छत्तीसगढ़ » सुकमा

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Posted Date : 20-May-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    दोरनापाल, 20 मई। सुकमा जिले के केरलापाल कैम्प के पास आज ट्रैक्टर ट्राली पलटने से 1 बच्चे की मौत हो गई जबकि 4 जख्मी हो गए। 
    मिली जानकारी के अनुसार  ट्रैक्टर कुड़केल से दोरनापाल  जा रहा था और ट्रॉली में  7 लोग सवार थे।  राष्ट्रीय राजमार्ग पर केरलापाल चेकिंग नाका से  आगे ट्राली पलट गई जिसमेें  दबकर 5 वर्षीय  वंजम नामक बच्चे की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही केरलापाल कैम्प  से सीआरपीएफ बी 2 वी वाहिनी के सहायक कमांडेंट कमलेश पांडेय व एसआई मनोज यादव ने जवानों के साथ वक्त पर पहुंच घायलों को मदद दी और केरलापल प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में प्राथमिक उपचार कराकर  सुकमा भेजा जहां इलाज जारी है ।  
    घायलों में पोडियम सुला, पोडियामी हिड़मे, कवासी भीमा, माड़वी भीमे ,जयसूर्या शामिल हैं। चालक कमल मरकाम घटना के बाद से फरार है । बताया गया कि  ट्रैक्टर एक कम उम्र का युवक चला रहा था।

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Posted Date : 03-May-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सुकमा, 3 मई। कोंटा क्षेत्र का नक्सल एरिया कमांडर सोयम कामा आज  मुठभेड़ में मारा गया। सोयम पर 5 लाख का इनाम था। उस पर 50 से ज्यादा वारदातों में शामिल होने का आरोप है।
    सूत्रों के मुताबिक कोंटा थाना क्षेत्र के कन्हाईगुड़ा में सोयम की मौजूदगी की जानकारी मिली थी, जिसके बाद सुबह डीआरजी और एसटीएफ की एक टीम को  भेजा गया था। टीम जैसे ही  पहुंची, नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जिसमें सोयम मारा गया। पुलिस इसे बड़ी कामयाबी के तौर पर देख रही है।  पुलिस के  मुताबिक  सोयम कामा कई बड़ी वारदात  के अलावा हाल ही  में कई बड़ी वारदातों में वो शामिल था। 


    आधा दर्जन गाडिय़ां फूंकीं
    बीजापुर, 3 मई। नक्सलियों ने बीती रात पुसगुड़ी में सड़क निर्माण में लगे आधा दर्जन वाहनों को आग लगा दी। 
    प्रधानमंत्री गराम सड़क योजना के तहत बीजापुर के एक ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण करवाया जा रहा है। रात  11 बजे मद्देड़ एरिया कमेठी के दो दर्जन से ज्यादा नक्सली पहुंचे और यह वारदात की।  वाहनों में एक जेसीबी, चार ट्रैक्टर, एक रोलर शामिल है। घटनास्थल पर नक्सलियों ने  पर्चे भी फेंके हैं।

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Posted Date : 21-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    दोरनापाल/सुकमा, 21 अप्रैल। सुकमा जिले के किस्टाराम थाना क्षेत्र में शुक्रवार-शनिवार की रात नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में सीआरपीएफ का एक जवान शहीद हो गया। सीआरपीएफ 212वीं बटालियन की टीम क्षेत्र में सर्चिंग पर थी। सुकमा पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा ने घटना की पुष्टि की है।
    सीआरपीएफ 212वीं बटालियन की एक टुकड़ी बीती देर रात पालोड़ी कैंप से क्षेत्र में सर्चिंग पर निकली थी। इसी दौरान घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। इसी बीच सीआरपीएफ 212वीं बटालियन में एएसआई के पद पर पदस्थ अनिल कुमार मौर्य को गोली लग गई। घटना स्थल पर ही वे शहीद हो गए। शहीद जवान अमेठी जिला उत्तर प्रदेश के नरैनी ग्राम के निवासी थे। बताया गया कि सीआरपीएफ की टीम अब भी क्षेत्र में सर्चिंग में लगी हुई है। शहीद जवान के शव को हेलीकाप्टर से जिला मुख्यालय लाया गया जहां पोस्टमार्टम के बाद शव को गृह ग्राम भेजा जाएगा।
    गौरतलब हो कि बीते माह 13 मार्च को किस्टाराम थाने के पालोड़ी कैंप जा रहे एलएमपीवी व्हीकल को ब्लास्ट कर नक्सलियों ने उड़ा दिया था। इस घटना में सीआरपीएफ 212वीं बटालियन के 9 जवान शहीद हो गए थे।

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Posted Date : 26-Mar-2018
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    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सुकमा, 26 मार्च। सुकमा के कोंडासावली में आज सुबह नक्सल विस्फोट में सीआरपीएफ का एक इंस्पेक्टर जख्मी हो गया। दंतेवाड़ा अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।   
    पुलिस के मुताबिक आज सुबह सुकमा के कोंडासावली में चल रहे रोड निर्माण की सुरक्षा में सीआरपीएफ के जवान लगे हुए थे। सुबह 9.30 बजे नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया। बम विस्फोट के बाद फायरिंग शुरू कर दी। दोनों तरफ से करीब एक घंटे तक गोलीबारी भी हुई, जिसके बाद नक्सली मौके से फरार होने में कामयाब रहे।   विस्फोट में घायल इंस्पेक्टर एएम अयुप्पन सीआरपीएफ  231वीं बटालियन का है। 

    ओडिशा में 3 नक्सली ढेर
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 26 मार्च।  बस्तर से लगे ओडिशा के कोरापुट में  मुठभेड़ में 3 नक्सलियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया। घटनास्थल से बड़ी मात्रा में विस्फोटक और नक्सल सामान भी बरामद किया है।
    मिली जानकारी के अनुसार कोरापुट जिले के नारायनपटना के डोकरीघाट इलाके में सर्चिंग पर निकले सुरक्षाबलों पर घात लगाए बैठे नक्सलियों ने हमला कर दिया। सुरक्षाबलों के जवाबी कार्रवाई से नक्सली भाग निकले इस दौरान तीन नक्सली मारे गए।

