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Posted Date : 23-May-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 23 मई। सरकार की विकास यात्रा पर रोक लगाने से हाईकोर्ट ने इंकार कर दिया है। इस याचिका की सुनवाई गर्मी की छुट्टियों के बाद होगी। 
    चिकित्सक डॉ.अजीत आनंद डेग्वेकर ने एक याचिका दायर मांग की थी कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी विकास यात्रा पर अंतरिम रोक लगाई जाए। इस यात्रा में सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अरबों रुपये के शिलान्यास और उद्घाटन के कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के आतिथ्य में रखे जा रहे हैं। सरकारी खर्च से इस आयोजन का भाजपाईकरण कर दिया गया है। विकास यात्रा के दौरान मंचों पर भाजपा नेताओं को बिठाया जा रहा है और उनका स्वागत, अभिनंदन किया जा रहा है। चूंकि कुछ माह बाद छत्तीसगढ़ में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं, सरकारी खर्च से इस आयोजन में 
    भाजपा को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। 
    याचिकाकर्ता ने कहा कि 12 मई से विकास यात्रा का पहला चरण जारी है जो 11 जून तक चलेगा। इस यात्रा पर अंतरिम राहत देना इसलिए भी जरूरी है कि न्यायालय की नियमित बेंच शुरू होने के पहले यात्रा का 70 फीसदी हिस्सा पूरा हो जाएगा। पहले दौर की इस यात्रा के दौरान 29 हजार 500 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास और संचार क्रांति जैसी योजनाओं की शुरुआत की जा रही है। भाजपा विकास यात्रा के दौरान  हर बड़ी सभा में 50 हजार से एक लाख तक की भीड़ जुटाकर  65 प्लस लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश कर रही है।  
    हाईकोर्ट में अवकाशकालीन न्यायाधीश जस्टिस प्रशांत मिश्रा ने कहा कि यह मामला इस बेंच में सुने जाने लायक नहीं है। इसे नियमित बेंच में 18 जून को न्यायालय का अवकाश खत्म होने के बाद प्रस्तुत किया जाए। 

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Posted Date : 18-May-2018
  • बूथ कार्यकर्ताओं से  राहुल ने कहा- आज कांग्रेस और छत्तीसगढ़ को ही नहीं देश को आपकी जरूरत 

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 18 मई।   कांग्रेस  अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी उम्मीदवारों के नाम 15 अगस्त तक तय कर दिया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि सिर्फ कांग्रेस और छत्तीसगढ़ के लिए नहीं बल्कि आरएसएस और भाजपा द्वारा पैदा किए गए भय के माहौल से बचाने के लिए देश को आपकी जरूरत है। 
    बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में 24 विधानसभा क्षेत्रों के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से परिसंवाद करते हुए राहुल गांधी ने यह बात कही। कार्यकर्ताओं ने कहा था कि देर से टिकट तय होने के कारण हमें प्रचार के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलता। 
     उन्होंने कहा कि पूरे देश में माहौल बिगड़ा हुआ है। दलितों, आदिवासियों, महिलाओं, किसानों, छोटे व्यवसायी और युवाओं पर आक्रमण किया जा रहा है। जहां पर भी भाजपा सरकार है लोगों को डराने का काम किया जा रहा है। उत्तरप्रदेश में भाजपा का विधायक रेप केस में फंस जाता है, पर प्रधानमंत्री उस पर कुछ नहीं बोलते। प्रधानमंत्री देश को दिशा देते हैं। देश को रास्ता दिखाते हैं, पर वे चुप हैं। वे रोहित वेमुला मामले पर, दलितों को हिंसा कर मार डालने के मामलों में चुप रहते हैं। कांग्रेस की सरकार आएगी तो दलित युवा अत्याचार जैसे मामलों में कानून तोडऩे वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 
    मरवाही से आए युवाओं द्वारा जल-जंगल-जमीन पर उठाए गए सवालों के जवाब में राहुल ने कहा कि पूरे देश में उद्योगपतियों के लिए गरीबों, आदिवासियों, किसानों की जमीन छीनी जा रही है। जंगल-जमीन-पानी पर आदिवासियों और किसानों का हक है। इसके लिए हमने भू-अधिग्रहण, पेसा कानून इत्यादि लाया है। इस कानून को हमारी सरकार आने पर सख्ती से लागू किया जाएगा।  जांजगीर, तखतपुर आदि के कार्यकर्ताओं ने युवा नेतृत्व को महत्व नहीं मिलने को लेकर सवाल किए। राहुल गांधी ने कहा कि हमने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जोडऩे का निर्देश दिया है। महत्व एक कदम का रास्ता नहीं है। आपको अपनी जगह बनाने के लिए लडऩा पड़ेगा। जनता के पास जाना पड़ेगा, उनकी समस्याओं को उठाना पड़ेगा। देश का युवा ही कांग्रेस को ताकत देता है। वे कांग्रेस पार्टी की रीढ़ की हड्डी हैं। 
    कुछ और सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस यदि कार्यकर्ताओं से लेती है तो उसे देती भी है। चुनाव के बाद भूलने वाली बात नहीं है। जब हमारी सरकार आएगी तो उसमें आपकी जगह तय रहेगी। हम शक्ति कार्यक्रम चालू कर रहे हैं। इससे मुझसे कार्यकर्ता वन टू वन बात कर सकेंगे। आप खून बहाकर लाठियां खाकर कांग्रेस के लिए काम करते हैं, आप सांसद विधायक और मंत्री से भी महत्वपूर्ण हैं। कांग्रेस आपकी शक्ति से ही खड़ी है। 

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Posted Date : 14-May-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 14 मई। अंतागढ़ विधानसभा चुनाव में गड़बड़ी के मामले पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस प्रकरण की चुनाव आयोग से जांच पर जोर दिया गया। जस्टिस संजय के अग्रवाल ने सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया है। 
    आरटीआई कार्यकर्ता राकेश चौबे ने अंतागढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मंतुराम पवार समेत 9 प्रत्याशियों द्वारा नामांकन वापस लिए जाने पर चुनाव आयोग से जांच की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर की। 

    उन्होंने बताया कि चुनाव में गड़बड़ी हुई है और यह बात सामने भी आई है। लेकिन इसकी जांच चुनाव आयोग द्वारा अब तक नहीं करायी गई। जबकि आयोग का काम निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी है। इस प्रकरण पर सरकार की तरफ से महाधिवक्ता जे के गिल्डा ने पैरवी की। दोनों का पक्ष सुनने के बाद जस्टिस संजय के अग्रवाल ने आदेश सुरक्षित रखा है।

