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Date : 25-Jun-2019

सीईओ के खिलाफ पत्रकारों ने दिया धरना, श्रमजीवी पत्रकार संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बीजापुर, 25 जून।
जिला पंचायत सीईओ राहुल वेंकट  द्वारा पत्रकारों से मारपीट करने की धमकी और कैमरा मोबाइल छीनने के विरोध में आज बीजापुर प्रेस क्लब के पत्रकारों ने स्थानीय लाइवलीहुड कालेज के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। सीईओ  पर कार्रवाई करने दक्षिण बस्तर पत्रकार संघ के तत्वधान में कल से संभागीय और 27 जून को प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है। वहीं पत्रकारों के समर्थन में अब सर्व आदिवासी समाज भी उतर आया है। सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने पत्रकारों को धरना स्थल में पहुंचकर अपना समर्थन दिया और घटना की निंदा की गई।

श्रमजीवी पत्रकार संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
पत्रकारों के साथ सीईओ द्वारा किये गए दुव्र्यवहार की घटना का विरोध बस्तर सहित प्रदेश में श्रमजीवी पत्रकार संघ ने किया है। 

श्रमजीवी पत्रकार संघ ने बीजापुर में पत्रकारों के आंदोलन को पूर्ण समर्थन देते सीईओ पर कार्रवाही करने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें श्रमजीवी पत्रकार संघ के संभागीय सचिव पवन दुर्गम, जिला अध्यक्ष घनश्याम यादव, पंकज दाऊद, राजेश झाड़ी, बसंत मामडीकर, पुष्पेंद्र ठाकुर, संदीप कोंडरा, लोकेश झाड़ी, यदिन्द्रन नायर शामिल थे।

 

 

 

 

 


Date : 23-Jun-2019

किसानों के बोनस को डकार रहे बिचौलिए, औने-पौने दाम में धान बेच रहे किसान

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बीजापुर, 23 जून।
जिले के भोपालपट्नम ब्लाक में आदिवासी किसानों के साथ धोखाधड़ी का एक अनोखा मामला सामने में आया है। यहां सीमा से लगे पड़ोसी राज्य और जिलेे के ही कई बिचौलिए किसानों की अज्ञानता, भोलेपन और कमजोरी का गलत फ ायदा उठाकर औने-पौने दाम में धान खरीद कर लैम्प्स में समर्थन मूल्य में बेचते हैं। इससे सरकार द्वारा मिलने वाले समर्थन मूल्य और धान के बोनस के पैसे  डकार लेते हैं।

प्रदेश के सीमांत और दक्षिणी क्षेत्र में बसे भोपालपटनम ब्लॉक की सीमाएं छग के दो पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र और तेलंगाना को छूती हैं। प्रदेश का सीमांत और धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण ये इलाका विकास से कोसों दूर पिछड़ेपन का दंश झेलने को मजबूर हैं। यहीं एक बड़ी वजह है कि यहां के आदिवासी किसान हाईटेक हो चुके इस आधुनिक युग में भी अज्ञानता के शिकार हो चुके हैं। किसानों की इसी अज्ञानता और भोलेपन का फ ायदा उठा रहे है पड़ोसी राज्य और जिले में फैले चंद बिचैलिए। 

दरअसल जानकारी का अभाव और प्रशासन की लापरवाही की वजह से किसान अपना पंजीयन लैम्प्स में नहीं करवा पाते हैं या बैंक में अपना खाता नहीं खुलवा पाते है। इस कारण किसान अपना धान लैंम्प्स में नहीं बेच पाते। जिसका फ ायदा उठाते हुए चंद बिचैलिए इन किसानों से औने-पौने दामों में धान खरीद कर अपने या अपने परिजनों के ऋ ण पुस्तिका में उस धान का एंट्री कर बेचते हैं। जिससे किसानों को मिलने वाला समर्थन मूल्य बिचैलियों को मिलता है। साथ ही सरकार द्वारा धान बेचने के एवज में मिलने वाला बोनस भी किसानों को न मिलकर बिचौलियों के एकांउट में चला जाता है। 

भोपालपटनम ब्लाक के नरोनापल्ली, रामपेटा, मेटलाचेरू, तारूड़, संगमपल्ली, तमलापल्ली, केसाइगुड़ा, दुदेड़ा, संड्रापल्ली और भट्टीगुड़ा समेत 3 दर्जन से अधिक गांव के सैंकड़ों आदिवासी किसानों को  सरकार द्वारा मिलने वाले समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पाता और न ही बोनस । किसानों ने बताया कि इस साल उन्होंने 1100 से लेकर 1400 रूपये प्रति क्ंिवटल दर से धान  बिचैलियों को बेचा है। 

जबकि सरकार द्वारा बोनस के साथ समर्थन मूल्य की राशि 2500 रूपये तय की गयी है। यानि प्रति क्विंटल धान में किसानों को सीधे 1100 रूपये से 1400 रूपये का सीधा नुकसान होता है।  

