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20-Sep-2020 8:16 PM

कोरोना अस्पताल में परेशान मरीजों का हौसला भी बढ़ा रहे हैं स्टॉफ

रायपुर, 20 सितम्बर। आप टेंशन मत लो। आप जैसा सोचोगे वैसा आपके साथ होगा। आराम से फ्री-माइंड होकर इन्जॉय करो। जल्द ही आप घर चले जाओगे। आपका दस दिन कम्प्लिट... और फिर आप घर पर नजर आओगे। पढऩे-सुनने में यह किसी मनोचिकित्सक और उसके मरीज के बीच की बातचीत लगती है। 

 दरअसल यह एक अस्पताल कर्मचारी और कोरोना संक्रमित मरीज के बीच की बातचीत है। प्रदेश के कोविड अस्पतालों में ऐसे बहुत से लोग हैं जो अस्पताल प्रशासन द्वारा सौंपे गए दायित्वों को पूर्ण करने के साथ ही वहां इलाज करा रहे मरीजों की हौसला अफजाई और मनोबल बढ़ाने का भी काम कर रहे हैं।

ऊपर जिक्र में आया बातचीत माना कोविड अस्पताल में वार्डब्वॉय का काम करने वाले चंद्रशेखर और वहां इलाज करा रहे कोविड-19 के मरीज के बीच की है। प्रदेश के कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों को कोरोनामुक्त करने में डॉक्टरों और नर्सों के साथ वहां का पूरा अमला लगा हुआ है। अपने कार्यालयीन दायित्वों के साथ ही वे हर स्तर पर मरीजों की सहायता कर रहे हैं। चाहे उनकी जरूरत का समान उन तक पहुंचाना हो, उनकी सेहत का हाल-चाल जानना हो, वक्त पर उनके खाने-पीने की व्यवस्था को अंजाम देना हो या कोरोना से परेशान होकर हौसला खो रहे मरीजों का मनोबल बढ़ाना हो, वे हर जरूरत पर वहां मौजूद हैं।

कोरोना को मात देकर माना कोविड अस्पताल से आज ही घर लौटीं अंकिता शर्मा कहती हैं- अस्पताल में एक समय मैं सोचती थी कि घर कब पहुंचुंगी! अकेलेपन के कारण मन में कई तरह के ख्याल आ रहे थे। नींद उड़ चुकी थी। मानसिक दुर्बलता के उस दौर में चंद्रशेखर की बातों ने अपनापन दिया, आत्मबल दिया। चंद्रशेखर ने अंकिता की मन:स्थिति को भांप कर अपनी बातों से उसे हिम्मत बंधाई, सकारात्मकता दी। तनावमुक्त रहने कहा और जल्दी ही स्वस्थ होकर घर लौटने की उम्मीद भी जगाई। अंकिता चंद्रशेखर को धन्यवाद देते हुए कहती है कि उसने गैरों के बीच छोटे भाई की तरह मुझे अपनेपन का अहसास कराया।

पिछले कुछ महीनों से माना कोविड अस्पताल में काम कर रहे  चंद्रशेखर कहते हैं कि यहां मरीजों की मदद कर संतोष महसूस होता है। अस्पताल द्वारा दिए गए काम को पूरा करने के साथ ही वे जब किसी मरीज को निराश, हताश या हौसला खोते हुए देखते हैं, तो वे अपनी बातों से उनका मनोबल बढ़ाते हैं। 

वे कहते हैं-पहले मुझे भी यहां डर लगता था। लेकिन अब नहीं लगता है। बीमारी और मानसिक परेशानी से जूझ रहे लोगों की सहायता करना अच्छा लगता है। हमारी बातों से किसी का मनोबल बढ़ता है, चिंता दूर होती है या मरीज के मन में सब कुछ ठीक हो जाने का भरोसा जगता है, तो इससे संतुष्टि मिलती है।


20-Sep-2020 8:15 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 20 सितंबर।
  सामाजिक कार्यकर्ता और चिकित्सक डॉ. दिनेश मिश्र का कहना है कि कोरोना को एक चुनौती की तरह लेने की जरूरत है, यह एक ऐसा युद्ध है, जिसमें सामने एक ऐसा शत्रु है जो नजर नहीं आता पर पूरी दुनिया पर कहर बन के छा गया है, जिससे हर हाल में जीतना है, लाखों डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मी, प्रशासन, पुलिस, सफाई कर्मी जो मरीजों का इलाज, देखभाल, व्यवस्था, सफाई ,जैसे कामों में अपनी जान खतरे में डाल कर भी लगे हुए है। और अनेक अपने प्राण निछावर भी कर चुके हैं। एक बार उनके परिश्रम, हौसले, हिम्मत, समर्पण को याद कर सिर्फ अपने को अपने परिवार को बचाने के लिए खुद आगे आएं, सावधानी रखें, संक्रमण की चैन को रोकने में योगदान दें। 

उन्होंने कहा कि एक छोटे से वायरस ने सारी दुनिया में कहर बरपा कर रखा है, सिर्फ भारत में ही 53 लाख से अधिक मामले 86हजार मौतें, छत्तीसगढ़ में 84 हजार से अधिक मामले ,दिन प्रतिदिन बढ़ते हजारों मरीजो की संख्या चिंता का विषय बनती जा रही है। यह तो एक राहत की बात है इस बीमारी में मृत्यु का प्रतिशत बहुत कम है तथा पुन:  स्वस्थ होने वालों की दर अधिक है, उसके बाद भी हमारे देश में जनसंख्या और सघन आबादी क्षेत्र की बहुलता होने के कारण सरकारों के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। 

डॉ. मिश्र ने कहा कि बहुत सारे लोग जो कोरोना का मजाक उड़ा रहे थे, कोरोना को सामान्य सर्दी बुखार बता रहे थे वो, उनमें से ही अनेक खुद या उनके परिजन इसका शिकार बन चुके हैं। कुछ लोग जो अपनी और अपने परिजनों की जान की भी परवाह न कर इस मसले पर भी राजनीति,चुटकुले बाजी कर रहे थे आज उनमें से ही  कुछ अस्पताल के एक बेड के लिए  लाचार और बेबस नजर आ रहे हैं। 

