राष्ट्रीय

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16-Oct-2021 10:15 PM (24)

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर | केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शनिवार को कहा कि भारत आने वाले सप्ताह में 100 करोड़ कोविड टीकाकरण का लक्ष्य हासिल कर लेगा।

मंडाविया ने कहा, हम आने वाले सप्ताह में 100 करोड़ टीकाकरण का लक्ष्य हासिल कर लेंगे।

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ भारत के कोविड-19 टीकाकरण गान को लॉन्च करने के बाद मंत्री ने यह टिप्पणी की।

इस दौरान टीके के बारे में मिथक और टीका लगवाने में हिचक को दूर करने के उद्देश्य से गायक कैलाश खेर का लिखा कोविड-गान जारी किया गया।

प्रसिद्ध गायक पद्म श्री कैलाश खेर द्वारा निर्मित और गाया गया ऑडियो-विजुअल ट्रैक लोगों के बीच कोविड के टीकाकरण के बारे में झूठी बातें और झिझक को दूर करेगा।

मंडाविया ने कहा कि यह महामारी से लड़ने के लिए सरकार के समग्र ²ष्टिकोण का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि यह गीत टीकाकरण की प्रभावशीलता के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करेगा।

मंत्री ने कहा कि भारत में 74 प्रतिशत से अधिक योग्य आबादी को कोविड वैक्सीन की पहली खुराक मिली है, जबकि दूसरा शॉट 30 प्रतिशत से अधिक योग्य आबादी को दिया गया है।

हरदीप पुरी ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया के अथक परिश्रम से हम कुछ ही दिनों में एक अरब टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करने जा रहे हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि है और यात्रा अभी भी जारी है।

उन्होंने कहा कि टीकाकरण कार्यक्रम अब देश में एक जन आंदोलन बन गया है।

पुरी ने कहा, हम एक इकाई के रूप में काम कर रहे हैं और यह हमारे संयुक्त प्रयासों का परिणाम है कि देश में बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान सफल हुआ है।

मंडाविया ने यह भी कहा कि जब भारत 100 करोड़ टीकाकरण के लैंडमार्क को पार करेगा तो एक नया गीत जारी किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि टीकाकरण के 100 करोड़ का आंकड़ा 19-20 अक्टूबर तक हासिल किया जा सकता है।(आईएएनएस)


16-Oct-2021 10:15 PM (24)

जयपुर, 16 अक्टूबर | राजस्थान पुलिस ने शनिवार को एक सरकारी स्कूल की कक्षा के अंदर आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 11 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में एक स्कूल के प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार किया है। पीड़िता ने बाल कल्याण समिति को फोन कर अपनी आपबीती सुनाई। कमेटी ने सिंघाना थाना क्षेत्र की पुलिस से संपर्क कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

सिंघाना थाने के अधिकारी भजन राम के मुताबिक, "अपराध की रिपोर्ट 5 अक्टूबर को दर्ज की गई थी। आरोपी प्रधानाध्यापक ने लड़की को घटना के बारे में किसी और को बताने की कोशिश करने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी।"

उन्होंने आगे कहा, "हालांकि, जैसे ही लड़की ने बाल कल्याण समिति के साथ अपनी कहानी साझा की, आरोपी प्रधानाध्यापक केशव यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।"

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद से बच्ची काफी परेशान थी। पढ़ाई के दौरान उसने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर देखा और उस पर संपर्क किया, जिसने तुरंत बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष अर्चना चौधरी को सूचित किया। टीम ने बच्ची से मुलाकात की और झुंझुनू के एसपी मनीष त्रिपाठी को इसकी सूचना दी, जिन्होंने स्कूल के प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार करने के लिए टीम भेजी।(आईएएनएस)


16-Oct-2021 10:14 PM (18)

जम्मू, 16 अक्टूबर | जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) सहित सेना के चार और जवान शहीद हो गए। ऑपरेशन शनिवार को 5वें दिन में प्रवेश कर गया और अब तक इस ऑपरेशन में दो जेसीओ समेत 9 जवान शहीद हो चुके हैं।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने कहा, "भारतीय सेना के सूबेदार अजय सिंह और नायक हरेंद्र सिंह जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ भारतीय सेना द्वारा पुंछ जिले के मेंढर स्थित नर खास जंगल में चलाए जा रहे तलाशी अभियान के दौरान शहीद हो गए।"

उन्होंने कहा, "सूबेदार अजय सिंह और नायक हरेंद्र सिंह सुरक्षा बलों द्वारा जंगल में छिपे आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए शुरू किए गए तलाशी अभियान का हिस्सा थे।"

"14 अक्टूबर को आतंकवादियों के साथ भीषण गोलाबारी के बाद सूबेदार अजय सिंह और नायक हरेंद्र सिंह के साथ संचार बाधित हो गया।"

सेना के एक बयान में कहा गया, "आतंकवादियों को बेअसर करने और सैनिकों के साथ संचार बहाल करने के लिए अथक अभियान जारी है। सूबेदार अजय सिंह और नायक हरेंद्र सिंह भीषण लड़ाई में मारे गए। आज शाम को उनके शव बरामद कर लिए गए।"

इलाके में कार्रवाई जारी है।(आईएएनएस)


16-Oct-2021 10:09 PM (18)

तिरुवनंतपुरम, 16 अक्टूबर | केरल में शुक्रवार शाम से हो रही भारी बारिश के कारण कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई और पांच लोगों के लापता होने की खबर है। राज्य की राजधानी में पैंगोडे सैन्य शिविर से जुड़े सेना के अधिकारियों की एक टीम पहले ही कोट्टायम जिले के लिए रवाना हो चुकी है और जल्द ही वहां पहुंचने की उम्मीद है, जहां कूटिकल में भूस्खलन हुआ था।

दो परिवारों में 12 लोग शामिल थे, जिन्होंने बड़ी तबाही मचाई, जिनमें से छह लोगों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि चार लापता हैं।

इडुक्की जिले के थोडुपुझा के पास दो लोगों को एक कार को आगे नहीं ले जाने के लिए कहा गया था, लेकिन वे नहीं माने। कार तेज पानी में बह गई और कुछ घंटों बाद स्थानीय लोगों ने शवों को बरामद किया।

बारिश के मद्देनजर अधिकारियों ने 6 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य 6 जिले ऑरेंज अलर्ट पर हैं और दो जिले येलो अलर्ट पर हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि राज्य के सभी 14 जिलों में भारी बारिश हो रही है।

राज्य में शुक्रवार शाम से भारी बारिश हो रही है, जिससे कई जगहों पर सड़कें जलमग्न हो गई हैं और कई जगहों पर सामान्य यातायात प्रभावित हुआ है।

भारतीय मौसम विभाग ने रविवार को भी और बारिश की चेतावनी दी है।

मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने शनिवार सुबह एक एडवाइजरी जारी कर कहा कि लोगों को बेहद सतर्क रहना होगा और किसी भी परिस्थिति में समय-समय पर दी जाने वाली चेतावनियों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।

विजयन ने कहा, "24 घंटे का अलर्ट देखा जाना चाहिए और जलस्रोतों के करीब रहने वाले सभी लोगों को बहुत सतर्क रहना होगा और किसी को भी पानी में नहीं जाना चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों या स्थानों पर यात्रा करने से बचना चाहिए, जहां बारिश हो रही है और भूस्खलन की संभावना वाले क्षेत्रों से बचा जाना चाहिए। भी सतर्क रहना होगा।"

राज्य के मंत्रियों को पुलिस, दमकल और आपदा प्रबंधन टीमों की विभिन्न टीमों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए कहा गया है और अपना काम शुरू कर दिया है।

बाद में शीर्ष अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद, विजयन ने कहा कि सभी व्यवस्थाएं हैं और किसी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि विभिन्न राहत शिविर खोले गए हैं और शिविरों में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शिविरों में लोगों को जागरूक होना चाहिए कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए।

