इतिहास

Posted Date : 26-Apr-2018
  • इतिहास में आज के दिन एक ऐसा हादसा हुआ जिसने हजारों लोगों की जिंदगी बदल दी. बहुत लोग अब भी इस हादसे से प्रभावित हैं. 26 अप्रैल 1986 को चेरनोबिल में परमाणु हादसा हुआ. उस वक्त चेरनोबिल, जो अब यूक्रेन में है, सोवियत रूस का हिस्सा हुआ करता था. 26 अप्रैल 1986 को परमाणु रिएक्टर में एक बड़ा धमाका हुआ जिससे पूरे वातावरण में रेडियोधर्मी कण फैल गए. उस वक्त हवा और बादलों की वजह से रेडियोधर्मी कण सोवियत रूस के पश्चिमी हिस्से और यूरोप तक में फैल गए.
    चेरनोबिल दुनिया के सबसे खतरनाक परमाणु हादसों में गिना जाता है. हादसे के तुरंत बाद करीब 30 लोगों की मौत हुई लेकिन आसपास के रूसी, बेलारूसी और यूक्रेनी इलाकों से तीन लाख 50 हजार से ज्यादा लोगों को रेडियोधर्मी किरणों से बचाने के लिए दूर ले जाया गया. माना जाता है कि हादसे का सबसे ज्यादा नुकसान बेलारूस में हुआ. अब भी हजारों लोग रेडियोधर्मी किरणों से प्रभावित हैं.
    माना जाता है कि चेरनोबिल की वजह से मरने वाले लोगों की संख्या 4000 तक जा सकती है. पीड़ितों को अकसर थाइरॉयड कैंसर या ल्यूकेमिया होता है. रूस, बेलारूस और यूक्रेन अब भी चेरनोबिल रिएक्टर की रेडियोधर्मी किरणों से लोगों के बचाने के लिए बहुत निवेश कर रहे हैं. चेरनोबिल के बाद फुकुशिमा परमाणु रिएक्टर की दुर्घटना सबसे खतरनाक परमाणु हादसा माना जाता है.
    ----

    • 1933 -जर्मनी में भयानक संगठन गेशटापू अस्तित्व में आया। इस संगठन की स्थापना हिटलर के सेना कमान्डर हरमैन गोरयंग ने की थी गेशटापू का अर्थ सरकार की गुप्त पुलिस होता है। इस संगठन को बनाने का उददेश्य हिटलर या नाज़ीइज़्म के विरोधियों को पकड़ कर मार डालना था।
    • 1954 -पोलियो के टीके साल्क वैक्सीन का बड़े स्तर पर परीक्षण किया गया।  ऐतिहासिक जेनेवा कॉन्फ्रेंस स्वीजऱलैंड के नगर जेनेवा में आरंभ हुई। जिसमें 19 देशों के विदेशमंत्रियों ने भाग लिया। इस कॉन्फ्रेंस में एशिया, यूरोप और अमरीका के विदेशमंत्रियों ने सूदूर क्षेत्र के विषयों और घटनाओं के बारे में विचार विमर्श किया। जेनेवा कॉन्फ्रेंस 77 दिन के बाद आंशिक सफलता प्राप्त करने के बाद समाप्त हो गयी।  
    • 1986 -रूस के चेरनोबिल परमाणु ऊर्जा संयत्र में हुए विस्फोट से भारी तबाही हुई।
    • 1999 - नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री तथा नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष मनमोहन अधिकारी का निधन।
    • 2004 - ईराक के नये झंडे को मान्यता मिली।
    • 2006 - भारत और उज़बेकिस्तान ने 6 समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
    • 2007 - जापानी कंपनी सोनी ने भारत में वर्ष 2010 तक 2 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य रखा।
    • 2008 - प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जम्मू-कश्मीर में बना 390 मेगावाट का दुलहस्ती हाइडल पावर प्रोजेक्ट देश को समर्पित किया।   अमेरिका ने भारत के साथ किये गए 123 समझौते में किसी भी परिवर्तन की सम्भावना से इन्कार किया। 
    • 2010 - बिहार सरकार ने बिहार के प्रसिद्ध चिनिया केले की ब्रांडिंग  गंगा केला के रूप में करने का फैसला किया। 
    • 1900- भूकम्प विज्ञानी डॉ. चाल्र्स फ्रांसिस रिक्टर  का जन्म हुआ,  जिन्होंने अपने साथी बेनो गुटेनबर्ग के साथ मिलकर भूकम्प की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर पैमाने का आविष्कार किया। उनका पैमाना भूकम्प से निकली ऊर्जा को संख्याओं के रूप में अनुमानित करता है। (निधन-30 सितम्बर 1985)
    • 1879-अंग्रेज़ भौतिकशास्त्री  सर ओवेन विलियन्स रिचर्डसन का जन्म हुआ, जिन्हें थर्मोआयनिक परिघटना (गरम धातुओं से इलेक्ट्रॉन के उत्सर्जन की प्रक्रिया) की खोज करने के लिए 1928 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। (निधन-15 फरवरी 1959)
    • 1920 - भारत के महान गणितज्ञ श्रीनिवास आयंगार रामानुजन का निधन हुआ, जिन्हें अतिज्यामितीय श्रृंखला तथा संख्या सिद्धान्त में इन्होंने पार्टीशन फंक्शन की विशेषताएं खोजीं। उन्होंने 1729 संख्या की विशेषताओं को उजागर किया कि यह वह सबसे छोटी संख्या है, जिसे हम दो घन संख्याओं के जोड़ से दो तरीके में व्यक्त कर सकते हैं। जैसे, 1729 = 13 + 123 = 93 + 103।(जन्म-22 दिसम्बर 1887)
    • 1940-जर्मन औद्योगिक रसायनज्ञ  कार्ल बॉश का निधन हुआ, जिन्हें औद्योगिक स्तर पर वायुमण्डलीय नाइट्रोजन से अमोनिया के उत्पादन करने की राह बनाई। उन्हें 1931 का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ। (जन्म-27 अगस्त 1874)।

     

    ...
  •  


Posted Date : 25-Apr-2018
  • जर्मनी की प्रसिद्ध साप्ताहिक पत्रिका स्टैर्न ने नाजी तानाशाह हिटलर की डायरी सामने लाकर दुनिया भर में तहलका मचा दिया था. लेकिन बाद में यह डायरी नकली पाई गई. इस खुलासे के बाद पत्रिका की भारी किरकिरी हुई थी.25 अप्रैल 1983 को जर्मनी के उत्तरी शहर हैम्बर्ग में हलचल थी. स्टैर्न पत्रिका के संपादक ने एक अंतरराष्ट्रीय प्रेस कॉन्फ्रेंस में शताब्दी की सनसनी पेश की, हिटलर की गोपनीय डायरी, जिसका पता किया था स्टैर्न के रिपोर्टर गैर्ड हाइडेमन ने. यह खबर पाने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस में 250 पत्रकार मौजूद थे. पत्रिका के संपादकीय में लिखा गया था कि तृतीय राइष का इतिहास फिर से लिखना होगा.
    ऐसा नहीं है कि हिटलर की डायरी के अस्तित्व पर किसी को शक नहीं हुआ हो. लेकिन स्टैर्न के मुख्य संपादक पेटर कॉख ने डायरी की सच्चाई पर संदेह को रिमोट डायगोनोस्टिक बताया. दो हफ्ते में ही सारा हंगामा थम गया, सनसनी खत्म हो गई. हिटलर की गोपनीय डायरी धोखाधड़ी साबित हुई. जर्मनी के संघीय अपराध कार्यालय बीकेए और संघीय अभिलेखागार ने उन्हें जालसाजी बताया और वह भी मामूली स्तर की. जिस कागज पर कथित डायरी लिखी गई थी, उस पर एक रसायन था जो युद्ध के बाद बाजार में आया था.
    स्टैर्न की पूरी दुनिया में बड़ी किरकिरी हुई. मुख्य संपादकों की नौकरी गई. यह मामला पत्रकारीय विफलता की मिसाल बन गया. प्रकाशक हेनरी नानेन को कहना पड़ा कि स्टैर्न शर्मसार है. इस मामले से स्टैर्न की छवि को तो नुकसान पहुंचा ही, उसकी बिक्री पर भी भारी असर हुआ. बहुत से लोगों ने उस समय सबसे ज्यादा बिकने वाली पत्रिका को खरीदना भी बंद कर दिया. छवि और बिक्री के संकट से उबरने में स्टैर्न को सालों लग गए.
    ------------
     

    • 1953 -नेचर पत्रिका ने वाट्सन और क्रिक द्वारा बताया गया डी.एन.ए. का चित्र छापा।
    • 1959 -एड्स के पहले रोगी की मौत हुई। उसकी मृत्यु का कारण तब अनसुलझा था, पर 1990 में उसके रखे हुए ऊतक नमूनों की जांच से पता चला कि वह एड्स से पीडि़त था।
    • 1999 - वेस्टइंडीज के आल राउंडर खिलाड़ी कार्ल हूपर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा, वाशिंगटन में तीन दिवसीय नाटो शिखर सम्मेलन समाप्त, इस्रायल के राष्ट्रपति आईजर विजमैन चीन की सात दिवसीय राजकीय यात्रा पर बीजिंग पहुंचे।
    • 2003 - फिलीस्तीन में नए मंत्रिमंडल के गठन पर सहमति होने के साथ ही अमेरिका समर्थित शांति योजना का रास्ता साफ।
    • 2004 - जिम्बाव्वे में श्रीलंका के खिलाफ़ एक दिवसीय मैचों में न्यूनतम 35 रनों का रिकार्ड बनाया। यूनानी साइप्रस ने एकीकरण योजना ठुकराई। चीन में सार्स की बीमारी एक बार फिर से फैलने की पुष्टि हुई।
    • 2007 - विरला इंस्टीट्यूट आफ़ टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज का नया परिसर पनामा (बहरीन) में खुला।
    • 2008- बालीवुड के प्रसिद्ध कलाकार व निर्देशक आमीर ख़ान को सिनेमा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए मास्टर दीनानाथ मंगेशकर स्मृति प्रतिष्ठान का विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया।
    • 2010 - भारतीय नौसेना ने पुराने हो चुके चेतक हेलीकाप्टरों की जगह नए लाइट यूटिलिटी हेलीकाप्टर (एलयूएच) खऱीदने की प्रक्रिया शुरू की। 
    • 1968 - शास्त्रीय गायक बड़े ग़ुलाम अली खां का निधन हुआ। 
    • 1900 -  अमेरिकी वैज्ञानिक वोल्फगैंग पॉली का ऑस्ट्रेलिया में जन्म हुआ, जिन्होंने 1925 में अपवर्जन सिद्धान्त दिया जिसे हम पॉली के अपवर्जन सिद्धान्त के रूप में जानते हैं। इसके अनुसार एक परमाणु में दो इलेक्ट्रॉन समान क्वान्टम अवस्था में नहीं रह सकते। वर्ष 1925 में उन्हें भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। (निधन-15 दिसम्बर 1958)
    • 1874 - इटली के अन्वेषक  गुग्लिएल्मो मार्कोनी का जन्म हुआ,  जो एक भौतिकविद् थे। इन्होंने 1935 में वायरलेस टेलीग्राफी की खोज की जिसे आज रेडियो के नाम से जाना जाता है। सन् 1909 में उन्हें नोबेल पुरस्कार मिला। (निधन-20 जुलाई 1937)
    • 1744- स्वीडन के भौतिकविद्, खगोलशास्त्री तथा गणितज्ञ  ऐन्डर्स सेल्सियस का निधन हुआ, जो तापमापी के निर्माण के लिए जाने जाते हैं। आज उनका पैमाना सर्वस्वीकृत है और हर प्रकार के वैज्ञानिक कार्यों में काम आता है।  (जन्म-27 नवम्बर 1701)
    • 1928-अमेरिका के शुरूआती पायलटों में एक  फ्लॉयड बेनेट का निधन हुआ,  जिन्होंने 9 मई 1926 को अन्वेषक रिचर्ड ई. बिर्ड की उत्तरी धु्रव के ऊपर पहली सफल उड़ान में पायलट का कार्य किया। (जन्म-25 अक्टूबर 1890)
    • महत्वपूर्ण दिवस- मलेरिया दिवस ।
    ...
  •  


Posted Date : 24-Apr-2018
  • आज का इतिहास इतना पुराना तो नहीं लेकिन दुनिया की बड़ी दुर्घटनाओं में से एक है. मामला है बांग्लादेश के राना प्लाजा का. वैसे तो 24 अप्रैल के दिन जब राना प्लाजा में कपड़ा मजदूर काम करने आए, उससे पहले ही अधिकारी और कारखाना मालिक जानते थे कि इमारत में दरारें पड़ी हैं. लेकिन फिर भी यहां चलने वाली कपड़ा फैक्ट्री और कई अन्य दुकानें पूरी तरह बंद नहीं की गई थी. उस दिन सुबह आए गरीब मजदूरों ने सोचा भी नहीं होगा कि आज का दिन उनके जीवन को पूरी तरह बदल कर रख देगा. 24 अप्रैल 2013 के दिन जब ढाका की राना प्लाजा इमारत ढही तो उसमें करीब 5000 लोग काम कर रहे थे. 2000 के करीब घायल हो गए और 1,138 मारे गए.
    बांग्लादेश की कपड़ा फैक्ट्रियों में एक के बाद एक दुर्घटनाएं हो रही थीं और राना प्लाजा के साथ ही सारी दुनिया का ध्यान इन पर खिंचा. क्योंकि बांग्लादेश की जिन फैक्ट्रियों में आग लगने की या इमारत ढहने की दुर्घटनाएं हो रही थीं, वहां बुरे हालात में काम करने वाले मजदूर विदेशी कंपनियों के लिए कपड़े बनाते हैं. इसके बाद नियमों और कानूनों को बदलने की ताकीद की गई. मजदूरों के हालात सुधारने का वादा किया गया. उम्मीद ही की जा सकती है कि जल्द हालात बेहतर होंगे और मजदूरों को ज्यादा अधिकार और तनख्वाह मिलेगी.
    -----

    • 1888-ईस्टमैन कोडैक कम्पनी की स्थापना अन्वेषक जॉर्ज ईस्टमैन के द्वारा की गई।
    • 1982 -15 वर्षों के इजरायली आधिपत्य के बाद सिनाई प्राय:द्वीप क्षेत्र मिस्र को वापस।
    • 1997-चीन में जीवाश्म विज्ञानियों के दल ने डायनासोर के कई जीवाश्म खोजे।
    • 1998 - क्लोन भेड़ डोली द्वारा एक स्वस्थ मेमने बॉनी का जन्म।
    • 2002 - अर्जेन्टीना में बैंक अनिश्चित काल के लिए बंद।
    • 2003 - तमिल विद्रोहियों का मानवीय मसलों पर होने वाली 17वें दौर (थाइलैंड) की वार्ता में भाग लेने से इन्कार।
    • 2006 - नेपाल में संसद बहाल।
    • 2007 - हमास ने इस्रायल पर हमला करके युद्ध विराम को तोड़ा।
    • 2008 - नेपाल में नई सरकार का गठन करने जा रहे माओवादी नेता पुष्पकमल दहल उर्फ प्रचण्ड ने भारत व नेपाल के मध्य 1950 में हुई संधि को समाप्त करने की घोषणा की। 
    • 1973 - भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकरका जन्म हुआ। 
    • 1928 - प्रसिद्ध कन्नड़ अभिनेता राजकुमार का जन्म हुआ। 
    • 1974 - हिन्दी कवि रामधारी सिंह दिनकर का निधन हुआ। 
    • 2011 -आध्यात्मिक गुरु  सत्य साईं बाबा का निधन हुआ। 
    • 1905 - अमेरिकी लेखक तथा संरक्षणविद् रॉबर्ट पॉर्टर ऐलेन का  जन्म हुआ, जिन्हें हूपिंग सारसों को बचाने के लिए जाना जाता है। उन्होंने फ्लेमिंगो को बचाने के लिए एक योजना तैयार करने में मदद की। (निधन-28 जून 1963)
    • 1620-अंग्रेज़ सांख्यिकीविद् जॉन ग्रॉन्ट का जन्म हुआ, जो जनसांख्यिकी के संस्थापक माने जाते हैं। जनसांख्यिकी, सांख्यिकी के आंकड़ों की सहायता से मानव जनसंख्या के अध्ययन का विज्ञान है।  (निधन-18 अप्रैल 1674) 
    • 1964 -  जर्मन जीवाणु वैज्ञानिक और चिकित्सक  गेर्हार्ड डोमैक का निधन हुआ, जिन्हें प्रोन्टोसिल (पहले सल्फोनामाइड ड्रग) के प्रतिजैविक प्रभाव बताने के लिए सन् 1939 में चिकित्सा विज्ञान का नोबेल पुरस्कार मिला। (जन्म-30 अक्टूबर 1895)
    • 1958 - जर्मनी में जन्मे अमेरिकी जन्तु वैज्ञानिक  रिचर्ड बेनेडिक्ट गोल्डश्मिट का निधन हुआ,  जो अनुवंशिकता में प्रवीण थे। उन्होंने तितलियों के एक्स गुणसूत्रों का अध्ययन किया। (जन्म-12 अप्रैल 1878)
    • महत्वपूर्ण दिवस- मानव एकता दिवस ।
    ...
  •  


