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18-Jun-2021 7:54 PM (14)

बालकोनगर, 18 जून। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने कोरोना की दूसरी लहर से निपटने की दिशा में लगभग डेढ़ लाख नागरिकों की मदद की। सामुदायिक विकास कार्यक्रम के अंतर्गत बालको ने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और सैनिटाइजेशन अभियान संचालित किया। जिला प्रशासन का सहयोग करते हुए बालको ने पीपीई किट और दवाइयां वितरित की। कोरोना से लडऩे के लिए नया रायपुर में 100 बिस्तरों का अत्याधुनिक बालको फील्ड अस्पताल स्थापित किया गया। परियोजना उन्नति और वेदांता स्किल स्कूल के जरिए जरूरतमंद नागरिकों के लिए आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक अभिजीत पति ने बताया कि चुनौती की इस घड़ी में हम सभी को एकजुट होकर अपने परिवारजनों और जरूरतमंद नागरिकों को सुरक्षित बनाए रखने की दिशा में काम करने की आवश्यकता है। बालको द्वारा अपने प्रचालन क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं। सामुदायिक विकास परियोजनाओं के जरिए स्वास्थ्य के साथ ही आजीविका के अवसर जरूरतमंदों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जरूरतमंदों को हरसंभव चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए बालको प्रबंधन कटिबद्ध है। श्री पति ने नागरिकों को उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

बालको ने अपने संयंत्र तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के 14000 परिवारों को सैनिटाइजेशन किट उपलब्ध कराए। इससे लगभग 40 हजार नागरिक लाभान्वित हुए। प्रत्येक किट में दोहरे स्तरों वाले पांच मास्क, सैनिटाइजर और साबुन मौजूद है। विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों की 125 महिलाओं ने परियोजना उन्नति के अंतर्गत 70 हजार मास्क तैयार कर आय प्राप्त किया। उन्नति फ्रेश परियोजना के जरिए किसानों को सब्जियां और दूसरे कृषि उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने में मदद मिली। अब तक लगभग 3 टन सब्जियां, 1 टन फल और 500 किलोग्राम अनाज की आपूर्ति ग्राहकों तक हो चुकी है।


14-Jun-2021 10:58 AM (52)

कोरबा। एसईसीएल कुसमुंडा कोयला खदान में बने नवनिर्मित साइलो की रेल पटरी के नीचे सतह की मिट्टी के कटाव हो जाने से कोयला लदान पिछले 24 घंटे से बाधित है।वही शहर में हुई पहली बारिश में ही इस तरह नवनिर्मित साइलो के पटरी के नीचे सतह की मिट्टी का कटाव हो जाना निर्माण एजेंसी  पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।

 शहर में हुए पहली बारिश से कुसमुंडा खदान में बने नवनिर्मित साइलो क्रमांक 8 के नजदीक रेलवे पटरी के नीचे की सतह पूरी तरह से कट कर बह गया है । जिसके कारण इस रेल लाइन से कोयला लदान पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। वही इस पटरी के आसपास रेल लाइन को बंद रखा गया है ताकि कोई बड़ी दुर्घटना न हो सके। वही कोयला लदान प्रभावित होने के बाद रेल प्रबंधन इस रेल पटरी के निचली सतह को सुधार करा रहा है।लेकिन कोयला खदान पिछले 24 घंटे से बाधित है जो कब शुरू होगा यह कहना अभी मुश्किल है।

बरसात के पूर्व नालियों की सफाई में कई गई अनदेखी का खामियाजा कॉलोनी वासियों को उठाना पड़ा। निचली बस्तियों में पानी घर के अंदर घुस गया। वही निर्माणधीन सड़को में जगह जगह कीचड व मट्टी से पट गया है।


08-Jun-2021 10:48 PM (59)

नवपदस्थ कलेक्टर ने की विभागीय अधिकारियों से परिचयात्मक बैठक, प्राथमिकताएं बताईं

कोरबा, 8 जून। जिले की नवपदस्थ कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने पदभार करने के उपरांत विभागीय अधिकारियों के साथ परिचयात्मक बैठक की। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती साहू ने सभी विभागों के अधिकारियों से जिले से संबंधित विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि टीम वर्क से जिले के विकास कार्यों को गति देंगे। राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के  विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और पूरा करने में टीम वर्क की जरूरत होगी। 

उन्होंने कहा कि सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के सहयोग से ही जिले के विकास कार्य पूरे होंगे। उन्होंने पद की गरिमा का महत्व बताते हुए कहा कि शासकीय सेवा में सभी अधिकारी-कर्मचारी महत्वपूर्ण होते हैं। सभी स्तर के कर्मचारियों को अपनी बात कलेक्टर तक पहुंचाने में झिझक नहीं होनी चाहिए। कलेक्टर ने कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि मुझ तक अपनी बात पहुंचाने में डरने और संकोच करने की जरूरत नहीं है। कोई भी कर्मचारी जरूरी और आवश्यक सुझाव बिना झिझक के मुझ तक पहुंचा सकते हैं। यथोचित सुझावों पर निश्चित ही अमल किया जाएगा। इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ  कुंदन कुमार, नव नियुक्त नगर निगम आयुक्त  कुलदीप शर्मा, अपर आयुक्त  अशोक शर्मा, सहायक कलेक्टर  अभिषेक शर्मा, संयुक्त कलेक्टर  आशीष देवांगन, एसडीएम कोरबा  सुनील नायक, डिप्टी कलेक्टर  भरोसा राम ठाकुर, एसडीएम कटघोरा श्रीमती सूर्य किरण तिवारी सहित जिला प्रशासन के समस्त अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। 

