छत्तीसगढ़ » बीजापुर

Previous123456789...1415Next
एड़समेटा की न्यायिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करें राज्य सरकार -अमित
30-Nov-2021 8:58 PM (24)

 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बीजापुर, 30 नवंबर। मंगलवार को बुरजी गांव पहुंचे जेसीसी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा कि राज्य सरकार को एड़समेटा गोलीकांड की न्यायिक जांच रिपोर्ट को विधानसभा में सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके विधायक इस मामले को विधानसभा में रखकर काम रोके प्रस्ताव लाएंगे।

यहां अपने दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे जेसीसी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी पहले दिन सोमवार को वे सिलगेर गए। वहां सात महीने से आंदोलन कर रहे ग्रामीणों से मिलकर बात की। मंगलवार को जोगी बुरजी गांव पहुंचे, यहां दो महीने से ग्रामीण कैम्प व सडक़ के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हंै।

अमित जोगी ने बुरजी के ग्रामीणों से पूरे घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामों में किसी भी काम के लिए ग्राम सभा का प्रस्ताव होना चाहिए,  लेकिन यहां बिना ग्रामसभा के काम हो रहा है। अमित जोगी ने एड़समेटा घटना की भी बारीकी से जानकारी ग्रामीणों से ली। उन्होंने घटना में घायल हुए लोगों से बात की और घटना पर दुख जताया।

उन्होंने कहा कि एड़समेटा गोलीकांड की न्यायिक जांच रिपोर्ट को विधानसभा में सार्वजनिक करना चाहिए। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि सरकार पेशा कानून के अधिकारों को कुचलना बंद कर ग्राम पंचायतों के ग्राम सभाओं का विधिवत फैसलों का सम्मान करें।
 
बुरजी में दो माह से आंदोलनरत मूलवासी मंच के ग्रामीणों से मिलकर चर्चा करते हुए अमित जोगी ने कहा कि सीएम भूपेश बघेल लखीमपुर खीरी पीडि़तों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देते हैं और अपने प्रदेश के आदिवासी ग्रामीणों को कुछ नहीं देते। प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल को शायद यहां के आदिवासियों की जान की कोई चिंता नहीं है।
 
डेढ़ किमी पैदल चले जोगी
गंगालूर से बुरजी के बीच कई जगहों पर सडक़ कटा हुआ है और उस पर पेड़ गिरे पड़े हैं। गाडिय़ां कुछ दूर जाकर रुक जाती है। मंगलवार को जब अमित जोगी बुरजी जाने के लिए निकले तो गंगालूर के आगे से उन्हें सडक़ कटा हुआ मिला।

उन्होंने जंगल में ही गाड़ी खड़ी करवाकर करीब डेढ़ किमी पैदल चलकर ग्रामीणों के प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे। इस अवसर पर सकनी चन्द्रिया, जमुना सकनी, टंकेश्वर भारद्वाज, अमित पांडेय, नवनीत चांद, रौशन झाड़ी मौजूद रहे।

आचार संहिता उल्लंघन का आरोप, कांग्रेस ने की प्राचार्य की शिकायत
30-Nov-2021 8:45 PM (18)

बीजापुर, 30 नवंबर। आगामी 20 दिसंबर को होने वाले नगर पंचायत भैरमगढ़ के लिए चुनाव में एक प्राचार्य पर भाजपा के पक्ष में प्रचार करने का आरोप कांग्रेस ने लगाया है। कांग्रेस ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए इसकी शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी से कर उनके स्थानान्तरण की मांग की है।

जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर ने जिला निर्वाचन अधिकारी से लिखित शिकायत करते हुए कहा कि बंडलापाल माध्यमिक शाला में पदस्थ प्रधानाध्यापक शिव समरथ द्वारा भाजपा का प्रचार किया जा रहा है। कांग्रेस ने शिकायत में कहा है कि समरथ एक शासकीय कर्मचारी है। बावजूद उनके द्वारा भाजपा का प्रचार किया जा रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि उनका स्थानांतरण अन्य ब्लाक किया जाएगा।
 
ज्ञापन सौंपने के दौरान विधायक प्रतिनिधि प्रवीण डोंगरे, जनपद उपाध्यक्ष सोनू पोटाम, नगर पालिका उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम सल्लुर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष एजाज खान व रजिया बेगम मौजूद रहे।

कांग्रेस सरकार नहीं चाहती बस्तर की बेटियां सशक्त हो - गागड़ा
30-Nov-2021 4:55 PM (25)

पूर्व मंत्री ने सरकार पर साधा निशाना

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 30 नवंबर।
पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने रेडी टू ईट का काम महिला समूहों से लेकर बीज निगम को देने की तैयारी कर रही है। इससे जाहिर होता है कि सरकार नहीं चाहती महिलाएं व बस्तर की बेटियां सशक्त हो।

पूर्व विधायक महेश गागड़ा ने बयान जारी कर कहा कि रेडी टू ईट का काम महिलाओं से सरकार छीन रही है। राज्य सरकार ने 22 नवंबर के मंत्री परिषद की बैठक में फैसला लिया है कि आगामी फरवरी 2022 से महिला समूहों से रेडी टू ईट का काम वापस लेकर इसे राज्य बीज निगम दे दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सामाजिक रूप से मजबूत करना चाहती थी, इसलिए समूह के माध्यम से रेडी टू ईट का काम उन्हें दिया गया था। लेकिन कांग्रेस सरकार को प्रदेश की महिलाओं की कोई चिंता नहीं है। बल्कि उन्हें अपने फायदे की चिंता है। इसीलिए सरकार बीज निगम को काम देकर फायदा उठाना चाहती है। श्री गागड़ा ने अपने बयान में कहा कि बस्तर की महिलाएं स्वरोजगार से मुनाफा कमा रही थी। सिर्फ बस्तर में ही रेडी टू ईट के काम से सालाना 12 करोड़ रुपये का कारोबार करती थी और यही बात सीएम व कांग्रेस को हजम नहीं हुई। कांग्रेस नहीं चाहती कि बस्तर की बेटियां सशक्त बने।

श्री गागड़ा ने महिलओं से रेडी टू ईट का काम वापस लेने पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सरकार पोषण आहार में क्विलिटी लाना चाहती है तो फिर क्यों विशेषज्ञों की रिपोर्ट को झुठलाकर दरकिनार किया गया। जबकि विशेषज्ञ कह रहे है कि महिलाओं द्वारा तैयार किया जा रहा रेडी टू ईट के क्वालिटी में अब तक कोई गिरावट नहीं आई है। बावजूद क्वालिटी का बहाना बनाकर सरकार ने महिलाओं को बेरोजगारी की राह में लाकर खड़ा किया हैं।
 

सिलगेर पहुंचे अमित जोगी, कहा सरकार मृतकों को दें मुआवजा
29-Nov-2021 9:30 PM (26)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 29 नवंबर।
जोगी कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी सिलगेर पहुंचे। यहां सात माह से आंदोलनरत मूलवासी मंच के ग्रामीणों से मिलकर चर्चा की, अमित जोगी ने सिलगेर के लोगों को न्याय दिलाने की बात की है। साथ ही कहा कि उनकी पार्टी के विधायक विधानसभा में इस पर काम रोको प्रस्ताव लाएंगे।

उन्होंने कहा कि सात महीने से सिलगेर में ग्रामीण न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन राज्य की भूपेश सरकार का इस ओर ध्यान नहीं है। उप्र के लखीमपुर की घटना में प्रदेश के मुख्यमंत्री जा सकते हंै तो सिलगेर क्यों नहीं आ रहे।

