इतिहास

आज का इतिहास 30 मई
आज का इतिहास 30 मई
30-Mar-2020
  • 1898 -अंग्रेज़ वैज्ञानिक मॉरिस विलियम ट्रैवर्स ने लंदन में सर विलियम रैमजे के साथ काम करते हुए क्रिप्टान तत्व की खोज की।
  • 1981 - बांग्लादेश के राष्ट्रपति जिया-उर-रहमान की उनके 8 सहयोगियों के साथ हत्या, देश में आपातकाल लागू।
  • 1987 - गोवा को भारत के राज्य का दर्जा मिला। गोवा भारत का 26 वां राज्य बना। अमेरिका की फिलिप कम्पनी ने पहला कॉम्पैक्ट डिस्क (सी.डी.) बनाया।
  • 1996 - 6 वर्षीय बालक गेधुन चोकी नाइया को नया पंचेन लामा चुना गया।
  • 1998 - पाकिस्तान द्वारा एक और (छठा) परमाणु परीक्षण ।
  • 2003 - नेपाल के कार्यवाहक प्रधानमंत्री लोकेन्द्र बहादुर चंद ने इस्तीफ़ा दिया।
  • 2004 - सऊदी अरब में बंधक संकट समाप्त, परन्तु दो भारतीयों सहित 22 की हत्या।
  • 2007 - अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक दिवस पर 107 शांति रक्षक पुरस्कृत।
  • 1957-अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ. जोसफ विलियम कैनेडी का जन्म हुआ, जो प्लूटोनियम के आविष्कारकों में एक थे, जिसे उन्होंने साइक्लोट्रॉन में यूरेनियम ऑक्साइड पर ड्यूटेरॉनों की बमबारी के साथ कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में बनाया था। (जन्म-30 मई 1916) 
  • 1908 -स्वीडन के खगोल भौतिकशास्त्री हैनेज़ ओलोफ गोएस्टा अल्फ्वैन  का जन्म हुआ, जो प्लाज़्मा भौतिकी विधा के संस्थापकों में से एक माने जाते हैं। उन्हें चुम्बकीय जलगतिकी (मैग्नेटोहाइड्रोडायनामिक्स) पर आधारभूत अनुसंधान के लिए 1970 में फ्रांस के लुइ नील के साथ भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। (निधन-2 अप्रैल 1995)
  • 1778 -फ्रांस के भौतिक और रसायन शास्त्री जोजफ़ गे लुज़ैक का जन्म हुआ। उन्होने अपने जीवन में अनेक अविष्कार और खोज कीं। उन्होंने सियालोजऩ नामक विषैली गैस की खोज की । उन्होंने इसी प्रकार गैस संबंधी एक नियम भी बनाया जो उनके और उनके साथी चार्ल गे लुज़ैक के नाम से जाना जाता है। सन 1850 में उनका निधन हुआ।
  • 1964 - हंगरी में जन्मे अमेरिकी भौतिकीविद्  लियो ज़ीलार्ड का निधन हुआ,  जिन्होंने एनरिको फर्मी के साथ मिलकर 2 दिसम्बर 1945 में दुनिया का पहला नाभिक सयंत्र बनाया जो अनवरत श्रृंखला अभिक्रिया करता था।(जन्म-11 फरवरी 1898)
  • 1912 -अमेरिकी अन्वेषक विल्बर राइट का निधन हुआ,  जिन्होंने अपने भाई ओरविल राइट के साथ मिलकर फ्लायर नामक पहला वायुयान बनाया। (जन्म-16 अप्रैल 1867)।
  • 1779 -फ्रांस के लेखक और दार्शनिक फ्रान्सवा मैरी औरोए का 84 वर्ष की आयु में निधन हुआ। वे वॉल्टर के नाम से जाने जाते हैं। अपनी आयु में उन्हें दो बार जेल जाना पड़ा तथा एक बार तीन वर्ष के लिए उन्हें देशनिकाला देकर ब्रिटेन भेज दिया गया। इन घटनाओं से वाल्टर फ्ऱांस सरकार की ओर से और भी निराश तथा क्षुब्ध हो गये। उन्होंने इसी काल में अपनी पुस्तक ब्रिटिश राष्ट्र के नाम पत्र की रचना की जिसका फ्रांस में बड़ा स्वागत हुआ। उन्होंने कई पुस्तकें लिखी हैं। उनकी पुस्तकें 52 प्रतियों पर अधारित हैं। इनमें दर्शनार्थी की त्रास्दी, राष्ट्रोंं के विचार एवं परम्परा का अध्ययन सादा ह्रदय आदि आधिक लोकप्रिय हैं।
     

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