अंतरराष्ट्रीय

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Date : 17-Feb-2020

टोकियो, 17 फरवरी । कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। जापान तट पर खड़े जहाज डायमंड प्रिंसेज में मौजूद दो और भारतीयों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक, भारतीय विदेश मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि वह जहाज पर मौजूद अपने नागरिकों की अंतिम जांच के बाद गैर संक्रमित लोगों की स्वदेश वापसी के लिए हर संभव मदद देगा। यह जांच सोमवार से शुरू होने वाली है। क्रूज डायमंड प्रिंसेस पर कुल 3,711 लोग सवार हैं जिसमें कुल 138 भारतीय हैं। इन भारतीयों में चालक दल के 132 सदस्य और छह यात्री शामिल हैं।
इस तरह कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले भारतीयों की संख्या पांच हो गई है। हालांकि अभी यह पता नहीं चल सका है कि संक्रमित हुए लोग यात्री हैं या चालक दल से जुड़े हैं। इससे पहले जिन तीन लोगों के टेस्ट पॉजिटिव आए थे, वह सभी चालक दल से जुड़े थे। उधर, रविवार को 70 नए मामले सामने आने के बाद जहाज में मौजूद संक्रमित लोगों की संख्या 355 हो गई है। भारतीय दूतावास ने एक ट्वीट में कहा कि पिछले दो दिनों के दौरान शिप में मौजूद 137 लोगों के संक्रमित होने का पता चला है। इसमें दो भारतीय भी हैं। (एजेंसियां)
 

 


Date : 17-Feb-2020

कीएफ (यूक्रेन)। ये सुनने में भले ही बहुत ही अजीब लगे कि यूक्रेन में एक ऐसी दुर्लभ बीमारी का मामला सामने आया है, जिसमें बच्चा, बाल्यावस्था में ही बूढ़ा होकर मर जाता है। इस असाधारण दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी से पीडि़त होने के कारण यूक्रेन में 8 साल की एक बच्ची की बूढ़ी होने से मौत हो गई। पूरी दुनिया में इस बीमारी से केवल 160 लोग पीडि़त हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार इस बच्ची का नाम अन्ना सकीडोन है। इसकी वास्तविक जैविक आयु 80 साल के बुजुर्ग की तरह था। पिछले महीने बच्ची का 8वां जन्मदिन था लेकिन उस समय इसका वजन केवल 17 पाउंड बचा था।
समय से पहले उम्र बढऩे के कारण इस बच्ची के आंतरिक अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। अन्ना की मौत से दुखी उसकी मां इवाना ने बताया कि वह अपनी बेटी की जान बचाने के लिए अपना सब कुछ त्याग करने के लिए तैयार थी।
अन्ना का इलाज कर रहे डॉक्टर नादेहदा कैटामैन ने कहा कि वह एक बहुत ही अद्भुत और बहादुर बच्ची थी। हम उसे बचा नहीं पाए, इसका हमें बहुत दुख है। उसका बचपन से ही इलाज वोलीन रीजनल चिल्ड्रन मेडिकल कॉम्प्लेक्स में चल रहा था। इस बीमारी का नाम प्रोजेरिया है, जिसमें बच्चों की उम्र 8 से 10 साल होती है यानी वास्तिवक आयु 70 से 80 के बीच। इस बीमारी में शरीर के अंगों की उम्र तेजी बढऩे लगती है। हड्डियों का विकास बहुत ही धीरे-धीरे होता और बाकि के अंग तेजी से वृद्ध होते जाते हैं। ऐसे मरीज आमतौर पर स्ट्रोक से मर जाते हैं।
उसकी मां ने एक वीडियो के जरिये बताया कि अन्ना दस महीने की उम्र से ही अच्छी तरह से चल सकती थी। 11 महीने की उम्र में उसने अपनी मां के साथ खेलने लगी थी। उसका हर जगह पीछा किया करती थी, लेकिन रोशनी से डरती थी इसलिए शाम को ही बाहर जाती थी।
 


Date : 17-Feb-2020

अमरीका, 17 फरवरी (बीबीसी)। अमरीका के दो विमान कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंकाओं के बीच अमरीकी नागरिकों को जापान से लेकर रवाना हो चुके हैं।
जापान की समाचार एजेंसी क्योडो के अनुसार सोमवार सुबह अलग रखे गए कू्रज डायमंड प्रिसेंस से निकलकर अमरीकी नागरिक इन विमानों से रवाना हुए। ये विमान अमरीकी सरकार ने खास तौर पर अपने लोगों को सुरक्षित वापस बुलाने के लिए जापान भेजे थे, जो अब टोक्यो के हैनेडा एयरपोर्ट से उड़ान भर चुके हैं।
चीन में फैले कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण 400 के करीब अमरीकी नागरिक तीन फरवरी से ही जापान के एक कू्रज पर फंसे हुए थे। बताया जा रहा है कि कम से कम 40 अमरीकी नागरिक कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और उनका इलाज जापान में ही किया जाएगा।
जापान के योकोहामा बंदरगाह पर डायमंड प्रिंसेज नाम के इस कू्रज में 3,700 के करीब लोगों और कू्र सदस्यों को अलग रखा गया है।
इस कू्र को उस वक्त रोककर अलग रखना पड़ा जब इससे हॉन्गकॉन्ग में उतरने वाले एक व्यक्ति को कोरोना से संक्रमित पाया गया।
चीन से बाहर हॉन्गकॉन्ग में ही कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की सबसे ज़्यादा संख्या दर्ज की गई है। जापान के अधिकारियों ने रविवार को बताया कि क्रूज़ में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 70 से बढक़र 355 हो गई है।
संक्रमित अमरीकी नागरिकों का जापान में ही इलाज होगा।
कुछ अमरीकी लोगों ने कू्रज छोडक़र जाने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि वो 19 फरवरी तक इंतजार करना पसंद करेंगे। जापान के प्रशासन ने इस कू्रज को 19 फरवरी तक अलग रखने का फैसला किया है।
कू्रज में सवार अमरीकी वकील मैट स्मिथ न कहा कि वो उन लोगों के साथ एक विमान या बस में यात्रा नहीं करना चाहते, जिनमें संक्रमण की आशंका है।
अमरीका के अलावा इसराइल, हॉन्ग कॉन्ग और कनाडा के विमान भी अपने नागरिकों को वापस लेकर जाएंगे। वहीं, नेपाल का एक विमान चीन के वुहान शहर से अपने 175 नागरिकों को लेकर काठमांडू पहुंच गया है।
इस बीच जापान की सरकार ने कू्रज में सवार यात्रियों के लिए 2,000 आईफोन बंटवाए हैं। कू्रज में हर केबिन के लिए एक आईफोन दिया गया है ताकि लोग जापान के स्वास्थ्य मंत्रालय के बनाए एक ऐप का इस्तेमाल करके डॉक्टरों और मनोवैज्ञानिकों से संपर्क कर सकें। हालांकि जापान के बाहर रजिस्ट्रेशन वाले फोन इस ऐप को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। चीन में अब तक 68,500 से ज़्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। चीन के बाहर लगभग 30 देशों में कोरोना संक्रमण के 500 से ज़्यादा मामले दर्ज किए गए हैं।
फ्रांस, हॉन्ग कॉन्ग, फिलीपींस और जापान में भी कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं।
 

 