अपने राज्य के लोगों का दु:ख दर्द सुने। अमित जोगी ने कहा कि ग्राम सभा को मजबूत बनायें और ग्राम सभा के माध्यम से प्रस्ताव बनाकर ग्राम विकास का खाका तैयार करें। ग्रामसभा में पारित प्रस्ताव ही मान्य है। केंद्र सरकार व राज्य सरकार के प्रस्ताव से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है, ग्रामसभा। अमित जोगी ने यह भी कहा कि पांचवीं अनुसूची के तहत ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित कर कैंप को हटायें।

बगैर प्रस्ताव के केंद्र व राज्य सरकार अनुसूचित क्षेत्रों में कोई काम नहीं कर सकती है। पत्रकारों से चर्चा में अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा कि हम चाहते हैं कि सिलगेर की घटना में मारे गये परिवार को एक-एक करोड़ मुआवजा, घायलों को पचास-पचास लाख, दस एकड़ भूमि और परिवार के सदस्य को नौकरी सरकार दें।

जोगी कांग्रेस के मुखिया अमित जोगी का कहना है कि सिलगेर सुकमा जिले का गांव है, बीजापुर पुलिस द्वारा कार्रवाई करना ये न्याय संगत नहीं है। मामला सुकमा जिले का होते हुये बीजापुर प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई समझ से परे है।

अध्यक्ष अमित जोगी का कहना है कि बस्तर में निर्दोष आदिवासियों पर कार्रवाई करना पुलिस बंद करें। पुलिस ग्रामीणों को नक्सली बताकर जेल में बंद करने पर आमादा है। जो निर्दोष आदिवासी जेल में बंद हैं, उनकी रिहाई करें?। पेशा कानून की वकालत करते हुये कहा कि प्रदेश में यह कानून लागू होना चाहिए, तभी आदिवासियों को न्याय मिलेगा।
 
अमित जोगी ने कहा कि क्षेत्र के विकास का खाका ग्रामसभा में तैयार करें। ग्रामीण ग्राम सभा में जो प्रस्ताव पारित करेंगे, उसे सरकार को मानने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। सांसद, विधायक, सऱपंच के प्रस्ताव से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है ग्रामसभा।

सिलगेरवासियों की मांग-चौड़ी सडक़ नहीं चाहिए। गांव से सीआरपीएफ कैंप हटाया जाये। निर्दोष आदिवासियों को जेल से रिहा किया जाए। गांव के पढऩे वाले बच्चों को नक्सली बताकर जेल भेजना बंद न करें। गांव के जल जंगल जमीन के हक को न छीना जाये। गांव में खेती बाड़ी करने वाले को तंग करना बंद करें।

इस दौरान जिलाध्यक्ष सकनी चंद्रैया, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जमूना सकनी, अमित पांडेय, नवनीत चांद, टंकेश्वर भारद्वाज, सुजीत कर्मा, गुड्डू कोरसा व रोशन झाड़ी मौजूद रहे।

भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से नकुल ठाकुर निलंबित
29-Nov-2021 9:23 PM (40)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 29 नवंबर।
भैरमगढ़ में होने वाले नगर पंचायत चुनाव से पहले भाजपा ने अनुशासनहीनता के चलते एक भाजपा नेता को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया हैं।

प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने भैरमगढ़ मंडल व जिला भाजपा की अनुशंसा पर भैरमगढ़ के भाजपा नेता नकुल ठाकुर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित करने की कार्यवाही की है।
 
जिला भाजपा संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि भाजपा नेता नकुल ठाकुर पार्टी नेताओं के विरुद्ध सार्वजनिक स्थानों पर अनर्गल टिप्पणी करते रहे। वहीं पार्टी विरोधी गतिविधियों से संबंधित बैठकें आयोजित कर अन्य पार्टीयों से सांठगांठ करते रहे। जिसे पार्टी ने अनुशासन भंग करने का गंभीर कृत्य बताया है। अनुशासनहीनता के चलते भैरमगढ़ मंडल इकाई व जिला भाजपा की अनुशंसा पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी से निलंबन की कार्यवाही की है।

जिले में 23 गर्भवती मजदूरों को मातृत्व भत्ता का भुगतान
28-Nov-2021 7:23 PM (32)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 28 नवंबर।
माता एवं शिशु के सुपोषण का रखें ख्याल महात्मा गांधी नरेगा योजना। ऐसा हम इसलिए कह रहे है चूंकि एक ओर जहां जिले के सुदूर व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में महात्मा गांधी नरेगा योजना एवं अन्य मद के अभिसरण से मजबूत व बच्चों को आकर्षित करने वाली मनमोहक रंगबिरंगी आंगनबाडिय़ां बनाई जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर इस वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिले में मनरेगा के अंतर्गत कार्यरत 23 गर्भवती महिलाओं को प्रसूति अवधि के दौरान एक माह की मजदूरी के बराबर राशि यानी 5790 रूपये मातृत्व अवकाश भत्ता के रूप में प्रदान किया गया है। मातृत्व भत्ता की राषि पाकर गर्भवती महिलाएं व माताएं काफी खुश हैं।
 
ग्राम पंचायत धनोरा निवासी पाली तेलम का कहना है कि मुझे तो यह जानकारी ही नहीं थी कि गर्भवती महिलाओं के लिए भी ऐसी कोई योजना है। हमने वित्तीय वर्ष 2020-21 में महात्मा गांधी नरेगा योजना में 100 दिवस से अधिक का रोजगार भी प्राप्त हुआ है। मातृत्व भत्ते के रूप में मुझे कुल 5790 रूपये प्राप्त हुए है। इस राशि का उपयोग मैंने अपने बच्चे के लिए दवाई व पौष्टिक आहार के लिए उपयोग किया। सच में यह योजना गर्भवती महिला श्रमिकों के लिए वरदान है।
 
जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी रवि साहू ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंण्टी योजना के तहत् कार्यरत् गर्भवती महिला श्रमिकों को प्रसूति अवकाश के रूप में मातृत्व भत्ता प्रदान करने का प्रावधान है। यह राज्य पोषित योजना है, इस योजना का उदेश्य प्रसूति अवधि के दौरान जॉब कार्डधारी महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार तथा स्वस्थ शिशु जन्म के लिए सहायता उपलब्ध कराना है। इससे शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर में सुधार होगा।

आवेदित महिला का नाम मनरेगा के अंतर्गत पंजीकृत परिवार को जारी जॉब कार्ड में अंकित हो।  आवेदित महिला या उनके परिवार के सदस्यों द्वारा मनरेगा के अंतर्गत विगत 12 माह में कम से कम 50 दिवस का कार्य किया हो, मातृत्व भत्ता के लिए जीवित शिशु जन्म होने बाबत् अनिवार्यता नहीं होगी । सामान्यत: यह भत्ता गर्भधारण के द्वितीय एवं तृतीय तिमाही  में देय होगा।

कैसे करें आवेदन
आवेदिका को संबंधित ग्राम पंचायत में आवेदन जमा करना होगा । आवेदन के साथ गर्भधारण की पुष्टि हेतु निकटस्थ मितानिन द्वारा जारी प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा ।  सामान्यत: आवेदन गर्भधारण के द्वितीय या तृतीय तिमाही से पूर्व या दौरान दिया जाना होगा , लेकिन यदि किसी ओवदिका द्वारा इस अवधि में आवेदन नहीं दिया गया हो , तो उन्हें मातृत्व भत्ता से वंचित नहीं रखा जाएगा, बशर्त प्रसूति के एक माह के अंदर आवेदन किया हो।

डीएवी के प्राचार्य सहित स्टाफ को सालभर से वेतन नहीं
27-Nov-2021 9:52 PM (27)

 

