राजनीति

Posted Date : 03-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 3 जनवरी । दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने पहली बार राज्यसभा के लिए अपनी 3 सीटें पक्की कर ली हैं। पीएसी की बैठक में संजय सिंह, नवीन गुप्ता और सुशील गुप्ता को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया गया है। इस बाबत बुधवार को सीएम अरविंद केजरीवाल के घर पीएसी की बैठक हुई जिसमें राज्यसभा भेजे जाने वाले नामों पर अंतिम मुहर लगाई गई।
    आम आदमी पार्टी की आठ सदस्यीय पीएसी को आज नामों पर अंतिम फैसला करना था। लेकिन बीते दिनों से पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया दोनों ही दिल्ली से बाहर थे। 
    अब ये दोनों वरिष्ठ नेता वापस आ चुके हैं, इसी के बाद आज ये बैठक होना तय हुआ था।
    बीते 29 दिसंबर को अधिसूचना जारी होने के साथ ही चुनाव चुनावी प्रक्रिया तो शुरू हो गयी है। लेकिन आप ने अभी तक पत्ते नहीं खोले थे। यूपी के प्रभारी और पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह का राज्यसभा जाना तय है और पार्टी में उनके नाम पर पहले ही सहमति बना चुकी थी। दो अन्य उम्मीदवारों में चार्टर्ड अकाउंटेंट नारायण दास गुप्ता और कारोबारी सुशील गुप्ता भी आ रहा था जो अब फाइनल हो चुका है। 
    पार्टी के सूत्रों का कहना है कि उम्मीदवारों का खुलासा अंतिम क्षणों में किया जायेगा। संसद के उच्च सदन में उम्मीदवारी की दावेदारी को लेकर आप के संस्थापक सदस्य कुमार विश्वास के बगावती सुरों को देखते हुये पार्टी नेताओं ने सोची समझी रणनीति के तहत ही उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किये थे। आगामी 5 जनवरी को राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर नामंकन करने की आखिरी तारीख तय की गई है।
    पार्टी की अब तक की राय ये है कि पार्टी की तरफ से किसी नेता के बजाय क्षेत्र के विशेषज्ञ को ही राज्यसभा में भेजा जाए। पार्टी ने रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन से इसलिए संपर्क साधा था लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। विशेषज्ञ को राज्यसभा भेजने के पीछे आम आदमी पार्टी के नेता कहते हैं कि पार्टी तीन सीटों के जरिये राज्यसभा में अपना नीतिगत राय रखना चाहती है और इसके लिए उसे किसी क्षेत्र के विशेषज्ञ की जरूरत है जिसकी बात सब सुनें और उसपर तवज्जो फरमाएं।
    दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 66 पर आम आदमी पार्टी का कब्जा है, ऐसे में तीनों उम्मीदवारों का चुना जाना लगभग तय है। इसलिये उम्मीदवारी को लेकर विपक्षी दल, बीजेपी और कांग्रेस खेमों में कोई हलचल नहीं है।(आज तक)

     

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Posted Date : 03-Jan-2018
  • अहमदाबाद, 3 जनवरी। गुजरात विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद भी वहां राजनीति सरगर्मी बढ़ी हुई है। कांग्रेस से कड़ी टक्कर मिलने के बाद सत्ता में आई बीजेपी अब अंदरूनी कलह से गुजर रही है। विभाग को लेकर उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल की नाराजगी के बाद अब कोली समुदाय के दिग्गज नेता पुरुषोत्तम सोलंकी की नाराजगी की बात सामने आ रही है। वह इस समय मत्स्य पालन राज्यमंत्री हैं।
    रिपोर्ट के मुताबिक, पुरुषोत्तम सोलंकी ने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से मांग की है कि उन्हें बेहतर (एक से ज्यादा) मंत्रालय दिए जाएं। पुरुषोत्तम पांचवीं बार चुनाव जीत कर आए हैं। श्रीकृष्ण कमीशन द्वारा साल 1993 में मुंबई सांप्रदायिक दंगे के आरोपी सोलंकी ने हाल ही में धमकी दी थी कि साल 2019 के चुनाव में कोली समाज देखेगा कि उसे किसे सपोर्ट करना है और किसे नहीं।
    सौराष्ट्र में कोली समुदाय मजबूत स्थिति में है और 26 फीसदी वोटर्स इस जाति से आते हैं। वहां की 40 सीटों पर इस जाति का प्रभाव है। सोलंकी ने रूपाणी से कहा है कि उनकी जाति की मांग है कि उन्हें इस सरकार में बेहतर मंत्रालय मिलें। सोलंकी ने कहा, मैं यहां मुख्यमंत्री से मिलने आया था। लेकिन उनसे डिटेल में बात नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि इसके बारे में तीन दिन बाद कोई निर्णय लिया जा सकता है।
    उन्होंने कहा, मैं किसी चीज की मांग नहीं कर रहा। मेरी कम्युनिटी जोर दे रही है। वो चाहती है कि मुझे कोई सम्मानजनक मंत्रालय दिया जाए। मुख्यमंत्री के पास 12 मंत्रालय हैं। पहली बार मंत्री बने लोगों के पास तीन से चार पोर्टफोलियो हैं। लेकिन मेरे पास सिर्फ एक है, जो नगण्य है।
    बीजेपी हाईकमान ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की। वरिष्ठ मंत्री भूपेंद्र सिंह चुडासमा को सोलंकी से बात करने की जिम्मेदारी दी। भूपेंद्र सिंह ने ही नितिन पटेल के मुद्दे का समाधान निकाला था। भूपेंद्र ने कहा, इसे नीतिन पटेल से जोड़ कर न देखें। ये अलग तरह का मुद्दा था, जिसे शांत कर दिया गया है। (न्यूज 18)

     

