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Posted Date : 21-Sep-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जांजगीर/रायपुर, 21 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को जांजगीर पहुंच रहे हैं, वे वहां किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस मौके पर एक लाख से अधिक लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है। 
    श्री मोदी ओडिशा से जांजगीर पहुंचेंगे। इस मौके पर वे जांजगीर ऑउटर से गुजरने वाले नेशनल हाइवे के निर्माण कार्य का भूमि पूजन करेंगे। उनके कार्यक्रम की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत के साथ-साथ स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष नारायण चंदेल संभाल रहे हैं। इस मौके पर किसान सम्मेलन की भी तैयारी है।  किसान सम्मेलन के बाद मोदी रायपुर आएंगे और फिर दिल्ली रवाना हो जाएंगे।  

     

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Posted Date : 21-Sep-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 21 सितंबर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह शुक्रवार को यहां पहुंचे। करीब डेढ़ घंटा विलम्ब से पहुंचने के बाद माना विमानतल पर जोरदार स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और सरकार के मंत्री श्री शाह के स्वागत के लिए पहुंचे थे। 
    माना विमानतल के बाहर गाजे-बाजे के साथ कार्यकर्ता पहुंचे थे।  श्री शाह ने विमानतल से बाहर निकलने के बाद कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया। पार्टी नेताओं ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया। विमानतल से सीधे शदाणी दरबार पहुंचे और वहां मत्था टेका।
    श्री शाह ने शदाणी दरबार के संत युधिष्ठिर लाल से आशीर्वाद लिया। संतजी ने उन्हें दरबार की महत्ता की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह दरबार करीब 3 सौ साल पुराना है और यहां से हर मुराद पूरी होती है। संतजी ने शदाणी दरबार और पाकिस्तान स्थित दरबार से जुड़ी मान्यताओं के बारे में भी राष्ट्रीय अध्यक्ष को अवगत कराया।
    उन्होंने बताया कि शदाणी दरबार के संत स्व. गोविंद राम के प्रयासों से यहां से पाकिस्तान श्रद्धालुओं का जाना संभव हो पाया है। वहां हिन्दु मंदिरों का जीणोद्धार कराया गया। साथ ही अब पाकिस्तान सरकार ने शक्तिपीठ हिंगलाज मंदिर में भी दर्शन के लिए की अनुमति दे दी है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में भी दरबार के प्रयासों से कलश यात्रा निकलती है। हर साल यहां से श्रद्धालु जाते हैं। श्री शाह ने कहा कि शदाणी दरबार की मान्यताओं को लेकर काफी कुछ सुना था, और यहां आने की इच्छा थी। आज यह संभव हो पाया है। उन्होंने संत युधिष्ठिरलाल के सामाजिक कार्यों की सराहना भी की।  इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह के अलावा रायपुर उत्तर के विधायक श्रीचंद सुंदरानी सहित कई नेता मौजूद थे। 

    राजीव श्रीवास्तव और शुभांगी आप्टे ने किया भाजपा प्रवेश 
    पूर्व डीजी राजीव श्रीवास्तव के अलावा समाजसेवी शुभांगी आप्टे सहित कई नेता  आज श्री शाह के सामने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक सहित अन्य ने उनका स्वागत किया। 

     

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Posted Date : 21-Sep-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 21 सितंबर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को शक्ति केंद्र सम्मेलन में कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मूल समेत उखाड़ फेंके। उन्होंने कहा कि इस बार दो-चार सीटों वाला बहुमत नहीं चाहिए। श्री शाह ने कार्यकर्ताओं को संकल्प दिलाया कि 65 सीटों से कम पर विजय को हम विजय नहीं मानेंगे। 
    श्री शाह ने डूमरतराई के निकट शक्ति केंद्र कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि वे हमसे केंद्र के साढ़े चार साल और रमन सिंह सरकार के 5 साल का हिसाब मांगते हैं। श्री शाह ने कहा कि राहुल गांधी को अपना डेटा खंगालने की जरूरत है। मोदी सरकार ने 30 करोड़ लोगों के बैंक खाते  खोलने का काम किया है। कांग्रेस सरकार ने हर सांसद को 25 गैस कनेक्शन के लिए कूपन दिए जाते थे। इसे पाने के लिए हमारे संगठन मेें भी होड़ मची रहती थी, लेकिन केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद इस व्यवस्था को खत्म की। 
    उन्होंने कहा कि अंतिम घर से गैस कनेक्शन बांटने की शुरूआत हुई और साढ़े 5 करोड़ गरीब महिलाओं को गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि दो करोड़ बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। मुद्रा योजना के जरिए 12 करोड़ युवाओं को रोजगार दिया गया है। श्री शाह ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य करने किया गया है। छत्तीसगढ़ में भी किसानों के साथ-साथ वनवासियों को इसका फायदा हुआ है। 
    उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई है। इस योजना के शुरू होने के बाद कोई गरीब इलाज के अभाव में अपने माता-पिता को मरते नहीं देखेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 5 लाख तक का इलाज निशुल्क किया जा सकेगा। इसमें दवाई के खर्च को भी कवर किया गया है। श्री शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का बखान किया और कहा कि 23 राज्यों में भाजपा की सरकार है। ओडि़शा, बंगाल जैसे जिन राज्यों में सरकार नहीं है वहां 2019 में हमारी सरकार होगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनाने की बात कहकर धूप में सपना देख रहे हैं।  
    उन्होंने कहा कि असम में घुसपैठ का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद इस दिशा में काम किया गया और 40 लाख घुसपैठी चिन्हित किए गए है। इस मसले पर राजनीतिकरण के लिए कांग्रेस और विरोधियों पर निशाना साधा और कहा कि 2019 में सरकार बनने के बाद एक भी घुसपैठियों को रहने नहीं दिया जाएगा। श्री शाह ने कहा कि महाराष्ट्र में अरबन माओवादियों को पकड़ा गया, तो हल्ला मचने लगा। उन्होंने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री की हत्या का षडयंत्र करने वाले को गिरफ्तार नहीं करना चाहिए? क्या जाति संघर्ष फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए? 
    श्री शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि माओवादियों के साथ हैं या नहीं। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि देशद्रोहियों के लिए जीरो टॉलरेंस रहेगा। सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भरोसा दिलाया कि चुनाव में 65 से एक सीट भी कम नहीं होगी।  उन्होंने कहा कि श्री मोदी और श्री शाह ने जीत का मंत्र दिया है और प्रदेश में चौथी बार सरकार बनाने जा रहे हैं। कार्यक्रम में भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडेय, प्रभारी डॉ. अनिल जैन, प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, सरकार के मंत्री सहित अन्य नेता मौजूद थे। 