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Posted Date : 27-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सुकमा, 27 जनवरी। जिले के डोरलापारा-मोरपल्ली के जंगल में शनिवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में जवानों ने 2 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया है। जवानों ने शव सहित हथियार बरामद किया है।
    शनिवार को पुलिस को सूचना मिली की काफी संख्या में नक्सली जंगल में बैठक कर रहे हैं। तत्काल चिन्तलनार व नरसापुरम से जिला पुलिस और कोबरा 201वीं वाहिनी की संयुक्त टीम चिन्नाबोडफ़ेल, रायगुड़ेम, जब्बागट्टा की ओर रवाना हुई। जवान डोरलापार-मोरपल्ली के जंगल पहुंचे थे कि नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। 
    जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। इस बीच नक्सली जवानों को भारी पड़ता देख भाग निकले। जवानों ने घटनास्थल की तलाशी ली तो वहां 2 हार्डकोर नक्सलियों के शव हथियार सहित बरामद किया। मारे गए नक्सलियों की शिनाख्ती अभी नहीं हो पाई है। पुलिस पार्टी घटना स्थल से वापस नहीं लौटी है। 

     

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Posted Date : 27-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कूकानार, 27 जनवरी। सुकमा जिले के तोंगपाल में बीती रात राइस मिल की दीवार ढहने से तीन मजदूरों की मौत हो गई हैं। वहीं पांच मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गये हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में घायलों का इलाज के बाद मजदूरों को जगदलपुर  भेजा गया है।  
    मिली जानकारी के अनुसार बीती रात तोंगपाल स्थित अरिहंत राईस मिल में एक दर्जन से ज्यादा मजदूर कनकी भरने का काम कर रहे थे। शुक्रवार को गणतंत्र दिवस होने के चलते दिन का काम रात में किया जा रहा था। इस दौरान अचानक दीवार ढह गई। मलबे में दबने की वजह से मजदूर पनकू, फूलचंद  व सोमा मंगल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बैजनाथ, मदन, नारायण, लक्खी और परसू गंभीर रूप से घायल हो गए।
    घटना की सूचना मिलते ही मौके पर कोन्टा विधायक कवासी लखमा, एसडीएम सुकमा जेआर चौरसिया समेत छिदंगढ़ तहसीलदार मौके पर पहुंचे और घटना का जायता जिलया। कोन्टा विधायक कवासी लखमा ने पीडि़त परिवारों से मुले। वहीं जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 50—50 हाजार रूपये तत्काल देने की घोषणा की है। कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने बताया कि सुकमा एसडीएम को पूरे मामले की जांच हेतु निर्देशित किया गया है।

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Posted Date : 30-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सुकमा, 30 दिसंबर। जिला बल एवं सीआरपीएफ  की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को 12 नक्सल आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी को न्यायालय दंतेवाड़ा में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
     गिरफ्तार आरोपियों में माडवी तमैया नीलाममडग़ु जनमिलिशिया सदस्य, सोढ़ी दुला, सोढ़ी भीमा, कवासी मंगडू, कवासी हुंगा, वंजाम बुधरा, माड़वी सुक्का उर्फ  खोडिय़ा, सोढी़ केसा, मुचाकी मुड़ा, मुचाकी हड़मा, सोयम सिंगा, मुचाकी माड़का, मड़कम हड़मा है। सभी मिलिशिया सदस्य हैं। ग्राम चिखलगुड़ा के पास एनएच 30 पर निजी स्कार्पियों एवं मोटरसाइकिल में आगजनी कर मारपीट व लूटपाट करने के अपराध में शामिल थे।

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Posted Date : 28-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    दोरनापाल, 28 दिसंबर। सुकमा जिले के धरमापेंटा और फैदागुड़ा के बीच बीती रात नक्सलियों ने एक पुल को आईंईडी ब्लास्ट कर उड़ाने की कोशिश की, जिससे पुल में दरारें पड़ गई हैं।् गुरुवार की सुबह धरमापेंटा से सर्चिंग पर निकली फोर्स ने मौके का मुआयना किया। गौरतलब है कि बीते पखवाड़े भर से नक्सलियों ने जिले के अलग-अलग इलाकों में जमकर उत्पात मचाया है। किस्टाराम थानाक्षेत्र में ही सड़क निर्माण में लगी दो दर्जन से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया था, वहीं कोंटा के फन्दीगुड़ा के पास एक निजी वाहन को आग लगाकर क्षेत्र में दहशत फैलाने की कोशिश की है। एसपी अभिषेक मीणा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नक्सलियों ने जिले के धर्मपेंटा के पास ब्लास्ट और फायरिंग की है। नक्सलियों और पुलिस के बीच फायरिंग हुई है लेकिन किसी के कोई हताहत होने की खबर नहीं है।

     

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Posted Date : 28-Dec-2017
  • बुधवार को 12 नक्सलियों को किया था गिरफ्तार
    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    दोरनापाल, 28 दिसंबर। ओडिशा के मलकानगिरी जिले में पुलिस अभिरक्षा में एक नक्सली ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार को ही पुलिस ने जिले के माथली, कालीमेला और चित्रकोंडा थाना क्षेत्र से 12 नक्सलियों को गिरफ्तार कर मुख्यालय लाया था।
    पुलिस कार्रवाई के बाद सभी गिरफ्तार नक्सलियों को बुधवार देरशाम कोर्ट ले जाया जा रहा था। इस दौरान नक्सली कवासी सोमा शौच जाने के बहाने पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित शौचालय में गया। काफी देर बाद भी सोमा बाहर नहीं निकला तो पुलिस जवानों द्वारा शौचालय की तलाशी लेने पर सेामा बाथरूम के छत से लटका मिला। आनन-फानन में जवानों ने उसे तत्काल जिला चिकित्सालय ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
    मलकानगिरी पुलिस अधीक्षक जगमोहन मीना ने बताया कि नक्सली द्वारा फांसी लगाए जाने की सूचना मिलते ही उसे फांसी के फंदे से उतार अस्पताल में भर्ती करया गया था। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