Date : 17-Feb-2020

कराची, 17 फरवरी । पाकिस्तान के कराची से बड़ी खबर आ रही है। कराची में जहरीली गैस लीक होने से कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई। यहां शुरुआत में न्यूक्लियर गैस लीक होने की आशंका जताई गई, हालांकि बाद में कहा गया कि शब्जियों के एक कंटेनर से कोई जहरीली गैस लीक होने से ये हादसा हुआ। दरअसल जहां ये हादसा हुआ, वह इलाका कराची न्यूक्लियर पॉवर कारपोरेशन के बेहद करीब है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने जांच के लिए वहां न्यूक्लियर बायलॉजिकल केमिकल डैमेज टीम को भेजा। जिससे न्यूक्लियर गैस लीक की आशंका को और बल मिला। फिलहाल इलाके में अफरा तफरी का माहौल है। जियो टीवी के मुताबिक करीब सौ लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उधर पाकिस्तान के अखबार, द डॉन, के मुताबिक, गैस लीक होने से दर्जनों लोग बेहोश हो गए। इन सबको फिलहाल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इससे पहले डीआईजी शर्जील खराल ने पत्रकारों से कहा, शुरुआती जांच में पता चला है कि जैक्सन मार्केट में लोगों ने जैसे ही कंटेनर खोला, उसमें से धुआं निकलने लगा, जिससे लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और वे बेहोश हो गए। खराल ने कहा, उन्हें पास ही के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चार लोगों की मौत हो गई और 15 लोगों का उपचार चल रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने बंदरगाह अधिकारियों और पाकिस्तानी नौसेना से मालवाहक पोत के बारे में जानकारी मांगी है। कुछ लोग ये भी दावा कर रहे हैं कि कार्गो शिप पर केमिकल्स थे।(न्यूज18)
 


Date : 17-Feb-2020

नई दिल्ली, 17 फरवरी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे से पहले शिवसेना ने अपने मुखपत्र, सामना, के जरिए केन्द्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है। शिवसेना ने, सामना, के संपादकीय में लिखा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति अर्थात ‘बादशाह’ अगले सप्ताह हिंदुस्तान के दौरे पर आने वाले हैं इसलिए अपने देश में जोरदार तैयारी शुरू है। ‘बादशाह’ प्रेसिडेंट ट्रंप क्या खाते हैं, क्या पीते हैं, उनके गद्दे-बिछौने, टेबल, कुर्सी, उनका बाथरूम, उनके पलंग, छत के झूमर वैसे हों इस पर केंद्र सरकार बैठक, सलाह-मशविरा करते हुए दिखाई दे रही है। गुलाम हिंदुस्तान में इंग्लैंड के राजा या रानी आते थे, तब उनके स्वागत की ऐसी ही तैयारी होती थी और जनता की तिजोरी से बड़ा खर्च किया जाता था। मिस्टर ट्रंप या प्रेसिडेंट ट्रंप के बारे में भी यही हो रहा है।
शिवसेना ने कहा है कि अपने ‘गुलाम’ मानसिकता के लक्षण इस तैयारी से दिख रहे हैं। प्रेसिडेंट ट्रंप ये कोई दुनिया के ‘धर्मराज’ या ‘मिस्टर सत्यवादी’ निश्चित ही नहीं हैं। वे एक अमीर, उद्योगपति और पूंजीपति हैं और हमारे यहां जिस तरह से बड़े उद्योगपति राजनीति में आते हैं या पैसों के जोर पर राजनीति को मु_ी में रखते हैं, उन्हीं विचारों के हैं प्रेसिडेंट ट्रंप। वर्तमान में इतना ही है कि ट्रंप शक्तिशाली अमेरिका के सिर्फ राष्ट्रपति हैं। क्लिंटन, बुश, ओबामा भी पहले राष्ट्रपति रह चुके हैं। अब वे ‘पूर्व’ हैं। एक दिन ट्रंप को भी पूर्व कहना पड़ेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति रहे नेता उनके कार्यकाल में ‘मजबूत’ आदि माने जाते हैं, उसी तरह ट्रंप भी हैं। ट्रंप ये कोई बड़े बुद्धिजीवी, प्रशासक, दुनिया का कल्याण करनेवाले विचारक हैं क्या? निश्चित ही नहीं लेकिन सत्ता पर बैठे व्यक्ति के पास होशियारी की गंगोत्री है। यह मानकर ही दुनिया में व्यवहार करना पड़ता है। सत्ता के सामने होशियारी चलती नहीं बाबा! ‘मौका पड़े तो गधे को भी बाप कहना पड़ता है।’ यह दुनिया की रीत है। इसलिए अमेरिका बलवान है और उसके अध्यक्ष भी कुर्सी पर रहने तक ही बलवान रहते हैं। ऐसे इस बलवान अमेरिका के बलवान राष्ट्रपति हिंदुस्तान दौरे पर आ रहे हैं और इसको लेकर खुद प्रेसिडेंट ट्रंप और उनकी पत्नी उत्साहित हैं। उनके स्वागत के लिए हिंदुस्तान में या प्रत्यक्ष दिल्ली में कितनी उत्सुकता है यह पता नहीं। लेकिन मोदी-शाह के गुजरात में ट्रंप का आगमन सर्वप्रथम होने से वहां उत्सुकता उफान पर है। इस उत्सुकता को लेकर कुछ नतद्रष्टों ने आपत्ति जताई है। 
सामना में लिखा है कि प्रेसिडेंट ट्रंप को पहले गुजरात में ही क्यों लेकर जाया जा रहा है? इस सवाल का सही जवाब मिलना कठिन है। मोदी ने ट्रंप को पहले गुजरात में ले जाने का तय किया है और उनके निर्णय का आदर होना चाहिए। ट्रंप अमदाबाद एयरपोर्ट पर उतरेंगे इसलिए एयरपोर्ट और एयरपोर्ट के बाहर की सडक़ों की ‘मरम्मत’ शुरू है। यह मरम्मत करने के लिए प्रेसिडेंट ट्रंप के चरण अमदाबाद में पडऩा, इसे ऐतिहासिक ही कहना चाहिए। हम ऐसा पढ़ते हैं कि प्रेसिडेंट ट्रंप वे केवल तीन घंटों के दौरे पर आ रहे हैं और उनके लिए 100 करोड़ रुपया सरकारी तिजोरी से खर्च हो रहा है। 14 सडक़ों का डामरीकरण शुरू है। नई सडक़ें बनाई जा रही हैं। लेकिन इस सबमें मजे की बात ऐसी है कि प्रेसिडेंट ट्रंप को सडक़ से सटे गरीबों के झोपड़े का दर्शन न हो इसके लिए सडक़ के दोनों ओर किलों की तरह ऊंची-ऊंची दीवारें बनाने का काम शुरू है। ट्रंप की नजर से गुजरात की गरीबी, झोपड़े बच जाएं, इसके लिए यह ‘राष्ट्रीय योजना’ हाथ में ली गई है, ऐसा कटाक्ष होने लगा है। ट्रंप को देश का दूसरा पहलू दिखे नहीं क्या यह उठा-पटक इसके लिए है? सवाल इतना ही है श्री मोदी सबसे बड़े ‘विकास पुरुष’ हैं। उनसे पहले इस देश में किसी ने विकास नहीं किया और बहुधा बाद में भी कोई नहीं करेगा। 
गुजरात की बदहाली छिपाने के लिए दीवार खड़ी करने की नौबत क्यों आई?
शिवसेना ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा है कि श्री मोदी 15 वर्षों तक गुजरात राज्य के ‘बड़े प्रधान’ और अब पांच वर्षों से पूरे देश के ‘बड़े प्रधान’ हैं फिर भी गुजरात की गरीबी और बदहाली छिपाने के लिए दीवार खड़ी करने की नौबत क्यों आई? ऐसा सवाल अमेरिकी मीडिया में भी पूछा जा सकता है। मोदी की जय-जयकार करने के लिए लोकसभा चुनाव से पहले अमेरिका में ‘हाऊ डी मोदी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उसमें प्रेसिडेंट ट्रंप ने उपस्थिति दर्ज कराई थी। अब अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव आ गए हैं तथा गुजरात में ‘फीट्टमफाट’ कहकर ‘केम छो ट्रंप’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यह सीधे राजनैतिक योजना है। गुजरात के कई लोग अमेरिका में हैं, उन्हें आकर्षित करने के लिए प्रे। ट्रंप के लिए ‘केम छो ट्रंप’ का खेल रचा गया है। फिर भी इसका राजनैतिक विरोध नहीं होना चाहिए। प्रे। ट्रंप के हिंदुस्थान में आने से रुपए में गिरावट रुकेगी नहीं तथा दीवार के पीछे घुट रहे गरीबों के जीवन में बहार नहीं आएगी, इससे पहले चीन के राष्ट्रपति को भी मोदी अमदाबाद ले ही गए थे। उसी कतार में प्रे। ट्रंप साहब हैं। प्रेसिडेंट ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति की हैसियत से हमारे देश में आ रहे हैं उनके स्वागत में किसी तरह की कसर न रहे। आखिरकार यह राजनैतिक शिष्टाचार है। ‘केम छो ट्रंप’ से वे खुश हो जाएंगे। लेकिन हमारा देश विविधता से भरा है। यह अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति को समझना होगा। ट्रंप को पहले दिल्ली में उतारे बगैर सीधे अमदाबाद में उतारकर सरकार निश्चित रूप से कौन-सा संदेश देना चाहती है? प्रेसिडेंट ट्रंप का अमदाबाद दौरा संपन्न होने के बाद झोपड़पट्टियों को छिपाने के लिए बनाई गई दीवारें गिराई जाएंगी क्या? यह सवाल है। पहले ‘गरीबी हटाओ’ की घोषणा को लेकर काफी उपहास उड़ा था। उसी घोषणा का रूपांतरण अब ‘गरीबी छुपाओ’ इस योजना में हुआ दिख रहा है। नए वित्तीय बजट में उसके लिए अलग से आर्थिक प्रावधान किए गए हैं क्या? पूरे देश में ऐसी दीवारें खड़ी करने के लिए अमेरिका, हिंदुस्थान को कर्ज देगा क्या? (लाइव हिन्दुस्तान)
 