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Posted Date : 02-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 2 जनवरी । आतंकी हमले में जवानों की शहादत पर बीजेपी सांसद नेपाल सिंह ने विवादित बयान दिया है। बीजेपी सांसद नेपाल सिंह ने कहा है कि सेना के जवान तो रोज मरेंगे। ऐसा कोई ऐसा देश है जहां आर्मी का जवान न मरता हो। उन्होंने कहा कि गांव में भी झगड़ा होता है तो कोई ना कोई घायल होता है। 
    बीजेपी सांसद ने कहा कि ऐसी कोई डिवाइस बताओ जिससे कोई आदमी न मरा हो। ऐसी कोई चीज बताओ जिसमें गोली काम न करे। हालांकि इसके बाद उन्होंने कहा कि मैंने सेना के अपमान की बात नहीं की। मुझे दुख है और माफी मांगता हूं। पर मैंने ऐसा कुछ कहा नहीं। उन्होंने कहा कि मैंने ये बोला था कि वैज्ञानिक लगे हुए और कोई डिवाइस ढूंढ रहे हैं कि कोई गोली आए तो लगे नहीं। सिपाही की प्रोटेक्शन हो जाए। 
    रविवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के एक शिविर पर हथियारों से लैस आतंकवादियों ने हमला किया था, जिसमें पांच जवान शहीद हुए थे। इस आतंकी हमले में तीन आतंकवादियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। 
    वहीं इस आतंकवादी हमले में शहीद हुए एक सीआरपीएफ जवान के अंतिम संस्कार में सोमवार को राजौरी जिला स्थित उनके गांव में सैकड़ों लोग नम आंखों के साथ शामिल हुए। सीआरपीएफ के हेड कान्स्टेबल मोहम्मद तुफैल का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ था। दोपहर में उन्हें उनके गृह गांव दोदासन में पूरे सम्मान के साथ सुपुर्दे खाक किया गया।
    राजौरी के उपायुक्त शाहिद इकबाल चौधरी ने अंतिम संस्कार से पहले एक ट्वीट में कहा, नये वर्ष की शुरूआत दुख से हुई है क्योंकि राजौरी में गांव दोदासन शहीद सीआरपीएफ कर्मी मोहम्मद तुफैल का पार्थिक शरीर लेने की तैयारी कर रहा है। 
    जम्मू स्थित सेना के व्हाइट नाइट कोर ने अपने एक सैनिक को भी अंतिम विदाई दी जो कल राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर शहीद हो गए थे।
    (एनडीटीवी)

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Posted Date : 02-Jan-2018
  • शिलांग, 2 जनवरी। मेघालय विधासभा चुनावों से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ए एल हेक मंगलवार को बीजेपी में शामिल होंगे। इनके अलावा एक यूडीएफ और दो निर्दलीय विधायकों ने भी बीजेपी में शामिल होने का निर्णय लिया है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में सत्तारूढ़ दल के लिए यह झटका है। पिछले दस दिनों में कांग्रेस के नौ विधायक छोड़ चुके है पार्टी।
    मेघालय भाजपा के अध्यक्ष शिबुन लिंगदोह ने सोमवार को बताया था कि हेक तीन अन्य विधायकों के साथ गोल्फ लिंक मैदान में भगवा दल की एक रैली के दौरान भाजपा में शामिल होंगे।
    पूर्व उप मुख्यमंत्री रॉवेल लिंगदोह समेत कांग्रेस के पांच विधायकों के विधानसभा से इस्तीफा देने और उनके भाजपा के सहयोगी दल नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) में चार जनवरी को शामिल होने की घोषणा करने के बाद हेक ने भी भाजपा में शामिल होने की घोषणा की है।
    नरेंद्र मोदी की बीजेपी ने तोड़ दिया इंदिरा गांधी की कांग्रेस का रिकॉर्ड, 19 राज्यों में है अब सत्ता
    उनके साथ तीन अन्य विधायकों एक यूडीएफ से और दो निर्दलीय विधायकों ने भी एनपीपी में शामिल होने का निर्णय किया है। एनपीपी के प्रमुख कोनार्ड के संगमा हैं जो लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष पी ए संगमा के पुत्र हैं। हेक ने सोमवार को कहा था कि वह मंगलवार दोपहर अपने मित्रों के साथ भाजपा में शामिल होने से पहले मैं इस्तीफा दे दूंगा। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 02-Jan-2018
  • भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पाकिस्तान को कड़ा संदेश देना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति का नतीजा है। पार्टी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने एक ट्वीट के जरिए यह बात कही। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला भी बोला। उन्होंने लिखा, आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के धोखे को खत्म करने का संकल्प लेने के लिए अमरीका के राष्ट्रपति को बधाई। प्रिय राहुलजी, ये हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी की कूटनीति के परिणाम। भारतीय सेना को निशाना बनाने के बजाय आप कब पाकिस्तान का नाटक देखेंगे। क्या आप (अमरीका से मिली) डांट पर पाक को दिलासा देने और (मणिशंकर) अय्यर को गले लगाने जा रहे हैं?
    जीवीएल नरसिम्हा राव की यह प्रतिक्रिया डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को धोखेबाज और झूठा बताया था। एक ट्वीट के जरिए ट्रंप ने कहा था कि अमरीकी मदद के बदले पाकिस्तान ने अमरीका को झूठ और छल के सिवाय कुछ नहीं दिया। डोनाल्ड ट्रंप का यह भी कहना था कि पाकिस्तान अमरीकी नेताओं को मूर्ख समझता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। माना जा रहा है कि अब पाकिस्तान को मिलने वाली अमरीकी आर्थिक मदद रोकी जा सकती है। उधर, पाकिस्तान ने भी ट्रंप के बयान को लेकर नाराजगी जाहिर की। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपने ट्वीट में कहा है कि वे जल्द ही दुनिया को सच और कल्पना के बीच का फर्क बता देंगे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पाकिस्तान ने अमरीकी राजदूत को तलब कर अपनी सख्त नाराजगी जाहिर की है। (सत्याग्रह)

