अंतरराष्ट्रीय

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Posted Date : 22-May-2018
  • मेलबर्न, 22 मई । आस्ट्रेलिया की एक अदालत ने आज मुख्य पादरी फिलिप विलसन (67) को बाल यौन शोषण को छिपाने के मामले में आरोपी माना है। आस्ट्रेलिया की मीडिया रिपोर्टस के अनुसार विलसन इस तरह के आरोप में सजा पाने वाले दुनिया भर में सबसे उम्रदराज कैथोलिक पादरी होंगे।
    अदालत एडिलेड के मुख्य पादरी विलसन को जून महीने में सजा सुना सकता है। उनको बाल यौन शौषण छिपाने के लिए दो वर्ष की सजा हो सकती है। फिलिप पर एक अन्य पादरी के गंभीर यौन शोषण के अपराध को छिपाने का आरोप लगा था। उनको 1976 में इस बात की जानकारी दी गयी थी जब वह न्यू साउथ वेल्स के सहायक पादरी थे।
    विलसन के वकील ने अदालत में दलील दी कि वह नहीं जानते थे कि पादरी फ्लेचर ने बच्चों का यौन शोषण किया है। फ्लेचर को वर्ष 2004 में नौ बच्चों के यौन शोषण के आरोप में दोषी पाया गया था और वर्ष 2006 में जेल में उनकी मृत्यु हो गई थी। (एजेंसी)

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Posted Date : 22-May-2018
  • हिंदुस्तान में शुक्राणु (स्पर्म) देने की कहानी पर एक हिन्दी फिल्म, विकी डोनर, बनी है। लेकिन ब्रिटेन में 62 बरस का एक रिटायर्ड शिक्षक ऐसा है जो अपनी पहचान छुपाए बिना जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए पूरे देश में जाकर खुद अपना शुक्राणु पहुंचाता है। उसने इस पूरे सिलसिले को छिपाया नहीं है, और उसके शुक्राणु से बच्चे पाने वाली कई महिलाओं ने भी इस बात को बच्चों की तस्वीर सहित सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। क्लाईव नाम का यह शिक्षक किसी से जरूरत की खबर मिलने पर अपनी वैन चलाकर देश भर में कहीं भी पहुंच जाता है, और पते पर पहुंचकर, वैन में ही अपने शुक्राणु निकालकर घर पहुंचकर सीधे शीशी दे देता है। वह कम से कम बात करता है ताकि किसी तरह की भावनाएं न जुड़ पाएं। अब तक वह इस तरह 65 बच्चों का पिता बन चुका है, और 14 बच्चे गर्भ में हैं। वह सौ बच्चों तक पहुंचने का इरादा रखता है। अभी ब्रिटेन के चैनल-4 के लिए बनी एक डॉक्यूमेंटरी में फिल्माए गए ऐसे चार दानदाताओं में से वह एक है। लेकिन चूंकि वह सरकार की ऐसी सहूलियत के मार्फत शुक्राणुदान नहीं करता है, इसलिए उसकी शिनाख्त उजागर रहती है, और उस पर बच्चों की तरफ से कानूनी वारिस होने का दावा करने का खतरा रहता है। 
    अगर ऐसी कोई भी महिला बच्चे को पालने में मदद के लिए दावा करेगी, तो क्लाईव को बच्चे के 18 बरस होने तक उसका गुजारा भत्ता देना पड़ सकता है। यह पूरा सिलसिला तब शुरू हुआ जब क्लाईव ने फेसबुक पर लोगों की मदद करने की बात लिखी, और उसके बाद से देश भर से उसकी मांग होने लगी। (सन)

     

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Posted Date : 22-May-2018
  • वाशिंगटन, 22 मई। अमरीका का सुप्रीम कोर्ट गुजरात में एक बिजली संयंत्र के खिलाफ भारतीय ग्रामीणों की एक अपील पर सुनवाई करने को सहमत हो गया है। इस संयंत्र के कारण पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है और इसके लिए अमरीका स्थित इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (आईएफसी) कोष प्रदान कर रहा है। सु्प्रीम कोर्ट ने कल कहा ,याचिका स्वीकार की जाती है। इस मामले की सुनवाई अक्टूबर से शुरू हो रहे अगले सत्र में की जाएगी। कई किसानों और मछुआरों सहित ग्रामीणों की अगुवाई कर रहे बुद्ध इस्माइल जाम ने आरोप लगाया कि कोयले से चलने वाली टाटा मुंद्रा पावर प्लांट से व्यापक तौर पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है।
    वाशिंगटन डीसी स्थित आईएफसी परियोजना के लिए 45 करोड़ अमरीकी डॉलर की मदद कर रहा है। यह विश्व बैंक की आर्थिक शाखा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह यह तय करेगा कि क्या आईएफसी के पास 'इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन इम्यूनिटी एक्टÓ 1945 के तहत छूट है या नहीं। निचली अदालतों द्वारा उनकी याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार करने के बाद जाम और अन्य याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अपनी याचिका में ग्रामीणों ने दलील दी है कि टाटा मुंद्रा बिजली संयंत्र, अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय मानकों का पालन करने में विफल रही है। इसके परिणामस्वरूप स्थानीय पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है।  (भाषा)

     

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Posted Date : 22-May-2018
  • मेलबर्न, 22 मई। ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने आए एक भारतीय छात्र को समुद्र किनारे सेल्फी लेना इतना महंगा पड़ा कि उसे इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। बीस वर्षीय भारतीय छात्र पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में एक लोकप्रिय पर्यटक स्थल पर सेल्फी लेते वक्त पहाड़ी से समुद्र में जा गिरा। इस घटना में छात्र की मौत हो गई। एबीसी न्यूज ने खबर दी कि अंकित ऐतिहासिक बंदरगाह शहर एल्बानी के पास 40 मीटर ऊंचाई से नीचे फिसल गया। इस दौरान वह अपने दोस्तों के साथ था।
    वह पर्थ में पढाई कर रहा था और वह गुरुवार को अपने दोस्तों के साथ एक फोटो के प्रयास में पहाड़ी के ऊपर चढ़ रहा था और दौड़ रहा था। इसी दौरान वह फिसल गया और समुद्र में जा गिरा। घटना के एक घंटे बाद खोजी अभियान में उसका शव पानी से निकाला गया।   (भाषा)