 


Date : 15-Feb-2020

वुहान (चीन), 15 फरवरी । चीन में खतरनाक कोरोना वायरस का कहर जारी है। कोरोना वायरस के कहर से मरने वालों की संख्या में हर पल इजाफा हो रहा है और अब इससे मरने वालों की संख्या बढक़र 1631 हो गई है। बीते दो दिनों में इस बीमारी से 143 लोगों की मौत हुई है। शनिवार को यह जानकारी चीन के स्वास्थ्य अधिकारी ने दी। 
चीन में कोराना वायरस का सबसे ज्यादा आतंक हुबेई प्रांत में देखने को मिल रहा है। नोवल कोरोना वायरस का केंद्र बने हुबेई प्रांत में इस बीमारी ने 2420 नए लोगों को अपने चपेट में ले लिया है। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने कहा कि शुक्रवार को हुबेई प्रांत में कोरोना वायरस से 139 लोगों की मौत हो गई। 
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, चीन में 4 मौत के बाद अय आंकड़ा बढ़ गया है। चीन की राजधानी बीजिंग में एक, हेनान में दो और चोंगकिंग में एक की मौत से यह आंकड़ा बढ़ कर 143 हो गया। इस तरह से कुल 2641 लोगों की मौत हो गई। 
इसके अलावा, चीन में कोरोना वायरस से 1700 से अधिक चिकित्सा कर्मी संक्रमित हो गए हैं। करीब 1400 मरीजों की इस बीमारी से मौत हो गई। यह रोग एशिया के कई हिस्सों, सुदूर अमेरिका यूरोप तक फैल गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग में उप मंत्री जेंग यीजिंग ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि छह चिकित्साकर्मियों की इस बीमारी से मौत हो गई है।
क्या है कोरोना वायरस-
कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। डब्लूएचओ के अनुसार, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं। अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है।
क्या हैं इसके लक्षण
कोरोना वायरस के लक्षण स्वाइन फ्लू जैसे हैं। इसके संक्रमण के फलस्वरूप नाक बहना, बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, सिर में तेज दर्द, निमोनिया, ब्रॉन्काइटिस और गले में खराश जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।(लाइव हिन्दुस्तान)
 


Date : 15-Feb-2020

अक्षया नाथ
चेन्नई, 15 फरवरी। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में विरोध-प्रदर्शन जारी है। तमिलनाडु में भी नागिरकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है, लोगों में इस कानून के खिलाफ गुस्सा देखने को मिल रहा है। तमिलनाडु के 6 से ज्यादा शहरों में महिलाएं सडक़ों पर उतर गई हैं और सीएए के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रही हैं।
चेन्नई में हालात अब बेकाबू हो गए हैं। चेन्नई के वाशरमैनपेट में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, फिर कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया था। हालांकि बाद में प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया था।  
चेन्नई पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों से भिड़ंत में चार पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। इनमें एक महिला डिप्टी कमिश्नर, दो महिला अधिकारी और एक सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं। कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों के पथराव में पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
उधर प्रदर्शनकारियों का भी कहना है कि उनके खेमे से भी कुछ लोग जख्मी हुए हैं। बवाल बढऩे पर पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इनकी रिहाई के लिए लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में स्थिति नियंत्रण में आ गई।
लाठीचार्ज पर भडक़े स्टालिन
डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की है। डीएमके ने 14 फरवरी की रात को ब्कैक नाइट करार दिया है। स्टालिन ने एक बयान जारी कर कहा है कि सरकार ने रणनीति के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर हमला किया है। डीएमके ने मांग की है कि सभी प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लिए जाएं।
दरअसल मामला तब भडक़ गया जब पुलिस ने प्रदर्शनस्थल से कुछ लोगों को जबरन हटाया। इसके बाद प्रदर्शनकारी और पुलिस में भिड़ंत हो गई। यहां जमे लोगों को हटाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। हालांकि लोग इसके बावजूद नहीं हटे। बाद में पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
चेन्नई पुलिस ने साफ किया है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई झड़प में किसी भी शख्स की मौत नहीं हुई है। दरअसल दावा किया जा रहा था कि एक बुजुर्ग शख्स की प्रदर्शन के दौरान शुक्रवार रात को मौत हो गई थी। इस खबर का पुलिस ने खंडन किया है। पुलिस ने कहा है कि प्रदर्शन और बुजुर्ग शख्स की मौत के बीच कोई संबंध नहीं है।
पुलिस के साथ हुई झड़प के बाद महिलाएं तो यहां से हट गईं लेकिन थोड़ी देर बार हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। शुक्रवार शाम महिलाओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए। नागिरकता कानून के खिलाफ महिलाएं लगातार आवाज बुलंद करती रहीं। कुछ महिलाओं ने लाठीचार्ज के बाद बताया कि किस तरह से पुलिस ने कार्रवाई की थी।
चेन्नई ही नहीं बल्कि कोयंबटूर और मदुरै में नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। नागिरकता कानून के खिलाफ उतरी महिलाओं की मांग है कि हर हाल में केंद्र सरकार नागरिकता कानून को वापस ले। इन विरोध प्रदर्शनों में लगातार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है, साथ ही अमित शाह के खिलाफ भी नारेबाजी की जा रही है।
ंशाहीन बाग की तर्ज पर महिलाएं राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी), नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) और नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का विरोध कर रही हैं। दिल्ली के शाहीन बाग में हो रहा विरोध प्रदर्शन अब देशभर के विरोध प्रदर्शनों का प्रतीक बन गया है। नागरिकता कानून, एनपीआर और एनआरसी को लेकर तमिलनाडु में हंगामा मचा हुआ है। अलग-अलग जगहों से विरोध प्रदर्शन के मामले सामने सामने आ रहे हैं। तमिलनाडु में लोग पोस्टर के जरिए मौजूदा सरकार पर निशाना साध रहे हैं।
शाहीनबाग की तरह ही तमिलनाडु के कई शहरों में नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। हर जगह विरोध प्रदर्शन में बैठी महिलाओं की मांग है कि हर हाल में इस कानून को वापस लिया जाए। वहीं केंद्र सरकार कई बार साफ कर चुकी है कि इस कानून को वापस नहीं लिया जाएगा, क्योंकि यह कानून नागिरकता लेने नहीं, नागरिकता देने का कानून है। (आज तक)
 

 


