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Posted Date : 26-Apr-2018
  • केन्द्र की रिपोर्ट

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 26 अप्रैल। प्रदेश में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के मजदूरों को समय पर मजदूरी भुगतान नहीं हो रहा है। केन्द्र सरकार की रिपोर्ट में यह साफ है कि करीब साढ़े 5 हजार कार्यों में लगे मजदूरों को भुगतान में 15 दिन से अधिक समय लग रहा है। मजदूरी भुगतान करने में छत्तीसगढ़ बाकी राज्यों से काफी पीछे है और 26वें नंबर पर है। 
    हालांकि एडिशनल कमिश्नर (मनरेगा) अमृत टोपनो ने 'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा में कहा कि मनरेगा मजदूरों को डिजिटल भुगतान होता है। राशि सीधे उनके खाते में जमा होती है। उन्होंने कहा कि एक बार में 10 लाख एंट्री होती है। इससे अधिक होने पर इंतजार करना पड़ता है। तकनीकी दिक्कतों के चलते विलम्ब हो सकता है। लेकिन अभी भुगतान की स्थिति अच्छी है। 
    उन्होंने कहा कि पैसे की कमी नहीं है और करीब 5 सौ करोड़ रूपए मजदूरी भुगतान किए जा चुके हैं। केन्द्र सरकार की मनरेगा रिपोर्ट में यह साफ है कि छत्तीसगढ़ में 5527 कार्यों में लगे मजदूरों को भुगतान में 15 दिन से अधिक समय लग रहा है। इन कार्यों में हजारों मजदूर लगे हुए हैं। मनरेगा मजदूरों को 15 दिन के भीतर पूरा भुगतान करने का नियम है। डेढ़ फीसदी मामलों में इससे भी ज्यादा समय लग रहा है। 
    बताया गया कि भुगतान के मामले में हिमाचल प्रदेश समेत अन्य छोटे राज्य बेहतर स्थिति में हैं। छत्तीसगढ़ भुगतान के मामले में 26वें नंबर पर है। इससे नीचे मेघालय, मणिपुर, अण्डमान-निकोबार, लक्ष्यदीप, जम्मूकश्मीर और मिजोरम जैसे राज्य हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले विधानसभा सत्र के दौरान मनरेगा भुगतान में देरी को लेकर सदस्यों ने चिंता जाहिर की थी। यह कहा गया था कि कई पंचायतों में पिछले वर्षों का भुगतान लंबित है। इस पर पंचायत मंत्री ने जोर देकर कहा था कि पिछले वर्षों के भुगतान पूरे हो चुके हैं और जिन जगहों पर शिकायत आई है वहां जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह 11 मई से विकास यात्रा पर निकल रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि यात्रा के दौरान मनरेगा भुगतान की शिकायत न रहे और इससे पहले लंबित भुगतान पूरा कर लिया जाए।

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Posted Date : 26-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 26 अप्रैल। अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि को पांच गुना बढ़ा दिया है। इसका लाभ पाने के लिए विवाह बंधन में बंधने वाले युवक युवती में से किसी एक अनुसूचित जाति का होना जरूरी है। 
    ज्ञात हो कि आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा विगत दिनों अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि 50 हजार से बढ़ाकर 2 लाख 50 हजार कर दी गई है। 
    आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव डीडी कुंजाम ने बताया कि छत्तीसगढ़ अस्पृश्यता निवारणार्थ अंतरजातीय  विवाह प्रोत्साहन राशि 50 हजार से बढ़ाकर 2 लाख 50 हजार कर दी गई है। इस संबंध में विभाग द्वारा 13 अपै्रल को सूचना जारी कर दी गई है। इसका लाभ पाने के लिए जरूरी है कि विवाह करने वाले युवक युवती में से कोई एक अनुसूचित जाति का हो तथा दूसरा गैर अनुसूचित जाति का हो। आदिवासी विकास विभाग सहायक आयुक्त आर के सिदार ने बताया कि अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए छग सरकार द्वारा अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि 50 हजार से 2 लाख 50 हजार कर दी गई है। पिछले दो सालों में रायपुर जिले में इस योजना का 30 दंपत्ति लाभ उठा चुके हैं। प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए दंपत्ति को विभाग द्वारा निर्धारित प्रपत्र भरना होगा। 
    दंपत्ति से सम्बद्ध जिले में इस प्रपत्र की बकायदा जांच की जाएगी। विवाह करने वाले युवक-युवती में से किसी एक को अनुसूचित जाति का होना अनिवार्य है। 

     

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Posted Date : 25-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 25 अप्रैल। शहर के ढेबर सिटी(भाठागांव) के पास निर्माणाधीन एक मकान में बीती रात लाखों का क्रिकेट सट्टा पकड़ा गया। पुलिस दो लोगों को हिरासत में लेकर उनसे करीब पौने सात लाख नगदी व 5 नग मोबाइल बरामद किया है, पूछताछ जारी है। सट्टा खेलने वाले उनके कुछ साथी फरार बताए जा रहे हैं।
    पुलिस के मुताबिक ढेबर सिटी के निर्माणाधीन सूने कुछ मकानों में सट्टा खेलने की लगातार शिकायत मिल रही थी। बीती रात भी वहां लाखों का क्रिकेट सट्टा खेलने की शिकायत सामने आई। लोगों की सूचना पर पुरानी बस्ती पुलिस ने घेराबंदी कर वहां के कुछ मकानों की जांच की। इस दौरान एक निर्माणाधीन मकान में यह क्रिकेट सट्टा पकड़ा गया। वहां मुंबई इंडियंस व सनराइजर्स हैदराबाद के बीच चल रहे आईपीएल क्रिकेट मैच में हार-जीत को लेकर मोबाइल फोन से लाखों का दांव लगाया जा रहा था। 
    बताया गया कि नवीन बागड़ी(41) सुंदर नगर व राजेंद्र साहू (34) भाठागांव वहां क्रिकेट मैच में हार-जीत को लेकर ऑनलाइन दांव लगा रहे थे। क्रिकेट सट्टा खेलने के लिए मोबाइल में एक सॉफ्टवेयर भी डाउनलोड कराया गया था, जिसमें दोनों क्रिकेट टीमों के भाव समय-समय पर आ रहे थे। दांव लगाने वाले दोनों आरोपी शहर के कई लोगों से जुड़कर लाखों का सट्टा खेलने में लगे थे, कि पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। उनसे 6 लाख, 73 हजार 9 सौ रुपये नगद व 5 नग मोबाइल जब्त हुआ है। पुलिस दोनों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई में लगी है। 
    पुलिस का कहना है कि क्रिकेट सट्टा से शहर के और कई लोगों के जुडऩे और लाखों का दांव लगाने की खबर हैं। नाम सामने आने पर पुलिस उनके घरों तक दबिश देकर पूछताछ करेगी। उल्लेखनीय है कि शहर में जुआ-सट्टा का कारोबार लंबे समय से चल रहा है। पुलिस समय-समय पर दबिश देकर जुआ-सट्टा खेलने वालों को गिरफ्तार करती रही है, पर लोग इस कारोबार से पीछे नहीं हट रहे हैं। 