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Posted Date : 02-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 2 जनवरी। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में स्थित सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले में शहीद हुए पांच जवानों को लोकसभा में श्रद्धांजलि दी गई। सदस्यों ने कुछ पल का मौन रखकर सम्मान प्रकट किया। वहीं इस हमले के विरोध में कई सदस्यों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। इसके बाद कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि एक सिर के बदले दस सिर लाने का बयान देने वाले पीएम नरेंद्र मोदी शहीदों की शहादत पर चुप क्यों हैं। इतना ही नहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि बीजेपी को अपने सांसद के बयान पर माफी मांगनी चाहिए। 
    इस पर संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि हमने पिछले एक साल में 200 से ज्यादा आतंकियों को ढेर किया है। वहीं इस हमले में शामिल तीनों आतंकियों को भी सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। अनंत कुमार ने कहा कि इस मामले में राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह सदन में मौजूद हैं और वह इस पर बयान नहीं देंगे। 
    संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले तीन वर्षों में सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर सड़क के कई प्रयास किए हैं। 
    सदन की कार्यवाही शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने पुलवामा में सीआरपीएफ शिविर पर आतंकी हमले का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के पांच सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए। हथियारों से लैस आतंकवादियों ने 31 दिसंबर, 2017 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षा शिविर पर हमला किया।
    सुमित्रा महाजन ने कहा कि यह सभा इस कायरतापूर्ण हमले के मृतकों के परिवार के प्रति गहरा दुख व्यक्त करती है। इसके बाद सदस्यों ने शहीदों के सम्मान में थोड़ी देर के लिए मौन रखा। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 02-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 2 जनवरी। संसद में संख्या बल की अपनी अहमियत है। विभिन्न मसलों पर सहमति-असहमति के बीच यह संख्या बल ही है जो मामले को किसी एक पक्ष की तरफ ले जाता है। केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से साढ़े तीन साल तक लोक सभा में अंकगणित अगर भारतीय जनता पार्टी और सहयोगियों के पक्ष में रहा तो राज्य सभा में कांग्रेस तथा उसके साथियों के साथ। इसीलिए अब तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुकाबले बराबरी पर छूटे हैं। लेकिन इस साल चार महीने बाद ही यह तस्वीर बदलने वाली है। और राज्य सभा का शक्ति संतुलन भी मोदी सरकार व भाजपा की तरफ झुकने वाला है।
    राज्य सभा में कांग्रेस और भाजपा के अभी 57-57 सदस्य हैं। लेकिन इस साल राज्य सभा के द्विवार्षिक चुनाव और कुछ उपचुनाव के बाद भाजपा की सदस्य संख्या बढ़कर 67 तक पहुंच सकती है। इस तरह राज्य सभा में वह सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी। इस आंकड़े में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के घटक दलों को जोड़ लें तो सदस्य संख्या 98 तक पहुंच जाएगी। भाजपा और एनडीए को सबसे ज्यादा फायदा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, झारखंड और उत्तराखंड से हो रहा है। वहीं कर्नाटक में भाजपा अगर अपना प्रदर्शन सुधारती है तो उसका आंकड़ा और भी आगे जा सकता है।
    दूसरी तरफ कांग्रेस के सदस्य 57 से घटकर 48 तक पहुंच सकते हैं। वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) का संख्या बल घटकर 72 से 63 पर आ सकता है। कांग्रेस और उसके घटकों को राज्य सभा में झटके लगने का सिलसिला जनवरी से ही शुरू हो सकता है। जनवरी की 16 तारीख को दिल्ली की तीन राज्य सभा सीटों के लिए चुनाव हैं। ये सभी सीटें कांग्रेस की हैं। लेकिन दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी (आप) की सदस्य संख्या (66) के मद्देनजर तीनों उसे ही जा रही हैं। एक सीट सिक्किम से खाली हो रही है। लेकिन उम्मीद है कि इस पर एनडीए के घटक एसडीएफ (सिक्किम लोकतांत्रिक मोर्चा) का कब्जा बना रहेगा। जनवरी में उत्तर प्रदेश से खाली हुई एक राज्य सभा (पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के इस्तीफे के बाद) सीट पर उपचुनाव होगा। यह सीट भी भाजपा को जाना तय है।
    इस तरह जनवरी के आखिर तक भाजपा की सदस्य संख्या राज्य सभा में 57 से बढग़र 58 हो जाएगी। जबकि कांग्रेस की 57 से घटकर 54 रह जाएगी। इसके बाद बीच में होने वाले कुछ उपचुनाव से सिलसिला आगे बढ़ता हुआ अप्रैल में बड़े बदलाव के करीब पहुंचेगा। अप्रैल में 16 राज्यों से राज्य सभा की 59 सीटों के लिए चुनाव होगा। इसके बाद से 245 सदस्यों वाले उच्च सदन का पलड़ा सही मायने में भाजपा और एनडीए की तरफ झुकने के आसार बन सकते हैं।  (इंडियन एक्सप्रेस)

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Posted Date : 01-Jan-2018
  • बेंगलुरु, 1 जनवरी। तमिल सुपरस्टार रजनीकांत ने रविवार को राजनीति में आने का ऐलान कर दिया और कहा कि उनकी पार्टी वर्ष 2021 में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगी। उन्होंने अपने पार्टी के नाम की घोषणा अभी नहीं की है। रजनीकांत की भीड़ को इक_ा कर उसे वोट में बदलने की ताकत का अंदाजा इसी साल ही हो सकता है क्योंकि बीजेपी नेता चाहते हैं कि थलैवर कर्नाटक विधानसभा चुनाव में उनके लिए चुनाव प्रचार करें।
    पिछले साल राजनीति में उतरने का संकेत देने के समय से ही रजनीकांत बीजेपी के करीबी माने जाते रहे हैं। साथ ही आध्यात्मिक राजनीति करने की उनकी घोषणा ने भगवा पार्टी को उन्हें अपने पाले में लाने का मौका दे दिया है। तमिलनाडु बीजेपी के सह समन्वयक और कर्नाटक के वरिष्ठ विधायक सीटी रवि ने कहा, बीजेपी हमेशा से ही रजनीकांत के साथ प्रसन्न रही है और हम उनके कार्यों को हमेशा से ही समर्थन देते रहे हैं।
    उन्होंने कहा, बीजेपी राजनीतिक छूआछूत को नहीं मानती और किसी भी ईमानदार व्यक्ति का हमारे यहां स्वागत है। रवि ने कहा, चुनावी रणनीति बताना अभी जल्दीबाजी होगी। तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष तमिल ईसाई सौदरराजन ने कहा, रजनी की आध्यात्मिक राजनीति बीजेपी की विचारधारा के अनुसार है। हमें नास्तिकों वाली तमिलनाडु की राजनीति को धार्मिक मूल्यों से प्रेरित राजनीति से बदलना होगा। रजनी के आने से हमारे इस मिशन में मदद मिल सकेगी।
    रजनी के राजनीति में आने का कर्नाटक एंगल भी है। बेंगलुरु में रहने वाले रजनीकांत के भाई सत्यनारायण राव गायकवाड़ ने कहा कि उनके भाई हमेशा से ही कर्नाटक में सेवा करना चाहते हैं जहां उनका जन्म हुआ और सुपरस्टार बनने से पहले बस कंडक्टर का काम किया। राव ने कहा, राज्य की सेवा करना उनका सपना है, जहां उनकी जड़ें हैं। तमिलनाडु में सक्रिय राजनीति में आकर वह दोनों ही राज्यों में सेवा कर सकेंगे। (टाईम्स न्यूज)

