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28-May-2020 10:34 PM

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 28 मई।
गौरेला के टीकरकला क्वॉरंटीन सेंटर में बुधवार की सुबह एक डेढ़ साल की बालिका शिशु की अचानक मौत हो गई। बच्ची का पिता प्रवासी मजदूर है और बीते 19 मई से भोपाल से लौटा था। वह क्वॉरंटीन सेंटर से भाग गया था, जिसे पत्नी व बच्ची के साथ क्वॉरंटीन सेंटर दुबारा लाया गया था। चिकित्सकों ने मौत की वजह दूध पीने के दौरान हिचकी, उल्टी आने पर सांस रुकना बताया है, फिर भी एहतियातन बच्ची और उसकी मां का स्वाब सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।

गौरेला थाने के एसआई उमराव सिंह नेताम ने बताया कि देवर गांव निवासी पूरन सिंह पिछले वर्ष दिसंबर में मजदूरी करने भोपाल गया था। लॉकडाउन के बाद वह 17 मई को श्रमिक स्पेशल ट्रेन से बिलासपुर पहुंचा। बिलासपुर से जिला प्रशासन ने उसे पेंड्रा भेज दिया। पूरन 18 तारीख को पेंड्रा के क्वॉरंटीन सेंटर से भाग कर अपने गांव चला गया। गांव वालों ने तहसीलदार से इसकी शिकायत की। प्रशासन ने 19 मई को उसे टीकरकला हाई स्कूल के छात्रावास में बने क्वॉरंटीन सेंटर में भेज दिया। पूरन चूंकि अपने घर में पूरे दिन रुका था, वहां से उसकी पत्नी और उसकी डेढ़ साल की बच्ची को भी क्वॉरंटीन सेंटर में लाकर ठहरा दिया गया। 

पुलिस के अनुसार बुधवार को सुबह 7 बजे बच्ची की मां ने उसे दूध पिलाया और उसे वहीं लिटाकर खुद नहाने के लिए चली गई। नहाने के बाद लौटकर आने पर देखा कि बच्ची को हिचकियां आ रही है और उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही है। 

मां ने इसकी जानकारी अपने पति और सेंटर  में मौजूद अधिकारी को दी। तत्काल एंबुलेंस बुलाकर बच्ची को गौरेला, सीएचसी हॉस्पिटल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम के बाद बच्ची का शव उसके परिजनों को सौंप दिया गया है।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के कोविड-19 के नोडल अधिकारी डॉ. अभिमन्यु सिंह ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर क्वॉरंटीन सेंटर में डेढ़ साल की बच्ची की मौत की वजह दूध पीने के दौरान हिचकी, उल्टी आने और श्वास नलिका में चले जाने से सांस रुकना प्रतीत हो रही है , फिर भी पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। उन्होंने बताया कि एहतियातन बच्ची का स्वाब सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया है।

 

 


28-May-2020 10:33 PM

बिलासपुर, 28 मई। मरवाही के क्वॉरंटीन सेंटर से लाया गया एक मरीज सिम्स चिकित्सालय में परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया गया। दस्त और पेट दर्द की शिकायत लेकर सिम्स पहुंचे एक महिला और एक पुरुष का कोरोना टेस्ट रिपोर्ट आज पॉजिटिव्ह मिली है। जिले में आज कुल चार नये मामले सामने आये हैं। 

मरवाही से जिस श्रमिक को आज लाया गया, वह अपने एक और मजदूर साथी कृष्णा के साथ तेलंगाना से एक ट्रक में बैठकर चार दिन पहले वहां पहुंचा था। उसकी तबियत बीते एक माह से खराब चल रही थी। कल उसे स्मृति भ्रम भी होने लगा। उसकी गंभीर हालत देखकर आज सुबह उसे सिम्स चिकित्सालय लाया गया। यहां कोरोना ओपीडी में उसका चेकअप किया गया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जाता है कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी। डॉक्टरों के अनुसार उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। 

 


28-May-2020 10:23 PM

बिलासपुर, 28 मई। जिले के नवपदस्थ कलेक्टर सारांश मित्तर ने आज अपरान्ह में अपना कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने पूर्व पदस्थ कलेक्टर डॉ.संजय अलंग से प्रभार प्राप्त किया। मित्तर वर्ष 2010 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। इसके पूर्व वे सरगुजा जिले के कलेक्टर थे। वे बिलासपुर में डिप्टी कलेक्टर व गौरेला में एसडीएम के रूप में कार्य कर चुके हैं। 

