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Posted Date : 15-Nov-2018
  • भाजपा के बागी ज्यादा
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
     रायपुर, 15 नवंबर। प्रदेश के दूसरे चरण की 72 सीटों में से 8 जगहों पर निर्दलीय उम्मीदवार दमदार दिख रहे हैं। बताया गया कि मजबूत निर्दलीय उम्मीदवारों में से चार भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ रहे हैं। 
    विधानसभा की दूसरे चरण की सीटों में प्रचार खत्म होने में तीन दिन बाकी रह गए हैं। यहां 20 तारीख को मत डाले जाएंगे। इन सीटों पर कांग्रेस-भाजपा के साथ ही आम आदमी पार्टी, जोगी पार्टी और अन्य दलों का चुनाव प्रचार जोरों से चल रहा है। इन सबके बीच 8 सीटें ऐसी है जहां निर्दलीय उम्मीदवार प्रभावी दिख रहे हैं। इनमें महासमुंद सीट से मौजूदा विधायक डॉ. विमल चोपड़ा भी शामिल है, जो कि फिर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। इसके अलावा बसना, धमतरी, कुरूद, रायगढ़, रामानुजगंज और बिलाईगढ़ व जशपुर सीट भी है जहां निर्दलीय उम्मीदवार दमदारी दिखा रहे है। 
    महासमुंद सीट में कांग्रेस, भाजपा के अलावा जोगी पार्टी और निर्दलीय डॉ. चोपड़ा के बीच चतुष्कोणीय मुकाबला है। इसके अलावा धमतरी सीट से कांग्रेस के बागी उम्मीदवार आनंद पवार निर्दलीय चुनाव मैदान में है और वे कांग्रेस-भाजपा उम्मीदवारों को कड़ी टक्कर देते दिख रहे हैं। पवार प्रदेश कांग्रेस के सचिव रह चुके हंै। उनका धमतरी शहर के अलावा आसपास के गांवों में भी अच्छी पकड़ है। इसी तरह कुरूद सीट से कांग्रेस के बागी नीलम चंद्राकर भी दमदारी दिखा रहे हैं। चंद्राकर कांग्रेस के पंचायत विभाग के अध्यक्ष रहे हैं। वे चार बार जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में दलीय प्रत्याशियों को अच्छी टक्कर दे रहे हैं। 
    इसी तरह भाजपा के बागी पूर्व विधायक विजय अग्रवाल रायगढ़ सीट से चुनाव मैदान में हैं। अग्रवाल ने टिकट न मिलने पर पार्टी छोड़ दी और पूरे दमखम से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके साथ भाजपा के कई नेता भी पार्टी छोड़कर जुड़ गए हैं और वे दलीय प्रत्याशियों के बराबरी पर आ खड़े हुए हैं। यहां से मौजूदा विधायक रोशन अग्रवाल को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है। जबकि कांग्रेस ने पूर्व मंत्री डॉ. शक्राजीत नायक के बेटे प्रकाश को टिकट दी है।     
    यहां चुनावी मुकाबला रोचक हो गया है। इसी तरह बसना सीट से नगर पंचायत अध्यक्ष सम्पत अग्रवाल भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतर गए हैं।  वे भी चुनाव परिणाम प्रभावित करने की स्थिति में दिख रहे हैं। अग्रवाल  के चुनाव मैदान में उतरने से भाजपा को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। इसी तरह अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित बिलाईगढ़ सीट से भोजराम अजगल्ले चुनाव मैदान में उतर गए हैं। वे भाजपा से टिकट के दावेदार थे और उनकी पत्नी जनपद अध्यक्ष है। अजगल्ले का प्रचार तेजी से चल रहा है और वे काफी कुछ प्रभावित करने की स्थिति में दिख रहे हैं। 
    जशपुर सीट से भाजपा से बगावत कर खुडिय़ा दीवान चुनाव मैदान में उतर गए हैं। दीवान जूदेव परिवार के नजदीकी माने जाते हैं और दिवंगत दिलीप सिंह जूदेव की तस्वीर लगाकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उनके चुनाव मैदान में उतरने से कांग्रेस के विनय भगत और भाजपा के गोविंद राम भगत के बीच मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। जशपुर सीट भाजपा का गढ़ रहा है। भगत के चलते मुकाबला रोचक हो गया है। इसी तरह रामानुजगंज सीट से जिला पंचायत उपाध्यक्ष विनय पैकरा बगावत कर चुनाव मैदान में कूद गए हैं। उनके चुनाव मैदान में उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है। वे कांग्रेस और भाजपा को टक्कर देते दिख रहे हैं। 

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 15 नवम्बर। प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने इन दिनों सोशल मीडिया पर तैर रहे स्टिंग ऑपरेशन के कुछ वीडियो क्लिप लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार और उसके अधिकारियों के खिलाफ भाजपा के बहुत से लोगों ने ऐसे स्टिंग ऑपरेशनों में कई तरह के आरोप लगाए हैं, और इनके बारे में भाजपा को बताना चाहिए कि उसका इन पर क्या कहना है। खुफिया कैमरे से की गई ऐसी रिकॉर्डिंग में कुछ बड़े भाजपा नेता अपनी ही पार्टी की सरकार में सत्तारूढ़ लोगों के बारे में कई तरह की आलोचनात्मक बातें कहते हुए दिखाए गए हैं। अभी तक भाजपा की तरफ से इन पर कोई जवाब नहीं आया है, और भूपेश बघेल ने ऐसी कथित बातचीत का जिक्र करते हुए इस पर भाजपा से जवाब मांगा है, और चुनाव आयोग को शिकायत करने की बात कही है।

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर,15 नवम्बर। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने गुरुवार को यहां गंगा की सौगंध खाकर कहा कि छत्तीसगढ़ मेंं कांग्रेस की सरकार बनने पर 10 दिन के भीतर किसानों का कर्ज माफ  किया जाएगा। उन्होंने भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा किसानों से जो वादा करती है, उसे पूरा नहीं करती। उनका 21 सौ रुपये धान समर्थन मूल्य देने का वादा अधूरा ही रह गया।
    पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्री सिंह ने पत्रकारों से चर्चा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के किसानों से किए जा रहे वादे को दोहराया। उन्होंने कांग्रेस के मीडिया प्रमुख शैलेष नितिन त्रिवेदी, सुशील आनंद शुक्ला व कांफ्रेंस में बैठे अन्य नेताओं के साथ  अपने हाथों में गंगा जल उठाकर किसानों से यह वादा किया कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर उनका कर्ज 10 दिनों में माफ कर दिया जाएगा। 
    उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय ही भाजपा को राम मंदिर याद आता है। साढ़े चार साल से केंद्र में भाजपा की सरकार एवं उत्तर प्रदेश में भी उनकी सरकार होने के बाद भी वहां राम मंदिर नहीं बना पा रहा है। भाजपा जुमलों की सरकार है और भगवान राम भी उन्हें माफ नहीं करेंगे।
    श्री सिंह ने कहा कि भाजपा के नेता जो वादे करते हैं वह सिर्फ जुमला साबित होता है। कश्मीर में रोजाना जवान अपनी शहादत देते आ रहे हैं। देश में सबसे खराब प्रगति छत्तीसगढ़ में हुई है। उन्होंने कहा कि देश में भ्रष्टाचार बड़े पैमाने पर हैं, जिससे आम आदमी, गरीब, नौजवान, किसान और छोटे व्यापारी समेत सभी परेशान हैं। 

