छत्तीसगढ़ » बिलासपुर

Previous123Next
Date : 29-Mar-2020

कोरोना का बहाना कर दूसरे गंभीर मरीजों को हाथ लगाने के लिए तैयार नहीं 108 एम्बुलेंस के कर्मी 
सचिव कह रहीं-108 की सेवाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 29 मार्च। 
कोरोना महामारी से बचाव में लगे होने का बहाना लेकर 108 एम्बुलेंस के कर्मियों ने दूसरे गंभीर मरीजों को मदद करने से हाथ खींच लिया है। बिलासपुर में हाल ही में दो मामले आये, जिसमें एक वृद्ध महिला को अस्पताल पहुंचाने से यह कहकर इंकार कर दिया गया कि 108 की ड्यूटी इस समय सिर्फ कोरोना पीडि़तों के लिए है। दूसरे में आज सुबह सर्दी-खांसी के एक मरीज को यह कहकर अस्पताल पहुंचाने से मना कर दिया कि वह कोरोना पीडि़त होगा। 

निहारिक बारिक सिंह, स्वास्थ्य सचिव एवं प्रभारी सचिव बिलासपुर का कहना है कि 108 एम्बुलेंस की सर्विस पूरे प्रदेश में पहले की तरह यथावत है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। जिन मामलों के बारे में आप बता रहे हैं, मेरी जानकारी में नहीं है।

लॉकडाउन और कोरोना के चलते स्वास्थ्य विभाग पर इस समय अतिरिक्त जिम्मेदारी डाली गई है पर यह बाकी पीडि़त मरीजों को उनके हाल पर छोड़ देने का जरिया भी बना लिया गया है। महाराष्ट्र मंडल टिकरापारा निवासी मीरा पिल्लई (70 वर्ष) तीन दिनों से बीमार चल रही थीं। शुक्रवार को तबियत ज्यादा बिगडऩे पर परिवार के लोगों ने 108 को डायल लिया। आश्वासन के बावजूद एक घंटे तक एम्बुलेंस के नहीं पहुंची तो दुबारा फोन किया गया। दूसरी ओर से बताया गया कि सभी एम्बुलेंस सिर्फ कोरोना मरीजों की सेवा में लगे हैं। कोरोना की पुष्टि होने पर ही एम्बुलेंस भेजा जाएगा। पीडि़त महिला का भाई लगातार लोगों से मदद की गुहार लगाता रहा किन्तु कोरोना के भय से कोई सामने नहीं आया। रात को दो बजे कोतवाली पुलिस को फोन किया गया। पुलिस ने पेट्रोलिंग पार्टी भेजी लेकिन एम्बुलेंस की व्यवस्था वह भी नहीं कर पाई। पीडि़त परिवार रायपुर में पदस्थ एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के परिवार से है। पिल्ले परिवार ने अपने परिचितों के माध्यम से रेलवे के अधिकारियों से मदद मांगी तब रेलवे की एम्बुलेंस से मरीज को अस्पताल पहुंचाया जा सका। 

इसके ठीक उलट हुए वाकये में खूंटाघाट, रतनपुर के एक वृद्ध राकेश चौहान की शनिवार की रात तबियत बिगड़ गई। उनकी बेटी ने रात करीब दो बजे एम्बुलेंस के लिए फोन किया। एम्बुलेंस सुबह आई और बाहर खड़ी हो गई। उसने परिवार के लोगों से जानना चाहा कि क्या तकलीफ है? बताया गया कि सर्दी-खांसी है और सांस लेने में तकलीफ हो रही है। एम्बुलेंस बिना घर में घुसे और मरीज को देखे बिना वापस हो गई। एम्बुलेंस में बैठे स्टाफ ने कहा कि यह कोरोना वायरस का केस हो सकता है। यह एम्बुलेंस कोरोना मरीजों को लेकर जाने लायक नहीं है। पीडि़त मरीज के परिचित नंदकुमार कश्यप को इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने रायपुर में अपने सम्पर्कों से बात की, तब रतनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सक ने घर पहुंचकर उनकी तबियत देखी। मरीज को दवाएं दी गई है और अब उनकी हालत में सुधार भी है। 

 


Date : 29-Mar-2020

कोरोना मरीजों को रखने के लिए निजी अस्पताल को देखा स्वास्थ्य अधिकारियों ने 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 29 मार्च।
कोरोना संक्रमित संभावित मरीजों के उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के एक निजी चिकित्सालय आरबी अस्पताल का अवलोकन किया है। आपात स्थिति में इस अस्पताल की सेवाएं ली जाएंगी। 
जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रमोद महाजन ने बताया कि बिलासपुर में अब तक केवल एक संक्रमित मरीज मिला है जिसका उपचार चल रहा है। शेष अन्य संदिग्ध मरीजों को सिम्स के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। यदि भविष्य में संक्रामक मरीजों की संख्या में वृद्धि होती है तो एहतियातन आरबी हास्पिटल के प्रबंधन से बातचीत की गई है। वहां उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया गया है। यदि कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि होती है तो इस अस्पताल में उन्हें भर्ती किया जाएगा।
जरूरतमंदों को अनाज बांटा हाजी मुबस्सीर हुसैन ने
रायगढ़, 29 मार्च। समाज सेवक ने 26 मार्च को शहर की पिछड़ी बस्तियों में जिनमें चाँदमारी, इंदिरानगर, प्रेम प्रताप कालोनी में सौ से अधिक चिन्हांकित जरूरतमन्दों को राशन का समान (आटा, दाल, चावल, आलू, प्याज, तेल, नमक और मसाले)का वितरण किया। शहर के मधुवन पारा निवासी व्यवसाई हाजी मुबस्सीर हुसैन की इस पहल की हर कोई  प्रशंसा करता दिख रहा है।