 


28-May-2020 10:17 PM

बिलासपुर, 28 मई । नवपदस्थ कलेक्टर सारांश मित्तर ने आज अपरान्ह में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने डॉ.संजय अलंग से प्रभार प्राप्त किया। इस मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए मित्तर ने कहा कि कोरोना महामारी के संक्रमण का फैलाव व प्रवासी मजदूरों के लिये उचित व्यवस्था करना ही इस समय उनकी प्राथमिकता होगी। 

सन् 2010 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी मित्तर इसके पूर्व सरगुजा कलेक्टर थे। आज दोपहर उन्होंने पदभार ग्रहण किया। वे बिलासपुर में इसके पहले डिप्टी कलेक्टर और गौरेला एसडीएम के रूप में कार्य कर चुके हैं। मित्तर ने कहा कि कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिये यहां पहले ही अच्छा काम हो रहा है उसे जारी रखा जायेगा। दूसरे प्रदेशों से लौट रहे श्रमिकों के लिये क्वारांटीन सेंटर तथा बाद में उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था ठीक तरह से हो, यह उनकी प्राथमिकता में होगा। बिलासपुर में इस समय 40-42 संक्रमण के मामले हैं। अधिकांश बाहर से यात्रा करके पहुंचे लोगों के मामले हैं। यदि सावधानी बरती जाये तो स्थानीय स्तर पर संक्रमण का फैलाव नहीं होगा। 

मित्तर ने कहा कि अम्बिकापुर ने फाइव स्टार रेटिंग हासिल कर देश के शीर्ष 6 शहरों में स्थान बनाया है। बिलासपुर का काम भी अच्छा है उसे थ्री स्टार रेटिंग मिली है। हमारा ध्यान रहेगा कि इसमें और अच्छा काम किस तरह से किया जा सकता है। 

कलेक्टर मित्तर ने कहा कि इसके अलावा शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, श्रम स्वास्थ्य योजना, राजस्व संकलन में वृद्धि तथा लोक सेवा केन्द्रों को प्रभावी बनाना उनकी प्राथमिकता में रहेंगे। उन्होंने पत्रकारों के  सवाल पर कहा कि लोक सेवा सेवा केन्द्रों में कितने आवेदन आये कितने निराकृत किये गये यह सब ऑनलाइन दर्ज होता है। यदि यहां लोक सेवा केन्द्रों में कोई कमी पाई जायेगी तो उसे दूर किया जायेगा। 

 

 


28-May-2020 8:03 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

करगीरोड (कोटा), 28 मई। बिलासपुर जिले के कोटा तहसील के पंचायत परसदा के पीपरखुंटी, मानपुर एवं कोरी के किसानों ने कोरी बांध घोंघा जलाशय के किनारे खाली पड़ी जमीन के अधिपत्य को लेकर आज कोटा अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होगी तब तक धरने पर डटे रहेंगे।

ज्ञात हो कि चार साल पहले तत्कालीन कलेक्टर रहे ठाकुर राम सिंह ने वर्ष 2016 में शिव तराई पहुंचकर किसानों की पंचायत में उनकी राय से किसानों की डुबान में आई भूमि के अनुपात में बांध के किनारे जमीन उपलब्ध कराने की पहल की थी, जिसके बाद किसानों ने इस पर सहमति दी थी। बांध के किनारे तकरीबन 105 एकड़ रिक्त भूमि है जिसमें मानपुर, कोरी एवं पीपरखुंटी के किसानों द्वारा वर्ष 2003-04 से खेती करते आ रहे हैं। शेष 51 एकड़ भूमि में खेती को लेकर किसानों में आपसी झगड़े शुरू हो गए। किसानों का झगड़ा तब और बढ़ गया, जब जमीन डुबान में आई थी। उन्होंने बांध किनारे भूमि पर खेती शुरू की तो पीपरखुंटी के किसानों ने उस पर अपना हक जताना शुरू कर दिया। इसकी शिकायत जनदर्शन में भी की गई थी। 

