अंतरराष्ट्रीय

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Date : 19-Nov-2019

नई दिल्ली, 19 नवंबर। एक 13 साल की गर्भवर्ती लडक़ी को 6 लोगों ने बंधक बनाकर रखा और गैंगरेप किया। घटना के बाद लडक़ी ने शुक्रवार की रात छत से कूदकर जान दे दी। ये मामला थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक का है। 
रिपोर्ट के मुताबिक, छत से कूदने से ठीक पहले लडक़ी ने अपने एक दोस्त को मैसेज भेजते हुए लिखा- मैं जाने ही वाली हूं। मैं तुमसे प्यार करती हूं। लडक़ी करीब एक महीने पहले गर्भवती हुई थी।
स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, लडक़ी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी कई पोस्ट लिखे थे। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि अगर मैं गर्भवती नहीं होती तो मैं पहले ही ये फैसला कर चुकी होती।
मृत लडक़ी की 45 साल की मां ने गैंगरेप की घटना की जानकारी पुलिस को दे दी थी। उन्होंने बताया था कि बेटी को 11 नवंबर की रात एक फ्लैट में बंधक बनाकर रखा गया था। मां ने बेटी को सुसाइड से रोकने की भी कोशिश की थी।
पुलिस प्रवक्ता ने लडक़ी के साथ यौन दुव्र्यवहार की बात स्वीकार की है। पुलिस ने कहा है कि घटना में शामिल दो संदिग्धों की पहचान कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि लडक़ी संदिग्ध से घटना की रात मिलने गई थी। (आजतक)
 


Date : 18-Nov-2019

श्रीलंका, 18 नवंबर। गोटाबाया राजपक्षे ने श्रीलंका के राष्ट्रपति के रूप में सोमवार को शपथ ले ली है। रविवार को जारी किये गए चुनाव परिणाम में राजपक्षे ने प्रेमदास को 13 लाख से अधिक मतों से पराजित किया था। गौरतलब है कि श्रीलंका में गृहयुद्ध के दौरान गोटाबाया राजपक्षे रक्षा सचिव का पद संभाल रहे थे। गोटाबाया ने अनुराधापुर के रूवा नवेलीसेया में पद की शपथ ली। राजपक्षे ने शपथ ग्रहण करने से पहले एक ट्वीट में कहा, जीत के लिए कोशिश करने से ज्यादा जरूरी होता है जीत को बनाए रखना।

राजपक्षे के बड़े भाई महिंदा राजपक्षे भी इस शपथग्रहण समारोह में मौजूद थे। महिंदा 2005 से 2015 तक देश के राष्ट्रपति रह चुके हैं। उनके अलावा पूर्व मंत्री बासिल राजपक्षे और बड़ी संख्या में सांसदों ने  शपथ समारोह में हिस्सा लिया।
चुनाव आयोग ने रविवार को परिणाम जारी करते हुए घोषणा की थी कि राजपक्षे ने प्रेमदास को 13 लाख से अधिक मतों से पराजित किया। आयोग ने बताया कि राजपक्षे को 52.25 प्रतिशत (69,24,255) मत मिले जबकि प्रेमदास को 41.99 प्रतिशत (55,64,239) वोट प्राप्त हुए। अन्य उम्मीदवारों को 5.76 प्रतिशत वोट मिले।
चुनाव आयोग के अध्यक्ष महिंदा देशप्रिय ने कहा कि चुनाव में कुल मिलाकर लगभग 83.73 प्रतिशत मतदान हुआ था। (भाषा)
 


Date : 18-Nov-2019

इस्लामाबाद, 18 नवंबर । पाकिस्तान में राजनीतिक सरगर्मियां एक बार फिर से तेज हो गई हैं। हर तरफ इस बात की चर्चा जोरों पर है कि वहां तख्तापलट हो सकती है। यानी प्रधानमंत्री इमरान खान की कुर्सी जा सकती है। पाकिस्तान में सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारे तक हर तरफ लोग इमरान खान की कुर्सी जाने की चर्चा कर रहे हैं।
तख्तापलट की ये अटकलें पिछले हफ्ते पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल जावेद बाजवा और इमरान खान के बीच मुलाकात के बाद से उठी है। इन अटलों को उस वक्त और हवा मिल गई जब अचानक इमरान खान ने कहा कि वो कामकाज से दो दिनों की छुट्टी ले रहे हैं। छुट्टी को लेकर उन्होंने दलील दी कि वो लगातार काम कर रहे हैं, इसलिए उन्हें ब्रेक चाहिए।
पाकिस्तानी मीडिया में भी तख्तापलट की हर तरफ चर्चा हो रही है। पाकिस्तानी अखबार, जंग, ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा और प्रधानमंत्री इमरान खान की दो महीने बाद हुई मुलाकात पर हर किसी की नजर थी। लिखा गया है कि मुलाकात के दौरान दोनों की बॉडी लैंग्वेज में खासा फर्क था। एक और अखबार, द न्यूज, की रिपोर्ट के मुताबिक मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान के वरिष्ठ नेता ख्वाजा इजाहरुल हसन ने कहा है कि अगर इमरान सरकार ने अर्थव्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं की तो ये सरकार अगले बजट तक नहीं चल पाएगी।
पिछले दिनों पाकिस्तान के तेजतर्रार मौलाना और नेता फजलुर्रहमान ने इस्लामाबाद में करीब दो हफ्ते तक इमरान खान के खिलाफ आजादी मार्च निकाला था। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री इमरान खान पर इस्तीफे का दबाव बढ़ाने के लिये अब वो पूरे देश में प्रदर्शन करेने की तैयारी में है। आंदोलन खत्म करने के लिए इमरान खान को झुकना पड़ा था।
पाकिस्तान में महंगाई लगातर बढ़ती जा रही है। लिहाजा इमरान खान वहां जनता और विपक्ष दोनों के निशाने पर हैं। पिछले महीने पाकिस्तान की इकॉनमिक ग्रोथ 5.5 फीसदी से गिरकर 3.3 फीसदी पर पहुंच गई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले साल ये 2.4 फीसदी तक पहुंच सकता है। पाकिस्तानी रुपये भी लगातार गिरावट आ रही है। पिछले साल अगस्त में एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपये की कीमत 122 रुपये थी, लेकिन अब ये 155 रुपये पर पहुंच गया है।(न्यूज18)
 


