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Posted Date : 16-Apr-2018
  • थानखम्हरिया नपं  

    आशीष मिश्रा
    बेमेतरा, 16 अप्रैल (छत्तीसगढ़)। महिलाओं का स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ कर सफाई मित्र बनना समाज प्रमुखों को इतना नागवारा गुजरा, की परिवार सहित उन्हें समाज से बहिष्कृत करने का फरमान सुना दिया गया।  मामला जिले की थानखम्हरिया नगर पंचायत का है, जहां स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन कर रही 5 महिला व 1 पुरूष को उसके परिवार सहित समाज से बाहर निकाल दिया गया है।  अब इन परिवारों की शादी, मृत्यु  सहित अन्य सुख-दुख के कार्यक्रमों में समाज के लोग व रिश्तेदार में शामिल नही होंगे। ऐसे में इन परिवारों की परेशानी बढ़ गई है।   थाना प्रभारी धनंजय सिन्हा स्वयं संज्ञान लेते हुए, समाज के लोगों को बुलाकर समझाने का प्रयास किया है। 
    एसडीएम साजा यूएस साहू ने कहा कि इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। संबंधितों से जानकारी ली जाएगी। समाज से बहिष्कार करना गलत है। ऐसी कोई बात है तो दोनों पक्ष को बुलाकर समझाईश दी जाएगी।
    थानखम्मरिया समाज प्रमुख बबला निषाद का कहना है कि समाज प्रमुखों को इस कार्य से आपत्ति है, इसलिए समाज से बाहर निकाला गया है।  कचरा ईकट्ठा करना धीवर समाज का काम नहीं है। कचरा उठाने का काम  समाज की महिलाओं का नहीं है। इसे बर्दाश्त नही किया जाएगा। महिलाएं ये काम छोड़ दें, फिर उन्हें समाज में शामिल किया जाएगा।
    ज्ञात हो कि नगर पंचायत थानखम्हरिया में जय माता महिला स्व सहायता समूह की महिला सदस्य स्वच्छता मित्र के रूप में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन कर रही है। इसमें धीवर समाज की प्रभा निषाद, सावित्री निषाद, विमला निषाद, उषा निषाद, संगीता निषाद, कौशिल्या निषाद, एवं रामजी निषाद शामिल है, जिन्हें समाज से बाहर किया गया है। 
    महिलाओं ने  कहा- समाज दे रोजगार
    संबंधित महिलाओं ने हिम्मत दिखाते हुए समाज प्रमुखों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सभी ने एक स्वर में कहा की सरकार के इस अभियान से उन्हें रोजगार मिल रहा है। उनका परिवार चल रहा है। इसलिए वे इस काम को नहीं छोड़ेगी।  समाज प्रमुख उनके रोजगार की व्यवस्था करे तो काम छोड़ देंगी।
    कई समाजों की महिलाएं कर रही काम 
    धीवर समाज की महिलाओं को रूढि़वादी परंपराओं का दंश झेलना पड़ रहा है। वर्तमान में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कई समाज की महिलाएं काम कर रही है।  सतनामी समाज, साहू समाज, गोड़ समाज सहित अन्य समाज की महिलाएं शामिल हंै, जो स्वच्छता मित्र के काम से मिल रहे वेतन से अपने परिवार का खर्च उठा रही हंै। 
    नपं. अध्यक्ष मनहरण सिन्हा ने कहा कि  महिलाओं को समाज से बहिष्कृत किया जाना सही नही है। ऐसा कोई काम नहीं लिया जा रहा जिससे समाज शर्मसार हो, समाज प्रमुखों को गौरवान्ति होना चाहिए की उनके समाज की महिलाएं नगर के सफाई अभियान जैसे महत्वपूर्ण अभियान की अपनी महती भूमिका निभा रही है। फोन पर समाज प्रमुख को समझाईश दी गई है।
    सीएमओ लालजी चंन्द्राकर ने कहा कि महिलाओं को सफाई कर्मी नहीं स्वच्छता मित्र के नाम से पुकारा जाए। इनसे नाली सफाई व मैला ढोने जैसा कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है। इस संबंध में समाज प्रमुख को बुलाकर समझाया जाएगा।

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Posted Date : 29-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बेमेतरा, 29 जनवरी।  जिला क्राईम ब्रांच ने नांदघाट थाना अंतर्गत ग्राम नगधा में 20 लाख कीमत का ढाई क्विंटल गांजा के साथ दो   को गिरफ्तार किया है।  परिवहन में प्रयुक्त स्कार्पियो  को भी जब्त किया गया है। 
    पुलिस अधीक्षक डीके गर्ग के अनुसार सूचना पर जिला क्राईम ब्रांच टीम ने बीती रात एक सफेद रंग के स्कार्पियो नम्बर सीजी 10 एस 7702 को घेराबंदी कर पकड़ा। तलाशी में राहुल  शर्मा और साहिद  खान  दोनों मप्र को 49 पैकेट वजन 250 किलो  गांजा  के साथ पकड़ा गया। उन्होंने  बताया कि  जिले के सभी थाना प्रमुखों को अवैध गांजा व शराब के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हंै। इसके तहत सप्ताह भर के भीतर अवैध गांजा के चार अन्य मामलों में 257 किलो गांजा के साथ 6 आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। 

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Posted Date : 16-Jan-2018
  • बेमेतरा के 21 छात्रावासों की 950 सीट में 134 खाली

    आशीष मिश्रा
    बेमेतरा, 16 जनवरी  (छत्तीसगढ़)। आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत जिले में संचालित 21 छात्रावासों में से 950 सीटें निर्धारित हंै। इनमें से 863 सीट में छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है, शेष 87 सीट रिक्त है। यह सभी रिक्त सीट किराए के भवनों में संचालित छात्रावास की है। स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा एससी, एसटी छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। जहां किराए के छात्रावासों के भवन निर्माण के लिए जमीन की उपलब्धता को लेकर राजस्व विभाग साजा व आदिम जाति कल्याण विभाग के बीच डेढ़ साल से कोई पत्र व्यवहार नहीं किया गया है। नतीजतन जमीन के दस्तावेज बगैर राज्य स्तर पर भवनों के निर्माण की स्वीकृति लंबित है। 
    गौरतलब हो कि जिले के 21 छात्रावास में से साजा ब्लॉक में 4 व बेमेतरा ब्लॉक में एक छात्रावास किराए के भवन में संचालित है। इन छात्रावासों में कुल 250 सीटों पर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाना है लेकिन सुविधाविहीन किराए की भवन में छात्रावास संचालित होने के कारण पालक यहां बच्चों को भर्ती करने में रूचि नहीं दिखा रहे हंै। नतीजतन इन छात्रावासों में 250 में से 134 सीटें रिक्त है। इस संबंध में विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किराए के भवनों में संचालित छात्रावास के भवन निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए दो साल पहले शासन को भेजा गया है। लेकिन स्वीकृति अब तक अपेक्षित है।
    किराए के भवन में संचालित छात्रावास 
    जिले के साजा ब्लॉक में प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास, प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास, पोस्ट-मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास एवं बेमेतरा ब्लाक में प्री-मैट्रिक आदिवासी बालिका छात्रावास किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं। 
    डेढ़ साल पहले लिखा पत्र
    विभाग के अनुसार साजा ब्लॉक में किराए के भवनों में संचालित छात्रावासों के भवन निर्माण के लिए जमीन की उपलब्धता को लेकर तहसीलदार साजा को 16 सितंबर 2016 को पत्र लिखा गया था। जहां 4 छात्रावास में से एक के लिए जमीन की उपलब्धता के संबंध में पत्र लिखकर, शेष तीन छात्रावास के लिए जानकारी नहीं दी गई। नतीजतन जमीन की उपलब्धता बगैर प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया। जिसकी वजह से स्वीकृति लंबित है।
    कन्या छात्रावास के निर्माण को मिली स्वीकृति 
    जानकारी के अनुसार साजा ब्लाक के प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास के लिए जमीन के दस्तावेजो के साथ प्रस्ताव स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया था। जिसमें भवन निर्माण के लिए 105 लाख रूपये प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। अधिकारियों के अनुसार वित्तीय स्वीकृति मिलने के साथ निविदा प्रक्रिया के बाद भवन का निर्माण शुरू हो जाएगा।
    विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं
    किराए के भवन मे संचालित छात्रावास के नवीन भवन निर्माण को लेकर विभाग के अधिकारी गंभीर नही दिख रहे है। राजस्व विभाग साजा को डेढ़ साल पहले लिखे गए पत्र का जवाब नहीं मिलने पर, आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा जमीन उपलब्ध कराने को लेकर अब तक दोबारा पत्र नहीं लिखा गया है। इस संबंध में अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
    सप्ताह भर में शुरू होगा निर्माण 
    शहर में संचालित आदिवासी कन्या छात्रावास के भवन निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 77 लाख रूपये स्वीकृत हुए है। एसडीओ डीजी साय ने बताया की एलाट जमीन के सीमांकन नही होने के कारण निर्माण अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इस संबंध में कलेक्टर कार्तिकेया गोयल को अवगत करने पर उनके निर्देश पर एलाट जमीन का सीमांकन किया गया है। वर्तमान में निर्माण स्थल पर पानी भरा होने की वजह से विलंब हो रहा है। पंप लगाकर पानी खाली किया जा रहा है। सप्ताह भर के भीतर कन्या कॉलेज के बगल में छात्रावास का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। ठेकेदार को नवंबर 2017 में वर्कआर्डर जारी कर दिया गया है।
    सुविधाविहीन भवन में रहने को मजबूर 
    शहर के वार्ड 7 में बालिका आदिवासी छात्रावास किराए के सुविधाविहीन भवन में संचालित हो रहा है। इस छात्रावास में 50 छात्राओं को प्रवेश दिया जाना है। छात्रावास अधीक्षिका संध्या साहू ने बताया कि किराए के भवन में 4 कमरे व 2 प्रसाधन है। इसलिए सभी सीटों पर छात्राओं का प्रवेश नहीं लिया गया। जहां 20 सीट रिक्त है। भवन का हर माह का किराया 7 हजार रूपये है।

