राजनीति

Posted Date : 12-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 12 जनवरी। हिमाचल प्रदेश में भाजपा की नवगठित सरकार ने भी उत्तर प्रदेश की तरह 'राजनीतिक फायदेÓ के लिए दर्ज मुकदमों को वापस लेने का फैसला किया है। ये मुकदमे पिछली कांग्रेस सरकार ने दर्ज करवाए थे। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता प्रेम कुमार धूमल और उनके बेटे और सांसद अनुराग ठाकुर के खिलाफ चल रहे पांच मामले भी शामिल हैं। ये मामले हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) को जमीन आवंटित करने से जुड़े हैं। इन मामलों में कांग्रेस आरोप लगाती रही है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने 2002 के दौरान नियमों को ताक पर रखकर क्रिकेट एसोसिएशन को जमीन आवंटित की थी।
    यह फैसला प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई मंत्रियों की एक बैठक में किया गया। इस फैसले के अलावा बैठक में कुछ अन्य अहम फैसले भी हुए जिनके तहत अब राज्य में शराब उद्योग का संचालन करने वाली हिमाचल प्रदेश बेवरेज लिमिटेड (एचपीबीएल) को समाप्त करने निर्णय शामिल है। एचपीबीएल ने पिछले साल से ही काम करना शुरू किया था। इस कंपनी के निर्माण का फैसला पिछली कांग्रेस सरकार ने लिया था और भाजपा के मुताबिक इस कदम के चलते शराब कारोबार में अनियमितताएं देखी जा रही थीं।
    मंत्रिमंडल की यह बैठक किसानों के लिए भी राहत की खबर लाई है। प्रदेश में बड़े स्तर पर पैदा होने वाले नींबू वंश के खट्टे फलों जैसे संतरा, कीनू, गलगल और मालटा के लिए सरकारी खरीद के नए दाम तय किए गए हैं। इनका न्यूनतम समर्थन मूल्य अब 5.50 रुपये से 7 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच तय किया गया है। (पीटीआई)

     

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Posted Date : 11-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 11 जनवरी । जम्मू-कश्मीर में सेना ऑपरेशन ऑल आउट चला रही है। इसके तहत सेना आतंकियों के सफाए में लगी है। वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार के एक विधायक ने इन आतंकियों को शहीद करार दिया है साथ ही अपना भाई भी बताया है। 
    पीडीपी विधायक एजाज अहमद मीर, ने आतंकियों को लेकर दिए बयान में कहा है कि कश्मीर के आतंकी हमारे भाई हैं और वो मर नहीं रहे बल्कि शहीद हो रहे हैं। इनमें से कुछ तो नाबालिग हैं जिन्हें यह भी नहीं पता वो क्या कर रहे हैं।
    अहमद यहीं नहीं रुके और उन्होंने आगे कहा कि हमें उनकी मौत का जश्न नहीं मनाना चाहिए, यह हमारी सामूहिक असफलता है। हमें तब भी दुख होता है जब हमारे जवान शहीद होते हैं। हमें जवानों के साथ ही आतंकियों के परिवारों के साथ भी सद्भावना रखनी चाहिए।
    जम्मू-कश्मीर में पीडीपी और भाजपा गठबंधन की सरकार है और ऐसे में विधायक के इस बयान के बाद भाजपा और केंद्र सरकार विपक्ष के निशाने पर आ सकती है। हालांकि एजाज अहमद के बयान से भाजपा ने किनारा किया है और उसे गलत करार दिया है।
    केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने पीडीपी विधायक के बयान का विरोध करते हुए कहा है कि अलगाववादी और आतंकी कश्मीर के दुश्मन हैं। खुद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती कह चुकी हैं कि कश्मीर के लोग अमन चाहते हैं। ऐसे में कोई आतंकी किसी के भाई कैसे हो सकते हैं। (एएनआई)

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Posted Date : 11-Jan-2018
  • कोलकता, 11 जनवरी । बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर यानी डी लिट की मानद डिग्री देने पर पेंच फंसा हुआ है। आज हाइकोर्ट के फैसले के बाद ही ये तय हो पाएगा कि ममता को डी लिट की मानद डिग्री दी जाएगी या नहीं? ममता बनजी को डिग्री देने के फैसले का एक पूर्व वाइस चांसलर ने विरोध किया है। उनकी दलील है कि डी-लिट की डिग्री देने की वजह साफ नहीं है। वहीं राज्य सरकार इसे राजनीति से प्रेरित बता रही है।
    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कोलकता विश्वविद्यालय से मिलने वाली डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (डिलीट) की मानद उपाधि के मामले में आज हाईकोर्ट सुनवाई करेगा। गुरुवार को ममता बनर्जी को मानद उपाधि दी जानी है। पश्चिम बंगाल विवि के पूर्व वाइस चांसलर रंजू गोपाल मुखोपाध्याय ने हाईकोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में कहा है कि बनर्जी इस डिग्री के लिए अयोग्य है और विवि ने उन्हें यह उपाधि देने का निर्णय मनमाने और उचित तर्क से रहित है।
    वहीं पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकता हाईकोर्ट में कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को डी लिट की मानद उपाधि देने के कलकत्ता विवि के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका राजनीति से प्रेरित है। कोलकता विवि कल अपने दीक्षांत समारोह में संस्थान की छात्रा रहीं ममता बनर्जी को डी लिट की उपाधि प्रदान करेगा।
    महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने हाईकोर्ट की एक पीठ के समक्ष कहा कि मानद उपाधि देने का फैसला कोलकता विवि के सीनेट और सिंडिकेट ने किया। पीठ में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे भट्टाचार्य और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी शामिल थे।
    उन्होंने कहा कि इस याचिका को जनहित याचिका नहीं मानना चाहिए और इसे खारिज कर दिया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता और विवि के पूर्व प्राध्यापक रंजूगोपाल मुखर्जी ने दावा किया कि उपाधि देने का फैसला मनमाना और अपारदर्शी है।(एनडीटीवी)

     

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Posted Date : 10-Jan-2018
  • लखनऊ, 10 जनवरी । समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने फिलहाल कांग्रेस के साथ आगे किसी गठबंधन की संभावना से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि उनकी पहली प्राथमिकता पार्टी संगठन को मजबूत करना है। एक साक्षात्कार में अखिलेश ने कहा, 2019 का चुनाव निश्चित रूप से अहम है क्योंकि उत्तर प्रदेश से निकलने वाला संदेश पूरे देश में जाएगा। इसमें (गठबंधन और सीटों पर माथापच्ची) काफी समय बर्बाद होता है और मैं किसी असमंजस में नहीं रहना चाहता।
    हालांकि अखिलेश ने कहा कि बाद में किसी सही समय पर गठबंधन के बारे में सोचा जा सकता है लेकिन इस समय उनकी प्राथमिकता पार्टी संगठन मजबूत करना है। उनके मुताबिक उनकी राजनीति का स्टाइल अलग है और समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ आने में उन्हें परहेज नहीं है।
    सपा-कांग्रेस गठबंधन ने 2017 का विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा था, लेकिन उसे करारी हार का सामना करना पड़ा। भाजपा और सहयोगी दलों में 403 में 325 सीटें जीतीं जबकि सपा 47 पर सिमट गई। उधर, कांग्रेस को बस सात सीटें मिली थीं।(पीटीआई)