Date : 18-Nov-2019

नेपाल, 18 नवंबर। नेपाल में बढ़ते विरोध-प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री केपी ओली ने रविवार को कहा कि कालापानी नेपाल, भारत और तिब्बत के बीच का ट्रिजंक्शन है और यहां से भारत को तत्काल अपने सैनिक हटा लेने चाहिए।
केपी ओली ने कहा कि कालापानी नेपाल का हिस्सा है। यह पहली बार है जब नेपाल के प्रधानमंत्री ने भारत के नए आधिकारिक नक्शे से पैदा हुए विवाद पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है।
भारत ने नए नक्शे में कालापानी के अपना हिस्सा बताया है। कालापानी नेपाल के पश्चिमी छोर पर स्थित है। प्रधानमंत्री केपी ओली के बयान पर भारत की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि भारत का कहना है कि नेपाल से लगी सीमा पर भारत के नए नक्शे में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
रविवार को नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के यूथ विंग नेपाल युवा संगम को संबोधित करते हुए केपी ओली ने कहा, हमलोग अपनी एक इंच जमीन भी किसी के कब्जे में नहीं रहने देंगे। भारत यहां से तत्काल हटे। हालांकि नेपाली पीएम ने उस सलाह को ख़ारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि नेपाल को एक संशोधित नक्शा जारी करना चाहिए। ओली ने कहा, भारत हमारी जमीन से सेना हटा लेगा तो हम इसे लेकर बातचीत करेंगे।
कालापानी को भारत के नक्शे में दिखाए जाने को लेकर नेपाल में हफ्तों से विरोध प्रदर्शन हो रहा है। इसे लेकर सत्ताधारी पार्टी से लेकर विपक्ष तक एकजुट है। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने छह नवंबर को एक प्रेस रिलीज जारी किया था और कहा था कि कालापानी नेपाल का हिस्सा है।
नेपाली कांग्रेस के प्रवक्ता विश्व प्रकाश शर्मा ने ट्विटर पर लिखा कि पार्टी प्रमुख शेर बहादुर देउबा ने सर्वदलीय बैठक में कहा है कि जिस नेपाली जमीन पर भारतीय सैनिक हैं वहां से उन्हें जाने के लिए कहा जाए।
समाजवादी पार्टी नेपाल के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टरई ने भी कहा है कि कालापानी को लेकर पीएम ओली भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करें।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद भारत ने नया नक्शा जारी किया था। इस नक्शे में पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के गिलगित-बाल्टिस्तान और कुछ हिस्सों को शामिल किया गया था।
नेपाली पीएम ने रविवार को कहा कि वो अपने पड़ोसी के साथ शांति से रहना चाहता हैं। ओली ने कहा, सरकार इस सीमा विवाद को संवाद के जरिए सुलझा लेगी। हमारी जमीन से विदेशी सैनिकों को वापस जाना चाहिए। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपनी जमीन की रक्षा करें। हमें किसी और की जमीन नहीं चाहिए तो हमारे पड़ोसी भी हमारी जमीन से सैनिकों को वापस बुलाए।
ओली ने कहा, कुछ लोग कह रहे हैं कि नक्शे को सही किया जाए। ये तो हम अभी कर सकते हैं। यहीं पर कर सकते हैं। यह नक्शे का मसला नहीं है। मामला अपनी ज़मीन वापस लेने का है। हमारी सरकार जमीन वापस लेगी। मानचित्र तो प्रेस में प्रिंट हो जाएगा। लेकिन मामला मानचित्र प्रिंट कराने का नहीं है। नेपाल अपनी जमीन वापस लेने में सक्षम है। हमने इसे मुद्दे को साथ मिलकर उठाया है और ये साथ बहुत जरूरी है।
इससे पहले ओली की आलोचना हो रही थी कि वो कालापानी के मसले पर कुछ बोल नहीं रहे हैं।
नेपाली पीएम केपी ओली ने कहा, इन मुद्दों का समाधान तनाव से नहीं हो सकता। कुछ लोग इस मुद्दे को खुद को हीरो तो कुछ लोग खुद को ज़्यादा देशभक्त दिखाने के लिए कर रहे हैं। लेकिन सरकार ऐसा नहीं करेगी। नेपाल की सरकार नेपाली जनता की है और हम अपनी ज़मीन का एक इंच भी किसी को नहीं लेने देंगे।
नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, भारत ने 1962 में चीन से हुए युद्ध के बाद अपनी सभी सीमा चौकियों को नेपाल के उत्तरी बेल्ट से हटा लिया था, लेकिन कालापानी से नहीं। और लेपु लेख को लेकर 2014 में विवाद उस समय शुरू हुआ जब भारत और चीन ने नेपाल के दावे का विरोध करते हुए लिपु लेख के माध्यम से द्विपक्षीय व्यापार गलियारे का निर्माण करने पर सहमति जताई थी। नेपाल ने ये मुद्दा चीन और भारत दोनों से उठाया था लेकिन इस पर कभी औपचारिक रूप से चर्चा नहीं हो सकी है।
कालापानी पर विवाद क्या है?
कालापानी उत्तराखंड के पिथौड़ागढ़ जि़ले में 35 वर्ग किलोमीटर ज़मीन है। यहां इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस के जवान तैनात हैं। भारतीय राज्य उत्तराखंड की नेपाल से 80.5 किलोमीटर सीमा लगती है और 344 किलोमीटर चीन से। काली नदी का उद्गम स्थल कालापानी ही है। भारत ने इस नदी को भी नए नक्शे में शामिल किया है।
1816 में ईस्ट इंडिया कंपनी और नेपाल के बीच सुगौली संधि हुई थी। तब काली नदी को पश्चिमी सीमा पर ईस्ट इंडिया और नेपाल के बीच रेखांकित किया गया था। 1962 में भारत और चीन में युद्ध हुआ तो भारतीय सेना ने कालापानी में चौकी बनाई।
नेपाल का दावा है कि 1961 में यानी भारत-चीन युद्ध से पहले नेपाल ने यहां जनगणना करवाई थी और तब भारत ने कोई आपत्ति नहीं जताई थी। नेपाल का कहना है कि कालापानी में भारत की मौजूदगी सुगौली संधि का उल्लंघन है। (बीबीसी)
 


Date : 17-Nov-2019

कोलंबो, 17 नवंबर । श्रीलंका पोडुजाना पेरमुना (एसएलपीपी) के उम्मीदवार गोताबेया राजपक्षे  ने राष्ट्रपति चुनावों में जीत दर्ज की है। उन्हें 53-54 फीसद वोट मिले हैं। वहीं, न्यू डेमोक्रेटिक फ्रंट (एनडीएफ) के साजित प्रेमदासा दूसरे स्थान पर हैं। श्रीलंका में शनिवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान हुआ था। श्रीलंका में कुल 25 जिले हैं, जो नौ प्रांतों में हैं। श्रीलंका के आठवें राष्ट्रपति का चुनाव करने के लिए शनिवार को करीब 1.6 करोड़ पात्र मतदाताओं में से लगभग 80 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। 
तमिल-बहुल उत्तरी प्रांत में मतदान प्रतिशत लगभग 70 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं जाफना जिले में 66 प्रतिशत दर्ज हुआ। पूर्व में युद्ध की मार झेल चुके जिलों किलिनोच्ची में 73 प्रतिशत, मुल्लातिवु में 76 प्रतिशत, वावुनिया में 75 प्रतिशत और मन्नार में 71 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। यह प्रतिशत 2015 के राष्ट्रपति चुनाव से थोड़ा कम है, जब औसत मतदान प्रतिशत 81.52 प्रतिशत दर्ज हुआ था।(एनडीटीवी/आईएएनएस)
 


