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Posted Date : 14-Apr-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    दोरनापाल, 14 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे से ठीक पहले नक्सलियों ने सुकमा जिले के दोरनापाल के ख़ाली पड़े सीआरपीएफ कैम्प में विस्फोट किया है। इससे कैम्प के कई ध्वस्त हो गए हैं। 
    मिली जानकारी के अनुसार बीती रात नक्सलियों ने सुकमा-कोंटा एनएच 30 पर स्थित बोरगुड़ा में खाली पड़े सीआरपीएफ कैम्प को एक के बाद एक तीन धमाके कर क्षतिग्रस्त कर दिया।  सड़क निर्माण को सुरक्षा देने बनाया गया कैम्प पिछले तीन महीनों से खाली था। पीएम प्रवास से पहले अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए नक्सलियों ने यह धमाका किया है। ज्ञात हो कि नक्सलियों ने प्रधानमंत्री के दौरे का विरोध किया है। 
    मजदूरों से मारपीट-आगजनी
    इधर किस्टाराम इलाके में नक्सलियों द्वारा आज सुबह सड़क निर्माण में लगे मजदूरों से मारपीट की और सड़क निर्माण में लगे एक वाहन को आग लगा दी। 
     सुकमा अति. पुलिस अधीक्षक संजय महादेवा ने बताया कि आज सुबह ही इसके संबधित ठेकेदार को किस्टाराम थाना प्रभारी द्वारा बिना सुरक्षा के वाहन निकालने और काम करने से मना किया गया था, उसके बावजूद ठेकेदार द्वारा सुरक्षात्मक पहलूओं को दरकिनार कर अपने मन से बिना सुरक्षा के उक्त कार्य को करने का प्रयास किया गया है , फलस्वरूप घटना हुई है।  इसकी जाँच की जावेगी और सम्बंधित जिम्मेदार के खिलाफ कार्यवाही भी की जावेगी।
    वहीं  इंजीनियर के अपहरण की खबर  झूठी निकली वह बिना बताए कहीं चला गया था जो कार्यस्थल लौट आया है।

     

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Posted Date : 31-Mar-2018
  • पिकनिक मनाने गए थे तेलंगाना पापीकुंडालू बांध
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 31 मार्च। तेलंगाना के पापीकुंडालू जलाशय में पिकनिक मनाने गए जगदलपुर के एक परिवार के 4 की डूबने से मौत हो गई। यह परिवार नगर का प्रतिष्ठित व्यवसायी परिवार हैं। 
    जानकारी के मुताबिक प्रतापगंज स्थित राठी एंड कंपनी के संचालक जगदीश राठी अपने परिवार के 10 सदस्यों के साथ पिकनिक मनाने तेलंगाना राज्य के प्रसिद्ध जलाशय पापीकुंडालू गए हुए थे। इस दौरान ये बड़ा हादसा हो गया। शुक्रवार रात को सभी पापीकोंडलू पहुंचे थे। रात को वहीं शिवागिरी कॉटेज में रुके और फिर आज सुबह परिवार के सभी सदस्य नहाने के लिए नदी चले गए। 
    बताया गया कि जगदीश राठी की भतीजी शिवांगी राठी नहाने जलाशय में उतर रही थी पर पैर फिसलने के कारण वह डूबने लगी, जिसे बचाने अंकित राठी भी जलाशय में कूद गया। दोनों को डूबता देख जगदीश राठी और मोहन राठी भी जलाशय में कूद गए। अत्यधिक गहरा होने के कारण चारों की डूबने से मौत हो गई। जलाशय कर्मियों द्वारा गोताखोरों की मदद से घटना के एक घंटे बाद सभी शवों को बरामद कर लिया गया। चारों को तैरना नहीं आता था।
    जगदशी राठी और मोहन राठी सगे भाई हैं। बड़े भाई की पुत्री शिवांगी है और मोहन राठी का पुत्र अंकित हैै। इसके अलावा परिवार के अन्य 6 सदस्य भी गए हुए थे जो सुरक्षित हैं। शिवांगी के पिता मनोज राठी जगदलपुर में ही थे। घटना के बाद व्यापारिक संगठनों में शोक व्याप्त है। सभी शवों का पोलावरम चीरघर में पोस्टमार्टम किया जा रहा है। देर रात तक शव जगदलपुर लाने की संभावना है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार सभी शवों का अंतिम संस्कार रविवार को स्थानीय मुक्तिधाम में किया जाएगा। 

     

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Posted Date : 27-Jan-2018
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 27 जनवरी। दंतेवाड़ा से रायपुर जा रही तेज रफ्तार बोलेरो बेकाबू होकर पुल से टकरा गई जिससे सवार दो की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 8 जख्मी हो गए हैं। घायलों को महारानी अस्पताल लाया गया है।
    मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह 5 बजे यह हादसा भानपुरी थानाअंतर्गत एन एच् 30 बालेंगा रेशम विभाग कार्यालय के सामने हुई। वाहन सवार रायपुर के लिए निकले थे। बताया गया कि वाहन तेज रफ्तार थी और चालक इस पर काबू नहीं रख पाया और पुल से जा टकराई और दो ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि सवार 8 अन्य गंभरी रुप से घायल हैं ।
    0 कोल्हापुर, 27 जनवरी (एएनआई)। महाराष्ट्र के कोल्हापुर में यात्रियों से भरी बस नदी में गिर गई। यह मिनी बस थी जिसमें 16 लोग सवार थे। हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई है। हादसे में 2 लोग घायल बताए जा रहे हैं। 
    बस में तीन परिवार थे जो रत्नागिरी में मंदिर दर्शन से लौट रहे थे। आधी रात इस हादसे की वजह ड्राइवर के हाथ से नियंत्रण छूट जाना बताया जा रहा है।  