Date : 29-Mar-2020

पेट्रोल पंप में आदेश का पालन नहीं

छत्तीसगढ़ संवाददाता

करगीरोड (कोटा), 29 मार्च। कोटा नगर पंचायत में बिलासपुर रोड पर मूलचंद ताराचंद पेट्रोल पंप केंद्र व राज्य सरकार के आदेश का पालन नहीं कर रहा है। यहां कार्य समय सुबह 9 से रात 9 बजे तक, यह नोटिस पंप संचालक द्वारा एक बोर्ड लगाकर लटका दिया गया है।

 देश भर में लॉकडाउन में लोग दिन भर घर में रहते हैं, बहुत ही जरूरत पडऩे पर ही घर बाहर निकल रहे हैं। नगर के लोगों को उपयोगी समानों के लिए सब्जी, अस्पताल, रसोई गैस, किराना, दवाई, डेयरी जाने को लिए मोटरसाइकिल का उपयोग करना पड़ता है। वहीं पेट्रोल पंप के संचालक की मनमानी के कारण आम जनता बेवजह परेशान हो रहे है।

लोगों का कहना है कि राज्य सरकार व केंद्र सरकार ने पेट्रोल पंप का समय सीमा निर्धारित नहीं किया गया है, इसके बाद भी मनमानी कर रहा है। वहीं पंप आपरेटरों व मैनेजर का कहना है कि जहां शिकायत करना है कर दो, हम हमारे मालिक के आदेशानुसार ही पेट्रोल-डीजल देंगे। इस संबंध में सहायक कलेक्टर देवेश ध्रुव का कहना है कि मैं इसकी जानकारी लेता हूं।


Date : 29-Mar-2020

गांव में सफाई नहीं, नाली का कचरा गली में ही छोड़ा

छत्तीसगढ़ संवाददाता

करगीरोड (कोटा), 29 मार्च। जनपद पंचायत कोटा के ग्राम पंचायत करगीकला में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। जहां एक तरफ कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, वहीं करगीकला में गंदगी पसरी दिखाई दे रही है। इस संबंध में सचिव गंगासागर का कहनाा कि अभी सफाई कार्य चालू है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पंचायत द्वारा साल में एक बार नाली की सफाई होती है, वहीं करोना को देखते सरपंच द्वारा लोगों की शिकायत पर नाली की सफाई कराई, लेकिन नाली से निकला मलमा को बिना ब्लीचिंग पाउडर छिडक़ाव के ही गली में छोड़ दिया गया है। जिससे  मलेरिया, अन्य बीमारी हो सकती है।

गांव के लोगों का कहना है कि समय में नाली सफाई नहीं होती। सचिव नियमित रूप से पंचायत भवन में बैठते ही नहीं तो इसकी जानकारी कहां देंगे। वहीं राह चलते मिलते हैं तो मौखिक रूप से व मोबाइल पर साफ़ सफाई के लिए बोला जाता है इसके बाद भी पंचायत सचिव द्वारा ग्रामीणों की शिकायतों को अनसुना किया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि जनपद पंचायत के उच्च अधिकारी गांव में मुख्य मार्ग से होकर चले जाते हैं। गांव की छोटी गली, नाली, पानी की परेशानी तो पूरा गांव घूमने पर ही पता चलेगा। अधिकारी आते तो हैं, लेकिन खानापूर्ति कर चले जाते हैं।


Date : 29-Mar-2020

गंदे पानी की निकासी नहीं

छत्तीसगढ़ संवाददाता

करगीरोड (कोटा ), 29 मार्च। ग्राम पंचायत करगीखुर्द के लोकबंध में पीने के पानी की जगह पर गंदा पानी जमा होने के कारण वार्डवासी दुर्गंध व मच्छरों से परेशान हैं, वहीं जनप्रतिनिधि एवं पंचायत सचिव द्वारा पानी निकासी के लिए उचित कार्य नहीं कराया जा रहा है जिससे वार्डवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यहां दिनभर गंदा पानी जाम होने के कारण लोगों को घरों में खाना भी खाने में तकलीफ हो रही है, क्योंकि गंदा पानी की निकासी नहीं हो रही है। पंचायत सचिव द्वारा गंदा पानी निकासी के लिए ना तो नाली बनाई है, वहीं  मेन रोड सडक़ किनारे गांव होने के कारण एडीबी सडक़ चौड़ीकरण में नाली निर्माण कार्य ऊपर किया गया है । आने वाले दिनों में गंदा जाम होने से गांव के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।

ग्रामीण जय रात्रे का कहना है कि हम लोग पंचायत सचिव से गंदा पानी का जमा होने की समस्या से अवगत कराया है, लेकिन सचिव की अनदेखी से कभी गंभीर रूप बीमारी फैल सकता है और ना ही पंचायत से कोई भी बचाव हेतु दवाई छिडक़ाव भी नहीं कराया है। पंचायत सचिव गोविंद मेश्राम से 'छत्तीसगढ़’ ने जानकारी के लिए संपर्क किया तो फोन रिसीव नहीं किया।