     

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Posted Date : 20-Sep-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बिलासपुर/रायपुर, 20 सितंबर। लाठीचार्ज की घटना को लेकर कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपना लिया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा है कि प्रधानमंत्री के 22 तारीख को जांजगीर आगमन के दौरान काला झंडा दिखाया जाएगा। प्रधानमंत्री का जहां-जहां कार्यक्रम होगा, वहां-वहां विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 
    श्री पुनिया ने बिलासपुर में प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में शिरकत की। बैठक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। निंदा प्रस्ताव पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. चरणदास महंत ने रखा था। बैठक को प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने भी संबोधित किया। 
    श्री पुनिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि अंग्रेजों के हुकूमत में भी ऐसी बर्बरता नहीं हुई थी, जितनी बर्बरता बिलासपुर में उनके कार्यकर्ताओं  पर हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश में जहां-जहां दौरे पर आएंगे, वहां-वहां कांग्रेस कार्यकर्ता उन्हें काले झंडे दिखाएंगे। कांग्रेस उनके कार्यक्रमों का जमकर विरोध करेगी। उन्होंने मांग की है कि लाठीचार्ज के लिए जहां से भी आदेश आया हो, वहां तक कार्रवाई हो। 

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Posted Date : 20-Sep-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 20 सितंबर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह महीनेभर में दूसरी बार प्रदेश दौरे पर आ रहे हैं। श्री शाह डुमरतराई तिराहे के समीप पार्टी पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। साथ ही वे पार्टी दफ्तर कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आडिटोरियम का भी लोकार्पण करेंगे। कहा जा रहा है कि श्री शाह पदाधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा भी कर सकते हैं। 
    राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शाह शुक्रवार को सुबह 11 बजे यहां पहुंचेंगे। पिछली बार वे कबीर पंथ के प्रमुख प्रकाश मुनि से मिले थे। इस बार  वे एयरपोर्ट से शदाणी दरबार जाएंगे और सिंधी समाज के गुरू संत युधिष्ठिरलाल से मेल मुलाकात कर आशीर्वाद लेंगे। 
    श्री शाह के एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत की तैयारी है। यहां प्रदेशभर के कार्यकर्ता पहुंचेंगे। इसके बाद वे शक्ति केन्द्र के कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में करीब 10 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं के रहने की संभावना है। बैठक के बाद वे पार्टी दफ्तर जाएंगे और वहां आडिटोरियम का उद्घाटन करेंगे। इस पूरे कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के अलावा पार्टी के सभी सांसद-विधायक मंत्री भी मौजूद रहेंगे। सूत्र बताते हैं कि श्री शाह यहां संक्षिप्त उद्बोधन दे सकते हैं। इसमें पार्टी के चुनाव प्रचार की रणनीति पर अपनी राय रखेंगे। इसके अलावा प्रत्याशी चयन को लेकर भी मार्गदर्शन दे सकते हैं। 
    कुछ पदाधिकारियों से अलग-अलग चर्चा करेंगे। देर शाम वे दिल्ली रवाना हो जाएंगे। 

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Posted Date : 19-Sep-2018
  • युद्धवीर ने फेसबुक पर लिखा, आप छत्तीसगढ़ के लिए बेहतरीन सीएम साबित होंगे...
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 19 सितंबर। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के उस खुलासे की राजनीतिक हल्कों में जमकर चर्चा हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा कि यदि वर्ष-08 में पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप सिंह जूदेव उनके खिलाफ प्रचार करते, तो वे शायद चुनाव नहीं जीत पाते। उनकी इस टिप्पणी के बाद दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री केपुत्र और ब्रेवरेज कार्पोरेंशन के चेयरमैन युद्धवीर सिंह ने फेसबुक पर लिखा है कि आदरणीय दादा, आप छत्तीसगढ़ के लिए एक बेहतरीन मुख्यमंत्री साबित होंगे, आपकी सरलता, आपकी ताकत है...। 
    नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव जन घोषणा पत्र पर आम लोगों के सुझाव लेने जशपुर गए थे। उन्होंने कुनकुरी और अन्य जगहों पर लोगों से रायशुमारी की। एक कार्यक्रम में उन्होंने दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री जूदेव से अपने संबंधों को याद किया। उनके हवाले से मीडिया में यह खबर आई कि वे जूदेव परिवार के सदस्यों के खिलाफ चुनाव प्रचार नहीं करेंगे। इसको लेकर पार्टी हल्कों में चर्चा हो रही है। 
    इस पर नेता प्रतिपक्ष ने 'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा में उन्होंने कहा कि जूदेव परिवार के सदस्यों के खिलाफ चुनाव प्रचार वाली बात चर्चा में नहीं आई थी। उन्होंने कहा कि राजनीति में भी लोग एक-दूसरे का लिहाज करते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वर्ष-2008 काविधानसभा चुनाव अंबिकापुर से मात्र 980 वोट से जीत पाए थे। उन्होंने कहा कि यदि दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री जूदेव उनके खिलाफ प्रचार करते, तो वे शायद पहला चुनाव नहीं जीत पाते। 
    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दिलीप सिंह काका स्नेह और आशीर्वाद रहा कि अपने दल के नेताओं के तमाम दबाव के बावजूद प्रचार के लिए अंबिकापुर नहीं आए। उन्होंने कहा कि अंबिकापुर और जशपुर का पुश्तों से रिश्ता रहा है। वे खुद जशपुर के बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में गए थे, तो वहां एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि आप अंबिकापुर के  ही नहीं, जशपुर के भी विधायक हैं। यह उनका मेरे प्रति पे्रम और सद्भाव है। जूदेव परिवार के सदस्यों के खिलाफ चुनाव प्रचार करने के बारे में पूछे जाने पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि व्यस्तता के कारण भी सभी जगह चुनाव प्रचार के लिए जाना संभव नहीं हो पाएगा। यदि जूदेव परिवार के सदस्यों के खिलाफ प्रचार की नौबत आती है, तो वे इस  मामले पर पार्टी हाईकमान से चर्चा करेंगे।