Posted Date : 23-Apr-2018
  • आज का दिन कवि और नाटककार विलियम शेक्सपीयर के नाम है. दुनिया के महानतम कवियों और नाटककारों में एक शेक्सपीयर का जन्म और निधन दोनों इसी तारीख से जुड़ा हुआ है.
    वैसे तो शेक्सपीयर के जन्म के बारे में जो वर्णन मौजूद है उसके मुताबिक उनका 26 अप्रैल 1564 के दिन बप्तिस्मा किया गया था. लेकिन ऐसी संभावना जताई जाती है कि उनका जन्म 23 अप्रैल 1564 को हुआ था और उनका निधन भी इसी तारीख को 1616 में हुआ.
    उन्हें अक्सर इंग्लैंड का राष्ट्रीय कवि भी कहा जाता है. उनके नाम पर 38 नाटक, 154 सॉनेट, दो लंबी कविताएं हैं. हालांकि कुछ ऐसा भी है जो है तो शेक्सपीयर के नाम लेकिन उन्होंने ही लिखा होगा इस बारे में संदेह है. उनके नाटकों का अनुवाद कई भाषाओं में होता है.
    स्ट्रेटफर्ड अपऑन एवन में पैदा हुए शेक्सपीयर ने 18 साल की उम्र में एन हैथवे से शादी की थी. उनके तीन बच्चे हुए, सुजाना और जुड़वां हैमनेट और युडिथ. 1585 से 1592 के बीच वह लंदन में सफल अभिनेता, लेखक और नाटक कंपनी लॉर्ड चैंबरलेन्स मेन के साझेदार थे. लंदन में पहले साहित्य सर्कल में काफी आलोचना भी हुई क्योंकि वह उस संभ्रात समूह का हिस्सा नहीं थे. इसलिए उन पर संभ्रांत लेखकों ने आरोप लगाए कि वह खुद को बेहतर साबित करना चाहते हैं.
    माना जाता है कि 1949 में 49 साल की उम्र में वह नाटकों से रिटायर हो गए.
    शेक्सपीयर के निजी जीवन के बारे में हालांकि जानकारी कम ही है कि वे कैसे दिखाई देते थे, कौन से धर्म के थे या जो नाटक उनके नाम पर लिखे गए हैं, वो उन्होंने लिखे भी हैं या नहीं.
    बहरहाल इन विवादों से परे हैमलेट, किंग लेयर, ओथेलो, मैकबेथ जैसे नाटक अंग्रेजी साहित्य के नायाब नाटक हैं, जो आज इतने साल बाद भी पसंद किए जाते हैं और उनका अलग अलग दृष्टिकोणों के साथ मंचन होता रहता है.
    23 अप्रैल को 1616 में शेक्सपीयर का 52 साल की उम्र में निधन हो गया.
    ---

    • 1896- अमेरिका में पहली बार दर्शकों से पैसे लेकर थिएटर में एक फिल्म दिखाई गई।
    • 1981 -पहली बार अमेरिका में एक रोगी में कृत्रिम त्वचा का प्रत्यारोपण किया गया।
    • 1990 - नामीबिया संयुक्त राष्ट्र संघ का 160वां सदस्य बना।
    • 1996 - चेचेन्या के अलगाववादी नेता दुदायेव का एक हवाई हमले में निधन।
    • 1999 - उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की स्थापना के लिए 50 वर्ष पूरे होने पर वांशिगटन में तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन का शुभारम्भ।
    • 2002 - पेइचिंग में भारत तथा चीन के बीच सीमापार आतंकवाद पर वार्ता।
    • 2003 - कुर्द और अरब विवादों को निपटाने के लिए आयोग गठित करने का निर्णय।
    • 2007 - रूस के पूर्व राष्ट्रपति बोरिस निकोलाइएविच ऐल्तसिन का निधन।
    • 2008 - क्षेत्रीय अनुसंधान और विश्लेषण केन्द्र, लखनऊ को केन्द्र सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने मान्यता दी। इंडियन फरमर्स फर्टिलाइजर (इफ्को) और मिस्र की सेन्ट्रल एग्रीकल्चर व कोआपरेटिव यूनियन (कांकू) ने सहकारिता के क्षेत्र में नई परियोजनाओं के लिए एक समझौता किया। अमेरिकी कांग्रेस ने म्यांमार की लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सांग सूकी को शीर्ष नागरिक सम्मान अमेरिकी कांग्रेस स्वर्णपदक से सम्मानित करने की घोषणा की। 
    • 1992 - निर्देशक, कहानीकार, साहित्यकार सत्यजित राय का निधन हुआ। 
    • 1564 -ब्रिटेन के विश्व विख्यात लेखक और शायर विलियम शेक्सपियर का जन्म हुआ। उन्होंने अपना कला जीवन अभिनय से आरंभ किया और फिर ड्रामे भी लिखने लगे उन्होंने कुछ ही समय में इन दोनों क्षेत्रों में बहुत नाम कमा लिया। उनकी रचनाएं अधिकतर साहसिक कार्य और कमेडी पर आधारित थीं। रोमियो ऐंड जूजियट उनकी विश्वविख्यात रचनाओं में है। 52 वर्ष की आयु में शेक्सपियर का निधन हुआ।
    • 1858- जर्मन सैद्धान्तिक भौतिकशास्त्री  मैक्स प्लैन्क का जन्म हुआ,  जिनके ऊष्मागतिकी (थर्मोडायनामिक्स) तथा श्यामवर्ण विकिरण पर किए गए कार्यों ने उन्हें सन् 1900 में क्वान्टम सिद्धान्त बताने में सहायता की, जिसके कारण उन्हें 1918 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। (निधन-4 अक्टूबर 1947)
    • 1853  - 1880 में पेरिस पुलिस में अपराधियों की पहचान करने के मुखिया  अल्फॉन्स बर्टिलन का जन्म हुआ, जिन्होंने ऐन्थ्रोपोमेट्री नामक एक पहचान प्रणाली विकसित की जिसे बर्टिलन प्रणाली भी कहा गया। प्रणाली भौतिक लक्षणों का अभिलेख रखती थी जिसे सिर की लम्बाई के अनुसार वर्गीकृत कर लिया जाता था।(निधन-13 फरवरी 1914)
    • 1895 -आधुनिक शरीर क्रिया विज्ञान के रचयिता कार्ल फ्रेड्रिक विल्हेम लुडविग  का निधन हुआ, जिन्होंने भौतिकी तथा रसायन विज्ञान की सहायता से शरीर की क्रियाविधि पर कार्य किया। (जन्म-29 दिसम्बर 1816)
    • 1960 -जर्मन भौतिकशास्त्री  मैक्स वॉन लॉई का निधन हुआ, जिन्होंने क्रिस्टल में एक्स किरणों के विवर्तन की खोज की जिसके लिए उन्हें 1914 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। इससे वैज्ञानिकों को क्रिस्टल का अध्ययन करने में सहायता मिली और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में भी मदद मिली। (जन्म-9 अक्टूबर 1879)
    • महत्वपूर्ण तिथि- विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस।
    ...
  •  


Posted Date : 22-Apr-2018
  • वह जिसने रूसी क्रांति का नेतृत्व किया, जिसके नाम पर एक विचारधारा कायम है, आज ही के दिन 1870 में हुआ था उसका जन्म. रूस के मार्क्सवादी विचारक व्लादिमीर लेनिन का जन्म 22 अप्रैल 1870 को सिमबिर्स्क में हुआ था. लेनिन मार्क्सवाद से प्रेरित थे और इसी के आधार पर उन्होंने रूसी कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना की. 1917 में उनके नेतृत्व में रूसी क्रांति ने सिर उठाया. इसके कारण 1922 में सोवियत संघ की स्थापना हुई.
    समाज और दर्शनशास्त्र को लेकर लेनिन के मार्क्सवादी विचारों ने रूस ही नहीं दुनिया भर को प्रभावित किया. उनकी इस विचारधारा को लेनिनवाद के नाम से जाना जाता है.
    लंबी बीमारी के बाद 21 जनवरी 1924 को दिल का दौरा पड़ने से लेनिन की मौत हो गई. उनकी मृत्यु पर उनके सम्मान में रूस के पश्चिमी तटवर्ती इलाके सेंट पीटर्सबर्ग का नाम बदल कर लेनिनग्राद कर दिया गया. हालांकि रूस में कई लोग शहर के कम्युनिस्ट नाम से सहमत नहीं थे. इसलिए 1991 में इसे दोबारा बदल कर सेंट पीटर्सबर्ग कर दिया गया.
    ----

    • 1823- रॉबर्ट जॉन ट्येर्स द्वारा रोलर स्केट्स का पेटेन्ट कराया गया
    • 1969 -पहला मानव नेत्र प्रत्यारोपण हुआ।
    • 2002 - पाकिस्तान में पर्ल हत्याकांड की सुनवाई प्रारम्भ।
    • 2004 - उत्तर कोरिया में ट्रेनों की भीषण टक्कर, 3 हजार हताहत।
    • 2005 - बांडुंग (इंडोनेशिया) में 50 वर्षों के बाद दूसरा एशियाई-अफ्ऱीकी सम्मेलन आरम्भ।
    • 2008 - भाजपा के महासचिव गोपीनाथ मुण्डे ने अपना इस्तीफ़ा वापस लिया।  रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन को लुडविग नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 
    • 2010 - दिल्ली के जि़ला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश एसपी गर्ग ने वर्ष 1996 में लाजपत नगर बाज़ार में हुए विस्फ़ोट मामले में दोषी छह लोगों में से तीन मोहम्मद नौशाद, मोहम्मद अली बट्ट और मिर्जा निशार हुसैन को मौत की सज़ा सुनाई। 
    • 1914 -हिन्दी फि़ल्म निर्माता-निर्देशक  बी. आर. चोपड़ा का जन्म हुआ। 
    • 1916 - भारत की प्रसिद्ध अभिनेत्री, गायिका और फि़ल्म निर्माता कानन देवी का जन्म हुआ। 
    • 1952 - भारतीय मूल की कैरेबियन द्वीप त्रिनिनाद एवं टोबैगो की महिला प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर का निधन हुआ। 
    • 1969 -काकोरी कांड  के क्रांतिकारी  जोगेशचंद्र चटर्जी का निधन हुआ। 
    • 1904-अमेरिका के सैद्धान्तिक भौतिकशास्त्री जूलियस रॉबर्ट ओपनहीमर  का जन्म हुआ, जिन्होंने अमेरिकी परमाणु बम के निर्माण में सहयोग दिया। उस समय (1943 से 1945 तक) ये लॉस ऐलामॉस प्रयोगशाला के निदेशक थे।  (निधन-18 फरवरी 1967)
    • 1891-अंग्रेज़ भू-भौतिकशास्त्री, खगोलशास्त्री और गणितज्ञ सर हैरॉल्ड जैफरीज़ का जन्म हुआ, जिन्होंने सौरमंडल के उद्गम के रहस्यों को समझने का प्रयत्न किया और उन्होंने -100 डिग्री सेंटीग्रेड से भी कम तापमान पर गैस का पृष्ठ ताप मापा। (निधन-18 मार्च 1989)
    • 1980-जर्मन रसायनज्ञ  फ्रिट्ज़ स्ट्रॉसमैन का निधन हुआ, जिन्होंने ओटोहॉन, लाइज़ मिएनर के साथ 1938 में यूरेनियम में न्युट्रॉन-प्रेरित विखण्डन की खोज की। इससे परमाणु बम तथा बिजली उत्पादन दोनों में परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल की राह खुली। (जन्म 22 फरवरी 1902)
    • 1833-अंग्रेज़ यांत्रिक अभियंता और अन्वेषक रिचर्ड ट्रेविथिक का निधन हुआ, जिसने उच्चदाब की भाप का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया और सन् 1803 में विश्व का पहला भाप का रेल इंजन बनाया। (जन्म 13 अप्रैल 1771)
    • महत्वपूर्ण दिवस- विश्व पृथ्वी दिवस,  जल संसाधन दिवस। 
    ...
  •  


Posted Date : 21-Apr-2018
  • इतिहास के पन्नों को पलटें तो पता चलता है कि आज ही के दिन अमेरिका में विकसित पहले फिल्म प्रोजेक्टर का प्रदर्शन किया गया था. यह साल था 1895. वुडविल लैथम और उनके बेटे ओटवे और ग्रे ने अमेरिका में विकसित "पैनटॉप्टिकॉन" को पहली बार प्रदर्शित किया था. हालांकि अमेरिका में थॉमस एडिसन के काइनेटोस्कोप के इस्तेमाल से चलचित्र का प्रदर्शन सालों से हो रहा था, लेकिन इसके जरिए एक साथ कई लोग फिल्म नहीं देख सकते थे. फिल्म को देखने के लिए बाइस्कोप जैसी चीज का इस्तेमाल होता था.
    लैथम भाइयों ने अपने पिता वुडविल और एडिसन के प्रयोगशाला में सहायक रहे डब्ल्यू के एल डिक्सन की मदद लेकर ऐसी मशीन बनाई जो आदमकद तस्वीरों को पर्दे पर पेश कर सके ताकि ज्यादा से ज्यादा दर्शक एक साथ उसे देख सकें.
    वुडविल, डिक्सन और एडिसन के एक पूर्व कर्मचारी की मदद से "लैथम लूप" तैयार किया था. लूप की मदद से तस्वीर पर्दे पर आसानी से प्रदर्शित होती और फिल्म को खींचने की भी जरूरत नहीं पड़ती. हालांकि दूसरी ओर फ्रांस के लुमियेर बंधु भी मोशन पिक्चर को प्रदर्शित करने वाले प्रोजेक्टर पर काम कर रहे थे. उसी साल उन्होंने पेरिस में आयोजित एक औद्योगिक सम्मेलन में पहली बार सार्वजनिक रूप से एक फिल्म दिखाई. लुमियेर बंधु में से एक, लुई लुमियेर अपने आसपास की चीजों के वीडियो उतारते थे. यह वीडियो आसपास के जीवन को सच्चे रूप में पेश करता था. इसी तरह उन्होंने लुमियेर फैक्ट्री से बाहर निकलते कामगारों का भी एक वीडियो रिकार्ड किया, जिसे पहली स्क्रीनिंग में दिखाया गया था. फिल्म दिखाने की इस तकनीक को लुमियेर भाइयों ने तुरंत अपने नाम पर पेटेंट करा लिया.
    ----

    • 1977 - मेजर जनरल जियाउर्रहमान बांग्लादेश के राष्ट्रपति नियुक्त।
    • 2001 - बांग्लादेश में भारतीय जवानों की नृशंस हत्या पर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
    • 2002 - एलटीटीई से प्रतिबंध नहीं हटाने का संयुक्त राज्य अमेरिका का फैसला।
    • 2003 - भारत में अमेरिकी राजदूत राबर्ट ब्लैकविल ने अपने पद से इस्तीफ़ा दिया।
    • 2004 - बसरा में मिसाइल हमले में 68 लोगों की मृत्यु।
    • 2006 - नेपाल नरेश ने चुनी हुई सरकार को सत्ता सौंपने की घोषणा की।
    • 2007 - ब्रायन लारा ने एक दिवसीय क्रिकेट से संन्यास लिया।
    • 2008 - हीरो होण्डा ग्रुप ने डेमलर एजी के साथ वाणिज्यिक वाहन बनाने के लिए संयुक्त उद्यम गठित किया। भारत व ब्रिटेन की नौसेनाओं के बीच तीसरा साझा अभ्यास गोवा के निकट कोंकण में शुरू हुआ। भारत और चीन ने आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए चार समझौतों पर हस्ताक्षर हेतु अपनी सहमति व्यक्त की। 
    • 1830 - ब्रिटिश अन्वेषक जेम्स स्टार्ले का जन्म हुआ, जो साइकिल उद्योग के जनक माने जाते हैं। पहले वे बागवानी का काम करते थे। उन्होंने सिलाई मशीन को और विकसित किया और जोजिय़ा टर्नर के साथ सिलाई मशीन का कारखाना खोला। फिर बाद में वहां साइकिल भी बनने लगीं।  (निधन-17 जून 1881)
    • 1889- स्विट्जऱलैण्ड के रसायनशास्त्री  पॉल कैरर का जन्म हुआ,  जिन्होंने कैरोटिनॉइड्स, फ्लैविन, विटामिन-ए और बी-2 के संघटकों पर अनुसंधान कार्य किया। इसके लिए उन्हें सन् 1937 में सर नॉर्मन हैवॉर्थ के साथ रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार मिला। (निधन-18 जून 1971)
    • 1980 - रूसी जैव रसायनज्ञ  ऐलेक्ज़ैण्डर ओपैरिन का निधन हुआ, जो रासायनिक पदार्थों से जीवन की उत्पत्ति पर अध्ययन करने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने मालूम करने की कोशिश की कि किस तरह से छोटे-छोटे कार्बनयुक्त या रासायनिक पदार्थों के योग से जटिल कार्बनिक यौगिक बने। (जन्म-18 फरवरी 1894)
    •  सर ऐडवर्ड ऐपलटन
    • 1965 - अंग्रेज़ भौतिकविज्ञानी सर ऐडवर्ड (विक्टर) ऐपलटन का निधन हुआ, जिन्हें आयन मण्डल में ऐपलटन परत की खोज करने के लिए सन् 1947 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। (जन्म-6 सितम्बर 1892)
    ...
  •  