Date : 17-Nov-2019

चिली, 17 नवंबर । रेड कार्पेट पर चलती हुई एक जगह मोन ठहर गईं और उन्होंने काली जैकेट उतारी और अपनी ब्रेस्ट पर लिखा दिखाया- चिली में वे रेप, प्रताडि़त करने के साथ लोगों को मार रहे हैं। चिली की सिंगर मोन लाफर्ते लातिन ग्रैमी शो के दौरान टॉपलेस हो गईं। ऐसा उन्होंने सरकार विरोधी प्रदर्शनों के समर्थन में किया है।
लास वेगस में जब 36 साल की गायिका और गीतकार मोन लाफर्र्तेे रेड कार्पेट पर अवॉर्ड समारोह में आईं तो उन्होंने चिली में पुलिस की क्रूरता के लाफर्ते खामोशी से अपने समर्थन का इजहार किया। रेड कार्पेट पर चलती हुई एक जगह मोन ठहर गईं और उन्होंने काली जैकेट उतारी और अपनी ब्रेस्ट पर लिखा दिखाया- चिली में वे रेप, प्रताडि़त करने के साथ लोगों को मार रहे हैं। चिली में लोग एक महीने से ज्यादा वक्त से सरकारी उपेक्षा और आर्थिक गैरबराबरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
इन विरोध-प्रदर्शनों में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इनमें से पांच की मौत सुरक्षा बलों के हाथों हुई है। सुरक्षा बलों पर प्रताडऩा, रेप और हिंसा भडक़ाने के गंभीर आरोप हैं। पुलिस की ओर से पेलेट गन के इस्तेमाल के कारण सैकड़ों लोगों ने अपनी आंखें गंवा दी हैं। हजारों लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। हालांकि इन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
मोन लाफर्ते लातिन ग्रैमी अवॉर्ड में बेस्ट अल्टर्नेटिव एल्बम अवॉर्ड लेने आई थीं। उन्होंने इस अवॉर्ड को चिली के लोगों को समर्पित किया है। मोन ने इस अवॉर्ड के साथ अपनी एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर डाली है जिसमें उन्होंने लिखा है, मेरा शरीर एक मुक्त मातृभूमि के लिए आजाद है। इस तस्वीर में मोन टॉपलेस हैं ब्रेस्ट पर लिखा अपना विरोध दिखा रही हैं।
चिली के कलाकारों, खिलाडिय़ों और महिलाओं ने सरकार विरोधी प्रदर्शन में खुलकर लोगों का साथ दिया है। चिली में प्रदर्शन की शुरुआत मेट्रो के किराए में बढ़ोतरी से हुई थी लेकिन बाद में यह प्रदर्शन कई बुनियादी मुद्दों को लेकर व्यापक हो गया। प्रदर्शनकारियों की मांग यह भी है कि तानाशाह ऑगस्ट पिनोचेट ने जिस राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था को स्थापित किया था, उसे बदला जाए।
चिली की राष्ट्रीय टीम के फुटबॉल खिलाडिय़ों ने अगले हफ़्ते पेरू के खिलाफ मैच नहीं खेलने का फैसला किया है। चिली फुटबॉल टीम के कैप्टन गैरी मेडल ने कहा हमलोग फुटबॉलर हैं लेकिन सबसे पहले हम जनता और नागरिक हैं। अभी हमारे लिए चिली अगले मंगलवार को फुटबॉल मैच से ज्यादा अहम है। प्रदर्शनकारियों का कई और खिलाडिय़ों ने भी समर्थन किया है। चार्ल्स अरैंगीज ने कहा अभी बहुत मुश्किल हालात हैं और इन्हें देखते हुए हमें मैच नहीं खेलना चाहिए।
पिछले महीने ही चिली के राष्ट्रपति सेबेस्टिन पिन्येरा ने पूरी कैबिनेट को निलंबित कर दिया था। राष्ट्रपति पिन्येरा ने नई सरकार के गठन का आदेश दिया था। राष्ट्रपति ने सामाजिक सुधार को लागू करने की बात कही थी, जिसकी मांग चिली में प्रदर्शनकारी कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा था मैंने कैबिनेट के सभी मंत्रियों को कहा है कि कैबिनेट का फिर से गठन होगा। हालांकि अभी तक साफ नहीं है कि किस तरह का फ़ेरबदल हुआ। चिली की राजधानी सैंटियागो में दस लाख से ज्यादा लोग एक प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इस प्रदर्शन के बारे में कहा गया कि यह सोशल जस्टिस के लिए है।
इस प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति पिन्येरा ने कहा था मैंने सडक़ पर उठ रही मांगों को सुना है। हमलोग एक नई सच्चाई का सामना कर रहे हैं। एक हफ्ते पहले जो चिली था अब उससे बिल्कुल अलग है। राष्ट्रपति ने चिली के कई शहरों में लागू कर्फ्य़ू को ख़त्म करन की घोषणा की है। ये कफ्र्यू एक हफ्ते से लागू थे।
चिली में विरोध-प्रदर्शन की शुरुआत मेट्रो के किराए बढऩे से हुई थी। लेकिन यही विरोध-प्रदर्शन सरकार से कई नाराज़गियों और बढ़ती गैरबराबरी को लेकर व्यापक हो गया। लोग बढ़ती महंगाई से तो खफ़़ा थे ही लेकिन तात्कालिक कारण लंबे समय से पल रहे असंतोष को सडक़ पर लाने में कामयाब रहा। पिछले एक एक महीने में चिली में काफ़ी उठापटक की स्थिति रही। 10 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। सैंटियागो की सुरक्षा को वहां की सेना ने अपने हाथों में ले लिया। आपातकाल जैसी स्थिति बन गई और हजारों पुलिस बल सडक़ों पर तैनात कर दिए गए।
चिली लातिन अमरीका का धनी देश रहा है लेकिन इसके साथ ही यहां भयानक गैर-बराबरी है। ऑर्गेनाइजेशन फोर इकनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट यानी ओईसीडी के कुल 36 सदस्य देशों में चिली एक ऐसा देश है जहां आय में असमानता बहुत गहरी है। बुधवार को राष्ट्रपति ने प्रदर्शन को खत्म करने के लिए एक सुधार पैकेज की घोषणा की थी। इसमें बुनियादी पेंशन और न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की बात थी।(बीबीसी)
 