उन्होंने यह भी कहा कि याद रखें वायरस किसी का सगा नहीं है, वह किसी बड़े छोटे, स्त्री, पुरूष, वी आई पी, आम व्यक्ति में भेदभाव नही करता, आप कोई भी हों, अधिक ओवर कॉन्फिडेंस में मत रहें। जो बीमारी इतनी ज़्यादा संक्रामक हो, जिसका कोई ईलाज न पता हो।  जिम्मेदारों ने जिसके सामने  लगभगअपने हाथ खड़े कर रखे हों, उससे बचना ही एकमात्र उपाय है। और बचाव का एक मात्र तरीक़ा है सोशल डिस्टेन्स मेंटेन करना, लॉक्डाउन से कुछ हद तक संभव है, लोगों को स्वयं अपने आपको अपने घरों में कैद करना होगा। बिना काम के तो मत ही निकलिए और अगर काम हो तो भी उसे जब तक टाल सकते हैं टालिए, कम से कम में काम चलाइए...लेकिन घर से बाहर कम से कम जाइए।

खास तौर पर रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के सभी शहरों की स्थिति बहुत खऱाब  होती जा रही है , रोज सामान्य से कई गुना मौतें हो रही हैं, रोजाना हजारों मरीज़ सामने आ रहे हैं लेकिन पूरे देश में असली संख्या इससे कई गुना हैं जो पकड़ में तो नहीं ही आ रहे, बल्कि साथ में कई लोगों को और बीमारी बांट रहे हैं।

डॉ. मिश्र ने कहा कि अस्पतालों में बेड खाली नहीं हैं, आप बड़े से बड़े आदमी से फ़ोन लगवा लीजिए फिऱ भी नहीं मिल रहे लोगों को बेड। इसीलिए अगले कम से कम दो सप्ताह निर्णायक होंगे, अगर जनता  खुद संयम रख लेती है ,तो शायद स्थिति सुधर जाए, वरना सबको बुरी से बुरी स्थिति का सामना करना पड़ेगा। आप ख़ुद ही देखिए पिछले कुछ दिनों से रायपुर, जबलपुर, नागपुर सहित अनेक शहरों के अखबार मौत की खबरों से भरे है, यहां तक श्मशानगृहों में अंतिम संस्कार के लिए लाइन लग रही है ,डर ऐसा कि परिजनों की लाश लेने तक लोग नही पहुंच रहे है ,आठ दस दिनों तक शव चीरघर में ही पड़े हैं,प्रशासन को ही अंतिम संस्कार तक करना पड़ रहा है।  इससे अधिक दु:खद स्थिति और क्या हो सकती है, कि  व्यक्ति अपने परिजन के अंतिम संस्कार में जाने तक की हिम्मत नही जुटा पा रहा है। 

ऐसे में हमारे सामने सिर्फ एक ही लक्ष्य होना चाहिए कि यथासम्भव  कोरोना से अपना, अपने परिवार का बचाव के लिए मास्क पहिनने, हाथ धोने, सोशल डिस्टेन्स, सहित जितने तरीके बताये जा रहे है उनका खुद कड़ाई से पालन करें। अपने डॉक्टर के सम्पर्क में रहे, बीमार होने पर टेस्ट कराएं और बिना किसी भ्रम में रहे इलाज कराएं। कोई भी अनजान दवा, फॉर्मूले पर यकीन न करें. कोरोना से संक्रमित लोग वापस स्वस्थ भी होते जा रहे हैं , बीमारी छिपाने से, लापरवाही, इलाज न कराने से गम्भीर होने लगती है। 
 


20-Sep-2020 8:14 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 20 सितम्बर।
नगरीय प्रशासन और श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया को उनके शासकीय निवास कार्यालय में आईडीबीआई बैंक के रिजनल हेड राजेश मोहन झा एवं बैंक के अन्य अधिकारियों ने ‘मुख्यमंत्री सहायता कोष’ के लिए 6 लाख 14 हजार 486 रूपए का चेक सौंपा। इस राशि का उपयोग कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिए किया जाएगा। 

मंत्री डॉ. डहरिया ने इस सहायता के लिए बैंक के अधिकारियों का राज्य सरकार की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया। मंत्री डॉ. डहरिया ने ऐसी कोरोना महामारी की संकट की घड़ी में विभिन्न संस्थाओं और सक्षम लोगों से मुख्यमंत्री सहायता कोष में सहायता करने की अपील की है।
 


20-Sep-2020 8:13 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 20 सितंबर।
  केंद्र सरकार द्वारा कथित रूप से कृषि सुधार के नाम पर लाये गए तीन विधेयक और पूरे देश के द्वारा इनके विरोध के बावजूद विधेयक को पारित करने की अकुलाहट से एक बार फिर से भाजपा का किसान विरोधी चेहरा सामने आया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि देश के किसान इन विधेयकों का विरोध कर रहे सदन के अंदर विपक्षी दल विरोध कर रहे राज्य सभा मे विधेयक की प्रतियां फाड़ी जा रही फिर भी मोदी सरकार इस कानून को बनाने की जिद पर क्यो अड़ी है।  सारा देश मान रहा कि  किसान मूल्य आश्वासन और खेत पर समझौता सेवाएं विधेयक मूलत: किसान विरोधी है। यह बिचौलियों और मुनाफाखोरों को प्रोत्साहन देने वाला है।

इस विधेयक के कानून बनने से मंडी व्यवस्था नष्ट हो जाएगी। मंडी में किसानों को उनके उपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलने को सुनिश्चित करने का प्रावधान है। मंडी में पंजीकृत व्यापारी ही किसानों से उनकी उपज खरीद सकते है। नए विधेयक में कोई भी पेनकार्डधारी व्यक्ति किसान से खरीदी कर सकता है। नए विधेयकों के कानून बनने के बाद किसान को उसके उपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के लिए कोई भी प्रावधान नही है, इस परिस्थिति में किसान शोषण का शिकार होंगे। यह किसानों को बाजार के जोखिम के अधीन सौपने की साजिश है।