Posted Date : 20-Apr-2018
  • विश्व के सबसे ताकतवर देश अमेरिका में घर में ही पैदा हुए कुछ सिरफिरों ने अपनी बंदूक से ना जाने कितने मासूमों का खून बहाया होगा. ऐसी ही एक घटना 20 अप्रैल 1999 की है. जब 2 लड़कों ने 13 लोगों की हत्या कर दी.
    आज ही के दिन अमेरिका के राज्य कोलाराडो के कोलंबाइन हाई स्कूल में दो छात्रों ने अंधाधुंध फायरिंग कर 13 छात्रों को मौत के घाट उतार दिया था. एरिक हैरिस और डिलेन क्लेबोल्ड ने 20 अप्रैल 1999 के दिन सुबह 11.20 बजे अपने स्कूल के बाहर खड़े छात्रों पर फायरिंग शुरू कर दी. उसके बाद दोनों छात्र स्कूल के भीतर दाखिल हो गए और स्कूल परिसर में मौजूद छात्रों पर कहर बरपाने लगे. दोपहर करीब तीन बजे जब पुलिस की स्वाट टीम के अधिकारी स्कूल परिसर पहुंचे, तब तक हैरिस और क्लेबोल्ड 12 छात्रों और एक शिक्षक की हत्या कर चुके थे. दोनों की गोलीबारी में 23 और लोग जख्मी हुए थे. साथी छात्रों को मौत के घाट उतारने के बाद दोनों ने खुद को भी गोली मार ली. हैरिस और क्लेबोल्ड ने कैफेटेरिया में दो धमाके करने की योजना बनाई थी जिसके बाद छात्र बाहर की तरफ भागते और उनकी गोलियों के शिकार हो जाते. लेकिन घर में बनाया गया बम फटा नहीं और दोनों को स्कूल के भीतर जाकर इस खूनी साजिश को अंजाम देना पड़ा.
    बाद में आलोचकों ने यह भी सवाल उठाए कि 'द ट्रेंचकोट माफिया' और 'गोथ्स' जैसे संगठन और गिरोह पर कड़ी निगरानी क्यों नहीं रखी जाती. हालांकि आगे की पड़ताल से यह मालूम हुआ कि हैरिस और क्लेबोल्ड दोनों में से कोई भी इन संगठनों का सदस्य नहीं था.
    1999 में ही कोलंबाइन हाई स्कूल दोबारा खुल गया लेकिन उस घटना के जख्म भरे नहीं थे. हैरिस को बंदूक बेचने वाले और 100 राउंड गोली सप्लाई करने वाले मार्क मनेस को 6 साल की सजा हुई. गोलीबारी की घटना में मारे गए छात्रों के अभिभावकों के लिए अगले कुछ साल बहुत कष्ट भरे गुजरे. गोलीबारी में घायल होने के बाद लकवे के शिकार एक छात्र की मां ने बंदूक की दुकान में खुदकुशी कर ली. हालांकि इस घटना के सालों बाद अमेरिका के स्कूल और कॉलेज सुरक्षित नहीं हो पाए हैं. कई बार सनकी हमलावर आसानी से मिलने वाले हथियार की बदौलत मासूमों को अपना शिकार बनाते आए हैं. साल 2007 में एक बार फिर एक ऐसी ही घटना वर्जीनिया में घटी. वर्जीनिया के स्कूल में एक छात्र ने अंधाधुंध फायरिंग कर 32 लोगों की जान ले ली थी. हालांकि पिछले कुछ समय से अमेरिका में बंदूक संस्कृति पर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है. लेकिन अब तक इस पर पूरी तरह से सफलता नहीं मिल पाई है.
    ---

    • 1862 -लुई पाश्चर तथा क्लाउड बर्नार्ड द्वारा पाश्चरीकरण का पहला परीक्षण किया गया।
    • 1940 -पहला अमेरिकी इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप प्रदर्शित किया गया।
    • 1999 - जर्मन के पूर्व चांसलर हेल्मुट कोल अमेरिकी सर्वोच्च नागरिक सम्मान द प्रेसिडेंशियल मेडल आफ़ फ्रीडम  से सम्मानित।
    • 2006 - भारत ने अपना पहला विदेशी सैन्य अड्डा ताजिकिस्तान में स्थापित करने की घोषणा की।
    • 2008 - महाराष्ट्र भाजपा के नेता व राष्ट्रीय महासचिव गोपीनाथ मुण्डे ने अपने पद से इस्तीफ़ा दिया। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर नौ दिन बिताने के बाद पहला दक्षिण कोरियाई अंतरिक्ष यात्री यीसोयओन पृथ्वी पर सकुशल लौटे। 
    • 2011 - भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के उपग्रह प्रक्षेपण यान  पीएसएलवी  ने 20 अप्रॅल, 2011 बुधवार को तीन उपग्रहों को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित कर दिया। 
    • 1911- भारत के प्रसिद्ध बांसुरी वादक पन्नालाल घोष का जन्म हुआ।
    • 1970- भारतीय गीतकार और शायर शकील बदायूंनी का निधन हुआ। 
    • 1928- अंग्रेज़ खगोलशास्त्री और गणितज्ञ  गेरॉल्ड स्टैन्ले हॉकिन्स  का जन्म हुआ, जिन्होंने पता लगाया कि स्टोनहेंज खगोल-विज्ञान की एक अत्यंत प्राचीन बेधशाला थी जहां पर सूर्य, चन्द्र, आदि खगोलीय पिण्डों के उगने और डूबने की स्थिति का अध्ययन किया जाता था। (निधन- 26 मई 2003)
    • 1927-स्विस भौतिक विज्ञानी  कार्ल एलेक्स मुलर का जन्म हुआ, जिन्होंने जे. जॉर्ज बेडनॉजऱ् के साथ उच्च ताप पर कुछ पदार्थों में अतिचालकता (सुपरकन्डक्टिविटी) की खोज की जिसके लिए इन दोनों को सन् 1987 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला।
    • 1918 -जर्मन भौतिकशास्त्री  फर्डिनैन्ड ब्राउन का निधन हुआ, जिन्हें नोबेल पुरस्कार ग्यूग्लिएमो मार्कोनीके साथ वायरलैस टेलिग्राफी के विकास के लिए 1909 का नोबेल पुरस्कार मिला। ब्राउन कैथोड किरण आसिलोस्कोप के आविष्कारक थे। (जन्म 6 जून 1850)
    • 1919 -अमेरिकी भूविज्ञानी  जॉर्ज फर्डिनैन्ड बेकर का निधन हुआ, जिन्होंने खानों के भूविज्ञान पर भौतिक, रासायनिक तथा गणितीय आधार पर अध्ययन किया। उनका मुख्य उद्देश्य पृथ्वी के आन्तरिक भाग का अध्ययन करना था। 
    • 1783-वर्तमान वेन्ज़ोएला की राजधानी काराकास में दक्षिणी अमरीका के प्रख्यात राजनीतिज्ञ साइमन बोलिवर का जन्म हुआ। उन्होंने दक्षिणी अमरीका के अनेक क्षेत्रों को स्पेनिश साम्राज्य के चंगुल से स्वतंत्र कराया। बोलिवर ने काराकास की क्रांति में भरपूर भाग लिया और महा कोलंबिया की स्थापना के लिए गठित होने वाली कांग्रेस की ओर से राष्ट्रपति चुने गये तथा कोलंबिया, वेन्ज़ोएला और पनामा को स्वतंत्र कराके इस लक्ष्य को व्यवहारिक बनाया। साइमन बोलिवर, अमरीका को एक फेडरेशन के रूप में देखना चाहते थे किंतु साम्प्रदायिकता के चलते उनका यह सपना पूरा न हो सका और वर्ष 1830 में उनका निधन हो गया।  
    ...
  •  


Posted Date : 19-Apr-2018
  • भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में आज की तारीख अहम क्योंकि आज ही के दिन स्वदेश में निर्मित पहला उपग्रह अंतरिक्ष में छोड़ा गया था.
    19 अप्रैल 1975 को भारत अपना पहला उपग्रह आर्यभट्ट लॉन्च कर अंतरिक्ष युग में दाखिल हुआ. यह भारत का पहला वैज्ञानिक उपग्रह था. 360 किलोग्राम वजनी आर्यभट्ट को सोवियत संघ के इंटर कॉसमॉस रॉकेट की मदद से अंतरिक्ष में भेजा गया था. पिछले 4 दशकों में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान सगंठन, इसरो ने 70 से ज्यादा उपग्रह वैज्ञानिक और तकनीकी एप्लिकेशन के लिए अंतरिक्ष में भेजे हैं. भारत का पहला उपग्रह देश के मशहूर खगोलशास्त्री और गणितज्ञ आर्यभट्ट के नाम पर रखा गया था. आर्यभट्ट उन पहले व्यक्तियों में से थे जिन्होंने बीजगणित का प्रयोग किया था. इसके अलावा उन्होंने पाई का सही मान 3.1416 निकाला था.
    इस उपग्रह का निर्माण इसरो द्वारा कृत्रिम उपग्रहों के निर्माण और अंतरिक्ष में उनके संचालन में अनुभव पाने के मकसद से किया गया था. इसका मकसद ये भी था कि भविष्य में भारत अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो सके. आर्यभट्ट उपग्रह का मुख्य उद्देश्य एक्स रे, खगोल विद्या, वायुविज्ञान और सौर भौतिकी से जुड़े प्रयोग करना था. अपने परिक्रमापथ पर चार दिन बिताने के बाद आर्यभट्ट में बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण सभी प्रयोग रोक दिए गए थे. 5 दिन बाद इस उपग्रह से सिग्नल मिलने बंद हो गए थे. आर्यभट्ट को अंतरिक्ष में भेजने के बाद इसरो ने कभी पीछे पलटकर नहीं देखा. पिछले साल ही उसने मंगल ग्रह के लिए मिशन लॉन्च किया है. मंगलयान के इसी साल सितंबर के महीने में मंगल की कक्षा में दाखिल होने की उम्मीद है.
    ---

    • 1892 -पहला डुर्या ऑटोमोबाइल उसके निर्माता चाल्र्स ई. डुर्या द्वारा चलाया गया।
    • 1975-भारत ने अपना पहला उपग्रह आर्यभट अंतरिक्ष में भेजा। सोवियत संघ की मदद से भारत के पहले उपग्रह आर्यभट्ट का अंतरिक्ष में प्रक्षेपण।
    • 1977 - सेटेलाइट कम्यूनिकेशन का प्रारम्भ।
    • 1999 - बी.बी.सी. द्वारा अंतर्राष्ट्रीय समाचार पत्रिका आरम्भ करने की योजना।
    • 2001 - बी.एस.एफ़. ने मेघालय के गांव से बांग्लादेशी सेना को मार भगाया।
    • 2003 - चीन की महिला भारोत्तोलक बांग मिंग च्यान ने विश्व रिकार्ड बनाया।
    • 2005 - जर्मनी के कार्डिनल योसिफ़ रान्सिंगर रोमन कैथोलिक चर्च के नए पोप चुने गये।
    • 2007 - द विजार्ड आफ़ आईडी सीरीज के कार्टूनिस्ट ब्रैंड पार्कर का निधन।
    • 2008 -  उत्तर प्रदेश सरकार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भूमि अधिग्रहण करने के लिए नई कमेटी बनाने की घोषणा की। पाकिस्तान ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम 2000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाले प्रक्षेपास्त्र शहीन-2 का सफल परीक्षण किया। फ्रेंच गुयाना स्थित यूरोप के अंतरिक्ष केन्द्र कौरू से एरियन-5 रॉकेट से ब्राजील व वियतनाम के दो दूर संचार उपग्रह एक साथ प्रक्षेपित किये गए। 
    • 1912 - अमेरिकी रसायनज्ञ ग्लेन टी. सीबोर्ग का जन्म हुआ, जिन्होंने 1940 से 1958 के बीच अपने साथियों से मिलकर कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में नौ ट्रान्सयूरेनिक तत्व (प्लूटोनियम से नोबेलियम) बनाए। उन्होंने इस श्रृंखला का नाम ऐक्टिनाइड दिया। (निधन-25 फरवरी 1999)
    • 1880-अमेरिकी भौतिकशास्त्री  डब्ल्यू एल ब्रैग का जन्म हुआ, जिन्होंने स्वतंत्र रूप से एक्स किरणों के जरिए क्रिस्टलों का विश्लेषण करने का तरीका इजाद किया। (निधन-22 जनवरी 1966) 
    • 1906 -फ्रांसीसी रसायनज्ञ  पियरे क्यूरी का निधन हुआ, जिन्हें उनकी पत्नी मारिया क्यूरी के साथ 1903 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। उन्होंने आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद हार नहीं मानी, तथा दोनों ने मिलकर रेडियम तथा पोलोनियम नामक तत्वों की खोज की। (जन्म-15 मई 1859)
    • 1882 - अंग्रेज़ प्रकृतिविद  चाल्र्स राबर्ट डार्विन का निधन हुआ, जिन्होंने विकासवाद का सिद्धांत दिया तथा विकास के लिए परिवर्तन के प्रमाण दिए जिसे उन्होंने प्राकृतिक चयन कहा। आज हम उसे डार्विनवाद के नाम से जानते हैं। इनकी दो अत्यन्त महत्वपूर्ण पुस्तकें हैं -आन द ओरिजिन आफ स्पीशीज़ बाइ मीन्स आफ नैचुरल सेलेक्शन (1859) तथा  द डीसेन्ट आफ मेन, ऐण्ड सेलेक्शन इन रिलेशन टु सेक्स। (जन्म-12 फरवरी 1809)।ॉ
    • 1895 -फ्रांस के  प्रसिद्ध रसायन शास्त्री लुई पास्चर का 70 वर्ष की आयु में देहांत हुआ।  लुई पास्चर ने पेरिस में आरंभिक शिक्षा पूरी करने के पश्चात पढ़ाना आरंभ किया। सत्ताईस वर्ष की आयु में उन्होंने डाक्टर ऑफ़ साइंस की उपाधि प्राप्त की और रसायन शास्त्र के प्रोफ़ेसर के रूप में वैज्ञानिक सेवा में लीन हो गए। उन्होंने छूत की बीमारियों और कीटाणुओं से संघर्ष में महत्वपूर्ण सफलताएं अर्जित कीं और रोगों के उपचार की पारंपरिक शैली के स्थान पर नई शैली का आधार रखा। फ्रांस सरकार ने 1888 में लुई पास्चर की सेवाओं को सराहते हुए उनके नाम पर पास्चर इंस्टीट्यूट स्थापित किया। 
    ...
  •  


