तीन नक्सली ने आत्मसमर्पण किया।

 3 नक्सली सदस्य जिसमें मंगल राम बघेल 25 निवासी दरभा क्षेत्र माचकोट एलजीएस सदस्य 1 लाख रूपये, सोड़ो गंगा राकेश  24 निवासी किस्टाराम क्षेत्र डीएकेएमएस अध्यक्ष करीगुंडम आरपीसी ईनामी 1 लाख रूपये, गोंचे धुरवा निवासी गादीरास क्षेत्र डीएकेएमएस अध्यक्ष ग्राम स्तर पर के द्वारा बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया गया। 

इस दौरान पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, अतिरिक्त  पुलिस अधीक्षक  सिद्धार्थ तिवारी, कमाण्डेंट ताशी ज्ञालिक, डिप्टी कमाण्डेन्ट लोकेश मेहता उपस्थित थे। 


Date : 12-Dec-2019

मुठभेड़, 2 नक्सली ढेर, विस्फोट में 2 जवान घायल, मारे गए नक्सलियों के पास से पिस्टल और भरमार बंदूक भी बरामद किया गया

छत्तीसगढ़ संवाददाता

सुकमा, 12 दिसंबर। गुरुवार दोपहर चिंतलनार थाना के तिम्मापुरम के पास सर्चिंग पर निकले जवानों की नक्सलियों से मुठभेड़ हुई। इस दौरान डीआरजी एसटीएफ जवानों पर ब्लास्ट कर जबरदस्त फायरिंग की गई। जवानों ने भी फायरिंग कर दो नक्सलियों को ढेर कर दिया। ब्लास्ट में दो जवान घायल हो गए। एसपी शलभ सिंहा ने मठभेड़ की पुष्टि की है।

आज दोपहर नक्सलियों द्वारा लगाया गया बड़ा एम्बुश जवानों ने तोड़ा। चिंतलनार के मोरपल्ली तिम्मापुरम के बीच नक्सलियों ने एम्बुश लगाया था। सर्चिंग पर निकले डीआरजी एसटीएफ जवानों पर ब्लास्ट कर जबरदस्त फायरिंग की गई। जवानों ने जवाबी कार्रवाई में दो नक्सलियों को ढेर कर दिया। जवानों पर दो ब्लास्ट किया गया। मौके पर फायरिंग भी हुई। 

मारे गए नक्सलियों के पास से पिस्टल और भरमार बंदूक भी बरामद किया गया। नक्सली ब्लास्ट में दो जवान भी घायल हो गए, जिनमें से एक को मामूली चोट आई है।


Date : 12-Dec-2019

ये माँ देती हर बेसहारे को सहारा, 17 साल पहले सात युवाओं ने की थी फाउंडेशन की शुरुआत 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोंटा, 12 दिसंबर।
बेसहारा और निसहाय होकर एकाकी जीवन जीने मजबूर बुजुर्गों को सहारा दे रहा है कोंटा का माँ सोसाइटी। बिना किसी सरकारी मदद के इस संस्था के छोटे से वृद्धाश्रम में न सिर्फ बुजुर्गों को बल्कि अरसे बाद फिर से किताब थामने वाले युवाओं को भी पनाह मिल रही है। नक्सली हिंसा के बीच तीन राज्यों की सीमाओं से लगे कोंटा में उजाड़ हो चुके लोगों की जीवन में फिर से खुशियां भरने का प्रयास मां सोसाइटी के युवा अपने सेवा कार्य से कर रहे हैं। 

बीमारियों के साथ लोगों के जज्बातों का इलाज 
17 साल पहले 7 युवाओं ने मां सोसाइटी की शुरुआत पीडि़त मानवता की सेवा के उद्देश्य से की थी। संस्था के मुखिया पेशे से डॉक्टर राजेश है। उन्होंने बताया कि समय के साथ लोग बिना किसी स्वार्थ के सेवा कार्य से जुड़ते चले गए हंै। बेघर हो चुके बुजुर्गों की मदद, बुनियादी शिक्षा, स्वास्थ्य और जंगल में रहने वाले आदिवासियों तक हरसंभव मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। बेसहारा बुजुर्गों के अलावा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सेवा कार्यों से प्रभावित होकर अब कोंटा के लोग राजेश डॉक्टर को बीमारियों के साथ जज्बातों का इलाज करने वाले डॉक्टर कहने लगे हंै। 