डीपीआई से नहीं आया बजट-डीईओ

बीजापुर, 27 नवंबर। लोक शिक्षण स्कूल शिक्षा से बजट जारी नहीं  होने से जिले में संचालित डीएवी स्कूल के 129 स्टाफ को वेतन नहीं मिल सका है, जबकि डीईओ से वेतन के लिए मांग पत्र भी भेजा गया है।

जानकारी के मुताबिक जिले के भोपालपटनम, आवापल्ली, बीजापुर व भैरमगढ़ में संचालित डीएवी स्कूल में कार्यरत प्रिंसिपल, शिक्षक, बाबू व चपरासी को करीब सालभर से वेतन नहीं मिला है। वेतन के लिए कई बार पत्र व्यवहार भी किया चुका है। बावजूद वेतन की राशि जारी नहीं की गई है। बताया गया है कि जिले के चारों ब्लॉकों में संचालित प्रत्येक डीएवी स्कूल में प्रिंसिपल सहित  कुल 129 स्टाफ कार्यरत हैं, वही इन स्कूलों में कुल 1311 बच्चें अध्ययनरत हैं। जानकारी के मुताबिक करीब 4 करोड़ रुपये का वेतन शेष है।

जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद ठाकुर ने बताया कि डीपीआई से बजट नहीं आने की वजह से डीएवी स्कूल के स्टाफ की सैलरी नहीं मिल सकी है। इसके लिए उन्होंने भी यहां से लोक शिक्षण स्कूल शिक्षा को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि बजट आते ही वेतन जारी कर दिया जाएगा।

1 करोड़ 65 लाख में बिके 3 लाख 14 हजार बांस
27-Nov-2021 9:49 PM (32)

बचे हुए बांसों की होनी है नीलामी

बीजापुर, 27 नवंबर। इस वर्ष बीजापुर वनमंडल के अंतर्गत उत्पादन क्षेत्र के छह कूपों से काटे गये बांसों में आधे ही बांसों की नीलामी हो पाई है, जबकि बचे हुए बांसों को नीलामी के लिए रखा गया है।

वन मंडलाधिकारी अशोक पटेल ने बताया कि इस साल उत्पादन क्षेत्र के छह कूपों दमपाया, उल्लूर, सोमनपल्ली, मट्टीमरका, बंदेपारा व इंद्रावती से कुल 7 लाख 9 हजार 15 व्यपारिक व औधोगिक बांसों की कटाई सुरक्षित तरीके से की गई थी। इनमें से 3 लाख 14 हजार 30 बांस नीलाम में किये गए है। जिसकी राशि 1 करोड़ 65 लाख रुपये शासन के खाते में आई है।

डीएफओ पटेल के मुताबिक अभी बचे हुए 2 लाख 82 हजार बांसों को नीलाम के लिए रखा गया है, जबकि 1 लाख 10 हजार बांस यहां से अन्य वन मंडलों को बतौर निस्तार के लिए निशुल्क दिया गया है। उन्होंने बताया कि मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जिसे आने 15 तारीख तक पूरा कर लिया जाएगा।

बच्चों- शिक्षकों ने संविधान प्रस्तावना की ली शपथ
26-Nov-2021 9:02 PM (39)

 

भाषण-पेंटिंग के जरिये संविधान के महत्व का संदेश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 26 नवंबर।
संविधान दिवस के अवसर पर बीजापुर ब्लॉक में 15000 बच्चों और 635 शिक्षकों ने संविधान प्रस्तावना की शपथ ली। इस दौरान बच्चों ने क्विज, भाषण, रंगोली, पेंटिंग और निबंध के जरिए संविधान के महत्व का संदेश और भारत रत्न भीमराव अम्बेडकर के जीवन पर प्रकाश डाला।
 
शपथ का आयोजन शासकीय-अशासकीय 194 स्कूलों में किया गया। कन्या शिक्षा परिसर और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बीजापुर में आयोजित संविधान दिवस में बच्चों ने निबंध और भाषण में भारत देश के नवनिर्माण में संविधान की भूमिका और महत्व की बातों को रेखांकित किया। पेंटिंग और रंगोली में डॉ. भीमराव अंबेडकर और राष्ट्रीय विभूतियों की जीवनी तथा भारत की संप्रभुता एकता अखंडता को रेखांकित कर संविधान के महत्व को बताया। क्विज प्रतियोगिता में संविधान से संबंधित विभिन्न अधिकारों से संबंधित प्रश्नावली का बच्चों ने तत्परता से उत्तर दिया।
 
बीईओ मो. ज़ाकिर खान ने इस अवसर पर संविधान के महत्व और डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जीवनी पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला। अंत में सभी प्रतिभागियों को संकुल प्राचार्य नीता सुरती तथा मांशू शुक्ला के साथ विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा पुरस्कार वितरण किया गया।

भाजपा बैठक में जिताऊ प्रत्याशी पर मंथन
25-Nov-2021 9:26 PM (33)

 

अनुशासन में रहकर काम करें कार्यकर्ता-श्रीनिवास

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 25 नवंबर।
नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा होते ही भाजपा सक्रिय हो गई है। जिले के दो नगर पंचायतों के लिए होने वाले चुनाव में काबिज होने भाजपा बैठक लेकर जिताऊ प्रत्याशी पर मंथन कर रही है।

गुरुवार को भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार ने भैरमगढ़ में बैठक लेकर कार्यकर्ताओं से रायशुमारी की व चुनाव के लिए वार्ड प्रभारियों की नियुक्ति की। वार्ड प्रभारी जिताऊ प्रत्याशी को टटोलेंगे, इसकी रिपोर्ट सीधे जिला पदाधिकारी व चुनाव प्रभारी को करेंगे।

भैरमगढ़ नगर पंचायत में कब्जा जमाने भाजपा ने कमर कस ली है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने भैरमगढ़ में बैठक लेकर कार्यकर्ताओं से दो टूक शब्दों में कहा है कि पार्टी अनुशासन में रहे कर काम करना है। चुनाव में अनुशासनहीनता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कि जाएगी।

उन्होंने बैठक में कार्यकर्ताओं को वार्ड वार्ड जाकर सरकार की खामियां बताने को कहा, साथ ही कार्यकर्ताओं को चुनावी टिप्स दिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूरी ऊर्जा के साथ काम करने की हिदायत दी।

ज्ञात हो कि 20 दिसंबर को भैरमगढ़ व भोपालपटनम नगर पंचायतों में मतदान होना है। बुधवार को आचार संहिता लगते ही राजनीतिक दल हरकत में आ गए है।

आधे बजट से पूरे मजदूरों को भुगतान करने की तैयारी
25-Nov-2021 8:52 PM (29)

 

साल भर से अटका रहा करोड़ों का भुगतान

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 25 नवंबर।
करीब एक साल से लंबित बांस कटाई के मजदूरी भुगतान की आधी राशि वन मुख्यालय ने बीते दिनों आनन-फानन में जारी कर दी है। अब इसी आधी राशि से पूरे मजदूरों को भुगतान करने की तैयारी विभाग कर रहा है।

इस संबंध में वनमंडलाधिकारी अशोक पटेल ने बताया कि तकनीकी खामी की वजह से मजदूरी भुगतान में देर हुई है। उन्होंने बताया कि बुधवार को 95 लाख रुपये भुगतान के लिए आ गया है। जिसका वितरण  शुक्रवार से प्रारंभ होगा। बची राशि भी जल्द आ जाएगी और आगामी 15 नवंबर तक पूरी राशि का वितरण मजदूरों को कर दिया जाएगा।