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Posted Date : 15-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 15 नवम्बर। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को यहां कहा कि नक्सलवाद अपने आखिरी चरण में है और छत्तीसगढ़ समेत पूरे भारत में आगामी तीन से पांच वर्षों में खत्म हो जाएगा।  
    भाजपा के स्टार प्रचारक केंद्रीय गृहमंत्री श्री सिंह यहां दो दिनी चुनावी दौरे पर आए हैं और प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर जनसभाएं ले रहे हैं। आज अपने चुनावी दौरे पर निकलने के पहले उन्होंने यहां पत्रकारों से चर्चा में कहा कि पहले देश के 90 जिले नक्सल प्रभावित थे, जो सिमटकर अब 10-11 जिलों तक आ गया है। भारत जल्द नक्सलमुक्त होगा। 
    उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि छत्तीसगढ़ में रमन सरकार विश्वसनीयता के साथ काम कर रही है और चौथी बार उनकी सरकार बनने पर छत्तीसगढ़ जल्द ही पूरी तरह से नक्सलमुक्त हो जाएगा। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि देश को पूरी तरह से नक्सलमुक्त होने में तीन से पांच वर्ष लगेंगे। उन्होंने नक्सलियों से अपील की, कि वे बंदूक छोड़कर मुख्यधारा में लौट आएं। 
    केंद्रीय गृहमंत्री श्री सिंह ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस नेता पहले कुछ बयान दे रहे थे। अब वे अपने इस बयान पर सफाई देने लगे हैं। उनके दिमाग में कहीं न कहीं नक्सलवाद को लेकर  वैसी बात चल रही होगी, जिसकी वजह से उन्हें अब सफाई देनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के साथ देश का तेजी के साथ विकास हो रहा है और उनकी सरकार नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म करने में जुटी है। 

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Posted Date : 14-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर,14 नवम्बर। सूर्योपासना के महापर्व छठ के अवसर पर महादेवघाट, रोहिणीपुरम, हीरापुर, आमातालाब सहित शहर के तालाब आस्था से सराबोर रहे। छठी मैया की पूजा उपरांत उगते सूरज को अघ्र्य देकर छठ व्रतियों ने व्रत का पारणा किया। चुनावी दौर में भाजपा, कांग्रेस राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि छठ पर्व की बधाई देने छठ स्थल पहुंचे। 
    छठ महापर्व के अवसर पर भोर से उगते सूरज को अघ्र्य देने के लिए महादेवघाट में व्रतधारियों का सैलाब उमड़ा रहा। आकाश में लालिमा फैलते ही सूर्य की अगवानी में पटाखे फूटते रहे। बांस की बंहगिया जैसे छठ गीतों से महादेव घाट में आस्था छलकती रही। सूर्य की किरणों के अवतरित होते ही व्रतधारी महिलाएं सूर्य को अघ्र्य देने के लिए उमड़ पड़ी। छत्तीस घंटों के कठिन व्रत के बाद सूर्य को अघ्र्य देते हुए महिलाओं के चेहरे पर आस्था के भाव छलकते रहे। छठ महापर्व आयोजन समिति की ओर से छठ पर्व के अवसर पर आंचलिक गायक कलाकार गोपाल राय और प्रशांत चौबे के गीतों की सुरलहरियों से खारून का तट भीगा रहा। सुसज्जित महादेवघाट दीपदान से आलोकित रहा। 
    रोहिणीपुरम तालाब छठ पर्व की आस्था से आलोडि़त रहा। व्रतधारी सविता सिंह ने बताया कि वह 28 सालों से छठ व्रत कर रही हैं। वीणा यादव, प्रीति यादव, अनिता सिंह ने बताया कि परिवार के सदस्यों की भागीदारी में छठ पर्व का उत्साह दोगुना हो जाता है। सुनीता, आशा शर्मा ने बताया खरना के बाद से छठ में निर्जला व्रत किया जाता है। सूप में ठेकुआ सहित फल रखकर भगवान सूर्य को अघ्र्य दिया जाता है। पहले उनकी सास छठ करती थीं अब इस परम्परा का वह निर्वहन कर रही हैं। कौशल्या दुबे कहती है परिवार की खुशहाली के लिए छठ किया जाता है। इस पर्व में छठी मैया की पूजा उपरांत सूर्य को अघ्र्य दिया जाता है। सुमन दुबे कहती हैं पटना में छठ का उल्लास चरम पर होता है। धीरे-धीरे यहां भी छठ का चलन बढ़ता जा रहा है। 
    उत्तर भारत समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह ने बताया हीरापुर स्थित तालाब में छठ के मौके पर मंगलवार को डूबते सूरज को तथा बुधवार को उगते सूरज को अघ्र्य दिया गया। पिछले 30 सालों से यहां छठ पर्व मनाया जा रहा है। 
    छठ महापर्व आयोजन समिति के राजेश कुमार सिंह, सुनील सिंह, अनिल सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में छठ महापर्व महादेवघाट में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मंगलवार को हजारों की संख्या में सूर्योपासकों ने डूबते सूर्य को अघ्र्य देने के साथ ही महाआरती की और दीपदान किया। छठ पर्व की कड़ी में बुधवार को उगते सूरज को अघ्र्य देकर व्रतधारियों ने छठ व्रत की पारणा की। समिति की ओर से महादेव घाट पर उपासकों के लिए भोजन प्रसाद और विश्राम की भी व्यवस्था की गई। समिति के प्रमुख राजेश सिंह, डी.के. शर्मा ने बताया महादेवघाट में उत्सवी छटा बिखेरने फूलों की सजावट समेत रंग-बिरंगी लाइट्स की व्यवस्था की गई थी। समिति के प्रमुख सदस्य विपिन सिंह, रामकुमार सिंह राजावत ने बताया बुधवार सुबह 7 बजे से महाभंडारा रखा गया।

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Posted Date : 11-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 11 नवंबर। माकपा के राष्ट्रीय महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा है कि चुनाव में भाजपा को जीत से रोकना और वामपंथी दलों को ताकतवर बनाना उनका लक्ष्य है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा हर संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रही है और देश में एक तरह से लूट की स्थिति बन गई है। नोटबंदी, जीएसटी ने देश की पूरी अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया है। भाजपा सिर्फ विकास के दावे कर रही है, पर ऐसा कुछ नहीं है। आदिवासियों को उनकी जमीन वापस नहीं मिल पा रही है। गरीब, किसान-मजदूर समेत हर वर्ग के लोग परेशान हैं। 
    श्री येचुरी ने रविवार को यहां पत्रकारों से चर्चा में बताया कि प्रदेश में माकपा तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही है। लुंड्रा, कटघोरा व भटगांव में उनके प्रत्याशी उतारे गए हैं। इन सीटों के अलावा उनकी पार्टी व वामदलों का लक्ष्य प्रदेश में भाजपा को हराना है। उन्होंने कहा कि देश में राफेल मुद्दा लगातार उछल रहा है, लेकिन उस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया जा रहा है। बड़े-बड़े उद्योगपति, पूंजीपति करोड़ों का कर्ज उठाकर विदेश भाग रहे हैं, पर उन पर तगड़ी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। 
    उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था में सुधार नहीं आया, बल्कि आर्थिक स्थिति और बिगड़ी है। जीएसटी के चलते कई संस्थाएं बंद होने लगे हैं। 
    रोजगार गारंटी के तहत कराए गए कामों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। सैकड़ों सरकारी स्कूलों को बंद कर उसका निजीकरण कर दिया गया। किसानों को दो साल का धान बोनस नहीं मिल पा रहा है। चुनावी घोषणा के मुताबिक धान समर्थन मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। रसोई गैस के दाम बढ़ते जा रहे हैं। देश में महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में भाजपा को हराने सभी वामपंथी दल एकजुट हैं। 

