इतिहास

इतिहास में आज 17 जनवरी
इतिहास में आज 17 जनवरी
Date : 17-Jan-2020

कर्नाटक के तीन युद्ध हुए. तीनों 1746 से 1763 के बीच हुए. अगस्त 1639 को ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने विजयनगर के राजा पेडा वेंकट राय से कोरोमंडल तट चंद्रगिरी में कुछ जमीन खरीदी. वेंकट राय ने अंग्रेज व्यापारियों को यहां एक फैक्ट्री और गोदाम बनाने की अनुमति दी थी. एक साल बाद ब्रिटिश व्यापारियों ने यहां सेंट जॉर्ज किला बनवाया जो औपनिवेशिक गतिविधियों का गढ़ बन गया. लेकिन प्रथम कर्नाटक युद्ध में इंग्लैंड को हराकर फ्रांसीसी फौजों ने 1746 में मद्रास और सेंट जॉर्ज के किले पर अपना कब्जा जमा लिया. इसके बाद अगले दो सालों तक तमाम कोशिशों के बाद भी वे सेंट डेविड किले को अंग्रेजों से नहीं छीन सके. प्रथम युद्ध के अंत में ब्रितानी कंपनी ने 1749 में एक्स ला शापेल सन्धि के तहत मद्रास को हासिल कर लिया.
तत्कालीन पांडिचेरी का फ्रांसीसी गवर्नर डूप्ले था. कर्नाटक के प्रथम युद्ध की सफलता से डूप्ले की महत्वाकांक्षाएं बढ़ गई थीं. द्वितीय युद्ध में फ्रांस ने आसफजाह के खिलाफ दक्कन की सूबेदारी के लिए मुजफ्फरजंग का साथ दिया और उसके पक्ष की जीत भी हुई. फ्रांसीसियों को इस जीत से काफी फायदा मिला और उत्तरी सरकार के कुछ क्षेत्र मिल गए. इससे उनकी हिम्मत काफी बढ़ गई थी. लेकिन कर्नाटक के द्वितीय युद्द के अंत में 1755 में इंग्लैंड और फ्रांस में ‘पांडिचेरी की सन्धि' हुई जिसके अनुसार दोनों पक्ष युद्ध विराम पर सहमत हो गए. कुल मिलाकर इस युद्ध में अंग्रेजों की स्थिति मजबूत रही.
कर्नाटक के तीसरे सप्तवर्षीय (1756-1763) युद्ध में इंगलैंड तथा फ्रांस में फिर से ठन गई थी. इस बार लड़ाई कर्नाटक की सीमा लांघ कर बंगाल तक में फैल गई. 1757 में फ्रांसीसी सरकार ने काउंट लाली को इस संघर्ष से निपटने के लिए भारत भेजा. दूसरी ओर बंगाल पर कब्जा करके अपार धन अर्जित कर लेने के कारण अंग्रेज दक्कन को जीत पाने में सफल रहे. लाली ने 1758 में ‘फोर्ट सेंट डेविड' को तो अपने अधिकार में ले लिया, परन्तु 1760 में अंग्रेजी सेना ने सर आयरकूट के नेतृत्व में वाडिवाश की लड़ाई में फ्रांसीसियों को बुरी तरह से मात दी. 16 जनवरी 1761 को अंग्रेजों ने फ्रांसीसियों से पांडिचेरी को छीन लिया.

  • 1882 -थॉमस एल्वा एडिसन के टेलीफोन में किए गए नए सुधार के लिए पेटेन्ट जारी किया गया  एडिसन से इसे कार्बन माइक्रोफोन कहा।
  • 1941 - सुभाषचन्द्र बोस ब्रिटिश पहरे से चुपचाप ढंग से निकलकर जर्मनी के लिए रवाना हुए।
  • 1945 - द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति के दिनों में सोवियत सेना का पोलैण्ड की राजधानी वारसा में आगमन।
  • 1961 - जनवादी कोंगो के प्रधानमंत्री पेट्रिस लुमुम्बा की देश के  नए सैन्य शासकों ने हत्या कर दी।
  • 2007 - आस्ट्रेलिया के क्रिकेटर माइकल बेवन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया।
  • 2008-  केन्द्र सरकार ने विकलांगों को नौकरियां देने के लिए 1800 करोड़ रुपये की एक योजना को मंज़ूरी प्रदान की। मेडागास्कर में हिन्द महासागर के ताड़ के पेड़ की नई प्रजाति मिली।
  • 2010- भारत के उच्चतम न्यायालय ने ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से हमला किए जाने की स्थिति में आत्मरक्षा के अधिकार की प्रो-ऐक्टिव परिभाषा देते हुए कहा है कि क़ानून का पालन करने वाले लोगों को कायर बनकर रहने की ज़रूरत नहीं है। उ 
  • 1863 - आधुनिक रंगमंच को अपनी यथार्थवादी शैली से नया रूप देने वाले महान रूसी रंगकर्मी  कोंस्तेंतिन स्तानिस्लावस्की  का जन्म हुआ।
  • 1888 - भारत के प्रसिद्ध साहित्यकार, निबन्धकार और व्यंग्यकार बाबू गुलाबराय का जन्म हुआ। 
  • 1945 - पटकथा लेखक और हिन्दी फि़ल्मों के गीतकार जावेद अख्तर का जन्म।
  • 1918 - प्रसिद्ध फि़ल्म निर्माता-निर्देशक कमाल अमरोही का जन्म हुआ। 
  • 2010- भारत के प्रसिद्ध माक्र्सवादी राजनीतिज्ञ ज्योति बसु का निधन। 
  • 1834 -जर्मन वैज्ञानिक ऑगस्ट वाइज़मैन का जन्म हुआ,  जो कि आनुवंशिकता-विज्ञान के संस्थापकों में माने जाते हैं। उन्हें विशेष कर के उपार्जित लक्षणों की वंशानुगति  तथा  जर्मप्लाज़्म  सिद्धान्तों के लिए जाना जाता है।  (निधन- 5 नवम्बर 1914)
  • 1706-अमेरिकी मुद्रक और प्रकाशक, लेखक, वैज्ञानिक तथा राजनयिक बेन्जामिन फ्रैंकलिन का जन्म हुआ। विद्युत पर किए गए अपने व्यापक प्रयोगों के लिए प्रसिद्ध। तडि़त चालक और बाइफोकल चश्में उन्हीं के विचार थे। (निधन-17 अप्रैल 1790)
  • 1910-जर्मन भौतिकशास्त्री  हैनरिक विल्हेम ज्यॉर्ज कोह्लरॉश का निधन हुआ, जिन्होंने एलेक्ट्रोलाइट्स की विशेषताओं के बारे में पड़ताल की। एलेक्ट्रोलाइट्स वे पदार्थ होते हैं जो विलयन में आयनों के स्थानांतरण द्वारा विद्युत का संचालन करते हैं। उन्होंने एलेक्ट्रोलाइट्स के व्यवहार को समझने में योगदान दिया। (जन्म 14 अक्टूबर 1840)
  • 1890 -स्कॉटिश अमेरिकी वैज्ञानिक  पीटर हेन्डरसन का निधन हुआ, जो अमेरिकी बाग़वानी के जनक माने जाते हैं। उन्होंने 1847 में 500 डॉलर की पूंजी के साथ बाग़वानी की शुरुआत की। उन्होंने व्यावसायिक फूलों की खेती पर प्रैक्टिकल फ्लोरीकल्चर (1868) नामक पुस्तक लिखी। (जन्म 9 जून 1822)।
     

 

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