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Posted Date : 27-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    जगदलपुर, 27 दिसम्बर। दरभा साप्ताहिक बाजार से लौट रही पिकअप वाहन बुधवार शाम को बंजारी घाट के पास पलट गई। घटना से पिकअप में सवार महिलाओं समेत 13 ग्रामीण घायल हो गए,जिन्हें उपचार के लिए मेकाज भेजा गया है।
     प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को ग्राम करका व बेंगपाल समेत आसपास के गांवों के ग्रामीण साप्ताहिक बाजार दरभा  से शाम 6 बजे पिकअप में सवार होकर वापस लौट रहे थे। बंजारी घाटी के  पास चालक का स्टेरिंग पर नियंत्रण खत्म हो गया और वाहन पलट गई। घटना से उसमें सवार ग्रामीण देवा, महक बाई,बुकनी पति चैतू, जोगी पति लखमू,भूसकी पति समदू, हिडमे पति आयतू, मनिराम, मंगली पति देवा, आयती पति महादेव, पतिराम, कुमारी बाई, टींगरा व मासो पति हडमो घायल हो गए। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई गई है। सभी घायलों को पुलिस ने संजीवनी 108 से महारानी अस्पताल भेजा जहां उनका उपचार जारी है।

     

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Posted Date : 19-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 19 दिसंबर। छत्तीसगढ़ के सीमा में लगे ओडिशा के मलकालगिरी जिले के जनदरागुड़ा गांव में नक्सलियों ने बीती रात एक ग्रामीण की हत्या कर दी।
    पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार माखली थाना क्षेत्र के ग्राम जनदरागुड़ा में नक्सलियों ने ग्रामीण नामेली मुया कबासी की पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाते हुए हत्या कर दी। हत्या के बाद नक्सली शव को गोलियागुड़ा के समीप फेंक दिया था। शव के करीब नक्सलियों ने पर्चे छोड़े हैं जिसमें ओडिया भाषा में पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया है। ओडिशा पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। वहीं बीती रात नक्सलियों ने उत्पात मचाते हुए मलकानगिरी क्षेत्र में कुछ गाडिय़ों को आग के हवाले कर दिया था।

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Posted Date : 14-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 14 दिसंबर । भारत सरकार के आंतरिक सुरक्षा सलाहकार के विजय कुमार के कोंटा पहुंचने के ठीक दूसरे दिन बस्तर की सीमा से सटे तेलंगाना में नक्सल ऑपरेशन में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। एक मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने आठ नक्सलियों को मार गिराया। इस मुठभेड़ में तेलगांना पुलिस जवानों को कुछ भी नुकसान नहीं पहुंचा। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना सीमा पर स्थित भद्राद्री जिले की गंगाराम पंचायत के अंतर्गत नैलामडग़ु के जंगल में हुए इस मुठभेड़ में मारे गए 8 में से 4 नक्सलियों की पहचान हो चुकी है। इस इलाके में सुरक्षा बलों ने सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है।
    मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस का एक दस्ता मामीडीगुडेम गांव से गुजर रहा था, उसी समय नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।  
    सूत्रों के मुताबिक पुलिस को नक्सलियों के पास से बड़ी तादाद में हथियार भी बरामद हुए हैं। इसके अलावा रोजमर्रा में उपयोग में आने वाली वस्तुएं भी बरामद हुई है। सुरक्षा बलों को लंबे अंतराल से नक्सलियों 

    की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी।  
    बताया जाता है कि मारे गए माओवादी तेलंगाना में सक्रिय सीपीआई माओवादी से अलग होकर बनाए गए नए संगठन के हो सकते हैं। उल्लेखनीय है कि चारू मजूमदार के समय के चंद्रपुल्ला रेड्डी ने पीपुल्स वॉर ग्रुप से अलग होकर अपना संगठन बनाया था। हालांकि इसका ज्यादा विस्तार नहीं पाया है और इसमें सीमित संख्या में लोग हैं। चंद्रपुल्ला की मौत के बाद यह संगठन सीपी नाम से संचालित हो रहा है। इस संगठन का मुख्य काम छोटे-मोटे विवाद तथा लेवी वसूलना है।
    पुलिस को इस महीने माओवादियों के खिलाफ दूसरी बड़ी सफलता मिली है। इसके पहले गढ़चिरौली में सात माओवादी ढेर हुए थे। जिसमें पांच महिलाएं भी शामिल थीं। तेलंगाना और गढ़चिरौली छत्तीसगढ़ से लगा हुआ है। माना जाता है कि फोर्स के दबाव के कारण नक्सली आसपास के राज्यों में मूव करते रहते हैं। छत्तीसगढ़ में भी फोर्स ने काफी दबाव बनाया है। जिसके वजह से यहां भी माओवादियों के खिलाफ अभियान में अच्छी सफलता मिली है।चार की पहचान 

     येलन्डु  उप डिवीजनल पुलिस अधिकारी  प्रकाश ने बताया कि मारे गए चार लोगों की पहचान यरीष्ट कुमार उर्फ  राखी (क्षेत्रीय समिति सचिव मानुगुरु- कोथागुदेम), मरीगुदाम के निवासी इसाम नरेश उर्फ सुदर्शन (क्षेत्र कमांडर), आजाद, मानचील इलाके के निवासी और मधु के रूप में हुई है।

    जब्त किए गए हथियारों में एक एसएलआर, दो 8 मिमी राइफलें और दो एसबीबीएल बंदूकें शामिल हैं जिनमें आठ किट बैग हैं। मुठभेड़ में मारे गए सभी  सीपीआई एमएल जनशक्ति ग्रुप से जुड़े थे। जिले में ठेकेदारों को निशाना बनाते हुए  बड़े पैमाने पर जबरन वसूली में शामिल थे। 

     

