छत्तीसगढ़ » बिलासपुर

Posted Date : 18-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    बिलासपुर, 18 जनवरी। जिला क्रिकेट संघ ने अंडर-16 क्रिकेट प्रतियोगिता में 18 साल के खिलाड़ी को मैच में उतार दिया। उसने शतक बनाया और प्रतिद्वन्द्वी कोरबा की टीम मैच हार गई। कोरबा टीम के कोच को जब इस खिलाड़ी की उम्र अधिक होने की जानकारी मिली तो उसने छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ (सीएससीएस) से शिकायत की। इसके बाद खिलाड़ी के मैच खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। 
    स्थानीय राजा रघुराज सिंह क्रिकेट स्टेडियम में अंडर 16 खिलाडिय़ों की विनोद मेंढारकर मेमोरियल अंतर्जिला क्रिक्रेट प्रतियोगिता चल रही है । 13 से 15 जनवरी तक खेले गए मैच में बिलासपुर की ओर में खिलाड़ी रोहित नेतानी को भी शामिल किया था। उसने शतक बनाया और कोरबा की टीम मैच हार गई। कोरबा क्रिकेट टीम के कोच मो. वसीम को जब जानकारी मिली कि खिलाड़ी रोहित की जन्मतिथि 19 अक्टूबर 2001 है। उसने इस बात की शिकायत बिलासपुर क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों से की लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद मो. वसीम ने छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ को प्रमाणों के साथ इसकी शिकायत भेजी। 
    छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रोहित के खिलाफ जांच शुरू कर दी है और उसे जांच पूरी होने तक खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया है। बिलासपुर की ओर से खिलाड़ी रोहित को दल्ली राजहरा में चल रहे प्रतियोगिता के 
    अन्य पूल में भाग लेने के लिए रवाना किया गया था लेकिन छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट टीम ने उसे बिलासपुर की टीम से बाहर कर दिया है। 
    अधिक उम्र के खिलाड़ी को शामिल करने से हुई किरकिरी को लेकर जिला क्रिकेट संघ के सचिव बंटी अग्रवाल ने सफाई दी है कि खिलाड़ी रोहित ने बिलासपुर क्रिकेट संघ को जो कागजात दिये थे, उसमें उसकी जन्मतिथि 2003 लिखी गई है। नियमानुसार उन्होंने सीएससीएस को सभी खिलाडिय़ों के दस्तावेज भेज दिये थे। चयन वहीं से होकर आया है। अब इस मामले की जांच वहीं से होगी। 
    छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के मीडिया प्रभारी राजेश दवे ने बताया कि अधिक उम्र के खिलाड़ी को शामिल करने की शिकायत मिली है, जिसकी जांच हो रही है। कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट अनुशासन समिति को भेजी जायेगी। 
    ज्ञात हो कि शिकायत सही पाये जाने पर खिलाड़ी पर दो वर्ष तक का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। 

     

     

     

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Posted Date : 11-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    मैनपुर, 11 जनवरी। देवभोग ब्लॉक के स्कूलों में डीईओ ने 17 स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण करने पर 14 स्कूलों में अनियमितता मिली। आचरण के विपरीत पाए जाने वाले 4 शिक्षकों को निलंबित भी किया गया। वहीं हस्ताक्षर कर नदारत होने वाले 4 शिक्षकों को अवैतनिक कर शो काज नोटिस जारी किया है।
    देवभोग ब्लॉक के स्कूलों में चल रही भर्रा शाही का 5 घन्टे में ही खुलासा हो गया, जब ठीक साढ़े 10 बजे डीईओ एस एल ओगरे बीईओ के दफ्तर पहुंचे, तो मूख्यालय के ही ज्यादातर कर्मचारी समय पर दफ्तर नहीं पहुंच सके थे। अनुपस्थित 7 कर्मचारियों को शो काज नोटिस थमाया गया है। इस दफ्तर के बाद यहां पास में लगे स्कूल झराबहाल से लेकर 10 किमी की परिधि में मौजूद 17 स्कूलों में बीईओ ने औचक निरीक्षण किया, तो 14 स्कूलों में अनियमितता पाई गई।  झराबहाल पीएस के सुभाष माँझी, डोहेल के प्रभात सिंह व धूगीयामुड़ा के गोरखनाथ शिक्षकीय आचरण के विपरीत पाए गए। बीईओ ने कहा कि ये तीनों नशे में थे। शिकायत लंबे समय से थी इसलिए डीईओ ने इन्हें निलंबित कर दिया है, जबकि 10 दिनों से बगैर सूचना के नदारत बाडीगांव बालक स्कूल के शिक्षक डीडी निषाद को भी निलंबित किया गया है।
    टिपपारा पीएस में शिक्षक देवधर कश्यप नदारद थे. गड़ाघाट स्कूल में पदस्थ बंशी ध्रुव समेत एक अन्य शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी देकर स्कूल से अनुपस्थित मिले। केन्दूपाटी के शिक्षक सुनील भी हाजिरी देकर गायब मिले।  जिन्हें डीईओ ने अवैतनिक कर शो काज नोटिस थमाया है।
    योजनाओं के क्रियान्वयन व सतत मोनिटरिंग के लिए बीईओ के अलावा दो एबीईओ पदस्थ है. मोनिटर करने 12 अन्य को भी टीम में शामिल किया गया है। 
     200 से ज्यादा स्कूल मौजूद हैं, जिनमें 17 का निरीक्षण हुआ। इस 17 में 14 स्कूल की व्यवस्था सही नहीं होना पाया गया। बता रहा है कि दूरस्थ स्कूलों में व्यवस्था कैसे चल रही होगी. स्कूल विभाग की एमडीएम योजना ज्यादातर स्कूलों में सही नहीं पाए गए. डोहेल, सितलीजोर, बाडीगांव जैसे 7 स्कूल में पढ़ाई का स्तर डीईओ ने ठीक नहीं पाया. ऐसे में मोनिटरिंग कमेटी पर सवाल उठने लगा। 

     

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Posted Date : 11-Jan-2019
  • बिलासपुर, 11 जनवरी। कुम्भ मेला के दौरान ट्रेनों में होने वाली अतिरिक्त भीड़ को कम करने एवं यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने दुर्ग-इलाहाबाद छिवकी-दुर्ग के बीच 7 फेरों के लिए एक कुम्भ मेला स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। 