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Posted Date : 13-May-2018

  • सभा में नाच-गाने का हवाला दिया

    कांग्रेस ने जग्गी कांड की याद दिलाते अमित पर एफआईआर की मांग की 

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 13 मई। राहुल गांधी और अजीत जोगी की सभा के पहले दोनों दलों के बीच एक दूसरे पर हमला और तेज हो गया है। मरवाही विधायक अमित जोगी द्वारा राहुल की सभा के बाद 13वीं क्रब्र और खुद जाने की बात पर कांग्रेस ने उनके खिलाफ थाने में शिकायत कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वहीं इसाई और मुस्लिम समाज ने कब्रिस्तान में नाच-गाने की आशंका को देखते हुए कोटमी में सभा के लिए दी गई अनुमति रद्द करने की मांग की है।  
    पेण्ड्रा-कोटमी में 17 मई को प्रस्तावित राहुल गांधी की सभा को लेकर मरवाही विधायक अमित जोगी के एक बयान ने तूल पकड़ लिया है। राहुल की सभा के लिये कोटमी के हाईस्कूल मैदान के साथ-साथ उससे लगी हुई जो भूमि आरक्षित कराई गई है उसे कब्रिस्तान बताया जा रहा है जहां पर 12 कब्र हैं। इसे लेकर अमित जोगी ने बयान दिया था कि कांग्रेस का अब अंतिम समय चल रहा है इसलिए यहां राहुल की सभा के बाद 13वीं कब्र भी खुद जाएगी। अपने ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा है कि अमित जोगी की पूर्व की गतिविधियां आपराधिक रही है। सन् 2003 में हुए जग्गी हत्याकांड के सिलसिले में इन्हें जेल भी जाना पड़ा। ऐसे आपराधिक व्यक्ति के बयान से कांग्रेस  कार्यकर्ता अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, इसलिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए। 
    बयान से भड़के मरवाही, पेण्ड्रा एवं गौरेला ब्लाक के कांग्रेस अध्यक्ष मनोज गुप्ता, प्रशांत श्रीवास, अमोल पाठक व अन्य कांग्रेसियों ने थाने में शिकायत पत्र सौंपकर कहा है कि अमित जोगी द्वारा दिये गए 13वें कब्र की बयान से कांग्रेसी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। 
    दूसरी ओर मसीही एवं मुस्लिम समाज द्वारा भी थाने में शिकायत की गई है। शिकायत पत्र में लिखा गया है कि कोटमी के अल्पसंख्यक समुदायों का कब्रिस्तान कोटमी हाईस्कूल के पास है।  इस कब्रिस्तान में वे अपने बुजुर्गों को सुपुर्द ए खाक एवं दफनाते आ रहे हैं। सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से कब्रिस्तान में या उसके पास राजनीतिक सभा एवं नाचा पार्टी का मनोरंजक कार्यक्रम कराया जाना घोर आपत्तिजनक है। सभा की तैयारी के लिये कब्रिस्तान में जेसीबी मशीन एवं अन्य भारी वाहनों को घुसाने से उनके पूर्वजों के कब्रों को खतरा है। उनके धर्म के अनुसार कब्र में पवित्र रूह आराम करती है। ऐसे कार्यक्रमों से उनकी धार्मिक भावनाओं को गंभीर आघात लगेगा इसलिये यहां किसी भी कार्यक्रम की मंजूरी प्रशासन द्वारा नहीं दी जाए। इससे बाद उत्पन्न होने वाली स्थिति की जवाबदारी सरकार की होगी। शिकायत पत्र देने वालों में छ.ग. डायोसिस धर्मप्रांत के प्रांतीय सचिव डा.अतुल आर्थर, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष जुबेर अहमद, पुष्पेन्द्र राबिंसन, आफाज नियाजी, प्रवीण तिमोथी इत्यादि शामिल हैं। 
    इधर विधायक अमित जोगी ने अपने विरुद्व थाने में की गई शिकायत पर कहा कि अप्रासंगिक पार्टी के कुछ पदाधिकारी 13वीं कब्र वाली मेरी बात को लेकर इतने व्याकुल हो उठे कि अपने राष्ट्रीय नेता के स्वागत की तैयारी छोड़कर अचानक मेरे खिलाफ रिपोर्ट लिखाने थाने पहुंच गए। उन नेताओं के मंसूबे कोटमी के कब्रिस्तान में दफन होने वाले हैं, जिनके 13-13 लोग मुख्यमंत्री बनने का मंसूबा रख रहे हैं। 

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Posted Date : 12-May-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 12 मई। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का सम्मेलन कराने में जोगी कांग्रेस द्वारा की गई घेराबंदी ने चिंता में डाल दिया है। दूसरी तरफ बिलासपुर के कार्यक्रम के लिए सहमति नहीं दिए जाने से वे मुश्किल में पड़ गए हैं। अब कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि बिलासपुर में जगह नहीं दी तो वे नेहरू चौक पर ही राहुल गांधी का कार्यक्रम रख देंगे। 
    छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के संस्थापक अजीत जोगी के गढ़ में कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का कार्यक्रम रखा है। कांग्रेस को पहला झटका तब लगा जब पेन्ड्रारोड के पोर्ते महाविद्यालय के मैदान को जोगी कांग्रेस ने अपने लिए बुक करा लिया। उसके बाद पेन्ड्रारोड सहित आसपास के विश्राम गृह लॉज और धर्मशाला भी उन्होंने बुक करा लिए। जोगी समर्थक इतने पर ही नहीं रुके। उन्होंने बिलासपुर, पेन्ड्रारोड आदि के अधिकांश टेंट, टैक्सी और ऑटो रिक्शा को भी एडवांस देकर बुक करा लिया है। कांग्रेस को दुगनी कीमत पर इनकी तलाश करनी पड़ रही है। 
    कांग्रेस ने इसके बाद पेन्ड्रारोड से 15 किलोमीटर दूर कोटमीकला में आदिवासी सम्मेलन रखा है। यह पोर्ते कॉलेज के मैदान से काफी छोटा है। सबसे बड़ी चुनौती भीड़ जुटाने की है। इसके लिए न केवल जिलेभर से कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है, बल्कि अनूपपुर, मंडला, डिंडौरी, अमरकंटक आदि से भी सुनने के लिए लोगों को लाने की तैयारी की गई है। टिकट के सभी दावेदारों को अपने समर्थकों की भीड़ लाने कहा गया है। 
    जोगी कांग्रेस ने दावा किया है कि उनके कार्यक्रम में सिर्फ कोटा, पेन्ड्रा, मरवाही  के लोग होंगे और उनकी भीड़ राहुल गांधी की सभा से कहीं अधिक होगी। मरवाही के विधायक अमित जोगी ने पत्रकारों से कहा कि हमारे मैदान की क्षमता 50 हजार लोगों के बैठने की है, जिसमें इससे दुगने लोग पहुंचेंगे, जबकि राहुल गांधी की सभा में कुर्सियां खाली रहेंगी।  हालांकि, अमित जोगी का दावा कितना सच होगा यह 17 मई को सभा होने पर ही पता चलेगा। लोग यह तो मानते हैं कि अजीत जोगी की सभाओं में भीड़ उमड़ती है, पर राहुल गांधी के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के कारण दूर-दराज से भी उन्हें सुनने लोग आ सकते हैं। 
    बिलासपुर में अगले दिन 18 मई को 24 विधानसभा क्षेत्रों के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं का सम्मेलन रखा गया है। अब जबकि सभा को सिर्फ चार दिन बचे हैं कांग्रेस उलझन में फंसी है। कार्यक्रम की तैयारी की जगह वह सभा-स्थल की खोज में जुटी है। बहतराई स्टेडियम को निर्माणाधीन बताते हुए कलेक्टर ने फिलहाल इसे मंजूरी नहीं दी है। उन्होंने एसडीएम से रिपोर्ट मांगी है। कांग्रेस ने विकल्प के तौर पर राजा रघुराज सिंह स्टेडियम और पुलिस ग्राउंड का विकल्प भी अब दे दिया है, लेकिन इसकी मंजूरी भी नहीं मिली है। दिलचस्प यह है कि जिस बहतराई स्टेडियम को असुरक्षित और निर्माणाधीन प्रशासन ने बताया है वहां राष्ट्रीय स्तर के अनेक कार्यक्रम हो चुके हैं। राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिताएं, विश्व योग दिवस के कार्यक्रम यहां होते रहे हैं, जिनमें सैकड़ों लोग उपस्थित होते रहे हैं। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय ने कहा कि प्रशासन ने बिलासपुर में यदि हमारे सुझाए गए जगह पर मंजूरी नहीं दी तो सभा नेहरू चौक में करा दी जाएगी। 
    इस तरह से जोगी के विरोध और जिला प्रशासन के रुख के कारण राहुल गांधी की सभा को सफल बनाने के लिए कांग्रेसियों को कई मोर्चों पर काम करना पड़ रहा है। प्रदेश कांग्रेस के सभी बड़े पदाधिकारी पेन्ड्रा और बिलासपुर में डटे हुए हैं। 

