छत्तीसगढ़ » सरगुजा

Posted Date : 08-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    उदयपुर  (सरगुजा जिला), 8 जनवरी। आज तड़के प्रेमनगर वन परिक्षेत्र की ओर से उदयपुर वन परिक्षेत्र में प्रवेश किए हाथी ने ग्राम परसा में एक महिला को कुचल कर मार डाला। इसके बाद हाथी ने अटेम नदी के पास एक बुजुर्ग को दौड़ाकर पटक-पटक कर मार डाला। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। समाचार लिखे जाने तक हाथी परसा गांव से होते हुए बासेन की ओर निकला है। इसके पहले हाथी ने चार दिनों में सूरजपुर जिला के ग्राम बनजा में एक, शिवप्रसाद नगर में दो व उदयपुर में दो लोगों को मार चुका है।  हाथी के लिये 40-50 किमी. की दूरी तय करना सामान्य बात है। इसके मद्देनजऱ सायर, उदयपुर, डाँडगाँव, बासेन सर्किल के सभी बीटों में बीट लेबल अलर्ट जारी कर दिया गया है। वन विभाग ने मृतकों के परिजनों को तात्कालिक सहायता राशि के रूप में 25-25 हजार की सहायता राशि दी है।
    जानकारी के मुताबिक अहिल्या  (19) ग्राम बुंदेली थाना रजगामार तहसील व जिला कोरबा की निवासी हैं, जो कि अपने पति अजय कुमार के साथ वन परिक्षेत्र उदयपुर के परसा गांव में ईंट भ_ा में मजदूरी करती थीं। आज तड़के 4.30 बजे करीब हाथी प्रेमनगर वन क्षेत्र की ओर से होते हुए परसा ग्राम में आया और महिला के सामने आ जाने पर उसको कुचल दिया। (बाकी पेजï 5 पर)
    जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। महिला को मारने के बाद हाथी अटेम नदी की ओर गया।
     परसा बस्ती के किनारे अटेम नदी के समीप घर बनाकर बुजुर्ग दंपत्ति रहते थे। भोर में हाथी जब आया तो दोनों विपरीत दिशा में भागने लगे। हाथी ने 25 से 30 मीटर दौड़ाकर बुजुर्ग बन्धन मंझवार (60)को पकड़ लिया और बुरी तरह से पटकने के बाद कुचलकर मार डाला। विपरीत दिशा में भागने की वजह से उसकी पत्नी बुधनी सुरक्षित है। 
    वन विभाग की टीम लगातार हाथी पर निगरानी रखे हुए है। परन्तु हाथी की तेज रफ्तार चाल के आगे वन अमला भी पस्त नजर आया। 
    ज्ञात हो कि उदयपुर वन परिक्षेत्र में विगत कई दिनों से 7 हाथियों का दल करमकठरा जंगल मे डटे हुए हंै। ऊपर से हाथी का आतंक क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल पैदा किये रहा है। 
    वन विभाग ने बताया कि  हाथी अभी भी परसा केते बासेनतथा कोटरबुड़ा के बीच के जंगल में भ्रमण कर रहा है। सभी ग्रामीणों, सरपंचों, पंचों एवं सचिवों तथा कोटवारों से अपील की जाती है कि वे अपने-अपने गांव में इसकी सूचना देकर सभी को सतर्क कर दें। गांव के प्रबुद्धजनों तथा शिक्षकों से भी अपील की जाती है कि वे भी अपने स्तर भी सभी को सतर्क करें। वन विभाग की टीम अपने अपने क्षेत्रों में इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने में लगी है। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी ग्रामीण एकल घरों में या जंगल से लगे पास के घरों में न रहें। 
    प्राय: यह देखा जा रहा है कि यह हाथी गांव के बीच में भी घुस कर हमला कर रहा है। ऐसे समय में सतर्कता ही सावधानी है। ग्रामीणों से यह भी अपील है कि वह समूह में रहे और यदि ऐसी कोई स्थिति आती है तो अपने पास उपलब्ध संसाधनों जैसे ढोलक थाल या अन्य तरह के यंत्र जो वीचित्र आवाज निकालते हो, उन्हें बजाकर हाथी को दूर करने का प्रयास करें। पूरा प्रशासन तथा वन अमला ग्रामीणों के साथ है, थोड़ी सी सतर्कता जान-माल बचाने में मदद करेगी। 