     

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Posted Date : 25-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 25 अप्रैल। सरकार ने इस साल योग दिवस के कार्यक्रम को जोर-शोर से मनाने की तैयारी की है। योग आयोग ने 21 जून को जिला, विकासखंड और पंचायत स्तर तक योग प्रदर्शन के कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है। इस पूरे आयोजन में करीब सवा करोड़ लोगों को जोडऩे का लक्ष्य है। 
    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर प्रदेशभर में योग प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसमें सामान्य योगाभ्यास होगा। लेकिन इस कार्यक्रम को वृहत स्तर पर ले जाने की तैयारी चल रही है। योग आयोग ने योग महोत्सव, जागरण रैली और एक माह के योग शिविर का आयोजन प्रस्तावित है। 
    बताया गया कि योग शिविर के आयोजन के लिए सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही साथ सभी निगम आयुक्त और निकायों के प्रमुखों को पत्र भेजा गया है। सूत्रों के मुताबिक इस साल भी योग दिवस के मौके पर केंद्रीय मंत्री के यहां आने की संभावना है। योग आयोग ने जगदलपुर में मुख्य कार्यक्रम रखने का सुझाव दिया था और प्रधानमंत्री को भी आमंत्रित किया है। 
    योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के अलावा सरकार के मंत्री, विधायक-सांसदों प्रमुख रूप से शामिल होंगे। सभी को अपने-अपने क्षेत्र में कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए कहा गया है। 

     

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Posted Date : 24-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ न्यूज डेस्क

    रायपुर, 24 अप्रैल। ओडिशा के भवानीपटना पार्सल बम विस्फोट मामले में ओडिशा पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना का मुख्य आरोपी मृतक सौम्यरंजन साहू की मां संयुक्तासाहू के कॉलेज में कार्यरत अंग्रेजी अध्यापक पूंजीलाल मेहेर निकला। पुंजीलाल के घर से रविवार को पुलिस ने बम बनाने का सामान और बारूद बरामद किया था और उससे पूछताछ की जा रही थी। मेहेर के दो सहयोगियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। आज दोपहर बलांगीर कोर्ट में पेश किया जाएगा। पूरा मामला प्रेम प्रकरण का नहीं वरन् पद को लेकर विवाद बताया जा रहा है। 
    पार्सल बम के विस्फोट से नवविवाहित दूल्हे और उसकी दादी की मौत हो गई थी।
    मिली जानकारी के अनुसार पार्सल बम विस्फोट में मारे गए सौम्यरंजन साहू की मां संयुक्ता साहू ज्योति विकास कॉलेज, भैंसा में प्राचार्य हैं। वे इसके पहले झारबंद कॉलेज से स्थानांतरित होकर आई थीं। इतिहास प्राध्यापिका संयुक्ता साहू को यहां प्राचार्य बनाया गया था। तब इस कॉलेज में अंग्रेजी के प्राध्यापक पुंजीलाल मेहेर प्राचार्य थे। चूंकि संयुक्ता, मेहेर से 13 वर्ष की वरिष्ठ थीं इसलिए उन्हें प्राचार्य का पदभार दिया गया। इससे अंग्रेजी प्राध्यापक पुंजीलाल मेहेर नाराज था और उसने संयुक्ता साहू के पूरे परिवार को मार डालने की योजना बनाई। 
    पुंजीलाल मेहेर के फेसबुक पेज पर 21 मार्च तक की पोस्ट हैं, और उसने यहां पर अपने-आपको इस कॉलेज का प्राचार्य ही लिखा हुआ है।
    मेहेर की इस साजिश में एक प्राध्यापक भी शामिल है। एक प्राध्यापक के अलावा 7 और सहयोगी भी है इनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार सहयोगी में से एक का नाम चंद्रमणी मेहेर है, जो अपराधिक प्रवृत्ति के लिए जेल जा चुका है। इसके अलावा कूरियर कंपनी के मालिक और कर्मचारी को भी हिरासत में लिया गया है। आज शाम तक ओडिशा पुलिस इस संबंध में खुलासा करेगी। 
    कैसे पहुंची पुलिस
    मिली जानकारी के अनुसार बम विस्फोट में प्रयोग कागज एक स्थान उडिय़ा अखबार था। जिसके आधार पर पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की। 