Date : 17-Nov-2019

इस्लामाबाद, 17 नवंबर । पाकिस्तान में बाल यौन शोषण की घटना कोई नई बात नहीं है, लेकिन कसूर में चार साल पहले ऐसी संगठित घटनाओं के वीडियो और पिछले वर्ष इसी जिले में घटित जैनब मामले के बाद ऐसी घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सरकार ने ऐसी घटनाओं को रोकने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कानून भी बनाया है, लेकिन इन उपायों के बावजूद, पाकिस्तान में बाल यौन शोषण की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। पंजाब के रावलपिंडी शहर में मंगलवार को पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार करने का दावा किया है, जिसने पुलिस के अनुसार 30 बच्चों का यौन शोषण करने और उनके वीडियो बेचने की बात स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार, यह व्यक्ति पूर्व में भी ब्रिटेन और इटली जैसे यूरोपीय देशों में ऐसे अपराधों में लिप्त रहा है और ब्रिटेन में एक बच्चे का यौन शोषण करने का दोषी पाए जाने पर उसे चार साल कैद की सजा भी हुई है।
ब्रिटिश अधिकारियों ने सोहैल अयाज नाम के इस व्यक्ति को अपराध करने के बाद वहां से निर्वासित करने के बाद पाकिस्तान भेज दिया था और यहां वापस आने के बाद वह खैबर पख्तूनख्वा प्रांतीय सरकार के सलाहकार के रूप में कार्यरत थे।
पाकिस्तान में अब इसी प्रकार के अपराध के आरोप में उनकी दोबारा गिरफ़्तारी के बाद यह सवाल उठता है कि बच्चों के यौन शोषण या अन्य प्रकार के शोषण में लिप्त व्यक्तियों की पहचान करने के लिए देश में कोई व्यवस्था क्यों नहीं है।
पाकिस्तान के पड़ोसी भारत सहित दुनिया के कई देशों में यौन अपराधों के अपराधियों के लिए सेक्स अपराधी रजिस्टर नामक एक सूची तैयार की जाती है जिसमें यौन शोषण में लिप्त व्यक्तियों का नाम शामिल क्या जाता है।
लंदन स्थित वकील मुजम्मिल मुख्तार के अनुसार वर्ष 2003 में ब्रिटेन में पारित कानून के अंतर्गत वायलेंट एंड सेक्स ऑफेंडर्स रजिस्टर रखा जाता है जिसमें ऐसे सभी लोगों का नाम सूचीबद्ध किया जाता है जो यौन हिंसा से संबंधित किसी भी प्रकार के अपराध के लिए दंडित हो चुका हो।
यदि किसी व्यक्ति को यौन हिंसा से संबंधित अपराध के लिए छह महीने या उससे अधिक की सजा होती है तो उसका नाम अगले दस वर्षों के लिए रजिस्टर में दर्ज किया जाता है और यदि सजा 30 महीने से अधिक है, तो ऐसा अपराधी का नाम रजिस्टर में अनिश्चित काल तक रहता है।
मुजम्मिल मुख्तार के अनुसार, डेटा सुरक्षा कानूनों के तहत इस रजिस्टर तक जनता की सीधी पहुंच नहीं है, लेकिन सूचना प्राप्त करने के कानूनों के तहत, कोई भी व्यक्ति पुलिस से किसी संदिग्ध व्यक्ति के बारे में पूछ सकता है, चाहे उसका नाम रजिस्टर में दर्ज हो या नहीं।इस रजिस्टर का उद्देश्य यौन अपराधों से जुड़े अपराधियों को भविष्य में जनता, विशेषकर बच्चों से दूर रखना है।
एक सवाल के जवाब में, उन्होंने कहा कि इंग्लैंड में आम चलन यह है कि किसी कंपनी या संस्थान में नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले आवेदक से एक फॉर्म पर हस्ताक्षर करवाया जाता है ताकि नौकरी देने से पहले उसके अपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा सके।
नौकरी देने से पहले यह सुनिश्चित किया जाता है कि नये कर्मचारी का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है, या किसी मामले में जाँच तो नहीं चल रही है। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत राय में, यौन हिंसा से संबंधित अपराध में सजा पाने वाले ऐसे व्यक्ति जिनका नाम रजिस्टर में शामिल है उनके लिए ब्रिटेन में नौकरी पाने की संभावना लगभग शून्य है।
इस अपराध में लिप्त व्यक्ति जब जेल से बाहर भी आ जाता है तो उसकी कड़ी निगरानी की जाती है और कानून लागू करने वाली एजेंसियों तथा अदालत पर यह निर्भर करता है कि जेल से बाहर निकलने के बाद उन्हें किस प्रकार के प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
इस सूची में शामिल व्यक्तियों पर विभिन्न प्रकार के प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, जैसे कि इंटरनेट का उपयोग, स्कूलों या डे केयर सेंटर के पास निवास, बच्चों के आस पास रहना आदि।
बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता और कानूनविद राणा आसिफ हबीब का कहना था कि पाकिस्तान में अभी तक ऐसा कोई केंद्रीय डेटाबेस नहीं है जो यौन अपराधों में लिप्त किसी व्यक्ति की पहचान और निगरानी कर सके। उनका कहना था अधिक से अधिक देशों के साथ अगर आपराधिक आंकड़ों के आदान-प्रदान के द्विपक्षीय समझौते हों तो इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सकता है।
बाल संरक्षण ब्यूरो, लाहौर के एक अधिकारी के अनुसार, ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान में सार्वजनिक या निजी संस्थानों में नौकरी से पहले आवेदक से पुलिस का प्रमाण पत्र नहीं मांगा जाता।
च्यह मांगा जाता है, लेकिन यह केवल कागजी कार्रवाई के स्तर तक ही होता है जिसमें संबंधित थाने से फॉर्म पर यह लिखवाना होता है कि आवेदक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। जब पुलिस प्रणाली कम्प्यूटरीकृत ही नहीं है तो यह कैसे पता चलेगा कि कोई आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं?
उन्होंने कहा कि यौन अपराधियों का रजिस्टरज् के निर्माण के लिए संघीय और प्रांतीय स्तर पर क़ानून बनाए जाने की आवश्यकता है और ईसीएल की तरह यौन अपराधियों के रिकॉर्ड रखने की आवश्यकता है। 
सोहेल अयाज के मामले पर बात करते हुए राणा आसिफ का कहना था कि प्रत्येक निर्वासित व्यक्ति के पास पूरे दस्तावेजी सबूत होते हैं कि उन्हें क्यों निर्वासित किया जा रहा है और सवाल यह है कि निर्वासित होने वाले इस व्यक्ति का रिकॉर्ड पाकिस्तान में अब तक उच्च स्तर तक क्यों नहीं पहुंचाया गया? उन्होंने कहा कि इस तरह के आव्रजन डेटा को संकलित करने के बाद इसे सभी सरकारी एजेंसियों को सुलभ करा दिया जाए तो दूसरे देश से अपराध करके पाकिस्तान आने वाले व्यक्तियों पर नजर रखना संभव है। बाल अधिकार संरक्षण के लिए काम करने वाले पाकिस्तानी संगठनों की मातृ संस्था, चाइल्ड राइट्स मूवमेंट (सीआरएम) के राष्ट्रीय समन्वयक मुमताज गौहर भी राणा आसिफ हबीब के विचारों से सहमत हैं।
उन्होंने कहा कि कसूर में जैनब की हत्या के बाद यह आशा की जा रही थी कि यह एक टेस्ट केस साबित होगा और इस प्रकार के अपराधों की रोकथाम और निष्पादन तथा कठोर कार्रवाई करने के लिए कानून बनाया जाएगा लेकिन इस दिशा में कोई विशेष प्रगति नहीं हुई।
उनका कहना था कि विशेष रूप से जैनब अलर्ट बिल पेश किया गया था लेकिन यह अब तक पारित नहीं हो सका है। यह और इसके अतिरिक्त अन्य क़ानूनी खामियों को दूर करके ही ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
मुमताज गौहर का यह भी कहना है कि दुनिया में जहां अब फारेंसिक साइकिएट्री के माध्यम से अपराधियों का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण कर उन कारणों को जाना जाता है जिनके आधार पर वे ऐसे अपराधों के लिए प्रेरित होते हैं, लेकिन पाकिस्तान में अब तक इस दिशा में कभी विचार ही नहीं किया गया।
उनका कहना है कि यदि अपराधियों के मनोविज्ञान का विश्लेषण किया जाए तो कई बातें स्पष्ट हो सकती हैं जिनमें अपराध की ओर प्रवृत्त करने वाले कारक तथा दोबारा अपराध करने की संभावना शामिल हैं, जिनका अध्ययन करके इसे एक विशेष डेटाबेस का हिस्सा बनाना चाहिए। उनके अनुसार इससे ऐसे लोगों पर नजर रखने में मदद मिलेगी जिससे यौन अपराधों की दर में कमी आ सकती है।(बीबीसी)
 

 


Date : 17-Nov-2019

नई दिल्ली, 17 नवंबर । अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में अमेरिकी कांग्रेस में मानवाधिकार को लेकर हुई सुनवाई के दौरान गुरुवार को कॉलमनिस्ट सुनंदा वशिष्ठ ने कहा कि भारत ने पंजाब और पूर्वोत्तर में सफलतापूर्वक उग्रवाद को पराजित किया है और अब समय आ गया है कि कश्मीर में उग्रवाद के खिलाफ भारत के संघर्ष को मजबूत किया जाए। इस दौरान सुनंदा ने कश्मीरी पंडितों के साथ हुए 1990 के समय को भी याद करते हुए वैश्विक नेताओं पर सवाल उठाया। अब सुनंदा वशिष्ठ की दमदार स्पीच को लेकर बॉलीवुड एक्टर अनुपम खेर ने एक ट्वीट किया है। 
इसमें ट्वीट में अनुपम खेर ने कॉलमनिस्ट सुनंदा वशिष्ठ को शुक्रिया कहते हुए लिखा, कश्मीर में आतंकवाद का शिकार हुए 40,000 कश्मीरी हिंदुओं की तरफ से बोलने के लिए आपका धन्यवाद आपने बड़ी गरिमा और सच्चाई के साथ बात की है। अनुपम खेर ने आगे कहा, कभी कभी एक इंसान की पीठ सीधी होने से करोड़ों लोगों की रीढ़ की हड्डी भी सीधी हो सकती है। अनुपम खेर के इस ट्वीट पर लोग खूब प्रतिक्रिया दे रहे हैं। लगभग हर समसामयिक मुद्दों पर अपनी राय पेश करने वाले एक्टर अनुपम खेर अपने ट्वीट को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहते हैं, इस बार भी उनका ये ट्वीट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
वहीं, सुनंदा वशिष्ठ ने वैश्विक नेताओं की उस वक्त की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए, जब 90 के दशक में पाकिस्तान-समर्थक आतंकवादियों ने कश्मीरी हिन्दुओं को निशाना बनाना शुरू किया था, और लगभग 4,00,000 कश्मीरी हिन्दुओं को घाटी से खदेड़ दिया गया था। स्तंभकार सुनंदा वशिष्ठ ने जोर देकर कहा, मानवाधिकारों के वकील उस वक्त कहां थे, जब मेरे अधिकार छीन लिए गए थे? मानवता के रक्षक उस वक्त कहां थे, जब मेरे बेहद कमजोर दादा अपने हाथ में रसोई में इस्तेमाल होने वाले चाकू और एक पुरानी जंग लगी कुल्हाड़ी लिए मुझे और मेरी मां को मार डालने के लिए तत्पर खड़े थे, ताकि हमें उससे भी कहीं ज़्यादा बुरे अंजाम से बचाया जा सके? सभी मौतें पाकिस्तान द्वारा प्रशिक्षित किए गए आतंकवादियों की वजह से हो रही थीं। इस दोहरे मापदंडों से भारत को किसी भी तरह की कोई मदद नहीं मिल रही है।(एनडीटीवी)
 


