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Date : 17-Jan-2020

विधायक ने अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के तहत शहर के विभिन्न वार्डों में विभिन्न विकास कार्यों के लिए भेजे गए 40 लाख के प्रस्ताव पर शासन ने मुहर लगा दी

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 17 जनवरी।
विधायक शैलेश पांडेय के शहर विकास के प्रस्तावों को शासन ने हरी झंडी दिखाई है। विधायक ने अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के तहत शहर के विभिन्न वार्डों में विभिन्न विकास कार्यों के लिए भेजे गए 40 लाख के प्रस्ताव पर शासन ने मुहर लगा दी है। इन पर शासन ने आदेश जारी कर दिया है। 

माह भर पहले शहर विधायक शैलेश पांडेय ने शासन को अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के तहत शहर के कुछ वार्डों में विकास कार्य के लिए राशि प्रदान करने प्रस्ताव भेजा था।  इसमें वार्डों में सामुदायिक भवन निर्माण, पेयजल के लिए बोर खनन एवं स्थापना, शेड निर्माण, स्नानागार का कार्य शामिल किया गया था, विधायक के इस प्रस्ताव पर शासन ने राशि की स्वीकृति सम्बन्धी आदेश जारी कर दिया है। शहर के 11 वार्डों में इस राशि से पेयजल, सामुदायिक भवन, महिलाओं के लिए स्नानागार, नाली निर्माण, शेड निर्माण आदि कार्य स्वीकृत किये गए हैं। 

 

 


Date : 17-Jan-2020

फिल्म फेस्टिवल में छत्तीसगढ़ी और विदेशी भाषा की शार्ट फिल्में भी होंगी, नामांकन जारी  

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 17 जनवरी। छ
त्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा 15 एवं 16 फरवरी को बिलासपुर में पहली बार कानूनी जागरूकता के विषयों पर शार्ट फिल्म प्रतियोगिता और समारोह का आयोजन किया जा रहा है। 

प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पंजीयन प्रारंभ हो चुका है। फिल्म तैयार कर सात फरवरी तक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय, बिलासुर में जमा की जा सकेंगीं। फिल्म फेस्टिवल के लिए चयनित विषयों में मानव तस्करी, बच्चों के अधिकार, बाल श्रम, बाल शिक्षा, नशा उन्मूलन, नशा पीडि़तों के पुनर्वास तथा साइबर क्राइम शामिल हैं। 
छत्तीसगढ़ राज्य में छत्तीसगढ़ी फिल्मों की लोकप्रियता और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित छत्तीसगढ़ बोली को ध्यान में रखते हुए हिन्दी तथा अंग्रेजी भाषाओं की लघु फिल्मों के अलावा छत्तीसगढ़ी भाषा की फिल्मों को अलग वर्ग में शामिल किया गया है। इस वर्ग में तैयार फिल्म के लिए प्रथम पुरस्कार एक लाख रुपये तथा द्वितीय 51 हजार रुपये रखा गया है। इसी प्रकार विदेशी भाषा के फिल्मकारों के अनुरोध पर उनकी फिल्मों को भी प्रतियोगिता में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। 

 

 


Date : 17-Jan-2020

शाला सफाईकर्मियों के लाखों के मानदेय घोटाले में बीईओ निलंबित, सह-आरोपी बनाने आदेश

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 17 जनवरी। स्कूल शिक्षा विभाग ने कोटा के विकासखंड शिक्षा अधिकारी एमएल पटेल को दो करोड़ 83 लाख रुपये के शाला सफाई कर्मियों के वेतन आहरण में की गई गड़बड़ी के मामले में निलंबित कर दिया है। इसके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ लिपिक सुनील यादव पर भी कार्रवाई की जा रही है।

मामला वित्तीय वर्ष 2014-15 से लेकर 2017-18 के बीच का है। इस दौरान पटेल की पदस्थापना विकासखंड शिक्षा अधिकारी बिल्हा के पद पर थी। इस दौरान विकासखंड की शालाओं में कार्यरत अंशकालिक सफाई कर्मचारियों के लिए दो करोड़ 83 लाख 42 हजार 408 रुपये का आहरण किया गया। सफाई कर्मचारियों के लिये जारी चेक की राशि उनके वास्तविक वेतन से अधिक थी, जिसके चलते शासन से अवैध तरीके से 50 लाख रुपये अधिक भुगतान प्राप्त कर लिया गया। कुछ चेक ऐसे भी थे जिनमें 12 हजार की रकम को दो लाख 12 हजार लिखकर रकम निकाल ली।

प्रारंभिक तौर पर यह आरोप लगा कि सफाई कर्मचारियों ने खुद ही चेक में ओवर राइटिंग कर अधिक एमाउंट दर्ज किया और राशि निकाल ली। पटेल ने इसकी शिकायत खुद ही पुलिस में की थी। इसके चलते बिल्हा क्षेत्र के दो सफाई कर्मचारियों को जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया था। तीन साल लम्बी जांच के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने पाया है कि अधिक राशि के आहरण में बिल्हा के तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी पटेल का भी हाथ था, जो इस समय कोटा में पदस्थ हैं।

जांच के बाद स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव ए आर खान ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9-1-क के उल्लंघन का दोषी पाते हुए उनके तत्काल निलम्बन का आदेश जारी किया है। जानकारी मिली है कि बिल्हा ब्लाक शिक्षा कार्यालय में पदस्थ तत्कालीन लिपिक सुनील यादव के खिलाफ भी निलम्बन आदेश विभाग से जारी कर दिया गया है।  स्कूल शिक्षा विभाग ने माना है कि यह वेतन घोटाला बिना ब्लॉक अधिकारी के मिलीभगत के नहीं हो सकता, इसलिये उसके खिलाफ विभागीय जांच जारी रखते हुए उसे सह-आरोपी बनाने कहा गया है।


Date : 17-Jan-2020

चांदी की केतली चोरी के आरोप के बाद खुदकुशी, अजीत-अमित जोगी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का जुर्म दर्ज

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 17 जनवरी। मरवाही सदन में निजी कर्मचारी की मौत के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री, विधायक अजीत जोगी व उनके पुत्र अमित जोगी के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस ने आत्महत्या के लिये उकसाने के आरोप में अपराध दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई गुरुवार देर रात की गई।