शुक्ला ने कहा कि इस विधेयक  को  पारित करवा कर मोदी सरकार किसानों के प्रति केंद्र सरकार के परम्परा गत कर्तव्य से भागने के प्रयास में है। आजादी के बाद से ही केंद्र सरकार किसानों को उनके ऊपज की सही कीमत दिलाने हर साल सभी प्रकार के जिंसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करती है और किसानों को यह मूल्य मिले यह भी सुनिश्चित किया जाता है राज्य सरकारों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पादों की खरीदी की प्रक्रिया इसीलिए अपनाई जाती है यह काम राज्य और केंद्र सरकारे मुनाफा कमाने नही बल्कि किसानों की मदद के उद्देश्य से करती रही है। इस विधेयक के पारित होने पर समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रक्रिया भी बंद होने का खतरा है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य जो अपने राज्य के किसानों को समर्थन मूल्य से डेढ़ गुनी कीमत पर धान खरीदते है उनके लिए तो बड़ी परेशानी खड़ी होने वाली है। यहाँ किसान 25 सौ कीमत छोड़ कर बाहर अपना धान बेचने जाएगा नही लेकिन पड़ोसी राज्य के धान व्यापारी जरूर इस कानून की आड़ में छत्तीसगढ़ अपना धान बेचने आने को स्वतंत्र होंगे। यह राज्य की व्यवस्था बिगाडऩे वाला कानून साबित होगा।
 


20-Sep-2020 8:13 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 20 सितंबर।
पुरूषोत्तम मास में गोपाल मंदिर, गोकुल चंद्रमा हवेली मंदिर में आश्विन शुक्ल एकम 18 सितंबर से आश्विन कृष्ण पक्ष अमावस्या 16 अक्टूबर तक विभिन्न पर्वों के माध्यम से ठाकुरजी के प्रति आस्था व्यक्त करने के विधान का अनुसरण किया जा रहा है। 

पुरूषोत्तम मास में सालभर के पर्वों को मनाने की परम्परा अनुसार विगत गोकुल मंदिर में रथयात्रा मनाया गया। पर्वों की कड़ी में रविवार को हरियाली तीज मनाया जाएगा तथा झूला डाला जाएगा। कोरोना निर्देश का पालन करते हुए मंदिर के मुख्य द्वार बंद रखा जाएगा। 

गोकुल चंद्रमा मंदिर ट्रस्ट के अनुसार पुरूषोत्तम मास में त्यौहारों की श्रृंखला तय की गई थी लेकिन कोरोना प्रकोप और आगामी लॉकडाउन को देखते हुए ट्रस्ट ने निर्णय लिया है कि पुरूषोत्तम मास के विभिन्न पर्वों के मनोरथ के दर्शन जो संध्या 6.30 से कराए जा रहे थे वह 21 सितंबर से अगले आदेश तक दर्शन नहीं कराए जा सकेंगे। सभी दर्शन भीतर ही होंगे।
 


20-Sep-2020 8:12 PM

रायपुर, 20 सितम्बर। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष में संकलित जानकारी के अनुसार प्रदेश में एक जून से अब तक कुल 1143 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश में सर्वाधिक बीजापुर जिले में 2225.3 मि.मी. और सबसे कम सरगुजा में 778.1 मि.मी. औसत वर्षा अब तक रिकार्ड की गई है। 

मिली जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर में 1252.6 मि.मी., बलरामपुर में 1038.5 मि.मी., जशपुर में 1217.7 मि.मी., कोरिया में 983.6 मि.मी., रायपुर में 994.1 मि.मी., बलौदाबाजार में 994.7 मि.मी., गरियाबंद में 1106.2 मि.मी., महासमुन्द में 1200.4 मि.मी., धमतरी में 1049.6 मि.मी., बिलासपुर में 1169.2 मि.मी., मुंगेली में 819.4 मिमी, रायगढ़ में 1126.0 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1185.1 मि.मी. तथा कोरबा में 1261.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। इसी प्रकार गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में 958.9 मि.मी., दुर्ग में 951.6 मि.मी., कबीरधाम में 880.4 मि.मी., राजनांदगांव में 884.3 मि.मी., बालोद में 991.2 मि.मी., बेमेतरा में 997.0 मि.मी.,औसत दर्ज की गई है।

राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित की गई जानकारी के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज 20 सितम्बर को सुबह रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार सरगुजा में 5.1 मि.मी., सूरजपुर में 4.6 मि.मी, बलरामपुर में 1.7 मि.मी, जशपुर में 5.3 मि.मी, कोरिया में 5.2 मि.मी. रायपुर में 1.3 मि.मी., बलौदाबाजार में 5.8 मि.मी., गरियाबंद में 4.9 मि.मी., महासमुन्द में 3.7 मि.मी,  धमतरी में 3.2 मि.मी., बिलासपुर में 2.5 मि.मी, मुंगेली में 6.0 मि.मी, रायगढ़ में 7.6 मि.मी, जांजगीर-चांपा में 3.4 मि.मी., कोरबा में 5.0 मि.मी, गौरेला पेंड्रा मारवाही में 5.6 मिमी, दुर्ग में 4.7 मि.मी., कबीरधाम में 9.8 मि.मी, राजनांदगांव में 1.2 मि.मी, बालोद में 0.5 मि.मी., बेमेतरा में 9.4 मि.मी., बस्तर में 1.0 मि.मी., कोंडागांव में 5.0 मि.मी., कांकेर में 3.9 मि.मी., नारायणपुर 20.5 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1.1 मि.मी. और बीजापुर में 4.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई।
 


20-Sep-2020 8:11 PM

राज्यपाल कीर्तिश केयर फाउंडेशन द्वारा महिलाओं पर केन्द्रित वर्चुअल में हुई शामिल

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
 रायपुर, 20 सितंबर।
आज हर गांव या शहर में ऐसी संस्था की आवश्यकता है, जो स्वयं आगे आएं और ग्रामीण क्षेत्रों-स्लम एरिया में महिलाओं को सेनेटरी नेपकिन के उपयोग और उनकी स्वास्थ्यगत समस्याओं के प्रति जागरूक करे, क्योंकि एक महिला के स्वस्थ रहने से पूरा परिवार स्वस्थ रहेगा और परिवार स्वस्थ रहने से समाज स्वस्थ रहेगा और स्वस्थ समाज ही देश की प्रगति में समर्पित होकर योगदान दे सकेगा। यह बात राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कही। वे आज कीर्तिश केयर फाउंडेशन द्वारा महिलाओं पर केन्द्रित प्रथम प्रोजेक्ट यूनिकॉर्न क्लब के वर्चुअल शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी।

राज्यपाल ने इस कार्य के लिए संस्था को बधाई देते हुए कहा कि इसे एक क्षेत्र में सीमित न रखकर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में भी क्रियान्वित करें। उन्होंने सुझाव दिया कि मीडिल स्कूल और हाईस्कूल में छात्राओं को महिलाओं के स्वास्थ्यगत समस्याओं और सेनेटरी नेपकिन के उपयोग की जानकारी स्कूली शिक्षा के दौरान देनी चाहिए इससे वे स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होंगी और अपने आप को स्वस्थ रखेंगी। यह अच्छी बात है कि कीर्तिश केयर फाउंडेशन द्वारा शहरी इलाकों के स्लम एरिया और ग्रामीण-आदिवासी इलाकों में सेनेटरी पेड का नि:शुल्क वितरण किया जाएगा, जो एक महत्वपूर्ण कार्य होने के साथ-साथ मानवीय कार्य भी है।