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Posted Date : 25-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    दोरनापाल, 25 दिसंबर। सुकमा जिले के कोंटा सीआरपीएफ कैंप के पास बीती रात नक्सलियों ने  कई वाहनों को फूंक दिया। इस दौरान लोगों से मारपीट भी की। सप्ताह भर के भीतर आगजनी की यह तीसरी घटना है।
    मिली जानकारी के अनुसार कोंटा से पांच किमी दूर सीआरपीएफ कैंप से लगे गांव फन्दीगुड़ा में नक्सलियों ने कई गाडिय़ों को आग लगा दी। इनमें कार,ट्रक और मोटरसाइकिल शामिल हैं। 
    ज्ञात हो कि तीन दिन पूर्व किस्टाराम इलाके में भी नक्सलियों ने वाहनों में आग लगा दी थी।  इसके कुछ दिन पहले कोंडागांव में भी आगजनी की थी। 

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Posted Date : 06-Dec-2017
  • बस्तर के कोंडागांव में नक्सलियों से मुठभेड़ में एक सुरक्षाकर्मी घायल हो गया जिसे हेलीकॉप्टर से रायपुर लाया जा रहा है।

    सुकमा, 6 दिसंबर। जिले के चिन्तलनार के दुलेड़ जंगल में बुधवार सुबह से कोबरा बटालियन और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है। 
    चिन्तलनार क्षेत्र में कोबरा 201 बटालियन की टीम सर्चिंग पर है। बुधवार की सुबह टीम दुलेड़ के जंगल में गश्त कर रही थी। उसी दौरान उनका सामना नक्सलियों से हो गया। नक्सलियों ने जवानों को देख फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू की। समाचार लिखे जाने तक मुठभेड़ जारी है।
    ज्ञात हो कि इसी क्षेत्र से कल कोबरा के जवानों ने एक नक्सली को मार गिराया था। घटनास्थल से नक्सली का शव के साथ एक भरमार बंदूल बरामद किया था। कल नक्सली जवानों को भारी पड़ता देख भाग निकले थे। 

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Posted Date : 03-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सुकमा,3 दिसम्बर। मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह तेन्दूपत्ता बोनस तिहार  पर जिले के छिंदगढ़ में सुकमा तथा बस्तर के  संग्राहकों को 9 करोड़  9 लाख 33 हजार से अधिक की राशि का बोनस वितरण किया। इस मौके परउन्होंने 24 करोड़ 44 लाख के 4 प्रमुख कार्य का लोकार्पण और 29 निर्माण कार्यों लागत 206 करोड़ 61 लाख का शिलान्यास किया। 
    इस मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते सीएम रमन सिंह ने कहा कि जब मैंने सुकमा को जिला बनाया, तो कई लोगों ने मेरा मजाक उड़ाया था। लोगों ने हंसी उड़ाई थी कि सुकमा में कौन अधिकारी आएगा। ये बातें आज   मुख्यमंत्री रमन सिंह ने सुकमा के छिंदगढ़ में आयोजित तेंदूपत्ता बोनस तिहार के तहत आयोजित  संग्राहकों को बोनस वितरण के दौरान कहीं।  उन्होंने कहा कि सभी नक्सल प्रबावित जिलों को अलग से अनुदान मिलेगा और इससे बस्तर में विकास का रास्ता खुलेगा। अगले साल हम कोंटा तक सड़क निर्माण शुरू करेंगे।
    उन्होंने कहा जिन लोगों ने हंसी उड़ाई थी उन्हें आज सुकमा आकर देखना चाहिए कि यहां कलेक्टर आफिस, सीईओ आफिस । और सुकमा ही नहीं कोंटा तक विकास हो रहा है। आज मैं लोगों को बोलता हूं विकास देखना है तो सुकमा चलकर देखें। जिला बनने के बाद किस तरह विकास हुआ है।
    मुख्यमंत्री के साथ अनु. जाति जनजाति विभाग,शिक्षामंत्री और प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, वन मंत्री  महेश गागड़ा, बस्तर सांसद दिनेश कश्यप भी शामिल थे। छिंदगढ़ के हाई स्कूल मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के 55448 तेन्दुपत्ता संग्रहको को बोनस वितरण किया गया। 
    मुख्यमंत्री ने लोकार्पण के साथ-साथ विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से मुलाकात की। जिसमें तेन्दुपत्ता बोनस, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आबादी पट्टा वितरण योजना, वन अधिकार मान्यता प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सौर सुजला योजना, प्रग्रतिशील किसान, स्मार्ट कार्ड, सरस्वती सायकल योजना, कौशल विकास योजना, छात्र सुरक्षा बीमा योजना साथ ही जिला प्रशासन द्वारा संचालित जागृति कार्यक्रम हैं। 

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Posted Date : 19-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    दोरनापाल, 19 नवंबर। जिले सुकमा के चिंतागुफा इलाके में आज सुबह प्रेशर बम विस्फोट में सीआरपीएफ का एक घायल जवान बुरी  तरह जख्मी हो गया। इलाज के लिए रायपुर ले जाते उसकी मौत हो गई।  
     मिली जानकारी के अनुसार सीआरपीएफ 150 बटालियन के जवान सुबह 5 बजे सर्चिंग पर थे। उसी दौरान चिंतागुफा के पास नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर बम की चपेट में जवान आ गया। शहीद जवान के. वेंकटेश सीआरपीएफ 150 बटालियन की डी कम्पनी में हेडकांस्टेबल था। वह राजमहेन्द्री का निवासी था।

     