साथ पाकर मुस्कुराने लगे हैं बुजुर्ग 
कोंटा के वृद्धाश्रम में पहले एक-दो ही बुजुर्ग आते थे, लेकिन विगत कुछ सालों से यहां आने वाले बुजुर्गों की संख्या बढ़ी है। स्थानीय वालेंटियरों के द्वारा बताया जाता है कि बुजुर्गों को यहां रहने के अलावा समय पर खाना और नाश्ता दिया जाता है। युवा आपसी और आर्थिक सहयोग से रोजमर्रा की जिंदगी की उनकी जरूरतें भी पूरी कर रहे हंै। 
जीवन के इस पड़ाव के चंद लोगों का साथ पाकर दु:खी रहने वाले बुजुर्ग भी अब मुस्कुराने लगे हंै। अलग-अलग गांवों में वालेंटियर बनकर युवा मानवता की असली परिभाषा को चरितार्थ कर रहे हैं।

अपनी तरह का ब्लड डोनेशन ग्रुप भी 
पिछड़े इलाकों में 200 युवाओं को जोडक़र बनाया ब्लड डोनेशन ग्रुप सडक़ जैसे बुनियादी सुविधा भी जहां बरसों से पहुंच नहीं पाई हैं, ऐसे जगह पर लगभग 200 युवाओं को जोडक़र डॉ.राजेश ने अपने तरह का अनोखा ब्लड डोनेशन ग्रुप बनाया है। नक्सली हिंसा में घायल आईईडी की चपेट में आने वाले आदिवासियों के अलावा मुठभेड़ में घायल होने वाले जवानों को एक मैसेज में खून देने ये युवा पहुंच जाते हंै। लाल आतंक से बेखौफ आदिवासियों को समाज की मुख्यधरा में जोडऩे का प्रयास कर रहे हैं। 

माँ सोसाइटी का सहारा ले रहे 74 वर्षीय बिच्चम ने बताया कि लगभग 12-13 वर्षों से माँ सोसाइटी इनको एक माँ का सहारा दे रही है। इनकी दो बेटियां हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। एक बेटी की मृत्यु हो चुकी है व एक बेटी कहां रहती हैं, इन्हें नहीं पता। बिच्चम ने बताया कि उनको माँ सोसाइटी में एक माँ का सहारा मिला। 

मदर टेरेसा के आदर्शों से प्रेरित होकर शुरू हुआ माँ सोसाइटी - डॉ राजेश 
17 साल पहले एक छोटा सा क्लीनिक चलाने वाले डॉ. राजेश ने कोंटा के साप्ताहिक बाजार में वृद्ध महिला को देखा। जानकारी लेने पर पता चला कि उनके बच्चों ने उसको बेदखल कर दिया, जिसके चलते वो भीख मांगने पर मजबूर हैं। राजेश ने उसी दिन तय किया कि एक सेवाश्रम खोला जाए। अपनी क्लीनिक की कमाई और सहयोग से खोली संस्था बनी माँ।
मदर टेरेसा को आदर्श मानने वाले डॉ. राजेश ने बताया कि 17 वर्ष पहले शुरू किया गया यह आश्रम स्थानीय नगवासियों के द्वारा शुरुवात दौर से आज तक हाथ बड़ा कर सहयोग कर रहे हैं। जिसकी वजह आज कई बेसहारा व निसहाय बुजुर्ग को माँ सोसाइटी का सहारा मिल रहा है 

कई बार समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के द्वारा निरीक्षण किया गया, पर 17 वर्षों में मिला तो सिर्फ आश्वासन।
डॉ. राजेश ने कहा कि ईश्वर के आशीर्वाद और नागरिकों के सहयोग से वो अंतिम सांस तक माँ के साथ रहेंगे।