    रायपुर की कूरियर सर्विस से नहीं मिली थी हत्यारे पार्सल की जानकारी 
    ओडिशा के पाटनगढ़ में रिसेप्शन के दौरान गिफ्ट खोलने पर हुए विस्फोट के तार छत्तीसगढ़ से जुड़े रहे। वहां गिफ्ट रायपुर के फाफाडीह स्थित स्काईकिंग कूरियर सर्विस से भेजा गया था। घटना के बाद बलांगीर (ओडिशा) पुलिस ने रायपुर पहुंचकर गंज पुलिस की मदद से कूरियर संचालक एचएस सलूजा व उनके कर्मियों से लंबी पूछताछ की थी। पूछताछ में पुलिस को यहां कई तरह की गड़बड़ी मिली थी। ऑफिस में कूरियर बुक करने वाले का ना कोई रिकॉर्ड और ना कोई सीसीटीवी फुटेज मिला था। पूछताछ में पता चला था कि यहां का सीसीटीवी कैमरा बीते 13 फरवरी से खराब है, जिस पर पुलिस ने ऑफिस कर्मियों को जमकर फटकार लगाई थी। 23 फरवरी को सौम्य शेखर साहू और रीमा साहू की रिसेप्शन पार्टी थी। रिसेप्शन खत्म होने के बाद साहू परिवार के सभी लोग पार्टी में मिले गिफ्ट को खोल रहे थे, तभी रायपुर से भेजे गए एस के शर्मा के गिफ्ट को खोलने पर जोरदार धमाका हुआ और दूल्हा समेत तीन की मौत हो गई थी। शादी 18 फरवरी को हुई थी।

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Posted Date : 24-Apr-2018
  • विशेष संवाददाता
    रायपुर, 24 अप्रैल (छत्तीसगढ़)। राज्य के एडीजी पुलिस पवन देव के खिलाफ विभाग की एक महिला सिपाही द्वारा की गई यौन प्रताडऩा की शिकायत की जांच-रिपोर्ट पर हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कार्रवाई न होने पर यह महिला सिपाही अब अदालत की अवमानना की याचिका लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट जा रही है। 
    उल्लेखनीय है कि इस सिपाही की शिकायत पर राज्य शासन ने एक जांच कमेटी बनाई थी जिसमें एक प्रमुख सचिव रेणु पिल्ले के साथ कुछ दूसरी महिला अधिकारी भी थीं, और उस जांच-रिपोर्ट में पवन देव को दोषी पाया गया था। इसके बाद जब डेढ़ बरस तक राज्य शासन ने रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की तो यह महिला सिपाही फिर हाईकोर्ट गई, जहां से राज्य शासन को पैंतालीस दिनों में कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था। 
    पिछले हफ्ते वे पैंतालीस दिन भी गुजर चुके हैं, और अब तक कोई कार्रवाई सामने न आने से इस महिला सिपाही ने पुलिस महानिदेशक को 23 अप्रैल को एक पत्र लिखा है और कार्रवाई की जानकारी मांगी है। इस पत्र में उसने लिखा है- मेरे द्वारा बिलासपुर के तत्कालीन आईजी पवन देव के विरुद्ध लैंगिक उत्पीडऩ की शिकायत की गई थी जिस पर शासन स्तर पर श्रीमती रेणु पिल्ले की अध्यक्षता में चार सदस्स्यों की आंतरिक शिकायत समिति का गठन कर मेरी शिकायत की जांच कराई गई थी। कमेटी ने अपनी जांच-रिपोर्ट 2 दिसंबर 2016 को डीजीपी महोदय को दे दी थी, और रिपोर्ट की प्रति मुझे भी प्राप्त हुई थी। 
    इस पत्र में आगे लिखा गया है- जांच-रिपोर्ट में मेरी शिकायत सही पाई गई, तथा श्री पवन देव को दोषी पाया गया था। इस जांच-रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने हेतु मेरे द्वारा पांच आवेदन पत्र भेजे गए, किन्तु कोई कार्रवाई नहीं की गई। मैंने माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका लगाई जिस पर मुख्य न्यायाधीश महोदय की डबल पेंच ने 27 फरवरी 2018 को अपने आदेश में केन्द्रीय गृहसचिव, डीजीपी, एवं राज्य के गृहसचिव को पैंतालीस दिन में प्रावधानिक एक्ट के अनुसार निर्णय/कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था 
    जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी है। 
    इस महिला सिपाही ने इस पत्र में आगे पूछा है- कृपया मझे माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार आपके कार्यालय द्वारा क्या कार्रवाई की गई है, सूचित/अवगत करने की कृपा करेंगे, जिससे मैं न्याय हेतु विधि अनुसार आगे कार्रवाई कर सकूं।
    इस मामले में इस महिला सिपाही के वकील ने बताया कि हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित समय में शासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है, इसलिए वे अदालत की अवमानना का मामला दायर करने जा रहे हैं। 

     

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Posted Date : 24-Apr-2018
  • राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन 

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 24 अप्रैल। एनएमडीसी की राष्ट्रीय संगोष्ठी मंगलवार को शुरू हुई। संगोष्ठी का उद्घाटन केन्द्रीय इस्पात राज्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। इस मौके पर एनएमडीसी के चेयरमैन एन बैजेन्द्र कुमार ने कहा कि एनएमडीसी की ज्यादातर खदानें वन क्षेत्रों में हैं और वहां एनएमडीसी को अच्छा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की खदानों से हुई आमदनी का ज्यादा हिस्सा यहां की परियोजनाओं पर खर्च हो, यह कोशिश की जा रही है। 
    संगोष्ठी में अतिथि के रूप में उद्योग मंत्री अमर अग्रवाल के अलावा अपर मुख्य सचिव (वन) सीके खेतान सहित अन्य अफसर मौजूद थे। यह संगोष्ठी सुबह 11 बजे एक निजी होटल में शुरू हुई। यह आयोजन एनएमडीसी, फिक्की के सहयोग से कर रहा है। उद्घाटन सत्र में एनएमडीसी के चेयरमैन एन बैजेन्द्र कुमार ने कहा कि एनएमडीसी का मकसद सिर्फ खनिज का दोहन करना नहीं है। बल्कि सीएसआर मद से विकास का काम भी करें, यह कोशिश होती है। 
    उन्होंने यह भी बताया कि एनएमडीसी की सभी खदानों को फाइव रेटिंग दिया गया है। यह हम सबके लिए गर्व की बात है उन्होंने कहा कि स्टील सेक्टर में स्थापित करने के लिए माइनिंग के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाना है और स्टील मार्केट को भी बढ़ावा होगा ताकि बेहतर काम हो सके। संगोष्ठी में उद्योग जगत के प्रतिनिधि सहित राज्य सरकार के अफसर भी मौजूद थे। 

