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Posted Date : 26-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 26 अप्रैल।  बिल्हा और दाधापारा के बीच 29 एवं 30 अप्रैल को तथा 6 और 7 मई को रेल लाइन पर ट्रैफिक और पॉवर ब्लॉक किया जाएगा। इसके कारण कई ट्रेनें प्रभावित होंगी। 
    28 अप्रैल एवं 5 मई को सारनाथ एक्सप्रेस छपरा से बिलासपुर तक ही चलेगी और इसी दिन यह बिलासपुर से ही छपरा के लिए रात्रि में रवाना होगी। सारनाथ एक्सप्रेस बिलासपुर से दुर्ग के बीच रद्द रहेगी। बरौनी गोंदिया एक्सप्रेस 28 अप्रैल एवं 5 मई को उसलापुर और गोंदिया के बीच रद्द रहेगी। यह ट्रेन उसलापुर तक आएगी और 30 अप्रैल तथा 7 मई को यहीं से बरौनी रवाना होगी। 28 अप्रैल एवं 5 मई को अम्बिकापुर से छूटकर दुर्ग जाने वाली एक्सप्रेस उसलापुर में समाप्त होगी और 6 मई को यहीं से वापस अम्बिकापुर रवाना होगी। यह ट्रेन उसलापुर से दुर्ग के बीच रद्द रहेगी। 
    29 अप्रैल एवं 6 मई को टाटानगर-इतवारी पैसेंजर भी बिलासपुर में समाप्त होगी। यह बिलासपुर से इतवारी के बीच एवं इतवारी से बिलासपुर के बीच रद्द रहेगी। 30 अप्रैल एवं 7 मई को गेवरा रोड रायपुर पैसेंजर बिलासपुर रायपुर के बीच रद्द रहेगी। 30 अप्रैल एवं 7 मई को रायपुर से इतवारी तथा इतवारी से रायपुर पैसेंजर एक मई और 8 मई को रद्द रहेगी। एक एवं 8 मई को रायपुर से बिलासपुर पैसेंजर रद्द रहेगी। 
    हावड़ा मुम्बई मेल 29 एवं 30 अप्रैल को तथा 6 एवं 7 मई को बिलासपुर में 15 मिनट रोकी जाएगी। अहमदाबाद हावड़ा एक्सप्रेस 29 एवं 30 अप्रैल को तथा 6 एवं  7 मई को भाटापारा एवं बिल्हा में 45 मिनट रोकी जाएगी। मुम्बई हावड़ा गीतांजली एक्सप्रेस 29 तथा 30 अप्रैल एवं 6 तथा 7 मई को रायपुर में 30 मिनट रोकी जाएगी। 
    चांपा स्टेशन में ठहराव
     पुणे से सांतरागाछी के लिए चलने वाली सुपर फास्ट स्पेशल का अस्थायी रूप से चांपा स्टेशन में ठहराव शुरू किया गया है। सांतरागाछी से पुणे के लिए छूटने वाली ट्रेन सुबह 3.43 को तथा पुणे से सांतरागाछी के लिए छूटने वाली ट्रेन सुबह 8.25 को दो मिनट का ठहराव चाम्पा में दिया गया है। 
    मेमू लोकल का समय बढ़ा
     रायगढ़ से बिलासपुर के बीच चलने वाली मेमू लोकल का बिलासपुर पहुंचने का समय 20 मिनट बढ़ा दिया गया है। पहले यह ट्रेन 15.25 बजे रायगढ़ से छूटकर 18.20 को बिलासपुर पहुंचती थी, अब यह 18.40 को बिलासपुर पहुंचेगी। 

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Posted Date : 25-Apr-2018
  • हाईकोर्ट ने शासन की नीलामी प्रक्रिया को सही ठहराया 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 25 अप्रैल। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तेंदूपत्ता नीलामी में घोटाले का आरोप लगाते हुए दायर जनहित याचिका खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने शासन की नीलामी प्रक्रिया को सही ठहराया है। ई.टेंडरिंग में गड़बड़ी को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में पहली बार याचिका दायर की गई थी। 
    याचिकाकर्ता संतकुमार नेताम ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार और लघु वनोपज संघ ने नियमों को ताक पर रखकर तेंदूपत्ते की नीलामी कराई। सर्वाधिक ऊंची बोली बोलने वाले निविदाकारों को तेंदूपत्ता का विक्रय करने के बजाय कम दर पर बोली लगाने वालों को तेंदूपत्ता बेच दिया गया, जिससे शासन को करीब 300 करोड़ का नुकसान हुआ है। यह नुकसान तेंदूपत्ता संग्राहकों का भी है क्योंकि उन्हें बिक्री की कीमत का लाभांश भी मिलता है। 11 अप्रैल को मामले की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फेडरेशनए राज्य सरकार और नीलामी में भाग लेने वाले व्यापारियों को नोटिस जारी किया था। 
    हाईकोर्ट के उप.महाधिवक्ता आशुतोष कछवाहा ने बताया कि कोर्ट में शासन और फेडरेशन का पक्ष रखा गया। नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर की गई आपत्ति पर शासन ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की गई है। प्रत्येक बोली के साथ निविदाकार को अमानत राशि भी जमा करनी होती है। सर्वाधिक ऊंची बोली लगाने वाले व्यापारी  प्रदेश के 518 लॉटों में से 19 लॉटों की बोली ही उनके द्वारा जमा की गई अमानत राशि के आधार पर मान्य की गई। उसके बाद उनकी पात्रता खत्म हो गई। इसके बाद द्वितीय क्रम और उसके बाद के क्रम वाले निविदाकारों की निविदा स्वीकृत की गई। 
    शासन की ओर से बीते कई वर्षों का तथा कई अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए आंकड़ों से यह भी बताया गया कि तेंदूपत्ता एक ऐसा उत्पादन है जिसके दर में हर साल काफी उतार-चढ़ाव आता है। सन् 2017 में ऊंची बोली लगी थी, पर पिछले साल का बहुत सारा तेंदूपत्ता अभी भी गोदामों में रखा है, इसलिए इस साल बोली पिछले साल से कम रही। सन् 2007ए 2012 और 2017 में ऊंची बोली के पीछे यही कारण थे। छत्तीसगढ़ सहित कुल 10 राज्यों में तेंदूपत्ता का संग्रहण होता है। छत्तीसगढ़ में पिछले साल के मुकाबले सिर्फ  26 प्रतिशत नीचे पर तेंदूपत्ता की नीलामी हुई है, जबकि आंध्रप्रदेश में 74 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 52 प्रतिशत तथा तेलंगाना में 68 प्रतिशत कम दाम पर तेंदूपत्ता का उठाव हो रहा है। इन सब राज्यों के मुकाबले छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता की दर सर्वाधिक 5848 रुपए प्रति मानक बोरा है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को भी राज्य में सर्वाधिक भुगतान किया जाता है। पिछले साल के मुकाबले इसे 1800 रुपए मानक दर से बढ़ाकर 2500 रुपए कर दिया गया है। जबकि झारखंड में यह 1175 रुपएए आंध्रप्रदेश में 1700 रुपएए मध्यप्रदेश में 1200 रुपए तेलंगाना में अलग-अलग श्रेणियों के पत्तों पर 1800 रुपए तक का सबसे अधिक भुगतान किया जाता है। 
    उप.महाधिवक्ता ने बताया कि पहले ई टेंडरिंग में वेट टैक्स आदि से संबंधित याचिकाएं हाईकोर्ट में आई हैं लेकिन पहली बार ई.टेंडर की प्रक्रिया को लेकर याचिका दायर की गई। शासन की ओर से अधिवक्ता ने कहा था कि यह जनहित याचिका नहीं है बल्कि राजनीतिक कारणों से इसे लाया गया है। 
    याचिका पर जल्द सुनवाई का आग्रह किया गया था क्योंकि तेंदूपत्ता संग्रहण में विलंब होने से इसके खराब होने की आशंका थी, जिसका सीधा नुकसान संग्राहकों को होने वाला था। बस्तर में संग्रहण का काम 20 अप्रैल से ही शुरू हो चुका है। इस मामले की सुनवाई 10 दिन में पूरी कर कोर्ट ने फैसला दिया है। अब तेंदूपत्ता संग्रहण की सभी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से चलेंगी। 
    कोर्ट की ओर से कहा गया कि ई.टेंडर की प्रक्रिया और तेंदूपत्ता के दरों और संग्रहण की मात्रा पर विगत वर्षों में भिन्नता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। अन्य राज्यों में तेंदूपत्ता के दरों का ब्योरा दिया गया है। इसलिए बिना किसी संदेह के इस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है कि फेडरेशन या राज्य शासन के अधिकारियों ने नीलामी में कोई भ्रष्ट प्रक्रिया नहीं अपनाई है। तेंदूपत्ता के दरों में कमी आना बाजार की स्थिति पर निर्भर है। याचिकाकर्ताओं की याचिका खारिज की जाती है। हाईकोर्ट में जस्टिस प्रशान्त मिश्रा और जस्टिस आरपी शर्मा की कोर्ट में याचिका सुनी गई। 