    यह गाड़ी दुर्ग से इलाहाबाद छिवकी के लिए 08791 नंबर के साथ प्रत्येक शनिवार को 12 जनवरी से 02 मार्च तक चलेगी। इसी प्रकार विपरीत दिशा में भी इलाहाबाद छिवकी से दुर्ग के लिए 08792 नंबर के साथ प्रत्येक रविवार को 13 जनवरी से 03 मार्च तक चलेगी।  इस स्पेशल ट्रेन में 02 एस.एल. आर., 16 स्लीपर कोच सहित कुल 18 कोच रहेगी। दुर्ग से यह ट्रेन रात 21.30 बजे छूटेगी। यह 22.15 बजे रायपुर, रात 12.40 बजे उसलापुर (बिलासपुर) पहुंचेगी। यह ट्रेन भाटापारा, पेंड्रारोड, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर, सतना, जैतवार, मानिकपुर होते हुए रविवार को दोपहर एक बजे छिवकी, इलाहाबाद पहुंचेगी।  रविवार को शाम 18.15 बजे यह ट्रेन वापस छूटेगी। अगले दिन सुबह 10 बजे यह उसलापुर (बिलासपुर), दोपहर 12.05 पर रायपुर और दोपहर 13.10 को दुर्ग पहुंचकर समाप्त होगी। 

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Posted Date : 08-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    बिलासपुर, 8 जनवरी। नगर निगम आयुक्त सौमिल रंजन चौबे का कहना है कि नगर निगम सीमा के भीतर चल रही कोई भी परियोजना बंद नहीं होगी और न ही इसके लिए कोई वित्तीय समस्या सामने आने दी जायेगी। 
    बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित 'हमर पहुनाÓ कार्यक्रम में पहुंचे नगर निगम आयुक्त सौमिल रंजन चौबे ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि हमें शासन की ओर से आश्वस्त किया गया है कि सभी परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी। उन्होंने नगर निगम की उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अशोक नगर से झुग्गी बस्तियों को बिना अवरोध हटाकर दो हजार पक्के फ्लैट का निर्माण किया गया है, जो एक बड़ी सफलता है। ये मकान उच्च क्वालिटी के हैं, जो किसी प्राइवेट बिल्डर द्वारा उपलब्द कराई जाने वाली सुविधा के अनुरूप हैं। नगर निगम सीमा में इस प्रकार के कुल 20 हजार मकानों का निर्माण होना है। इसी तरह रिवर व्यू पर विशाल तिरंगा ध्वज शहर की शान का प्रतीक है, वहीं चौपाटी को अधिक व्यवस्थित  कर दिया गया है। अब यहां लोग शाम के समय टहलने के लिए तो आते ही हैं, यहां पर स्ट्रीट वेंडर को स्थापित कर देने से चहल-पहल और बढ़ गई है। 
    चौबे ने कहा कि स्मार्ट सिटी के प्लान को सराहा गया है। इसके लिए प्रस्तावित अधोसंरचना के लिए निरंतर राशि मिलेगी। सड़कों की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। हमने बेहतर सड़क के लिए 24 करोड़ रुपये का टेंडर एक साथ जारी किया, जिससे बनाये गए सीसी और बीटी रोड दोनों ही बेहतर बने हैं। सीवरेज का काम सिर्फ सवा किलोमीटर बच गया है, जिसे जल्दी पूरा कर लिया जायेगा। 

     

     

     

     

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Posted Date : 08-Jan-2019
  • बिलासपुर, 8 जनवरी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एक दिवसीय प्रवास पर बिलासपुर पहुंचे। छत्तीसगढ़ भवन में कार्यकर्ताओं से भेंट के बाद स्टेशन जाते समय सत्यम चौक पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं पार्षद तैय्यब हुसैन के नेतृत्व में उनका गर्मजोशी से स्वागत हुआ। स्वागत के दौरान तैय्यब हुसैन ने सत्यम चौक को शहीद विनोद चौबे के नाम पर रखने की मांग की। मुख्यमंत्री ने तुरन्त इसकी घोषणा कर दी और कहा कि यहां उनकी प्रतिमा भी लगाई जाएगी। घोषणा के पश्चात् करतल ध्वनि से स्वागत हुआ एवं घोषणा हेतु मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया गया।  

     

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Posted Date : 08-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    बिलासपुर 8 जनवरी। प्रदेश मंत्रिमंडल के मुखिया भूपेश बघेल और वरिष्ठ मंत्री मो. अकबर दोनों सोमवार को बिलासपुर में थे और संसदीय सचिव के मुद्दे पर उनका अलग-अलग बयान आया। 
    कानन पेंडारी में विगत दिवस हुई सफेद बाघ की मौत की जानकारी लेने के लिए पहुंचे वन, पर्यावरण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री मोहम्मद अकबर ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि पिछली भाजपा सरकार की तरह कांग्रेस सरकार भी संसदीय सचिवों की नियुक्ति की जायेगी। हालांकि यह भाजपा सरकार की तरह लाभ का पद नहीं होगा बल्कि हाईकोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुरूप वे सिर्फ मंत्रियों के सहायक होंगे और उन्हें विधायकों को मिलने वाली सुविधा के अतिरिक्त कोई अन्य सुविधा नहीं मिलेगी। इसी मसले पर कुछ घंटे बाद छत्तीसगढ़ भवन पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जब पत्रकारों ने बात की तो उन्होंने कहा कि संसदीय सचिवों की नियुक्ति को लेकर अभी कोई विचार नहीं किया गया है। 
    मालूम हो कि दोनों ही नेता सरगांव के अनुरागी धाम मंदिर में आयोजित समाधि मंदिर निर्माण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आये थे। मो. अकबर बिलासपुर होते हुए सरगांव गये जबकि मुख्यमंत्री बघेल सरगांव के कार्यक्रम के बाद ट्रेन से रायपुर निकले। छत्तीसगढ़ की रमन सरकार ने 11 विधायकों को संसदीय सचिव नियुक्त करते हुए उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा दिया था।तब कांग्रेस के मोहम्मद अकबर और रायपुर के आरटीआई एक्टिविस्ट राकेश चौबे ने हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर कर इन नियुक्तियों को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने याचिकाएं ख़ारिज कर दी थीं तथा अपने पूर्व के आदेश को यथावत रखा था कि संसदीय सचिव अपने पद पर तो बने रहेंगे लेकिन इस संबंध में मंत्री के तौर पर मिलने वाले अधिकार व अतिरिक्त सुविधाओं का उपभोग नहीं कर सकेंगे। प्रदेश में मंत्रिपरिषद् के सदस्यों की संख्या अधिकतम 12 रखी जा सकती है। इसके चलते कई दावेदार विधायक मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं बन पाये हैं. समझा जाता है कि इन्हें संसदीय सचिव के रूप में कार्य सौंपने पर कांग्रेस सरकार विचार कर रह है। 
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शाम के समय एसईसीएल हेलीपेड पहुंचे। इसके बाद छत्तीसगढ़ भवन पहुंचने पर उनका कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इसी दौरान उन्होंने मीडिया से भी चर्चा की। 
    वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कानन पेंडारी जू में अधिकारियों और डॉक्टरों से सफेद बाघ की मौत के कारणों पर चर्चा की।  डॉक्टरों ने सांप के काटने से बाघ की मौत की आशंका जताई। अकबर ने डॉक्टरों से पूछा कि क्या बाघ के शरीर पर सर्पदंश के निशान पाये गये हैं। इस पर  उन्हें बताया गया कि बाघ के शरीर पर बाल होने के कारण सर्पदंश के निशान नहीं दिखे, लेकिन बाघ के हृदय में कालापन और मुंह से झाग निकला है,  जिसके चलते सर्पदंश की आशंका है। अकबर ने बताया कि बाघ के अंगों को जांच के लिए बरेली भेजा गया है, जहां से विस्तृत रिपोर्ट आने पर ही बाघ की मृत्यु के कारणों के बारे में खुलासा हो सकेगा। 