मिली जानकारी के मुताबिक बीजापुर वन मंडल के अंतर्गत आने वाले उत्पादन क्षेत्र के छह बांस कूपों से 798356 बांस की कटाई की गई थी। इसमें करीब 12 सौ मजदूर लगे रहे। बांस कटाई के साल भर बीतने को है, लेकिन उन्हें मजदूरी भुगतान बजट के अभाव में नहीं किया गया था। मजदूरों ने कई बार इसकी शिकायत स्थानीय विधायक, कलेक्टर व डीएफओ से मिलकर की थी। साथ ही जल्द  भुगतान  न होने की स्थिति में पूर्व वनमंत्री महेश गागड़ा ने भी आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके बाद बुधवार को वन मुख्यालय ने आनन-फानन में 1करोड़ 68 लाख रुपये में 95 लाख रुपये जारी कर भुगतान करने का निर्देश जारी कर दिया। अब वन अमला शुक्रवार से आधी राशि को पूरे मजदूरों में वितरण करने की तैयारी कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि यहां उत्पादन क्षेत्र के छह कूपों से व्यापारिक व औद्योगिक बांसों की कटाई की गई है। मट्टीमरका, बंदेपारा, सोमनपल्ली, उल्लूर, दमपाया व इन्द्रावती कूपों से कुल 798356 बांसों को सुरक्षित तरीके से काटकर इसका परिवहन भी कर दिया गया है, लेकिन इस काम में लगे करीब 12 सौ मजदूरों को 1 करोड़ 68 लाख रुपये का मजदूरी भुगतान अब तक नहीं किया गया था। मजदूरी भुगतान नहीं होने से परेशान मजदूर अधिकारियों के चक्कर लगाते भटक रहे थे। भुगतान नहीं होने के पीछे विभाग तकनीकी खामी को वजह बता रहा था। अब इस माह से फिर से बांस कटाई का काम शुरू होना है। ऐसे में पूरा भुगतान नहीं होने से मजदुर  बांस कटाई से दुरी बना सकते है। जिससे एक बार फिर बांस कटाई पर ब्रेक लग सकता है।

विभागीय आंकड़े के मुताबिक इस साल व्यापारिक कूप उल्लूर से 114195, इन्द्रावती कूप से 140300, मट्टीमरका कूप से 150455, सोमनपल्ली कूप से 105975, दमपाया कूप से 106140 व बंदेपारा कूप से 91950 बांसों की कटाई की गई थी। वही औधोगिक कूप उल्लूर से 12404, इन्द्रावती कूप से 18353, मट्टीमरका कूप से 16448, सोमनपल्ली कूप से 15050, दमपाया कूप से 15034, व बंदेपारा कूप से 1205 बांस कटाई की गई थी। इस काम में लगे करीब 12 सौ मजदूरों का 1 करोड़ 68 लाख रुपये का भुगतान लंबित रहा है। हालाँकि मजदूरी का कुछ हिस्सा पहले भुगतान कर दिया गया था।

ये हैं बांस के दर और साइज
राज्य सरकार ने बांस कटाई के लिए जो नई दर तय की है। वो बांस के साइज के आधार पर हैं। पांच प्रकार के बांस पर क्रमश: 14,16,20,35 और 50 रुपये निर्धारित की गई है। इनमें 2 सेमी के बांस पर 50 रुपये, 1 सेमी के बांस पर 35 रुपये, 7.18 सेमी के बांस पर 20 रुपये, 6.50 सेमी के बांस पर 16 रुपये व 5.50 सेमी के बांस पर 14 रुपये की दर तय की गई है।

भैरमगढ़ व भोपालपटनम में 7018 वोटर्स करेंगे मताधिकार का उपयोग
24-Nov-2021 9:16 PM (29)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 24 नवंबर।
आज नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा होते ही जिले के दो नगर पंचायत क्षेत्रों भोपालपटनम व भैरमगढ़ में आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गई है।

बुधवार को यहां कलेक्ट्रेट के सभागार में जिला निर्वाचन अधिकरी व कलेक्टर राजेन्द्र कुमार कटारा ने पत्रवार्ता लेकर इसकी जानकारी दी। कलेक्टर ने बताया कि आज से भोपालपटनम व भैरमगढ़ नगरीय क्षेत्र में आचार संहिता लागू हो गई है। इन क्षेत्रों में शासन की कोई भी नई योजनाएं यहां संचालित नहीं की जा सकेगी।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि 15-15 वार्डों के लिए होने वाला चुनाव दलीय आधार पर होगा। चुनाव मतपेटी  के माध्यम से होगी और कोरोना गाइड लाइन इसमें प्रभावी रहेगा। इस नियम में अगर कोई छूट होगी तो उससे अवगत करा दिया जाएगा। कलेक्टर ने बताया कि वोटर्स 18 तरह के पहचान पत्र दिखाकर मतदान कर सकते हैं। भोपालपटनम नगर पंचायत क्षेत्र में 2404 व भैरमगढ़ नगर पंचायत क्षेत्र में 4614 कुल वोटर है। इसमें भोपालपटनम में महज 1.04 वोट प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं भैरमगढ़ में एक वोटर कम हुआ है। चुनाव में पार्षद के लिए 50 हजार रुपये तक व्यय निर्धारित किया गया।

जिसकी निगरानी व्यय समिति द्वारा की जाएगी। समिति प्रतिदिन खर्च का मिलान करेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी राजेन्द्र कटारा ने बताया कि चुनाव के लिए सारी सामग्री की व्यवस्था कर ली गई है।

उन्होंने कहा कि दोनों नगर पंचायतों में शांतिपूर्ण मतदान सम्पन कराने प्रशासन गंभीर है। इसके लिए दोनों नगरीय क्षेत्रों के लिए एसडीएम को रिटरिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। वहीं सहायक रिटरिंग ऑफिसर वहां के प्रभारी तहसीलदार व सीएमओ होंगे। भैरमगढ़ के एक मतदान केंद्र को छोड़ सभी मतदान केंद्रों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया हैं।

दल के सदस्यों को डबल डोज होना जरूरी
जिला निर्वाचन अधिकारी व कलेक्टर राजेन्द्र कुमार कटारा ने बताया कि मतदान प्रक्रिया को सम्पन्न कराने के लिए मतदान दल के सदस्यों को कोविड का दोनों डोज लगा हुआ होना अनिवार्य है। अगर कोई व्यक्ति कोरोना से प्रभावित है तो ऐसे व्यक्ति को अंतिम में पीपीई कीट पहनाकर वोट करवाया जाएगा।

पहली बार युनो एप्स से होगा नामांकन
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नगर पंचायत चुनाव में पहली बार युनो एप्स का उपयोग होगा। इसमें ऑनलाइन नामांकन अभ्यर्थियों से लिए जाएंगे। इसके लिए एक टीम भी नियुक्त की जाएगी।

विधायक विक्रम ने मितानिनों का किया सम्मान
23-Nov-2021 9:42 PM (45)

पटनम, उसूर व बीजापुर में बनेगा मितानिन प्रशिक्षण भवन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 23 नवंबर।
मंगलवार को बीजापुर जिले के लोहा डोंगरी स्थित जैव-विविधता पार्क में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं बीजापुर के विधायक विक्रम शाह मंडावी ने जि़ले के दूर दराज़ से आए मितानिन दीदियों संग ‘मितानिन दिवस’ मनाया।

मितानिनों ने कार्यक्रम का शुभारम्भ ‘मिल-जुल कर हम बहनों ने ठाना है, छत्तीसगढ़ को स्वस्थ प्रदेश बनाना है’ गीत से हुआ। मितानिन सम्मान दिवस में आए मितानिनों का विक्रम शाह मंडावी ने शॉल, श्रीफल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया।