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Posted Date : 10-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 10 नवम्बर। जोगी पार्टी ने शनिवार को शपथ पत्र के साथ अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी किया। चौदह बिंदुओं के घोषणा पत्र में धान का समर्थन मूल्य 25 सौ रूपये प्रति क्विंटल करने के साथ-साथ पांच हार्स पावर तक की बिजली मुफ्त देने का वादा किया गया है।
     साथ ही सरकारी नौकरियों में स्थानीय लोगों को शत-प्रतिशत आरक्षण देने के अलावा पीजी पास बेरोजगारों को 2001 रु. प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने का जिक्र भी घोषणा पत्र में किया गया है। पार्टी के मुखिया अजीत जोगी ने कहा कि छत्तीसगढ़ इस बार घोषणा गढ़ नहीं शपथगढ़ बनेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमारे घोषणाओं की नकल की है। श्री जोगी ने कांग्रेस के घोषणा पत्र को जोगी नकल पत्र करार दिया। 
    श्री जोगी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि पार्टी की पहली स्थापना दिवस के मौके पर 25 सौ रूपये समर्थन मूल्य, शराब बंदी के साथ-साथ आउटसोर्सिंग के विरूद्ध स्थानीय बेरोजगारों को 100 फीसदी आरक्षण और 15 सौ रूपये सामाजिक सुरक्ष पेंशन का पत्र जारी किया था। कांग्रेस ने बिना मेहनत किए उसकी नकल कर ली। 
    श्री जोगी ने कहा कि कल कांग्रेस का जन घोषणा पत्र और भाजपा का संकल्प पत्र जारी हुआ। इसी तरह का एक संकल्प पत्र भाजपा ने पिछले चुनाव में जारी किया था। पांच साल हो गए, 2100 रुपये समर्थन मूल्य, प्रतिवर्ष 300 रुपये बोनस,  ऐसे कई संकल्प लिए लेकिन कोई संकल्प पूरा नहीं हुआ। इस साल फिर नए संकल्पों के साथ आ गए। 
    श्री जोगी ने कहा कि कांग्रेस ने भी इस तरह पंजाब और कर्नाटक में घोषणा पत्र दिए। किसानों का ऋण दस दिनों में माफ  करने की बात कही। लेकिन धरातल पर स्थित ये है कि दस महीने से ज्यादा हो गए पंजाब में आज तक किसानों का ऋण माफ  नहीं हुआ। कर्नाटक में तो केवल कागज में ही ऋण माफ  हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और मोदीजी की बात तो बहुत दूर की है। जोगी ने दावा किया कि इन दोनों ने तो अपने घोषणाओं का एक पॉइंट भी ठीक से नहीं पढ़ा होगा।
    उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस, बसपा और सीपीआई के महागठबंधन के मुख्यमंत्री प्रत्याशी होने के नाते वे छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता को अपना शपथ पत्र दे रहे हैं। वे भारतीय राजनीति के इतिहास में पहला ऐसा मुख्यमंत्री प्रत्याशी हूं जो घोषणा नहीं, वादे नहीं बल्कि शपथ पत्र देकर जनता के बीच जा रहा हूं।
    श्री जोगी ने चुनौती दी है कि वे दोनों दलों के राष्ट्रीय नेताओं को चुनौती देते हैं कि अगर दोनों वाकई  घोषणाओं को पूरा करने का दम रखते हैं तो मेरी तरह छत्तीसगढ़ की जनता को शपथ पत्र देकर ये विश्वास दिलाएं कि जनता इस बार ठगी नहीं जायेगी। अगर नियत साफ  हो तो कर्जा माफी के लिए दस दिन नहीं दस मिनट और एक दस्तखत चाहिएए जो केवल अजीत जोगी कर सकता है।
    पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने जीवन भर छत्तीसगढ़ की सेवा की। मेरे पैर टूट गए लेकिन आज चौदह साल हो गए मेरी हिम्मत नहीं टूटी। मैं तीन बार मौत के मुंह से बाहर आया। इस बार तो 52 दिनों तक मौत से संघर्ष किया। मैं जिंदा बचा हूँ केवल अपनी शपथ पूरी करने के लिए। इसी माटी में पैदा हुआ, इसी माटी में मिल जाऊंगा। लेकिन अपनी शपथ पूरी करके ही मौत को गले लगाऊँगा।  

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Posted Date : 10-Nov-2018
  • नई दिल्ली, 10 नवम्बर : छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने संकल्प पत्र 2018 को जारी किया. इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री रमन सिंह मौजूद रहे. बीजेपी अध्यक्ष अमित सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचारविहीन प्रक्रिया से सरकारी योजनाओं को सरकार जनता तक पहुंचाने में सफल रही. कृषि की लागत कम  करने में सबसे ज्यादा सफलता अगर किसी सरकार ने पाई है, वह छत्तीसगढ़ की रमन सरकार है. किसान के घर समृद्धि पहुंचाने का काम किया है. अमित शाह ने कहा कि जनादेश से भरोसा है कि चौथी बार सरकार बनाएंगे. केंद्र में नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार है और यहां रमन सिंह की सरकार है. ये दोनों सरकारें मिलकर छत्तीसगढ़ को और ले जाने के लिए संकल्पित हैं.
    अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अंदर काफी परिवर्तन आए हैं. कृषि उत्पादन बढ़ाना एक विषय होता है और कृषि लागत कम करना दूसरा विषय होता है. इसमें रमन सिंह सरकार ने सफलता पाई है.  धान की और उपजों की खरीद के लिए वैज्ञानिक व्यवस्था की. बोनस के साथ अच्छा दाम देकर किसान के घर समृद्धि बढ़ाने का काम किया. आइटी का उपयोग किया. प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पांच सौ करोड़ रुपये किए. कुल मिलाकर 18 हजार करोड़ रुपये से तमाम विकास कार्य किए. राज्य में मुद्रा योजना के तहत 26 लाख लोगों को लाभ मिला वहीं उज्जवला योजना के 20 लाख लाभार्थी हुए.(ndtv)

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Posted Date : 09-Nov-2018
  •  दुर्गम क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर से जाएंगे 40 मतदान दल
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 9 नवंबर। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में आठ जिलों में 12 नवम्बर को मतदान होना है। आचार संहिता के तहत शुक्रवार शाम को चुनाव प्रचार थम जाएगा। प्रथम चरण में होने वाले मतदान के लिए 31 लाख 79 हजार 520 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। शतप्रतिशत मतदान के लिए 4 हजार 336 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। इस चरण में 16 लाख 21 हजार 839 महिला, 15 लाख 57 हजार 592 पुरूष तथा 89 तृतीय लिंग के मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। बताया गया कि पहले चरण के चुनाव के लिए 252 कैमरों के माध्यम से वेबकास्टिंग के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी।
    निष्पक्ष, स्वतंत्र, सुगम और ज्यादा से ज्यादा मतदान के लिए निर्वाचन कार्यालय ने खासा तैयारी की है। बताया गया मतदान दलों की हर गतिविधि और सुरक्षा पर नजर रखने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर लगे कैमरे से वेबकास्टिंग के जरिए पूरी मतदान प्रक्रिया पर निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की लगातार निगरानी बनी रहेगी। मतदान कार्यों में लगे अफसरों और कर्मचारियों के लिए ई-मतपत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। विजिल-एप, सी-टाप्स, वेबकास्टिंग जैसी तकनीक का इस्तेमाल निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव के लिए किया जा रहा है। 
    सी-टॉप्स एप के माध्यम से निर्वाचन दल की ट्रैकिंग की जा सकेगी। इस एप में मतदान केंद्र की जिओ टैगिंग की गई है। मतदान दल के निर्वाचन के लिए रवाना होने से लेकर वापस आने तक हर गतिविधि अपडेट होती रहेगी। मतदान दल का रूट चार्ट भी इसमें दर्ज होगा। सी-टॉप्स के माध्यम से मतदान केंद्र में हो रहे मतदान और वहाँ पर मतदाताओं की लगी कतार की भी जानकारी मिलेगी। विधानसभा निर्वाचन के दौरान निर्वाचन कार्य से जुड़े विभिन्न दल सी-टॉप्स (सी-टी.ओ.पी.पी.एस) एप के माध्यम से जुड़े रहेंगे और उनकी पल- पल की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। छत्तीसगढ़ ट्रैकिंग ऑफ पोलिंग प्रोसेस सॉफ्टवेयर (सी-टॉप्स) एप के माध्यम से निर्वाचन से सम्बंधित सभी दलों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर और पुलिस अधीक्षक, सी -टॉप्स शेयरिंग वेबसाइट और एप के जरिये अपडेट होते रहेंगे। सेक्टर ऑफिसर तक इस एप से जुड़े रहेंगे।
    यह चुनाव पिछले चुनावों से काफी अलग है। प्रदेश की प्रमुख पार्टियों में प्रत्याशियों के चयन को लेकर काफी लंबी प्रक्रिया चली। दूसरी तरफ निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराने के ज्यादा से ज्यादा प्रयास किए। ज्यादा से ज्यादा मतदान के लिए मतदाता जागरूकता के कई रोचक कार्यक्रमों का लगातार आयोजन किया जा रहा हैं। 
    बताया गया कि दुर्गम क्षेत्रों में 40 मतदान दलों को हेलीकॉप्टर के जरिए मतदान केन्द्र तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि बस्तर जिले के चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र के 16 मतदान केन्द्रों और जगदलपुर विधानसभा के चार मतदान केन्द्रों के लिए आवश्यक व्यवस्था सुकमा जिले से की जा रही है। भारत निर्वाचन आयोग के सी-विजिल एप (सिटिजन विजिल एप) पर लोगों की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है. एप के शुरू होने के बाद  सी-विजिल पर मिलने वाली शिकायतों के निराकरण के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में अलग से नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है. निर्वाचन के दौरान अगर किसी भी मतदाता को यह दिखता है कि आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा है तो वे इस एप पर अपनी शिकायत भेज सकते हैं. इसके लिए शिकायतकर्ता फोन पर सी-विजिल एप्लिकेशन डाउन लोड कर सीधे घटना की फोटो या वीडियो अपलोड कर सकते हैं। मतदाता को रिझाने के लिए कोई उपहार बाँटने, भड़काऊ भाषण देने समेत ऐसे ही किसी अन्य मामलों की शिकायत इस एप के माध्यम से की जा रही है. वीवीपेट में मतदाता पहली बार अपने मतदान की पुष्टि वीवीपेट मशीन के माध्यम से कर पाएगा। इसके लिए वीवीपेट मशीन में मतदान की पर्ची मतदान उपरांत 7 सेकंड के लिए प्रदर्शित होगी तथा प्रदर्शित होने के बाद पर्ची ड्राप बाक्स  में संग्रहित हो जाएगी। वीवीपेट को मतगणना के दौरान शामिल किया जाएगा। इसमें प्रत्येक विधानसभा के किसी एक वीवीपेट की गणना भी की जाएगी। इस वीवीपेट का निर्धारण लाटरी के आधार पर किया जाएगा।
    संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी पद्मिनी भोई साहू ने बताया कि वेबकास्टिंग के इंतेजाम किए गए हैं। लेकिन यह सभी मतदान केन्द्रों के लिए नहीं होगा। चुने हुए मतदान केन्द्रों में ही वेबकास्टिंग के इंतेजाम किए गए हैं। नेटवर्क और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 252 कैमरों के माध्यम से वेबकास्ंिटग की जाएगी। 

