राष्ट्रीय

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06-May-2021 9:30 PM 21

नई दिल्ली, 6 मई | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल के विशेष निमंत्रण पर यूरोपीय परिषद की बैठक में भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, भारत-यूरोपीय संघ के नेताओं की बैठक की मेजबानी पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा करेंगे। वर्तमान में यूरोपीय संघ के परिषद की अध्यक्षता पुर्तगाल के पास है।

प्रधानमंत्री मोदी यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों व शासनाध्यक्षों के साथ इस बैठक में भाग लेंगे। यूरोपीय संघ प्लस 27 इस प्रारूप में इससे पहले केवल एक बार इस साल मार्च में अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ मिले हैं।

इस बैठक में शामिल होने वाले नेता कोविड-19 महामारी और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सहयोग, स्थायी और समावेशी विकास को बढ़ावा देने, भारत-यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ-साथ आपसी हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों के बारे में विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।

भारत-यूरोपीय संघ के नेताओं की यह बैठक यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के सभी नेताओं के साथ चर्चा करने का एक अभूतपूर्व अवसर है। यह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मील का पत्थर है और जुलाई 2020 में हुए 15वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के बाद से आपसी संबंधों में आई तेजी को आगे और मजबूत करेगा।(आईएएनएस)


06-May-2021 9:28 PM 28

 नई दिल्ली, 6 मई | बांग्लादेश के ऑलराउंडर शाकिब अल हसन और तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान आईपीएल स्थगित होने के बाद चार्टर फ्लाइट स्वदेश पहुंच गए हैं।

मुस्ताफिजुर ने खुद के साथ शाकिब की फोटो पोस्ट कर कहा, "हम बिना किसी परेशानी के सुरक्षित बांग्लादेश पहुंच गए हैं। मैं राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स का धन्यवाद देता हूं जिन्होंने इसे संभव किया। मैं हमारे स्वास्थ्य मंत्रालय का भी उनके योगदान के लिए शुक्रगुजार हूं।"

हाल ही में आईपीएल की कुछ टीमों में कोरोना के मामलों को देखते हुए आईपीएल के इस सीजन को स्थगित किया गया था।

आईपीएल में शामिल होने के लिए यहां आए ऑस्ट्रेलिया के सदस्य आज मालदीव के लिए रवाना हुए जबकि इंग्लैंड के 11 में से आठ खिलाड़ी भी इंग्लैंड पहुंच चुके हैं।(आईएएनएस)


06-May-2021 9:25 PM 23

नई दिल्ली, 6 मई | कृषि कानून के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को 5 महीने से अधिक समय हो गया है। इसी बीच संयुक्त किसान मोर्चा ने वर्तमान किसान आंदोलन को कवर रहे सोशल मीडिया अकाउंट्स पर सरकार पर लगातार हमला करने का आरोप लगाया है और बंद हुए अकाउंट्स को फिर से एक्टिव करने की मांग रखी है। मोर्चा के अनुसार, इससे पहले किसान एकता मोर्चा के फेसबुक व इंस्टाग्राम पेज को बंद किया गया था। इसके बाद आंदोलन से संबंधित अन्य स्वतंत्र पेज को भी सस्पेंड किया गया। इंटरनेट बैन करके सरकार ने एक तरफा एजेंडा भी फैलाया।

संयुक्त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर कहा कि, "बीते दिनों अमांबलि नामक ट्विटर हैंडल को भारत सरकार के दबाव में सस्पेंड कर दिया गया। यह एकाउंट किसान मोर्चे में हो रहे शहीदों की जानकारी समेत किसान आंदोलन से जुड़ी हर छोटी बड़ी जानकारियां लोगो के साथ सांझा करता रहा है।"

"इस एकाउंट से कोरोना महामारी से संबंधित भी लोगों की मदद की जा रही है। किसान आंदोलन में लगातार लंगर और अन्य जरूरी सामान की सेवा करने वाले और कोरोना महामारी में आम लोगों की बढ़ चढ़कर मदद करने वाले सामाजिक कल्याण संगठन खालसा एड के प्रमुख रवि सिंह का फेसबुक अकाउंट भी सस्पेंड कर दिया है।"

"सरकार की स्वतंत्र पत्रकारिता और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर हमले की हम निंदा व विरोध करते हैं और इन एकाउंट्स को तुरंत एक्टिव करने की मांग करते हैं।"

दरअसल किसानों के आंदोलन में एक बार फिर से भीड़ जुटना शुरू हो गई है। संख्या कम होने पर इससे पहले किसान नेताओं ने गांव के खेतों में कटाई करने जाने की बात कही थी। वहीं आज सिंघु बॉर्डर पर कटाई के सीजन के लगभग पूरा होते ही किसानों ने वापस दिल्ली, मोचरें पर पहुंचना शुरू कर दिया है।(आईएएनएस)


06-May-2021 9:25 PM 27

भोपाल, 6 मई | मध्य प्रदेश में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए 15 मई तक के लिए सब कुछ बंद कर दिया गया है। जनता कर्फ्यू का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की जनता से आह्वान करते हुए कहा है कि कोरोना मानवता पर बड़ा संकट है। कोरोना को नियंत्रित करने का एकमात्र उपाय संक्रमण की चेन तोड़ना है। यह कार्य सभी के सहयोग के बिना संभव नहीं है। हम लंबे समय तक बंद नहीं रख सकते, जन-जीवन सामान्य भी करना है। इसलिए आगामी 15 मई तक सब कुछ बंद कर दें। जनता कर्फ्यू का कड़ाई से पालन करें और संक्रमण की चेन तोड़ दें। शादी विवाह आगे बढ़ा दें। जिस गांव में एक भी कोरोना मरीज है, वहां मनरेगा के कार्य बंद कर दें। मुख्यमंत्री चौहान ने इस कार्य में सभी के सहयोग की अपील की है।


मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि कोरोना को समाप्त करने के लिए गांव-गांव, शहर-शहर में 'किल कोरोना' अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर सर्वे कर मरीजों की पहचान कर उनका तुरंत इलाज प्रारंभ किया जा रहा है, शहरी क्षेत्रों में कोविड सहायता केंद्र बनाए जाकर वहां जांच, मेडिकल किट वितरण आदि की व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सरकार गरीब, आम आदमी, मध्यमवर्गीय व्यक्तियों को भी कोरोना का निशुल्क इलाज तुरंत उपलब्ध कराएगी। इसके लिए सरकार कल से ही योजना प्रारंभ कर रही है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पैकेज घोषित किया जा रहा है। निजी अस्पतालों के साथ सरकार अनुबंध करेगी। सीटी स्कैन आदि जांचें भी निरूशुल्क होंगी।

(आईएएनएस)


06-May-2021 9:23 PM 50

 नई दिल्ली, 6 मई | दिवंगत रामानंद सागर के ब्लॉकबस्टर पौराणिक सीरियल रामायण ने एक बार फिर से टेलीविजन पर वापसी की है। इस धारावाहिक ने 1987 में दूरदर्शन पर रिलीज होने के बाद काफी लोकप्रियता हासिल की थी और पिछले साल के लॉकडाउन के दौरान राष्ट्रीय प्रसारक ने इस सीरीयल का दोबारा प्रसारण किया था। 2020 में फिर से प्रसारित होने पर सीरीयल ने एक बार फिर दर्शकों की संख्या के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।

रामायण में विभिन्न भूमिका अदा करने वाले कलाकारों की पहचान दशकों से भारतीय हस्तियों के तौर पर बन चुकी है। राम के रूप में अरुण गोविल, सीता के रूप में दीपिका चिखलिया, लक्ष्मण के रूप में सुनील लहरी, रावण के रूप में अरविंद त्रिवेदी और हनुमान के रूप में दारा सिंह को आज भी उनके अभिनय के लिए याद किया जाता है।