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Posted Date : 13-Nov-2017
  • कोंटा के 50 फीसदी बच्चे अब भी प्राथमिक शिक्षा से दूर
    दोरनापाल, 13 नवंबर।   दक्षिण बस्तर के सुकमा जिले में शिक्षा प्रत्येक बच्चों तक नही पहुंच पा रही क्योंकि स्थानीय अवधारणाएं और घरेलू काम की जिम्मेदारी इन बच्चों की शिक्षा पर रोढ़ा बनी हुई है । छत्तीसगढ़ की टीम को कोर्रापाड से लौटते वक्त रास्ते पर 8 साल का लड़का कलमु सिंगा स्कूली गणवेश में गाय चराते दिखा हाँथ में लाठी थी कांधे पर छाता दूसरे हाँथ में खाना, उसने बताया कि वह दूसरी तक पढ़ा जिसके बाद से उसकी शिक्षा पर पाबंदी लग गई क्योंकि एक घर से एक शिक्षित की अवधारणा यहां बनी हुई है। कोलाइगुड़ा के वंजाम गंगा और वेट्टी सोमा कहते हैं कि जब गांव में स्कूल ही नही तो कैसे पढ़ाएं, इससे बेहतर की काम काज में लगे ताकि भविष्य में काम मे परेशानी न हो। बिराभेटटी के नंदा कहते हैं कि मेरा एक बच्चा पोटाकेबिन में पढ़ रहा है दूसरे को भी भेज दूंगा तो घर के काम में सहयोग कौन करेगा। गांव में स्कूल होता तो जरूर भेजता।
     छत्तीसगढ़  ने मामले पर पूरे कोंटा ब्लॉक के हालातों की पड़ताल की तो पाया कि सिंगा ऐसा पहला बच्चा नही कोलाइगुड़ा की सरस्वती जग्गावरम के केसा और हंदा, बीराभेटटी का रमेश जैसे पूरे कोंटा ब्लाक में तकरीबन 10 हजार बच्चे ऐसे हैं जो स्कूल नही जा पाते , इसमें 6 से लेकर 18 वर्ष तक के बच्चे और युवक-युवती शामिल हैं । 
    वर्ष 2006 से अब तक ब्लॉक में 96 स्कूल बंद किये गए इस वजह को भी हालात का जिम्मेदार बताया जाता है । क्योंकि उनके गांव में स्कूल नहीं ,और घर के एक बच्चे को अनिवार्य तौर पर गांव में ही रहना होता है जिस वजह से हर घर का एक या अधिक बच्चा शिक्षा से वंचित रह जाता है । कम उम्र में नर्म कांधों पर जिम्मेदारियों का बोझ बड़ी संख्या में बच्चों के भविष्य पर अशिक्षा,अज्ञानता, के साथ कुसंगति भी आने लगती है जिससेे बच्चों के साथ साथ ज्यादातर युवतियाँ भी स्कूल नहीं जा पाती। क्षेत्र में जागरूकता का अभाव है । 
    बच्चों पर जिम्मेदारियों का बोझ
    विडम्बना है कि जिले में 47000 बच्चे स्कूल जाते हैं और 31000 बच्चे आश्रम पोटाकेबिन में हैं लेकिन कोंटा ब्लॉक में 50 प्रतिशत बच्चे भी शिक्षा से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए। क्योंकि कोंटा ब्लॉक में आंचलिक क्षेत्रों में कम उम्र से ही इलाके में बच्चों के कंधे पर जिम्मेदारियों का बोझ डाल दिया जाता है। जब बच्चा 6 साल का हो जाता है तब से उसपर खेत देखने,लकड़ी लाने,पानी लाने,खाना पकाने,खेत जोताई, मेढ़ बांधने,धान कटाई,वनोपज, पशुपालन, शिकार, मजदूरी और परिवार का पेट पालने की जिम्मेदारियों का बोझ उम्र के साथ बढ़ता जाता है। 
    10-12 साल की उम्र में बच्चा लगभग सभी काम करता है और 15 वर्ष की उम्र से ही बच्चा पड़ोसी राज्य में मजदूरी करने निकल जाता है । इस तरह जो उम्र खेल कूद से शारीरिक विकास की होती है उस उम्र में बच्चे काम काज के मानसिक तनाव में शारीरिक और मानसिक विकास पूरी तरह नहीं हो पाता।
    कौन  जिम्मेदार
    जब  बात  आई कि प्राथमिक स्तर से बच्चों को शिक्षा से जोडऩे की जिम्मेदारी किनकी है और शिक्षा से वँचित रहने पर कौन कौन जिम्मेदार है । मिली जानकारी के अनुसार बच्चे की प्राथमिक शिक्षा के लिए सबसे पहली जिम्मेदारी उनके माता-पिता की होती है ज्यादातर इलाके में शिक्षा का अभाव है इस वजह से जिम्मेदारी ग्राम सभा ,शाला समिति,प्रधान पाठक , शिक्षा स्तर के अधिकारियों की भी बनती है कि गांव में अशिक्षित परिवार को शिक्षा हेतु जागरूक करें ताकि नई पीढ़ी शिक्षा से जुड़े । शिक्षा विभाग द्वारा इसको लेकर अभियान भी चलाये जाते है मगर धरातल तक अभियान नही पहुंचती। बावजूद जब गांव के बच्चे शिक्षा से किसी कारण वँचित रहे तो माता पिता समेत ये सभी भी जिम्मेदार होते हैं। 
    (रिपोर्ट मीडिया कलेक्टिव चाइल्ड राइट्स फेलोशिप के तहत )
    घर का काम भी जरूरी है । अकेले सब काम करना मुमकिन नही गांव में स्कूल होता भी तो कुछ साल पढ़ाकर काम मे लगाना पड़ता है । रोजगार के साधन नही हैं यहां इस वजह से घर के काम से तैयार कर आंध्र भेज देते है पैसे कमाने यहां सभी गांवों में ये हाल है । जब घर की जिम्मेदारी बच्चे के सर पर आ जाता है तो पढ़ाई छूट जाता है ।