राज्यपाल ने कहा कि वे राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य थी तो आयोग द्वारा देश के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में सर्वे करने पर यह ज्ञात हुआ था कि उस क्षेत्र में महिलाओं मासिक धर्म के दौरान पुराने कपड़े का उपयोग करती हैं, जिससे उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए जब राष्ट्रीय जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष बनी तब उन्होंने ओ.एन.जी.सी. संस्था से सीएसआर मद से सेनेटरी नेपकिन का वितरण करने का आग्रह किया। उन्होंने मेरे आग्रह को स्वीकार करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों और स्कूलों में 56 हजार सेनेटरी नेपकिन का वितरण किया।

उन्होंने कहा कि गत दिनों फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म पेडमेन के बारे में हमने सुना और देखा भी। वास्तव में यह मुवी रियल हीरो कोयंबटुर निवासी श्री अरूणाचलम मुरूगनाथम की जिंदगी पर बनी थी, जिन्होंने अपने घर और गांव की महिलाओं की परेशानियों को समझा। प्रारंभ में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, कई परेशानियों का सामना करना पड़ा, परन्तु वे हिम्मत नहीं हारे और ऐसी मशीन बनाई, जिससे सस्ती दरों पर सेनेटरी नेपकिन बनाई गई। इससे उन्होंने गरीब और पिछड़े इलाकों में सेनेटरी नेपकिन मुहैया करा सके। वे ऐसा इसलिए कर सके क्योंकि उनके मन में आम व्यक्तियों की पीड़ा को समझने और मदद करने की भावना थी।

सुश्री उइके ने कहा कि आज हमारा समाज शिक्षित हो रहा है लेकिन यह दुख की बात है कि समाज का एक हिस्सा है जो ऐसी जानकारियों से अनभिज्ञ है और इस प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहा है। ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए हमें सिर्फ सरकार की ओर ही नहीं देखना चाहिए बल्कि हम सिविल सोसायटी की भी जिम्मेदारी है कि वे आगे आएं और कार्य करें। मैं कीर्तिश केयर फाउंडेशन की संस्थापक श्रीमती कीर्ति सुधांशु को साधुवाद देती हूं, जिनका जन्म स्थान छिंदवाड़ा है और जो विदेश में कार्यरत होने के बावजूद अपने देश के लिए यह कार्य करने का बीड़ा उठाया।

कीर्तिश केयर फाउंडेशन की संस्थापक कीर्ति सुधांशु ने संस्था के कार्यों की जानकारी दी और राज्यपाल के आग्रह पर कहा कि उनकी संस्था जल्द ही छत्तीसगढ़ में भी नि:शुल्क सेनेटरी नेपकिन वितरण तथा अन्य कार्यों को क्रियान्वित करेगी।

इस अवसर पर ‘आयरा’ पत्रिका का विमोचन भी किया गया। इस कार्यक्रम में यूनिकॉर्न क्लब की प्रोजेक्ट डायरेक्टर वंदना रस्तोगी, एस.डब्ल्यू ब्राउन, नितिन जैन तथा अन्य गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
 


20-Sep-2020 6:22 PM

केन्द्र ने दिए 68 करोड़-सोनी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 20 सितंबर। प्रदेश में अब तक करीब 8 लाख कोरोना टेस्ट हुए हैं। एक लाख की आबादी पर करीब 27 सौ लोगों की टेस्टिंग हुई है। भाजपा सांसद सुनील सोनी ने रविवार को कोरोना से निपटने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए संसाधनों की जानकारी दी है।

श्री सोनी ने बताया कि राज्य सरकार को 4 लाख 62 हजार एन-95 मास्क, एक लाख 87 हजार पीपीई किट, 21 लाख 2 हजार हाइड्राक्सी क्लोरोक्वीन टेबलेट और 230 वेंटिलेटर की सप्लाई की गई है। प्रदेश में अब तक 7 लाख 90 हजार 381 लोगों की टेस्टिंग हुई है। यानी हर एक लाख लोगों के पीछे 2685 लोगों के कोरोना टेस्ट हुए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना से निपटने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा राज्य को 67 करोड़ 86 लाख रूपए उपलब्ध कराए गए हैं। भाजपा सांसद ने बताया कि प्रदेश में 84 हजार 234 कोरोना केस आए हैं। इसमें से 46 हजार 81 रिकवर हो चुके हैं। 664 लोगों की मृत्यु  हुई है। 37 हजार 489 एक्टिव केस हैं।

 


20-Sep-2020 6:22 PM

रायपुर, 20 सितम्बर। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रूद्रकुमार की पहल पर जल जीवन मिशन के तहत दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड अंतर्गत ग्राम नवागांव की सोलर ड्यूल पंप आधारित नलजल प्रदाय योजना स्वीकृत की गई है। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पेयजल व्यवस्था के लिए कार्यों में तेजी लाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

 लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंत्रालय महानदी भवन द्वारा इस आशय का आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश के तहत जल जीवन मिशन अंतर्गत दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड अंतर्गत ग्राम नवागांव में 50 लाख 98 हजार रुपए लागत की सोलर ड्यूल पंप आधारित नल जल प्रदाय योजना की स्वीकृति दी है।


20-Sep-2020 6:21 PM

मौतें-310, एक्टिव-9043, डिस्चार्ज-11233

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 20 सितंबर। राजधानी रायपुर समेत जिले में कोरोना मरीज तेजी से बढक़र साढ़े 26 हजार पहुंच गए हैं। बीती रात मिले 780 नए पॉजिटिव के साथ इनकी संख्या बढक़र 26 हजार 899 हो गई है। दूसरी तरफ, इन सभी मरीजों में से 310 मरीजों की मौत हो गई है। 9 हजार 43 एक्टिव हैं, जिनका एम्स एवं अन्य कोरोना अस्पतालों में इलाज जारी है। 11 हजार 233 मरीज ठीक होकर अपने घर चले गए हैं।