Date : 28-Mar-2020

तीन दिन से मोटर खराब, मात्र एक टैंकर से पानी आपूर्ति, लोग हलाकान

करगीरोड (कोटा),  28 मार्च। कोटा नगर पंचायत में वार्ड नं 5 फिरंगी पारा में तीन दिनों से मोटर खराब होने से पीने के पानी के नहीं मिलने काफी परेशानियों का सामना पड़ रहा है। इस संबंध में सीएमओ सुश्री सागर राज ने बताया कि फिरंगी पारा में जल्द ही पंप सुधार कार्य जा रहा है।

 लाकडाउन व 144 धारा लागू है , वहीं कोटा नगर पंचायत में वार्ड नं 5 फिरंगी पारा में वार्डवासियों को तीन दिनों से मोटर खराब होने से पानी के एक-एक बूंद को तरसना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में लोगों के घरों में मवेशी भी हैं। इन्हें दाना चारापानी कहां से दे, यह भी बहुत बड़ी परेशानी है। 

वार्ड के लोगों ने बताया कि हम रोज नगर पंचायत व जनप्रतिनिधि को सूचना देते हैं लेकिन हमारी समस्याओं के बारे में समझ नहीं रहे हैं। एक पानी टैंकर में पूरा मोहल्ला पानी भर रहा है। करोना वायरस के कारण हमें सरकार के नियमों का पालन करना है कि एक मीटर की दूरी पर रहकर पीने का पानी भरें।
विनोद श्रीवास वार्ड वासी ने कहा कि तीन दिन से एक ही पानी टैंकर के सहारे पीने के पानी भर रहे हैं।


Date : 28-Mar-2020

कोरोना पर झूठी फेसबुक पोस्ट, अपराध दर्ज  

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 28 मार्च ।
कोरोना महामारी के बारे में फेसबुक पेज पर झूठी पोस्ट डालकर अफवाह फैलाने के आरोप में पुलिस ने अभिषेक निक्कू चौबे नाम के युवक के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

आरोपी ने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट डाली-सरकंडा में कोरोना ने दी दस्तक। इस पर कुछ यूजर्स ने पूछा कि कहां है, कौन है? पूछे जाने पर उसने लोकेशन जबड़ापारा का बताया। पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि अब तक सरकंडा क्षेत्र में कोरोना महामारी से कोई भी व्यक्ति पीडि़त नहीं है। इस पोस्ट के जरिये महामारी जैसी गंभीर बीमारी के बारे में झूठी अफवाह फैलाकर जन-सामान्य को भयभीत किया गया। एएसपी, सीएसपी कोतवाली व सरकंडा थाना प्रभारी को निर्देश देकर उक्त आरोपी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

 


Date : 28-Mar-2020

विधायक ने कहा-किसी भी जरूरतमंद को राशन की जरूरत हो सम्पर्क करें, आम लोगों को अपना निजी फोन नंबर उपलब्ध कराया 

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 28 मार्च।
लॉकडाउन के दौरान गरीब रोजी मजदूर रिक्शा चलाने वालों के आगे रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। इसके लिए बिलासपुर विधायक शैलेश पांडे ने मोर्चा संभाला हैं। वे लोगों को राशन का पैकेट उपलब्ध करा रहे है। उन्होंने अपील की है कि जिस भी व्यक्ति को खाने के सामान की जरूरत हो वे उनसे  सीधे संपर्क कर सकते हैं। 

कोरोना वायरस के संक्रमण के इस दौर में पूरी दुनिया संकट से गुजर रही है। बिलासपुर का जनजीवन भी पूरी तरह ठप है। बिलासपुर पूरी तरह थम चुका है। इस कठिन घड़ी में सबसे अधिक संकट में गरीब, रोजी मजदूर, रिक्शा चलाने वाले और मांग कर खाने वाले हैं। ऐसे में सिर्फ मैदान में बिलासपुर के विधायक शैलेश पांडे ही नजर आ रहे हैं, जो सभी मोर्चों पर सुबह से शाम तक पहुंच रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने विधायक निधि से 20 लाख रुपये देने का भी ऐलान किया। इससे पहले वे अपना वेतन भी कोरोना वायरस से लडऩे के लिए दे चुके हैं। शुक्रवार से उन्होंने एक और शुरुआत की है। शहर के जरूरतमंद गरीब रोजी मजदूर रिक्शा चलाने वालों को उनके द्वारा जरूरत का राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। 

विधायक कार्यालय में इसके लिए विशेष पैकेट तैयार किए गए हैं, जिसमें दाल चावल आटा तेल नमक, मसाले आदि जरूरी सामान है। इन्हें जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा रहा है। इस बीच विधायक ने कहा है कि उन्होंने अपना मोबाइहल नंबर 6269 30 6666 भी सार्वजनिक कर दिया है। कोई भी जरूरतमंद उन्हें फोन कर अपने लिए राशन की व्यवस्था कर सकता है। जरूरतों को वे यथासंभव पूरा करने का प्रयास कर रहे है। 