     

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Posted Date : 20-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 20 अप्रैल। सरकार के मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की मुश्किलें  बढ़ सकती हैं। शुक्रवार को रिसॉर्ट के लिए महासमुंद के जलकी में आदिवासियों की जमीन खरीद मामले में दायर जनहित याचिका पर कोर्ट ने महाधिवक्ता के माध्यम से राज्य सरकार से जवाब मांगा है। उन्हें दो हफ्ते के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। 
    कांग्रेस नेता श्रीमती डॉ. किरणमयी नायक और उनके पति विनोद नायक ने जुलाई 2017 में इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री, मुख्य सचिव सहित प्रदेश के आर्थिक अपराध शाखा को की थी। उनकी ओर से याचिका दाखिल करने वाले अधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा ने बताया कि महासमुंद जिले के ग्राम जलकी में किया गया यह कब्जा 10-12 साल पुराना है, जिसकी जानकारी 2016 में लोगों को हुई। उसके बाद विभिन्न जांच एजेंसियों को इसकी शिकायत ग्रामवासियों सहित याचिकाकर्ताओं ने की थी। शिकायत के 10 माह बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई और यह फाइल ही बंद कर दी गई। इसे लेकर हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका स्वीकार कर ली गई है। शासन की ओर से जवाब देने के लिए आज महाधिवक्ता कोर्ट में प्रस्तुत हुए, जिनके माध्यम से राज्य सरकार को दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। 
    इस मामले में शिकायत यह भी थी कि फार्महाउस में बिजली से लेकर सारे संसाधन सरकारी हैं। 
    याचिका में कहा गया कि मजरे-टोलों के नाम पर इस फार्महाउस में खंभे लगाकर बिजली पहुंचाई गई। फार्महाउस के लिए खरीदी गई 15.321 हेक्टेयर (करीब 40 एकड़) जमीन अब भी रिकार्ड में सरकारी जमीन के रूप में दर्ज है। यह रजिस्ट्री मंत्री की पत्नी सरिता अग्रवाल के अलावा पुत्र अभिषेक अग्रवाल और करीबियों के नाम पर खरीदी गई । तीन सौ एकड़ के इसी फार्महाउस के दायरे में वह 4.12 हेक्टेयर जमीन भी है, जिसे 1994 में विष्णु साहू और उसके भाइयों किशुन साहू और कृषलाल साहू ने जल संसाधन विभाग को दान में दिया था। इस फार्महाउस में एक रिसार्ट तथा दो बड़े निर्माण हैं। मामले में पूर्व विधायक अग्नि चंद्राकर ने भी आरोप लगाया था कि सरकारी सड़क को मंत्री के परिजन ने अपने फार्महाउस में मिला लिया है। 
    यह भी कहा गया कि मंत्री के प्रभाव के चलते सरकारी जमीनों का अतिक्रमण किया गया। इसकी शिकायत एंटीकरप्शन ब्यूरों से भी की गई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद याचिकाकर्ताओं की तरफ से मुख्य सचिव को भी ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई के लिए कहा गया था। कोई कार्रवाई न होने पर मुख्य सचिव को रिमाइंडर दिया गया। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। याचिकाकर्ताओं ने स्वतंत्र एजेंसी से प्रकरण की जांच की मांग की है। 
    याचिकाकर्ता श्रीमती डॉ. किरणमयी नायक ने 'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा में कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और उनके परिजनों के खिलाफ एसीबी ने तुरंत एक्शन लेकर प्रकरण दर्ज कर लिया है लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। जबकि भ्रष्टाचार के साथ-साथ अपराधिक और राजस्व नियमों का उल्लंघन  का प्रकरण भी दर्ज किया जाना चाहिए था।  

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Posted Date : 16-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 16 अप्रैल।  भरनी स्थित सीआरपीएफ कैम्प के एक अधिकारी पुष्पेन्द्र बघेल (45 वर्ष) ने अपनी सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।  
    घटना आज सुबह की है। मृतक बघेल यहां असिस्टेंट प्लाटून कमांडर थे। बिलासपुर पुलिस घटना की जांच करने के लिए वहां पहुंच गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और इस आत्मघाती कदम की क्या वजह हो सकती है, इसका पता लगाया जा रहा है। घटनास्थल को सील कर दिया गया है। 
    सहयोगी जवानों का कहना है कि वह पिछले कुछ दिन से अवसादग्रस्त था। जवान मध्यप्रदेश के कटनी का रहने वाला बताया गया है। घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है। जवान के परिवार को भी सूचना भेजी गई है। डीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि घटना आज सुबह की है। जवान ने अपनी गर्दन में लगातार दो फायर किए, जिससे कुछ ही क्षण में उसकी मौत हो गई। 