    - वंजाम भीमा,  बिराभेटटी

    बच्चे को स्कूल भेजने की प्राथमिक जिम्मेदारी उनके माता पिता की होती है । सरकार बच्चों को शिक्षा से जोडऩे का पूरा प्रयास कर रही है और जिला प्रशासन व्यवस्था को और बेहतर बनाने का , प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोडऩे सभी के सहयोग की आवश्यकता है । इस उम्र में बच्चों का शारीरिक विकास और मानसिक विकास होता है । परिजनों में जागरूकता का अभाव है ग्राम सभा ,समिति को इस हेतु प्रयास करनी चाहिए । शिविर के माध्यम से हम जागरूकता का प्रयास कर रहे हैं । यदि कोई कर्मचारी शिक्षा को लेकर लापरवाही करता है तो ग्राम सभा को वेतन रोकने का अधिकार है और मुझे शिकायत करें कार्यवाही होगी ।    
    -जयप्रकाश मौर्य, कलेक्टर ,सुकमा

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Posted Date : 01-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    दोरनापाल, 1 अक्टूबर। सुकमा जिले के दोरनापाल से 11 किमी दूर पोलमल्ली के पास चल रहे सड़क निर्माण के दौरान पेड़ के नीचे से एक के बाद एक कुल 3 प्रेशर आईईडी बरामद की गई । जिसके बाद इलाके में तलाशी ली गई । तलाशी के दौरान मीले आईईडी को सकुशल ब्लास्ट कर निष्क्रिय कर बड़ी घटना को टाला गया। इस दौरान रास्ते में कुछ समय के लिए आवागमन को भी रोक दिया गया ताकि कोई हताहत न हो । 
     ज्ञात हो कि बीते दिनों शुरू हुए सड़क निर्माण के बाद से लगातार नक्सली निर्माण को रोकने आईईडी लगाने लगे हंै। शुक्रवार सुबह 11 बजे पोलमपल्ली के पास से उस वक्त आईईडी बरामद हुई जब जवान पेड़ के नीचे आराम करने जा रहे थे कि अचानक जवान की नजर प्रेशर पॉइन्ट पर पड़ी और तत्काल बम निरोधक दल को बुलवाकर आईईडी निष्क्रिय किया गया और एक के बाद एक 3 आईईडी निष्क्रिय किये गए। पूरी कार्यवाही जिला पुलिस और सीआरपीएफ की थी। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर पेंटा से 10 किलो का आईईडी बरामद किया गया जिसे सीआरपीएफ 150 वीं बटालियन के कमांडेंट जमाल खान के मौजूदगी में निष्क्रिय किया गया।
    जोखिम में कछुआ गति से निर्माण
    ज्ञात हो कि जगरगुंडा मार्ग पर सड़क के काम शुरू होने के बाद से अब तक लगभग 85 आईईडी बरामद किए जा चुके हैं। इस जोखिम के बीच सैकड़ों जवान अपनी जान दांव पर लगा सड़क निर्माण को सुरक्षा दे रहे हैं मगर ठेकेदार द्वारा काम मे ढील देकर कछुआ गति से सड़क का निर्माण किया जा रहा है। ये वही सड़क है जिसकी सुरक्षा में लगे 25 जवान बुरकापाल हमले में शहीद हो गए थे जिसके बाद से सीआरपीएफ ने सड़क निर्माण को सुरक्षा देने से इंकार कर दिया था जिसके बाद से निर्माण कार्य प्रभावित रहा। लम्बे दिनों बाद जब संयुक्त पुलिस फोर्स ने दोबारा सड़क को सुरक्षा दी तो धीमी गति से निर्माण चल रही है ज्ञात हो कि रोजाना इस सड़क पर मात्र 20 से 25 मीटर काम हो रहा है जबकि एनएच 30 पर रोजाना 200 मीटर का काम होता है ।
    सड़क सुरक्षा के जवान फिर निशाने पर 
    एक बार फिर सड़क काम के दौरान मौत का सामान वहां से मिला जहां जवान, मजदूर और स्थानीय ग्रामीण आमतौर पर दोपहर के वक्त आराम करते हैं । जैसे ही कुछ जवान आराम करने पेड़ के नीचे पहुंचे उनमें से एक जवान की नजर प्रेशर ट्रिगर पर पड़ी उस वक्त कुछ ग्रामीण भी उसी जगह लकड़ी रख आराम का इंतजाम भी कर रहे थे। सीआरपीएफ 223 की बीडीएफ टीम ने बम होने की पुष्टि की फिर खुदाई कर आईईडी की पहचान की गई नक्सलियों ने आईईडी सड़क सुरक्षा टीम को निशाना बनाने के लिए लगा रखा था कि जैसे ही जवानों की टुकड़ी पेड़ के नीचे बैठे वैसे ही जवानों को बड़ा नुकसान हो पर जवान की सतर्कता से घटना टल गयी। ये इलाके में पहली घटना नहीं है बुर्कापाल हमले के बाद तीसरी बार सड़क सुरक्षा टीम को निशाना बनाने नक्सलियों ने आईईडी लगाया है । बुर्कापाल हमले की खास वजह भी सड़क का काम रोकना था।
    आईईडी की नई तकनीक अपना रहे 
    बीते महीनों में पाया गया कि माओवादियों ने आईईडी लगाने की तकनीक में काफी बदलाव किया है । भेज्जी हमले के कुछ दिन पहले की सोशल रिपोर्ट के अनुसार नक्सलियों के पास आईईडी का मटेरियल बारूद खत्म होना बताया गया था कुछ ही दिनों में फिर से बड़ी संख्या में आईईडी लगने फिर शुरू हुए । जिसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि आईईडी ज्यादा तर बरामद या निष्क्रिय साबित हुए और अब आधुनिक और नई तकनीक का सहारा ले रहे हैं । बीते दिनों मिले पाइप की प्रेशर बम का प्रेशर पॉइंट एक सिरिंज के पिछले हिस्से की तरह था जिसपर पैर रखते ही एक नही 3 आईईडी एक साथ ब्लास्ट हो सकते थे और बड़ी संख्या में जवानों को नुकसान हो सकता था।