बात बढऩे पर 2016 में बिलासपुर में पदस्थ रहे तत्कालीन कलेक्टर राम सिंह, एसपी रतनलाल डांगी, एवं कोटा एसडीएम, तहसील अधिकारी को बांध की डूबी हुई किसानों की भूमि अनुपात में बांध के रिक्त भूमि का आवंटन करने के लिए निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद चार साल से किसान खेती करते आ रहे थे। अब तक विवाद शांत रहा। किसानों का आरोप है कि इसी वर्ष जमीन पर परसदा के ही एक जनप्रतिनिधि, ग्रामीण व अन्य गांव के कुछ लोगों को उकसाने के बाद उनकी जमीन पर जबरन झोपड़ी बनाया जा रहा है। जिसको लेकर किसानों द्वारा बिलासपुर कलेक्टर व कोटा एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया था, पर अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद किसानों ने एसडीएम कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। 

 

 

 


28-May-2020 7:03 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 28 मई । नगर की सफाई व्यवस्था संभालने वाली कम्पनी लायन सर्विसेज के 400 सफाई कर्मियों ने आज हड़ताल कर दी जिससे शहर की सफाई व्यवस्था ठप पड़ गई। कर्मचारियों ने अपने दो माह का रुका वेतन देने की मांग को लेकर विकास भवन पहुंचकर प्रदर्शन किया। 

 शहर के 52 वार्डों की सफाई का ठेका लायन सर्विसेज को मिला है, जिसके अधीन 400 सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं। इन्हें कम्पनी ने पिछले दो माह का वेतन नहीं दिया है। वेतन की मांग को लेकर कर्मचारियों ने आज विकास भवन में एकत्र होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने महापौर व आयुक्त से रुका हुआ वेतन दिलाने की मांग की है। कोरोना संकट के चलते इस समय जहां सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सफाई कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। 

 


28-May-2020 7:00 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 28 मई। रेलवे के आरक्षण काउंटरों से यात्रियों द्वारा आरक्षण के साथ-साथ बड़ी संख्या में टिकटों का कैंसिलेशन भी कराया जा रहा है। बीते पांच दिनों 22 मई से 26 मई तक के बीच बिलासपुर रेल मंडल के काउन्टरों से एक करोड़ 15 लाख 33 हजार 515 रुपये का रिफंड किया जा चुका है।

रेलवे ने 22 मई से मंडल के बिलासपुर, रायगढ़, चाम्पा, कोरबा, शहडोल अनूपपुर, अम्बिकापुर, पेण्ड्रा रोड़, उमरिया, खरसिया, सक्ती, अकलतरा, नैला, ब्रजराजनगर,  बेलपहाड़, उसलापुर, कोतमा, बाराद्वार, मनेन्द्रगढ़ सहित कुल 19 आरक्षण काउंटर खोले हैं। यात्रियों की बेहतर सुविधा हेतु आरक्षण काउंटर की संख्या योजनाबद्ध तरीके से बढ़ाई जा रही है।

26 मई से विश्रामपुर व बैकुंठपुर के आरक्षण काउंटर भी खोल दिये गए हैं। स्पेशल गाडिय़ों के आरक्षण तथा रद्दीकरण दोनों कार्य किए जा रहे हैं।

सभी काउंटरों में कोविड-19 के प्रोटोकाल के तहत मास्क पहनने व सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कार्य संचालित किए जा रहे हैं।  साथ ही सभी को आरोग्य सेतु एप का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है।

 

 


28-May-2020 6:59 PM

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 28 मई। डॉ. सी.वी. रामन विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए इंटरव्यू का आयोजन किया, जिसमें 8 मल्टीनेशनल कंपनियों ने 17 विद्यार्थियों का चयन किया है। चयनित विद्यार्थी 10 लाख रुपए तक के पैकेज में इन मल्टीनेशनल कंपनियों में अपनी सेवाएं देंगे। पढ़ाई पूरी होने के साथ रोजगार मिलने पर विद्यार्थी उत्साह से लबरेज नजर आ रहे हैं।