     

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Posted Date : 09-Apr-2018
  • कोर्ट में याचिका की सुनवाई के बाद कमिश्नर की नियुक्ति की
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 9 अप्रैल। गेवरा से पेंड्रारोड रेल कॉरिडोर में बिना अनुमति सैकड़ों हेक्टेयर वन भूमि को नष्ट करने की जांच के  लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल कोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है। कॉरिडोर का यह काम कोरबा सांसद बंशीलाल महतो के बेटे की कंपनी को मिला है। 
    वन भूमि पर बिना अनुमति निर्माण कराने को लेकर अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने एनजीटी दिल्ली में एक याचिका दायर की है। श्रीवास्तव ने बताया कि गेवरा से पेंड्रारोड तक रेल कॉरिडोर बिछाने में 5000 करोड़ की लागत आनी है, जिसके पहले चरण के कार्य के लिए अंतिम छोर पेंड्रारोड से 34 किलोमीटर तक रेल बेड बिछाने का काम विकास महतो की कंपनी डीवी प्रोजेक्ट और गावर कंपनी हिसार को संयुक्त रूप से मिला है। हालांकि स्थल पर सिर्फ डीवी कंपनी ही काम कर रही है। यह सघन और छोटे झाड़ का जंगल हैं। 
    कई बार केन्द्र और रेलवे को शिकायत करने पर कार्रवाई नहीं होने पर दिसंबर 2016 में श्रीवास्तव ने एनजीटी में याचिका दायर कर बताया कि वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की अनुमति के बगैर ही बड़ी संख्या में जंगल को नष्ट किया जा रहा है। कॉरिडोर एसईसीएल, रेलवे और छत्तीसगढ़ के संयुक्त उपक्रम द्वारा तैयार किया जा रहा है। श्रीवास्तव के अनुसार उनके याचिका दायर किए जाने के बाद इन तीनों ने एनजीटी में झूठा शपथ-पत्र दिया है कि वन भूमि पर कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है। इस पर आपत्ति व्यक्त करते हुए श्रीवास्तव ने एनजीटी में कई दस्तावेज सौंपे जिसमें यह दर्शाया गया है कि बड़ी संख्या में इस निर्माण कार्य के लिए पेड़-पौधे काटे गए हैं। उन्होंने इसकी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। सरकार के विरोध के बावजूद एनजीटी ने 6 अप्रैल की सुनवाई में जांच के लिए एक कोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति कर दी है। 
    दिल्ली के एडवोकेट संदीप मिश्रा को एनजीटी ने यह कार्य सौंपा है और 15 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। वे इस बीच रेल कॉरिडोर इलाके का दौरा करेंगे और उसके बाद रिपोर्ट तैयार करेंगे। एनजीटी ने कलेक्टर को उनके प्रवास की सारी व्यवस्था करने, राजस्व और वन विभाग को आवश्यक सहयोग देने का निर्देश भी दिया है। 
    चांपा से बिलासपुर के बीच यात्री ट्रेनों का भारी दबाव है। इसलिए गेवरा से कटनी मार्ग पर कोयला परिवहन के लिए यह नया मार्ग बनाया जा रहा है। श्रीवास्तव के अनुसार उन्होंने इस परियोजना के मार्ग का पहले ही विरोध किया था। उन्होंने तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु से मिलकर बताया था जिस मार्ग का चयन किया गया है उसमें आबादी बहुत कम और घना जंगल है। इसके बजाय एनटीपीसी सीपत तक के लिए आई रेल लाइन को ही आगे बेलगहना तक बढ़ा दिया जाए, इससे आबादी वाले नए गांव भी रेल मार्ग से जुड़ेंगे और लागत भी कम हो जाएगी। जंगलों को भी कोई नुकसान नहीं होगा। 
    इसके विपरीत गेवरा-पेन्ड्रारोड लाइन जो पहले सिंगल थी, उसे अब डबल कर दिया गया है। वन भूमि पर क्लीयरेंस हाल ही में 31 मार्च को दी गई है, जबकि वनों की कटाई डेढ़ साल से हो रही है। सिंगल लाइन में जहां 500 हेक्टेयर वन भूमि को दर्शाया गया था, वहीं डबल लाइन में आश्चर्यजनक रूप से इसे घटाकर पहले से भी कम 453 हेक्टेयर कर दिया गया है। श्रीवास्तव ने इसे आंकड़ों में हेराफेरी किया जाना बताया है। 

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Posted Date : 29-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 29 जनवरी। सहकारी बैंक में अध्यक्ष और सीईओ के बीच चल रहा विवाद ठहरने का नाम नहीं ले रहा है। आज अध्यक्ष ने सीईओ के बंद कमरे की चाबी नहीं दिए जाने से अध्यक्ष ने वहां ऊपर से अपना ताला लगा दिया। सीईओ ने कहा है कि वे इसे लेकर कानूनी कार्रवाई करेंगे। 
    जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक में अध्यक्ष मुन्ना लाल राजवाड़े सहित पूरे संचालक मंडल को न्यायालय के आदेश के बाद बहाल कर दिया गया था। दो माह पहले उन्होंने अपना चार्ज भी ले लिया। इसके बाद पहली ही बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक तिवारी को हटाकर उनकी जगह एक शाखा प्रबंधक विकास गुरुद्वान को प्रभारी बना दिया गया। इस बैठक को संयुक्त पंजीयक सहकारी सेवाएं ने अवैध बताया था, क्योंकि बैठक उनकी सूचना के बगैर ली गई थी। तिवारी ने अपने खिलाफ संचालक मंडल के आदेश को लेकर न्यायालय की शरण ली थी, इसके बावजूद तिवारी को चार्ज नहीं दिया जा रहा था। गुरुद्वान को ही अध्यक्ष ने जिम्मेदारी दे रखी थी। इस दौरान तिवारी ने अपने कक्ष में खुद का ताला लगा रखा था। बाद में सहकारी बैंक के कर्मचारियों ने अध्यक्ष राजवाड़े का उनके कक्ष में घेराव कर दिया और तिवारी को ही प्रभार देने की मांग की। इसके बाद बीते 15 दिन से तिवारी कार्यालय पहुंचकर अपने कक्ष में बैठकर काम कर रहे हैं। 
    जानकारी के अनुसार आज सुबह सीईओ तिवारी के भृत्य से अध्यक्ष की ओर से भेजे गए कर्मचारी ने कक्ष की चाबी मांगी। भृत्य ने सीईओ की अनुमति के बिना चाबी देने से इन्कार कर दिया। इससे नाराज अध्यक्ष ने अपने कर्मचारियों को भेजकर एक नया ताला सीईओ कक्ष के ताले के ऊपर लगा दिया। 
    इस बारे में बात करने पर अध्यक्ष राजवाड़े का कहना था कि हमने कर्मचारियों के दबाव में आकर तिवारी को सीईओ की जिम्मेदारी दे दी थी, पर संचालक मंडल इसका प्रभार विकास गुरुद्वान को देना चाहता है। कक्ष की चाबी नहीं दिए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई है। इधर सीईओ तिवारी ने कहा कि वे आज मंत्रालय रायपुर में है। मेरे कार्यालय में यदि किसी ने अपनी चाबी लगा दी है तो यह कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। इस बारे में वे जरूरी कानूनी कार्रवाई बिलासपुर पहुंच कर करेंगे। 