मालूम हो कि बुधवार की शाम नेहरू चौक के समीप स्थित मरवाही विधायक अजीत जोगी के सरकारी आवास मरवाही सदन में काम करने वाले संतोष कौशिक (30 वर्ष) ने पोर्च की शेड में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक के भाई कृष्ण कुमार कौशिक की शिकायत के मुताबिक आत्महत्या के कुछ पहले मृतक संतोष ने अपने गांव रमतला में पत्नी कविता से फोन पर बात की थी और रोते हुए बताया था कि चांदी की एक केतली के चोरी कर लेने के इल्जाम में उसे जेल भेजने की धमकी दी जा रही है, जबकि इस बारे में उसे कुछ भी मालूम नहीं है।

गुरुवार की सुबह पोस्टमार्टम होने के बाद शव को गांव रमतला ले जाया गया। इसके पहले सेंदरी के पास आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सडक़ पर रखकर कई घंटे चक्काजाम कर दिया। प्रशासन द्वारा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिये जाने पर जाम समाप्त किया गया था। गुरुवार को रात करीब 12 बजे सिविल लाइन पुलिस ने धारा 304, 34 के तहत विधायक अजीत जोगी व उनके पुत्र अमित के खिलाफ अपराध दर्ज किया।

कौशिक से पूछताछ करने पुलिस भी गई थी?

मृतक की पत्नी का भाई सरोज कश्यप अपनी बहन कविता का फोन आने पर घटना के दिन मरवाही सदन पहुंचा था। तब गार्ड ने उसे भीतर जाने से रोक दिया। गार्ड ने बताया कि अभी संतोष से मुलाकात नहीं हो पाएगी, उससे पूछताछ हो रही है। काफी देर बंगले के बाहर खड़े रहने के बाद सरोज अपने काम से जिला कोर्ट वापस चला गया। गार्ड ने पूछताछ के बाद बुलाने के लिए सरोज से फोन नंबर रख लिया था। शाम करीब पांच बजे उसे सिविल लाइन के एक अधिकारी ने पंचनामा के लिए बुलाया, तब कौशिक की फांसी लगने से मौत हो चुकी थी।

 सरोज का कहना है कि यदि पूछताछ के दौरान उसे संतोष से मुलाकात का मौका मिल जाता तो उसे वह हिम्मत देता और उसकी जान बच जाती। यह बात भी सामने आ रही है जोगी बंगले की सारी व्यवस्था उनके एक करीबी युवा नेता के हाथ में है। घटना के दिन जोगी परिवार का कोई भी व्यक्ति उस दिन बंगले में मौजूद नहीं था। यह सवाल बना हुआ है कि इस बीच पूछताछ करने के लिए पुलिस को किसने बुलाया और क्या कारण है कि इसके बाद संतोष ने आत्महत्या की?

 


Date : 17-Jan-2020

यास्मीन सिंह को हाईकोर्ट से राहत, जांच पर रोक जारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत संचार एवं क्षमता इकाई में सन् 2005 में नियम विरुद्ध संविदा नियुक्ति दी गई, प्रारंभ में इन्हें 35 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया गया बाद में गोपनीय तरीके से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 17 जनवरी। भाजपा शासनकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रमुख सचिव रहे अमन सिंह की नृत्यांगना पत्नी यास्मीन सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बीते साल 21 अक्टूबर को पारित आदेश को यथावत रखने कहा है और शासन को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है।

यास्मीन सिंह के खिलाफ कांग्रेस नेता विकास तिवारी ने शिकायत की थी कि यास्मीन सिंह को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत संचार एवं क्षमता इकाई में सन् 2005 में नियम विरुद्ध संविदा नियुक्ति दी गई। प्रारंभ में इन्हें 35 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया गया बाद में गोपनीय तरीके से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया। शिकायत में कहा गया था कि यास्मीन सिंह एक कथक नृत्यांगना हैं उन्हें शासकीय कार्य का कोई अनुभव नहीं है। जहां उनकी नियुक्ति की गई है वहां उनकी उपस्थिति और अवकाश का कोई रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं है।

राज्य शासन के सामान्य प्रशासन ने इस शिकायत की जांच करने के लिए एक कमेटी बनाई। इसके बाद जांच कमेटी से मिली नोटिस के विरुद्ध यास्मीन सिंह की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई और जांच पर रोक लगाने की मांग की।   

बीते 21 अक्टूबर 2019 को हाईकोर्ट में जस्टिस गौतम भादुड़ी की एकल पीठ ने नो कर्सिव स्टेप्स का आदेश शासन को दिया। इसके अनुसार जांच में आगामी कार्रवाई पर रोक लगाई गई। इसके बाद यास्मीन सिंह एवं उनके पति तत्कालीन प्रमुख सचिव अमन सिंह के विरुद्ध आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने की एक जांच और ईओडब्ल्यू ने शुरू कर दी। इसके विरुद्ध कोर्ट में यास्मीन सिंह ने जांच पर स्थगन का आवेदन प्रस्तुत किया गया था।

इस प्रकरण की सुनवाई न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी की कोर्ट में हुई। कोर्ट ने 21 अक्टूबर 2019 को जारी नो कोअर्सिव स्टेप के आदेश को यथावत रखते हुए शासन को जवाब देने का अवसर प्रदान किया। मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी तय की गई है।

 

 


Date : 16-Jan-2020

बारिश में ढहा मकान, छह माह से पॉलीथीन से चारों ओर ढंक कर ठंड की ठिठुरन में गुजर बसर कर रहे बुजुर्ग दंपत्ति को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया

छत्तीसगढ़ संवाददाता 
करगीरोड (कोटा), 16  जनवरी।
कोटा विकासखंड के ग्राम कटेली पारा में पिछले छह माह से पॉलीथीन से चारों ओर ढंक कर ठंड की ठिठुरन में गुजर बसर कर रहे बुजुर्ग दंपत्ति को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। 

इस संबंध में आनन्द रूप तिवारी, एसडीएम कोटा ने बताया कि बरसात की वजह से यदि घर टूटता है तो मुआवजा राशि दी जाती है। मामला पांच छह माह पहले का है जिसकी जानकारी अभी मिल रही है। मामले की जानकारी लेकर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

