छत्तीसगढ़ » बीजापुर

02-Jul-2020 9:58 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बीजापुर, 2 जुलाई। गुरुवार को जिला मुख्यालय व भैरमगढ़ मुख्यालय में शालेय शिक्षा कर्मी संघ ने संविलियन दिवस मनाया। इस दौरान संघ के सदस्यों ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पहुंचकर केक काटकर एक दूसरे को खिलाकर खुशी जाहिर की। 

ज्ञात हो कि 1 जुलाई 2018 को लगभग एक लाख बीस हजार शिक्षाकर्मियों को तत्कालीन रमन सरकार द्वारा संविलयन कर पूर्ण शिक्षक का दर्जा दिया गया था। इसलिए प्रतिवर्ष शिक्षाकर्मियों द्वारा प्रतिवर्ष 1 जुलाई को संविलियन दिवस मनाया जाता है।

       गुरुवार को बीजापुर जिला मुख्यालय मे संघ के जिला सचिव कैलाश रामटेके, जिला महामंत्री वसीम खान,ब्लाक अध्यक्ष विजय चापड़ी संघ के सक्रिय सदस्य अरुण सिंह आदि ने संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष केक काटकर संविलियन दिवस मनाया। वहीं भैरमगढ़ ब्लाक में जिलाध्यक्ष प्रहलाद जैन व ब्लाक अध्यक्ष शिव कुमार पूनेम, अमृतलाल ठाकुर, रघुराम सोनवानी, स्वाती गौराहा व जैनो कुंजाम आदि ने पौधारोपण कर संविलियन दिवस मनाया। ब्लाक उसूर के अध्यक्ष तेलम लच्छमैया व सचिव अनिल झाड़ी ने बताया कि सभी शिक्षकों ने एक दूसरे को बधाई देकर संविलियन दिवस मनाया।

  भोपाल पटनम के ब्लाक अध्यक्ष करन सिंह ने बताया कि सभी साथी शिक्षकों ने केक काटकर एक दूसरे का मुँह मीठा कर संविलियन दिवस मनाया। इस अवसर पर एट्टी राजन्ना, हुंगाराम गोंदी, हरीश उप्पल, राकेश ठाकुर, दुर्गेश नेताम, नंद कुमार सिन्हा, परमेश्वर पाटिल आदि शिक्षक उपस्थित थे।

    इसके साथ ही  प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र दुबे ने वर्चुअल बैठक लेकर बताया कि वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेल बघेल ने घोषणा कि 1 जुलाई 2020 को समस्त बचे हुये शिक्षा कर्मियों का संविलियन किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश से अब शिक्षा कर्मी शब्द समाप्त होता है, इसलिए अब शालेय शिक्षा कर्मी संघ को अब छग शालेय शिक्षक संघ के नाम से जाना जाएगा। छग शालेय शिक्षक संघ ने उम्मीद जताई है कि सरकार अपनी घोषणा के अनुरूप जल्द ही बचे हुये शिक्षकों के लिए संविलियन आदेश जारी करेगी।

 

 

 


01-Jul-2020 9:53 PM

बीजापुर, 1 जुलाई। यहां 25 जून को सीआरपीएफ के 229 बटालियन के एक अफसर में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था। बुधवार को इसी बटालियन के दूसरे अफसर में भी कोरोना के लक्षण पाए गए हंै। जांच के बाद उनकी भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उनका उपचार चल रहा है।

सीआरपीएफ के डीआईजी कोमल सिंह ने घटना की पुष्टि की है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ डॉ. बी आर पुजारी ने बताया कि संक्रमित हुए अफसर की उम्र लगभग 30 से 32 साल है। वे 15 जून को वायुमार्ग से प्रयागराज से दिल्ली फिर दिल्ली से रायपुर लौटे थे। रायपुर से निजी वाहन से 16 जून को बीजापुर में अपने कैम्प पहुंचे थे। यहां पहुंचने पर उन्हें महादेव घाटी स्थित 229 बटालियन में क्वॉरंटीन किया गया था।  विदित हो कि जिले में जो पहला कोरोना पॉजिटिव अफसर मिले थे। ये उन्हीं के साथ निजी वाहन से रायपुर से बीजापुर लौटे थे। दोनों सीआरपीएफ के अधिकारी रैंक के ऑफिसर है। उसी वाहन में इनके साथ 2 और सीआरपीएफ के जवान रायपुर से आये थे। इन दोनों का भी सेम्पल जांच के लिए भेजा गया है। दोनों की रिपोर्ट आना बाकी है।