शासन की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाना प्राथमिकता -* कलेक्टर श्रीमती साहू ने अपनी पहली प्राथमिकता शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को गरीबों एवं जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने को बताया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों का विकास और कल्याण करना तथा उनकी समस्याओं का समय सीमा में निदान करना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। कलेक्टर ने कहा कि कोरबा जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। उन सभी संभावनाओं को तलाश कर पर्यटन के क्षेत्र में भी कोरबा जिले को एक नई पहचान देने का पूरा प्रयास करूंगी। उन्होंने सतरेंगा को अंतर्राष्ट्रीय टूरिस्ट प्लेस के रूप में विकसित करने के काम को आगे बढ़ाने और जिले में मेडिकल काॅलेज की स्थापना से संबंधित काम को शीघ्र प्रारंभ कराने को भी अपनी प्राथमिकता बताई।
 
कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी अभी से - कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने परिचयात्मक बैठक के दौरान जिले में कोविड नियंत्रण से संबंधित जानकारी सीएमएचओ डाॅ. बी. बी. बोडे से ली। उन्होंने जिले में कोविड नियंत्रण के लिए किए जा रहे कार्यों तथा कोविड पाॅजिटिविटी रेट के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोरोना के तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए हमें पहले से पूरी तैयारी करनी होगी तथा जिले के कोविड अस्पतालों में आवश्यक बेड, ऑक्सीजन आपूर्ति और स्वास्थ्य संसाधनों की व्यवस्था दुरूस्त करनी होगी। कलेक्टर ने डाॅ. बोडे से जिले के कोविड अस्पतालों में स्थापित कुल बिस्तर क्षमता और ऑक्सीजन युक्त बिस्तरों की क्षमता के बारे में भी पूछा। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को टीम वर्क के साथ बेहतर तरीके से जिले में कोरोना के रोकथाम के कार्य करने के निर्देश दिए।


08-Jun-2021 9:35 PM (48)

एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार दीपका की मध्यस्थता से वन टू वन चर्चा पर बनी सहमति

कोरबा, 8 जून। एसईसीएल की तानाशाही व अनदेखी से नाराज होकर ऊर्जा भू-स्थापित किसान कल्याण समिति ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया था। अब यह विरोध व धरना प्रदर्शन समाप्त हो गया है।

कलेक्टर रानू साहू के संज्ञान एवं एसडीएम कटघोरा सूर्य किरण तिवारी के आदेशानुसार कार्यपालिक मजिस्ट्रेट दीपका शशिभूषण सोनी ने भू-विस्थापितों को समझाईश दी। तब जाकर 10 सूत्री मांगों को लेकर एसईसीएल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहें संगठन ने अपना विरोध और धरना प्रदर्शन समाप्त किया।

ज्ञात हो कि ऊर्जा भू-स्थापित किसान कल्याण समिति ने अपने 10 सूत्री मांगों को लेकर एसईसीएल दीपका प्रबंधन एवं प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। मांग पूरी ना होता देख भू-विस्थापितों ने आज 8 जून को दीपका खदान में बड़ी संख्या में पहुंचकर कोल उत्पादन कार्य को प्रभावित किया। संगठन के प्रदर्शनकारी, जहां से कोयला उत्खनन और ओवरबर्डन का उत्खनन होता है वहां पहुंच कर कार्य को बाधित कर रहें थे। 

शाम 6 बजे दीपका नायब तहसीलदार शशिभूषण सोनी के अगवाई में प्रशासन प्रबंधन और ऊर्जा धानी कल्याण समिति के संयुक्त तत्वाधान में सहमति बनी, जिसमें रेकी और बतारी के चार्टर्ड ऑफ डिमांड को पूरी करने प्रबंधन ने आशान्वित किया। वही, कल शाम 5 बजे निराकरण  करने लिखित में पत्र दिया जाएगा।

दीपका परियोजना के महाप्रबंधक शशांक कुमार देवांगन ने बताया कि भू-विस्थापितों ने सुबह 11:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक दीपका खदान का उत्पादन प्रभावित किया, जिसमें कुल 7 घंटे प्रोडक्शन बंद रहा एनटीपीसी सीपत को सायलो से जाने वाली रेक सप्लाई भी नहीं हो सकी। 20000 टन कोयला और 9000 क्यूबिक मीटर ओवरबर्डन बंद के दौरान प्रभावित रहा

बता दे कि देश की ऊर्जा प्रगति में निरंतर भागीदारी देने वाले दीपका खदान में अगर 1 घंटे कार्य बाधित रहता है, तो लगभग 23 लाख रुपए का नुकसान देश की ऊर्जा क्षति को पहुंचता है। वहीं, राज्य सरकार को 15 लाख रुपये की राजस्व हानि होती है।

इस संबंध में श्यामू खुशाल जायसवाल ने कहा कि समझौते के तहत 1 सप्ताह का समय प्रबंधन को दिया गया है। बिलासपुर मुख्यालय से उच्च अधिकारियों की उपस्थिति में फिर बातचीत किया जाएगा। सहमति नहीं बनने पर 1 सप्ताह के बाद दीपका खदान को अनिश्चितकाल के लिए बंद कराया जाएगा।

मामले में नायब तहसीलदार दीपका शशि भूषण सोनी ने कहा कि भू-विस्थापितों की मांगों को लेकर त्रिपक्षीय राय मशवरा कर सहमति बनाई गई, जिसमें कुछ मांगों को लेकर प्रबंधन मौके पर ही एग्री हो गया। वही, लिखित निराकरण के लिए कल शाम को समिति के लोगों को महाप्रबंधक कार्यालय बुलाया गया है।


01-Jun-2021 5:33 PM (30)

राज्य सरकार की पुनर्वास नीति लागू करे एसईसीएल- किसान सभा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 1 जून।
छत्तीसगढ़ किसान सभा ने कोयला खनन परियोजना के विस्तार के लिए मलगांव को बिना किसी पुनर्वास योजना के दुबारा विस्थापित किये जाने की एसईसीएल की योजना का विरोध किया है और इसके खिलाफ ग्रामीणों को संगठित कर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