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Posted Date : 23-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 23 अप्रैल। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तस्वीर आपत्तिजनक ढंग सोशल मीडिया में पोस्ट करने पर यहां कांग्रेसी भड़क गए हैं। वे सभी सोमवार सुबह गंगा जल लेकर बाइक से भाजपा दफ्तर घेरने के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें बेरीकेड्स लगाकर निगम मुख्यालय के पास रोक लिया। वहीं कांग्रेस नेत्री किरणमयी नायक अपने कुछ कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा दफ्तर तक पहुंच गईं, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वे सभी भाजपा विधायक भीमा मंडावी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग करते रहे। 
    शहर कांग्रेस अध्यक्ष विकास उपाध्याय के नेतृत्व में दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह  प्रदेश कांग्रेस भवन में एकजुट हुए। इसके बाद वे सभी बाइक रैली निकाल कर रजबंधा मैदान स्थित भाजपा दफ्तर घेराव के लिए निकले। निगम मुख्यालय के पास रोकने पर वे सभी वहीं सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे। उनका आरोप लगाते हुए कहना है कि पर्याप्त सबूत होने के बाद भी पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। 
    कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सोशल मीडिया में तस्वीर देश के लिए शहादत देने वाले गांधी, नेहरू परिवार को अपमानित करने के लिए पोस्ट की गई थी। 
    उनके कार्यकर्ता रायपुर में ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बाद भी पुलिस संबंधित भाजपा विधायक के खिलाफ कार्रवाई करने में पीछे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी, वे सभी उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे। 
    उल्लेखनीय है कि रविवार रात कांग्रेसियों ने यहां सिविल लाइन थाने पहुंच कर घेराव, धरना-प्रदर्शन किया था। 

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Posted Date : 23-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 23 अप्रैल। सरोना स्थित बीएम डब्ल्यू कार शो-रूम के पीछे कबाड़ में सोमवार दोपहर आग लग गई, जिससे वहां रखी आधा दर्जन पुरानी कार जलकर राख  हो गई। मौके पर पहुंचीं फायर ब्रिगेड टीम ने आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया। आग कैसे लगी, यह पता नहीं चल पाया है। 
    पुलिस के मुताबिक मरम्मत के लिए आने वाली कार शो-रूम के पीछे रखी जा रही थी। वहां आधा दर्जन पुरानी कारों के साथ कुछ और कार खड़ी थीं। अचानक धुआं उठने पर शो-रूम कर्मी वहां पहुंचे। निगम फायर ब्रिगेड को भी खबर की गई। फायर ब्रिगेड की दो गाडिय़ों ने आग पर काबू पा लिया। 
    डीडी नगर पुलिस का कहना है कि आग से नुकसान हुआ है, पर बहुत ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। मरम्मत के लिए रखी पांच-सात पुरानी कार जली है। यह सही है कि आग भड़कने पर शो-रूम में रखी नई कारों को नुकसान पहुंच सकता था। आग को लेकर और ज्यादा जानकारी फिलहाल नहीं मिल पायी है। 

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Posted Date : 23-Apr-2018
  • रायपुर, 23 अप्रैल। एनएमडीसी नए परिप्रेक्ष्य में उत्तरदायित्वपूर्ण खनन तथा खनिज समृद्ध राज्यों में खनन तथा इस्पात में विकास एवं निवेश के अवसर पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कर रहा है।
    एनएमडीसी इस्पात मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र का एक नवरत्न उद्यम है जो फिक्की के साथ मिलकर 24 एवं 25 अप्रैल 2018 को रायपुर में इस संगोष्ठी का आयोजन कर रहा है।
    इस संगोष्ठी का उद्देश्य खनन उद्योग के समक्ष वर्तमान चुनौतियों एवं भविष्य के परिदृश्य पर चर्चा करना है। विभिन्न खनन उद्योगों तथा सरकारी एजेंसियोंं के अधिकारी तथा विभिन्न संगठनों के विद्वान दो दिन की इस संगोष्ठी में प्रतिभागिता करेंगे। संगोष्ठी में विषय-विशेषज्ञ दृश्य-श्रृव्य माध्यम से तकनीकी पेपर प्रस्तुत करेंगे, केस स्टडी करेंगे तथा अनुभव साझा करेंगे। एनआईटी, रायपुर तथा बिलासपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थी भी संगोष्ठी में भाग लेंगे।
    इस्पात राज्य मंत्री विष्णु देव साय, अमर अग्रवाल, एन बैजेंद्र कुमार, एनएमडीसी निदेशक (उत्पादन) पी के सतपथी, एस्सेल माइनिंग एण्ड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक तथा फिक्की माइनिंग कमेटी अध्यक्ष तुहिन मुखर्जी संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में भाग ले रहे हैं।
    वन मंत्री महेश गागड़ा, पीसीसीएफ के आरके सिंह, एनएमडीसी निदेशक (तकनीकी) डॉ. एनके नंदा, डीएस आहलूवालिया, डॉ. टीआरके राव, संदीप तुला, के विद्यासागर तथा अन्य अनेक 