इस बार रामायण कलर्स चैनल पर प्रसारित किया जा रहा है, जो कि गुरुवार से शुरू हो गया है। (आईएएनएस)


06-May-2021 9:22 PM 26

पुडुचेरी, 6 मई | तीन बार के मुख्यमंत्री और ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (एआईएनआरसी) के अध्यक्ष एन रंगास्वामी, जिन्होंने शुक्रवार को पुडुचेरी विधानसभा चुनाव में एनडीए को जीत दिलाई, उनको मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि वह एक उप मुख्यमंत्री होंगे।

रंगास्वामी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, हम एक उपमुख्यमंत्री के बारे में सोच रहे हैं और अगर केंद्र ने प्रस्ताव दिया तो हम इस पर विचार करेंगे।

केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में कभी उपमुख्यमंत्री नहीं रहा है, भाजपा नेता नमस्सिवम के पास यह पद होगा। एनआर कैबिनेट में एआईएनआरसी और भाजपा के 3 सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री सहित 7 सदस्य होने की संभावना है।

भाजपा पुडुचेरी नेतृत्व के अनुसार, भाजपा को जॉन कुमार को एनआर सरकार के अल्पसंख्यक चेहरे के रूप में शामिल करने की संभावना है और अन्य नामों को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा।

भाजपा पुडुचेरी के प्रदेश अध्यक्ष, समिनाथन ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, पार्टी एनडीए सरकार में शामिल किए जाने वाले नामों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। एक उप मुख्यमंत्री की संभावनाएं हैं और यह पहली बार होगा जब पुडुचेरी में उपमुख्यमंत्री होगा। (आईएएनएस)


06-May-2021 9:21 PM 14

नई दिल्ली, 6 मई | चार महिला सहित आठ भारतीय रिकर्व तीरंदाजी टीम वीजा नहीं मिलने के कारण 17 से 23 मई तक ल्यूसाने में होने वाले विश्व कप (दूसरे चरण) में भाग नहीं ले पाएंगे। भारत में बढ़ते कोरोना और यात्रा संबंधी प्रतिबंधों के कारण स्विटजरलैंड की दूतावास ने भारतीय तीरंदाजी टीम को वीजा जारी करने से इनकार कर दिया है। इसके बाद भारतीय तीरंदाजी संघ ने विदेश मंत्रालय से वीजा दिलाने के लिए गुहार लगाई है।


भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के महासचिव प्रमोद चंदुरकर ने आईएएनएस से कहा, " भारत में कोडि-19 की दूसरी लहर के कारण यूरोपीय राष्ट्र वीजा से इनकार कर रहे हैं। यहां तक कि अगर हम यात्रा करते हैं, तो स्विट्जरलैंड में 10 दिनों तक क्वारंटीन में रहना होगा। समय बीतने के साथ, सबसे अच्छा विकल्प प्रतियोगिता को छोड़ना और जून में विश्व कप के पेरिस संस्करण पर ध्यान केंद्रित करना था, जो एक ओलंपिक क्वालीफाई प्रतियोगिता भी है।"

पुरुष रिकर्व टीम 23 जुलाई से होने वाले टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुकी है, जबकि महिला रिकर्व टीम को अभी क्वालीफाई करना बाकी है। व्यक्तिगत स्पर्धा में अब तक दो बार की ओलंपियन दीपिका कुमार ने ही टोक्यो ओलंपिक के लिए कोटा हासिल किया है ।

महासचिव ने कहा, " राष्ट्रीय टीम ने ग्वाटेमाला सिटी में हाल ही में संपन्न विश्व कप स्टेज 1 में अच्छा प्रदर्शन किया था। भारतीय टीम ने तीन स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता था। पुणे में राष्ट्रीय शिविर में शामिल होने वाले तीरंदाजों को सात दिनों की क्वारंटीन से गुजरना पड़ा था। लॉजेन विश्व कप में भाग लेना एक अच्छा अभ्यास सत्र हो सकता था लेकिन फिर यूरोप की यात्रा करना और क्वारंटीन से गुजरना भी थकाऊ हो सकता था।"

21 से 27 जून तक पेरिस में होने वाले ओलंपिक क्वालीफाइंग विश्व कप से पहले यह विश्व कप महिला तीरंदाजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी टूर्नामेंट में भारतीय महिला टीम के पास ओलंपिक कोटा हासिल करने का मौका है।(आईएएनएस)


06-May-2021 7:31 PM 31

कोलकाता, 6 मई  | पश्चिम बंगाल में कोविड के मामलों के बढ़ने के कारण ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ज्यादा लोगों के बीच नहीं ली। अब उनकी नई मंत्रिपरिषद के बारे में कई दिनों से कयास लगाए जा रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष पदस्थ सूत्रों से पता चला है कि 50 से अधिक निर्वाचित विधायकों के नए होने के साथ मंत्रियों के रूप में नए चेहरों की संभावना है। पिछली बार कुल 44 मंत्री थे, जिनमें से 28 कैबिनेट मंत्री थे और 16 राज्य मंत्री थे।

दिलचस्प बात यह है कि इस बार ममता बनर्जी को अपने मंत्रिमंडल के नौ मंत्रियों को छोड़कर अपनी कैबिनेट बनानी होगी, जिसमें तीन दिग्गज नेता वित्त और उद्योग मंत्री अमित मित्रा, पर्यटन मंत्री गौतम देब और तकनीकी शिक्षा मंत्री पूर्णेंदु बसु शामिल हैं।

मित्रा और बसु ने चुनाव में नहीं लड़ने का फैसला किया था, लेकिन देब उत्तर बंगाल में भाजपा के सिख चटर्जी डाबग्राम-फुबरी निर्वाचन क्षेत्र से हार गए।

इसके अलावा तृणमूल के तीन मंत्रियों ने चुनाव से पहले पार्टी छोड़ दी थी। जिसमें राज्य के परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी और वन मंत्री राजीब बनर्जी शामिल थे।

खेल राज्य मंत्री लक्ष्मी रतन शुक्ला ने भी पार्टी छोड़ दी थी। शुक्ला ने जिन तीन चुनावों में चुनाव नहीं लड़ा, उनमें से बनर्जी की हार हुई और नंदिग्राम की लड़ाई में आधिकारी मुख्यमंत्री के खिलाफ जीत गए।

उत्तर बंगाल के तीन अन्य मंत्री विकास मंत्री रवींद्रनाथ घोष, पश्चिमी क्षेत्र विकास मंत्री शांतिराम महतो और पंचायत राज्य मंत्री श्यामल संतरा, जो इस चुनाव में हार गए थे।

पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, बनर्जी पिछले 10 वर्षों से वित्त और उद्योग का प्रबंधन करने वाले मित्रा के प्रतिस्थापन को चुनने में सबसे कठिन चुनौती का सामना करेंगी।

एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री ने नाम ना छापने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, मुख्यमंत्री का अमित मित्रा पर अटूट विश्वास था और उन्होंने मित्रा को पूरी छूट दी हुई थी, जो राज्य के लिए फायदेमंद साबित हुआ। मित्रा की अनुपस्थिति के कारण उनके लिए अपने वित्त का प्रबंधन करना मुश्किल होगा। वर्तमान में यह एक द्वारा नियंत्रित किया जाता है। सेवानिवृत्त नौकरशाह लेकिन यह एक स्थायी समाधान नहीं है।

पश्चिम मिदनापुर के अखिल गिरी और पूर्व आईपीएस हुमायूं कबीर की सबसे अधिक संभावना है। गिरि, शभेंदु अधिकारी और उनके परिवार के एक कट्टर विरोधी रहे हैं, पश्चिम मिदनापुर में तृणमूल कांग्रेस की खोई हुई जगह को पुर्नजीवित करने में सहायक रहे हैं, जहां पार्टी ने 16 में से 13 सीटें जीती थीं। पूर्वी मिदनापुर के रामनगर के इस विधायक को जिले में अपने प्रदर्शन के लिए इनाम मिल सकता है।