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Posted Date : 12-Dec-2017
  • परचनपाल में प्रदेश के तीसरे सबसे बड़े विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण
    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 12 दिसम्बर। मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने आज बस्तर  के परचनपाल में 633 करोड़ की लागत से 440 केव्ही विद्युत उपकेंद्र,पारेषण लाईन,महुपाल बरई, छत्तीसगढ़ का तीसरा सबसे बड़ा विद्युत प्लांट का लोकार्पण किया। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। 
    इस मौके  पर  सभा को संबोधित करते कहा कि बस्तर के लिए आज नई सुबह है। वर्ष 2007 में जब 12 दिन बस्तर अंधेरे में रहा तब मैंने सोचा था कि बस्तर को अंधेरे के अभिशाप से मुक्ति कब मिले। और आज यह सपना सच हो गया है।  बस्तर में अब कभी अंधेरा नहीं होगा। सौभाग्य योजना के तहत हर घर बिजली पहुंचाया जा रहा है। बस्तर के अति संवेदनशील इलाकों में बिजली पहुंचेगी। अबूझमाड़ में भी हर घर को 50 हजार रुपये का सोलर लाईट उपलब्ध कराया जाएगा। 
    उन्होंने कहा कि आज कनेक्टिविटी दुनिया की सबसे बड़ी जरूरत है। बस्तर तेजी से विकसित हो रहा है। 12 सौ किमी सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। जगदलपुर-रावघाट भी रेल की रफ्तार से जुड़ जाएगा। कुछ ही दिनों में हवाई सेवा शुरू हो जाएगी। इसके अलावा हम स्काई योजना के तहत 55 लाख स्मार्टफोन हम बांट रहे हैं। इसके लिए 16 सौ मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं। आने वाले 6 माह में गरीबों, मजदूरों, स्कूली छात्रा-छात्राओं के हाथों यह स्मार्टफोन होगा और सरकारी योजनाओं और जानकारियों का सीधा लाभ उन्हें मिल सकेगा।
    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसते कहा कि मुझसे पूछा जाता है कि यह तिहार क्या है? 
    पहले बोनस तिहार, फिर तेंदूपत्ता तिहार और अब बिजली तिहार, कांग्रेसी मित्रो को यह सब समझ में नहीं आता है। क्योंकि जितनी भी योजनाएं बनी हैं सब भाजपा ने ही बनाई हैं।  
    मुख्यमंत्री   महुपाल बरई-बारसूर पारेषण लाइन का शिलान्यास भी किया। इसके बाद वे निकटवर्ती ग्राम भिरलिंगा पहुंचे, जहां उन्होंने अन्य अनेक निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इन्हें मिलाकर आज '14 साल बेमिसालÓ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बस्तर जिले के विकास के लिए लगभग 764 करोड़ 75 लाख रूपए के निर्माण कार्यों की सौगात दी। इनमें से उन्होंने कुल 662 करोड़ 42 लाख रूपए के 15 पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों का लोकार्पण और 102 करोड़ 32 लाख रूपए के 15 नये स्वीकृत निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। 
    उन्होंने वहां छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (क्रेडा) द्वारा 92.15 लाख रूपए की लागत से रूर्बन मिशन योजना के तहत 19 स्थानों पर लगाए गए 900 वॉट क्षमता के सोलर पंपों, 3 करोड़ 72 लाख 48 हजार रूपए की लागत से 101 स्थानों पर लगाए गए 600 वॉट क्षमता के सोलर पंपों, 34.8 लाख रूपए की लागत से लोहण्डीगुड़ा विकासखण्ड के विद्युत पहुंच विहीन गांव सालेपाल और टेटम के 124 घरों में सौर ऊर्जा से किये गए विद्युतीकरण कार्य का भी लोकार्पण किया। 
    मुख्यमंत्री ने इस मौके पर आदिम जाति विकास विभाग द्वारा 7 करोड़ 21 लाख 66 हजार रूपए की लागत से धुरगुड़ा में निर्मित 500 सीटर बालक विज्ञान विकास केन्द्र के आवासीय भवन, लोक निर्माण विभाग की सेतु निर्माण इकाई द्वारा 3 करोड़ 52 लाख 61 हजार रूपए की लागत से बागमोहलई-बेलपुटी से मंगनार मार्ग पर पेटपुल्ली नदी में निर्मित उच्च स्तरीय पुल और 3 करोड़ 73 लाख 67 हजार रूपए की लागत से कोलावल-पाथरी से किरमिरी मार्ग पर मारकण्डी नदी में निर्मित उच्च स्तरीय पुल भी जनता को समर्पित किया। 

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Posted Date : 09-Dec-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 9 दिसम्बर। बीजापुर जिले के बासागुड़ा में सीआरपीएफ  168वीं बटालियन के कैम्प में शनिवार की शाम आरक्षक संतराम ने अपने साथी जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोली लगने से 4 जवानों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल जवान का बीजापुर में उपचार किया जा रहा है।
    बस्तर डीआईजी सुंदरराज पी ने बताया कि सीआरपीएफ  168वीं बटालियन के आरक्षक संतराम ने अपने साथियों पर ताबड़तोड़  फायरिंग कर दी। इसमें एसआई वीके शर्मा, एसआई मेघसिंह, एएसआई राजवीर एवं आरक्षक जीएस राव की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक एएसआई गजानन गंभीर रूप से घायल हो गया है। कांस्टेबल संतकुमार को हिरासत में ले लिया गया है। घायल जवान को रायपुर भेजने की तैयारी की जा रही है।

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Posted Date : 06-Dec-2017
  • फाइल फोटो