Date : 15-Feb-2020

नई दिल्ली, 15 फरवरी । बांग्लादेश के रिफ्यूजी कैंप में कई ईसाइयों को घरों में घुसकर पीटा गया है। दर्जनों हमलावरों ने घरों में लूटपाट और तोडफ़ोड़ भी की है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने एक रिपोर्ट में ये जानकारी दी है। घटना बांग्लादेश के कॉक्स बाजार के रिफ्यूजी कैंप की है जहां ज्यादातर रोहिंग्या मुस्लिम रहते हैं। हमलावरों ने एक पादरी और उनकी 14 साल की लडक़ी को किडनैप भी कर लिया है।
रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि 26 जनवरी 2020 की रात को कॉक्स बाजार के कैंप में रहने वाले 22 रोहिंग्या ईसाई परिवारों पर हमले हुए। 27 जनवरी की सुबह पादरी ताहेर और उनकी 14 साल की बेटी को किडनैप कर लिया गया। 
ह्यूमन राइट्स वॉच के मुताबिक, कम से कम 12 रोहिंग्या ईसाई घायल हो गए और उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। कैंप में ही बनाए गए चर्च और ईसाइयों के स्कूल को भी तबाह कर दिया गया।  हमले के बाद पीडि़त परिवारों को यूनाइटेड नेशन्स ट्रांजिट सेंटर में रखा गया है। पुलिस ने 59 हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 
बांग्लादेश के बेनार न्यूज एजेंसी और रेडियो फ्री एशिया की रिपोर्टों के मुताबिक, ऐसा समझा जा रहा है कि हमलावर अराकान रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी (एआरएसए) से जुड़े हुए हैं। हालांकि, (एआरएसए) के एक प्रतिनिधि ने इन आरोपों को खारिज किया है। 
किडनैप किए गए पादरी ताहेर की पत्नी रोशिदा ने कहा है कि उन्हें डर है कि पति को मार दिया गया है।  उन्होंने कहा कि रिश्तेदारों ने उन्हें जानकारी दी है कि बेटी को जबरन इस्लाम कबूल करवाकर शादी भी कर दी गई है। बता दें कि 2017 के बाद से 7 लाख रोहिंग्या मुस्लिम और करीब 1500 ईसाई म्यांमार से भागकर बांग्लादेश में रह रहे हैं।(आज तक)
 

 


Date : 15-Feb-2020

मुंबई, 15 फरवरी । कोरोना वायरस (कोविड-19) चीन में कहर मचाते हुए धीरे-धीरे दूसरे मुल्कों में भी पैर पसार रहा है। चीन में अब तक कोरोना की वजह से 1500 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। कोरोना वायरस के खौफ के कारण विदेश में फंसे कई लोगों को भारत लौटने में दिक्कत हो रही है। विदेशों में फंसे लोगों ने भारत सरकार से गुहार लगाई है कि वे कूटनीतिक संबंधों का इस्तेमाल कर उनकी स्वदेश वापसी की राह आसान करे। हालांकि, वतन वापसी की राह उनकी आसान नहीं दिख रही है।
मुंबई के मीरा-रोड के आकाश पाठक पिछले 10 साल से चीन की एक यूनिवर्सिटी में बतौर प्रॉजेक्ट मैनेजर कार्यरत है। एनबीटी से बातचीत में आकाश ने बताया कि वह कोरोना से प्रभावित वुहान शहर से कुछ ही दूरी पर स्थित हेनान प्रोविंस में रहते हैं। वह बताते हैं चीन की सरकार का प्रयास सराहनीय है, लेकिन उसके बावजूद भारतीयों सहित नागरिकों को बहुत परेशानी हो रही है। उन्होंने भारत सरकार से भारतीयों को सुरक्षित देश लाने की अपील की है।
जापान में अटकी सोनाली ठक्कर
मीरा-रोड की सोनाली ठक्कर (24) ‘डायमंड प्रिंसेस कू्रज’ में कार्यरत हैं। बीते 3 फरवरी को उनका कू्रज जापान के योकोहामा तट पर पहुंचा। जहाज में 2 भारतीयों सहित लगभग 200 से अधिक लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं, जिसके कारण जापान सरकार ने एक भी यात्री को जापान की धरती पर उतरने नहीं दिया। बातचीत में सोनाली के पिता दिनेश ठक्कर बताते है कि वह लगातार भारत सरकार से सोनाली सहित जहाज पर सवार 138 भारतीय नागरिकों को जल्द वीजा दिलाने में मदद करने की अपील कर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया ने नहीं दिया वीजा
मीरा-रोड के कैप्टन विश्वास (बदला हुआ नाम- नाम न छापने की शर्त पर बताया) विगत डेढ़ दशक से मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं। वह बताते हैं कि कुछ दिन पहले उनका जहाज ऑस्ट्रेलिया पहुंचा था, जहां उन्होंने वीजा के लिए आवेदन किया था। चूंकि उनका जहाज कोरिया और चीन के होते हुए आया था, इसलिए उन्हें वीजा देने से इनकार कर दिया गया। कैप्टन विश्वास ऑस्ट्रेलिया से भारत आना चाहते हैं।
सिंगापुर में भी फंसे कई भारतीय!
राजस्थान से सिंगापुर में बसे अनुराग तिवारी पिछले 13 वर्षों से सिंगापुर में रहे है। एनबीटी से बातचीत में अनुराग बताते है कि कोरोना ने सिंगापुर को भी अपनी चपेट में ले लिया है। उनके अनुसार, सिंगापुर में अभी तक 58 लोगों की रिपोर्ट ‘पॉजिटिव’ आई है। वे बताते है कि 2 बांग्लादेशी मूल के लोगों को भी कोरोना ने अपनी चपेट में ले लिया है। उनकी मानें, तो सिंगापुर के कई भारतीयों को वापस देश लौटने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिपिंग इंडस्ट्री को अरबों रुपये का नुकसान
नाम न छापने की शर्त पर मर्चेट नेवी में कार्यरत एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस की वजह से भारतीय नागरिकों में डर का माहौल बना हुआ है। वह कहते हैं कि शिपिंग इंडस्ट्री को भी अरबों रुपये का नुकसान हो चुका है। उनकी मानें, तो चीन, कोरिया, जापान से आने वाले जहाजों को बड़ी गहनता से जांच हो रही है। इधर, कोरोना वायरस की आशंका में अस्पताल में भर्ती हो रहे लोगों की संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने महाराष्ट्र में आइसोलेशन बेड्स की संख्या बढ़ा दी है। राज्य के अलग-अलग अस्पतालों में फिलहाल 39 आइसोलेशन वॉर्ड बनाए गए हैं, जहां 361 बेड्स उपलब्ध हैं।(नवभारतटाईम्स)
 


Date : 15-Feb-2020

नई दिल्ली, 15 फरवरी। भारत ने कश्मीर पर तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन की टिप्पणियों की शनिवार को आलोचना करते हुए उनसे कहा कि वह भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप ना करें। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को लेकर तुर्की के राष्ट्रपति द्वारा दिए गए सभी संदर्भों को भारत खारिज करता है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है जो उससे कभी अलग नहीं हो सकता।
एर्दोआन ने शुक्रवार को पाकिस्तानी संसद में अपने संबोधन में कश्मीरियों के संघर्ष की तुलना प्रथम विश्व युद्ध के दौरान विदेशी शासन के खिलाफ तुर्कों की लड़ाई से की। जम्मू-कश्मीर पर एर्दोआन की टिप्पणी के संदर्भ में कुमार ने कहा, भारत जम्मू-कश्मीर के संबंध में दिए गए सभी संदर्भों को खारिज करता है। वह भारत का अभिन्न अंग है जो उससे कभी अलग नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा, हम तुर्क नेतृत्व से अनुरोध करते हैं कि वह भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप ना करे और भारत तथा क्षेत्र के लिए पाकिस्तान से उत्पन्न आतंकवाद के गंभीर खतरे सहित अन्य तथ्यों की उचित समझ विकसित करे।
भारत की आपत्ति के बावजूद तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने शुक्रवार को एक बार फिर कश्मीर मुद्दा उठाया था और कहा कि उनका देश इस मामले में पाकिस्तान के रुख का समर्थन करेगा क्योंकि यह दोनों देशों से जुड़ा विषय है। दो दिन की यात्रा पर यहां पहुंचे एर्दोआन ने पाकिस्तान की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि तुर्की इस सप्ताह पेरिस में वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) की ग्रे सूची से बाहर होने के पाकिस्तान के प्रयासों का समर्थन करेगा।
उन्होंने एफएटीएफ की आगामी बैठक के संदर्भ में कहा था, मैं इस बात पर भी जोर देना चाहता हूं कि हम एफएटीएफ की बैठकों में राजनीतिक दबाव के संदर्भ में पाकिस्तान का समर्थन करेंगे। कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान के रुख पर अपने देश का समर्थन दोहराते हुए एर्दोआन ने कहा कि इसे संघर्ष या दमन से नहीं सुलझाया जा सकता बल्कि न्याय और निष्पक्षता के आधार पर सुलझाना होगा। (भाषा)
 