कोरोना संक्रमण के कठिन समय में डॉ सी. वी. रामन विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए इंटरव्यू जारी है,  जिसमें मल्टीनेशनल कंपनियां विद्यार्थियों का इंटरव्यू ले कर उन्हें जॉब दे रही हैं। इसी क्रम में विश्वविद्यालय द्वारा इंटरव्यू का आयोजन किया गया। इस दौरान इनवेस्टोश्योर, आर-1 आरसीएम ग्लोबल, स्टार  सॉल्यूशन, कोलेब्रा, टाटा मोटर्स सहित 8 मल्टीनेशनल कंपनियों ने इंटरव्यू लिया। अधिकारियों ने कंपनी के सभी नियमों और कार्य करने के बारे में पूरी जानकारी लेने के बाद विश्वविद्यालय के विद्यार्थी इंटरव्यू में शामिल हुए।  विश्वविद्यालय के ट्रेंनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर राजीव पीटर्स ने बताया कि कुछ समय पहले 8 कंपनियों ने विद्यार्थियों का इंटरव्यू लिया था, जिसमें 5 कंपनियों में 17 विद्यार्थियों का चयन कंपनियों में कार्य करने के लिए किया गया है। ये विद्यार्थी 10 लाख रुपए तक के पैकेज में कार्य करेंगे। शेष कंपनियों से परिणाम आना बाकी है। चयनित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रवि प्रकाश दुबे व कुलसचिव गौरव शुक्ला ने शुभकामनाएं दी।  चयनित विद्यार्थियों में सौरभ तिवारी, प्रवीण कुमार सिन्हा, श्रेया जैन, प्रशंक सिंह ठाकुर, अक्ष रॉय, सुकिंत शर्मा, पूर्णिमा कश्यप, साक्षी अग्रवाल, साक्षी केशरवानी, मेधा शांडिल्य व अन्य विद्यार्थी शामिल हैं। 

 

 


27-May-2020

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 27 मई । लेन-देन के विवाद में दो नाबालिगों सहित 6 आरोपियों ने दो लोगों को बंधक बनाकर रात भर मारपीट की। इनमें से एक 15 वर्षीय युवराज खरे की मौत हो गई। आरोपियों ने उसकी लाश सड़क के किनारे फेंक दी। सुबह पुलिस को घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस सक्रिय हुई और 6 आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। आरोपियों में दो नाबालिग हैं। 

सिरगिट्टी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सिरगिट्टी के गोविन्द नगर के अभिजीत लाल (21 वर्ष) अभिषेक लाल (23 वर्ष) सरदार बाड़ा सिरगिट्टी के हरीश  चौहान (23 वर्ष), आदर्श नगर सिरगिट्टी के मुकेश लाउत्रे (24 वर्ष) सहित दो नाबालिगों को हत्या के आरोप में पकड़ा गया है। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि उनका मृतक युवराज खरे (15 वर्ष) के साथ पुरानी रंजिश व पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। मुकेश लाउत्रे और बाकी आरोपियों ने कल रात युवराज और उसके साथी आकाश बंजारे का अपहरण कर लिया। आरोपियों ने दोनों के हाथ-पैर बांधकर रात भर ईंट, हॉकी स्टिक और डंडे से मारपीट की। इससे युवराज की मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने मृतक और उसकी एक्टिवा बाइक को सड़क के किनारे ग्राम धमनी के पास फेंक दिया ताकि देखने में यह सड़क दुर्घटना प्रतीत हो। मृतक युवराज का साथी आकाश बंजारे किसी तरह से उनके चंगुल से छूटकर सिरगिट्टी थाने पहुंचा और घटना की सूचना पुलिस को दी। 

सूचना मिलते ही सिरगिट्टी थाना प्रभारी शांत कुमार साहू और उनकी टीम आरोपियों की तलाश में लग गई। कुछ घंटों के भीतर ही सभी 6 आरोपी गिरफ्त में ले लिये गये। इनमें से दो आरोपी नाबालिग हैं। आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 342, 323, 294, 393,394 सहित आईपीसी की अन्य धाराओं के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है। सभी को कल न्यायालय में पेश किया जायेगा। आरोपियों से घटना में प्रयुक्त रायल इनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल, नगद रुपये तथा पांच मोबाइल फोन जब्त किये गये हैं।


27-May-2020

बिलासपुर, 27 मई। कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर लगाई गई रोक को शिथिल करते हुए राज्य शासन ने एक जिले से दूसरे जिले के लिए टैक्सियों के संचालन को अनुमति दे दी गई है।

परिवहन आयुक्त द्वारा जारी निर्देश के अनुसार 28 मई से इस सेवा की अनुमति दी जा रही है। अंतर जिला टैक्सी, ऑटो परिचालन के लिये ई पास प्राप्त करना आवश्यक होगा। ई पास के लिए द्धह्लह्लश्चह्य://द्गश्चड्डह्यह्य.ष्द्दष्श1द्बस्र19.द्बठ्ठ पर आवेदन करना होगा। इसका ऐप मोबाइल फोन पर डाउनलोड करके भी आवेदन किया जा सकता है। बिना ई पास के टैक्सी, ऑटो परिचालन की अनुमति नहीं होगी। यात्रा के दौरान अनिवार्य रूप से चेहरे पर मास्क धारण करना होगाष स्वच्छता तथा सोशल डिस्टेंसिंग तथा कोरोना नियंत्रण हेतु जारी अन्य एडवाइजरी का कड़ाई से पालन करना होगा।