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Posted Date : 22-Sep-2017
  • गोलापल्ली मुठभेड़ के बाद बरामद दस्तावेज से खुलासा
    संगठन में भर्ती में भी भारी कमी
    सतीश चाण्डक
    सुकमा, 22 सितंबर (छत्तीसगढ़)। ये साल नक्सलियों के लिए काफी नुकसानदायक रहा। नक्सली बैठक में हर साल नुकसान-फायदे के आंकड़ा रखते हंै। कुछ माह पूर्व गोलापल्ली इलाके में हुई मुठभेड़ के बाद इसके दस्तावेज बरामद हुए। जिसमें कई अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगीं। खासकर उसमें यह लिखा गया था कि इस साल जुलाई 16 से जुलाई 17 तक करीब 90 नक्सली मारे गए। साथ ही संगठन में भर्ती होने वालो में भी कमी आई। इधर खबर की पुष्टि करते हुए एसपी अभिषेक मीना ने कहा कि नक्सलियों से बरामद दस्तावेज-साहित्य में यही जानकारी मिली है। उन्हें काफी नुकसान हुआ है।
    पुलिस  के मुताबिक कुछ माह पूर्व जिले के गोलापल्ली इलाके में मुठभेड़ हुई थी। जिसमें प्लाटून सदस्य दीपक और गोलापल्ली एरिया एलओएस माड़वी पोदिया मारे गऐ थे। वहां सर्चिंग करने पर बहुत सारे दस्तावेज और साहित्य बरामद हुए। जो  गोंडी में लिखे हुए थे। इससे पुलिस को कई जानकारियां हाथ लगीं। बताया जाता है कि इस दस्तावेज के अनुसार  इस साल अगस्त के अंतिम दिनों या फिर सितम्बर के शुरूआती दिनों में नक्सलियों की बैठक होने वाली थी जिसके लिए यह जानकारी बनाई गई थी।
    इस दस्तावेज के अनुसार  जुलाई 2016 से जुलाई 2017 तक नक्सलियों के करीब 90 लोग मारे गऐ। जिसमें तोंडेमरका में काफी बड़ा नुकसान हुआ था। वही पुलिस की मानें तो पापाराव ने भी अक्सर बैठकों में तोंडेमरका का जिक्र किया है जिसमें करीब 45 नक्सली मारे जाने की बात कही। लेकिन मुठभेड़ के बाद  अपने पर्चों और पोस्टर में नुकसान होने से इंकार किया है। जबकि कुछ और साहित्य में 45 लोग ही मारे जाने की बात कही गई।
    वही  दस्तावेज में नक्सली संगठन में भर्ती को लेकर भी लिखा गया है। दक्षिण बस्तर सुकमा जिले से मात्र 77 लोग भर्ती हुए।  पहले यहां से करीब 300 लोग भर्ती हुआ करते थे। वहीं बाकी जगहों  े दरभा से 12, पश्चिम बस्तर से 52 भर्ती हुए।  पूरे बस्तर से 500 लोग भर्ती हुआ करते थे जो अब 140 पर आ गया।
    बरामद दस्तावेज से मिली जानकारी - अभिषेक मीना 
    पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीना ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि गोलापल्ली मुठभेड़ से साहित्य बरामद हुआ है। जिसमें नक्सलियों के 90 लोग मारे जाने की जानकारी लिखी हुई है। वही भर्ती में भी भारी कमी आई है। 
    सुकमा जिले से जहां 300 नक्सली हर साल भर्ती हुआ करते थे इस साल मात्र 77 नक्सली भर्ती हुए। वही उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार आपरेशन कर रही है। साथ ही तोंडेमरका में नक्सलियों को काफी नुकसान हुआ है। वही पुलिस ग्रामीणों के साथ बैठकें कर रही है जिसके कारण नक्सली संगठन से लोग कम जुड़ रहे हैं। वही उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने कई जानकारियां छुपाने की कोशिश की है। जारी पर्चों व पोस्टरों में उन्होंने 45 नक्सली ही मारे जाने की जानकारी दी, जबकि हाथ से लिखे इस साहित्य में 90 लोगों की जानकारी दी गई है।  

     

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Posted Date : 21-Sep-2017

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सुकमा, 21 सितंबर। आज सुबह पोलमपल्ली के पिडमेल इलाके में मुठभेड़ में इनामी नक्सली मारा गया। जबकि 4 नक्सली भाग गए। मारे गए नक्सली का शव बरामद कर लिया गया है। उसकी पहचान मिलीशिया एरिया कमांडर हिड़मा के रुप में की गई  है। इस पर करीब एक लाख का इनाम था। 
    एसपी अभिषेक मीना ने बताया कि कल रात में पोलमपल्ली इलाके से जिला पुलिस बल और एसटीएफ की संयुक्त पार्टी ऑपरेशन पर निकली थी।  पोलमपली से पिडमेल की तरफ निकली पार्टी जब वापस लौट रही थी। तब  सुबह करीब 8 बजे नक्सलियों ने फायरिंग करनी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई की गई। करीब 20 मिनट तक रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। मुठभेड़ के बाद एरिया सर्चिंग करने पर एक नक्सली का शव, एक एयरगन, एक  कट्टा, एक भरमार और  नक्सल सामग्री बरामद की गई। सूत्रों के अनुसार यह आईडी और बम लगाने का काम करता था। वहीं भागे नक्सलियों में डिप्टी कमांडर वेट्टी मल्ला भी था। 