Posted Date : 18-Apr-2018
  • आज के दिन दुनिया ने खोया उसे जिसने विज्ञान को नई गति दी. भौतिकशास्त्र के मशहूर वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टाइन का 18 अप्रैल 1955 को निधन हो गया.
    भौतिक शास्त्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले आइंस्टाइन ने दुनिया को सापेक्षता का सिद्धांत दिया. द्रव्यमान और ऊर्जा के बीच संबंध बताने वाला भौतिक शास्त्र का अहम समीकरण E=mc2 देने के लिए उन्हें याद किया जाता है. इसे विज्ञान जगत के सबसे अहम समीकरणों में से एक माना जाता है. 1921 में उन्हें भौतिक शास्त्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया. उन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में 300 से अधिक रिसर्च पेपर प्रकाशित किए.
    14 मार्च 1879 को जर्मन शहर उल्म में एक यहूदी परिवार में पैदा हुए आइंस्टाइन बचपन से ही बहुत जहीन और शरारती थे. उनकी शरारतों के कारण उन्हें स्कूल से निकाल भी दिया गया था. क्लर्क के तौर पर नौकरी करते हुए उन्होंने गणित के समीकरणों पर काम जारी रखा. 1933 में वह जर्मनी से अमेरिका पहुंचे और वहीं बस गए. 1940 में उन्होंने अमेरिकी नागरिकता स्वीकार ली.
    जीवन के आखरी दिनों में वह इंस्टीट्यूट फॉर एडवांस स्टडीज से जुड़े हुए थे. उनकी मृत्यु प्रिंस्टन के एक अस्पताल में तीन दिन भर्ती रहने के बाद 76 साल की उम्र में हुई. जीवन के अंतिम दिनों में वह अकेले रहा करते थे.
    ---

    • 1910 -अमेरिका में पहले रात्रिकालीन विमान ने उड़ान भरी।
    • 1994 - वेस्टइंडीज के बल्लेबाज़ ब्रायन लारा ने 375 रन बनाकर टेस्ट मैच की एक पारी में सर्वाधिक रन बनाने का विश्व रिकार्ड बनाया।
    • 1997-अनुसंधानकर्ताओं ने पता लगाया कि एड्स का विषाणु, कोशिकाओं को भेदता है।
    • 1999 - ब्रिटेन की प्रमुख उपन्यासकार, जीवनीकार और सम्पादक मैरी बुलिंस का 90 वर्ष की आयु में निधन।
    • 2001 - भारतीय सीमा में घुस आई बांग्लादेश की सेना की गोलीबारी से भारत के 16 जवान शहीद।
    • 2005 - भारत मुम्बई स्थित जिन्ना हाउस पाकिस्तान को देने पर सहमत।
    • 2006 - राबिन हुड का शहर नाटिंघम लूटग्रस्त शहर घोषित।
    • 2008 - इंफोसिस टैक्नोलाजी ने विकास एवं मरम्मत सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अमेरिका की कॉनसेको के साथ 5 वर्ष के लिए कऱार किया। अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने जानलेवा इंजेक्शन के ज़रिये सज़ा-ए-मौत को वैध ठहराया। पाकिस्तान ने भारतीय क़ैदी सबरजीत सिंह की फ़ांसी की सज़ा को एक महीने के लिए टाला। भारत और मैक्सिको ने नागरिक उड्डयन और ऊर्जा के क्षेत्र में नए समझौते किए। 
    • 1621 - सिखों के नौवें गुरु गुरु तेग़ बहादुर का जन्म हुआ, 
    • 1916 -हिन्दी फि़ल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री ललिता पवार का जन्म हुआ। 
    • 1940- अमेरिकी आण्विक आनुवंशिक जोसफ़ एल. गोल्ड्स्टीन का जन्म हुआ,  जिन्हें मानव शरीर में कोलेस्टेराल के उपापचय की प्रक्रिया स्पष्ट करने के लिए माइकल एस. ब्राउन के साथ 1985 में शरीर क्रिया विज्ञान/चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।
    • 1863 -अंग्रेज़ भौतिकशास्त्री ह्यू लांगबॉर्न कैलेन्डर का जन्म हुआ,  जो कैलोरीमेट्री, तापमापन तथा भाप की ऊष्मागतिकी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 1915 में पहली भाप सारिणी बनाई। वर्ष 1886 में इन्होंने प्लैटिनम प्रतिरोध थर्मामीटर का निर्माण किया।  (निधन- 21 जनवरी 1930)
    • 1955 -जर्मन मूल के अमेरिकी भौतिक विज्ञानी  अल्बर्ट आइंस्टाइन का निधन हुआ। (जन्म-14 मार्च 1879) उन्हें विद्युत-प्रकाश प्रभाव के लिए 1921 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।  सत्तरह वर्ष की आयु में वह स्वीजऱलैंड के नगर ज़्यूरिख़ में रहने लगे जहां उन्होंने वर्ष 1901 में अपनी शिक्षा पूरी की। आइंस्टाइन ने 11 अप्रैल वर्ष 1905 को अपना प्रसिद्ध सिद्धांत पेश किया जिसमें विज्ञान और प्रकृति के कई प्रसिद्ध और पुराने क़ानूनों को जड़ से निकाल कर फेंका गया । यह सिद्धांत विज्ञान के क्षेत्र में विशेष सापेक्षिकता के सिद्धांत के नाम से प्रसिद्ध हैं। वर्ष 1915 में उन्होंने सापेक्षिकता के सिद्धांत का दूसरा भाग पेश किया। वर्ष 1933 में वह एक शोध कार्य के संबंध में अमरीका के दौरे पर थे कि जर्मनी में नाज़ी सरकार सत्ता में पहुंच गई।  उन्होंने अपनी आयु का शेष भाग अमरीका में ही व्यतीत किया। अमरीका में आइंस्टाइन के सिद्धांत को आधार बनाकर परमाणु शोध आरंभ किया गया जिसके परिणाम स्वरूप परमाणु बम अस्तित्व में आया।  
    • 1882 -ब्रिटेन के औद्योगिक रूपरेखाकार, म्यूजिय़म के निदेशक, लेखक  सर हेनरी कोल का निधन हुआ, जिन्होंने पहले व्यावसायिक क्रिसमस कार्ड का प्रतिपादन किया। उन्होंने कला तथा विज्ञान की शिक्षा के विकास में कार्य किया। ( जन्म-15 जुलाई 1808) 
    • महत्वपूर्ण दिवस-   विश्व विरासत दिवस।
    ...
  •  


Posted Date : 17-Apr-2018
  • 17 अप्रैल 1815 का दिन इंडोनेशिया के आफत लेकर आया. कई दिनों से थर्रा रहा तमबोरा ज्वालामुखी इस दिन उग्र होकर फट पड़ा. करीब एक लाख लोग मारे गए.
    तमबोरा के धमाके को अब तक सबसे बड़ा ज्वालामुखी विस्फोट कहा जाता है. यह इंडोनेशिया के सुमबवा द्वीप पर है. सैकड़ों साल से शांत पड़ा यह ज्वालामुखी पांच अप्रैल 1815 को कंपन पैदा करने लगा. पांच दिन बाद उससे राख उठने लगी.
    17 अप्रैल को बड़ा विस्फोट हुआ लावा और धुआं आस पास के इलाके में फैल गया. गुबार इतना गहरा था कि कई दिनों तक सूरज नहीं दिखाई पड़ा.
    धमाके की वजह से सुमबवा द्वीप पर डेढ़ मीटर मोटी राख की परत बिछ गई. सूनामी भी आई. ज्वालामुखी की गड़गड़ाहट डेढ़ सौ किलोमीटर दूर तक सुनाई पड़ रही थी.
    ज्वालामुखी जब तक पूरी तरह शांत हुआ तब तक द्वीप के दस हजार बाशिंदे मारे जा चुके थे. बाकी मौतें आस पास के इलाकों में हुईं. विस्फोट के बाद तमबोरा का चेहरा बदल गया. ज्वालामुखी की ऊंचाई 14,000 फुट से घटकर 9,000 फुट रह गई.
    ---

    • 1964 -जेरी मॉक को अकेले विमान से पूरे विश्व की यात्रा करने वाली पहली महिला बनने का गौरव प्राप्त हुआ।
    • 1967 -अमेरिकी अंतरिक्ष यान सर्वेयर-3 केप कैनेडी से चन्द्रमा के लिए रवाना हुआ।
    • 1995 - पाकिस्तान में बाल मजदूरी को समाप्त करने वाले युवा कार्यकर्ता इक़बाल मसीह की हत्या।
    • 2003 - 55 वर्षों बाद भारत-ब्रिटेन संसदीय मंच का गठन।
    • 2006 - सूडान के रवैये से चाड अफ्रीकी संघ शांति वार्ता से हटा।
    • 2007 - 2014 के एशियाड के लिए दक्षिण कोरिया को मेजबानी मिली।
    • 2008-भारत और ब्राजील के बीच चार महत्त्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किये गए। 
    • 1941 -  भारतीय संत आशाराम बापू का जन्म हुआ। 
    • 1961 - भारत के बिलियड्र्स और स्नूकर खिलाड़ी गीत सेठी का जन्म हुआ। 
    • 1859 -वीर पुरुष और  प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम में भाग लेने वाले प्रमुख व्यक्ति  तात्या टोपे  का निधन हुआ। 
    • 1975- भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन का निधन हुआ। 
    • 1880 -ब्रिटेन के पुरातत्वविद् सर (चाल्र्स) लियोनार्ड वुली का जन्म हुआ, जिन्होंने प्राचीन मेसोपोटामिया की सभ्यता की जानकारी को और विकसित किया। उन्होंने मशहूर सुमेरियन शहर की खोज की तथा कई राजाओं के मकबरों को खोज निकाला।  (निधन-20 फरवरी 1960)
    • 1899- अंग्रेज़ कीट विज्ञानी  सर विंसेन्ट (ब्रायन) विगल्सवर्थ का जन्म हुआ, जो कीटों के शरीर क्रिया विज्ञान का अध्ययन करने के लिए जाने जाते हैं। खासकर वे कीटों की वृद्धि में हार्मोन का महत्व बताने के लिए जाने जाते हैं।  (निधन-11 फरवरी 1994)
    • 1942-फ्रांस के भौतिकशास्त्री जीन बैप्टिस्ट पेरिन का निधन हुआ, जिन्होंने द्रव में घुले सूक्ष्म कणों की ब्राउनियन गति का अध्ययन किया। उन्हें परमाणु तथा ऐवोगैड्रो संख्या पर कार्य करने के लिए वर्ष 1926 का नोबेल पुरस्कार दिया गया। (जन्म-30 सितम्बर 1870) 
    • 1790-अमेरिकी मुद्रक, लेखक, अन्वेषक तथा वैज्ञानिक  बेन्जामिन फ्रैन्कलिन का निधन हुआ, वे विद्युत पर किए अपने प्रयोगों तथा सिद्धान्तों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने एक प्रकार के स्टोव, तडि़तचालक तथा बाइफोकल चश्मे का आविष्कार किया। (जन्म-17 जनवरी 1706) 
    • महत्वपूर्ण दिवस-विश्व हीमोफीलिया दिवस ।
    ...
  •  


Posted Date : 16-Apr-2018
  • नई दिल्ली, 16 अप्रैल : भारतीय रेलवे का नेटवर्क दुनिया के टॉप-5 नेटवर्क में से एक है और करीब 15 लाख कर्मचारियों को रोजगार देने वाला सबसे बड़ा विभाग है. अब भारतीय रेल देश के कोने-कोने तक पहुंच रही है, लेकिन क्या आप देश की पहली ट्रेन के बारे में जानते हैं? बता दें कि आज ही के दिन साल 1853 में भारत में पहली ट्रेन पटरी पर दौड़ी थी. आइए जानते हैं उस वक्त कैसा नजारा था और कैसी थी पहली ट्रेन...?
    - 16 अप्रैल 1853 को पहली ट्रेन चलाई गई थी और यह ट्रेन 35 किलोमीटर की दूरी पर चलाई गई. जिस वक्त यह ट्रेन पटरी पर दौड़ी उस वक्त समय हो रहा था दोपहर के तीन बजकर 35 मिनट.
    - यह ट्रेन बोरीबंदर (छत्रपति शिवाजी टर्मिनल) से ठाणे के बीच चलाई गई थी.
    - इस रेलगाड़ी को ब्रिटेन से मंगवाए गए तीन भाप इंजन सुल्तान, सिंधु और साहिब ने खींचा था.
    - 20 डिब्बों की इस ट्रेन में 400 यात्रियों ने सफर किया था.
    - यह ट्रेन दोपहर 3.30 बजे बोरीबंदर (छत्रपति शिवाजी टर्मिनल) से प्रारंभ हुई और शाम 4.45 बजे ठाणे पहुंची. इस रेलगाड़ी ने 34 किलोमीटर का सफर तय किया था.
    - साल 1845 में कलकत्ता में ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेल कंपनी की स्थापना हुई. 1850 में इस कंपनी ने मुंबई से ठाणे तक रेल लाइन बिछाने का काम शुरू किया था.
    - भारत में 1856 में भाप के इंजन बनना शुरू हुए. इसके बाद धीरे-धीरे रेल की पटरियां बिछाई गईं. पहले नैरोगेज पर रेल चली, उसके बाद मीटरगेज और ब्रॉडगेज लाइन बिछाई गई. 1 मार्च 1969 को देश की पहली सुपरफास्ट ट्रेन ब्रॉडगेज लाइन पर दिल्ली से हावड़ा के बीच चलाई गई.
    - जॉर्ज स्टीफेंसन ने 1814 में भाप का इंजन बनाया, जो शक्तिशाली तो था ही, साथ ही अपने से भारी वस्तुओं को खींचने में भी सक्षम था. 27 सितंबर 1825 को भाप इंजन की सहायता से 38 रेल डिब्बों को खींचा गया जिनमें 600 यात्री सवार थे. इस पहली रेलगाड़ी ने लंदन के डार्लिंगटन से स्टॉकटोन तक का 37 मील का सफर 14 मील प्रति घंटे की रफ्तार से तय किया. इस घटना के बाद अनेक देश रेल के इंजन और डिब्बे बनाने में जुट गए. (aajtak)

    ...
  •  


Posted Date : 16-Apr-2018
  • 1889 आज के दिन एक महान हसोड़ प्रतिभा का जन्म हुआ. दुनिया जब पहले और दूसरे विश्व युद्ध की त्रासदी और बर्बरता से जूझ रही थी तो एक गरीब नौजवान सबको हंसाने निकल पड़ा. चार्ली चैप्लिन ने हंसी की नई विधा शुरू की.
    सर चार्ल्स स्पेंसर 'चार्ली' चैप्लिन को मूक फिल्मों के दौर का सबसे बड़ा फिल्म निर्माता, एक्टर और कॉमेडियन माना जाता है. चार्ली चैपलिन के जन्म के बारे में कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है. लेकिन कहा जाता है कि उनका जन्म 16 अप्रैल 1889 को लंदन में हुआ. कॉमेडी के जरिए पूरी दुनिया को लोट पोट कर देने वाले चैप्लिन का बचपन बहुत मुश्किलों में गुजरा. मां की बीमारी, पिता की मौत और कंगाली के बीच 13 साल की उम्र में वो वह स्टेज शो करने लगे. उन्हें मसखरे की भूमिका मिलती.
    1908 में एक कॉमेडी कंपनी के शो में एक छोटे से रोल ने लंदन में और ब्रिटेन में उन्हें मशहूर कर दिया. इसके बाद तो उन्हें कई शो और फिल्में मिली. इस दौरान अमेरिकी फिल्म निर्माताओं की उन पर नजर पड़ी. हालांकि शुरुआत में वह अमेरिकी जनता को हंसाने में बहुत कामयाब नहीं रहे. उनकी पहली फिल्म 'मेकिंग ए लिविंग' ज्यादा नहीं चली.
    हिटलर की मजाक उड़ाते चैप्लिन
    इसके बाद चैप्लिन ने इसके बाद माबेल नॉरमार्ड की फिल्म 'माबेल्स स्ट्रेंज प्रीडिकामेन्ट' स्वीकार कर ली. बस यहीं से उनका जादू चल निकला. ब्रिटेन का एक नौजवान कॉमेडी का बादशाह बन गया. 1916 आते आते वह सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय कॉमेडियन बन गए. पहले और दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान जब मानवता कराह रही थी तब 26 भाषाओं में चैप्लिन की मूक फिल्में लोगों को कुछ देर गम भुलाने में मदद कर रही थी.
    इस दौरान चैप्लिन सात महिलाओं के प्यार में रहे, चार से उन्होंने शादी की और 12 बच्चे हुए. दिसंबर 1977 में स्विटजरलैंड में उनकी मौत हो गई.
    ----

