छत्तीसगढ़ » सुकमा

Posted Date : 25-Apr-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सुकमा, 25 अप्रैल।
    पुलिस ने एक बड़ी सफ लता हासिल करने का दावा किया है। एक लाख के तीन इनामी सहित चार नक्सलियों के सरेंडर करने की बात पुलिस कह रही है। पुलिस ने सभी नक्सलियों पर संगीन वारदातों में शामिल होने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस नक्सलियों की खोखली विचारधारा और अत्याचार से त्रस्त होकर आत्मसमर्पण करने की बात पुलिस कह रही है। एएसपी शलभ सिंह के सामने सभी नक्सलियों ने सरेंडर किया है।

    पुलिस ने नक्सलियों की सरेंडर करने की जानकारी देते हुए एक विज्ञप्ति भी जारी की है। पुलिस ने सरेंडर किए नक्सलियों का नाम वेट्टी मल्ला, सोड़ी लच्छा और मुड़ाम हुर्रा बताया है। सभी पर एक लाख का इनाम घोषित था। वहीं चौथे नक्सली का नाम जनमिलिशिया सदस्य रवा हुंगा पुलिस ने बताया है। पुलिस ने नक्सलियों पर अपहरण, आईईडी लगाने और कैम्प पर हमला करने जैसे कई संगीन आरोप लगाए हंै। पुलिस के मुताबिक काफ ी समय से इन नक्सलियों की तलाश पुलिस को थी।

     

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Posted Date : 25-Apr-2019
  • नक्सलवाद और सलवाजुडूम से पीडि़त होकर कुन्नावरम बस गया था अमन सिंह भदौरिया
    दोरनापाल, 25 अप्रैल (छत्तीसगढ़)।
    सुकमा जिले के कोंटा ब्लॉक में बीते 15 साल बाद सलवाजुडूम पीडि़त 25 परिवार अपने गृहग्राम मरईगुड़ा राजस्व पहुंचा। इस परिवार को तेलंगाना से वापस लाने में सामाजिक कार्यकर्ता शुभ्रांशु चौधरी व 2 अन्य समाजसेवी की महत्वपूर्ण भूमिका रही । 

    इन परिवारों को वापस लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे सामाजिक कार्यकर्ता शुभ्रांशु चौधरी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि जिन लोगों ने गांव छोड़ा, उनके नाम कभी सैकड़ों एकड़ जमीन थी। सैकड़ों एकड़ जमीन के मालिक जिनके खेतों में पहले मजदूर काम करते थे वो मजबूरी में दूसरे के खेतों में दिहाड़ी पर काम करने को मजबूर थे। अभी जो 25 परिवार लौट रहे हैं, उनमें से 24 परिवार के नाम पर जमीन यहां मिल चुकी है ।

    ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा के खिलाफ शुरू किए गए सलवा जुडूम के दौरान बस्तर छोड़कर आंध्रप्रदेश में जा बसे आदिवासी परिवारों के अब वापस बस्तर आने की कवायद शुरू हुई है। घोर नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के 25 परिवार गुरुवार को वापस अपनी जमीन पर लौट रहे हैं। प्रभावित आदिवासियों का आरोप है कि सलवा जुडूम ने इनके घर जला दिए थे। इसके बाद वे दहशत में अपनी जमीन छोड़ पड़ोसी प्रांत आंधप्रदेश में निर्वासितों की तरह दिन गुजार रहे थे। ग्रामीणों ने सरकार से अपील की है कि उन्हें फिर से शुरुआत करने में मदद के साथ रोजगार देने की व्यवस्था करें। 

    15 साल बाद घर वापसी की दिखी खुशी 
    15 साल बाद गुरुवार को वे अपने गांव, अपने घर लौट रहे हैं। इस दौरान 'छत्तीसगढ़Óकी टीम वहां पहुंची तो इन परिवारों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। सुकमा जिले के एर्राबोर से 7 किमी दूर बसे गांव मरईगुड़ा राजस्व से इन परिवारों के वापसी की शुरुआत हो रही है। बताया जा रहा है कि अपने गांव से करीब 75 किलोमीटर दूर आंध्रप्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के कन्नापुरम गांव में इन्होंने ठिकाना ढूंढ़ा और मिर्ची के खेतों में मजदूरी कर गुजर-बसर करने लगे। इन परिवारों को 15 साल तक आंध्रप्रदेश में न तो वोटर आईडी मिली, न वनभूमि का पट्टा। शुभ्रांशु चौधरी ने सरकार और नक्सलियों दोनों से अपील की है कि इन परिवार को शांति से इनके गांव में रहने में सहयोग करें। 