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Posted Date : 22-May-2018
  • शैंगक्यू (चीन), 22 मई। चीन का एक वीडियो ने हर किसी को हैरान कर रखा है। एक बच्ची स्कूल होमवर्क करने के लिए चलती टैक्सी से बाहर निकलकर और पढ़ाई करने लगी। अधिकतर स्टूडेंट्स नाश्ते के वक्क या फिर स्कूल के फ्री पीरियड में ही होमवर्क निपटा लेते हैं। लेकिन चीन की एक स्टूडेंट ने ऐसी जगह होमवर्क करने का सोचा जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। चलती टैक्सी में उसने होमवर्क करने का सोचा। उसके पिता ड्राइविंग सीट पर बैठे थे। सीजीटीएन ने इस वीडियो को यूट्यूब पर अपलोड किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि लड़की चलती कार से बाहर निकलकर विंडो सीट पर बैठ जाती है और ऊपर बैठी किताब लेकर लिख रही है। 
    एक रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की के पिता पास में बैठे दोस्त के साथ बातें कर रहे थे। जिससे बेटी को पढ़ाई करने में काफी परेशानी हो रही थी। वो उठकर बाहर निकल गई। पिता बात करने में इतने व्यस्त थे कि उन्होंने बेटी को देखा ही नहीं। लड़की के पिता का नाम चेंग बताया जा रहा है।
    उन्होंने कहा- मैं बात करने में इतना व्यस्त था कि देख नहीं पाया। मैं बेटी को कहा है कि अगली बार से ऐसा न करना।वीडियो वायरल होने के बाद चेंग का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। अब वो आगे कभी टैक्सी नहीं चला पाएगा। ये घटना पिछले हफ्ते ही चीन के शैंगक्यू शहर में हुई।  (एनडीटीवी)

     

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Posted Date : 21-May-2018
  • ब्राजील, 21 मई । ब्राजील के एक सुदूर द्वीप में 12 साल बाद किसी बच्चे का जन्म हुआ है। इस द्वीप पर बच्चों को जन्म देने पर प्रतिबंध लगा हुआ है मगर फिर भी नए मेहमान के आने पर जश्न मनाया जा रहा है।
    ब्राजील के नताल शहर से 370 किलोमीटर दूर फेर्नांदो डि नोरोन्या द्वीप पर लगभग तीन हजार लोग रहते हैं। इस द्वीप के अस्पताल में मैटरनिटी वॉर्ड नहीं है। इसलिए जो महिलाएं गर्भवती होती हैं, उन्हें बच्चे को जन्म देने के लिए मुख्य भू-भाग में जाने के लिए कहा जाता है।
    जिस महिला ने शनिवार को इस द्वीप पर एक बच्ची को जन्म दिया, वह अपनी पहचान जाहिर नहीं करना चाहतीं। वह कहती हैं कि उन्हें नहीं पता था कि वह गर्भवती थीं और शिशु का जन्म होने पर वह दंग रह गईं।
    अनुमान है कि इस महिला की उम्र 22 साल है। ओ ग्लोबो वेबसाइट से महिला ने कहा, शुक्रवार रात को मुझे दर्द उठना शुरू हुआ और मैं बाथरूम गई। तब मुझे अहसास हुआ कि कुछ हो रहा है, असल में वह प्रसव पीड़ा थी। फिर शिशु को उसके पिता ने आकर उठाया। मैंने लड़की को जन्म दिया था। मैं तो हैरान रह गई। इसके बाद शिशु को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय प्रशासन ने बयान जारी करके इस घटना की पुष्टि की है।
    ओ ग्लोबो के मुताबिक प्रशासन की तरफ से जारी बयान मे लिखा गया है, यह प्रसव महिला के घर पर ही हुआ। वह अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करना चाहतीं। उसके परिवार का कहना है कि उन्हें उसके गर्भवती होने के बारे में जानकारी नहीं थी।
    द्वीप पर इस तरह से बच्चे का जन्म होने पर स्थानीय लोग जश्न मना रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार वे परिवार की मदद कर रहे हैं। कुछ ने बच्ची के लिए कपड़े भी दान किए हैं। फेर्नांदो डि नोरोन्या में कई सुंदर बीच हैं, जिनकी गिनती दुनिया के सबसे खूबसूरत तटों में की जाती है। यह द्वीप वन्यजीव संरक्षण के लिए भी चर्चित है।
    (बीबीसी)