27-May-2020

करगीरोड (कोटा)। कोटा एसडीएम कार्यालय के बाहर आज आवेदनकर्ता की भीड़ लगी रही। इस दौरान लोगों द्वारा सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया गया। एक तरफ पूरा देश करोना वायरस बीमारी जूझ रहा, वहीं एसडीएम कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में दिनभर भीड़ जमा रहती है। एक-एक मीटर दूरी पर रहने के सारे नियम को तोड़ते हुए लोग एक साथ सटकर खड़े दिखाई दिए। पूरा कोटा ब्लाक रेड जोन होने के बाद भी एसडीएम कार्यालय, तहसील, जनपद पंचायत में भी दिन भर लोगों की भीड़ एक साथ दिखाई देती है। कोटा एसडीएम कार्यालय में रोज शादी या अन्य कई प्रकार के कार्यक्रम की अनुमति लेने के लिए आवदेन देने लोग आ रहे हैं। नवतपा की भीषण गर्मी में तेज धूप में खड़े हो कर लोग आवेदन जमा कर रहे हैं। गर्मी-धूप से बचाव के लिए छाया का कोई साधन नहीं है। 

 


27-May-2020

बिलासपुर, 27 मई । गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदनों की संख्या 15 हजार के पार हो गई है। प्रवेश परीक्षा हेतु ऑनलाइन आवेदन भरने की प्रक्रिया 4 मई से प्रारंभ हो चुकी है। वहीं ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 मई है। 
 


26-May-2020

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 26 मई।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सहित अधीनस्थ सभी अदालतों में कल 27 मई से उपस्थिति के साथ नियमित सुनवाई पर रोक लगा दी गई है। लॉकडाउन के बाद बंद अदालती कामकाज ग्रीष्मावकाश को निरस्त करते हुए 18 मई से भौतिक उपस्थिति के साथ शुरू की गई थी। 

हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा आज शाम जारी आदेश में कहा गया है कि कोविड-19 के राज्य में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और उसके अधीनस्थ राज्य के सभी न्यायालयों को बंद रखा जाएगा। हाईकोर्ट एवं सेशन कोर्ट में सिर्फ अत्यावश्यक प्रकृति के मामले जैसे जमानत के लिए आवेदन, सजा के निलम्बन के आवेदन आदि सुने जाएंगे। यह आदेश फिलहाल 15 जून 2020 तक प्रभावी रहेगा, उसके बाद कोरोना पर नियंत्रण की स्थिति को देखते हुए आगे का निर्णय लिया जाएगा। 


26-May-2020

प्रवेश परीक्षा प्रदेश के 9 स्थानों के अलावा अन्य राज्यों में भी आयोजित की जायेगी 

बिलासपुर, 26 मई । गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदनों की संख्या 15 हजार के पार हो गई है। प्रवेश परीक्षा हेतु ऑनलाइन आवेदन भरने की प्रक्रिया 4 मई से प्रारंभ हो चुकी है। वहीं ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 मई है। 

विश्वविद्यालय की वेबसाइट  द्दद्दह्व.ड्डष्.द्बठ्ठ  या द्दद्दह्व.ड्डष्.द्बठ्ठ/ह्यश्चड्ड  पर एकाउन्ट बनाकर इसकी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।  प्रवेश परीक्षा में 25 विषयों के 56 स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा के लिए छत्तीसगढ़ राज्य में 9 परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं जिनमें बिलासपुर, रायपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, राजनादगांव शामिल हैं। इसके अतिरिक्त देश के राज्यों बिहार- पटना, झारखंड- रांची, आंध्र प्रदेश- विशाखापट्टनम, उत्तर प्रदेश- प्रयागराज (इलाहाबाद), ओडिशा- भुवनेश्वर, पश्चिम बंगाल- कोलकाता, महाराष्ट्र- गोंदिया एवं मध्य प्रदेश- जबलपुर में परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं।