     

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Posted Date : 10-Jan-2018
  • मंदसौर, 10 जनवरी। देश में 200 साल पुराने एक युद्ध की बरसी पर भड़की हिंसा की आग अभी शांत ही हुई थी कि भाजपा की एक मंत्री के महर्षि वाल्मिकी को डाकू कह देने से विवाद बढ़ गया। हालांकि जल्द ही यह मामला शांत भी हो गया।
    घटना मध्यप्रदेश की है, जहां मंदसौर में राज्य की महिला और बाल कल्याण मंत्री अर्चना चिटनिस ने एक कार्यक्रम के दौरान रामायण के रचनाकार महर्षि वाल्मिकी को डाकू कह दिया। उनके द्वारा वाल्मिकी को डाकू कहे जाने से वाल्मिकी समुदाय के लोग भड़क गए और उन्होंने वहां हंगामा खड़ा कर दिया।
    चिटनिस के भाषण के दौरान ही वहां विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू हो गई, जिसके बाद उन्होंने खुद माफी मांग कर हंगामे को शांत कराने की कोशिश की।
    चिटनिस संजय गांधी उद्यान में अखिल भारतीय वाल्मिकी समुदाय के एक अधिवेशन में हिस्सा ले रही थीं। चिटनिस के भाषण के दौरान ही वाल्मिकी समुदाय के लोग उनका विरोध करने लगे और उनकी ओर से वाल्मिकी को डकैत कहे जान को अपमान के तौर पर लिया।
    इस भाषण से वाल्मिकी समुदाय के लोग काफी उग्र हो गए और उन्हें बड़ी मुश्किल से शांत कराया जा सका। पूरे प्रकरण पर मंत्री चिटनीस ने सफाई दी और कहा, मैं तो केवल उस इतिहास को दुरुस्त करने की बात कर रही थी जो ब्रिटिश काल में लिखा गया था। मैं तो वाल्मीकिजी की महानता और एकता के बारे में बता रही थी, लेकिन अगर मेरे एक घंटे के भाषण के दौरान शब्दों से किसी को ठेस पहुंची हो तो इसके लिए माफी मांगती हूं। (आज तक)

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Posted Date : 09-Jan-2018
  • कोलकता, 9 जनवरी । बंगाल के नोआपाड़ा विधानसभा उपचुनाव से पहले बीजेपी की पं.बंगाल इकाई को जबरदस्त झटका लगा है। बीजेपी की प्रत्याशी तृणमूल कांग्रेस की पूर्व विधायक मंजू बसु ने उसका पाला छोड़ कर तृणमूल का दामन थाम लिया है।
    बीजेपी के केन्द्रीय नेतृत्व ने सोमवार शाम उपचुनाव के लिए पार्टी के प्रत्याशी के रूप में मंजू बसु के नाम की घोषणा की थी। इसके कुछ घंटों के बाद, मंजू ने बताया कि वह अभी भी तृणमूल कांग्रेस के साथ हैं। मंजू ने कहा, मैं तृणमूल सुप्रिमो ममता बनर्जी की एक वफादार सिपाही हूं। मैं अभी भी तृणमूल के साथ हूं और ममता बनर्जी में मेरा पूरा विश्वास है। बीजेपी के सूत्रों ने बताया कि मंजू ने पार्टी के टोल-फ्री नंबर पर सदस्यता के लिए मिस्ड कॉल किया था। उनके पार्टी से जुडऩे के बारे में कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की गयी थी।
    तृणमूल के टिकट पर नोआपाड़ा से दो बार विधायक रही मंजू ने मामले पर ज्यादा कुछ नहीं कहा। बस इतना बताया कि भाजपा के प्रस्ताव को खारिज करने का यह उनका निजी निर्णय है।
    उन्होंने कहा, आपको कई राजनीतिक दलों से प्रस्ताव मिल सकते हैं, लेकिन इसे स्वीकार करने या नहीं करने का फैसला आपका व्यक्तिगत होता है। कुछ महीनों पहले कांग्रेसी विधायक मधुसूदन घोष के निधन के चलते नोआपाड़ा विधानसभा सीट खाली हुयी थी। यहां उपचुनाव 29 जनवरी को होने वाला है और मतगणना एक फरवरी को होगी।  (भाषा)

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Posted Date : 09-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 9 जनवरी । दलित नेता और गुजरात से पहली बार विधायक बने जिग्नेश मेवाणी मंगलवार को संसद मार्ग से पीएम निवास तक युवा हुंकार रैली करने वाले हैं। हालांकि 26 जनवरी की सुरक्षा के मद्देनजर रैली की इजाजत नहीं मिली है। पार्लियामेंट स्ट्रीट पर दिल्ली पुलिस ने भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। पार्लियामेंट स्ट्रीट पर दिल्ली पुलिस ने भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया।
    जिग्नेश मेवाणी ने भी ट्वीट कर बीजेपी को चुनौती दी है। जिग्नेश ने लिखा है कि बांध ले बिस्तर बीजेपी, राज अब जाने को है, जुल्म काफी कर चुके, पब्लिक बिगड़ जाने को है।
    नई दिल्ली के डीसीपी ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि रैली के आयोजकों को लगातार किसी और जगह पर जाने का सुझाव दिया जा रहा है, लेकिन वो मान नहीं रहे हैं।
    इस रैली में मेवाणी के साथ आरटीआई एक्टिविस्ट अखिल गोगोई भी शामिल होने वाले हैं। रैली से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि 2 जनवरी को इस रैली के ऐलान के बाद से ही इसे रोकने की कोशिश की जा रही है। इस रैली का ऐलान करते हुए जिग्नेश ने कहा था कि हम पीएम नरेंद्र मोदी से मिलने जाएंगे। 
    उन्होंने कहा था कि हमारे एक हाथ में संविधान होगा और दूसरे हाथ में मनु स्मृति। मेवाणी ने कहा था कि ये रैली सामाजिक न्याय के लिए है। भीमा कोरेगांव लड़ाई की सालगिरह पर हुई हिंसा के मामले में जिग्नेश मेवाणी और उमर खालिद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसके बाद जिग्नेश मेवाणी ने बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा था। 'सामाजिक न्यायÓ रैली या 'युवा हुंकार रैलीÓ की योजना तैयार की गयी थी जिसे मेवाणी और असम के किसान नेता अखिल गोगोई को संबोधित करना है।
    एनजीटी ने पिछले साल पांच अक्टूबर को अधिकारियों को जंतर मंतर रोड पर धरना, प्रदर्शन, लोगों के जमा होने, भाषण देने और लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल संबंधी गतिविधियां तत्काल रोकने का आदेश दिया था। आयोजकों में से एक और जेएनयू के छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष मोहित कुमार पांडेय ने कहा कि इस कार्यक्रम को रोकने के लिए बहुत प्रयास किए जा रहे हैं और यहां तक कि कुछ मीडिया घराने गलत सूचना भी फैला रहे हैं कि रैली के लिए इजाजत नहीं दी गई है।
    पांडेय ने बताया कि दो जनवरी को रैली की घोषणा किए जाने के बाद से कि मेवाणी को एक देशद्रोही और शहरी नक्सली बताने वाले पोस्टरों पर बहुत सारा पैसा खर्च किया गया है। उन्होंने कहा कि रैली पूर्व निर्धारित समय पर ही होगी।(एनडीटीवी)