    राजस्व विभाग नहीं दे रहा नक्शा 
    साजा ब्लाक में तीन छात्रावास के भवन निर्माण के लिए एसडीएम से चर्चा हुई है। जमीन चिन्हांकित कर ली गई है। लेकिन राजस्व विभाग साजा द्वारा जमीन का नक्शा खसरा व रकबा की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके लिए एसडीएम साजा को विभाग की ओर से पत्र लिखा जाएगा। इसके बाद भवनों का प्रस्ताव जमीन के दस्तावेज के साथ शासन को भेजा जाएगा।
    डी.आर. भगत, सहायक आयुक्त, आदिम जाति कल्याण विभाग-बेमेतरा

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Posted Date : 12-Jan-2018
  • एमजीएसवाय के तहत बेमेतरा जिले में निर्मित सड़कें

    तीन साल में बनी 40 सड़कों में से एक भी सड़क की नहींं हुई मरम्मत 

    (योजना की शुरूआत वर्ष 2011-12 से लेकर अब तक 154 करोड़ 89 लाख की लागत की 83 सड़कंे स्वीकृत)

    आशीष मिश्रा
    बेमेतरा, 12 जनवरी (छत्तीसगढ़)।  राज्य सरकार मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाने करोड़ रुपये व्यय कर रही है, लेकिन विभाग के अधिकारियों की कर्तव्यहीनता व गुणवत्ताहीन निर्माण, योजना के सड़कों की दशा बयां कर रहा है। 
    आलम यह है कि निर्माण के चंद दिनों में सड़क जवाब देने के साथ, गड्ढों तब्दील हो चुकी है। इन सड़कों पर चलना लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। 
    गौरतलब हो कि योजना के अंतर्गत निर्मित सड़कें ठेकेदार द्वारा विभाग को हैंडओवर करने की अवधि से तीन साल की गारंटी होती है, इस अवधि में सड़क के क्षतिग्रस्त होने पर संबंधित ठेकेदार को उस सड़क की मरम्मत करनी होती है। इसके लिए संबंधित ठेकेदार की कुल भुगतान की करीब 5  फीसदी  राशि अमानत के रूप में विभाग के पास जमा रहती है, जहां सड़क की गारंटी अवधि समाप्त होने के पश्चात ठेकेदार को अमानत राशि वापस की जाती है।
    मरम्मत नहीं होने से 
    सड़कें गड्ढों में तब्दील
    योजना की शुरूआत वर्ष 2011-12 से लेकर अब तक 154 करोड़ 89 लाख की लागत की 83 सड़कंे स्वीकृत हुई हैं, इन सड़कों की कुल लंबाई 297.70 किलोमीटर है। इनमें से 57 सड़कों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, 17 सड़कों का निर्माण प्रगतिरत, 6 सड़कों की निविदा प्रक्रियाधीन व 3 सड़कों का निर्माण अप्रारंभ है। बताना होगा कि बीते तीन सालों से निर्माण पूर्ण हो चुके, किसी भी सड़क का संधारण नहीं किया गया है, परिणाम स्वरूप सड़कें बदहाल होती जा रही है, जिन पर चलना मुश्किल हो गया है।
    जवाब देने से बच रहे अधिकारी
    योजना के अंतर्गत निर्मित सड़को का विभाग के सब इंजीनियर द्वारा जायजा लेकर समय समय पर रिपोर्ट तैयार की जाती है, लेकिन स्थानीय मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना कार्यालय में ऐसी किसी भी रिपोर्ट का होने से इंकार कर दिया गया है। 
    गड्ढों में तब्दील सड़कें 
    योजना के अंतर्गत ग्राम बीजाभाट से मटका तक 3.80 किलोमीटर सड़क लागत 169 लाख, बहेरा से जिया तक 6.95 किमी सड़क लागत 302 लाख का निरीक्षण करने पर सड़कें काफी बदहाल मिली। गुणवत्ताहीन निर्माण का आलम यह है कि 10 किमी की सड़क में गड्ढे ही गड्ढे नजर आते हैं। ग्रामीण योगेश्वर चौबे के अनुसार दोनों सड़कें निर्माण के चंद दिनों में ही जवाब देने लगी थी, जहां विभाग के अधिकारी से कई शिकायतों के बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। 
    निर्माण के ढाई साल में सैगोना-कुर्रा सड़क बदहाल
    ग्रामीण महेन्द्र यादव ने बताया कि ग्राम सैगोना कुर्रा से खैरा तक 4.80 किमी सड़क लागत 227 लाख का निर्माण पूर्ण हुए ढाई साल हो गए हंै। इस सड़क पर हल्के वाहनों की आवाजाही के बावजूद, दर्जन भर जगहों पर सड़क फट चुकी है। 
    गारंटी अवधि में सड़कंे सुधारी नहीं, अब जोनल टेंडर का भेजा प्रस्ताव
    विभाग की ओर से गारंटी अवधि में बदहाल सड़कों की मरम्मत को लेकर संबंधित ठेकेदार की अमानत राशि नहीं काटी गई। अब पांच सड़कों की मरम्मत के लिए विभाग की ओर से 27 लाख रुपये का जोनल टेन्डर का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा गया है। जिसमें सेमरिया से कंदई 2 किमी, कातलबोड़ से कंदई 2 किमी, नारधी से साल्हेपुर आधा किमी, केशडबरी से बोदका 2 किमी एवं मटका से बीजाभाट 3 किमी सड़क की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया है। 
    जानकारी के अनुसार बीते तीन साल के भीतर जिले में करीब 40 सड़कों का निर्माण हुआ है, जहां क्षतिग्रस्त होने के बाद इन सड़कों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

    विभाग के सब इंजीनियरों से रिपोर्ट मंगाई जा रही है। पांच सड़कों की मरम्मत का जोनल टेंडर का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
    वीसी गुप्ता, एसडीओ एमजीएसवाय

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Posted Date : 22-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़  संवाददाता
    बेमेतरा, 22 दिसंबर। उपजेल में एक बंदी ने बीती रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद जेल प्रशासन ने जेल प्रहरी को निलंबित कर दिया। 
    प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बंदी ने फांसी लगाई है या किसी ने हत्या कर फांसी पर लटका दिया है होगा, यह रहस्य बरकरार है। फिलहाल मामले की जांच के बाद कारणों का खुलासा होगा। 
     जेल के बैरक नम्बर-3 में लुंगी का फंदा बनाकर फांसी लगने वाला लोकेश सतनामी (19) ग्राम बोड तहसील साजा को नाबालिग से अनाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसे न्यायालय के आदेश पर 14 दिसंबर को उपजेल लाया गया था। 
    सूचना दुर्ग केंद्रीय जेल अधीक्षक को दी गई है। घटना की जानकारी मिलते ही जेल अधीक्षक दुर्गेश क्षत्रिय व डॉ एस.के. शर्मा ने जेल पहुंच कर मौका मुआयना किया।
    ज्ञात हो कि बेमेतरा उपजेल में आत्महत्या का यह पहला मामला नहीं है। लगभग 2 साल पहले संजय टंडन ग्राम जोगीपुर ने फांसी लगा ली थी, वह भी शांति भंग के आरोप में बंद था। इसी तरह 2 साल पहले भी हत्या के एक आरोपी बंदी ने दूसरे बंदी का कान काट दिया था।

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Posted Date : 22-Dec-2017
  • बेमेतरा एवं आसपास के जिलों की नाकेबंदी, 
    सीसीटीवी फुटेज से जांच, जल्द खुलासा-एसपी