तृणमूल के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि उनके सुप्रीमो भाजपा के आरोपों का उचित जवाब देने के लिए जिले से कुछ नए चेहरों को ला सकते हैं।

इस सूची में जो नाम हैं, उनमें संथाली अभिनेत्री बीरबा हांसदा हैं, जो झाड़ग्राम से जीतीं और प्रदीप मजुमदार, जिन्होंने पश्चिम बर्दवान जिले में दुगार्पुर पूर्व निर्वाचन क्षेत्र में जीत हासिल की।

इसके अलावा, हुमायूं कबीर जिन्होंने अपनी सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया और पूर्वी मिदनापुर जिले से जीत गए, पूर्व परिवहन मंत्री मदन जो कि कामरहाटी विधानसभा क्षेत्र से जीते थे, ममता बनर्जी की परिषद में बर्थ सुनिश्चित कर सकते हैं।

मानस भुनिया, पूर्वी मिदनापुर के सबंग से राज्यसभा सांसद, जो सबंग विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से जीते थे, उन्हें भी मुख्यमंत्री द्वारा इनाम मिल सकता है।

हुगली के पंडुआ निर्वाचन क्षेत्र से आने वाले रत्ना डे नाग और शिबपुर विधानसभा क्षेत्र से जीतने वाले क्रिकेटर से राजनेता बने मनोज तिवारी भी मंत्रालय संभाल सकते हैं।(आईएएनएस)


06-May-2021 7:30 PM 22

चंडीगढ़, 6 मई | हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ग्रामीण इलाकों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ परीक्षण बढ़ाकर राज्य में कोरोनावायरस के प्रसार को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए सक्रिय रणनीति अपना रहे हैं। वह खासतौर पर गांवों में ध्यान केंद्रित करना चाह रहे हैं, जहां हाल के दिनों में कोरोना मामलों में वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, पिछले आठ दिनों में उन्होंने व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के लिए 17 जिलों की यात्रा की है। आने वाले दिनों में वह बाकी पांच जिलों का भी दौरा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञों का हवाला देते हुए कहा है कि मामलों में संभावित वृद्धि की उम्मीद है और इसलिए सभी उपायुक्तों को विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में आक्रामक तरीके से निगरानी, आंकड़े नियंत्रण और केंद्रित नैदानिक प्रबंधन के साथ मिलकर तैयारियों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।

प्रशासनिक सचिवों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए, मुख्यमंत्री ने गहन निगरानी इकाइयों और ऑक्सीजन से सुसज्जित बेड की उपलब्धता के अलावा, तैयारियों की निगरानी करने और ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उन्हें प्रत्येक जिले के प्रभारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा है, अस्पतालों में ऑक्सीजन, बेड और दवाओं की उपलब्धता की नियमित ऑडिटिंग की जानी चाहिए, ताकि भविष्य और वर्तमान की मांग और आपूर्ति के बारे में रणनीति पहले से बनाई जा सके। हर अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति और मांग की निगरानी के लिए जल्द से जल्द एक जिला स्तरीय टीम गठित होनी चाहिए।

उन्होंने उपायुक्त से ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति की निगरानी करने और जल्द से जल्द ऑक्सीजन टैंकरों की आवक या अनलोडिंग सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक तेजी से एंटीजन टेस्ट कराने और स्वास्थ्य जांच और जागरूकता शिविर आयोजित करने पर जोर दिया जाना चाहिए।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि वर्तमान में राज्य का ऑक्सीजन कोटा 257 मीट्रिक टन (एमटी) है और केंद्र सरकार से इस कोटे को बढ़ाकर 300 एमटी करने का अनुरोध किया गया है।

मुख्यमंत्री ने सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों को निर्देश जारी किए कि वे भर्ती मरीजों की संख्या, ऑक्सीजन सपोर्ट पर मरीजों और छुट्टी दे चुके रोगियों के बारे में दैनिक अपडेट दें।

ग्रामीण क्षेत्रों में मामलों में वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक गांव में विशेष स्क्रीनिंग शिविर लगाए जाएं।(आईएएनएस)


06-May-2021 7:29 PM 21

नई दिल्ली, 6 मई | दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कोरोनो के बढ़ते मामलों के बीच मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए धन्यवाद दिया। केजरीवाल ने पत्र में मोदी से कहा, "मैं कल (5 मई) को 730 एमटी ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए दिल्ली के लोगों की ओर से आपके प्रति आभार व्यक्त करता हं।ू मैं आपसे रोजाना उतनी ही ऑक्सीजन की आपूर्ति करने का अनुरोध करता हूं।"

केजरीवाल ने अपने पत्र में राष्ट्रीय राजधानी में 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की दैनिक आपूर्ति के लिए भी पीएम मोदी से आग्रह किया, क्योंकि दिल्ली में पिछले 15 दिनों से ऑक्सीजन की मांग बढ़ रही है।

उन्होंने पत्र में कहा, "दिल्ली में प्रतिदिन 700 मीट्रिक टन की जरूरत पड़ती है। हम केंद्र से ऑक्सीजन देने का लगातार अनुरोध कर रहे थे। बुधवार को, दिल्ली को पहली बार 730 मीट्रिक टन ऑक्सीजन प्राप्त हुआ। मैं 730 एमटी ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए दिल्ली के लोगों की ओर से आपके प्रति आभार व्यक्त करता हं। मेरा अनुरोध है कि आप दिल्ली को रोजाना उतनी ही ऑक्सीजन की आपूर्ति करें।"

इससे पहले, दिन में केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने शीर्ष न्यायालय के आदेश का अनुपालन किया है और 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन के बजाय, उसने दिल्ली में 730 मीट्रिक टन की आपूर्ति सुनिश्चित की।

शीर्ष अदालत ने दिल्ली को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए दिशा-निर्देश का पालन न करने पर केंद्र सरकार के अधिकारियों के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा शुरू की गई अवमानना कार्यवाही पर रोक लगाते हुए गुरुवार सुबह केंद्र से जवाब मांगा था।

दिल्ली में कोविड-19 की दूसरी लहर ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पर भारी दबाव डाला है। कई राज्यों के अस्पतालों में चिकित्सा ऑक्सीजन, बेड, दवाओं और उपकरणों की कमी है।(आईएएनएस)


06-May-2021 7:28 PM 21

पणजी, 6 मई | गोवा में मुंबई हाईकोर्ट की बेंच ने गुरुवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह 10 मई से गोवा में प्रवेश करने वाले यात्रियों के लिए कोविड नेगेटिव रिपोर्ट (प्रवेश से 72 घंटे पहले तक की) अनिवार्य करे। साथ ही यह भी कहा गया है कि मेडिकल बिरादरी के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए कोविड अस्पतालों के बाहर पर्याप्त पुलिस कर्मी होने चाहिए।

राज्य में बिगड़ती कोविड की स्थिति के मद्देनजर दक्षिण गोवा अधिवक्ता संघ द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए, न्यायालय ने राज्य सरकार को 18 से 45 वर्ष के व्यक्तियों के लिए टीकाकरण अभियान की स्थिति का उल्लेख करने का भी निर्देश दिया।

कोर्ट ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया कि वह जल्द से जल्द कोविड परीक्षण की रिपोर्ट सुनिश्चित करे, जिसमें फिलहाल तीन से चार दिन की देरी हो रही है।

गोवा सरकार को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह राज्य में टेस्टिंग के बुनियादी ढांचे से संबंधित हलफनामा दाखिल करे और साथ ही आवश्यक दवा की उपलब्धता और सरकार द्वारा इसे बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी बताए।