    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    राजनांदगांव, 6 दिसंबर। बस्तर के नारायणपुर जिले की सरहद से लगे महाराष्ट्र गढ़चिरौली में आज मुठभेड़ में 7 नक्सली मारे गए। इनमें 5 महिलाएं और 2 पुरुष हैं। सभी शव बरामद कर लिए गए हैं। इसकी शिनाख्ती  की जा रही है। 
    घटना की जानकारी देते पुलिस जनसंपर्क अधिकारी  प्रशांत दिवाते ने  बताया कि गढ़चिरौली के सिरोंचा पुलिस डिवीजन के झिंगानूर के कनेर जंगल में आज सी-60 फोर्स के जवानों से नक्सलियों का आमना-सामना हो गया। दोनों ओर से चली गोलीबारी में फोर्स ने कड़ा मुकाबला किया। इसके बाद नक्सली फरार हो गए। घटनास्थल का मुआयना करने पर  7 नक्सलियों का शव बरामद किया गया। 
      घटनास्थल छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले की सरहद से लगा हुआ है। इस घटना की जानकारी नारायणपुर पुलिस को मिल गई है। गढ़चिरौली पुलिस का दावा है कि मुठभेड़ में कुछ नक्सली बुरी तरह से जख्मी हुए है। वहीं नक्सलियों की तादाद भी ज्यादा थी। बताया जाता है कि कांबिग ऑपरेशन के लिए महाराष्ट्र पुलिस के एडीजी से लेकर डीआईजी और एसपी भी जंगल की गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं।
     खबर है कि नक्सलियों को घेरने के लिए महाराष्ट्र पुलिस का जंगल में कांबिग ऑपरेशन चल रहा है। हाल ही में नक्सलियों ने गढ़चिरौली की सीमावर्ती गांवों में सिलसिलेवार ग्रामीणों की हत्या  की। वहीं दो जवान भी शहीद हुए।  

    मंगेवाड़ा पटेल  पत्नी समेत अगवा
    हिंसक वारदातों के बीच नक्सलियों ने बीती रात राजनांदगांव के औंधी से सटे गढ़चिरौली के मंगेवाड़ा के गांव के पटेल को पत्नी समेत बंधक बना लिया है। 
    बताया जाता है कि रात को सशस्त्र नक्सलियों ने वाल्को नामक पटेल और उसकी पत्नी को घर से जबरिया उठा लिया।  हथियारबंद नक्सली पुलिस के संबंध में पटेल से जानकारी ले रहे थे। खबर है कि ग्रुप में कुछ महिला नक्सली भी शामिल है।

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Posted Date : 30-Nov-2017
  •  ​छत्तीसगढ़ संवाददाता
    अम्बिकापुर, 30 नवम्बर। अम्बिकापुर खरसिया नाका के समीप बीती रात एक व्यवसायी पर  लुटेरों ने फायरिंग कर पौने 5 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए। इस वारदात से  व्यापारियों में दहशत है।
    पुलिस के अनुसार लक्ष्मी ट्रेडिंग फर्म का अंकुर गर्ग दुकान की बिक्री और पूरे बही खाते लेकर रात करीब 9.15 बजे घर जा रहा था।  कॉलोनी के गेट के सामने दो युवकों हाथ देकर उसे रूकवाये। वाहन नहीं रोकने पर एक युवक ने चलती गाड़ी से उसे खींचा और उसके साथ मारपीट करने लगा। तभी दूसरे युवक ने उस पर तीन फायरिंग की, जो उसे नहीं लगी। इस दौरान लुटेरे बैग में रखे 4 लाख 80 हजार रुपये लूटकर फरार हो गये। 
    इस वारदात से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस के आलाअधिकारी  मौके पर पहुंचे। क्राइम ब्रांच की टीम तहकीकात कर रही है। इससे पहले भी अम्बिकापुर में बंदूक की नोंक पर लूट का  प्रयास किया चुका है।  

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Posted Date : 21-Nov-2017
  • नक्सल बयान में पोटाई, उसेंडी, तोड़ेम को चेताया, नेताम से की अपील

    छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 21 नवम्बर। नक्सलियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी ने सोमवार को जारी बयान मेें पूर्व मंत्री विक्रम उसेंडी, पूर्व सांसद सोहन पोटाई, विधायक अंतागढ़ भोजराज नाग, राजाराम तोड़ेम को चेतावनी दी है। वहीं वरिष्ठ आदिवासी नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम से आग्रह की भाषा में अपील की है। पार्टी के प्रवक्ता विकल्प ने परलकोट में बंगीय व आदिवासी जनता के बीच समरसता खत्म कर दुश्मनी फैलाने के लिए इन नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है। 
    इस संबंध में आईजी बस्तर विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि नक्सल नेता का बयान अभी नहीं देखा है। देखकर ही कुछ कह सकेंगे। 
    जारी बयान में कहा गया है कि 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर पंखाजुर में निकाली गई रैली के दौरान अवांछित घटना के बाद फासिस्ट भाजपा सरकार के इसारे पर बरसों से रह रहे बंगीय एवं आदिवासी समाज के लोगों के बीच वैमनस्यता का जहर घोलने का प्रयास किया जा रहा है। 
    नक्सल नेता ने यह भी कहा है कि सरकार द्वारा विस्थापित किए गए बंगीय समाज के नमोशुद्र जाति को अजा वर्ग में शामिल करने की मांग को लेकर नेताओं द्वारा आदिवासी समाज को  यह कहकर भड़काने का प्रयास किया जा रहा है कि इससे आदिवासी कोटे में कमी आ जाएगी। 
    बयान में इस साजिश के पीछे विक्रम उसेंडी, विधायक भोजराज नाग, नगर पंचायत अध्यक्ष असीम राय, मनोज मंडल, विकास पाल, गस्तु उसेंडी, सोहन पोटाई व राजाराम तोड़ेम का हाथ होने की बात कही गई है। साथ ही इन नेताओं को चेतावनी दी गई है कि वे उत्पीडि़त जनता को बरगलाने से बाज आएं। 
    वहीं वरिष्ठ आदिवासी नेता अरविंद नेताम से यह अपील की गई है कि वे उत्पीडि़त आदिवासी जनता व दलित समाज के जायज मांगों का खुला समर्थन करें। नक्सल नेता ने आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में कोया, हल्बी, धुरवा, भतरी, उरांव व बंगीय भाषा में बच्चों को प्राथमिक शिक्षा मुहैया कराने की वकालत भी की है। 