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Posted Date : 19-Sep-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 19 सितंबर। कांग्रेस ने बिलासपुर लाठी चार्ज की निंदा  करते हुए बुधवार को रायपुर समेत प्रदेश के कई जगहों पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहीं-कहीं मुख्यमंत्री का पुतला भी जलाया और कहीं-कहीं पर पुलिस उसे रोकने के प्रयास में लगी रही। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ छीना-झपटी भी हुई। कांग्रेस नेताओं ने घटना की न्यायिक जांच करा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 
    नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल के एक बयान का विरोध करते हुए बिलासपुर के दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता बीती शाम उनके निवास पर पहुंच गए। वे सभी वहां घर में कचरा फेंककर वापस कांग्रेस भवन लौट गए। कुछ देर बाद पुलिस ने उनके कार्यालय में घुसकर कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं की जमकर पिटाई की। लाठी-डंडे से हुई पिटाई में कई कांग्रेस नेता-कार्यकर्ता घायल हो गए। प्रदेश कांग्रेस ने घटना की जांच की मांग करते हुए आज प्रदेशभर में विरोध-प्रदर्शन किया। 
    रायपुर में सुबह दर्जनों कांग्रेस नेता-कार्यकर्ता बूढ़ापारा धरना स्थल पर जमा हुए। इसके बाद वे सभी मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का पुतला जलाने का प्रयास करते रहे। वहीं वहां तैनात पुलिस किसी भी तरह पुतले जलाने से रोकती रही। पुलिस का मानना था कि पुतले के टुकड़े-टुकड़े भले ही हो जाए, पर जलाने नहीं देंगे। इस दौरान एक कार्यकर्ता दूर से एक पुतला लेकर आया और पेट्रोल डालकर उसे जला दिया। दूसरी ओर पुलिस पानी लेकर उसे बुझाने में लगी रही। इस दौरान दोनों के बीच खींचतान चलती रही।
    सीएम की घोषित जांच मंजूर नहीं-कांग्रेस 
    प्रदेश कांग्रेस ने कहा है कि बिलासपुर लाठी चार्ज की मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा घोषित जांच उन्हें मंजूर नहीं है। घटना की हाईकोर्ट जज से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा है कि रमन सरकार लाठी गोली की सरकार है। विधानसभा चुनाव के पहले उनकी सरकार विपक्ष की आवाज को कुचलने के प्रयास में लगी है। 
    उन्होंने कहा है कि वर्ष-2013 में ब्रम्हास्त्र चलाया था और 2018 में लाठी चलाकर कचरा साफ करने की कोशिश की है।  सजा देना पुलिस का काम नहीं है, अपराधी को अदालत में पेश करना पुलिस का काम है। इन दोनों घटनाओं को यदि एक ही दृष्टि से मुख्यमंत्री देखते हैं तो उनको गंभीर दृष्टिदोष है। सजा रमन सरकार की पुलिस तय कर रही है। एएसपी ने कहा कि जो करना है कर लो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। तीन दिन पहले मंत्री अमर अग्रवाल कहते हैं कि मैं कांग्रेस का कचरा साफ करना चाहता हूं। कांग्रेस ने उनसे पूछा है कि क्या यह कचरा साफ करने का तरीका है। जीरम में भी क्या यही तरीका अपनाया गया था। उन्होंने कहा है कि राजनीतिक दिक्कतों को दूर करने के लिए पुलिस का इस्तेमाल गलत है। 

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Posted Date : 18-Sep-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 18 सितंबर। कांकेर जिले के भैंसा कन्हार और आरी डोंगरी संरक्षित वन भूमि में लौह अयस्क के अवैध उत्खनन मामले की सीबीआई जांच की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दिया है। कोर्ट ने सीईसी (सेंट्रल इम्पॉवर्ड कमेटी) की रिपोर्ट को मान्य किया है, जिसमें यह नोट किया है कि उद्योगपति अनिल लूनिया ने वन क्षेत्रों में खनन करने में कानून का उल्लंघन किया है। कोर्ट ने जब्त किए गए लौह अयस्क को टेंडर जारी कर बेचने के आदेश भी दिए हैं। 
    सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस एस अब्दुल नजीर व जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल की याचिका पर आदेश पारित किए हैं। कोर्ट ने सीईसी की रिपोर्ट को मान्य किया है।  
    कोर्ट ने सीईसी रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि अनिल लूनिया (लाइसेंसधारक) ने कानून का उल्लंघन किया था और वन क्षेत्रों में खनन किया था। यह भी कहा कि राज्य सरकार के हलफनामे से पता चलता है कि राज्य सरकार खुद इन उल्लंघनों के लिए जिंदा थी और इस मामले में जरूरी कदम कदम उठाए हैं। 
    सीईसी द्वारा अनुशंसित अनुसार अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि जब्त किए गए लौह अयस्क को राज्य सरकार द्वारा निविदाएं आमंत्रित करके बेचा जाएगा। अदालत ने कहा, यह रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि जब्त किए गए वन भूमि से जब्त किए गए लौह अयस्क को खनन कर दिया गया है। संबंधित प्राधिकरण कानून के अनुसार उपरोक्त जब्त किए गए लौह अयस्क की नीलामी के लिए स्वतंत्र हैं। 
    सीईसी ने अपनी रिपोर्ट में पाया था कि देश में पर्यावरण कानूनों के स्पष्ट उल्लंघन छत्तीसगढ़ में खनन अभियान चलाया जा रहा था। इस क्षेत्र में अवैध लौह अयस्क खनन के संबंध में अब सेवानिवृत्त कलेक्टर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की सिफारिश की गई थी।
    कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अवैध रूप से निकाले गए और परिवहन किए गए लौह अयस्क की पूरी बिक्री आय की वसूली का सुझाव दिया, जो राशि को भूमि के कानून को लागू करने में विफलता के लिए मुआवजे के रूप में जमा करेगा। यह राशि 6 करोड़ 66 लाख रुपये है।
    सीईसी ने अपनी जांच में पाया कि यद्यपि क्षेत्र में लौह अयस्क खनन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए आरक्षित था, लेकिन जमीन पर राज्य सरकार द्वारा अपवाद के रूप में एक खनन लाइसेंस को बढ़ाया गया था कि लौह अयस्क कैप्टिव खपत के लिए होगा। हालांकि, निकाले गए लौह अयस्क को बेचा जाने की अनुमति थी। यह और पता चला कि खनन पट्टा वन विभाग की रिपोर्ट पर विचार किए बिना और दायर सत्यापन का दावा किए बिना दिया गया था। इसके बाद, न केवल लाइसेंसधारक ने क्षेत्र में पेड़ों की अवैध गिरने में संलग्न किया बल्कि 6,000 टन अनुमोदित अनुमोदित वार्षिक उत्पादन से अधिक लौह अयस्क भी खनन किया। बाद में, वन विभाग द्वारा स्थापित तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के बावजूद, जिसमें पाया गया कि खनन पट्टा क्षेत्र एक गैर-निर्धारित संरक्षित वन में था, कलेक्टर ने खनन रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि किसी भी स्तर पर खनन विभाग भी इनमें से किसी भी उल्लंघन का विरोध नहीं करता था। यह भी पाया गया कि इसके बंद होने तक, खान पर्यावरण और वन मंत्रालय द्वारा जारी पर्यावरणीय प्रभाव आकलन अधिसूचना के तहत अपेक्षित पर्यावरणीय निकासी के बिना संचालित किया गया था।
    कोर्ट ने कहा है कि चूंकि कई राज्य अधिकारियों को पहले से ही राज्य सरकार द्वारा अनुशासनात्मक कार्यवाही का सामना करना पड़ रहा है, और खनन लाइसेंसधारक को राज्य सरकार द्वारा निरस्त किया गया था। इसलिए अब इस मामले की सीबीआई जांच जरूरी नहीं है।