01-Jul-2020 9:48 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बीजापुर, 1 जुलाई। जिले के अंतिसंवेदनशील गंगालूर क्षेत्र के दूरस्थ व पहुंच विहीन इलाकों में ग्रामीणों की मांग पर 4 गांवों में स्कूल प्रारंभ करने की स्वीकृति कलेक्टर रितेश अग्रवाल ने दी है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने 5 सूत्रीय मांगो में प्रशासन से स्कूल खोलने की मांग रखी थी जिसपर त्वरित कार्रवाई करते हुए कलेक्टर ने 15 सालों से बंद पड़े स्कूलों को फिर से चालू कर अस्थायी शेड निर्माण की स्वीकृति दी है। 

विकासखण्ड बीजापुर के गंगालूर क्षेत्र के अधिकांश स्कूल संवेदनशील एवं पहुंचविहीन क्षेत्र होने के कारण सलवा-जुडूम अभियान के दौरान से लगभग 15 सालों से बंद पड़े है। गत 29 जून को गंगालूर इलाके के ग्रामीणों ने 5 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। ग्रामीणों की मांग पर कलेक्टर ने तत्काल गंगालूर ईलाके के पेददाजोजेर, कमकानार, मल्लूर, और बुरजी में 04 स्थानों पर अस्थायी शेड के साथ स्कूल प्रारंभ करने की स्वीकृति दी है। उक्त सभी स्थानों पर स्कूल प्रारंभ करने के लिए बच्चों का सर्वे किया जा रहा है जिसमें तकरीबन 300 से ज्यादा बच्चों के दर्ज होने की संभावना है। इन स्कूलों के संचालन के लिए कलेक्टर के मागदर्शन में शिक्षा विभाग द्वारा पाठ्य-पुस्तक, मध्यान्ह भोजन, बर्तन, टाटपटटी, गणवेश आदि आवश्यक सामाग्री की व्यवस्था की जा रही है। वर्तमान में शेड निर्माण होने तक ग्रामीणों द्वारा अस्थायी झोपड़ी निर्माण किया जा रहा है। 

उल्लेखनीय है कि सलवा-जुडूम के दौरान जिले के सैकड़ों स्कूल बंद हो गये थे, जिसके चलते इन ईलाकों के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे थे। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुये कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कोई भी बच्चा ड्रॉप आऊट व अप्रवेशी न रहे, इसके लिए हरसंभव प्रयास कर शिक्षा के क्षेत्र में शत-प्रतिशत बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करें।
 


25-Jun-2020 9:21 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बीजापुर, 25 जून। आज जिले में कोरोना का पहला केस मिला। छुट्टी से लौटे सीआरपीएफ के एक अफसर के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। अब प्रदेश के सभी जिले कोरोना से प्रभावित हो गए हंै।

नक्सलियों से लौहा लेने यहां तैनात सीआरपीएफ 229वीं बटालियन के एक असिस्टेंट कमांडेंट में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। संक्रमित अफसर 16 जून को छुट्टी से गुजरात के सूरत शहर से लौटे थे। वे फ्लाइट से रायपुर आये और रायपुर के अमित रेसीडेंसी होटल में एक दिन रुक कर निजी वाहन से बीजापुर पहुंचे थे। यहां पहुंचने के बाद उन्हें और उनके साथ आए अन्य तीन जवानों को बीजापुर में क्वॉरंटीन किया गया। डॉक्टरों ने उनका आरटी-पीसीआर टेस्ट किया जिसमें उन्हें पॉजिटिव पाया गया। कोरोना से संक्रमित पाए गए 30 वर्षीय अफसर को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज जगदलपुर भेज दिया गया है, वहीं तीन अन्य जवानों का सेम्पल टेस्ट के लिए भेजा गया है। उनकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है।