     

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Posted Date : 06-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 6 नवम्बर। पहले चरण की सीटों पर भाजपा ने नाराज नेताओं को मान-मनौव्वल कर प्रचार में लगाने के काम कुछ हद तक सफलता हासिल कर ली है। इन सबके बावजूद कुछ नेता जो पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ काम कर रहे थे उन पर अनुशासन का डंडा चलाया है। इस कड़ी में कांकेर के जनपद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष  को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। 
    बस्तर में प्रचार-प्रसार और अंदरूनी गतिविधियों पर पार्टी नेताओं की नजर है। खुद राष्ट्रीय सहमहामंत्री (संगठन) सौदान सिंह ने बस्तर में डेरा डाल दिया है। वे लगातार पार्टी नेताओं से चर्चा कर रहे हैं और एक-एक सीटों की बारीक मानिटरिंग कर रहे हैं। बस्तर में प्रदर्शन सुधारने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। पिछले चुनाव में बस्तर में 12 में से मात्र 4 सीटें ही मिली थी। श्री सिंह प्रचार-प्रसार व्यवस्था पर निगरानी रखे हुए हैं। कई जगहों पर नाराज नेताओं को मान-मनौव्वल की गई है और इनमें से ज्यादातर नेता पार्टी के काम में जुट गए हैं। 
    सूत्र बताते हैं कि कुछ नेता अभी भी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ काम कर रहे हैं, इन्हीं में से कांकेर जनपद पंचायत के अध्यक्ष नामदेव उसेंडी और जनपद पंचायत उपाध्यक्ष अनिल चंदेल भी हैं। बताया गया कि दोनों नेता अंतागढ़ सीट में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी विक्रम उसेंडी के खिलाफ प्रचार में लगे हुए थे। कहा जा रहा है कि दोनों को समझाइश देने की कोशिश की गई किन्तु उनकी गतिविधियां जारी रही। इसके बाद दोनों को ही पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। 
    बस्तर से परे राजनांदगांव में पार्टी के नेताओं की नाराजगी कुछ हद तक दूर कर ली गई है। टिकट नहीं मिलने से पूर्व विधायक रजिन्दर पाल सिंह भाटिया के समर्थक नाराज चल रहे थे। जिन्हें मना लिया गया है। इसी तरह डोंगरगांव और डोंगरगढ़ में भी नाराज नेताओं को काम में लगाया गया है। खैरागढ़ में भी कई प्रभावशाली नेता नाराज चल रहे हैं, जिन पर नजर रखी गई है। असंतुष्टों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है ताकि पार्टी को नुकसान न हो। 

     

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Posted Date : 05-Nov-2018
  • पार्टी ने कहा-ज्यादा के बजाय कम सीटों पर ही पूरा फोकस 

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 5 नवंबर। सीपीआई इस बार प्रदेश की सिर्फ 7 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। पहले चरण में उनके 5 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। दूसरे चरण में सिर्फ दो प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। सीपीआई नेताओं का कहना है कि इस बार ज्यादा सीटों के बजाय प्रभाव वाली सीटों पर ही प्रत्याशी उतारे गए हैं। पार्टी इन्हीं सभी सीटों पर अपना पूरा फोकस कर रही है और उन्हें इस बार कहीं-कहीं पर जीत की उम्मीद है। 
    प्रदेश में सीपीआई शुरू से चुनाव लड़ती रही है। वर्ष-2003 में उनके करीब 14-15 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रहे। इसी तरह वर्ष-2008 में भी उनके इतने ही प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे गए थे। वर्ष-2013 में उनके 13 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़े, लेकिन तीनों चुनावों में किसी भी प्रत्याशी की जीत नहीं हुई। लगातार हार के बाद सीपीआई इस बार नई रणनीति बनाकर चुनाव मैदान में उतरी है और उन सभी सीटों पर जीत   के हिसाब से तैयारी में लगी है। 
    सीपीआई के राज्य सचिव आरडीसीपी राव का कहना है कि पहले चरण में उनकी पार्टी ने सिर्फ बस्तर की 5 सीटों को लिया है। वहां के सुकमा, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, कोंडागांव व केशकाल में उनके प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं और उन सभी सीटों पर उनकी स्थिति मजबूत मानी जा रही है। दूसरे चरण में उनके दो प्रत्याशी जांजगीर-चांपा व सक्ती से चुनाव लड़ रहे हैं। 
    उनका कहना है कि उनके सभी प्रत्याशी अपने कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव प्रचार में जुटे हैं। यहां पार्टी के राज्य स्तर के नेता भी चुनाव प्रचार कर रहे हैं। लगातार हार के बाद उनकी पार्टी ने इस बार नई रणनीति के तहत अपना प्रत्याशी उतारा है और सभी सातों सीटों में से कहीं-कहीं पर उन्हें जीत की उम्मीद दिख रही है। उनके प्रत्याशी पार्टी के प्रभाव वाले क्षेत्रों में ही चुनाव लड़ रहे हैं और बड़े दलों के प्रत्याशियों को टक्कर दे रहे हैं। 