    वरिष्ठअधिकारी भी संगोष्ठी में भाग लेंगे।
    इस अवसर पर एक औद्योगिक प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही है जिसमें सभी प्रतिभागी संस्थाओं को अपनी प्रौद्योगिकी, टिकाऊ खनन पद्धतियों, सीएसआर पहलों, आदि का मॉडलों, पोस्टरों तथा दृश्य- श्रृव्य माध्यमों से प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त होगा।
    संगोष्ठी खनन उद्योग के कार्मिकों को जानकारी साझा करने में सहायक होगी, जिसमें सरकारी एजेंसियां, शिक्षाविद, सांविधिक निकाय सहभागिता कर रहे हैं।
    यह संगोष्ठी एनएमडीसी द्वारा अपने हीरक जयंती वर्ष के दौरान आयोजित किए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों का एक हिस्सा है। एनएमडीसी का इतिहास एवं प्रगति समीपवर्ती क्षेत्रों की प्रगति एवं विकास तथा समग्र रूप से राष्ट्र को इसके योगदान से आबद्ध है।

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Posted Date : 22-Apr-2018
  • 50 दिनों से बैठी थीं बेमियादी हड़ताल पर, अनशन पर भी रहीं
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 22 अप्रैल। प्रदेश में पिछले 50 दिनों से चली आ रही करीब सवा लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं की बेमियादी हड़ताल रविवार से खत्म हो गई है। सरकार ने उनकी अधिकांश मांगें मान ली है। उन्हें कलेक्टर दर पर वेतन, 50 हजार रुपये अनुग्रह राशि, मातृत्व व मोबाइल भत्ता देने का आश्वासन मिला है। सोमवार से वे सभी अपने-अपने काम पर लौट जाएंगी। 
    छत्तीसगढ़ जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका कल्याण संघ के बैनर तले वे सभी कार्यकर्ता-सहायिका यहां हड़ताल पर बैठी थीं। माहभर बाद भी उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं करने पर पदाधिकारियों ने आमरण-अनशन शुरू कर दिया था। दूसरी ओर लगातार हड़ताल सेे कई आंगनबाड़ी केंद्रों के बंद होने की नौबत आ गई थी। वहां बच्चों की उपस्थिति दिनों-दिन कम होती जा रही थी। यही वजह है कि सरकार ने बीती शाम संघ की पदाधिकारियों की एक बैठक कर उनकी मांगों पर सहमति जताई। 
    संघ की प्रांत अध्यक्ष पद्मावती साहू, सचिव प्रतिभा गजभिये, भुनेश्वरी तिवारी ने बताया कि बीती शाम उनकी मांगों को लेकर संयुक्त संचालक प्रतीक खरे की अध्यक्षता में गठित कमेटी के साथ एक बैठक हुई। बैठक में कमेटी ने उनकी सभी छह मांगों पर विस्तार से चर्चा करते हुए चार मांगों को हफ्तेभर में पूरा करने का आश्वासन दिया। उनके इस आश्वासन पर वे सभी हड़ताल खत्म कर कल से काम पर लौट रही हैं। कमेटी ने सरकार से चर्चा के बाद उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। 
    उनका कहना है कि सरकार उन्हें अब कलेक्टर दर पर वेतन भुगतान करेगी, जो कुशल-अर्धकुशल व अकुशल के आधार पर होगी। अनुग्रह राशि 10 हजार की जगह 50 हजार रुपये देगी। मातृत्व भत्ता 200 और 100 रुपये, मोबाइल भत्ता 500 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा बीमा व अन्य सुविधाएं देने का आश्वासन भी दिया गया है। चर्चा के दौरान उन्होंने बर्खास्त सभी कार्यकर्ताओं की बहाली की मांग की, जिसे पूरा करने का आश्वासन दिया गया। बैठक में कमेटी के अध्यक्ष के अध्यक्ष साथ रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी, सुभाष मिश्रा, अशोक पांडेय आदि अफसर भी थे। 

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Posted Date : 22-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    बैकुंठपुर, 22 अप्रैल। रायपुर से  बैकुंठपुर आ रही यात्री बस में ब्रेक शु चिपक जाने से आग लग गयी। सभी सवार सुरक्षित उतार लिए गए।  
    मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह 11 बजे रायपुर से आ रही रॉयल बस ट्रेवल्स की बस खडग़वां  एकलव्य आवासीय विद्यालय के पास पहुंची थी कि  बस का ब्रेक शु चिपक गया और पिछले टायर में आग लग गई।  दमकल वाहन पहुंचते तक बस खाक हो चुकी थी। इसी दौरान अपने घर की ओर से गुजर रहे विधायक श्याम बिहारी जायसवाल मौके पर पहुंच गए। उन्होंने   सवारियों को उनके मुकाम तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की।  

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Posted Date : 22-Apr-2018
  • दोषियों को फांसी देने की मांग
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 22 अप्रैल। अल्पसंख्यक, ओबीसी समेत अधिकांश समाज की महिलाओं ने रविवार सुबह यहां मौन जुलूस निकाल प्रदर्शन किया। वे सभी बैनर-पोस्टर के माध्यम से रायपुर, उन्नाव, कठुआ समते देश के अलग-अलग हिस्सों में बच्चियों-महिलाओं के साथ हो रहे बलात्कार, हत्या का विरोध करती रहीं। उनकी मांग है कि दोषियों को गिरफ्तार कर उन्हें फांसी दी जाए।  कौमी एकता के बैनर तले शहर-आसपास के हजारों लोग सुबह शास्त्री बाजार के समीप सीरत मैदान में एकजुट हुए। इसके बाद उन्होंने बलात्कार, हत्या व महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार का विरोध करते हुए मौन जुलूस निकाला। जुलूस में अधिकांश महिलाएं थीं। जुलूस कोतवाली चौक, निगम मुख्यालय, महिला थाना, राजीव गांधी चौक, नगर घड़ी चौक होकर कलेक्टोरेट पहुंचा। वहां वे सभी बैनर-पोस्टर लगाकर प्रदर्शन करते रहे। 
    प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देश में महिला अत्याचार लगातार बढ़ता जा रहा है। आरोपी खुले तौर पर घूम रहे हैं, पर सरकार उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं कर पा रही है और उनके हौसले बुलंद हैं। उनकी मांग है कि बलात्कार, हत्या के आरोपियों को कड़ी सजा दी जाए, ताकि वे दोबारा यह अपराध न कर सकें। उन्होंने चेतावनी दी है कि आरोपियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं होने पर वे सभी फिर से सड़क पर उतरने विवश होंगे। 