    बताया जाता है कि ये परिवार बीते 15 सालों से बस्तर की अपनी जंगल जमीन को छोड़ तेलंगाना में जीवनयापन कर रहा था, पर तेलंगाना में भी उन्हें अधिकार तो दूर आदिवासी भी नहीं घोषित किया जा रहा था, वहीं मरईगुड़ा में अपनी सैकड़ों एकड़ पट्टे की भूमि सलवाजुडूम की वजह से 2006 में छोडऩा पड़ा था, क्योंकि सलवाजुडूम से उक्त परिवार प्रभावित हुआ था। ग्रामीणों के अनुसार सलवाजुडूम के दौरान उन्हें जबरन शिविर में रहने दबाव बनाया जाता था, यहां तक कि इनके घरों में भी सलवाजुडूम द्वारा आगजनी के आरोप लगाया।

     चौपाल में जानी समस्याएं 
    जैसे ही आदिवासी परिवार मरईगुड़ा पहुंचे। स्थानीय ग्रामीण की भीड़ उमड़ पड़ी और बिछड़े परिवार से मिलने लगे। जिसके बाद समाजसेवी शुभ्रांशु ने महिला सरपंच व सेल्समैन पंच की मौजूदगी में गांव के बीच ही चौपाल लगाई और लोगों से उनकी प्राथमिक समस्याएं जानीं। ग्रामीणों से अपनी समस्याओं से उन्हें रूबरू कराया, जिसके बाद शुभ्रांशु ने प्रशासन से योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा जताया, वहीं शासन और नक्सलियों से मीडिया के माध्यम से ये अपील की कि इस लड़ाई में इन आदिवासियों को परेशानी न हो, सरकार को रोजगार के अवसर देने चाहिए और एक अनुकूल वातावरण का निर्माण करना चाहिए ताकि बस्तर में शांति स्थापित हो।

     

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Posted Date : 24-Apr-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    तोकापाल, 24 अप्रैल। बस्तर की नारी श्रम में अव्वल। इन दिनों बस्तर के सभी हाट बाजारों में नामी गिरामी कोलयारी नामक भाजी बिक रही है, जिसे लोग सब्जी बनाकर लुप्त उठाते हैं। जैसे कि भाजी जितनी स्वादिष्ट व्यंजन है, उससे कई ज्यादा उस भाजी को चुनने में मेहनत करते हैं। सोमारी ने बताया कि ग्रीष्म ऋ तु में होने वाली यह भाजी बहुत ही स्वादिष्ट है पर इसे चुनने में हमलोग बहुत मेहनत करते हैं। जंगल में भाजी के पेड़ पर चढ़ कर घण्टो नरम-नरम पत्तियों को चुन-चुन का जमाकर बाजारों में ले जाते हैं, जहां पर ग्राहक उस भाजी को बहुत ही कम दामों में मांगते हैं। एक झोला भाजी चुनने में जहां दिन भर लग जाता है पर मेहनताना बहुत ही काम। 

    ज्ञात हो कि बस्तर में आदिवासी महिलाएं मेहनत करने में पुरुषों से भी आगे हैं। खेतों में हल चलाने से लेकर खदानों में भारी भरकम पत्थरों को फ ोडऩे तक हमेशा आगे रहतीं हैं। सप्ताह के 6 दिन मजदूरी और छुट्टी के एक दिन भी खाली नहीं बैठती हैं। अलग-अलग गांव की महिलाएं श्रीमती रामबती, खोड़ी, झिमटी, आयतो कोयपाल व आसपास की रहवासी हैं ये बतातीं हैं कि सोमवार को छोड़कर प्रति दिन वे लोग मेहनत मजदूरी करने जाते हैं और पैसे भी पुरूषों के बराबर कमा भी लेती हैं। वे लोग कह रहे हैं कि अब हम आत्मनिर्भर हैं और बच्चों को अच्छे से पढ़ा लिखा सकते हैं।

     