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Posted Date : 05-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 5 नवंबर। छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच से 14 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। कवर्धा, बिलासपुर जिले में उनके प्रत्याशियों बी-फार्म निरस्त कर दिए गए। अब वहां उनके सभी प्रत्याशी निर्दलीय हो गए हैं। पार्टी का कहना है कि प्रदेश की बाकी सीटों पर किन प्रत्याशियों को समर्थन करना है, यह एक-दो दिन में तय किया जाएगा। 
    स्वाभिमान मंच ने पिछला चुनाव पूरे दमखम के साथ लड़ा था। कांग्रेस, भाजपा के कई बड़े नेता, पूर्व मंत्री उनकी टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे थे। पार्टी को उस समय कम से कम दर्जनभर सीटों पर जीत की पूरी उम्मीद बंधी थी, पर किसी भी सीट पर उन्हें सफलता नहीं मिली।
     इस बार पार्टी ने अधिकांश सीटों पर चुनाव लडऩे के बजाय अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में ही चुनाव लडऩा बेहतर माना। यही वजह है कि इस बार उनके प्रत्याशी मध्य छत्तीसगढ़ की सीटों पर ही हैं। 
    स्वाभिमान मंच के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने बताया कि पहले चरण में उनके सिर्फ 2 प्रत्याशी कोंटा व राजनांदगांव से चुनाव लड़ रहे हैं। दूसरे चरण में 12 प्रत्याशी उतारे गए हैं। इनमें दुर्ग जिले की 5 सीट   दुर्ग शहर, दुर्ग ग्रामीण, अहिवारा, वैशाली नगर व भिलाईनगर शामिल हैं। रायपुर जिले से रायपुर पश्चिम, बलौदाबाजार जिले से बलौदाबाजार, कसडोल, भाटापारा व सरगुजा जिले से अंबिकापुर में उनके प्रत्याशी हैं। बिलासपुर, कवर्धा व गुंडरदेही सीट पर भी चुनाव लड़ रहे हैं। 
    उनका कहना है कि बिलासपुर, कवर्धा जिले की सभी सीटों पर उनके प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे गए थे, लेकिन सिर्फ दो सीट छोड़कर वहां उनके बाकी सभी प्रत्याशियों के बी-फार्म निरस्त कर दिए गए। बिलासपुर, कवर्धा को छोड़कर अब वहां की बाकी सीटों पर उनके प्रत्याशी निर्दलीय हो गए हैं। पार्टी उन सभी प्रत्याशियों को अपना समर्थन देेगी। बाकी जिन सीटों पर उनके प्रत्याशी नहीं हैं, वहां समर्थन देने को लेकर पार्टी एक-दो दिन में कुछ तय करेगी। 

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Posted Date : 05-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 5 नवंबर। पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने महंगाई को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यूपीए सरकार में कच्चे तेल की कीमत ज्यादा थी, पर पेट्रोल कम दर पर मिल रहा था। डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट आई है। देशभर में महंगाई बढ़ती जा रही है। केंद्र में कांग्रेस की सरकार आने पर पेट्रोल-डीजल के साथ ही घरेलू गैस के दाम आधे कर दिए जाएंगे। 
    पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री तिवारी ने आज यहां पत्रकारों से चर्चा में भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि बढ़ती महंगाई से लोग त्रस्त हैं और उनके घरों का बजट बिगड़ा हुआ है। किसानों के साथ आम जनता महंगाई को लेकर त्राहि-त्राहि कर रही है, पर देश में महंगाई कम नहीं हो रही है। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े सवाल पर कहा कि भाजपा को राम मंदिर से कोई मतलब नहीं है, वो सिर्फ  वोट चाहती है।
     उन्होंने कहा कि पिछले 53 महीने में कच्चे तेल की कीमत करीब 50 डॉलर कम हुआ है। यूपीए सरकार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ी हुई थी, लेकिन पेट्रोल की कीमत कम थी। श्री तिवारी ने डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 53 महीने में रुपये में ज्यादा गिरावट आई है। केंद्र में उनकी सरकार आई तो पेट्रोल 35 रुपए और डीजल उससे भी कम दर पर मिलेंगे। वहीं घरेलू गैस के दाम आधे कर दिए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अर्थ और अर्थव्यवस्था एक ऐसा मुद्दा है जो हर गृहणी चुनते हैं लेकिन भाजपा ने अर्थ का अनर्थ कर दिया है। भाजपा सरकार 11 लाख करोड़ रुपये टैक्स लगाकर उसे अपनी जेब में डाल रही हैं।

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Posted Date : 05-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 5 नवंबर। राजधानी का सराफा मार्केट सोमवार को धनतेरस के लिए सजकर तैयार है। बाजार को लेकर लोगों में बहुत उत्साह देखा जा रहा है। किसानों की धान कटाई का काम पूरा होने से भी अच्छी खरीदारी की उम्मीद की जा रही है। 
    शहर के प्रमुख ज्वेलर्स अनोपचंद तिलोकचंद, समृध्दि ज्वेलर्स, शिवराज प्रकाशचंद भंसाली ज्वेलर्स, सन एंड सन ज्वेलर्स, धनश्री ज्वेलर्स, सुमीत ज्वेलर्स, तनिष्क ज्वेलर्स व शैलेष कुमार एंड ब्रदर्स ने ग्राहकों के लिए खास इंतेजाम किए हैं। माना जा रहा है हर साल की तरह इस साल भी धनतेरस पर राजधानी का सराफा गुलजार रहने वाला है। 
    अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स के शांतिलाल बरडिया ने कहा कि बाजार की तैयारी पूरी है। शहर के ग्राहकों में खासा उत्साह है। चुनाव की वजह से कैस लाने ले जाने की दिक्कत के चलते आसपास के क्षेत्रों से ग्राहकी कम होने संभावना है। लेकिन वास्तविक स्थिति का पता कल बाजार पर पता चल सकेगा। शादी के लोग खरीदारी कर रहे हैं। शहर का बाजार ठीक ठाक है। चुनाव की वजह से बाजार पर असर हुआ है।
    शिवराज प्रकाशचंद भंसाली ज्वेलर्स के अजय भंसाली ने बताया कि बाजार ने ग्राहकों के लिए अच्छी तैयारी कर रखी है। कल तक बाजार कुछ कमजोर था लेकिन आज से तेजी देखने में आ रही है। कल धनतेरस पर बाजार के अच्छे रहने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने बताया कि उनके संस्थान की तरफ से ग्राहकों को जेवरों पर फ्री में इंश्योरेंस दिया जा रहा है। यह इंश्योरेंस एक साल के लिए होगा। 
    सन एंड सन ज्वेलर्स के मनीष कुमार शर्मा ने बताया कि बाजार 4-5 दिनों से अच्छा चल रहा है। दीवाली का बाजार काफी अच्छा रहने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि सन एंड सन की ओर से दीवाली आफर भी ग्राहकों को दिए जा रहे हैं। जिसका लाभ ग्राहक उठा रहे हैं। शहर और आसपास के लोगों की अच्छी ग्राहकी बाजार को मिल रही है। बाजार में काफी उत्साह है।
    धनश्री ज्वेलर्स के योगेश सोनी ने बताया कि कल की तैयारी अच्छी है। इस साल भी बाजार के अच्छे रहने की उम्मीद है। किसानों ने धान कटाई। किसानों ने धान कटाई कर ली है जिससे उनके पास पैसे हैं। जिसकी वजह से ग्राहकी अच्छी रहने की उम्मीद की जा रही है। शहर ही नहीं आसपास क्षेत्रों से भी अच्छी ग्राहकी निश्चित रूप से बाजार को मिलेगी।
    शैलेष कुमार एंड ब्रदर्स के शैलेष कुमार ने बताया कि बाजार पिछले साल के मुकाबले बाजार अब तक कम है लेकिन धनतेरस पर बाजार के अच्छे रहने की उम्मीद व्यापारियों को है। व्यापारियों की तरफ से पूरी तैयारी है लेकिन कल ग्राहकों का रूझान पता चल सकेगा।
    सुमीत ज्वेलर्स के पंकज कांकरिया ने कहा कि चुनाव की वजह से कैस लाने ले को लेकर बाजार प्रभावित हुआ है। लेकिन धनतेरस पर ग्राहकी में उत्साह आने की उम्मीद की जा रही है। दीवाली पर बाजार रहने की उम्मीद की जा रही है।
    समृध्दि ज्वेलर्स के अभय भंसाली ने कहा कि बाजार पिछले की तरह नहीं है।लोगों में खरीदारी को लेकर उत्साह आधा है लेकिन धनतेरस पर बाजार ठीक रहने की आशा है। व्यापारियों ने अपनी तैयारी पूरी रखी है। 
    साकेत ज्वेलर्स के साकेत लुकंड़ ने बताया कि कंज्युमर सेंटीमेंट, सोने के बढ़े हुए भाव, चुनाव जैसे कारणों से बाजार प्रभावित हुआ है। लेकिन धनतेरस से बाजार बहुत अच्छा रहने की उम्मीद है। साल भर चलने वाले आफरों के चलते लोगों की खरीदारी किश्तों में चलती रहती है यही वजह है कि पहले की तरह दीवाली का बाजार उतना नहीं रहता जैसे पहले हुआ करता था।