राजधानी रायपुर में कोरोना की शुरूआत करीब 6 महीने पहले से हुई है, जो धीरे-धीरे यहां अधिकांश छोटी-बड़ी बस्तियों-कॉलोनियों तक पहुंच चुका है। इन जगहों से लगातार पॉजिटिव निकल रहे हैं। अब तो आसपास गांवों से भी कोरोना के मरीज निकलकर सामने आ रहे हैं। जिले में अधिकांश वर्ग के लोग संक्रमित मिल रहे हैं। इसमें से हजारों क्वॉरंटीन में हैं और नियमित दवा ले रहे हैं।

स्वास्थ्य अफसरों का कहना है कि रायपुर-आसपास लोगों को नियमों का पालन करते हुए लगातार मास्क लगाने और सामाजिक दूरी बनाकर चलने का जोर दिया जा रहा था। इसके बाद भी उनकी लापरवाही जारी है। ऐसे में मरीजों के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। संक्रमण की गिरफ्त में अब आसपास के गांव-कस्बे भी आने लगे हैं। लोगों की लापरवाही इसी तरह जारी रही, तो यहां मरीजों के आंकड़े और तेजी से बढ़ सकते हैं।


20-Sep-2020 6:21 PM

रायपुर- आसपास से 7

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 20 सितंबर। प्रदेश में कोरोना से कल 19 मरीजों की मौत हो गई। इसमें रायपुर-आसपास के 7 मरीज शामिल रहे, जिनका अलग-अलग जगहों पर इलाज चल रहा था। इनके संपर्क में आने वालों की जांच-पहचान जारी है। दूसरी तरफ, इन मौतों को मिलाकर प्रदेश में कोरोना मौत के आंकड़े बढक़र 664 हो गए हैं।

बुलेटिन के मुताबिक राजधानी और आसपास जिन मरीजों की मौत दर्ज की गई है, इसमें कटोरा तालाब की 70 वर्षीय महिला, सिलयारी की 48 वर्षीय महिला, तेलघानी नाका की 75 वर्षीय महिला, श्याम नगर की 68 वर्षीय महिला, रामकुण्ड का 20 वर्षीय पुरूष, सुंदर नगर का 54 वर्षीय पुरूष, रायपुर की 47 वर्षीय महिला, खमतराई का 54 वर्षीय पुरूष, वल्लभ नगर का 56 वर्षीय पुरूष, बलौदाबाजार का 42 वर्षीय पुरूष, उमरपोटी पाटन का 44 वर्षीय पुरूष, उमरपोटी पाटन का 60 वर्षीय पुरूष, पॉलीटेक्निक कॉलेज दुर्ग का 54 वर्षीय पुरूष, करंगेला बिल्डिंग बिलासपुर काी 88 वर्षीय महिला, मायापुर अंबिकापुर का 67 वर्षीय पुरूष, अंबिकापुर की 55 वर्षीय महिला, भानुप्रतापपुर का 48 वर्षीय पुरूष, हिसार हरियाणा का 62 वर्षीय पुरूष, दर्रीपारा अंबिकापुर की 61 वर्षीय महिला शामिल हैं।

इन सभी मरीजों का इलाज एम्स समेत प्रदेश के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा था। इसमें से 6 की मौत कोरोना से हुई है। बाकी मौतें गंभीर बीमारियों के साथ कोरोना से दर्ज की गई है।


20-Sep-2020 6:20 PM

संचालक ने पत्र लिखा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 20 सितंबर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते किसी भी छात्र की पढ़ाई में कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए कहा है कि मीडिया में कुछ ऐसे समाचार आ रहे है कि अनेक विद्यार्थी महामारी के समय विभिन्न कारणों से निजी स्कूलों को छोड़ रहे है।

संचालक लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि इस बात का प्रयास करना आवश्यक है कि किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा में व्यवधान न हो। इसके लिए प्रत्येक निजी स्कूल से ऐसे विद्यार्थियों की सूची प्राप्त की जाए, जो पिछले वर्ष तक उस निजी स्कूल में पढ़ रहे थे परन्तु किसी भी कारण से उन्होंने इस वर्ष उस निजी स्कूल में प्रवेश नहीं लिया है या फिर प्रवेश लेने के बाद उस निजी स्कूल को छोड़ दिया है।

सूची में विद्यार्थियों के नाम के साथ उनके पालकों के नाम, पते और संभव हो तो मोबाइल नम्बर भी प्राप्त किए जाएं। इन विद्यार्थियों के पालकों के साथ सम्पर्क करके उन्हें पास के सरकारी स्कूल में प्रवेश लेने के लिए प्रेरित किया जाए। कक्षा पहली से 10वीं तक के लिए इन बच्चों से प्रवेश के समय टीसी अथवा पूर्व कक्षा की अंक सूची की मांग न की जाए और उन्हें आयु के अनुरूप कक्षा में प्रवेश दिया जाए।

इसी तरह कक्षा 11वीं में प्रवेश के लिए बच्चों से रोल नम्बर लेकर कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में उन्हें प्राप्त अंकों का सत्यापन संबंधित बोर्ड की वेबसाइट से कर लिया जाए। कक्षा 12वीं में प्रवेश देने के लिए भी बच्चों से बोर्ड परीक्षा का रोल नम्बर लेकर कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में उन्हें प्राप्त अंकों का सत्यापन संबंधित बोर्ड की वेबसाइट से कर लिया जाए और यह देख लिया जाए कि उन्होंने एक वर्ष पूर्व कक्षा 10वीं बोर्ड की परीक्षा पास की हो। कक्षा 11वीं एवं 12वीं में प्रवेश हेतु टीसी की मांग न की जाए। इस कार्यवाही को आगामी 15 दिनों में पूरा कर संचालनालय को अवगत कराने को कहा गया है।

 


20-Sep-2020 6:19 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 20 सितंबर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के भयावह  स्वरूप को लेकर प्रदेश सरकार को लगातार आगाह कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार  कोरोना को लेकर गंभीर ना ही पहले थी न वर्तमान में है। कोरोना के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिये प्रदेश की सरकार को सभी वर्ग से चर्चा करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के उद्योगपति, व्यापारियों और आमजनों से वर्तमान हालत पर सरकार को चर्चा कर के पूरे प्रदेश में एक साथ ही लॉकडाउन लगाने पर उचित कदम उठाना चाहिये। उन्होंने कहा कि जिलावार लॉकडाउन लगाये जाने के बजाय पूरे प्रदेश में एक साथ ही लागू किया जाना चाहिए। वही इस समय पर लॉकडाउन को लेकर सारा कमान प्रदेश सरकार को अपने हाथों पर लेना चाहिए। 