     

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Posted Date : 21-Apr-2018
  • विशेष संवाददाता
    रायपुर, 21 अपै्रल (छत्तीसगढ़)। चारों तरफ बलात्कार की खबरों के बीच दुर्ग जिले में बलात्कार की एक ऐसी शिकायत है जिसमें आरोपी की गिरफ्तारी के पहले छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने उसे अग्रिम जमानत दी है। 
    दुर्ग जिले के अमलेश्वर थाने में 34 बरस की एक महिला ने 13 जनवरी 2018 को यह रिपोर्ट लिखाई थी कि वहां का निलेश्वर सारंग नाम का एक आदमी 13 जनवरी 2011 से अब तक उससे बलपूर्वक बलात्कार करते आया है। उसने यह भी लिखाया कि इस आदमी ने उसका एक मोबाइल वीडियो क्लिप बना लिया था और उससे बलपूर्वक शारीरिक संबंधों के लिए वह इस क्लिप का इस्तेमाल करता था। 
    इस आरोपी के वकील ने इस पूरी शिकायत को झूठा बताते हुए हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस गौतम भादुड़ी ने कहा कि यह शिकायत 7 बरस बाद की गई बताई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि 2017 में इस आदमी और इसकी पत्नी के खिलाफ इसी शिकायतकर्ता महिला ने और दूसरे कई आरोप लगाते हुए रिपोर्ट लिखाई थी, लेकिन उसमें बलात्कार का कोई जिक्र नहीं किया गया था, जबकि वह उस रिपोर्ट में यह जिक्र कर सकती थी। इससे भी यह दिखता है कि यह आरोप झूठा है और इस आवेदक को अग्रिम जमानत दी जानी चाहिए। 
    सरकारी वकील ने इस अपील का विरोध किया और शिकायतकर्ता महिला की रिपोर्ट का एक हिस्सा बताया जिसमें उसने लिखा था कि एक बार जब वह आंगनबाड़ी में थी, यह आदमी उसे बलपूर्वक और लोगों के सामने ही एक स्टोररूम में ले गया, और उससे बलात्कार किया। एक और बयान में इसी शिकायतकर्ता महिला की एक रिश्तेदार महिला ने भी इसी आरोपी के खिलाफ बलात्कार की बात लिखाई है। 
    हाईकोर्ट ने अपने अग्रिम जमानत आदेश में लिखा है कि शिकायतकर्ता महिला ने इस बात की कोई वजह नहीं बताई है कि उसने 7 बरस देर से क्यों रिपोर्ट की। इसके अलावा आंगनबाड़ी में और लोगों के सामने से ले जाकर बलात्कार की बात लिखाई गई है। हाईकोर्ट ने आगे लिखा है कि इस मामले को समग्र रूप से देखने पर वह आवेदक (निलेश्वर सारंग) को अग्रिम जमानत का लाभ देना उचित समझती है।

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Posted Date : 21-Apr-2018
  • सभी पक्षों से पूछताछ चल रही, साक्ष्य भी जुटा रहे- पुलिस
    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    रायपुर, 21 अप्रैल। शहर के नामी कैम्पियन इंग्लिश स्कूल में नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार का आरोपी चौथे दिन भी पुलिस पकड़ से बाहर रहा। पुलिस परिजनों के बताए मुताबिक बलात्कार का मामला दर्ज कर पूछताछ में जुटी है। दूसरी ओर बच्ची के पिता का सोशल मीडिया में एक आडियो वायरल हुआ है, जिसस यह लगता है कि वे पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं है। 
    विधानसभा रोड स्थित कैम्पियन स्कूल में एक सात साल की बच्ची 18 अप्रैल को पहली क्लास में पढऩे स्कूल पहुंची। उसका वह पहला दिन था, लेकिन वह वहां बलात्कार की शिकार हो गई। वहीं के किसी नाबालिग छात्र ने उसके साथ बलात्कार किया है, पर उसकी अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस सीसी टीवी फुटेज खंगालने के साथ वहां के बच्चों-शिक्षकों से पूछताछ में लगी है। वहां मौजूद साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। 
    दूसरी ओर बच्ची के परिजन चार दिन बाद भी आरोपी के नहीं पकड़े जाने से असंतुष्ट हैं। 
    वे पुलिस से लगातार मांग कर रहे हैं कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उसे कड़ी सजा दिलायी जाए। मीडिया में वायरल एक आडियो से भी परिजन असंतुष्ट हैं। पुलिस परिजनों की मांग पर जांच-पड़ताल में जुटी है। परिजनों के बताए साक्ष्य की भी जांच कर रही है, पर अभी तक किसी का नाम सामने नहीं आया है। स्कूल प्रबंधन  भी इस मामले में चुप है। 
    सीएसपी मुकेश खरे का कहना है कि बच्ची से बलात्कार की जांच चल रही है। फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस सभी पक्षों से पूछताछ और साक्ष्य एकत्र करने में जुटी है। परिजनों के मुताबिक पुलिस ने अभी बलात्कार का मामला दर्ज कर लिया है। मेडिकर रिपोर्ट आने और पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर धारा बदल सकती है। 
    बाल आयोग अध्यक्ष स्कूल 
     पहुंचीं, जांच टीम गठित

    छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष प्रभा दुबे ने कल स्कूल का निरीक्षण कर पीडि़त बच्ची व परिजनों से चर्चा की। श्रीमती दुबे ने कहा कि इस तरह की घटना निंदनीय हैं। मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक घटना की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है एवं पीडि़त का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। उन्होंने आयोग के दो सदस्य इंदिरा जैन एवं मीनाक्षी तोमर को जांच अधिकारी नियुक्त कर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है, ताकि पीडि़त को न्याय मिल सके। 