    • 1882 - सैल्विन कैलोग द्वारा स्टोव का पेटेन्ट कराया गया।
    • 1917 - पेट्रोग्राड में रूसी सैनिकों का विद्रोह, रूस में अस्थायी सरकार का गठन, जार निकोलस द्वितीय द्वारा सिंहासन एवं देश का त्याग।
    • 1956 -सौरऊर्जा से चलने वाले रेडियो का आविष्कार हुआ।
    • 1999 - पाकिस्तान ने भारत को हराकर कोका कोला कप त्रिकोणीय टूर्नामेंट (शारजाह) जीता, न्यू माइक्रोव नामक सबसे बड़े आकार के जीवाणु का सं.रा. अमेरिका में पता चला, अद्वैलाजीज बोतेफ़्िलका अल्जीरिया के नये राष्ट्रपति बने।
    • 2002 - दक्षिण कोरिया में विमान दुर्घटना में 120 मरे।
    • 2004 - भारत में रावलपिंडी में तीसरे टेस्ट मैच में पाकिस्तान को हराकर दोनों देशों के बीच आयोजित श्रृंखला 2-1 से जीती।
    • 2008 -  लेसेस्टर सिटी काउंसिल (लंदन) ने इस बहुसांस्कृतिक शहर में भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा लगाने को मंजूरी प्रदान की। 
    • 2010 - ब्रिक सम्मेलन के बाद जारी साझा बयान में ब्रिक के सदस्य राष्ट्रों ब्राजील, रूस, भारत एवं चीन के नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में भारत-ब्राजील की महत्वपूर्ण भूमिका और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने वाले सुधार पर बल दिया। 
    • 1966 - भारत के एक प्रसिद्ध चित्रकार नंदलाल बोस का निधन हुुआ। 
    • 2011 - महावीर चक्र विजेता ब्रिगेडियर भवानी सिंह का निधन हुआ। 
    • 1867 - अमेरिकी अन्वेषक विल्बर राइट का जन्म हुआ, जिन्होंने अपने भाई ओरविल राइट के साथ मिलकर पहले वायुयान फ्लायर का आविष्कार किया।  (निधन-30 मई 1912)
    • 1728- ब्रिटेन के रसायनज्ञ और भौतिकविद् जोजफ़ ब्लैक का जन्म हुआ, जिन्होंने फिक्स्ड एयर (कार्बन डाइऑक्साइड) पर प्रयोग किए, बाइकार्बोनेट की खोज की, और गुप्त ऊष्मा (लेटेन्ट हीट) पर काम किया। (निधन- 10 नवम्बर 1799)
    • 1958-अंग्रेज़ वैज्ञानिक रोज़लिन्ड फ्रैंकलिन का निधन हुआ,  जिन्होंने डी.एन.ए. की आण्विक संरचना की खोज में योगदान दिया। उन्होंने एक्स किरणों के विवर्तन से फोटोग्राफ खींचे। जब वॉटसन ने वे फोटोग्राफ देखे तो उन्होंने उसकी संरचना द्विवलायाकार (डबल हेलिक्स) बताई। (जन्म-25 जुलाई 1920)
    • 1961- अमेरिकी मनोवैज्ञानिक कार्ल आइवर होवलैण्ड  का निधन हुआ, जिन्होंने संचार तथा सामाजिक दृष्टिकोण और विश्वास में परिवर्तन के परस्पर संबंधों का अध्ययन किया। (जन्म-12 जून 1912)
    ...
  •  


Posted Date : 15-Apr-2018
  • आज का इतिहास मानव सभ्यता की महानतम बहुमुखी प्रतिभा लियोनार्दो दा विंची से ही जुड़ा है. 15 अप्रैल 1452 को पैदा हुए विंची ने दुनिया को कई अकल्पनीय सत्यों की रूबरू कराया. विंची जैसी दूसरी शख्सियत आज तक पैदा नहीं हुई.
    लियोनार्दो दा विंची शायद मानव इतिहास की अकेली ऐसी शख्सियत है जो वाकई बहुमुखी प्रतिभा थी. विंची पेंटर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, गणितज्ञ, मूर्तिकार, डॉक्टर, आविष्कारक, भूगोल शास्त्री, संगीतकार, लेखक और वनस्पति विज्ञानी थे.
    15 अप्रैल 1452 को इटली के विंची पहाड़ों में बसे कस्बे तुस्कान में लियोनार्दो दा विंची का जन्म हुआ. उनके पिता अमीर परिवार से थे. वो जिस महिला से प्यार करते थे वो समाज के निचले माने जाने वाले तबके से आती थीं. जन्म के बाद लियोनार्दो को उनकी मां से छीन लिया गया. कहा गया कि वो विंची परिवार की बहू बनने लायक नहीं है.
    लियोनार्दो के पिता की दूसरी महिला से शादी कर दी गई. बचपन में लियोनार्दो ने अपने चाचा के साथ खूब वक्त बिताया. पिता और दादा जहां वकालत के काम काज में व्यस्त थे, वहीं लियोनार्दो अपने चाचा के साथ प्रकृति का आनंद उठाया करते थे. चाचा ने ही बच्चे के भीतर जिज्ञासा भरी. वो झरने के पास ले जाकर लियोनार्दो को बताया करते कि पानी में बुलबुले क्यों उठते हैं, और बाहर से साधारण से दिखते कीड़े के अंदर कितना जटिल तंत्र होता है.
    लियोनार्दो जब किशोरावस्था में आए तो उनका परिवार इटली के मिलान शहर आ गया. घरवालों को लगता था कि लियोनार्दो बुद्धू किस्म का बच्चा है. पिता को लगा कि यह जीवन में कुछ नहीं कर पाएगा, इसीलिए लियोनार्दो को एक पेंटर के पास काम सीखने भेज दिया गया. बस वहीं से लियोनार्दो का पेंटर के तौर पर सफर शुरू हुआ. उन्होंने पहली बार अंडे की जगह ऑइल पेटिंग का प्रयोग किया. तभी पेंटर ने उनके महान कलाकार बनने की भविष्यवाणी कर दी.
    लेकिन विंची का सफर पेंटिंग पर भी खत्म नहीं हुआ. असल में उनके भीतर की जिज्ञासा हर चीज का हल खोजती. पंछियों को देखकर उन्होंने हवाई जहाज का खाका तैयार कर दिया. विंची ने घोड़ों और इंसानों की हूबहू प्रतिमाएं भी बनाई. उन्होंने बताया कि दिल, यकृत और पेट कैसे काम करता है. विंची ने अद्भुत सुंदरता का समीकरण भी खोज लिया. विंची के मुताबिक हर चीज में एक अनुपातिक संबंध होता है. मसलन इंसान का कान उसके चेहरे का एक तिहाई होता है. चार अंगुलियों की चौड़ाई, हथेली के बराबर होती है. उन्होंने पुरुष के शरीर के आकार के समीकरण हल कर दिये.
    वैसे आम तौर पर विंची को मोनालीसा तस्वीर के लिए जाना जाता है. लेकिन यह तो उनकी बहुमुखी प्रतिभा का बस अंश मात्र है. विंची के कई समीकरण तो आज भी अनसुलझे हैं. असल में वो मिरर राइटिंग करते थे, यानी ऐसे लिखते थे कि आम लोगों को उसे पढ़ने के लिए दर्पण की जरूरत पड़ती है.
    लेकिन इन तमाम उपलब्धियों के बावजूद दुनिया को लियोनार्दो की निजी जिंदगी के बारे में बहुत ही कम जानकारी है. विंची हमेशा इसे लोगों से छुपा कर रखते थे. उपलब्धियों, मानसिक उलझनों और जिज्ञासा के बीच दो मई 1519 को विंची ने दुनिया को अलविदा कहा. तब से लेकर अब तक करीब 700 साल गुजर चुके हैं लेकिन उनके जैसी दूसरी प्रतिभा पैदा नहीं हुई.

     

    • 1854 -न्यूयॉर्क में कीट विज्ञान के लिए अनुसंधान करने की शुरूआत हुई।
    • 1941-आइगर आइवर सिकास्र्की ने एक घण्टे के लिए विमान से उड़ान भरी।
    • 1992-संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद ने लीबिया पर वायु और हथियार प्रतिबंध लगाने से संबंधित एक प्रस्ताव पारित किया और इस देश से बाहर इस देश की सारी सम्पत्ति को ज़ब्त कर लिया। 
    • 1994 - भारत सहित 109 देशों द्वारा  गैट समझौते की स्वीकृति।   मोरक्को में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संगठन बनाने के समझौते पर हस्ताक्षर हुए। सन 1995 से इस संगठन ने अपना कार्य आरंभ किया।
    • 1998 - थम्पी गुरु के नाम से प्रसिद्ध फ्रैडरिक लेंज का निधन।
    • 1999 - पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो तथा उनके पति आसिफ़ अली जरदारी को सरकारी ठेकों में दलाली खाने के आरोप में पांच वर्ष की क़ैद की सज़ा, पाकिस्तान ने परमाणु क्षमता वाले अपने दूसरे प्रक्षेपास्त्र शाहीन-1 का परीक्षण किया।
    • 2003 - ब्रिटेन में आयरिश रिपब्लिकन आर्मी ने हथियार डाल देने का निर्णय लिया।
    • 2004 - राजीव गांधी हत्याकांड से जुड़े लिट्टे उग्रवादी वी. मुरलीधरन की कोलम्बो में हत्या की गई।
    • 2010 - भारत में निर्मित पहले क्रायोजेनिक रॉकेट जीएसएलवी-डी3 का प्रक्षेपण नाकाम हो गया।  
    • 1452 - इटली के चित्रकार, मूर्तिकार तथा इंजीनियर  लियोनार्डो दा विन्ची का जन्म हुआ। वे एक महान इंजीनियर और अन्वेषक थे जिन्होंने कई इमारतें, पुल, नहर आदि का निर्माण किया। खास कर के वे अपने चित्रों  मोनालिसा और  द लास्ट सपर  के लिए विश्व विख्यात हैं। (निधन-2 मई 1519)
    • 1874 -अमेरिकी वनस्पति वैज्ञानिक और आनुवंशिकविद्  जॉर्ज हैरीसन शल का जन्म हुआ, जो संकर मक्के के जनक के रूप में जाने जाते हैं। इनके अनुसंधान से मक्के की पैदावार दुगुनी हो गई।  (निधन-28 सितम्बर 1954)
    • 1873-नॉर्वेजियन खगोलशास्त्री तथा भौतिकविद्  क्रिस्टोफर हैन्सटीन का निधन हुआ, जो भूचुम्बकत्व पर किए अपने अनुसंधान के लिए जाने जाते हैं। (जन्म-26 सितम्बर 1784) 
    • 1993  -कनाडा के भू भौतिकशास्त्री  जे ट्यूज़ो विल्सन का निधन हुआ, जिन्होंने महाद्वीपों की संरचनाओं के बारे में बताया। उन्होंने प्लेट टेक्टॉनिक्स पर काम किया। 1960 में इन्होंने महाद्वीपीय या समुद्रीय बड़े बड़े भूभागों के लिए प्लेट शब्द का इस्तेमाल किया।  (जन्म-24 अक्टूबर 1908)
    • 1731 -ब्रिटिश दार्शनिक और भौतिकशास्त्री हेनरी काउन्डेश का फ्रांस में जन्म हुआ। उन्होंने उच्चस्तरीय शिक्षा प्राप्ति के पश्चात भौतिकशास्त्र रसायनशास्त्र आदि विषयों की शिक्षा दी। उन्होंने पहली बार यह प्रमाणित किया कि हाइड्रोजन , प्राकृतिक हवा से हल्का होता है और जिस किसी वस्तु में हाइड्रोजन गैस भर दी जाए वो उड़ सकती है। सन 1810 ईसवी में उनका निधन हुआ।
    ...
  •  