जनपद सीईओ कोटा, संध्या रानी कुर्रे कोटा का कहना है कि मुझे जानकारी नही है, मैं दिखवाती हूं क्या है पूरा मामला।
जानकारी के अनुसार कोटा विकासखंड के ग्राम पंचायत करवा के आश्रित ग्राम कटेली पारा में रतिराम बैगा और उनकी पत्नि श्याम बाई बैगा का मकान बारिश में ढह गया। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले बैगा बुजुर्ग दंपत्ति पॉलीथिन से बने झोपड़ी में सर्द हवाओं और बरसते पानी के बीच जीवन काटने को मजबूर हंै।

मकान ढहने से रतिराम व श्याम बाई दब गए थे जिसे कुछ लोगों की मदद से बाहर निकाला गया श्याम बाई के हाथ और कमर में चोटें आई थी जिसका सिम्स में उपचार कराया गया था, श्यामबाई को सही ढंग से उपचार नहीं मिल पाने की वजह से आज भी उसे स्वास्थ की तकलीफ बनी हुई है। सिम्स से छुट्टी होने के बाद आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से बुजुर्ग महिला के हाथ की उंगलियां पकने के साथ एक पैर सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। शारीरिक रूप से कमजोर होने की वजह से रोजी मजदूरी करना घर चलाना भी मुशकिल हो गया है वहीं रतिराम को भी अब कम दिखाई देने लगा है सोसायटी से मिलने वाले चांवल में से कुछ बेचकर दूसरा समान लेकर अपना गुजर कर रहे है बूजुर्ग परिवार एक दुसरे की देखभाल कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। 

मकान ढहने के बाद यहां के पटवारी नाप लेकर प्रकरण बनाया लेकिन उन्हें अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। वहीं सरकार की आवास योजना और पेंशन का लाभ भी इन्हें नहीं मिल पा रहा है। 

बुजुर्ग दंपत्ति की स्थिति की जानकारी लेने समाजसेवी हेमा भावसागर बैगा दंपत्ति से मिलने कटेलीपारा पहुंचे और दंपत्ति को गर्म कपड़े एवं माह भर की राशन समाग्री दी।  बुजुर्ग दंपत्ती की प्राकृतिक आपदा में हुए नुकसान से 2 जनवरी 2020 को जनपद सीईओ और 11 जनवरी को एसडीएम कोटा को अवगत कराया गया है


Date : 16-Jan-2020

 लापता दो बच्चों की मां सीमा माली की प्रेमी ने की हत्या, 12 दिन बाद मिला शव

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 16  जनवरी।
बीते पांच जनवरी से लापता दो बच्चों की मां सीमा माली की हत्या उसके प्रेमी ने कर दी। घटना के 12 दिन बाद उसकी लाश बिरकोना में एक नहर में आज मिली। पुलिस ने आरोपी प्रभात यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने विवाद के बाद सीमा की हत्या की बात स्वीकार कर ली है। 

सीमा माली कांग्रेस के नेता रहे स्व. शंकर माली की बेटी थी। उसके दो बच्चे हैं और वह अपने पति से अलग मिलन चौक, कुदुदंड स्थित मायके में रह रही थी। पांच जनवरी की शाम को घर से वह खाने का सामान लेने की बात कहकर निकली थी लेकिन देर रात तक नहीं लौटी। पड़ोस में रहने वाले नगर निगम के एक कर्मचारी को देर रात उसने फोन करके बताया कि एक सहेली के जन्मदिन में आ गई है। रात होने के कारण वह यहीं रुकेगी और अगले दिन सुबह घर आयेगी। अगले दिन सीमा के परिजन लगातार मोबाइल पर सम्पर्क करने की कोशिश करते रहे लेकिन उसका फोन नहीं उठा। 

मोबाइल लोकेशन से पता चला कि वह पांच जनवरी की शाम को बुधवारी बाजार,रेलवे स्टेशन के समीप थी। इस बीच उसकी कई बार मोहल्ले के प्रभात यादव से हुई। पता चला कि प्रभात के साथ उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था। पुलिस ने प्रभात को पकडक़र पूछताछ की तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि पांच जनवरी को वह उसके साथ थी और दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। तैश में आकर उसने सीमा उर्फ रीना की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बिरकोना के नहर के पास से मृतका की सड़ी-गली लाश बरामद की है।

 


Date : 16-Jan-2020

सास की आत्महत्या मामले में महिला गिरफ्तार, पुलिस पर लगाया था धमकाने का आरोप 

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 16  जनवरी। सब इंस्पेक्टर और मीडियाकर्मियों पर जेल भेजने की धमकी देकर रुपये वसूलने की कोशिश करने का आरोप लगाने वाली महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। महिला की सास ने चार माह पहले आत्महत्या कर ली थी।

ज्ञात हो कि सरकंडा थाने के लोधीपारा निवासी ललिता कौशिक ने कल पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल से लिखित शिकायत की थी कि सरकंडा थाने की जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर गायत्री सिन्हा ने उसे सास की आत्महत्या के मामले में फंसाने और जेल भिजवा देने की धमकी देते हुए तीन लाख रुपये की मांग की है, जबकि सास के साथ उसका कोई विवाद नहीं था। इस महिला के पति की छह माह पहले दुर्घटना में मौत हो गई थी और उसके दो बच्चे हैं। इधर पुलिस के पास महिला के खिलाफ मृतक बेगम कौशिक की बेटी नंदिनी ने शिकायत दर्ज कराई थी और कहा था कि वह संपत्ति के विवाद में सास को प्रताडि़त करती थी। मृतका ने यह बात घटना के दिन पहुंचे अखिलेश डहरिया से भी कही थी। कल की शिकायत के बाद देर रात ललिता कौशिक को अपनी सास बेगम कौशिक को प्रताडि़त कर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। 

 


Date : 16-Jan-2020

जोगी बंगले में आत्महत्या की घटना से रोष, ग्रामीणों ने लाश सड़क पर रखकर किया चक्का जाम 