प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता, सीटों की संख्या, आरक्षण नीति, शुल्क, छात्रवृत्ति, प्रवेश परीक्षा तिथि व समय, परीक्षा केन्द्र एवं आवेदन कैसे करें, की जानकारी भी वेबसाइट पर उपलब्ध है। ऑनलाइन आवेदन से संबंधित सहायता हेतु अभ्यर्थी 07752-260342, 260299 एवं ई-मेल: ड्डस्रद्वद्बह्यह्यद्बशठ्ठह्यद्दद्द1ञ्चद्दद्वड्डद्बद्य.ष्शद्व  पर संपर्क किया जा सकता है।


26-May-2020

बिलासपुर, 26 मई। जिले के नव नियुक्त कलेक्टर सारांश मित्तर पहले भी बिलासपुर जिले में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वे बिलासपुर में डिप्टी कलेक्टर तथा पेन्ड्रारोड में अनुविभागीय दंडाधिकारी के रूप में काम कर चुके हैं। सन 2010 बैच के आईएएस मित्तर सरगुजा कलेक्टर पद से यहां स्थानांतरित किये गये हैं। 
इसके अलावा मित्तर बालोद कलेक्टर, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के संचालक, रायपुर नगर निगम के आयुक्त, जिला पंचायत दंतेवाड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा सहायक कलेक्टर बस्तर रह चुके हैं। 

बिलासपुर कलेक्टर डॉ. संजय अलंग को बिलासपुर में ही संभागायुक्त पदस्थ किया गया है। वे भरत लाल बंजारे का स्थान लेंगे, जिन्हें मंत्रालय में सचिव पद पर स्थानांतरित किया गया है। बिलासपुर में कोरोना संक्रमण के नियंत्रण में उनके मुख्यालय में होने का लाभ जिले को मिल सकेगा। डॉ. अलंग को सरगुजा संभागायुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। 


26-May-2020

बिलासपुर, 26 मई । स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बिलासपुर शहर सहित कोटा, तखतपुर, मस्तूरी और बिल्हा को रेड जोन एरिया में शामिल कर लिया है। जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह निर्णय लिया है। मुंगेली जिले के मुंगेली विकासखंड को भी रेड जोन में लिया गया है जबकि लोरमी को ऑरेंज जोन में रखा गया है। गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड को भी ऑरेंज जोन में लिया गया है। 

स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा गया है कि कोविड-19 के सक्रिय प्रकरणों की संख्या, प्रकरणों के दुगने होने की दर तथा प्रति एक लाख की जनसंख्या में सैम्पल जांच के आधार पर यह वर्गीकरण किया गया है। यह स्थिति 25 मई को निर्धारित की गई है जिसकी प्रत्येक सोमवार को समीक्षा की जाएगी। 

ज्ञात हो बिलासपुर शहर में कोरोना संक्रमण के तीन मामले मिले हैं जिनमें एक सिम्स की जूनियर डॉक्टर का है, दूसरा पुणे से आये छात्र का तथा तीसरा राजकोट से अटल बिहारी विश्वविद्यालय के छात्रों को लेकर आने वाले ड्राइवर का है। इसके अलावा मस्तूरी, तखतपुर, बिल्हा व कोटा से कोरोना संक्रमित मिले हैं। इस समय जिले में कोविड-19 के 40 एक्टिव केस हैं। मुंगेली शहर व आसपास बनाये गये क्वारांटीन सेंटर्स में कल 30 केस मिलने के बाद से ही प्रशासन अलर्ट हो गया था। 


26-May-2020

बिलासपुर, 26 मई। छत्तीसगढ़ स्टेट बार कौंसिल द्वारा महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा को जारी नोटिस पर हाईकोर्ट ने स्थगन देते हुए कौंसिल के अध्यक्ष प्रभाकर चंदेल से जवाब मांगा है। इधर कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष कोसराम साहू सहित अन्य कई कौंसिल सदस्यों ने महाधिवक्ता को जारी नोटिस निरस्त करने की मांग कौंसिल अध्यक्ष से की है। 