    आखिर मिला राहुल के लिए मांगा गया स्टेडियम 
    बिलासपुर, 12 मई। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बिलासपुर में आयोजित बूथ कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम के लिए बहतराई स्टेडियम में सभा करने की अनुमति जिला प्रशासन ने दे दी है। कांग्रेस की प्राथमिकता यहीं सभा कराने की थी।  कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय ने बताया कि आज दोपहर एसडीएम बिलासपुर से अनुमति पत्र शहर कांग्रेस कमेटी को जारी कर दिया गया है। सभा की तैयारी के लिए पहुंचे राष्ट्रीय सचिव अरुण उरांव ने स्टेडियम का अवलोकन किया और तैयारी के लिए आवश्यक निर्देश दिया। उरांव इसके बाद कोटमी, पेन्ड्रा रवाना हुए जहां राहुल गांधी  का आदिवासी  सम्मेलन आयोजित है। उनके साथ   प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव, पूर्व राज्यसभा सदस्य इन्ग्रेड मैक्लॉउड, शेख गफ्फार, अशोक अग्रवाल,रामशरण यादव, विजय पांडे, विवेक बाजपेयी, विजय केशरवानी, नरेंद्र बोलर, अजय सिंह, प्रमोद नायक, एस पी चतुर्वेदी आदि भी हैं। 

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Posted Date : 11-May-2018
  • अवैध कब्जे को हटाने गए थे, जानलेवा हमला, गाड़ी पर पथराव

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 11 मई।  आम रास्ते पर किये गए अवैध कब्जा  हटाने गए नायब तहसीलदार संजय राठौर पर संसदीय सचिव और क्षेत्रीय विधायक तोखन साहू के समर्थकों ने जानलेवा हमला कर दिया। बाद में कथित तौर पर संसदीय सचिव ने खुद फोन कर उन्हें धमकी दी। इसकी सूचना कलेक्टर, एडिशनल एसपी और लालपुर थाने को  दी गयी है। इस मामले के बाद नायब तहसीलदार तीन दिनों की छुट्टी पर चले गये तथा साथ ही तबादले के लिए गुहार लगी है। 
    इधर तोखन साहू ने कहा कि मैंने राठौर को किसी तरह की धमकी नहीं दी है। चाहें तो मामले की जांच करा लें। 
    नायब तहसीलदार संजय राठौर ने बताया कि घटना गुरुवार की सुबह तकरीबन साढ़े 9 बजे की है। हाईकोर्ट के आदेश और ग्रामीणों की शिकायत पर वे लोरमी के पास एक गांव देवरहट में आम रास्ते पर अवैध कब्जे को हटाने गए थे। बेजाकब्जा हटाने ग्रामीणों से बातचीत कर रहे थे, तभी वहां कुछ लोग कार्यवाई का विरोध करने लगे। इनमें से एक देवेंद्र कुमार साहू भी था।  उसने अपने आपको संसदीय सचिव और लोरमी विधायक तोखन साहू का करीबी बताया। उसने फोन लगाकर तोखन साहू से बात भी करानी चाही, पर राठौर ने कहा कि अगर विधायक को बात करनी होगी, तो वे मुझे मेरे नंबर पर कॉल कर लेंगे। मैंने देवेंद्र के मोबाइल से बात करने से इंकार कर दिया। इसके बाद वे सभी वहां से लौट आये। 
    नायब तहसीलदार राठौर ने बताया कि उसके बाद वहां उपस्थित कुछ लोग गाली गलौज करने लगे, तो मैंने अपने ड्राइवर से कहा कि लौटने के लिए गाड़ी लगा ले। वहां से लौटते समय देवरहट गाँव के बीच में ही पहुंचे थे, कि देवेंद्र और उनके साथियों ने हमारी गाड़ी पर पथराव करना शुरू कर दिया। गाड़ी को लाठी और डंडे से पीटा गया। मैंने ड्राइवर को कहा कि गाड़ी को लालपुर थाने की तरफ ले चले। 
    तहसीलदार राठौर ने बताया कि जब लौट रहे थे तब मेरे मोबाइल पर संसदीय सचिव तोखन साहू का 98935-93068 नंबर से कॉल आया। उन्होंने मुझे धमकाते हुए कहा कि तुम कितने बड़े तोपचन्द हो मैं देख लूंगा, तुम लोरमी पहुंचो तो बताता हूँ। थाने पहुंचकर राठौर ने इस घटना की विस्तृत जानकारी दी।  राठौर ने बताया कि उन्होंने इस घटना 

    की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भी दे दी है।  अभी जिला मुख्यालय मुंगेली में हूँ। लोरमी में स्थिति तनावपूर्ण है, स्थिति को ध्यान में रखते हुए मंैने तीन दिन की छुट्टी ली है और स्थानांतरण के लिए कोशिश कर रहे हैं। आगे वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन के बाद निर्णय लिया जाएगा। 

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Posted Date : 11-May-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 11 मई। आदिवासी युवती को बंधक बनाकर प्रताडि़त करने के आरोपी एएसआई ने अपने खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने पर युवती के पिता और रिश्तेदारों को बुलाकर घंटों बंधक बना रखा था और झूठे शपथ पत्रों में दस्तखत कराए थे। इस मामले में पुलिस ने एएसआई सहित चार के खिलाफ अपहरण का  अपराध भी दर्ज कर लिया है। 
    मालूम हो कि सिविल लाइन के एएसआई शैलेन्द्र सिंह (अब निलम्बित) और उसकी पत्नी शशि सिंह के खिलाफ पुलिस ने बीजापुर की मुन्नी पुनेम को घर पर बंधक बनाकर रखने और शारीरिक मानसिक प्रताडऩा देने के मामले में अजा-जजा अत्याचार अधिनियम सहित अन्य अपराधों में जुर्म दर्ज किया है। अपने आप को बचाने के लिए शैलेन्द्र सिंह ने मुन्नी के पिता छन्नू  को झांसा देकर बीजापुर से बुलाया। छन्नू अपने अन्य रिश्तेदारों के साथ यहां पहुंचा तो उन्हें दुर्ग, कवर्धा, रायपुर आदि ले जाकर कई झूठे शपथ-पत्रों में हस्ताक्षर कराए। 
    इस साजिश में शामिल एएसआई के साले पंकज सिंह, एएसआई की पत्नी शशि सिंह और गाड़ी के ड्राइवर के खिलाफ अपहरण का अपराध दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने कल शाम एएसआई की पत्नी का भाई पंकज सिंह को गिरफ्तार कर लिया, जबकि आरोपी सिंह दंपत्ति फरार है। पुलिस ने उन्हें पकडऩे के  लिए टीम बनाई है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के बस्तर में छिपे होने की संभावना है।  

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Posted Date : 09-May-2018
  • सिपाही की बेटी स्वाति बनना चाहती है डॉक्टर