आज यहां जारी एक बयान में छत्तीसगढ़ किसान सभा के कोरबा जिला अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर, सचिव प्रशांत झा व सहसचिव दीपक साहू ने कहा है कि 1980-85 में पहली बार मलगांव को बिना किसी पुनर्वास व्यवस्था के उजाड़ा गया था। पुनर्वास न मिलने के कारण यहां के ग्रामीण बस्ती से थोड़ी दूरी पर ही बस गए थे। इस बसाहट का भी ग्रामीणों के विरोध के बावजूद 2004 में अधिग्रहण कर लिया गया और अब इसे हटाने पर जोर दिया जा रहा है, जबकि बुनियादी सुविधाओं सहित पुनर्वास के नाम पर एसईसीएल चुप्पी साधे हुए हैं। 

किसान सभा के एक प्रतिनिधि मंडल ने प्रभावित गांवों का दौरा किया और मलगांव के प्रभावित ग्रामीणों से मिलकर, बिना किसी पुनर्वास योजना के, एसईसीएल द्वारा लॉकडाउन के समय गलत तरीके से विस्थापन का विरोध किया है। उन्होंने इस विस्थापन को अवैध करार दिया है।

अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर ने बताया कि बिना मूलभूत सुविधा के अमगांव, भठोरा, भिलाई बाजार, रलिया, बाहनपाठ, पोड़ी, नरईबोध आदि गांवों को हटाने की तैयारी का भी विरोध किया है।

किसान सभा के जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा है कि पूर्व में गंगानगर, विजयनगर, नेहरूनगर, बेलटिकरी, सिरकी, चैनपुर, वैशाली नगर आदि गांवों में विस्थापितों को पुनर्वास के तहत बसावट दी गई है। यहां आज भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए भटक रहे हैं और अपने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। आज भी कई विस्थापित नौकरी और मुआवजा के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। 

किसान सभा के नेता दीपक साहू ने कहा कि मलगांव में भी अभी तक भूमि अधिग्रहण की शर्तों का एसईसीएल प्रबंधन ने पालन नहीं किया है और न ही वर्तमान कानूनों के अनुसार इस अधिग्रहण का मुआवजा और रोजगार स्वीकृत किया गया है। ऐसी परिस्थितियों में ग्रामीण मलगांव से हटने के लिए तैयार नहीं है।

किसान सभा नेताओं ने कोल इंडिया लिमिटेड की पुनर्वास नीति को घटिया करार देते हुए इसे चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी सार्वजनिक या निजी क्षेत्र की कंपनी की पुनर्वास नीति को केंद्र और राज्य सरकार की पुनर्वास नीति पर वरीयता नहीं मिल सकती, यदि वह इससे कमतर हो। 

उन्होंने मांग की है कि मलगांव के 160 परिवारों को विस्थापित करने से पहले एसईसीएल गैर-विवादास्पद भूमि पर सडक़, सफाई, प्रकाश, पेयजल, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास कर ग्रामीणों का पुनर्वास करे, हर परिवार को आवासीय भूमि का स्वामित्व दें तथा घर बनाने के लिए अनुदान दें, अधिग्रहित भूमि के एवज में प्रत्येक परिवार के सदस्यों को स्थायी नौकरी दें और वर्तमान बाजार दर से चार गुना मुआवजा दे। इसके बिना किसी भी प्रकार के विस्थापन के खिलाफ किसान सभा के बैनर तले संगठित होकर सभी ग्रामीण जन आंदोलन करेंगे। 
 


01-Jun-2021 1:15 PM (40)

राज्य सरकार की पुनर्वास नीति लागू करे एसईसीएल- किसान सभा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 1 जून।
छत्तीसगढ़ किसान सभा ने कोयला खनन परियोजना के विस्तार के लिए मलगांव को बिना किसी पुनर्वास योजना के दुबारा विस्थापित किये जाने की एसईसीएल की योजना का विरोध किया है और इसके खिलाफ ग्रामीणों को संगठित कर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

आज यहां जारी एक बयान में छत्तीसगढ़ किसान सभा के कोरबा जिला अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर, सचिव प्रशांत झा व सहसचिव दीपक साहू ने कहा है कि 1980-85 में पहली बार मलगांव को बिना किसी पुनर्वास व्यवस्था के उजाड़ा गया था। पुनर्वास न मिलने के कारण यहां के ग्रामीण बस्ती से थोड़ी दूरी पर ही बस गए थे। इस बसाहट का भी ग्रामीणों के विरोध के बावजूद 2004 में अधिग्रहण कर लिया गया और अब इसे हटाने पर जोर दिया जा रहा है, जबकि बुनियादी सुविधाओं सहित पुनर्वास के नाम पर एसईसीएल चुप्पी साधे हुए हैं। 

किसान सभा के एक प्रतिनिधि मंडल ने प्रभावित गांवों का दौरा किया और मलगांव के प्रभावित ग्रामीणों से मिलकर, बिना किसी पुनर्वास योजना के, एसईसीएल द्वारा लॉकडाउन के समय गलत तरीके से विस्थापन का विरोध किया है। उन्होंने इस विस्थापन को अवैध करार दिया है।
अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर ने बताया कि बिना मूलभूत सुविधा के अमगांव, भठोरा, भिलाई बाजार, रलिया, बाहनपाठ, पोड़ी, नरईबोध आदि गांवों को हटाने की तैयारी का भी विरोध किया है।

किसान सभा के जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा है कि पूर्व में गंगानगर, विजयनगर, नेहरूनगर, बेलटिकरी, सिरकी, चैनपुर, वैशाली नगर आदि गांवों में विस्थापितों को पुनर्वास के तहत बसावट दी गई है। यहां आज भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए भटक रहे हैं और अपने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। आज भी कई विस्थापित नौकरी और मुआवजा के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। 

किसान सभा के नेता दीपक साहू ने कहा कि मलगांव में भी अभी तक भूमि अधिग्रहण की शर्तों का एसईसीएल प्रबंधन ने पालन नहीं किया है और न ही वर्तमान कानूनों के अनुसार इस अधिग्रहण का मुआवजा और रोजगार स्वीकृत किया गया है। ऐसी परिस्थितियों में ग्रामीण मलगांव से हटने के लिए तैयार नहीं है।