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Posted Date : 21-May-2018
  • इस्लामाबाद, 21 मई। पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना को सीधी चुनौती देने के बारे में अमूमन सोचना भी मुश्किल माना जाता है। मगर इन दिनों महज 26 साल का एक नौजवान और उसका आंदोलन लगतार पाकिस्तानी सेना की चिंता बढ़ा रहा है। नौजवान का नाम है मंजूर पश्तीन, जो वैसे तो पेशे से जानवरों के डॉक्टर हैं लेकिन वह बीते तीन महीने से सेना के खिलाफ आम पाकिस्तानी की आवाज बनकर उभरे है।
    हमेशा अपनी खास पश्तीन टोपी में नजर आने वाले मंजूर पश्तून तहफूज मूवमेंट (पीटीएम) के नाम से सेना के खिलाफ अहिंसक आंदोलन चला रहे हैं। वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार रहीमुल्लाह यूसुफजई के अनुसार, मूल रूप से वे (मंजूर) यह कह रहे हैं कि मैं पश्तून हूं और पश्तूनों के हक के लिए लड़ रहा हूं। उनके पीटीएम के साथ बड़ी तादाद में लोग जुड़ भी रहे हैं। हर शख्स जो दहशतगर्दी से पीडि़त है, जो सेना के अभियानों से परेशान है, जिसे तमाम चैक प्वाइंट पर कभी न कभी जलील किया गया है, वह पीटीएम को समर्थन दे रहा है। उन्होंने बीते कुछ समय में पाकिस्तान के कई हिस्सों में बड़ी-बड़ी जनसभाएं की हैं।
    खबर के मुताबिक पीटीएम यूं तो खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 2014 में शुरू किया गया था। वहां की गोमल यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं के बीच ज्वलंत मुद्दों पर बहस-मुबाहिसा की शक्ल में यह शुरू हुआ। उस वक्त इसे महसूद तहफूज मूवमेंट (एमटीएम) कहा जाता और यह मुख्यतौर पर दक्षिण वजीरिस्तान तक ही सीमित था जो महसूद जनजातीय लोगों की बहुलता वाला इलाका है। ये लोग खुद को पश्तीन कहते हैं। बताया जाता है कि इस साल जनवरी में कराची के उभरते मॉडल नकीबुल्लाह महसूद को पुलिस मुठभेड़ में मार दिए जाने के बाद पश्तूनों के इस आंदोलन ने जोर पकड़ा। इस घटना के बाद आंदोलन का न सिर्फ नाम बल्कि स्वरूप भी बदल गया है।
    इस्लामाबाद के एक पत्रकार मारवी सरमद कहते हैं, नकीबुल्लाह को आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का सदस्य बताकर मार दिया गया। जबकि बाद में पता चला कि उसका टीटीपी से कोई लेना-देना नहीं था। और यह खुलासा होते ही मंजूर की अगुवाई में लोगों ने पुरजोर आवाज बुलंद करना शुरू कर दी। लगातार रैलियां हो रहीं हैं। इनमें एक नारा बुलंद हो रहा है- ये दहशतगर्दी है, इसके पीछे वर्दी है। इसके जरिए मंजूर पश्तूनों के नए हीरो की तरह उभरे हैं। ठीक वैसे ही जिस तरह किसी जमाने में बादशाह खान हुआ करते थे। बादशाह खान की तरह मंजूर भी पश्तून और गैर-पश्तूनों में बराबर लोकप्रिय हो रहे हैं।  (इंडियन एक्सप्रेस)

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Posted Date : 21-May-2018
  • पेशावर, 21 मई। लड़किया आज हर एक क्षेत्र में लड़कों से आगे है। शिक्षा का क्षेत्र हो या फिर खेल का लड़कियों ने अव्वल रहकर अपने माता-पिता के साथ साथ देश का भी नाम रोशन किया है। पेशावर की रहने वाली मनमीत कौर को पाकिस्तान टेलीविजन पर बतौर पत्रकार काम करने का मौका मिला है।
    मनमीत कौर पाकिस्तान समाचार चैनल पर पत्रकार के तौर पर काम करने वाली वो पहली पाकिस्तान सिख लड़की है। मनमीत कौर निजी चैनल पर सिखों के प्रोग्राम को कवर करने के साथ-साथ गैर सरकारी संस्थों के प्रोग्राम को भी कवर किया करेंगी।
    वहीं इस कामयाबी पर मनमीत का कहना है कि वो इस सफलता को हासिल करके बहुत खुश है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि उनको पाकिस्तान के सब से कम गिनती वाले सिख भाईचारे की आवाज और मुश्किलों को पाकिस्तान सरकार तक पहुंचाने का मौका मिला है। (लिविंग इंडिया)

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Posted Date : 21-May-2018
  • नई दिल्ली, 21 मई। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच जारी नई जमाने की जंग ट्रेड वॉर अब खत्म होने की ओर है। दोनों देशों ने एक समझौता किया है। इसके तहत चीन अब अमरीका से आयात बढ़ाएगा। मतलब साफ है कि चीन, अमरीका के आगे झुक गया है। इस फैसले के बाद कंपनियों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि ट्रेड वॉर से दुनियाभर के बड़े देश अपनी कंपनियों के हित में कदम उठाने लगे थे। ऐसे में बेरोजगारी बढऩे की आशंका बढ़ गई थी। 
    चीन की तरफ से अमरीका की शर्त मान लेने के बाद दोनों देशों के बीच शुरू होने वाला ट्रेड वॉर फिलहाल टल गया है। चीन ने अमरीका के आगे झुकते हुए ट्रेड डेफिसिट घटाने के लिए अमरीका से आयात बढ़ाने की सहमति दे दी है। चीन इस ट्रेड डेफिसिट को घटाकर 375 मिलियन डालर पर लाएगा। दोनों देश ने कहा है कि पेटेंट कानून संरक्षण को काफी अहमियत देते हैं और दोनों के बीच इस मामले में सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति भी बनी है। 
    इस संबंध में अमरीका में हो रही दूसरे दौर की वार्ता के बाद दोनों देशों की तरफ से एक संयुक्त बयान जारी किया गया है, जिसमें बताया गया है कि दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि ट्रेड वार को नहीं बढ़ाएंगे। वहीं ट्रेड डेफिसिट घटाने के लिए चीन अमरीका से आयात के लिए तैयार है।
    चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व शी के विशेष दूत और उपराष्ट्रपति लियू ही ने किया। अमरीकी अधिकारियों में वित्त सचिव स्टीवन म्नूचिन, वाणिज्य सचिव विल्बर रॉस और व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइथाइजर शामिल थे। अमरीका ने चीन को धमकी देते हुए कहा था कि वह ट्रेड डेफिसिट को 100 बिलियन डालर का ट्रेड डेफिसिट को एक महीने के अंदर घटाए और 2020 तक 200 बिलियन डालर का ट्रेड डेफिसिट घटाए। अमरीका ने कहा था कि अगर ऐसा नहीं होता है तो चीन के खिलाफ और कड़े कदम उठाए जाएंगे।
    सिन्हुआ के अनुसार, चीन लोगों के उपभोग की जरूरतों को पूरा करने और चीन के उच्च गुणवत्ता वाले आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए अमरीकी सामान और सेवा की खरीद में काफी वृद्धि करेगा, जिससे अमरीकी आर्थिक विकास और रोजगार को बढ़ावा मिलने में भी मदद मिलेगी। दोनों देशों ने अमरीकी कृषि और ऊर्जा उत्पादों के निर्यात को रूप से बढ़ाने पर सहमति जताई। इस सबंध में आगे की वार्ता के लिए अमरीका अपना एक प्रतिनिधिमंडल चीन भेजेगा। (न्यूज 18)