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Posted Date : 07-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    बिलासपुर, 7 जनवरी। एचआईवी पीडि़ता की पहचान उजागर करने, उसे एड्स रोगी कहकर अपमानित करने तथा नौकरी, भोजन और आश्रय से वंचित करने के मामले में बिलासपुर पुलिस ने एक सुधार गृह अधीक्षिका व एक रेस्टारेंट संचालिका के खिलाफ एचआईवी विक्टिम प्रोटेक्शन एक्ट की धारा 34 के तहत अपराध दर्ज किया है। देश में यह संभवत: यह पहला मामला है, जिसमें इस एक्ट के तहत अपराध दर्ज हुआ। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो को इसका डेटा दर्ज करने के लिए पुलिस ने पत्र लिखा है। कुछ सामाजिक कार्यकर्ता पीडि़त के पुनर्वास के लिए अभी काम कर रहे हैं। 
    घटना पंजाब से यहां आकर रह रही एक नि:शक्त व जन्म के समय से ही एचआईवी पीडि़त 25 वर्षीय युवती की है। उसका यहां पर कोई नहीं था। वह किसी परिचित के कहने पर यहां नौकरी ढूंढते हुए आ गई थी। इसे महिला बाल विकास विभाग ने पहले तो सखी सेंटर में रखा, फिर वहां ज्यादा दिन तक रखने का नियम नहीं होने के कारण कुम्हार पारा स्थित महिला बाल विकास विभाग के सुधार गृह में दाखिला दिलाया गया। दाखिल करने के बाद उसके पहचान पत्र, प्रमाण पत्र आदि की मांग की गई। इससे पता चल गया कि वह एचआईवी पाजिटिव्ह से ग्रस्त है। जैसे ही अधीक्षिका को पता चला तो पीडि़ता के कपड़े, बिस्तर, बर्तन अलग कर उसे अलग रहने कह दिया गया। उसे खाना भी नहीं दिया गया। एक पूरे दिन तो वह सिर्फ एक पैकेट बिस्कुट में रही। 
    इधर कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं की पहल से युवती को सिविल लाइन थाने के पास स्थित एक रेस्तरां में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी मिल गई। तीन दिन तक रेस्तरां की मालकिन ने उसके काम की बेहद तारीफ की, लेकिन चौथे दिन उसे कहा गया कि वह यहां नौकरी नहीं कर सकती। वजह यह है कि वह एड्स पीडि़ता है। युवती ने समझाने की कोशिश की कि वह एड्स पीडि़ता नहीं है सिर्फ एचआईवी पीडि़त है। उसे कोई छुआछूत की बीमारी नहीं है। इसके बावजूद रेस्तरां की संचालिका ने उसे नौकरी से निकाल दिया। (बाकी पेजï 5 पर)
    सामाजिक कार्यकर्ता व एडवोकेट प्रियंका शुक्ला, रिंकू अरोरा, विजय अरोरा, अनुज श्रीवास्तव व महेन्द्र दुबे इस पीडि़ता को लगातार न्याय दिलाने की कोशिश कर रहे थे। जब युवती को नौकरी से निकाला गया तो पीडि़ता ने उनसे सम्पर्क किया। एडवोकेट प्रियंका शुक्ला ने बताया कि चूंकि सुधार गृह की अधीक्षिका के अलावा एचआईवी ग्रस्त होने की जानकारी किसी को थी नहीं, इसलिये रेस्तरां संचालिका को खबर उसी द्वारा दिये जाने की संभावना थी, क्योंकि सुधार गृह में उससे भेदवाव किया जा रहा था। 
    एडवोकेट शुक्ला ने बताया कि पूरे मामले को लेकर वह दो बार कलेक्टर डॉ. संजय अलंग से मिलने गई। उन्होंने तब जाकर 29 दिसंबर को बाल विकास विभाग के अधिकारियों को जांच का आदेश दिया। इसमें अधीक्षिका के खिलाफ शिकायत सही पाई गई। इसी तरह संचालिका ने नौकरी से निकाले जाने की बात मानी। प्रिंयका शुक्ला का कहना है कि कलेक्टर से उनसे जैसी मदद की अपेक्षा थी, वह नहीं मिली। उन्होंने जब सुधार गृह में भेदभाव की बात कही तो खुद ही पूछा कि उसे अब कहां रखा जाये। जबकि वे चाहते तो अधिकारियों को निर्देशित कर सकते थे। नि:शक्त केन्द्र में रखने से उन्होंने इस आधार पर मना किया कि युवती के पास विकलांगता प्रमाण पत्र नहीं है, जबकि व विकलांग है, यह कलेक्टर मिलने के दौरान देख भी रहे थे। पैरों में समस्या होने के बावजूद युवती को कलेक्टर के सामने अपनी फरियाद खड़े-खड़े ही करनी पड़ी। युवती की पुनर्वास और उसके लिए दवाइयों की समस्या अभी भी बनी हुई है। अधिवक्ता ने कहा कि फिलहाल हम लोग कुछ साथियों के साथ उसकी जरूरतों का ध्यान रख रहे हैं। 
    अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला ने पुलिस अधिकारियों को एचआईवी तथा एड्स पीडि़तों के लिए बने एक्ट 34 की जानकारी दी और सिविल लाइन थाने में जाकर अधीक्षिका व रेस्तरां की संचालिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। 2017 का यह एक्ट बीते साल सितम्बर माह से प्रभावी हो चुका है। इसके तहत पीडि़तों से भेदभाव करने, अपमानित करने, पहचान उजागर करने पर तीन माह से दो साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी हो सकता है। 

     

     

     

     

