इतिहास

आज का इतिहास 25 जून
आज का इतिहास 25 जून
Date : 25-Jun-2019

26 जून 1975 का दिन भारत के इतिहास का सबसे काला दिन कहा जाता है. इस दिन भारत में आपातकाल लगा था. लोकतांत्रिक भारत का काला अध्याय 21मार्च 1977 को खत्म हुआ.
राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के अनुरोध पर धारा 352 के तहत आपात काल की घोषणा की थी. आजाद भारत के दौर का यह सबसे विवादास्पद दौर माना जाता है. लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने इसे सबसे काले घंटों की संज्ञा दी थी.
विपक्षी पार्टियों के लोग काफी समय से कांग्रेस पार्टी पर 1971 के चुनाव में धांधली का आरोप लगा रहे थे. जयप्रकाश नारायण और उनके समर्थकों ने छात्रों, किसानों, मजदूर संघों में समर्थन जुटा लिया. गुजरात में विपक्षी गठबंधन जनता पार्टी ने कांग्रेस को हरा दिया. इसके बाद संसद में भी उसे अविश्वास प्रस्ताव से जूझना पड़ा.
12 जून 1975 के दिन इलाहबाद हाई कोर्ट के जस्टिस जगमोहन लाल सिन्हा ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चुनाव अभियान में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का दोषी पाया. सरकार ने उनके चुनाव को खारिज कर दिया. इतना ही नहीं छह साल उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई.
देश भर में हड़तालें चल रही थीं. जय प्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई सहित कुछ नेताओं के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन दिल्ली तक आ पहुंचा.
चार साल के बाद जस्टिस जगमोहन लाल सिन्हा गांधी के खिलाफ फैसला दे पाए थे. यही फैसला आपातकाल लागू करने का मुख्य कारण बना. सरकार ने सुरक्षा, पाकिस्तान के साथ युद्ध, सूखा, 1973 के तेल संकट का हवाला देते हुए इन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया. सरकार ने दावा किया कि हड़तालों और विरोध प्रदर्शनों के कारण देश की गति रुक रही है. पार्टी के मुट्ठी भर लोगों से इंदिरा गांधी ने बातचीत की. इसके बाद पश्चिम बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धार्थ शंकर रे ने इंदिरा गांधी को देश में इंटरनल इमर्जेंसी लगाने की सलाह दी. उन्होंने राष्ट्रपति के लिए लेटर का मसौदा तैयार किया. लिखा गया कि आंतरिक अस्थिरता के कारण देश की सुरक्षा को खतरा है.
यह आपातकाल हर छह बाद बढ़ाया जाता गया. इसके बाद 1977 में चुनावों की घोषणा की गई. इस आपातकाल ने कांग्रेस को बुरी हार दिलाई और आजाद भारत में पहली बार मोरारजी देसाई के नेतृत्व में गैर कांग्रेसी सरकार बनी.

  • 1783-लैवॉइज़े ने कहा कि पानी, हाइड्रोजन तथा आक्सीजन से मिल कर बना होता है।
  • 1924- प्रोफेसर अल्बर्ट काल्मैट के द्वारा टी.बी. का टीका तैयार किया गया।
  • 1977 - आपातकाल की बरसी 25 जून को  काला दिवस  के रुप में मनाया जाता है।
  • 1998 - सं.रा. अमेरिका के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन 9 दिन की यात्रा पर चीन पहुंचे।
  • 1999 - संयुक्त राज्य अमेरीका द्वारा युगोस्लावियाई राष्ट्रपति स्लोबोदान मिलोसेविच की गिरफ़्तारी की सूचना देने पर 50 लाख डालर के इनाम की घोषणा।
  • 2002 - अफग़़ानिस्तान में नये मंत्रिमंडल ने शपथ ग्रहण किया।
  • 2003 - सिंगापुर के शीर्ष वकील और भारतीय समुदाय के प्रमुख सदस्य आर. पाल कृष्णन का मेलबोर्न में निधन।
  • 2004 - रूस द्वारा भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने का निर्णय।
  • 2005 - अहमदी नेजाद ईरान के राष्ट्रपति बने।
  • 2008 - उत्तर प्रदेश सरकार ने मकान व प्लाट की रजिस्ट्री सस्ती कर उस पर लगने वाला स्टाम्प शुल्क 8 फीसदी  से घटाकर 5 फीसदी कर दिया। 
  • 1931 - भारत के आठवें प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह का जन्म हुआ। 
  • 1924 - बॉलीवुड फि़ल्म संगीत निर्देशक मदन मोहन का जन्म हुआ। 
  • 1950 -भारत के राष्ट्रवादी नेता एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी  स्वामी सहजानंद सरस्वती का निधन हुआ। 
  • 1911-अमेरिका के जैवरसायनज्ञ  विलियम एच. स्टीन का जन्म हुआ, जिन्हें (स्टैनफोर्ड मूरे तथा क्रिश्चियन बी. ऐन्फिन्सेन) के साथ 1972 में रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ। (निधन- 2 फरवरी 1980) 
  • 1905- जर्मन-अमेरिकी खगोलशास्त्री  रूपर्ट वाइल्ड का जन्म हुआ, जिन्होंने वृहस्पति तथा शुक्र ग्रहों के वातावरण का अध्ययन किया। उन्होंने बताया कि शुक्रके परित: गैस के बादल फॉरमैल्डीहाइड से बने हैं और उसमें सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ अल्प मात्रा में पानी भी मौजूद है। (निधन-9 जनवरी 1976)
  • 1898 - जर्मनी के प्रकृतिविद तथा वनस्पति वैज्ञानिक फर्डिनैन्ड (जूलियस) कॉह्न  का निधन हुआ, जो जीवाणु-विज्ञान के संस्थापकों में गिने जाते हैं। उन्हें जीवाणु, फफूंद, पादपरोग-विज्ञान पर अध्ययन के लिए भी जाना जाता है। (जन्म-24 जनवरी 1828) 
  • 1995-आयरिश भौतिकशास्त्री अर्नैस्ट थॉमस सिन्टन वॉल्टन  का निधन हुआ, जिन्हें कुकक्राफ्ट वाल्टन जेनरेटर के निर्माण के लिए 1951 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ। यह पहला नाभिकीय कण त्वरित्र था।
     

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