किसान सभा नेताओं ने कोल इंडिया लिमिटेड की पुनर्वास नीति को घटिया करार देते हुए इसे चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी सार्वजनिक या निजी क्षेत्र की कंपनी की पुनर्वास नीति को केंद्र और राज्य सरकार की पुनर्वास नीति पर वरीयता नहीं मिल सकती, यदि वह इससे कमतर हो। 

उन्होंने मांग की है कि मलगांव के 160 परिवारों को विस्थापित करने से पहले एसईसीएल गैर-विवादास्पद भूमि पर सडक़, सफाई, प्रकाश, पेयजल, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास कर ग्रामीणों का पुनर्वास करे, हर परिवार को आवासीय भूमि का स्वामित्व दें तथा घर बनाने के लिए अनुदान दें, अधिग्रहित भूमि के एवज में प्रत्येक परिवार के सदस्यों को स्थायी नौकरी दें और वर्तमान बाजार दर से चार गुना मुआवजा दे। इसके बिना किसी भी प्रकार के विस्थापन के खिलाफ किसान सभा के बैनर तले संगठित होकर सभी ग्रामीण जन आंदोलन करेंगे। 


24-May-2021 9:34 PM (71)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 24 मई।
अवैध शराब बेचने वाले दो आरोपियों को कोर्ट से जमानत दिलाने के लिए कोरबा पुलिस के दो आरक्षक ने झूठी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट बनवा कर शुक्रवार को कोर्ट में प्रस्तुत किया। इस मामले में कोर्ट ने आरोपियों को जमानत नामंजूर करते हुए जेल भेजने के पूर्व उपचार के लिए कोविड अस्पताल भेज दिया। अन्य कोरोना मरीजों के साथ उपचार कराने की बात सुनकर जब आरोपियों के परिजनों ने हंगामा किया, तब मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं जिला अस्पताल के डेटा एंट्री ऑपरेटर व एक नगर सैनिक पर एफआईआर दर्ज किया गया है।

 मानिकपुर  पुलिस द्वारा 21 मई को 47 लीटर अवैध शराब के साथ पकड़े गए लहूरा यादव और मुकेश सोनी को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने आरोपियों की जमानत नामंजूर करते हुए जेल वारंट जारी किया। कोर्ट के आदेश पर दोनों आरोपियों को कोविड-19 अस्पताल ले जाया गया जहां बवाल मचा। दरअसल इन्हें पकडऩे वाले मानिकपुर पुलिस चौकी के आरक्षक योगेश राजपूत एवं दीप नारायण त्रिपाठी ने कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट न्यायालय में पेश कर जमानत दिलवा देने का भरोसा दिलाया था। इसके लिए 21 मई को आरोपियों को लेकर दोनों पहले जिला अस्पताल पहुंचे। आरोपियों के मुताबिक वे गाड़ी में ही बैठे थे और दोनों आरक्षक अस्पताल के भीतर गए। कुछ देर बाद बिना जांच के ही इनकी पॉजिटिव रिपोर्ट लेकर आरक्षक बाहर निकले। रिपोर्ट तो बन गई पर मामला कोर्ट में बिगड़ गया। मामला उजागर होने के बाद पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा ने जांच कराने की बात कही। दोनों आरक्षकों को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया गया।

कोतवाली टीआई दुर्गेश शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक पड़ताल में जिला अस्पताल में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर हरजीत सिंह राठौर और जिला अस्पताल पुलिस चौकी में पदस्थ नगर सैनिक मनोज निर्मलकर को कोविड-19 के संबंध में मिथ्या दस्तावेज तैयार करने का जिम्मेदार पाया गया है। मिथ्या दस्तावेज बनाने के जुर्म में धारा 167 और दुष्प्रेरण के लिए धारा 109 भादवि के तहत रामपुर चौकी में अपराध दर्ज कर लिया गया है। दूसरी और दोनों आरक्षकों की भूमिका को भी तलाशा जा रहा है। जांच उपरांत इन पर उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में विधि सम्मत कार्यवाही तथ्यों के आधार पर की जा सकेगी।

ज्ञात हो कि अवैध शराब के आरोपियों को कोरोना  पॉजिटिव रिपोर्ट जारी की गई है उसकी आईडी फर्जी है। उक्त आईडी नंबर की किट 21 मई को ही पोड़ीबहार निवासी रामकुमार श्रीवास 40 वर्ष के नाम पर और दूसरी आईडी नीलगिरी बस्ती दर्री निवासी अनीता साहू 21 वर्ष के नाम पर जारी हुई थी और इन दोनों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इन्हीं की आईडी को अवैध शराब के दोनों आरोपियों के नाम जनरेट कर पॉजिटिव की फर्जी रिपोर्ट तैयार की गई थी।
 


17-May-2021 9:27 PM (43)

   जिलाधीश को ज्ञापन देकर की जमीन वापसी की मांग   

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोरबा, 17 मई। कोरबा जिला प्रशासन के सहयोग से 25 साल पूर्व अधिग्रहित भूमि को कब्जाने की देवू की कोशिशों के खिलाफ ग्रामीण मुखर और एकजुट हो रहे हैं। आज माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेता प्रशांत झा और दीपक साहू के नेतृत्व में किसानों की एक बैठक में इस मुद्दे पर पुरजोर लड़ाई लडऩे का निर्णय लिया गया और सभी लोगों ने अधिग्रहित भूमि पर जाकर देवू द्वारा की जा रही खुदाई को रूकवा दिया।

किसानों के भारी विरोध के बाद भूमि कब्जा कर रहे लोग मशीन ले कर भाग खड़े हुए। इस बैठक के बाद किसान सभा नेताओं ने एक ज्ञापन भी जिलाधीश को सौंपा है, जिसमें 5वीं अनुसूची, पेसा और भूमि अधिग्रहण कानून के प्रावधानों का हवाला देते हुए अधिग्रहित जमीन मूल खातेदार किसानों को वापस करने की मांग की गई है।