इसके साथ ही अदालत ने हलफनामे में राज्य सरकार को ऑक्सीजन स्टॉक की उपलब्धता के बारे में भी उल्लेख करने को कहा है।(आईएएनएस)


06-May-2021 7:27 PM 30

मुंबई, 6 मई | मुंबई में लॉकडाउन के दौरान एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मुंबई एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (नागपाड़ा यूनिट) ने 7.10 किलोग्राम रेडियोधर्मी प्राकृतिक यूरेनियम जब्त करके दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। जब्त सामग्री को भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र को भेजा गया था । केन्द्र ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह प्राकृतिक यूरेनियम है जो कि अत्यधिक रेडियोधर्मी है और मानव जीवन के लिए बहुत खतरनाक है।

लगभग 21.30 करोड़ रुपये के प्राकृतिक यूरेनियम की जब्ती के बाद एटीएस ने परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 और अन्य कानूनों के तहत आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है और आगे की जांच चल रही है।

एटीएस के अनुसार, 14 फरवरी को पुलिस इंस्पेक्टर संतोष भालेकर को एक गुप्त सूचना मिली कि ठाणे का एक व्यक्ति, 27 वर्षीय जिगर जयेश पंड्या कथित तौर पर यूरेनियम के कुछ टुकड़ों का सौदा करने की योजना बना रहा है।

टिप की पुष्टि करने के बाद, भालेकर और अन्य एटीएस ने एक जाल बिछाया और पांड्या को पकड़ने में सफल रहे।

अपनी पूछताछ के बाद, पंड्या ने खुलासा किया कि यूरेनियम के टुकड़े उन्हें एक अबू ताहिर अफजल चौधरी, 31 द्वारा दिए गए थे।

चौधरी उत्तर-पूर्व मुंबई के मानखुर्द उपनगर से हैं, जो ट्रॉम्बे में बार्क के अनुशक्ति नगर से बमुश्किल 3 किमी दूर है।

इसके तुरंत बाद, एटीएस की टीम में भलराव, एपीआई प्रशांत सावंत और अन्य लोग शामिल हुए, जहां से वे चौधरी को पकड़ कर मानखुर्द पहुंचे और एक पंचनामा के तहत रेडियोधर्मी सामग्री को जब्त कर लिया गया।

बार्क के विश्लेषण रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद और परमाणु खनिज निदेशालय के लिए अन्वेषण और अनुसंधान, नागपुर, मुंबई एटीएस नागपाड़ा यूनिट द्वारा 5 मई को दर्ज की गई एक शिकायत ने पहली सूचना रिपोर्ट दर्ज की जिसमें परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 और अन्य कानून शामिल हैं।

आरोपी पांड्या और चौधरी को मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया और 12 मई तक एटीएस की हिरासत में भेज दिया गया है।

एटीएस यह सत्यापित करने का प्रयास कर रहा है कि चौधरी ने कहां से इतनी बड़ी मात्रा में प्राकृतिक यूरेनियम जैसे खतरनाक और रेडियोधर्मी पदार्थ हासिल किया और इस षड़यंत्र या साजिश में कितने लोग शामिल थे।(आईएएनएस)


06-May-2021 7:25 PM 25

नई दिल्ली, 6 मई | कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि चुनाव खत्म होते ही लूट फिर से शुरू हो गई है। कांग्रेस नेता ने हिंदी में ट्वीट कर कहा, "चुनाव खत्म, लूट फिर शुरू।"

6 अप्रैल से 3 मई के बीच कई दिनों तक कीमतें स्थिर रहने के बाद ईंधन की कीमतों में लगातार तीसरे दिन वृद्धि के बाद राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोला है।

पेट्रोल और डीजल ने दिल्ली में 25 पैसे और 20 पैसे की बढ़ोतरी देखी गई है।

नए बढ़ोतरी के बाद राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल और डीजल की एक लीटर की कीमत 90.99 रुपये प्रति लीटर और 81.42 रुपये प्रति लीटर हो गई है।(आईएएनएस)


06-May-2021 7:24 PM 47

माले, 6 मई | मालदीव के हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (एचईओसी) ने घोषणा की है कि द्वीप राष्ट्र कोविड महामारी की चौथी लहर का सामना कर रहा है क्योंकि रोजाना संक्रमण के मामले लगातार चार दिनों तक रिकॉर्ड तोड़ रहा है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार एचईओसी के सदस्य मोहम्मद अली ने बुधवार को कहा कि हाल ही में संक्रमण में वृद्धि से नए वैरिएंट के प्रसार की संभावना बढ़ गई है।

इस बीच, हेल्थ प्रोटेक्शन एजेंसी (एचपीए) के आंकड़ों से पता चला कि रोजाना नये मामलों का रिकॉर्ड चौथे दिन टूट गया।

बुधवार को कुल 734 नए मामलों का पता चला, जिससे संक्रमण की कुल संख्या 32,665 हो गई।

इन नए संक्रमणों में, ग्रेटर माले के राजधानी क्षेत्र में 540 का पता चला, जबकि शेष बड़े पैमाने पर बसे हुए द्वीप थे।

वर्तमान में कोरोना से मरने वालों की संख्या 74 हो गई है।

अली ने राज्य के स्वामित्व वाली पीसीएम न्यूज के हवाले से कहा था कि धरमवंता अस्पताल के डीएच -11 फैसिलिटी के सभी आईसीयू बेड पर फिलहाल फुल हैं।

उन्होंने कहा कि बढ़ती संख्या में मरीजों की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की कमी है।(आईएएनएस)


06-May-2021 7:22 PM 46

नई दिल्ली, 6 मई | भारत में बीते कुछ सप्ताीहों में कोरोना पीड़ितों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिसके चलते नाइट कर्फ्यू के साथ-साथ लॉकडाउन भी लगाया गया है और साथ ही साथ आवाजाही तथा गतिविधियों पर कठोर नीति अपनाई गई है। इस बीच 'स्पू्तनिक वी' वैक्सीन भारत पहुंच गई है। अप्रैल महीने में भारत में रूसी कोरोना टीके को 'स्पूतनिक वी' इमरजेंसी यूज ऑथोराइजेशन (ईयूए) यानी आपातकालिक प्रयोग का अधिकार प्राप्त हो गया था । यह भारत द्वारा खुद के क्लिनिकल ट्रायल्स पूरे करने और अपने क्लिनिकल ट्रायल्स के डाटा और रूसी डाटा का इस्तेमाल कर स्पूतनिक को पंजीकृत करने के बाद हुआ है। भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की रफ्तार प्रतिदन बढ़ती जा रही है। ऐसे समय में स्पुतनिक वी वैक्सीन के भारत आने से तीसरे चरण के वैक्सीनेशन में तेजी देखने को मिलेगी। भारत में 18 से 44 साल के लोगों के लिए तीसरे चरण का वैक्सीनेशन 1 मई से शुरू हो गया है। तीसरे चरण के लिए भारी संख्या में लोगों ने अपना पंजीकरण करवाया है और इन्हें टीका लगना शुरू भी हो गया है।


इस टीके को पंजीकृत करने वाले देशों में भारत की आबादी सबसे ज्यानदा है। स्पूतनिक वी के इस्तेणमाल को मंजूरी देने वाले अन्यर देशों में अर्जेंटिना, बोलिविया, हंगरी, यूएई, ईरान, मेक्सिको, पाकिस्ता न, बहरीन और श्रीलंका शामिल हैं।

भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी एवं एस्ट्रानजेनेका द्वारा विकसित और सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा उत्पादित कोविडशील्ड के बाद रशिया का स्पूतनिक वी तीसरा टीका है, जिसे ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने आपातकालीन इस्तेमाल के लिये अनुमोदित किया है।