मितानिन दिवस पर दूर-दराज़ क्षेत्रों से आए मितानिनों ने मुख्य अतिथि विक्रम शाह मंडावी और प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याओं पर ध्यानाकर्षण कराते हुए कहा कि गाँवों में 102 वाहन, मितानिन ट्रेनिंग भवन, एम्बुलेंस, अस्पताल, पीने का स्वच्छ पानी, सडक़ और पुल-पुलिया नहीं होने से कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पढ़ता है, जिनका समाधान करते हुए सुविधाओं को अंदरूनी गाँवों तक पहुँचाया जाना चाहिए।
 
मितानिनों के माँग पर विक्रम शाह मंडावी ने जिले के विकास खंड उसूर, भोपालपटनम और बीजापुर में मितानिनों के लिए मितानिन प्रशिक्षण भवन निर्माण हेतु दस-दस लाख रुपए की स्वीकृति तत्काल दी। अब आने वाले दिनों में ब्लॉक स्तर पर मितानिनों का अपना प्रशिक्षण भवन भी होगा।

मितानिन दीदियों के द्वारा किए गए सम्मान का आभार व्यक्त करते हुए बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं बीजापुर के विधायक विक्रम शाह मंडावी ने कहा कि बीजापुर जि़ला प्रदेश के अंतिम छोर पर है, इसकी भौगोलिक परिस्थितियाँ भी विपरीत है जिले के अधिकांश गाँव आज भी सडक़ विहीन है जहां पर आसानी से पहुँचा नहीं जा सकता ऐसे क्षेत्रों में मितानिन दीदियाँ अपनी सीमित संसाधनों से नि:स्वार्थ भाव से सेवाएँ दे रही है निश्चित ही हमें मितानिन दीदियों से प्रेरणा लेना चाहिए।

कार्यक्रम में मितानिन दीदियों ने मनमोहक गीत, नृत्य और नाटके भी प्रस्तुत की।  इस दौरान कांग्रेसी नेताओं सहित जिले आला के अधिकारी कर्मचारी व मितानिन बढ़ी संख्या में मौजूद रहे।

विधायक को 12 सौ मजदूरों की चिंता नहीं -गागड़ा
23-Nov-2021 9:40 PM (18)

 

जल्द भुगतान नहीं हुआ तो होगा आंदोलन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 23 नवंबर।
करीब सालभर से लंबित बांस कटाई के भुगतान का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पूर्व वनमंत्री महेश गागड़ा ने जल्द भुगतान न होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दी है।

पूर्व वनमंत्री और पूर्व स्थानीय विधायक महेश गागड़ा ने एक बयान जारी कर कहा कि एक साल पहले छह बांस कूपों मट्टीमरका, बंदेपारा, सोमनपल्ली, उल्लूर, दमपाया व इंद्रावती कूपों से बांस की कटाई की गई थी। लेकिन साल बीतने को है पर अब तक मजदूरों को उनकी मजदूरी नहीं मिल पाई है।
 
उन्होंने कहा कि इसे लेकर मजदूर कई बार क्षेत्रीय विधायक व डीएफओ से मिल चुके है। बावजूद मजदूरों को भुगतान की बजय आश्वासन दिया जा रहा हैं। पूर्व मंत्री गागड़ा ने कहा कि भुगतान न होने की स्थिति में मजदूर परेशान हाल है। विभाग अविलंब भुगतान करें। साथ ही जिला प्रशासन इसे संज्ञान में लें। उन्होंने भुगतान नहीं होने की स्थिति में मजदूरों के साथ जल्द आंदोलन करने की बात कही हैं। इतना ही नहीं अपने बयान में पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा ने इस मामले में क्षेत्रीय विधायक पर भी  निशाना साधा।
 
उन्होंने कहा कि विधायक ने 12 सौ मजदूरों के शिकायत के बावजूद भी उन्होंने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। उन्हें मजदूरों की कोई चिंता नहीं है। पूर्व मंत्री गागड़ा का कहना है कि स्थानीय विधायक का प्रशासन के साथ समन्वय नहीं हैं।उन्होंने कहा कि प्रशासन करीब डेढ़ करोड़ के मजदूरी भुगतान को जल्द करवाये। चूंकि सभी ग्रामीण मजदूर है और भुगतान को लेकर चिंतित है। गागड़ा का कहना है बहुत से लोगों का आय मजदूरी है। उसे में उनका भुगतान अटका कर रखना उचित नहीं हैं।

मोदी सरकार की गलत नीतियों ने बढ़ाई महंगाई-हरीश
21-Nov-2021 10:29 PM (52)

 

केंद्र सरकार को छत्तीसगढ़ से सीखने की जरूरत

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 21 नवंबर।
देश भर में इन दिनों आसमान छूती महंगाई से आम आदमी त्रस्त है। केंद्र की मोदी सरकार की गलत नीतियों की वजह से लोगों को यह दिन देखना पड़ रहा है। यह बात सुकमा जिला पंचायत के अध्यक्ष हरीश कवासी ने कही।

पीसीसी के निर्देश पर यहां पहुंचे हरीश कवासी ने  कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रवार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि महंगाई देश की जनता पर मोदी सरकार और भाजपा का प्रायोजित आपदा है। केंद्र की मोदी सरकार की गलत नीतियों की वजह से देश  में महंगाई चरम पर पहुंच गई है। केंद्र सरकार के कुप्रबंधन का असर देश पर हो रहा है।
 
बहुत हुई महंगाई की मार, आओ बदलें मोदी सरकार का नारा देते हुए कहा कि मोदी सरकार की अकर्मण्यता और मुनाफ़ाखोरी वाली नीति के कारण देश की जनता महंगाई से परेशान है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और भाजपा के सत्ता में आने के बाद से रोज़मर्रा के सामानों की क़ीमत दुगुनी हो गई है। महंगाई देश की जनता पर मोदी सरकार और भाजपा का प्रायोजित आपदा है। इससे साबित हो रहा है कि मोदी सरकार और भाजपा की प्राथमिकता में गाँव, गरीब, किसान, मज़दूर और आम आदमी है ही नहीं। मोदी सरकार और भाजपा ने आम आदमी को राहत देने के लिए कभी कोई योजना नहीं बनाया, मोदी सरकार और भाजपा ने चंद उद्योगपतियों को फ़ायदा पहुँचाने के लिए योजना बनाया उसका क्रियान्वयन किया।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की विदेश नीति का पूरी तरह फेल होना लगातार महंगाई बढऩे का मुख्य कारण रहा है।  भाजपा और मोदी सरकार के प्रबंधन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा और मोदी सरकार को प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से प्रबंधन के गुर सीखने चाहिए, जिन्होंने अपने सीमित संसाधनों से कोरोना काल में बेहतर प्रबंधन कर देश में मिशाल क़ायम किया है। साथ ही भाजपा से माँग करते हुए हरीश कवासी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का पैसा जो मोदी सरकार ने रोककर रखा है उसे भाजपा के सांसद और नेता छत्तीसगढ़ प्रदेश को देने की माँग मोदी सरकार से करें। उन्होंने ने पिछले सात वर्षों में लगातार बढ़ रही वस्तुओं की क़ीमतों की सूची भी प्रेस वार्ता में जारी किया।
 
प्रेस वार्ता के दौरान बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं बीजापुर के विधायक विक्रम शाह मंडावी सहित अन्य कांग्रेसी मौजूद रहे।

हर दिन बढ़ती रही रिहाई की तारीख और फिर छठवें दिन आ गया रिहाई संदेश
18-Nov-2021 8:49 PM (72)

सातवें दिन रिहा होकर लौटे सब इंजीनियर ने बताई आपबीती

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 18 नवंबर।
छह दिनों तक नक्सलियों के पास बंधक रहे सब इंजीनियर को हर रात कल सुबह छोड़ देंगे बोला जाता और सुबह होते ही ऊपर से मैसेज नहीं आया कहकर तारीख बढ़ा दी जाती। जब छठवें दिन ऊपर से रिहा करने का संदेश आ गया, तब सब इंजीनियर को राहत और सुकून देने वाली खबर सुनाई गई और उन्हें सातवें दिन जन अदालत लगाकर रिहा कर दिया गया।
 