इस बीच जिन इलाकों में भारी बारिश हो रही है, वहां पर्यटन केंद्रों को अगली सूचना तक बंद करने को कहा गया है और नौका विहार सेवाओं को भी निलंबित कर दिया गया है।(आईएएनएस)


16-Oct-2021 10:08 PM (22)

गोपालगंज, 16 अक्टूबर | बिहार के गोपालगंज जिले के नगर थाना क्षेत्र में शनिवार को एक बैंक में सुरक्षा गार्ड के बंदूक से अचानक गोली चल जाने से एक महिला सहित तीन लोग घायल हो गए। पुलिस ने सुरक्षा गार्ड को हिरासत में लेकर हथियार को जब्त कर लिया है।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बंजारी स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में शनिवार की शाम बंदूक साफ करने के दौरान सुरक्षा गार्ड से गोली चल गई, जिससे ससुराल जा रही महिला समेत तीन लोग घायल हो गए। बैंककर्मियों ने घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया है। उन्होंने बताया कि घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
गोपालगंज नगर के पुलिस निरीक्षक ललन कुमार ने बताया कि बैंक शाखा के मुख्य गेट पर सुरक्षा गार्ड शाम तीन बजे के आसपास बंदूक साफ कर रहा था, इसी दौरान गोली चली, जिससे एक बैंक ग्राहक और दो राहगीर जख्मी हो गए।

इस घटना के बाद बैंक में कुछ देर के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई।

घटना के बाद पहुंची पुलिस ने सुरक्षा गार्ड को हिरासत में लेकर हथियार जब्त कर लिया है तथा पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस बैंककर्मियों से पूछताछ के बाद सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।

घायलों में उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के तरेया सुजान थाना क्षेत्र के सलेमगढ़ निवासी वीरेंद्र प्रजापति की पत्नी संगीता देवी, रामगढ़वा निवासी रंभू कुमार और चैलवा गांव निवासी सोनू कुमार हैं। संगीता देवी अपने मायके आई थी और ससुराल जाने के लिए एक वाहन पर सवार थी।(आईएएनएस)


16-Oct-2021 10:07 PM (27)

मुंबई, 16 अक्टूबर | भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर अजीत अगरकर का मानना है कि जब भी भारत और पाकिस्तान की टीमें विश्व कप में भिड़ती हैं तो दांव हमेशा ऊंचा रहता है। उन्होंने साथ ही कहा कि पाकिस्तान की टीम भारतीय टीम की फॉर्म और रणनीति को देखते हुए शायद उस स्तर की चुनौती पेश नहीं कर सकेगी।

अगरकर ने स्टार स्पोटर्स से कहा, "भारत और पाकिस्तान की टीमें जब भी आमने-सामने होती हैं तो दांव हमेशा ऊंचा रहता है। लेकिन टीम इंडिया की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान ज्यादा चुनौती पेश कर पाएगा। हालांकि, हमें उन्हें हल्के में नहीं लेना है क्योंकि क्रिकेट एक मजेदार खेल है और चीजें किसी भी पल बदल जाती है, विशेषकर टी20 प्रारूप में।"

2007 टी20 विश्व कप जहां फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराया था, इस पर उन्होंने कहा, "2007 टी20 विश्व कप का पूरा टूर्नामेंट हमारे लिए सपने का दौरा था। हमने नहीं सोचा था कि युवाओं की यह टीम उपलब्धि हासिल कर सकती है वो भी पाकिस्तान के खिलाफ। मुझे लगता है कि भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हमेशा भावनाओं के ज्वार की लहर लाता है और यह विश्व कप में सबसे प्रत्याशित मुकाबलों में से एक होता है।" (आईएएनएस)


16-Oct-2021 9:56 PM (30)

कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने शनिवार को फैसला किया कि अगले साल 21 अगस्त से 20 सितंबर के बीच पार्टी अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा. इसके साथ ही, यह निर्णय भी लिया गया कि संगठनात्मक चुनावों के मद्देनजर आगामी एक नवंबर से कांग्रेस सदस्यता अभियान चलाएगी, जो अगले साल 31 मार्च तक चलेगा. इसके बाद 15 अप्रैल तक सभी सदस्यों और चुनावों के दावेदारों की सूची जिला कांग्रेस कमेटियों की ओर से प्रकाशित की जाएगी. सोलह अप्रैल से 31 मई के बीच ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों और बूथ समितियों के अध्यक्षों का चुनाव होगा.

कांग्रेस की ओर से संगठनात्मक चुनाव के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, अगले साल एक जून से 20 जुलाई के बीच जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों, कोषाध्यक्षों, उपाध्यक्षों और कार्यकारी समिति का चुनाव कराया जाएगा. इसके साथ ही 2022 में 31 जुलाई से 20 अगस्त के बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, कोषाध्यक्ष और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्यों का चुनाव संपन्न होगा. इसके बाद 21 अगस्त से 20 सितंबर के बीच कांग्रेस के नये अध्यक्ष का चुनाव होगा.

बैठक में कौन-कौन बड़े नेता शामिल हुए

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी और कई अन्य नेता शामिल थे.

राहुल गांधी से पार्टी कमान संभालने का आग्रह

सूत्रों ने बताया कि बैठक में गहलोत समेत कई नेताओं ने राहुल गांधी से पार्टी की कमान एक बार फिर संभालने का आग्रह किया, जिसपर उन्होंने सभी नेताओं का आभार प्रकट किया. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अस्वस्थ होने के कारण और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह कुछ निजी कारण से इस बैठक में शामिल नहीं हो सके. इस बैठक को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा,'' सभी ने एक मत से प्रस्ताव रखा कि राहुल गांधी अध्यक्ष बने. हम सभी चाहते हैं कि राहुल गांधी हमारे अध्यक्ष बने लेकिन ये उनपर छोड़ा गया है.'' वहीं कांग्रेस नेता अंबिका सोनी ने कहा,''  सबलोग एकमत थे कि राहुल गांधी को प्रेसिडेंट बनना चाहिए.  सभी वर्किंग कमेटी के सदस्यों एकमत होकर राहुल गांधी को प्रेसिडेंट बनाना चाहते हैं.'' वहीं तारिक हामिद कर्रा ने कहा,'' हमारे पास अध्यक्ष हैं. एंटनी समेत सभी नेताओं ने राहुल गांधी से अध्यक्ष बनने की अपील की है.''

राहुल गांधी ने पार्टी अध्यक्ष बनने को लेकर क्या कहा

राहुल गांधी ने पार्टी अध्यक्ष बनने को लेकर कहा है कि वो इस पर विचार करेंगे. राहुल गांधी ने कहा, "मैं विचार करूंगा." उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पार्टी नेताओं से विचारधारा के स्तर पर स्पष्टता की जरूरत है. कुछ नेताओं ने मांग की कि चुनाव तक उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाए.

कपिल सिब्बल ने सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाने की मांग
कांग्रेस के ‘जी 23’ समूह के नेताओं की ओर से पार्टी के भीतर संवाद की मांग किए जाने और हाल के महीनों में कई नेताओं के पार्टी छोड़ने की पृष्ठभूमि में यह बैठक हुई. पिछले दिनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल ने सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाने की मांग की थी. आजाद ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि पार्टी से जुड़े मामलों पर चर्चा के लिए कांग्रेस कार्य समिति की तत्काल बैठक बुलाई जाए.

सिब्बल ने भी पार्टी की पंजाब इकाई में मचे घमासान के बीच पिछले दिनों पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे और कहा था कि कांग्रेस कार्य समिति की बैठक बुलाकर इस स्थिति पर चर्चा होनी चाहिए और संगठनात्मक चुनाव कराए जाने चाहिए.

