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ईरान की इकलौती महिला ओलंपिक मेडल विनर को क्यों छोडऩा पड़ा देश
ईरान की इकलौती महिला ओलंपिक मेडल विनर को क्यों छोडऩा पड़ा देश
Date : 13-Jan-2020

तेहरान, 13 जनवरी । ईरान की इकलौती महिला ओलंपिक पदक विजेता किमिया अलीजादेह ने देश छोडऩे का फैसला लिया है।
21 साल की किमिया ने इस बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा है जिसके मुताबिक वह ईरान में, पाखंड, झूठ, अन्याय और चापलूसी का हिस्सा नहीं बनाना चाहती हैं। उन्होंने खुद को ईरान की लाखों सताई हुई महिलाओं में एक माना है। किमिया इस वक्त कहां हैं, इसके बारे में उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन ईरानी मीडिया की खबरों में कहा जा रहा है कि वह ट्रेनिंग के सिलसिले में नीदरलैंड्स में हो सकती हैं। उन्होंने 2016 के रियो ओलंपिक में ताइक्वांडो में कांस्य पदक जीतकर ईरान के लिए इतिहास रचा था। अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा है कि ईरान के अधिकारियों ने उनकी कामयाबी को अपने प्रोपगैंडा के लिए इस्तेमाल किया।
यूक्रेन के यात्री विमान को ईरान ने अपने मिसाइल से मार गिराया, गलती के लिए माफी मांगी। किमिया ने ईरान छोडऩे का फैसला तब लिया है जब ईरान में भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है, बुधवार को यूक्रेन के एक यात्री विमान को ग़लती से मिसाइल से मार गिराने और अगले दो दिनों तक इससे इनकार करने के चलते ईरान की जनता सडक़ों पर उतरकर अपनी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। इसके अलावा ईरान और अमरीका के बीच संघर्ष की स्थिति बनी हुई है।
किमिया ने अपनी सोशल पोस्ट में लिखा है, मैं ईरान की लाखों सताई गई महिलाओं में से एक हूं जो सालों तक देश के लिए खेलती रही हूं। अधिकारियों ने जो भी कहा मैं उसे मानती रही। हर आदेश का पालन किया है, लेकिन उनके लिए हममें से कोई भी अहमियत नहीं रखता। हम उनके लिए केवल इस्तेमाल होने वाले हथियार भर हैं।
किमिया अलीजादेह ने ये भी लिखा है कि सरकार उनकी कामयाबी को राजनीतिक तौर पर भुनाती रही लेकिन अधिकारी उनका अपमान करते रहे। उन्होंने यह बताया है कि अधिकारी उनपर कमेंट करते थे, किसी महिला के लिए अपने पैरों को स्ट्रेच करना पुण्य का काम नहीं है।
अलीजादेह ने इससे भी इनकार किया है कि उन्हें यूरोप से कोई आकर्षक प्रस्ताव मिला है और ना ही उन्होंने यह बताया है कि वह कहां जाएंगी। पिछले सप्ताह जब उनके गायब होने की खबर आई थी तब ईरान के लोगों ने झटका लगने जैसी प्रतिक्रियाएं दी थीं।
ईरान के राजनेता अब्दुलकरीम हुसेनजादेह ने मानव संसाधन के देश छोडऩे के लिए अयोग्य अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया था। बीते गुरुवार को ईरान की समाचार एजेंसी इसना की एक रिपोर्ट में कहा गया, ईरानी ताइक्वांडो को झटका। किमिया अलीजादेह नीदरलैंड्स में बसीं।
इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अलीजादेह को उम्मीद है कि वो 2020 के टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेंगी लेकिन वह वहां ईरान के बैनर तले नहीं होंगी। ईरान छोडऩे के अपने इरादे की घोषणा करते हुए किमिया ने अपने आगे की योजनाओं के बारे में जानकारी तो नहीं दी है लेकिन उन्होंने कहा है कि वह जहां भी रहेंगी ईरान की बेटी बनकर रहेंगी।(बीबीसी)
 

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