Date : 15-Feb-2020

नई दिल्ली, 15 फरवरी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो दिवसीय दौरे पर भारत आ रहे हैं। उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप भी उनके साथ होंगी। वह 24 फरवरी को भारत पहुंचेंगे। ट्रंप और मेलानिया अहमदाबाद और दिल्ली भी जाएंगे। बताया जा रहा है कि अहमदाबाद में अमेरिकी राष्ट्रपति भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हजारों लोगों की सभा को संबोधित भी कर सकते हैं। यह कार्यक्रम मोटेरा स्टेडियम में रखा जाएगा। इसे दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बताया जा रहा है। भारत दौरे से पहले शनिवार सुबह (भारतीय समयानुसार) ट्रंप ने एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी और फेसबुक के ष्टश्वह्र मार्क जुकरबर्ग का जिक्र किया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया, मुझे लगता है कि ये बड़ा सम्मान है। मार्क जुकरबर्ग ने हाल ही में बताया था कि डोनाल्ड ट्रंप फेसबुक पर नंबर 1 हैं। दूसरे नंबर पर भारत के प्रधानमंत्री मोदी हैं। दरअसल मैं अगले दो हफ्ते में भारत जा रहा हूं। भारत दौरे से पहले ट्रंप ने कहा था कि वह इस माह अपनी पहली भारत यात्रा को लेकर उत्सुक हैं। उन्होंने संकेत दिए कि उनकी इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। मोदी ने बुधवार को अपने ट्वीट में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा विशेष है और यह भारत-अमेरिका की दोस्ती को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगी।
डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा की तारीखों की घोषणा के एक दिन बाद व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ने अपने ओवल कार्यालय में संवाददाताओं से कहा, वह (मोदी) बहुत महान पुरुष हैं और मैं भारत जाने को उत्सुक हूं। हम इस माह के अंत में जाएंगे। ट्रंप ने एक प्रश्न के उत्तर में संकेत दिए कि वह भारत के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा, वह (भारतीय) कुछ करना चाहते हैं और हम देखेंगे, अगर हम कोई सही समझौता कर सके तो उसे करेंगे। दोनों देश मतभेदों का समाधान करने और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापार समझौते पर चर्चा कर रहे हैं।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत दौरे को लेकर एक विवाद भी सामने आया है। अहमदाबाद दौरे पर ट्रंप की नजर कहीं झुग्गी-झोपडिय़ों पर ना पड़ जाए इसके लिए नगर निगम इंदिरा ब्रिज से सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोडऩे वाली रोड के किनारे बसी झुग्गी-झोपडिय़ों के आगे दीवार बना रहा है। बताया जा रहा है कि यह दीवार इसलिए बनाई जा रही है कि ताकि भारत दौरे पर आ रहे ट्रंप को यह झुग्गी-झोपडिय़ां न दिखें। अहमदाबाद नगर निगम की मेयर बिजल पटेल ने इस बारे में सफाई देते हुए कहा, मैंने नहीं देखा। मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। (एनडीटीवी)
 


Date : 14-Feb-2020

वाशिंगटन, 14 फरवरी। अमेरिका की खुफिया संस्था सीआईए ने एक स्विस कंपनी के जरिये भारत सहित दुनिया के तमाम देशों के गोपनीय संदेशों को दशकों तक पढ़ा और अमेरिकी नीति तय करने में सहायता दी। स्विट्जरलैंड की इस कंपनी पर दुनिया को बड़ा भरोसा था लेकिन वास्तव में इस कंपनी में सीआईए की साझेदारी थी।

यह जानकारी अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट और जर्मनी की सरकारी संवाद एजेंसी जेडडीएफ में प्रकाशित रिपोर्ट में सामने आई है। भारत सरकार ने इस रिपोर्ट पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस कंपनी के उपकरणों का उपयोग पूरे विश्व में विभिन्न देशों की सरकारों द्वारा अपने जासूसों, सैनिकों और गोपनीय राजनयिकों के साथ संदेशों के आदान-प्रादान के लिए बेहद विश्वसनीय माना जाता रहा, लेकिन किसी को भी इस कंपनी का मालिकाना हक संयुक्त रूप से सीआईए और उसकी सहयोगी पश्चिमी जर्मनी की खुफिया एजेंसी बीएनडी के पास होने का पता किसी को नहीं चला।

बताया जा रहा है कि यह सिलसिला करीब पचास सालों तक चला। क्रिप्टो एजी नाम की स्विस कंपनी से सन 1951 में सीआईए (सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी) का समझौता हुआ और यह 1970 के बाद तक चला।

दोनों समाचार समूहों सीआईए की गोपनीय कार्रवाइयों पर आधारित खोजपूर्ण संयुक्त अभियान चला रहे हैं। इस अभियान में बताया जा रहा है कि किस तरह से अमेरिका और उसके सहयोगी देश दुनिया के देशों से धन लेते थे और उनकी सूचनाओं की चोरी कर उनका फायदा उठाते थे।

क्रिप्टो एजी का गठन 1940 में संवाद और सूचनाओं की सुरक्षा के लिए एक स्वतंत्र संस्था के तौर पर हुआ था। लेकिन बाद में इसने अपनी भूमिका बदल ली।

रिपोर्ट के अनुसार कूट भाषा (कोड लैंग्वेज) में होने वाले संवाद के लिए उपकरण बनाने वाली क्रिप्टो एजी ने सीआईए से हाथ मिलाकर अपने ग्राहक देशों के साथ विश्वासघात किया।

करीब 50 साल तक दुनिया के तमाम देशों की सरकारें अपने जासूसों, सेनाओं और कूटनीतिकों से होने वाले संवाद के लिए क्रिप्टो एजी पर निर्भर थीं और उस पर विश्वास करती थीं। कंपनी के ग्राहकों में लैटिन अमेरिकी देश, भारत, पाकिस्तान, ईरान और वेटिकन भी थे।

इन सभी देशों को कभी शक भी नहीं हुआ कि उनके गोपनीय संदेशों को इस तरह से बीच से ही चुराया जा रहा है। उनको यह भी पता नहीं चल सका कि क्रिप्टो एजी का सीआईए के साथ कोई रिश्ता है।

यह बात पश्चिमी जर्मनी के खुफिया संगठन और सीआईए के बीच गठजोड़ से पता चली कि क्रिप्टो एजी का इस्तेमाल किया जा रहा था।

इस रिपोर्ट के अनुसार, सीआईए और नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी ने सहयोगियों और विरोधियों दोनों की ही जासूसी की। कंपनी ने सालों तक दुनिया के कई देशों की विश्वसनीयता हासिल होने के बावजूद विभिन्न देशों के जासूस, सैनिकों और राजनयिकों के गोपनीय बातचीत और संवाद को बिना उनकी जानकारी के सुना।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस कंपनी के क्लाइंट्स ईरान, लैटिन अमेरिकी देश, भारत, पाकिस्तान और वेटिकन शामिल हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस कंपनी के किसी भी क्लाइंट को इस बारे में जानकारी नहीं थी कि कंपनी का स्वामित्व सीआईए के पास है। (भाषा) 


Date : 14-Feb-2020

ब्रिटेन, 14 फरवरी। ब्रिटेन में मंत्रिमंडल में फेरबदल के बीच एक बड़े उलटफेर में पाकिस्तानी मूल के वित्त मंत्री साजिद जाविद ने इस्तीफ़ा दे दिया है और उनकी जगह अब भारतीय मूल के ऋषि सुनक को ब्रिटेन का वित्त मंत्री बना दिया गया है। 39 वर्षीय ऋषि सुनक भारत की जानी-मानी आईटी कंपनी इनफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद हैं।

ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की कैबिनेट में अब भारतीय मूल के तीन सांसदों को महत्वपूर्ण विभागों का मंत्री बनाया गया है। दो अन्य मंत्री- प्रीति पटेल और आलोक शर्मा भी बोरिस जॉनसन की कैबिनेट में हैं।

47 वर्षीया प्रीति पटेल को पिछले साल ही बोरिस जॉनसन ने गृह मंत्री बनाया था। बोरिस जॉनसन ने उन्हें भी साजिद जाविद को हटाकर ये जिम्मेदारी सौंपी थी।

वहीं आगरा में जन्मे 51 वर्षीय आलोक शर्मा को नए मंत्रिमंडल में व्यवसाय मामलों का मंत्री (बिजनेस सेक्रेटरी) बनाया गया है। ब्रिटेन में पिछले साल दिसंबर में हुए चुनाव में भारतीय मूल के 15 सांसद निर्वाचित हुए थे।

कौन हैं ऋषि सुनक

ब्रिटेन में जन्मे ऋषि सुनक पिछले साल रिचमंड (यॉक्र्स) सीट से दूसरी बार सांसद चुने गए थे। फिलहाल वो सरकार में जूनियर मंत्री थे। इससे पहले 2018 में उन्हें ब्रिटेन का आवास मंत्री बनाया गया था। उनके पिता डॉक्टर थे और मां फार्मेसी चलाती थीं। उनकी पत्नी अक्षता इन्फोसिस संस्थापक नारायण मूर्ति की बेटी हैं। ऋषि सुनक की दो बेटियां भी हैं।

वित्त मंत्रालय ब्रिटिश सरकार में दूसरा सबसे महत्वपूर्ण पद माना जाता है। ऋषि सुनक ब्रिटेन में ऐसे महत्वपूर्ण पद पर पहुंचने वाले भारतीय मूल के पहले सांसद हैं।

ऋषि सुनक के माता-पिता उनके दादा-दादी के साथ भारत से ब्रिटेन आ गए थे। फिर 1980 में ऋषि सुनक का जन्म हैम्पशायर में साउथहेम्पटन में हुआ था। उन्होंने निजी स्कूल विंचेस्टर कॉलेज में स्कूली पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड से फिलोस्फी, पॉलिटिक्स और इकॉनॉमिक्स में उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है।

राजनीति में आने से पहले ऋषि सुनक ने इनवेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैशे के लिए काम किया और फिर एक निवेश फर्म भी शुरू की थी।

बताया जा रहा है कि साजिद जाविद और प्रधानमंत्री के वरिष्ठ सलाहकार डॉमिनिक कमिंग्स के बीच तनाव चल रहा था और साजिद जाविद ने इसी वजह से इस्तीफा दिया। साजिद जाविद से जुड़े एक सूत्र ने बताया, उन्होंने वित्त मंत्रालय का पद छोड़ दिया। प्रधानमंत्री ने उनसे अपने सभी विशेष सलाहकारों को हटाकर प्रधानमंत्री कार्यालय के खास सलाहकारों को नियुक्त करने के लिए कहा था। साजिद जाविद का कहना था कि कोई भी स्वाभिमानी मंत्री ऐसा नहीं करेगा।

साजिद जाविद के इस्तीफा देने पर लेबर पार्टी से सांसद मैकडॉनल ने कहा, सत्ता में आने के दो महीने बाद ही संकट में आई सरकार के लिए ये एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड होगा। डॉमिनिक कमिंग्स ने साफतौर पर वित्त मंत्रालय का पूर्ण नियंत्रण लेनी की लड़ाई जीत ली है। (बीबीसी)


Date : 14-Feb-2020

चीन, 14 फरवरी। कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया सहमी हुई है। इस वायरस ने चीन को तोड़ कर रख दिया है। तमाम कोशिशों के बावजूद चीन में इस वायरस की चपेट में आने वालों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। एक तरह से चीन में इस बीमारी ने महामारी का रूप ले लिया है।

चीन में अब तक कोरोना वायरस की चपेट में आने 1300 से ज्यादा लोग दम तोड़ चुके हैं। एक ही दिन, 12 फरवरी को 242 लोगों की मौत हो गई। आंकड़ों की मानें तो चीन में करीब 50 हजार लोग इन जानलेवा वायरस की चपेट में हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को अंतरराष्ट्रीय जन-स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है।

कोरोना वायरस की वजह से चीन को आर्थिक मोर्चे पर हर दिन बड़ा नुकसान हो रहा है। तमाम कंपनियों के कर्मचारी कोरोना वायरस के खौफ से दफ्तर नहीं जा रहे हैं। खुद घरों में कैद हो गए हैं, जिससे कंपनियों के प्रोडक्शन पर असर पड़ रहा है।

चीन में कोरोना वायरस फैलने के बाद देश के बड़े हिस्से में जनजीवन अस्त व्यस्त है। स्कूलों, सरकारी विभागों, चिकित्सा सेवाओं और कारोबार से जुड़े लोग घर बैठकर काम कर रहे हैं। वायरस से एक व्यक्ति से दूसरा व्यक्ति संक्रमित न हो, इसके लिए लोगों को एक जगह जमा नहीं होने की सलाह दी गई है।

वहीं पूरे देश में स्कूलों को मार्च तक के लिये बंद कर दिया गया है, जिसे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा विभिन्न संग्रहालयों और सांस्कृतिक स्थलों को भी बंद कर दिया गया है। अस्पतालों का भी यही हाल है, जहां काम करने वाले लोग घरों से ही काम करने को मजबूर हैं।

चीन के वुहान और हुबेई प्रांत में कोरोना वायरस से पीडि़त सबसे अधिक मरीज पाए गए, उसके बाद सरकार ने इस शहर में बाहरी लोगों की आवाजाही बंद कर दी है। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए ही यहां की व्यस्त रहने वाली सडक़ें खाली रहने लगी, मॉल्स में लोगों की आवाजाही एकदम से बंद हो गई।

चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप गहराने से दुनियाभर के बाजारों में मंदी का माहौल है, जिससे कृषि उत्पाद बाजार भी प्रभावित हुआ है। पाम तेल के दाम में आई भारी गिरावट से भारत में तमाम तेल-तिलहनों में मंदी छा गई है, ऐसे में किसानों की परेशानी बढ़ेगी क्योंकि रबी सीजन की फसल की आवक जोर पकडऩे पर उनको सरसों व अन्य तिलहन फसलों का उचित दाम नहीं मिल पाएगा।

मालूम हो कि चीन पाम तेल का प्रमुख आयातक है, लेकिन कोरोना वायरस फैलने के बाद चीन में उसके आयात पर काफी असर पड़ा है, जिसके कारण पाम के प्रमुख उत्पादक देश मलेशिया और इंडोनेशिया में पाम तेल दाम में भारी गिरावट आई है। पाम तेल दुनिया में सबसे सस्ते तेल में शुमार है, लिहाजा इसका भाव घटने से अन्य खाद्य तेलों में भी नरमी बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पाम तेल का दाम करीब 100 डॉलर प्रति टन टूट गया है।

कोरोना वायरस (कोविड-19) ने चीन के वाहन उद्योग को बुरी तरह से प्रभावित किया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन में 2020 में ऑटोमोबाइल क्षेत्र में कम से कम 10 लाख यूनिट बिक्री की कमी देखी गई है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चाइना एसोसिएशन ऑफ ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स ने यह जानकारी दी।

 

सीएएएम के आंकड़ों के मुताबिक चीन में जनवरी में वाहनों की सालाना बिक्री 18 फीसदी घटकर 19 लाख 40 हजार यूनिट रह गई है। वहीं नई ऊर्जा वाले वाहनों की बिक्री 54.4 फीसदी घटकर केवल 44,000 यूनिट दर्ज की गई है। चाइना पैसेंजर कार एसोसिएशन के महासचिव कुई दोंगशू ने कहा कि महामारी फैलने से ऑटो उद्योग पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है।