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Posted Date : 21-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर/बिलासपुर, 21 अप्रैल। मरवाही के संकल्प शिविर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का नाम लिए बिना बड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले आस्तीन के सांपों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और ये बहुरूपिया फिर रूप बदलकर भाजपा को मदद करने आ गया है। 
    श्री जोगी के गढ़ मरवाही में शनिवार को संकल्प शिविर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पूर्व मुख्यमंत्री जोगी पर बड़ा हमला किया है। श्री बघेल ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि राहुल गांधी ने जो नारा दिया है कि वक्त है बदलाव का, उसे जानिए। 
    उन्होंने कहा कि कुछ लोग पार्टी में रहकर पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे थे। उन आस्तीन के सांपों को आप सबके सहयोग से पार्टी से बाहर रास्ता दिखा दिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों में बहुत समानता है। दोनों बहुत झुठ बोलते हैं।

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Posted Date : 21-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 21 अप्रैल। राष्ट्रीय खनिज विकास निगम 24-25 अपै्रल को रायपुर में खनन पर एक राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन कर रहा है। इसमें, खनिज संपन्न राज्यों में जिम्मेदारी के साथ माईनिंग विषय पर चर्चा होगी। सेमिनार का विषय है- रिस्पॉसिबल माईनिंग इन न्यू पैराडाईम एंड ग्रोथ एंड इन्वेस्टमेंट अपॉचुनिटीज फॉर माईनिंग एंड स्टील इन मिनरल रिच स्टेट्स। 
    एनएमडीसी के सीएमडी एन बैजेन्द्र कुमार इस आयोजन के मुख्य कर्ताधर्ता हैं। वे अभी कुछ महीने पहले तक छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त मुख्य सचिव रह चुके हैं। 

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Posted Date : 20-Apr-2018
  • विशेष संवाददाता
    रायपुर, 20 अप्रैल (छत्तीसगढ़)। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा के मुख्यमंत्री पद के घोषित प्रत्याशी बी.एस. येदियुरप्पा के नामांकन के मौके पर भाजपा के केन्द्रीय संगठन की ओर से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को विशेष रूप से भेजना पार्टी के बहुत से नेताओं को चौंकाने वाली घटना रही है। किसी मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण में तो उसकी पार्टी के दूसरे प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों का पहुंचना आम बात रहती है, लेकिन चुनावी नामांकन के मौके पर किसी एक राज्य से छांटकर मुख्यमंत्री को भेजना एक पहेली जैसा है। 
    दिल्ली में भाजपा संगठन के जानकार राजनीतिक विश्लेषकों से बात करने पर इसकी कुछ वजहें समझ आती हैं। एक विश्लेषक का यह मानना है कि रमन सिंह आज देश में भाजपा के सबसे लंबे समय तक रहने वाले मुख्यमंत्री हैं, और उन्होंने अपनी छवि जनकल्याणकारी विकास कार्यक्रमों से जुड़ी हुई बनाकर रखी है। शायद भाजपा इन्हीं दो बातों को कर्नाटक की जनता के सामने एक मिसाल की तरह रखना चाहती है कि अगर येदियुरप्पा मुख्यमंत्री बनते हैं तो राज्य में सरकार का रूख क्या होगा, और वे लंबे समय तक सीएम बने रहेंगे। 
    एक दूसरे विश्लेषक ने मध्यप्रदेश और राजस्थान के साथ छत्तीसगढ़ के कुछ महीने बाद के विधानसभा चुनावों को लेकर दो दिन पहले हुए फेरबदल के बारे में कहा। उनका कहना था कि भाजपा शासित इन तीन राज्यों की बातचीत चुनावों को लेकर अक्सर एक साथ होती है क्योंकि एक ही वक्त इन तीनों के चुनाव होने हैं। 
    लेकिन राजस्थान और मध्यप्रदेश में जिस तरह भाजपा के प्रदेश अध्यक्षों से इस्तीफे लिए गए, और नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए जा रहे हैं, उनसे छत्तीसगढ़ को अछूता रखा गया है। पार्टी ने इस राज्य में अध्यक्ष को नहीं बदला है जो कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की पसंद से बनाए गए थे, और दो दिन पहले मुख्यमंत्री ने यह कहा भी है कि छत्तीसगढ़ में प्रदेशाध्यक्ष धरम कौशिक की अगुवाई में ही चुनाव लड़ा जाएगा। 
    इधर रायपुर में यह पता लगा है कि आज सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से एसटी-एससी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ एक पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में पुलिस मुख्यालय से सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जानकारी देते हुए उस पर कड़ाई से अमल करने का एक आदेश सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को भेजा गया था, और उसे अगले ही दिन डॉ. रमन सिंह ने रोक दिया था। पुलिस मुख्यालय का वह आदेश सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सूचना भर था, लेकिन उससे एसटी-एससी तबकों में बेचैनी बढ़ी थी जो कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भारत बंद करके अपना आक्रोश दिखा भी चुके हैं। 
    डॉ. रमन सिंह ने तुरंत ही पुलिस मुख्यालय के आदेश को रोका, और उनकी सार्वजनिक घोषणा के बाद पुलिस महानिदेशक ए.एन. उपाध्याय के दस्तखत से एक नया आदेश निकला जिसमें यह कहा गया कि चूंकि छत्तीसगढ़ सरकार सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका में पक्षकार बनने का निर्णय ले चुकी है, इसलिए उसे देखते हुए अगले स्पष्टीकरण तक पुलिस मुख्यालय के पिछले पत्र को प्रसुप्त अवस्था में रखा जाता है। 
    इस पत्र में लिखे गए शब्द प्रसुप्त-अवस्था का बोलचाल की भाषा में मतलब स्थगित या निलंबित जैसा होता है। 
    डॉ. रमन सिंह की इस घोषणा को लेकर राज्य सरकार के कई लोगों में यह बेचैनी थी कि यह सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अमल में सरकार की तरफ से रोक न समझ ली जाए, और सुप्रीम कोर्ट में कोई अवमानना याचिका दायर न हो। लेकिन ऐसी नौबत आने के पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने आज केन्द्र सरकार की याचिका में पक्षकार बनने के लिए और पुनर्विचार की अपील करते हुए याचिका दायर कर दी है। भाजपा सहित किसी भी पार्टी के शासन वाली राज्य सरकारों में से छत्तीसगढ़ ऐसी पुनर्विचार याचिका दायर करने वाला पहला और अकेला राज्य रहा, और राज्य की ऐसी घोषणा को भाजपा के राष्ट्रीय संगठन ने भी गौर से देखा बताया जाता है। 
    छत्तीसगढ़ राज्य में करीब एक तिहाई आबादी एसटी-एससी तबकों की है, और उनसे परे भी कांग्रेस पार्टी, वामपंथी दल, बसपा, ये सब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खुलकर खिलाफ हैं। कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर यह मांग की है कि केन्द्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अध्यादेश लेकर आए। केन्द्र सरकार अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर कर चुकी है। ऐसे में डॉ. रमन सिंह ने अदालती अवमानना का खतरा उठाते हुए भी जिस तरह से अपनी ही सरकार के एक आदेश को स्थगित सा कर दिया है, उससे भी उनका राजनीतिक कद बढ़ा हुआ दिखता है। 
    कर्नाटक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को एक अभूतपूर्व और अनोखा महत्व पार्टी की तरफ से देना, छत्तीसगढ़ के संगठन में फेरबदल न करना, और उसे डॉ. रमन सिंह की मर्जी से रहने देना, और यह पुनर्विचार याचिका, इन तीनों को मिलाकर जो राजनीतिक निष्कर्ष निकलते हैं, वे डॉ. रमन सिंह को पार्टी के भीतर अधिक मजबूत और असरदार होते दिखाते हैं। आज देश में भाजपा के करीब डेढ़ दर्जन मुख्यमंत्री हैं, इनमें से सिर्फ एक को कर्नाटक के नामांकन में भेजना बहुत से नेताओं को चौंका गया है।