माकपा नेता प्रशांत झा और किसान सभा नेता दीपक साहू ने आरोप लगाया है कि किसानों की भूमि कब्जाने की कोशिश में देवू के साथ बाल्को की भी सीधी मिलीभगत सामने आई है। उन्होंने बताया कि अधिग्रहित भूमि पर खुदाई की देखरेख का काम बाल्को अधिकारियों की निगरानी में किया जा रहा है, क्योंकि खुदाई स्थल पर बाल्को की स्टीकर लगी गाडिय़ां भी खड़ी थीं, जिनके नंबर सीजी-10-ई क्यू-0111 व सीजी-10-ए वाय 2206 थे। किसान सभा ने इन गाडिय़ों की तस्वीरें भी मीडिया के लिए जारी की है। उन्होंने बताया कि इन गाडिय़ों में बैठकर बाल्को के अधिकारी खुदाई कार्य का संचालन कर रहे थे।

माकपा नेता झा ने बताया कि बिलासपुर उच्च न्यायालय में अपनी रिट याचिका में देवू कंपनी ने न्यायालय से इस अधिग्रहित जमीन का उपयोग औद्योगिक या आवासीय प्रयोजनों के लिए करने देने का निर्देश राज्य सरकार को देने की मांग की है। झा ने कहा कि राजस्व मंत्री को इस विषय में सरकार का पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।


14-May-2021 9:20 PM (40)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 14 मई।
नगर निगम में मिशन प्रेरक के रूप में कार्य कर रही चार सौ से अधिक महिला सफाई मजदूरों को सुरक्षा किट देने और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के संबंध में प्रदेश में लागू श्रम कानूनों का पालन करने की मांग करते हुए एक ज्ञापन मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने निगम निगम के आयुक्त को भेजा है।

जिला सचिव प्रशांत झा ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान भी अपने जीवन को खतरे में डालकर  सफाई मजदूर जिस तरह काम कर रहे हैं, उसकी पूरे देश मे सराहना हो रही है। लेकिन कोरबा नगर निगम में वे उपेक्षा का शिकार हो रही है। मिशन क्लीन सिटी योजना के अंतर्गत काम कर रही इन महिला सफाई मजदूरों को कोरोना की इस दूसरी सांघातिक लहर में भी सुरक्षा किट नहीं दिया जा रहा है, जबकि मास्क, ग्लोब्स, सेनेटाइजर व साबुन कोरोना से लडऩे के लिए महत्वपूर्ण उपकरण है। इन सुरक्षा किटों के अभाव में कर्मचारी कोरोना का शिकार हो गए हैं, लेकिन निगम के दैनिक वेतनभोगी मजदूर होने के बावजूद निगम ने उनके इलाज व मेडिकल सुविधाएं देने की अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है और उन्हें बीमारी की इस अवधि का वेतन भी नहीं दिया गया है। 

माकपा को प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड 67 में कार्यरत अघन बाई बंजारे, तुलसी कर्ष, कमल महंत सहित अन्य वार्डों के कई कर्मचारी कोरोना का शिकार हुए हैं। मजदूरी न मिलने से ये परिवार आज भुखमरी की कगार पर है। उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन का यह रूख श्रम कानूनों के भी खिलाफ है। माकपा नेता ने कहा कि सफाई मजदूरों के प्रति कोरबा निगम प्रशासन का यह संवेदनहीन रवैया कोरोना से लडऩे में बाधक है। 

उन्होंने मांग की है कि सभी सफाई मजदूरों को ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर सहित सुरक्षा किट दी जाए तथा कोरोना से ग्रस्त मजदूरों को उनके अवकाश की अवधि का पूरा मजदूरी भुगतान किया जाए। माकपा ने कहा है कि निगम एक सरकारी स्वायत्त संस्था है और इस प्रदेश के श्रम कानूनों का पालन करने के लिए वह बाध्य है। माकपा ने सफाई के कार्य से जुड़े मिशन प्रेरकों की समस्याओं को लेकर बांकी मोंगरा जोन कमिश्नर के माध्यम से निगम के महापौर और आयुक्त के नाम ज्ञापन भी दिया है और उनकी समस्याओं के समाधान की मांग की है।
 


27-Apr-2021 7:53 PM (28)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 27 अप्रैल।
छेड़छाड़ करने के इरादे से दो युवकों ने भाई व बहन को बीच जंगल में रोककर मारपीट की। जब भाई ने इसका विरोध किया तो दोनों युवकों ने उसे पेड़ में बांधकर बाइक में आग लगा दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को घटना में प्रयुक्त बाइक के साथ मंगलवार को गिरफ्तार किया है। 

घटना कोरबा जिले के पसान थाना की है।  ग्राम अमलीकुण्डा से रामपुर आने के लिए भाई बहन अपनी बाइक से निकले थे। बेंदरझुला घाट पर दो युवकों ने इनका रास्ता रोककर महिला के साथ छेड़छाड़ किया तथा इसके भाई को पेड़ में बांधकर उसके मोटरसायकल को आग लगा दिया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते धारा 354, 354 (ख) 341, 435, 34 भादवि के तहत मामला पंजीबद्ध कर कार्रवाई शुरू कर दी।
 
मामले में पसान थाना प्रभारी नवीन देवांगन ने बताया की मामले में जाँच के दौरान घटना स्थल के पास स्थित पिन्टू ढाबा अमलीकुण्डा में कार्य करने वाले कर्मचारियों तथा आसपास के लोगों को संदेह के आधार पर पूछताछ कर संदेहियों का पहचान कार्रवाई कराया गया। पहचान कार्रवाई में पीडि़ता द्वारा एक आरोपी की पहचान मो. रेयाज उम्र 23 वर्ष सा. चकरहमत, थाना वैशाली, जिला वैशाली बिहार, हाल मुकाम पिन्टू ढाबा के पास अमलीकुण्डा की पहचान कर घटना में शामिल होना बताया गया। प्रकरण के अन्य आरोपी गोलू उर्फ राहुल गोस्वामी, उम्र 27 वर्ष सा. बिंझरा, थाना कटघोरा, जिला कोरबा हाल मुकाम पिन्टू ढाबा अमलीकुण्डा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।