     

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Posted Date : 09-Jan-2018
  • जयपुर, 9 जनवरी। राजस्थान में हो इतिहास को लेकर हो रही बहस के बीच सरकार विज्ञान के सिलेबस को बदलने की तैयारी कर रही है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने इतिहास के बाद विज्ञान के फैक्ट्स बदलने को कहा है। उन्होंने कहा है कि हमें दुनिया को यह बताना चाहिए कि गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत न्यूटन ने नहीं दिया था, जबकि ब्रह्मगुप्त द्वितीय ने दिया था।
    देवनानी के अनुसार गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत न्यूटन का नहीं था। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के कार्यक्रम में कहा कि हमें बचपन से पढ़ाया जा रहा है कि गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत न्यूटन ने दिया था जबकि वास्तविकता यह है की न्यूटन से 1000 साल पहले ही भारत में ब्रह्मगुप्त द्वितीय ने सिद्धांत दे दिया था। क्यों नहीं इस बात को हमें बच्चों को सिलेबस में पढ़ाना चाहिए।
    देवनानी का मानना है कि अंग्रेजों के बताए विज्ञान और इतिहास में भारत में हुए खोज और शोध को जगह नहीं दी गई है जिसे अब दी जानी चाहिए। शिक्षा मंत्री का ये भी कहना है कि राजस्थान में कोई कन्हैया पैदा नहीं हो, इस बात का विश्वविद्यालय पूरा ध्यान रखें। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की तरह राजस्थान के विश्वविद्यालयों में कोई कन्हैया नहीं पैदा होने दें। बच्चों में संस्कारों के शिक्षा खत्म हो रही है इसलिए शिक्षा के साथ-साथ छात्रों में संस्कारों का भी संचार होना चाहिए।
    इससे पहले फिल्म पद्मावत को लेकर भी राजस्थान बोर्ड की किताबों में इतिहास बदलने की बात कही गई है। किताबों में छपे चितौडग़ढ़ के इतिहास में भी सरकार परिवर्तन कर सकती है। वहीं केंद्र सरकार की ओर से भी इतिहास में बदलाव की बातें सामने आई है। (आज तक)

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Posted Date : 09-Jan-2018
  • बांदा, 9 जनवरी। पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता और विधायक मुख्तार अंसारी को जेल में दिल का दौरा पड़ गया। इस दौरान उनसे मुलाकात करने आई उनकी पत्नी को भी हार्ट अटैक आ गया। दोनों को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    जानकारी के मुताबिक यूपी के बाहुबली नेता और विधायक मुख्तार अंसारी बांदा जेल में बंद हैं। मंगलवार की सुबह उनकी पत्नी उनसे मिलने जेल आईं थी। बताया जा रहा है कि उसी दौरान मुख्तार अंसारी को पड़ा दिल का दौरा पड़ गया।
    पति की ऐसी हालत देखकर उनकी पत्नी को भी हार्ट अटैक आ गया। दोनों की गंभीर हालत देखकर जेल अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। फौरन दोनों को जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। जहां दोनों की हालत स्थिर बनी हुई है।
    जैसे यह खबर बाहर बाई तो अस्पताल में उनके समर्थकों का जमावड़ा लग गया। जिले के तमाम आला अधिकारी भी अस्पताल पहुंच गए। सूत्रों के मुताबिक अब अंसारी दंपत्ति को लखनऊ रैफर किए जाने की तैयारी हो रही है। (आज तक)

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Posted Date : 08-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 8 जनवरी । राज्यसभा के लिए आम आदमी पार्टी की तरफ से अपनी उम्मीदवारी पर सवालों पर रहे एनडी गुप्ता को लेकर चुनाव आयोग से राहत मिली है। चुनाव आयोग के रिटर्निंग ऑफिसर ने कांग्रेस की शिकायत खारिज कर दी है। इससे एनडी गुप्ता को राज्यसभा सदस्य बनने का रास्ता साफ हो गया है। 
    चुनाव आयोग के फैसले के बाद एनडी गुप्ता ने कहा कि मेरे लिए अजय माकन ने अपशब्द कहे और उनको ऐसा नहीं कहना चाहिए था। वहीं संजय सिंह ने कहा कि बेबुनियद शिकायत अजय माकन की ओर से की गई। एनडी गुप्ता किसी भी लाभ के पद पर नहीं थे और यह सब कुछ सस्ती लोकप्रियता के लिए किया गया। इस शिकायत से साबित होता है कि कांग्रेस मानसिक दिवालियापन से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि कुमार विश्वास से कोई भी बातचीत मीडिया के माध्यम से नहीं की जाएगी हम उनसे बात करेंगे।
    दरअसल कांग्रेस नेता अजय माकन की तरफ से लगाए गए आरोपों के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने दो मुद्दों पर एनडी गुप्ता से सफाई मांगी थी। वहीं इस मामले पर संजय सिंह ने कहा था कि सस्ती लोकप्रियता के लिए अजय माकन ने आप उम्मीदवार एनडी गुप्ता के खिलाफ शिकायत की है। उनके आरोपों में दम नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग को अपना जवाब दे दिया है। जल्द ही सकारात्मक परिणाम आएगा।
    गुप्ता से चुनाव आयोग ने ये पूछा था कि क्या वो नेशनल पेंशन सिस्टम ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं, जो कि लाभ का पद है। इसके अलावा उनसे ये भी पूछा गया था कि नेशनल पेंशन सिस्टम ट्रस्ट की ऑडिट कमेटी के चेयरमैन है जिनका कुल फंड करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये है।
    एनडी गुप्ता से आयोग ने पूछे थे ये सवाल 
    1. एन डी गुप्ता नेशनल पेंशन सिस्टम ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं जो कि लाभ का पद है।
    2. एन डी गुप्ता नेशनल पेंशन सिस्टम ट्रस्ट की ऑडिट कमिटी के चेयरमैन हैं जिसका कुल फण्ड करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये हैं।
    एन डी गुप्ता ने दिए थे ये जवाब 1. एनपीएस के ट्रस्टी का पद लाभ का पद नहीं 2. इस पद से 29 दिसंबर को दिया इस्तीफा 3. ऑडिट कमेटी के चेयरमैन का पद ट्रस्टी के नाते था,जब उस पद से इस्तीफा ही दे दिया तो इस पद का मतलब ही नहीं। (एनडीटीवी)