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 9 मई। सिपाही पिता और गृहिणी माता की बेटी संध्या कौशिक ने कम फीस वाले अर्ध-शासकीय स्कूल में पढ़कर 12वीं के टॉप टेन में दूसरे स्थान पर जगह बनाई है। संध्या का कहना है कि निश्चित योजना बनाकर पढ़ाई की जाए तो अच्छे नंबर लाए जा सकते हैं। वह बड़ी होकर डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा करना चाहती है।  बिलासपुर का 12वीं में शानदार प्रदर्शन रहा। कुल 9 विद्यार्थियों ने मेरिट लिस्ट में जगह बनाई। 10वीं की सूची में भी अनुराग दुबे ने तीसरे स्थान पर जगह बनाई है। 
    कुदुदंड माता चौरा के पास रहने वाले उमाकांत कौशिक पुलिस विभाग में आरक्षक हैं, पत्नी मंदाकिनी देवी गृहणी हैं। उनका परिवार आज सुबह छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल का रिजल्ट घोषित होने पर झूम उठा। उनकी बेटी संध्या को 97.40 प्रतिशत अंकों के साथ प्रावीण्य सूची में दूसरा स्थान मिला है। 
    'छत्तीसगढ़Ó से बात करते हुए संध्या ने बताया कि वह शुरू से पढ़ाई में रूचि रखती है। दसवीं बोर्ड में भी उसे उम्मीद थी कि टॉप टेन में जगह बन जाएगी लेकिन मामूली अंकों से पीछे रह गई। इस बार उसने अच्छी तैयारी की, ट्यूशन भी लिया और घर पर भी पढ़ाई की। परिवार और शिक्षकों का सहयोग मिला। संध्या का कहना है कि सरकारी स्कूलों में भी प्रतिभावान बच्चे होते हैं लेकिन शिक्षकों और छात्रों में समर्पण भाव की कमी के कारण कई बार वे आगे नहीं आ पाते। 
    संध्या की रुचि सिर्फ पढ़ाई में थी। वह दस पंद्रह मिनट के लिए टीवी जरूर फ्रेश होने के लिए देख लेती थी, लेकिन टीवी इंटरनेट आदि की लत नहीं है। वह इंटरनेट पर यू ट्यूब में सिर्फ कोर्स से संबंधित कठिनाईयों के लिए टिप्स देखती हैं। 
    हेमन्त का सपना इंजीनियर बनने का 
    ग्लोबल पब्लिक स्कूल दयालवंद के छात्र हेमन्त साहू ने बताया कि वह टॉप टेन में शीर्ष पर आना चाहता था, लेकिन जो जगह मिली है वह भी कम नहीं है। हेमन्त 96.80 प्रतिशत अंक के साथ मेरिट लिस्ट में चौथे स्थान पर हैं। हेमन्त मेकेनिकल इंजीनियर बनना चाहते हैं। हेमन्त यहां हॉस्टलमें रहकर पढ़ाई करते थे। सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर थे। दसवीं कक्षा में भी उसे मेरिट में जगह मिली थी। वे रोज दो तीन घंटे की पढ़ाई अनिवार्य रूप से करते थे। 
    बिलासपुर से टॉप टेन में जगह बनाने वाले अन्य छात्र-छात्राओं में ग्लोबल पब्लिक स्कूल दयालबंद के कपिल साहू 96.80 प्रतिशत के साथ पांचवे स्थान पर हैं। जिले के कोटा के सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र आयुष सिंह ठाकुर 96 प्रतिशत के साथ सातवें स्थान पर हैं। अदिति पांडे को भी सातवें स्थान पर जगह मिली है। सरस्वती शिशु मंदिर यदुनंदन नगर की अदिति को भी 96 प्रतिशत अंक मिले हैं। ग्लोबल पब्लिक स्कूल के ही प्रकाश कुमार को आठवें स्थान पर जगह मिली है। सरस्वती शिशु मंदिर सरकंडा के शुभम् विश्वकर्मा को 9वें स्थान पर जगह मिली। उनका प्रतिशत 95.60 रहा। 10वें स्थान पर सरस्वती शिशु मंदिर तिलकनगर के अमित कुमार को 95.20 प्रतिशत अंकों के साथ जगह मिली। सुरुचि साहू भी ग्लोबल पब्लिक स्कूल की छात्रा है जिन्हें 95.20 अंकों के  साथ 10वां स्थान मिला। 


     

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Posted Date : 04-May-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 4 मई। जलकी जमीन घोटाले में आज हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर दो हफ्ते के भीतर आर्थिक अपराध शाखा की ओर से की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है।
    महासमुंद जिले के बहुचर्चित जमीन घोटाले में कांग्रेस नेता किरणमयी नायक द्वारा दायर की गई याचिका पर चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन और जस्टिस शरद गुप्ता की युगल पीठ में सुनवाई हुई। इसके बाद राज्य शासन को 15 दिन का समय देते हुए कोर्ट ने नायक और अन्य लोगों द्वारा ईओडब्ल्यू से की गई शिकायत पर हुई अब तक की कार्रवाई का ब्योरा मांगा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा पैरवी कर रहे हैं। 
    मालूम हो कि याचिकाकर्ता किरणमयी नायक ने याचिका में कैबिनेट मंत्री बृजमोहन अग्रवाल पर  जमीन की अवैध खरीदी का आरोप लगाया है। उन्होंने याचिका में कहा है कि न केवल सरकार को दान दी गई जमीन की अवैध तरीके से खरीदी की है बल्कि सरकारी जमीन पर भी कब्जा कर लिया गया है।  

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Posted Date : 30-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 30 अप्रैल। मुम्बई से हावड़ा जा रही साप्ताहिक सुपर फास्ट स्पेशल ट्रेन की  दो बोगियां जांजगीर-चाम्पा के पहले सारागांव के पास आपस में अलग हो गई। इससे यात्री दहशत में आ गए। ट्रेन करीब एक घंटे देर से रवाना हुई। 
    रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. प्रकाश चंद्र त्रिपाठी का कहना है कि सुबह 10 बजे ट्रेन क्रमांक 12869 की  बोगी संख्या एस 7 और एस 8 के बीच नकल ब्रोकन की घटना हुई है। दोनों बोगियों को जोडऩे वाला हुक टूट गया, जिसके कारण ट्रेन सारागांव एवं चाम्पा के बीच रुकी रही। रेलवे स्टाफ ने मरम्मत कर दोनों बोगियों को जोड़ा, जिसके बाद ट्रेन आगे रवाना की गई। त्रिपाठी का कहना है कि करीब एक घंटे तक ट्रेन दुर्घटना स्थल पर रोककर रखी गई थी, हालांकि किसी भी ट्रेन की आवाजाही पर इसका असर नहीं हुआ। बोगियों के अलग हो जाने से यात्री दहशत में आ गए। हालांकि किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं पहुंची। 
    दुर्ग-फिरोजपुर-दुर्ग अन्तोदय साप्ताहिक एक्सप्रेस एक मई से चलेगी 
     रायपुर रेलवे स्टेशन से दुर्ग-फिरोजपुर-दुर्ग नई यात्री गाड़ी सेवा अन्तोदय एक्सप्रेस को एक मई को हरी झंडी दिखाई जाएगी। यह गाड़ी 02895 रायपुर फिरोजपुर अन्तोदय एक्सप्रेस के रूप में एक मई मंगलवार को ओपन टाइमिंग के अनुसार 11.30 बजे रायपुर से रवाना की जाएगी जो बिलासपुर, पेंड्रा रोड, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी मुड़वारा, सागर, दमोह, झांसी, दिल्ली सफदरगंज, रोहतक, जींद, जकाल, मनसा, भटिंडा, फरीदकोट होकर फिरोजपुर बुधवार शाम 18 बजे पहुंचेगी। 
    दुर्ग फिरोजपुर दुर्ग अन्तोदय एक्सप्रेस सेवा पूर्णतया अनारक्षित यात्री गाड़ी सेवा है। अन्तोदय एक्सप्रेस में सीसीटीवी कैमरे, स्वच्छ पानी के लिए एक्वा गार्ड, सूचना हेतु डिजिटल डिस्प्ले, जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है।  इस गाड़ी में 16 सामान्य कोच व 2 जनरेटर कोच सहित कुल 18 कोच रहेगें तथा अनारक्षित सुपरफास्ट 
    गाड़ी होने के कारण केवल साधारण टिकट (जनरल द्वितीय श्रेणी टिकट) ही जारी किये जायेगें। इस गाड़ी में यात्रियों विशेष आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। इस गाड़ी हेतु साधारण टिकट भाड़ा अन्य गाडिय़ों के साधारण टिकट के मूल भाड़े की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक होंगे।
     नियमित रुप से प्रत्येक सप्ताह 22895 दुर्ग फिरोजपुर साप्ताहिक अन्तोदय एक्सप्रेस दुर्ग से 6 मई 2018 रविवार को दुर्ग से 7.10 बजे रवाना होकर रायपुर 7.45 बजे पहुंच कर 7.50 बजे रवाना होगी, 9.40 पर बिलासपुर पहुंचेगी 11.35 बजे पेंड्रा रोड, 12.15 बजे अनूपपुर, 13.04 बजे शहडोल, 14.03 बजे उमरिया, 15.30 बजे कटनी मुड़वारा, 16.58 बजे दमोह, 17.58 बजे सागर, 21.30 बजे झांसी 4.35 बजे दिल्ली सफदरगंज, 5.58 बजे रोहतक, 6.45 बजे जींद, 8.20 बजे जकाल, 8.53 बजे मनसा, 10.45 बजे भटिंडा, 12.15 बजे फरीदकोट, सोमवार को 13.00 बजे फिरोजपुर कैंट पहुंचेगी।
     22896 फिरोजपुर-दुर्ग साप्ताहिक अन्तोदय एक्सप्रेस फिरोजपुर से 8 मई 2018 मंगलवार को 00.20 रवाना होगी 00.47 बजे फरीदकोट, 1.55 बजे भटिंडा, 2.54 बजे मनसा, 3.40 बजे जकाल, 4.45 बजे जींद, 6.00 बजे रोहतक, 7.45 बजे दिल्ली सफदरगंज, 14.20 बजे झांसी 18.13 बजे सागर, 19.13 बजे दमोह, 21.15 बजे कटनी मुड़वारा, 22.30 बजे उमरिया, 23.33 बजे शहडोल 00.10 बजे अनूपपुर 00.46 बजे पेंड्रा रोड, 03.20 बजे बिलासपुर 05.30 बजे रायपुर बुधवार को 6.30 बजे दुर्ग पहुंचेगी। 