     

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Posted Date : 31-Dec-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 

    लखनपुर 31 दिसम्बर। छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टीएस सिंहदेव ने लखनपुर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा आयोजित स्वागत समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों के सशक्तिकरण के साथ ही साथ जल, जंगल और जमीन का मालिकाना हक ग्राम सभा के माध्यम से आम जनों को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा आपके पूर्ण नियंत्रण एवं स्वामित्व में होगी, जिससे गाँव की जल, जंगल और जमीन का प्रबंधन बेहतर ढंग से ही हो सकेगा। 
    श्री सिंहदेव ने लखनपुर के पैलेस ग्राउंड में आयोजित आभार सभा को संबोधित करते हुए वन भूमि पर काबिज लोगों को वन अधिकार पत्र अधिनियम के अनुसार आवासीय पट्टा दिया जाएगा। वन भूमि पर तीन पीडिय़ों से काबिज अनुसूचित जाति एवं जनजाति के परिवारों को नियमानुसार पट्टा दिया जाएगा।     
    श्री सिंहदेव ने कहा कि खदान अथवा उद्योग खोलने शासन द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली जमीन को भी 70 से 80 प्रतिशत भू स्वामियों के सहमति होने पर ही ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति से नियम विरूद्ध जमीन अधिग्रहित नहीं की जाएगी। सिंहदेव ने कहा कि हमारी सरकार नए जमीन अधिग्रहिण कानून लाएगी जिसमे जमीन का 4 गुना मुआवजा राशि दिया जाएगा। उन्होंने जन घोषणा पत्र में उल्लेखित बिंदु के संबंध में कहा कि हमारी सरकार सही बिंदु को अमल करने की कोशिश करेगी। इसके लिए उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारी एवं कर्मचारियों को अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की।   
    श्री सिंहदेव ने कहा कि हमारी सरकार ने शपथ लेते ही किसानों के कृषि ऋण माफी एवं धान का समर्थन मूल्य 2 हजार 500 रूपए कर दिया, ताकि किसानों को खेती-किसानी के कार्यो में सुविधा हो सके। 
    उन्होंने ने कहा कि जो किसान वर्ष 2018 की फसल कृषि ऋण केसीसी के माध्यम से सहकारी बैंक, ग्रामीण बैंक के साथ ही साथ वाणिज्यिक बैंकों से ऋण लिया है, उनका कर्ज माफ  होगा, जो किसान पहले ही कर्ज पटा चुके हैं, उनके खातों में कर्ज की राशि वापस की जाएगी। लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉक्टर प्रीतम राम ने लोगों से कहा कि आपने जो लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी दी है, उसे मैं पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करूंगा।
     हमारी सरकार गांव, गरीब एवं किसानों के लिए काम करने वाली सरकार साबित होगी। आभार समारोह में अम्बिकापुर नगर निगम अंबिकापुर के डिप्टी मेयर अजय अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अनुविभागीय दण्डाधिकारी उदयपुर प्रभाकर पाण्डेय, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी सुश्री दीपिका मिंज, लखनपुर तहसील की प्रभारी तहसीलदार प्रेरणा सिंह लाल अजीत प्रताप सिंह, रंजीत सिंहदेव, अजय अग्रवाल, बालकृष्ण पाठक, विक्रमाजीत सिंहदेव, केलाश अग्रवाल, बृजमोहन अग्रवाल, अमित सिंहदेव, लक्ष्मी अग्रवाल, अमित बारी, भानुप्रताप मरकाम, शैलेन्द्र गुप्ता, मोजिब खान, तैय्यबनूर, नासीर खान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।          

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