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Posted Date : 05-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 5 नवम्बर। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि में मनाए जाने वाले पर्व धनतेरस के मौके पर सराफा बाजार सहित ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रानिक बाजार खासा गुलजार रहा। सुबह से देर रात कर खरीदी के मुहूर्त के कारण सुबह से खरीदी में तेजी रही। सराफा व्यवसायियों सहित ऑटोमोबाइल व्यवसायियों ने धनतेरस ऑफर और छूट दे रखा है। पंडितों के अनुसार धनतेरस का शुभ-मुहूर्त सुबह 6.30 से शुरू हो चुका है। शाम 5 से 6 बजे और रात्रि 8.30 से 10.30 बजे तक शुभ-मुहूर्त है। इस दौरान सोने, चांदी, आभूषण, वाहन की खरीदी फलदायी रहेगी।    
    सोने की खरीदी के पौराणिक महत्व के कारण सराफा बाजार में आज खासी रौनक रही। सोमवार को 24 कैरेट सोने के 10 ग्राम का रेट 30750 रू. रहा। चांदी का भाव 39400 रूपए किलो रहा।
    सराफा व्यवसायी निकेश बरडिया ने बताया कि एटी ज्वेलर्स में हर वर्ग के ग्राहकों को ध्यान में रखा गया है। ज्वेलरी के अलावा सोने-चांदी के सिक्के, गणेश-लक्ष्मी की चांदी की मूर्तियों की सुबह से खरीदी चालू है। दोपहर शाम तक ग्राहकी में और तेजी की उम्मीद है। 
    धनतेरस के मौके पर सराफा बाजार में आकर्षक साज-सज्जा की गई है। सराफा व्यवसाय के अलावा इलेक्ट्रानिक्स और ऑटोमोबाइल बाजार सुबह से गुलजार है। शहर के इलेक्ट्रानिक्स शॉप में जहां भीड़ उमड़ी हुई है वहीं नए वाहन की खरीदी की उमंग छाई हुई है। 
    धनतेरस के मौके पर मालवीय रोड, जयस्तंभ चौक, आमापारा सहित शहर के मुख्य स्थलों में त्योहारी कारोबारियों का मेला लगा रहा। जानकारों के अनुसार धनतेरस पर कोई नई चीज खरीदने पर अक्षय फल प्राप्त होता है। धनतेरस के अवसर पर बर्तन की खरीदी के लिए दुकान में अच्छी खासी भीड़ रही। पीतल तांबे की खरीदी के महत्व के कारण ग्राहक परात, गुंडी, दीए आदि की खरीदी करते नजर आए। 

     

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Posted Date : 05-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर/बस्तर/राजनांदगांव, 5 नवम्बर। पहले चरण की सीटों के लिए मतदान में हफ्तेभर बाकी हैं, लेकिन मतदाताओं में उत्साह नहीं दिख रहा है। हाल यह है कि भाजपा-कांग्रेस के नेताओं को अपने बड़े नेताओं की सभाओं में भीड़ जुटाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। 
    बस्तर संभाग और राजनांदगांव जिले की 18 विधानसभा सीटों के लिए 12 तारीख को मतदान होगा। इन सीटों में प्रचार-प्रसार तेजी से चल रहा है। भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के  पक्ष में प्रचार के लिए दोनों ही दलों के राष्ट्रीय नेता पहुंच रहे हैं और उनकी सभाएं भी हो रही हैं। भाजपा प्रत्याशियों के प्रचार की कमान एक तरह से सीएम डॉ. रमन सिंह सम्भाल रहे हैं और पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में पहले चरण की तकरीबन सभी सीटों पर उनकी सभाएं भी हो चुकी है। इससे परे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ केन्द्रीय मंत्री उमा भारती, रविशंकर प्रसाद, स्मृति ईरानी भी आ चुकी हैं। जबकि कांग्रेस से प्रचार की कमान नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और ओडिशा के सांसद भक्तचरण दास डटे हैं। 
    कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार के लिए पार्टी के बड़े नेता राहुल गांधी 9 और 10 तारीख को यहां आ रहे हैं। उनकी राजनांदगांव और बस्तर संभाग में सभाएं होंगी। पीएम नरेन्द्र मोदी का भी 9 तारीख को जगदलपुर में कार्यक्रम है। इन सबके बावजूद अभी तक विशेषकर बस्तर में चुनावी माहौल गायब है। अब तक की चुनावी सभाओं का आंकलन करें तो दोनों ही प्रमुख दलों के प्रचारकों की सभाओं में अपेक्षाकृत भीड़ नहीं जुट पाई है। भाजपा अध्यक्ष श्री शाह की कोंडागांव सभा में भीड़ जुटाने में पार्टी कार्यकर्ता कुछ हद तक कामयाब रहे। सभाओं के लिए भीड़ जुटाने के लिए दोनों ही दलों के स्थानीय नेताओं को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
    प्रचार का हाल यह है कि बीजापुर और दंतेवाड़ा इलाके के अंदरूनी इलाकों में तो प्रचार तक नहीं हो रहा है। वजह यह है कि पखवाड़ेभर के भीतर नक्सल वारदात हुई है जिसमें कई सुरक्षाकर्मियों की जानें जा चुकी हैं। बीजापुर में तो भाजपा प्रत्याशी और सरकार के मंत्री महेश गागड़ा व कांग्रेस प्रत्याशी विक्रम सिंह मंडावी सुरक्षा बलों के साये में प्रचार कर रहे हैं। 
    भाजपा के कार्यकर्ता शहर से सटे गांवों तक ही सीमित रह गए हैं, जबकि कांग्रेस के कार्यकर्ता थोड़ा अंदर तक प्रचार करने का जोखिम उठा रहे हैं। कुल मिलाकर प्रचार नगर तक ही सिमट कर रह गया है। यही हाल, कोंटा-दंतेवाड़ा विधानसभा सीटों का है। ये दोनों भी अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माने जाते हैं। यहां भी प्रचार सिर्फ शहर में ही सीमित है। नगरी इलाकों में बैनर-पोस्टर चुनाव होने का एहसास करा रहे हैं। अलबत्ता, जगदलपुर, कांकेर, कोंडागांव और केशकाल विधानसभा क्षेत्र में चुनाव की हलचल सुनाई दे रही है। राजनांदगांव जिले के मानपुर-मोहला के अंदरूनी इलाकों को छोड़ दें तो बाकी जगहों पर प्रचार-प्रसार तेजी से चल रहा है। 
    पिछले चुनाव में कांग्रेस को 18 में से 12 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। भाजपा यहां पिछले चुनाव से बेहतर करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। इन सबसे बीच मतदाताओं ने खामोशी ओढ़ ली है और वे प्रचार-प्रसार से प्रभावित नहीं दिख रहे हैं। जानकारों का मानना है कि दीपावली त्यौहार के बाद इसमें तेजी आएगी। लेकिन मतदाताओं की चुप्पी ने दोनों ही दलों के रणनीतिकारों को चिंता में डाल दिया है।

     

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Posted Date : 03-Nov-2018
  • रायपुर, 3 नवंबर । छत्तीसगढ़ के जनकवि और गायक लक्ष्मण मस्तूरिहा का आज निधन हो गया।  अचानक तबीयत बिगडऩे के बाद उन्हें अस्पताल लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। परिवारिक लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब थी और वो वायरल फीवर से पीडि़त थे।