491 जवान क्वारंटीन 
डीआईजी कोमल सिंह ने बताया कि जिले में सीआरपीएफ के 587 अधिकारी और जवान छुट्टी से लौट चुके हैं। सभी क्वॉरंटीन में है। इनमें से 96 का क्वॉरंटीन पूरा हो गया है। अभी 491 क्वारंटीन में है। उन्होंने आगे बताया कि संक्रमित पाए गए अफसर 30 वर्ष के है। वे जल्द ही रिकवर कर लेंगे। 

पांच बटालियन तैनात
बीजापुर जिले में नक्सलियों से लौहा लेने सीआरपीएफ की पांच बटालियन यहां तैनात की गई है। इनमें 229, 170, 168, 85 एवं 222 बटालियन शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में अब कोई भी जिले ऐसे नहीं हैं जहां कोरोना के मरीज न हों। प्रदेश के सभी 28 जिलों तक कोरोना फैल चुका है।


25-Jun-2020 4:19 PM

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बीजापुर, 25 जून। अब कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके)में गजेंद्र वेरायटी का जिम्मी कंद लगाने की तैयारी यहां के वैज्ञानिक कर रहे हंै। यह जिम्मी कंद कृषि विज्ञान केंद्र पहुंच चुका है।
 इस जिम्मी कंद के बारे में केवीके के प्रभारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अरुण सकनी, उद्यान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. कन्हैया लाल पटेल ने बताया कि इस कंद की विशेषता यह है कि बाकी कंद की तरह इस कंद को खाने के बाद खुजली महसूस नहीं होती और इसे अपने खेतों या बाडिय़ों में लगाना भी बेहद आसान है। यह कंद को एलिफेंट फुट भी कहा जाता है। क्योंकि यह दिखने में बिल्कुल हाथी के पांव जैसा दिखाई पड़ता है। इस कंद को केवीके  के माध्यम से जिले के किसानों को भी वितरित किया जाएगा और केवीके में भी इसे  लगाया जाएगा। इस कंद के बीज का वितरण करने के  लिए 200 किसानों का चयन भी बाड़ी विकास योजना के तहत किया गया है। 

वैज्ञानिकों ने बताया कि इस कंद में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते है जो हमारे मानव शरीर के लिए लाभदायक है। जैसे कि इस कंद के सेवन से विटामिन सी, मिनरल्स, केल्शियम, सल्फर मिलता है। इस कंद के प्रयोग  से शरीर  में प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। इसे सूखा कर भी खाया जा सकता है। वहीं इसका प्रयोग अचार, चिप्स, सब्जी के रूप में किया जा सकता है। यह दो साल तक सुरक्षित रह सकता है और इसे बाजार में सप्लाई कर रुपये भी कमाए जा सकते हंै।


24-Jun-2020 9:20 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बीजापुर, 24 जून।
बुधवार को एक दिवसीय प्रवास पर बीजापुर पहुंचे सीआरपीएफ के आईजी प्रकाश डी. ने सीआरपीएफ 85वीं बटालियन के मुख्यालय का दौरा किया। उन्होंने 85वीं बटालियन कंपनी के पुंजेर एवं गंगालूर कैम्पों का निरीक्षण कर मुख्यालय में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

 आईजी ने प्रकाश डी ने गंगालूर स्थित कैम्प में अधिकारियों एवं जवानों के साथ बातचीत की एवं जवानों का हाल चाल जाना। आईजी जवानों को होने वाली परेशानियों से भी रूबरू हुए। उन्होंने जवानों को जरूरी दिशानिर्देश भी दिए। कोबरा और डीआरजी के प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहुंचकर उन्होंने जवानों को संबोधित किया और अपने अनुभव साझा किए। 