    छत्तीसगढ़  संवाददाता
    बेमेतरा, 22 दिसंबर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की नवागढ़ शाखा से बीती रात तिजोरी सहित 59 लाख रुपये की चोरी हो गई। घटना के वक्त चौकीदार 8 बजे होटल में खाना खाने गया था, 9 बजे के करीब बैंक पहुंचा तो चोरी हो चुकी थी। 
    बेमेतरा एवं आसपास के जिलों की नाकेबंदी कर दी गई है। नवागढ़ पुलिस घटना की जांच कर रही है। चौकीदार से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस बैंक में लगे सीसीटीवी से फुटेज निकलवा रही है। अभी तक चोरों का कोई सुराग नहीं मिला है।
    इस संबंध में धर्मेन्द्र गर्ग, पुलिस अधीक्षक-बेमेतरा ने बताया कि हमें सूचना मिली कि नवागढ़ थाना क्षेत्र के जिला सहकारी बैंक में 58 लाख की चोरी हो गई। क्राइम ब्रांच एवं साइबर क्राइम स्क्वॉड एवं जिले के आला अधिकारी जांच में जुटे हैं, जल्द ही मामले का खुलासा हो सकता है।
    जिला सहकारी बैंक के नवागढ़ शाखा में 21 दिसंबर रात्रि 9 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब चौकीदार गोपेन्द्र कुलदीप खाना खाकर बैंक पहुंचा तो देखा कि बैंक के चैनल गेट का ताला टूटा हुआ है। कैश रूम से तिजोरी गायब है। सूचना मिलते ही ब्रांच मैनेजर सी.एल. सोनी एवं बैंक स्टॉफ वहां पहुंचे और पुलिस को घटना की सूचना दी। सी.एल. सोनी, शाखा प्रबंधक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक नवागढ़ ने बताया कि तिजोरी में 58, 82, 329 रुपये थे। 
    नवागढ़ तहसील कार्यालय से 100 मीटर एवं थाने से 300 मीटर दूरी स्थित बैंक में चोरी की खबर से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र गर्ग सहित पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्राइम ब्रांच एवं पूरी पुलिस टीम जांच में जुट गई है। बेमेतरा एवं आस- पास के जिलों की नाकेबंदी कर दी गई है। 
    पुलिस चौकीदार गोपेन्द्र कुलदीप से पूछताछ कर रही है। साथ ही अन्य संदेहियों से पूछताछ की जा रही है। अलग-अलग पुलिस दलों रात भर जगह-जगह तलाशी अभियान चलाया, पर अभी तक चोरों का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस बैंक में लगे सीसीटीवी से फुटेज निकलवा रही है। 
    सी.एल. सोनी, शाखा प्रबंधक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक-नवागढ़ ने बताया, शाम 7.30 बजे मैं बैंक से घर आया, 9 बजे चोरी की सूचना मिलते ही बैंक पहुंचा तो पाया चोर तिजोरी सहित कैश ले गए हैं। चौकीदार 8 बजे होटल में खाना खाने गया था, 9 बजे के करीब बैंक पहुचा तो चोरी हो चुकी थी।

     

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Posted Date : 09-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बेमेतरा, 9 दिसंबर। जिले के सेवा सहकारी समिति कठिया के उपाध्यक्ष रामाधार साहू ने  बीती रात फाँसी लगा ली। मौके पर मिले पत्र में आत्महत्या की वजह अकाल के कारण कर्ज अदायगी में असमर्थ होना बताया है।
    जिला मुख्यालय से 16 कि.मी. दूर स्थित ग्राम कठिया के संपन्न कृषक रामाधार साहू की आत्महत्या से  गाँव  स्तबम है। मृतक  52 वर्षीय रामाधार अपने छोटे पुत्र लोकनाथ के साथ रहता था। बीती रात उसने प्रतिदिन की भांति परिवार के साथ खाना खाया। सदस्यों के सो जाने के बाद उसने  फांसी लगा ली।  सुबह  उठने के बाद घर वालों को इसकी जानकारी हुई। 
    मौके से मिले पत्र में थाना प्रभारी को  संबोधित करते आत्महत्या का कारण  ट्रैक्टर  किस्त  सहित  कुछ अन्य नकदी कर्ज नहीं अदा कर पाने का उल्लेख है। इसके पीछे उसमें इस साल पड़े अकाल का भी भी जिक्र है। 
    ज्ञात हो कि समूचा बेमेतरा जिला सूखा प्रभावित है। बीते तीन महीनों से केवल सर्वेक्षण, आंकलन  व सरकारी बयान जारी है। प्रभावितों तक कोई सरकारी मदद अब तक नहीं पहुंची है। बीमा कम्पनियों सहित सरकारी राहत का लोगों को इंतजार है। पानी की कमी की वजह से ले देकर हुए धान की गुणवत्ता इस बार कमजोर है। सख्त सरकारी खरीदी नियम कायदों के चलते अधिकतर किसानों के धान सोसायटी द्वारा रिजेक्ट किए जाने से भी नाराजगी है।  
     पूर्व नेता प्रतिपक्ष रविन्द्र चौबे ने रामाधार साहू  की आत्महत्या पर दु:ख व्यक्त करते कहा है कि अकाल से  पूरे प्रदेश के किसान प्रभावित हंै सरकार इन्हें तत्काल राहत देने के बजाय अपने 14 साल पूरे होने के जशन मनाने में व्यस्त है। समूचा सरकारी मशीनरी जनहित का काम छोड़ भाजपाई भ्रष्टाचार को संरक्षण देने में लगा है। उन्होंने मृतक पारिवार को  मुआवजा देने, किसानों की कज़ऱ् माफ़ी सहित बीमा एवं क्षतिपूर्ति राशि तत्काल जारी करने की  मांग की है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष आशीष छाबड़ा , डॉ प्रवीण वर्मा , टोपेंद्र वर्मा, नवीन ताम्रकार, सुरेन्द्र तिवारी, ललित विश्वकर्मा जोगी कांग्रेस के योगेश तिवारी, हर्ष तिवारी, दिलीप पटेल, राजकुमार तिवारी ने भी मृतक परिवार को मुआवजा देने तथा किसानों के हित में तत्काल राहत की मांग शासन से की है। 

     

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Posted Date : 07-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बेमेतरा, 7 दिसंबर। भुरकी हत्याकांड के आरोपी रामचन्द्र जाट की जमीन को फर्जी तरीके से बेचने के मामले में फरार एक आरोपी को जिला क्राइम ब्रांच टीम ने पांच साल बाद गिरफ्तार किया है।
     मामले के कुल 9 आरोपी हैं, जिसमे 6 आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है, वहीं तीन फरार आरोपियों में से एक दिनेश टंडन को ग्राम भुरकी स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया है।
    प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2008 में ग्राम भुरकी हत्याकांड के आरोपी रामचन्द्र जाट जो वर्तमान में जेल मे बंद है। आरोपी रामचन्द्र के जेल जाने के कुछ दिन बाद आरोपी दिनेश टण्डन (25) भुरकी, ज्ञान दास सतनामी एवं रामकुमार सतनामी ग्राम मोहलई द्वारा ग्राम सिमगा के नंदू उर्फ नदंकुमार सतनामी को नकली रामचन्द्र बनाकर सभी मिलकर प्रार्थी किचुल नाथ निवासी सेक्टर-5 भिलाई को आरोपी रामचन्द्र के ग्राम भुरकी स्थित 18 एकड़ जमीन को 41 लाख में बेच दिया, उक्त धोखाधड़ी की रिपोर्ट पर थाना बेमेतरा में वर्ष 2012 में आरोपी दिनेश टण्डन, तरूण सतनामी, ज्ञानदास, राजकुमार एवं नंदू उर्फ नंदकुमार के विरूद्ध जुर्म दर्ज कर विवेचना में लिया गया था।
     आरोपी तरूण सतनामी, ज्ञानदास, राजकुमार और नंदकुमार को गिरफ्तार कर चालान न्यायालय पेश किया। दिनेश टंडन घटना के बाद फरार था। मुखबीर की सूचना पर कि दिनेश अपने घर ग्राम भुरकी में है, घर में छिपा रहता है, बाहर नहीं निकलता है, की सूचना पर आरोपी के घर दबिश दिया गया। दिनेश को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है। उक्त कार्रवाई में क्राईम ब्रांच एवं थाना बेमेतरा पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
    इस तरह से फर्जी जमीन बिक्री को दिया अंजाम
    भुरकी हत्याकांड के मुख्य आरोपी की 18 एकड़ जमीन के दस्तावेज दिनेश टंडन के हाथ लगने पर जमीन को बेचने अपने साथियों के साथ मिलकर योजना बनाई, जिसमें हर आरोपी की भूमिका तय की गई थी। मामले में सिमगा निवासी नंदू उर्फ नंदकुमार को जमीन का मालिक बनाया गया। 
    वहीं ग्राहक खोजने की जिम्मेदारी आरोपी संतोष व तरुण को सौंपी गई। ग्राहक मिलने पर नकली रामचंद्र को जमीन के मालिक के रूप में प्रस्तुत करने आरोपी ज्ञानदास, बाबूलाल व अमरेश से पहचान कराई गई। इस तरह प्रतेयक आरोपी ने अपनी भूमिका अनुसार कार्य कर जमीन बिक्री के इस फर्जीवाड़ा को अंजाम देते हुए प्रार्थी से 41 लाख रुपये लिए।