सीडब्ल्यूसी की बैठक ऐसे समय में हुई जब सुष्मिता देव, जितिन प्रसाद, लुईजिन्हो फालेरियो और कई अन्य वरिष्ठ नेता पिछले कुछ महीनों में कांग्रेस छोड़कर दूसरे दलों में शामिल हो गए हैं. कांग्रेस कार्य समिति की बैठक इस मायने में भी अहम थी कि पार्टी अध्यक्ष का चुनाव लंबे समय से लंबित है. कुछ महीने पहले कोरोना वायरस महामारी के कारण अध्यक्ष के चुनाव को स्थगित कर दिया गया था, जो पहले जून महीने में प्रस्तावित था.( abplive)


16-Oct-2021 9:54 PM (20)

केरल में भारी बारिश कहर ढा रही है. मध्य केरल के  तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, इडुक्की और कोट्टायम में नदियां उफान पर हैं. भारी बारिश से अब तक कोट्टायम जिले में ही 6 लोगों की मौत और 4 लापता है. बारिश से तबाही के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर केरल के लोगों से सुरक्षित रहने और सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की है.

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "मेरी संवेदनाएं केरल के लोगों के साथ है. कृपया अपना खयाल रखें और सुरक्षा मानकों का पालन करें."

कोट्टायम में कई घर पानी में डूब गए हैं. कोट्टायम में एक बस बारिश के बीच फंस गई. हालांकि बस में सवार सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. केरल में सेना, NDRF और वायु सेना राहत और बचाव के काम में लगी है. केरल के आधा दर्जन जिलों में दो दिनों तक रेड अलर्ट जारी किया गया है.

पांच जिलों में रेड अलर्ट जारी

मौसम विभाग के अधिकारियों ने राज्य के पांच जिलों में अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका के मद्देनजर रेड अलर्ट जारी किया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से दी गयी नवीनतम जानकारी के मुताबिक पथनमथिट्टा, कोट्टायम, एर्णाकुलम, इडुक्की और त्रिशूर जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है.

इसके अलावा तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलाप्पुझा, पलक्कड़, मलाप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड जिलों के लिए बहुत भारी वर्षा की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अरब सागर के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य में व्यापक स्तर पर भारी बारिश होने की चेतावनी दी है.

विजयन ने राज्य के लोगों से अगले 24 घंटे के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील करते हुए एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि दक्षिण और मध्य जिलों में बारिश पहले ही शुरू हो चुकी है तथा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार शाम तक उत्तरी जिलों में भी बारिश तेज हो जाएगी. उन्होंने कहा कि भारी बारिश के परिणामस्वरूप कुछ नदियों में जल स्तर बढ़ने की आशंका है तथा कुछ बांधों का जल स्तर भी बढ़ सकता है. उन्होंने नदियों और बांधों के आस-पास के क्षेत्रों में रहने वालों को अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने के लिए तैयार रहने के लिए कहा है. ( abplive)

 


16-Oct-2021 9:51 PM (21)

नई दिल्ली,16 अक्टूबर : पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह डेंगू से पीड़ित पाए गए है, लेकिन उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है. एम्स अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी. कांग्रेस नेता मनमोहन सिंह (89) को बुखार के बाद कमजोरी होने पर बुधवार शाम यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था.

एम्स के एक अधिकारी ने शनिवार को कहा, 'वह डेंगू से पीड़ित पाए गए हैं, लेकिन अब उनकी प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ रही है और उनकी तबीयत में सुधार हो रहा है.' मनमोहन सिंह को अस्पताल के कार्डियो-न्यूरो सेंटर के एक निजी वार्ड में भर्ती कराया गया है और डॉक्टर नीतीश नाइक के नेतृत्व में हृदय रोग विशेषज्ञों का एक दल उनकी देखरेख कर रहा है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने गुरुवार को सिंह से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी. मुलाकात के दौरान एक फोटोग्राफर भी उनके साथ मौजूद था, जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया. मनमोहन सिंह की बेटी दमन सिंह ने परिवार की मर्जी के खिलाफ फोटोग्राफर को साथ लाने के लिए मांडविया पर निशाना साधा.

दमन सिंह ने एक न्यूज़ वेबसाइट को बताया कि उनकी मां बहुत परेशान थीं क्योंकि एक फोटोग्राफर मंत्री के साथ कमरे में घुस आया था, लेकिन जब उन्होंने जोर देकर फोटोग्राफर को कमरे से बाहर निकालने के लिये कहा तो 'उनकी बात को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया.' दमन सिंह ने कहा, 'वह बहुत परेशान थी. मेरे माता-पिता एक कठिन परिस्थिति का सामना करने की कोशिश कर रहे हैं. वे बुजुर्ग लोग हैं. चिड़ियाघर में रखे गए जानवर नहीं हैं.' ( abplive)


16-Oct-2021 9:49 PM (42)

दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन के किसान मंच के नजदीक लखबीर सिंह नामक युवक की हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए निहंग सरबजीत सिंह को आज यानी शनिवार को सोनीपत की अदालत में पेश किया गया. जहां पर सोनीपत पुलिस ने सरबजीत सिंह से पूछताछ के लिए 14 दिनों की पुलिस रिमांड की मांग की. सिविल जज (जूनियर डिविजन) किम्मी सिंगला ने पुलिस की दलील सुनने के बाद आरोपी सरबजीत सिंह को 7 दिनों की पुलिस रिमांड में भेज दिया. सोनीपत पुलिस ने अदालत के समक्ष सुनवाई के दौरान काफी चौकाने वाले खुलासे किए हैं.

अदालत के समक्ष पुलिस ने रखी ये दलील

सोनीपत पुलिस ने सिविल जज (जूनियर डिविजन) किम्मी सिंगला के समक्ष बताया कि आरोपी निहंग सरबजीत से पूछताछ में 4 नाम सामने आए हैं, जो इस वारदात में शामिल थे. इसके अलावा सरबजीत सिंह ने पूछताछ में पुलिस को ये भी बताया कि अन्य लोग जो इस वारदात में शामिल हैं, उन्हें वह चेहरे से पहचानता है. पुलिस ने अदालत को बताया कि सरबजीत सिंह निहंगों के जिस जत्थे से जुड़ा है, उसके जत्थेदार अमन सिंह है. उनसे भी पूछताछ करनी है.

लखबीर सिंह के शरीर पर मिले 37 घाव

सोनीपत पुलिस ने अदालत को ये जानकारी भी दी की इस घटना में मारे गए युवक लखबीर सिंह के शरीर पर 37 घाव पाए गए हैं. ये जानकारी पुलिस को लखबीर सिंह की पोस्टमार्टम की प्राथमिक रिपोर्ट से मिली है. पुलिस ने अदालत को ये भी बताया कि अभी तक इस वारदात में प्रयुक्त हथियारों में से केवल एक तलवार ही बरामद की गई है, जो सरबजीत सिंह की है, जबकि लखबीर सिंह के शरीर पर पाए गए घांवो की बात करें तो उनसे ये प्रतीत होता है कि उसके शरीर पर कई हथियारों से वार किए गए थे, इसलिए वारदात में प्रयुक्त अन्य हथियारों का पता भी लगाना है और उनकी बरामदगी भी करनी है.

पंजाब के गुरदासपुर और चमकौर भी जाएगी पुलिस

पुलिस ने अदालत से कहा कि सरबजीत को पंजाब भी लेकर जाना है. पूछताछ में उसने खुलासा किया है कि उसके जत्थे गुरदासपुर और चमकौर साहिब में हैं. इस वारदात में शामिल अन्य लोग वहां हो सकते हैं. ( abplive)


16-Oct-2021 9:31 PM (29)

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर: हरियाणा के सिंघू बॉर्डर पर किसान विरोध स्थल के समीप दलित मजदूर की बर्बर हत्या के मामले में पुलिस ने दूसरे निहंग को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने संदिग्ध को पंजाब के अमृतसर जिले से गिरफ्तार किया है. मामले में एक

ने कल शुक्रवार को आत्मसमर्पण किया था, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.

कल शाम निहंग सरवजीत सिंह ने हरियाणा पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और 35 वर्षीय दलित मजदूर लखबीर सिंह की बर्बर हत्या की जिम्मेदारी ली. लखबीर सींह का शव सिंघू में एक पुलिस बैरिकेड से बंधा हुआ पाया गया था, जिसका बायां हाथ और दाहिना पैर कटा हुआ था.