Date : 16-Nov-2019

बेल्जियम में एक 9 साल का बच्चा इतनी कम उम्र में ग्रेजुएशन की डिग्री लेने वाला है। इस डिग्री को हासिल करने के लिए वह पूरी तरह से तैयार है। आइए जानते हैं कौन हैं ये बच्चा और क्या है आगे के प्लान। 
बेल्जियम में रहने वाले इस बच्चे का नाम लारेंट सिमोंस हैं। वह आइंडहोवन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (ञ्जश्व) में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है।
9 साल की उम्र में इंजीनियर जैसा कोर्स काफी मुश्किल है, लेकिन लॉरेंट दिसंबर में इस कोर्स को कंप्लीट करके इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर लेगा।
लॉरेंट इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद प्लान  पीएचडी करने का है। जबकि उनके पिताजी ने ष्टहृहृ को बताया कि वह मेडिकल की डिग्री भी लेना चाहते हैं।
लॉरेंट के माता-पिता ने कहा जब ये पैदा हुआ था तो उनके दादा- दादी ने कहा कि हमें भगवान की ओर से तोहफा मिला है। जब स्कूल में पढऩे के दौरान शिक्षकों ने लॉरेंट की तारीफ की तो हमें भी लगने लगा कि इस बच्चे में कुछ अलग बात है। शिक्षकों ने लॉरेंट में बहुत कुछ विशेष देखा।
लॉरेंट के माता-पिता से लेकर शिक्षक सब हैरान थे कि  इतनी कम उम्र का बच्चा पढऩे में इतना ज्यादा होशियार कैसे है ? ऐसे में उनकी मां ने बताया कि जब ये पैदा होने वाला था तो मैंने मछली खाई थी।
इतनी कम उम्र में अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के लिए लॉरेंट को आइंडहोवन प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (ञ्जश्व) से अनुमति मिल गई है। वहीं टीयूई स्नातक की डिग्री के शिक्षा निदेशक सॉजर्ड़ हल्शोफ़ ने कहा कि यह असामान्य नहीं है।
उन्होंने कहा लॉरेंट सबसे तेज छात्र हैं जिसे हमने कभी यहां रखा है। न केवल वह बुद्धिमान है, बल्कि एक बहुत ही सहानुभूति वाला लडक़ा भी है।
लॉरेंट ने सीएनएन को बताया कि उनका पसंदीदा विषय इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग है और वह आगे जाकर  मेडिसिन के बारे में पढऩा चाहते हैं। उनके पिता ने कहा ये वक्त लॉरेंट का अपनी नॉलेज को बढ़ाने और नई चीजों कि डिस्क्राइब करने का है।
वहीं लॉरेंट स्पष्ट रूप से सबसे अधिक तेजी से सीखने में सक्षम हैं। ऐसे में उनके माता- पिता उन्हें लेकर सावधानी बरत रहे हैं। साथ ही वह कोशिश करते हैं लॉरेंट पढ़ाई के अलावा अपनी जिंदगी को भी एंजॉय करें। आखिर है तो वह 9 साल का बच्चा ही है। 
लॉरेंट ने कहा कि उन्हें अपने कुत्ते सैमी के साथ खेलने और अपने फोन पर खेलने में मजा आता है। उन्होंने कहा डिग्री लेने के बाद वह जापान में छुट्टियां मनाने जाएंगे।


Date : 16-Nov-2019

नई दिल्ली, 16 नवंबर। श्रीलंका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए आज यानी शनिवार को वोटिंग हो रही है। इस बीच कोलंबो में वोट डालने के लिए लोगों को ले जा रही बस पर फायरिंग हुई। बताया जा रहा है कि अल्पसंख्यक मुस्लिम वोटरों को लेकर जा रही बस पर फायरिंग की गई है। हालांकि, स्थानीय पुलिस के मुताबिक, इस हमले में अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी
बता दें कि पिछले ईस्टर के बाद श्रीलंका में पहले राष्ट्रीय चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है। श्रीलंका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए आज सुबह से वोटिंग जारी है। श्रीलंका के 8वें राष्ट्रपति का चुनाव करने के लिए शनिवार को सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है। इस चुनाव में पूर्व रक्षा सचिव गोतबया राजपक्षे और सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवार साजित प्रेमदासा के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा। मैदान में कुल 35 उम्मीदवार हैं जिन्हें लगभग 1।5 करोड़ मतदाता वोट देंगे। फिलहाल मैत्रीपाला सिरिसेना राष्ट्रपति हैं।
श्रीलंका में यह चुनाव देश के इतिहास में सबसे महंगा भी होगा। चुनाव आयोग ने अनुमान लगाया है कि इसकी लागत 7.5 अरब श्रीलंकाई रुपये (4।1 करोड़ डॉलर) है। डेली फाइनेंशियल टाइम्स ने कहा कि 26 इंच का बैलेट पेपर, बड़े बैलेट बॉक्स, चुनाव ड्यूटी पर सैकड़ों अतिरिक्त कर्मचारी और पानी, टेलीफोन और बिजली के बिल जैसे अतिरिक्त खर्च ऐसे कारक हैं, जिन्होंने चुनावी बिल को बढ़ा दिया है।(आज तक)
 


Date : 16-Nov-2019

ब्रासीलिया, 16 नवंबर । रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस की भारत को सतह से हवा में मार करने वाली एस-400 प्रक्षेपास्त्र प्रणाली की आपूर्ति तय कार्यक्रम के मुताबिक करने की योजना है। उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है जब इस सौदे को लेकर अमेरिका की तरफ से चेतावनी दी जा रही है।
भारत ने 2015 में सतह से हवा में मार करने वाली प्रक्षेपास्त्र प्रणाली एस-400 ट्रिम्फ को हासिल करने की इच्छा जाहिर की थी। राष्ट्रपति पुतिन के पिछले साल हुए भारत दौरे के दौरान 5.43 अरब अमेरिकी डालर के इस करार पर दस्तखत किये गए थे। 
ब्राजीलियाई राजधानी में संपन्न हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर संवाददाताओं से बात करते हुए गुरुवार को उन्होंने कहा, जब एस-400 की आपूर्ति की बात आती है तो सब कुछ तय योजना के मुताबिक होगा।
आधिकारिक समाचार एजेंसी ताश ने पुतिन को उद्धृत करते हुए कहा, भारतीय समकक्ष (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) ने किसी भी चीज में तेजी लाने को नहीं कहा क्योंकि सबकुछ ठीक चल रहा है।
रूस के साथ एस-400 सौदे का अमेरिका विरोध कर रहा है और ट्रंप प्रशासन ने धमकी दी थी कि वह रूस से हथियार और सैन्य सामग्री हासिल करने वाले राष्ट्रों पर पाबंदी लगाएगा। अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत को चेताया था कि अमेरिका के विरोधियों से निपटने के कानून (सीएएटीएसए) के तहत एस-400 सौदे को लेकर उस पर प्रतिबंध लग सकता है। यह कानून रूस, ईरान और उत्तर कोरिया से रक्षा खरीद पर रोक लगाता है। 
भारत ने हालांकि अमेरिका को बता दिया था कि रूसी' एस-400 वायु रक्षा प्रक्षेपास्त्र प्रणाली की खरीद को रद्द करने का उसका कोई इरादा नहीं है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जून में अपने अमेरिकी समकक्ष माइक पोम्पियो को दिल्ली में बताया था कि दूसरे देशों से लेनदेन करते समय भारत अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखेगा।
एस-400 लंबी दूरी की अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रक्षेपास्त्र प्रणाली है जो 2007 से रूस में सेवा में है। एस-400 400 किलोमीटर की दूरी और 30 किलोमीटर की ऊंचाई तक लक्ष्य पर निशाना साध सकती है। अधिकारी ने कहा, अनुबंध के क्रियान्वयन की शर्तें सबको पता हैं: 2023 तक हर हाल में इस प्रणाली की भारत को आपूर्ति की जानी है।(लाइव हिंदुस्तान)
 


Date : 16-Nov-2019

वाशिंगटन, 16 नवंबर। पद के दुरुपयोग के मामले में महाभियोग की जांच का सामना कर रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा। एक अदालत ने उनके सबसे लंबे समय तक सलाहकार रहे रोजर स्टोन को संसद की इंटेलीजेंस कमेटी के सामने झूठ बोलने, जांच में बाधा डालने और सुबूतों से छेड़छाड़ के मामले में दोषी करार दिया है। स्टोन को अगले साल छह फरवरी को सजा सुनाई जाएगी। उन्हें कई साल कैद की सजा हो सकती है।

