राष्ट्रीय

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23-Jan-2021 10:16 PM 15

रांची, 23 जनवरी| राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री 73 वर्षीय लालू प्रसाद यादव को शनिवार शाम इलाज के लिए नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में स्थानांतरित कर दिया गया। प्रसाद को चार्टर्ड उड़ान के माध्यम से एयर एम्बुलेंस में राजधानी स्थित एम्स में स्थानांतरित (शिफ्ट) किया गया है। उनके साथ उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बेटे तेजप्रताप और तेजस्वी यादव भी हैं।

इससे पहले रांची स्थित रिम्स की आठ सदस्यीय टीम ने उन्हें इलाज के लिए एम्स, नई दिल्ली रेफर किया था।

रिम्स के एक सूत्र ने आईएएनएस को बताया, लालू प्रसाद को एम्स में स्थानांतरित किए जाने की संभावना है। जेल प्रशासन के निर्देश पर, राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) द्वारा लालू प्रसाद की स्वास्थ्य स्थिति को देखने के लिए एक आठ सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। हालत की समीक्षा करने के बाद, टीम ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए एम्स, नई दिल्ली में स्थानांतरित करने का फैसला किया है।"

चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे लालू प्रसाद को एम्स में स्थानांतरित (शिफ्ट) करने के लिए झारखंड जेल प्रशासन ने भी अपनी मंजूरी दे दी है।

लालू प्रसाद के शुक्रवार को कई टेस्ट किए गए थे, जिसमें ईको (ईसीओ), ईसीजी, अल्ट्रासाउंड, केयूबीपी और एचआरसीटी शामिल हैं। सूत्र ने कहा कि निमोनिया को छोड़कर उनकी अन्य परीक्षण रिपोर्ट सामान्य हैं। उन्हें निमोनिया किस हद तक है और फेफड़ों के संक्रमण की सीमा का पता दो अन्य परीक्षण रिपोटरें के बाद लगेगा।

लालू की पत्नी राबड़ी देवी और उनके बेटे तेजप्रताप और तेजस्वी यादव शुक्रवार शाम को रांची स्थित रिम्स पहुंचे थे और उन्होंने लालू यादव से छह घंटे से अधिक समय तक मुलाकात की।

तेजस्वी ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, लालू यादव के चेहरे पर सूजन है। मैं सभी परीक्षण रिपोर्ट आने तक रांची में रहूंगा। वह कमजोर हो गए हैं।

यादव को चार चारा घोटाला मामलों में 14 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। वह पिछले 29 महीनों से रिम्स के पेइंग वार्ड में रह रहे हैं। पांच अगस्त को कोविड-19 संक्रमण की आशंका के कारण उन्हें रिम्स निदेशक के बंगले में स्थानांतरित कर दिया गया था।

इसके बाद, उन्हें एक ऑडियो वायरल होने के बाद वापस वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसमें वह कथित तौर पर एक भाजपा विधायक को लुभाते हुए सुने जा सकते हैं। (आईएएनएस)


23-Jan-2021 10:14 PM 14

तिरुवनंतपुरम, 23 जनवरी| 21वीं सदी में रहने के बावजूद, केरल के पलक्कड़ जिले में छुआछुत की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक सार्वजनिक श्मशान ने परिवार को एक दलित महिला का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। मृत महिला वसंथा की भाभी ने बुधवार को राज्य एससी/एसटी आयोग में शिकायत दर्ज कराई। उसके बाद इस घटना का पता चला। पलक्कड़ जिला कलेक्टर को इस मामले को देखने और एक दंपति पर रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया गया।

पुथुर में बीमारी के बाद वसंथा का निधन हो गया। परिजन शव को अंतिम संस्कार करने के लिए अपने घर से सटे वन क्षेत्र में ले गए। हालांकि, वन विभाग ने वन भूमि में अंतिम संस्कार पर प्रतिबंध लगा दिया है, इसलिए परिवार के पास सार्वजनिक श्मशान में जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।

पुथुर पंचायत द्वारा नियुक्त श्मशान के रक्षक वेलुचामी ने परिवार को वसंथा के अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया, क्योंकि उसे डर था कि ऊंची जाति के लोग नाराज हो जाएंगे।

उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा, "मैं इस स्थान पर एक दलित महिला के अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं दे सकता, क्योंकि अन्य जाति के लोग नाराज हो जाएंगे।"

पुथुर पंचायत प्रगतिशील वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के अधीन है और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) नेता पंचायत अध्यक्ष हैं।

पंचायत अध्यक्ष ज्योति अनिलकुमार ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा, "यह पंचायत की श्मशान नहीं है। इसके बजाय हमने साइड वॉल का निर्माण किया है और श्मशान के रखरखाव के लिए धन प्रदान किया है, लेकिन भूमि गौंडर समुदाय के स्वामित्व में है और वे यहां दलितों का अंतिम संस्कार अनुमति नहीं देंगे।"
(आईएएनएस)


23-Jan-2021 10:12 PM 25

नई दिल्ली, 23 जनवरी| केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को जानकारी दी कि देश भर में अब तक 15,37,190 लोगों को कोरोनावायरस के खिलाफ टीके लगाए गए हैं। 16 जनवरी को देश भर में बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाया गया, जिसके से 27,776 सत्र आयोजित किए जा चुके हैं।