चीन में कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते भारत से जीरे का निर्यात ठप पड़ गया है, जिसके कारण घरेलू बाजार में जीरे के दाम में एक महीने में 13 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, हाजिर बाजार में जीरे का दाम बीते एक महीने में 30 रुपये प्रति किलो तक टूटा है। भारत सबसे ज्यादा जीरा चीन को निर्यात करता है जहां कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते निर्यात नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

भारत सालाना करीब 1.5 लाख टन जीरा निर्यात करता है जिसमें 50,000 टन सिर्फ चीन को निर्यात होता है। बीते एक महीने से चीन को जीरे का निर्यात नहीं हो रहा है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में जीरे का भाव करीब 200 डॉलर प्रति टन टूट गया है। चालू वित्त वर्ष 2019-20 में अप्रैल से लेकर दिसंबर तक भारत ने कुल 1,62,094.38 टन जीरा निर्यात किया है जिसमें से चीन को कुल निर्यात 43,196.58 टन हुआ है। (आजतक)


Date : 12-Feb-2020

नई दिल्ली, 12 फरवरी । सूडान में संप्रभु परिषद (सैन्य परिषद और नागरिक विपक्ष की सरकार) और विद्रोहियों के बीच सैद्धातिंक रूप से इस बात को लेकर सहमति बन गई है कि पूर्व राष्ट्रपति ओमर अल-बशीर पर मामला चलाने के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल कोर्ट को सौंप दिया जाएगा।
बीते साल महीनों के विरोध-प्रदर्शन के बाद तीन दशक तक सूडान की सत्ता में रहने वाले बशीर को पद छोडऩा पड़ा था। उन पर पश्चिमी दार्फूर में युद्ध अपराध और नरसंहार को अंजाम देने के आरोप हैं।
वो पहले ऐसे राष्ट्राध्यक्ष हैं जिन पर पद पर रहते हुए अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने आरोप लगाया था। सूडान की संप्रभु परिषद ने कहा है कि दार्फूर में शांति कायम करने और न्याय के लिए ये अहम क़दम होगा।
सूडान में अधिकारियों का कहना है कि जिन पर अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने आरोप लगाए हैं उन्हें हेग में ट्राब्यूनल के समक्ष पेश होना होगा। इस लिस्ट में और कितने नाम हैं ये अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन माना जा रहा है कि इसमें सबसे बड़ा नाम पूर्व राष्ट्रपति का ही है।(बीबीसी)
 


Date : 12-Feb-2020

वाशिंगटन, 12 फरवरी । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इस माह अपनी भारत यात्रा को लेकर उत्सुक हैं और उन्होंने संकेत दिए कि उनकी इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। ट्रंप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आमंत्रण पर 24 और 25 फरवरी को भारत आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति गुजरात के अहमदाबाद भी जाएंगे और वहां एक स्ट्रेडियम में मोदी के साथ एक जनसभा को संबोधित करेंगे।
व्हाइट हाउस द्वारा ट्रंप की भारत यात्रा की तारीखों की घोषणा के एक दिन बाद राष्ट्रपति ने अपने ओवल कार्यालय में संवाददाताओं से कहा, वह (मोदी) बहुत भद्र पुरुष हैं और मैं भारत जाने को उत्सुक हूं। हम इस माह अंत में जाएंगे। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने संकेत दिए कि वह भारत के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के इच्छुक हैं।
उन्होंने कहा, वे (भारतीय) कुछ करना चाहते हैं और हम देखेंगे... अगर हम कोई सही समझौता कर सके तो उसे करेंगे।
वहीं अमेरिका में भारत के नवनियुक्त राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि ट्रंप की होने वाली यात्रा ट्रंप और मोदी के बीच मजबूत व्यक्तिगत घनिष्ठता को दर्शाती है। संधू ने कहा, यह संबंधों को नई ऊंचाईयों पर ले जाने की उनकी मजबूत इच्छाशक्ति को भी दर्शाता है।
गौरतलब है कि पिछले तीन वर्षों में मोदी और ट्रंप के बीच मित्रवत संबंध रहे हैं 2019 में दोनों ने चार बार मुलाकात की थी। इसके अलावा इस वर्ष अब तक दोनों दो बार फोन पर बातचीत कर चुके हैं।
भारत यात्रा से जुड़े एक प्रश्न पर ट्रंप ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, अभी प्रधानमंत्री मोदी से बात की।
उन्होंने मोदी के साथ हुई अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से उन्हें बताया है कि अहमदाबाद में उनके स्वागत के लिए लाखों लोग मौजूद होंगे।
ट्रंप ने मजाकिया लहजे में संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका में आमतौर पर जितने लोगों को वह संबोधित करते हैं उन्हें अब उसकी ज्यादा खुशी नहीं नहीं होगी। वहां संबोधन के दौरान 40 से 50 हजार के बीच लोग होते हैं।
ट्रंप ने कहा, उन्होंने (मोदी) कहा कि वहां लाखों की संख्या में लोग होंगे। मेरी समस्या केवल यह है कि उस रात वहां 40 अथवा 50 हजार लोग थे... मैं इससे बहुत खुश नहीं होने वाला... वहां हवाई अड्डे से नए स्टेडियम (अहमदाबाद में)तक 50 से 70 लाख होंगे।
ट्रंप ने कहा, आपको पता है कि वह दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम है। वह (मोदी) इसका निर्माण करा रहे हैं। यह लगभग तैयार है और दुनिया में सबसे बड़ा है। दोनों नेताओं का अहमदाबाद में नवनिर्मित मोटेरा स्टेडियम में संयुक्त संबोधन का कार्यक्रम है।(भाषा)
 


Date : 11-Feb-2020

नई दिल्ली, 11 फरवरी । कोरोनावायरस की वजह से पूरी दुनिया में अब तक 43,098 लोग संक्रमित हो चुके हैं। जबकि, 1,018 लोगों की मौत हो चुकी है। कुल बीमार लोगों में से 40,171 संक्रमित लोग सिर्फ चीन में है। चीन में ही अब तक कुल 908 लोगों की मौत हो चुकी है। अब एक बड़ा खुलासा ये हो रहा है कि चीन की सरकार मरने वालों की संख्या छिपाने के लिए बड़ी संख्या में शवों को जला रही है। 
वुहान की कुछ सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें दिखाई दे रहा है कि शहर के ऊपर आग के बड़े गोले जैसा कुछ दिख रहा है। यह गोला यह बता रहा है कि सल्फर डाईऑक्साइड गैस बहुत ज्यादा मात्रा में निकल रही है। 
दुनियाभर के वैज्ञानिकों का मानना है कि इतनी ज्यादा मात्रा में सल्फर डाइऑक्साइड गैस तभी निकलती है जब या तो कोई मेडिकल वेस्ट जलाया जा रहा हो। या फिर लोगों के शव जलाए जा रहे हो। चीन की सोशल मीडिया पर यह भी जानकारी चल रही है कि वुहान शहर के बाहरी हिस्से में लोगों के शव जलाए जा रहे हैं। 
वुहान में सल्फर डाइऑक्साइड का स्तर 1700 यूजी/क्यूबिक मीटर है, जो खतरे के स्तर से 21 गुना ज्यादा है। 80 यूजी/क्यूबिक मीटर खतरनाक माना जाता है। ऐसी ही तस्वीर चोंगक्विंग की भी है। वहां भी महामारी बड़े पैमाने पर फैली है। यह वुहान से 900 किमी दूर है। 
पर्यावरणीय विशेषज्ञों के मुताबिक इतना ज्यादा सल्फर डाईऑक्साइड गैस निकलने का मतलब है कि करीब 14 हजार शव जलाए गए होंगे। सिर्फ यही नहीं, अमेरिका के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के मुताबिक शवों को जलाने पर सल्फर  गैस के अलावा पैरा-डाईऑक्सिन और हाइड्रोक्लोरिक एसिड जैसे केमिकल भी निकलते हैं। 
वुहान में पिछले वीकेंड पर सल्फर डाइऑक्साइड गैस की मात्रा अभी 1350 माइक्रोग्राम्स प्रति क्यूबिक मीटर थी। जो कि सामान्य से बहुत अधिक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक सामान्य तौर पर सल्फर डाइऑक्साइड गैस 80 माइक्रोग्राम्स प्रति क्यूबिक मीटर से बहुत कम होनी चाहिए। 
कुछ मीडिया संस्थानों के अनुसार वुहान में अगले कुछ दिनों में करीब 5 लाख लोग कोरोनावायरस की चपेट में आ सकते हैं। लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन ऐंड ट्रॉपिकल मेडिसिन ने वुहान में कोरोनावायरस के फैलने के तरीकों का अध्ययन किया। 
इस अध्ययन के अनुसार अगर कोरोनावायरस के संक्रमण की यही रफ्तार रही तो फरवरी खत्म होते-होते शहर की 5 प्रतिशत आबादी यानी 5 लाख से ज्यादा लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हो जाएंगे। (आज तक)