सरवजीत सिंह को आज एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया और सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. अधिकारियों ने आरोपी की 14 दिनों की रिमांड मांगी थी. पुलिस ने आरोपी की रिमांड के लिए मामले में संदिग्धों के बारे में जानकारी और हत्या के हथियार बरामद करने का तर्क दिया था.

बताते चलें कि मामले में कल गिरफ्तार हुए निहंग सरवजीत सिंह ने आज मीडिया के सामने कहा कि उसे घटना को लेकर कोई पछतावा नहीं है. किसानों के धरनास्थल से कुछ दूरी पर हुई इस हत्या की खबर फैलती ही, कुछ वीडियो भी तेजी से वायरल हुए थे.

वीडियो में लखबीर सिंह को घेरकर खड़ा निहंगों का समूह उसे यातना दे रहा था. पहले वीडियो में दिखाया गया कि खून से लथपथ दलित मजदूर लखबीर सिंह पर निहंग खड़े हैं. दूसरे वीडियो में लखबीर सिंह की मौत से पहले के भयावह क्षणों को दिखाया गया है.

 


16-Oct-2021 9:07 PM (23)

ढाका, 16 अक्टूबर : बांग्लादेश में ताजा सांप्रदायिक हिंसा में दो हिंदुओं की मौत हो गई है. पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि मुस्लिम बहुल देश में हालिया अशांति से मरने वालों की संख्या छह हो गई है. दुर्गा पूजा समारोह के दौरान एक हिंदू देवता के घुटने पर कुरान रखे जाने के फुटेज सामने आने के बाद बुधवार को विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था. बांग्लादेश में हिन्दू अल्पसंख्यक समुदाय आबादी का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा हैं.

पुलिस ने कहा कि ताजा हिंसा दक्षिणी शहर बेगमगंज में हुई जब सैकड़ों मुसलमानों ने दुर्गा पूजा के अंतिम दिन जुमे की नमाज के बाद सड़क पर जुलूस निकाला. स्थानीय पुलिस थाने के प्रमुख शाह इमरान ने संवाददाताओं से कहा कि 200 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने एक मंदिर पर हमला किया जहां हिंदू समुदाय के लोग 10 दिवसीय उत्सव का समापन करने की तैयारी कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि हमलावरों ने मंदिर समिति के एक कार्यकारी सदस्य की पीट-पीटकर हत्या कर दी.  (ndtv.in)

जिला पुलिस प्रमुख शाहिदुल इस्लाम ने एएफपी को बताया कि शनिवार सुबह मंदिर के बगल में एक तालाब के पास एक और हिंदू व्यक्ति का शव मिला. उन्होंने कहा, "कल के हमले के बाद से दो लोगों की मौत हो गई है. हम दोषियों को खोजने की कोशिशों में जुटे हैं."

कुरान की घटना के सोशल मीडिया पर फुटेज सामने आने के बाद इस सप्ताह पूरे बांग्लादेश में हिंदू विरोधी हिंसा एक दर्जन से अधिक जिलों में फैल गई.

हाजीगंज में एक हिंदू मंदिर पर हमला करने वाले लगभग 500 लोगों की भीड़ पर पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में बुधवार देर रात कम से कम चार लोगों की मौत हो गई.

समुदाय के नेता गोबिंद चंद्र प्रमाणिक ने एएफपी को बताया कि देश भर में कम से कम 150 हिंदू घायल हुए हैं और कम से कम 80 अस्थायी मंदिरों पर हमला किया गया है. अधिकारियों ने आंकड़ों की पुष्टि नहीं की.

16.9 करोड़ की आबादी वाले देश में हिंदू अक्सर सांप्रदायिक हिंसा का शिकार हुए हैं.

स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने आगे किसी भी अशांति को नियंत्रित करने के लिए अर्धसैनिक सीमा प्रहरियों सहित अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की है. शुक्रवार को राजधानी ढाका और चटगांव में हिंसा भड़क उठी, जिसके बाद पुलिस ने ईंट फेंकने वाले हजारों मुस्लिम प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और रबर की गोलियां चलाईं.

हिंसा को फैलने से रोकने के लिए हाई-स्पीड मोबाइल फोन इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया था. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गुरुवार को हिंदू समुदाय के नेताओं से मुलाकात की और कड़ी कार्रवाई का वादा किया.

गृह मंत्री असदुज्जमां खान ने कहा, "अब तक करीब 90 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हम सभी मास्टरमाइंडों का भी पता लगाएंगे."


16-Oct-2021 8:58 PM (26)

भोपाल, 16 अक्टूबर: भोपाल लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने उनके कबड्डी खेलने का वीडियो बनाने वाले व्यक्ति को ‘‘रावण'' करार दिया और कहा कि संतों से टकराने वाले व्यक्ति का बुढ़ापा और अगला जन्म खराब हो जाता है. भाजपा नेता की इस टिप्पणी पर कांग्रेस ने कहा कि प्रज्ञा ठाकुर दानव राजा और बुराई का प्रतिनिधित्व करने वालों की विचारधारा का पालन करती हैं. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता के के मिश्रा ने शनिवार को कहा, ‘‘ जो लोग रावण की विचारधारा का पालन करते हैं, उन्हें हर जगह राक्षस राजा दिखाई देता है. भोपाल की सांसद बुराई का प्रतिनिधित्व करने वालों की विचारधारा का पालन करती हैं.''

हाल में सोशल मीडिया पर प्रज्ञा ठाकुर का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वह कथित तौर पर कबड्डी खेलते दिख रही हैं. शुक्रवार रात को भोपाल के सिंधी समुदाय बहुल उप नगर संत नगर में दशहरा कार्यक्रम के दौरान प्रज्ञा ठाकुर ने कहा, ‘‘परसों मैं आरती के लिए गई, वहां ग्राउंड में सामने खिलाड़ी थे. उन्होंने मुझे बुलाया, बोले दीदी एक बार आप राइड डाल दिजिए. मैं जब कबड्डी खेलने गई और वापस आई तो वो छोटा सा वीडियो में बन गया और (किसी ने) इसे सोशल मीडिया पर डाल दिया.''

सांसद ने कहा, ‘‘यह आप लोगों के बीच का कोई रावण है. मेरा कोई बड़ा वाला दुश्मन है. निश्चित रूप से उसके संस्कार बिगड़ गए हैं और जिसके संस्कार बिगड़ गए हैं, मैं कहती हूं, अब सुधर जाओ, नहीं तो बुढ़ापा और आने वाला जन्म भी बिगड़ जाएगा क्योंकि राष्ट्रभक्त, क्रांतिकारी और ऊपर से संत, इनसे जब भी कोई टकराया है, तो न रावण बचा है, न कंस बचा, न ही वर्तमान के अधर्मी, विधर्मी बचेंगे.'' उन्होंने कहा कि उनकी तपस्या और ध्यान जनता के लिए है.

वीडियो में प्रज्ञा ठाकुर एक काली मंदिर परिसर में कथित तौर पर कबड्डी खेलती दिख रही हैं. इससे पहले एक वीडियो में वह गरबा नृत्य करते दिखी थीं. वर्ष 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में प्रज्ञा को चिकित्सा के आधार पर जमानत मिली है तथा लंबे समय से वह व्हीलचेयर पर हैं. प्रज्ञा ठाकुर का बचाव करते हुए उन्की बड़ी बहन उपमा ठाकुर ने कहा कि उन्हें रीढ़ की हड्डी में समस्या है जो उन्हें कभी भी परेशानी दे सकता है. उन्होंने कहा, ‘‘आप नहीं जानते कि किस क्षण यह प्रज्ञा के लिए समस्या पैदा कर सकता है. उसकी एल 4 और एल 5 (रीढ़ की हड्डी) विस्थापित होने से यह समस्या हुई है क्योंकि आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस), महाराष्ट्र के जांचकर्ताओं ने प्रज्ञा को फर्श पर पटक दिया था.''