नक्सलियों के चंगुल से सकुशल वापस लौटे प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के सब इंजीनियर अजय रौशन लकड़ा ने चर्चा करते हुए बताया कि नक्सली हर दिन ठिकाना बदलते हुए उन्हें एक गांव से दूसरे गांव ले जाते थे। उनके साथ हर वक्त 10 से 12 तीर धनुष लिए नक्सली हुआ करते थे। रात होती तो उन्हें डर सताने लगता और फिर पौ फटते ही दूसरे गांव जाने की तैयारी होती।

उन्होंने बताया कि उन्हें  जब एक गांव से दूसरे ले जाया जाता तो उन्हें उस गांव के कैडर को सौंप दिया जाता था। रात होने पर उनकी निगरानी में तैनात नक्सली उन्हें हर दिन दिलासा देते की तुम्हें कल छोड़ दिया जाएगा। लेकिन सुबह होते ही ऊपर मैसेज भेजने की बात कहकर तारीख आगे बढ़ा दी जाती। ऐसे करते पांच दिन बीत गए और जब छठवें दिन सब इंजीनियर को छोडऩे का  फरमान आ गया, तब सातवें दिन यानी बुधवार को बीजापुर के जंगलों में नक्सलियों ने जन अदालत लगाकर स्थानीय मीडियाकर्मियों की मौजूदगी में उनकी पत्नी अर्पिता को उन्हें सौंप दिया गया।

सब इंजीनियर लकड़ा ने बताया कि इस बीच छह दिनों में  नक्सली किसी भी तरह का उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाए।
 
डंडा बना सहारा
शारीरिक रूप से दिव्यांग सब इंजीनियर अजय रौशन लकड़ा को जब नक्सली अपने कब्जे रखकर जंगल-जंगल घुमा रहे थे। तब ऐसे में उनके लिए डंडा सहारा बना और उसी डंडे को लेकर वे छह दिनों तक एक गांव से दूसरे गांव चला करते थे। सातवें दिन जब वह छूटकर आये तब भी उन्होंने डंडा लिया हुआ था।

यात्री किराये पर नहीं लग रहा ब्रेक, एजेंट व यात्रियों में रोज हो रहा विवाद
18-Nov-2021 8:44 PM (30)

परिवहन दफ्तर में नहीं है कर्मचारी, बना रिनिवल ऑफिस

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 18 नवंबर।
जिले की सीमा दो राज्यों से लगे होने के कारण यात्रियों की संख्या के साथ यात्री बसों की संख्या में भारी इजाफा हो गया है। सुबह साढ़े चार बजे से जगदलपुर के लिए देर रात 8 बजे तक यात्री बसें उपलब्ध है। बीजापुर स्थित अंतरराज्यीय बस स्टैंड से करीब 32 यात्री बसों की आवाजाही होती है। ज्यादातर यात्री बसों में किराए को लेकर यात्रियों और एजेंटों के बीच विवाद आम बात हो गई है। एजेंट बढ़ती डीजल की कीमतों का हवाला देते हैं, पर बस संचालक कहते हैं कि सरकार द्वारा निर्धारित दरों से ही किराये ली जाती है। बीजापुर से जगदलपुर का किराया दिन में कुछ बसों में 280 से 300 रुपये तक वसूला जा रहा है। बीजापुर से भैरमगढ़ 80 से 90 रुपये लेना आम बात हो गई है।

जिला परिवहन अधिकारी केएल माहौर बताते हैं कि जिले में मात्र दो बसें पंजीकृत हैं। रूट बसें जिन्हें स्टेज केयरिंग की परमिट वाली यात्री बसें कहा जाता है, उन्हें रुक-रुककर सवारी उठाने की अनुमति होती है। पर ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की बसों को निश्चित तय स्थान तक यात्री ले जाने लाने की अनुमति होती है। इसकी निगरानी के लिए जगदलपुर में उडऩदस्ता और चेकिंग स्टाफ हैं।

जिला परिवहन अधिकारी की माने तो बीजापुर में स्वीकृत पदों के विरुद्ध पर्याप्त स्टाफ नहीं है। विभाग के तरफ से मात्र दो स्टॉफ हैं, शेष प्लेसमेंट एजेंसी कर्मी हैं। पर्याप्त कर्मचारियों के न होने से जांच व निगरानी जैसे कार्य विभाग नहीं कर पा रहा है। अभी फिलहाल परिवहन दफ्तर में लाइसेंस व रिनिवल का काम किया जा रहा है।

यात्री बसों की किराया दर
परिवहन विभाग द्वारा 30 सितंबर 2021 को निर्धारित किराये दरों के अनुसार डीलक्स स्लीपर एसी के लिए 5 किमी यात्रा के लिए साढ़े सात रुपये तथा उसके बाद 2 रुपये 81 पैसे प्रति किमी निर्धारित है। इसी तरह नॉन एसी  डीलक्स में 5 किमी तक साढ़े सात रुपये व आगे के लिए 1 रुपये 94 पैसे निर्धारित किये गए हैं।

साधारण बसों के लिए 5 किमी तक साढ़े सात फिर आगे 1 रुपये 25 पैसे प्रति किमी दर निर्धारित है। रात्रिकालीन बसों में यह किराया 10 प्रतिशत अधिक निर्धारित है।

सातवें दिन सब इंजीनियर रिहा, पति से मिल रो पड़ी अर्पिता
17-Nov-2021 9:32 PM (52)

नक्सलियों ने किया था अगवा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 17 नवंबर।
नक्सलियों ने सातवें दिन अपहृत सब इंजीनियर को रिहा कर दिया है। आज बीजापुर के बीहड़ों में कथित जन अदालत लगाकर नक्सलियों ने मीडिया व पत्नी की मौजूदगी में सब इंजीनियर को छोड़ा। इस दौरान सब इंजीनियर की पत्नी अर्पिता रो पड़ी। अर्पिता ने समाज जनप्रतिनिधि और मीडिया के लोगों को सकुशल रिहाई के लिए धन्यवाद दिया है।

ज्ञात हो कि पीएमजीएसवाय के सब इंजीनियर अजय रोशन लकड़ा व चपरासी लक्ष्मण परतागिरी का 11 नवंबर को नक्सलियों ने उस वक्त अपहरण कर लिया था। जब दोनों मोटरसाइकिल में सवार होकर सडक़ निर्माण का काम देखने  गोरना मनकेली की तरफ गये हुए थे। शुक्रवार को चपरासी लक्ष्मण परतागिरी को नक्सलियों ने छोड़ दिया था। इसके बाद से लगातार सब इंजीनियर की पत्नी अर्पिता अपने तीन साल के बच्चे कियान और मीडियाकर्मियों के साथ जंगलों में जाकर पति की रिहाई के लिए गुहार लगा रही थी। सब इंजीनियर लकड़ा की रिहाई को लेकर विधायक विक्रम मंडावी सामाजिक संगठनों ने अपील भी की थी।

सब इंजीनियर की रिहाई को लेकर चार दिनों से बीहड़ों में डटे रहे मीडियाकर्मियों की कोशिश बुधवार को एक बार फिर रंग लाई और नक्सलियों ने बीजापुर के जंगलों में जन अदालत लगाकर मीडिया की मौजूदगी में सब इंजीनियर लकड़ा को उनकी पत्नी  अर्पिता के हवाले कर दिया।

