राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : दारू नहीं, गोदाम पकड़ा रहे हैं...
छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : दारू नहीं, गोदाम पकड़ा रहे हैं...
Date : 18-Nov-2018

चुनाव आयोग की चौकसी के बाद भी कई प्रत्याशी अपने वोटरों के लिए शराब जुगाडऩे में सफल रहे हैं। कुछ जगह शराब भी पकड़ी गई है,   लेकिन इसमें आयोग के अमले या पुलिस का रोल नहीं रहा है। बल्कि शराब बरामद करवाने में विरोधी दल के कार्यकर्ताओं की भूमिका रही है। सुनते हैं कि एक-दो विरोधी दल के प्रत्याशियों को आबकारी अमले और पुलिस का भरपूर सहयोग मिल रहा है। उनकी मुखबिरी के चलते ही शराब पकड़ी गई। 
बीते शनिवार को तो गुंडरदेही के जोगी कांग्रेस के प्रत्याशी आर के राय  की सूचना पर करीब 6 सौ पेटी शराब पकड़ी गई। यह आरोप है कि भाजपा प्रत्याशी से जुड़े लोगों के लिए शराब ले जा रही थी। राय डीएसपी रहे हैं। आबकारी विभाग के एक संविदा अफसर से भी उनके अच्छे ताल्लुक बताए जाते हैं। ऐसे में जब शराब पकड़ी गई, तो किसी को आश्चर्य नहीं हुआ। 
आबकारी विभाग से रिटायर होने के कई बरस बाद तक, शायद आधा दर्जन बार संविदा नियुक्ति पा चुका एक अफसर अपने पूरे तजुर्बे का इस्तेमाल करके राज्य भर में समय के पहले ही दारू पटवा चुका था, उसी में से कुछ बूंदें अभी पकड़ा रही हैं।

काम बाकी तो है, पर दिखता है
रायपुर शहर में पुल और सड़क के आधा दर्जन ऐसे निर्माण हैं जो कि अधूरे रह गए हैं। चुनाव के पहले इनको पूरा करवाने के लिए लोक निर्माण विभाग के मंत्री राजेश मूणत, और अफसरों ने जान लगा दी, लेकिन काम तो होते-होते ही हो सकता है। इस बीच एक बड़ी ठेका कंपनी पर आयकर का छापा पड़ा, तो उसका काम तकरीबन बंद हो गया, और शहर के बीचों-बीच फुट ओवरब्रिज अधूरा रह गया। काम रात-दिन जारी है, लेकिन चुनाव तक फिर भी पूरा नहीं हो पाया। दूसरी तरफ छोटी लाईन पटरी की जगह जो सड़क बन रही है, उससे लाखों लोगों की रोज की दिक्कत दूर होगी, लेकिन रात-दिन काम के बाद भी अभी उसमें कुछ महीने बाकी हैं। राजेश मूणत का चुनाव दो दिन बाद है, और उनकी मेहनत में जरा सी देर से कसर रह गई है। फिर भी लोगों का मानना है कि यह चुनाव न सही, छह महीने बाद के आम चुनाव में यह सारी सुविधा काम आएगी, और लोग उस वक्त इस सरकार के योगदान को याद रखेंगे। विधानसभा चुनाव में वे लोग जरूर ऐसे सड़क-पुल देखकर वोट देंगे जो जानते हैं कि कुछ महीने बाद ये पूरे हो जाएंगे।  और उसके बाद म्युनिसिपल के चुनावों तक तो सारे पुल-सड़क सज जाएंगे, और भाजपा के पार्षद-प्रत्याशी उसका फायदा पाएंगे। फिलहाल ऐसे सड़क-पुल से जिन कॉलोनियों के दाम बढऩे हैं, वहां कारोबारी भी फायदा पा रहे हैं, और बिल्डरों के इश्तहारों से अखबार वाले भी। rajpathjanpath@gmail.com

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