यह अच्छी तरह से अध्ययन किये गये ह्यूमन एडीनोवायरल वेक्टीर-बेस्डे प्लेटफॉर्म पर आधारित विश्व का पहला पंजीकृत टीका है। गैमेलेया नैशनल रिसर्च इंस्टिट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी द्वारा विकसित यह टीका सुरक्षित और परीक्षण किये गये ह्यूमन एडीनोवायरस वेक्टर प्लेटफॉर्म पर आधारित है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ, डॉ. गजेन्द्र सिंह के अनुसार, "स्पूॉतनिक वी कोरोनावायरस के विरूद्ध दो वेक्टार वाला टीका है। गैम-कोविड-वैक के नाम से भी ज्ञात यह टीका सीवीयर एक्युनट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोनावायरस 2 (सार्स-कोव-2) स्पावइक प्रोटीन के एक्सडप्रेशन के लिये वेक्टतर्स के तौर पर एडीनोवायरस 26 (एड26) और एडीनोवायरस 5 (एड5) का इस्तेमाल कर एक हेटरोलोगस रिकॉम्बिनेंट एडीनोवायरस एप्रोच का प्रयोग करता है। दो अलग सीरोटाइप्स 21 दिनों के अंतर में दिये जाते हैं, जिनका इस्तेमाल आबादी में पहले से मौजूद एडीनोवायरस इम्युनिटी से जीतने के लिये किया जाता है। अब तक विकसित हो रहे प्रमुख कोविड टीकों में से केवल गैम-कोविड-वैक इस एप्रोच को अपनाता है।"

दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में से एक-लांसेट ने स्पूतनिक वी के क्लिनिकल ट्रायल्स के फेज 3 के परिणाम प्रकाशित किये हैं, जो इस टीके का प्रभाव साबित करते हैं। पेपर ने सकारात्मक परिणामों की पुष्टि की है और विभिन्न सबग्रुप्स3 में इस टीके की सुरक्षा और प्रभाव का ज्योदा डाटा दिया है। उसने यह भी कहा है कि यह टीका कोविड-19 के गंभीर मामलों में संपूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करता है, जो फाइजर के 75 फीसदी अनुपात से ज्याकदा है। रूसी टीका 97.6 फीसदी प्रभावी है।

डॉ निरंजन पाटिल, वैज्ञानिक व्यवसाय प्रमुख-संक्रामक रोग, मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर ने बताया कि स्पूतनिक वू को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस पर स्टोर किया जा सकता है और एक आम रेफ्रीजरेटर में भी। इस प्रकार इसके लिये कोल्डं-चेन के अतिरिक्त अधोरंरचना में निवेश करने की जरूरत नहीं है। कोविशील्ड और कोवैक्सीन की तरह, लोगों को इसे भी दो बार लगाया जाता है। तभी इंसान में कोरोना के खिलाफ एक मजबूत प्रतिरोधक बनता है। इस वैक्सीन का कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं है। ये बातें एक जर्नल- द लेंसेट के दो फरवरी 2021 के अंक में कही गई हैं। उम्मीद है कि स्पूतनिक वी, भारत में वैक्सीन की कमी को तेजी से पूरा करेगा।

एक राष्ट्री य प्रतिरक्षण कार्यक्रम में किसी टीके की प्रस्तुति से पहले उसके प्रभाव, सुरक्षा, इम्युनोजेनिसिटी और उत्पादन के संदर्भ में विनियामक और सार्वजनिक स्वापस्यर नीति अनुमोदनों के लिये जांच की जरूरत होती है। वैज्ञानिक प्रमाण के सहयोग से स्पूतनिक वी एक सक्षम टीके के लिये उपर्युक्त सभी अनिवार्यताओं पर खरा है। इसलिये यह सही दिशा में उठाया गया एक महत्वापूर्ण कदम है। अब तक स्पूनतनिक वी को विश्व के 60 से ज्या दा देशों में स्वीकृति मिल चुकी है, जिनकी कुल आबादी 1.5 अरब से ज्यादा है। भारत में स्पूतनिक वी लगना जल्दी ही शुरू हो सकता है, जिससे देश की टीका रणनीति को कारगर बनाने में मदद मिलेगी।(आईएएनएस)


06-May-2021 7:12 PM 16

कहीं कोई अपने सगे संबंधी को सड़क पर छोड़ कर भाग रहा है, तो कहीं अंजान लोग मसीहा बन कर मदद के लिए सामने आ रहे हैं. कोरोना काल दिखा रहा है कि डर के माहौल में इंसान का असली रूप कैसा होता है.

 डॉयचे वैले पर मनीष कुमार की रिपोर्ट- 

भारतीयों पर कोरोना का खौफ भारी पड़ता जा रहा है. इसका असर समाज के ताने-बाने पर पड़ने लगा है. नतीजतन, इसके कई रंग सामने आने लगे हैं. कहीं रिश्तों की डोर कमजोर होती दिख रही है, तो कहीं जाति, धर्म-संप्रदाय का बंधन तोड़ मानवता अपने वजूद का अहसास भी करा रही है. कहीं बेटा-बेटी कोरोना पीड़ित बाप के शव को छोड़ कर भाग जा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ कोरोना संक्रमितों की पीड़ा को अपना दर्द समझ कोई अपने खर्चे से उनके घर तक खाना पहुंचा रहा है. एक ओर जहां सांसों की खरीद-फरोख्त चल रही है, तो वहीं दूसरी ओर कोई ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर जरूरतमंद की पुकार पर उसके घर पहुंच जा रहा है.

अबोध बच्चियों ने पिता को दिया कंधा

पटना के दीघा इलाके में एक कारोबारी संजय चौधरी की कोरोना से मौत हो गई. पत्नी ने रिश्तेदारों को खबर दी, लेकिन कोई नहीं आया. शव को एक कमरे में बंद कर उनकी पत्नी रातभर तीन बच्चों के साथ बैठी रही. करीब 30 घंटे तक संजय की लाश पड़ी रही. अंत में मुहल्ले के कुछ लोगों ने उनका अंतिम संस्कार कराया.

पटना जिले में ही राजू कुमार की मौत हो गई. उसकी मौत कोरोना से नहीं हुई थी, किंतु कोविड से मौत की आशंका से भयभीत गांव के लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकले. राजू की पत्नी ने घर-घर जाकर गांव के लोगों से दाह संस्कार के लिए हाथ जोड़े. वह बच्चों के साथ रो-रोकर लोगों से कहती रही कि राजू की मौत कोरोना से नहीं हुई है, लेकिन कोई आगे नहीं आया.

इसी तरह पटना में प्रभात कुमार की मौत हो गई. छह साल की बेटी उसके साथ रहती थी. वह 12 घंटे तक पिता के शव के साथ बिलखती रही. बाद में मकान मालिक को जानकारी मिली तो उसने पुलिस को सूचना दी. आखिरकार विधायक की पहल पर प्रभात का दाह संस्कार हो सका.

पत्नी का गला रेत कर ली आत्महत्या

यह तो मृत लोगों की बात थी, किंतु हद तो तब हो गई जब कोरोना होने पर पत्नी द्वारा घर पर रहकर इलाज कराने की बात कहने पर पति ने उसकी हत्या कर दी और खुद भी छलांग लगा कर जान दे दी. दरअसल, पटना जंक्शन के स्टेशन मैनेजर अतुल लाल की पत्नी तुलिका कुमारी कोरोना संक्रमित हो गई थी. अतुल चाहते थे कि पत्नी अस्पताल में भर्ती हो जाए, किंतु तुलिका होम आइसोलेशन में रहना चाहती थी. इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हुआ और कोरोना के खौफ से भयभीत अतुल ने बच्चों के सामने ही ब्लेड से तुलिका का गला रेत दिया और खुद अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली.