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Posted Date : 24-Apr-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सुकमा, 24 अप्रैल ।
    24 अप्रैल 2017 को बुरकापाल में बड़ा नक्सली हमला हुआ था। जिसमें सीआरपीएफ  74वीं बटालियन के 25 जवान शहीद हुए थे और सात जवान घायल हुए थे। जिन्हें याद करते हुए बटालियन के अफ सर व साथी जवनों ने नम आंखों से श्राद्धाजंलि दी। दोरनापाल स्थित 74वीं बटालियन के मुख्यालय में दी गई। श्रद्धांजलि जिसमें कमांडेट प्रवीण कुमार सिंह, सुकमा एसपी डीएस मरावी सहित सभी ने श्राद्धाजंलि अर्पित किया। 

    ज्ञात हो कि आज ही के दिन 24 अप्रैल 2017 को दोपहर 12: 55 को सड़क निर्माण सुरक्षा में लगे सीआरपीएफ  के जवानों पर करीब 300 हथियारों से लैस नक्सलियों ने चारों ओर से घेर कर जवनों की हत्या कर दिया। साथ ही हथियार भी लूट लिया था। हालांकि आज सुरक्षा बलों ने नक्सलियों पर जबरदस्त दबाव बना कर डटकर नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दे रहे हंै। जिसके चलते आज नक्सलियों के कई बड़े लीडर आत्मसमर्पण कर रहे हैं। 

    सिविक एक्शन प्रोग्राम 
    आज ही अपने 25 जवनों की शहादत को श्रद्धांजलि देने के पश्चात कमांडेंट प्रवीण कुमार ने पोलमपल्ली पहुंच कर सिविक एक्शन प्रोग्राम आयोजित करवाया। जिसमें सुकमा एसपी डीएस मरावी, डिप्टी कमांडेंट अजय साह, सडीओपी अखिलेश कौशिक ने करीब 300 ग्रामीणों को जरूरत की समाग्री वितरित किया साथ ही सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा कि नक्सल विचार धारा को छोड़ विकास की राह में चलने को आगे आये और भटके हुए लोगो से भी बात कर उन्हें समझा। लोगों से रूबरू होते हुए कमाण्डेन्ट प्रवीण कुमार ने कहा कि हम और हमारे साथी जवान क्षेत्र के खुशहाली व विकास के लिए यहां नक्सलियों से लोहा ले रहे है। वो दिन दूर नहीं जब ये क्षेत्र पूर्ण रूप से नक्सल मुक्त होगा। आपके सुरक्षा में ही यहां जवान अपनी शहादत दिए है। हम प्रण करते है कि उनकी शहादत को हम जाया नहीं जाने देंगे। इस कार्यक्रम में आत्मसमर्पित नक्सली कमांडर अर्जुन भी था, जिसने लोगों को संबोधित करते हुए नक्सली विचारधारा छोडऩे और नक्सलियों द्वारा किये जाने वाले सोशन की जानकारी ग्रामीणों को दिया। आसपास के करीब सात गांव के ग्रामीण मौजूद थे।

     

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Posted Date : 22-Apr-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सुकमा, 22 अपै्रल।
    जिले के 223 बटालियन केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल दोरनापाल के द्वारा शनिवार को अपना 6वां स्थापना दिवस 223वीं वाहिनी के कमांडेंट एसएनमडल के नेतृत्व में मनाया गया। यह वाहिनी 2013 में बनतलाब जम्मू  व कश्मीर से स्थापित हूई थी तथा 2014 से इस वाहिनी की सभी समवाय दोरनापाल-जगरगुंडा मार्ग में तैनात हैं वाहिनी मुख्यालय 2017 में बारसूर जिला-दंतेवाड़ा से दोरनापाल जिला-सुकमा स्थानांतरित हुआ।

    स्थापना दिवस अवसर पर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल द्वारा मेले का आयोजन किया गया, जिसमें दोरनापाल स्थित अन्य वाहिनियों की जवान एंव उनके परिवारों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिए। वहीं शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उप पुलिस महानिरीक्षक सुधांशु सिंह  एंव पुलिस अधीक्षक डीएस मारावी एवं वरिष्ठ अधिकारी केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल सहित जवानों के विभिन्न परिवार तथा स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़चढ़ के हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम को सफ ल बनाने के लिए केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के कर्मीयों तथा स्थानीय स्कूल के बच्चों एंव ग्रामीणों का योगदान से अच्छा माहौल रहा, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशहाली का महौल बना रहा।