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Posted Date : 03-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    बेमेतरा, 3 नवंबर। कांग्रेस की यूपीए सरकार ने आदिवासी, गरीब किसानों एवं मजदूरों की आर्थिक मदद के लिए मनरेगा शुरू की लेकिन मोदी की भाजपा सरकार ने उसमें भी 18 प्रतिशत जी एस टी लगा दिया, इससे यह साफ पता चलता है कि मोदी को केवल अपना खजाना भरने में लगी हुई है। इसके लिए गरीब मजदूरों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। उक्त  बातें कांग्रेस के छग प्रभारी पी.एल. पुनिया ने अपने बेमेतरा प्रवास के दौरान कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता में कहीं। उन्होंने  कहा कि कांग्रेस हमेशा स्वच्छ राजनीति करती है। सीडी कांड अकेली घटना नहीं है।  जो सामग्री बाजार में उपलब्ध है, हमने उसे सार्वजनिक किया , क्योंकि जो व्यक्ति सार्वजनिक जीवन में बड़े पद पर रह कर ऐसा गलत करता है, उसे जनता के सामने लाना हमारा दायित्व है।
    पुनिया ने कहा कि रमन सरकार कहती है कि सीडी फर्जी है, हम उनसे यह जानना चाहते हंै कि उन्होंने इसकी जांच किससे ,
    कब और कहां कराई जिसकी रिपोर्ट उन्हें चंद घंटों में मिल गई।  इसकी जांच जब सीबीआई के हवाले है तो एसआईडी गठित क्यों की गई। जो केस सीबीआई के पास है तो छग पुलिस लगातार छापेमारी क्यों कर रही है।  उन्होंने कहा सीबीआई तोते की तरह है तभी तो अमित शाह को छोड़ दिया गया। (बाकी पेजï 5 पर)
    न्यायालय के मामले को ढीला कर दोषियों को बचाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री , उनका पूरा परिवार एवं मंत्रिमंडल पूरी तरह भ्रष्टाचार एवं जमीन घोटाले में लिप्त हैं, अत: हम चाहते हंै कि सीडी कांड की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से कराई जाय। सीडी कांड में मंत्री का नाम पूछने पर पुनिया ने कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ की जनता जानती है कि कौन-कौन मंत्री आपस में लड़ रहे हैं। एक-दूसरे को फंसाने का काम कर रहे हैं।
    भाजपा के खिलाफ़ कार्यवाही के जवाब में उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी अदालत जनता की अदालत है, और जनता की फैसला देने का समय आ गया है। जोगी पर  कहा कि हम जोगी की पार्टी को महत्व नहीं देते। चुनाव में कांग्रेस एवं भाजपा के बीच सीधा मुकाबला रहेगा, छोटी पार्टियों को जनता खुद दरकिनार कर देती है। पुनिया ने कहा मोदी सरकार पूर्ण तरह से भ्रष्ट सरकार है, मोदी के इर्द-गिर्द भ्रस्टाचार हो रहा है। माल्या का भागना इसका प्रमाण है, सारे बड़े-बड़े ठेके अडानी एवं अम्बानी को मिल रहे हैं। चाहे डिफेंस में हो, चाहे कोल या बिजली, सभी ठेके कुछ बड़े उद्योपतियों मिले हैं। गुजरात में कांग्रेस की सरकार बनेगी। भाजपा की लोकप्रियता अब समाप्त हो रही है।
    उक्त अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, सांसद ताम्रध्वज साहू, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रविन्द्र चौबे, पूर्व विधायक मोहम्मद अकबर, कमलेश्वर पटेल, जिलाध्यक्ष आशीष छाबड़ा ,सुरेन्द्र तिवारी, नवीन ताम्रकर, लोकसिंह वर्मा , प्राणीश चौबे, अविनाश तिवारी, सुमन गोस्वामी, फरेन्द्र मिश्रा, जावेद खान आदि भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

     

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Posted Date : 17-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बेमेतरा, 17 अक्टूबर। नेशनल हाईवे में उपजेल के समीप आज सुबह बेकाबू कार के पेड़ से टकराने से भाजपा के युवा नेता सौरभ शर्मा (34 वर्ष)की मौत हो गई। सौरभ के परिजनों ने बताया कि वह सोमवार को रायपुर से दिवाली खरीदी के लिए गया था। अल सुबह लौटते हुए यह हादसा हो गया। कार स्वयं सौरभ चला रहा था। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में बीजेपी नेताओं  तथा नगरवासियों का तांता लग गया। उसकी पहचान क्षेत्र में बीजेपी के युवा चेहरे  तथा समाजसेवी के रूप में  थी। उसने चार दिन पहले अपना जन्मदिन मनाया था।

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Posted Date : 08-Oct-2017
  • बेमेतरा-खरोरा में बांटा धान बोनस
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बेमेतरा/ रायपुर, 8 अक्टूबर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से छत्तीसगढ़ में खेती का बेहतर विकास हो रहा है और रोजगार के लिए गांवों से मजदूरों का पलायन रूका है। डॉ. सिंह ने कहा - प्रदेश के किसानों को धान का बोनस देने का जो संकल्प हमने लिया था, वह बोनस तिहार के जरिये पूरा हो रहा है। किसानों के चेहरों पर रौनक आयी है। उन्हें पिछले साल का बोनस इस वर्ष दीपावली से पहले ऑन लाइन दिया जा रहा है। अगले साल भी उन्हें धान का बोनस दिया जाएगा।  मुख्यमंत्री आज प्रदेश के जिला मुख्यालय बेमेतरा और ग्राम खरोरा (जिला रायपुर) में बोनस तिहार के अवसर पर हजारों की संख्या में आए किसानों, ग्रामीणों और आम नागरिकों की विशाल आमसभाओं को सम्बोधित कर रहे थे। 
    उन्होंने कहा कि किसानों की खुशहाली से ही गांवों में और गरीबों के जीवन में भी खुशहाली आएगी और छत्तीसगढ़ राज्य तरक्की के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ेगा।  बेमेतरा नया जिला है। पांच साल पहले इसका गठन किया गया था। जिला बनने के बाद यहां जनता की सुविधा के लिए अधोसंरचना विकास के कार्य तेजी से हो रहे हैं। बोनस तिहार के दोनों कार्यक्रमों में किसानों की ओर से मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया गया।
    उन्होंनेे इस अवसर पर लैपटाप का बटन दबाकर दोनों जिलों के एक लाख 67 हजार से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में वर्ष 2016 के धान बोनस की 256 करोड़ 61 लाख रूपये की धनराशि कुछ ही पलों में हस्तांतरित कर दी। डॉ. सिंह ने दोनों आमसभाओं को सम्बोधित करते हुए राज्य में वर्ष 2003-04 से अब तक 
    लगभग 14 वर्षों में किसानों की बेहतरी के लिए अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और संचालित योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। डॉ. सिंह ने बोनस तिहार को दीपावली से पहले किसानों की एक और दीपावली बताया।   
    उन्होंने बेमेतरा के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित बोनस तिहार में 74 हजार 114 किसानों को 115 करोड़ 58 लाख रूपए और खरोरा में रायपुर जिले के 93 हजार 257 किसानों को लगभग 141 करोड़ रूपये का धान बोनस देकर बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने दोनों कार्यक्रमों प्रतीक स्वरूपकई किसानों को धान बोनस का प्रमाण पत्र भी भेंट किया। मुख्यमंत्री ने बेमेतरा के कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में हितग्राहियों को सामग्री और चेक आदि का भी वितरण किया। कार्यक्रम को राष्ट्रीय महासचिव सरोज पाण्डेय, प्रभारी मंत्री पुन्नुलाल मोहिले, संस्कृति मंत्री दयालदास बघेल एवं विधायक अवधेश चंदेल ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर भाजपा के जिला अध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा सहित कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिले के अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। 
    मुख्यमंत्री ने खरोरा में आयोजित कार्यक्रम में रायपुर जिले के धरसींवा विकासखंड के 12 हजार 571 किसानों को 19.76 करोड़ रूपये, तिल्दा विकासखंड के 24 हजार 647 किसानों को 38.68 करोड़ रूपए, आरंग विकासखंड के 34 हजार 106 किसानों को 51.70 करोड़ रूपये और अभनपुर विकासखंड के 21 हजार 933 किसानों को 30.88 करोड़ रूपये का बोनस दिया।
     इस अवसर पर मुख्यमंत्री के हाथों लगभग दो हजार हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत 20 करोड़ की सामग्री और अनुदान राशि प्रदान की गई।  मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत खरोरा के लिए 19.33 करोड़ रूपये की जल आवर्धन योजना का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने गौण खनिज मद से रायपुर जिले के खनन प्रभावित 6 गांवों को आदर्श ग्राम के रूप विकसित करने के लिए भी स्वीकृत निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया।  मुख्यमंत्री ने खरोरा के कार्यक्रम में 1.59 करोड़ की लागत से निर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन और 1.76 करोड़ की लागत से वीरसावरकर नगर और भनपुरी में निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन तथा खरोरा के पुलिस थाना भवन का भी लोकार्पण किया।

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Posted Date : 05-Oct-2017
  • 22 हजार परिवार योजना के लाभ से वंचित

    आशीष मिश्रा
    बेमेतरा, 5 अक्टूबर (छत्तीसगढ़ )। जिले के 22 हजार परिवारों का सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत अब तक स्मार्ट कार्ड नहीं बन पाया है। वर्तमान में जिले में 1, 63, 881 स्मार्ट कार्डधारी परिवार हंै। नए स्मार्ट कार्ड के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 अक्टूबर है। 
     जिला स्मार्ट कार्ड प्रभारी मनोज साहू के अनुसार वंचित परिवारों में से अब तक 16844 परिवारों ने नए स्मार्ट कार्ड के लिए आवेदन किया है, वहीं अभी भी जिले के 5073 परिवारों ने स्मार्ट कार्ड के लिए आवेदन नहीं किया है। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा शत-प्रतिशत परिवारों को सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना से जोडऩे के लक्ष्य को लेकर वंचित परिवारों के आवेदन करने के लिए पंचायत स्तर पर मितानिनों को आवेदन दिए गए हैं, ताकि आवेदन करने के अंतिम दिवस तक ज्यादातर वंचित परिवारों का योजना के अंतर्गत आवेदन किया जा सके। 
    जनगणना वर्ष 2011 के अनुसार जिले में 1,85,797 परिवार हैं। इनमें से 1,63,881 परिवारों का स्मार्ट कार्ड बन पाया हैं। जहां राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में 1,06,538 एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में 57,343 परिवार शामिल हंै। 
    नोडल कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्मार्ट कार्ड के लिए प्राप्त सभी आवेदनों को विभाग के पोर्टल में ऑनलाईन कर दिया गया है। जहां मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत हुए आवेदनों का निराकरण राज्य स्तर एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना अंतर्गत हुए आवेदनों का निराकरण केन्द्र स्तर पर होगा। वहीं आवेदनों की संख्या के आधार पर इंश्योरेंस कंपनी द्वारा नए स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए टीमों को भेजा जाएगा।  