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Posted Date : 24-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 24 जनवरी।  बहुचर्चित तुर्काडीह पुल घोटाले में एसीबी और  ईओडब्ल्यू की टीम ने लोनिवि के सहायक अभियंता आरके वर्मा को आज सुबह उनके रामावैली स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया है।  आरोपी वर्मा को जिला कोर्ट में पेश किया गया है। 
    तुर्काडीह पुल निर्माण के सात साल में ही जर्जर हो गया था। जाँच पड़ताल के बाद इंजीनियर वर्मा को दोषी ठहराया गया था। ईओडब्ल्यू ने वर्मा के खिलाफ 2016 में चालान पेश किया था, तब से ही फरार थे ।  मामले में ठेका कंपनी के संचालकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। जिसमें आरोपी अभी भी फरार हैं।
    पीडब्ल्यूडी ने 2005 में सुंदरानी कंस्ट्रक्शन को अरपा नदी पर मंगला तुर्काडीह कोनी बाइपास रोड पर 270 मीटर लंबे उच्च स्तरीय पुल के निर्माण का काम सौंपा था। 3 मार्च 2005 को वर्क आर्डर मिलने के बाद 23 जनवरी 2007 को इसे तैयार कर सौंप दिया गया था। पीएस चंदेल तब एसडीओ थे और उसकी देखरेख में ही काम हुआ था। निर्माण पूर्ण होने के बाद चंदेल ने कार्यपालन अभियंता सुरेश खंडेलवाल, उप अभियंता आरके वर्मा और सुंदरानी कंस्ट्रक्शन सहित ठेकेदार मुराली लाल, पीतांबर, नारायण दास व सुनील के साथ मिलकर गुणवत्ता आधारित रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपा था। 
    वर्ष 2008 में लोकार्पण के बाद पुल के पिलर्स में दरारें आ गई और सरिया बाहर निकल आए। जांच में पुल क्षतिग्रस्त पाया गया। भ्रष्टाचार सामने आने पर सरकार ने ईओडब्ल्यू को जांच की जिम्मेदारी सौंपी। इसमें एसडीओपी सहित अभियंता, उप अभियंता व ठेकेदार सहित सात लोगों के खिलाफ धारा 167,168,471,120 बी 13,1 डी 13,2 के तहत एफआईआर दर्ज किया गया था।

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Posted Date : 09-Jan-2018
  • रिपोर्ट और तस्वीर- सत्यप्रकाश पांडेय
    बिलासपुर, 9 जनवरी। कनई से खोंदरा को जोडऩे वाली इस सड़क को देखकर, उसकी गुणवत्ता का आंकलन कीजिये। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवम् विकास योजना के तहत ग्राम कनई को खोंदरा से जोड़ा जा चुका है।
    बनाई गई सड़क की दूरी तीन किमी है, जिस पर लागत 202.1 लाख रुपये आई है। यह जानकारी मौके पर लगे सरकारी बोर्ड के मुताबिक है। सड़क बनाने वाली कंपनी से लेकर क्रियान्वयन एजेंसी तक का नाम बोर्ड पर उल्लेखित है। हालांकि सरकारी बोर्ड पर कई बातों का जिक्र नहीं है, मसलन सड़क कितने किमी बनाई गई। उसके रखरखाव की समय-सीमा वगैरह। 
    सरकार की मंशा के अनुरूप सड़क बनी हुई दिखाई नहीं पड़ती, क्योंकि निर्माण के चंद दिनों बाद की यह तस्वीर बताती है कि लाखों खर्च के बावजूद सड़क की उम्र छह महीने से ज्यादा की नहीं है। धूल में जीरा गिट्टी बिछाकर उस पर तारकोल का छिड़काव कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली अधिकांश सड़कों का यही हाल है।

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Posted Date : 06-Jan-2018
  • स्कूल 8.30 से पहले नहीं खुलेंगे 
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 6 जनवरी। बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवात का असर कम होते ही जिले में ठंड बढ़ गई है। मरवाही-पेंड्रा में पारा 6.5 डिग्री तक लुढ़क गया। बीती रात शहर का न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री तक चला गया, जो अमूमन  दूसरे सालों में 9 डिग्री से ऊपर रहा करता है। कड़ाके की ठंड को देखते हुए कलेक्टर ने स्कूलों के सुबह खुलने का समय 8.30 बजे कर दिया है। 
    बंगाल की खाड़ी में चक्रवात आने के बाद दिसम्बर के आखिरी हफ्ते में बिलासपुर का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री के पास रहा। पिछले दो दिनों से इस चक्रवात के चलते छाए बादल छंट चुके हैं। आसमान खुलते ही उत्तर भारत से आ रही शीत लहर का असर दिखाई देने लगा है। 3 जनवरी को रात तीन बजे के आसपास न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं आज न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री तक उतर गया। शहर के समीप गावों में भी पारा 8 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। अमरकंटक की तराई के नीचे बसे मरवाही और पेंड्रारोड तहसीलों में भी और गिरकर 6.6 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिक उमेश रायक्वपर्णा का कहना है कि अभी दो तीन दिन यही स्थिति रहने की संभावना है। 
    दूसरी ओर कलेक्टर पी. दयानंद ने कल शाम जारी कर स्कूलों के 

    सुबह खुलने का समय 8.30 निर्धारित कर दिया है। इसका पालन सभी सरकारी और निजी स्कूलों को करना होगा। जिला शिक्षा अधिकारी को इस बारे में निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश आज 6 जनवरी से लागू किया गया है जो अगले 31 जनवरी तक लागू रहेगा। जिन स्कूलों में दो पालियों में कक्षाएं लगती हैं, वहां शाम पांच बजे तक स्कूल लगाई जा सकेगी। 

