इतिहास

इतिहास में 26 अप्रैल
इतिहास में 26 अप्रैल
Date : 26-Apr-2019

इतिहास में आज के दिन एक ऐसा हादसा हुआ जिसने हजारों लोगों की जिंदगी बदल दी. बहुत लोग अब भी इस हादसे से प्रभावित हैं.
26 अप्रैल 1986 को चेरनोबिल में परमाणु हादसा हुआ. उस वक्त चेरनोबिल, जो अब यूक्रेन में है, सोवियत रूस का हिस्सा हुआ करता था. 26 अप्रैल 1986 को परमाणु रिएक्टर में एक बड़ा धमाका हुआ जिससे पूरे वातावरण में रेडियोधर्मी कण फैल गए. उस वक्त हवा और बादलों की वजह से रेडियोधर्मी कण सोवियत रूस के पश्चिमी हिस्से और यूरोप तक में फैल गए.
चेरनोबिल दुनिया के सबसे खतरनाक परमाणु हादसों में गिना जाता है. हादसे के तुरंत बाद करीब 30 लोगों की मौत हुई लेकिन आसपास के रूसी, बेलारूसी और यूक्रेनी इलाकों से तीन लाख 50 हजार से ज्यादा लोगों को रेडियोधर्मी किरणों से बचाने के लिए दूर ले जाया गया. माना जाता है कि हादसे का सबसे ज्यादा नुकसान बेलारूस में हुआ. अब भी हजारों लोग रेडियोधर्मी किरणों से प्रभावित हैं.
माना जाता है कि चेरनोबिल की वजह से मरने वाले लोगों की संख्या 4000 तक जा सकती है. पीड़ितों को अकसर थाइरॉयड कैंसर या ल्यूकेमिया होता है. रूस, बेलारूस और यूक्रेन अब भी चेरनोबिल रिएक्टर की रेडियोधर्मी किरणों से लोगों के बचाने के लिए बहुत निवेश कर रहे हैं. चेरनोबिल के बाद फुकुशिमा परमाणु रिएक्टर की दुर्घटना सबसे खतरनाक परमाणु हादसा माना जाता है.

 

 

 इतिहास में आज 26 अप्रैल
*1933 -जर्मनी में भयानक संगठन गेशटापू अस्तित्व में आया। इस संगठन की स्थापना हिटलर के सेना कमान्डर हरमैन गोरयंग ने की थी गेशटापू का अर्थ सरकार की गुप्त पुलिस होता है। इस संगठन को बनाने का उददेश्य हिटलर या नाज़ीइज़्म के विरोधियों को पकड़ कर मार डालना था।
* 1954 -पोलियो के टीके साल्क वैक्सीन का बड़े स्तर पर परीक्षण किया गया।  ऐतिहासिक जेनेवा कॉन्फ्रेंस स्वीजऱलैंड के नगर जेनेवा में आरंभ हुई। जिसमें 19 देशों के विदेशमंत्रियों ने भाग लिया। इस कॉन्फ्रेंस में एशिया, यूरोप और अमरीका के विदेशमंत्रियों ने सूदूर क्षेत्र के विषयों और घटनाओं के बारे में विचार विमर्श किया। जेनेवा कॉन्फ्रेंस 77 दिन के बाद आंशिक सफलता प्राप्त करने के बाद समाप्त हो गयी।  
 *1986 -रूस के चेरनोबिल परमाणु ऊर्जा संयत्र में हुए विस्फोट से भारी तबाही हुई।
* 1999 - नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री तथा नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष मनमोहन अधिकारी का निधन।
*2004 - ईराक के नये झंडे को मान्यता मिली।
*2006 - भारत और उज़बेकिस्तान ने 6 समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
*2007 - जापानी कंपनी सोनी ने भारत में वर्ष 2010 तक 2 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य रखा।
*2008 - प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जम्मू-कश्मीर में बना 390 मेगावाट का दुलहस्ती हाइडल पावर प्रोजेक्ट देश को समर्पित किया।   अमेरिका ने भारत के साथ किये गए 123 समझौते में किसी भी परिवर्तन की सम्भावना से इन्कार किया। 
*2010 - बिहार सरकार ने बिहार के प्रसिद्ध चिनिया केले की ब्रांडिंग  गंगा केला के रूप में करने का फैसला किया। 
 *1900- भूकम्प विज्ञानी डॉ. चाल्र्स फ्रांसिस रिक्टर  का जन्म हुआ,  जिन्होंने अपने साथी बेनो गुटेनबर्ग के साथ मिलकर भूकम्प की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर पैमाने का आविष्कार किया। उनका पैमाना भूकम्प से निकली ऊर्जा को संख्याओं के रूप में अनुमानित करता है। (निधन-30 सितम्बर 1985)
 *1879-अंग्रेज़ भौतिकशास्त्री  सर ओवेन विलियन्स रिचर्डसन का जन्म हुआ, जिन्हें थर्मोआयनिक परिघटना (गरम धातुओं से इलेक्ट्रॉन के उत्सर्जन की प्रक्रिया) की खोज करने के लिए 1928 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। (निधन-15 फरवरी 1959)
 *1920 - भारत के महान गणितज्ञ श्रीनिवास आयंगार रामानुजन का निधन हुआ, जिन्हें अतिज्यामितीय श्रृंखला तथा संख्या सिद्धान्त में इन्होंने पार्टीशन फंक्शन की विशेषताएं खोजीं। उन्होंने 1729 संख्या की विशेषताओं को उजागर किया कि यह वह सबसे छोटी संख्या है, जिसे हम दो घन संख्याओं के जोड़ से दो तरीके में व्यक्त कर सकते हैं। जैसे, 1729 = 13 + 123 = 93 + 103।(जन्म-22 दिसम्बर 1887)
 *1940-जर्मन औद्योगिक रसायनज्ञ  कार्ल बॉश का निधन हुआ, जिन्हें औद्योगिक स्तर पर वायुमण्डलीय नाइट्रोजन से अमोनिया के उत्पादन करने की राह बनाई। उन्हें 1931 का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ। (जन्म-27 अगस्त 1874)।

 

 

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