सब इंजीनियर लकड़ा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया है कि उनके साथ कुछ  अनहोनी नहीं हुई।  नक्सली लगातार गोंडी भाषा मे बातचीत कर रहे थे। नक्सलियों के द्वारा काफी पूछताछ के बाद मुझे दर्जनों गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों के जन अदालत लगाकर मीडिया के सामने छोड़ा गया।
 
इस दौरान सब इंजीनियर अजय रोशन लकड़ा की पत्नी अर्पिता भावुक हो गई और उनके आंसू छलक पड़े।  अर्पिता ने समाज जनप्रतिनिधि और मीडिया के लोगों को सकुशल रिहाई के लिए धन्यवाद दिया है।

26 साल पहले जहां रात बिताई थी डॉक्टर ने वहां सीएमएचओ बनकर पहुंचे
16-Nov-2021 9:12 PM (48)

नदी पार कर सात किमी पैदल चलकर कौशलनार पहुंचे

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 16 नवंबर।
उफनती हुई इंद्रावती नदी को डोंगी से पार कर सात किमी पैदल चलकर 26 साल बाद सीएमएचओ आर के सिंह एक बार फिर अतिसंवेदनशील गांव कौशलनार और मंगनार पहुंचे। यहां उन्होंने छात्रावास में रहने वाले बालक, बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया और बच्चों को टेबलेट्स व मच्छरदानी का एक वितरण किया। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया।
 
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि वे 26 साल पहले जब कुटरू में बतौर डॉक्टर के रूप में अपनी सेवा दे रहे थे, तब वे इसी तरह नदी को पार कर कौशलनार और पालनार गांव पहुंचे थे। अब एक बार फिर से उसी जगह पर वे बतौर सीएमएचओ के रूप में पहुंचे।
 
उन्होंने बताया कि तब के हालात और वर्तमान में काफी बदलाव आया है, लेकिन अभी भी पूर्व की तरह ही इंद्रावती नदी को डोंगी के सहारे पार कर कौशलनार व मंगनार पहुंचना पड़ता है। कौशलनार पहुंचे सीएमएचओ ने गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया और आश्रमों में पहुंचकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें आयरन व फॉलिक एसिड की गोलियां दी।

पीएचसी का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों को सख्त निर्देश
सीएमएचओ आरके सिंह कौशलनार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे वहां उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों के नदारद रहने से नाराजगी जाहिर करते हुए उन्हें मुख्यालय में रहने के भी सख्त निर्देश दिए हैं।

विधायक विक्रम की पहल, 30 समाज और 25 संगठन आए एक मंच पर
16-Nov-2021 5:50 PM (24)

दीपावली मिलन समारोह पर किये गए सम्मानित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 16 नवंबर।
देवउठनी एकादशी पर बीजापुर के विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विक्रम शाह मंडावी ने दीपावली मिलन समारोह का आयोजन किया, जिसमें 30 समाज और 25 संगठन एक मंच पर उपस्थित रहे।

सोमवार को पुष्प-वाटिका पार्क में आयोजित दीपावली मिलन समारोह में जि़ले के महार समाज, गोंड़ समाज, हल्बा समाज, परधान समाज, सतनामी समाज, यादव समाज,  उरांव समाज, पदमशाली समाज, जैन समाज, कंवर समाज, क्षत्रिय समाज, ब्राह्मण समाज, बंगीय समाज, माहरा समाज, साहू समाज, मुश्लिम समाज, माहेश्वरी समाज, कोशरिया मरार समाज, तेलंगा समाज, दोरला समाज, मसीह समाज, मरार समाज, ईसाई समाज, भोजपुरी समाज, बंजारा समाज, धाकड़ समाज, मुरिया समाज, भतरा समाज, मारवाड़ी समाज, सर्व आदिवासी समाज एवं कलार समाज के लोगों के साथ  जिले के छ. ग. लघु वेतन शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ, छ ग प्रदेश लिपिक संघ. छग शासकीय/अर्ध-शासकीय वाहन चालक यंत्रिकी कर्मचारी संघ, आदर्श शिक्षक कल्याण संघ. सहायक शिक्षक फ़ेडरेशन, शालेय शिक्षक संघ, छग शिक्षक एसोसिएशन बीजापुर, शिक्षक कल्याण संघ, राजस्व पटवारी संघ,  छग कर्मचारी अधिकारी फ़ेडरेशन,  छग राजस्व निरीक्षक संघ, नियमित व्याख्याता संघ छत्तीसगढ़,  छ ग वनकर्मचारी संघ बीजापुर छग शिक्षक संघ, छग प्रधान पाठक कल्याण संघ, जि़ला पंचायत सचिव संघ, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ, स्वास्थ्य संयोजक संघ, छग प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, छग आँगनबाड़ी/सहायिका संघ, बस्तर संभाग आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संघ अनियमित कर्मचारी संघ, प्रेस क्लब बीजापुर, रसोईया संघ, ऑटो चालक संघ एवं सरपंच संघ के लोग विशेष रूप से उपस्थित थे।

दीपावली मिलन समारोह में आए समाज और संगठन के लोगों को विधायक विक्रम शाह मंडावी ने शॉल, गुलदस्ता और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। मिलन समारोह में दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए विधायक विक्रम शाह मंडावी ने कहा कि बीजापुर जैसे सुदूर क्षेत्र में तीस से अधिक समाज और पच्चीस से अधिक कर्मचारी संगठन हैं। उन्होंने आगे कहा कि विपरीत परिस्थिति में भी प्रदेश सरकार की योजनाओं को गाँव-गाँव और आम लोगों तक पहुँचाने में आप लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

यही कारण है कि आज हम सब साथ है और एक दूसरे के साथी बन जिले के विकास के लिए काम कर रहे है।
कार्यक्रम आए लोगों का आभार व्यक्त जि़ला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर एवं कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद ज़ाकिर खान ने किया।
 

अपनी रुचि के अनुसार खुद को प्रस्थापित करें- कटारा
14-Nov-2021 9:32 PM (21)

10वीं व 12वीं के प्राणीण्य सूची के छात्रों सहित खेल प्रतिभाओं का सम्मान

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 14 नवंबर।
बाल सुरक्षा सप्ताह का रविवार को जिला मुख्यालय में कार्यक्रम आयोजित कर उद्घाटन किया गया । कायर्क्रम में जिलें के 10वी एवं 12वीं के प्रावीण्य सूची में आये छात्र-छात्राओं एवं राज्य व राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धा में भाग लेकर पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों को सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, वन मण्डलाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों के द्वारा सरस्वती माता के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में पंचशील आश्रम कुटरू के बालिकाओं द्वारा राजगीत गाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पंचशील आश्रम के बच्चों द्वारा स्वागत गीत एवं स्थानीय गोंडी बोली में गीत की प्रस्तुति दी गई।

बीजापुर जिले में प्रावीण्य सूची में 10वीं के 6 एवं 12वीं के 6 व बीजापुर स्पोट्र्स अकादमी के राष्ट्रीय खेल में 14 एवं अंतरराष्ट्रीय खेल में 5 खिलाडिय़ों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में आये विशेष अतिथि कलेक्टर राजेन्द्र कटारा द्वारा बच्चों को अपने लक्ष्य को निश्चित कर बढऩे के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने कहा कि चाहे क्षेत्र जो भी जिसमें आपकी रूचि है आप उस क्षेत्र में आपने आप को प्रतिस्थापित करें, अपने जिला एवं क्षेत्र का नाम रोशन करें । कार्यक्रम के अंत में  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. पंकज शुक्ला द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारीगण, गणमान्य नागरिकों एवं बच्चों को कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति देने एवं कायर्क्रम को सफल बनाने के लिये अभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, एसपी कमलोचन कश्यप, डीएफओ अशोक पटेल सहित गणमान्य नागरिक गण व जिले के अधिकारी शामिल थे।