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Posted Date : 20-Sep-2017
  • एसपी ने की रिहा करने की अपील, जन-अदालत लगाए जाने की खबर
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    दोरनापाल, 20 सितंबर। सुकमा के चिंतागुफा से बुर्कापाल हमले के ठीक बाद आत्मसमर्पित पण्डा के परिजनों को नक्सलियों ने शुक्रवार को चिंतागुफा के उपसरपंच, मुखिया समेत आठ लोगों का अपहरण कर लिया। बताया जाता है कि पिछले तीन दिनो से इन सभी को जंगलो में रखा गया। कुछ माह पूर्व पंडा ने पुलिस के समक्ष आत्म समर्पण कर दिया था जिससे नक्सली नाराज थे यही वजह मानी जा रही है । इधर पंडा ने भी पतासाजी करनी शुरू कर दी साथ ही बरबरा राव से बात भी की । वहीं एसपी अभिषेक मीणा ने खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि उन लोगों का पुलिस से कोई लेनादेना नहीं है, उन्हें छोड़ दे।
    जानकारी के मुताबिक आत्मसमर्पित नक्सली पंडा   चिंतागुुफा का निवासी है । शुक्रवार को पोडिय़ामी पंडा की पत्नी पोडिय़ामी मुये, पुत्र पोडिय़ामी कोसा, पोडिय़ामी राजा को नक्सली अपने साथ जंगल में ले गए। वहीं दूसरे दिन शनिवार को कवासी मंगा, कवासी सोना, कवासी नंदा ये तीनों गांव के मुखिया है। साथ ही उपसरपंच तिरमणी सेठिया का अगवा कर नक्सली उन सभी आठ लोगों को जंगल की और ले गए। जिनका आज तक पता नहीं चल पाया।
    सूत्रों से जानकारी मिली है कि नक्सली आज चिंतागुुुफा से करीब 18 किमी. दूर तुमालपाड़ में जन अदालत लगाया गया है । लेकिन वहां क्या हुआ है इसकी जानकारी नहीं है। ज्ञात हो कि नक्सली इससे पहले 2016 में पण्डा की पत्नी मुये और भाई कोमल को ले जाकर मारपीट की।
    मीडिया के माध्यम से लगाई गुहार 
    पण्डा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि मेरे परिवार का कोई कसूर नहीं है। उनके साथ पहले भी मारपीट हुई है । वे गांव में सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं उनका पुलिस से कोई भी लेना देना नही है। इस संर्दभ में मैंने हैदराबाद के बरबरा राव से चर्चा की थी। उन्होंने भी आश्वासन दिया था कि शाम तक छोड़ दिया जाएगा। लेकिन अभी तक नहीं छोड़ा गया, अब चिंता होने लगी है।  मेरे परिवार और गांव वालों का कोई कसूर नहीं है । मीडिया के माध्यम से नक्सलियों से अपील करता हूं कि उन्हें छोड़ दे।
    नक्सली छोड़ दें-एसपी
    पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा ने चर्चा करते हुए बताया कि उन आठ लोगों का पुलिस से कोई संर्पक नहीं था। दरअसल पुलिस लगातार ग्रामीणों से संर्पक कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ रही है यही वजह है कि नक्सली अब ऐसी हरकते कर रहे हैं । इस कृत्य से नक्सलियों का दोहरा चेहरा सामने आया है । एक तरफ नक्सली जनता के हक के लिए लडऩे का झूठा प्रचार कर करते हैं । महिला अधिकारों, महिलाओं के सम्मान की बात करते हंै । वहीं रात में आकर घरों से जबरन ग्रामीणों और महिलाओं को जबरन ले गए हैं। ये नक्सलियों का दोहरा चेहरा का उजागर हुआ है । नक्सल संगठन को छोड़ कर शांतिपूर्वक जीवन यापन करने वाले पोडिय़ामी पण्डा के परिजन भी शामिल है । नक्सली उन लोगों को छोड़ दे उनका पुलिस से कोई संपर्क नहीं है । 

     

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Posted Date : 18-Sep-2017
  • शव, हथियार समेत सामान बरामद
    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    दोरनापाल, 18 सितंबर। रविवार को पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में पुलिस ने दो वर्दीधारी नक्सलियों को ढेर कर दिया। मुठभेड़ गोलापल्ली थाना इलाके के रसातोंग के जंगलों में हुई। घटनास्थल से पुलिस ने भरमार बंदूक, 12 बोर की बंदूक, पि_ू समेत भारी संख्या में नक्सली सामग्री बरामद की है।
       रविवार शाम रसातोंग के जंगलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस नक्सलियों पर दबाव बनाने लगातार यहां एंटी नक्सल ऑपरेशन चला रही है। पुलिस के अनुसार  मुखबिर की सूचना पर डीआरजी टीम ने रसातोंग के जंगल में नक्सलियों को घेर लिया। जिस पर नक्सलियों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग की। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। करीब आधे घंटे तक दोनों ओर से फायरिंग होती रही। इसके बाद नक्सली जंगल का फायदा उठाकर वहां से फरार हो गए।
    शव समेत हथियार, सामग्री बरामद
    ऑपरेशन में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है जिसमें 2 शव समेत हथियार एवं नक्सल सामग्री बरामद हुई। शव की शिनाख्ती भी पुलिस ने कर ली है। पुलिस के अनुसार पहले मृत नक्सली की पहचान माड़वी पोदीया बुर्कलंका एलओएस सदस्य बताया जा रहा है जिस पर 1 लाख का इनाम था। वहीं दूसरे की पहचान दीपक के तौर पर हुई जो लंबे समय से एलओएस से जुड़ा था। इसपर 5 लाख का इनाम बताया जा रहा है। 
    मुठभेड़ के बाद पुलिस ने जब वहां सर्चिंग की तो 2 वर्दीधारी नक्सलियों का शव मिला। साथ ही भारी मात्रा में नक्सली सामान, 2 भरमार बंदूक, वायरलेस सेट और पि_ू बरामद हुआ। पुलिस ने नक्सलियों के शव और मौके पर मिले सामान को गोलापल्ली लेकर आ गई है। नक्सलियों की शिनाख्त की जा चुकी है।
    नक्सली बैठक की सूचना पर निकली पुलिस
    रसातोंग धुर नक्सल प्रभावित इलाका है। जहां पुलिस को माओवादी लीडरों द्वारा मीटिंग लिए जाने की सूचना मिली थी। डीआरजी की टीम ऑपरेशन पर सुबह 11 बजे गोलापल्ली से 10 किमी दूर निकली। जब टीम वहां पहुंची तक तक मीटिंग हो चुकी थी जिसके बाद 5 किमी आगे सर्च पर बढ़ी तो नक्सलियों का कैम्प नजर आया जिसमें 30-35 माओवादी मौजूद थे। इतने में ही नक्सलियों ने गोली बारी शुरू कर दी। डीआरजी ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें सर्च पर 2 माओवादियों के शव बरामद हुए। पुलिस के अनुसार घटनास्थल पर तलाशी के दौरान जगह जगह खून के धब्बे जवानों ने देखे जिससे कम से कम 3 से 4 नक्सलियों के मारे जाने की भी आशंका जताई जा रही है। 
    ऑपरेशन में शामिल जवानों को किया जाएगा पुरस्कृत-एसपी
    पुलिस को सूचना मिली थी कि नक्सली रसातोंग के आस पास बैठक ले रहे हैं जिसकी पुख्ता सूचना पर डीआरजी सर्च पर निकली थी। आधे घण्टे चली मुठभेड़ में जवानों ने 2 नक्सलियों को मार गिराया जिनपर लाखों का इनाम भी था। जवानों को जल्द इनाम देकर पुरस्कृत किया जाएगा।
    अभिषेक मीणा, एसपी सुकमा