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 16  जनवरी। पूर्व मुख्यमंत्री व मरवाही विधायक अजीत जोगी के रसोईये की उनके बंगले में फांसी लगाने से हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। बाद में अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिये जाने पर उन्होंने आंदोलन खत्म किया। 
नेहरू चौक स्थित जोगी के सरकारी निवास मरवाही सदन में उसके घर माली और रसोईये का काम करने वाले 30 वर्षीय संतोष कौशिक ने कल शाम कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या के पूर्व उसने अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी और चोरी के नाम से प्रताडि़त करने और जेल भेजे जाने की धमकी दिये जाने की बात कही थी। 

आज सुबह पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव रतनपुर मार्ग पर स्थित ग्राम रमतला ले जाया गया। वहां बड़ी संख्या में आक्रोशित ग्रामीणों ने बिलासपुर-कोरबा मुख्य मार्ग पर ग्राम सेंदरी के पास चक्का जाम कर दिया। नाराज ग्रामीण मुआवजा देने और आत्महत्या के लिये जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। तकरीबन दो घंटे चले चक्काजाम के कारण दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। पुलिस की समझाइश के बाद जब ग्रामीण नहीं हटे तो सिटी मजिस्ट्रेट और तहसीलदार घटनास्थल पर पहुंचे और उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर चक्काजाम खत्म कराया। शाम करीब चार बजे मृतक कौशिक की ग्राम में अंत्येष्टि कर दी गई।


Date : 16-Jan-2020

भ्रूण परीक्षण में डॉक्टरों पर सीधे एफआईआर पर हाईकोर्ट रोक, महिला ने कलेक्टर से झूठी शिकायत की थी याचिकाकर्ता व उनकी पत्नी द्वारा भ्रूण की जांच की जाती है

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 16 जनवरी। भ्रूण लिंग परीक्षण के मामलों में हाईकोर्ट ने डॉक्टरों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज करने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। पुलिस को ऐसे मामलों में सक्षम न्यायालय में परिवाद दर्ज करने कहा गया है।

महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के एक चिकित्सक अमृतलाल रोलेदार की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय के अग्रवाल की बेंच ने यह फैसला सुनाया है।

हाईकोर्ट में डॉ. रोलेदार ने अपने खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में महिला ने कलेक्टर से झूठी शिकायत की थी याचिकाकर्ता व उनकी पत्नी द्वारा भ्रूण की जांच की जाती है। कलेक्टर ने इस शिकायत को आधार बनाकर तहसीलदार को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद पुलिस ने केस रजिस्टर किया था।


Date : 16-Jan-2020

नायब तहसीलदार के बचाव में जवाबी मोर्चा, राजस्व अधिकारियों ने वन एसडीओ पर कार्रवाई की मांग की

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 16 जनवरी।
कानन पेंडारी के अधीक्षक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की कार्रवाई के मामले में नायब तहसीलदार के खिलाफ वन कर्मचारियों द्वारा मोर्चा खोलने के बाद अब नया मोड़ आ गया है। राजस्व विभाग के अधिकारी नायब तहसीलदार के बचाव में सामने आ गये हैं। उनका कहना है कि एसडीओ वन झूठा दोषारोपण कर रहे हैं, उन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। 

12 जनवरी को कोटा के नायब तहसीलदार अभिषेक राठौर ने कानन पेंडारी के अधीक्षक विवेक चौरसिया के वाहन का गेट के बाहर चालान कर दिया था। चौरसिया और वन कर्मचारियों का आरोप है कि नायब तहसीलदार ने कवर्धा के एसडीएम के परिवार को कानन पेंडारी प्रवास के दौरान वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं मिलने के कारण उनके खिलाफ जबरिया कार्रवाई की और तीन घंटे तक थाने में बिठाकर प्रताडि़त किया। छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ ने इसके बाद नायब तहसीलदार पर दुव्र्यवहार का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दे दी। 

इसके बाद आज राजस्व अधिकारी भी नायब तहसीलदार के समर्थन में सामने आ गये। उन्होंने कलेक्टर से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया है कि सकरी के कार्यपालिक दंडाधिकारी ने 12 जनवरी को रूटीन चेकिंग के तहत चौरसिया की गाड़ी पर कार्रवाई की। इस समय पंचायत चुनाव के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू है और नायब तहसीलदार राठौर को सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। कोटा एसडीएम ने उन्हें वाहनों की जांच के लिये लिखित आदेश दिया है। उक्त जांच में चौरसिया ने सहयोग नहीं किया और शासकीय काम में बाधा डाली। इसके चलते कार्यपालिक दंडाधिकारी ने मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की। कार्रवाई में किसी राजस्व अधिकारी, कर्मचारी का पूर्वाग्रह नहीं था। एक वरिष्ठ अधिकारी होने के नाते चौरसिया से सर्वाधिक सहयोग की अपेक्षा थी लेकिन उन्होंने अपने निजी मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ाते हुए पूरे विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया। चौसरिया ने अपने निजी स्वार्थ व अहम् की पूर्ति के लिए वन विभाग के पूरे अधिकारी, कर्मचारियों को भी अपने दुष्प्रचार में शामिल कर परिस्थितियों को जान-बूझ कर खराब किया। आज जब सभी राजस्व अधिकारी, कर्मचारी चुनावी आचार संहिता के पालन में लगे हैं तो चौरसिया के क्रियाकलाप से हमें कार्य से इतर उनके विरोध व आक्रोश की स्थिति में आने के लिए दुष्प्रेरित किया जा रहा है। 

चौरसिया द्वारा पूरा घटनाक्रम गलत व एकपक्षीय प्रस्तुत किया जा रहा है और राजस्व अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है।
राजस्व अधिकारी, कर्मचारियों की ओर से दिये गये इस ज्ञापन में कोटा एसडीएम सहित अन्य डिप्टी कलेक्टरों, तहसीदारों व नायब तहसीलदारों के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने चौरसिया के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन की प्रति मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री, मुख्य सचिव व अन्य अधिकारियों को भी भेजी गई है। 

 


Date : 16-Jan-2020

विधायक शैलेश पांडे वित्तीय प्रबंधन और बजट की संपूर्ण प्रक्रिया समझने के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में दिल्ली जाएंगे

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 16 जनवरी। 
नगर विधायक शैलेश पांडे वित्तीय प्रबंधन और बजट की संपूर्ण प्रक्रिया समझने के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में दिल्ली जाएंगे। भारत सरकार द्वारा देश के सभी राज्यों के प्रमुख विधानसभा सदस्यों को वित्तीय प्रबंधन और बजट के संबंध में जानकारी देने के लिए दिल्ली बुलाया है। यह राष्ट्रीय कार्यशाला पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च द्वारा नई दिल्ली में 20 व 21 जनवरी को आयोजित की जा रही है।  