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Posted Date : 01-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 1 जनवरी । साल 2017 विपक्षी दलों के लिए ठीक नहीं रहा है। इस साल में जिन राज्यों में भी चुनाव हुए उनमें पंजाब छोड़कर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर में बीजेपी की ही सरकार बनी है। ये बात अलग है कि गोवा और मणिपुर में कांग्रेस ही बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। लेकिन चुनाव के बाद बीजेपी का प्रबंधन हर बार की तरह कांग्रेस पर भारी पड़ा और जरूरी संख्या जुटाकर सरकार बना ली। साल के आखिरी में गुजरात और  हिमाचल प्रदेश  में भी बीजेपी ने ही सरकार बनाई। हिमाचल में जहां बीजेपी को सत्ता विरोधी लहर का फायदा मिला तो गुजरात में कांग्रेस ने तगड़ी टक्कर दी लेकिन आखिरी बाजी बीजेपी के ही हाथ में लगी। गुजरात जीतना बीजेपी के लिए बहुत जरूरी था कि क्योंकि गुजरात के मॉडल के दम पर ही बीजेपी केंद्र की सत्ता के काबिज में हुई थी। तो इस तरह से साल 2017 में बीजेपी की जीत का सिलसिला जारी रहा। बात करें 2018 की तो इस साल भी कई विधानसभा चुनाव हैं और इन्हीं चुनावों से 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव की बिसात तय होगी।
    मेघालय- मेघालय में बीजेपी पूरा जोर लगा रही है। यहां अभी मुकुल संगमाकी अगुवाई में कांग्रेस की सरकार है। शुक्रवार को ही रोवेल लिंगदोह कांग्रेस के 5 विधायकों के साथ इस्तीफा दे दिया है। इतना ही नहीं यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के एक विधायक और दो निर्दलीय विधायकों ने सदन से इस्तीफा दे दिया है। मतलब साफ है कि विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में समीकरण बहुत तेजी से बदल रहे हैं।
    त्रिपुरा में है वामपंथ का गढ़- बीजेपी नेताओं का मनना है कि जब पश्चिम बंगाल में वामपंथी पार्टियों को हराया जा सकता है तो त्रिपुरा में क्यों नहीं। त्रिपुरा में 25 वर्षों से सीपीएम की सरकार है और यहां पर मुख्यमंत्री मणिक सरकार हैं। असम के बीजेपी नेता हेमंत बिश्वसरमा को पार्टी की ओर से पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनको नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस यानी नेडा का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं इस राज्य में आरएसएस भी पूरी ताकत झोंके हुए है। 
    नागालैंड में अभी है एनडीए की सरकार- यहां पर एनडीए समर्थित सरकार है। साल 2013 में एनसीपी के चार विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे और बीजेपी ने टी आर जेलियांग अगुवाई में चल रही नागालैंड पीपुल्स फ्रंट सरकार को समर्थन दिया है। बीजेपी इसके सहारे राज्य में विस्तार की कोशिश कर रही है।  अरुण जेटली को लेकर राहुल गांधी के ट्वीट पर बीजेपी का विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव, आज राज्यसभा में हो सकती है चर्चा
    कर्नाटक के लिए है पूरी तैयारी- कर्नाटक में बीजेपी पूरी तरह से दोबारा वापसी की कोशिश में है। अभी यहां पर कांग्रेस की सरकार की है। अमित शाह ने यहां पर बीजेपी का चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। बीएस येदुप्पा को यहां पर बीजेपी ने सीएम पद का उम्मीदवार भी घोषित कर दिया है।
    मिजोरम में है अभी कांग्रेस की सरकार- प्रधानमंत्री मोदी के एजेंडे में उत्तर-पूर्व के राज्य हैं। पीएम मोदी ने कुछ दिन पहले ही तुईरिल हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया है। बीजेपी यहां भी कांग्रेस से सत्ता छीनने की तैयारी में है। 
    शिवराज के सामने है इस बड़ी चुनौती- मध्य प्रदेश में बीजेपी 2003 से सत्ता में है। शिवराज की अगुवाई में बीजेपी दो चुनाव जीत चुकी है। लेकिन इस बार शिवराज के सामने कई चुनौतियां हैं। खूफिया रिपोर्ट के मुताबिक 60 से 70 विधायक इस बार चुनाव हार सकते हैं। दूसरी ओर घोटाले के आरोपों की फेरहिस्त लंबी होती जा रही है।
    छत्तीसगढ़ में सरकार बचाने की चुनौती- छत्तीसगढ़ में बीजेपी 2003 से सत्ता में है। रमन सिंह यहां पर तीन बार से सीएम हैं। कांग्रेस यहां पर सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाना चाहती है लेकिन वह अपने ही नेताओं के टकराव से परेशान है।
    राजस्थान में सबसे ज्यादा मुश्किल- राजस्थान में वसुंधरा सरकार के खिलाफ काफी असंतोष देखा जा रहा है। राज्य सरकार कई विवादों में उलझी नजर आ रही है और पार्टी के अंदर भी काफी खींचतान है। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 31-Dec-2017
  • नई दिल्ली, 31 दिसंबर। टूजी स्पैक्ट्रम घोटाले में सीबीआई. द्वारा बरी की गई कनिमोझी बहुत खुश हैं और तमिलनाडु व अन्य राज्यों से उन्हें फैन मिल रहे हैं। कनिमोझी अब 2019 के संसदीय चुनावों के दौरान लोकसभा का चुनाव लडऩा चाहती हैं। अगर सूत्रों पर विश्वास किया जाए तो उनके सौतेले भाई और द्रमुक नेता एम.के. स्टालिन ने इस संबंध में हरी झंडी दे दी है।
    फैसला किया गया है कि पारिवारिक समझौते के अनुरूप स्टालिन घरेलू मामलों को देखेंगे जबकि कनिमोझी दिल्ली में राष्ट्रीय मामलों का संचालन करेंगी। बड़े भाई एम.के. अझागिरि ने इस सिद्धांत का उल्लंघन किया था और तमिलनाडु के आंतरिक मामलों में भी दखल दिया तथा बाद में उनको मुंह की खानी पड़ी।  (पंजाब केसरी)