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Posted Date : 18-Sep-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 18 सितंबर। करीब चार सौ किमी की पदयात्रा करते हुए बस्तर के सैकड़ों किसान मंगलवार दोपहर रायपुर पहुंचे। शाम को उनकी यहां ईदगाहभाठा मैदान में एक बड़ी सभा होगी, जिसे विहिप के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण तोगडिय़ा व कई किसान नेता संबोधित करेंगे। सभा में रायपुर समेत और कई जगहों के किसान भी शामिल होंगे। 
    राष्ट्रीय किसान परिषद के संयोजक सुरेश यादव के नेतृत्व में बस्तर के सैकड़ों किसान 10 सितंबर से जगदलपुर मुख्यालय से पदयात्रा करते हुए रवाना हुए। वहां से वे सभी कोंडागांव, केशकाल, कांकेर, धमतरी, कुरुद होकर बीती शाम अभनपुर पहुंचे। रात में उनकी वहां प्रगतिशील किसान संगठन से जुड़े नेताओं के साथ एक बैठक हुई। बैठक मेें किसानों की समस्याओं पर दोनों किसान संगठनों ने मिलकर संघर्ष करने का निर्णय लिया। किसान नेताओं का कहना है कि लगातार संघर्ष के बाद भी सरकार उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं कर रही है। 
    बताया गया कि अभनपुर से सभी किसान पदयात्रा करते हुए आज सुबह रायपुर के लिए निकले। वे वहां से कुछ दूर पहुंचे थे कि उनकी यात्रा में विहिप के पूर्व अध्यक्ष तोगडिय़ा व राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा शामिल हुए। दोनों नेता किसानों के साथ पदयात्रा करते हुए आगे-आगे चलते रहे। बैनर-पोस्टर के साथ नारेबाजी करते हुए   निकले किसान दोपहर करीब दो बजे रायपुर पहुंचे। इसके बाद वे सभी  यहां ईदगाहभाठा मैदान सभा स्थल पर एकजुट हुए। सभा में रायपुर समेत प्रदेश के और कई जिलों के किसान शामिल होते रहे। 
    प्रमुख मांगें
    किसानों की प्रमुख मांग कर्ज माफी, 25 सौ रुपये धान समर्थन मूल्य व बोनस है। इसके अलावा उनकी मांगों में फसल बीमा राशि भुगतान, किसानों के सभी वाहनों को टोल नाका पर फ्री करने, स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसा लागू करने, पुलिस में दर्ज उनके सभी सामूहिक मामले वापस लेने, फायनेंस कंपनियों द्वारा जब्त वाहन वापस दिलाने आदि शामिल हैं। 

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Posted Date : 17-Sep-2018
  • रायपुर, 17 सितंबर। अखिल भारतीय सेवा के अफसरों के प्रभार बदले गए हैं। इसी कड़ी में सीएसआईडीसी एमडी सुनील मिश्रा को पर्यावरण संरक्षण मंडल का सदस्य सचिव बनाया गया है। इसी तरह आलोक अवस्थी को संचालक प्रशासन अकादमी का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। भारतीय वन सेवा के अफसर अरूण प्रसाद को सीएसआईडीसी का एमडी बनाया गया है। 
    बताया गया कि आईएफएस अफसर संजय शुक्ला और पीसी मिश्रा को पदेन प्रमुख सचिव के समकक्ष घोषित किया गया है। दोनों ही एपीसीसीएफ स्तर के अफसर हैं। भारतीय वनसेवा के अनूप श्रीवास्तव की सेवाएं वन विभाग को लौटा दी गई है। 
    श्री श्रीवास्तव कृषि विभाग के पद पर थे। उनकी जगह अमरनाथ प्रसाद को विशेष सचिव कृषि की जिम्मेदारी दी गई है। वीके छबलानी को विशेष सचिव महिला बाल विकास का दायित्व सौंपा गया है। भारतीय वन सेवा के अफसर विवेक आचार्या को रोजगार नियोजन का संचालक बनाया गया है। इसी तरह भारतीय वन सेवा के अफसर एस प्रकाश को संचालक लोक शिक्षण एवं सर्व शिक्षा अभियान का दायित्व पर रहेंगे। उनसे मिशन संचालक एवं सर्व शिक्षा अभियान का अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। यह जिम्मेदारी विनित नंदरवार को दी गई है। इसके अलावा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसर नपूर शशि को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोण्डागांव  पदस्थ किया गया है। जबकि आरके खुंटे को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गरियाबंद सौंपा गया है। 

     

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Posted Date : 17-Sep-2018
  • जोगी से राजनीतिक चर्चा से इंकार