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Posted Date : 15-Sep-2017
  • 10 साल बाद भेज्जी मार्ग पर लौटी बिजली
    अमन सिंह भदौरिया 

    दोरनापाल,  15 सितंबर (छत्तीसगढ़ संवाददाता )। सुकमा जिले के अंतर्गत बारूदी सड़क के नाम से मशहूर एक मात्र भेज्जी सड़क में पंडित दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना कारगर साबित हो रही है। जिन घरों में शाम होते ही अंधेरा छा जाया करता था आज बिजली का बल्ब घरों को रौशन कर रहे हैं। मंगलवार को भेज्जी के गोरखा गांव में बिजली की शुरुआत की गई। इस इलाके में बिजली 10 साल बाद लौटी है जिसकी खुशी ग्रामीणों ने जाहिर की। ये कवायद माओवादियों द्वारा विरोध तोडफ़ोड़ के बावजूद प्रशासन गांवों में बिजली पहुंचाने प्रयासरत है ।
     दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना पर बीते डेढ़ वर्षों से सुकमा के अलग इलाकों में काम जारी है जिसमे दोरनापाल जगरगुंडा मेढवाई क्षेत्र,भेज्जी इंजराम इसके अलावा भी प्रयास किया गया पर कुछ जगहों पर खंभे तोड़ दिए गए जिसके बाद से काम बंद हो गया । उक्त इलाका इस लिए महत्वपूर्ण है कि इन इलाकों में सलवाजुड़ुम के बाद से कई इलाके प्रभावित हुए जिसके बाद से सरकार की योजनाएं आदिवासी सुदूर गांवो तक नही पहुंच पाई और धीरे धीरे सरकार के प्रति विश्वास कम होता चला गया जिसके बाद प्रदेश सरकार ग्रामीणों को मूलभूत योजनाओं से दोबारा जोडऩे का प्रयास कर रही है ।
    पुलिस हाउसिंग कर रही बिजली विस्तार
    गौरतलब है इलाका प्रभावित होने के चलते कोई भी ठेकेदार जल्दी यहां काम नही करना चाहता इस वजह से सड़क का काम पुलिस हाउसिंग के माध्यम से किया गया था । उसी प्रकार केंद्रीय गृहमंत्री  राजनाथ सिंह ने यह काम पुलिस को सौंपा था जिसके तहत दोरनापाल से जगरगुंडा और इंजराम से भेज्जी के गांवों में बिजली पहुंचाई जा रही है । मिली जानकारी के अनुसार भेज्जी तक बिजली के लाइन का विस्तार कर दिया गया है और वहीं जगरगुंडा मार्ग पर कांकेरलंका से आगे काम जारी है । फिलहाल सड़क से लगे गांवों को बिजली से जोड़ा जा रहा है धीरे धीरे अंदर के गांवों को भी बिजली से जोडऩे का प्रयास किया जाएगा । 
    116 गांव आजादी के बाद से प्रभावित
    सुकमा के सुदूर इलाको में आज भी लगभग 120 गांव आजादी के बाद से विद्युत की योजना से वंचित हैं । सड़क से 5 किलोमीटर के बाद के गांवों को प्रशासन ने पहुंचविहीन घोषित कर रखा है और बताया गया कि माओवादी संगठन सरकार की योजनाओं का विरोध करता है जिस वजह से बिजली के पुराने पोल भी तोड़ दिए गए । विद्युत विभाग से मिले दस्तावेजों के अनुसार 116 गांव आजादी के बाद से अविद्युतीकृत हैं । जबकि की गई पड़ताल के अनुसार लगभग 150 गांवों तक बिजली नही पहुँची । प्रदेश सरकार द्वारा की गई घोषणा के अनुसार 30 -30 गांवों को विद्युतीकरण हेतु स्वीकृति मिल रही है और जिले के अंतिम गांवों को बिजली से रौशन किया जाएगा ।
    रौशन होगा भेज्जी-जगरगुंडा  - एएसपी
    इस सम्बंध में सुकमा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि भेज्जी इंजराम व जगरगुंडा सड़क पर बिजली का काम पुलिस को सौंपा गया था भेज्जी का काम लगभग पूरा हो चुका है वहीं जगरगुंडा मार्ग पर कांकेरलंका के आगे काम शुरू है।
     इस वर्ष के अंत तक भेज्जी- जगरगुंडा के रास्ते मे आने वाले सभी गांव रौशन हो चुके होंगे।
    एक नजर आंकड़ों पर -
     कुल गांव         375
    विद्युतीकृत            -189
    2007 से प्रभावित।        - 70
    आजादी से प्रभावित          -116
    बिजली के स्वीकृत गांव        - 31
    स्वीकृत राशि -     12,17,15,360

     

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