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Posted Date : 31-Dec-2017
  • रजनीकांत की घोषणा के तुरंत बाद बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने रजनीकांत पर हमला किया और उन्हें अनपढ़ करार दिया। स्वामी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, 'उन्हें राजनीतिक दल के नाम का ऐलान करने दीजिए और कैंडिडेट के नाम की घोषणा करने दीजिए इसके बाद मैं उन्हें एक्सपोज करूंगा।' स्वामी ने कहा कि अभी उन्होंने अभी सिर्फ राजनीति में आने की घोषणा की है, उनके पास ना कोई डिटेल है ना कोई डॉक्युमेंट। वह अनपढ़ है, ये सिर्फ मीडिया का हाइप है, तमिलनाडु के लोग बुद्धिमान हैं।'
    तमिलनाडु की राजनीति के जानकार वरिष्ठ पत्रकार आर. राजगोपाल ने एक टीवी चैनल से कहा- रजनीकांत का यह फैसला चौंकाने वाला है। उनके नरेंद्र मोदी और अमित शाह से बहुत अच्छे संबंध हैं। वो मोदी के मुरीद माने जाते हैं। यह तय मानकर चलिए कि रजनीकांत भले ही अलग पार्टी बनाएं लेकिन उनके इस फैसले से फ्यूचर में बीजेपी को ही फायदा होगा। एआईएडीएमके के पास जयललिता के बाद कोई ऐसा नेता नहीं है जो अपने नाम पर ही चुनाव जितवा दे। रजनीकांत को कमल हासन से चैलेंज मिल सकता है लेकिन यह सिर्फ नाम का होगा क्योंकि रजनीकांत चार साल से पॉलिटिक्स में हैं। अब सिर्फ उन्होंने अपनी पार्टी बनाने का एलान किया है। रजनी के मुकाबले कमल हासन का कद कम से कम सियासी तौर पर तो बहुत छोटा है।

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Posted Date : 31-Dec-2017
  • अहमदाबाद, 31 दिसंबर । गुजरात में सरकार बनाने के बाद मुश्किल में आई बीजेपी की दिक्कतें अब दूर होती दिख रही हैं। नाराज डिप्टी सीएम नितिन पटेल ने आलाकमान और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से बात करने के बाद आज से नए मंत्रालयों का पदभार संभाल लिया है। इससे पहले मनचाहा मंत्रालय न मिलने से नितिन पटेल नाराज बताए जा रहे थे।
    नितिन पटेल ने रविवार को कहा कि गुजरात में सरकार बनने के बाद मुझे नंबर-2 पर रखते हुए डिप्टी सीएम का पद दिया गया है लेकिन दूसरे स्थान के नेता को जो मंत्रालय सौंपे गए वो उचित नहीं थे। उन्होंने कहा कि मुझसे वित्त और शहरी विकास मंत्रालय ले लिया गया जो ठीक नहीं है। इस बाबत नितिन ने राज्य के सीएम विजय रूपाणी, शाह और संगठन मंत्री को अपनी शिकायत बता दी थी।
    डिप्टी सीएम नितिन पटेल ने कहा कि आज सुबह साढ़े सात बजे अमित भाई ने मुझे फोन कर कहा कि आप पदभार संभाल लीजिए। नितिन ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष की ओर से मुझे आश्वासन दिया गया है कि मुझे जो उच्च स्तरीय मंत्रालय चाहिए थे उनको देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, इसके बाद ही मैंने मंत्रालयों के कामकाज को संभालने का फैसला किया है। इससे पहले नाराज नितिन पटेल ने मंत्री पद की शपथ लेने के बाद भी मंत्रालय नहीं संभाला था। यहां तक कि मेहसाणा में पटेल के समर्थकों ने एक जनवरी को बंद बुलाने का ऐलान भी किया था। साथ ही सरदार पटेल समूह के संयोजक लालजी पटेल ने शनिवार को नितिन पटेल को राज्य का सीएम बनाने की मांग की थी।
    पिछली सरकार में नितिन पटेल को वित्त और शहरी विकास जैसे मंत्रालय दिए गए थे जबकि नई सरकार में उन्हें कम महत्त्वपूर्ण माने जाने वाले सड़क और इमारत और स्वास्थ्य जैसे विभागों का भार सौंपा गया है। नाराज नितिन पटेल को हार्दिक पटेल ने बगावत कर कांग्रेस में शामिल होने का न्योता तक दे दिया था। हालांकि नितिन पार्टी छोडऩे की अटकलों को शुरू से ही खारिज करते आए हैं। (आज तक)

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Posted Date : 31-Dec-2017
  • नई दिल्ली, 31 दिसंबर । केंद्र में सत्ताधारी बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस अध्यक्ष ने एक बार फिर ट्वीट के जरिए निशाना साधा है। 
    इस बार केंद्र की फ्लैगशिप स्मार्ट सिटी योजना का जिक्र करते हुए राहुल ने मोदी भक्तों को अपने मालिक को सलाह देने की बात कही है। राहुल ने ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी पर खोखले वादे करने का आरोप लगाया है।
    राहुल ने ट्वीट करते हुए लिखा, प्यारे मोदी भक्तों, हमारी स्मार्ट सिटी योजना के लिए आवंटित 9,860 करोड़ रूपयों में से सिर्फ सात फीसदी पैसा ही इस्तेमाल हो सका है, चीन हमें पछाड़ चुका है जबकि तुम्हारे मास्टर हमें खोखले नारे दे रहे हैं। प्लीज इस वीडियो को देखें और उन्हें रोजगार सृजन जैसे जरूरी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दें।(आज तक)