    कई बार सर्वे के बावजूद शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त नहीं
    जिले के प्रत्येक परिवार को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिले, इसके लिए शासन के निर्देश पर पिछले तीन वर्षों में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार सर्वे कराया गया। इसके बावजूद अब भी करीब 22 हजार परिवारों के स्मार्ट कार्ड नहीं बन पाए है। 
    इस संबंध में जिला स्मार्ट कार्ड प्रभारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे के दौरान कोटवारों के माध्यम से मुनादी भी कराई गई थी। इसके बावजूद हजारों परिवारों के स्मार्ट कार्ड नहीं बन पाए है। इसकी सबसे मुख्य वजह आजीविका को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर परिवारों का अन्य राज्य जाने के साथ दोबारा आवेदन करना बताया जा रहा है।

    बीमा राशि बढ़कर हुई 50 हजार
    शासन का बीमा कंपनियों से हुए नए अनुबंध के अनुसार 1 अक्टूबर से सरकारी व शासन से अनुबंधित प्राइवेट हास्पिटलों में योजना के अंतर्गत बीमित परिवार को इलाज के लिए 50 हजार रुपये तक बीमा राशि मिलेगी। ऐसी स्थिति में गरीब व मध्यम वर्गीय परिवार के यह योजना वरदान साबित होने वाली है। आगामी माह से नए स्मार्ट कार्ड बनने शुरू हो जाएंगे, वहीं अक्टूबर 2012 के बाद बने सभी स्मार्ट कार्डो का पुन: नवीनीकरण हो जाएगा।  

    स्मार्ट कार्ड के लिए ये पात्रता आवश्यक
    स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए संबंधित परिवार का जनगणना 2011 के अनुसार सूची में नाम होना चाहिए तथा परिवार में अन्य किसी सदस्य के पास पूर्व में (अक्टूबर 2012 व उसके बाद के) स्मार्ट कार्ड नहीं बना होना चाहिए। परिवार के सभी सदस्यों का आधार नंबर आवेदन में दर्ज किया जाना है, तथा ऐसे परिवार जिन्होंने मई 2016 से सितम्बर 2017 के मध्य नए स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया है, ऐसे परिवारों को फिर से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।

    90 फीसदी क्लेम जिले के बाहर 
    वर्तमान में जिले में 1.50 लाख से अधिक परिवार सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़े हुए हैं। वर्ष 2012 में योजना शुरू होने से लेकर अब तक जिले के 75 हजार परिवारों ने उपचार के लिए स्मार्ट कार्ड का उपयोग किया है। इनमें से करीब 90 फीसदी स्मार्ट कार्ड का उपयोग जिले के बाहर हुआ है। 
    इस संबंध में जिला स्मार्ट कार्ड प्रभारी मनोज साहू ने बताया कि जिले में बड़े प्राईवेट हॉस्पिटल नहीं होने की वजह से स्मार्ट कार्ड से इलाज को लेकर जिले के हितग्राही दिगर जिलों पर निर्भर रहते हंै। स्पष्ट है कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का अपेक्षित विस्तार नहीं होने से जिले के ज्यादातर स्मार्ट कार्डधारी परिवार योजना के लाभ से वंचित हो रहे हंै। 

    सबसे अधिक 50 हजार स्मार्ट कार्ड बेमेतरा ब्लॉक में
    जिले में 1,63,881 परिवारों के पास स्मार्ट कार्ड है। जिसमें जिले के बेमेतरा ब्लॉक में 49,924, साजा ब्लॉक में 40,998, नवागढ़ ब्लॉक में 42,278 एवं बेरला ब्लॉक में 37,676 परिवारों का स्मार्ट कार्ड है। वहीं छूटे हुए सदस्यों के नाम जोडऩे को लेकर जिले मे 4 कियोस्क सेंटर है, जिसमें स्वास्थ्य केन्द्र बेरला, साजा, नवागढ़ व जिला अस्पताल बेमेतरा शामिल हैं। 


    गंभीर बीमारियां योजना में शामिल 
    युनाईटेड इंडिया इंश्योंरेंस कंपनी के साथ राज्य सरकार ने एक साल का अनुबंध कर वर्क आर्डर जारी कर दिया है। अब सालाना 50 हजार के पैकेज में कैंसर सर्जरी, हार्ट की सर्जरी, गंभीर बीमारी, जलने, दंत रोग, कान नाक गला रोग, हड्डी रोग, शिशु रोग, न्यूरोलाजी सहित नए अनुबंध में 800 बीमारियों को शामिल किया गया है। बताया गया कि नवम्बर से नए स्मार्ट कार्ड बनने शुरू हो जाएंगे। हितग्राही परिवार को बीमा योजना में शामिल होने 60 रुपये का प्रीमियम शुल्क जमा करना होगा।

    मनोज साहू, जिला स्मार्ट कार्ड प्रभारी
    बीमा कंपनी से हुए नए अनुबंध के अनुसार योजना के अंतर्गत बीमित परिवारों का 50 हजार रुपये का उपचार शासन से अनुबंधित अस्पतालों में नि:शुल्क होगा। नए स्मार्ट कार्ड के लिए आवेदन स्वीकार किए जा रहे हंै। आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 अक्टूबर है।  

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Posted Date : 22-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बेमेतरा, 22 सितंबर। दुर्ग-बेमेतरा मुख्य मार्ग का निर्माण एक तो बेहद धीमी गति से हो रहा है वहीं करोड़ों की लागत से बन रहे इस मुख्यमार्ग में देवरी से गब्दी  देवकर के बीच  हार्ड मुरुम की जगह मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है, जिससे इस सड़क की गुणवत्ता पर उंगलियां उठ रही हैं।
    ज्ञात हो कि यह मुख्य मार्ग दुर्ग बेमेतरा तक फोरलेन बनना है, जिसकी लागत करोड़ों-अरबों में है, जिसकी गुणवत्ता को देखना संबंधित अधिकारियों की ज्यादा जवाबदारी बनती है। लेकिन गुणवत्ताहीन सड़क की कहानी यहीं मुरूम की जगह मिट्टी तक खत्म नहीं होती है। इसकी बोल्डर मुरूम की थिंकनेस भी जांच का विषय है क्योंकि इसकी गहराई भी जिसमें बोल्डर गिट्टी डलता है, कम है।
    अभी जहां मुरूम की जगह मिट्टी डल रहा है, वह मुख्य मार्ग के धमधा देवकर शहर के बीच का स्थान है, जहां लोगों की नजर कम रहती है। वो तो दो दिनों की रूक रूककर हुई बारिश के कारण मिट्टी की परतें दिख गई। जिस पर चलते कई वाहन बुरी तरह फंसने लगे तथा दोपहिया वाहन सवार स्लीप होकर गिरने लगे, तब  मामला सामने आया।
     इसकी निर्माण की गति भी बेहद धीमी है, जिसके चलते आवागमन करने वाले वाहनों, दोपहिया वाहन चालकों व राहगीरों को खासे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

     

