राजनीति

उमा भारती की सक्रियता से नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें
उमा भारती की सक्रियता से नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें
Date : 04-Oct-2019

अतुल पुरोहित
भोपाल,  4 अक्टूबर(छत्तीसगढ़)। बीजेपी की दिग्गज नेत्री और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भले ही बीते दिनों हिमालय जाकर मौन धारण करने का ऐलान किया हो लेकिन एमपी में बढ़ती उनकी सक्रियता ने फिर नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। 
हाल ही में गांधी की 150 वीं जयंती पर भोपाल में निकाली गई संकल्प यात्रा में उनकी मौजदूगी ने इस ओर संकेत दिए हंै। इसके पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की वीडियो कॉन्फें्रसिंग, पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की श्रद्धांजलि सभा और पार्टी कार्यालय से लेकर मैदान तक उमा भारती की मौजूदगी चर्चा का विषय रही ।
एक बार फिर अटकलों का दौर शुरू हो गया है, कि उमा एमपी में एंट्री कर सकती है। प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेताओं में उनकी इस सक्रियता से काफी खलबली मची हुई है कि उमा भारती बीते कुछ वर्षो में इतनी सक्रिय कभी नजर नहीं आईं, जितनी इस बार नजर आ रही हैं। 
दरअसल, झाबुआ उपचुनाव के बाद नगरीय निकाय और संगठन चुनाव होना है, ऐसे में उमा की मध्यप्रदेश से बढ़ती नजदीकियों को इससे जोडक़र देखा जा रहा है। चूंकि विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद से ही बीजेपी में नेतृत्व को लेकर असमंजस दिखाई दे रहा है, वहीं अंदरुनी कलह भी जारी है। नेताओं के बयानों से हाईकमान पहले से ही नाराज चल रहे हंै, इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की मप्र में सक्रियता से चर्चा चल पड़ी कि वे यहां अपनी जमीन तलाश रही हैं। 
सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि उमा के वर्चस्व को देखते हुए पार्टी आने वाले दिनों में उमा को बड़ा पद दे सकती है, इससे दिग्गज नेताओं की भी और बेचैनी बढ़ गई।
वहीं राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो वर्तमान समय में बीजेपी में शिवराज के अलावा एक भी ऐसा नेता नहीं, जिसके नाम पर सभी एक हो जाएं। पार्टी हाईकमान चौहान को राज्य की राजनीति से दूर रखना चाहता है, 
इसीलिए उन्हें सदस्यता अभियान का राष्ट्रीय प्रभारी बनाया गया है। इस स्थिति में उमा भारती को लगता है कि पार्टी में आ रही रिक्तता को भरने में वह सफल हो सकती हैं, यही कारण है कि वह राज्य की राजनीति में सक्रिय हो चली हैं।

 

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