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Posted Date : 31-Dec-2017
  • नई दिल्ली, 31 दिसंबर। देशभर की विपक्षी पार्टियों को इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के उदय और विस्तार की चुनौती का सामना करना पड़ा। आने वाले समय में देश के आठ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में भी विपक्षी पार्टियों के समक्ष भाजपा के विस्तार को रोकने की कठिन चुनौती होगी। वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव भी होने हैं, जिसके लिए भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने को लेकर भी विपक्षी दलों की परीक्षा होनी है।  राज्यों में विपक्षी पार्टियों का प्रदर्शन मुख्यत: कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष राहुल गांधी पर निर्भर करेगा। राहुल गांधी कैसे अन्य विपक्षी दलों को लेकर आगे बढ़ते हैं, इससे भी इन चुनावों में काफी कुछ तय होगा।
    वर्ष 2018 में कर्नाटक, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इनमें से चार बड़े राज्यों में कांग्रेंस का मुकाबला सीधे भाजपा से है। त्रिपुरा में इस बार सीधा मुकाबला माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भाजपा में है। पिछले तीन वर्षो में कांग्रेस ने कई चुनाव हारे हैं, इसी वजह से 2019 लोकसभा चुनाव के संदर्भ में सामूहिक नेतृत्व पर काफी बातें हो रही हैं। मोदी के विरोध में राष्ट्रपति चुनाव की तरह उम्मीदवार चुने जाने की भी बात कही जा रही है।
    इस वर्ष 18 विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए सामूहिक उम्मीदवार खड़ा किया था। लेकिन कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(राकांपा) और बहुजन समाज पार्टी(बसपा) गुजरात विधानसभा चुनाव में एक साथ नहीं लड़ पाए, जिसमें कांग्रेस कड़ी टक्कर देने के बावजूद चुनाव हार गई। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद इन 18 विपक्षी पार्टियों ने एक साथ आने का फैसला किया था। जबकि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बसपा और समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन ने अलग-अलग चुनाव लडऩे का फैसला किया था और जीत भाजपा के हाथ लगी थी।
    राकांपा नेता तारिक अनवर ने कहा कि कांग्रेस को गुजरात में 12 सीटों पर इसलिए हार मिली, क्योंकि कांग्रेस ने इन पार्टियों के साथ गठबंधन नहीं किया था। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में इन पार्टियों को फिर से ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर कांग्रेस इन राज्यों में अच्छा करती है तो 2019 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को काफी ऊर्जा मिलेगी। अनवर ने कहा कि अगले वर्ष विधानसभा चुनावों से यह तस्वीर साफ हो जाएगी कि 2019 लोकसभा चुनाव में क्या होने वाला है।
    बसपा और समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में एक-दूसरे की विरोधी हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में कांग्रेस व तृणमूल कांग्रेस, और वामपंथी दल एक-दूसरे के विरोधी हैं। कांग्रेस हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल, तेलंगाना में तेलंगाना राष्ट्र समिति और ओडिशा में बीजू जनता दल(बीजद) की विरोधी है। इन विरोधाभाषों और वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव में भाजपा के हाथों कांग्रेस की बुरी हार पर तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने ऐसे सामूहिक नेतृत्व पर जोर दिया है, जो भाजपा के विरुद्ध सभी राज्यों में सभी विपक्षी पार्टियों को एक साथ ला सके। द्रविड़ मुनेत्र कडग़म(डीएमके) के नेता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि गुजरात चुनाव के दौरान राहुल गांधी के अभियान ने कांग्रेस का मनोबल बढ़ाया और आगामी चुनावों में चुनाव लडऩे की तैयारी बहुत पहले से कर देनी चाहिए।
    उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी पार्टियों को सांप्रदायिक ताकतों से लडऩे के लिए एक साथ आना चाहिए। वे लोग हम पर हिंदुत्व थोपना चाहते हैं। वे लोग समाज में नफरत भी फैला रहे हैं। माकपा के मोहम्मद सलीम ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष पार्टियों को सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ वैकल्पिक रणनीति तलाशनी चाहिए और उन्हें हराना चाहिए।
    जनता दल (युनाइटेड) के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के वापस भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) में शामिल होने से इस वर्ष विपक्षी पार्टियों को बड़ा झटका लगा। वह एक ऐसे नेता थे, जो मोदी को चुनौती देने वाले नेता के रूप में उभर सकते थे। बिहार में ही एक अन्य घटनाक्रम में राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद के चारा घोटाला मामले में में दोषी ठहराए जाने से भी विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने की कोशिश को झटका लगा है। इस कड़ी में काफी अध्याय हैं और यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि 2018 में कैसे नतीजे आते हैं। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 30-Dec-2017
  • अहमदाबाद, 30 दिसंबर । गुजरात में विजय रूपाणी सरकार में सब कुछ ठीक नहीं दिख रहा है। खबर है कि तीन अहम मंत्रालय नहीं मिलने से नाराज उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने अब तक अपना कार्यभार नहीं संभाला है। पिछली सरकार में उनके पास वित्त, शहरी विकास, उद्योग और राजस्व मंत्रालय था लेकिन इस बार वित्त मंत्रालय सौरभ पटेल को दे दिया गया है। नितिन पटेल गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में देर पहुंचे थे। खबर के मुताबिक नाराज नितिन पटेल के मनाने खुद मुख्यमंत्री विजय रूपाणी गए थे जिसके बाद वो 5 बजे शुरू होने वाली बैठक में रात नौ बजे आए। सूत्रों के मुताबिक नितिन पटेल ने कहा है कि अगर उन्हें वित्त मंत्रालय नहीं दिया गया तो वो आत्मसम्मान को ठेस पहुंचने के नाम पर इस्तीफा भी दे सकते हैं। 
    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार को शाम पांच बजे कैबिनेट की बैठक शुरू होनी थी सभी मंत्री वक्त से पहुंच गए थे लेकिन विजय रूपाणी और नितिन पटेल 9 बजे बैठक में पहुंचे। नितिन पटेल को मनाने के लिए विजय रूपाणी के घर पर बैठक हुई जिसमें सीएम, नितिन पटेल और जीतू वाघाणी मौजूद थे।
    नितिन पटेल की जगह वित्त मंत्रालय सौरभ पटेल को दे दिया गया है। इसी से नितिन नाराज बताए जा रहे हैं। वित्त मंत्रालय पिछली आनंदीबेन पटेल और विजय रुपाणी की सरकार में नितिन पटेल के पास था। पीडब्लूडी स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, स्वास्थ्य शिक्षा, नर्मदा, कल्पसर और पाटनगर योजना मंत्रालय दिए गए हैं। आखिर में नितिन पटेल को मनाकर कैबिनेट बैठक में लाया गया।
    हाल ही में हुए गुजरात चुनाव में बीजेपी ने 99 सीट जीती थी और कांग्रेस को 80 सीटों से संतोष करना पड़ा था। जीत के बाद बीजेपी ने विजय रूपाणी को मुख्यमंत्री और नितिन पटेल को उप मुख्यमंत्री चुना था। (एनडीटीवी)
    10 विधायकों संग बीजेपी छोडऩे तैयार हों, तो कांग्रेस से बात करूं-हार्दिक
    उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल की नाराजगी खबरों के बीच हार्दिक पटेल ने कहा कि अगर नितिन पटेल 10 विधायकों के साथ बीजेपी छोडऩे के लिए तैयार हैं तो वो कांग्रेस से उनके लिए बात कर सकते हैं। हार्दिक पटेल ने कहा कि अगर बीजेपी उनकी इज्जत नहीं करती है तो उन्हें तुरंत पार्टी छोड़ देना चाहिए। 

