छत्तीसगढ़ » सुकमा

Date : 24-Jun-2019

नक्सलियों द्वारा काटे गए सड़कों को पाटते पहुंचा जांच दल

पंचायत सचिव को पेश नहीं करने से भड़के ग्रामीण, नहीं दिया बयान

छत्तीसगढ़ संवाददाता
किरन्दुल, 24 जून।
24 जून रविवार को जांच दल हिरोली गांव पहुंचाने के लिये 400 जवान तैनात किए गए। किरन्दुल से हिरोली 10 किलोमीटर मार्ग में नक्सलियों ने पांच जगह गड्ढे खोद रखे थे । जेसीबी के माध्यम से गड्ढो को पाटते हुए दोपहर 12 बजे एसडीएम नूतन कँवर व एसपी डॉ अभिषेक पल्लव के नेतृत्व में पूरे अमले के साथ जांच दल हिरोली गांव पहुंचा।
 जहां मौजूद आदिवासी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष कुंजाम का कहना था कि जिस पंचायत सचिव बसन्त नायक ने ग्रामसभा कराई थी उसकी उपस्थिति में ही बयान करवाएंगे ताकि पता चल सके कि कौन कौन कथित ग्रामसभा में मौजूद था। क्योंकि जो 106 लोगों मे से 90 लोगो को जो नोटिस दिया गया है उस नाम के चार चार लोग गांव में रहते हैं और पिता /पति का नाम नहीं है। जांच दल द्वारा सचिव को पेश नहीं किये जाने पर ग्रामीण भड़क गए और जांच दल को बिना जांच के ही बैरंग लौटना पड़ा। वही हिरोली के डोकापारा में नक्सलियों द्वारा लगाया गया प्रेसर बम्ब फट गया जिसमें एक जवान बुरी तरह घायल हो गया इसके बाद वहां अफरा तफरी मच गई । जांच दल को सुरक्षित निकाला गया सभी अधिकारी दहशत में आ गए।

  जांच के दौरान जहां ग्रामीणों का कहना था कि बिना सचिव के उपस्थिति के जांच शुरू नही होगी। वहीं आंदोलन का नेतृत्व कर रही संयुक्त पंचायत संघर्ष समिति ग्रामीणों का बयान करवाने के पक्ष में नजर आई। हालाकि ग्रामीणों के सामने उनकी नही चली और जांच दल को लौटना पड़ा।

एनएमडीसी 13 नम्बर खदान अडानी को दिये जाने के विरोध में व पिथोरमेटा देवगुड़ी बचाने के लिये हजारों आदिवासियों ने किरन्दुल में धरना प्रदर्शन किया। आदिवासियों का आरोप था कि 13 नम्बर खदान के लिये हिरोली ग्रामपंचायत के ग्रामीणों से अनापत्ति लेने के सम्बंध में 2014 में जो ग्रामसभा हुई वह फर्जी थी। लगातार सात दिनों का आंदोलन देखते हुए मुख्यमंत्री ने इस मामले को संज्ञान में लिया और 13 नम्बर खदान क्षेत्र में जंगल की कटाई पर तत्काल रोक लगाते हुए कथित फर्जी ग्राम सभा का जांच का आदेश दिया। जिला प्रशासन द्वारा जांच दल गठित कर 15 दिवस के भीतर रिपोर्ट मांगी।


Date : 24-Jun-2019

24 घण्टे हुई बारिश से डबरी नालों में भरा पानी, व्यवस्था दुरुस्त करने में लगा प्रशासनिक अमला

छत्तीसगढ़ संवाददाता
दोरनापाल, 24 जून।
सुकमा जिले में 24 में हुई बारिश के बीच जिला प्रशासन ने जापानी बीमारी से निपटने गम्भीरता दिखाई है और बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस तरह के लक्षण यदि दिखाई देते हैं तो तुरंत जांच कर उपचार किया जाए । वही नगरीय प्रशासन को मच्छरों  व गन्दगी को दूर करनी ब्लीचिंग पाउडर  , क्लोरोफ्लोराइड के छिड़काव के निर्देश के बाद सुकमा सीएमओ द्वारा रविवार को बस स्टैंड में होटलों में साफ सफाई रखने को कहा गया वहीं नालियों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया डस्टबिन रखवाया गया साथ ही दुकानों को समझाइश दी गई कि कचरे यहां वहां न फेंकें कचरा गाड़ी में डालें। 

 वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो खास तौर पर जगरगुंडा, चिंतलनार, चिंतागुफा जैसे इलाके   दवाइयां बारिश से पहले पहुंचाने निर्देशित किया जहाँ बारिश के दौरान सबसे ज्यादा प्रभाव होता है । कलेक्टर ने कहा कि बरसात के दिनों में होने वाली बीमारियों के लिए सभी जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक अस्पतालों में रहे, यह भी सुनिश्चित किया जाए । कलेक्टर ने कहा कि जिले की सभी गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच की जाएं । इसके लिए मितानिनों और एएनएम उनके सतत् सम्पर्क में रहे और प्रसव संस्थागत हो यह सुनिश्चित किया जाए ।  लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को जिले के सभी पेयजल स्त्रोतों का क्लोरोनाइजेशन करने के निर्देश दिए गए हैं । कलेक्टर ने कहा कि यदि किसी पेयजल स्त्रोत का पानी प्रदूषित है तो वहां पर लाल निशान लगा दिया जाए और लोगों को उसका पानी पेयजल के लिए उपयोग नहीं करने की समझाइश दी जाए।

निकासी अव्यवस्थित घरों में  पानी
 कोंटा नगर पंचायत  के घरों में पानी भर गया।  बारिश के पहले कलेक्टर चन्दन कुमार ने मिट्टी से पटी व गन्दी नालियों की सफाई को गम्भीरता से लेते हुए निकासी दुरुस्त करने के निर्देश सप्ताह भर पहले जारी किए थे मगर नगरीय प्रशासन ने गम्भीरता से नही लिया इससे लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। वार्ड वासी का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद सफाई नही की गई अब पानी अंदर भर रहा है ।

 जगरगुंडा सड़क पर पेड़ गिरने से घण्टे भर फंसे रहे यात्री
 आंधी पानी के बीच जगरगुंडा मार्ग पर सड़क पर एक पेड़ सुबह 8 बजे गिर गया जिसमें बार एक के बाद एक तीन दर्जन से अधिक यात्री जाम में फंस गए। वहीं गाडिय़ों को खेतों के रास्ते निकालने की कोशिश में 3 पिकअप खेत की गीली मिट्टी में फंसे जिसके बाद यात्रियों ने जब देखा कि जाम खोलवाने कोई नही आ रहा तो निजी तौर पर  वाहन की व्यवस्था कर पेड़ को रास्ते से हटाया जिसके बाद जाम खुला। मगर खेतों में फंसी गाडिय़ों को निकालने 2 घण्टे से अधिक लग गए क्योंकि इलाके के खेतों तालाबों में पानी भर चुका है जिस वजह से मिट्टी दलदली  हो चुकी है।

 


Date : 22-Jun-2019

जापानी बुखार के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केन्द्र में ले जाएं- कलेक्टर चन्दन कुमार
छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 22 जून।
कलेक्टर चन्दन कुमार ने जिले के जनसामान्य से अपील की है कि जापानी इनसेफेलाईटिस बीमारी की संक्रमण एवं गंभीरता से देखते हुए इसके प्रति जागरूक रहे। कलेक्टर ने जिले के नागरिकों और सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, शिक्षक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन एवं सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों से अपील की गई है कि जापानी इनसेफेलाईटिस बीमारी के लक्षण दिखने पर मरीज को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में ले जाकर चिकित्सक को दिखाएं।

कलेक्टर ने अपील में कहा है कि जापानी इनसेफेलाईटिस बीमारी के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग को सभी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। जिसमें समस्त ग्रामों में मुनादी एवं माईकिंग के माध्यम से जनमानस को बीमारी के संबंध में जागरूक करें, सोने से पहले मच्छरदानी का उपयोग, पूरी बांह की शर्ट फ ुल पैन्ट एवं पैरों में मोजे पहनने, मच्छर मारने हेतु घर के भीतर कीट नाशक छिड़काव, धुआं अथवा फ ॉगिंग करने, सुकरों को घर से कम से कम 3 किमी की दूरी पर रखने, घर के आसपास साफ.-सफ ाई रखने, जमा हुआ पानी में मच्छरलार्वा का स्त्रोत नियंत्रण करने, घर के खिड़कियों एवं दरवाजे पर जाली लगाएं जिससे मच्छर घर के अन्दर नहीं आ सके, पीने के लिए हैण्डपम्प अथवा पाईपलाईन से उपलब्ध पानी का उपयोग करने, खाने-पीने में उबले हुए पानी का उपयोग करने, खाने से पहले व शौच के बाद साबुन से हाथ धोने, शालेश् शिक्षा माध्यम से प्रचार-प्रसार करने, बुखार से पीडि़त बच्चों एवं अन्य मरीजों को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार के लिए ले जाएं। साथ ही बेहोश मरीज को पीठ के बल न लिटाए, बेहोशी व झटके की स्थिति में मरीज के मुहं में कुछ न डाले, घर के आसपास गन्दा पानी को इकटठा न होने दें, इधन-उधर कचारा न फैलाएं, खुले मैदान और खेत में शौच न करें, तालाब या पोखर के पानी को नहाने या मुंह धोने के लिए प्रयोग न करें, झोला छाप डॉक्टर एवं नीम हकीम के पास जाकर बहुमूल्य वक्त न गंवाए और तालाब व पोखर में जल कुंभी या अन्य पौधे पैदा न होने दें।