     

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Posted Date : 26-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 26 अप्रैल।  बिल्हा और दाधापारा के बीच 29 एवं 30 अप्रैल को तथा 6 और 7 मई को रेल लाइन पर ट्रैफिक और पॉवर ब्लॉक किया जाएगा। इसके कारण कई ट्रेनें प्रभावित होंगी। 
    28 अप्रैल एवं 5 मई को सारनाथ एक्सप्रेस छपरा से बिलासपुर तक ही चलेगी और इसी दिन यह बिलासपुर से ही छपरा के लिए रात्रि में रवाना होगी। सारनाथ एक्सप्रेस बिलासपुर से दुर्ग के बीच रद्द रहेगी। बरौनी गोंदिया एक्सप्रेस 28 अप्रैल एवं 5 मई को उसलापुर और गोंदिया के बीच रद्द रहेगी। यह ट्रेन उसलापुर तक आएगी और 30 अप्रैल तथा 7 मई को यहीं से बरौनी रवाना होगी। 28 अप्रैल एवं 5 मई को अम्बिकापुर से छूटकर दुर्ग जाने वाली एक्सप्रेस उसलापुर में समाप्त होगी और 6 मई को यहीं से वापस अम्बिकापुर रवाना होगी। यह ट्रेन उसलापुर से दुर्ग के बीच रद्द रहेगी। 
    29 अप्रैल एवं 6 मई को टाटानगर-इतवारी पैसेंजर भी बिलासपुर में समाप्त होगी। यह बिलासपुर से इतवारी के बीच एवं इतवारी से बिलासपुर के बीच रद्द रहेगी। 30 अप्रैल एवं 7 मई को गेवरा रोड रायपुर पैसेंजर बिलासपुर रायपुर के बीच रद्द रहेगी। 30 अप्रैल एवं 7 मई को रायपुर से इतवारी तथा इतवारी से रायपुर पैसेंजर एक मई और 8 मई को रद्द रहेगी। एक एवं 8 मई को रायपुर से बिलासपुर पैसेंजर रद्द रहेगी। 
    हावड़ा मुम्बई मेल 29 एवं 30 अप्रैल को तथा 6 एवं 7 मई को बिलासपुर में 15 मिनट रोकी जाएगी। अहमदाबाद हावड़ा एक्सप्रेस 29 एवं 30 अप्रैल को तथा 6 एवं  7 मई को भाटापारा एवं बिल्हा में 45 मिनट रोकी जाएगी। मुम्बई हावड़ा गीतांजली एक्सप्रेस 29 तथा 30 अप्रैल एवं 6 तथा 7 मई को रायपुर में 30 मिनट रोकी जाएगी। 
    चांपा स्टेशन में ठहराव
     पुणे से सांतरागाछी के लिए चलने वाली सुपर फास्ट स्पेशल का अस्थायी रूप से चांपा स्टेशन में ठहराव शुरू किया गया है। सांतरागाछी से पुणे के लिए छूटने वाली ट्रेन सुबह 3.43 को तथा पुणे से सांतरागाछी के लिए छूटने वाली ट्रेन सुबह 8.25 को दो मिनट का ठहराव चाम्पा में दिया गया है। 
    मेमू लोकल का समय बढ़ा
     रायगढ़ से बिलासपुर के बीच चलने वाली मेमू लोकल का बिलासपुर पहुंचने का समय 20 मिनट बढ़ा दिया गया है। पहले यह ट्रेन 15.25 बजे रायगढ़ से छूटकर 18.20 को बिलासपुर पहुंचती थी, अब यह 18.40 को बिलासपुर पहुंचेगी। 