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Posted Date : 02-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    करगीरोड (कोटा), 2 जनवरी। कोटा-लोरमी मार्ग पर कोटा जयस्तंभ की ओर आ रही इंडिगो सीजी 10 एफ 4832 गाड़ी अचानक पलट गई। सड़क बनाने के लिए लगभग डेढ़ साल अधिक समय से सड़क खोदकर बनाया नहीं गया इसके चलते और भी राहगीर को काफी परेशानी सामना करना पड़ रहा है। 
    ठेकेदार की उदासीन रवैया से आसपास के दुकानदार रोड किनारे घरों में रहने वाले नगर वासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन स्कूली बच्चे एवं राहगीरों का छोटी-छोटी दुर्घटना हो रहा है सबसे बड़ी परेशानी वाली बात है यह है कि सड़क बनाने के लिए डब्ल्यू एम एम गिट्टी बिछाई गई जिससे वाहनों के चक्को टकराकर लोगों के काफी चोट पहुंचा रहे हैं लेकिन ठेकेदार को उदासीन रवैया से जनता परेशान है।

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Posted Date : 02-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    बिलासपुर, 2 जनवरी। कलेक्टर डॉ. संजय अलंग ने अधिकारियों से कहा है कि लोक सेवा गारंटी के अधीन सेवाओं के संबंध में किसी भी कार्यालय में किसी भी तरह का आवेदन लंबित न रहे। उन्होंने लंबित आवेदनों की निचले स्तर पर समीक्षा कर एक हफ्ते के भीतर निराकृत करने कहा है। बालिका छात्रावासों में सेनेटरी नैपकीन नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। इन छात्रावासों के सोशल ऑडिट कराने का निर्देश भी कलेक्टर ने दिया है। 
    मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि हर विभाग में सिटीजन चार्टर का पालन कड़ाई से हो और प्रतिदिन पालन प्रतिवेदन भी दें। कोई भी आवेदन लंबित न रहे तथा जो भी सिटीजन चार्टर का पालन नहीं करे, उन पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। विभागीय स्तर पर लोक सेवा गारंटी की अनिवार्य रूप से समीक्षा की जाए। कलेक्टर जनदर्शन, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त पत्रों तथा स्वयं विभाग को जो आवेदन प्राप्त हुए हैं, उनका निराकरण 12 जनवरी 2019 के पूर्व करना है। कलेक्टर जनदर्शन में बिजली विभाग से संबंधित शिकायतें ज्यादा प्राप्त हुई है, जिनके निराकरण के लिए अधिकारी स्वयं फील्ड में जाएं। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीमांकन के प्रकरणों की सतत समीक्षा करें और निर्धारित समय के भीतर सीमांकन होना चाहिए। राजस्व मामलों में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
    कलेक्टर ने अनुसूचित जाति, जनजाति छात्रावासों में मेनू का पालन नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने छात्रावासों में गैस चूल्हा और फ्रिज की व्यवस्था के लिए प्रस्ताव शासन को भेजने कहा। उन्होंने जिले के सभी बालिका छात्रावासों में सोशल आडिट कराने का निर्देश दिया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नेतृत्व में सोशल आडिट किया जायेगा। उन्होंने बालिका छात्रावासों में सैनेटरी नेपकिन उपलब्ध नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पेंशन भुगतान की स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया। जिले में संचालित हॉफ वे होम और वृद्धाश्रमों की जानकारी ली। सभी एसडीएम और तहसीलदारों को हर तीन माह में अनिवार्य रूप से इनका निरीक्षण करने का निर्देश दिया। कलेक्टर ने अवैध धान परिवहन पर कड़ाई से कार्यवाही करने के लिए खाद्य विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया। जिले में धान के जीरो शार्टेज के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मुस्तैदी से कार्य करने कहा। बिलासपुर में हो रहे सड़क, भवन निर्माण, नलकूप, नलजल योजना की समीक्षा की। 
    बैठक में अपर कलेक्टर बी.एस. उईके, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी फरिहा आलम सिद्दीकी व अन्य अधिकारी तथा विभाग प्रमुख उपस्थित थे।

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Posted Date : 02-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 2 जनवरी। ईस्ट कोस्ट रेलवे के सम्बलपुर रेल मंडल में चल रहे रखरखाव कार्य के कारण दो जनवरी से 7 जनवरी तक टिटलागढ़ से चलने वाली रायपुर पैसेंजर रद्द रहेगी। रायपुर से चलने वाली टिटलागढ़ पैसेंजर भी 3 जनवरी से 8 जनवरी तक रद्द रहेगी।  दुर्ग-विशाखापट्टनम के बीच दोनों ओर पैसेंजर ट्रेन 2 जनवरी से 7 जनवरी तक रद्द की गई है। इसी दौरान विशाखापट्टनम से दुर्ग के बीच चलने वाली एक अन्य पैसेंजर क्रमांक 58528 टिटलागढ़ में समाप्त कर दी जायेगी और यहीं विशाखापट्टनम वापस रवाना की जायेगी।   

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Posted Date : 02-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    बिलासपुर, 1 जनवरी। रतनपुर के नेवसा ग्राम में जहर खाने से हुई तीन लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने अश्लील वीडियो वायरल करने के आरोपी को गिरफ्तार तो कर लिया है लेकिन उसका मोबाइल जब्त नहीं कर पाई है। महिला होश में आने के बाद कीटनाशक मिला भाजी खाने की बात कह रही है, जिस पर पुलिस को कम भरोसा हो रहा है। फोरेंसिक एक्सपर्ट ने भोजन व उल्टियों का नमूना परीक्षण के लिए एकत्र कर लिया है। 
    सोमवार को मुख्यमंत्री के प्रवास के कारण इस मामले में जांच की गति धीमी रही। महिला को कल थोड़ी देर के लिए होश आया तो उसने बताया कि दो दिन पहले घर की बाड़ी में उसने कीटनाशक दवा का छिड़काव किया था। उसी भाजी को भोजन में खा लेने से सबकी तबियत बिगड़ी है। रतनपुर के थाना प्रभारी मानसिंह राठिया का कहना है कि युवक को हिरासत में लिया गया है। गांव वालों से पूछताछ के बाद अश्लील वीडियो वायरल होने की बात सामने आई है। पुलिस इसी दिशा में आगे जांच कर रही है। आरोपी युवक धर्मेन्द्र सूर्यवंशी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उससे उसका मोबाइल फोन जब्त नहीं किया जा सका है, वह बता रहा है कि उससे फोन गुम चुका है।
    मालूम हो कि रतनपुर के समीप ग्राम नेवसा में एक ही परिवार के पांच लोगों को जहर मिला खाना खा लिया था। आरोप है कि इस परिवार की 35 वर्षीय महिला ने अपने तीन बच्चों और मां को जहर मिला खाना दिया और आत्महत्या के उद्देश्य से खुद भी वही खाना खा लिया। महिला और उसके 17 साल के बेटे का सिम्स चिकित्सालय में उपचार चल रहा है, जबकि 60 वर्षीय महिला की मां तथा उनकी 12 और 16 साल की दो बेटियों की मौत हो गई। कुछ दिन पहले इस महिला का एक आपत्तिजनक वीडियो एक युवक धर्मेन्द्र सूर्यवंशी ने वायरल कर दिया था। इस वीडियो में आरोपी धर्मेन्द्र सूर्यवंशी उस महिला के साथ दिखाई दे रहा है। 
    इस बीच बिलासपुर से गई फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने नेवसा पहुंचकर बिसरा और भोजन का सेम्पल ले लिया है। वीडियो वायरल करने के आरोपी धर्मेन्द्र सूर्यवंशी के बारे में पुलिस का कहना है कि वह गुमराह कर रहा है। उससे मोबाइल फोन को भी बरामद किया जाना है। महिला के पूरी तरह होश में आने पर विस्तार से घटना की जानकारी ली जायेगी, इसके बाद आगे कार्रवाई की जायेगी। आरोपी धर्मेन्द्र मजदूरी का काम करता है। महिला का पति एक कोलवाशरी में चौकीदारी करता है। 