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Posted Date : 20-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 20 नवंबर। बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में सोमवार को प्रदेश के उच्च अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में सुरक्षा और विकास के मुद्दे पर चर्चा की गई। 
    इस बैठक में मुख्य सचिव विवेक ढांड, डीजीपी एन एन उपाध्याय, उपसेकेट्री बीबीआर सुब्रमण्यम, पीडब्ल्यूडी सचिव सुबोध सिंह, स्पेशल डीजी  नक्सल ऑपरेशन डी एम अवस्थी उपस्थित थे। इनके अलावा आईजी बस्तर विवेकानंद सिन्हा, कमिशनर दिलीप वासनिकर के अलावा बस्तर संभाग के सातों जिले के एसपी, कलेक्टर व सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी मौजूद थे। 
    बैठक में मुख्य रूप से दो विषयों पर चर्चा की गई। सड़कों को जोडऩे एवं  नक्सलियों के खिलाफ किए जाने वाले अभियानों की रणनीति तैयारी की गई। इस संबंध में जमीनी स्तर के अधिकारियों से चर्चा कर सार्थक नक्सली अभियान की 

    नीतिगत बारिकियों को समझकर उसके अनुरूप रणनीति का मसौदा तैयार किया जाएगा। 
    उल्लेखनीय है कि बस्तर में नक्सलवाद को लेकर पहली बार इस स्तर पर रणनीति तैयार की गई। इससे पहले राजधानी में ही इस स्तर की बैठक होती थी। 

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Posted Date : 14-Nov-2017
  • अधूरे शौचालय को खुद के खर्च से बनाकर कर रहे उपयोग
    सरपंच-सचिव पर लापरवाही का आरोप

    भूजबल बघेल
    बकावण्ड, 14 नवम्बर (छत्तीसगढ़)। जनपद पंचायत बकावण्ड के ग्राम पंचायत मटनार में अधूरे एवं गुणवत्ताहीन शौचालय से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सेफ्टीटेंक में कांक्रीट प्लेट की जगह पतला और कच्चा पत्थर से ढका गया है जो कि टूट रहा है, जिसके चलते शौचालय में शौच नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीण भगत राम देवांगन ने बताया कि उनके घर में सरपंच व सचिव द्वारा अधूरा और गुणवत्ताहीन शौचालय बनाया गया था, जिसको लेकर मैंने कई बार शिकायत ग्राम प्रमुख और जनपद पंचायत में की थी पर मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद मैं स्वयं ही अधूरा शौचालय को खुद के खर्च से पूर्ण कर उपयोग कर रहा हूं। सरकार के द्वारा दी जाने वाली योजनाओं के लाभ से हमें अपने ही सरपंच व सचिव वंचित रखते हैं। ज्ञात हो कि ग्राम मटनार में कुल 342 शौचालय बनाए गए हैं और दो वर्ष हो गये ओडीएफ  हुए, लेकिन आज भी कुछ ग्रामीण गुणवत्ताहीन शौचालय के कारण शौचालयों का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। ग्राम के बेड़ागांव पारा निवासी हेमंत सुरेजिया ने बताया कि वार्ड पंच सुबरम पटेल के कहने से मेरे घर शौचालय नहीं बनाया गया जोकि आज भी शौचालय निर्माण अधूरा है। इस मामले में सचिव उमेश सेठिया ने कहा कि सभी 342 शौचालय पूर्ण किये गये थे। सभी का ग्रामीण उपयोग कर रहे हैं। ज्ञात हो कि सचिव के कथनी एवं करनी में काफी फर्क है।

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Posted Date : 08-Nov-2017
  • एक की मौत, दूसरा गंभीर, विशाखापट्नम रेफर

    छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    बचेली, 8 नवंबर। रेल्वे स्टेशन बचेली के पास रेल्वे पुलिस बल के दो जवानों पर अज्ञात लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें एक की मौके पर ही मौत हो गई , वहीं  दूसरा गंभीर रूप से घायल है। उसे अपोलो अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद विशाखापट्टनम भेजा गया है। 
    बचेली के रेल्वे स्टेशन से 300 मीटर की दूरी पर रेल्वे केबिन के पास बिजली खंबा के बीच एक आरपीएफ  जवान शिवा की लाश मिली। घटना 8 नवंबर, बुधवार की दोपहर 12 से 1 के बीच बताई जा रही है। इसी घटना में घायल दूसरा जवान आरके सिंह को अपोलो अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। घायल जवान के मुताबिक ये देानों हमेशा की तरह अपने प्रथम पाली में ड्यूटी कर रहे थे। कुछ दूरी में दो-चार लोगों को देखने के बाद इन दोनों यहां क्या कर रहे हो कहा। इसके बाद उक्त लोग बाजू में घनी झाडिय़ों के बीच बने पगडंडी के रास्ते में चले गए। जिसको देख यह जवान भी उनके पीछे गए। जहां लोगों की संख्या और ज्यादा थी, उनके पास धारदार हथियार थे। सभी ने दोनों जवानों पर हमला कर दिया। जिससे एक जवान की मृत्यु हो गई और घायल आरके सिंह लहूलुहान स्थिति में जैसे तैसे अपने स्टेशन मास्टर को जानकारी दी जिसके बाद अस्पताल में भर्ती कराया। 
    21 वर्षीय मृतक शिवा पार्वतीपुरम विशाखापट्टनम का रहने वाला है। घायल 26 वर्षीय आरके सिंह उत्तरप्रदेश के वाराणासी का रहने वाला है। दोनों पिछले दो साल से यहां कार्य कर रहे थे। घायल आरके सिंह को अपेालो अस्पताल बचेली में प्राथमिक उपचार के बाद विशाखापट्टनम के रेल्वे मेन्स अस्पताल में रेफर किया गया। वहीं मृतक का पोस्टमार्टम कर उसके गृहग्राम के लिए भेज दिया गया। 
    घटना की जानकारी लगते ही किरंदुल पुलिस अनुविभागीय अधिकारी धीरेन्द्र पटेल, बचेली पुलिस थाना प्रभारी सौरभ सिंह, उपनिरीक्षक सनत मैत्रे, प्रवीण सिंह, किंरदुल थाना प्रभारी जेपी गुप्ता, भांसी थाना प्रभारी केके वर्मा व आरपीएफ के अधिकारी स्थल पर पहुंचे। पुलिस इस घटना की छानबीन कर रही है। 
    इस घटना को किसने अंजाम दिया इस पर सही तरीके से पता नहीं चल पाया है। चोर या कबाडिय़ों द्वारा इस घटना में हाथ होने की बात सामने आ रही है तो कुछ इसे नक्सलियों की करतूत भी बता रहे हैं। लेकिन नक्सलियों द्वारा घटना अंजाम के बाद वे स्थल पर बैनर पोस्टर छोड़ते हंै, लेकिन घटना स्थल पर ऐसा कुछ भी सामान बरामद नहीं हुआ है। पुलिस भी सही बता नहीं पा रही है कि घटना किनके द्वारा की गई है। बिना जांच के पुलिस कुछ नहीं कह रही। आरपीएफ  जवानों के साथ यह पहली घटना है। दिनदहाड़े हुई इस घटना से बाकि जवान, रेल्वे कर्मचारी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, वहीं बचेली नगर के लोगों में भी दहशत है। 