Posted Date : 15-Apr-2018
  • ताहिर संधू
    यह नहीं माना जा सकता कि जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड स्वतंत्रता आंदोलन में एक मोड़ नहीं है और ना ही पाकिस्तान बनने के आंदोलन का हिस्सा. यह मान्यता बिल्कुल बेतुकी है कि जलियांवाला बाग कांड का उल्लेख पश्चिम पंजाब (पाकिस्तान) में किसी नज़रिये या सोच में बदलाव का कारण हो सकता है.
    हक़ीक़त यह है कि आज़ादी की लड़ाई में जिन लोगों ने शिरकत की और वो सभी जो इस संघर्ष में शहीद हुए, ना तो पाकिस्तान बनने के आंदोलन के विरोधी थे और न ही 'टू नेशन थ्योरी' के नज़रिये को कोई नुकसान पहुंचा सकते थे.
    यह कहना ग़लत नहीं होगा कि पाकिस्तान बनने के आंदोलन के पनपने में जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड का भी हिस्सा है और इस देश की नींव में उन शहीदों का भी ख़ून है.
    बिना किसी चेतावनी के गोलियां चलवाईं थीं डायर ने
    'अमृतसर का कसाई'
    बैसाखी के दिन 13 अप्रैल 1919 को जलियाँवाला बाग़ में रॉलेट एक्ट के विरोध प्रदर्शन की सभा में आए हज़ारों निहत्थे लोगों पर गोली चलाने का आदेश जनरल डायर ने दिया था.
    इस नृशंस हत्याकांड में बड़ी संख्या में सिख, हिंदू और मुसलमान मारे गए और उन्हें पंजाब की धरती को आज़ाद करवाने के लिए चल रहे आंदोलन का शहीद माना गया.
    जनरल डायर को इतिहास का सबसे बड़ा जालिम और कातिल बताते हुए उन्हें 'अमृतसर के कसाई' का नाम दिया गया.
    ब्रिटिश राज से आज़ादी के लिए पंजाब के हर मजहब के लोगों ने साथ मिलकर संघर्ष किया जो 1857 से जारी था. पहले विश्व युद्ध के खत्म होने के बाद आज़ादी के लिए हो रहे सघर्ष तेज़ हो गए. अंग्रेज़ हुकूमत के ख़िलाफ़ स्थानीय स्तर पर और खास कर अमृतसर, लाहौर, कसूर, और गुजरांवाले में लोगों ने आज़ादी के समर्थन में आवाज़ें बुलंद कीं.
    ब्रिटिश नीतियों और क़ानून के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शनों में तेज़ी आने लगी. इसी गंभीर सूरतेहाल को सामने रखते हुए रॉलेट एक्ट लाया गया जिसके तहत हुकूमत के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने और बागियों को तुरंत गिरफ़्तार कर जेल में बंद करने का आदेश दिया गया.
    डायर की गोलियों ने ख़ून का रंग नहीं पूछा
    इस काले क़ानून के ख़िलाफ़ हिंदू, सिख और मुसलमान इकट्ठे होकर विरोध के मंसूबे बना रहे थे. ब्रिटिश सरकार की खुफिया जानकारी और विश्वस्त सूत्रों की मुखबिरी के चलते उस सभा के नेताओं सैफुद्दीन किचलू और सत्यपाल को 10 अप्रैल 1919 को गिरफ़्तार कर लिया गया.
    13 अप्रैल 1919 की सभा का दूसरा मुद्दा इन नेताओं की रिहाई की मांग होने वाला था. इस सभा के इंतजाम की जिम्मेवारी डॉक्टर मोहम्मद बशीर की थी. इस सभा ने मुसलमानों, हिंदुओं और सिखों को एक मंच पर इकट्ठा करके साबित कर दिया कि आज़ादी की लड़ाई में सबका साथ है.
    फिर जलियाँवाला बाग़ के अंदर जो हज़ारों लोगों का ख़ून बहा उसका रंग एक ही था— वह ख़ून हिंदू, सिख या मुसलमान नहीं था— ना ही जनरल डायर ने गोली चलाने से पहले पूछा कि कौन हिंदू है, कौन मुसलमान और कौन सिख है?
    इस हत्याकांड में शहीदों के ख़ून का रंग ऐसा चढ़ा कि पूरे देश में आज़ादी की आवाज़ें और तेज़ हो गईं. गुजरांवाला, कसूर और लाहौर में इस हत्याकांड के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन होने लगे, जिन्हें रोकने के लिए हवाई जहाज से बम फेंके गए, तोपों का इस्तेमाल किया गया और फांसियां दी गईं.
    फिर भी आज़ादी के लिए निडर स्वतंत्रता सेनानी लड़ते रहे. अलग-अलग आंदोलन चलते रहे. धार्मिक और राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करते रहे, लेकिन जलियाँवाला बाग़ के शहीदों के ख्वाब पूरे करने के लिए सभी एकजुट थे.
    जालियांवाला को कभी याद नहीं किया गया
    जलियाँवाला बाग़ की इस घटना ने हिंन्दुस्तान की आज़ादी की नींव मजबूत कर दी और 1947 में, हिंदुस्तान और पाकिस्तान के रूप में, आज़ादी मिल गई.
    इस घटना के 42 साल और ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता के 14 साल बाद, 1961 में जलियाँवाला बाग़ में शहीदों के लिए एक स्मारक का निर्माण किया गया.
    लेकिन आज तक पश्चिम पंजाब या पूरे पाकिस्तान में सरकार की तरफ से जलियाँवाला बाग़ के शहीदों और आज़ादी के संघर्ष में शामिल स्वतंत्रतता सेनानियों को कभी याद नहीं किया गया, ना ही कोई कार्यक्रम या योजना बनाई गई और ना ही सेमिनार ही आयोजित किया गया.
    बस एक आम सा विचार सामने आता है कि अमृतसर तो भारत में है और बैसाखी सिखों का धार्मिक त्योहार है. बड़े-बड़े मुसलमान नेता इस वाकये पर खामोश रहे. मुस्लिम लीग ने राजनीतिक दल के तौर पर ना तो इसकी कोई हिमायत की और ना ही उन्होंने इस हत्याकांड के बाद कोई विरोध प्रदर्शन किया. पाकिस्तान के लिए दो 'टू नेशन थ्योरी का नज़रिया' ही सब कुछ हो गया जिसका इस हत्याकांड की इस नज़रिये के साथ कोई मेल नहीं है.
    जालियांवाला स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं
    पाकिस्तान का इतिहास, इस हत्याकांड के कहीं बाद में शुरू हुआ पर इससे पहले ब्रिटिश राज की गुलामी से आज़ादी हासिल करने के लिए आंदोलन चल रहे थे जिनका प्रेरणास्रोत जलियाँवाला बाग़ ही था.
    मुसलमान नेताओं के अली बंधु (मौलाना मोहम्मद अली जौहर, मौलाना शौकत) और अन्य प्रमुख नेताओं की कोशिशों से पाकिस्तान बना पर ये सभी जलियाँवाला बाग़ के शहीदों के पक्ष में भी खड़े हुए थे. इन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के अत्याचारों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किए थे और इनके नाम पाकिस्तान बनाने वालों की सूची में भी शामिल हैं.
    जो लोग अपनी धरती को आज़ाद करवाने के लिए अपने प्राणों की आहूति दे गए उनको याद भी नहीं किया जाता है. उनकी कुर्बानियों को धार्मिक, वैचारिक और राजनीतिक सवालिया निशान लगाकर इतिहास से बाहर कर दिया जाता है.
    जलियाँवाला बाग़ का हवाला पाकिस्तान के इतिहास में नहीं मिलता और ना ही इस हत्याकांड के बारे में स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाया जाता है. पाकिस्तान में कुछ हद तक सांस्कृतिक क्षेत्र में लेखकों के संगठनों में और बुद्धिजीवियों के विमर्श में जलियाँवाला बाग़ का हवाला ज़रूर आता है.
    जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड, जलियांवाला बाग हत्याकांड, जलियांवाला बाग कांड
    इक़बाल भी जलियाँवाला बाग़ कांड पर चुप रहे
    कहानीकार सआदत हसन मंटो ने कुछ अफसाने जालियांवाले बाग के हत्याकांड के बारे में लिखे, जिसके जरिए उन स्वतंत्रता सेनानियों को लगातार याद किया गया.
    पाकिस्तान टेलीविजन के मशहूर प्रेजेंटर हुसैन तारड़ ने 13 अप्रैल 2016 को नई बात जर्नल में 'मेरा नाटक जलियाँवाला बाग़ जो पाकिस्तान का इतिहास भी है' के विषय पर उस हत्याकांड का जिक्र किया, 'जलियाँवाला बाग़ के अंदर पंजाब के निहत्थे लोगों पर गोलियां बरसाई गईं और आज़ादी के मतवालों ने पंजाब की धरती के लिए अपनी कुर्बानियां दीं पर उनकी कुर्बानियों को पाकिस्तान के इतिहास में कोई जगह नहीं दी गई. किसी भी सरकारी विभाग ने उनकी कुर्बानियों के बारे में कोई काम नहीं करने दिया.'
    उन्होंने पाकिस्तान टेलीविजन की नीतियों के बारे में साफ़-साफ़ लिखा है कि जलियाँवाला बाग़ का पाकिस्तान के इतिहास से कोई संबंध नहीं है, इसी कारण 'जलियाँवाला बाग़ नाटक' पीटीवी पर नहीं चल सकता.
    एजाज मीर ने 19 मार्च 2014 को अपने एक लेख 'इक़बाल का आफाकी पैगाम और तक्सीम-ए-हिंद' में जलियाँवाला बाग़ के हत्याकांड का जिक्र किया और यह भी लिखा कि पाकिस्तान के राष्ट्रीय शायर अल्लामा इक़बाल भी इस घटना पर चुप रहे.
    शताब्दी वर्ष में पाकिस्तान से उम्मीद है...
    अख़बार जंग में 12 अगस्त 2013 को 'आइये तहरीके आज़ादी के एक हीरो को याद करते हैं' के विषय पर शाहिद जतोई ने ऊधम सिंह और जालियावाला बाग के शहीदों को पाकिस्तान में क्वेटा के सिविल अस्पताल पर हुए आतंकवादी हमले में मरने वाले बेगुनाह लोगों के साथ जोड़ा.
    13 अप्रैल 2017 को इस हत्याकांड पर तनवीर जहां ने 'जलियाँवाला बाग़ पर क्या गुजरी' नाम से लेख 'हम सब' में लिखा. शीन शौकत ने 23 मार्च 2018 को जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड पर जानकारी से लबरेज एक लेख 'मशरीक़' में लिखा.
    इसके अलावा पाकिस्तान के अन्य अख़बारों और पत्रिकाओं में जलियाँवाला बाग़ के बारे में लेख छप चुके हैं जिसमें ना सिर्फ उस हत्याकांड को याद किया गया बल्कि उसे जालिम और ताक़तवर हुक्मरानों के ख़िलाफ़ जी जान से लड़ने वालों की मिसाल के तौर पर भी पेश किया जाता है.
    मार्च 2018 में कराची में 'हवा कुछ यूं' के नाम से एक नाटक प्रस्तुत किया गया. जिसके लेखक प्रसिद्ध अभिनेता साजिद हसन हैं. इस नाटक में जलियाँवाला बाग़ का मंजर पेश किया गया है. इस नाटक की खूब चर्चा है और आने वाले दिनों में यह पाकिस्तान के अन्य शहरों में भी प्रस्तुत किया जाएगा.
    आज के दौर में सोशल मीडिया एक अहम माध्यम है जिसके जरिए पाकिस्तान के लोगों तक जलियाँवाला बाग़ की ऐतिहासिक सच्चाई पहुंच सकती है और इसे मानने के लिए सरकार को भी मजबूर किया जा सकता है.
    अगले साल यानी 2019 में जलियाँवाला बाग़ का शताब्दी वर्ष है और पाकिस्तान की सरकार (खास तौर पर पंजाब की राज्य सरकार) से यह उम्मीद है कि जलियाँवाला बाग़ के शहीदों को सरकारी तौर पर याद किया जाएगा. (बीबीसी)

    ...
  •  


Posted Date : 14-Apr-2018
  • एक सदी पहले विलासिता और शान ओ शौकत से भरपूर टाइटैनिक जहाज समुद्र में सफर करते समय हिमखंड से टकरा गया था. टाइटैनिक को इस तरह से तैयार किया गया था कि वो कभी डूबे नहीं लेकिन एक हिमखंड से टकराकर यह डूब गया.
    एक मई 1911 को ठीक 12 बज कर 13 मिनट पर टाइटैनिक को बेलफास्ट में पानी में उतारा गया था. बेलफास्ट से टाइटैनिक को न्यूयॉर्क ले जाया गया जहां से करीब एक साल बाद यह विशाल जहाज यात्रियों के साथ अपनी पहली और आखिरी समुद्र यात्रा पर निकला. एक बर्फ के पहाड़ से टकराने के कारण टाइटैनिक यात्रा के पांचवें दिन ही डूब गया. जहाज पर मौजूद 1,517 लोगों की मौत हो गई. 1911 में बना टाइटैनिक अपने समय का सबसे बड़ा जहाज था. इसे बनाने में 15 हजार लोगों की मेहनत लगी थी.
    जहाज की हिमखंड से टक्कर 14 अप्रैल 1912 को हुई और एक दिन बाद यानी 15 अप्रैल को वह पानी में डूब गया. कई दशकों तक इसके मलबे की तलाश चली. आखिरकार 1985 में समुद्र तल से करीब चार किलोमीटर नीचे पड़ा इसका मलबा ढूंढ लिया गया. टाइटैनिक का डिजाइन आयरिश जहाज निर्माता विलियम पेरी ने तैयार किया था. टाइटैनिक की लंबाई 883 फीट थी. जहाज में 16 कंपार्टमेंट थे. ऐसा माना जाता था कि सभी कंपार्टमेंट जलरोधी थे. लेकिन 14 अप्रैल की रात हिमखंड से टक्कर के बाद टाइटैनिक के पांच कंपार्टमेंटों को नुकसान पहुंचा और उसमें पानी भरने लगा. जहाज में सवार यात्री समंदर में कूद गए.
    जहाज में यात्री और चालक दल के सदस्यों को मिलाकर 2,200 लोग सवार थे. 15 अप्रैल को रात 2.20 बजे जहाज डूब गया. टाइटैनिक में लाइफबोट की कमी के कारण करीब पंद्रह सौ से ज्यादा लोगों की उत्तर अटलांटिक के ठंडे पानी में डूबने से मौत हो गई. 700 लोगों को बचा लिया गया जिनमें ज्यादातर बच्चे और महिलाएं थीं. टाइटैनिक हादसे के बाद सार्वजनिक जहाजों की सुरक्षा के कड़े नियम बनाए गए और हिमखंड से जहाजों को बचाने के लिए सागर में पेट्रोलिंग भी शुरू की गई.
    ----

    • 1956 -पहले व्यावसायिक श्वेत-श्याम वीडियो रिकॉर्डर का आविष्कार हुआ।
    • 1961-अमेरिका में मानव निर्मित तत्व, लॉरेन्शियम (परमाणु संख्या 103) का आविष्कार हुआ।
    • 1995 - यूक्रेन में स्थित चेरनोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र वर्ष 2000 तक बंद करने की घोषणा, भारत चौथी बार एशिया कप क्रिकेट चैंपियन बना।
    • 2000 - रूस की संसद ने संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस के बीच  स्टार्ट-2  परमाणु शस्त्र कटौती संधि का अनुमोदन किया।
    • 2005 - भारत और अमेरिका ने अपने-अपने उड़ान क्षेत्र एक-दूसरे की एयरलाइनों के लिए खोलने का ऐतिहासिक समझौता किया।
    • 2006 - चीन में प्रथम बौद्ध विश्व सम्मेलन शुरू।
    • 2008 -उत्तर प्रदेश सरकार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश का भौगोलिक नक्शा बनाने की घोषणा की। किर्लोस्कर ब्रदर्स को दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) की कोडरमा ताप विद्युत परियोजना से 166 करोड़ 77 लाख रुपये का आर्डर मिला। 40 वर्ष बाद भारत व बांग्लादेश के बीच सम्बन्धों को मज़बूत बनाने के लिए मैत्री एक्सप्रेस कोलकाता और बांग्लादेश की राजधानी ढाका से एक दूसरे देश के लिए रवाना हुई।  
    • 1922 -  भारतीय संगीतकार, शास्त्रीय गायक उस्ताद अली अकबर खान का जन्म हुआ। 
    • 1629 -डच गणितज्ञ, खगोलशास्त्री तथा भौतिकशास्त्री क्रिस्टिएन हाइगैन का जन्म हुआ,  जिन्होंने  प्रकाश के तरंग सिद्धान्त  की स्थापना की। उन्होंने शनि के छल्लों का सही रूप ज्ञात किया। (निधन- 8 जुलाई 1695)
    • 1927-अमेरिकी रसायनज्ञ  ऐलेन मैक्डियरमिड का जन्म हुआ, जिन्हें दीर्घ जटिल यौगिकों (पॉलीमर) के आविष्कार तथा विकास में योगदान के लिए जाना जाता है। इसके लिए उन्हें ऐलन हीगर तथा हिडेकी शिराकावा के साथ 2000 में रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ। (निधन-7 फरवरी 2007)
    • 1964-अमेरिकी जीवविज्ञानी रैचेल लुइ कार्सन  का निधन हुआ, जिन्होंने पर्यावरण प्रदूषण और समुद्र के प्राकृतिक इतिहास पर अनेक लेख लिखे। उन्होंने अपनी पुस्तक साइलेन्ट स्प्रिंग (1962) में कीटनाशकों के ज्यादा प्रयोग से होने वाले प्रभाव बताए तथा लोगों को जागरूक करने की अपील की। (जन्म-27 मई 1907)
    • 1962 -महान भारतीय इंजीनियर मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैया का निधन हुआ, जिन्होंने अपने अभियान्त्रिक कौशल कावेरी नदी पर बांध का निर्माण किया तथा बाढ़-रोधी तंत्र विकसित किया। उनके जन्म दिन 15 सितम्बर को  इंजीनियर्स डे  के रूप में मनाया जाता है। (जन्म 15 सितम्बर 1860)।

     