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Posted Date : 25-Apr-2018
  • हाईकोर्ट ने शासन की नीलामी प्रक्रिया को सही ठहराया 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 25 अप्रैल। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तेंदूपत्ता नीलामी में घोटाले का आरोप लगाते हुए दायर जनहित याचिका खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने शासन की नीलामी प्रक्रिया को सही ठहराया है। ई.टेंडरिंग में गड़बड़ी को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में पहली बार याचिका दायर की गई थी। 
    याचिकाकर्ता संतकुमार नेताम ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार और लघु वनोपज संघ ने नियमों को ताक पर रखकर तेंदूपत्ते की नीलामी कराई। सर्वाधिक ऊंची बोली बोलने वाले निविदाकारों को तेंदूपत्ता का विक्रय करने के बजाय कम दर पर बोली लगाने वालों को तेंदूपत्ता बेच दिया गया, जिससे शासन को करीब 300 करोड़ का नुकसान हुआ है। यह नुकसान तेंदूपत्ता संग्राहकों का भी है क्योंकि उन्हें बिक्री की कीमत का लाभांश भी मिलता है। 11 अप्रैल को मामले की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फेडरेशनए राज्य सरकार और नीलामी में भाग लेने वाले व्यापारियों को नोटिस जारी किया था। 
    हाईकोर्ट के उप.महाधिवक्ता आशुतोष कछवाहा ने बताया कि कोर्ट में शासन और फेडरेशन का पक्ष रखा गया। नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर की गई आपत्ति पर शासन ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की गई है। प्रत्येक बोली के साथ निविदाकार को अमानत राशि भी जमा करनी होती है। सर्वाधिक ऊंची बोली लगाने वाले व्यापारी  प्रदेश के 518 लॉटों में से 19 लॉटों की बोली ही उनके द्वारा जमा की गई अमानत राशि के आधार पर मान्य की गई। उसके बाद उनकी पात्रता खत्म हो गई। इसके बाद द्वितीय क्रम और उसके बाद के क्रम वाले निविदाकारों की निविदा स्वीकृत की गई। 
    शासन की ओर से बीते कई वर्षों का तथा कई अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए आंकड़ों से यह भी बताया गया कि तेंदूपत्ता एक ऐसा उत्पादन है जिसके दर में हर साल काफी उतार-चढ़ाव आता है। सन् 2017 में ऊंची बोली लगी थी, पर पिछले साल का बहुत सारा तेंदूपत्ता अभी भी गोदामों में रखा है, इसलिए इस साल बोली पिछले साल से कम रही। सन् 2007ए 2012 और 2017 में ऊंची बोली के पीछे यही कारण थे। छत्तीसगढ़ सहित कुल 10 राज्यों में तेंदूपत्ता का संग्रहण होता है। छत्तीसगढ़ में पिछले साल के मुकाबले सिर्फ  26 प्रतिशत नीचे पर तेंदूपत्ता की नीलामी हुई है, जबकि आंध्रप्रदेश में 74 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 52 प्रतिशत तथा तेलंगाना में 68 प्रतिशत कम दाम पर तेंदूपत्ता का उठाव हो रहा है। इन सब राज्यों के मुकाबले छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता की दर सर्वाधिक 5848 रुपए प्रति मानक बोरा है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को भी राज्य में सर्वाधिक भुगतान किया जाता है। पिछले साल के मुकाबले इसे 1800 रुपए मानक दर से बढ़ाकर 2500 रुपए कर दिया गया है। जबकि झारखंड में यह 1175 रुपएए आंध्रप्रदेश में 1700 रुपएए मध्यप्रदेश में 1200 रुपए तेलंगाना में अलग-अलग श्रेणियों के पत्तों पर 1800 रुपए तक का सबसे अधिक भुगतान किया जाता है। 
    उप.महाधिवक्ता ने बताया कि पहले ई टेंडरिंग में वेट टैक्स आदि से संबंधित याचिकाएं हाईकोर्ट में आई हैं लेकिन पहली बार ई.टेंडर की प्रक्रिया को लेकर याचिका दायर की गई। शासन की ओर से अधिवक्ता ने कहा था कि यह जनहित याचिका नहीं है बल्कि राजनीतिक कारणों से इसे लाया गया है। 
    याचिका पर जल्द सुनवाई का आग्रह किया गया था क्योंकि तेंदूपत्ता संग्रहण में विलंब होने से इसके खराब होने की आशंका थी, जिसका सीधा नुकसान संग्राहकों को होने वाला था। बस्तर में संग्रहण का काम 20 अप्रैल से ही शुरू हो चुका है। इस मामले की सुनवाई 10 दिन में पूरी कर कोर्ट ने फैसला दिया है। अब तेंदूपत्ता संग्रहण की सभी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से चलेंगी। 
    कोर्ट की ओर से कहा गया कि ई.टेंडर की प्रक्रिया और तेंदूपत्ता के दरों और संग्रहण की मात्रा पर विगत वर्षों में भिन्नता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। अन्य राज्यों में तेंदूपत्ता के दरों का ब्योरा दिया गया है। इसलिए बिना किसी संदेह के इस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है कि फेडरेशन या राज्य शासन के अधिकारियों ने नीलामी में कोई भ्रष्ट प्रक्रिया नहीं अपनाई है। तेंदूपत्ता के दरों में कमी आना बाजार की स्थिति पर निर्भर है। याचिकाकर्ताओं की याचिका खारिज की जाती है। हाईकोर्ट में जस्टिस प्रशान्त मिश्रा और जस्टिस आरपी शर्मा की कोर्ट में याचिका सुनी गई। 

     

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Posted Date : 20-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 20 अप्रैल। सरकार के मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की मुश्किलें  बढ़ सकती हैं। शुक्रवार को रिसॉर्ट के लिए महासमुंद के जलकी में आदिवासियों की जमीन खरीद मामले में दायर जनहित याचिका पर कोर्ट ने महाधिवक्ता के माध्यम से राज्य सरकार से जवाब मांगा है। उन्हें दो हफ्ते के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। 
    कांग्रेस नेता श्रीमती डॉ. किरणमयी नायक और उनके पति विनोद नायक ने जुलाई 2017 में इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री, मुख्य सचिव सहित प्रदेश के आर्थिक अपराध शाखा को की थी। उनकी ओर से याचिका दाखिल करने वाले अधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा ने बताया कि महासमुंद जिले के ग्राम जलकी में किया गया यह कब्जा 10-12 साल पुराना है, जिसकी जानकारी 2016 में लोगों को हुई। उसके बाद विभिन्न जांच एजेंसियों को इसकी शिकायत ग्रामवासियों सहित याचिकाकर्ताओं ने की थी। शिकायत के 10 माह बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई और यह फाइल ही बंद कर दी गई। इसे लेकर हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका स्वीकार कर ली गई है। शासन की ओर से जवाब देने के लिए आज महाधिवक्ता कोर्ट में प्रस्तुत हुए, जिनके माध्यम से राज्य सरकार को दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। 
    इस मामले में शिकायत यह भी थी कि फार्महाउस में बिजली से लेकर सारे संसाधन सरकारी हैं। 
    याचिका में कहा गया कि मजरे-टोलों के नाम पर इस फार्महाउस में खंभे लगाकर बिजली पहुंचाई गई। फार्महाउस के लिए खरीदी गई 15.321 हेक्टेयर (करीब 40 एकड़) जमीन अब भी रिकार्ड में सरकारी जमीन के रूप में दर्ज है। यह रजिस्ट्री मंत्री की पत्नी सरिता अग्रवाल के अलावा पुत्र अभिषेक अग्रवाल और करीबियों के नाम पर खरीदी गई । तीन सौ एकड़ के इसी फार्महाउस के दायरे में वह 4.12 हेक्टेयर जमीन भी है, जिसे 1994 में विष्णु साहू और उसके भाइयों किशुन साहू और कृषलाल साहू ने जल संसाधन विभाग को दान में दिया था। इस फार्महाउस में एक रिसार्ट तथा दो बड़े निर्माण हैं। मामले में पूर्व विधायक अग्नि चंद्राकर ने भी आरोप लगाया था कि सरकारी सड़क को मंत्री के परिजन ने अपने फार्महाउस में मिला लिया है। 
    यह भी कहा गया कि मंत्री के प्रभाव के चलते सरकारी जमीनों का अतिक्रमण किया गया। इसकी शिकायत एंटीकरप्शन ब्यूरों से भी की गई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद याचिकाकर्ताओं की तरफ से मुख्य सचिव को भी ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई के लिए कहा गया था। कोई कार्रवाई न होने पर मुख्य सचिव को रिमाइंडर दिया गया। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। याचिकाकर्ताओं ने स्वतंत्र एजेंसी से प्रकरण की जांच की मांग की है। 
    याचिकाकर्ता श्रीमती डॉ. किरणमयी नायक ने 'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा में कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और उनके परिजनों के खिलाफ एसीबी ने तुरंत एक्शन लेकर प्रकरण दर्ज कर लिया है लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। जबकि भ्रष्टाचार के साथ-साथ अपराधिक और राजस्व नियमों का उल्लंघन  का प्रकरण भी दर्ज किया जाना चाहिए था।  