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Posted Date : 29-Dec-2017
  • नई दिल्ली, 29 दिसंबर। कांग्रेस के सीनियर नेता अहमद पटेल, उनके बेटे फैजल पटेल और दामाद इरफान सिद्दीकी पर एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) का शिकंजा कस सकता है। दरअसल, मनी लॉन्ड्रिंग के एक केस में ईडी की पूछताछ में एक कॉर्पोरेट एग्जिक्यूटिव ने इन लोगों के नाम लिए हैं। संदेसरा ग्रुप के एग्जिक्यूटिव सुनील यादव ने ईडी को दिए गए लिखित बयान में आरोप लगाया है कि इस ग्रुप के मालिक चेतन संदेसरा और उनके सहयोगी गगन धवन ने सिद्दीकी को काफी कैश दिया था। यादव ने ईडी को यह भी बताया कि उन्होंने फैजल पटेल के ड्राइवर को कैश दिया था और इसकी डिलिवरी चेतन संदेसरा की तरफ से अहमद पटेल के बेटे को की जानी थी।
    यादव के लिखित बयान में इसका भी जिक्र है कि चेतन संदेसरा अक्सर अहमद पटेल के घर (23, मदर क्रेसंट, नई दिल्ली) जाया करते थे और संदेसरा द्वारा इसे हेडच्ॉर्टर 23 बताया जाता था। यादव ने बताया कि सिद्दीकी को संदेसरा जे2 और फैजल पटेल को जे1 बुलाते थे। यादव का बयान प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के सेक्शन 50 के तहत रिकॉर्ड किया गया। इसे न्यायिक कार्यवाही माना गया और यह अदालत में भी सबूत के तौर पर स्वीकार्य है। 
    ईडी के अधिकारियों ने इस मामले में कुछ भी टिप्पणी करने से मना कर दिया। अहमद पटेल ने ईटी से कहा कि वह इस मामले में कुछ नहीं कहना चाहते। इरफान सिद्दीकी के ग्रेटर कैलाश-1 स्थित घर जाने पर बताया गया कि सिद्दीकी संवाददाता से खुद से बात करेंगे, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनका कोई जवाब नहीं आया था। 
    ईडी के समन के बावजूद चेतन संदेसरा अब तक जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए हैं। गगन धवन को गिरफ्तार किया जा चुका है। (इकॉनॉमिक टाईम्स)

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Posted Date : 28-Dec-2017
  • पटना, 28 दिसंबर। जब से राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव रांची के बिरसा मुंडा जेल गए हैं, उनके परिवार वालों को सबसे अधिक चिंता उनके भोजन को लेकर है। राबड़ी देवी ने उनका मनपसंद अरवा चावल, दाल, घी सबकुछ जेल में भिजवा दिया है। राबड़ी देवी द्वारा भेजा गया ये सारा समान लालू यादव को जेल में बुधवार को मिल गया है। फिलहाल रांची में पार्टी विधायक और लालू के करीबी भोला यादव वहीं ठहरे हुए हैं। चूंकि लालू को जेल की सब्जी से शिकायत थी इसलिए भोला फिलहाल हर दिन हरी सब्जी और अलग- अलग किस्म के लालू के मनपसंद साग उन्हें जेल में भिजवाते हैं।
    इससे पूर्व मुलाकातियों को संख्या बढ़ाने के लिए भोला, झारखंड राजद अध्यक्ष अनुपूर्णा देवी के साथ मुख्यमंत्री रघुबर दास से मिले भी थे लेकिन उन्होंने जेल मैन्युअल और मीडिया में हंगामा की आशंका से किसी भी तरह की मदद से इंकार कर दिया था। इसके बाद अब पार्टी नेताओं को सोमवार का इंतजार हैं क्योंकि उसी दिन लालू यादव अपने तीन समर्थकों से मिल सकते हैं लेकिन मुलाकात उन्हीं लोगों से करवाई जाएगी जिनसे लालू मिलना चाहेंगे। फिलहाल जेल में लालू यादव का खाना बनाने के लिए एक सजायाफ्ता कैदी को उनकी सेवा में दिया गया है। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 28-Dec-2017

