राजपथ - जनपथ

 छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : अब आलोक शुक्ला ही रह गए...
छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : अब आलोक शुक्ला ही रह गए...
Date : 11-Sep-2019

अब आलोक शुक्ला ही रह गए...

नान घोटाले में फंसे अफसरों-कर्मियों में से प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला को छोड़कर सभी को कोर्ट से राहत मिल गई है। और तो और प्रकरण के मुख्य आरोपी एसएस भट्ट को भी जमानत मिल गई है। डॉ. शुक्ला का अग्रिम जमानत आवेदन हाईकोर्ट के समक्ष विचाराधीन है। सुनते हैं कि करीब तीन महीने पहले उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन लगाया था। जस्टिस एमएम श्रीवास्तव की एकल पीठ ने केस डायरी भी बुलाई थी। कोर्ट की ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के बाद उनके जमानत आवेदन पर सुनवाई होनी थी, मगर जज ने सुनने से मना कर दिया। 

अब उनके जमानत आवेदन पर अलग-अलग कारणों से सुनवाई में  विलम्ब हो रहा है। उनका दुर्भाग्य यह है कि जमानत नहीं हो पाने के कारण पोस्टिंग नहीं हो पा रही है। भाप्रसे के 86 बैच के अफसर आलोक शुक्ला छत्तीसगढ़ कैडर के पहले अफसर हैं, जिन्हें पीडीएस में उल्लेखनीय कार्य के लिए प्रधानमंत्री अवार्ड मिला था। उनकी योग्यता-काबिलियत असंदिग्ध रही है। उन्होंने चुनाव आयोग में पोस्टिंग के दौरान अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था, लेकिन घोटाले में नाम आते ही उनका कॅरियर तकरीबन चौपट हो गया। सबकुछ ठीक ठाक रहता तो वे कम से कम एसीएस हो चुके होते। अब तो अगले साल उनका रिटायरमेंट है। जबकि उनके बैचमेट सुनील कुजूर सीएस हैं। पिछले बरस उन्होंने अकेलेपन में गुजारे, स्कूल शिक्षा पर कुछ काम किया, और एक डॉक्टर होने के नाते उन्होंने कुछ जगहों पर मुफ्त में इलाज का प्रस्ताव भी रखा था। कुछ वक्त उन्होंने लिखने-पढऩे में भी गुजारा, लेकिन इस एक मामले ने उनकी तमाम सकारात्मक बातों को किनारे कर दिया। 

इंसान का मिजाज ही ऐसा रहता है...
फूलों में सूरजमुखी के बारे में कहा जाता है कि वह सूरज को देखकर अपना रुख बदल लेता है, और इसीलिए उसे सूरजमुखी नाम दिया गया है। लेकिन इंसानों में भी ठीक ऐसी ही बात है। किसी विमान के घंटे दो घंटे लेट होने की खबर मीडिया में प्रमुखता से आ जाती है, लेकिन ट्रेन अगर दस घंटे लेट है, जिस पर दस-बीस गुना अधिक मुसाफिर सवार हैं, तो भी वह खबर नहीं बनती। विमान पर अधिक ताकतवर, अधिक दौलतमंद लोग चढ़ते हैं, इसलिए वह अधिक बड़ी खबर बना देता है। इसी तरह बड़े अफसरों या नेताओं की किसी कॉलोनी में हुई छोटी चोरी भी बड़ी खबर बनती है, और किसी आम कॉलोनी में हुई बड़ी चोरी भी छोटी खबर। इंसान का मिजाज ताकतवर को सलाम करने का रहता है, और मीडिया में जाने के बाद भी इंसानों में ऐसी इंसानियत तो बची ही रहती है। (rajpathjanpath@gmail.com)

एक बात बताओ, इश्क जब हद से गुजर जाता है, तो... जाता कहां है?

भगवान का दिया हुआ सबकुछ है लड़कियों के पास, बस मेरा मोबाइल नंबर नहीं है...

मैं चाहता हूं कि कोई लड़की मेरा मोबाइल नंबर लेके मुझे कॉल करे, और मुझसे धार्मिक बातें करे ताकि मैं सुधर जाऊं...

भला है, बुरा है, जैसा भी है, मेरा ब्वॉयफ्रेंड मेरा देवता है...
पता नहीं ऐसा बोलने वाली मुझे कब मिलेगी

एक साहब के घर रात को चोर आ गये, चोरों को डराने के लिए उन्होंने रिवाल्वर निकाली, चोर देखकर भाग गए..
थोड़ी देर बाद पुलिस आ गई, कहा तुम्हारे पास रिवाल्वर है? उन्होंने दिखाया और कहा साहब ये तो बच्चों का खिलौना है, चोरों को डराया था बस..
पुलिस चली गई....चोर फिर आ गये।

एक बात याद रखना, खाना खाने के पहले हेंडवॉश ना करना लेकिन खाना खाने के बाद हेंडवॉश जरूर करना मोबाइल पर दाग लग सकते हैं

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