Date : 28-Mar-2020

सिम्स को मिलेगी ट्रामा एम्बुलेंस सांसद साव ने दिए 56 लाख

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 28 मार्च। सांसद अरुण साव ने वैश्विक महामारी कोरोना के मद्देनजर अपने लोकसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने सांसद निधि से 56 लाख 71 हजार रुपए की मंजूरी दी है। इसमें से 28 लाख 6 हजार रुपए सिम्स हास्पिटल एवं 28 लाख 65 हजार रुपए जिला अस्पताल मुंगेली को जारी किए गए हैं।

ज्ञात हो कि सिम्स प्रबंधन ने विगत दिनों सांसद साव को अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं संसाधनों की जानकारी देते हुए एक वातानुकूलित ट्रामा एम्बुलेंस सांसद निधि से प्रदान करने की मांग की थी, जिसकी लागत लगभग 28 लाख 6 हजार रुपए है। सिम्स प्रबंधन की मांग को पूर्ण करते हुए साव ने राशि जारी का निर्देश कलेक्टर एवं जिला योजना, सांख्यिकी विभाग को दिया है। इसी तरह जिला अस्पताल प्रबंधन मुंगेली ने डिजिटल सोनोग्राफी मशीन की कमी से अवगत कराते हुए मरीजों के लिए भोजन तैयार करने अस्पताल परिसर में किचन शेड का निर्माण सांसद निधि से कराने की मांग की थी।

इन मांगों को मंजूर करते हुए साव ने डिजिटल सोनोग्राफी मशीन खरीदने 18 लाख 65 हजार रुपए  एवं किचन शेड का निर्माण कराने 10 लाख रुपए जारी करने का निर्देश कलेक्टर मुंगेली को दिया है।


Date : 28-Mar-2020

छत्तीसगढ़ की जेलों से 1500 कैदी रिहा होंगे, कोरोना के खतरे को देखते हुए फैसला, यह निर्णय लेने वाला देश का दूसरा राज्य

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 28 मार्च। कोरोना महामारी की आशंका को देखते हुए जेलों से 1500 कैदी रिहा किए जाएंगे। यह फैसला राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की टेली कांफ्रेसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में लिया गया। तिहाड़ जेल दिल्ली के बाद छत्तीसगढ़ दूसरा राज्य है, जहां ऐसा फैसला लिया गया है।

राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव सुब्रत साहू, जेल विभाग के प्रमुख सचिव एम के चंद्रवंशी और जेल विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक संजय पिल्ले इस टेली कांफें्रसिंग में शामिल हुए।

प्रदेश की जेलों में बंद छत्तीसगढ़ राज्य के निवासी ऐसे कैदी जिनको किसी मामले में अधिकतम सात साल की सजा हो सकती है या दी गई है उन्हें कुछ शर्तों के साथ जेलों से रिहा करने का निर्णय लिया गया। ऐसे बंदी जिनके मामले की सुनवाई चल रही हो उन्हें 30 अप्रैल तक की निजी मुचलके पर अंतरिम जमानत दे दी जाएगी। ऐसे बंदी जिन्हें सात साल तक की सजा सुनाई जा चुकी है और जेल में तीन माह या उससे अधिक की अवधि व्यतीत कर चुके हों, उन्हें 30 अप्रैल तक के पैरोल पर छोड़ दिया जाएगा। इन बंदियों को अपना आवेदन अपने जिलों के विधिक सेवा प्राधिकरण में जिला जज की ओर से नियुक्त किये गये विशेष जजों के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, इसके बाद रिहा करने की कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश में इस फैसले से लाभान्वित होने वाले बंदियों की संख्या लगभग 1500 बताई गई है।

कोरोना महामारी के चलते तिहाड़ जेल के करीब तीन हजार कैदी हाल ही में रिहा किए गये थे। छत्तीसगढ़ यह निर्णय लेने वाला देश का दूसरा राज्य है। पंजाब सरकार ने भी कैदियों की रिहाई के लिए योजना बनाई है।

 

 


Date : 28-Mar-2020

पूर्व की अनुशंसा वापस लेकर विधायक पांडे ने 20 लाख रुपये कोरोना से निपटने स्वास्थ्य विभाग को दिए

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 28 मार्च। नगर विधायक पांडे ने करोना वायरस संक्रमण के बचाव और सहायता के लिए विधायक निधि से स्वास्थ्य विभाग 20 लाख रुपए देने की घोषणा की है। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2019-20 में कुछ कार्य अनुशंसा की थी, जिनकी अनुमति शासन में लंबित है। उन्होंने ऐसे लंबित कार्यों की अनुशंसा में परिवर्तन कर वर्तमान में कोरोना वायरस की महामारी से बिलासपुर की जनता के बचाव और रोकथाम हेतु 20 लाख रुपए दिए हैं।

करोना वायरस के संक्रमण से लडऩे के लिए अब लोग खुले हाथों से आर्थिक सहयोग प्रदान कर रहे हैं। 2 दिन पहले नगर विधायक शैलेश पांडे ने मुख्यमंत्री कोरोना राहत कोष में एक माह का वेतन प्रदान किया था। इसके बाद से लगातार प्रदेश भर के जनप्रतिनिधि सामाजिक संगठन उद्योगपति सहित अन्य लोग इस महामारी से लडऩे के लिए आर्थिक सहयोग दे रहे हैं। पांडे ने बताया कि विधायक निधि की 20 लाख रुपए की राशि अब इस महामारी के लिए खर्च की जाएगी। इसके लिए हमने कलेक्टर को पत्र लिखकर जानकारी दे दी है। उन्होंने कोरोना के बढ़ते दुष्प्रभाव को देखते हुए लोगों को सामने आकर मदद करने की अपील की।