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Posted Date : 16-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 16 अप्रैल।  भरनी स्थित सीआरपीएफ कैम्प के एक अधिकारी पुष्पेन्द्र बघेल (45 वर्ष) ने अपनी सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।  
    घटना आज सुबह की है। मृतक बघेल यहां असिस्टेंट प्लाटून कमांडर थे। बिलासपुर पुलिस घटना की जांच करने के लिए वहां पहुंच गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और इस आत्मघाती कदम की क्या वजह हो सकती है, इसका पता लगाया जा रहा है। घटनास्थल को सील कर दिया गया है। 
    सहयोगी जवानों का कहना है कि वह पिछले कुछ दिन से अवसादग्रस्त था। जवान मध्यप्रदेश के कटनी का रहने वाला बताया गया है। घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है। जवान के परिवार को भी सूचना भेजी गई है। डीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि घटना आज सुबह की है। जवान ने अपनी गर्दन में लगातार दो फायर किए, जिससे कुछ ही क्षण में उसकी मौत हो गई। 

     

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Posted Date : 09-Apr-2018
  • कोर्ट में याचिका की सुनवाई के बाद कमिश्नर की नियुक्ति की
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 9 अप्रैल। गेवरा से पेंड्रारोड रेल कॉरिडोर में बिना अनुमति सैकड़ों हेक्टेयर वन भूमि को नष्ट करने की जांच के  लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल कोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है। कॉरिडोर का यह काम कोरबा सांसद बंशीलाल महतो के बेटे की कंपनी को मिला है। 
    वन भूमि पर बिना अनुमति निर्माण कराने को लेकर अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने एनजीटी दिल्ली में एक याचिका दायर की है। श्रीवास्तव ने बताया कि गेवरा से पेंड्रारोड तक रेल कॉरिडोर बिछाने में 5000 करोड़ की लागत आनी है, जिसके पहले चरण के कार्य के लिए अंतिम छोर पेंड्रारोड से 34 किलोमीटर तक रेल बेड बिछाने का काम विकास महतो की कंपनी डीवी प्रोजेक्ट और गावर कंपनी हिसार को संयुक्त रूप से मिला है। हालांकि स्थल पर सिर्फ डीवी कंपनी ही काम कर रही है। यह सघन और छोटे झाड़ का जंगल हैं। 
    कई बार केन्द्र और रेलवे को शिकायत करने पर कार्रवाई नहीं होने पर दिसंबर 2016 में श्रीवास्तव ने एनजीटी में याचिका दायर कर बताया कि वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की अनुमति के बगैर ही बड़ी संख्या में जंगल को नष्ट किया जा रहा है। कॉरिडोर एसईसीएल, रेलवे और छत्तीसगढ़ के संयुक्त उपक्रम द्वारा तैयार किया जा रहा है। श्रीवास्तव के अनुसार उनके याचिका दायर किए जाने के बाद इन तीनों ने एनजीटी में झूठा शपथ-पत्र दिया है कि वन भूमि पर कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है। इस पर आपत्ति व्यक्त करते हुए श्रीवास्तव ने एनजीटी में कई दस्तावेज सौंपे जिसमें यह दर्शाया गया है कि बड़ी संख्या में इस निर्माण कार्य के लिए पेड़-पौधे काटे गए हैं। उन्होंने इसकी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। सरकार के विरोध के बावजूद एनजीटी ने 6 अप्रैल की सुनवाई में जांच के लिए एक कोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति कर दी है। 
    दिल्ली के एडवोकेट संदीप मिश्रा को एनजीटी ने यह कार्य सौंपा है और 15 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। वे इस बीच रेल कॉरिडोर इलाके का दौरा करेंगे और उसके बाद रिपोर्ट तैयार करेंगे। एनजीटी ने कलेक्टर को उनके प्रवास की सारी व्यवस्था करने, राजस्व और वन विभाग को आवश्यक सहयोग देने का निर्देश भी दिया है। 
    चांपा से बिलासपुर के बीच यात्री ट्रेनों का भारी दबाव है। इसलिए गेवरा से कटनी मार्ग पर कोयला परिवहन के लिए यह नया मार्ग बनाया जा रहा है। श्रीवास्तव के अनुसार उन्होंने इस परियोजना के मार्ग का पहले ही विरोध किया था। उन्होंने तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु से मिलकर बताया था जिस मार्ग का चयन किया गया है उसमें आबादी बहुत कम और घना जंगल है। इसके बजाय एनटीपीसी सीपत तक के लिए आई रेल लाइन को ही आगे बेलगहना तक बढ़ा दिया जाए, इससे आबादी वाले नए गांव भी रेल मार्ग से जुड़ेंगे और लागत भी कम हो जाएगी। जंगलों को भी कोई नुकसान नहीं होगा। 
    इसके विपरीत गेवरा-पेन्ड्रारोड लाइन जो पहले सिंगल थी, उसे अब डबल कर दिया गया है। वन भूमि पर क्लीयरेंस हाल ही में 31 मार्च को दी गई है, जबकि वनों की कटाई डेढ़ साल से हो रही है। सिंगल लाइन में जहां 500 हेक्टेयर वन भूमि को दर्शाया गया था, वहीं डबल लाइन में आश्चर्यजनक रूप से इसे घटाकर पहले से भी कम 453 हेक्टेयर कर दिया गया है। श्रीवास्तव ने इसे आंकड़ों में हेराफेरी किया जाना बताया है। 

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Posted Date : 29-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 29 जनवरी। सहकारी बैंक में अध्यक्ष और सीईओ के बीच चल रहा विवाद ठहरने का नाम नहीं ले रहा है। आज अध्यक्ष ने सीईओ के बंद कमरे की चाबी नहीं दिए जाने से अध्यक्ष ने वहां ऊपर से अपना ताला लगा दिया। सीईओ ने कहा है कि वे इसे लेकर कानूनी कार्रवाई करेंगे। 
    जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक में अध्यक्ष मुन्ना लाल राजवाड़े सहित पूरे संचालक मंडल को न्यायालय के आदेश के बाद बहाल कर दिया गया था। दो माह पहले उन्होंने अपना चार्ज भी ले लिया। इसके बाद पहली ही बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक तिवारी को हटाकर उनकी जगह एक शाखा प्रबंधक विकास गुरुद्वान को प्रभारी बना दिया गया। इस बैठक को संयुक्त पंजीयक सहकारी सेवाएं ने अवैध बताया था, क्योंकि बैठक उनकी सूचना के बगैर ली गई थी। तिवारी ने अपने खिलाफ संचालक मंडल के आदेश को लेकर न्यायालय की शरण ली थी, इसके बावजूद तिवारी को चार्ज नहीं दिया जा रहा था। गुरुद्वान को ही अध्यक्ष ने जिम्मेदारी दे रखी थी। इस दौरान तिवारी ने अपने कक्ष में खुद का ताला लगा रखा था। बाद में सहकारी बैंक के कर्मचारियों ने अध्यक्ष राजवाड़े का उनके कक्ष में घेराव कर दिया और तिवारी को ही प्रभार देने की मांग की। इसके बाद बीते 15 दिन से तिवारी कार्यालय पहुंचकर अपने कक्ष में बैठकर काम कर रहे हैं। 
    जानकारी के अनुसार आज सुबह सीईओ तिवारी के भृत्य से अध्यक्ष की ओर से भेजे गए कर्मचारी ने कक्ष की चाबी मांगी। भृत्य ने सीईओ की अनुमति के बिना चाबी देने से इन्कार कर दिया। इससे नाराज अध्यक्ष ने अपने कर्मचारियों को भेजकर एक नया ताला सीईओ कक्ष के ताले के ऊपर लगा दिया। 
    इस बारे में बात करने पर अध्यक्ष राजवाड़े का कहना था कि हमने कर्मचारियों के दबाव में आकर तिवारी को सीईओ की जिम्मेदारी दे दी थी, पर संचालक मंडल इसका प्रभार विकास गुरुद्वान को देना चाहता है। कक्ष की चाबी नहीं दिए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई है। इधर सीईओ तिवारी ने कहा कि वे आज मंत्रालय रायपुर में है। मेरे कार्यालय में यदि किसी ने अपनी चाबी लगा दी है तो यह कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। इस बारे में वे जरूरी कानूनी कार्रवाई बिलासपुर पहुंच कर करेंगे। 