     

     

     

     

     

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Posted Date : 02-Jan-2019
  • अमित, डॉ.रेणु और धर्मजीत के साथ छत्तीसगढ़ भवन में 
    हुई चर्चा, पेंड्रा और चिरमिरी को जिला बनाने की मांग

    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    बिलासपुर, 1 जनवरी। पांच साल तक एक दूसरे के खिलाफ तल्खी भरे राजनीतिक बयानबाजी करने वाले छत्तीसगढ़ के दो नेताओं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बीच सोमवार को खुशनुमा माहौल में मुलाकात हुई। इसकी पहल खुद जोगी ने की थी और इस दौरान उनकी विधायक पत्नी डॉ.रेणु जोगी, विधायक धर्मजीत सिंह ठाकुर और पूर्व विधायक अमित जोगी भी थे। यह मुलाकात पेंड्रा और चिरमिरी-मनेन्द्रगढ़ को जिला बनाने की मांग के बहाने हुई। जोगी ने इस मुलाकात के बाद उठ रही अटकलों पर विराम देते हुए कहा कि उनका कांग्रेस में वापस लौटना असंभव है।
    मुख्यमंत्री बनने के बाद भूपेश बघेल आज पहली बार बिलासपुर पहुंचे थे। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के सुप्रीमो अजीत जोगी ने उनसे मिलने का समय लिया था। तय कार्यक्रमों के विलम्ब से चलने के कारण करीब दो घंटे की देरी से अपरान्ह 3.30 बजे छत्तीसगढ़ भवन में बघेल से उनकी मुलाकात हुई। संक्षिप्त मुलाकात के दौरान उन्होंने बघेल को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें पेंड्रा, गौरेला और मरवाही को मिलाकर एक जिला तथा चिरिमिरी-मनेन्द्रगढ़ को दूसरा जिला बनाने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया था कि संयुक्त मध्यप्रदेश विधानसभा में एक अगस्त 1998 को पेंड्रा को जिला बनाने की घोषणा की गई थी, जिस पर किसी कारण से अमल नहीं हो पाया। यह जिला मुख्यालय से 170 किलोमीटर दूर स्थित है और शिक्षा स्वास्थ्य की जरूरी सुविधाओं से वंचित है। प्रदेश का सीमावर्ती इलाका होने के कारण संवेदनशील भी है। अतएव, इस अनुसूचित जनजाति बाहुल्य इलाके को जिला बनाया जाये।
    बाद में पत्रकारों से बात करते हुए अजीत जोगी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में आवश्यकतानुसार नये जिलों के गठन की बात कही है। उसी के अनुरूप बघेल से आज जिला बनाने की मांग की गई है।
    हालांकि इस मुलाकात के बाद जोगी ने कहा कि किसी नये राजनीतिक समीकरण के सिलसिले में यह मुलाकात नहीं है। एक विधायक होने के नाते मुख्यमंत्री के समक्ष उन्होंने अपने क्षेत्र की मांग को रखा है। राजनीतिक लड़ाई अपनी जगह है पर सम्बन्ध हमेशा सौहार्द्रपूर्ण रहे हैं। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि कांग्रेस में उनका लौटना असंभव है।

     

     