सात महिला और तीन पुरुष जजों की पीठ ने अमेरिका के 2016 के राष्ट्रपति चुनाव  में रूसी हस्तक्षेप की जांच करने वाले विशेष अभियोजक रॉबर्ट मुलर की जांच बाद लंबित मामले में यह फैसला दिया है। यह सिर्फ 67 वर्षीय स्टोन के लिए झटका भर नहीं है, बल्कि एक प्रत्याशी के रूप में ट्रंप की भूमिका को भी दोबारा जांच के दायरे में ला दिया है। ट्रंप ने फैसले की निंदा की है। फिलहाल, स्टोन सात आरोपों का सामना कर रहे हैं जिनमें उन्हें 50 साल तक की कैद हो सकती है। (बाकी पेजï 5 पर)
दूसरी ओर, अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के महाभियोग की प्रक्रिया शुक्रवार को भी जारी रही। प्रतिनिधि सभा में दूसरी बार कैमरे के सामने हुई सुनवाई में यूक्रेन में अमेरिका की पूर्व राजदूत मैरी योवानोविच पेश हुईं। उन्हें ट्रंप के वकील रूडी गुलियानी के साथ मतभेदों के चलते मई में हटा दिया गया था। गुलियानी यूक्रेन में पूर्व राष्ट्रपति जो बिडेन के खिलाफ जांच शुरू कराने में सहयोग न करने के चलते मैरी से नाराज हो गए थे। यह जांच राष्ट्रपति ट्रंप को फायदा पहुंचा सकती थी। 
सुनवाई के दौरान ही राष्ट्रपति ट्रंप के ट्वीट आने से शुरू हो गए। उन्होंने मैरी के कामकाज पर सवाल उठाते हुए उसे बहुत बुरा बताया। जवाब में मैरी ने कहा, उनका सरकारी सेवा में 33 साल का करियर है। इस दौरान उन्होंने हर जगह शानदार काम किया। इसी काम की वजह से यूक्रेन में उन्हें राजदूत बनाया गया था। लेकिन वहां उनका अपने सेवाकाल का सबसे बुरा अनुभव रहा। उन्होंने राष्ट्रपति पर धमकाने का आरोप लगाया। इस पर डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने सहमति जताई। 
प्रतिनिधि सभा की जांच समिति के प्रमुख एडम स्किफ ने कहा, गवाह को इस तरह से धमकाना बहुत ही गंभीर बात है। महाभियोग की जांच ट्रंप के अपने यूक्रेनी समकक्ष वोलोदिमीर जेलेंस्की से 25 जुलाई को फोन पर बातचीत को लेकर हो रही है। इस बातचीत में ट्रंप ने बिडेन के खिलाफ अमेरिकी सैन्य सहायता में गड़बड़ी के आरोप में जांच कराने के लिए कहा था। यह बातचीत एक खुफिया अधिकारी ने सुन ली और बाद में वह व्हिसल ब्लोअर बन गया और डेमोक्रेटिक पार्टी के बड़े नेताओं तक यह बात पहुंच गई। इसी के बाद ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की रूपरेखा बनी। (जागरण)


Date : 16-Nov-2019

ऑस्ट्रेलिया, 14 नवंबर । ऑस्ट्रेलिया में एक 23 वर्षीय महिला ने गर्भवती होने के बावजूद वहां फैली आग से लडऩे के लिए अग्निशमनकर्मी के तौर पर वॉलंटियर किया है। वो अपने फैसले का खुलकर बचाव भी कर रही हैं।
कैट रॉबिन्सन विलियम्स इस समय 14 सप्ताह की गर्भवती हैं। लेकिन अग्निशमन वॉलंटियर (फायर फाइटर) की भूमिका में ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में फैली भयानक आग से वो बहादुरी से लड़ रही हैं।
विलियम्स बतातीं हैं कि उनके कई दोस्त इससे चिंतित हैं और उन्हें ऐसा नहीं करने के लिए भी कह रहे हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट लिखा है और कहा कि ऐसी स्थिति में वह पीछे चुपचाप नहीं खड़ी रह सकतीं। रॉबिन्सन विलियम्स पिछले 11 बरसों से आग बुझाने के काम में वॉलंटियर के रूप में न्यू साउथ वेल्स रूरल फायर सर्विस के साथ जुड़ी रही हैं।
वो कहती हैं, मैं पहली ऐसी अग्निशमन कर्मचारी नहीं हूं जो गर्भवती हो और न ही मैं आखिरी होऊंगी। मैं अभी भी ऐसी स्थिति में हूं जहां मैं दूसरों की मदद करने में सक्षम हूं इसलिए मैं ये करूंगी।
ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग ने अब तक तीन लोगों की जान ले ली है और 200 से ज़्यादा घर जल कर खाक हो गए हैं।
रॉबिन्सन विलियम्स ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट किया जिसमें उन्होंने खुद की अग्निशमन गियर पहने कई तस्वीरें भी साझा की हैं।
पोस्ट पर एक कैप्शन भी लिखा था, हां मैं एक अग्निशमन कर्मचारी हूं। मैं एक आदमी नहीं हूं। हां, मैं गर्भवती हूं। अगर आपको यह पसंद नहीं है तो मुझे इसकी कोई परवाह नहीं है। उनके पोस्ट को लोगों का काफी समर्थन मिला था, जिसमें से कईयों ने उन्हें सभी लड़कियों के लिए प्रेरणा भी बताया। उन्होंने बीबीसी को बताया कि उनके कई दोस्तों द्वारा उनके काम को लेकर आपत्ति किए जाने के बाद उन्होंने ये तस्वीरें साझा की हैं।
मैं उन्हें बताना चाहती थी कि मैं ठीक हूं और मैं अब रुकने वाली नहीं हूं, जब मुझे लगेगा कि मेरा शरीर ये काम नहीं कर सकता है तो मैं रुक जाऊंगी।
उन्होंने बताया कि इस बारे में उनके डॉक्टर ने भी इजाजत दे दी है लेकिन उन्हें सही उपकरण पहने रखने की हिदायत दी है। रॉबिन्सन विलियम्स चाइल्डकेयर में काम करती हैं। तीन पीढिय़ों से उनका परिवार अग्निशमन वॉलंटियर करता आया है। वो कहती हैं, मेरी मां ने भी 1995 में लगी आग के दौरान अग्निशमन कर्मी के तौर पर वॉलंटियर किया था और वो भी उस समय गर्भवती थीं। परिवार में यह एक तरह की परंपरा हो गई है।
जब मैं छोटी थी, तो मेरी दादी ने मेरे लिए मेरी नाप का एक फायर फाइटर ड्रेस भी बनाया था। 
रॉबिन्सन विलियम्स कहती हैं, यह पारिवार की एक परंपरा जैसा है, हमने हमेशा से ये काम किया है। मेरी दादी अभी भी वॉलंटियर कर रही हैं। उन्होंने 50 साल तक ये काम किया है और मेरी मां 30 साल से ज्यादा समय से ये काम कर रही हैं। उनके पति और ससुराल वाले भी अग्निशमनकर्मी के तौर पर वॉलंटियर करते हैं।
वो कहती हैं कि उन्हें उम्मीद है कि उनका बच्चा भी ये काम करेगा, हालांकि यह निर्णय उसका खुद का होगा। यह पूछे जाने पर कि क्या आग से जूझने के दौरान उन्हें डर लगता है तो रॉबिन्सन विलियम्स ने फौरन ना में जवाब दिया। वो कहती हैं, मैं कल भी एक भयानक आग के बीच में थी। वहां घर बुरी तरह से जल रहे थे। हम इसे रोकने की कोशिश कर रहे थे। यह एक ऐसा काम है जो मैं हमेशा से करती रही हूं।
एनएसडब्ल्यू राज्य में लगभग साठ लाख लोग रहते हैं। अधिकारियों ने बताया अग्निशमन कर्मचारी इस भयानक आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। बुधवार को ये आग सिडनी के उपनगरीय इलाके में भी फैल गई। बीबीसी के यवेट तान और फ्रांसेस माओ द्वारा की रिपोर्ट।(बीबीसी)
 