     

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Posted Date : 07-Jan-2018
  • लखनऊ, 7 जनवरी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से शनिवार को ईवीएम के मुद्दे पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता गौरव माहेश्वरी ने कहा कि चुनावों के दौरान ईवीएम में धांधली के कई सबूत पाए गए हैं। ऐसी धांधली लोकतंत्र खत्म करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के भिंड-मुरैना में मशीन में गड़बड़ी हुई, जिसमें पाया गया कि ईवीएम का कोई भी बटन दबाने पर वोट भाजपा को ही जा रहा था। वह वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुआ था।
    माहेश्वरी ने कहा कि आप के प्रदेश प्रभारी संजय सिंह बार-बार यह प्रश्न उठाते रहे हैं कि हर बार ईवीएम में गड़बड़ी होने की स्थिति में वोट सिर्फ भाजपा को ही क्यों जाता है, किसी दूसरी पार्टी को क्यों नहीं जाता? उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को लगता है कि उसे जनसमर्थन हासिल है, तो इतने विवाद के बाद बैलेट से चुनाव कराने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाती है। 
    माहेश्वरी ने चुनाव आयोग के हैकेथान पर कहा कि चुनाव आयोग ने बेमन से हैकेथान करवाया, जिसमें यह कहा गया कि मशीन को बिना छूए उसे हैक करके दिखाया जाए, जो एक हास्यास्पद कथन है। उन्होंने कहा कि आप के दिल्ली विधायक और इंजीनियर सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली विधानसभा में लाइव डेमो दिखाकर ईवीएम को हैक करके पहले ही दिखा दिया है। आयोग और भाजपा चाहे कितनी भी सफाई दे, ईवीएम को लोग अब संदिग्ध नजर से देखने लगे हैं। ईवीएम से चुनाव कराने का कोई मायने नहीं रह गया है। बैठक में सभी दलों ने बैलेट के माध्यम से चुनाव होने के पक्ष पर अपनी सहमति जताई। सारे दलों ने इस मुद्दे पर जल्द एक और सर्वदलीय बैठक कर आगे की रणनीति तैयार करने पर अपनी सहमति दी। सर्वदलीय बैठक में आप की ओर से आप नेता गौरव माहेश्वरी और नीरज श्रीवास्तव शामिल हुए।(आईएएनएस)

     

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Posted Date : 07-Jan-2018
  • पटना, 7 जनवरी । चारा घोटाले में साढ़े तीन साल की सजा पाए लालू यादव को माली का काम करना होगा। रांची की बिरसा मुंडा जेल में लालू एक कैदी के रूप में जो काम करेंगे उन्हें उसका पैसा भी मिलेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लालू इस काम के एवज में रोजाना 93 रुपये कमाएंगे। 
    लालू को हजारीबाग की ओपन जेल में शिफ्ट किया जाएगा। लालू के लिए सजा का ऐलान होने के बाद उनकी जमानत के लिए आरजेडी ने हाई कोर्ट जाने का ऐलान किया है। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने लालू को अगर तीन साल की सजा दी होती तो उन्हें विशेष अदालत से ही जमानत मिल सकती थी। सजा 3 साल से अधिक होने की वजह से लालू के सामने अब हाई कोर्ट जाने का ही रास्ता बचता है। 
    चारा घोटाले में सजा का ऐलान होने के बाद लालू ने ट्विटर का सहारा लेकर मोदी सरकार पर हमला भी बोला। लालू के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक खत पोस्ट किया गया। इस पत्र में लालू ने लिखा है कि मैंने तानाशाही सत्ता का साथ नहीं दिया 
    इसलिए मेरे पीछे जहरीली ताकतों को लगाया गया और मुझे सजा भुगतनी पड़ी। 
    बिहार के पूर्व सीएम और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले में दूसरी बार आपराधिक षड्यंत्र एवं भ्रष्टाचार की धाराओं के तहत सजा सुनाई गई है। इससे पहले चारा घोटाले के ही चाईबासा कोषागार से जुड़े एक मामले में उन्हें तीन अक्टूबर, 2013 को भी इन्हीं धाराओं के तहत पांच वर्ष के सश्रम कारावास एवं 25 लाख जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। 
    शनिवार को विशेष सीबीआई अदालत ने देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये के गबन के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 420, 467, 471एवं 477ए के तहत लालू को 3.5 साल कैद एवं पांच लाख जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (2), धारा 13 (1) सी एवं डी के आधार पर दोषी करार देते हुए भी अलग से साढ़े तीन वर्ष कैद एवं पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने बाद में स्पष्ट किया कि लालू की दोनों सजायें एक साथ चलेंगी। 
    बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अपने पिता लालू की सजा के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करने की बात कही है। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्र में सत्तासीन बीजेपी पर साजिश करने और केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करके लालू को फंसाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मकर संक्रांति के बाद जनता के बीच जाकर सारी बातों को रखेंगे और जनजागृति कार्यक्रम और जनसभा करेंगे तेजस्वी ने कहा कि दुख इस बात का है कि जनता ने जिनको चुना आज वे कारागार में हैं और जिनको नहीं चुना वे चोर दरवाजे से सरकार में बैठे हैं। 
    लालू के खिलाफ सजा का ऐलान होने के बावजूद कांग्रेस और आरजेडी का गठबंधन बना रहेगा। बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी अध्यक्ष काकब कादरी ने कहा कि इस फैसले का असर गठबंधन पर नहीं पड़ेगा। कादरी ने कहा कि उनकी पार्टी न्याय प्रक्रिया का सम्मान करती है। अदालत के इस फैसले का धर्म निरपेक्ष और सामाजिक न्याय वाली शक्तियों पर असर नहीं पड़ेगा। (नवभारत टाईम्स)