     

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Posted Date : 20-May-2018
  • ब्रिटिश रॉयल कपल प्रिंस हैरी और मेगन मार्कल की शाही शादी में शरीक हुई बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा इस मौके पर किसी प्रिंसेस से कम नजर नहीं आईं. इस मौके पर प्रियंका के दो लुक सामने आए और दोनों ही लुक्स में उनका अंदाज सबसे बेहतरीन नजर आया.
    शनिवार को विंडसर पैलेस में इस रॉयल वेडिंग में 600 के करीब गेस्ट पहुंचे. रिसेप्शन फंक्शन तो और भी प्राइवेट रहा. इस पार्टी में 200 के करीब गेस्ट नजर आए. इस गेस्ट लिस्ट में मेगन मार्कल की दोस्त प्रियंका चोपड़ा भी शामिल हुईं. इस मौके पर प्रियंका गोल्ड शि‍मर गाउन में जैसे सबका ध्यान आकर्ष‍ित करती दिखीं.
    प्रियंका ने इस खास आयोजन के लिए डियॉर ब्रांड की इस शि‍मर ड्रेस को चुना जिसमें वह बेहद खूबसूरत नजर आईं.
    प्रियंका की टोन्ड बॉडी पर ये शि‍फॉन सीक्वेन गाउन खूब जचा.
    इसके साथ प्रियंका के लाइट वेवी ओपन हेयरस्टाइल ने उनके लुक में चार चांद लगा दिए. (aajtak)

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Posted Date : 20-May-2018
  • नई दिल्ली, 20 मई। सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ के जवानों ने जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पाकिस्तानी गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया है। 
    पाकिस्तान की तरफ से हुई फायरिंग का जवाब बीएसएफ ने इस तरह दिया है कि अब पाकिस्तान, बीएसएफ से फायरिंग रोकने की गुहार लगा रहा है। पिछले चार दिन में पाक फायरिंग में बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए थे जबकि दो आम नागरिकों की भी मौत हो गई थी। जवाबी कार्रवाई में बीएसएफ ने पाक रेंजर्स के चार जवानों को मार गिराया और उनके कई बंकरों और पोस्ट को बुरी तरह से तबाह कर दिया है। बीएसएफ के सैन्य दस्ते ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार एक पाकिस्तानी बंकर को उड़ा दिया, जिससे उनका काफी नुकसान हुआ है।
    बीएसएफ द्वारा दागे गये बंकर-बस्टिंग रॉकेट का निशाना पाकिस्तान की ओर दिखा। इस मामले के जानकारों का कहना है कि पाकिस्तानी रेंजर्स के जवान बीते तीन दिनों से लगातार सीज फायर का उल्लंघन कर रहे थे, मगर बीएसएफ के द्वारा बनाए गये दवाब के बाद उसने रक्षात्मक रुख अपना लिया है। 
    बीएसएफ के मुताबिक पाक के गोलाबारी के जवाब में ही बीएसएफ फायरिंग करती है। वैसे कल रात से सरहद पर फायरिंग बंद है। पिछले चार दिन में पाक फायरिंग में बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए है और चार लोगों की मौत हो गई है। वहीं बीएसएफ के जवाबी करवाई में पाक रेंजर्स के चार जवान और चार से अधिक पाक लोगो की मौत हो गई है। 
    बीएसएफ द्वारा एक वीडियो जारी किया गया है। जिसमें दिख रहा है कि एक रॉकेट पाकिस्तानी बंकर को टारगेट कर रहा है। तेजी से चलने वाली रॉकेट जब बंकर को हिट करता है, तो एक बड़ा विस्फोट होता है। ब्लैक एंड व्हाइट फूटेज में इस विस्फोट को देखा जा सकता है।
    इस मामले के जानकारों के मुताबिक, बीएसएफ के जवाबी हमले के बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने आज बीएसएफ के जम्मू ईकाई से संपर्क किया और युद्धविराम के लिए उनसे अनुरोध किया। खबरों की मानें तो पाकिस्तानी रेंजर्स ने जम्मू में बीएसएफ से सीजफायर की गुहार लगाई। बता दें कि घाटी में रमजान के दौरान सीजफायर के सरकार के फैसले के बाद सीमा पर फायरिंग बढ़ गई है। जानकारों का मानना है कि बीएसएफ के जवाबी गोलीबारी में पाकिस्तान को काफी नुकसान हुआ है। 
    बीएसएफ इंस्पेक्टर जनरल राम अवतार ने शुक्रवार को कहा था, यदि वे हमें टारगेट करते हैं, तो उन्हें उचित जवाब मिलेगा। हम ऐसी घटना की उम्मीद कर रहे थे क्योंकि फसल कटाई का मौसम खत्म हो गया है और फसल कटाई का मौसम खत्म हो जाने के बाद वे हमेशा ऐसी शरारत करते हैं। (एनडीटीवी)

     

     

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Posted Date : 20-May-2018
  • नई दिल्ली, 20 मई । प्रियंका चोपड़ा अपनी दोस्त मेगन मार्कल की शादी में शरीक होने लंदन पहुंची थीं। इस शाही शादी में प्रियंका डिफरेंट अवतार में नजर आईं और उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं। शादी में शामिल होने के अलावा प्रियंका ने सोशल मीडिया पर भी मेगन और प्रिंस हैरी को शादी की शुभकामनाएं दी हैं। इंस्टाग्राम पर उनकी इस पोस्ट को 9 घंटे के भीतर 12 लाख से ज्यादा लोगों ने लाइक किया है।
    प्रियंका ने प्रिंस हैरी और मेगन मार्कल की एक खूबसूरत तस्वीर अपलोड की है जिसमें प्रिंस मेगन का हाथ थामे नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर के साथ प्रियंका ने लिखा- हर किसी की जिंदगी में कुछ देर को ऐसा लम्हा आता है जब वक्त ठहर जाता है... आज ऐसा हुआ... तुम मेरी दोस्त... आकर्षण, प्यार और खूबसूरती का प्रतीक बन गईं। इस शादी के लिए तुम दोनों द्वारा किया गया हर चुनाव इतिहास बन जाएगा।
     इसलिए नहीं कि ये तुम दोनों की शादी थी, बल्कि इसलिए क्योंकि यह अतुल्य शादी परिवर्तन और उम्मीद का प्रतीक थी।
    प्रियंका ने आगे लिखा- दुनिया इन दोनों चीजों को दिल से चाहती है। शुक्रिया इस खूबसूरत तस्वीर के लिए... अपनी आंखों के सामने तुम दोनों को एक होते देखना और तुम्हारे प्यार को आशीर्वाद पाते देखना मुझे बहुत खुशी दे गया... और रुला भी गया। मैं दुआ करती हूं कि तुम दोनों हमेशा खुश रहो और साथ रहो। (आजतक)