    ...
  •  


Posted Date : 13-Apr-2018
  • सत्ता के गलियारों में पहुंच रखने वाले दुनिया भर के लोगों में वे शायद सबसे ज़्यादा रसूखदार महिला थीं.
    लेकिन इसके बावजूद एना शेनॉल के बारे में दुनिया बहुत कम जानती थी. शायद यही वजह थी कि 30 मार्च, 2018 को जब उनकी मौत हुई तो इसका कम ही जिक्र हुआ.
    एना शेनॉल का एक चीनी नाम भी था, शेन शियांगमेई. वे अमरीका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी के राजनीतिक गलियारों में ख़ासा दखल रखती थीं.
    अमरीका में लोग उन्हें चीन के अनऑफ़िशियल डिप्लोमेट के तौर पर जानते थे. 20वीं सदी के सियासी उतार-चढ़ावों के दौरान वे बेहद कामयाबी रहीं थीं.
    राष्ट्रपति जॉन एफ़ कैनेडी से लेकर रिचर्ड निक्सन तक का नाम एना शेनॉल के दोस्तों में शुमार था. उनके मुलाकातियों में पूर्व विदेश हेनरी किसिंजर भी शामिल थे.
    इतना ही नहीं एना शेनॉल चीन के क्रांतिकारी नेता डेंग शियोपिंग से लेकर ताइवान के सैनिक नेता चियांग काई-शेक तक भी पहुंच रखती थीं.
    वॉशिंगटन पोस्ट अख़बार ने कभी एना शेनॉल को लेजेंडरी स्टील बटरफ़्लाई कहा था. कहा जाता है कि दुनिया के तमाम बड़े नेता उनसे प्रभावित थे.
    अमरीकी अफ़सर से एना का प्यार
    डेंग शियोपिंग ने 1981 में एना शेनॉल से मिलने के बाद कहा था, "दुनिया में केवल एक एना शेनॉल हो सकती हैं."
    शायद उनके शख़्सियत के जादू की एक बड़ी वजह ये भी थी कि हर किसी के सांचे में वे आसानी से ढल जाती थीं.
    अमरीकियों के लिए वे साम्यवाद की धुर विरोधी थीं लेकिन चीनियों के लिए वे एक सम्मानित और मशहूर वॉर हीरो (युद्ध के नायक) की विधवा थीं.
    ताइवान के लिए भी एना शेनॉल की एक अलग अहमियत थी. ताइवन को अमरीकी समर्थन दिलाने के लिए एना शेनॉल ने वॉशिंगटन में तगड़ी लामबंदी की थी.
    1923 में उनका जन्म बीजिंग के एक शिक्षित और समृद्ध परिवार में हुआ था. हांगकांग में उनकी पढ़ाई हुई थी और बाद में वे एक चीनी न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्टर बन गईं.
    साल 1944 में उन्हें वो ज़िम्मेदारी मिली जिससे उनकी ज़िंदगी ही बदल गई.
    एना शेनॉल को चीन के युनान प्रांत की राजधानी कनिंग भेजा गया जहां उन्हें अमरीकी सेना के मेजर जनरल क्लेयर शेनॉल का इंटरव्यू लेना था.
    अमरीका में एना की शुरुआत
    मेजर जनरल क्लेयर शेनॉल अमरीकी वायु सेना के 'फ़्लाइट टाइगर्स वॉलंटरियर्स ग्रुप' के लीडर की हैसियत से कनिंग दौरे पर आए हुए थे.
    क्लेयर शेनॉल के दस्ते ने चीन को जापानी वायु सैनिक हमले से बचाने के लिए बड़ा योगदान दिया था.
    एना शेनॉल अपने से उम्र में तीस साल बड़े क्लेयर शेनॉल्ट के प्यार में पड़ गईं.
    जब द्वितीय विश्व युद्ध ख़त्म हुआ तो मेजर जनरल क्लेयर शेनॉल ने अमरीका में अपनी पत्नी को तलाक दे दिया और एना से शादी कर ली.
    मेजर जनरल क्लेयर शेनॉल की 1958 में कैंसर से मौत हो गई. उस वक़्त एना की उम्र महज 35 साल की थी. वे अपनी दो बेटियों के साथ वॉशिंगटन रहने चली गईं.
    पति का कारोबार संभाला और बतौर पत्रकार और अनुवादक अपनी ज़िंदगी नए सिरे से शुरू की.
    वक़्त के साथ-साथ एना शेनॉल अमरीका की सबसे रसूखदार नागरिकों में शुमार हो गईं. लोग उनकी शख़्सियत और ग्लैमरस इमेज के कायल हो जाते थे.
    'वाटरगेट स्कैंडल'
    एना की शोहरत उनकी पार्टियों की वजह से भी थी. 'वाटरगेट कॉम्प्लेक्स' में उनके पेंटहाउस में ये पार्टियां अक्सर हुआ करती थीं.
    ये वहीं 'वाटरगेट स्कैंडल' वाला 'वाटरगेट कॉम्प्लेक्स' है जिसने अमरीका की राजनीति में बवंडर खड़ा कर दिया था. उस स्कैंडल में रिचर्ड निक्सन का नाम भी आया था.
    एना शेनॉल ने रिपब्लिकन पार्टी के समर्थक के तौर पर निक्सन का समर्थन किया था और निक्सन उन्हें 'ड्रैगन लेडी' के नाम से बुलाते थे.
    एना की जीवनी लिखने वाली कैथरीन फोर्सलुंड ने वाशिंगटन पोस्ट अख़बार को बताया था, "एना वो महिला थीं जिन्होंने अमरीकियों को, सरकारी अधिकारियों को, कारोबारियों को एक हद तक चीन से परिचित कराया था. इतना हीं नहीं उन्होंने एशियाई देशों को भी अमरीका के बारे में एक नज़रिया दिया था."
    ऐसा भी नहीं था कि एना की ज़िंदगी में किसी तरह का कोई विवाद नहीं हुआ.
    उनके दिवंगत पति की कंपनियां सीआईए ने खरीद ली थी और कहा जाता है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल साम्यवाद विरोधी गतिविधियों में किया गया था.
    'गद्दारी' का आरोप
    और फिर 'शेनॉल अफ़ेयर' वाला कांड हो गया.
    साल 1968 में एफ़बीआई ने एना के फोन रिकॉर्ड किए जिसमें वे कथित तौर पर दक्षिण वियतनाम की सरकार से पेरिस शांति समझौते के बहिष्कार के लिए कह रही थीं.
    वे रिचर्ड निक्सन के लिए खुफिया तरीके से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लामबंदी कर रही थीं.
    अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों में निक्सन की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए एना ने पेरिस शांति समझौते को एक तरह से नाकाम कर दिया था.
    तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति लिंडन बी जॉनसन ने एना शेनॉल पर अमरीका के साथ गद्दारी करने का आरोप लगाया था.
    लेकिन कुछ ही दिनों के बाद रिचर्ड निक्सन चुनाव जीत गए और एना शेनॉल पर कभी कोई मुकदमा नहीं चलाया गया.
    एना शेनॉल की छवि भले ही एक ऐसी महिला की रही जो साज़िशों को अंजाम देने में महारत रखती थीं लेकिन शेन शियांगमेई के नाम से उनकी एक अलग ही शख़्सियत थी.
    'अमरीका-चीन की दोस्ती'
    चीन में एना के पति मेजर जनरल क्लेयर शेनॉल अमरीकी वायु सेना के 'फ़्लाइट टाइगर्स वॉलंटरियर्स ग्रुप' को बहुत सम्मान के साथ देखा जाता था.
    साथ ही एना को अपने पति का नाम जीवित रखने वाली महिला के रूप में सराहा जाता है. साल 2015 में उन्हें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मेडल भी दिया था.
    उन्हें देश के बाहर सक्रिय एक ऐसे कामयाब चीनी शख़्स समझा जाता है जिसने अमरीका और चीन के रिश्तों की बेहतरी के लिए काम किया था.
    चीन की मीडिया में एना की मौत के बाद इस बात की चर्चा देखी गई कि उन्होंने अमरीका की राजनीति में क्या उपलब्धियां हासिल की थीं.
    चीनी मीडिया के मुताबिक़ वे अमरीका व्हॉइट हाउस में दाखिल होने वाली पहली चीनी महिला थीं जिन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति कैनेडी ने मिलने का समय दिया था.
    चीन की सरकारी न्यूज़ एजेंसी शिन्हुआ ने एना को 'अमरीका-चीन की दोस्ती का राजदूत' कहा है.
    ऐसी तारीफें कुछ हद तक बढ़ा चढ़ाकर कही गई बात लगती है क्योंकि शुरुआत में कई दशकों तक उन्हें चीन के साम्यवादी शासन का मुखर विरोधी माना जाता था.
    ताइवान
    साल 1950 के आते-आते चीन का गृह युद्ध ख़त्म हो गया था और ताइवान वजूद में आ गया था.
    एना ताइवान के नेता चियांग काई-शेक और उनकी पत्नी सूंग मेई-लिंग की भी अच्छी दोस्त थीं. सालों तक वे अमरीका में ताइवान के लिए लामबंदी करती रहीं.
    साल 1979 में वे उस वक्त निराश हो गईं जब अमरीका ने चीन की साम्यवादी सरकार को मान्यता दे दी. लेकिन सियासी हवा एक बार फिर बदल गई.
    1981 में रोनाल्ड रीगन ने एना को अमरीका की अनाधिकारिक दूत की हैसियत से चीन भेजा और दोस्ती के संकेत दिए.
    तीन दशकों के बाद एना की ये पहली स्वदेश यात्रा थी. वे चीन के नेता डेंग शियापिंग से मिलीं.
    उस ज़माने में अमरीकी अख़बारों में एना की डेंग शियापिंग से मुस्कुराकर हाथ मिलाते हुई तस्वीर छपी.
    वॉशिंगटन लौटने के बाद एना ने अमरीकी प्रेस से कहा कि साम्यवादियों के बारे में उनकी भावनाएं नहीं बदली हैं.
    'पावरब्रोकर' एना
    लेकिन इस बीच ताइवान में वे अपने साम्यवाद विरोधी रवैए के लिए जानी जाती रहीं.
    एना की मौत के बाद ताइवान के विदेश मंत्रालय ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अमरीका-ताइवान के रिश्तों के सक्रिय योगदान किया था.
    हालांकि एना ने बाद की ज़िंदगी में अमरीका-चीन-ताइवान के संबंधों को बेहतर बनाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया था.
    1990 में चीन जाने वाले ताइवानी व्यापार प्रतिनिधिमंडल की एना ने अगुवाई भी की थी.
    'पावरब्रोकर' की हैसियत से जब उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था तो कम ही लोग उन्हें जानते थे. उनका तिरस्कार महज एक मेजबान कहकर किया जाता था.
    लेकिन आहिस्ता-आहिस्ता वे पर्दे के पीछे काम करते हुए अपनी मौजूदगी दर्ज कराने लगीं.
    साल 2002 में उन्होंने चीनी मीडिया से कहा था, "मेरा पूरा जीवन निर्वासन में पढ़ाई से लेकर, पत्रकारिता और फिर अमरीका में अकेले संघर्ष करने तक कई तरह के खट्टे-मीठे अनुभवों से भरा पड़ा है. मैंने आठ अमरीकी राष्ट्रपतियों के साथ कई महत्वपूर्ण कार्य किए और वो भी बिना कुछ लिए हुए." (बीबीसी)

    ...
  •  


Posted Date : 13-Apr-2018
  • आज जिस भारत में लोग अमन चैन और आजादी के साथ सांस ले रहे हैं, अंग्रेजी हुकूमत के वक्त यह मुमकिन नहीं था. आज ही के दिन अंग्रेजों द्वारा जलियांवाला बाग हत्याकांड को अंजाम दिया गया था.

    भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में 13 अप्रैल 1919 की तारीख दुनिया भर के सबसे नृशंस हत्याकांडों में शामिल जलियांवाला बाग हत्याकांड की गवाह है. इसी दिन एक गोरे अफसर ने निहत्थे भारतीयों पर गोली चलाने के आदेश दिए थे. जलियांवाला बाग हत्याकांड भारत के इतिहास में सबसे भयानक दिनों में से एक है. 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के पास जलियांवाला बाग में बैसाखी के दिन रोलेट एक्ट का विरोध करने के लिए एक सभा हो रही थी. इस सभा को भंग करने के लिए अंग्रेज अफसर जनरल रेजीनल्ड डायर ने बिना किसी चेतावनी के अंधाधुंध गोलियां चलवा दीं. बाग में उस वक्त बच्चे, बूढ़े, महिलाएं और पुरुष मौजूद थे. बाग से निकलने का सिर्फ एक रास्ता था और वह भी काफी संकरा, लेकिन उस तरफ अंग्रेज सिपाही मौजूद थे. गोलियों से बचने के लिए लोगों में भगदड़ मच गई और कइयों ने जान बचाने के लिए बाग में स्थित एक कुएं में छलांग लगा दी. कुएं में कुदने वालों की मौत दम घुटने के कारण हो गई. अंग्रेज सैनिकों की फायरिंग और कुएं में कूदने के कारण एक हजार लोग मारे गए और दो हजार लोग जख्मी हुए थे. उस हत्याकांड की याद में वहां एक शहीद स्मारक और अमर ज्योति भी है. बाग की दीवारों पर आज भी गोलियों के निशान हैं. जो उस वक्त हुए उस कांड की गवाही देते हैं. साल 2013 में जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन वहां पहुंचे तो उन्होंने उस क्रूरता को शर्मनाक बताया लेकिन इसके लिए सीधे तौर पर माफी मांगने से बचते रहे.

     

    • 1916-पहले संकर बीज मक्के का आविष्कार हुआ।
    • 1919 - जालियांवाला बाग़ हत्याकांड। अंग्रेज़ और गोरखा सैनिकों द्वारा निहत्थी भीड़ पर की गई अंधाधुंध गोलीबारी में चार सौ लोग मारे गए।  बेनिटो मुसोलिनी द्वारा इटैलियन फ़ासिस्ट पार्टी की स्थापना। 
    • 1994 - नई दिल्ली में एस्केप का स्वर्ण जयंती सत्र सम्पन्न, विश्व भर के बच्चों के शोषण से संघर्ष हेतु 112 नोबेल पुरस्कार विजेताओं द्वारा  चाइल्ड राइट वल्र्डसाइट  संगठन का गठन।
    • 2001 - विमान चालकों के लौटने के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका का चीन के प्रति रुख़ सख्त।
    • 2002 - शांति के प्रति एलटीटीई प्रमुख वी. प्रभाकरण की प्रतिबद्धता का संयुक्त राज्य अमेरिका ने स्वागत किया।
    • 2004 - एन्टीगुआ में ब्रायन लारा ने इंग्लैंड के विरुद्ध खेलते हुए 400 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली।
    • 2005 - विश्वनाथन आनन्द चौथी बार  विश्व शतरंज चैम्पियन  बने।
    • 2010 -   दुनिया के लगभग 50 देशों ने अगले चार सालों में संवेदनशील परमाणु सामग्री को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लक्ष्य का संकल्प लिया। रूस और अमेरिका ने 68 टन प्लूटोनियम को नष्ट करने के समझौते पर हस्ताक्षर किया।
    • 1973 - फि़ल्म अभिनेता बलराज साहनी का निधन हुआ। 
    • 1772-अमेरिकी घड़ी निर्माता इलाइ टेरी का जन्म हुआ, जिन्होंने बड़ी मात्रा में घडिय़ों का आविष्कार किया। घड़ी के निर्माण के लिए उन्हें पहला पेटेन्ट 1802 में प्राप्त हुआ। (निधन-26 फरवरी 1852) 
    • 1941- अमेरिकी आण्विक आनुवंशिकविद् माइकल स्टुअर्ट ब्राउन  का जन्म हुआ, जिन्हें मानव शरीर में कोलेस्टेराल के उपापचय की महत्वपूर्ण कड़ी खोजने के लिए जोजफ़ एल. गोल्ड्स्टीन के साथ 1958 में चिकित्सा- शरीर क्रिया विज्ञान का नोबेल पुरस्कार मिला।
    • 1925 अमेरिकी अन्वेषक  ऐल्वुड हेन्स का निधन हुआ, जिन्होंने सफलतापूर्वक गैसोलीन से चलने वाले पहले ऑटोमोबाइल का निर्माण किया। वर्ष 1893 में इन्होंने एक गैसोलीन इंजन खरीदा जिससे उन्होंने बिना घोड़े वाला एक रथ बनाया। (जन्म-14 अक्टूबर 1857) 
    • 2008- वैज्ञानिक जॉन आर्किबैल्ड व्हीलर का निधन हुआ, जो पहले अमेरिकी भौतिकशास्त्री थे जिन्होंने परमाणु बम के सैद्धान्तिक विकास में योगदान दिया। (जन्म-9 जुलाई 1911) 
    • महत्वपूर्ण दिवस-  जलियांवाला बाग़ हत्याकांड स्मृति दिवस,  खालसा पंथ स्थापना दिवस।
    ...
  •  


Posted Date : 12-Apr-2018
  • जिस आसमान की तरफ इंसान कौतूहल के साथ न जाने कब से तकता था, आज ही के दिन उसने वहां छलांग लगा दी. पहली बार इंसान ने आज ही के दिन अंतरिक्ष में कदम रखा.
    अंतरिक्ष पहुंचने वाले पहले इंसान पूर्व सोवियत संघ के यूरी गागरिन थे. 12 अप्रैल 1961 को सोवियत संघ के हीरो गागरिन अंतरिक्ष पहुंचे. तब से लेकर अब तक न जाने अंतरिक्ष में कितने मानवीय और रोबोटिक प्रयोग किए जा चुके हैं. जब गागरिन को अंतरिक्ष पहुंचाने वाला यान वोस्तोक रवाना हुआ, तो उनके पहले शब्द थे, पोयेखाली, यानी चलो, चलते हैं. वह एक ऐसी घड़ी थी, जब किसी को पता नहीं था कि अंतरिक्ष में भारहीनता की स्थिति में पहुंचने पर गागरिन को क्या होगा.
    सोवियत वैज्ञानिकों को डर था कि गागरिन भारशून्यता की स्थिति में बेहोश हो सकते हैं. लेकिन अंतरिक्ष से ग्राउंड कंट्रोल को अपने संदेश में गागरिन ने कहा कि भारशून्यता की स्थिति उन्हें अच्छी लग रही है. मिशन के दौरान गागरिन ने अपनी बहादुरी और समझ की मिसाल पेश की. एक मौके पर गागरिन से अंतरिक्ष में कहा गया कि वह टेप फाड़कर एक पुर्जे को जोड़ें, क्योंकि जमीन पर इंजीनीयर उसे जोड़ना भूल गये थे. एक और बार उनसे कंट्रोल पैनल में लगी कॉन्टैक्ट की बत्ती को ठीक करने को कहा गया. क्योंकि इसकी वजह से काफी समस्याएं हो सकती थीं.
    लेकिन गागरिन ने बहादुरी के साथ इनको संभाला और उड़ान के दौरान बच्चों सी खुशी के साथ वह बताते रहे कि उन्हें क्या क्या दिख रहा है. गागरिन अंतरिक्ष की यात्रा कर दुनिया भर में हीरो बन चुके थे. गागरिन को ऑर्डर ऑफ लेनिन और सोवियत संघ के हीरो के सम्मान से सम्मानित किया गया. गागरिन के सम्मान में पूरे सोवियत संघ में स्मारक बनाए गए और सड़कें उनके नाम पर कर दी गईं. अंतरिक्ष में सोवियत संघ पहला इंसान भेज कर अमेरिका को तगड़ा झटका दे चुका था.