छत्तीसगढ़ शासन के संसदीय कार्य, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जल संसाधन एवं आयाकट विभाग मंत्री रविंद्र चौबे ने शैलेश पांडे सहित पांच विधानसभा सदस्यों का नाम राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल होने के लिए नामांकित किया है।

भारत सरकार द्वारा देश के सभी राज्यों में वित्तीय प्रबंधन और बजट को लेकर बड़ी योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है । इसके लिए देश के सभी राज्यों से प्रमुख विधायकों की विशेष टीम तैयार की जा रही है । इन विधायकों को वित्तीय प्रबंधन और बजट के संबंध में जानकारी दी जाएगी । देश के बड़े वित्तीय प्रबंधक और बजट के ज्ञाता इन विधायकों को बजट की बारीकियां और राज्य के वित्तीय प्रबंधन के गुर बताएंगे। 

देशभर के विधानसभा सदस्यों को सरकार के लेखा-जोखा, वित्तीय कसावट, निगरानी और आय व्यय वह सभी स्थितियों की बारीकी से जानकारी प्रदान की जाएगी। विशेष ट्रेनिंग लेने के बाद यही विधानसभा सदस्य अपने-अपने राज्यों के बजट और वित्तीय प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। 

संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने बिलासपुर विधायक शैलेश पांडे सहित विकास उपाध्याय, लक्ष्मी ध्रुव, अरुण वोरा और छन्नी साहू का चयन किया है। इस संबंध में आदेश जारी कर सभी पांच सदस्यों को उक्त कार्यशाला में आवश्यक रूप से शामिल होने के लिए निर्देश दिए गए हैं। 


Date : 15-Jan-2020

फारेस्ट एसडीओ को थाने में बिठाने के मामले ने तूल पकड़ा, वन कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 15 जनवरी।
वन विभाग के एसडीओ पर नायब तहसीलदार द्वारा की गई कार्रवाई के खिलाफ रोष जताते हुए छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ ने एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई न होने पर चरणबद्ध आंदोलन करने की चेतावनी दी है। 

आरोप है कि बीते 12 जनवरी को वन विभाग के एसडीओ विवेक चौरसिया की कार को सकरी के नायब तहसीलदार अभिषेक राठौर ने जब्त करते हुए उन्हें तीन घंटे तक सकरी थाने में बिठाकर प्रताडि़त किया। चौरसिया के साथ वहां दुव्र्यवहार भी किया गया। एसडीओ चौरसिया ने आपत्ति भी कि मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई तो यातायात विभाग और पुलिस करती है आप सीधे क्यों गाड़ी जब्त कर रहे हैं। इस पर नायब तहसीलदार ने कहा कि वे प्रशासनिक अधिकारी हैं, अपने अधिकार को जानते हैं।

 ज्ञात हो कि वन एसडीओ भी राजपत्रित अधिकारी की श्रेणी में आते हैं। 
राठौर पर आरोप है कि कवर्धा एसडीएम का परिवार कानन पेंडारी घूमने के लिए पहुंचा था, पर उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं मिली, इसलिये उन्होंने यह कार्रवाई की। इधर कोटा एसडीएम आनंदस्वरूप तिवारी, जिनके अधीन नायब तहसीलदार राठौर काम करते हैं का कहना है कि उन्होंने इस कार्रवाई के लिए कोई आदेश नहीं दिया था। 

दरअसल, डीएफओ को कवर्धा एसडीएम के परिवार के कानन पेंडारी पहुंचने की खबर प्रशासन के अधिकारियों ने पहुंचाई थी, पर किसी चूक के चलते यह जानकारी वन एसडीओ चौरसिया को नहीं मिल पाई। इस दौरान उन्होंने कानन पेंडारी के भीतर स्थित विश्रामगृह का कुछ महिलाओं द्वारा इस्तेमाल करते हुए देखा। इस पर उन्होंने अपने स्टाफ को डांटा। तब स्टाफ के लोगों ने बताया कि यह परिवार एसडीएम का है। इसके बाद चौरसिया ने उन्हें कुछ नहीं कहा। 

घटना पर वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों में गुस्सा है। जिला वन मंडल अधिकारी सत्यदेव शर्मा ने मामले की शिकायत संभागायुक्त, कलेक्टर और पुलिस महानिरीक्षक से की है और कार्रवाई की मांग की है। विधायक शैलेष पांडेय ने भी घटना को चिंताजनक बताते हुए मामले को विधानसभा में उठाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर डॉ. संजय अलंग ने मीडिया से कहा है कि घटना की जांच कराई जाएगी। 

इधर छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ की रायपुर व बिलासपुर इकाई ने एक बयान जारी कर कहा है कि कवर्धा एसडीएम के परिजन को वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिये जाने पर नायब तहसीलदार अभिषेक राठौर राठौर द्वारा जबरदस्ती, बलपूर्वक कानन पेंडारी के अधीक्षक व उप वन मंडलाधिकारी विवेक चौरसिया को सकरी थाना लाया गया और उन पर व्हीकल एक्ट के तहत फर्जी कार्रवाई की गई। उनके साथ बदतमीजी की गई। एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ इस तरह का बर्ताव अशोभनीय है। 

वन कर्मचारी संघ इस कृत्य की घोर निंदा करता है, इसकी न्यायिक जांच कराई जाये। यदि सात दिन के भीतर प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की जाती तो संगठन के सभी कर्मचारी चरणबद्ध आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी। वन कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री को इस बारे में पत्र लिखा है, जिसकी प्रतिलिपि विधायकों, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, कमिश्नर, कलेक्टर आदि को भी भेजी गई है। 

 