आईजी प्रकाश डी. ने सीआरपीएफ 85वीं बटालियन के मुख्यालय नयापारा में वृक्षारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लेकर सभी को अपने जीवन में एक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया। 
इस मौके पर सीआरपीएफ के डीआईजी कोमल सिंह,85 बटालियन के कमाण्डेन्ट यादवेंद्र यादव,222 बटालियन से पी कुजूर,229 से विवेक भंडराल,170 आलोक भट्टाचार्य,168 से विनय कुमार चौधरी, पुलिस अधीक्षक कमलोचन कश्यप,85 बटालियन से जतिन किशोर, हरविंदर सिंह, अरुण सिंह, प्रकाश चंद्र यादव, दीपक कुमार यादव, उदय कुमार एवं अन्य जवान मौजूद रहे।


22-Jun-2020 10:20 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भोपालपटनम, 22 जून।
भोपालपटनम विकासखंड के ग्राम पंचायत पेगडापलली के  बासागुड़ा पारा के डबरी निर्माण कार्य में अनियमितता और स्वीकृत राशि के गबन के मामले को लेकर 'छत्तीसगढ़’ ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी जिसका असर देखने को मिल रहा है।

संबंधित अधिकारियों द्वारा अधूरा निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया। अनियमितता को देखते हुए हितग्राही को डबरी निर्माण कार्य पूर्ण कर देने का आश्वासन दिया और दूसरे दिन से ही काम चालू कर दिया गया। आवेदक कुरसम चंद्रया ने मीडिया कर्मियों को धन्यवाद दिया है।
 


21-Jun-2020 10:22 PM

कांग्रेस का पूर्व मंत्री गागड़ा और भाजपा पर पलटवार

बीजापुर, 21 जून। शनिवार को पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने प्रेसवार्ता कर कांग्रेस और विधायक मण्डावी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। इसके बाद जिले में राजनीति सरगर्मी बढ़ गई है। आज कांग्रेस ने पूर्व मंत्री के बयान पर पलटवार कर उन पर और भाजपा पर कई आरोप लगाये है।

जिला कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता ज्योति कुमार ने एक बयान जारी कर कहा कि क्षेत्र की जनता से पूरी तरह नकारे जाने के बाद पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा को जि़ले में भ्रष्टाचार दिखाई दे रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि पूर्व मंत्री महेश गागड़ा  भाजपा और उनकी पूरी टीम बीजापुर में लगातार दस वर्ष और प्रदेश में पंद्रह वर्षों तक पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त थी। अब गागड़ा जी व भाजपा खुद ही भ्रष्टाचार में संलिप्त ठेकेदार व भाजपा जिला महामंत्री गोपाल पवार के साथ प्रेस वार्ता कर भ्रष्टाचार के बारे कह रहे हंै। जबकि ठेकेदार व भाजपा के महामंत्री गोपाल पवार ने कुएनार से एरमनार को जोडऩे वाली पीएमजीएसवाई की सडक़ का काम आज तक प्रारम्भ नहीं किया और लगभग एक करोड़ पच्चीस लाख रुपए आहरण भी कर लिए और सडक़ अब तक नहीं बना पाया, ये भी भाजपा के शासनकाल में हुआ है। ऐसे कई उदाहरण जि़ले में देखने को मिलेंगे।  

पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा को लगता है कि पीएमजीएसवाई की सडक़ों में भ्रष्टाचार हुआ है तो प्रमाण सहित प्रशासन को शिकायत करनी चाहिए। जिन सडक़ों का उल्लेख श्री गागड़ा ने प्रेसवार्ता में किया है। वे सभी सडक़ें उनके स्वयं के कार्यकाल के थे और उन्ही के कार्यकाल में ठेकेदारों को सडक़ निर्माण के कार्य दिए गए थे। हमेशा भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले पूर्व वन मंत्री क्षेत्र की जनता को ये भी बताएं कि उनके दस वर्ष की विधायिकी सहित मंत्री के रूप में और पंद्रह वर्ष के भाजपा के शासनकाल में कितने भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई की गई है। जबकि सच्चाई यह है कि पिछले पंद्रह सालों तक पूर्व वन मंत्री ने भाजपा और उनकी टीम के साथ क्षेत्र के किसान, मज़दूर, गऱीबों और ज़रूरतमंदों का शोषण करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा है। जिसका नतीजा ये रहा कि विधानसभा चुनावों से लेकर पंचायत  स्तर तक के चुनावों में भाजपा को क्षेत्र की जनता ने वोट के ज़रिए करारा जवाब दिया है और भाजपा को पूरी तरह से नकार दिया है। बीजापुर की जनता भाजपा के झूठे वादे और जुमलेबाज़ों को समझ चुकी है। उल्टे केंद्र की मोदी सरकार प्रदेश की जनता के साथ लगातार सौतेला व्यवहार कर रही है और मोदी सरकार की जितनी भी योजनाएं है। उन योजनाओं में किसानों, मज़दूरों, गऱीबों और जरूरतमंदों का कोई स्थान नहीं होता है। उनकी योजनाएं केवल अमीरों और पूँजीपतियों को ध्यान में रख कर बनाई जाती है। 

पूर्व वनमंत्री महेश गागड़ा अपनी हार को आज तक पचा नहीं पा रहे हंै। इसलिए वे केवल मीडिया में बने रहने के लिए बयानबाज़ी करने में लगे हुए है।
 


21-Jun-2020 10:21 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 21 जून।
प्रदेश के पूर्व वनमंत्री व भाजपा नेता महेश गागड़ा ने बीजापुर जिले में हो रहे निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किये जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक विक्रम मंडावी पर भी निशाना साधा।

भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रवार्ता में पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने कहा कि जिला मुख्यालय में वन विभाग द्वारा गुणवत्ताविहीन कार्य कराया जा रहा है। लेकिन शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। भोपालपटनम ब्लाक ग्राम पंचायत कोत्तापल्ली में एक ही समय में एक केनाल और दो नए तालाब बना दिया गया। लेकिन गांव वालों को ये नहीं मालूम कि उनके गांव में यह काम हो गया है। वहीं पीएमजीएसवाई के कार्यों को लेकर रोज नए मामले सामने आ रहे है, लेकिन कार्रवाई अब तक नहीं हुई। 

उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत दो तालाब व एक नाली का काम जो मजदूरों से कराया जाना था। लेकिन वह काम पोकलैंड व जेसीबी से करा दिया गया। पूर्व मंत्री गागड़ा ने आरोप लगाया है कि जिले में व्याप्त भ्रष्टाचार में कांग्रेसी खुद लिप्त है और इनका संरक्षण विधायक विक्रम मण्डावी कर रहे हंै। उन्होंने राज्य की भूपेश सरकार को कंगाल बताते हुए केंद्र की मोदी सरकार को मददगार बताया। 

उन्होंने कहा कि पीएम राहत कोष के जरिये देशवासियों को केंद्र की मोदी सरकार मदद कर रही है। लेकिन भूपेश सरकार ने सीएम राहत कोष से अब तक प्रदेशवासियों की किसी भी तरह की मदद नहीं की है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिले के चारों ब्लाकों में मजदूरों से होने वाले काम को शासन प्रशासन में बैठे नुमाईंदों ने बड़ी ही चालाकी से मशीनों के जरिये करवा कर मजदूरों से उनका हक छीन लिया। इस अवसर भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार भी मौजूद रहे।
 


17-Jun-2020 9:31 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बीजापुर, 17 जून। पूर्व मंत्री व भाजपा नेता महेश गागड़ा अपने चार दिवसीय दौरे पर भोपालपटनम पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं की बैठक ली तथा ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी।