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Posted Date : 20-Apr-2018
  • पंचायत, स्वास्थ्य विभाग का गावों में सर्वे, मुनादी भी होगी

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 20 अप्रैल। प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत करीब 37 लाख गरीब परिवारों को पांच लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकती है। वर्ष 2011 की जनगणना सूची के आधार पर गांवों में गरीब परिवारों का सर्वे किया जा रहा है। पात्र परिवारों के नाम आयुष्मान भारत दिवस पर 30 अप्रैल को गांव में मुनादी करा ग्राम सभा में पढ़े जाएंगे। पंचायत भवन में फिर उनकी सूची चस्पा की जाएगी। 
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों बीजापुर से आयुष्मान भारत योजना की शुरूआत की। इस योजना से देशभर के करीब 10 करोड़ गरीब व साधनविहीन परिवारों को जोडऩे का लक्ष्य रखा गया है। इसमें प्रदेश के करीब 37 लाख परिवार शामिल हो सकते हैं। जनगणना सूची के आधार पर गांवों में सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। पंचायत पदाधिकारी, स्वास्थ्य कर्मियों के साथ सर्वे कर उनकी सूची तैयार करने में लगे हैं। कई जगहों पर ग्रामसभा आयोजित कर उनकी सूची बनाई जा रही है। माना जा रहा है कि यह सूची जल्द ही तैयार कर ली जाएगी। 
    स्वास्थ्य संचालक श्रीमती रानू साहू का कहना है कि आयुष्मान भारत दिवस पर सभी जगहों पर ग्राम सभा आयोजित की जाएगी। वहां सरपंच या सचिव पात्र परिवारों को नाम ग्रामीणों के सामने लाउड स्पीकर लगाकर पढ़े जाएंगे। उन सभी परिवारों के नाम पंचायत भवन के सूचना पटल या दीवार पर चस्पा किए जाएंगे। पात्र परिवारों की सूची सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना के आधार पर तैयार की जाएगी, जिसमें राशन कार्ड व मोबाइल नंबर आदि भी होंगे। योजना में शामिल परिवारों को पांच लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। 
    उनका कहना है कि प्रदेश के सभी जिला स्वास्थ्य अफसरों को ग्राम सभा आयोजित कराने के लिए पत्र लिखे गए हैं। उनकी टीम सरपंच या पंचायत सचिवों के माध्यम से घर-घर भ्रमण कर पात्र परिवारों की जानकारी एकत्र करेगी। मितानिन एवं एएनएम, मोबाईल व राशन कार्ड नंबर के साथ परिवार की वर्तमान स्थिति दर्ज करेंगे। ऐसे पात्र परिवार जो उस दिन अनुपस्थित हों,  उनकी पहचान व अतिरिक्त जानकारी एक से सात मई तक एकत्र की जाएगी। इसके बाद यह जानकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से 17 मई तक विभागीय पोर्टल पर अपडेट किए जाएंगे। 

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Posted Date : 19-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 19 अप्रैल। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह गुरूवार को कर्नाटक  पहुंचे और वहां पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा की नामांकन रैली में शिरकत की। उन्होंने सभा को संबोधित भी किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला भी बोला। 
    मुख्यमंत्री डॉ. सिंह कर्नाटक में भाजपा प्रत्याशियों के प्रचार के लिए गए हैं। उन्होंने बैंगलुरू में पूर्व मुख्यमंत्री श्री येदुरप्पा के पक्ष में प्रचार किया। मुख्यमंत्री ने राज्य की सिद्धरमैय्या सरकार को दलित और पिछड़ा विरोधी करार दिया। उन्होंने केन्द्र सरकार की योजनाओं की प्रशंसा की और कहा कि इससे समाज के हर तबके को फायदा पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री अनंत कुमार से भी मुलाकात की। 

     

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