ज्ञात हो कि नि:शक्त जन स्त्रोत संस्थान में गड़बडिय़ों को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। इसमें 1000 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य के कई प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच की आदेश दिये थे, जिस पर सुप्रीम कोर्ट से स्थगन मिल चुका है। याचिकाकर्ता कुन्दन सिंह ठाकुर की ओर से स्टेट बार कौंसिल को शिकायत की गई थी कि महाधिवक्ताओं ने उन प्रशासनिक अधिकारियों को कानूनी मदद पहुंचाई है। इसके आधार पर स्टेट बार काउन्सिल के सचिव द्वारा महाधिवक्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के खिलाफ महाधिवक्ता की ओर से अधिवक्ता निर्मल शुक्ला ने याचिका दायर करते हुए इसे निरस्त करने की मांग की थी। आज हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई करने पर स्थगन दे दिया है। 

स्टेट बार काउन्सिल के पूर्व चेयरमेन कोसराम साहू ने महाधिवक्ता के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर चेयरमेन को पत्र लिखा है और इसे अनीतिपूर्ण और संस्था की छवि को धूमिल करने वाला बताया है। उन्होंने महाधिवक्ता को जारी नोटिस अविलम्ब वापस लेकर पूर्व में परिषद् के समझ लम्बित व्यावसायिक कदाचरण के मामलों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करने की मांग की है। 

ज्ञात हो कि इससे पहले स्टेट बार कौंसिल के पूर्व कोषाध्यक्ष अशोक तिवारी, सदस्य जनार्दन त्रिपाठी, अवध त्रिपाठी व लीलाधर चंद्रा ने भी अलग-अलग पत्र लिखकर महाधिवक्ता के विरुद्ध कार्रवाई पर बार कौंसिल चेयरमेन के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है। 


26-May-2020

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 26 मई। छत्तीसगढ़ स्टेट बार कौंसिल के सदस्य अशोक कुमार तिवारी ने स्टेट बार कौंसिल द्वारा महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा को भेजे गये कारण बताओ नोटिस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि सचिव को किसी भी प्रकार से कारण बताओ नोटिस जारी करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने अध्यक्ष से मांग की है कि इस मामले में पूर्व में स्थापित मान्य मापदंडों और विधि के अनुसार कार्रवाई हो, अन्यथा इस नोटिस को निरस्त किया जाये।

तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ स्टेट बार कौंसिंल (राज्य विधिज्ञ परिषद) का कार्यकाल एक फरवरी को समाप्त हो गया है, पर 6 माह का कार्यकाल बढ़ाने की अनुमति भारतीय विधिज्ञ परिषद ने दी है। इस बीच चुनाव कराने का निर्देश भी दिया गया है लेकिन इस पर कोई कार्रवाई अब तक नहीं की गई है।

मध्यप्रदेश से अलग होने के बाद गठित छत्तीसगढ़ विधिज्ञ परिषद की सामान्य सभा की बैठक में संकल्प लिया गया था कि किसी भी अधिवक्ता की शिकायत आने पर तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी नहीं की जाएगी, बल्कि स्क्रीनिंग कमेटी और अनुशासन समिति के समक्ष शिकायत को रखने के बाद ही आगे कोई कार्रवाई होगी। महाधिवक्ता जैसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन अधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा को सचिव द्वारा प्रक्रिया को अपनाये बिना ही नोटिस दी गई है, जिसका उन्हें अधिकार नहीं है। इतना ही नहीं उन्होंने मीडिया में भी इसकी व्यापक रूप से जानकारी दी, जबकि पहले कभी अधिवक्ताओं को नोटिस जारी करने अनुशासन की कार्रवाई पर विचार करने पर ऐसा नहीं किया गया।

श्री तिवारी ने ज्ञापन में कहा कि इस कार्रवाई में मेरी तथा 25 सदस्यों वाली परिषद के कई अन्य सदस्यों की इस अनियमित कार्रवाई में कोई सहमति या स्वीकृति नहीं है। परिषद एक संवैधानिक संस्था है। अध्यक्ष होने के नाते आपकी जिम्मेदारी है कि कोई भी कार्रवाई विधि के अनुसार हो अन्यथा उसे तत्काल निरस्त किया जाये।

उल्लेखनीय है कि बार कौंसिल के सचिव अमित कुमार वर्मा की ओर से बीते 22 मई को महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा व तीन अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें यह नोटिस रायपुर के कुंदन सिंह ठाकुर की शिकायत को लेकर है।

कुंदन सिंह ने एक जनहित याचिका नि:शक्त जन स्त्रोत संस्थान में हाईकोर्ट में दायर की है, जिसमें एक हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप पर जांच का निर्देश दिया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिन अधिकारियों के खिलाफ याचिका दायर की गई, उन्हें महाधिवक्ता ने अपने कक्ष में बुलाकर सलाह दी है।