Date : 28-Mar-2020

गृहमंत्री के गांव के मजदूर महाराष्ट्र में फंसे, विधिक सेवा के हेल्पलाइन से मिली मदद, लॉकडाउन तक होगी देखभाल

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 28 मार्च। देशभर में 23 मार्च को लॉकडाउन होने के बाद मजदूर कई जगहों पर फंसे हुए हैं। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के वासिंग गांव के 10 मजदूर भी इनमें शामिल हैं। लीगल सर्विस एड के हेल्प लाइन नंबर पर फोन करने पर इन्हें वहां रुकने व भोजन की व्यवस्था कराई गई है। इनमें एक गर्भवती महिला भी हैं, जिन्हें चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। वासिंग गांव छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू का भी गांव है।

बुधवार 25 मार्च की रात नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 पर सूचना मिली कि फोन आया कि सतारा के पास कराड ग्राम में 10 मजदूर भटक रहे हैं जो छत्तीसगढ़ के हैं। लाकडाउन होने के बाद ठेकेदार काम छोडक़र भाग गया है और इन लोगों के पास खाने-पीने के लिये या वापस लौटने के लिए पैसे नहीं है।

फोन आने पर विधिक सहायता अधिकारी ने इसकी जानकारी राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव सिद्धार्थ अग्रवाल को दी। उन्होंने महाराष्ट्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से सम्पर्क किया। इसके बाद सतारा स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी सक्रिय हो गए। उन्होंने इन श्रमिकों के लिए इतने राशन की व्यवस्था करा दी है जो उनके आने वाले 15 दिनों के लिए पर्याप्त है। गर्भवती श्रमिक महिला का स्वास्थ्य परीक्षण भी सतारा के कॉटेज चिकित्सालय में कराया गया। इसके अलावा दो अन्य मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया है। चूंकि इस समय ट्रेन, बस आदि सेवाएं बंद है उनके आने की व्यवस्था नहीं हो पा रही है इसलिये वे कराड में ही रुके हुए हैं।

सतारा के विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव तृप्ति नितिन जाधव ने छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को सूचित किया है कि लॉकडाउन खत्म होते तक उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाएगा तथा आगे उन्हें जैसी जरूरत होगी मदद पहुंचाई जाएगी। ये सभी मजदूर बालोद जिले के वासिंग गांव के हैं, जो छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू का भी गांव है।


Date : 27-Mar-2020

कोरोना संक्रमित महिला के रिश्तेदार सांसद के मोहल्ले में, तीन घरों को क्वारंटाइन के साथ सर्विलांस में रखा

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 27 मार्च। रामा लाइफ सिटी की जिस 65 वर्षीय महिला का कोरोना संक्रमण पॉजिटिव पाया गया है उनके तीन रिश्तेदारों के घर को क्वारंटाइन पर रखते हुए नोटिस चिपका दिये गये हैं और उनके 28 दिनों तक घरों से निकलने पर रोक लगा दी गई है। इन तीनों परिवारों को निगरानी पर रखा गया है। इन सभी का घर क्षेत्रीय सांसद अरुण साव के मोहल्ले बाबजी पार्क में हैं। तीन घरों को सर्विलांस में रखे जाने की जानकारी मिलने के बाद बाबजी पार्क के निवासियों ने कोरोना से बचाव के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।

ज्ञात हो कि सऊदी अरब से बीते माह 10 फरवरी को बिलासपुर लौटी 65 वर्ष की महिला का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है। उन्हें अपोलो अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कराया गया है। उनकी तबियत अब तक ठीक बताई जा रही है। महिला ने एक सप्ताह पहले ही स्वास्थ्य विभाग को अपने विदेश से लौटने की जानकारी दी थी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने एक बार फिर उनका ब्लड सैंपल रायपुर एम्स भेजा है क्योंकि कोरोना संक्रमित होने के 40 दिन बाद भी उनकी सेहत पर विशेष प्रभाव नहीं दिखाई दे रहा है। इस बीच जानकारी मिली कि बाबजी पार्क में वह अपने इन रिश्तेदारों के यहां आकर रुका करती थीं। यहां उनके तीन रिश्तेदार रहते हैं। कोरोना सेल को जब इसकी जानकारी हुई तो शुक्रवार की सुबह उसने इन तीनों घरों में कोविड 19 के संभावित प्रभावित के रूप में नोटिस चिपका दिया है। क्वारांटाइन कर उनकी निगरानी की जा रही है। संक्रमित महिला के ड्राइवर और रसोइये के परिवार को भी क्वारांटाइन किया गया है। 

 


Date : 27-Mar-2020

पुलिस जवान पहनेंगे खाकी मास्क, कल्याण समिति ने की है तैयार, जरूरतमंदों को भी बांटे जाएंगे

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 27 मार्च।
कोरोना संक्रमण के दौरान प्रभावी लॉक डाउन के लिए सड़कों पर ड्यूटी कर रहे पुलिस अधिकारी व जवान अब खाकी कपड़ों के मास्क पहनेंगे।
इस समय मास्क और सेनेटाइजर की आपूर्ति मांग के मुकाबले बहुत कम है। इसे देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने पुलिस कल्याण समिति को खाकी कपड़ों का मास्क बनाने का काम सौंपा था। समिति इसी कपड़े से पुलिस की वर्दी तैयार करती है। 