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 17 सितंबर। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के पौत्र पूर्व सांसद प्रकाश अंबेडकर ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी से लंबी चर्चा की। मुलाकात के बाद श्री अंबेडकर ने श्री जोगी से किसी तरह की राजनीतिक चर्चा से इंकार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को सिर्फ क्षेत्रीय दल ही रोक सकती है। महाराष्ट्र में कांग्रेस से गठबंधन के लिए तैयार हैं। 
    भारिप बहुजन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अंबेडकर आज जनता कांग्रेस के मुखिया पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी से मिलने उनके निवास पहुंचे। दोनों के बीच करीब घंटेभर चर्चा हुई। श्री अंबेडकर और पूर्व मुख्यमंत्री श्री जोगी, दोनों ही एक साथ राज्यसभा में रह चुके हैं। दोनों के अच्छे संबंध रहे हैं। ऐसे में चुनाव के बीच दोनों की मेल-मुलाकात को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। हालांकि  श्री अंबेडकर ने मीडिया से चर्चा में इस बात से इंकार किया कि दोनों के बीच किसी तरह की राजनीतिक चर्चा हुई है। 
    उन्होंने भाजपा पर तीखे हमले किए और कहा कि भाजपा ने संविधान बदलने की योजना बना ली है। संविधान में बदलाव से समाज भी बिखर सकता है। श्री अंबेडकर ने यह भी कहा कि आज समाज दो भागों में बंटते नजर आ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है जो समाज को बांटने की कोशिश कर रही है। मध्यप्रदेश में जो हो रहा है, उससे समाज को कहीं न कहीं बांटने का इरादा है। 
    श्री अंबेडकर ने कहा कि समाज के अंदर विभाजन ठीक नहीं है। ऐसा लगता है कि गृहयुद्ध की तरफ बढ़ रहे हैं। चुनाव जैसे ही नजदीक आएगा, उसके लिहाज से समाज में दरार लाने की कोशिश  हो सकती है। उन्होंने कहा कि वे सभी नेताओं से मिल रहे हैं कि समाज बिखरे न। और न ही आरक्षण खत्म किया जाए। इस पर श्री जोगी से भी बात हुई है। उन्होंने भाजपा की सरकार दंगाईयों की सरकार है और उन्हें दंगा के अलावा कुछ नहीं आता। 
    श्री अंबेडकर ने यह भी कहा कि वे महाराष्ट्र में कांग्रेस से गठबंधन के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में क्षेत्रीय पार्टी ही भाजपा को चुनाव में हरा सकती है। 

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Posted Date : 17-Sep-2018
  • प्रवीण तोगडिय़ा व कई किसान नेता संबोधित करेंगे
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 17 सितंबर। बस्तर के सैकड़ों किसान तीर-कमान के साथ पदयात्रा करते हुए 18 सितंबर को रायपुर पहुंचेंगे। उनकी यहां गांधी मैदान में एक बड़ी सभा होगी, जिसे विहिप के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण तोगडिय़ा संबोधित करेंगे। किसानों का आरोप लगाते हुए कहना है कि भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव के समय उनसे कई बड़े-बड़े वादे किए थे, जो पूरे नहीं हुए। वादे के मुताबिक उन्हें धान समर्थन मूल्य, बोनस भी नहीं मिल रहा है, जिससे उनमें असंतोष है। 
    बताया गया कि 10 सितंबर को बस्तर के सैकड़ों किसान जगदलपुर में एकजुट हुए। इसके बाद वे सभी नारेबाजी करते हुए तीर-कमान के साथ रायपुर पदयात्रा के लिए निकल गए। किसान नेता सुरेश यादव के नेतृत्व में वे सभी आगे बढ़ रहे हैं। कल दोपहर वे सभी धमतरी पहुंचे और शाम को वहां कृषि उपज मंडी परिसर में उनकी एक सभा हुई, जिसे किसान नेता दिग्विजय कृदत्त, राजकुमार गुप्ता, प्रमोद पंवार, कल्याण सिंह ठाकुर समेत प्रदेश के कई किसान नेताओं ने संबोधित किया। पदयात्रा में प्रदेश के कई किसान नेता-कार्यकर्ता लगातार शामिल हो रहे हैं और उनकी मांगों का समर्थन कर रहे हैं। 
    किसान नेताओं का कहना है कि भाजपा ने चुनाव के समय किए गए वादे पूरा न कर किसानों के साथ छल किया है। 
    ऐसे में प्रदेश के किसान अब एकजुट होकर आंदोलन के लिए मजबूर हैं। उनका कहना है कि आजादी के 70 साल में किसी भी सरकार ने किसानों की सुध नहीं ली। उन्हें धान व अन्य फसल का लाभकारी मूल्य नहीं मिल पाया। उनकी गलत नीतियों के चलते किसान कर्ज में डूब रहे हैं। कई जगहों पर किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहे हैं। 
    किसान नेता राजकुमार गुप्ता, आईके वर्मा ने बताया कि बस्तर से आ रहे किसान  आज रात अभनपुर में ठहरेंगे। वहां प्रदेश के दर्जनों किसान उन्हें समर्थन देने एकजुट होंगे। रात में वहां उनकी एक सभा भी होगी। 18 सितंबर को वे सभी वहां से बैनर-पोस्टर के साथ नारेबाजी करते हुए रायपुर कूच करेंगे। रायपुर में उनकी एक बड़ी सभा  होगी, जिसे प्रदेश के कई किसान नेता संबोधित करेंगे। अंत में वे सभी मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्याएं बताएंगे। 

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Posted Date : 16-Sep-2018
  • कांग्रेस ने जिला पंचायत चुनाव में गड़बड़ी का लगाया था आरोप
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 16 सितंबर। बिलासपुर कलेक्टर पी. दयानंद के खिलाफ शिकायतों की पड़ताल शुरू हो गई है। बताया गया कि दयानंद के खिलाफ कबीरधाम कलेक्टर पद पर रहते पंचायत चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगा था। कबीरधाम जिला कांग्रेस कमेटी ने यह भी आरोप लगाया है कि बिलासपुर कलेक्टर भाजपा के पक्ष में काम करते हैं और विधानसभा चुनाव में भी गड़बड़ी कर सकते हैं। 
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने 'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा में कहा कि शिकायतों की जांच हो रही है। जांच के बाद ही इस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले ही शिकायत मिली थी। 
    शिकायत में कबीरधाम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रामकृष्ण साहू और पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि कबीरधाम में वर्ष 2014 में जिला पंचायत के चुनाव में कलेक्टर पी दयानंद कबीरधाम जिले के वार्ड क्रमांक 9 और 13 के चुनाव परिणाम को लेकर भारी विवाद हुआ था यह मामला अभी भी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बिलासपुर में लंबित है। जिला पंचायत कबीरधाम के कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी रहे मोहम्मद कलीम खान और रामकृष्ण साहू ने स्वयं को आरोप लगाया था कि कलेक्टर पी दयानंद ने अपने मातहत कर्मचारियों के द्वारा वोटों के टेबुलेशन में हेराफेरी व ओवरराइटिंग से टोटल मतों की संख्या को बदल उन्हें चुनाव में हरवा दिया था दोनों ही प्रत्याशियों ने जिला न्यायालय कवर्धा में परिवाद भी पेश किया था जहां चुनाव के दस्तावेजों में काट-छांट की बात सामने आई थी।
    कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि आईएएस अधिकारी पी. दयानंद अपने कर्तव्य के विपरीत आचरण कर नेताओं के इशारे पर कुछ भी करने के लिए तैयार रहते हैं कुछ नेता नहीं चाहते कि कबीरधाम जिला पंचायत में कांग्रेसके अधिक प्रत्याशी जीते इसलिए कलेक्टर के कहने पर जिला पंचायत के चुनाव में जीते हुए कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को हराया गया। दयानंद कलेक्टर कबीरधाम से कलेक्टर कोरबा और फिर बाद में कलेक्टर बिलासपुर के पद पर स्थान पर स्थानांतरित किए गए हैं।