     

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Posted Date : 21-Apr-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सुकमा, 21 अप्रैल।
    जिला मुख्यालय के मलगैर नदी में बुधवार दोपहर को नहाने गए नगर के तीन युवकों में से एक की नदी में डूबने से मौत हो गई। 
    मिली जानकारी के अनुसार 17 अप्रैल की दोपहर अपने-अपने घर से माधव कुमार, चन्द्रप्रकाश, हितेश मंडा़वी एक मोटरसाइकिल में ग्राम कोटीगुडा़ मलगैर नदी में नहाने गए थे। नहाते वक्त अचानक माधव कुमार (21) मलगैर नदी में डूबने लगा। 
    मित्र को डूबते देख हीतेश ने तुरंत ही नदी में छलांग लगाई और नदी से बाहर निकला और गंभीर हालत में मोटरसाइकिल से माधव कुमार को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। 

     

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Posted Date : 20-Apr-2019
  • हैंडपंप के लिए कलेक्टर से गुहार लगाने पहुंचा ग्रामीण  
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    सुकमा, 20 अपै्रल।
    जिला मुख्यालय के प्रेमनगर के वार्ड क्रं-9 के निवासी ग्रामीण लोग इस भीषण गर्मी में पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। ग्रामीणों को कुंआ और झरिया का मटमैला दूषित पानी पीने को विवश मजबूर होना पड़ रहा है। हैंडपंप के लिये दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। 

    चर्चा के दौरान प्रमनगर वार्ड वासियों ग्रमीण में से तूल्ला बताया कि वर्तमान में यहां के निवासी लोग और लगभग 7 दशकों से निवास करते हैं आ रहे हैं। वहीं ग्रामीण तूल्ला ने कहा कि प्रेमनगर वार्ड में 20-22 मकान होने के बावजूद यह पारा के मुख्य धारा से अलग-थलग सा लगता है। हमारे वार्ड में हैंडपंप पिछले 4 सालों से खाराब पडा़ हुआ हैं और नगर पालिका के नल-जल योजना की केवल खानापुरती करने में रह गई हैं, जिसके वजह से हमें कुंआ व झरिया का मटमैला दुषित पानी हम लोगों को मजबूरन में पीना पड़ रहा है। वार्ड पार्षद श्रीमती विमला बाई ने कहा कि जिला मुख्यालय कलेक्टर के पास 2-3 वर्ष पहले वार्ड क्रं-9 में पानी हैंडपंप की समस्या को लेकर आवेदन पत्र लिखकर दिये थे। उन्होंने कहा कि वार्ड में रोज पानी की समस्या होने के वजह से पानी टेंकर रोजाना सुबह नगर पालिका से मिलता है। पारा महोल्ला में लोगों के घरों तक नगर पालिका के चल रहे नलजल योजना के तहत समय से घरों में नल भी लग जायेगी और पानी की समस्या जल्दी दूर होगी।

     

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Posted Date : 19-Apr-2019
  • श्रीहनुमान भक्तो ने जगह-जगह महाप्रसाद वितरण किया 
    सुकमा, 19 अप्रैल।
    जिला मुख्यालय में हर वर्ष के भांति इस वर्ष भी हनुमान जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। वहीं नगर के शक्ति कानन श्री श्री महाकाली मंदिर परिसर हनुमान मंदिरए श्री राम मंदिर में सुबह से ही हनुमानजी के भक्त मंदिर में पूजा अर्चना करते दिखे जहां हिंदू समाज के लोगों द्वारा हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर जगह-जगह महाप्रसाद का आयोजन किया गया था। जिसमें नगर के प्रमुख स्थल बस स्टैंड परिसर एवं श्रीराम मंदिर, मलकानगिरी चौक में काफी संख्या में लोग  हनुमान जी की महाप्रसाद ग्रहण करते दिखे। वहीं हनुमान जन्मोत्सव पर्व पर विशेष रूप में हनुमानजी के मंदिरो में संध्या रामायण सुंदर पाठ भजन-किर्तन आयोजन भी किया गया। यह त्यौहार मुख्य रूप से चैत्र पूर्णिमा को मनाया जाता है। बल बुद्घि और मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाले रामभक्त श्री हनुमान का जन्मोत्सव चित्रा नक्षत्र में शुक्रवार को नगर में धूमधाम से मनाया गया।

     

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