     

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Posted Date : 19-May-2018
  • ओंकार सिंह जनौटी
    पोलैंड ने हाइब्रिड वॉर नेटवर्क के आरोप में एक रूसी महिला को गिरफ्तार किया है। क्या है हाइब्रिड वॉर नेटवर्क और कैसे लड़ा जाता है ये हाइब्रिड वॉर?
    पोलैंड की सुरक्षा एजेंसी एबीडब्ल्यू ने दावा किया है कि उसने रूस के दो हाइब्रिड वॉर नेटवक्र्स को खत्म किया है। पोलैंड का आरोप है कि येकातेरिना सी नाम की रूसी महिला इन नेटवर्कों से जुड़ी थीं। पोलैंड का आरोप है कि रूस फेक न्यूज और इतिहास को अलग ढंग से पेश कर पोलिश लोगों को यूक्रेन के प्रति भड़का रहा है। पोलैंड के लोग आमतौर पर रूस को पसंद नहीं करते। एबीडब्ल्यू के मुताबिक रूस हाइब्रिड वॉर का सहारा लेकर पोलैंड की जनता के नजरिए को बदलने की कोशिश कर रहा है। वह क्रीमिया के अलगाव को जायज ठहराने में लगा है।
    हाइब्रिड वॉर असल में एक छद्म युद्ध है। यह वह सैनिक रणनीति है जिसमें राजनीतिक युद्ध में परंपरागत युद्ध को अनियमित युद्ध, साइबर युद्ध और मनोवैज्ञानिक युद्ध के साथ ब्लेंड किया जाता है। यह लड़ाई सिर्फ हथियारों से नहीं लड़ी जाती, यह जनता की सोच को बदलने में लगी रहती है। हाइब्रिड वॉर के तहत अफवाहें, गलत जानकारियां और फेक न्यूज फैलाई जाती है। लगातार ऐसा करते रहने से आम जनता की सोच बदलने लगती है। इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में ऐसा करना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान है।
    हथियारों और सेना के बल पर होने वाली लड़ाई में जान माल का बहुत नुकसान होता है। ऐसे युद्ध बेहद खर्चीले भी होते हैं। लेकिन हाइब्रिड वॉर इनसे अलग है। यह लगातार आम लोगों की सोच पर चोट करता रहता है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक 2006 में लेबनान युद्ध के दौरान हिज्बुल्लाह ने एक खास रणनीति का सहारा लिया। हिज्बुल्लाह ने गलत जानकारियों और तथ्यों को अपने हिसाब से पेश कर लोगों की विचारधारा पर असर डाला। तब से ही हाइब्रिड वॉरफेयर शब्द सामने आया। अब यह आधुनिक युद्धनीति का हिस्सा बनता जा रहा है। हाइब्रिड वॉर में जनमानस की सोच, साइबर स्पेस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मुख्य हथियार हैं। (डायचे वेले)

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Posted Date : 19-May-2018
  • हवाना, 19 मई। क्यूबा की राजधानी हवाना के होजे मार्टी हवाईअड्डे के नजदीक एक बड़ा विमान हादसा हुआ है। हादसे में 106 लोगों के मारे जाने की खबर है। देश की सरकारी एयरलाइन क्यूबाना डे एविएशन का बोइंग 737 विमान हवाना के होजे मार्टी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया है।
    स्थानीय मीडिया से मिल रही खबरों के मुताबिक यह विमान हवाना से पूर्व की ओर स्थित शहर होलगन जा रहा था, इस विमान में केबिन क्रू के सदस्यों को मिलाकर कुल 110 लोग सवार थे जिसमें यात्रियों की संख्या 104 बताई जा रही है।
    क्यूबा की कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार ग्रैनमा के मुताबिक, सिर्फ तीन लोग जिंदा बच पाए हैं और उनकी भी हालत गंभीर है। घायलों का इलाज चल रहा है।
    क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज कनेल दुर्घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं, उन्होंने कई मौतों की आशंका जताई है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उन्होंने दुर्घटनास्थल के पास धुएं का गुबार उठता हुआ देखा। ये विमान देश के पूर्व में मौजूद एक अन्य शहर होलगिन जा रहा था।
    मेक्सिकन अधिकारियों का कहना है कि ये विमान 1979 में बना था और बीते साल नवंबर में इसकी विस्तृत जांच हुई थी। मेक्सिकन कंपनी एरोलाइन्स दामोज ने क्यूबा की सरकारी विमानन कंपनी क्यूबन डी एवियेशन को ये विमान किराए पर दिया था।
    क्यूबा में 1980 के बाद होने वाला ये सबसे बड़ा विमान हादसा है। विमान हादसे के बाद देश में दो दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा कर दी गई है।
    मेक्सिको की ट्रांसपोर्ट विभाग का कहना है, उड़ान भरते वक्त विमान में कोई तकनीकी खराबी आ गई थी और ये सीधे जमीन पर आ गिरा। सुपरमार्केट में काम करने वाले जोस लुईस ने बताया, अचानक कुछ हुआ और विमान मुड़ा और नीचे आ गया। हम सकते में थे।
    रेडियो हवाना क्यूबा का कहना है कि ये हादसा बोयरोस और हवाना को जोडऩे वाली सड़क पर हवाना से 20 किलोमीटर की दूरी पर हुआ है।
    जांच अधिकारियों के दुर्घटना के कारणों की जांच शुरु कर दी है। अब तक हादसे की वजहों के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई है।  (एएफपी)