Date : 15-Nov-2019

लॉस एंजलिस, 15 नवंबर । अपना 16वां जन्मदिन मना रहे कैलिफोर्निया के एक किशोर अपने स्कूल के साथियों पर हमला कर दिया। अपनी सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल से उसने स्कूल के दो साथियों को मौत के घाट उतार दिया जबकि हमले में दो अन्य लड़कियां घायल हो गईं। इसके बाद हमलावर छात्र ने खुद को गोली मार ली। तीनों घायलों को अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है जबकि हमलावर पुलिस हिरासत में अपनी जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलावर एशियाई मूल का हो सकता है। लॉस एंजेलिस से 65 किलोमीटर उत्तर दिशा में स्थित सांता क्लारिता में सौगुस हाई स्कूल में सुबह अचानक फायरिंग के बाद छात्रों में भगदड़ मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गए।
लॉस एंजेलिस से 65 किलोमीटर उत्तर दिशा में स्थित सांता क्लारिता में सौगुस हाई स्कूल में सुबह अचानक फायरिंग के बाद छात्रों में भगदड़ मच गई।
घायलों को तत्काल वेलेंशिया के हेनरी मायो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में भर्ती कराए गए तीन में से दो की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। इस हमले में पहले ही दो छात्रों की मौत हो चुकी है।
लोकल इनपुट्स के मुताबिक हमलावर के पिता की 2017 में हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है जिसके बाद वह डिस्टर्ब हो गया था। हमले में मारे जाने वालो में 14 और 16 साल के दो लडक़े हैं जबकि 14 और 15 साल की दो लड़कियां घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती की गईं हैं।
मारे जाने वालो में 14 और 16 साल के दो लडक़े हैं जबकि 14 और 15 साल की दो लड़कियां घायल अवस्था में अस्पताल में। मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने पहले हमलावर को ही पीडि़त समझ लिया था लेकिन बाद में छानबीन करने पर पता चला कि उसी ने खुद को गोली मारी है। इसका नाम नैथेनील बेरहोव बताया जा रहा है।
हमले के बाद स्कूल को बंद कर दिया गया है और छानबीन जारी है। स्कूल में बेरहोव के दोस्तों ने बताया कि वह शांत और शर्मीले स्वभाव का लडक़ा था। हमलावर के दोस्तों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि उसके पिता को शराब की लत थी। जिसके चलते दो साल पहले उनकी मौत हो चुकी है।(न्यूज18)
 


Date : 14-Nov-2019

ऑस्ट्रेलिया, 14 नवंबर। ऑस्ट्रेलिया में एक 23 वर्षीय महिला ने गर्भवती होने के बावजूद वहां फैली आग से लडऩे के लिए अग्निशमनकर्मी के तौर पर वॉलंटियर किया है। वो अपने फैसले का खुलकर बचाव भी कर रही हैं।
कैट रॉबिन्सन विलियम्स इस समय 14 सप्ताह की गर्भवती हैं। लेकिन अग्निशमन वॉलंटियर (फायर फाइटर) की भूमिका में ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में फैली भयानक आग से वो बहादुरी से लड़ रही हैं।
विलियम्स बतातीं हैं कि उनके कई दोस्त इससे चिंतित हैं और उन्हें ऐसा नहीं करने के लिए भी कह रहे हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट लिखा है और कहा कि ऐसी स्थिति में वह पीछे चुपचाप नहीं खड़ी रह सकतीं। रॉबिन्सन विलियम्स पिछले 11 बरसों से आग बुझाने के काम में वॉलंटियर के रूप में न्यू साउथ वेल्स रूरल फायर सर्विस के साथ जुड़ी रही हैं।
वो कहती हैं, मैं पहली ऐसी अग्निशमन कर्मचारी नहीं हूं जो गर्भवती हो और न ही मैं आखिरी होऊंगी। मैं अभी भी ऐसी स्थिति में हूं जहां मैं दूसरों की मदद करने में सक्षम हूं इसलिए मैं ये करूंगी।
ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग ने अब तक तीन लोगों की जान ले ली है और 200 से ज़्यादा घर जल कर खाक हो गए हैं।
रॉबिन्सन विलियम्स ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट किया जिसमें उन्होंने खुद की अग्निशमन गियर पहने कई तस्वीरें भी साझा की हैं।
पोस्ट पर एक कैप्शन भी लिखा था, हां मैं एक अग्निशमन कर्मचारी हूं। मैं एक आदमी नहीं हूं। हां, मैं गर्भवती हूं। अगर आपको यह पसंद नहीं है तो मुझे इसकी कोई परवाह नहीं है। उनके पोस्ट को लोगों का काफी समर्थन मिला था, जिसमें से कईयों ने उन्हें सभी लड़कियों के लिए प्रेरणा भी बताया। उन्होंने बीबीसी को बताया कि उनके कई दोस्तों द्वारा उनके काम को लेकर आपत्ति किए जाने के बाद उन्होंने ये तस्वीरें साझा की हैं।
मैं उन्हें बताना चाहती थी कि मैं ठीक हूं और मैं अब रुकने वाली नहीं हूं, जब मुझे लगेगा कि मेरा शरीर ये काम नहीं कर सकता है तो मैं रुक जाऊंगी।
उन्होंने बताया कि इस बारे में उनके डॉक्टर ने भी इजाजत दे दी है लेकिन उन्हें सही उपकरण पहने रखने की हिदायत दी है। रॉबिन्सन विलियम्स चाइल्डकेयर में काम करती हैं। तीन पीढिय़ों से उनका परिवार अग्निशमन वॉलंटियर करता आया है। वो कहती हैं, मेरी मां ने भी 1995 में लगी आग के दौरान अग्निशमन कर्मी के तौर पर वॉलंटियर किया था और वो भी उस समय गर्भवती थीं। परिवार में यह एक तरह की परंपरा हो गई है।
जब मैं छोटी थी, तो मेरी दादी ने मेरे लिए मेरी नाप का एक फायर फाइटर ड्रेस भी बनाया था। 
रॉबिन्सन विलियम्स कहती हैं, यह पारिवार की एक परंपरा जैसा है, हमने हमेशा से ये काम किया है। मेरी दादी अभी भी वॉलंटियर कर रही हैं। उन्होंने 50 साल तक ये काम किया है और मेरी मां 30 साल से ज्यादा समय से ये काम कर रही हैं। उनके पति और ससुराल वाले भी अग्निशमनकर्मी के तौर पर वॉलंटियर करते हैं।
वो कहती हैं कि उन्हें उम्मीद है कि उनका बच्चा भी ये काम करेगा, हालांकि यह निर्णय उसका खुद का होगा। यह पूछे जाने पर कि क्या आग से जूझने के दौरान उन्हें डर लगता है तो रॉबिन्सन विलियम्स ने फौरन ना में जवाब दिया। वो कहती हैं, मैं कल भी एक भयानक आग के बीच में थी। वहां घर बुरी तरह से जल रहे थे। हम इसे रोकने की कोशिश कर रहे थे। यह एक ऐसा काम है जो मैं हमेशा से करती रही हूं।
एनएसडब्ल्यू राज्य में लगभग साठ लाख लोग रहते हैं। अधिकारियों ने बताया अग्निशमन कर्मचारी इस भयानक आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। बुधवार को ये आग सिडनी के उपनगरीय इलाके में भी फैल गई। बीबीसी के यवेट तान और फ्रांसेस माओ द्वारा की रिपोर्ट। (बीबीसी)
 