 


Date : 11-Feb-2020

नई दिल्ली, 11 फरवरी । चीन में कहर बरपा रहे कोरोना वायरस से लोगों को संक्रमित होने और मौत का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा। चीन में इससे संक्रमित लोगों की संख्या 42,600 पार कर चुकी है। वहीं सोमवार तक इससे मरने वालों का आंकड़ा 908 पार कर चुका था। चीन में कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते दुनिया के लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। इसी बीच एशिया के सबसे बड़े विमानन एवं रक्षा कार्यक्रम सिंगापुर एयर शो से अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी लॉकहीड मार्टिन और 12 चीनी कंपनियों समेत 70 से ज्यादा प्रतिभागी कंपनियों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं। 
स्वस्थ हो रही भारत की पहली कोरोना वायरस पीडि़ता
कोरोना वायरस से विश्वभर में फैले डर के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल भारत की पहली कोरोना वायरस पीडि़ता स्वस्थ हो रही है और जल्द अपने घर जा सकती है। चीन के वुहान से त्रिशूर वापस लौटी छात्रा का हालिया सैंपल नेगेटिव आया है। त्रिशूर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ने बताया कि वे एक और सैंपल के नतीजे के इंतजार में हैं, जिसके बाद वह घर जा सकेगी।
केरल में अब तक कोरोना वायरस के तीन पॉजिटिव मामले पाए जा चुके हैं। तीनों मरीज चीन के वुहान से लौटे थे। पहला मामला 30 जनवरी को सामने आया था। त्रिशूर मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा कि छात्रा पूरी तरह से स्वस्थ हो चुकी है। हम एक और सैंपल के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद वह घर वापस जा सकेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि दो अन्य मरीज भी ठीक होने वाले हैं।
इससे पहले केरल में पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस का एक भी नया पॉजिटिव मामला सामने नहीं आने के बाद राज्य सरकार ने आपदा स्थिति चेतावनी वापस ले ली थी। हालांकि, केरल में अब भी 3000 से अधिक लोग चिकित्सकीय निगरानी में हैं। स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने कहा था कि इस विषाणु के मामूली लक्षण सामने आने के बाद 3014 लोग चिकित्सकीय निगरानी में हैं, 2953 लोगों को घर में अलग से रहने का निर्देश दिया गया है और 61 लोग अस्पताल में हैं।(लाइव हिन्दुस्तान)
 


Date : 11-Feb-2020

नई दिल्ली, 11 फरवरी। चीन कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है। कोरोना वायरस से अब तक 900 से ज्यादा लोगों की मौतें हो चुकी है। चीन में करीब 40,171 लोग इस वायरस से संक्रमित हैं जबकि 187,518 लोग चिकित्सकों की निगरानी में हैं। इन सबके बीच, सोशल मीडिया पर तमाम ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें कोरोना वायरस के मरीजों के साथ चीनी अधिकारी बदसलूकी करते हुए दिख रहे हैं। 
सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है जिसमें कोरोना वायरस के एक संदिग्ध मरीज को एक डिब्बे में बंद कर ट्रक में रख दिया गया है। बॉक्स में लॉक होने के बाद महिला की चीखें सुनाई पड़ती हैं।
महिला का पार्टनर उसे सांत्वना देने की कोशिश करता है लेकिन बॉक्स में लॉक होने के बाद महिला जोर-जोर से चिल्लाने लगती है। चीन प्रशासन संक्रमित लोगों को अलग जगहों पर रख रहा है ताकि बाकी लोगों में संक्रमण ना फैले।
एक अन्य वीडियो में चीनी पुलिस कोरोना वायरस से संक्रमित होने के शक में एक महिला को जबरन हिरासत में ले लेती है। महिला को उसकी कार से जबरन खींचकर बाहर निकाला जाता है। पुलिस अधिकारी बाद में उसे सडक़ पर ही छोड़ देते हैं और फिर ट्रांसपोर्ट वैन आकर उसे ले जाती है।
सोशल मीडिया पर एक और वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें लोगों को उनके घरों से घसीटकर ले जाया जा रहा है। कई लोग इस दौरान जबरदस्त प्रतिरोध करते हैं।
इन लीक वीडियो से कुछ लोग इस नतीजे पर पहुंचने लगे हैं कि चीनी अधिकारी कोरोना वायरस के असर को दुनिया से छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। चीनी प्रशासन ने वायरस के केंद्र वुहान को भी पूरी तरह से बंद कर दिया है। (आज तक)
 


Date : 11-Feb-2020

कोरोना वायरस से रविवार को 97 लोगों की मौत हो गई। संक्रमण की शुरुआत से किसी एक दिन में मरने वाले लोगों की ये सबसे बड़ी संख्या है।
इस वायरस से अब तक 908 लोगों की मौत हो गई है और संक्रमण के नए मामलों की संख्या स्थिर बनी हुई है।
चीन में इस समय तकरीबन 40,171 लोग इस विषाणु से संक्रमित हैं जबकि 187,518 लोग मेडिकल ऑब्जर्वेशन में हैं। इस बीच जापान में निगरानी में रखे गए क्रूज शिप पर 60 और लोगों के कोरोना से संक्रमित होने का पता चला है। इसका मतलब ये हुआ कि जहाज के 3700 मुसाफिरों में 130 कोरोना से संक्रमित हैं।
वायरस से पस्त चीनी अर्थव्यवस्था?
एक संक्रमित व्यक्ति के हांगकांग उतरने के बाद डायमंड प्रिंसेस शिप को जापान के योकोहामा में दो हफ्ते से निगरानी में रखा गया है। संक्रमित यात्रियों को जहाज से उतारकर नजदीक के अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है।
चीन के बाहर कोरोना के संक्रमण के जितने भी मामलों का पता चला है, उनमें तकरीबन एक तिहाई इसी जहाज के यात्री हैं। चीन से मिले सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 3281 मरीजों को इलाज के बाद हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है। सोमवार को लाखों लोग नए साल की छुट्टियों के बाद चीन में काम पर पर लौट आए हैं।
चीन पर भारी पड़ रहा है कोरोना वायरस
वैसे तो चीनी नव वर्ष की ये छुट्टियां 31 जनवरी को ही खत्म होनी थीं लेकिन कोरोना के संक्रमण की वजह से इसे बढ़ा दिया गया था।
एहतियात बरतने के लिए जो कदम उठाए गए थे, उन्हें अभी भी जारी रखा गया है। जैसै काम के घंटों में कमी और चुनिंदा जगहों को ही काम के लिए खोला जाना।
साल 2003 की सार्स महामारी से दुनिया भर में 774 लोगों की मौत हुई थी जबकि बीते हफ्ते के आखिर तक कोरोना वायरस ने इससे ज़्यादा लोगों की जान ले ली है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शनिवार को कहा है कि चीन में नए मामलों की संख्या स्थिर बनी हुई है। लेकिन इसके साथ ही डब्लूएचओ ने ये भी चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस का संक्रमण अपने चरम पर पहुंच चुका है, ये कहना फिलहाल जल्दबाजी होगी।
 

 


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