इसके साथ ही दो सप्ताह के लिए लॉकडाउन लगाने की जरूरत है ताकि कोरोना के हो रहे लगातार विस्तार की गति पर विराम लग सके।एक सप्ताह का लॉकडाउन पर्याप्त समय नही है। जिसके सार्थक परिणाम भी नही आयेंगे। उन्होंने कहा प्रदेश में सक्रिय केस की संख्या को प्रदेश सरकार छुपा रही है। जिसके चलते स्थिति और बिगड़ती जा रही है। अब  हालत  तो यहां तक बिगड़ चुके हैं कि मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए भी विवाद होने लगे हैं। वहीं प्रदेश में परिस्थियां बेहतर हो इसके लिये भी कोई कारगर कोशिशे नही जा रही हैं।

नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि प्रदेश में पहले ही लॉकडाउन लग जाना चाहिये था लेकिन प्रदेश सरकार की मौनता और उत्सव के कारण कोरोना फैलाव जारी रहा है। समय रहते कोरोना पर अंकुश लगाने के लिये ठोस पहल किया जाता और लॉकडाउन लगा दिया जाता तो जो हालत बिगड़ते जा रहे हैं वो काबू में किया जा सकता था। छत्तीसगढ़ कोरोना के मामले में पूरे देश में प्रथम पंक्ति मे प्रदेश रूप मे अपनी पहचान बना रहा है। कोरोना में सक्रिय मामलों के साथ अस्पतालों में बिस्तरों की कमी को लेकर लगातार प्रदेश सरकार के ध्यान मे लाते रहे हैं,लेकिन इसके बाद भी कोई उचित कदम नही उठाए गए हैं। जिसक़े कारण है स्थिति  भयावह बनती जा रही है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि कोरोना पर अंकुश लगाने के लिये समाज के हर वर्ग की सहभागिता जरूरी है, लेकिन इस दिशा मे प्रदेश सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है।

इस समय पर सामाजिक संस्थाओं का सहयोग लेना चाहिये। लेकिन एक समय सामाजिक संस्थाओं ने सहयोग देना चाहा तो प्रदेश सरकार ने इस पर रूचि नही दिखाई। जिसके कारण सामाजिक संगठनों का फिर जुड़ाव नही हो सका है।

 उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में 1 सितंबर की स्थिति मे सक्रिय मरीज़ 15,533 थे वहीं 19 सिंतबर की  स्थिति में 36,580 सक्रिय केस के साथ  सातवें स्थान  पर हैं। मौत के मामले पर 17 वें स्थान पर और जांच के मामले पर 20वें स्थान पर हैं। इसके साथ ही एक्टिव केस के प्रतिशत  मामले में भी 44.8 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान पर हैं। अगर रिकवरी संख्या मामले में देखे तो 19 वें स्थान पर हैं परंतु रिकव्हरी अनुपात के मामले में अभी भी छत्तीसगढ़ 54.4 प्रतिशत के साथ सबसे नीचे 35 वे नंबर पर स्थित है, जो चिंता की बात है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य  को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में एक साथ लॉकडाउन को दो सप्ताह तक किये जाने पर तत्काल विचार किया जाना चाहिए।


20-Sep-2020 6:16 PM

चाय दुकान की बदौलत बेटियों और बेटे को खिलाड़ी बनाने का जुनून रखने वाले विमल के बच्चों ने हालांकि उनका सपना पूरा किया है लेकिन फिलहाल वह बच्चों के लिए डाइट का खर्च नहीं निकाल पा रहे हैं। बेटी को भी डाइट मनी नहीं मिल पाई है। विमल कहते हैं कोरोना के कारण कमाई पूरी तरह से मार खा गई है। ऐसे में घर खर्च तो किसी तरह चल जा रहा है लेकिन खिलाड़ी बच्चों को अच्छी डाइट नहीं दे पा रहा हूं।

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 20 सितंबर। कोरोना के कारण छोटे कारोबारी सहित रोज कमाने खाने वाले दोहरी मार झेल रहे हैं। कई कारोबारी जहां मकान का किराया, लोन की किश्त और बच्चों की फीस नहीं पटा पा रहे हैं वहीं दूसरी ओर वे घर गृहस्ती की खातिर कर्ज से घिर गए हैं।

ऑटोचालक गगनदीप (बदला नाम) ने बताया कि कोरोना लॉकडाउन के पहले उन्होंने नई ऑटो ली थी। पौने दो लाख का उन्होंने बैंक से लोन लिया था और एक लाख रुपए अपनी जेब से जमा किए थे। जिसमें 50 हजार रूपए उन्होंने बाजार से कर्ज उठाया था। कोरोना लॉकडाउन के कारण कमाई बंद हो गई। 5 महीने से वह बैंक की किश्त नहीं पटा पा रहे हैं। दिनभर में वह जहां 5 सौ से 6 सौ रूपए कमा लेते थे वहीं अब वह डेढ़ से दो सौ रूपए ही कमा पा रहे हैं। कोरोना के कारण वह खुद सवारी बैठाने से डर  रहे हैं।

गगनदीप कहते हैं राशन पानी सब उधार पर चल रहा है। लगभग 20 हजार उधारी हो चुकी है और बेटी की 32 हजार फीस अलग पटानी है।  डीडी नगर निवासी अशोक त्रिपाठी ने बताया कि सिलतरा में फ्लेक्स बनाने की उनकी छोटी सी फैक्ट्री है लेकिन 5 महीने से वह बंद पड़ी है। दिनों दिन घर की आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है। प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहे बच्चों की किकसी तरह 5 हजार फीस जमा किए हैं लेकिन 17 हजार रूपए और देने हैं। स्कूल वाले ऑनलाइन पढ़ाई का 11 सौ 50 रूपए अलग मांग रहे हैं। घर का किराया, बच्चों की फीस के लिए पैसों की भारी दिक्कत जा रही है।

महिला कुली मानबाई ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण उनका काम पूरी तरह से ठप्प पड़ा हुआ है। टे्रन चल रही है है लेकिन कोरोना के डर से कोई अपना सामान कुली को उठाने नहीं दे रहा है।  लडक़ी और लडक़े की ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है लेकिन उनके पास स्मार्ट फोन नहीं है जिसके कारण बच्चे भी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।

