छत्तीसगढ़ » बलरामपुर

Posted Date : 06-Dec-2017
  • कहा- दूसरे जगह किया जाये विस्थापित, नक्सल सुगबुगाहट तेज
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बलरामपुर, 6 दिसम्बर। छत्तीसगढ़-झारखण्ड सीमा पर बसे छत्तीसगढ़ का घोर नक्लस प्रभावित ग्राम चुनचुना पुंदाग के ग्रामीण बुधवार को  क्षेत्रीय विधायक प्रीतम राम के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। विधायक के साथ पहुंचे ग्रामीणों ने कलेक्टर से कहा कि एक तरफ नक्सली उन्हें मारते-पीटते हैं तो दूसरी तरफ झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ पुलिस उन्हें काफी प्रताडि़त कर रही है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से गुहार लगाई कि वे उन लोगों किसी अन्यंत्र जगह विस्थापित कर दें। कलेक्ट्रेट में ग्रामीणों के आने की खबर पर बलरामपुर एसपी डीआर आंचला, एडीशनल एसपी पंकज शुक्ला भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की बात सुुनी।
     ग्रामीणों ने आगे बताया कि ग्राम चुनचुना पुंदाग में आये दिन नक्सली गतिविधियों के सक्रिय होने से वे हमेशा डर के साये में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। नक्सलियों के क्षेत्र में सक्रिय होने पर पुलिस उन्हें परेशान करती है और पुलिस के गैर मौजूदगी में नक्सली। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में पुलिस सहित नक्सलियों के आवाजाही से ग्रामीणों को सही समय में उनके लिये राशन भी नहीं मिल पाता, जिसके कारण ग्रामीण काफी परेशान रहते हैं। ग्रामीणों की मांग की है कि उन्हें विस्थापित कर किसी सुरक्षित स्थानों पर जगह दी जाये। चर्चा के दौरान नक्सल आपरेशन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का कहना है कि छत्तीसगढ़ पुलिस कभी भी ग्रामीणों को परेशान नही करती है। इसके साथ ही उन्होंने माना की चुनचुना पुंदाग के बीहड़ और सुदूर वनांचल से घिरे बूढ़ा पहाड़ पर नक्सलियों की आमद रफ्त होती है और समय-समय पर आपरेशन लांच किए जाते है।
    चार साल में मुझे कभी 
    क्षेत्र में जाने की नहीं मिली अनुमति-विधायक
    इस संंबंध में क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रीतम राम ने छत्तीसगढ़ से चर्चा करते हुये बताया कि चुनचुना पुंदाग के ग्रामीण गत 5 दिसम्बर को मुख्यमंत्री कार्यक्रम में आये हुये थे। वहां से वे उनके पास पहुंचे और उन्हें अपनी समस्या बताई, जिसके बाद वे कलेक्टर से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को रखा।
     विधायक का कहना था कि चुनचुना पुंदाग सहित एक अन्य ग्राम उनके विधानसभा क्षेत्र में आता है। इस नाते वे इस क्षेत्र में कई बार जाने के लिये जिला प्रशासन को पत्र लिखा, लेकिन उन्हें क्षेत्र में जाने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके चलते वे ग्रामीणों की समस्या से अब तक मुखातिब नहीं थे।  

    एसपी से मंगाई है रिपोर्ट-कलेक्टर 
    चुनचुना पुंदाग के ग्रामीणों पर नक्सली व पुलिस की प्रताडऩा  की बात सामने आने के मामले में बलरामपुर कलेक्टर अवनीश शरण ङ्क्षसह ने कहा कि वे इस मामले की रिपोर्ट बलरामपुर पुलिस अधीक्षक से मंगाये हैं। कलेक्टर ने कहा कि विस्थापन जैसी कोई बात नहीं है। सड़क बनने के बाद वहां के ग्रामीण मुख्य धारा में जुड़ जायेंगे। 

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