उपमा ठाकुर ने कहा, ‘‘जब भी प्रज्ञा को यह समस्या होती है तो उसके शरीर का निचला हिस्सा संवेदनशून्य हो जाता है... यह तब भी हो सकता है, जब वह बैठती है या किसी वाहन से उतरती है.'' कांग्रेस ने प्रज्ञा ठाकुर पर कटाक्ष करते हुए दो-तीन दिन पहले कहा था कि उनके कई चेहरे हैं, कभी वह व्हीलचेयर पर दिखाई देती हैं तो कभी गरबा और कबड्डी खेलती हैं. मालेगांव विस्फोट में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई थी. मामले में 51 वर्षीय भाजपा सांसद जमानत पर हैं और उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति का हवाला देते हुए निचली अदालत में व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी थी. वह लगभग नौ साल तक जेल में रहीं और 2017 में उन्हें जमानत मिली.  (ndtv.in)


16-Oct-2021 8:56 PM (23)

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर: राकांपा प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को कहा कि वह बीएसएफ के संचालन क्षेत्राधिकार के विस्तार के बारे में गृह मंत्री अमित शाह से "उनके विचार जानने के लिए" मिलेंगे. पवार ने इस सप्ताह के गृह मंत्रालय के आदेश का जिक्र करते हुए कहा, "मैं इसके बारे में गृह मंत्री अमित शाह से उनके विचार जानने के लिए मिलूंगा."

इस आदेश ने पंजाब में एक विवाद पैदा कर दिया है. केंद्र के इस आदेश के चलते पांजाब कांग्रेस में एक बार फिर खेमेबाजी देखने को मिल रही है. नेताओं के एक समूह ने मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी की आलोचना करते हुए कहा कि "पंजाब का आधा हिस्सा केंद्र को सौंप दिया". .

केंद्र ने कहा है कि इस कदम का उद्देश्य आतंकवाद और सीमा पार अपराधों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' बनाए रखना है. यह आदेश बीएसएफ को प्रत्येक राज्य के भीतर एक विस्तारित क्षेत्र में तलाशी लेने, संदिग्धों को गिरफ्तार करने और जब्ती करने का अधिकार देता है, जिससे उसे प्रत्येक क्षेत्र में पुलिस बल के समान अधिकार मिलते हैं.

पंजाब में सत्ता में काबिज कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार पर देश के संघीय ढांचे को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए "साजिश" का आरोप लगाया. पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आदेश के समय पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि यह गुजरात के अडानी द्वारा संचालित मुंद्रा बंदरगाह में जब्त हेरोइन से ध्यान हटाने के लिए है.

इस आदेश ने पंजाब की सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर भी एक विवाद पैदा कर दिया है, जिसमें पूर्व राज्य प्रमुख सुनील जाखड़ ने नए मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी पर निशाना साधा है. सीएम चन्नी ने अमित शाह से मुलाकात की और पाकिस्तान के साथ राज्य की सीमा को सील करने में मदद मांगी, जहां से भारत में हथियारों और ड्रग्स की तस्करी की जाती है. चन्नी की शाह से इस अपील के एक हफ्ते बाद यह आदेश आया.

केंद्र के इस कदम की पूर्व सहयोगी अकाली दल ने भी आलोचना की है. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि भाजपा "पंजाब को केंद्रीय सुरक्षा बलों के हाथों में सौंपकर भाजपा इसे केंद्र शासित प्रदेश बनाने की कोशिश कर रही है".

वर्तमान में पंजाब में प्रमुख विपक्षी पार्टी आम आदमी पार्टी ने भी केंद्र के इस आदेश पर निशाना साधा है. 'आप' प्रवक्ता राघव चड्ढा ने कहा कि कांग्रेस ने पंजाब के आधे हिस्से को केंद्र को सौंप दिया है.

इस कदम की बंगाल सरकार ने भी आलोचना की है, जहां तृणमूल के प्रवक्ता कुणाल घोष ने इसे "राज्य के अधिकारों का उल्लंघन" कहा है.

उन्होंने कहा, "अगर बीएसएफ को कोई तलाशी करनी है, तो वे हमेशा राज्य पुलिस के साथ मिलकर कर सकते हैं. यह सालों से चला आ रहा है. यह संघीय ढांचे पर हमला है."

अप्रैल-मई चुनावों में सत्ता बरकरार रखने के बाद भाजपा द्वारा नियंत्रित असम सरकार ने गृह मंत्रालय के आदेश पर कोई टिप्पणी नहीं की है.  (ndtv.in)


16-Oct-2021 8:52 PM (20)

श्रीनगर, 16 अक्टूबर: जम्मू-कश्मीर में हत्या की बढ़ती घटनाएं चिंता का कारण बनती जा रही हैं. पिछले दो हफ्तों में  ऐसी नौवीं हत्याओं में बिहार के एक गोल-गप्पा विक्रेता और उत्तर प्रदेश के एक बढ़ई की आज जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. अरबिंद कुमार साह को श्रीनगर में पॉइंट-ब्लैंक रेंज में गोली मार दी गई थी. पुलिस ने कहा कि यूपी के बढ़ई सगीर अहमद की पुलवामा में आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.

केंद्र शासित प्रदेश की पुलिस ने इससे पहले एक ट्वीट में कहा था, "आतंकवादियों ने श्रीनगर और पुलवामा में दो गैर-स्थानीय मजदूरों पर गोलियां चलाईं. बिहार के बांका के अरबिंद कुमार साह की श्रीनगर में मौत हो गई और उत्तर प्रदेश के सगीर अहमद पर पुलवामा में हमला किया. क्षेत्रों को सील कर दिया गया है और तलाशी जारी है." लगभग एक घंटे बाद पुलिस ने बताया कि गंभीर चोट की वजह से सगीर अहमद ने भी दम तोड़ दिया.

कश्मीर में लक्षित नागरिक हत्याओं के कारण पिछले एक सप्ताह से पहले से पारगमन शिविरों में रहने वाले कई कश्मीरी पंडितों का पलायन हुआ है. दर्जनों परिवार कई सरकारी कर्मचारी, जो कश्मीरी प्रवासियों के लिए प्रधानमंत्री की विशेष रोजगार योजना के तहत नौकरी दिए जाने के बाद घाटी लौट आए थे, चुपचाप आवास छोड़ गए हैं.

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, "आज श्रीनगर में आतंकी हमले में स्ट्रीट वेंडर अरविंद कुमार की हत्या की कड़ी निंदा करते हैं. यह एक नागरिक को इस तरह निशाना बनाए जाने का एक और मामला है. अरविंद कुमार कमाई की तलाश में श्रीनगर आया था और उनकी हत्या कर दी गई. यह घोर निंदनीय है.''  (ndtv.in)

 


16-Oct-2021 8:50 PM (17)

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर : जम्मू कश्मीर में 1990 के आंतकवाद के दौर में पलायन करके दिल्ली एनसीआर में बसे करीब 25 हजार परिवारों को कश्मीर का डोमेसाइल देने का काम चल रहा है. दिल्ली में AIIMS के एक डॉक्टर दंपति डॉ राजरानी कौल और डॉ एनके मेहरा को 44 बाद कश्मीर का डोमेसाइल सर्टिफिकेट मिला है. श्रीनगर की रहने वालीं 65 साल की डॉ राजरानी कौल के चेहरे पर मुस्कान है. 44 साल बाद शनिवार को उनको और उनके बच्चों को कश्मीरी माना गया है.

सन 1977 में राजरानी कौल की शादी पंजाब के रहने वाले डॉ एनके मेहरा से हुई थी. तब वे दिल्ली में आकर बस गईं और उनके तीन भाई श्रीनगर में रहते थे. सन 1990 में आतंकवाद के दौर में उनके तीनों भाई श्रीनगर से अमेरिका और दिल्ली पलायन कर गए. लेकिन अब सरकार की नई नीति के चलते उनको भी डोमेसाइल सार्टिफिकेट दिया जा रहा है.