पति के इंतजार में थम नहीं रहे आंसू, बूढ़ी मां बेटे के वापस आने की कर रही दुआ
14-Nov-2021 9:27 PM (72)

चार दिन बाद भी सब इंजीनियर नहीं लौटा, नक्सलियों से रिहा करने की अपील

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 14 नवंबर।
नक्सलियों द्वारा अगवा किये गए प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के सब इंजीनियर अजय रौशन लकड़ा का चार दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सब इंजीनियर लकड़ा के घर में पत्नी और उनके तीन साल के बच्चे का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी अर्पिता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे है। वह लगातार नक्सलियों से उनके पति को रिहा करने की फरियाद कर रही है। वहीं सब इंजीनियर की बूढ़ी मां अपने जवान बेटे के सकुशल वापस लौट आने की दुआ कर रही है।  

ज्ञात हो कि गुरुवार को सडक़ निर्माण का काम देखने गए गांधी नगर अम्बिकापुर निवासी सब इंजीनियर अजय रौशन लकड़ा व कार्यालय सहायक लक्ष्मण परतागिरी मनकेली गांव की ओर गए हुए थे। तभी वहां सादे वेशभूषा में कुछ नक्सली आये और उनका अपहरण कर ले गए। शुक्रवार को कार्यालय सहायक लक्ष्मण परतागिरी को रिहा कर दिया गया। लेकिन सब इंजीनियर अजय रौशन लकड़ा को नक्सली अब भी अपने कब्जे में रखे हुए है। शनिवार को सब इंजीनियर की पत्नी अर्पित लकड़ा अपने तीन साल के बच्चे को लेकर जंगल में गई और वहां वे ग्रामीणों से उनके पति को सकुशल रिहा करने की मिन्नते की। लेकिन शनिवार की देर रात तक भी सब इंजीनियर की कोई खबर नहीं आई।

घर पर सब इंजीनियर अजय लकड़ा की बूढ़ी मां अपने बेटे के सुरक्षित लौट आने की दुआ कर रही है। वही पत्नी अर्पिता और उनके तीन साल के मासूम बच्चे के आंसूं थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। रविवार को अर्पिता अपने पति की तलाश में फिर से जंगलों की ओर जाने की जिद करती रही। जिसे लोगों ने समझाया और वे रास्ते से लौट आई।

अर्पिता ने मीडिया के माध्यम से नक्सलियों से अपील करते हुए कहा है कि वे उनके पति को रिहा कर दें। उनके पति एक भले इंसान है। चार दिन से तीन साल के मासूम बेटे ने अपने पिता को न देखा और न ही उनकी आवाज सुनी है। वह रोज पूछता है मम्मी पापा कब आएंगे।  अर्पिता बताती हैं कि वह बच्चे को हर दिन दिलासा दिला रही है कि उसके पापा जल्द घर लौट आएंगे।

अर्पिता ने मार्मिक अपील करते कहा कि जिस किसी भाई बहन के पास उनके पति हैं। वे एक बहन की फरियाद को सुनकर उनके पति को रिहा कर दें। वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक स्तर पर भी सब इंजीनियर को छोडऩे अपील की गई हैं।

अपहृत सब इंजीनियर 48 घंटे से नक्सलियों के कब्जे में
13-Nov-2021 9:20 PM (75)

पति को रिहा करने की अपील

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 13 नवंबर।
प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना विभाग में कार्यरत सब इंजीनियर पिछले 48 घण्टों से नक्सलियों के कब्जे में है। सब इंजीनियर की पत्नी ने अपने पति के रिहाई के लिए नक्सलियों से अपील की है।

ज्ञात हो कि गुरुवार को सब इंजीनियर अजय रोशन लकड़ा और कार्यालय सहायक लक्ष्मण परतागिरी सडक़ निर्माण का काम देखने मनकेली गए हुए थे। इसी दौरान वहां से नक्सलियों ने उनका अपहरण कर लिया था।  लक्ष्मण की पत्नी और मीडिया कर्मियों के प्रयास से लक्ष्मण शुक्रवार की रात लौट आया, लेकिन अजय रोशन लकड़ा अब भी नक्सलियों के कब्जे में हैं। शनिवार को सब इंजीनियर की पत्नी अर्पिता लकड़ा ने मीडिया के माध्यम से नक्सलियों से उनके पति को निशर्त रिहा करने की अपील की है।

अर्पिता लकड़ा का कहना कि 11 नवंबर की सुबह उनके पति घर से अपने दफ्तर के लिए निकले थे। दोपहर को लंच करने आऊंगा कहा था,  लेकिन काफी देर तक उनके नहीं आने से उन्होंने फोन लगाया, लेकिन उनका मोबाइल बंद आया। फिर बाद में उन्हें दफ्तर से पता चला कि उनके पति और कार्यालय सहायक लापता हैं। तीन साल के बच्चे के साथ अर्पिता ने नक्सलियों से अपील की है कि उनके पति निर्दोष है और वे सीधे साधे इंसान है। घर पर उनकी बुजुर्ग माता है। हमारे परिवार का एक ही वो सहारा है। उन्हें सकुशल रिहा करें।

विधायक ने की सब इंजीनियर को छोडऩे माओवादियों से की अपील
13-Nov-2021 9:05 PM (93)

   इंजीनियर के परिवार से मिल बंधाया ढांढस        

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 13 नवंबर।
क्षेत्रीय विधायक व बस्तर विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष विक्रम  मण्डावी ने पीएमजीएसवाय के अगवा सब इंजीनियर अजय रोशन लकड़ा के घर जाकर उनकी पत्नी अर्पिता लकड़ा व बच्चे से  मुलाकात कर ढांढस बंधाते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है।

हम सब आपके साथ खड़े है, वहीं विधायक विक्रम मण्डावी ने माओवादियों से अपील किया है कि अपहृत सब इंजीनियर अजय लकड़ा को मानवता के नाते सकुशल रिहा करें, वह एक सरकारी कर्मचारी होने के कारण अपनी जवाबदारी निभाने का प्रयास कर रहे थे।

 विदित हो कि गुरुवार 11 नवम्बर को गोरना मनकेली से माओवादियों ने पीएमजीएसवाय के सब इंजीनियर अजय लकड़ा व भृत्य लक्ष्मण परतागिरी को दोपहर अगवा कर लिया था, वहीं माओवादियों ने शुक्रवार रात में भृत्य को रिहा कर दिया है, किंतु सब इंजीनियर को रिहा नहीं किया है।

सडक़ का काम देखने गए सब इंजीनियर व भृत्य 2 दिन से थे लापता, भृत्य लौटा
12-Nov-2021 10:45 PM (28)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 12 नवंबर।
यहां प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना विभाग में पदस्थ एक सब इंजीनियर और भृत्य दो दिनों से लापता थे। उनके लापता होने की खबर के बाद से उन्हें अगवा किये जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक रात 8 बजे भृत्य के लौट आने की खबर मिली है।

जानकारी के मुताबिक पीएमजीएसवाय में कार्यरत सब इंजीनियर अजय रौशन लकड़ा (36) व भृत्य लक्ष्मण परतागिरी (26) गुरुवार की सुबह बाईक से सडक़ निर्माण कार्य देखने मनकेली गोरना की ओर गए हुए थे। वे शुक्रवार शाम तक वापस  नहीं लौटे हैं। दोनों के लापता होने को लेकर उनके अपहरण किये जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

हालांकि पीएमजीएसवाय के अफसरों ने अभी तक उनके अपहरण की रिपोर्ट थाने में दर्ज नहीं कराई हैं। रात 8 बजे भृत्य लक्ष्मण परतागिरी के लौट आने की खबर मिली है।

Previous123456789...1415Next