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Posted Date : 03-Nov-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    भानुप्रतापपुर, 3 नवंबर। बेजा कब्जा हटाने के लिए शुक्रवार को स्थानीय प्रशासन ने वर्षों पुराने संतोषी मंदिर में तोडफ़ोड़ की। मूर्ति को उखाड़कर थाना ले आए। इस कार्रवाई से नागरिक उग्र हो गए और थाने का घेराव करते हुए चक्काजाम कर दिया। प्रशासन-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए एसडीएम, एसडीओपी, सीएमओ, तलसीलदार व नायब तहसीलदार को तत्काल निलंबत करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़ गए। व्यपारियों ने भी अपनी दुकानें बंद कर दी। तनाव की हालात को देखते हुए आसपास से पुलिस बल बुलाकर तैनात किया गया। डीआईजी एवं एसपी ने अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाकर चर्चा की तब मामला शांत हुआ। मूर्ति को गाजे बाजे के साथ थाने से पुन: मंदिर ले जाया गया।
     संबलपुर मार्ग बस स्टैण्ड के पास संतोषी मंदिर स्थापित है। क्षेत्र में धार्मिक आस्था का केन्द्र माना जाता है। प्रतिदिन की तरह आज भी सुबह चार बजे मंदिर परिसर में माताजी की पूजा-अर्चना की जा रही थी। उसी दौरान प्रशासनिक अमला एसडीएम राहुल वेंकेटेश, एसडीओपी कवि गुप्ता, तहसीलदार एन एच घुटे मंदिर पहुंचकर तोडऩा शुरू कर दी। जिसका विरोध भक्तों ने किया लेकिन प्रशासन ने किसी की नहीं सुनी और मंदिर तोड़कर विस्थापित प्रतिमा को उखाड़कर थाने ले आए। 
    यह घटना कुछ ही समय में क्षेत्र में फैल गई और लोगों की भीड़ बढ़ती ही गई। देखते-देखते वहां हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। भीड़ ने थाने का घेराव कर दिया और जमकर नारेबाजी करने लगे। नहर के चारों मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। टायर आदि जलाकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। आवगमन पूरी तरह से बंद हो गई। अलग-अलग राजनीतिक दल के नेता भी काफी संख्या में पहुंच गए। 
    चक्काजाम के दौरान आवगमन पूरी तरह से प्रभावित रही। स्कूली बसें भी नहीं चली। इस बीच पुलिस बल एवं भीड़ के बीच पथराव भी हुई। जिससे एक दर्जन से अधिक लोगों को चोटें लगी, जिसे अस्पताल में भर्ती किया गया।
    ममला को शांत करने के लिए डीआईजी रतन लाल डांगी, एसपी श्री धु्रव प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा करने पहुंचे। जनप्रतिनिधियों नेे दोषी एसडीएम राहुल वेंकट, एसडीओपी कवि गुप्ता, सीएमओ तरुण पाल लहरे, प्रभारी तहसीलदार एन एच खुटे सहित घटना स्थल पर उपस्थित रहे अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ  कार्रवाई की मांग की। जिस पर श्री डांगी ने एसडीएम, एसडीओपी को भानुप्रतापपुर से हटाने की बात कही। सीएमओ प्रभारी तलसीलदार को भी यहां से हटाए गए। 
    उन्होंने जांच के बात कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ। मूर्ति को गाजे बाजे के साथ थाने से पुन: मंदिर ले जाया गया।
    नगर पंचायत अध्यक्ष निखिल सिंह राठौर ने कहा कि हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है। इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। सुबह से ही वह घटना स्थल पर डटे रहे।
    अंतागढ़ विधायक भोजराज नाग ने कहा कि मंदिर को पुन: स्थापित करे एवं दोषी के प्रति कड़ी कार्रवाई की जाए। धार्मिक आस्थाओं के साथ खिलाड़ करना अनुचित है। जो भी इस कृत को किया है उसका मैं विरोध करता हूं, उसके प्रति कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
     जिलाध्यक्ष भाजपा कांकेर हलधर साहू ने भी अपना विरोध जताया एवं दोषी अधिकारी के प्रति कड़ी कार्रवाई की बात कही। पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा ने भी विरोध जताया।