Date : 15-Jan-2020

बारिश से बचने आसरा दिया, नोटों का बंडल देखकर नीयत बदली, किसान से एक लाख लूटने के आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 15 जनवरी।
ट्रैक्टर की किश्त जमा कराने के लिए रखे एक लाख रुपये को किसान से उसके परिचित युवकों ने ही लाठी, मुक्कों से हमला कर लूट लिया। किसान अपने एक साथी के साथ बारिश से बचने के लिए उनके घर पर ठहर गया था। सरकंडा पुलिस ने शिकायत के कुछ घंटे के भीतर 18-19 साल के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लूटी गई रकम से खरीदे गये मोबाइल फोन व 62 हजार रुपये नगद भी उनसे जब्त किये गये हैं। 

सीपत थाने के ग्राम बसहा के गुलाब यादव (42 वर्ष) ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई कि बीते 8 जनवरी को वह अपने ट्रैक्टर की किश्त एचडीएफसी बैंक में जमा कराने के लिए अपने साथ चंदराम साहू के साथ निकला। किसी कारण से किश्त जमा नहीं हो पाई तो अपने साथ रखे एक लाख रुपये को लेकर दोनों घर वापस लौटने लगे। इस बीच बारिश शुरू हो गई। साथी चंदराम साहू के एक परिचित सरवन साहू का घर हर श्रृंगार, अटल आवास राजकिशोर नगर में है, जहां वे दोनों बारिश से बचने के लिए रुक गये। सरवन ने गुलाब से कहा कि वह अपना गीला कपड़ा भीतर जाकर बदल ले। इस दौरान वहां मौजूद सरवन और उसके दोस्त रवि ने गुलाब की जेब में रखे 500-500 रुपये के दो बंडल देख लिये, जो कुल एक लाख रुपये थे। इसके बाद आरोपी सरवन और रवि ने जबरन विवाद खड़ा कर दिया और गालियां देते हुए डंडे और मुक्के से उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। दोनों आरोपियों ने गुलाब से एक लाख रुपये लूट लिये। लूटने के बाद उन्होंने उन्हें मारपीट करके भगा दिया। गुलाब और उसका साथी चंदराम किसी तरह वहां से भागकर अपने घर पहुंचे। मारपीट से उन्हें चोट पहुंची थी। घर में इलाज कराने के बाद वे लोगों की सलाह पर सरकंडा थाने पहुंचे और वहां शिकायत दर्ज कराई। 

सरकंडा पुलिस ने धारा 394 के तहत अपराध दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा व सीएसपी कोतवाली निमेश बरैया को घटना की जानकारी देते हुए उनके निर्देश पर थाना प्रभारी जे पी गुप्ता ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और 12 घंटे के भीतर आरोपी सरवन साहू (19 वर्ष) और उसके साथी रवि गंधर्व (18 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। उनसे लूटी गई रकम में से 62 हजार रुपये और एक ओप्पो कम्पनी की नया खरीदा गया मोबाइल फोन जब्त किया गया। 

 


Date : 15-Jan-2020

आदिवासी लोककला एवं संस्कृति पर केन्द्रित एनटीपीसी सीपत में जीवन उत्सव मेला का आयोजन

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 15 जनवरी ।
एनटीपीसी सीपत की संगवारी महिला समिति ने दो दिवसीय जीवन उत्सव मेला-2020 का आयोजन किया । मेला आदिवासी कला एवं संस्कृति को समर्पित रहा, जिसमें स्टॉल एवं मंच को बस्तर शिल्प एवं कला के रंगों से रंगकर छत्तीसगढ़ के आदिवासी कला एवं संस्कृति को संरक्षित करने का संदेश दिया गया। 

मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि विनोद कुमार चौधरी, क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक पश्चिम क्षेत्र-दो ने किया। उनके साथ विशिष्ट अतिथि ज्योति चौधरी, अध्यक्ष, अर्पिता महिला समिति, क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर, पद्मकुमार राजशेखरन्, मुख्य महाप्रबंधक, एनटीपीसी सीपत व कमला पद्मकुमार, अध्यक्ष, संगवारी महिला समिति द्वारा उमा त्रिपाठी, अध्यक्षा मैत्री महिला समिति कोरबा तथा अन्य अतिथि उपस्थित थे।   

अतिथियों के अगुवानी के लिए खरसिया, रायगढ़ से आये आदिवासी लोक कलाकारों ने गेड़ी नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।  मेले में संगवारी महिला समिति के द्वारा विभिन्न प्रकार के खानपान के स्टाल, के साथ ही क्रॉकरी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कुर्सी, फर्नीचर, एलसीडी टीवी, कम्प्यूटर, कैमरा मोबाइल, रियल स्टेट, विभिन्न प्रकार के फन गेम्स तथा सुरक्षा विभाग एवं कैन्द्रीय औद्यैगिक सुरक्षा बल के अग्नि सुरक्षा विभाग द्वारा स्टाल लगाये गये थे। 

अतिथियों के साथ ही कर्मचारियों, उनके परिजन एवं आस-पास के ग्रामीणों ने मेले में लजीज व्यंजनों एवं मनोरंजक खेलों का आनंद लेते हुए उपयोगी वस्तुओं की खरीददारी की। 
बालिका सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तुत सुआ नृत्य ने अतिथियों का मन मोह लिया। साथ ही नैगम सामाजिक दायित्व के अंतर्गत बालिका सशक्तिकरण अभियान के अंतर्गत नौ बालिकाओं को अतिथियों की उपस्थिति में साइकिल प्रदान की गई। स्वसहायता समूह के महिलाओं को दो सिलाई मशीन भी दिये गए।

इस मौके पर प्रस्तुत आर्केस्ट्रा एवं सांस्कृतिक  नृत्य का मेले में उपस्थित सभी लोगों ने भरपूर आनंद लिया। मेले में बाल भारती पब्लिक स्कूल सीपत एवं शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सीपत बालक एवं बालिका, जांजी, कौडिय़ा व दर्राभांठा के बच्चों ने आर्ट एवं साइंस मॉडल की प्रदर्शनी लगाई, जिसे सभी ने सराहा। इस अवसर पर समिति द्वारा हॉऊजी एवं लक्की ड्रॉ के माध्यम से विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया गया।

संगवारी महिला समिति एनटीपीसी सीपत की महिलाओं की सामाजिक संस्था है, जो आसपास की निर्धन महिलाओं, बच्चों एवं नि:शक्त लोगों के कल्याण के लिए कार्य करती है। विदित हो संगवारी समिति की महिलाओं द्वारा लगाए गये स्टॉल से हुई आय कल्याणकारी कार्यों में खर्च होती है।