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Posted Date : 19-May-2018
  • एंथनी जर्चर
    वाशिंगटन, 19 मई। आप सोच रहे होंगे कि सफेद स्कर्ट, ब्लैक सैंडल पहने इस लड़की ने अपने कंधों पर इतनी बड़ी-सी राइफल क्यों टांग रखी है?
    22 साल की कैटलिन बेनेट ने हाल ही में अपना ग्रेजुएशन खत्म किया है। वो अमरीका में ओहायो की कैंट स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ती थीं। ये तस्वीर उनके दीक्षांत समारोह की है। इस दिन उन्हें अपनी डिग्री मिलनी थी। डिग्री लेने के लिए कैटलिन अलग अंदाज में पहुंची। उन्होंने कंधे पर एआर-10 सेमी-ऑटोमेटिक राइफल टांग रखी थी और उनके हाथ में जो ग्रेजुएशन कैप था उस पर लिखा था, आओ और छीन लो।
    उनकी इस तस्वीर से पूरे अमरीका में व्यक्तिगत स्वतंत्रता, छात्र प्रदर्शन और श्वेत विशेषाधिकार को लेकर बहस छिड़ गई है। बेनेट ने बाद में ये तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर करते हुए लिखा कि वो यूनिवर्सिटी की उस नीति का विरोध कर रही थीं, जो छात्रों, प्रोफेसरों और कर्मचारियों को कैंपस में जानलेवा हथियार लाने से रोकती है। लेकिन यही नीति मेहमानों को स्कूल ग्राउंड (लेकिन बिल्डिंग में नहीं) हथियार लाने की अनुमति देती है।
    बेनेट ने ये ध्यान दिलाया कि कैंट स्टेट वही जगह है जहां चार निहत्थे छात्रों की सरकार ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। ये घटना 1970 की बताई जाती है, जब सैनिकों और वियतनाम वॉर प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई थीं। इस दौरान 13 प्रदर्शनकारियों और नजदीक खड़े लोगों को गोली मारी गई थी।
    बेनेट के ट्वीट को 4,800 से ज्यादा बार रीट्वीट किया गया और 19,000 लाइक्स मिले। इस पर उन्हें कई सकारात्मक तो कई नकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिली। इसके बाद कई सोशल मीडिया पोस्ट और इंटरव्यूज के जरिए बेनेट ने अपनी बात रखी।
    एक फेसबुक पोस्ट में बेनेट ने लिखा कि वो अपनी रक्षा, मेरा अधिकार मुद्दे की बात कर रही थीं। फरवरी में पार्कलैंड हाई स्कूल में हुई गोलीबारी के बाद से कई गन राइट्स कार्यकर्ता कहते रहे हैं कि शैक्षिक संस्थाओं में बंदूक हिंसा को रोकने का सबसे अच्छा तरीका ये है कि यहां गन फ्री जोन के विचार को खत्म किया जाए और कानून का पालन करने वाले नागरिकों को हथियार रखने की छूट दी जाए।
    बेनेट का एआर-10 राइफल लेकर आना इसलिए ज्यादा विवादित हो गया क्योंकि ये राइफल एआर-15 का सबसे ताकतवर वर्जन है। कुछ दिन पहले पार्कलैंड और द न्यूटाउन एलिमेंट्री स्कूल में बड़े पैमाने पर हुई शूटिंग में इसी राइफल का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन बेनेट का कहना है कि वो ये राइफल इसलिए लेकर आईं क्योंकि ये उनकी सफेद ड्रेस और हील्स से मैच करती थी।
    मिलिट्री मशीन गन जैसे ऑटोमैटिक हथियारों पर पहले से प्रतिबंध लगा हुआ है। लेकिन बेनेट का मानना है कि मशीन गन्स को भी इस्तेमाल करने की कानूनी मान्यता मिलनी चाहिए।
    श्वेत विशेषाधिकार?
    एक और बात के लिए बेनेट की आलोचना की गई। कहा गया कि वो आसानी से खुले में हथियार लेकर घूम सकती हैं, लेकिन जातीय तौर पर अल्पसंख्यक लोग (जो पहले से भेदभाव का शिकार हैं और संदेह के घेरे में रहते हैं) अगर वो ऐसा करते हैं तो उन्हें सरकार की हिंसक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
    2016 में फिलांडो कैसटाइल नाम के एक अश्वेत शख्स को पुलिस ने ट्रैफिक स्टॉप पर इसलिए गोली मार दी थी कि उनके पास लाइसेंस वाला हथियार है। बेनेट ने इस बात के जवाब में कहा कि वो मानती हैं कि श्वेत होने की वजह से उनके पास ये विशेषाधिकार है कि वो नस्लवाद के डर के बिना राइफल लेकर आ सकीं। कई लोगों ने कहा कि बेनेट का खुदका रवैया नस्लवादी है।
    बेनेट की पोस्ट पर इतना विवाद शायद इसलिए भी हुआ क्योंकि उन्होंने इसे 1970 में कैंट स्टेट शूटिंग से जोड़ दिया था। इस शूटिंग की वजह से अमरीका में भारी प्रदर्शन हुए थे। बेवसाइट द वर्ज की कल्चर एडिटर लॉरा हडसन ने अपनी मां से बेनेट की सोच के बारे में पूछा। दरअसल लॉरा की मां कैंट शूटिंग के दौरान मौजूद थीं।
    उनकी मां ने जवाब दिया, अगर इस महिला ने अपने सामने लोगों को मरते हुए देखा होता तो वो बंदूक रखने का इतना समर्थन नहीं कर रही होती।
    अगर उस घटना के वक्त छात्रों के पास भी बंदूकें होतीं तो ये जनसंहार और भी भयानक होता। और ज्यादा लोग मारे जाते। जब आप किसी को अपने सामने मरते हुए देखते हैं तो ये आपको हमेशा के लिए बदल देता है।
    गन राइट्स की वकालत करने वाले लोगों का कहना है कि दूसरे संशोधन का मकसद आत्म रक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि सरकार के अत्याचारों के खिलाफ लडऩे का है।
    उनका मानना ये है कि संविधान के निर्माताओं ने ये संशोधन इसलिए किया था ताकि जब सरकार नागरिकों के अधिकारों पर हमला करें तो हथियारबंद नागरिक उनसे लड़ सकें।
    बेनेट ने बताया कि ट्विटर पोस्ट से मिली लोकप्रियता के बाद बंदूकें बेचने वाली ओहायो की एक कंपनी ने उन्हें नौकरी की पेशकश की है। हालांकि उनका कहना है कि वो कैंट स्टेट और दूसरी जगहों के लिए गन राइट्स की वकालत करती रहेंगी।  (बीबीसी)