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Posted Date : 01-Jan-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    बिलासपुर, 1 जनवरी । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि बिलासपुर का विकास उसी तरह होगा जिस तरह रायपुर का हुआ। इसमें कोई कमी नहीं आने देंगे। बिलासपुर की सीमा का विस्तार नहीं होने दिया जा रहा था। सीमा बढ़ाई जायेगी। आवश्यकता पड़ी तो जैसे रायपुर विकास प्राधिकरण है वैसा ही बिलासपुर विकास प्राधिकरण बनेगा। बिलासपुर न्यायधानी हमारा बहुत महत्वपूर्ण जिला है। बिलासपुर को कुछ लोगों का चारागाह नहीं बनने देंगे। सबका विकास भी होना चाहिए, सब का काम भी होना चाहिए। बघेल ने यह भी घोषणा की है कि अरपा नदी के किनारे की जमीन की खरीदी बिक्री पर लगी रोक हटेगी। इसके लिए 'सेठÓ से परमिशन नहीं लेनी होगी। उन्होंने घोषणा की कि अब पांच डिसमिल से कम जमीन की भी रजिस्ट्री हो सकेगी। नगर निगम बिलासपुर के एरिया का विस्तार किया जायेगा।
    मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार बिलासपुर पहुंचे बघेल ने सोमवार को कांग्रेस भवन परिसर में आयोजित अभिनंदन समारोह में यह बात कही। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिये पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, अजीत जोगी और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल पर जमकर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के नतीजे पर बड़े-बड़े समीक्षकों के अनुमान ध्वस्त हो गये। पांच सीट वाले सोच रहे थे कि 42-43 सीट पर यदि कांग्रेस सिमट गई तो मजे करेंगे। थैली लेकर घूमने वाले बड़े सक्रिय हो गये थे। राजस्थान, मध्यप्रदेश के बारे में तो कहा जा रहा था कि वहां क्लीन स्विप और बराबरी की स्थिति है पर छत्तीसगढ़ को लेकर कहा जा रहा था कि जैसे-तैसे भाजपा सरकार बना लेगी। लेकिन कयास उल्टा हो गया। छत्तीसगढ़ में तीन चौथाई बहुमत मिला है। इस नतीजे के लिए छत्तीसगढ़ के मतदाताओं ने खुद लड़ाई लड़ी। कुछ गठबंधन भी हुए। इसी भरोसे से 2008 और 2013 का चुनाव जीता गया था। इनको लगता था कि छत्तीसगढ़ की जनता सहनशील है। झीरम कांड, अखफोड़वा कांड, बस सह लेती है। कभी 270 रुपये, कभी 300 रुपये (बोनस) तो कभी के नाम पर उन्हें भ्रम था कि लोगों को खरीद लेंगे। उन्हें लगता था कि भूपेश, सिंहदेव, महन्त, डहरिया का कोई जनाधार नहीं है। सोच रहे थे कि इस बार भी मतदाताओं को धोखा देंगे, और अगले पांच साल फिर मलाई खायेंगे लेकिन धोखा देने वाले खुद धोखा खा गये। आज जहां भी जा रहे हैं लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। पहली बार मजदूर, किसान, व्यापारी हर वर्ग को लग रहा है कि हमारी सरकार बनी है। यह तीन चौथाई सीटों पर जीत हम झीरम घाटी के शहीदों और छत्तीसगढ़ की जनता को समर्पित करते हैं।
    बघेल ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को जब भी हमने छत्तीसगढ़ बुलाया वे आये और यहीं बिलासपुर में उन्होंने घोषणा की कि हमारी सरकार आएगी तो 10 दिन के अंदर किसानों का ऋण माफ कर दिया जायेगा। किसानों ने कहा कि हमने तो धान बेच दी, हमारा क्या होगा। हमने तय किया कि सबसे पहले उनका पैसा वापस किया जायेगा। दसवें ही दिन हमने प्रदेश के साढ़े तीन लाख किसानों के खाते में 1240 करोड़ की रकम वापस जमा करा दी। हमने ऋण माफी में कोई सीलिंग नहीं लगाई है, छोटे बड़े सब किसानों का कर्ज माफ कर रहे हैं।  एक विधायक ने कहा था कि 10 दिन के अंदर ऋण माफ कर दिया गया तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। वे तो त्रिकोणीय मुकाबले में जीत गये। सीधे मुकाबले में भाजपा की हालत दिल्ली की तरह हो जाती जहां तीन सीट उन्हें मिली है। वह तो पांच सीट जीतने वाले की बदौलत 12 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला हो गया। इसलिये 15 सीट मिल गई।
    उन्होंने सरकार को जीत दिलाने में संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को बधाई दी और अभूतपूर्व स्वागत के लिए आभार प्रगट किया।
    बघेल ने कहा कि वे पहले भी हर माह बिलासपुर आ जाया करते थे, अब भी आयेंगे। पहले प्रदेश अध्यक्ष के रूप में आता था अब मुख्यमंत्री के रूप में आऊंगा। बिलासपुर के साथियों के लिए मैं मुख्यमंत्री नहीं भूपेश भाई ही रहूंगा।
    इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि पांच साल हमने संघर्ष किया तो हमें 15 साल के कुशासन से मुक्ति मिली। जिन लोगों ने कांग्रेस भवन में पीटकर हमें बाहर किया था, छत्तीसगढ़ की जनता ने खुद उन्हें पीटकर बाहर कर दिया। दो माह बाद लोकसभा चुनाव है। हमें प्रदेश की 11 में से 11 सीटें जीतकर राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना है।
    कार्यक्रम में विधायक शैलेष पांडेय, विधायक रश्मि सिंह ठाकुर, अनेक पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और प्रदेश, जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी उपस्थित थे। स्वागत भाषण में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अटल श्रीवास्तव ने अन्य पदाधिकारियों के साथ बघेल का स्वागत किया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी, प्रवक्ता अभय नारायण राय और ऋषि पांडेय ने कार्यक्रम का संचालन किया। जिले भर से कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे थे।

     

     

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Posted Date : 31-Dec-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    करगीरोड (कोटा ),  31 दिसंबर। मुस्लिम समुदाय में बारह-रबी-उल-अव्वल शरीफ के बाद ग्यारहवीं शरीफ का मुबारक महीना आता है, जिसमें एक महीने तक मुस्लिम समाज द्वारा गौसे-ए-आजम की मोहब्बत और अकीदत में अपने घरों में समाज में कमेटियों द्वारा मिलाद-शरीफ और लंगर का एहतमाम किया जाता है।
    इसी कड़ी में मुस्लिम-जमात कोटा के द्वारा जश्ने-गौसुल-वारा का जलसा रखा गया। कोटा के अग्रहरी भवन में महासमुंद के अल्लामा-मौलाना-शायरे-इस्लाम, जनाब याकूब कैसर ने तकरीर की, साथ ही गौरेला- पेंड्रा के हाफिज तालीम और बिलासपुर से भी आए हुए मौलाना अब्दुल रहीम ने भी नाते-रसूल और तकरीर किया। साथ ही कोटा मुस्लिम जमात के पेश-इमाम हाफिज, गुलजार साहब, हफीज खान, मौलाना हसन भी मौजूद रहे। मिलाद शरीफ के बाद कोटा मुस्लिम जमात के द्वारा लंगर का भी एहतमाम किया गया था, जिसमें मुस्लिम समाज के युवा, बुजुर्ग, महिलाओं, बच्चों ने शिरकत की।
    कार्यक्रम में बिलासपुर के नवनिर्वाचित विधायक शैलेश पांडे के साथ कोटा की नवनिर्वाचित विधायक डॉ. रेणु जोगी भी आमंत्रित थीं। डॉ. रेणु जोगी ने अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम में शिरकत की। 
    मुस्लिम जमात के सदरऔर मेंबरान ने डॉ. रेणु जोगी का इस्तकबाल किया। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुस्लिम जमात का डॉ.रेणु जोगी ने आभार व्यक्त किया। विधायक शैलेश पांडे कुछ व्यस्तता के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए।  मुस्लिम जमात के गौसुलवरा कार्यक्रम में मुस्लिम जमात के सदर, मस्जिदे ताहा के पेश इमाम, जमात के मेंबरान सहित कोटा मुस्लिम जमात के नौजवान, बच्चे, बुजुर्ग, महिलाओं सहित आसपास गांव के मुस्लिम भाइयों ने भी शिरकत की।

     