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Posted Date : 24-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 24 जनवरी।  बहुचर्चित तुर्काडीह पुल घोटाले में एसीबी और  ईओडब्ल्यू की टीम ने लोनिवि के सहायक अभियंता आरके वर्मा को आज सुबह उनके रामावैली स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया है।  आरोपी वर्मा को जिला कोर्ट में पेश किया गया है। 
    तुर्काडीह पुल निर्माण के सात साल में ही जर्जर हो गया था। जाँच पड़ताल के बाद इंजीनियर वर्मा को दोषी ठहराया गया था। ईओडब्ल्यू ने वर्मा के खिलाफ 2016 में चालान पेश किया था, तब से ही फरार थे ।  मामले में ठेका कंपनी के संचालकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। जिसमें आरोपी अभी भी फरार हैं।
    पीडब्ल्यूडी ने 2005 में सुंदरानी कंस्ट्रक्शन को अरपा नदी पर मंगला तुर्काडीह कोनी बाइपास रोड पर 270 मीटर लंबे उच्च स्तरीय पुल के निर्माण का काम सौंपा था। 3 मार्च 2005 को वर्क आर्डर मिलने के बाद 23 जनवरी 2007 को इसे तैयार कर सौंप दिया गया था। पीएस चंदेल तब एसडीओ थे और उसकी देखरेख में ही काम हुआ था। निर्माण पूर्ण होने के बाद चंदेल ने कार्यपालन अभियंता सुरेश खंडेलवाल, उप अभियंता आरके वर्मा और सुंदरानी कंस्ट्रक्शन सहित ठेकेदार मुराली लाल, पीतांबर, नारायण दास व सुनील के साथ मिलकर गुणवत्ता आधारित रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपा था। 
    वर्ष 2008 में लोकार्पण के बाद पुल के पिलर्स में दरारें आ गई और सरिया बाहर निकल आए। जांच में पुल क्षतिग्रस्त पाया गया। भ्रष्टाचार सामने आने पर सरकार ने ईओडब्ल्यू को जांच की जिम्मेदारी सौंपी। इसमें एसडीओपी सहित अभियंता, उप अभियंता व ठेकेदार सहित सात लोगों के खिलाफ धारा 167,168,471,120 बी 13,1 डी 13,2 के तहत एफआईआर दर्ज किया गया था।

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Posted Date : 09-Jan-2018
  • रिपोर्ट और तस्वीर- सत्यप्रकाश पांडेय
    बिलासपुर, 9 जनवरी। कनई से खोंदरा को जोडऩे वाली इस सड़क को देखकर, उसकी गुणवत्ता का आंकलन कीजिये। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवम् विकास योजना के तहत ग्राम कनई को खोंदरा से जोड़ा जा चुका है।
    बनाई गई सड़क की दूरी तीन किमी है, जिस पर लागत 202.1 लाख रुपये आई है। यह जानकारी मौके पर लगे सरकारी बोर्ड के मुताबिक है। सड़क बनाने वाली कंपनी से लेकर क्रियान्वयन एजेंसी तक का नाम बोर्ड पर उल्लेखित है। हालांकि सरकारी बोर्ड पर कई बातों का जिक्र नहीं है, मसलन सड़क कितने किमी बनाई गई। उसके रखरखाव की समय-सीमा वगैरह। 
    सरकार की मंशा के अनुरूप सड़क बनी हुई दिखाई नहीं पड़ती, क्योंकि निर्माण के चंद दिनों बाद की यह तस्वीर बताती है कि लाखों खर्च के बावजूद सड़क की उम्र छह महीने से ज्यादा की नहीं है। धूल में जीरा गिट्टी बिछाकर उस पर तारकोल का छिड़काव कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली अधिकांश सड़कों का यही हाल है।

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Posted Date : 06-Jan-2018
  • स्कूल 8.30 से पहले नहीं खुलेंगे 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 6 जनवरी। बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवात का असर कम होते ही जिले में ठंड बढ़ गई है। मरवाही-पेंड्रा में पारा 6.5 डिग्री तक लुढ़क गया। बीती रात शहर का न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री तक चला गया, जो अमूमन  दूसरे सालों में 9 डिग्री से ऊपर रहा करता है। कड़ाके की ठंड को देखते हुए कलेक्टर ने स्कूलों के सुबह खुलने का समय 8.30 बजे कर दिया है। 
    बंगाल की खाड़ी में चक्रवात आने के बाद दिसम्बर के आखिरी हफ्ते में बिलासपुर का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री के पास रहा। पिछले दो दिनों से इस चक्रवात के चलते छाए बादल छंट चुके हैं। आसमान खुलते ही उत्तर भारत से आ रही शीत लहर का असर दिखाई देने लगा है। 3 जनवरी को रात तीन बजे के आसपास न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं आज न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री तक उतर गया। शहर के समीप गावों में भी पारा 8 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। अमरकंटक की तराई के नीचे बसे मरवाही और पेंड्रारोड तहसीलों में भी और गिरकर 6.6 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिक उमेश रायक्वपर्णा का कहना है कि अभी दो तीन दिन यही स्थिति रहने की संभावना है। 
    दूसरी ओर कलेक्टर पी. दयानंद ने कल शाम जारी कर स्कूलों के 

    सुबह खुलने का समय 8.30 निर्धारित कर दिया है। इसका पालन सभी सरकारी और निजी स्कूलों को करना होगा। जिला शिक्षा अधिकारी को इस बारे में निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश आज 6 जनवरी से लागू किया गया है जो अगले 31 जनवरी तक लागू रहेगा। जिन स्कूलों में दो पालियों में कक्षाएं लगती हैं, वहां शाम पांच बजे तक स्कूल लगाई जा सकेगी। 

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Posted Date : 06-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 6 जनवरी। मरवाही वनमंडल के मरवाही वन परिक्षेत्र में करीब 35 हाथियों का दल पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत  है। हालांकि हाथी किसी तरह का नुकसान नहीं कर रहे हैं और ग्रामीण भी उन्हें उकसाने से बच रहे हैं। 
    हाथियों का दल बीती रात कोरिया, कटघोरा के जंगलों से पसान होते हुए पहुंचा है। यह मरवाही वनमंडल के रुगटा, दानीकुंडी, मटियाडांड़ तथा कोटमी बीट में विचरण कर रहे हैं। हाथियों का झुंड न तो फसलों को रौंद रहा है न ही 
    ग्रामीणों की झोपडिय़ों की तरफ रुख कर रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में एक साथ हाथियों को देखकर ग्रामीण दहशत में जरूर हैं, लेकिन वे हाथियों को उकसाने से बच रहे हैं। पेंड्रा से मरवाही जाने वाली सड़क से गुजरते हुए भी इन हाथियों को देखा जा सकता है। 
    घटनास्थल से होकर आए पत्रकार अखिलेश नामदेव ने बताया कि हाथियों में नर मादा और शावक सभी हैं और घनी बस्ती के पास होने के बाद भी किसी तरह की अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हुई है। पिछले साल भी यहां चार हाथियों का झुंड विचरण करते हुए पहुंचा था और यहां से वापस लौट गया था। 
    वन मंडलाधिकारी माधेश्वरन, रेंजर संजय त्रिपाठी सहित वन विभाग का मैदानी अमला विचरण वाले क्षेत्र में मौजूद हैं। वे रात्रि होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, तब हाथियों के वापस कटघोरा और कोरिया रेंज की तरफ लौट जाने की संभावना है। 

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