     

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Posted Date : 07-Jan-2018
  • मुंबई, 7 जनवरी । पुणे पुलिस द्वारा जिग्नेश मेवाणी के खिलाफ 'भड़काऊ भाषणÓ के लिए मामला दर्ज होने के बीच, केन्द्रीय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि एक जनवरी को पुणे जिले के भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा के लिए गुजरात का यह विधायक जिम्मेदार नहीं है।
    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलने के बाद अठावले ने कहा कि एक जनवरी को भीमा कोरेगांव के युद्ध के 200 साल पूरे होने से पहले भी इस क्षेत्र में तनाव था।
    एक जनवरी को भीमा कोरेगांव में युद्ध स्मारक में आने वाले दलितों पर हमला हुआ। दलित नेताओं ने हमलों के लिए कुछ खास हिन्दुत्ववादी नेताओं को जिम्मेदार ठहराया था जबकि इन नेताओं ने एक दिन पहले दिये गये गुजरात से नए-नए विधायक बने जिग्नेश मेवाणी के 'भड़काऊ भाषणÓ को जिम्मेदार ठहराया।
    केन्द्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री ने कहा, जिग्नेश भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार नहीं है। क्षेत्र में एक जनवरी से पहले भी तनाव था। मैंने इलाके का दौरा किया था और तनाव कम हुआ था। इसलिए मैं 31 दिसंबर को दिल्ली वापस चला गया था। इसी दिन, जिग्नेश ने पुणे के शनिवार वाडा में अपना भाषण दिया था। वह भीमा कोरेगांव नहीं गये थे। कुछ संगठनों ने रात में बैठक की थी और एक जनवरी को हिंसा हुई थी।(एबीपी न्यूज/एजेंसी)

     

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Posted Date : 07-Jan-2018
  • लखनऊ, 7 जनवरी। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की अगुवाई में राज्य पर भगवा रंग चढ़ाया जा रहा है। स्कूल और बसों के बाद अब योगी सरकार ने लखनऊ स्थित हज कमेटी दफ्तर की बाउंड्री वॉल को भगवा रंग में रंग दिया था। हालांकि विवाद बढऩे पर योगी सरकार को अपने कदम पीछे खिंचने पड़े। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे लेकर शनिवार को सफाई पेश की।
    हज कमेटी दफ्तर की बाउंड्री वॉल को भगवा रंग से रंगे जाने के बाद सरकार की तरफ से सफाई दी गई। योगी सरकार ने सफाई पेश करते हुए कहा कि पुताई करने में ज्यादा गहरे रंग का इस्तेमाल हुआ इसे ठीक किया जा रहा है।
    इसके बाद हज कमेटी दफ्तर की बाउंड्री वॉल को फिर से सफेद रंग से पुताई की गई। आपको बता दें कि शुक्रवार को हज कमेटी दफ्तर की बाउंड्री वाल को भगवा रंग में रंगे जाने पर विवाद बढ़ा था। इससे पहले दीवारें सफेद और हल्की हरे रंग में थीं, लेकिन इसकी दीवारों पर गेरुआ रंग चढ़ा दिया गया था।
    योगी सरकार के इस कदम पर राजनीति शुरू हो गई थी। विपक्षी नेताओं और उलेमाओं ने इस कदम का धुर-विरोध किया था। उनका कहना है कि सरकार इस मामले में भी मजहबी जज्बात कुरेदने में जुटी है। आपको बता दें कि इससे पहले भी उत्तरप्रदेश में काफी जगह इस प्रकार का प्रयोग हो चुका है।
    वहीं खबर है कि अब योगी सरकार में पुलिस थाने भी भगवा रंग रंगे जाने लगे हैं। लखनऊ के कोतवाली कैसरबाग में भगवाकरण का काम शुरू हुआ है। बिजनौर और आजमगढ़ जिले के बाद राजधानी लखनऊ में भी थाने का भगवाकरण शुरू हुआ है।  (आज तक)

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Posted Date : 07-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 7 जनवरी। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद को चारा घोटाला मामले में साढ़े तीन साल की सजा और पांच लाख रुपये जुर्माना लगाए जाने के बाद उन्होंने एक ट्वीट करके बीजेपी पर निशाना साधा। लालू ने ट्वीट किया कि बीजेपी के नियम- हमारे साथ रहो वरना हम तुम्हें ठिकाने लगाने देंगे, को अपनाने से बेहतर हैं कि मैं सामाजिक न्याय, एकता और बराबरी के लिए जान दे दूंगा।
    उनके बेटे तेजस्वी यादव ने सजा सुनाए जाने के वक्त ही लालू प्रसाद की लिखी एक चिट्टी जारी की है। तेजस्वी यादव ने लिखा कि ये चि_ी उनके पिता लालू प्रसाद ने बिहार की जनता के नाम लिखी है। चि_ी में लालू प्रसाद के हवाले से लिखा गया है कि आप सबों के नाम ये पत्र लिख रहा हूं और याद कर रहा हूं अन्याय और गैर बराबरी के खिलाफ अपने सफर को... सोच रहा हूं अपने दलित पिछले और अत्यंत पिछड़े जनों के बाकी बचे अधिकारों की लड़ाई को।
    चि_ी में लालू ने लिखा कि इतिहास गवाह है कि मनुवादी सामंतवाद की शक्तियां कहां-कहां और कैसे सक्रिय होकर न्याय के नाम पर अन्याय करती आई हैं। शुरू से ही इन शक्तियों को हजम नहीं हुआ कि एक पिछड़े गरीब घर का बेटा दुनिया को रास्ता दिखाने वाले बिहार जैसे राज्य का मुख्यमंत्री बने। यही जननायक कर्पूरी ठाकुर के साथ हुआ।
     ट्विटर पोस्ट यादव तेजस्वी आप सबों के नाम पिताजी का खुला पत्र। आपको पढऩे और औरों को पढ़ाने के लिए कहा है। 
    लालू प्रसाद की चि_ी में जेपी आंदोलन, समाज में उस वक्त फैले ऊंच-नीच और उनके जेल जाने तक का विस्तार से जिक्र किया गया है। वो लिखते हैं कि लालू का रास्ता सच के लिए संघर्ष का रास्ता है। इसलिए जनता ही जनार्दन है और उसकी बेहतर जिंदगी ही मेरे जीवन का ध्येय है ना कि कुर्सी। यही वजह है कि आडवाणी का रथ रोकते हुए मैंने सत्ता नहीं देखी थी। मेरे जमीर ने कहा कि ये रथ बिहार के भाईचारे को कुचलता है तो रोक दिया रथ।
    चि_ी में लालू ने आरोप लगाए कि किस तरह उन्हें सीबीआई का डर दिखाया गया, उनके बेटों के खिलाफ केस किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार से समर्थन प्राप्त कई संस्थान उनके पीछे लगाए गए और झूठी कहानियां बनाकर दुश्मनी निकाल रहे हैं।
    चि_ी में आगे लिखा है कि मैं किसी से डरकर नहीं, डटकर लड़ाई लड़ता हूं। मैं आंख में आंख नहीं जरूरत पडऩे पर आंखों में उंगली डालकर भी बात करना जानता हूं।
    उन्होंने चि_ी में लिखा, लालू आज भी जमीन पर गरीब के बीच रहता है और देखता है कि किस तरह लोगों को सताया जा रहा है। इन लोगों की परेशानी मुझे चैन से सोने नहीं देती। लालू प्रसाद और उनकी पार्टी की ओर से लगाए जा रहे पक्षपात और दबाव के आरोपों पर बिहार बीजेपी के नेता सुशील मोदी ने ट्वीट किया कि हमने लालू पर जो आरोप लगाए थे सच साबित हुए। सजा तो सजा होती है चाहे साढ़े तीन साल हो या सात साल।
    दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि जब लालू पर चारा घोटाला मामले में केस चल रहा था तब एआर किदवई और देव गौड़ा बीजेपी के लोग नहीं थे। हाईकोर्ट इस मामले को मॉनिटर कर रहा था। लालू अपने शासन काल के दौरान जेल गए। इसमें पक्षपात कहां से आ गया? बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि बिहार की जनता को न्याय मिला है। ये बिहार की जनता पैसा था। कानून से बड़ा कोई नहीं है। (बीबीसी)