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Posted Date : 17-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता
    जगदलपुर, 17 अक्टूबर। जिले के कोड़ेेनार थाना क्षेत्र अंतर्गत बारूपाटा गांव में 30 सितंबर को ग्रामीण लक्षिनधर की हत्या के मामले का खुलासा हो गया है। गांव के ही दो लोगों ने जादू-टोने का संदेह तथा भूमि विवाद पर चार लोगों को उसकी हत्या की सुपारी दी थी।
    प्रकरण का पटाक्षेप करते एएसपी लखन पटले ने बताया कि घटना के बाद पुलिस मामले की बारीक तफ्तीश कर रही थी। मृतक के गायब मोबाइल से पुलिस को अहम सुराग मिला। पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त तीन बाइक एवं सुपारी से मिले रकम से खरीदी वाहन भी जब्त की है। बताया गया कि मृतक लक्षिनधर का सोनसिंह व चंदरू का पुराना जमीन विवाद चल रहा था। साथ ही सोनसिंह को उस पर जादू-टोना करवाने का भी शक था। इसी बदले की भावना से सोनसिंह व चंदरू ने मिलकर आरोपियों को एक लाख में हत्या की सुपारी दी थी। आरोपी सुखनाथ नाग, राजमन बघेल, धरम सिंह नायक व परशु राम ने लक्षिनधर की गला रेतकर हत्या कर दी थी। 
    पुलिस ने सभी आरोपियों के विरूद्घ हत्या, हत्या का षड़यंत्र समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर रिमांड पर भेजा गया। पत्रवार्ता के दौरान सीएसपी नीमेष बरैया व टीआई कोड़ेनार दुर्गेश शर्मा मौजूद थे।

     

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Posted Date : 14-Oct-2017
  • बस्तर : अनकही-अनजानी कहानियां
    बस्तर में पले बढ़े सुपरिचित लेखक राजीव रंजन प्रसाद ने बस्तर के उन पक्षों, तथ्यों और विशेषताओं को सामने रखा है जो अब तक बहुत ही कम पढऩे-सुनने को मिले हैं। उनके 250 लघु-आलेख की यह श्रृंखला- बस्तर की अनकही-अनजानी कहानियां, हम नियमित प्रकाशित कर रहे हैं।  
    दक्षिण बस्तर के भू-विज्ञान पर पुस्तक लिखने वाले क्रूकशैंक ने  आशंका व्यक्त की थी - बस्तर स्टेट और जैपोर स्टेट की मुख्य नदियाँ इन्द्रावती तथा शबरी (खोलाब) हैं। इन दोनों ही नदियों का उद्गम पूर्वी घाट से है। ये नदियाँ बहती हुई क्रमश: भोपालपट्टनम और कोनावरम के पास गोदावरी नदी में मिल जाती हैं। इन दोनों ही नदियों के बहाव में पूर्ण भिन्नता होने के बाद भी जैपोर के पठार में ये एक दूसरे के बहुत समीप पहुँच जाती हैं। इस स्थल पर भूमि इतनी समतल है कि दोनों नदियों में से किसी का भी आपस में मिल जाना आसान बात होगी। इस बात की संभावना अधिक है कि अंतत: शबरी नदी ही इन्द्रावती का शीष काट कर उसे अपने में समाहित कर लेगी (क्रूकशैंक, जीयोलॉजिकल रिपोर्ट ऑन साउथ बस्तर, 1932-38)। इस आशंका को ब्रिटिश प्रशासक एवं अध्येता ग्रिगसन में भी व्यक्त किया था, वे लिखते हैं- चित्रकोट जलप्रपात से ऊपर की ओर इन्द्रावती में दक्षिण से कोई बड़ी सहायक नदी आकर नहीं मिलती है क्योंकि यहाँ यह शबरी नदी के वाटर डिवाईडर के बहुत नजदीक से बहती है। एक स्थान पर तो ये नदियाँ इतनी नजदीक आ जाती हैं कि शबरी की एक सहायक नदी से इन्द्रावती नदी की मुख्यधारा की दूरी एक मील से भी कम रह जाती है (डब्लू व्ही ग्रिगसन, माडिया गोण्डस ऑफ बस्तर, 1938)।  अर्थात रियासत काल से यह ज्ञात था कि बस्तर की इन्द्रावती और शबरी नदियाँ परस्पर अस्तित्व के लिये खतरा बनी हुई हैं चूंकि जैपोर के पठार में कतिपय स्थानों पर वे समतल बहती हुई एक दूसरे के जलागम क्षेत्र को प्रभावित करने लगी थीं। यह परिस्थिति नब्बे के दशक के बाद विकराल हुई कि इन्द्रावती में रेत भराव की अधिकता, प्रवाह गति में कमी के कारण इसका पानी कट कर जोरा नाला से मिल कर शबरी नदी में विसर्जित होने लगा। इंद्रावती नदी के अस्तित्व पर  यह बड़ा खतरा था। इस कटाव को रोकने के लिये कई बार सीमेंट या रेत की बोरियाँ प्रवाह मार्ग में पटक कर इन्द्रावती को उसकी वास्तविक दिशा में बहने देने की कोशिश की गईं जो कि ठोस समाधान नहीं था। इस समस्या को अवसर बनाते हुए ओडिशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री गिरिधर गोमांग ने जोरानाला और इन्द्रावती के संगम स्थल पर एक अंतरप्रान्तीय सिंचाई परियोजना लगाने का सुझाव दिया। आज यह संरचना दोनो राज्यों की सरकारों के प्रयासों के पश्चात वर्ष 2016 से अस्तित्व में है। प्रश्न उठता है कि क्या सारा दोष केवल भूगोल का या ज़ोरानाला का ही है? 
    विवेचना कीजिये कि क्यों इन्द्रावती नदी में पानी की अनुपलब्धता की समस्या वर्ष 1990 के आसपास से ही आरंभ हुई? वस्तुत: वर्ष 1970 से 1990 के मध्य अपर इन्द्रावती बाँध (ओडिशा) का निर्माण किया जा रहा था जिसके पश्चात नदी प्रवाह को रोक लिया गया है। अब बाँध से छोड़ा जाने वाला नाम मात्र का पानी, डाउनस्ट्रीम में मुख्य धारा से मिलने वाले नदी नाले ही इस नदी में अपनी अपनी क्षमतानुरूप जल-अभिवृद्धि करते हैं। वास्तव में यह पूर्णत: ओडिशा सरकार का ही दायित्व होना चाहिये था कि बाँध के डाउनस्ट्रीम की समस्या का समुचित निराकरण करें। इसके विपरीत राज्यों के हित कागजी भाषा को ले कर टकराये कि करार में यह स्पष्ट नहीं है कि 45 टीएमसी पानी को इन्द्रावती नदी के प्रवाह में ओडिशा की ओर से मिलना है वह कब और कैसे मिलेगा। 