 


Date : 15-Jan-2020

युवा उत्सव में सीवीआरयू को रावत नाच में दूसरा पुरस्कार, 19 जिलों की टीम ने लिया था हिस्सा

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 15 जनवरी।
प्रदेश की राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में डॉ सी.वी. रामन विश्वविद्यालय ने अपना परचम लहराया है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने बिलासपुर जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए 19 जिलों की टीम के बीच रावत नाच में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। महोत्सव में विश्वविद्यालय के 40 विद्यार्थियों की टीम भाग लेने गई थी। प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किया है।

सीवीआरयू के कुलसचिव गौरव शुक्ला ने बताया कि युवा महोत्सव के लिए विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की राउत नाच टीम बनाई गई थी। इसके लिए ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिता 11 नंवबर 2019 से शुरू हुई। ब्लॉक स्तर में विवि का चयन हुआ। इसके बाद  विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का चयन जिला स्तर की रावत नाच प्रतियोगिता के लिए किया गया। जिला स्तर की रावत नाच प्रतियोगिता बहतराई स्टेडियम में 30 नवंबर 2019 को कराई गई थी। 

विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने जिला स्तर की प्रतियोगिता में  प्रथम स्थान प्राप्त किया, और रायपुर के युवा महोत्सव के लिए चयनित हुए। विद्यार्थियों ने 12 से 14 जनवरी तक साइंस कॉलेज में भी बेहतर प्रदर्शन किया। इस पर विश्वविद्यालय को दूसरा पुरस्कार प्राप्त हुआ। कुलसचिव ने कहा कि शिक्षा के साथ धर्म-कला, संस्कृति के  संरक्षण  एवं संवर्धन की दिशा में भी विश्वविद्यालय लगातार कार्य करता है। विश्वविद्यालय में हर वर्ष छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति पर केंद्रित रामन लोक कला महोत्सव आयोजित किया जाता है। इसलिए यहां के विद्यार्थी उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ लोक कला संस्कृति और साहित्य में भी बराबरी का दखल रखते हैं। 

डॉ.जयशंकर यादव और संदीप सिंह के नेतृत्व में टीम ने आयोजन में हिस्सा लिया। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रवि प्रकाश दुबे ने विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी।
जिले को तीन और पुरस्कार मिले:- राज्य युवा महोत्सव में जिले के युवाओं ने तीन अन्य पुरस्कार भी हासिल किये। इनमें गिटार वादन में द्वितीय, शास्त्रीय संगीत, कर्नाटक में प्रथम और तबला वादन में तृतीय स्थान रहा। 


Date : 15-Jan-2020

कोटा पहाड़ी पर अवैध उत्खनन, कम्पनी पर 16 लाख जुर्माना, इस उत्खनन से कोटा के प्राकृतिक धरोहर को खासा नुकसान पहुंचा है

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर/करगीरोड-कोटा, 15 जनवरी। कोटा की प्राकृतिक संपदा, विशाल पहाडिय़ों को स्लीपर बनाने वाली फैक्ट्री पाटिल रेल इन्फ्राट्रक्चर पहाड़ पर बिना अनुमति लिये अवैध रूप से पोकलैंड और जेसीबी लगाकर लगातार एक माह से खुदाई की जा रही थी। शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए तकरीबन 16 लाख रुपये का जुर्माना कम्पनी पर लगाया है। इस उत्खनन से कोटा के प्राकृतिक धरोहर को खासा नुकसान पहुंचा है।

दरअसल इसकी जानकारी होने पर स्थानीय लोगों को हुई तो वे सीधे पाटिल ग्रुप के मैनेजर से मिले।  उन्होंने कहा कि हमने रेल्वे से अनुमति ली है। पहाड़ खोदकर पानी टंकी बनाई जाएगी। जबकि रेल्वे को पहाड़ खुदाई की अनुमति देने का अधिकार ही नहीं है।

नाराज लोगों ने कोटा एसडीएम आनंद रूप तिवारी को भी इस अवैध उत्खनन की जानकारी दी। शिकायत के बाद तिवारी अपने मातहतों के साथ वहां पहुंचे। कंपनी के मैनेजर से उन्होंने उत्खनन की अनुमति संबंधी कागजात दिखाने के लिए कहा। मैनेजर ने अगले दिन का समय लिया। एसडीएम ने तहसील ऑफिस पहुंचकर दस्तावेज जमा करने का आदेश दिया। पर अगले दिन पाटिल रेल इंफ्रास्ट्रक्चर कम्पनी का मैनेजर वहां पहुंचा ही नहीं। अधीनस्थ अधिकारियों ने भी ध्यान नहीं दिया और एक सप्ताह के भीतर बिना अनुमति आधी पहाड़ी कम्पनी ने काट डाली।

इस बीच नगर पंचायत चुनाव प्रचार के लिए कोटा पहुंची विधायक डॉ. रेणु जोगी से नागरिकों ने इस अवैध उत्खनन की शिकायत की। डॉ. जोगी ने तुरंत कलेक्टर से बात की और तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा।

डॉ. जोगी के शिकायत करने के बाद कोटा पाटिल रेल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी में जिला खनिज अधिकारी ने छापामार कार्रवाई की जिसमें बिना रायल्टी पर्ची की एक हाईवा, एक ट्रैक्टर, पत्थर, रेत से भरी दो टिप्पर जब्त कर कोटा थाना को सौंपा। हालांकि जिला खनिज अधिकारी ने मौके से जेसीबी, पोकलैंड, हाईवा को जब्त नहीं किया ।

कोटा के ग्राम पंचायत अमाली के विशाल पहाड़ को आधुनिक मशीनों से लगातार लगाकर खुदाई कर पाटिल रेल इंफास्ट्रक्चर ने प्राकृतिक संपदा को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। जिला खनिज अधिकारी अनिल साहू बताया कि हमने टीम बनाकर कंपनी के बिना अनुमति खुदाई पर कार्रवाई की है।

जिला प्रशासन की ओर से बताया गया है कि करगीरोड रेल्वे स्टेशन की पहचान एवं सौंदर्य व पर्यटन का आकर्षण प्राकृतिक संपदा पहाड़ को स्लीपर फैक्ट्री के द्वारा काटे जाने के संबंध में शिकायत कलेक्टर बिलासपुर से की गई थी। 