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Posted Date : 06-Jan-2018
  • नई दिल्ली, 6 जनवरी । आम आदमी पार्टी (आप) के बागी नेता कुमार विश्वास ने पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष गोपाल राय पर पलटवार करते हुए चेताया कि उन्हें उकसाया नहीं जाए। गोपाल राय ने विश्वास पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनावों के बाद अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार गिराने की साजिशों के 'केंद्रÓ में होने का आरोप लगाया था। विश्वास ने राय के आरोप खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने जो भी आरोप लगाए, उससे तो पार्टी ने पल्ला झाड़ लिया।
    कवि और नेता विश्वास ने अपने खिलाफ साजिश करने वालों पर कटाक्ष करते हुए उनकी तुलना सुपरहिट फिल्म 'बाहुबलीÓ की अहम किरदार शिवगामी देवी से की। उन्होंने पत्रकारों को बताया, राय सात महीने की अपनी कुंभकरणी नींद से जागे हैं। पार्टी ने भी उनके आरोपों से पल्ला झाड़ लिया है। दरअसल, इस माहिष्मति की शिवगामी देवी कोई और है। विश्वास ने कहा कि उन्होंने बाबरपुर विधानसभा सीट पर राय के लिए प्रचार किया था और उन्हें जीतने में मदद की थी।
    उन्होंने कहा कि राय अब 'आपÓ के राज्यसभा उम्मीदवार सुशील गुप्ता को अपने चुनाव क्षेत्र में ले जा सकते हैं। विश्वास ने राय का मजाक उड़ाते हुए कहा कि गुप्ता की मदद से तो वह प्रधानमंत्री भी बन सकते हैं। उन्होंने कहा, असल में किम जोंग-उन हर किसी को मुश्किल में डाल रहा है। वह (राय) संयुक्त राष्ट्र के महासचिव भी बन सकते हैं। उन्होंने अब कई चीजें पा ली हैं और उन्हें उनका आनंद लेना चाहिए।
    कवि विश्वास ने अपनी बातों में कटप्पा, माहिष्मति, शिवगामी देवी और किम जोंग का जिक्र किया है। लेकिन इन उपमाओं के जरिए वह किस पर हमला करने की कोशिश कर रहे थे? क्या वह केजरीवाल को तानाशाह बता रहे थे? सोशल मीडिया में इसको लेकर कई तरीके की बातें की जा रही हैं। ट्विटर से लेकर फेसबुक तक पर लोग इस पर चर्चा कर रहे हैं।
    पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपाल राय का दावा है कि कुमार विश्वास और आप से निलंबित कपिल मिश्रा केजरीवाल की सरकार गिराने का षड्यंत्र रच रहे थे और उनकी 'नकारात्मक सोचÓ आप के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती थी। गोपाल राय ने कहा कि कुमार विश्वास ने दिल्ली में तख्तापलट की कोशिश की थी। अब तक पार्टी चुप थी क्योंकि उन्होंने ऐसा ना होने का वादा किया था, लेकिन अब राज्यसभा टिकट न मिलने का बाद माहौल ऐसा बनाया जा रहा है जैसे पार्टी ही गुनहगार हो। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी ने कुमार को कोई सजा नहीं दी बल्कि केवल राज्यसभा का टिकट नहीं दिया, क्योंकि उनकी नकारात्मक सोच पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती थी।
    दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने आम आदमी पार्टी को 'भाजपा की बी टीमÓ करार दिया और दावा किया कि एनडी गुप्ता को एक केंद्रीय मंत्री से उनकी 'नजदीकियोंÓ की वजह से पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिये अपने तीन प्रत्याशियों में से एक के तौर पर नामित किया। माकन ने आरोप लगाया कि 'आपÓ भाजपा के समर्थन से एन डी गुप्ता को राज्यसभा भेज रही है। उन्होंने कहा, 'गुप्ता का एक केंद्रीय मंत्री के साथ वर्षों पुराना संबंध है। मोदी और केजरीवाल के बीच मैच फिक्सिंग है। इसलिये, आप नेताओं के खिलाफ विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों द्वारा दायर मामलों में कुछ भी अपेक्षा नहीं करें। उन्होंने आरोप लगाया, आप, भाजपा की बी टीम है।
    आप ने हाल ही में दिल्ली की तीन राज्यसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की थी और पार्टी के नेता और कवि कुमार विश्वास का पत्ता काट दिया था। पहली बार राज्यसभा में एंट्री करने जा रही आप ने संजय सिंह, एनडी गुप्ता और सुशील गुप्ता को अपना उम्मीदवार बनाया था, जिसे लेकर राजनीतिक क्षेत्र में काफी आलोचना हुई थी और टिकट में मोटी रकम के लेन-देन के आरोप लगाए गए थे। (एजेंसी/एबीपी न्यूज)