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Posted Date : 11-Sep-2017
  • वैज्ञानिकों ने किया फसल निरीक्षण 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    थानखम्हरिया, 11 सितंबर। धान की फसल चौपट होने के बाद किसान इस उम्मीद में थे कि सोयाबीन की फसल से वे अपने नुकसान की भरपाई कर लेंगे, जैसे-तैसे उनका जीवनयापन हो जाएगा, परंतु पिछले कुछ दिनों से सोयाबीन की फसल में लग रही बीमारियों ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। धान के बाद अब यह फसल भी खराब होने से किसान के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी हैं।
    क्षेत्र की फसल का मुआयना करने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के वैज्ञानिकों डॉ राजेन्द्र लाकपाले, डॉ एस बी गुप्ता की चार सदस्यीय टीम के साथ उपसंचालक कृषि, अनुविभागीय अधिकारी कृषि, वरिष्ठ कृषि विकास विस्तार अधिकारी ने ग्रामों का दौरा कर फसल निरीक्षण किया तथा नमूना लिया। 
    सोयाबीन में लग रही बीमारी से एक ही रात में फसल नष्ट हो रही है। विल्ट और चारकोल राट बीमारी से ग्रसित फसल एक रात में ही चौपट हो रही है गडर बीटिल ( तना मक्खी ) फसल को चूस रहा है। शाम को लहलहाते पौधे की खुशी लिये किसान सुबह जब खेत आता है तो देखता है कि रात भर में ही किसी बीमारी ने उसकी पूरी खुशियाँ छीन ली है। 
    पिछले लगभग पंद्रह दिनों से यह सिलसिला चल रहा है। ग्राम गातापार, कोपेडबरी के किसानों ने बताया कि उनके खेतों में सूखे के कारण वानस्पतिक बढ़वार हो गया है जिससे पौधों में फल कम लग रहा है। पौधों की बाढ़ डेढ़ से दो फुट होने की बजाय तीन फुट तक हो गयी है। चालीस-पचास फल्लियों की जगह केवल तीन - चार फल्लियां ही लगी हैं। 
    टिपनी, बनरांका, गोपालपुर के किसानों ने बताया कि उनके खेतों में मोजेक नामक बीमारी का प्रकोप है जिसके प्रभाव से पहले पत्तियों की नसों में पीलापन आता है बाद में यह पत्तियों में फैल जाता है जिससे पत्तियाँ ऊपर की तरफ सिकुड़ कर खराब हो जाती हैं।
     ग्राम नवागांवकला, जेवरा, मटिया, खाती के किसानों ने बताया कि हमारी सोयाबीन फसल चारकोल राट बीमारी से ग्रसित है जिसमें तने के अंदरूनी भाग में काले रंग की धारियॉ बन जाती हैं और तना सूख जाता है। 
    ग्राम दर्री, पेण्डरीकला, श्यामपुर कांपा, खैरझिटीकला के किसानों ने भी बताया कि वे सोयाबीन में लगे विल्ट बीमारी से परेशान हैं जिसके कारण तने में गांठें बननी बंद हो गयी हैं और जड़ की ऊपरी छाल गल गयी है। 
     ग्राम हाड़ाहुली, ठेलका, बेलगांव, खपरी के किसानों ने बताया कि उनकी फसल में केंकर बीमारी से पत्तियों और तने में गहरे भूरे रंग का चकता दिखायी दे रहा है जिससे पौधे मर रहे हंै। पूरे तहसील में अमूनन इन बीमारियों ने किसानों की कमर तोड़ दी है। अवर्षा के बाद रही सही कसर बिजली की अनापूर्ति ने कर दी है।
      सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तहसील में 6620 हेक्टेयर में सोयाबीन की फसल बोयी गयी है जिसमें लगभग 75 फीसदी फसल प्रभावित होने का अंदेशा है। सोयाबीन की किस्म जे एस 9305 अधिक प्रभावित है। जे एस 335 फलन में कमी तथा मोजेक से प्रभावित है। जे एस 9560 में 40 से 45 फासदी फसल का ही अनुमान है। 
    जानकारों ने बताया कि किसान केवल बीजोपचार तथा डीएपी खाद तक ही सीमित रह जाते हैं पोटाश खाद का उपयोग नहीं करते कल्चर का भी कम उपयोग करते हैं  जिससे पौधा कमजोर हो जाता है। फसल चक्र न अपनाने से मिट्टी में जैविक तत्व कम हो गये हैं जिसका दुष्परिणाम सामने है। भूमि का शोधन करने फसल चक्र अपनाना चाहिए तथा सोयाबीन के साथ ज्वार, मक्का, बाजरा की भी बुआई करनी चाहिये। 
    क्षेत्र की फसल का मुआयना करने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के वैज्ञानिकों डॉ राजेन्द्र लाकपाले, डॉ एस बी गुप्ता की चार सदस्यीय टीम के साथ उपसंचालक कृषि विनोद वर्मा, अनुविभागीय अधिकारी कृषि राजकुमार सोलंकी, वरिष्ठ कृषि विकास विस्तार अधिकारी ए डी दुबे ने अनेक ग्रामों का दौरा कर फसल निरीक्षण किया तथा नमूना लिया। बहरहाल किसान भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

     

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Posted Date : 11-Sep-2017
  • कहा, विरोध पर लोकलाज के भय से हत्या कर दी
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बेमेतरा, 11 सितंबर।  सोनपुर के डबरी में मिली महिला की लाश मामले मेंं पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया । आरोपी ने पूछताछ में आरोपी ने महिला को बलात्कार की नीयत से पकडऩे और विरोध करने पर लोकलाज के भय से उसकी हत्या कर देने की बात स्वीकारी है। 
    पुलिस  के अनुसार  उदय राम साकिन सोनपुरी ने चौकी चंदनू हाजिर आकर सूचना दिया कि उसकी भांजी बहू मृतिका मेघा बाई उम्र 23 वर्ष साकिन सोनपुरी जो तड़के शौच के लिए  गांव के गौठान की तरफ गई थी।  वापस घर नही आने पर मैं एवं मेरा भांजा कुंजलाल कुर्रे आप-पास पता तलाश कर रहे थे तभी गांव के लोगों के द्वारा सुना कि गांव के गौठान के पास वाले पानी से भरे डबरी में किसी महिला का शव पड़ा हुआ है एवं मुंह कपड़े से ढंका हुआ है, उक्त कपड़े के आधार पर प्रार्थी उदय राम (पति) कुंजलाल कुर्रे ने मृतिका की पहचान की।
    उक्त प्रकरण में पुलिस अधीक्षक बेमेतरा धर्मेन्द्र गर्ग के द्वारा प्रकरण को गंभीरता से लेते हुये अज्ञात आरोपी की पतासाजी हेतु चौकी प्रभारी चंदनू एवं क्राईम ब्रांच बेमेतरा को निर्देशित किया गया। विवेचना के दौरान गांव वालों से पता चला कि गांव सोनपुरी के राम प्रसाद सोनवानी उर्फ बंगाली  की गतिविधि संदिग्ध होने की सूचना पर क्राईम ब्रांच, चंदनू पुलिस स्टाफ द्वारा रामप्रसाद उर्फ बंगाली जो गांव के नाले में छिपा था, को पकड़ा गया। 
    आरोपी को कब्जे में लेकर कड़ाई से पूछताछ करने पर बताया कि  10 सितंबर तड़के  महिला   दिशा मैदान के लिए अकेले जा रही थी ।  बदनीयति से पकडऩे पर उसके द्वारा मना करने व चिल्लाने पर, लोक-लाज के डर से मृतिका को गौठान के पास वाले पानी से भरे डबरी में उसी के कपड़े से सिर को बांध कर कीचड़ में दबाकर हत्या कर दिया। आरोपी को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।  

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Posted Date : 04-Sep-2017

  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बेमेतरा, 4 सितंबर। नेशनल हाईवे 30 पर टू लेन सड़क के किनारे कंट्रक्शन कम्पनी दिलीप बिल्डकान द्वारा पौधारोपण किया जा रहा है, लेकिन पौधारोपण के पश्चात पौधों की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा घेरा नहीं बनाए जाने से सवाल खड़े हो रहे हैं। मानसून नजदीक आने के बावजूद कंट्रक्शन कम्पनी एनएच में पौधारोपण को लेकर गंभीर नहीं था। मामला कलेक्टर कातिर्केया गोयल के संज्ञान में आने के बाद उनके निर्देश पर कम्पनी प्रबंधन द्वारा अगस्त माह में महावृक्षारोपण अभियान के साथ एनएच में पौधारोपण शुरू किया गया। प्रबंधन से प्राप्त जानकारी के अनुसार सिमगा से कवर्धा तक करीब 71 किमोमीटर क्षेत्र में 24 हजार पौधे रोपे जाएंगे।
    एनएच निर्माण के दौरान सड़क किनारे स्थित हजारों पेड़ों की बलि चढ़ाई गई जहां मानसून नजदीक आने के साथ कंट्रक्शन कम्पनी को पौधा रोपण करना था लेकिन एनएच प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। वहीं एनएच के स्थानीय सब इंजीनियर श्री कंवर ने मामला उच्च अधिकारियों पर डालकर पल्ला झाड़ लिया। बताना होगा कि टूलेन सड़क निर्माण के लिए जिले की सीमा के अंतर्गत कुल 1490 पेड़ काटे गए इन पेड़ों की कटाई वन विभाग ने कर नीलामी की थी।
    24 गांव में 1490 पेेड़ों को काटा गया
    260 करोड की लागत सिमगा से चिल्फी तक टूलेन सड़क के निर्माण में ग्राम तिरैया से कवर्धा मार्ग पर जिले की सीमा के अंतिम गांव अगरी, ओडिया तक 24 गांव में 1490 पेड़ काटे गए। इसके अलावा कवर्धा क्षेत्र में एक हजार से अधिक पेड़ काटे गए हैं, जिसमें बेमेतरा कलेक्टर कार्यालय से 1402 पेड़ों को काटने की अनुमति 9 सितम्बर 2014  88 पेड़ों की 13 जुलाई 2016 को दी गई. प्रभावति ग्रामों में तिवरैया, रांका, कठिया, पथर्रा, जेवरा, चोरभट्टी, बसनी, मटका, गुनरबोड़, कोबिया, बैजी, कारेसरा, लोलेसरा, गर्रा, सैगोना कन्हेरा, बेराखार, बेतर, ओडिय़ा, अगरी आदि गांव शामिल है।
    करना है, दस गुना पौधारोपण
    एनएच 30 के निर्माण के लिए पेड़ों को काटने की अनुमति कलेक्टर कार्यालय से प्रदान की गई। एनएच कंट्रक्शन कंपनी द्वारा निर्माण के लिए काटे गए पेड़ों से दस गुना पौधारोण करने की शर्त पर कलेक्टर कार्यालय से अनुमति प्रदान की गई। जहां भू राजस् सहिता की धारा 240, 241 के तहत पेड़ों को काटने की अनुमति प्रदान की गई। इसके अंतर्गत दस गुना पौधारोपण के साथ, संरक्षण के लिए सुरक्षा घेरा भी बनाना है अथा जिला प्रशासन से चिन्हांकित क्षेत्र को ग्रीन कारिडोर के रूप में विकसित करना भी शामिल है।
    पौधों की सुरक्षा व्यवस्था नहीं
    सिमगा से चिल्फी तक कंट्र्रक्शन द्वारा 24 हजार पौधे रोपने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 20 हजार पौधे रोपने का दावा किया जा रहा है लेकिन पौधों की सुरक्षा को लेकर लगाए जा रहे बास के ट्रीगार्ड नाकाफी साबित हो रहे है। जहां सुरक्षा घेरा नहीं होने की वजह से मवेशी व शरारती तत्व बास के ट्रीगार्ड को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बगैर पौधारोपण औचित्यहीन साबित हो रहा है। कवर्धा मार्ग पर जिले के अंतिम गांव ओडिया तक निरीक्षण करने पर सैकड़ों ट्रीगार्ड गिरे हुए मिले। साथ ही पौधारोपण कर रहे लोगों द्वारा पौधा रोपने में कोताही बरती जा रही थी जहां पर्याप्त गहरा गड्ढा किए बगैर पौधे रोपे जा रहे हैं।