  • कुलभूषण की मां और पत्नी
    नई दिल्ली, 28 दिसंबर। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गुरुवार को पाकिस्तान द्वारा कुलभूषण के परिवार के साथ किए गए बर्ताव पर राज्यसभा और लोकसभा में बयान दिया। उन्होंने कहा कि 25 दिसंबर को जाधव के परिवार ने पाकिस्तान में उनसे मुलाकात की थी। ये मुलाकात भारत के दवाब के बाद ही संभव हो सकी। हम जाधव के मामले को लेकर आईसीजे तक गए और अदालत ने पाकिस्तान की अदालत के फैसले पर रोक लगा रखी है। इस पर कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जाधव की सुरक्षा की चिंता हैं। उन्होंने कहा कि कुलभूषण पर झूठे आरोप लगाए गए हैं और पाक का बर्ताव काफी निंदनीय है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में जो जाधव के परिवार के साथ हुआ है वह सिर्फ उनके साथ ही नहीं बल्कि भारत के 130 करोड़ मां और बहनों के साथ हुआ है। हम सरकार के साथ चाहे कितने भी मतभेद हो लेकिन जब देश की बात आती है तो हम उसे बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।
    विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने सुरक्षा के नाम पर परिवार के कपड़े तक उतरवा दिए। जाधव की मां हमेशा साड़ी पहनी है लेकिन उन्हें पहनने को सूट दिया गया। 
    सुषमा ने जाधव की पत्नी के जूते रखवाने पर भी पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया और कहा कि एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी चेकिंग में कहीं कोई चिप नहीं दिखा लेकिन पाकिस्तान ने चिप से जासूसी के आरोप लगाए। 
    सुषमा स्वराज ने कहा कि जाधव की पत्नी के ही नहीं मां की भी बिंदी, चूडिय़ां और मंगलसूत्र उतरवाए गए थे। उन्होंने कहा कि सदन में बयान देने से पहले मैंने उनसे दोबारा पूछा था कि उन्होंने आपके साथ ऐसा किया था तो उन्होंने कहा कि उनकी भी बिंदी चूडिय़ां उतरवाई गई थी। 
    मंगलसूत्र उतराने से पहले कुलभूषण की मां ने पाकिस्तान के अधिकारियों से कहा था कि ये मेरा सुहाग का प्रतीक है और मैंने उसे कभी नहीं उतरा था लेकिन उन्होंने उनकी बात नहीं सुनी। उन्होंने बताया कि मंगलसूत्र ना देखकर कुलभूषण ने सबसे पहले उनसे पूछा था कि बाबा कैसे हैं। सुषमा ने कहा कि अपनी बात सही साबित करने के लिए पाकिस्तान जूते से शरारत कर सकता है। 
    इस शर्मनाक बर्ताव के लिए पाकिस्तान को हमने नोट भेजकर अपनी आपत्ति जताई है।
    पाकिस्तान के बर्ताव को बेहद शर्मनाक था और इस मुलाकात को पाक ने प्रोपेगेंडा बनाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कुलभूषण जाधव को सुनायी गयी मौत की सजा पर सफलतापूर्वक रोक लगवायी है। उन्होंने कहा कि जाधव दबाव में थे, पूरी तरह स्वस्थ भी नहीं थे और मीडिया से जान-बूझकर जाधव के परिवार को तंग करवाया गया। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 28-Dec-2017
  • नई दिल्ली, 28 दिसंबर। संसद में तीन तलाक बिल पेश होने से पहले भारतीय जनता पार्टी की संसदीय दल की बैठक हुई। संसद में हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह समेत सभी बीजेपी सांसदों ने भाग लिया। पीएम ने इस दौरान सांसदों को संबोधित किया, और एक नसीहत दे डाली।
    पीएम ने सांसदों को कहा कि उन्हें समय-समय पर नरेंद्र मोदी एप को देखना चाहिए और उसका इस्तेमाल करना चाहिए। पीएम ने सांसदों को उनकी शिकायत भी की। मोदी ने कहा कि वह कई बार सुबह सांसदों को गुड मॉर्निंग के मैसेज के साथ एक संदेश भेजते हैं, लेकिन कुछ सांसदों के अलावा कई तो उसे देखते तक नहीं हैं।
    ये पहली बार नहीं है कि जब पीएम मोदी ने सांसदों के रवैये के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की हो। इससे पहले भी इसी साल अगस्त में संसदीय दल की बैठक के दौरान उन्होंने सांसदों को डांटा था। उस दौरान उन्होंने कहा था कि अब अध्यक्ष राज्यसभा में आ गए हैं, आपके मौज-मस्ती के दिन बंद हो जाएंगे। 
    मोदी ने कहा कि आप लोग अपने आपको क्या समझते हैं, आप कुछ भी नहीं हैं, मैं भी कुछ नहीं हूं जो है बीजेपी एक पार्टी है।
    मोदी ने कहा कि ये 3 लाइन का व्हिप क्या है, बार-बार व्हिप क्यों देना पड़ता है। अटेंडेंस के लिए क्यों कहा जाए। जिसको जो करना है करिए, 2019 में मैं देखूंगा। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत सभी बीजेपी सांसदों ने बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में पीएम मोदी ने अमित शाह का लड्डू खिलाकर स्वागत किया।
    संसद में चल रहा गतिरोध अब थम गया है। जिसके बाद अब गुरुवार को सरकार लोकसभा में तीन तलाक पर बिल पेश कर सकती है। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी किया है। साथ ही बिल को पास कराने में सरकार को कांग्रेस का भी साथ मिल सकता है।(आज तक)

     

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Posted Date : 28-Dec-2017
  • गुजरात चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक विवादित टिप्पणी को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली के सफाई देने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तंज किया है। एक ट्वीट में अरुण जेटली का धन्यवाद करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया। राहुल गांधी ने ट्वीट में लिखा, प्रिय जेटलीजी, यह याद दिलाने के लिए आपका धन्यवाद कि हमारे प्रधानमंत्री जो कहते हैं उसका कभी वह मतलब नहीं होता या जो मतलब होता है वे वह कभी कहते नहीं हैं।
    बुधवार को संसद में अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान को लेकर सफाई दी थी जिसमें उन्होंने गुजरात चुनाव में पाकिस्तान के दखल का आरोप लगाया था। इसके लिए उन्होंने मणिशंकर अय्यर के घर पर हुई एक बैठक को सीक्रेट मीटिंग बताया था। इस बैठक में पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी के अलावा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी भी शामिल हुए थे।
    इसी मुद्दे को लेकर संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र में हंगामा मचा हुआ था। गतिरोध को खत्म करने के लिए बुधवार को अरुण जेटली ने सफाई देते हुए कहा था, गुजरात चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषणों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह या पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की देश को लेकर प्रतिबद्धता पर न तो कोई सवाल उठाया था और न ही उनकी ऐसी कोई मंशा थी। हम कांग्रेस के इन नेताओं का और भारत को लेकर इनकी प्रतिबद्धता का बहुत सम्मान करते हैं। (सत्याग्रह)

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