डॉ राजरानी कौल हंसते हुए कहती हैं कति सेंटिमेंट गहरा है, इसीलिए आप मेरे चेहरे पर देख सकते हैं. मेरे बच्चे बहुत उत्साहित हैं, इसीलिए सुबह-सुबह भाग कर आई हूं. समाज के सभी के सहयोग से मैं कश्मीर में कुछ दिन रहना चाहती हूं. अब बस तो नहीं पाऊंगी लेकिन जड़ तो वहीं है. 

डा राजरानी कौल के पति डॉ एनके मेहरा ने कहा कि वहां जाकर बसना तो पॉसिबिल नहीं होगा लेकिन सेंटीमेंट इतना है कि हम छोटा मकान लेना चाहेंगे कि कुछ दिन जाएं. मैं तो बाहरी हूं, लेकिन राजरानी को कश्मीरी बोली और खाने से बहुत प्यार है. 

जम्मू कश्मीर भवन में डोमेसाइल सार्टिफिकेट बनवाने के लिए विपिन कौल भी आए. हालांकि वे हाल में श्रीनगर और दूसरी जगहों पर हो रही टारगेट किलिंग से डरे हुए हैं. विपिन कौल ने कहा कि डिपेंड ऑन सरकार, अभी आप देख रहे हैं कि किलिंग हो रही है. बस उम्मीद है. जब कश्मीर से निकले थे तब यही सोचकर निकले थे कि बस दो-तीन महीने बाद लौट जाना है, लेकिन तीस साल हो गए, कहां लौट पाए. सब हालात पर निर्भर करता है. 

एक अनुमान के मुताबिक कश्मीर से पलायन करके दिल्ली NCR में करीब 25000 से ज्यादा लोग बसे हैं. फिलहाल 8000 हजार लोगों का डोमेसाइल सार्टिफिकेट बनाया गया है. दिल्ली NCR में विस्थापिक कश्मीरियों का डोमेसाइल सार्टिफिकेट बनाने के लिए कश्मीर से राहत और पुनर्वास विभाग की टीम दिल्ली पहुंची है.

जम्मू कश्मीर के पुनर्वास विभाग के डिप्टी डायरेक्टर देविंदर सिंह भाव बताते हैं कि दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद जैसी जगहों पर शिविर लगाकर डोमेसाइल सार्टिफिकेट बना रहे हैं. देविंदर सिंह भाव ने कहा कि 1990 में पलायन करके दिल्ली एनसीआर में बसे लोगों को सुविधा के लिए लाजपत नगर, शालीमार गार्डन, नोएडा.. कई जगहों पर जा रहे हैं ताकि डोर स्टेप पर उनको सुविधा मिले.
फिलहाल देशभर के एक लाख से ज्यादा कश्मीरी विस्थापितों को डोमेसाइल सार्टिफिकेट दिया जा चुका है.  (ndtv.in)


16-Oct-2021 2:22 PM (19)

बिहार के मुजफ्फरपुर की पंद्रह साल की एक लड़की कोविड महामारी के कारण 10वीं की बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाई. वह दुखी तो हुई लेकिन हताश होने के बदले बच्चों की मनोभावना प्रकट करती एक किताब लिखी. यह किताब आजकल चर्चा में है.

  डॉयचे वैले पर मनीष कुमार की रिपोर्ट

नैय्या प्रकाश द्वारा लिखी गई पुस्तक "एंड आई पास्ड माई बोर्ड विदाउट इवेन अपीयरिंग फॉर इट" उस लड़की की कहानी है जो कोरोना के कारण लॉकडाउन में स्कूल नहीं जा पा रही थी. वह दसवीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी तो कर रही थी, किंतु भारी संशय के बीच छात्र जीवन की पहली सबसे बड़ी परीक्षा में शामिल न हो सकी. फिर भी कोविड ने उसे बहुत कुछ सिखलाया.

डीडब्ल्यू से बातचीत में नैय्या कहती हैं, "मैं बचपन से ही किताब लिखना चाहती थी. मुझे लिखने का काफी शौक था. मैं रोजाना दिनभर के घटनाक्रम को डायरी में इंट्री करती थी. लॉकडाउन के दौरान लिखे अपने इन्हीं अनुभवों को मैंने किताब की शक्ल दी."

उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि कोरोना के दौरान जीवन में कई बदलाव आए, "एक लड़की जो टीनएजर है, वह लॉकडाउन के समय परिस्थिति के अनुसार खुद को कैसे ढालती है. स्कूल जाना बंद हो गया, दोस्तों से मिलना-जुलना बंद हो गया. बहुत कुछ बदल गया. मेरी एक सहेली को कोविड हो गया तो कैसे उसका हौसला बढ़ाया. फैमिली बॉन्डिंग व आत्मनिर्भरता क्या है. हमने अपना काम करना कैसे सीखा."
हर तरफ भय व निराशा का माहौल

महामारी के कारण आए बदलाव पर नैय्या प्रकाश कहती हैं, "कोविड के कारण हुए लॉकडाउन ने हमें कई चीजों से दूर रखा. इस बीच हम दोस्तों से दूर रहे, अपने स्कूल से दूर रहे, क्लास से दूर रहे. इस दौरान सभी तरफ से कई ऐसी चीजें सुनने में आ रही थी, जो कहीं से उत्साहवर्धक नहीं थी." बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे थे, घरों में कैद थे. उन पर पढ़ाई का अत्यधिक दबाव था. हर तरफ भय व निराशा का माहौल था, "लेकिन इन सब के बावजूद इस दौरान हम कई बेहतर चीजें भी सीख सके."

कोरोना के दौरान बच्चों ने हमउम्रों का साथ तो खोया लेकिन उन्हें मजबूरी में ही सही, अपने परिवार के साथ रहने का मौका मिला. संकट की घड़ी परिवार के लोग एक दूसरे के करीब आए. एक दूसरे को समझने की कोशिश की. नेय्या कहती हैं, "लॉकडाउन में विपरीत परिस्थितियों में रहते हुए हम यह जान सके कि फैमिली वैल्यूज क्या हैं, किसी भी अवसर का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है. यह समझ में आया कि धैर्य क्या है. कम पैसे में कैसे जी सकते हैं."

किताब के कुल 20 चैप्टर में उन्होंने यह बतलाने की कोशिश की है कि इस महामारी ने हमें कई अच्छी चीजों से कैसे रूबरू कराया. इस समय बच्चों ने जो सीखा, उसे कोई स्कूल नहीं सिखा सकता. नैय्या कहती हैं, "मैंने चौथे चैप्टर में लाइफ इन क्वारंटाइन में क्या सीखा, जैसे खाना बनाना, अपने काम खुद करना जैसी बातों की चर्चा की है और अंतिम चैप्टर को लॉकडाउन में क्या सीखा पर डेडिकेट किया है."

स्कूली बच्चों का बहुत सारा समय दोस्तों के साथ खेलने कूदने, गपशप और मौज मस्ती में गुजरता है. कोरोना ने इसे बदल दिया था. सब अपने अपने घरों में कैद थे और हर चीज के लिए परिवार के लोगों पर निर्भर थे. समय गुजारना भी एक चुनौती बन गई थी. नैय्या ने डॉयचे वेले को बताया, "सभी में कुछ न कुछ क्रिएटिव गुण होते हैं. इस गुण को इस दौरान उभरने का मौका मिला. किसी ने गार्डेनिंग सीखी तो किसी ने खाना बनाना सीखा. बच्चों ने बाल बनाना, बर्तन धोना जैसी चीजें सीखी, जो उनकी नजर में अबतक किसी और का दायित्व था. हमने परिवार में परस्पर सहयोग करना, एक-दूसरे का हाथ बंटाना सीखा."
जब बोर्ड की परीक्षा नहीं हुई

केंद्रीय विद्यालय चेन्नई से पढ़ाई कर रही नैय्या कोविड के कहर की तेज लहर के समय अपने घर मुजफ्फरपुर आई थी. यहीं से ऑनलाइन पढ़ाई कर रही थीं. वे कहती हैं, "बोर्ड परीक्षा को लेकर जैसी व्याकुलता सभी बच्चों में होती है, वह मुझमें भी थी. ऑनलाइन क्लासेज होने के कारण क्लासरूम जैसी पढ़ाई नहीं हो पा रही थी. सभी बच्चों को डर था कि इसका असर कहीं परीक्षा पर न पड़े. फिर बोर्ड की परीक्षा नहीं हुई और इंटरनल असेसमेंट के आधार पर बच्चे पास कर दिए गए."