गुरुवार को पुलिस अधीक्षक ने पुलिस कंट्रोल रूम में थाना प्रभारियों और अन्य प्रभारियों को मास्क वितरित किया, जो अब अच्छी तादात में तैयार किये जा चुके हैं। शहर के विभिन्न स्थानों पर भी जरूरतमंदों को ये मास्क वितरित किए जाएंगे।

 


Date : 26-Mar-2020

महाधिवक्ता सहित एजी ऑफिस के 14 अधिवक्ता सेल्फ क्वारंटाइन में गए
विदेशी मेहमानों के साथ पार्टी मनाकर बैठक में पहुंच गईं उप-महाधिवक्ता, एसपी-कलेक्टर से शिकायत 

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 26 मार्च। हाईकोर्ट की उप-महाधिवक्ता हमीदा सिद्दीकी विदेश से आये मेहमानों के साथ शादी समारोह में शामिल होकर लौटीं और उसके बाद महाधिवक्ता कार्यालय में रखी गई एक बैठक में किसी को सूचना दिये बगैर शामिल हो गईं। वह यहां करीब 20 मिनट तक बैठी रहीं। शाम को जब एडवोकेट जनरल को इसका पता चला तो उन्होंने कलेक्टर, एसपी से इसकी शिकायत की। प्रशासन तुरंत हरकत में आया। अब महाधिवक्ता कार्यालय के एजी, एडिशनल एजी, डिप्टी एजी सहित 14 लोग सेल्फ क्वारंटाइन में अपने घरों में कैद हो गये हैं। 

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में उप-महाधिवक्ता हमीदा सिद्दीकी मूलत: अम्बिकापुर की हैं। जानकारी मिली है कि बीते 22 मार्च को पहले लाकडाउन के दिन उन्होंने अम्बिकापुर के एक होटल में अपने एक रिश्तेदार के घर पर आयोजित विवाह समारोह में भाग लिया। इस समारोह में 200 से ज्यादा मेहमान थे, जिनमें से चार लोग विदेश से आये हुए थे। लॉकडाउन के दौरान समारोह रखने और धारा 144 लागू होने के बावजूद एकत्र होने की शिकायत मिलने पर पुलिस-प्रशासन ने होटल जाकर बड़ी मशक्कत के बाद समारोह को रूकवाया। होटल के मालिक तथा दो अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस ने धारा 188 के तहत अपराध दर्ज कर लिया। वहां पर स्वास्थ्य विभाग ने कुछ लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और ब्लड सैंपल भी लिया। इस मामले में प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई क्योंकि समारोह में शामिल शेष लोगों के लिए उन्होंने कोई दिशा-निर्देश नहीं दिया। बताया जाता है कि जिन लोगों का ब्लड सैंपल लिया गया उनकी रिपोर्ट भी जल्दी आ गई, जिसे निगेटिव बताया जा रहा है। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ मे सिर्फ एम्स रायपुर में कोरोना वायरस का टेस्ट इस समय हो रहा है, जो बहुत जल्दी नहीं मिलता। हालांकि अब बिलासपुर, रायपुर व प्रदेश के अन्य स्थानों पर मौजूद दो निजी लैब भी इसके लिए अधिकृत किये गए हैं। 

रिश्तेदार के विवाह समारोह में शामिल होने के बाद उप-महाधिवक्ता हमीदा सिद्दीकी बिलासपुर के रिंग रोड दो पर स्थित अपने निवास आ गई। अगले दिन मंगलवार को वे महाधिवक्ता कार्यालय पहुंची, जहां महाधिवक्ता बैठक ले रहे थे। इस बैठक में अतिरिक्त महाधिवक्ता आलोक बख्शी व विवेकरंजन तिवारी सहित पांच उप-महाधिवक्ता व सरकारी वकीलों सहित कुल 14 लोग उपस्थित थे। बैठक के दौरान हमीदा सिद्दीकी ने यह जानकारी नहीं दी कि वे विदेश से आये हुए मेहमानों के साथ रखी गई पार्टी में शामिल हुई हैं। इसकी जानकारी मंगलवार को महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा को मिली। उन्होंने रात में ही इस बात की जानकारी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को दी। वर्मा ने कहा कि इसके बाद बैठक में मौजूद सभी लोगों ने अपने आपको सेल्फ क्वारंटाइन कर लिया है। वे खुद अपने परिवार के साथ घर पर क्वारंटाइन पर हैं। सिद्दीकी को भी स्वास्थ्य विभाग ने क्वारंटाइन पर रहने का निर्देश देते हुए उनके घर के बाहर पर्ची चिपका दी है। वर्मा ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान इस तरह से जानकारी छिपाना आपत्तिजनक है। कोरोना वायरस की कड़ी तोडऩे का प्रयास इससे विफल हो सकता है। 

 