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Posted Date : 06-Jan-2018
  • पटना/ रांची, 6 जनवरी । चारा घोटाले और देवघर कोषागार से 89.27 लाख की अवैध निकासी में दोषी आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव की सजा पर सस्पेंस आज खत्म हो सकता है, 23 दिसंबर को दोषी ठहराए गए लालू और अन्य दोषियों की सजा का ऐलान 3 जनवरी को होना था, लेकिन अल्फाबेट के चक्कर में लालू की सजा पर सस्पेंस अब भी बरकरार है। जज इस मामले के 16 दोषियों को ए, बी, सी, डी...के क्रम में सजा सुना रहे हैं। इस तरह लालू व अन्य दोषियों की सजा का ऐलान आज हो सकता है। अगर आज भी लालू की सजा का ऐलान नहीं होता है, तो इसके लिए सोमवार तक का इंतजार करना पड़ेगा।
    उधर, लालू की सजा को लेकर आरजेडी में हलचल तेज है। लालू को सजा हुई और उन्हें ज्यादा वक्त जेल में बिताना पड़ा तो पार्टी की रणनीति क्या होगी, इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है। बिहार की पूर्व सीएम और लालू की पत्नी राबड़ी यादव आज दोपहर अपने आवास पर पार्टी की भावी रणनीति तैयार करने के लिए बैठक करेंगी। 
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राबड़ी देवी के घर पर होने वाली बैठक में परिवार के साथ कुछ और करीबी नेता हिस्सा लेंगे। लालू के दोनों बेटे तेजप्रताप यादव और तेजस्वी यादव भी बैठक में होंगे। बता दें कि महागठबंधन की सरकार में लालू के दोनों बेटे मंत्री थे। राज्य सभा सांसद और लालू की सबसे बड़ी बेटी मीसा यादव भी पार्टी की भावी रणनीति पर चर्चा करेंगी। बैठक में शामिल होने के लिए पार्टी के सभी सांसदों, विधायकों, जिलाध्यक्षों, प्रखंड अध्यक्षों और बड़े पदाधिकारियों को बुलाया गया है। जगदानंद सिंह, शिवानंद तिवारी, रामचंद्र पूर्व, तनवीर हसन, अब्दुल गफूर और निरंजन कुशवाहा जैसे तमाम नेता तो शुक्रवार से ही राबड़ी देवी के आवास पर डटे हुए हैं। रघुवंश प्रसाद सिंह लालू यादव के समर्थन में पिछले 4 दिनों से रांची में हैं, लेकिन बैठक में शामिल होने के लिए वह भी पटना लौट रहे हैं। 
    आय से अधिक संपत्ति, मनी लॉन्ड्रिंग और पद के दुरुपयोग के मामले इस वक्त लालू के परिवार के सदस्यों पर चल रहे हैं। बेटी मीसा भारती पर प्रवर्तन निदेशालय ने चार्जशीट भी फाइल की है। लालू के दोनों बेटों पर आय से अधिक संपत्ति और पद के दुरुपयोग के केस दर्ज हैं। चारों तरफ से मुश्किल में घिरी पार्टी के लिए बाहर निकलने का रास्ता अब उतना आसान नहीं रहा। 
    चारा घोटाला केस में आरके राणा, जगदीश शर्मा और तीन पूर्व आईएएस अधिकारियों समेत 16 दोषियों की सजा पर फैसला शुक्रवार को फिर टल गया। अब न्यायाधीश शनिवार को दोपहर 2 बजे फैसला सुनाएंगे। शुक्रवार को सीबीआई अदालत में सजा पर बहस पूरी हो गई। न्यायाधीश सभी दोषियों को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सजा सुनाएंगे। इससे पहले, लालू प्रसाद यादव ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर कम सजा देने की गुहार लगाई। 
    लालू प्रसाद यादव पिछले 3 दशकों से बिहार की सियासत की धुरी बने हुए हैं। इस दौरान सूबे की राजनीति उनके इर्द-गिर्द ही घूमती रही है। यही वजह है कि उनकी सजा पर सिर्फ उनकी पार्टी की ही नजर नहीं है। कांग्रेस जैसी सहयोगी पार्टियां भी इस पर नजर रखी हुई हैं तो बीजेपी-जेडीयू जैसे विरोधी दल भी। सियासी नफा-नुकसान के आकलन के लिए बीजेपी ने रविवार को कोर ग्रुप की बैठक बुलाई है तो कांग्रेस भी लाभ-हानि के गुणा-भाग में जुटी हुई है।(नवभारत टाईम्स)

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Posted Date : 05-Jan-2018
  • पटना, 5 जनवरी । चारा घोटाले में दोषी करार दिये गये लालू यादव की सजा के एलान से पहले बिहार में एक नई बहस छिड़ गयी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गुरुवार को कोर्ट रूम में लालू से कहा कि आपके लोगों का फोन भी आ रहा है, लेकिन मैं फैसला विधि सम्मत ही लूंगा। बात सामने आने के बाद राजद नेताओं ने बयान देना शुरू कर दिया है। रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि यह साजिश भाजपा के लोग कर सकते हैं, वह लोग ऐसा सोच रहे हैं और लालू को कड़ी सजा मिले, इसका प्लान कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि जज साहब गुस्से में आकर कड़ी सजा दे दें।
    वहीं, दूसरी ओर शुक्रवार सुबह राजद नेता शिवानंद तिवारी राबड़ी देवी से मिलने के लिए उनके आवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए एक बार फिर जज पर सवाल उठाया। उन्होंने जज को फोन कर प्रभावित करने की बात का खंडन किया। उन्होंने कहा राजद के किसी नेता ने फोन नहीं किया, अगर किसी ने फोन किया था तो जज मौन क्यों हैं, जज को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जज को तुरंत मामले पर संज्ञान लेना चाहिए था। उन्होंने न्यायपालिका के तरीके पर फिर सवाल उठाते हुए कहा कि जज कोई महामानव नहीं होता।
    शिवानंद तिवारी ने मीडिया से बातचीत में मधु कोड़ा के मामले का हवाला दिया। शिवानंद ने कहा कि आशा है सजा कम मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब कोड़ा को जमानत मिल सकती है फिर लालू को क्यों नहीं? इससे पूर्व, गुरुवार को सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद ने जज से गुहार लगायी थी और कहा था कि बहुत लोग इधर-उधर से आप से बात करते होंगे। लालू के परिजनों को उम्मीद है कि फैसला उनके पक्ष में आएगा। उनके चचेरे भाई हिरामन दास के मुताबिक लालू यादव को कम से कम सजा मिलेगी और वह जल्द ही बरी हो जाएंगे। गांव के लोग दो दिनों से लगातार पूजा और हवन कर रहे हैं।(प्रभात खबर)

     