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Posted Date : 31-Dec-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 31 दिसंबर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नवनियुक्त महाधिवक्ता कनक तिवारी ने कहा है कि हाईकोर्ट में शासन के उन मामलों में संशोधित जवाब पेश किया जायेगा जिन्हें सरकार और नौकरशाहों ने अपने स्वार्थ के लिए गलत तरीके से प्रस्तुत किया है। झीरम घाटी, नान घोटाला आदि मामलों में ऐसा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था में महाधिवक्ता मंत्रिपरिषद् के सदस्य के बराबर का ओहदा रखता है पर इसका पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने जनहित याचिका को लेकर सुप्रीम कोर्ट के 'अनुदार संकोचÓ को लेकर चिंता भी जताई। 
    वरिष्ठ अधिवक्ता तिवारी को छत्तीसगढ़ सरकार ने हाईकोर्ट का महाधिवक्ता नियुक्त किया है। वे दो जनवरी को प्रभार ग्रहण करने वाले हैं। रविवार की शाम उन्होंने पत्रकारों से बात की। उनसे पूछा गया कि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने खिलाफ दायर कई मामलों में बचाव के साथ जवाब पेश किया है, उसमें अब क्या स्थिति रहेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकरण में संशोधित जवाब पेश करने का प्रावधान होता है। वे देखेंगे कि झीरम घाटी हमला, नान घोटाला आदि में क्या जवाब पेश किया गया है। यदि किसी नौकरशाह और मंत्री को जानबूझकर बचाने के लिए गलत जवाब पेश किया गया हो तो उसको वे संशोधित करने की दरखास्त कोर्ट से करेंगे। 
    हाईकोर्ट में अधिवक्ता परिषद् के अध्यक्ष कोषराम साहू की एक याचिका को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार से कहा है कि महाधिवक्ता को प्रोटोकॉल में 22वें नम्बर से ऊपर लाकर पांचवे क्रम में रखा जाना चाहिए। तिवारी से पूछा गया कि क्या आप सरकार से इसे लागू कराने के लिए कहेंगे। उन्होंने कहा कि संविधान में यह पहले से प्रावधान है। महाधिवक्ता मंत्रिपरिषद् के सदस्य के समकक्ष होता है और वे मंत्रिमंडल की बैठक में भी शामिल हो सकते हैं। वे विधानसभा को सम्बोधित भी कर सकते हैं, लेकिन संविधान बनने के 68 साल बाद भी अब तक ऐसा नहीं हुआ। दरअसल, इसके पीछे नौकरशाहों की मनमानी है। मुख्य सचिव सहित कोई भी नौकरशाह संविधान की उपज नहीं है, वे कार्यपालिका के अंग होते हैं, जबकि महाधिवक्ता सरकार के अंग हैं। वे सरकार से मांग करेंगे कि हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक महाधिवक्ता को प्रोटोकॉल मिले। 
    जनहित याचिकाओं को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह अफसोस की बात है कि सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें लेकर एक अनुदार संकोच ओढ़ रखा है। जबकि पूर्व में जस्टिस पी.एन. भगवती सहित दूसरे न्यायाधीशों ने जनहित याचिका के जरिये ही न्याय के बड़े महत्वपूर्ण फैसले किये। इस सम्बन्ध में उन्होंने भागलपुर में कैदियों को अंधा किये जाने के मामले का उल्लेख किया। तिवारी ने कहा कि यह जरूर है कि कुछ लोग इन याचिकाओं के जरिये अपना उल्लू सीधा करने की कोशिश करते हैं पर इसमें अदालतों को संतुलन बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी न्याय व्यवस्था की संरचना अंग्रेजों की बनाई हुई है। चाहे अदालतें हों, न्यायाधीश, मंत्री, सभी के मन में गरीबों के लिए करूणा का अभाव है। सबसे अंतिम व्यक्ति के लिए कानून बनता है पर वही इसका लाभ नहीं उठा पाता। इसमें सुधार जरूरी है। 
    बीते 28 दिसंबर को रायपुर के कांग्रेस भवन में उनके भाषण पर उठे विवाद को लेकर उन्होंने चुनौती दी कि जिन्हें आपत्ति है वे जहां चाहे जवाब उठाएं। जिस वक्त मैंने भाषण दिया मैं कांग्रेस का सदस्य था। महाधिवक्ता पद पर नियुक्ति मेरी जरूर हो गई थी लेकिन मैंने अभी तक प्रभार नहीं लिया है। दो जनवरी को मैं काम संभालूंगा तब तक मैं कांग्रेसी हूं। 
    महाधिवक्ता कार्यालय में उनकी नई टीम कब तक बन जायेगी, पूछने पर उन्होंने कहा कि टीम तैयार करना सरकार का काम है, कुछ लोगों को नये वर्ष की सौगात मिलने वाली है। 
    बिलासपुर पहुंचने पर तिवारी के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में अधिवक्ता और उनके शुभचिंतक उनके सरकारी निवास पर पहुंचे।   

     

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Posted Date : 31-Dec-2018
  • अश्लील वीडियो फैलाकर आत्महत्या के 

    लिए उकसाने का आरोपी  गिरफ्तार 
    दोनों बेहोश से पूछताछ का इंतजार
    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    बिलासपुर, 31 दिसंबर। आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने से व्यथित एक महिला ने अपने तीन बच्चों और मां के खाने में जहर मिला खाना दे दिया और खुद भी खा लिया। घटना में मां और महिला के दो बच्चों की मौत हो गई जबकि एक बच्चे और मां का इलाज अस्पताल में चल रहा है। महिला और उसके बेटे के होश में आने के बाद पुलिस महिला का बयान लेने की तैयारी में है, जबकि घटना स्थल पर फोरेंसिक विशेषज्ञ पहुंच चुके हैं। बताया गया है कि वीडियो वायरल करने के आरोपी धर्मेन्द्र सूर्यवंशी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 
    घटना रतनपुर के समीप ग्राम नेवसा की है। पीडि़ता का पति  शनिवार  सुबह जब वह घर पहुंचा तो दरवाजा भीतर से बंद मिला। आसपास के लोगों को बुलाकर उसने दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया तो उसके होश उड़ गये। उसकी सास, पत्नी , बेटा,  दो बेटियां  बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़े थे और उनके मुंह से झाग निकल रहा था। सभी को आनन-फानन में सिम्स चिकित्सालय बिलासपुर लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी साश और दो बेटियों को   मृत घोषित कर दिया गया। कल देर रात महिला और उसके  को होश आ गया। पुलिस उनकी हालत सामान्य होने की प्रतीक्षा कर रही है ताकि बयान लिया जा सके। इस बीच पुलिस ने नेवसा पहुंचकर घटनास्थल की फोरेंसिक सेम्पल लिया है और गांव वालों से पूछताछ की जा रही है। 
    वीडियो वायरल करने के आरोपी धर्मेन्द्र सूर्यवंशी को भी हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। बताया जाता है कि महिला का आरोपी से परिचय था और उसने एक 30 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया था, जिसमें वह महिला का चुम्बन ले रहा है। यह वीडियो गांव में लोगों के मोबाइल फोन पर पहुंच गया था, जिसको लेकर उसका पति से झगड़ा भी हुआ था। पति की मां झगड़े की सुलह कराने के लिए दो दिन पहले अपने बेटे के पास पहुंची थी।  जांच अधिकारी अजय चौरसिया ने बताया कि अभी लोगों से पूछताछ चल रही है। महिला थाना के स्टाफ द्वारा महिला का बयान भी लिया जायेगा। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।  आरोपी गांव का ही रहने वाला है और मजदूरी करता है। 