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Posted Date : 06-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 6 जनवरी। मरवाही वनमंडल के मरवाही वन परिक्षेत्र में करीब 35 हाथियों का दल पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत  है। हालांकि हाथी किसी तरह का नुकसान नहीं कर रहे हैं और ग्रामीण भी उन्हें उकसाने से बच रहे हैं। 
    हाथियों का दल बीती रात कोरिया, कटघोरा के जंगलों से पसान होते हुए पहुंचा है। यह मरवाही वनमंडल के रुगटा, दानीकुंडी, मटियाडांड़ तथा कोटमी बीट में विचरण कर रहे हैं। हाथियों का झुंड न तो फसलों को रौंद रहा है न ही 
    ग्रामीणों की झोपडिय़ों की तरफ रुख कर रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में एक साथ हाथियों को देखकर ग्रामीण दहशत में जरूर हैं, लेकिन वे हाथियों को उकसाने से बच रहे हैं। पेंड्रा से मरवाही जाने वाली सड़क से गुजरते हुए भी इन हाथियों को देखा जा सकता है। 
    घटनास्थल से होकर आए पत्रकार अखिलेश नामदेव ने बताया कि हाथियों में नर मादा और शावक सभी हैं और घनी बस्ती के पास होने के बाद भी किसी तरह की अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हुई है। पिछले साल भी यहां चार हाथियों का झुंड विचरण करते हुए पहुंचा था और यहां से वापस लौट गया था। 
    वन मंडलाधिकारी माधेश्वरन, रेंजर संजय त्रिपाठी सहित वन विभाग का मैदानी अमला विचरण वाले क्षेत्र में मौजूद हैं। वे रात्रि होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, तब हाथियों के वापस कटघोरा और कोरिया रेंज की तरफ लौट जाने की संभावना है। 

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Posted Date : 20-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 20 दिसम्बर। सिरगिट्टी थाने के अंतर्गत एक मकान में पति-पत्नी की लाश मिलने से सनसनी फैल गई है। घटनास्थल का मुआयना करने पर पुलिस को अनुमान है कि पत्नी की हत्या करने के बाद पति ने आत्महत्या की है। 
    नगर पंचायत सिरगिट्टी के कीर्तिनगर स्थित तालाब के सामने विश्वनाथ दास मानिकपुरी का मकान है। मकान के दूसरे हिस्से में उसका बेटा रूपदास मानिकपुरी (40), बहू गुलाबा बाई मानिकपुरी (35) और तीन बच्चे रहते थे। 
    विश्वनाथ के अनुसार सोमवार की शाम बेटा रूपदास ने उसे बताया था कि पत्नी गुलाबा बाई खाना बनाने से इनकार कर रही है। बात को गंभीरता से न लेकर  विश्वनाथ अपने भाई के यहां लोको खोली चला गया। मंगलवार को जमीन संबंधी पेशी में जिला कोर्ट चला गया। शाम जब लौटा तो बेटे-बहू के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। रूपदास के बच्चे दूसरे कमरे में थे। 
    दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई आहट नहीं आई तो बच्चों के साथ विश्वनाथ दास दूसरे कमरे में सो गया। आज सुबह भी जब दरवाजा नहीं खुला तो विश्वनाथ ने  मोहल्ले वालों को बुलाया और उनकी मदद से दरवाजा तोड़ा। अंदर  एक कमरे में गुलाबा बाई की लाश खून से लथपथ पड़ी थी तो दूसरे कमरे में बेटे रूपदास का शव फांसी पर लटक रहा था। 
    पुलिस को आशंका है कि पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ होगा और पत्नी की हत्या करने के बाद पति फांसी पर झूल गया होगा। 

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Posted Date : 20-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 20 दिसंबर। लालखदान स्थित चौकसे  कॉलेज के आकाश गुप्ता नामक छात्र का शव आज सुबह उसके कमरे से फांसी पर लटका मिला। अम्बिकापुर निवासी यह छात्र यहां बीएएमएस की पढ़ाई कर रहा था और किराये के मकान में रहता था। पड़ोसियों और उसके सहपाठियों का कहना है कि छात्र ने रैंगिग से भयभीत होने की बात बताई थी। हालांकि इसकी पुष्टि परिजनों के आने और छात्रों के बयान लेने पर होगी। घटनास्थल पर तोरवा पुलिस ने पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। 

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Posted Date : 17-Dec-2017
  • दोबारा हो सकता है छात्रों का प्रदर्शन 

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 17 दिसंबर। संभाग के सबसे बड़े कॉलेज और नैक में ए ग्रेड रैंकिंग वाले डीपी विप्र महाविद्यालय के दो प्रोफेसरों के खिलाफ कॉलेज की ही एक सैनिक की पत्नी, प्रोफेसर की शिकायत पर छेडख़ानी का अपराध दर्ज तो कर लिया गया है।  इस घटना के सामने आने के बाद कॉलेज के छात्रों ने कल दोनों आरोपी प्रोफेसरों के खिलाफ प्रदर्शन किया था और उनके नेम प्लेट पर कालिख पोत दी थी। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच पूरी हो गई है, आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले में विभागीय कार्रवाई के लिए मंगलवार को कॉलेज के प्रशासनिक समिति की बैठक होने जा रही है। 
    मालूम हो कि पीडि़त महिला प्रोफेसर एक सैनिक की पत्नी है। शिकायत के अनुसार कॉलेज के वाणिज्य विभाग के सीनियर  प्रोफेसर सुबीर सेन और भौतिकी के दुर्गाशरण चंद्रा पिछले कई माह से उस पर शारीरिक संबंध के लिए दबाव बना रहे थे। घटना की शिकायत पीडि़त महिला ने सैनिक कल्याण बोर्ड, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा पुलिस महानिरीक्षक से भी की थी। पता चला है कि पोएमओ से पत्र आने पर पुलिस की जांच में तेजी आई, इसके बाद दोनों प्रोफेसरों के खिलाफ शुक्रवार की रात धारा 354 (क) तथा 34 के तहत अपराध दर्ज किया गया। आई जी पुरुषोत्तम गौतम ने बताया कि पीडि़त महिला का बयान दर्ज किया गया है और आरोपी शीघ्र गिरफ्तार किए जाएंगे। मामले की जांच कोतवाली सीएसपी शलभ सिन्हा कर रहे हैं। 
    पीडि़त महिला प्रोफेसर का कहना है कि एक आरोपी प्रो. सेन उस पर पिछले कई माह से दबाव बना रहे थे। वे छेड़छाड़ और अश्लील वार्तालाप भी करते थे। इसे लेकर महिला ने प्रोफेसर को चेतावनी भी दी थी। कॉलेज प्रबंधन से भी इस मामले की शिकायत महिला ने की थी, लेकिन प्रो. सेन के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। 
    महिला प्रोफेसर से प्रोफेसरों द्वारा ही अश्लील हरकत करने का मामला सामने आने के बाद कॉलेज के छात्र-छात्रा आंदोलित हो गए हैं। छात्रों ने कल शनिवार को कॉलेज प्रबंधन के सामने प्रदर्शन किया और दोनों आरोपी शिक्षकों को निलंबित करने की मांग की। प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष अनुराग शुक्ला ने कहा कि आरोपी प्रोफेसरों पर कार्रवाई के लिए समिति की बैठक मंगलवार को बुलाई गई है।  
    रविवार का अवकाश होने के कारण आज कॉलेज में कोई प्रदर्शन नहीं हुआ लेकिन सोमवार को कॉलेज खुलने पर फिर छात्रों का आक्रोश सामने आ सकता है। 
    हाल के दिनों में प्रोफेसरों के अश्लील कृत्यों का दूसरा मामला सामने आया है। जिले के दूसरे सबसे बड़े कॉलेज सीएमडी के प्राचार्य दीपक चक्रवर्ती पर एक कारोबारी महिला ने बीते अक्टूबर माह में ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। प्राचार्य को कॉलेज प्रबंधन ने उसके पद से हटा दिया था। प्रोफेसर चक्रवर्ती अब तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं है। 