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Posted Date : 19-May-2018
  • ह्यूस्टन, 19 मई। अमरीका के टेक्सास राज्य में एक स्कूल में हुई गोलीबारी में दस लोगों की मौत हो गई है और इतने ही लोग घायल हैं। घटना ह्यूस्टन से लगभग 50 किलोमीटर दूर सैंटा फी के एक स्कूल की है। मरने वालों में ज्यादातर छात्र हैं।
    सीबीएस न्यूज के मुताबिक, 17 वर्षीय संदिग्ध हमलावर दिमित्रोस पगोत्र्जिस को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस का कहना है कि स्कूल और पास के इलाके से विस्फोटक भी बरामद किए गए हैं।
    अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने गोलीबारी की घटना के कुछ ही देर बाद ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, शुरुआती खबरें अच्छी नहीं हैं।
    इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट में लिखा, हम टेक्सस में हुए इस हमले में जिंदगियों के भयावह नुकसान पर दुख प्रकट करते हैं और इससे प्रभावित हुए सभी लोगों को अपना समर्थन और प्यार भेजते हैं। सैंटा फी हाई स्कूल के छात्र, परिवार, शिक्षक और कर्मचारियों, हम इस त्रासद घड़ी में आपके साथ हैं और हमेशा रहेंगे।
    स्थानीय पुलिस अधिकारी एड गोंजालेज ने कहा है कि इस घटना के सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है जबकि एक अन्य से पूछताछ की जा रही है।
    उन्होंने ये भी बताया है कि एक पुलिस अधिकारी घायल हुआ है, लेकिन चोट कितनी गंभीर है, इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
    इसी साल अमरीका के फ्लोरिडा में एक स्कूल में बंदूकधारी ने 17 छात्रों और कर्मचारियों की हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद अमरीका में बंदूक रखने संबंधी कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे।
    तब राष्ट्रपति ट्रंप ने स्कूलों के पास गन फ्री जो खत्म करने और अध्यापकों को बंदूकों से लेस करने के प्रति समर्थन जताया था। उन्होंने कहा था, हथियारबंद अध्यापक हमले को रोक सकता है। (बीबीसी)

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Posted Date : 18-May-2018
  • आज हम आपको दुनिया की सबसे उम्रदराज महिला से मिलवाएंगे। महिला की उम्र 128 साल होने का दावा किया गया है। बताया जाता है कि अब यह अपना 129वां जन्मदिन मनाने जा रही है। इस महिला की उम्र के बारे में तो जानकर आप चौंक ही गए होंगे लेकिन इससे भी ज्यादा हैरानी आपको तब होगी जब इसकी जिंदगी की कहानी जानेंगे। 
    डेलीमेल की रिपोर्ट के मुताबिक रूस में एक महिला खुद को दुनिया की सबसे उम्रदराज महिला कह रही है। दावा है कि यह महिला 128 साल की है और अब जल्द ही अपना 129वां जन्मदिन मनाने वाली है। इस महिला को अपनी लंबी उम्र से परेशानी होने लगी है। इस वजह से वह खुश नहीं रहती।
    रूस के चेचेन्या में रहने वाली कोकू इस्तामबुलोवा को लगता है कि वह जिंदगी में एक भी दिन खुश नहीं रही। इसके बावजूद पता नहीं कैसे वह इतने वर्षों जिंदा रह गई। इस्तामबुलोवा शाकाहारी हैं। वह खाना कम और दूध ज्यादा पीती हैं। अगले महीने ही वह 129वां साल की हो जाएंगी।
    जी हां इस्तामबुलोवा अगले महीने अपना 129वां जन्मदिन मनाएंगी। इस बात की पुष्टि खुद रूस सरकार ने की है। उनके पासपोर्ट में उनके जन्म की तारीख 1 जून 1889 लिखी गई है। इस लिहाज से द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उनकी उम्र 55 साल और सोवियत संघ के पतन के दौरान 102 साल रही होगी। याद हो सोवियत रूस का पतन 1991 में हो गया था।
    इस्तामबुलोवा द्वितीय विश्व युद्ध को दौर को बहुत ही भयानक बताती है। उस समय नाजियों के टैंक उनके घरों के पास से गुजरते थे। अपनी उम्र के राज के सवाल पर इस्तामबुलोवा इसे भगवान की मर्जी बताती है। जहां लोग  लंबे समय तक जीने के लिए खेलते-कूदते हैं, कुछ अच्छा खाते हैं उधर इस्तामबुलोवा ने इतने समय तक जिंदा रहने के लिए कुछ भी नहीं किया।
    लेकिन उनकी यह जिंदगी अब उन पर ही बोझ बनती जा रही है। वह अपनी जिंदगी में एक भी दिन खुशी नहीं रही। इस उम्र में वह खुद खाना बनाती है। उनके सारे बच्चों की मौत हो चुकी है। उन्हें संभालने वाला कोई नहीं है। अपनी जवानी में वह गार्डन की खुदाई किया करती थी। अब तो उनसे वह भी नहीं होती। दरअसल कोको अपनी जिंदगी से पूरी तरह से थक चुकी हूं। उन्हें अब यह लगता है कि भगवान उन्हें सजा दे रहा है। (डेलीमेल)