इस मामले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी मानना है कि सरकार और प्रशासन की बेरूखी और लापरवाही का खामियाजा इस इलाके के आदिवासी किसान भुगत रहे हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि ये बिचैलिए न केवल भोपालपटनम में ही सक्रिय हैं बल्कि पूरे जिले के किसानों को अपना शिकार बनाते हैं।


Date : 23-Jun-2019

280 जर्जर स्कूलों में पढ़ेंगे बच्चे, नए शिक्षा सत्र में भी व्यवस्था वही पुरानी

बीजापुर, 23 जून। बीते 16 जून से नया शिक्षा सत्र तो शुरू गया है मगर व्यवस्था अब भी पुरानी ही बनी हुई है। बीजापुर में नए शिक्षा सत्र को लेकर शिक्षा विभाग ने किसी भी तरह की तैय्यारियाँ नहीं की हैं।नए शिक्षा सत्र में भी शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत छात्र और यहाँ पदस्थ शिक्षक वही पुरानी समस्याओं से दो-चार होने को मजबूर है। 

जिले में कुल 802 स्कूल संचालित हैं। इनमें से 280 स्कूल भवन जर्जर हालत में है। इनमें मरम्मत की आवश्यकता है। मगर अब तक इस तरफ किसी तरह का कोई ध्यान नही दिया गया है। हैरान कर देने वाली बात ये है कि जिले में 4 स्कूल ऐसे भी  हैं जो झोपडी में संचालित हैं।

नए शिक्षा सत्र को लेकर शिक्षा विभाग को जो तैय्यारियाँ की जानी थी वो नही की गयी है।नतीज़तन शिक्षा विभाग की इस लापरवाही का खामियाजा इन स्कूलों में पढने वाले हज़ारों छात्रों को भुगतना पड़ेगा। जिले में कुल 548 प्राथमिक शालाएं, 154 मिडिल स्कूल, 33 हाई स्कूल, 28 हायर सेकंडरी स्कूल,  30 पोटा केबिन, 4 डी.ए.व्ही., 1 कन्या शिक्षा परिसर, 1 एकलव्य आवासीय विद्यालय, 1 नवोदय विद्यालय, 1 डाईट, और 1 केन्द्रीय विद्यालय संचालित हैं। जिनमे पिछले शिक्षा सत्र में करीब 62 हज़ार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत थे।लेकिन इस शिक्षा सत्र में इन स्कूलों में 60 हज़ार से अधिक नौनिहाल पढ़ाई करेंगे। 
सरकार द्वारा इस वक़्त जिले में कुल 802 स्कूल संचालित किये जा रहे हैं। जिसमे से 280 स्कूल भवनों की हालत काफी जज़ऱ्र हो चुकी है।अधिकाँश स्कूल भवनों के छत टूटे हुए हैं। इस वजह से बारिश के दिनों में कक्षाओं में पानी भर जाता है। कई स्कूल भवनों के दीवारों में बड़ी बड़ी दरारें किसी बड़े हादसे को न्यौता देते हुए नजऱ  आ रही है। तो वहीँ 4 दजऱ्न से अधिक स्कूलों भवनों के फ़र्स उखड़ चुके हैं।कई स्कूल भवन ऐसे हैं जहाँ शौचालय की स्थिति बेहद ही खराब है। नतीज़तन शौच करने को बच्चे जंगल का रुक करते हैं। 50  से अधिक स्कूल ऐसे भी हैं जहाँ बिजली की कोई व्यवस्था नही की गयी है। 
गर्मी के दिनों में छात्रों का बुरा हाल रहता है। इन स्कूलों में अध्यययरत छात्र और पदस्थ शिक्षक बताते हैं कि, हर साल कईयों बार शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों सहित  कलेक्टर को भी जज़ऱ्र हो चुके इन स्कूल भवनों के  मरम्मत की मांग की जाती रही है। मगर समस्या हर साल की तरह जस की तस ही रही। विडंबना देखिये सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक़ जिले में आज भी 4 स्कूल ऐसे हैं जो झोपडी में संचालित हो रहे हैं। उसूर ब्लॉक के कव्वरगट्टा, चिल्कापल्ली, उसेरी, और आईपेंटा में बच्चे झोपड़ी में भविष्य गढऩे को मजबूर हैं।साथ ही 233  प्राथमिक शालाएं और 32 माध्यमिक शालाएं  ऐसे हैं जो नक्सल समस्या की वजह से अस्थायी रूप से बंद कर दी गयी हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी
इस सम्बंध में जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णा कुमार उद्देश का कहना है कि नया शिक्षा सत्र प्रारम्भ हो गया है।जिस स्कूल में भी मरम्मत की जरूरत है।वहां जल्द से जल्द काम कराया जाएगा।