    • 1861 -अमरीका का गृह युद्ध आरंभ हुआ था जब दक्षिण के ग्यारह राज्यों ने जैफऱसन डेविस के नेतृत्व में अमरीका से अलग परिसंघ बनाने की घोषणा के साथ स्वतंत्रता के लिए संघर्ष आरंभ कर दिया । दक्षिण के राज्य उत्तरी औद्योगिकृत राज्यों की तुलना में काफ़ी पिछड़े थे और लंबे समय से दास प्रथा के अंत की मांग कर रहे थे। चार वर्षों तक चले भीषण संघर्ष के बाद परिसंघ की हार के साथ इस लड़ाई का अंत हुआ था यद्यपि दास प्रथा को पूरे देश में ग़ैर-क़ानूनी घोषित कर दिया गया था।
    • 1945 - अमेरिका द्वारा ओकीनावा पर आक्रमण; जापानी मंत्रिमंडल का त्यागपत्र; अमेरिकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट का देहान्त।
    • 1955 -साल्क के पोलियो के टीके के कार्य की घोषणा हुई और बताया गया कि यह सुरक्षित है।
    • 1961-मनुष्य पहली बार अंतरिक्ष में पहुंचा और उसने पृथ्वी का चक्कर लगाया। रुस के अंतरिक्ष यात्री यूरी गैगरीन ने आज के दिन वोस्टॉक अंतरिक्ष यान से 89 मिनट में पृथ्वी का चक्कर लगाया। इस प्रकार अंतरिक्ष यात्रा के क्षेत्र में एक बड़ी उन्नति हुई। सन 1968 ईसवी में जब वे ख्याति के शिखर पर थे रुस के एक वरिष्ठ अंतरिक्ष अधिकारी के साथ एक वायु दुर्घटना में मारे गये। यूरी गैगरीन के सम्मान में 12 अप्रैल के दिन को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस घोषित किया गया है। 
    • 1991 - खाड़ी युद्ध औपचारिक रूप से समाप्त।
    • 1998 - गिरिजा प्रसाद कोइराला नेपाल के नये प्रधानमंत्री नियुक्त।
    • 2007 - पाकिस्तान ने ईरान गैस पाइपलाइन पर भारत को मंजूरी दी। एयरलाइन्स जेट ने एयर सहारा को खऱीदा।
    • 2008 - भारतीय मूल के ब्रिटिश उद्योगपति और सांसद लॉर्ड स्वराजपाल के स्वामित्व वाले केपेरो समूह ने पश्चिम बंगाल के सिंगूर में मोटर वाहन के पुर्जे बनाने की तीन इकाइयों को लगाने का फ़ैसला किया।
    • 1917 - वीनू मांकड़ - भारत के महान क्रिकेट खिलाडिय़ों में से एक हैं, इनका नाम विश्व के महान ऑलराउंडरों में गिना जाता है। 
    • 1236 - दिल्ली के शासक रहा इल्तुतमिश का निधन। 
    •  1884- जर्मन जैव रसायनज्ञ ओटो फ्रिट्ज़ मेयरहॉफ  का जन्म हुआ,  जिन्हें मांसपेशियों में होने वाले उपापचय की अभिक्रियाओं पर अनुसंधान करने के लिए आर्किबेल्ड वी. हिल के साथ 1922 में शरीर क्रिया विज्ञान/चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार मिला। (निधन- 6 अक्टूबर 1951)
    •  1748-फ्रांसीसी वनस्पति वैज्ञानिक  ऐन्टॉन लॉरेन्ट डि जस्यू का जन्म हुआ, जिनके सिद्धांतों से प्राकृतिक वर्गीकरण प्रणाली की स्थापना हुई। इन्होंने वर्गीकरण की अपनी एक प्राकृतिक प्रणाली बताई जिसमें उन्होंने 15 वर्ग (क्लासेस), तथा 100 कुलों (फैमिलीज़) को वर्गीकृत किया।  (निधन- 17 सितम्बर 1836)
    •  1997- अमेरिकी जैव रसायनज्ञ  जॉर्ज वाल्ड का निधन हुआ, जिन्होंने दृष्टि के रसायन विज्ञान पर कार्य किया। दृष्टि के जैवरासायनिक विज्ञान पर कार्य करते हुए उन्होंने रैटिना में विटामिन-ए के प्रभाव को उजागर किया। (जन्म-18 नवम्बर 1906)
    •  1896-जर्मन इंजीनियर एवं पुरातत्वविद्  कार्ल ह्यूमैन का निधन हुआ, जिन्होंने प्राचीन यूनानी सभ्यता के शहरों का उत्खनन किया। इन्होंने प्राचीन यूनानी सभ्यता के शहर मैग्नेशिया को भी खोजा, तथा आज के तुर्की के कुछ हिस्सों मे भी कई प्राचीन शहरों का उत्खनन किया। (जन्म-4 जनवरी 1839)।
    • ----

     

    ...
  •  


Posted Date : 11-Apr-2018
  • 1983 में आज ही के दिन गांधी को ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, बात रुपहले पर्दे की हो रही है.
    11 अप्रैल 1982 के दिन एकेडमी अवॉर्ड समारोह लॉस एंजेलिस में हुआ था. 55वां अवॉर्ड समारोह गांधी के इर्द गिर्द छाया रहा. फिल्म थी, गांधी, मुख्य अभिनेता थे बेन किंग्स्ले. रिचर्ड एटनबोरो के निर्देशन वाली इस फिल्म को 11 श्रेणियों में ऑस्कर्स के लिए नामांकित किया गया था और उसने आठ पुरस्कार अपने नाम किये. सर्वश्रेष्ठ अदाकार के लिए बेन किंग्सले चुने गए. बेस्ट फिल्म भी यही रही.
    महात्मा गांधी के जीवन पर बनी फिल्म में बेन किंग्सले इतने असली दिखाई देते हैं कि लगता है कि महात्मा गांधी के बाद उनके जैसा दिखने वाला अगर कोई है तो वह बेन किंग्सले ही हो सकते हैं. सर बेन किंग्सले का बचपन का नाम कृष्ण पंडित भांजी था. वह 1943 में इंग्लैंड के लॉर्कशर में पैदा हुए थे. अदाकारा अना लीना मेरी और चिकित्सक रहिमतुल्ला हारजी भांजी के वह बेटे हैं. कई मशहूर फिल्मों के अलावा बेन किंग्सले के नाम शिंडलर्स लिस्ट जैसी ऐतिहासिक फिल्म भी है.
    सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार गांधी बनाने वाले रिचर्ड एटेनबोरो को दिया गया और स्क्रीनप्ले के लिए जॉन ब्रिले को. बेस्ट कैमरा वर्क भी गांधी में हुआ. इतना ही नहीं सर्वश्रेष्ठ ड्रेस और एडिटिंग के लिए भी गांधी फिल्म ने ऑस्कर जीता.
    ओरिजिनल स्कोर यानी गाने के लिए रवि शंकर और जॉन फेंटन को नामांकित किया गया था लेकिन वो ये पुरस्कार नहीं जीत सके.
    ----------

    • 1952- पहली बार पार्किन्सन रोग का सफल उपचार हुआ।
    • 1970 -अपोलो-13 अमेरिका के केप कैनेवेरल से चन्द्रमा की ओर रवाना हुआ।
    • 1999 - फिलीपींस की सरकार द्वारा  एक स्कूल गोद लो की अनोखी घोषणा।
    • 2002 - चीन में मैच (फ़ुटबाल) फि़क्सिंग के आरोप में रेफऱी गिरफ़्तार।
    • 2003 - पाकिस्तान ने 12वीं बार शारजाह कप क्रिकेट चैम्पियनशिप जीता।
    • 2004 - इस्लामाबाद में भारत के  गायक कलाकार सोनू निगम के कार्यक्रम स्थल के पास एक कार में बम विस्फोट।
    • 2008-  सरकारी कर्मचारियों द्वारा विरोध को देखते हुए केन्द्र सरकार ने छठे वेतन आयोग की समीक्षा के लिए सचिवों की एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की।  स्वीडन में वैज्ञानिकों ने आठ हज़ार वर्ष पुराने वृक्ष की खोज की। 
    • 1827 -भारत के महान विचारक, समाज सेवी तथा क्रांतिकारी  ज्योतिराव गोविंदराव फुले का जन्म हुआ। 
    • 1869 - महात्मा गांधी जी की पत्नी कस्तूरबा गांधी का जन्म हुआ। 
    • 1904 -भारतीय गायक और अभिनेता  कुन्दन लाल सहगल का जन्म  हुआ। 
    • 2010 - वैज्ञानिक और भुवनेश्वर के उत्कल विश्वविद्यालय में रसायन विज्ञान विभाग के पूर्व प्रमुख प्रोफेसर कैलाश चंद्र दाश का निधन हुआ। 
    • 1977 - साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु का निधन हुआ।  
    • 2009 - हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार, नाटककार और कहानीकार विष्णु प्रभाकर का निधन। 
    • 1755 - अंग्रेज़ चिकित्सक, जेम्स पार्किन्सन का जन्म हुआ, जिन्होंने तंत्रिकापेशीय बीमारी के बारे में बताया जिसे आज पार्किन्सन रोग के नाम से जाना जाता है। इस रोग में मरीज की गति धीमी पड़ जाती है, शरीर के किसी हिस्से में थरथराहट होने लगती है। हाथ-पैर में कुछ अकडऩ-सी हो जाती है। (निधन-21 दिसम्बर 1824)
    • 1899 - अफ्रीकी-अमेरिकी रसायनज्ञ  पर्सी एल. जूलियन का जन्म हुआ, जिसने कॉर्टीसोन हार्मोन तथा सोयाबीन के रासायनिक यौगिकों के संश्लेषण सहित करीब सौ के करीब पेटेन्ट अपने नाम कराए। उन्होंने पेड़ों से प्राप्त हार्मोन तथा विटामिन पर काम किया। (निधन-19 अप्रैल 1975)
    • 2005- अमेरिकी जैवरसायनज्ञ  मॉरिस आर. हिलमैन का निधन हुआ, जिन्होंने कई बीमारियों के टीकों का निर्माण किया। इनमें कण्ठमाला का रोग, खसरा, चेचक, हेपेटाइटिस (ए.,बी.) निमोनिया और इंफ्लुएन्ज़ा आदि बीमारियां शामिल हैं। (जन्म-30 अगस्त 1919)
    • 1948-अंग्रेज़ वनस्पति वैज्ञानिक  फ्रेड्रिक ओर्पन बॉवर का निधन हुआ, जिनकी प्राथमिक ज़मीनी पौधों तथा फर्न पर अनुसंधान किया। वे खासकर इन पौधों के उद्गम और विकास पर अध्ययन के लिए जाने जाते हैं। ( जन्म-4 नवम्बर 1855)।

     

    ...
  •  


Posted Date : 10-Apr-2018
  • उन्होंने पहली बार कृत्रिम रूप से पानी को जमाया, ऊष्मा के क्रांतिकारी सिद्धांत रचे और गणित को भी नई ऊंचाइयां दी. ऐसी ही हस्ती से जुड़ा है आज का इतिहास.
    स्कॉटलैंड के भौतिकशास्त्री व गणितज्ञ सर जॉन लेस्ली ने पहली बार कृत्रिम बर्फ बनाई. भौतिक विज्ञान का कैपिलरी एक्शन भी 10 अप्रैल 1766 को पैदा हुए जॉन लेस्ली की ही देन है. इसे उन्होंने 1802 में खोजा.
    1810 में सर जॉन लेस्ली ने पहली बार एक पम्प का इस्तेमाल कर कृत्रिम बर्फ जमाई. असल में जब पानी का तापमान गिरता है तो उससे भाप भी निकलती है. कुहरा या कुहासा इसी भाप से बनता है. लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान पानी को सुखाने वाला एजेंट भी बाहर निकलता है.
    सर जॉन हेनरी ने 1810 में ही एक पम्प की मदद से भाप को अलग किया लेकिन सुखाने वाले एजेंट को पानी में बरकरार रहने दिया. इस तरह पहली बार इंसान से कृत्रिम बर्फ बनाई. आज रेफ्रिजरेटर इसी सिद्धांत पर काम करते हैं.
    सर जॉन लेस्ली ने एयर थर्मोमीटर, हिग्रोमीटर, फोटोमीटर, पिरोस्कोप और एटमोमीटर जैसे कई उपकरणों का भी आविष्कार किया. 1832 में उन्हें नाइट की उपाधि से नवाजा गया.
    66 साल के जीवन में सर जॉन लेस्ली ने ट्रिग्नोमैट्री, ज्यामिती और ऊष्मा के संचालन को लेकर क्रांतिकारी खोज भी की. उनके द्वारा दिए गए ऊष्मा के सिद्धांत की वजह से आज कई प्रयोगों में लेस्ली क्यूब का इस्तेमाल होता है.
    कई महान खोजें करने वाले इस वैज्ञानिक ने 3 नवंबर 1832 को आखिरी सांस ली. लेकिन मशीनों और विज्ञान के सिद्धांत में आज भी सर जॉन लेस्ली के विचार जिंदा हैं.

    • 1868 - इथियोपिया में ब्रिटिश और भारतीय सेना ने टेवॉड्रोज़ द्वितीय  की सेना को हराया और इस युद्ध में 700 इथियोपियन मारे गये, जबकि सिफऱ् दो ब्रिटिश-भारतीय सैनिक शहीद हुए।
    • 1944-डॉ. रॉबर्ट बन्र्स वुडवर्ड तथा विलियम वॉन एगर्स द्वारा पहली संश्लेषित कुनैन तैयार की गयी।
    • 1998 - उत्तरी आयरलैंड में कैथोलिक एवं प्रोटेस्टेंटों के मध्य समझौता सम्पन्न।
    • 1999 - भारत और पाकिस्तान के दो शीर्ष औद्योगिक संघों ने भारत-पाकिस्तान चैम्बर्स आफ़ कामर्स का विधिवत गठन किया।
    • 2000 - पाकिस्तान को निर्गुट संगठन से निकालने का भारत का प्रस्ताव गुटनिरपेक्ष देशों के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में मंजूर।
    • 2001 - भारत व ईरान के बीच तेहरान घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर।
    • 2002 - 15 सालों में पहली बार एलटीटीई के सुप्रीमो वी. प्रभाकरण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लिया।
    • 2003 - इराक पर अमेरिका का कब्ज़ा।
    • 2007 - अमेरिका के चाल्र्स सिमोनी अंतरिक्ष में पर्यटन के लिए पहुंचे।
    • 2008 -सर्वोच्च न्यायालय ने केन्द्रीय शिक्षण संस्थाओं और केन्द्र सरकार से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं में अन्य पिछड़े वर्गों के छात्रों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण को संवैधानिक कराकर दिया। नान्दना एम निलकेनी को नेशनल काउंसिल ऑफ़ अणलायड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) का अध्यक्ष चुना गया।
    • 1894 - भारत के उद्योगपति, स्वतंत्रता-संग्राम सेनानी तथा बिड़ला परिवार के एक प्रभावशाली सदस्य घनश्यामदास बिड़ला का जन्म हुआ। 
    • 1952 - राजनेता और पूर्व मुख्यमंत्री महाराष्ट्र नारायण राणे का जन्म हुआ।
    • 1995 - भारत के एक स्वाधीनता सेनानी और भारत के छ्ठे प्रधानमंत्री मोरारजी भाई देसाई का जन्म हुआ। 
    • 1927- अमेरिकी जैवरसायनज्ञ  मार्शल वॉरेन नीरेनबर्ग का जन्म हुआ, जिन्होंने रॉबर्ट विलियम हॉले और हरगोविन्द खुराना के साथ जेनेटिक कोड के गूढ़ रहस्य उजागर किए। इसके लिए इन तीनों वैज्ञानिकों को वर्ष 1968 में शरीरक्रियाविज्ञान/चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ।
    • 1775- जर्मन चिकित्सक  सैम्युअल हैनमेन का जन्म हुआ, जिन्होंने होम्योपैथी नामक नई चिकित्सा पद्धति की स्थापना की। उन्हें कई भाषाओं का ज्ञान था। वे तांबे की खान के निकट के एक गांव में अपना दवाखाना चला रहे थे। वहीं उन्होंने होम्योपैथी की प्रैक्टिस शुरू की। (निधन-2 जुलाई 1843)
    • 1992- ब्रिटेन के रसायनशास्त्री  पीटर डेनिस मिशेल का निधन हुआ, जिन्होंने बताया कि किस प्रकार ए.डी.पी. (ऐडीनोसाइन डाइफॉस्फेट) ऊर्जायुक्त यौगिक ए.टी.पी. (ऐडीनोसाइन ट्राइफॉस्फेट) में परिवर्तित होता है। (जन्म-29 सितम्बर 1920)
    • 1949 - भारतीय पुरावनस्पति वैज्ञानिक  बीरबल साहनी का निधन हुआ, जिन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप के जीवाश्मों का अध्ययन किया। साथ ही साथ उन्होंने भूविज्ञान पर भी काम किया। उन्होंने भारत में पुरावनस्पतिविज्ञान की नींव रखी और लखनऊ में पुरावनस्पतिविज्ञान केन्द्र की स्थापना की जिसका नाम  बीरबल साहनी पुरावनस्पति विज्ञानसंस्थान  है।(जन्म-14 नवम्बर 1891)
    ...
  •