27-Apr-2021 7:51 PM (34)

कोरबा, 27 अप्रैल। कलेक्टर किरण कौशल के निर्देश पर आज कटघोरा अनुविभाग की एसडीएम सूर्यकिरण तिवारी की अगुवाई में राजस्व अफसरों की टीम जनपद क्षेत्र के धुर कोरोना प्रभावित ग्राम अरदा पहुंची। 

एसडीएम श्रीमती तिवारी ने यहाँ के कंटेन्मेंट जोन का भ्रमण करते हुए संक्रमित मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों के परिजनों, पड़ोसियों से भी संवाद करते हुए उन्हें कोविड गाइडलाइन के बारे में बताया। 

एसडीएम के निर्देश पर सर्दी, बुखार और खांसी की समस्या से जूझ रहे करीब छह सौ आईएलआई व संदिग्ध मरीजों में प्रोफेलेक्सिस दवा का वितरण कराया गया। उन्होंने सभी ग्रामवासियों से अपील की है कि फिलहाल कोई भी घरों से बाहर बेवजह ना निकले। सभी ग्रामीण सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए सेनेटाइजर और मास्क का अनिवार्य उपयोग जारी रखे। 

इस विजिट में एसडीएम के साथ कटघोरा तहसीलदार रोहित सिंह व जनपद के सीईओ समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। बता दे कि कटघोरा विकासखंड का अरदा गाँव इन दिनों कोरोना संक्रमण के लिहाज से हॉटस्पॉट बनाया हुआ है। यहां सिलसिलेवार तरीके से अबतक 48 कोरोना संक्रमितों की पहचान की जा चुकी है जबकि दो ग्रामीणों की संक्रमण से मृत्यु भी हो चुकी है। लगातार सामने आ रहे कोविड के मामलों के मद्देनजर जिला कलेक्टर के निर्देश पर कल ही अरदा को कंटेनमेंट जोन घोषित करते हुए यहां की लगभग गतिविधियों को प्रतिबंधित कर दिया गया था।

आज इन्ही प्रतिबन्धों के अनुपालन को सुनिश्चित करने अनुविभागीय दंडाधिकारी सूर्यकिरण तिवारी ने अरदा का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए उनकी समस्याओं को भी जाना। एसडीएम ने जनपद सीईओ को निर्देशित किया है कि कंटेनमेंट जोन में रह रहे लोगों को दवाई समेत दूसरे सभी दैनिक जरूरतों का सामान मुहैया कराया जाए।


26-Apr-2021 10:00 PM (61)

कोरबा, 26 अप्रैल।   जिले के प्रभारी और छत्तीसगढ़ शासन में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉक्टर प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आज कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज ली है. अपने वैक्सीनेशन की तस्वीर उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा की है. डॉ टेकाम ने टीके को लेकर अपने अनुभव भी साझा किए हैं. उन्होंने लिखा है कि आज रायपुर मेडिकल कॉलेज पहुँचकर कोरोना टिका का दूसरा डोज़ लगवाया. मैं टीका लगवाने के बाद पूर्णत: स्वस्थ महसूस कर रहा हूँ और टीके से मुझे किसी प्रकार की असहजता नहीं हुई. यह पुर्णतः सुरक्षित एवं प्रभावशाली है. यह हमें रोग प्रतिरोधक क्षमता देता है. आप सभी भी अपनी बारी आने पर टीका अवश्य लगवाए व छत्तीसगढ़ को कोरोना मुक्त बनाने में अपना योगदान दें साथ ही मास्क पहने और कोरोना गाइडलाइंस का पालन करें।
 


26-Apr-2021 9:59 PM (55)

   कलेक्टर ने ली निजी कोविड अस्पताल संचालकों की बैठक, दिए जरूरी निर्देश   

कोरबा । कोविड संक्रमित मरीजों के ईलाज के लिए अनुमति प्राप्त निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने की शिकायतों को कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने ऐसी शिकायतों की जाॅच पर पुख्ता साक्ष्य मिलने से कड़ी कार्यवाही करने की चेतावनी भी दी है। कलेक्टर ने कोरोना मरीजों का ईलाज करने वाले अनुमति प्राप्त निजी चिकित्सालयों की नियमित निगरानी और जाॅच के लिए डिप्टी कलेक्टर  बी. आर. ठाकुर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी भी बना दी है। श्रीमती कौशल ने आज कोविड संक्रमित मरीजों के ईलाज के लिए अनुमति प्राप्त निजी अस्पतालों के संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक ली। उन्होंने संचालकों से शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही कोरोना मरीजों का ईलाज करने के दो टूक निर्देश दिए। श्रीमती कौशल ने कहा कि कोविड मरीजों से ईलाज के नाम पर अधिक राशि वसूलते पाये जाने पर अस्पताल की कोरोना के ईलाज की अनुमति निरस्त कर दी जायेगी। साथ ही जाॅच कर वसूली गई अतिरिक्त राशि भी मरीज या उसके परिजनों को वापस कराई जायेगी। कलेक्टर ने यह भी चेतावनी दी कि ऐसा करते पाये जाने पर अस्पताल संचालक के विरूद्ध महामारी अधिनियम के तहत विधिक कार्यवाही भी की जायेगी।  

बैठक में कलेक्टर ने कोरोना मरीजों के लिए जिले में मेडिकल आक्सीजन गैस के उत्पादन और अस्पतालों को वितरण करने की सप्लाई चेन पर चर्चा की। उन्होंने सभी निजी और शासकीय कोविड अस्पतालों को आक्सीजन गैस प्रबंधन के लिए एक-एक नोडल कर्मचारी नियुक्त करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने 24 घंटे में दो बार सुबह एवं शाम को अस्पतालों की मांग के अनुसार आक्सीजन से भरे सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने अस्पतालों में कम से कम चार घंटे के लिए बफर स्टाक के रूप में आक्सीजन रखने के भी निर्देश संचालकों को दिए। कलेक्टर ने सभी अस्पतालों में आग से बचाव के सभी साधन और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को भी कहा। उन्होंने ऐसी किसी भी विपरीत परिस्थिति में अस्पतालों से मरीजों और स्टाफ को निकालने के लिए पहले से ही प्रभावी निकासी योजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने कोविड मरीजों के ईलाज के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन का उपयोग शासन द्वारा निर्धारित दिशा निर्देशों और आईसीएमआर द्वारा तय किये गये प्रोटोकाॅल के हिसाब से ही करने के निर्देश भी निजी अस्पताल संचालकों को दिए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  कुंदन कुमार, एडीएम  एस.जयवर्धन, एसडीएम  सुनील नायक सहित एनकेएच, जीवन आशा, सृष्टि अस्पताल सहित अनुमति प्राप्त निजी अस्पतालों के संचालक एवं प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
 