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Posted Date : 10-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर
    ,10 दिसम्बर। ओडिशा से गांजा लेकर शहर खापने ला रहे 1 क्विंटल 68 किलो गांजा को पुलिस ने सूचना पर आधार पर जब्त कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 
    सीएसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि सूचना मिली की देवरीखुर्द निवासी सुरेश दास मानिकपुरी अपने साथियो के साथ गांजा तस्करी का गोरखधंधा चला रहा है। ओडीसा से गांजा लाकर शहर और आस-पास के इलाको में खपा रहे है। 
    यह भी सूचना मिली की गांजा जांजगीर चांपा रोड़ से एक स्वीफ्ट ओडी 06 सी 5677 और इनोवा ओडी 02 वाय 1987 से गांजा लेकर आ रही है सूचना के अनुसार स्पेशल टीम और सिरगिट्टी के धुमा रोड़ फदहाखार के पास नाकाबंदी कर वाहनों का इंतजार कर रही थी।
     इसी दौरान दोनों वाहन पुलिस को दिखाई दी। पुलिस वाहनो को रूकवा कर तलाशी ली तो दोनों वाहनो से कुल 168 नग गांजा के एक एक किलो के पैक्ट जब्त कर आरोपियो को गिरफ्तार कर लिया। जब्त गांजे की कीमत 8लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है। आरोपियो में बपना पण्डा ओडिशा, हाडीबंडू साहू हरीपुर ओडिशा, नयन कुमार बांटीमुण्डा अंगोलाओडिशा, बब्लू प्रधान भुनेश्वर, राउट करूंगा ओडिशा, अशोक जाना बढ़वानी और सुरेश दास मानिकपुरी को हिरासत में लिया है इसके पास से दो चार पहिया वाहन को जब्त किया गया है। 

     

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Posted Date : 10-Dec-2017
  •  छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 10 दिसंबर। सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को देश का काला कुआं बना दिया गया है, जहां एक्टिविस्ट, मीडिया और वकील सब पर राज्य की ओर से हमला किया जा रहा है। 
    देश की मौजूदा हालत को खतरनाक बताते हुए उन्होंने कहा कि आज सिर्फ लोकतंत्र और मानवाधिकार ही नहीं समाज की सभ्यता को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है। मणिशंकर अय्यर के मामले को उठाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने झूठ फैलाने की इंडस्ट्री ही खड़ी कर रखी है। सरकार सारे संवैधानिक संस्थाओं को एक-एक कर खोखला करने जा रही है।  
    मानवाधिकार के लिए लडऩे वाले अधिवक्ताओं के सम्मान में पीयूसीएल की छत्तीसगढ़ इकाई ने आज यहां एक कार्यक्रम रखा। इसमें पहुंचे प्रशांत भूषण ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार चाहती है कि कोई मीडिया उसके खिलाफ न बोले, वकील केस न लड़े और सामाजिक कार्यकर्ता मानवाधिकार के  लिए आंदोलन न करे, ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ में संघर्ष करने वाले वकीलों का सम्मान करने का पीयूसीएल का फैसला सराहनीय है।  मानवाधिकार जो संविधान का मूल तत्व है, उसकी रक्षा नहीं होगी तो समाज की सभ्यता भी नहीं बचेगी। 
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इनकी टीम ने सोशल मीडिया पर झूठ फैलाने के लिए पूरा आईटी सेल खड़ा कर रखा है।  इसके प्रमुख अरविन्द गुप्ता रोज शाम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से संवाद कर तय करते हैं कि आज कौन सा झूठ और नफरत को खड़ा करना है। अलवर के एक मुस्लिम की टंगिया से हत्या कर लाश जलाने की घटना का वीडियो फैलाया जाना इसका एक उदाहरण है।  मणिशंकर अय्यर ने अपने बयान में नहीं कहा था कि शाहजहां का भी चुनाव नहीं किया गया था, बल्कि उन्होंने कहा था कि उस जमाने में चुनाव नहीं हुआ करते थे, पर अब यह पद्धति अपनाई जाती है। इसे जब भाजपा आईटी सेल ने तोड़-मरोड़कर पेश किया तो अय्यर ने नाराजगी जताते हुए उन्हें नीच किस्म का आदमी कहा, बाद में मोदी ने उसे भी अपने पक्ष में भुना लिया। पुलिस के रोमियो स्क्वाड और भाजपा के आनुशांगिक संगठन समाज में घृणा फैलाने के अभियान में लगे हैं। इससे समाज की सभ्यता ही खत्म करने की साजिश रची जा रही है। 