    मोर संग चलव रे, मोर संग चलव जी, के गायक लक्ष्मण मस्तूरिहा  का जन्म  बिलासपुर जिले के मस्तुरी में सात जून 1949 को उनका जन्म हुआ था। उनकी पहचान एक जनकवि और गीतकार में होती है। 
    (बाकी पेजï 5 पर)
      महज बाईस साल की उम्र में प्रसिद्ध सांस्कृतिक-संस्था 'चंदैनी गोंदा ' के मुख्य गायक बन चुके थे। रामचंद्र देशमुख इसके संस्थापक थे। 
    उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक-पहचान को और आंचलिक-स्वाभिमान को देश और दुनिया के सामने लाने के लिए लोक-कलाकारों और कवियों को एक छत के नीचे लाकर दुर्ग जिले के अपने गाँव बघेरा में इसकी बुनियाद रखी, जहां सात नवम्बर 1971 को अंचल के दूर -दूर से आए हजारों लोगों के बीच इसका पहला प्रदर्शन हुआ। छत्तीसगढ़ के खेत-खलिहान और मजूर-किसान के जीवन-संघर्ष को गीतों भरी मार्मिक कहानी के रूप में, एक सुंदर और ह्रदय स्पर्शी गीत-नाट्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए 'चंदैनी गोंदाÓ ने यहाँ की जनता के दिलों में बरसों-बरस राज किया।   
    सांस्कृतिक जागरण के इस मंच ने कवि लक्ष्मण मस्तुरिया को माटी की महक और मानवीय संवेदनाओं से भरपूर उनके गीतों के ज़रिए उन्हें छत्तीसगढ़ में आवाज की दुनिया का नायक भी बना दिया।  आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से जब उनके सुमधुर स्वरों में इन गीतों का संगीतमय प्रसारण होने लगा, तो ये गीत लोगों की जुबान पर चढ़कर जन-गीत बन गए। उनका यह गीत आज भी छत्तीसगढ़ की माटी में रचे-बसे हर इंसान को सामूहिकता की भावना में बाँध लेता है। 
    मोर संग चलव रे, मोर संग चलव जी ,
    ओ गिरे -थके हपटे मन, अऊ परे-डरे मनखे मन ,
    मोर संग चलव रे , मोर संग चलव जी .
    अमरैया कस जुड छाँव म मोर संग बईठ जुडालव ,
    पानी पी लव मै सागर अवं,दु:ख-पीरा बिसरा लव .
    नवा जोत लव, नवा गाँव बर, रस्ता नवां गढव रे! 

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Posted Date : 03-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 3 नवंबर। विधानसभा की पहले चरण की 18 में से 11 पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है। सिर्फ कोंटा सीट ही ऐसी है, जहां कांग्रेस और भाजपा से परे अन्य दल के प्रत्याशी की दमदार मौजूदगी दिख रही है। यहां तीनों में से कौन बाजी मारेगा, यह अनुमान लगा पाना फिलहाल कठिन दिख रहा है। इससे परे 6 सीटों पर जोगी पार्टी-बसपा गठबंधन और सीपीआई के प्रत्याशी अच्छे- खासे वोट बटोरने की स्थिति में दिख रहे हैं।  
    बस्तर संभाग और राजनांदगांव जिले की 18 विधानसभा सीटों पर 12 तारीख को मतदान होगा। पहले चरण की सीटों पर कांग्रेस और भाजपा ने अपनी ताकत झोंक दी है।  नांदगांव शहर से खुद सीएम डॉ. रमन सिंह चुनाव मैदान में हैं। उनके खिलाफ पूर्व सांसद करूणा शुक्ला मुख्य मुकाबले में हैं। भाजपा ने पहले चरण की सीटों में आक्रामक प्रचार की रणनीति बनाई है और प्रचार के लिए केंद्रीय मंत्रियों को उतारा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी प्रचार के लिए बस्तर आने वाले हैं। कांग्रेस भी यहां प्रचार में ज्यादा पीछे नहीं है। यहां कांग्रेस से प्रचार की कमान मुख्य रूप से नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव संभाल रहे हैं और वे दर्जनभर सभाओं को संबोधित कर चुके हैं। बसपा-जोगी पार्टी गठबंधन का भी प्रचार चल रहा है। गठबंधन के प्रत्याशियों के प्रचार की कमान पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी संभाले हुए हैं। 
    पिछले चुनाव में कांग्रेस को पहले चरण की 18 में से 12 सीटों पर जीत मिली थी। भाजपा को मात्र 6 सीटें मिली थी। इस बार भी पहले चरण की सीटों पर कांग्रेस अपनी बढ़त बरकरार रखने के लिए भरसक मेहनत कर रही है। फिलहाल पहले चरण की सीटों में प्रचार-प्रसार का आंकलन करने पर यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि कोंटा ही एकमात्र ऐसी सीट है जहां कांग्रेस के कवासी लखमा, भाजपा के बारसे धनीराम और सीपीआई के पूर्व विधायक मनीष कुुंजाम के बीच बराबरी का मुकाबला दिख रहा है। कोंटा में भाजपा, छिंदगढ़ में कांग्रेस और सुकमा इलाके में सीपीआई की पकड़ मजबूत दिख रही है। यहां मुकाबला त्रिकोणीय हैं। ऐसे में ऊंट किस करवट पर बैठेगा, इसका अंदाज लगा पाना फिलहाल मुश्किल है। कोंटा से परे भानुप्रतापपुर, दंतेवाड़ा, खैरागढ़, मोहला-मानपुर, डोंगरगढ़ और खुज्जी में अन्य दलों के उम्मीदवार निर्णायक भूमिका में दिख रहेे हैं। जबकि  राजनांदगांव, डोंगरगांव, बीजापुर, चित्रकोट, बस्तर, जगदलपुर, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, केशकाल, अंतागढ़ में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर के आसार नजर आ रहे हैं। 
    जोगी पार्टी-बसपा गठबंधन के साथ-साथ सीपीआई कुल मिलाकर 5 और एक जगह डोंगरगढ़ में निर्दलीय उम्मीदवार जीत-हार में अहम भूमिका निभा सकते हैं। जोगी पार्टी के उम्मीदवार पूर्व सांसद देवव्रत सिंह खैरागढ़ सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और वे यहां काफी कुछ वोट बटोरने की स्थिति में दिख रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा के असंतुष्ट नेताओं का साथ उन्हें मिल रहा है। कांग्रेस से मौजूदा विधायक गिरवर जंघेल और भाजपा के पूर्व संसदीय सचिव कोमल जंघेल मुकाबले में हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में किसान संघ से जुड़े लोगों का समर्थन गिरवर के पक्ष में दिख रहा है। ऐसे में यहां मुकाबला कांटे का हो चला है। 
    अजजा के लिए आरक्षित सीट मोहला-मानपुर में वैसे तो कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है, लेकिन जोगी पार्टी के उम्मीदवार संजीत ठाकुर ने दोनों के नाक में दम कर दिया है। गोंड जनजाति  के दबदबे वाली इस सीट में जातीय समीकरण के लिहाज से कांग्रेस की स्थिति यहां मजबूत दिख रही है। इसी तरह अजजा के लिए आरक्षित भानुप्रतापपुर सीट से कांग्रेस के मनोज मंडावी और भाजपा के देवलाल दुग्गा के बीच मुकाबले में आम आदमी पार्टी के कोमल उपेंडी और जोगी पार्टी के मानक दरपट्टी निर्णायक भूमिका में दिख रहे हैं। उपेंडी को आम आदमी पार्टी ने सीएम प्रोजेक्ट किया है। इसके अलावा खुज्जी से जोगी पार्टी के उम्मीदवार जनरैल सिंह भाटिया, कांग्रेस प्रत्याशी छन्नी साहू और भाजपा के डॉ. नीरेंद्र साहू के बीच जगह बनाने की कोशिश कर रहे है। दंतेवाड़ा सीट से सीपीआई के नंदराम सोरी भी कांग्रेस की देवती कर्मा और भाजपा के भीमा मंडावी के बीच मुकाबले में हैं। पिछले चुनाव में भी सीपीआई उम्मीदवार ने यहां दस हजार से अधिक मत पाए थे। सीपीआई का ग्रामीण इलाकों में अच्छा आधार है। इस बार भी सीपीआई उम्मीदवार अच्छे-खासे मत पाने की स्थिति में दिख रहे हैं। म्मीदवार जीत-हार में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