26-Apr-2021 9:57 PM (76)

   आइसोलेशन सेंटर करतला का आकस्मिक निरीक्षण    

कोरबा । कोरोना के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू पूर्ण तालाबंदी के बीच आज कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने विकासखंड करतला पहुंचकर आइसोलेशन सेंटर और कंटेनमेंट जोन चिकनीपाली का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  कुंदन कुमार, एसडीएम  सुनील नायक सहित विकासखंड स्तरीय अन्य अधिकारी एवं डाक्टर भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने करतला में बने आइसोलेशन सेंटर में रह रहे कोरोना मरीजों से भी बात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा। श्रीमती कौशल ने आइसोलेशन सेंटर में भर्ती मरीजों को कोविड प्रोटोकाॅल के हिसाब से निर्धारित दवाएं और समय-समय पर उनका बुखार, आक्सीजन आदि चेक करते रहने के निर्देश स्वास्थ्य कर्मियों को दिए। कलेक्टर ने कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आइसोलेशन सेंटर में 10 और आक्सीजनयुक्त बेड लगाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। श्रीमती कौशल ने आइसोलेशन सेंटर में बिना लक्षणों वाले या मॅाडरेट रूप से कोरोना संक्रमित लोगों का ही ईलाज करने के निर्देश दिए। उन्होंने गंभीर रूप से बीमार लोगों को तत्काल जिला कोविड अस्पताल भेजने को कहा। करतला विकासखंड मुख्यालय में बने इस आइसोलेशन सेंटर में अभी छह कोरोना संक्रमितों का ईलाज चल रहा है।

इस दौरान कलेक्टर ने करतला विकासखंड मुख्यालय में कोरोना संक्रमितों की मदद और ईलाज संबंधी विभिन्न सुविधाओं की जानकारी तथा परेशानियों के निराकरण के लिए बनाये गये कंट्रोल रूम का भी आकस्मिक निरीक्षण किया। श्रीमती कौशल ने इस दौरान कंट्रोल रूम में उपस्थित कर्मचारियों से दिन भर की गतिविधियां आने वाले फोन काॅल्स, पूछे जाने वाले प्रश्नों और कोरोना संक्रमितों की समस्याओं आदि के विषय में जानकारी ली। कर्मचारियों ने बताया कि कंट्रोल रूम में प्रतिदिन औसतन 6 से 7 फोन काॅल मिल रहे हैं। कलेक्टर ने होम आइसोलेशन माॅनिटरिंग सेल में निर्धारित समय में ड्यूटी से अनुपस्थित पाये जाने पर तीन आश्रम अधीक्षकों की एक-एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए।छात्रावास रामपुर के अधीक्षक आनंद कुमार सोनी, आदिवासी बालक छात्रावास बेहरचुवां के अधीक्षक ईश्वर सूर्यवंशी और आदिवासी बालक छात्रावास बीरतराई के अधीक्षक  विवेक शर्मा के कार्य में लापरवाही बरतने पर एक-एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश सहायक आयुक्त श्री वाहने को दिए। 
 


26-Apr-2021 9:25 PM (53)

   हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश   

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोरबा, 26 अप्रैल। गला दबाकर पत्नी की हत्या कर लाश को फांसी पर लटकाने वाले पति व उसके एक साथी को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया है। घटना कोरबा जिले के लेमरू थाना के अंतर्गत आने वाले ग्राम डोकरमना की है।

इस संबंध में प्राप्त जानकारी के मुताबिक 23 अप्रैल की रात में  जोनी मिंज ने अपने दोस्त प्रदीप कुमार टोप्पो के साथ मिलकर अपनी पत्नी  सुशीला मिंज  का गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपियों ने शव को फांसी पर लटका दिया।

 24 अप्रैल को शंभू बड़ा निवासी ग्राम सुर्वे ने थाना लेमरू  में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी बड़ी बहन सुशीला मिंज (35 वर्ष) अपने घर के पीछे जंगल में फांसी  पर लटकी हुई है । प्रार्थी के रिपोर्ट पर थाना लेमरू में प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ किया गया ।  प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर थाना प्रभारी लेमरू उप निरीक्षक कृष्णा साहू द्वारा मामले की सूचना पुलिस अधीक्षक कोरबा  अभिषेक मीणा को दी गई । इसके बाद नगर पुलिस अधीक्षक योगेश साहू  ग्राम डोकरमना पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण कर थाना प्रभारी कृष्णा साहू को मामले में विवेचना करने के निर्देश दिए गए ।

  प्रकरण की जांच पर पाया गया कि मृतका सुशीला मिंज आरोपी जोनी मिंज की पत्नी थी, जिसे वह पसन्द नहीं करता था ।  गत 23 अप्रैल को आरोपी जोनी मिंज एवं प्रदीप टोप्पो ने एक साथ मिलकर सुशीला मिंज का गला दबाकर हत्या कर दी और साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से जंगल में ले जाकर फांसी के फंदे पर लटका कर आत्महत्या का स्वरूप देने की कोशिश की । इस प्रकरण में थाना लेमरू में अपराध पंजीबद्ध कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है ।