    भूषण ने कहा कि एक-एक कर यह सरकार सारी संवैधानिक संस्थाओं को खोखला करने जा रही है। भ्रष्टाचार नहीं होने की बात करने वाली केन्द्र सरकार ने संसद से पारित होने के बाद भी साढ़े तीन साल से लोकपाल को लागू नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सात माह पहले दिए गए आदेश का पालन नहीं करके भी उनके आदेश की अवमानना की जा रही है। व्हीसिल ब्लोअर कानून को चार साल से नोटिफाई नहीं किया गया है, जबकि इसका राजपत्र में प्रकाशन भी हो चुका है। किसी को मालूम नहीं कि सरकार एक ऐसा विधेयक केबिनेट में पास कर चुकी है, जिसके तहत सरकार की मंजूरी के बगैर किसी भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया जा सकेगा। 
    यह हास्यास्पद है कि सरकारी भ्रष्टाचार पर केस चलाने की अनुमति भी सरकार से लेनी होगी। इसी एक्ट में यह प्रावधान भी किया जा रहा है कि किसी अधिकारी के फैसले को तब तक गलत नहीं माना जाएगा, जब तक उससे यह प्रमाणित न हो जाए कि अधिकारी ने उससे लाभ उठाया। केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त के दो पद खाली थे, जिनमें उन लोगों को बिठा दिया गया, जिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। सीबीआई का संयुक्त निदेशक उसे बना दिया गया, जिसके खिलाफ सीबीआई में ही पहले से जांच लम्बित है। बिड़ला, सहारा आदि की कंपनियों पर आयकर के छापे में मिले हार्ड डिस्क में कई बार नरेन्द्र मोदी को चंदा देने की बात सामने आई पर उस फाइल को दबा दिया गया। सीवीसी का चीफ उसे ही बनाया गया। 
    मीडिया को या तो खरीद लिया गया, या फिर घूस दी गई जो नहीं माने उन्हें धमकाया गया और उन पर नियंत्रण कर लिया गया है। मोदी के खिलाफ ये सब एक ख़बर नहीं चलाते। बहुत कम मीडिया हाउस बचे हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी उसूलों के साथ खड़े हैं। 
    यह राहत की बात है कि सोशल मीडिया के जरिये अब भी सच्चाई सामने आ ही जा रही है, जैसे जय शाह का केस। इस पर नियंत्रण करना बहुत कठिन है। लेकिन इसके जरिये वह झूठ, गालियां, फैलाने में लगे हैं। 
    मेडिकल कॉलेज में प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई को लेकर भी प्रशांत भूषण ने बात रखी। उन्होंने कहा कि जस्टिस कुद्दुसी और मिडिल मैन के बारे में सीबीआई के पास कई सबूत हैं। इसमें सुप्रीम कोर्ट के जजों के नाम भी आए हैं, चीफ जस्टिस का भी नाम लिया जा रहा है। सीबीआई पर सरकार का नियंत्रण है। वह सीबीआई को जांच आगे बढ़ाते हुए जजों की गिरफ्तारी का आदेश दे सकती है। सरकार इस केस के जरिये कोर्ट पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। इसीलिए हमने कोर्ट से मांग की थी कि पांच जजों की पीठ एक एसआईटी के माध्यम से मामले की जांच करे, ताकि सीबीआई के जरिये सरकार उन पर दबाव न डाल सके। पर सीजेआई ने इससे मना कर दिया।
    चुनाव आयोग में भी गुजरात से प्रमुख बनाया गया, जिसने वहां के विधानसभा चुनाव की घोषणा में देरी की ताकि मोदी रेवडिय़ां बांट सकें। ईवीएम पर उठ रहे सवालों को लेकर भी चुनाव आयोग मौन है। अफसर वहां डरे हुए हैं। हर वर्ग में मोदी व भाजपा का विरोध है, पर उन्हें लगता है कि वह किसी भी कीमत पर नहीं हारने वाली। राजनीतिक चंदे को पारदर्शी बनाने के लिए हमने एक्ट में संशोधन की मांग की थी, पर इलेक्शन बांड जारी कर मामला ही उल्टा कर दिया गया। पहले कोई भी कंपनी अपने मुनाफे से केवल 7.5 प्रतिशत ही चंदा दे सकती थी, अब इलेक्ट्राल बॉन्ड के जरिये कितना भी चंदा दे सकती है और उस कंपनी का नाम भी गोपनीय रहेगा। विदेशी चंदे के मामले में भी सहूलियत दे दी गई है। राफेल विमानों को फ्रांस से हजारों करोड़ अधिक कीमत पर खरीदा गया है। इस डील के लिए मोदी अपने साथ मुकेश अंबानी को ले गए थे। इस सौदे की जवाबदारी सरकारी एजेंसी एयरोनॉटिक्स इंडिया की जगह अंबानी की डिफेंस कंपनी को दी गई है। अब अंबानी, भाजपा को बेहिसाब चंदा दे सकते हैं।   
     
     प्रभाकर ग्वाल सहित 13 वकील सम्मानित 
    पीयूसीएल की छत्तीसगढ़ इकाई ने आज के जी कन्नीबीरन स्मृति समारोह में बर्खास्त जज प्रभाकर ग्वाल सहित 13 वकीलों का सम्मान किया। उन्हें यह सम्मान बस्तर, सरगुजा और प्रदेश के अन्य स्थानों में मानवाधिकार, महिला अधिकार आदि के लिए लड़ाई लडऩे पर दिया गया। 
    सम्मानित अधिवक्ताओं में बस्तर के सोनसिंह झारिया, मस्तूरी की गायत्री सुमन, अमरनाथ पांडेय, रजनी सोरेन, किशोर नायर, शोभाराम गिलहरे, सतीश चंद्र वर्मा, निरुपमा बाजपेयी, शितीष दुबे, सत्येन्द्र कुमार चौबे, मो. अरशद खान और आदिवासी वर्ग के पहले अधिवक्ता अर्जुन सिंह नाग शामिल थे। 
    समारोह में पीयूसीएल के राष्ट्रीय महासचिव रवि नायर, सामाजिक कार्यकर्ता वसंत कन्नीबीरन, गोपाल कृष्ण, राजेन्द्र स्याल, सुधा भारद्वाज, डॉ. लाखन सिंह, प्रियंका शुक्ला, ईशा खंडेलवाल सहित अनेक अधिवक्ता, सामाजिक तथा मानवाधिकार कार्यकर्ता उपस्थित थे। 

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Posted Date : 09-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर,9 दिसम्बर। सीएम के कार्यक्रम में विरोध करने जा रहे 123 जनता कांग्रेस छत्तीसगढ जोगी कार्यकर्ता को हिरासत में लिया गया, सीएम के जाने के बाद सभी को छोड़ दिया गया है।
    मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह का आज मरवाही के लोहारी गांव में तेंदूपत्ता बोनस तिहार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पहुंचने वाले थे इसी दौरान पेण्ड्रा को जिला बनाने के साथ ही सड़क और अन्य मांगो को लेकर मुख्यमंत्री ड़ॉक्टर रमन सिंह का घेराव करने रैली की शक्ल में मरवाही, पेण्ड्रा और गौरेला के जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ 123 कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़े जिन्हे पुलिस ने रोक शांतिभंग होने की आशंका पर गिरफ्तार कर लिया। कार्यकर्तामें बिल्हा विधायक सियाराम कौशिक, ज्ञानेन्द्र उपाध्याय, अरूण तिवारी प्रमुख थे। सभी कार्यकर्ताओ को सीएम के जाने के बाद रिहा कर दिया गया। थाना प्रभारी एसआर साहू ने बताया कि रैली की शक्ल में क्रार्यक्रम स्थल की ओर जा रहे 123 कार्यकर्ताओ को हिरासत में लिया गया था जिन्हे बाद में रिहा किया गया है।

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Posted Date : 09-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 9 दिसंबर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के गढ़  मरवाही में लगभग 80 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को 24 करोड़ रुपये से अधिक का बोनस वितरण किया। उन्होंने घोषणा की कि अगले साल 1800 की जगह 2500  रुपया बोनस दिया  जाएगा। 
    उन्होंने  कहा कि अगले महीने से शुरू हो रही संचार क्रांति (स्काई) योजना 55 लाख लोगों का जीवन बदल देगा। सरकार के जीरो टॉलरेंस का लक्ष्य हासिल होगा। सारी सरकारी योजनाओं की जानकारी इसमें रहेगी और सभी तरह के फंड जिनमें छात्रवृत्ति,पेंशन,अनुदान इत्यादि शामिल हैं इस मोबाइल फोन के जरिए ही ट्रांसफर किए जाएंगे।
    पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के गढ़ मरवाही में   आयोजित कार्यक्रम में मरवाही, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और कटघोरा जिला यूनियन की 90 समितियों के 97 हजार 379 संग्राहक को प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि प्रदान किया।  इनमें जिला यूनियन मरवाही की 16 समितियों के 17 हजार 563 संग्राहकों को 2 करोड़ 98 लाख रूपये, बिलासपुर जिला यूनियन की 23 समितियों के 21 हजार 454 संग्राहकों को 5 करोड़ 26 लाख रूपये, जांजगीर चांपा जिला यूनियन की 7 समितियों के 8 हजार 59 संग्राहकों को 93 लाख 51 हजार रूपये, कटघोरा जिला यूनियन की 44 समितियों के 50 हजार से अधिक संग्राहकों को 15 करोड़ 40 लाख रूपये  शामिल हैं। 