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Posted Date : 12-Oct-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    जगदलपुर, 12 अक्टूबर। बीजापुर जिला के फुटापल्ली जंगल से पुलिस ने नक्सली डिप्टी कमाण्डर को गिरफ्तार किया है। जिसके उपर सरकार द्वारा 3 लाख ईनाम घोषित था। 
    पुलिस अधीक्षक बीजापुर एमआर आहिरे, अति पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस नितिश ठाकुर के दिशा निर्देश पर थाना उसूर से निरीक्षक चाणक्य नाग के हमराह जिला बल 11 अक्टूबर को ग्राम फु टापल्ली व नड़पल्ली की ओर एम्बुश ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे। मुखबिर से ऐसी सूचना मिली थी कि एलओएस डिप्टी कमाण्डर पुनेम सोना ग्राम फु टापल्ली में उपस्थित है। एम्बुश कार्रवाई के दौरान ग्राम फु टापल्ली जंगल से नक्सली वारंटी आरोपी पुनेम सोना भूसापुर थाना उसूर को पकड़ा गया। पकड़ा गया नक्सली आरोपी पर थाना उसूर के नक्सली अपराधों में 3 स्थाई वारंट एवं थाना आवापल्ली में 1 स्थाई वारंट लंबित था। पकड़ा गया आरोपी उसूर एलओएस का डिप्टी कमाण्डर है जिस पर छग शासन की ओर से 3 लाख रूपये का ईनाम घोषित था। 
    गुरूवार को थाना उसूर में विधिवत गिरफ्तारी उपरान्त न्यायालय बीजापुर पेश किया गया। पकड़े गए नक्सली आरोपी की लम्बे समय से पुलिस को तलाश थी। मुखबिर की सूचना के आधार पर एम्बुश कार्रवाई में उक्त नक्सली को पकडऩे में जिला पुलिस बल थाना उसूर को सफलता मिली। उक्त नक्सली आरोपी पर हत्या, हत्या का प्रयास, रोड काटने, लोक सम्पत्ति को क्षति पहुचाने, आम्र्स एक्ट एवं विस्फ ोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध था। पकड़ा गया आरोपी नक्सली संगठन में उसूर एलओएस के डिप्टी कमाण्डर के पद पर रहते हुए शासन विरोधी कार्यों में संलिप्त रहा था। 

     

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Posted Date : 05-Oct-2017
  • अंतागढ़, 5 अक्टूबर। पुलिस ने कोयलीबेड़ा के पानीडोबिर खेतपारा क्षेत्र में एक महिला सहित 4 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 2 बंदूक और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
    गिरफ्तार नक्सल आरोपियों के नाम उर्मिला आंचला, बजारू राम आंचला, रामनाथ उसेंडी और सुमंद सिंह है। इनमें उर्मिला और बजारू राम पति-पत्नी हैं। इनसे बरामद सामग्रियों में भरमार, गन पाऊडर, बिजली तार, छर्रा, डेटोनेटर, गंधक, बैनर-पोस्टर शामिल हैं।
    अंतागढ़ एसडीओपी पुपलेश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जिला पुलिस और बीएसएफ की 125 और 35वीं बटालियन की टीम गस्त पर निकली थी। उसी दौरान चारों मावोवादियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस फिलहाल इनसे पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार नक्सली किन-किन वारदातों में शामिल थे इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है।

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Posted Date : 25-Sep-2017
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता 
    जगदलपुर, 25 सितम्बर। दरभा पुलिस ने सोमवार को सुकमा की ओर से आ रही बोलेरो वाहन की चेकिंग के दौरान दो आरोपियों के कब्जे से एक क्विंटल गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की कीमत चार लाख रूपए बताई गई है। सीएसपी निमेष बरैया ने बताया कि दशहरा पर्व के चलते दरभा पुलिस सीमा पर सघन जांच कर रही है। इस क्रम में सोमवार को सुकमा की ओर से आ रही बोलेरो क्रमांक एमपी 13-बीए- 1766 को चेकिंग के लिए रोका गया। वाहन की तलाशी लेने पर पिछली सीट में बैग में रखा गांजा पाया गया जिसका वजन करने पर एक क्विंटल होना पाया गया। पुलिस ने वाहन में सवार आरोपी नंदकिशोर विश्वकर्मा निवासी साजापुर मध्यप्रदेश व रामचंद कांछी को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मलकानगिरी से गांजा खरीदकर मध्यप्रदेश में खपाने ले जा रहे थे। इसके पहले भी वह वहां से गांजा की तस्करी कर चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों के विरूद्घ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीबद्घ किया है। कार्रवाई के दौरान उप निरीक्षक लालजी सिन्हा, रामविलास नेगी, प्रधान आरक्षक राधेलाल कोर्राम,घनश्याम मेश्राम आदि मौजूद थे।

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