छत्तीसगढ़ » बलरामपुर

Posted Date : 01-Nov-2018
  • रामविचार नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने आगे आए 

    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    रामानुजगंज/बलरामपुर, 1 नवम्बर। रामानुजगंज विधानसभा सीट में भाजपा की मुश्किल बढ़ती जा रही है। पूर्व मंत्री व राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम को टिकट नहीं मिलने से उनके समर्थक पार्टी कार्यकर्ता गुस्से में हैं। हाल यह है कि पार्टी प्रत्याशी रामकिशुन ठीक से प्रचार में जुट नहीं पा रहे हैं। पार्टी के नेता अभी तक बागियों के मान-मनौव्वल में जुटे हैं। इससे परे कांग्रेस प्रत्याशी बृहस्पत सिंह का प्रचार तेजी से चल रहा है। 
    रामानुजगंज सीट से राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम या उनकी पत्नी को टिकट देने की मांग हो रही थी। नेताम की जगह रामकिशुन को टिकट देने के बाद बवाल मचा हुआ है। भाजपा प्रत्याशी रामकिशुन का बलरामपुर, रामानुजगंज व सनावल क्षेत्र में भारी विरोध है। हालात यह है कि क्षेत्र के लगभग 15 सौ कार्यकर्ता सामूहिक इस्तीफे के लिए तैयार हो गए हैं। कुछ लोगों ने तो जिला अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भी दे दिया है। भारी विरोध के कारण घोषित प्रत्याशी रामकिशुन भी असमंजस में हैं। रामविचार नेताम कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को एकजुट करने का प्रयास और विरोध नहीं करने की हिदायत दे चुके हैं। बावजूद इसके कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर नहीं हो पा रही है।
    अगर भाजपा को रामानुजगंज विधानसभा सीट को जीतना है तो रामविचार नेताम और उनके पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं की नितांत आवश्यकता पड़ेगी। राजनीति पंडितों की मानें तो इस क्षेत्र में बीना रामविचार नेताम के बेड़ा पार कर पाना असंभव है। ऐसे में अब भाजपा की मुश्किल इस सीट को लेकर काफी बढ़ गई है। 
    नाराज कार्यकर्ता पार्टी प्रत्याशी रामकिशुन को बाहरी बता रहे हैं। क्षेत्र के कार्यकर्ता और पदाधिकारी लगातार बैठक कर इस निर्णय पर पहुंच गए हैं कि अगर संगठन इस सीट से रामानुजगंज विधानसभा क्षेत्र के किसी संभावित प्रत्याशी को टिकट नहीं देगी तो सारे लोग इस्तीफा देकर क्षेत्र के ही किसी एक को अपना समर्थन देकर निर्दलीय चुनाव लड़वाएंगे। हाल यह है कि जिला पंचायत सदस्य विनय पैकरा ने तो निर्दलीय लडऩे का घोषणा तक कर दिया है। हालांकि रामविचार नेताम ने क्षेत्र के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को लगातार समझाने का प्रयास कर रहे हैं,लेकिन इसका कोई भी असर पड़ता नहीं दिख रहा है।
    इससे परे, कांग्रेस प्रत्याशी बृहस्पत सिंह ने प्रचार शुरू कर दिया है उनके पक्ष में पार्टी कार्यकर्ता एकजुट होकर प्रचार कर रहे हैं। यहां से जोगी पार्टी ने भी उम्मीदवार चुनाव में उतारे हैं। उनके पक्ष में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी प्रचार के लिए आए थे। भाजपा ने सरगुजा संभाग के रामानुजगंज विधानसभा सीट व प्रेम नगर विधानसभा सीट के प्रत्याशियों की घोषणा 29 अक्टूबर को की थी। 
    कौन हैं रामकिशुन सिंह
    भाजपा की ओर से घोषित प्रत्याशी रामकिशुन सिंह अविभाजित सरगुजा संभाग के भाजपा जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में वे भाजपा छत्तीसगढ़ अजजा मोर्चा के सदस्य हैं। रामकिशुन मूलत:सामरी विधानसभा क्षेत्र के कुसमी नगर पंचायत के रहने वाले हैं। उन्हें भाजपा ने रामानुजगंज विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है। 