     

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Posted Date : 07-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 7 दिसम्बर। दुष्कर्म के आरोप में फरार चल रहे सीएमडी के पूर्व प्राचार्य की पतासाजी के लिए आज महिला थाना प्रभारी अपने स्टाप के साथ कॉलेज पहुंची। वर्तमान प्राचार्य से उन्होंने पूर्व प्रचार्य के विषय में पूछताछ की। 
    दो माह पूर्व सीएमडी कॉलेज के प्रचार्य दीपक चक्रवर्ती पर चैनल मार्केटींग का व्यवसाय करने वाली महिला ने कोल्ड्रिग में नशीला दवा पिला कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद से ही पूर्व प्रचार्य दीपक चक्रवर्ती फरार है। आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर महिला थाने की टीम ने जगह जगह दबिश दी लेकिन उसका अब तक कोई पता नही चल सका है। 
    आज फिर मामले में  महिला थाना प्रभारी विनोदनी टांडी, एसआई दुर्गा किरण पटेल और एएसआई निरूपमा तिवारी सीएमडी कॉलेज पहुंची और वर्तामान प्रचार्य वीके तिवारी से पूछताछ की लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने पूर्व प्रचार्य के विषय में कुछ भी जानकारी होने से इंकार कर दिया। टीम वहां से चुपचाप लौट गई। जब महिला थाना प्रभीर से सीएमडी कॉलेज आने का कारण पूछा गया तो वह  गोलमोल जवाब देती रहीं। महिला निरूद्ध सेल प्रभारी मेंधा टेम्भूरकर से जब पूछा गया तो उन्होंने ऐसी किसी कार्रवाई होने की जानकारी न होने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया। 
    मामलू हो कि महिला निरूद्ध सेल में 9 अक्टूबर को सरकंडा थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने सीएमडी के तत्कालिन प्रचार्य दीपक चक्रवर्ती पर आरोपी लगाते हुए बताया कि वह दीपक चक्रवर्ती के साथ आरसीएम चैनल मार्केटींग में काम कर रही थी हर सप्ताह होने वाली बैठक में दीपक चक्रवर्ती और ग्रुप के अन्य सदस्य रहते थे। दो माह पूर्व एक बैठक के सब के जाने के बाद जब वह भी जाने लगी तो दीपक चक्रवर्ती ने उसे  ठंपा पेय  दिया जिससे वह  बेहोश हो गई थी। होश में आने पर उ दीपक ने उसे एक विडियो दिखाया और जिसमें उसकी अश्लील फुटेज थी। विडियो के आधार पर दीपक उसके साथ लगातार बलात्कार कर रहा था जब उसकी सहनशीलता खत्म हो गई तो वह मामले की शिकायत दर्ज कराई।

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Posted Date : 26-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 26 नवम्बर। इलाहाबाद से बिलासपुर आ रही बस बेकाबू होकर केंदा बंजारी घाट में पलट गई। इस हादसे में 6 की मौत हो गई जबकि 30  से ज्यादा जख्मी हो गए हैं। इनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। प्रयास बस सर्विस बिलासपुर की इस बस में 90 यात्री सवार थे। 
    मुख्यमंत्री डॉ.  रमन सिंह ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने  घायलों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की है और जिला प्रशासन को उनका बेहतर से बेहतर इलाज करवाने के निर्देश दिए हैं । 
    मिली जानकारी के अनुसार अधिकांश लोग इलाहाबाद से अस्थि विसर्जन के बाद अपने परिवार के साथ  लौट रहे थे। बस बंजारी घाट के पास पहुंचते ही बेकाबू होकर खाई में गिर गई।  बस पलटने का स्पष्ट कारण अभी तक अधिकारी पता नही कर पाये है। एसडीओपी विश्व दीपक त्रिपाठी ने बताया कि घटना में अब तक पता चला है कि ड्रायवर को शायद झपकी आ गई इसके चलते यह दुर्घटना हुई है।
     घटना में घायल 5 यात्रियों को पेण्ड्रा दाखिल कराया गया है 
    (बाकी पेजï 5 पर)
    इनमें साधराम ब्रिजवार सारगढ़, रामचंद्र बरिहा  लीमपाली पत्नी साधमती बरिहा  और मदन लाल बरिहा शामिल है जो अस्थि  विसर्जन के बाद घर लौट रहे थे। गौरेला के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में 10 लोगो को  दाखिल कराया गया है इनमें मुस्कान साहू , टिकाराम सारथी रायगढ़, विरेन्द्र कुमार  सरायपाली जिला रायगढ़स सुलतान सिंह सारथी  खरसीया, अनिरूद्घ साहू  बैमा नगोई, पत्नी अनिता साहू , चौतराम साहू परसौढ़ी रतनपुर, रामवती साहू, उर्मिला पति संतोष साहू परसौढ़ी रतनपुर शामिल है। वहीं एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई जिसके ओडिशा के होने की संभावना है।
    मृतकों की संख्या अब तक 6 पहुंच चुकी है जिममें 4  की लाश कोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में है वहीं दो की लाश गौरेला  हास्पिटल में  है। रतनपुर में अब तक 26 लोगों को उपचार के लिए दाखिल कराया गया है जिसमें से गंभीर रूप से घायल 17 लोगों को उपचार के लिए बिलासपुर के सिम्स दाखिल कराया गया है।  

     

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Posted Date : 22-Nov-2017
  • मेगा ब्लॉक, पैसेंजर रद्द 
    बिलासपुर, 22 नवंबर। बिलासपुर-रायगढ़ क बीच आवश्यक रखरखाव के कारण आज से 30 नवंबर तक बिलासपुर से रायगढ़ के बीच चलने वाली दोनों तरफ की मेमू रद्द कर दी गई है। इसी तरह से बिलासपुर टिटलागढ़  पैसेंजर अब सिर्फ टिटलागढ़ और सम्बलपुर के बीच चलेगी। झारसुगुड़ा गोंदिया पैसेंजर भी बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच रद्द रहेगी। 30 नवंबर के बाद इन ट्रेनों का परिचालन सामान्य होगा। 

     

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