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Posted Date : 05-Jan-2018
  • रांची, 5 जनवरी।  चारा घोटाले से जुड़े एवं देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की अवैध निकासी के मुकदमे में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव, आर के राणा, जगदीश शर्मा व तीन पूर्व आईएएस अधिकारियों समेत 16 दोषियों की सजा पर आज फैसला आ सकता है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इस फैसले को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया था। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में गुरुवार को दिन में ग्यारह बजे चारा घोटाले के इस मामले में दोषी करार दिए गए सभी 16 लोगों की सजा की अवधि पर बहस होनी थी, लेकिन कोर्ट ने कार्यवाही शुरू होने के बाद इसके लिए दोपहर बाद 2 बजे का समय तय किया। इसके चलते सुरक्षा कारणों के मद्देनजर आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव को होतवार स्थित बिरसा मुंडा जेल से दोपहर पौने दो बजे सीबीआई अदालत में पेश किया गया।
    लालू के साथ इस मामले के सभी 16 अभियुक्तों को अदालत में पेश किया गया, जहां सभी की सजा की अवधि पर उनके वकीलों ने बहस की। हालांकि, लालू की सजा की अवधि पर बहस शुरू नहीं हो सकी। उन्हें अदालत ने पौने तीन बजे के लगभग वापस न्यायिक हिरासत मे जेल भेजने के निर्देश दे दिए। इस मामले में सजा की अवधि पर अदालत ने फैसला शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया। 
    जिन आरोपियों को अदालत ने चारा घोटाले के इस मामले में दोषी करार दिया है, उनमें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, आरके राणा, जगदीश शर्मा, तीन आईएएस अधिकारी तत्कालीन वित्त आयुक्त फूलचंद सिंह, पशुपालन विभाग के तत्कालीन सचिव बेक जूलियस एवं एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी महेश प्रसाद भी शामिल हैं। लालू प्रसाद यादव ने जेल जाने से पूर्व कहा था कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है और इस फैसले के खिलाफ वह उच्च न्यायालय जाएंगे, जहां उन्हें अवश्य न्याय मिलेगा। उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। (पीटीआई)

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Posted Date : 04-Jan-2018
  • चेन्नई, 4 जनवरी। अभिनेता से नेता बने रजनीकांत ने बुधवार को डीएमके सुप्रीमो करुणानिधि से उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच इस मुलाकात से तमिलनाडु में नए गठबंधन के कयास जोर पकडऩे लगे हैं।
    पोयस गॉर्डन स्थित करुणानिधि के आवास से निकलने के बाद रजनीकांत ने कहा कि करुणानिधि से उनकी मुलाकात शिष्टाचार नाते  थी। उन्होंने कहा, करुणानिधि देश के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। मैं उनका सम्मान करता हूं। हमारे रिश्ते बढिय़ा हैं। राजनीति में प्रवेश करने के बाद मैंने उनका आशीर्वाद लिया है। उनसे मुलाकात के बाद मैं बहुत खुश हूं। हालांकि रजनीकांत ने स्टालिन के बारे में कुछ कहने से इंकार कर दिया।
    दूसरी ओर डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एम के स्टालिन ने रजनीकांत पर निशाना साधते हुए कहा कि तमिलनाडु द्रविड़ आंदोलन का उद्गम स्थल है, जहां आध्यात्मिक राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है।
    शीर्ष फिल्म अभिनेता रजनीकांत ने हाल ही में इसका जिक्र किया था। स्टालिन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राजनीति में प्रवेश करने की घोषणा के कुछ दिन बाद रजनीकांत ने उनके पिता और द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि से उनके निवास पर मुलाकात की है।
    रजनीकांत के आध्यात्मिक राजनीति के दावे पर सवाल खड़ा करते हुए स्टालिन ने बताया कि तमिलनाडु द्रविड़ आंदोलन का उद्गम स्थल रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हौआ खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं कि रजनीकांत तमिलनाडु में द्रविड़ आंदोलन को खत्म करने का इरादा रखने वाले लोगों के कहने पर पार्टी शुरू करने जा रहे हैं।
    स्टालिन ने कहा, मैं आपको बता देना चाहता हूं कि यह पेरियार अन्ना द्रविड़ कजगम के संस्थापक ई वी रामसामी पेरियार और कलईगनर करुणानिधि की भूमि है। अतीत में भी ऐसे प्रयास असफल हो चुके हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या रजनीकांत ने द्रमुक का समर्थन मांगा है तो इसपर उन्होंने बताया कि इन सब चीजों का फैसला चुनाव के दौरान ही किया जा सकता है।
    पिछले साल 31 दिसंबर 2017 को राजनीति में प्रवेश करने की घोषणा करते हुए रजनीकांत ने राजनीति में ईमानदारी और सुशासन की हिमायत करते हुए आध्यात्मिक राजनीति करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था, सबकुछ बदलने की आवश्यकता है।
    ईपीएस-ओपीएस गुट और टीटीवी दिनाकरण के रूप में अन्नाद्रमुक में दो फाड़ होने के बाद डीएमके रजनीकांत के साथ गठबंधन करके वापसी करने की सोच सकती है। लेकिन 2017 के रजनीकांत और 1996 के थलाइवा में बहुत अंतर है। साल 1996 में रजनीकांत ने करुणानिधि के लिए प्रचार किया था, जब डीएमके सुप्रीमो ने जयललिता के खिलाफ तमिल मनीला कांग्रेस से हाथ मिलाया था।
    रजनीकांत ने इस बार साफ कर दिया है कि वे डीएमके सहित किसी राजनीतिक पार्टी का सपोर्ट नहीं करेंगे। हालांकि करुणानिधि के साथ उन्होंने एक शिष्टाचार का रिश्ता बनाए रखा है। करुणानिधि और रजनीकांत की मुलाकात के बाद एक डीएमके नेता ने इस बात को दोहराया कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक करुणानिधि से मिलने पहुंच गए थे। डीएमके नेता ने कहा कि सब लोग इस बात को महसूस कर रहे हैं कि तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक की सरकार कमजोर पड़ रही है।
    डीएमके सूत्रों ने कहा कि विचारधारा अलग हो सकती है, लेकिन डीएमके और बीजेपी साथ आते हैं तो राज्य और केंद्र का रिश्ता बेहतर हो सकता है। बता दें कि बीजेपी तमाम कोशिशों के बावजूद तमिलनाडु में अपना रास्ता बनाने में नाकाम रही है। हालांकि उसकी कोशिश रजनीकांत को अपने पाले में खींचने की है, जिन्होंने राज्य में संपूर्ण बदलाव की बात कही है।
    एक राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि अगर राज्य में सियासी खेल बदलता है, तो बीजेपी टीटीवी दिनाकरण के बजाय डीएमके-रजनीकांत गठबंधन पर दांव लगाना पसंद करेगी। राजनीति में उतरने की घोषणा के बाद रजनीकांत ने सबसे पहले करुणानिधि से मुलाकात की है। (आज तक)

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