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Posted Date : 16-Sep-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 16 सितंबर। डूमरतराई के थोक दवा बाजार के पास फेंकी गई एक्सपायरी दवाईयां खाने से शनिवार को 11 गायों की मौत हो गई थी। माना पुलिस ने रविवार को मृत गायों का पोस्टमार्टम खुली जगह पर कराया। पोस्टमार्टम के बाद फॉरेंसिक जांच के लिए सैंपल लिया गया। मवेशी मालिकों ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है। 
    बताया गया कि डूमरतराई के आसपास शनिवार शाम अचानक गिरकर गायों की मौत होने लगी। जिसकी खबर फैलते ही क्षेत्र में तनाव फैल गया। बाद में लोगों को पता चला की गायों की मौत दवा बाजार की तरफ से फेंके गए दवाईयों को खाने से हुई है। इसके बाद क्षेत्र के लोगों में रोष फैल गया। लोगों के गुस्से को देखते हुए दवा बाजार का गेट बंद कर दिया गया। 
    दो साल पहले फरिश्ता कॉम्पलेक्स का दवा बाजार डूमरतराई शिफ्ट हो गया था। यहां आसपास के खुले मैदान में मवेशी चरने जाते हैं। ऐसे में दवा कारोबारियों की लापरवाही से फेंके गए दवाईयों को खाने से मवेशियों के मौत का खतरा हमेशा बना रहता है। बताया गया कि जिस जगह पर दवाईयां फेंकी गई थी उसी जगह तीन-चार गाएं मृत अवस्था में पाई गई। जिसके बाद लोगों को जानकारी हुई कि फेंकी गई दवाईयां की गायों की मौत की वजह है। पहले भी दवा व्यापारियों द्वारा इस तरह की लापरवाही की जाती रही है। इसकी वजह से गायों की मौत भी हुई होगी। जिसे लोग नहीं जान पाए होंगे। बड़ी संख्या में एक साथ हुई मौतों के बाद इलाके के लोग गुस्साए हुए हैं। 
    माना थाना प्रभारी ने बताया कि 11 गायों की मौत हुई है। रविवार को खुले में ही पोस्टमार्टम कराया गया। डॉक्टर ने गायों की मौत को लेकर कुछ नहीं बताया। डॉक्टर पोस्टमार्टम के बाद सैम्पल फॉरेंसिक जांच के लिए ले गए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के सब इंस्पेक्टर दवा बाजार के पास पड़ी दवाईयों को जब्त कर लिया। मवेशी मालिकों ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है। शिकायत दर्ज होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। 

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Posted Date : 16-Sep-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 16 सितंबर। कांग्रेस में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया के बीच छानबीन समिति के अध्यक्ष भुनेश्वर कलिता ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद ही प्रत्याशियों की सूची जारी की जाएगी। 
    राज्यसभा सदस्य श्री कलिता के बयान की राजनीतिक हल्कों में जमकर चर्चा रही। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि 15 अगस्त तक प्रत्याशी घोषित कर दिए जाएंगे। जबकि प्रदेश प्रभारी ने 15 सितंबर तक प्रत्याशियों की पहली सूची आने का दावा किया था। कांग्रेस हाईकमान ने यहां प्रत्याशी चयन के लिए बनाई गई छानबीन समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी असम के राज्यसभा सदस्य श्री कलिता को दी है। 
    श्री कलिता यहां आए हुए हैं। उन्होंने मीडिया से प्रत्याशी चयन के मसले पर दो टूक शब्दों में कहा कि चुनाव समिति की सूची मिलने के बाद छानबीन समिति एक हफ्ते के भीतर अपनी कार्रवाई पूरी कर लेगी। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद ही सूची जारी की जाएगी। राज्यसभा सदस्य ने यह भी कहा कि भाजपा की सूची जारी होने के बाद ही कांग्रेस की सूची जारी होगी। कलिता के बयान से हड़बड़ाए कांग्रेस नेता इस मसले पर सफाई देते नजर आए। 

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Posted Date : 15-Sep-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 15 सितंबर। चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जितेन्द्र बरलोटा के इस्तीफे के बाद विवाद गहरा गया है। महामंत्री और कोषाध्यक्ष की तरफ से बरलोटा से इस्तीफा वापस लेने की अपील की गई है, लेकिन चेम्बर के अन्य पदाधिकारी दोबारा चुनाव कराने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। 
    हालांकि श्री बरलोटा ने इस्तीफा वापस नहीं लेने के संकेत दिए हैं। उन्होंने 'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा में कहा कि सबसे क्षमा मांगकर इस्तीफा दे दिया है और इसको लेकर कोई आरोप-प्रत्यारोप नहीं करना चाहता।  कार्यकारिणी इस मसले पर निर्णय ले सकती है। इससे परे चेम्बर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी का कहना है कि ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं बनी। 
    उन्होंने कहा कि चेम्बर के संविधान के मुताबिक उपाध्यक्ष, अध्यक्ष के रूप में काम कर सकता है, लेकिन एक महीने के भीतर चुनाव कराना होगा। इस मामले को लेकर वे वरिष्ठजनों की बैठक बुला रहे हैं। साथ ही तमाम कानूनी पहलूओं पर वकीलों से राय ले रहे हैं। जग्गी ने कहा कि पिछले 9 महीने से चेम्बर में विवाद चल रहा था। उन्होंने कहा कि जिस दिन पदाधिकारियों की पहली सूची जारी की गई, उससे निर्वाचित पदाधिकारियों को समस्या हो रही थी। इसके बाद फंड आदि को लेकर विवाद शुरू हो गया, लेकिन इस तरह के मामलों को सुलझाने के लिए कोई ठोस पहल नहीं हुई। इससे टकराव की स्थिति बन गई थी। 
    दूसरी तरफ कोषाध्यक्ष प्रकाश अग्रवाल ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट जारी कर जितेन्द्र बरलोटा से इस्तीफा वापस लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि हर समस्या का हल बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है। प्रकाश ने बरलोटा पर तीखे आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अपनी नाकामी और कुशल नेतृत्व क्षमता की कमी के कारण दिया है। 
    उन्होंने कहा कि वे खुद कोषाध्यक्ष हैं और अपने पद के साथ अन्याय नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि सभी व्यापारियों का पैसा वे बिना सोचे समझे पास करते हैं और न ही भविष्य में करेंगे। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष को किसी तरह की परेशानी थी तो वे उनसे चर्चा कर सकते थे, लेकिन पिछले कई दिनों से उनका फोन उठा भी नहीं रहे। 
    उन्होंने आगे यह भी कहा कि चेम्बर में नियम है कि 10 हजार से  ऊपर का बिल चेक से पेमेंट होते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करने के लिए दबाव था। प्रकाश ने कहा कि खुद बरलोटा हमारी तरफ ध्यान नहीं देते रहे हैं। बहरहाल, सोशल मीडिया में प्रकाश अग्रवाल की टिप्पणी के बाद विवाद और बढऩे के आसार हैं। 