 


Date : 21-Jun-2019

किरंदुल हिरोली मार्ग अब तक दुरूस्त नहीं, नक्सलियों ने महीने भर पहले काटा था

छत्तीसगढ़ संवाददाता
किरन्दुल, 21 जून।
किरंदुल थाना से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर पेरपा के पास पुलिया में नक्सलियो ने मार्ग काट दिया है जिससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। ये मार्ग किरंदुल से हिरोली गुमियापाल जाता है। इस मार्ग में आवागमन बाधित होने के कारण यहां के डेढ़ दर्जन गांव प्रभावित हो रहे हैं सबसे ज्यादा मुसीबत मरीजों को लाने ले जाने में हो रही है। रोड काटे जाने के कारण एम्बुलेंस गांव नही पहुंच पा रही है।

 नक्सली उत्पात का सबसे ज्यादा हर्जाना आदिवासी उठा रहे है जिनके ये हितैषी बनते है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बुधरी बाई ने बताया कि ये मुख्य सड़क है इसमें गड्ढा खोद देने के कारण मैं पिरनार अपने आंगनबाड़ी केंद्र नहीं जा पा रही हूँ इस लिए बच्चों को दिया जाने वाला अमृत दूध यही पेरपा में छोड़ देती हूं यहां से गांव वाले पैदल आ कर दूध पैकेट उठाकर ले जाते है।
 उसके चेहरे में दहशत साफ देखी जा सकती थी उसने कहा कि किसने रोड काटा नहीं जानती। आपको बता दे कि ये रोड 14 मई को काटा गया है जिस दिन नक्सलियों ने एस्सार कंपनी में काम कर रही तीन हाइवा और एक जेसीबी को आग के हवाले कर दिया था। उस दिन से ये मार्ग बंद है। 

किरंदुल थाना प्रभारी से पूछने पर उन्होंने भी बताया कि मार्ग को नक्सलियों ने काट रखा है कब तक बनेगा इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। वहीं ग्रामीण लाल आतंक के कहर से डरे हुए है वे चाहते हुए भी गड्ढे को भर नहीं सकते बिना नक्सलियो की इजाजत के। 


Date : 20-Jun-2019

गश्त पर निकले डीआरजी और एसटीएफ के जवानों ने टेकलापारा की पहाडिय़ों से दो स्थाई वारंटी नक्सलियों को गिरफ्तार किया

छत्तीसगढ़ संवाददाता
सुकमा, 20 जून।
गश्त पर निकले डीआरजी और एसटीएफ के जवानों ने चिंतागुफ ा थाना क्षेत्र के टेकलापारा की पहाडिय़ों से दो स्थाई वारंटी नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सलियों में डीकेएमएस अध्यक्ष माड़वी जोगा और डीकेएमएस अध्यक्ष सोड़ी हुंगा शामिल हैं। मुखबीर की सूचना के बाद जवान टेकलापारा की ओर गश्त पर निकले हुए थे। इसी बीच जंगल में दोनों संदिग्धों को धर दबोचा। 

वर्ष 2017 में बुरकापाल में सड़क निर्माण कार्य की सुरक्षा पर तैनात जवानों पर फ ायरिंग की वारदात में दोनों नक्सली शामिल थे। इस हमले में 25 जवान शहीद हुए थे और 7 जवान बुरी तरह जख्मी हो गए थे। इसके साथ ही आगजनी, आईईडी ब्लास्ट और मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या जैसी घटनाओं में ये नक्सली शामिल थे।