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Posted Date : 29-Dec-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    बिलासपुर, 29 दिसंबर। अचानकमार अभयारण्य में बैगा आदिवासियों के बीच बरसों से सेवा कार्य कर रहे प्रो. प्रभुदत्त खेरा को हृदयघात के बाद अपोलो अस्पताल बिलासपुर में भर्ती कराया गया है। उनके स्वास्थ्य में सुधार है और दो दिन बाद उन्हें छुट्टी दिये जाने की संभावना है। जिलाधीश ने आज अस्पताल पहुंचकर उनके सेहत की जानकारी ली। 
    गांधीवादी प्रो. खेरा दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रहे हैं और बीते 25 साल से अचानकमार अभयारण्य में आदिवासियों के साथ सादगी के साथ रहकर उनके शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए काम कर रहे हैं। वे लमनी में आदिवासियों के साथ ही रहते हैं। इसी वर्ष उनको राज्य सरकार ने महात्मा गांधी कार्यांजलि पुरस्कार से सम्मानित किया है। अभयारण्य के लोग उन्हें 'दिल्ली वाले साहब' कहते हैं। प्रो. खेरा को यहां के बच्चों से विशेष लगाव है। उन्हें कल सुबह लमनी में माइनर अटैक आया था, जिसके बाद वे अचेत हो गये थे। रात करीब 9 बजे उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। 
    आज सुबह कलेक्टर डॉ. संजय अलंग अपोलो अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से उनके सेहत की जानकारी ली। उन्होंने उनकी बेहतर चिकित्सा के लिए भी कहा। 
    अपोलो के पीआरओ देवेश गोपाल ने बताया है कि उन्हें गहन चिकित्सा इकाई में रखा गया है और अब उनका स्वास्थ्य ठीक है। एक या दो दिन बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। 

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Posted Date : 28-Dec-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर, 28 दिसम्बर। कानन पेंडारी जू में पिछले दस साल से पर्यटकों को आकर्षित कर रहे सफेद बाघ की बुधवार की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जू प्रबंधन ने पोस्टमार्टम के बाद शव को जला दिया है। मौत का कारण सर्पदंश बताया गया है हालांकि विसरा और शरीर के कुछ हिस्सों को जांच के लिए भेजा जा रहा है ताकि मौत का सही कारण मालूम हो सके। केज में बाघ तक सांप कैसे पहुंचा इसे लेकर जू प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं। 
    सफेद टाइगर विजय को एक मादा के साथ सन् 2008 में दिल्ली के जू से लाया गया था। तब से यह प्रदेश भर के पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र रहा। अटल नगर की जंगल सफारी में भी इसे ले जाने का प्रस्ताव था लेकिन किसी तरह इसे यहीं रोक लिया गया। बुधवार को बाघ पर्यटकों के देखने के लिए विजिटर एरिया में दिनभर रखा गया था और शाम करीब 5.30 बजे केज में बंद कर दिया गया था। सुबह 8.30 बजे जब केज का निरीक्षण करने जू कीपर वहां पहुंचा तो उसने बाघ को अचेत अवस्था में पाया। इसकी सूचना तुरंत पशु चिकित्सक डॉ. पी के चंदन की टीम ने बाघ को बचाने की कोशिश की लेकिन उपचार के दौरान ही उसकी मौत हो गई।  इसके बाद शव का पोस्टमार्टम किया गया और परीक्षण के लिए खून, बिसरा, लंग, लीवर, किडनी, स्लीलीन आदि को निकालकर सुरक्षित रख लिया गया और दोपहर बाद शव को मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी पीके केसर, कानन अधीक्षक एच बी खान, वन परिक्षेत्र अधिकारी अजय शर्मा आदि की मौजूदगी में जला दिया गया। एकत्र सेम्पल को रासायनिक जांच के लिए पशु चिकित्सा अनुसंधान केन्द्र बरेली भेजा जाएगा। जू प्रबंधन ने आशंका जताई है कि टाइगर की मौत सांप के डसने से हुई है। केज को सांप से सुरक्षित रखने के लिए उपाय किये जाते हैं। फिर भी सांप के पहुंचने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता क्योंकि केज तक पेड़ या दीवार के जरिये पहुंच सकता है। 
    सांप के सिर ठीकरा फोड़ा गया- चड्ढा 
    वन्यजीव प्रेमी, वरिष्ठ पत्रकार प्राण चड्ढा का कहना है कि यह पता नहीं सचमुच टाइगर को सांप ने काटा है या सांप के सिर पर ठीकरा फोड़ा गया। तीन साल पहले 22 फीमेल स्पॉटेड डीयर की मौत का कारण तब के डीएफओ हेमन्त पांडेय ने एंथ्रेक्स बीमारी को बताया था। पर बाद में दूसरा कारण निकला। वन विभाग की बात कितनी विश्वसनीय है कहा नहीं जा सकता।  
    चड्ढा ने दुर्लभ वन्य प्राणियों के शव को जलाने के नियम को भी गलत बताया है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में केन्द्रीय विश्वविद्यालय है, कई जगह फारेस्ट्री की पढ़ाई होती है। इसके अलावा अचानकमार टाइगर रिजर्व में म्यूजियम को भी सम्पन्न बनाना है। 
    वन्य जीवों को जलाने के बजाय इसका खाल, हड्डियों को धरोहर और अध्ययन के लिए काम लाना चाहिए। वे याद दिलाते हैं कि कानन पेंडारी में बस्तर से एक आदमखोर बाघिन की खाल लाई गई थी, जिसकी हिफाजत नहीं की गई और वह बर्बाद हो गई।  कान्हा नेशनल पार्क में वन्य प्राणियों का कंकाल और सींगों से सजा सुंदर म्यूजियम दर्शकों की जिज्ञासा का केन्द्र है, पर छत्तीसगढ़ में इन्हें जला देने के कारण यह सोच विकसित नहीं हुई है। 

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