इसी समय उन्होंने यह किताब लिखनी शुरू की. ऑनलाइन व ऑफलाइन पढ़ाई के तरीके पर नैय्या का कहना है कि ऑनलाइन में स्टडी मैटेरियल तो काफी हैं लेकिन "स्कूल में जो हम पढ़ पाते हैं, वह घर पर नहीं कर पाते. वहां हमारा ओवरऑल डेवलपमेंट होता है. हमने अपने इस अनुभव को भी शेयर किया है."

किताब ने 15 साल की नैय्या को सेलेब्रिटी बना दिया है. उसका अनुभव दूसरे बच्चों के लिए प्रेरणा हो सकता है. बच्चों के लिए अपने संदेश में नैय्या कहती हैं, "हम समय को परिवर्तित नहीं कर सकते. परिस्थिति जैसी भी हो उसमें एडैप्ट करने की कोशिश करनी चाहिए. हमें इस पर हाय-तौबा मचाने की जरूरत नहीं है कि हम कैसी स्थिति में हैं, बल्कि हमें उसी स्थिति में मौजूद चीजों से ही अपना बेहतर देना चाहिए. निगेटिव कंडीशन में भी पॉजिटिव अप्रोच रखनी चाहिए. किसी भी स्थिति में हिम्मत नहीं हारनी चाहिए." 154 पेज की इस पुस्तक में 21 इलस्ट्रेशन हैं, जिन्हें नैय्या ने खुद बनाया है.

पहली किताब की सफलता ने नैय्या का हौसला बढ़ाया है. अब वह अपनी अगली पुस्तक पर भी काम कर रहीं हैं. उनकी अगली भारत कैसे तरक्की कर रहा है, थीम पर होगी. भारतीय विदेश सेवा में जाने की इच्छा रखने वाली नैय्या कहती हैं, "इस सेवा में जाने से हमें अपने देश को विश्व के पटल पर रिप्रेजेंट करने का मौका मिलेगा. इस सेवा के जरिए देश के लिए बहुत कुछ किया जा सकता है."
चारों ओर से प्रशंसा

नैय्या मुजफ्फरपुर के कर्नल रमेश प्रकाश व दिव्या प्रकाश की पुत्री हैं. दिव्या प्रकाश कहतीं हैं, "कोरोना के कहर से लोग घरों में कैद थे. बच्चे घरों में रहकर यह देख रहे थे कि पापा या मम्मी की नौकरी चले जाने के बाद जीना कितना मुश्किल हो रहा था. बच्चों पर पढ़ाई का खासा दबाव था. टीचर से बात करना मुश्किल था तो कई बार पेरेंट्स भी बच्चों की बात नहीं समझ पा रहे थे."

नैय्या प्रकाश की इस पुस्तक की विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों ने काफी प्रशंसा की है. कोरोना महामारी के बीच मात्र 15 साल की इस बच्ची के अनूठे प्रयास की तारीफ करने वालों में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, निशांत पोखरियाल, आईआईटी चेन्नई के निदेशक भास्कर राममूर्ति और प्रख्यात फिल्म निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा जैसी हस्तियां शामिल हैं. (dw.com)
 


16-Oct-2021 2:21 PM (18)

2001 में अफगानिस्तान में अमेरिका के प्रवेश के बाद भारत ने अफगानिस्तान की विकास परियोजनाओं में भारी निवेश किया. लेकिन तालिबान की दोबारा सत्ता में वापसी के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि इन परियोजनाओं का भविष्य क्या होगा.

  डॉयचे वैले पर रोशनी मजुमदार की रिपोर्ट

2001 में अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान में तालिबान शासन के खात्मे के बाद भारत ने अफगानिस्तान में बुनियादी ढांचे और मानवीय सहायता पर अरबों डॉलर खर्च किए. भारतीय व्यापार पर नजर रखने वाले एक विशेषज्ञ के मुताबिक, राजमार्गों के निर्माण से लेकर भोजन के परिवहन और स्कूलों के निर्माण तक भारत ने समय और धन का निवेश करते हुए अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण में मदद की.

नाम न बताने की शर्त पर एक विशेषज्ञ ने कहा कि अफगानिस्तान में भारतीय परियोजनाओं के लिए नियमित रख-रखाव की जरूरत होगी और ये केवल "अनुकूल वातावरण" में ही जारी रह सकते हैं.

हडसन इंस्टीट्यूट की इनिशिएटिव ऑन द फ्यूचर ऑफ इंडिया एंड साउथ एशिया की निदेशक अपर्णा पांडे कहती हैं कि अफगानिस्तान में भारत का निवेश "सिर्फ तालिबान के कब्जे से खत्म नहीं हो जाएगा." अफगानिस्तान में चल रही भारत की कुछ सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक उस राजमार्ग का निर्माण भी शामिल है जो भारत को अफगानिस्तान से जोड़ने में मदद करता है. करीब 150 मिलियन डॉलर की लागत से अफगानिस्तान में बना जरांज-डेलाराम राजमार्ग साल 2009 में बनकर तैयार हुआ था. यह भारत को ईरान के चाबहार बंदरगाह के माध्यम से अफगानिस्तान के साथ व्यापार में मदद करता है. भारत के लिए यह सड़क संपर्क महत्वपूर्ण है क्योंकि पाकिस्तान भारत को अपने क्षेत्र में अफगानिस्तान में माल परिवहन की अनुमति नहीं देता है.

भारत ने काबुल में अफगान संसद भवन और एक बांध के निर्माण में भी सहायता की है जिससे बिजली उत्पादन और खेतों की सिंचाई में लाभ हो रहा है. अफगानिस्तान में स्कूलों और अस्पतालों के निर्माण के अलावा भारत ने अपने सैन्य स्कूलों में अफगान अधिकारियों को प्रशिक्षित भी किया है और अन्य तकनीकी सहायता की भी पेशकश की है. 2017 में नई दिल्ली और काबुल के बीच माल ढुलाई के लिए एक सीधा हवाई गलियारा खोला गया, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिला. इन परियोजनाओं के अलावा भारत ने 2005 से लेकर अब तक शिक्षा, स्वास्थ्य, जल प्रबंधन और खेल सुविधाओं सहित विभिन्न लघु और मध्यम स्तर की परियोजनाओं को विकसित करने के लिए करीब 120 मिलियन डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है.

भारत ने 2015 में काबुल में एक मेडिकल डायग्नोस्टिक सेंटर स्थापित करने में मदद की. जुलाई 2020 तक भारत ने स्कूलों और सड़कों के निर्माण के लिए करीब 2.5 मिलियन डॉलर की लागत वाले पांच अन्य समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे. साल 2020 के जिनेवा सम्मेलन में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि भारत अफगानिस्तान के काबुल जिले में शतूत बांध का निर्माण करेगा. इस बांध से बीस लाख से भी ज्यादा अफगानी नागरिकों को पीने का पानी उपलब्ध कराया जाना था. इसके अलावा जयशंकर ने अफगानिस्तान में 80 मिलियन डॉलर की 100 से अधिक परियोजनाओं को भी शुरू करने की घोषणा की थी. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत में अध्ययन करने के लिए अफगान छात्रों को छात्रवृत्ति की भी पेशकश की थी.

साल 1996 से 2001 के बीच अफगानिस्तान पर इस्लामिक कट्टरपंथी समूह के शासन काल के दौरान भारत ने तालिबान विरोधी प्रतिरोध का समर्थन किया था. साल 2001 में तालिबान की पहली सरकार के पतन के बाद भारत को अफगानिस्तान में अपना प्रभाव बढ़ाने का अवसर मिला. साल 2010 और 2013 के बीच अफगानिस्तान में भारत के राजदूत रहे गौतम मुखोपाध्याय ने डीडब्ल्यू को बताया कि अफगानिस्तान में भारत के निवेश करने का मुख्य उद्देश्य जनता का विश्वास और राजनीतिक सद्भावना हासिल करना था. उनके मुताबिक, "यह निवेश अफगान लोगों के लिए उपहारस्वरूप थे. हालांकि भारत किसी भी तरह से वित्तीय सहायता का राजनीतिक लाभ के रूप में उपयोग नहीं करना चाहता था." लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के उद्देश्यों में अफगानिस्तान का राजनीतिक और लोकतांत्रिक परिवर्तन भी शामिल था.