Date : 14-Nov-2019

नई दिल्ली, 14 नवंबर । पाकिस्तान के पीएम इमरान खान की पूर्व पत्नी रेहम खान को मानहानी मामले में जीत हासिल हुई है। उनका यह मामला यूके की हाईकोर्ट में चल रहा था। रेहम खान ने पाकिस्तान के एक मंत्री द्वारा न्यूज शो में उन पर आपत्तिजनक बयान दिया था। इस मामले में निजी चैनल ने भी रेहम खान से माफी मांगी है। पिछले साल जून में पाकिस्तान के निजी चैनल पर बहस के दौरान पाकिस्तान के मंत्री शेख राशिद ने टिप्पणी की थी। जिसे बाद में रहमान बेहद आपत्तिजनक बताया था। 
उनके द्वारा लगाए गए सबसे गंभीर आरोप यह दावा करना था कि हमारे मुवक्किल ने अपने पूर्व पति की राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों, पाकिस्तान मुस्लिम लीग के साथ मिलीभगत की, और बदले में या उसके नेता, मिस्टर शहबाज शरीफ की ओर से पर्याप्त भुगतान स्वीकार किया। इसके लिए उन्होंने अपने पर किताब लिखने की बात कही थी। ऐसा कहना है रेहम खान के वकील एलेक्स का। एलेक्स ने कहा कि दुनिया टीवी ने अब हमारे ग्राहक के लिए एक पूर्ण और असमान सार्वजनिक माफी मांगी है और यह स्वीकार किया है कि उसे शहबाज शरीफ या पाकिस्तान मुस्लिम लीग में अपनी पुस्तक के लिए कभी भी कोई भुगतान नहीं मिला है। दुनिया टीवी ने हमारे ग्राहक के बारे में इन झूठे आरोपों को नहीं दोहराने का भरोसा भी दिया है।
कुछ साल पहले ही रेहम खान का एक बयान आया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि मैंने इमरान खान से पिछले साल उन्होंने शादी की सालगिरह का उपहार मांगा था, लेकिन उन्होंने तलाक दे दिया। रेहम ने जियो न्यूज से कहा था कि मैंने पिछले साल 31 अक्टूबर को मजाक में कहा था कि वह शादी की सालगिरह से पहले उपहार चाहती हैं, लेकिन उन्होंने (इमरान ने) मुझे तलाक दे दिया। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा था कि हम प्रार्थना करें कि वह पाकिस्तान के साथ ऐसा कुछ न कर बैठें।
इमरान खान ने 2 नवंबर को इस्लामाबाद बंद रखने का अपना निश्चय दोहराया और देशभर के अपने सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को किसी भी कीमत पर इस बंद से पहले उनके निवास पर पहुंचने का निर्देश दिया था। टीवी पत्रकार रेहम के साथ इमरान खान की शादी महज 10 महीने में ही टूट गई। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष इमरान और रेहम ने परस्पर सहमति से एक-दूसरे को तलाक दिया था।(लाइव हिंदुस्तान)
 


Date : 13-Nov-2019

काबुल, 13 नवंबर । अफगानिस्तान के काबुल में कार बम विस्फोट में बुधवार को कम से कम सात लोगों की मौत हो गयी और कई अन्य घायल हो गये।
तोलो न्यूज ने गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नसरत रहीमी के हवाले से बताया कि कसाबा इलाके में एक कार बम विस्फोट में कम से कम सात लोगों की मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि विस्फोटों के कारण कई लोग घायल भी हुए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति अथवा संगठन ने फिलहाल विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है। (वार्ता)
 


Date : 13-Nov-2019

ब्राजीलिया, 13 नवंबर । बोलीविया सीनेट की सेकंड वाइस स्पीकर जीनिन अनेज ने संसद में सत्ता के हस्तांतरण पर मतदान के बिना खुद को देश का अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर दिया है।
इससे पहले बोलीविया के पूर्व राष्ट्रपति इवो मोरालेस के इस्तीफे को औपचारिक तौर पर स्वीकार करने और सुश्री अनेज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त करने के लिए मंगलवार को संसद की आपात बैठक आयोजित की गई हालांकि मूवमेंट फॉर सोशलिज्म (एमएएस) और मोरालेस पॉपुलिस्ट पार्टी के सांसदों ने इस बैठक में हिस्सा नहीं लिया था।
सुश्री अनेज ने खुद को राष्ट्रपति घोषित करते हुए कहा, ‘‘सविधान के अनुसार और सीनेट के अध्यक्ष के तौर पर मैं खुद को देश का राष्ट्रपति घोषित करती हूं और वादा करती हूं कि देश में शान्ति स्थापित करने के लिए हरसंभव प्रयास करूँगा।’’
श्री मोरालेस ने हालांकि सुश्री अनेज के खुद को राष्ट्रपति घोषित करने के फैसले की कड़ी ङ्क्षनदा की है। उन्होंने इस मामले पर कहा, ‘‘देश के इतिहास में यह अब तक का सबसे विनाशकारी फैसला है। एक तख्तापलट करने वाली दक्षिणपंथी सांसद खुद को सीनेट का अध्यक्ष बताती है और बिना सांसदों के अनुमोदन के खुद को देश का अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर देती है।’’
श्री मोरालेस ने कहा, ‘‘मैं अंतराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष बताना चाहता हूं कि सुश्री अनेज ने बोलीविया के संविधान का उल्लघन कर खुद कर देश का अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर दिया है जो ङ्क्षनदनीय है।’’
गौरतलब है कि बोलीविया में चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच श्री मोरालेस और उपराष्ट्रपति अलवारो गार्सिया लिनेरा ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।  
श्री मोरालेस और श्री लिनेरा ने सेना के कमांडर विलियम कालिमा के आग्रह पर हिंसा के बीच इस्तीफा देने की घोषणा की थी। श्री मोरालेस के चुनाव में दूसरी बार विजयी रहने के बाद 20 अक्टूबर से वहां विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। विपक्षी पार्टियों ने दरअसल उन पर चुनाव के नतीजों में धांधली का आरोप लगाते हुए इसे मानने से इंकार कर दिया था।(स्पूतनिक)     

 


Date : 13-Nov-2019

अमरीका, 13 नवंबर। एक पिता ने अपने ही 14 साल के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने जांच के बाद ये दावा किया है। यह मामला अमेरिका के नेवादा का है। मृत लडक़े की परवरिश करने वाली मां ने कहा कि पिता के मन में था कि बेटे के गे होने से अच्छा है, बेटे का न होना। 
पुलिस ने कहा है कि 53 साल के पिता वेन्डेल मेल्टन ने बहस के बाद गिओवानी मेल्टन को गुरुवार को गोली मार दी। पिता और बेटे में बहस इस बात को लेकर हुई थी कि गिओवानी गे है और उसका बॉयफ्रेंड भी है। 
यह भी सामने आया है कि पिता ने इससे पहले भी बेटे पर बंदूक तानी थी जब उसने बॉयफ्रेंड के साथ बेटे को पकड़ लिया था। पुलिस घरेलू हिंसा की सूचना मिलने पर गिओवानी के फ्लैट में पहुंची थी, लेकिन तब तक 14 साल का लडक़ा क्रिटिकल कंडिशन में पहुंच चुका था। 
गिओवानी फ्लैट में अकेले रहता था। पुलिस ने उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पिता पर मर्डर और बच्चे के शोषण का आरोप लगाया गया है। अब तक ये साफ नहीं है कि क्या पिता पर हेट क्राइम के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। 
गोओवानी की परवरिश करने वाली मां सोनिया जोन्स ने कहा कि उसकी काफी खूबसूरत जिंदगी थी। दोस्तों ने उसे इनरजेटिक टीनेजर बताया जो किसी को भी हंसा सकता था। (आजतक)
 


Date : 13-Nov-2019

चीन, 13 नवंबर। चीन के के जिंगसू प्रांत स्थित येंगचेंग चिडिय़ाघर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां चिडिय़ाघर के एक बंदर ने जू-कीपर के मोबाइल से ऑनलाइन शॉपिंग कर डाली।  
दरअसल, पूर्वी चीन के येंगचेंग चिडिय़ा घर में लेव मेंगमेंग जू-कीपर के तौर पर काम करती हैं।  6 नवंबर को जू-कीपर बंदर के लिए खाने की व्यवस्था करने गई थी। तभी वो अपना मोबाइल वहीं भूल गई। 
फिर क्या था, बंदर ने मोबाइल उठाया और धड़ाधड़ बटन दबा दिए और मोबाइल छोडक़र वापस पेड़ पर चढ़ गया। जब जू-कीपर बंदरों को खाना देकर लौटीं तो उन्हें मोबाइल में कई नोटिफिकेशन दिखाई दिए। 
ये सभी ऑनलाइन नोटिफिकेशन शॉपिंग साइट से आए थे। इनमें लिखा था कि उनके सभी ऑर्डर सफलतापूर्वक प्लेस हो चुके हैं। उन्हें लगा कि उनका फोन हैक हो गया और किसी ने उससे शॉपिंग कर ली। 
जू-कीपर लेव मेंगमेंग ने इसके बाद चिडिय़ा घर के सीसीटीवी फुटेज चैक किए। इसमें उन्होंने देखा कि बंदर के हाथ में उनका मोबाइल है और वह स्क्रीन पर कुछ कर रहा है।  (आजतक) 
 


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