26-Apr-2021 7:52 PM (83)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 26 अप्रैल।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोरबा ने निजी कोविड हॉस्पिटल संचालकों को निर्देशित किया है कि दूसरे जिला के कोविड मरीजों को हॉस्पिटल में एडमिट करने से पहले कलेक्टर की अनुमति आवश्यक है। इसमें लापरवाही पाये जाने पर कड़ी करवाई की जाएगी।

कोरोना मरीजों के बढ़ते दबाव से निजी हॉस्पिटलों  पर  शिकंजा कसता जा रहा है। अब तक निजी अस्पताल प्रबन्धन दूसरे जिले के मरीजों का भी उपचार कर रहे थे। इस पर रोक लगाते हुए सीएमएचओ ने नया फरमान जारी किया है। जारी आदेश के मुताबिक अब बाहर जिले के मरीजों को भर्ती करने से पहले कलेक्टर की अनुमति लेना होगा। कलेक्टर के अनुमति बैगर यदि उपचार करते किसी भी हॉस्पिटल की शिकायत मिली तो कठोर करवाई की जाएगी।


26-Apr-2021 6:24 PM (69)

  हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश  
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 26 अप्रैल।
गला दबाकर पत्नी की हत्या कर लाश को फांसी पर लटकाने वाले पति व उसके एक साथी को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया है। घटना कोरबा जिले के लेमरू थाना के अंतर्गत आने वाले ग्राम डोकरमना की है।

इस संबंध में प्राप्त जानकारी के मुताबिक 23 अप्रैल की रात में जोनी मिंज ने अपने दोस्त प्रदीप कुमार टोप्पो के साथ मिलकर अपनी पत्नी सुशीला मिंज का गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपियों ने शव को फांसी परलटका दिया।

24 अप्रैल को शंभू बड़ा निवासी ग्राम सुर्वे ने थाना लेमरू में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी बड़ी बहन सुशीला मिंज (35 वर्ष) अपने घर के पीछे जंगल में फांसी  पर लटकी हुई है। प्रार्थी के रिपोर्ट पर थाना लेमरू में प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ किया गया। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर थाना प्रभारी लेमरू उप निरीक्षक कृष्णा साहू द्वारा मामले की सूचना पुलिस अधीक्षक कोरबा अभिषेक मीणा को दी गई। इसके बाद नगर पुलिस अधीक्षक योगेश साहू ग्राम डोकरमना पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण कर थाना प्रभारी कृष्णा साहू को मामले में विवेचना करने के निर्देश दिए गए। 

प्रकरण की जांच पर पाया गया कि मृतका सुशीला मिंज आरोपी जोनी मिंज की पत्नी थी, जिसे वह पसन्द नहीं करता था। गत 23 अप्रैल को आरोपी जोनी मिंज एवं प्रदीप टोप्पो ने एक साथ मिलकर सुशीला मिंज का गला दबाकर हत्या कर दी और साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से जंगल में ले जाकर फांसी के फंदे पर लटका कर आत्महत्या का स्वरूप देने की कोशिश की। इस प्रकरण में थाना लेमरू में अपराध पंजीबद्ध कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।


26-Apr-2021 5:45 PM (45)

कोरबा, 26 अप्रैल। जिले के विधिक माप विज्ञान विभाग में पदस्थ वरिष्ठ निरीक्षक चन्द्रहास प्रधान का निधन कोरोना बीमारी से हो गया। 
पूर्व साडा उपाध्यक्ष एस डी सिंह का निधन सोमवार को हुआ।

निरीक्षक श्री प्रधान कोरोना संक्रमित होने के बाद स्वास्थ्य बिगडऩे पर पिछले 13 दिनों से बालाजी ट्रामा सेंटर के कोरोना वार्ड में भर्ती थे। जहाँ उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।  मूलत: महासमुंद जिले के सराईपाली निवासी श्री प्रधान की दो पुत्रियां हैं उनमें से एक कि 9 मई को विवाह है। उनके निधन से पूरे परिवार सहित शुभचिंतकों में शोक की लहर व्याप्त है। श्री प्रधान एक मिलनसार ,जुझारू कर्मठ अधिकारी थे। जिले में पिछले 6 वर्षों से वे उत्कृष्ट सेवा देते आ रहे थे। वे पिछले कुछ सालों से शुगर एवं हाई बीपी से परेशान थे। इनके अलावा नगर के समाजसेवी, साडा के पूर्व उपाध्यक्ष एस डी सिंह का निधन हो गया। श्री सिंह पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे।


26-Apr-2021 5:40 PM (50)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 26 अप्रैल।
हवा भरने वाले एयर टैंक के फटने से एक युवक का सर धड़ से अलग हो कर मौत हो गई। घटना कोरबा जिले के पाली थाना की है। 

सोमवार को पाली स्थित ट्रांसपोर्ट नगर राघवेंद्र ढाबा के  27 वर्षीय युवक अरशद अंसारी पिता समीम अंसारी ट्रक के टायर में हवा भर रहा था। वह विगत 5 वर्षों से टायर में हवा भरने, पंचर बनाने आदि का कार्य करता था। रोज की तरह आज भी वो ट्रेलर के टायर का पंचर बना कर हवा भरने के लिए एयर टैंक को चालू किया लेकिन एयर टैंक में हवा का दबाव अधिक हो गया और मशीन बंद करने से पहले ही एयर टैंक फट गया और मौके पर ही 27 वर्षीय अरशद अंसारी का सिर धड़ से अलग हो गया और उसकी की मौत हो गई। पाली पुलिस मर्ग कायम कर मामले की विवेचना कर रही है।


26-Apr-2021 5:38 PM (44)

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 26 अप्रैल।
जिले के बांगो थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत सासिन के आश्रित ग्राम बेतलो साटापानी में किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा सोमवार सुबह घर में घुसकर फूल कुंवर पति जयसिंह उम्र 60 वर्ष को धारदार हथियार से सिर पर वार कर मौत के घाट उतार दिया गया।  सरपंच की सूचना पर  बांगो थाना में मर्ग कायम कर मामले की विवेचना की जा रही।  बताया जा रहा है कि हत्या करने वाला दोपहिया वाहन में गांव पहुँचा था। 


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