शिव नाडर विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय संबंधों और शासन के अध्ययन के विशेषज्ञ अतुल मिश्र कहते हैं कि भारत ने खुद को एक राज्य निर्माता के रूप में पेश किया ताकि "यह सुनिश्चित किया जा सके कि एक सुरक्षित लोकतांत्रिक और समावेशी शासन, खासतौर पर इस्लामी देश में राजनीतिक परिवर्तन के महत्व को स्पष्ट करेगा." भारत और अफगानिस्तान ने साल 2011 में एक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत भारत ने अफगान सेना की भी सहायता की. अतुल मिश्र के मुताबिक, "भारत यह भी सुनिश्चित करना चाहता था कि भारत विरोधी इस्लामी आतंकवादी अफगानिस्तान से भारतीय धरती पर हमले शुरू न करें." भारत ने इस इलाके में भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त इस्लामी आतंकवादियों को समर्थन देने का पाकिस्तान पर कई बार आरोप लगाया है.

भारत हमेशा से तालिबान का आलोचक रहा है और उसे वह अपने क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान का करीबी भी मानता है. लेकिन तालिबान ने संकेत दिया है कि वह इस बार सभी क्षेत्रीय देशों के साथ अच्छे संबंध बनाना चाहेगा. मुखोपाध्याय कहते हैं कि तालिबान के साथ काम करना भारत के लिए मुश्किल साबित हो सकता है. उनके मुताबिक, "उदाहरण के लिए तालिबान के माध्यम से अफगानी लोगों को मानवीय सहायता प्रदान करना एक जटिल मामला है." अपर्णा पांडेय कहती हैं कि यह महत्वपूर्ण है कि भारत अफगानिस्तान को मानवीय सहायता देना जारी रखे लेकिन तालिबान के माध्यम से नहीं.

भारत को अभी भी तालिबान पर शक है. अपर्णा पांडेय कहती हैं कि साल 1999 में इंडियन एयरलाइंस के एक विमान के अपहरणकर्ताओं को तालिबान का समर्थन अभी भी अधिकांश भारतीयों को याद है, "देश से अमेरिका की वापसी और 15 अगस्त को काबुल पर तालिबान के तेजी से कब्जा करने के बाद भारत ने अफगानिस्तान पर अपना प्रभाव खो दिया है." विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को अब यह देखने के लिए इंतजार करना चाहिए कि तालिबान का नया शासन क्षेत्रीय पड़ोसियों के साथ कैसा व्यवहार करता है. निश्चित तौर पर, तब तक अफगानिस्तान में भारतीय निवेश अधर में रहेगा. (dw.com)
 


16-Oct-2021 1:34 PM (24)

हरियाणा-दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर कल लखबीर सिंह नाम के शख्स की एक निहंग सिख ने हत्या कर दी थी. इसके बाद से किसान आंदोलन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. इन सवालों के बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने बड़ा बयान दिया है. राकेश टिकैत ने इस हत्या को आंदोलन को बदनाम करने की साजिश बताया है. टिकैत ने यह भी कहा है कि केंद्र के लोगों ने उकसाकर ये हत्या कराई है.

किसान संगठनों का इस हत्या से कोई लेना देना नहीं- टिकैत
abp न्यूज से खास बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा, ‘’ये हत्या किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश है. किसान संगठनों का इस हत्या से कोई लेना देना नहीं है.’’ उन्होंने कहा, ‘’सरकार ने प्रशासन को किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए हजारों-करोड़ों रुपए दिए हैं. सिंघु बॉर्डर पर जो हुआ, वह सरकार के उकसावे की वजह से हुआ है.’’

अजय मिश्रा के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा- टिकैत
राकेश टिकैत ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों को कुचलने की घटना पर भी बड़ा बयान दिया है. राकेश टिकैत ने कहा है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा. अजय मिश्रा को इस्तीफा देना चाहिए. राकेश टिकैत ने यह भी आरोप लगाया कि अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा से पुलिस पूछताछ नहीं कर रही है. अगर पुलिस को पूछताछ ही करनी है तो थाने में ले जाकर करे, गेस्ट हाउस में नहीं.’’

युवक पर गुरू ग्रंथ साहब के साथ बेअदबी का था आरोप
बताया जा रहा है कि युवक ने गुरू ग्रंथ साहब के साथ बेअदबी की और भागने लगा. तभी गेट पर पहरा दे रहे निहंगों ने इस युवक को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की. इस बेअदबी के पीछे उसका मकसद पूछा गया.  युवक ने जब कुछ नहीं बताया तो पहले उसके हाथ काटा गया, इसके बाद युवक का पैर काटा गया और उसे बैरिकेड से लटका दिया गया. (abplive)

 


16-Oct-2021 1:34 PM (20)

जम्मू-कश्मीर में पुलवामा के पंपोर इलाके में आतंकियों और सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ जारी है. इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर उमर मुश्ताक खांडे को घेर लिया है. खांडे उन आतंकवादियों में शामिल है, जिन्हें इस साल अगस्त में पुलिस द्वारा एक हिटलिस्ट जारी किए जाने के बाद से सुरक्षा बल निशाना बना रहे हैं.

दो पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल है खांडे
पुलिस महानिरीक्षक (कश्मीर) विजय कुमार ने ट्वीट किया कि खांडे इस साल की शुरुआत में श्रीनगर जिले के बघाट में दो पुलिसकर्मियों की हत्या की घटना में कथित रूप से शामिल था. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘श्रीनगर के बघाट में दो पुलिसकर्मियों की हत्या और आतंकवाद से जुड़े अन्य अपराधों में शामिल शीर्ष 10 आतंकवादियों में शामिल लश्कर का कमांडर उमर मुस्ताक खांडे पंपोर में फंसा है.’’

आतंकियों के खिलाफ सबसे बड़ी मुहिम शुरू
बता दें कि जम्मू-कश्मीर में सेना ने आतंकियों के खिलाफ सबसे बड़ी मुहिम शुरू कर दी है. एक तरफ पुंछ के जंगलों में छिपे सेना के जवान आतंकियों से लोहा ले रहे हैं, तो दूसरी तरफ आम लोगों को निशाना बनाने वाले आतंकियों को ढेर कर रहे हैं. कल दो जवानों की शहादत के बाद सुरक्षाबलों ने अलग-अलग जगहों पर 2 आतंकियों को ढेर कर साफ कर दिया है कि आतंक पर करारी चोट की पुख्ता तैयारी है. हालांकि पुंछ में पिछले 5 दिनों से जारी एनकाउंटर में अब तक 7 जवान शहीद हो चुके हैं.

पुंछ और राजौरी के बीच हैं डेरा की गली की पहाड़ियां
दरअसल पुंछ और राजौरी के बीच डेरा की गली की पहाड़ियां है. जहां एनकाउंटर चल रहा है, पूंछ के बाद POK शुरु होता है जहां बालाकोट इलाके मे पाकिस्तान ने आतंकियों के लॉन्च पैड बना रखे हैं. आतंकी इन्ही लॉन्च पैड से पुंछ में दाखिल होते हैं और फिर डेरा की गली की पहाड़ियों में आकर छिप जाते हैं, जिसके बाद वो आसानी से राजौरी या श्रीनगर में दखिल हो सकते हैं. आतंकी राजौरी या श्रीनगर तक न पहुंचे, इसलिए सेना की कोशिश उन्हें डेरा की गली की पहाड़ियों में ही रोक लेने की होती है, इस बार भी सेना ने यही किया है. (abplive)
 


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