मुजफ्फरपुर के रहने वाले अर्जुन ओझा कोरोना संक्रमित हो गए. लोगों के दबाव पर उनका शिक्षक बेटा अपनी पत्नी के साथ एंबुलेंस से पिता को ले गया. अर्जुन की पत्नी को लगा कि बेटा-बहू इलाज के लिए ले गए हैं, किंतु बेटा-बहू रास्ते में एंबुलेंस रुकवा कर फरार हो गए. थोड़ी देर के इंतजार के बाद एंबुलेंस चालक भी उन्हें सड़क किनारे छोड़कर भाग गया. बाद में सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद डीएम के आदेश पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई.

अंधेरे को खत्म करने की कोशिश में युवा

शहरों में बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो अकेले रह रहे हैं या फिर परिवार के साथ हैं, किंतु कोरोना संक्रमित होने के कारण वे भोजन नहीं बना पा रहे या फिर उनके पास राशन या अन्य जरूरी सामान नहीं रह गया है. इसी पीड़ा को महसूस कर दो बहनें अनुपमा व नीलिमा संक्रमितों के घर मुफ्त खाना पहुंचा रहीं हैं. कुछ महीने पहले इनकी मां और दोनों बहनें कोरोना पॉजिटिव हो गईं थीं, तभी इन्हें लोगों की इस परेशानी का अहसास हुआ था.

राजधानी पटना के काजीपुर मोहल्ले की रहने वाली बहनों में बड़ी अनुपमा कहती हैं, "बुजुर्ग या ऐसे जो लोग अकेले रहते हैं या फिर वह परिवार जिसके सभी सदस्य कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं, वे तो बीमारी से लड़ रहे होते हैं, उन्हें खाना कौन देगा. यही सोचकर आसपास के ऐसे घरों में खाना पहुंचाना शुरू किया." एक-दो लोगों से शुरू हुई दोनों बहनों की यह मुहिम अब पूरे पटना में रंग ला रही है. नीलिमा कहती हैं, "जब मैं खाना सौंपती हूं और तब उनके चेहरे देखकर जो संतुष्टि मिलती है, उसे मैं बयान नहीं कर सकती. इतने कॉल्स आ रहे थे और इतने जरूरतमंद लोग थे कि हम दूर-दूर तक खाना पहुंचाने को तैयार हो गए." फिलहाल रोजाना करीब 200 लोगों को यह सुविधा नि।शुल्क दे रहे हैं.

इसी तरह पटना के गौरव राय सांसों के मसीहा बन शहर में ऑक्सीजन मैन के नाम से जाने जा रहे हैं. गौरव अब तक तीन हजार से अधिक लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करा चुके हैं. वे कहते हैं, "कोरोना की पहली लहर में अस्पताल में भर्ती था. जीने की आस टूट चुकी थी. पूरे परिवार को ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए भटकना पड़ा था. एक महीने बाद जब स्वस्थ होकर घर लौटा तो तय किया कि ऑक्सीजन के बिना किसी को मरने नहीं दूंगा."

इनसे इतर दो दर्जन युवा लेखक ऐसे हैं जो सोशल मीडिया पर कोरोना वॉरियर्स नामक ग्रुप बना लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर व दवाइयां उपलब्ध कराने में मदद कर रहे हैं. ये अस्पतालों में खाली बेड के बारे में भी लोगों को बता रहे. ये सभी कोरोना मरीज रह चुके लोगों का पता लगा कर प्लाज्मा डोनेट करने के लिए भी उन्हें प्रोत्साहित कर रहे हैं.

वहीं संतोष कुमार अपनी टीम के साथ बुजुर्गों व दिव्यांगों को घर से ले जाकर वैक्सीन दिलवाते हैं और फिर उन्हें घर पहुंचाते हैं. अगर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने में या कोई अन्य परेशानी होती है तो उसमें भी मदद करते हैं. मुकेश हिसारिया, जिनका कोई नहीं होता उनके शव का अंतिम संस्कार

करवाते हैं. पिछली कोरोना लहर में इन्होंने 42 लोगों का अंतिम संस्कार करवाया था. मुकेश कहते हैं, "कोरोना संक्रमित व्यक्ति के शव को अपने भी कंधा नहीं देना चाहते. ऐसे लोगों का शव एंबुलेंस भेजकर घाट पर मंगवाया जाता है और फिर विधि विधान से उनका अंतिम संस्कार किया जाता है. बाद में अस्थि कलश भी परिवार वालों को भिजवा दिया जाता है."

महामारी के बहाने ही सही, डार्विन का सिद्धांत तो लागू होगा ही और अपनी स्वाभाविक वृत्ति के अनुरुप स्वयं को बचाने के लिए हरेक व्यक्ति रक्षात्मक मोड में रहेगा ही. (dw.com)

 


06-May-2021 7:09 PM 18

भारतीय अर्थव्यवस्था पर नजर रखने वाली संस्था, सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकोनमी, सीएमआईई के एक ताजा अध्ययन के मुताबिक अप्रैल में 75 लाख लोगों की नौकरी चली गई है. पिछले चार महीनों में बेरोजगारी की दर सबसे ऊंची पाई गई है.

 डॉयचे वैले पर शिवप्रसाद जोशी की रिपोर्ट- 

कोविड-19 महामारी ने भारत को इस समय अपने सबसे खराब और सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में पहुंचा दिया है. न सिर्फ लोग बीमार हो रहे हैं और मारे जा रहे हैं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं भी चरमराती नजर आती हैं. एक तरफ ये विकरालता है तो दूसरी तरफ लोगों की दुश्वारियां बढ़ाता रोजगार पर आया संकट है.

सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकोनमी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत में कोरोना के कहर के बीच बड़े पैमाने पर बेरोजगारी बढ़ी है. जीवन और रोजगार के हाहाकार के बीच सरकारों के पास राहत के लिए फिलहाल कोई तात्कालिक नीति नजर नहीं आती. क्या भारत एक नए संकट की ओर बढ़ रहा है जिसमें जीवन स्वास्थ्य भोजन रोजगार पर्यावरण सब कुछ दांव पर लगा है या यह समय नीतियों की दूरदर्शिता और आपात एक्शन प्लान के दम पर बदला जा सकता है, यह सवाल विशेषज्ञों और नीति नियंताओं से लेकर एक्टिविस्टों और आमलोगों तक में पूछा जाने लगा है.

कोविड-19 की दूसरी लहर और उसके चलते विभिन्न राज्यों में स्थानीय स्तरों पर लगाए गए सीमित अवधि वाले लॉकडाउन या कर्फ्यू से आर्थिक गतिविधियों में ठहराव आ गया था. कहीं वे पूरी तरह से थम गईं तो कहीं अवरुद्ध हो गई और इसका असर नौकरियों पर भी पड़ा है. चार महीने में बेरोजगारी की दर आठ फीसदी हो चुकी है. इसमें शहरी इलाकों में साढ़े नौ फीसदी से ज्यादा की दर देखी गई है, तो ग्रामीण इलाकों में सात प्रतिशत की दर. मार्च में राष्ट्रीय दर साढ़े छह प्रतिशत थी, शहरी और ग्रामीण इलाकों में भी तदानुसार कम ही थी.

सीएमआईई के मुताबिक चिंता यह भी है कि न सिर्फ बेरोजगारी की दर ऊंची बनी रह सकती है, बल्कि श्रम शक्ति की भागीदारी की दर भी गिरने का खतरा है. हालांकि पहले लॉकडाउन की तरह हालात उतने गंभीर नहीं हैं, जब बेरोजगारी 24 प्रतिशत की दर तक पहुंच गई थी. वैसे यह भी सच है कि पिछले साल डांवाडोल हुआ रोजगार बाजार पूरी तरह संभला भी नहीं था कि यह नए दुष्कर हालात बन गए.