Date : 26-Mar-2020

श्रमिकों को तत्काल मदद पहुंचाने समिति गठित

बिलासपुर, 26 मार्च । नोवेल कोरोना वायरस से उत्पन्न परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में जरूरतमंद पंजीकृत श्रमिकों व कर्मकारों को आवश्यकतानुसार तात्कालिक सहायता प्रदान करने के लिए कलेक्टर डॉ. संजय अलंग की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारीरितेश अग्रवाल सदस्य, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी बी.एस. उइके सदस्य एवं नोडल अधिकारी तथा सहायक श्रमायुक्त ज्योति शर्मा सदस्य सचिव होंगे। यह समिति श्रमिकों के प्रकरणों का निराकरण 24 घंटे के भीतर करेगी। 
 


Date : 26-Mar-2020

कोरोना संक्रमण से पीडि़त 65 वर्षीय महिला की तबियत 40 दिन में भी नहीं बिगड़ी

दुबारा टेस्ट लेने ब्लड सैम्पल भेजा गया, अपोलो में भर्ती, ड्राइवर, रसोईये, घरेलू नौकरानी और सम्पर्क में आने वाले भी क्वारंटाइन में

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 26 मार्च। रामा लाइफ सिटी की जिस 65 वर्षीय वृद्ध महिला में कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट है, वह 10 फरवरी से सऊदी अरब से बिलासपुर आ चुकी हैं। चालीस दिन तक संक्रमित होने के बावजूद प्रत्यक्ष रूप से कोई लक्षण नहीं दिखना चिकित्सकों को हैरान कर रहा है। इसलिये उनका एक बार फिर सैम्पल लेकर रायपुर एम्स भेजा गया है। महिला को अपोलो अस्पताल में इलाज के लिये भर्ती कराया गया है साथ ही उसके ड्राइवर, रसोईये और घरेलू नौकरानी को भी क्वारंटाइन में रख दिया गया है।

ज्ञात हो कि बुधवार की रात एम्स रायपुर से इस महिला के ब्लड सैम्पल की रिपोर्ट आई, जिसमें उनको कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। यह बिलासपुर का पहला पॉजिटिव केस है। इसलिये खबर मिलते ही प्रशासन अलर्ट हो गया। उक्त महिला रामा लाइफ सिटी में अपने पति के साथ रहती हैं। सिम्स में एक सप्ताह पहले वह स्वयं पहुंची थीं। उनको पता चला कि विदेश यात्रा करके आने वालों को अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराना जरूरी है, इसलिये वह स्वयं ही अस्पताल पहुंची थीं। सिम्स में उनका बल्ड सैम्पल लिया गया और घर पर सेल्फ क्वारंटाइन में रहने कहा गया था। तब से महिला घर पर ही थी और घर में किसी के सम्पर्क में नहीं थीं। उनके पति साथ हैं पर उनको कोई लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं। एक सप्ताह बाद बुधवार की रात आई रिपोर्ट में महिला को कोरोना संक्रमित पाया गया।

महिला के बताये अनुसार वह 10 फरवरी को बिलासपुर आ चुकी हैं, तब कोरोना को लेकर किसी तरह का निर्देश जारी नहीं किया गया था। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यदि विदेश से कोरोना का संक्रमण महिला के शरीर में पहुंचा था तो इसका लक्षण 24 फरवरी तक ही दिख जाते। ऐसा संभव है कि वह बाद में शहर आने के बाद संक्रमित हुई हों। संभावित कोरोना पीडि़त में लक्षण नहीं दिखाई देने पर तीन बार टेस्ट कराया जाता है। इसीलिये महिला का ब्लड सैम्पल लेकर आज गुरुवार को फिर एम्स रायपुर के लैब को भेजा गया है। वहां से रिपोर्ट आने तक उनको अपोलो अस्पताल के कोरोना आइसोलेशन वार्ड में भर्ती रखा जायेगा।

महिला के रसोईये,ड्राइवर, घरेलू नौकरानी और उनसे इस बीच मिलने के लिए आने वाले सभी लोगों को सेल्फ क्वारंटाइन में रहने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कहा है। इसके अलावा इस क्षेत्र को सील कर दिया गया है ताकि कोई बाहरी व्यक्ति यहां प्रवेश न कर सके, साथ ही सर्विलांस टीम भी वहां लगातार गश्त करेगी।

क्वारंटाइन में रखे गये 1500 लोगों के घर सिपाही तैनात होंगे 

क्वारंटाइन में रखे गये व्यक्तियों के घरों के बाहर सिपाही तैनात किये जायेंगे। कलेक्टर डॉ.संजय अलंग ने कोविड-19 के संक्रमण के विस्तार को देखते हुए यह निर्देश दिया है। जिले के नगर निगम क्षेत्र में अब तक 349 और पंचायतों में 1500 व्यक्तियों को क्वारंटाइन किया गया है।


Date : 26-Mar-2020

शैलेश पांडे ने केंद्रीय जेल का किया निरीक्षण

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 26 मार्च।
कोरोनो वायरस के बढ़ते प्रकोप और शहर को सुरक्षित और लोगों को लॉक डाउन के दौरान  किसी तरह की समस्या न हो इसका जायजा लेने विधायक शैलेश पांडे रोज सडक़ों पर निकल रहे हैं। 

व्यापारी आम जनता सभी को इस समय सावधानी बरतने और घरों में रहने की अपील कर रहे हैं। इसी कड़ी में विधायक शैलेश पांडे केंद्रीय जेल का निरीक्षण करने पहुँचे। उन्होंने बंदियों को मास्क वितरित किया और संक्रमण से बचाव की जानकारी भी दी। 