     

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Posted Date : 15-Sep-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 15 सितंबर। हीरापुर इलाके में शुक्रवार की रात एक युवक ने अपने दोस्त के सीने पर गोली चला दी। जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया गया कि बिना किसी विवाद के नशे की हालत में किए जा रहे मजाक ने वारदात का रूप ले लिया। रायपुर के भाजयुमो जिलाध्यक्ष की लाइसेंसी गन से उसके दोस्त ने दूसरे दोस्त पर गोली चलाई। आरोपी और गन लाइसेंस धारक दोनों को पुलिस ने रात में गिरफ्तार कर लिया था। 
    पुलिस के मुताबिक हीरापुर के वीआर ट्रांसपोर्ट के पास दोस्त इकट्ठे हुए थे। आलोक उपाध्याय ने सचिन त्यागी को फोन कर अपने दोस्तों को बुलाया था। सभी आपस में बातचीत और खाना-पीना कर रहे थे। किसी का किसी से कोई पुरानी रंजिश या विवाद नहीं था। बातों-बातों में बलवीर सिंह उर्फ रिंकू ने अपने दोस्त आलोक उपाध्याय के सीने पर पिस्तौल रख दी। जिसके बाद अचानक गोली चल गई। गोली चलने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आलोक को गंभीर अवस्था में सुयश अस्पताल में दाखिल कराया गया। उसने आज दम तोड़ दिया। 
    यह कहा गया कि इस दौरान रायपुर जिला भाजयुमो उपाध्यक्ष लखविंदर सिंह उर्फ लक्की अपनी गाड़ी में सोया हुआ था। गोली की आवाज सुनकर वह जाग गया। गन की लाइसेंस उसके नाम से होने के कारण वह घबरा गया। गोली चलाने वाले रिंकू के साथ वह भी कार में सवार होकर भागने लगा। इसी दौरान कबीर नगर गेट के पास उनकी कार दूसरी दिशा से आ रही कार से टकरा गई। 
    कारों की टक्कर के बाद दोनों तरफ से गाली-गलौज शुरू हो गई। इसी दौरान पुलिस वहां पहुंच गई। पुलिस ने लक्की और रिंकू दोनों को गिरफ्तार कर लिया। एडिशनल एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि आरोपी का कोई आपराधिक रिकार्ड रायपुर जिले में नहीं है। दूसरी जगहों पर रिकार्ड की तलाशी की जा रही है। गन का लाइसेंस 2008 में जारी हुआ है। 

     

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Posted Date : 14-Sep-2018
  • सोशल मीडिया में पत्र
    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    रायपुर, 14 सितंबर। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जितेंद्र बरलोटा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बताया गया कि बरलोटा पिछले कुछ समय से पदाधिकारियों के बीच आपसी विवाद से नाखुश चल रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए पद छोडऩे की सूचना दी है। इस पूरे मामले में उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन चर्चा नहीं हो पाई।
    चेंबर से जुड़े सूत्रों के मुताबिक विवाद उस समय शुरू हुआ जब चेंबर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भरत बजाज ने हिसाब-किताब को लेकर कोषाध्यक्ष से जानकारी चाही। उन्होंने सोशल मीडिया में यह भी कह दिया था कि यदि किसी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है, तो वे एफआईआर करा सकते हैं। इसके बाद चेंबर के कुछ पदाधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की। 
    चेंबर के कोषाध्यक्ष प्रकाश अग्रवाल ने इस पर कड़ा ऐतराज किया और उन्होंने बजाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। महामंत्री लालचंद गुलवानी भी इसके समर्थन में रहे। विवाद बढ़ता देख बजाज को नोटिस जारी की गई। कुछ दिनों तक मामला शांत रहा। इसके बाद रोजमर्रा के खर्चों को लेकर कोषाध्यक्ष ने भुगतान रोक दिया। चेंबर अपनी वेबसाइट बनवा रहा है। इसकी जिम्मेदारी उपाध्यक्ष विनय बजाज संभाल रहे थे। इस पर करीब तीन लाख 80 हजार रुपये खर्च होने थे। वेबसाइट बनकर तैयार हो चुका था, तब महामंत्री लालचंद गुलवानी और प्रकाश अग्रवाल का एक बयान आया कि वेबसाइट 50 हजार में तैयार हो जाता है। उन्होंने इस खर्चें को लेकर सवाल खड़े किए। 
    इस पर विनय बजाज ने कड़ी आपत्ति जताई। चेंबर अध्यक्ष जितेंद्र बरलोटा पिछले कई दिनों से पदाधिकारियों के बीच विवाद को सुलझाने की कोशिश में जुटे थे, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल रही थी। 
    सोशल मीडिया में बरलोटा ने एक अपील जारी की, जिसमें उन्होंने लिखा है कि उनके अध्यक्षीय कार्यकाल में पहला पर्युषण पर्व आया है। उन्होंने कहा कि जिसमें हमारे जैन धर्म में क्षमापना एक ऐसा शब्द है, जिसमें जाने-अनजाने में किसी का दिल दुखा है। किसी से क्लेश हुआ है, मनमुटाव हुआ है, तो क्षमा याचना कर मन को हल्का किया जा सकता है। उन्होंने चेंबर के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि जाने-अनजाने में एक छोटे से कार्यकाल में मेरे व्यवहार से आपके मन में कोई ठेस पहुंची है, तो वे क्षमापना के इस महान पर्व पर क्षमा याचना कर बंधन मुक्त हो रहा हूं। सोशल मीडिया में उनके पत्र से हड़कंप मच गया है। चेंबर पदाधिकारियों ने उनसे चर्चा की कोशिश की, किं तु किसी से चर्चा नहीं की। 