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Posted Date : 28-Aug-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बेमेतरा, 28 अगस्त। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर आज कांग्रेसियों ने जन आक्रोश रैली निकाली। तय समय से लगभग दो घंटे देर से शुरू इस कार्यक्रम में कांग्रेस ने प्रदेश में किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्या, गौशाला में कमीशन के चलते गौ हत्या, प्रदेश में सूखा एवं बेरला कांड में निर्दोष कांग्रेसियों पर झूठे प्रकरण दर्ज करने का आरोप लगाते हुए सरकार पर जमकर हमला किया। 
    सभा में सांसद ताम्रध्वज साहू ने बारगांव बलात्कार मामले में जिला प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बेरला में मारने वाला पुलिस एफआईआर कराने वाला पुलिस और उसी पुलिस पर जांच का भी जिम्मा है तो हम निष्पक्षता की उम्मीद कैसे कर सकते हैं। श्री साहू ने न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि इन पुलिस कर्मियों व अधिकारियों पर भी एफआईआर होनी चाहिए जिन्होंने कांग्रेसियों पर लाठी चलाई, उनसे मारपीट की। उन्होंने गौशाला और सूखे की स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
    पूर्व नेता प्रतिपक्ष रविन्द्र चौबे ने कहा दुष्कर्म पीडि़त की शिकायत पर कार्रवाई तथा गिरफ्तारी करने के बजाए बेरला थाना प्रभारी द्वारा एक लाख रुपये लेकर रिपोर्ट वापस लेकर दबाव बनाने वाले को शासन प्रशासन संरक्षण दे रहा है। ऐसे पुलिस अधिकारी को तत्काल बर्खास्त करने की मांग करते हुए श्री चौबे ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का का उनका प्रजातांत्रिक अधिकारी है। जब पुलिस ने सुनवाई नहीं की तो पीडि़त महिला के सम्मान में कांग्रेस ने धरना-प्रदर्शन किया। श्री चौबे ने सवाल किया कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं जो घर से निकलने में शर्म करती है आखिर क्या वजह थी कि उनको पत्थर लेकर सड़क पर उतरना पड़ा?

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Posted Date : 22-Aug-2017
  • सोमवार को 21 गायों की मौत, गोड़मर्रा गौशाला सील
    आशीष मिश्रा 
    बेमेतरा, 22 अगस्त। जिले के गौशालाओं में भूख से गायों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को रानो में 6 व गोड़मर्रा में 15 गायों के उपचार के दौरान मरने की खबर है। सभी मृत गायों का पोस्टमार्टम कर गढ्ढों में दफाना दिया गया है।  पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों का यह कहना है कि विगत पखवाड़े भर से मवेशियों को चारा को छोड़ पानी भी नसीब नहीं हुआ। घटना की गंभीरता को व्यक्त करता है एसडीएम साजा ने गोड़मर्रा गौशाला को सीलकर सभी मवेशियों को अन्य संचालित गौशालाओं में शिफ्ट कर दिया है। 
    गौशालाओं में लगातार मवेशियों की मौत को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। आज साजा एसडीएम के एस मंडावी ने तहसीलदार व अन्रू अधिकारियों की मौजूदगी में गोड़मर्रा के मूलचंद गौशालाओं को सील कर दिया है। खबर यह है कि रानो के गौशाला में अभी भी 15 गाय मरणासन्न अवस्था में है। लिहाजा अधिकारियों में सभी मवेशियों को अन्य संचालित गौशालायों में शिफ्ट कर दिया है। 
    ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गोड़मर्रा में 635, राजपुर में 520 और रानो गौशाला में 400 गाय हंै, मयुरी गौशाला 2004 से व गोड़मर्रा गौ शाला 2015 से संचालित है। लगभग 1500 गायों को खाने के लिए महज 150 किलो चारा दिया जाता है। इन मौतों की तह में जाने से कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए है।
    गौशालाओं में हरे चारे की माकूल व्यवस्था नहीं है।  चारे के भंडारण की व्यवस्था भी नहीं है। गायों को ठूंस-ठूंस कर रखा गया है। बनाए गए क्षेत्रों में क्षमता से 5 से 6 गुना गायों को रखा गया है। साफ-सफाई का अभाव है। पोस्टमार्टम करने वाले पशुचिकित्सा विभाग को डॉ. हेमंत कु मार के अनुसार गायों के मौत की मुख्य वजह भूख व चारे का अभाव है। 
    डॉक्टरों का यह कथन भी चौकाने वाला है कि गायों को चारा व भोजन को दूर लगभग पखवाड़े भर से पीने को पानी भी नहीं मिला है। ग्रामीणों ने बताया कि रातभर, रानो व गोड़मर्रा के गौशालयों में कुछ मजदूर एवं  चालक नरहिंता यादव गौशाला की देखरेख करते है। मृत मवेशियों को ट्रेक्टर चालक नरहिंता यादव दफनाने के लिए ले जाता है। 
    हैरत की बात यह है कि मरने वाले गायों की गोड़मर्रा गौशाला के पीछे भी कब्रिस्तान में फेंक दिया जाता है। मौके पर सड़क किनारे गढ्ढों, खेत के  आसपास एवं भूसे में मृत गायों को दबा पाया गया। आरोपी हरीश वर्मा एवं उनके परिवार गौशाला की व्यवस्था देखने कभी कभार ही जाते थे, इधर गौशाला संचालक के खिलाफ परपोड़ी थाना में अपराध दर्ज कराया गया है। तीनों गौशाला के संचालक सदस्य हरीश वर्मा, रमेश यादव, लीलाराम साहू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, शेष आरोपी अभी भी फरार है। 
    अपने बेमेतरा प्रवास में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने गौशाला में व्याप्त अनिमितताओं की जांच एवं कार्रवाई हेतु आश्वासन दिया है। पशुपालन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने उपसंचालक एके सिंह सहित 9 अधिकारी एवं कर्मचारियों को निलंबित कर  कार्रवाई जरूर की है, लेकिन संबंधित विभाग, आयोग व प्रशासनिक अमला यदि नियमित रूप से निरीक्षण करते तो इस दर्दनाक हादसे को रोका जा सकता था।
    उल्लेखनीय है गोड़मर्रा निवासी नारद सिंह ने विगत एक वर्ष पूर्व एसडीएम धमधा, पशुपालन विभाग के संचालक एवं डॉक्टरों ने मिलकर शिकायत की थी कि गोड़मर्रा गौशाला में अनियमितता व्याप्त है, चारा पानी  के अभाव में आए दिन गाए भूख से मर रही हैं, गंडई के मोहम्मद खान ने सालेवारा, बकरकट्टा जंगलों में गायों के तस्करी की जानकारी संबंधी थानों में दी लेकिन समुचीत कार्रवाई के अभाव में गौशाला संचालक पशु संख्या के आधार पर शासन के लाखों फायदे का अनुदान लेता रहा। 
    विभाग सहित प्रशासनिक अमले ने प्राप्त शिकायतों को अनदेखी की। परिणती इस दर्दनाक घटना के रूप में सामने आई। गौशाला संचालनकर्ता एक तरह अनुदान की राशि हजम करते रहे, दूसरी ओर मृत गायों की खालों को 5 सौ रुपये एवं हड्डियों को कोरबा के व्यापारियों के पास बेचकर  कमाते रहे।
    बरहाल गौशालाओं में बड़े पैमानों में हुई  मौत को लेकर क्षेत्र में आक्रोश है। ग्रामीण संचालनकर्ताओं के साथ-साथ उन लोगों पर भी कार्रवाई की लगातार मांग कर रहे हंै, जिन्होंने निरीक्षण व अपनी तय जिम्मेदारी में कोताही बरती है एवं शिकायतों को अनदेखा किया है।  

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Posted Date : 19-Aug-2017
  • कांगे्रस ने कालिख पोती 

