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नियमित मौके नहीं दिए गए-पठान
नियमित मौके नहीं दिए गए-पठान
01-Jun-2020 5:46 PM

नई दिल्ली, 1 जून। इरफान पठान उन क्रिकेटरों में से रहे हैं, जो अपने आखिरी वनडे मुकाबले में मैन ऑफ द मैच रहे थे, लेकिन उसके बाद वह कभी भारत के लिए नहीं खेले।  4 अगस्त, 2012 को खेले गए इस मैच में पठान ने 28 गेंदों पर नाबाद 29 रन बनाने के अलावा 10 ओवर में 61 रन देकर पांच विकेट लिए थे।  वह मैन ऑफ द मैच बने, लेकिन  इसके बाद कभी भारत के लिए नहीं खेले।  अब इरफान पठान ने स्पोर्ट्स तक से बातचीत में अपने दिल का गुबार निकालते हुए खुद के टीम से बाहर होने के लिए एमएस धोनी पर दोष मढ़ते हुए कई अहम बातें कही हैं।  
इरफान ने  कहा कि उन्हें उस समय नियमित रूप से मौके नहीं दिए गए।  और न ही कप्तान ने उन्हें भरोसा देने की कोशिश की।  धोनी ही उस समय टीम के कप्तान थे।  पठान बोले कि यह नेरेटिव गढ़ा गया कि पठान की स्विंग खत्म हो गई।  यह सही था लेकिन इसके पीछे के कारण भी थे।  पठान ने बहुत बेहतर करने के बावजूद न खिलाए जाने पर गैरी कर्स्टन से जब सवाल किया, तो भारत के पूर्व कोच ने उन्हें कहा कि आप सब बढिय़ा कर रहे हो, लेकिन कुछ चीजें मेरे हाथ में नही हैं।  
एक सवाल के जवाब में इरफान ने कहा कि उन्होंने एमएस धोनी से भी पूछा कि वे साफ विचार मेरे बारे में रखें, तो उन्होंने कहा कि सब सही है, लेकिन चीजें सही नहीं हुईं।  उन्होंने कहा कि बार-बार सफाई मांगने से इज्जत भी कम होती है और यह संभव नहीं था।  इरफान ने धोनी पर बड़ा वार करते हुए कहा कि हमसे न तो रूम में जाकर किसी के लिए हुक्का सेट करने की आदत है।  न ही हमें कुछ कुरेदने की आदत है और इसके बारे में सबको मालूम है। 
इरफान ने कहा कि क्रिकेटर का काम सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।  यहां तक कि मैं साल 2016 में घरेलू सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाला गेंदबाज था और तीसरे या चौथे नंबर का रन स्कोरर था, लेकिन उसके बावजूद सेलेक्टरों ने कहा कि मजा नहीं आ रहा।  इस बातचीत में इरफान ने पूर्व ओपनर और सेलेक्टर रहे श्रीकांत पर भी उनके बयान के लिए निशाना साधा। (एनडीटीवी) 

 

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