दीपक (बदला हुआ नाम) पेट्रोल पंप में काम करते हैं और 6 हजार वेतन पाते हैं लेकिन इसी वेतन से उन्हें ढाई हजार मकान किराया, ढाई हजार बच्चों की फीस देनी होती है। उन्होंने कहा कोरोना के कारण दूसरा काम-धंधा भी नहीं कर पा रहा हूं। पिछले 6 महीने से कर्ज लेकर घर चला रहा हूं। बच्चों की फीस न पटाने के कारण उनका रिजल्ट भी नहीं मिला है।

 


20-Sep-2020 6:10 PM

रायपुर, 20 सितम्बर। राज्य स्वच्छता पुरस्कार-2020 के तहत सामुदायिक शौचालयों के उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजाइन प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि अब 25 सितम्बर कर दी गई है। राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा इस स्पर्धा में ज्यादा से ज्यादा प्रतिभागियों को हिस्सा लेने का मौका देने के लिए अंतिम तिथि बढ़ाई गई है। पहले प्रविष्टि भेजने के लिए अंतिम तिथि 20 सितम्बर निर्धारित की गई थी।

मिशन द्वारा राज्य स्वच्छता पुरस्कार-2020 के अंतर्गत साढ़े तीन लाख रूपए, साढ़े चार लाख रूपए और साढ़े पांच लाख रूपए लागत के सामुदायिक शौचालयों के सर्वश्रेष्ठ मॉडल को क्रमश: एक लाख रूपए, सवा लाख रूपए और पौने दो लाख रूपए के नगद पुरस्कार दिए जाएंगे। देश का कोई भी आर्किटेक्ट या इंजीनियर इस प्रतियोगिता में भाग ले सकता है। प्रतियोगिता के लिए पंजीयन, नियम एवं शर्तें मिशन की वेबसाइट पर देखी जा सकती है।  

विजेता प्रतिभागियों को गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर को पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की वेबसाइट  पर सीधे प्रविष्टि की जा सकती है। मिशन कार्यालय की ई-मेल आईडी पर या राज्य मिशन कार्यालय, नीर भवन, सिविल लाइंस, रायपुर में डाक के द्वारा या स्वयं उपस्थित होकर भी आवेदन जमा किया जा सकता है।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अधिकारियों ने बताया कि मिशन के पहले चरण (अक्टूबर-2014 से मार्च-2020) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को खुले में शौचमुक्त घोषित किया जा चुका है। खुले में शौचमुक्त की स्थिति को बनाए रखने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर सामुदायिक शौचालयों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। राज्य में ऐसे सामुदायिक शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य है जो सभी वर्गों एवं समुदायों के लोगों के लिए सहज व सुविधाजनक हो। इन सामुदायिक शौचालयों में तृतीय लिंग व्यक्तियों सहित दिव्यांगों, महिलाओं एवं पुरूषों के लिए अलग-अलग शौचालय, मूत्रालय एवं हाथ धुलाई की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में हाट-बाजारों, बस-स्टैण्डों, धार्मिक स्थलों, तालाब के किनारे, हाई-वे के किनारे तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति की बसाहटों में सामुदायिक शौचालय बनाए जाएंगे। राज्य स्वच्छता पुरस्कार-2020 के अंतर्गत समावेशी सामुदायिक शौचालयों के ड्राइंग एवं डिजाइन आमंत्रित किए जा रहे है। प्रतिभागियों से साढ़े तीन लाख रूपए, साढ़े चार लाख रूपए और साढ़े पांच लाख रूपए की लागत के सामुदायिक शौचालयों के ड्राइंग एवं डिजाइन आमंत्रित किए गए हैं।

सामुदायिक शौचालयों के सर्वश्रेष्ठ मॉडल का चयन दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में प्रतिभागियों को सबसे पहले ड्राइंग एवं डिजाइन के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसमें चयनित पांच सर्वश्रेष्ठ मॉडलों में प्रत्येक को पांच-पांच हजार रूपए की राशि प्रदान की जाएगी। पहले चरण के विजेताओं को दूसरे चरण में प्रस्तावित ड्राइंग एवं डिजाइन के प्रस्तुतिकरण के साथ थ्री-डी मॉडल (3-ष्ठ रूशस्रद्गद्य) प्रस्तुत करना होगा। द्वितीय चरण में सर्वश्रेष्ठ ड्राइंग एवं डिजाइन का चयन नामांकित जूरी द्वारा किया जाएगा।


20-Sep-2020 4:16 PM

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 20 सितंबर।
सप्ताहभर के के लॉकडाउन की आड़ में शास्त्री बाजार सब्जी मंडी में रविवार को दोगुने भाव में सब्जियां बिकी। हाल में  40, 50 रूपए किलो के भाव से बिकने वाला टमाटर 70, 80 रूपए किलो के भाव से बिका। बाजार में खरीददारों की भी खासी भीड़ उमड़ी रही। 

श्रीराम थोक सब्जी समिति डुमरतराई के अध्यक्ष टी श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि समिति की ओर से शासन को मंगलवार से लगने वाले लॉकडाउन में सब्जी बाजार बंद रखने का सुझाव दिया गया था। लॉकडाउन के दौरान सब्जी बाजार बंद होने की घोषणा के कारण आज सब्जी मंडी में खरीददारों की भीड़ उमड़ी रही और लॉकडाउन की आड़ में चिल्हर विक्रेताओं ने मनमाने भाव में सब्जियां बेची। 35 रूपए किलो बिकने वाला आलू 50 रूपए और 40 रूपए किलो के भाव से बिकने वाला टमाटर 70 से 100 रूपए किलो के भाव से बिका।
 

सब्जी कारोबारी सुशील सोनकर ने बताया कि पूर्व में रविवार को लॉकडाउन था इसलिए सब्जियों की आज कमी रही जिसके कारण सब्जियों के भाव ज्यादा रहे। लौकी 50 रूपए किलो, कुंदरू 40 रूपए के भाव से बिकी। टमाटर 70 से 80 रूपए किलो के भाव से बिका। थोक व्यापारी संघ शास्त्री बाजार अध्यक्ष मो. आरिफ खान ने बताया कि रविवार को लॉकडाउन के कारण लोकल आवक न रहने के कारण सब्जी के भाव ज्यादा रहे। 