Date : 23-Jun-2019

नक्सलियों ने की बीच बाजार सहायक आरक्षक की हत्या

ड्यूटी से खाना खाने घर जाने निकले जवान पर स्माल एक्शन टीम का हमला

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बीजापुर, 23 जून।
यहाँ से करीब 70 किलोमीटर दूर मिरतुर के साप्ताहिक बाज़ार में नक्सलियों की स्माल एक्शन टीम ने एक सहायक आरक्षक की हत्या कर दी। बीच बाज़ार हुए नक्सली वारदात के बाद बाज़ार में हडकंप मच गया।
जानकारी के मुताबिक मिरतुर निवासी सहायक आरक्षक चैतु कडती (40) मिरतुर थाना में ही पदस्थ था। आज दोपहर 1 बजे वे ड्यूटी खत्म करके खाना खाने घर जाने को निकला था। वे घर पहले न जाकर बाज़ार की ओर निकल गया। जहाँ पहले से बाज़ार में सादे वेशभूषा में घूम रहे स्माल एक्शन टीम के नक्सलियों ने चैतू को अकेला पाकर उस पर पहले चाक़ू से पीठ पर हमला किया इससे वे वही गिर पड़ा इसके बाद नक्सलियों ने उस पर ताबड़तोड़ वार किया।जिससे मौके पर ही सहायक आरक्षक की मौत हो गई। बीच बाज़ार हुए नक्सली हमला के बाद बाज़ार स्थल में अफरा तफरी का माहौल निर्मित हो गया और नक्सली वारदात को अंजाम देकर भागने में कामयाब हो गए। पुलिस के मुताबिक जवान चैतु विवाहित था।

 

 


Date : 20-Jun-2019

बाराती गाड़ी-पिकअप भिड़ंत, 5 मौतें, 23 घायल, मदद के लिए रात में पहुंचे विधायक विक्रम
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बीजापुर, 20 जून।
गीदम से टिंडोडी की ओर वापस लौट रही बारातियों से भरी वाहन पाण्डेमुर्गा के पास सामने से आ रही पिकअप वाहन से टकरा गई।इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई।वही 23 लोग घायल हो गए। घायलों का इलाज बीजापुर भैरमगढ़ व नेलसनार में चल रहा है।

खबर के मुताबिक भैरमगढ़ के टिंडोडी गांव से बुधवार को बारात  गीदम के हारम पारा गई थी। बाराती यहां से रात में पिकअप वाहन में सवार होकर टिंडोडी वापस लौट रहे थे। बाराती गाड़ी जैसे ही रात करीब 10.30 पाण्डेमुर्गा के पास पहुंची ही थी।कि सामने से दूसरी पिकअप गाड़ी टोचन लेकर आ रही थी। दोनों गाडिय़ों में हुई जबरदस्त भिड़ंत में बाराती गाड़ी में सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।इनमें ध्रवा वेक्को(30) बुधनी लेकाम(45)मंगलू लेकाम(24) व सोमारी वेडला(50) शामिल है। ये सभी टिंडोडी के रहने वाले थे।वही दूसरी वाहन में सवार गीदम निवासी सोहन नायक की दंतेवाड़ा में इलाज के दौरान मौत हो गई।इस घटना में 23 ग्रामीण घायल हुए है। इनका इलाज बीजापुर भैरमगढ़ व नेलसनार में चल रहा है। डॉक्टरों ने घायलों को खतरे से बाहर बताया है। 

बुधवार रात नेलसनार थाना क्षेत्र के पाण्डेयमुर्गा में हुए सड़क हादसे की खबर लगते ही बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व विधायक विक्रम मंडावी सुरक्षा की परवाह किये बिना ही अपने अंगरक्षकों के साथ घायलों की मदद के लिए घटना स्थल पहुंचकर उनकी मदद की।विधायक विक्रम मंडावी ने  घायलों को अपनी गाडिय़ों से भैरमगढ़ व नेलसनार अस्पताल पहुंचवाया। साथ ही अस्पताल पहुंचकर घायलों को देखा और डॉक्टरों को बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए।

 


Date : 19-Jun-2019

अगवा सपा नेता की नक्सल हत्या
परिवारवालों को शव तक देने से इंकार 
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बीजापुर, 19 जून।
समाजवादी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष व बीजापुर विस चुनाव में प्रत्याशी रहे संतोष पुनेम की नक्सलियों ने अपहरण के बाद  हत्या कर दी।  जब परिवार वाले  शव  लेने पहुंचे तो नक्सलियों ने देने से मना कर दिया।  एसपी दिव्यांग पटेल ने घटना की पुष्टि की है। 

सूत्रों के अनुसार कल पुनेम लोदेड गांव में चल रहे सड़क निर्माण कार्य को वे देखने पहुंचे थे। जहां देर शाम हथियारबंद नक्सलियों ने उसका अपहरण किया था। रात भर अपने साथ रखा और आज सुबह इलमिडी थाना  के मरिमल्ला गांव के पास  गला रेत उनकी हत्या कर दी। बताया जाता है कि पिछले लंबे समय से संतोष नक्सलियों के निशाने पर थे। 

 उन्होंने सड़क निर्माण का ठेका लिया था और कल इस इलाके में इसी सिलसिले में वहीं गए थे। इस सड़क निर्माण का नक्सली विरोध करते रहे हैं। उन्होंने नेता की हत्या से पहले उनकी बोलेरो समेत 3 ट्रकों को आग लगा दी।
पुलिस  शव लेने के लिए घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है। घटना के बाद एक बार फिर इलाके  में दहशत  है। फिलहाल हत्या के कारणों के संबंध में खुलासा नहीं हुआ है।