 


26-May-2020

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 26 मई। खेत में धान की फसल कटाई के बाद बचे पैरे को बेलर मशीन से गोलाकार गट्ठर लगाकर किसान गौठानों में दान करने की तैयारी कर रहे हैं जिससे गौठानों में आने वाले पशुओं के लिये चारा उपलब्ध हो सके।

खेत में बचे पैरे को बेलर मशीन के माध्यम से गोलाकार ग_र बनाकर किसान आसानी से एकत्रित कर सकते हैं और अपने पशुओं को सूखा चारा दे सकते हैं। कृषि विभाग द्वारा बेलर मशीन को चलाने और पैरे के गट्ठर बनाने की विधि का प्रदर्शन किसानों को खेतों में दिया जा रहा है। इसके लिये गांवों का चयन भी किया गया है। 

बिल्हा विकासखंड के ग्राम खम्हारडीह, महमंद और मस्तूरी विकासखंड के ग्राम लावर और दर्रीघाट में बेलर मशीन से हार्वेस्टर चलाने के बाद खेत में पड़े पैरा को गट्ठर बनाने का प्रदर्शन किया जा रहा है। अभी तक इन गांवों में 200 गट्ठर तैयार कर गौठानों में देने की तैयारी की जा रही है।

जिले में इस वर्ष 18 हजार हेक्टेयर से ज्यादा गर्मी के धान की खेती की गई है। बढ़ते कृषि यंत्रीकरण और समय अभाव के कारण किसान कम्बाईंड हार्वेस्टर से धान फसल की कटाई करते हैं और धान काटने के बाद बचे पैरे को खेत में ही छोड़ देते हैं। कुछ किसान इस पैरे को जला भी देते हैं, जिससे पर्यावरण में प्रदूषण बढ़ता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशानुसार पैरा जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है और इन पैरों को गौठानों में दान करने हेतु किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

कलेक्टर डॉ. संजय अलंग और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रितेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में गर्मी के धान का पैरा एकत्र करने और गौठानों में दान करने के लिये कृषि विभाग और पंचायत विभाग द्वारा संयुक्त मुहिम चलाई जा रही है।

गौठानों में पैरा दान के लिये किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उनके खेतों में बचे हुए पैरे को गट्ठर बनाकर उसे गौठानों तक सरलतापूर्वक पहुंचाया जा सकेगा। इसी उद्देश्य को लेकर बेलर मशीन चलाने का प्रदर्शन खेतों में किया जा रहा है।


24-May-2020

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 24 मई। मुंगेली में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच जिला प्रशासन ने कड़ा फैसला लेते हुए आज शाम से 28 मई की सुबह तक सम्पूर्ण लॉकडाउन का आदेश जारी कर दिया है। सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस दौरान किराना सामान ही नहीं, दूध और सब्जी की बिक्री पर भी प्रतिबंध रहेगा। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे ने 'छत्तीसगढ़Ó को बताया कि कोरोना संक्रमण से रोकथाम के लिए युद्धस्तर पर किये जा रहे प्रयास के तहत यह फैसला लिया गया है।

कलेक्टर द्वारा आज एक आदेश जारी कर शाम 6 बजे से 28 मई की सुबह 8 बजे तक नगरपालिका मुंगेली के सम्पूर्ण क्षेत्र को पूरी तरह से लॉकडाउन पर रखा गया है। इस दौरान शासकीय कार्यालय, बैंक, गैस एजेंसी और अस्पताल संचालित होंगे। मेडिकल स्टोर्स और पेट्रोल पम्प सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक खुलेंगे। नगर पालिका की सेवायें और धान परिवहन का कार्य भी संचालित रहेगा। 

डॉ. भूरे ने बताया कि लॉकडाउन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डेयरी, सब्जी और किराना सामान की बिक्री पर इस अवधि में रोक रहेगी। जिले के कंटेन्मेंट जोन में सम्पूर्ण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस आदेश का सभी सम्बन्धितों को कड़ाई से पालन करने कहा गया है। ज्ञात हो कि मुंगेली में लगातार कोरोना केस मिल रहे हैं। प्रवासी मजदूरों के क्वॉरंटीन सेंटर्स महाराणा प्रताप वार्ड (पेन्डराकापा), सम्बलपुर व चातरखार से अभी तक 9 केस मिले हैं।  

 

 

 


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