19-Sep-2020 9:22 PM

रायपुर, 19 सितंबर। गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के प्रदेश अध्यक्ष के.पी. खण्डे ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि छ.ग. के सभी नगरीय निकायों में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश एवं संगठन में समन्वय पश्चात् सतनामी समाज के लोकप्रिय मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया द्वारा एल्डरमेन (पार्षदों) की नियुक्ति की गई है जिसमें अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व का विशेष रूप से ध्यान रखते हुए प्राथमिकता दी गई है जो स्वागत योग्य है।

नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया सतनामी समाज में लोकप्रिय है तथा अपनी कार्यशैली से हमेशा अनुसूचित जाति के साथ-साथ सभी वर्गो की उन्नति तथा तरक्की के लिए सोच रखने वाले व्यक्ति हैं।

सतनामी समाज के वरिष्ठ के.पी. खण्डे, श्रीमति शकुन डहरिया, डॉ. जे.आर. सोनी, डी.एस. पात्रे, सुन्दरलाल जोगी, जी.आर. बाघमारे, लक्ष्मीकांत गायकवाड़, आर.के. पाटले, पप्पू बघेल, उतित भारद्वाज, पं. अंजोर दास बंजारे, प्रकाश बांधे, घासीदास कोसले, मनीष कोसरिया, चम्पादेवी गेंदले, अनिता भतपहरी, याचना भतपहरी आदि ने एल्डरमेन की नियुक्ति पर हर्ष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बधाई प्रेषित किया है ।

विधानसभा भवन, स्व. मिनीमाता के नाम से किये जाने की मांग

अकादमी के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व.अजीत जोगी द्वारा छ.ग. विधानसभा का नामकरण ममतामयी मिनीमाता के नाम से किए जाने की घोषणा की गई थी, चूंकि अभी नई राजधानी में विधानसभा भवन निर्माणाधीन है। सतनामी समाज ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मांग की है कि प्रदेश के लाखों सतनामियों की भावना के अनुरूप छ.ग. विधानसभा भवन का नामकरण स्व. मिनीमाता के नाम पर करें।


19-Sep-2020 8:08 PM

रायपुर, 19 सितम्बर। संभाग आयुक्त जीआर चुरेन्द्र ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर संभाग में पपीता की खेती को बढ़ावा देते हुए  उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने और इसके क्रियान्वयन के लिए समिति गठित कर आवश्यक सहयोग के निर्देश दिए है। संभागायुक्त श्री चुरेन्द्र ने कच्चा पपीता से पप्पेन उत्पादन पर संक्षिप्त अवधारणा संबंधी  योगेन्द्र कुमार चौधरी के पेपर के आधार पर इस अवधारणा को संभाग में सफल करने के लिए आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए है। उन्होंने बताया है कि श्री चौधरी किसानों के बीच में रहकर उन्हें संगठित करने तथा किसानों को आवश्यक तकनीकी ज्ञान व प्रशिक्षण देने की योजना  किसानों की हित में काम करना चाहते हैं।

 

 

 

 

 


19-Sep-2020 8:08 PM

रायपुर, 19 सितम्बर। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने बताया कि जिला रायपुर, धमतरी, महासमुन्द, बलौदा बाजार एवं गरियाबन्द के पंजीकृत सभी भूतपूर्व सैनिको एवं विधवाओं  के बच्चे को प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना के तहत लाभान्वित किया जाना है। इस वर्ष व्यवसायिक पाठ्यक्रम जो एम.सी.आई, ए.आई.सी.टी.ई, यू.जी.सी आदि जैसी संस्थाओं से मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग, मेडिकल, डेंटल, वेटनरी, एम.बी.ए, बी.बी.ए.,एम.सी.ए, बी.एड, बी.फार्मा, डी.फार्मा, बी.एस.सी व्यवसायिक कोर्स एवं एप्लाईड आर्टस एवं क्राप्टस आदि में प्रथम वर्ष में दाखिला लिये है तथा 12वीं मे 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए है। ऐसे सभी विद्यार्थी प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना के पात्र है। वे ऑनलाइन आवेदन में जाकर भरे और दस्तावेज इस कार्यलय मे सत्यापित  करवायें।उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने का अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2020 है।

छात्रवृत्ति की राशि लडक़ों के लिए  2500 रुपए प्रतिमाह और लड़कियों के लिए 3000 रुपए प्रतिमाह है। प्रतिवर्ष देश भर के 5500 पूर्व सैनिकों, विधवाओं के पुत्र,पुत्रियों को छात्रवृत्ति दी जाती है। उक्त योजना के संबंध में अधिक जानकारी  दूरभाष क्रमांक 0771-2237449 पर प्राप्त किया जा सकता है।


19-Sep-2020 8:07 PM

मौतें-301, एक्टिव-9154, डिस्चार्ज-10627

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 19 सितंबर। राजधानी रायपुर समेत जिले में कोरोना मरीज तेजी से बढक़र 26 हजार पहुंच गए हैं। बीती रात मिले 672 नए पॉजिटिव के साथ इनकी संख्या बढक़र 26 हजार 119 हो गई है। दूसरी तरफ, इन सभी मरीजों में से 301 मरीजों की मौत हो गई है। 9 हजार 154 एक्टिव हैं, जिनका एम्स एवं अन्य कोरोना अस्पतालों में इलाज जारी है। 10 हजार 627 मरीज ठीक होकर अपने घर चले गए हैं।

राजधानी रायपुर में कोरोना की शुरूआत करीब 6 महीने पहले से हुई है, जो धीरे-धीरे यहां अधिकांश छोटी-बड़ी बस्तियों-कॉलोनियों तक पहुंच चुका है। इन जगहों से लगातार पॉजिटिव निकल रहे हैं। अब तो आसपास गांवों से भी कोरोना के मरीज निकलकर सामने आ रहे हैं। जिले में अधिकांश वर्ग के लोग संक्रमित मिल रहे हैं। इसमें से हजारों क्वॉरंटीन में हैं और नियमित दवा ले रहे हैं।

स्वास्थ्य अफसरों का कहना है कि रायपुर-आसपास लोगों को नियमों का पालन करते हुए लगातार मास्क लगाने और सामाजिक दूरी बनाकर चलने का जोर दिया जा रहा था। इसके बाद भी उनकी लापरवाही जारी है। ऐसे में मरीजों के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। संक्रमण की गिरफ्त में अब आसपास के गांव-कस्बे भी आने लगे हैं। लोगों की लापरवाही इसी तरह जारी रही, तो यहां मरीजों के आंकड़े और तेजी से बढ़ सकते हैं।


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