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Posted Date : 18-May-2018
  • वॉशिंगटन, 18 मई । दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक ने साल 2018 के शुरुआती 3 महीने में लगभग 58 करोड़ 30 लाख फेक अकाउंट्स को बंद कर दिया है। कंपनी का कहना है कि उसने यह कदम कम्युनिटी स्टैंडर्ड को बनाए रखने और समाज में हिंसा, सेक्स या आतंकी प्रोपेगैंडा और हेट स्पीच पर लगाम लगाने के लिए उठाया है। 
    कैंब्रिज ऐनालिटिका डेटा लीक मामले के बाद विवादों में आने वाले फेसबुक ने कहा है कि उसने हर दिन खुलने वाले लाखों फेक अकाउंट्स पर रोक लगाने का प्रयास कर रहा है। हालांकि कंपनी का कहना है कि इतना बड़ा कदम उठाने के बावजूद सभी ऐक्टिव अकाउंट्स में से 3-4 फीसदी प्रोफाइल फेक हैं। 
    फेसबुक का दावा है कि वह लगभग 100 पर्सेंट तक स्पैम की पहचान करता है और उसने पिछले 3 महीनों में 837 मिलियन यूजर पोस्ट्स को डिलीट किया है। इस दौरान फेसबुक ने अपने यूजर्स की 3 करोड़ ऐसी पोस्ट्स पर वॉर्निंग भी जारी की है जिनमें हिंसा, सेक्स, आतंकवाद या हेट स्पीच जैसा कॉन्टेंट था। 
    फेसबुक का दावा है कि वह आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के जरिए ऐसी पोस्ट की पहचान कर रहा है और यूजर्स द्वारा रिपोर्ट किए जाने से पहले वह लगभग 85.6 फीसदी ऐसी आपत्तिजनक पोस्ट की पहचान कर लेता है। हाल में फेसबुक ने यूजर्स के प्राइवेट डेटा के इस्तेमाल करने वाली 200 से ज्यादा एप्स को अपने प्लैटफॉर्म से भी हटाया था। (एएफपी)

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Posted Date : 18-May-2018
  • वॉशिंगटन, 18 मई। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जीना हास्पेल को सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) की नई निदेशक के तौर नियुक्त किया। उन्होंने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। ट्रंप ने ट्वीट कर जीना हास्पेल को सीआईए की नई निदेशक बनने पर बधाई दी।
    कौन हैं जीना हास्पेल?
    जीना हास्पेल पहली महिला हैं जिन्हें सीआईए के निदेशक के तौर पर चुना गया है। इससे पहले जीना हास्पेल सीआईए की उप-प्रमुख थीं। अपने कार्यकाल में वो अधिकतर समय एक गुप्त एजेंट की भूमिका में ही रहीं। जीना हास्पेल को आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जॉर्ज एस डब्ल्यू बुश सम्मान भी दिया जा चुका है।
    सार्वजनिक मंच पर कहा-सुनी के कई वाकयों के बाद अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शीर्ष सहयोगी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन को पद से हटा दिया था। उनकी जगह माइक पोंपियो को नियुक्त किया।
    ट्रंप ने ट्वीट किया, माइक पोंपियो, सीआईए के निदेशक हमारे नए विदेश मंत्री बनेंगे। वह बेहतरीन कार्य करेंगे। ट्रंप ने सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी के प्रमुख के तौर पर जीना हास्पेल की नियुक्ति की भी घोषणा की थी। ट्रंप ने कहा, मैंने यह फैसला ( टिलरसन को हटाने का) स्वयं लिया है। सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान समेत प्रमुख मुद्दों पर उनके टिलरसन के साथ मतभेद थे। (आज तक)

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Posted Date : 17-May-2018
  • सोफिया
    बुल्गारिया, 17 मई । ईरान डील से बाहर निकलने और व्यापार युद्ध को बढ़ावा देने के बाद अब अमरीका के दोस्त ही उनसे नाराज दिख रहे हैं। यूरोपियन यूनियन के चेयरमैन ने बुधवार को एक बैठक के दौरान कहा कि जिनके पास डॉनल्ड ट्रंप जैसे दोस्त हों, उन्हें दुश्मनों की क्या जरूरत है? 
    28 देशों के नेता बुधवार को बुल्गारिया की राजधानी में रात्रिभोज पर मिले थे, ताकि इसपर चर्चा की जा सके कि बचे-खुचे ईरान समझौते को कैसे सुरक्षित रखा जाए और यूरोपिय देशों के ईरान के साथ व्यापार को ट्रंप के प्रतिबंधों के बाद कैसे आगे बढ़ाया जाए ताकि ट्रेड वॉर से बचा जा सके। 
    यूरोपियन यूनियन के चेयरमैन डॉनल्ड टस्क ने कहा कि ट्रंप के फैसलों से निपटने के लिए यूरोपियन यूनियन को पहले से भी ज्यादा एकता दिखानी होगी। टस्क ने न्यूज कॉन्फ्रेंस में कहा, राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया फैसलों को देखते हुए कोई यह भी सोच सकता है कि ट्रंप जैसे दोस्तों के होने पर किसी को दुश्मन की क्या जरूरत? 
    इससे आगे उन्होंने कहा, स्पष्ट तौर पर कहूं तो, यूरोप को राष्ट्रपति ट्रंप का आभारी होना चाहिए। क्योंकि हमें सभी तरह के भ्रमों से छुटकारा मिला।
    ट्रंप की अमरीका फस्र्ट नीति से यूरोपियन नेताओं की मुसीबतें लगातार बढ़ रही हैं। फिर वह पैरिस जलवायु समझौते से अमरीका का बाहर निकलना हो या 2015 में हुए ईरान परमाणु समझौते से अमरीका का अलग होना। ट्रंप के फैसलों ने यूरोप की अपनी विदेश नीति के लिए खतरा पैदा कर दिया है। 
    टस्क ने कहा, यूरोप को अपनी सुरक्षा के लिए शक्ति अनुसार सबकुछ करना चाहिए। हमें उस स्थिति के लिए भी तैयार रहना होगा जब अपने दम पर सबकुछ करने की नौबत आ जाएगी।
    इस हफ्ते अमरीकी दूतावास को इजरायल से यरुशलम शिफ्ट करने से भी कई यूरोपिय देश नाराज थे, हालांकि, ईयू इसका खुलकर विरोध इसलिए नहीं कर पाया क्योंकि इजरायल समर्थक देश चेक गणराज्य और हंगरी ने अमरीका के फैसले के समर्थन में थे। (रॉयटर्स)

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