    इन सबके बावजूद मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच में ही नजर आ रहा है।  
    अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित डोंगरगढ़ सीट मेें कांग्रेस और भाजपा के बीच निर्दलीय उम्मीदवार तरूण हथेल दमदार मौजूदगी का अहसास करा रहे हैं। तरूण नगर पालिका के अध्यक्ष हैं और वे निर्दलीय ही अध्यक्ष बने थे। उनका प्रचार-प्रसार ग्रामीण इलाकों में भी बेहतर ढंग से चल रहा है। पहले चरण की सीटों में आम आदमी पार्टी, निर्दलीय और अन्य दलों के प्रत्याशी चुनाव मैदान में है, लेकिन इनमें से ज्यादातर कोई प्रभाव छोड़ पाने की स्थिति में नहीं दिख रहे हैं। बहरहाल, तीसरे दलों के उ

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Posted Date : 03-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 3 नवम्बर। फिल्म स्टार वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजबब्बर ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और जोगी पार्टी प्रमुख पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का नाम लिए बिना यहां की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह खुशनसीबी है, जिसे पहले सीएम के रूप में कलेक्टर और फिर दूसरा डॉक्टर मिला, लेकिन यह प्रदेश खुशहाल नहीं बन पाया। यहां स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर हर तरफ बदहाली की स्थिति है। अब इस प्रदेश को कलेक्टर-डॉक्टर की साठगांठ से बचाना है और कांग्रेस की सरकार बनाना है। 
    कांग्रेस के स्टार प्रचारक राजबब्बर ने आज यहां पत्रकारों से चर्चा में कहा कि लोग पहले सीएम के रूप में कलेक्टर को पाकर खुश थे। उनका काम भी ठीक रहा, पर लोगों ने कुछ साल बाद उनका तबादला कर दिया। दूसरी बार वे डॉक्टर को लेकर आए हैं, पर वे भी उनके मुताबिक काम नहीं कर रहे हैं। डॉक्टर साहब जब से आए हैं, प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था आईसीयू में चली गई है। यहां के गरीब, किसान, मजदूर समेत हर वर्ग के लोगों को काफी उम्मीद थी कि डॉक्टर अगर उनके मुख्यमंत्री होंगे तो उनकी बेहतरी होगी, पर राज्य की स्थिति बद से बदतर हो गई। 
    उन्होंने सरकारी अस्पतालों और छह मेडिकल कॉलेजों में रिक्त पदों का जिक्र करते हुए कहा कि यहां डॉक्टर, नर्स व अन्य कर्मियों के हजारों पद बना दिए गए हैं, पर वहां नियुक्ति नहीं हो रही है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के सैकड़ों पद खाली है। लाखों युवा पढ़-लिखकर बेरोजगार घूम रहे हैं।  सिकलसेल से पीडि़त लाखों लोगों के इलाज के लिए सिकलसेल इंस्टीट्यूट  का गठन किया गया, लेकिन वहां सिर्फ 25 डॉक्टर व अन्य कर्मी काम कर रहे हैं, बाकी सारे पद खाली पड़े हैं। गरीबों के कैंसर के इलाज के लिए नया रायपुर में वेदांता अस्पताल खोला गया, पर वहां भी लोगों का इलाज नहीं हो पा रहा है। 
    कांग्रेस नेता राज बब्बर ने कहा कि सुपेेबेड़ा में सैकड़ों लोग किडनी की बीमारी से पीडि़त हैं। नसबंदी कराने पहुंच रही महिलाओं को मौत मिल रही हैं। आंखों के ऑपरेशन कराने वालों की रोशनी चली जा रही है। इसी तरह स्वास्थ्य से जुड़े और कई मुद्दे हैं, जिसे लेकर जनता चितिंत है।  उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब कांग्रेस की सरकार बन रही है और उनकी यह सरकार स्वास्थ्य समेत सभी सुविधाओं पर बेहतर काम करेगी। 

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Posted Date : 03-Nov-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    रायपुर, 3 नवंबर। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने शनिवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में नरेन्द्र मोदी सहित रमन सिंह सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने राफेल घोटाला के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में पीडीएस घोटाला और अगुस्ता हेलीकाप्टर घोटाला को लेकर तथ्यात्मक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के फर्जी अभिषाक के नाम से विदेशी बैंक में खाते हैं। अगुस्ता वेस्टलैंड हेलीकाप्टर की खरीदी में घोटाला हुआ है। 
    प्रशांत भूषण ने कहा कि बोफोर्स घोटाले में 64 करोड़ का घोटाला हुआ था, लेकिन राफेल घोटाले में देश की रक्षा के साथ खिलवाड़ किया गया। एयर फोर्स की कमर तोड़ दी गई। देश की एयरोनेटिक्स कंपनी को जलील किया गया। इससे बड़ी गद्दारी और नहीं हो सकती। प्रशांत भूषण ने इस मौके पर सुधा भारद्वाज का पक्ष लेते हुए कहा कि वर्तमान में पर्यावरण, किसान, आदिवासियों के विरुद्ध काम किया जा रहा है। सरकार का विरोध करने पर उन पर राष्ट्रद्रोह का आरोप लगाया जा रहा है।
    प्रशांत भूषण ने राफेल घोटाले पर प्रहार करते हुए कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत 126 लड़ाकू विमान का सौदा फ्रांस के साथ किया गया। यह प्रक्रिया 2004 से चल रही थी। 25 मार्च 2015 को विमान की कीमत सहित सारा प्रारूप तय हो चुका था, लेकिन मोदी के फ्रांस दौरे के बाद नया सौदा सामने आया, जिसमें 126 की जगह 36 विमान का एग्रीमेंट किया गया। 
    इस नए करार में अंबानी की कंपनी का जहां कमीशन भी तय किया गया वहीं हिन्दुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड कंपनी को किनारे कर दिया गया। प्रशांत भूषण ने राफेल सौदे से जुड़ी तथ्यात्मक जानकारी देते हुए कहा इस सौदे से हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल कंपनी की 
    (बाकी पेजï 5 पर)
    जहां छवि खराब हुई वहीं आत्मनिर्भरता की बात भी दरकिनार कर दी गई। 
    राफेल सौदे को बदलते हुए नरेंद्र मोदी ने न रक्षा मंत्री को विश्वास में लिया और न ही डिफ्रेंस एक्जीक्यूटिव कौंसिल से मंजूरी ली। राफेल सौदे की सीबीआई जांच से आशांकित होकर सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को रातों-रात छुट्टी पर भेज दिया गया। उन्हें शैतान करार दिया गया। 
    छत्तीसगढ़ के संदर्भ में पीडीएस घोटाले का हवाला देते हुए प्रशांत भूषण ने कहा कि इसके तहत 8 सौ करोड़ से ज्यादा का घोटाला किया गया, लेकिन इसकी जांच को लेकर कोर्ट का रवैया भी सही नहीं रहा। न्यायपालिका का काम कार्यपालिका पर नियंत्रण रख उसकी जवाबदेही निश्चित करनी है, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। न्यायधीशों को कई तरह के प्रलोभन दिए जाते हैं। विकास का दावा करने वाले छत्तीसगढ़  में फर्जी अभिषाक सिंह के नाम से विदेशी बैंक में खाता होना उजागर हुआ, लेकिन एसआईटी का जांच का हवाला देकर कोर्ट ने इससे किनारा कर लिया।
    आप पार्टी से अलग होने के प्रश्न पर प्रशांत भूषण ने कहा केजरीवाल की पार्टी में शामिल होकर उन्होंने वैकल्पिक राजनीति की अपेक्षा की थी, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। लोकपाल को छोडऩे वाले केजरीवाल को समझने में उन्हें देर हो गई। 

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