श्री गागड़ा भैरमगढ़ व कुटरू दौरे के बाद सोमवार को भोपालपटनम पहुंचे। वे यहां से पहले भद्रकाली गए। वहां उन्होंने पहले मंदिर का दर्शन किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर संगठन की गतिविधि से अवगत हुए। वे यहां ग्रामीणों से मिलकर केंद्र की मोदी सरकार की उपलब्धिया बताई। इस दौरान भद्रकाली के ग्रामीणों ने पूर्व विधायक से जिओ टावर शुरू कराने का आग्रह किया। जिस पर श्री गागड़ा फारेस्ट व जिओ कंपनी के अफसरों से बात कर उन्हें चार दिनों के अंदर टावर शुरू करने को कहा। जिस पर संबंधित अफसरों ने उन्हें आश्वस्त किया है। 

इसके बाद उन्होंने भोपालपटनम में आकर मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं की बैठक ली। यहां उन्होंने कार्यकर्ताओ से विचार विमर्श कर मंडल में नए कार्यकारणी के विस्तार पर फोकस किया। इस दौरान उनके साथ भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार, घासी राम नाग,सदाशिव आलसा, भोपाल पटनम मंडल अध्यक्ष , वेंकट यलाम, बिलाल खान,  गिरिजा शंकर तामडी , राकेश केतारफ, मीडिया प्रभारी अरविंद पुजारी रहे मौजूद।

 

 


17-Jun-2020 9:23 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बीजापुर, 17 जून।
स्कूल शिक्षा विभाग की महत्वाकॉंक्षी योजना ''पढ़ई तुंहर दुआर'' अन्तर्गत बीजापुर विकासखण्ड में अवकाश (रविवार) के दिनों में भी शिक्षक अपने स्कूली बच्चों के साथ वर्चुअल क्लास का संचालन कर रहे हैं । विकासखण्ड में आनलाईन वर्चुअल क्लास की शुरूआत गंगालूर संकुल के मिडिल स्कूल से की गई जहां के प्रधानाध्यापक श्रीनिवास राव ने अपने संस्था के बच्चों के साथ हिन्दी विषय का कक्षा संचालन किया। नैमेड़ संकुल में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के व्याख्याता शिवसन धु्रव द्वारा रसायन विषय की कक्षा लेकर की गई। विकासखण्ड बीजापुर में कुल 46 वर्चुअल क्लास संचालित किये जा रहे हैं जिनमें 3179 बच्चे आनलाईन शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं । 

बीजापुर ब संकुल में कन्या शिक्षा परिसर की शिक्षिका कु.सुनिता गोनेट द्वारा अंग्रेजी विषय की कक्षा नियमित रूप से ली जा रही है। संस्था के अन्य शिक्षक भी वर्चुअल क्लास बच्चों के साथ ले रहे हैं । शासकीय हाई स्कूल ईटपाल में भी संस्था के शिक्षक  निरूपमा गायकवाड़, श्रीमती साहू, अरूण सिंह एवं विनोद भोयर द्वारा हिन्दी,विज्ञान,अंगे्रजी एवं गणित विषय की आनलाईन कक्षा ली जा रही है जिसमें 21 विद्यार्थी लाभ ले रहे है।  बीजापुर अ संकुल में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बीजापुर के बी.के.शर्मा, शीतल सिह ठाकुर, विद्या विश्वकर्मा,  पूनम वर्मा, गंगा पवार एवं संगीता ठाकुर द्वारा  नियमित रूप से वर्चुअल क्लास का आयोजन किया जा रहा है। कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बीजापुर के शिक्षक सुजित मिश्रा अंग्रेजी, बी.ठक्कर हिन्दी, रीता गांगुली रसायन शास्त्र, मनोज अल्लूर विज्ञान  एवं दीपक झाड़ी द्वारा कॉमर्स कक्षा की क्लास ली जा रही है । कन्या पूर्व माध्यमिक शाला में पुरूषोत्तम चन्द्रकार द्वारा माध्यमिक शाला के बच्चों के साथ गणित विषय की कक्षा का आयोजन किया जा रहा है ।