लेकिन अकेले महामारी पर इसका दोष मढ़ देना क्या जमीनी हकीकत से मुंह फेरने की तरह नहीं होगा? संख्या के लिहाज से देखें तो इस साल जनवरी में रोजगार से जुड़े लोगों की संख्या थी 40 करोड़. मार्च में यह 39.81 करोड़ पर पहुंच गई और अप्रैल में और गिरकर 39 करोड़ ही रह गई. महामारी की बढ़ती दहशत, रोजाना संक्रमण और मौत के बढ़ते आंकड़े, हालात की भयावहता दिखा रहे हैं. टीकाकरण की बहुत सुस्त रफ्तार को भी चिंता का कारण बताया जा रहा है.

पिछले साल मई के पहले हफ्ते में सीएमआईई के डाटा के मुताबिक बेरोजगारी की दर 27 प्रतिशत थी. नवंबर 2020 में देश में कुल रोजगार 39 करोड़ से कुछ ज्यादा रह गया जबकि 2019 में यह संख्या 40 करोड़ से कुछ ज्यादा थी. महिलाओं की स्थिति तो और भी बुरी रही.

रिपोर्ट के मुताबिक वैसे भी महिला श्रम बाजार में 71 प्रतिशत पुरुष हिस्सेदारी है और महिला भागीदारी महज 11 प्रतिशत की रह गयी है. फिर भी बेरोजगारी में उनकी दर पुरुषों से अधिक है. छह प्रतिशत के मुकाबले 17 प्रतिशत. देखा जाए तो पिछले साल के आर्थिक नुकसान का वास्तविक खामियाजा अब सामने दिखने लगा है.

वेतनभोगी कर्मचारियों पर 2020-21 भारी गुजरा और उनका रोजगार छूट गया. माना जाता था कि चूंकि वेतन की सुरक्षा कवच में रहते हुए यह वर्ग कोविड-19 की भीषणताओं को झेल जाएगा और उस पर वैसी मार नहीं पड़ेगी जैसे अन्य वर्गों पर लेकिन इस साल और इस असाधारण हालात ने वह भ्रम भी तोड़ दिया. एक अनुमान के मुताबिक सप्ताहांत मे भारत की आधा से ज्यादा आबादी घरों में ही सिमट कर रह गई थी.

कोविड-19 की पहली लहर में जिनकी नौकरियां चली गई थीं वे अब कहां हैं. जानकारों और अलग अलग रिपोर्टों और सीएमआईई एजेंसी के अध्ययन की मानें तो उनमें से ज्यादातर प्रवासी कामगार खेती में लौट चुके होंगे या ग्रामीण इलाकों में खेती से जुड़े छोटेमोटे काम धंधों या मजदूरी आदि में लगे होंगें.

हो सकता है कुछ वापस शहरों को लौटकर दोबारा किस्मत आजमाने शहरों को लौट आए हैं लेकिन अभी इसका विधिवत डाटा नहीं है कि कितने लौटे कितने रह गए कितनों का काम छूटा और कितनों का काम मिल पाया और काम मिला भी तो वे किस तरह का मिला और उससे उनकी आय में सुधार आया या गिरावट आई. ये सब बिंदु एक विशाल सामाजिक संकट की ओर भी इशारा करते हैं जो कोविड-19 और सरकारों की कार्यशैलियों की वजह से दरपेश है.

सीएमआईई का डाटा हालात की अत्यधिक गंभीरता का अंदाजा ही नहीं देता और न ही यह सिर्फ नौकरियों के हाल और गांवों शहरों की मौजूदा तकलीफों और दबावों और नई असहायताओं को आंकड़ों की रोशनी में बयान करता है, बल्कि यह सरकारों के लिए भी खासकर केंद्र सरकार के लिए आपात ऐक्शन की जरूरत भी दिखाता है.

बेरोजगारी के इस संकट से निपटने के लिए आखिरकार केंद्र को ही प्रोएक्टिव कदम उठाने होते हुए मजबूत दूरगामी नीति बनानी होगी. और उसमें सभी राज्यों और आर्थिक, सामाजिक, स्वास्थ्य, चिकित्सा और विधि विशेषज्ञों को साथ लेना होगा. ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के नारे को वास्तविक लोकतांत्रिक अर्थों में अमल में लाए बिना तो इस कठिन हालात पर काबू पाना नामुमकिन है. केंद्र ही नहीं राज्यों की सरकारों की कार्यक्षमता के लिए भी ये कड़े इम्तहान का वक्त है.

 


06-May-2021 6:48 PM 33

पटना, 6 मई 2021  : कोरोना महामारी के चलते बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्‍य में 10 दिन के लॉकडाउन (10-day lockdown) का ऐलान किया है लेकिन उनके सहयोगी पार्टी बीजेपी के एक नेता के दो दिन बाद 'मैंने आपको ऐसा करने कहा था..' संबंधी फेसबुक पोस्‍ट से सीएम और उनकी पार्टी जेडीयू में नाराजगी है.  इस पोस्‍ट में राज्‍य बीजेपी प्रमुख संजय जायसवाल ने लिखा था कि बिहार सरकार ने उस समय लॉकडाउन की उनकी सलाह को अनदेखा किया जब राज्‍य में 40 हजार से कम कोरोना केस थे. उन्‍होंने लिखा, एक लाख से अधिक केस होने के चलते अब कोई विकल्‍प ही नहीं था.

जायसवाल ने फेसबुक पोस्‍ट में लिखा, 'बिहार सरकार ने 11 दिन का लॉकडाउन लागू किया है. कृपया इसका पालन करें और अपनी व अपने परिवार की जिंदगी बचाएं.' लोकसभा के सांसद जायसवाल ने अपने लंबे पोस्‍ट में लिखा, 'सरकारों को लोगों की भलाई के लिए कुछ कड़े निर्णय लेने पड़ेंगे. यहां कि आज दुनिया के आधे से ज्‍यादा देशों के विभिन्‍न राज्‍यों में लॉकडाउन लागू हैं. राज्‍यपाल के साथ बैठक में मैंने शु्क्रवार शाम से सोमवार सुबह तक 62 घंटे के लॉकडाउन की बात की थी उस समय बिहार में 40 हजार से भी कम केस थे. लेकिन आज जब एक्टिव केसों की संख्‍या एक लाख के ऊपर जा चुकी है तो बिहार सरकार के पास और कोई विकल्‍प नहीं है. भारतीय जनता पार्टी के सभी प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्र में रहने का आग्रह किया जाता है. लोगों को मास्‍क और दो गज की दूरी के बारे में जागरुक करें. मुझे उम्‍मीद है कि मेरे नाम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी करने वाले नेता भी जमीनी  हकीकत को समझेंगे.