खनिज अमले ने 18 दिसंबर 2019 को जांच की। जांच में मेसर्स पाटिल रेल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड करगी रोड (कोटा)  द्वारा रेल्वे स्टेशन के समीप स्थित पहाड़ की कटाई कर स्लीपर फैक्ट्री में बिना सक्षम अनुमति प्राप्त किये खनिज का उपयोग किया जाना पाया गया। खनिज अमले ने मेसर्स पाटिल रेल इंफ्रास्ट्रक्चर करगीरोड कोटा को नोटिस जारी कर खनन की अनुमति तथा भण्डारित रेत की वैधता प्रमाणित करने नोटिस जारी की गई।

मेसर्स पाटिल रेल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड करगीरोड कोटा के द्वारा निर्धारित समयावधि में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। खनिज विभाग ने अवैध रूप से उत्खनन कर मुरूम तथा पत्थर का उपयोग किये जाने का प्रकरण दर्ज कर उपयोगित लगभग मात्रा 3850 घन मीटर मुरूम एवं पत्थर का अवैध उत्खनन का प्रकरण दर्ज कर कुल 15 लाख 69 हजार 150 रुपये जुर्माना लगाया ।

फैक्ट्री परिसर में ही अवैध रूप से भण्डारित लगभग मात्रा 240 घनमीटर रेत की वैधता भी प्रमाणित नहीं की गई, जिस पर फैक्ट्री संचालक के विरूद्ध अवैध रेत भण्डारण का मामला भी दर्ज कर 56 हजार 160 रुपये जुर्माना लगाया गया। इस प्रकार मेसर्स पाटिल रेल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड करगीरोड कोटा को अवैध खनिज उत्खनन एवं भण्डारण का दोषी पाते हुए कुल 16 लाख 25 हजार 310 रुपये जुर्माना कलेक्टर बिलासपुर द्वारा आरोपित किया गया है।


Date : 14-Jan-2020

बिलासपुर में हवाई सेवा के लिए चल रहे धरना आंदोलन स्थल पहुंचे सांसद अरुण साव, संसद में भी उठा चुके हैं पुरजोर ढंग से मांग

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 14 जनवरी।
सांसद अरुण साव आज राघवेंद्रराव सभा भवन परिसर में हवाई सेवा शुरू करने के लिए चलाए जा रहे धरना आंदोलन स्थल पहुंचे। वहां उन्होंने बिलासपुर से हवाई सेवा प्रारंभ करने के लिए चलाए जा रहे आंदोलन के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि जिस दिन वे बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद निर्वाचित हुए हैं, उसी दिन से हवाई सेवा शुरू करने की मांग को अपनी प्राथमिकता के साथ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन संदर्भ में उनसे जो भी अपेक्षा की जाएगी, उसके लिए वे हमेशा तत्पर रहेंगे।
सांसद साव ने इस आंदोलन के संचालन से जुड़े लोगों की सराहना करते हुए कहा कि  बिलासपुर की यह मांग जरूर पूरी होगी। 

इस दौरान साव के साथ बिलासपुर जिला भाजपा अध्यक्ष रामदेव कुमावत, विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी व पूर्व महापौर किशोर राय समेत अनेक लोग मौजूद थे।

 

 


Date : 14-Jan-2020

कोटा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा 501 फीट लम्बी तिरंगा रैली निकाली 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
करगी रोड (कोटा), 14 जनवरी।
कोटा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा 501 फीट लम्बी तिरंगा रैली निकाली गई। साथ ही अमर शहीद भगत सिंह , राजगुरु ,और सुखदेव व भारत माता, स्वामी विवेकानंद ,की जीवित झांकी निकाली गई।

युवा दिवस पर अभाविप के तत्वावधान में अमर तिरंगा यात्रा रैली रेल्वे स्टेशन से लेकर जय स्तम्भ नाका चौक तक रैली निकाली गई। 501 फिट लंबी तिरंगा यात्रा में सैकड़ों किलो फूल की बारिश की गई। अभाविप कोटा द्वारा युवा दिवस पर अमर तिरंगा यात्रा का यह चौथा है। यात्रा का समापन नाका चौक में हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे, हास्य कवि छग, परिषद वक्ता सन्नी केशरी उपस्थित थे।

रैली में भारत की अनेकता में एकता और अखंडता, समरसता, प्रेम सद्भावना, समरस भारत, समृद्ध भारत, अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की झांकी, साबरमती आश्रम में चरखा झांकी, जलियांवाला बाग में अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए झांकी निकाली गई। 
इस दौरान कोटा के नगर अध्यक्ष प्रकाश गुप्ता, नगर मंत्री वासुदेव सिंह ठाकुर, अमन गुप्ता के साथ अभाविप सदस्य एवं नागरिक गण, पत्रकार गण तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। 

 


Date : 11-Jan-2020

चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के दो सत्रों के छात्रों की डिग्री को मान्यता देने की प्रक्रिया शुरू

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 11 जनवरी।
मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को बताया है कि दुर्ग स्थित चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के दो सत्रों के छात्रों की डिग्री को मान्यता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 

मालूम हो कि निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं किये जाने का तर्क देते हुए मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने इस कॉलेज के सत्र 2013-14 तथा 2014-15 में उत्तीर्ण छात्रों की डिग्री को मान्यता देने से मना कर दिया था। इसके खिलाफ प्रभावित छात्रों की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका पर जवाब देने के लिए हाईकोर्ट ने एमसीआई और राज्य शासन को नोटिस जारी किया था। एमसीआई की ओर से हाईकोर्ट में शुक्रवार को जवाब दाखिल कर बताया गया कि उसने अपने 17 जुलाई 2019 के आदेश को संशोधित किया है जिसमें केन्द्र सरकार को पत्र भेजकर सत्र 2013-14 और 2014-15 में उत्तीर्ण छात्रों को मान्यता देने की सिफारिश की गई है।

 राज्य सरकार की ओर से भी बताया गया कि मान्यता देने की सिफारिश करते हुए राज्य सरकार ने एमसीआई को पत्र भेज दिया था, जिसके बाद आगे की कार्रवाई एमसीआई द्वारा की जा रही है। 

 


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