इस दौरान कैदियों को कोरोना वायरस से  वहाँ उपस्थित अधिकारियों को जेल परिसर को साफ सुथरा रखने का निर्देश देते हुए विधायक पांडे ने कहा कि इस समय पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है।  

यह बीमारी अब हमारे देश में भी दस्तक दे चुकी है। हम सभी को इस संकट के समय में एकजुट होकर इस बीमारी को हराना है। शासन और प्रशासन दोनों मिलकर लोगों के बेहतर से बेहतर कार्य कर रहे हैं, आप में से किसी को भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है लेकिन सावधानी बरतने की जरूरत है। इसमें थोड़ी सी भी लापरवाही होने पर परिणाम गंभीर हो सकते हैं। हम सब की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि शासन और प्रशासन का सहयोग करें। इस अवसर पर कांग्रेस नेता पंकज सिंह और जेल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे। 
 


Date : 26-Mar-2020

अपना बिलासपुर

बिलासपुर, 26 मार्च। कोरोना के बढ़ते संकट की वजह से कई लोगों के काम ठप हो गए हैं, जिसकी वजह से मजदूरों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। दिहाड़ी मजदुर, रिक्शा और भीख मांगकर जि़ंदगी की गाडी को चलाने वाले बेसहारा लोगों ने खुद को सडक़ किनारे ही लॉकडाउन कर रखा है, ऐसे में इनकी भूख-प्यास की चिंता शहर के कुछ जागरूक लोगों के अलावा कई सामाजिक संस्थाओं ने की है। हालांकि जिला प्रशासन ने ऐसे बेघरबार लोगों के इंतजाम की बात कही है लेकिन बुधवार शाम तक शहर के विभिन्न इलाकों में बेसहारा लोग सडक़ किनारे अपने अस्थाई ठिकानों पर ही नजर आये।

बिलासपुर दाऊदी बोहरा जमात के कई सदस्य पिछले कुछ दिनों से जरूरतमंदों के अलावा सडक़ पर ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मियों के लिए चाय, भोजन लेकर निकल रहे हैं। कल इस समाज के संवेदनशील लोगों ने शहर के नेहरू चौक, सिम्स चौक, पुराना बस स्टैंड के अलावा रेलवे परिक्षेत्र में जरूरतमंदों को ना सिर्फ चाय बिस्किट बाँटा बल्कि उन्हें भोजन भी दिया।

ईसाई मिशनरी की एक संस्था कोरोना संकट के चलते बने हालात के मद्देनजऱ कल बुधवार की दोपहर सडक़ पर जरूरतमंदों के लिए खाना लेकर निकली । यह तस्वीर भारतमाता स्कूल के सामने रेलवे परिक्षेत्र बिलासपुर की है । इसके अलावा दाऊदी बोहरा जमात के सदस्य भी चाय और भोजन लेकर निकले थे। तस्वीर और जानकारी सत्यप्रकाश पाण्डेय ने दी है।


Date : 26-Mar-2020

कोरोना का भय : सिम्स के डॉक्टर का इस्तीफा, एफआईआर की चेतावनी के उल्टे पांव लौटे

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 26 मार्च। एक ओर कोरोना वायरस के चलते डॉक्टरों की जिम्मेदारी बहुत बढ़ चुकी है वहीं सिम्स मेडिकल कॉलेज के एक सहायक प्राध्यापक ने ऐन मौके पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। दो दिन बाद उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी मिलने के बाद अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर ली।

सिम्स मेडिकल कॉलेज के मेडिसन विभाग में डॉ. राजेश अग्रवाल संविदा पर सहायक-प्राध्यापक हैं। उन्हें कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. पंकज टेम्भुर्णिकर के साथ समन्वयक बनाकर सिम्स चिकित्सालय में ड्यूटी करने की जिम्मेदारी दी गई थी। बीते सोमवार को उन्होंने अचानक अपना इस्तीफा डीन के पास भिजवा दिया और घर चले गये। इस समय कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए सिम्स में 24 घंटे ओपीडी खोलकर रखी गई है। इसके लिए ज्यादा चिकित्सकों की जरूरत भी सिम्स में पड़ रही है। ऐसे में सहायक प्राध्यापक के इस्तीफे ने सिम्स प्रबंधन को परेशानी में डाल दिया। यदि इसी तरह कोरोना के चलते बढ़ी हुई जिम्मेदारी को निभाने के बजाय डॉक्टर इस्तीफा देने लगेंगे तो स्थिति और बिगड़ जायेगी।

डीन ए. के. पात्रा ने इसकी जानकारी कलेक्टर तथा स्वास्थ्य सचिव को दी। (बाकी पेजï 5 पर)

स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कलेक्टर और डीन के साथ इस स्थिति को लेकर चर्चा की। स्वास्थ्य सचिव के निर्देश पर डीन ने इस्तीफा देने वाले डॉक्टर अग्रवाल को 24 घंटे के भीतर ड्यूटी ज्वाइन करने का आदेश दिया। उन्हें साफ बताया गया कि ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जायेगी। चेतावनी का असर हुआ कि बुधवार की शाम को डॉक्टर ने सिम्स आकर अपना इस्तीफा वापस ले लिया और ड्यूटी ज्वाइन कर ली। हालांकि बताया जाता है कि डीन से उन्होंने निवेदन किया है कि कोरोना संकट खत्म होने के बाद उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाये।


Previous123Next