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    दुर्ग, 19 अगस्त। धमधा विकासखंड के दुर्ग गंडई रोड पर स्थित ग्राम राजपुर के शगुन गौशाला के संचालक भाजपा नेता एवं जामुल नगर पालिका उपाध्यक्ष हरीश वर्मा को आज दुर्ग न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इस दौरान अदालत परिसर में युवा कांगे्रसियों ने हरीश के चेहरे पर कालिख पोत दी और ऑयल भी फेंका। ज्ञात हो कि दो दिन अवकाश होने के कारण आज दोपहर बाद एसडीएम कार्यालय में प्रस्तुत किया गया। दूसरी ओर शेष बचे गायों को कवर्धा, बेमेतरा, बालोद की गौशाला में शिफ्ट कर इस गौशाला की मान्यता रद्द करने की लगभग तैयारी पूर्ण हो चुकी है। ज्ञात हो कि कल कई गायों की लाशें एक ईंट भट्ठे में ट्रैक्टर ट्राली में छिपाकर रखी मिलीं जिसे दफन करने की तैयारी की जा रही थी। जिसे ग्रामीणों ने पकड़ा और मामला सामने आया।
    इधर 3 पशु चिकित्सक डा. नम्रता शारदा, डा. अर्चना जैन और डा. वसून संत ने 13 गायों का पोस्टमार्टम किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गायों की मौत की वजह भूख, प्यास से होना बताया गया है। 
    यह कार्रवाई गौशाला संचालक द्वारा गायों की ठीक से देखभाल न कर क्रूरतापूर्ण व्यवहार करने और यहां के गायों की लगातार मौत होने की घटना के कारण की जा रही है। संचालक हरीश वर्मा के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम का अपराध कायम कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। अभी तक 30 गायों की मौत होने की जानकारी दी गई है, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि यहां लगभग 200 से अधिक गायों की मौत हो चुकी है। (बाकी पेजï 5 पर)
    गायों की मौत को छुपाने के लिए जेसीबी के सहारे दफन कर दिया गया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने धमधा थाने के समक्ष उग्र प्रदर्शन भी किया था। 
    जांच में  गायों की देखभाल व पोषण के लिए 95 लाख से अधिक अनुदान मिलने के बाद भी ठीक से देखभाल नहीं किए जाने को लेकर ग्रामीणों सहित अन्य भी आक्रोशित है। छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल पटेल एवं सचिव एसके पाणिग्राही ने व्यवस्था का निरीक्षण किया। सचिव श्री पाणिग्राही ने इसकी रिपोर्ट भी तैयार कर ली है। शीघ्र ही मान्यता रद्द करने का निर्णय आ सकता है। 
    विशेषर पटेल पटेल का कहना था कि ऐसे मामलों में मान्यता रद्द करने की एक प्रक्रिया है। गौशाला में निरीक्षण के दौरान कई खामियां पाई गई हंै। इस तरह की खामियां प्रदेश की किसी भी गौशाला में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 
    इस संबंध में गौशाला संचालक एवं जामुल नगर पालिका के उपाध्यक्ष हरीश वर्मा का कहना था कि इस महीने की 15 तारीख को क्षेत्र में तेज बारिश के कारण गौशाला की 90 फीट लंबी दीवार गिर गई थी। इससे चोट लगने से पिछले तीन दिनों में 26 गायों की मौत हो गई है। वहीं कुछ गाय बेहोश हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है।
    ज्ञात हो कि दुर्ग जिले के राजपुर गांव में बनी शगुन गौशाला के मेन गेट पर 'कमलÓ बना हुआ है, जहां सैकड़ों गायें मौत के कगार पर खड़ी हैं। यहां की गायें बेहद कमजोर हैं, पसलियां साफ दिखाई देती हैं। पिछले हफ्ते भर में मौत की शिकार हुई कई गायों के अवशेष भी पड़े हैं। 

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Posted Date : 17-Aug-2017
  • बेरला में लाठीचार्ज के बाद तनाव कायम, 40 हिरासत में
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बेमेतरा,  17 अगस्त। बेरला में बुधवार को लाठीचार्ज की घटना के बाद आज भी वहां तनाव की स्थिति रही। पुलिस 40 ग्रामीणों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जिनमें नाबालिग भी शामिल हैं। बेरला टीआई को हटा दिया गया है। प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने गुरुवार को पीडि़ता से मिलने पहुंचे। 
    बुधवार को हुए पथराव के बाद गंभीर रूप से घायल हुए दो पुलिस जवान को रायपुर रिफर किया गया है वहीं बेमेतरा टीआई श्री मारकंडे को भिलाई रिफर किया गया है। आज प्रशासन ने बेरला में सभी दुकानें बंद रखी हैं। वहीं पुलिस बल भी मौजूद है।
    बुधवार रात को बेमेतरा ग्रामीण युवा कांग्रेस अध्यक्ष गुलजार अली को बेमेतरा से  बेरला लाकर पूछताछ की जा रही है।  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, पूर्व अध्यक्ष एवं विधायक धनेंद्र साहू, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रविन्द्र चौबे, दुर्ग लोकसभा सांसद ताम्रध्वज साहू, राज्यसभा सदस्य छाया वर्मा, पूर्व मंत्री मो. अकबर, दुर्ग विधायक अरुण वोरा, 
    पूर्व मंत्री अमितेष शुक्ल, प्रदेश उपाध्यक्ष बदरूद्दीन कुरैशी, पूर्व विधायक डॉ. शिवकुमार डहरिया,  सहित हजारों कार्यकर्ता बेरला ब्लॉक मुख्यालय में पुलिस लाठीचार्ज से घायल हुए पीडि़त लोगो, से मिलने एवं घटना स्थल का मुआयना करने पहुंचे। 
    कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि घटना स्थल में कलेक्टर और एसपी नहीं पहुंचे हैं। शासन गंभीर नहीं है, निराकरण करना नहीं चाहती। आरोपी के खिलाफ  कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। बारगांव में शराब भ_ी के चलते गांव में असंतोष फैल रही है। गांववासियों पर धारा 307 लगायी गयी है। शासन और भाजपा सरकार अघोषित आपातकालीन पैदा कर गांव वासियों पर बर्बरता बरस रही है। 
    ज्ञात हो कि बुधवार को सामूहिक बलात्कार के आरोपियों को पुलिस संरक्षण का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के आव्हान पर बेरला में आयोजित धरना प्रदर्शन के बाद कांग्रेसी तो चले गए किंतु आक्रोशित ग्रामीणों का पुलिस से टकराव और पुलिस पर पथराव से दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गायत्री सिंह व टीआई भी शामिल है।
     ग्रामीणों ने जबरदस्त हंगामा किया। टीआई और एसडीओपी को घेर लिया, जहां से निकालने के चक्कर में पुलिस लाठीचार्ज से आक्रोशित ग्रामीण महिला-पुरूषों ने पुलिस वालों की जबरदस्त पिटाई की जिससे दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
    बेरला की महिला एसडीओपी अनामिका जैन को कलेक्टर कार्तिकेय गोयल भीड़ से बचाकर किसी तरह अपनी कार में बैठाकर लेकर गए। स्थिति नाजुक होने की सूचना पर आईजी दीपांशु काबरा भारी पुलिस बल के साथ बेरला पहुंचे। तब जाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। पुलिस ने फ्लैग मार्च किया और धारा 144 लागू कर दिया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। 
    मिली जानकारी के अनुसार पिछले एक सप्ताह पहले ग्राम बारगांव स्थित फार्महाउस में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और महिला के साथ रहे दो युवकों की बेदम पिटाई की गई थी। कांग्रेस का आरोप है कि इस मामले में बेरला पुलिस ने महज एक के खिलाफ  376 की कार्रवाई की जबकि मुख्य आरोपी जो आदतन अपराधी है उसके सहित अन्य लोागों पर मामूली धारा लगाकर केवल खाना पूर्ति की कार्रवाई की गई।
     इस बात को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश था। जिसे लेकर कांग्रेस कमेटी का तहसील कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया था जिसमें बारगांव व मुड़पार के ग्रामीण जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं। भारी संख्या में उपस्थित थे। दोपहर दो बजे कांग्रेस ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। लगभग तीन हजार की भीड़ वहां इकठ्ठी हो गई और एसडीओपी अनामिका जैन तथा टीआई प्रेम साहू से आरोपियों के उपर कार्रवाई नहीं करने के संबंध में आरोप लगाने लगे। स्थिति बिगड़ते देखकर कांग्रेसी वहां से चले गए। 
    एसडीओपी व टीआई आक्रोशित भीड़ को देखते हुए पंजीयन कार्यालय के अंदर चले गए और कुंडी लगा दिया। भीड़ बाहर नारेबाजी करने लगी । इसी बीच दो गाडिय़ों में 15-20 जवान मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण करने की दृष्टि से लाठीचार्ज कर ग्रामीणों को खदेडऩे का प्रयास किया और एसडीओपी को बाहर लाए किन्तु इससे स्थिति बिगड़ गई। ग्रामीण पुलिस के उपर पथराव करने लगे। महिला एसडीओपी किसी तरह एक दुकान के भीतर चली गई और बाहर से शटर को गिरा दिया। भीड़ यहां शटर पर पत्थर बरसाती रही। पथराव से पुलिस के 16 अधिकारी कर्मचारी एएसपी गायत्री सिंह, बेमेतरा टीआई डीके मारकंडे, बेरला टीआई प्रेम साहू सहित दर्जन भर से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घटना के बाद दुर्ग रेंज के आईजी दीपांशु काबरा मौके पर पहुंच गए। बेरला को छावनी में तब्दील कर किया गया।

     

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