  •  

Posted Date : 19-May-2018
  •  छत्तीसगढ़ संवाददाता
    राजपुर , 19 मई।  आज शाम सीएम की सभा से पहले सभास्थल से भाजपाई झंडे हटाने को लेकर भाजपा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम शासकीय है और दलगत झंडे लगने से प्रश्न खड़े होते इसलिए झंडे जब्त किए गए हैं। सीएम डॉ रमन सिंह विकास यात्रा के दूसरे चरण में आज शाम यहां आमसभा को संबोधित करेंगे। 
    कार्यकर्ताओं का कहना है कि भाजपा की ओर से दलील है कि, यह कार्यवाही ही गलत है, और प्रशासन झंडे वापस लगाए। उनके द्वारा कार्यक्रम स्थल के बाहर के एरिया में झंडा लगाया गया था। प्रशासन द्वारा सुबह बिना किसी सूचना के झंडे को निकलवा दिया गया। इस पर प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम सरकारी है, इसलिए कार्यक्रम स्थल पर से झंडे को हटवा दिया गया है। पदाधिकारियों द्वारा जो बाहर के इलाके में झंडा लगाया गया है वह यथावत है। दूसरे पार्टी के द्वारा कोई आपत्ति न हो इस दृष्टि से ऐसा किया गया है।
    धरना प्रदर्शन करने वालों में भाजपा जिला मंत्री प्रवीण अग्रवाल, उधेश्वरी पैकरा जनपद अध्यक्ष शंकरगढ़, संजय सिंह मंडल अध्यक्ष, शशिकला भगत जिला पंचायत सदस्य, अनिल तिवारी मीडिया प्रभारी, शिवनाथ जायसवाल जनपद उपाध्यक्ष, महेंद्र गुप्ता पार्षद, सतीश सिंह मंडल महामंत्री, उदय यादव, विनय भगत सहित दर्जनों की संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता धरना स्थल पर बैठे रहे। 
    प्रशासन की ओर से एसडीएम भाजपाईयों तक पहुँचे भी, पर सभा स्थल पर झंडी लगाए जाने के मसले पर कोई राहत देने से इंकार कर चलते बने।

  •  

Posted Date : 29-Apr-2018
  • बलरामपुर में कल नक्सलियों ने 5 गाडिय़ां फूंकी थीं और 3 को अगवा किया था

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    कुसमी, 29 अप्रैल। बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत सबाग में चुनचुना-पुंदाग-सबाग मार्ग पर सड़क निर्माण में लगे 5 वाहनों को नक्सलियों ने शनिवार को आग के हवाले कर दिया था। आगजनी के बाद नक्सली पीएमजीएसवाई के सब इंजीनियर व सड़क ठेकेदार के मुंशी सहित एक कर्मचारी को अगवा कर अपने साथ ले गए थे। इनमें मुंशी देर रात वापस लौट आया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। वहीं इजीनियर व एक अन्य कर्मचारी अभी भी नक्सलियों के कब्जे में है। उनके परिजन काफी चिंतित हैं।
    नक्सलियों के चंगुल से ठेकेदार का मुंशी राजू गुप्ता देर रात वापस लौट आया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजू को जंगल के रास्ते चलने में काफी परेशानी हो रही थी जिस वजह से नक्सलियों ने उसे छोड़ दिया। इंजीनियर पैत्रिश डुंगडुंग व शंकर बिहारी को लेकर आगे बढ़ गए। पुलिस राजू से पूछताछ कर रही है। मीडिया से उन्हें अभी दूर रखा गया है। 
    कुसमी एसडीओपी मनोज तिर्की से बाताया कि सब इंजीनियर और एक अन्य मुंशी वापस नहीं लौटा है। पुलिस टीम ने रात भर गश्त की लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। 
    बताया गया कि घटना को अंजाम देने पहुंचे नक्सलियों की संख्या 15 से 20 के बीच थी। इसके अलावा सैकड़ों की संख्या में माओवादी पहाड़ों पर ही तैनात थे। नक्सलियों ने सड़क निर्माण में मौजूद जेसीबी आपरेटर, हाइवा चालक, व्हाभरेटरोलर के ऑपरेटर सहित सड़क मुंशी व कार्य की रूपरेखा देखने पहुंचे पीएमजीएसवाई विभाग के सब इंजीनियर सहित कुल 9 लोगों को बंधक बना दो हाइवा, एक जेसीबी मशीन, एक व्हाभरेटरोलर मशीन सहित 5 वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद नक्सलियों ने सड़क ठेकेदार के 6 लोगों को मारपीट कर छोड़ दिया। सब इंजीनियर पैत्रिश डुंगडुंग, सड़क ठेकेदार के मुंशी राजू गुप्ता व शंकर बिहारी को अगुवा कर अपने साथ ले गए। सब इंजीनियर पड़ोसी जिला जशपुर का निवासी है। 

    वारदात की सूचना मिलते ही कल पुलिस के आला अधिकारी घटना स्थल पहुंच गए थे। रेंज के आईजी हिमांशु गुप्ता, बलरामपुर एसपी टीआर कोशिमा, एएसपी नक्सल ऑपरेशन पंकज शुक्ला, मयंक तिवारी, सीआरपीएफ 62वीं बटालियन कमांडेंट मनीष कुमार मीणा, एसडीओपी कुसमी मनोज तिर्की सहित सामरी पुलिस की संयुक्त टीम भारी संख्या पहुंचे थे।
    बताया गया कि सड़क निर्माण के दौरान हमेशा पुलिस टीम साथ रहती है लेकिन पुलिस बल शनिवार को मौजूद नहीं थी। जिससे एक बड़ा मौका माओवादियों को मिल गया। पुलिस की गैरमौजूदगी में ठेकेदार कार्य करवा रहा था।  बताया गया कि माओवादी ने वारदात को अंजाम दिया वहां से महज 5 किलोमीटर में ही सबाग चौकी है जहां 62वीं सीआरपीएफ  की बटालियन तैनात है। 

  •