जायसवाल की यह एक सप्‍ताह के भीतर यह दूसरी पोस्‍ट है और नीतीश की पार्टी इसे लेकर नाराज है. जेडीयू के नेताओं ने कहा कि गठबंधन सरकार में बीजेपी के पास स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय है. उन्‍होंने कहा कि जायसवाल अपने पोस्‍ट के जरिये अपनी पार्टी के मंत्री की नाकामी से लोगों का ध्‍यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं.जनता दल यूनाइटेड के एक नेता ने कहा, 'जायसवाल को यह बताना चाहिए कि उन्‍होंने कितने वेंटीलेकर का इंतजाम किया या उन्‍होंने ऑक्‍सीन आवंटन सुनिश्चित करने में मदद की. वे बताएं कि उन्‍होंने केंद्र सरकार से बिहार को प्राथमिकता के आधार पर मेडिकल जरूरत के लिए क्‍या किया है.'गौरतलब है कि कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर नीतीश सरकार ने बिहार में 15 मई तक संपूर्ण लॉकडाउन लगाने का ऐलान किया है. उन्होंने ट्विटर के माध्यम से इस फैसले की जानकारी दी. सीएम नीतीश के अनुसार, सहयोगी मंत्रीगण और पदाधिकारियों के साथ चर्चा के बाद बिहार में फिलहाल 15 मई, 2021 तक लॉकडाउन लागू करने का निर्णय लिया गया. उन्होंने बताया कि इसकी विस्तृत मार्ग निर्देशिका और अन्य गतिविधियों के संबंध में आज ही आपदा प्रबंधन समूह  को कार्रवाई करने हेतु निदेश दिया गया है.  (ndtv.in)

 


06-May-2021 6:47 PM 21

नई दिल्ली, 6 मई 2021 : दिल्ली में कोरोना के हालात को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि दिल्ली को 700 टन ऑक्सीजन रोज़ाना की ज़रूरत है लेकिन दिल्ली को कम मिल रही थी. इसके बाद मीडिया में आ रहा था कि ऑक्सीजन खत्म हो रही है और मरीजों की मौत हो सकती है. बुधवार को पहली बार 730 टन ऑक्सीजन केंद्र सरकार ने भेजी है जिसका हम तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं. मैं केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का शुक्रिया अदा करता हूं. बहुत सारी जान इसकी वजह से बच पाएंगी

सीएम केजरीवाल ने कहा कि लेकिन एक दिन 700 टन ऑक्सीजन आने से काम नहीं चलेगा. जब तक कोरोना की वेव कम नहीं हो जाती इसको लगातार रोज़ाना 700 टन बनाये रखना होगा. इसके लिए दिल्ली के लोग हमेशा शुक्रगुजार रहेंगे ऋणी रहेंगे. दिल्ली के अंदर जब ऑक्सीजन की कमी हुई तो अस्पतालों ने बेड कम कर दिए. एक बहुत बड़ा अस्पताल है जिसमें 300 बेड हैं उसने 100 बेड कम कर दिए. ऐसे समय में अस्पताल अपने बेड कम कर देंगे तो इससे तो और हालत खराब हो जाएगी. उन्होंने कहा कि हमें बहुत सारे अस्पतालों में बेड कम करने पड़े. सभी अस्पतालों से निवेदन है कि जिन्होंने अपने वेलकम किए थे वह वापस बढ़ा लें क्योंकि उम्मीद है कि हम को रोजाना 700 टन ऑक्सीजन मिलेगी. 

सीएम केजरीवाल के प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातें...

-कहीं अस्पतालों ने मुझे कहा कि अगर आप हम को समुचित ऑक्सीजन दिलवा दें तो हम और बेड बढ़ा देंगे
- 1000-2000 बेड्स हमारे यहां और बढ़ सकते हैं अगर ऑक्सीजन मिल जाए तो. 
- मैं उम्मीद करता हूं कि अब जब रोजाना 700 टन ऑक्सीजन रोजाना आएगी तो अस्पताल अपनी पूरी क्षमता पर बेड रखेंगे जिससे ज्यादा से ज्यादा मरीजों को दाखिला दिया जा सके. 
- अगले कुछ दिनों में हमने प्लानिंग की हुई है कि अगर 700 टन ऑक्सीजन रोजाना आ जाती है तो हम दिल्ली में बहुत सारे ऑक्सीजन बेड बना देंगे.
- 9000 बेड हम तुरंत तैयार कर सकते हैं अगर हमें रोजाना 700 टन ऑक्सीजन रोजाना मिलने लग जाए.  अगर इतनी ऑक्सीजन होता ना मिल जाए तो मैं यकीन दिलाता हूं कि किसी भी व्यक्ति की दिल्ली में ऑक्सीजन की वजह से मौत नहीं होगी.
- जब से 18 से 44 साल के लोगों के लिए हमने टीकाकरण शुरू किया है तब से लोगों में बहुत उत्साह है टीका लगवाने के लिए.

- दिल्ली सरकार ने टीकाकरण के लिए जो व्यवस्था की है उससे लोग बहुत खुश हैं
- सभी 18 साल से ऊपर के लोगों से अपील है कि वह टीका जरूर लगवाएं
-अपने ज्यादा से ज्यादा दोस्तों को बताइए और टीका लगाइए
-  दिल्ली में अभी 35.74 लाख वैक्सीन डोज़ दे चुके हैं, 7.76 लाख लोगों ने दोनों डोज़ ली है.
- 1.3 लाख लोगों को 18-44 की श्रेणी में वैक्सीन लगी है.
- टीकाकरण कार्यक्रम को हम कहीं गुना और बड़ा कर सकते हैं लेकिन अभी वैक्सीन की सप्लाई की कमी हो रही है.
- अगर हमें वैक्सीन की समुचित सप्लाई मिल जाए तो हम 3 महीने में पूरी दिल्ली को टीका लगा देंगे.
-टीकाकरण केंद्र खोलने में कोई दिक्कत नहीं है बस हमें वैक्सीन की सप्लाई मिल जाए.  (ndtv.in)


06-May-2021 6:41 PM 13

मुंबई, 6 मई 2021 : पुणे से एक ऐसे डॉक्टर की कहानी जिन्होंने अपने पिता को कोविड के कारण खो दिया लेकिन खुद कोविड मरीज़ों का इलाज करने के लिए पिता के अंतिम संस्कार के एक दिन बाद ही ड्यूटी पर लौट गए. माँ और भाई भी कोविड के कारण अस्पताल में भर्ती हैं पर कहते हैं लोगों का कष्ट देखते हुए भी घर पर रहकर शोक कैसे मनाऊँ? डॉक्टर को धरती का भगवान यूँ ही नहीं कहा जाता, जो फ़र्ज़ के सामने अपनी पीड़ा भूल जाते हैं.

 पुणे के संजीवनी अस्पताल के डॉ मुकुंद पेनुरकर(45) हैं, 26 अप्रिल-सोमवार को कोविड ने इनसे, इनके पिता को छीन लिया, लेकिन शोक मनाने का वक़्त कहाँ था, पिता के अंतिम संस्कार के एक दिन के बाद ही बुधवार को कोविड रोगियों के इलाज के लिए ड्यूटी पर लौट गए, माँ और भाई भी संक्रमित हैं और अस्पताल में भर्ती हैं.

संजीवनी अस्पताल के डॉक्टर मुकुंद पेनुरकर ने कहा कि एक हफ़्ते के ट्रीटमेंट के बाद मेरे पिता की कोविड से मौत हो गयी उनकी उम्र क़रीब 86 थी, कोमोर्बिड भी थे लेकिन कोविड नहीं हुआ होता तो शायद कुछ और साल जी लेते और अपने बीच उन्हें देखकर हम खुश रहते. मेरे भाई और माँ यहाँ संजीवनी में भर्ती हैं. अपने पिता को बचाने की डॉक्टर मुकुंद ने हर सम्भव कोशिश की पर नाकाम रहे. पुणे के बिगड़े हालात में अपने जैसे कईयों को मजबूर देखा, कहते हैं लोगों के कष्ट के आगे, घर पर आराम करने की हिम्मत नहीं थी.

डॉक्टर मुकुंद पेनुरकर ने कहा कि सोमवार को पिता की मौत हुई और बुधवार से काम शुरू करना पड़ा क्यूँकि पुणे में हालात अभी बेहद ख़राब है की हम घर पर आराम नहीं कर सकते, ऐसे वक्त में जब लोग ऐसे कष्ट से गुजर रहे हैं, मैं खुद इससे गुज़र चुका हूँ और इससे गुजरते हुए मैंने देखा की लोगों की कई ज़रूरतें हैं जिसे पूरा करना ज़रूरी है. जरूरतमंदों के इलाज को ही डॉ मुकुंद, अपने पिता के लिए श्रद्धांजलि मान रहे हैं. (ndtv.in)


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