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Posted Date : 14-Sep-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 14 सितंबर। कांग्रेस ने प्रदेश में बड़े माइनिंग घोटाले का आरोप लगाया है। पार्टी के संचार विभाग के प्रमुख शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा कि तेलगी स्टाम्प घोटाले की तरह प्रदेश में भी फर्जी रायल्टी बुक के जरिए रायल्टी क्लियरेंस हासिल कर करोड़ों के राजस्व की क्षति पहुंचाई गई है। राजनांदगांव के एक ठेकेदार के रायल्टी पर्ची के सत्यापन के बाद फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। श्री त्रिवेदी ने इस पूरे मामले में रायपुर और राजनांदगांव के जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों के साथ-साथ बड़े बिल्डरों की संलिप्तता का आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की है। 
    श्री त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोटाले से जुड़े दस्तावेज जारी किए। उन्होंने बताया कि सबसे पहले ठेकेदार मेसर्स संतोष अग्रवाल द्वारा डोंगरगढ़ में निर्माण के ठेके में रायल्टी चुकता प्रमाण पत्र के लिए आवेदन दिया गया। रायपुर जिले की कुल 206 नग चूना पत्थर की रायल्टी पर्ची फर्जी पाई गई। श्री त्रिवेदी ने बताया कि यहां खनिज शाखा ने रायल्टी पर्ची फर्जी पाए जाने और खनिज राजस्व की क्षति के नुकसान की आशंका जताई और इसकी सूचना राज्य शासन को दी। उन्होंने बताया कि जनपद पंचायत आरंग, अभनपुर ने भी इस तरह की गड़बडिय़ा पाई गई। 
    उन्होंने बताया कि खनिज विभाग द्वारा खनिज संपदा की उत्खनन परिवहन हेतु पट्टे धारक (खदान मालिक) को रायल्टी बुक जारी करती है। जिसमें खनिज पट्टे धारक उक्त रायल्टी पर्ची से खनन कर परिवहन का कार्य करता है। चूंकि खनिज विभाग से जारी रायल्टी पर्ची की दूसरी फर्जी रायल्टी पर्ची हुबहू उपयोग किया गया।  
    रायल्टी बुक की सीरियल नंबर की जानकारी जारी करने विभाग खनिज पट्टे धारक को होती है। लेकिन विधिवत जारी रायल्टी पर्ची कि तर्ज में दूसरी हूबहू फर्जी रायल्टी की जाली रायल्टी पर्ची क्लीयरेंस के कार्य उपयोग किया जा रहा था। जिससे स्वाभाविक रूप से करोड़ो की राजकोषीय क्षति हुये हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि माइनिंग क्लियरेंस के 70 फीसदी मामलों में फर्जीवाड़ा हुआ है। 
    सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी के द्वारा जो विभाग द्वारा दस्तावेज उपलब्ध कराये गये है, जो प्रथम दृष्टया तथ्य सामने आये है, उससे प्रतीत होता है कि नियम व कानून को ताक में रखकर यह गोरख खेल खेला गया है। इस मामले में कलेक्टर से लेकर अन्य उच्चाधिकारी जुड़े हुए हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि विगत 15 वर्ष से चल रहा है। कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले की अदालत की देखरेख में सीबीआई जांच की मांग की है। 

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Posted Date : 14-Sep-2018
  • पहली बार यहांं, पर राज्य का कोई नहीं
    पूरे देश से पहुंचे दिग्गज शिल्पकार
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 14 सितंबर। छत्तीसगढ़ ग्रामोद्योग विभाग और केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय के हस्तशिल्प विभाग द्वारा शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय ऑडीटोरियम में राष्ट्रीय शिल्प गुरू एवं राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर कार्यक्रम की अध्यक्ष वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी एवं मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह द्वारा वर्ष 2016 के लिए 8 शिल्प गुरू और 25 शिल्पियों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित इस समारोह में छत्तीसगढ़ के शिल्पी पुरस्कार से वंचित रहें। 
    इस अवसर पर वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा शिल्पकार कला रूपी यज्ञ में कला की आहुति देता है। जीवन की आपाधापी में जहां लोग अपने समय की खपाने की बात कहते हैं कलाकार योगदान की बात कहता है। हाल में देश के शिल्पकारों की 1.26 करोड़ कृतियों का निर्यात किया गया। यह कलाकारों की आर्थिक ताकत की पहचान है। 
    शिल्पियों को 17 लाख पहचान पत्र आबंटित किए गए हैं। बीमा योजना का उन्हें लाभ मिल रहा है। मुद्रा योजना के माध्यम से शिल्पकार आर्थिक रूप से सबल हो सकता है। शिल्पकारों के बच्चों की शिक्षा के लिए व्यवस्था की जा रही है। 
    राष्ट्रीय शिल्प गुरू एवं राष्ट्रीय पुरस्कार के अवसर पर मुख्यमंत्री रमन सिंह छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय आयोजन के लिए आभार जताया। पीढिय़ों से संस्कृति की धरोहर को संजोने वाले शिल्पियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा- छत्तीसगढ़ में शिल्पियों के विकास के लिए मार्केटिंग पर विशेष तौर पर काम किया जा रहा है। प्रदेश में शबरी इंपोरियम की संख्या 7 से बढ़कर 17 हो गई है। छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड जमीनी स्तर पर काम कर रहा है। छत्तीसगढ़ हाट में स्थित 48 दुकानों की सहायता से शिल्पियों को विक्रय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। शिल्पकारों के बच्चों को जयपुर में प्रशिक्षण की सुविधा मुहैया कराई गई है। छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा अब तक 91 शिल्पकारों को विभिन्न विधाओं में राज्य स्तरीय पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ में हस्तशिल्पियों की संख्या 2600 से बढ़कर 17 हजार के आस-पास पहुंच गई है। 
    शिल्पगुरू सम्मान पाने वालों में दिल्ली के मोहम्मद मतलूब, जम्मू कश्मीर के गुलाम हैदर मिर्जा, ओडीशा के कलपतरू महाराणा, पंजाब के रूपन मठारू, राजस्थान के गोपाल सैनी, अर्जुन प्रजापति, बाबूलाल मरोटिया और पश्चिम बंगाल की तृप्ति मुखर्जी शामिल रहीं। शिल्प गुरू को 2 लाख रुपये नकद तथा राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिल्पियों को 1 लाख नकद राशि दी गई।
    इस अवसर पर कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, ग्रामोद्योग मंत्री पुन्नुलाल मोहले, सांसद रमेश बैस, सचिव वस्त्र राघवेंद्र सिंह, शांतमनु, विकास आयुक्त हस्तशिल्प विशेष रूप से मौजूद रहे। 

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