इस बीच, आंध्रप्रदेश के गुंटूर में पिछले 24 घंटों में एक व्यक्ति में साइड इफेक्ट के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंत्रालय ने बताया कि इस व्यक्ति को 20 जनवरी को वैक्सीन की खुराक मिली थी। इसके साथ, इस तरह के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है, जो अस्पताल में अपना इलाज करवा रहे हैं, जो कि टीकाकरण के कुल आंकड़ों का 0.0007 प्रतिशत है।

इस बीच, मंत्रालय ने यह भी कहा कि पिछले 24 घंटों में टीके से नई मौत की सूचना मिली, जहां गुरुग्राम में रहने वाली 56 वर्षीय महिला की मृत्यु हो गई। हालांकि, पोस्टमार्टम से कार्डियो-पल्मोनरी रोग की पुष्टि हुई, जो टीकाकरण से जुड़ा नहीं है।

वैक्सीन से अब तक कुल 6 लोगों के मौत की सूचना मिली है। हालांकि, मंत्रालय ने दावा किया कि इनमें से कोई भी मामला टीकाकरण से जुड़ा नहीं है।
(आईएएनएस)


23-Jan-2021 7:57 PM 22

नई दिल्ली, 23 जनवरी। केंद्रीय बजट (Budget 2021-22) बनाने की प्रक्रिया का अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. बजट बनाने के अंतिम प्रक्रिया के रूप में रस्मी तौर पर मनाए जाने वाले हलवा सेरेमनी (Halwa Ceremony) का आयोजन शनिवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में किया गया. वहीं, वित्त मंत्री ने 'यूनियन बजट मोबाइल ऐप' (Union Budget Mobile App) लॉन्च किया. इसके साथ ही पेपरलेस बजट की शुरुआत हो गई है. आजादी के बाद से पहली बार बजट की प्रिंटिंग नहीं हो रही है. 'यूनियन बजट मोबाइल ऐप' के जरिए सासंद और आम जनता बजट से जुड़े डॉक्यूमेंट्स पा सकेंगे.

इस साल कोविड-19 की वजह से बजट की कागज पर प्रिंटिंग नहीं होगी. इसके अलावा आर्थिक समीक्षा (इकोनॉमिक सर्वे) की भी कागजों पर छपाई नहीं होगी. आर्थिक समीक्षा 29 जनवरी को संसद के पटल पर रखी जाएगी. इस साल ये दोनों दस्तावेज इलेक्ट्रॉनिक रूप में सासंदों को दिए जाएंगे.

Union Budget Mobile App की खासियतें
1. इस मोबाइल ऐप में सभी 14 बजट के दस्तावेज हैं. इसमें वार्षिक वित्तीय विवरण, डिमांड फॉर ग्रांट, वित्त विधेयक आदि की जानकारी होगी.
2. इस ऐप में डाउनलोडिंग, प्रिंटिंग, सर्च, जूम इन और आउट, एक्सटर्नल लिंक आदि फीचर्स हैं. इसका इंटरफेस यूजर फ्रेंडली है.

3. यह ऐप अंग्रेजी और हिंदी है. यह एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफार्मों पर उपलब्ध होगा.
4. इस मोबाइल ऐप को यूनियन बजट के वेब पोर्टल www.indiabudget.gov.in से भी डाउनलोड किया जा सकता है.
5. संसद में वित्त मंत्री द्वारा बजट भाषण पूरा होने के बाद बजट के दस्तावेज इस ऐप पर उपलब्ध होंगे.

29 जनवरी 15 फरवरी तक चलेगा बजट सत्र
गौरतलब है कि बजट सत्र का पहला चरण 29 जनवरी से शुरू होगा और 15 फरवरी को समाप्त होगा. वहीं बजट का दूसरा सत्र 8 मार्च से 8 अप्रैल तक चलेगा. 29 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ ही बजट सत्र की शुरुआत की जाएगी. 1 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया है कि बजट सत्र का दूसरा चरण 8 मार्च से 8 अप्रैल तक होगा. उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का अनिवार्य रूप से ध्यान दिया जाएगा. (hindi.news18.com)


23-Jan-2021 7:50 PM 29

पटना, 23 जनवरी : बिहार की राजधानी पटना स्थित  जय प्रकाश नारायण एयरपोर्ट पर शनिवार को बड़ा हादसा टल गया. दरसअल, शनिवार को बेंगलुरु से पटना आ रहे विस्तारा एयरलाइन्स के विमान से पक्षी टकरा गया. इसके बाद विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. लैंडिंग के बाद विमान में खराबी आ गयी है और विमान रनवे पर खड़ी है. हालांकि, विमान सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं.

100 से अधिक यात्री थे सवार

इधर, विमान की इमरजेंसी लैंडिंग की सूचना पाकर अधिकारी मौके पर पहुंचे और विमान में आई गड़बड़ी की जांच में जुट गए. इस संबंध में एयरपोर्ट निदेशक भूपेश चंद्र नेगी ने बताया कि इस घटना के बाद विस्तारा एयरलाइन्स के विमान यूके-718 में तकनीकी खराबी आ गयी है और विमान रनवे पर ही खड़ी है. घटना 3 बजे के आसपास की है. फ्लाइट में 100 से अधिक यात्री सवार थे.

कई फ्लाइट को किया गया रद्द

इधर, विमान हादसे की घटना के बाद पटना एयरपोर्ट से कई फ्लाइट को फिलहाल रद्द कर दिया गया है. मिली जानकारी अनुसार अभी टर्मिनल पर इंजिनियरों की मौजूदगी है. बताया जा रहा है कि जल्द ही सब कुछ ठीक कर लिया जाएगा.

कई बार हो चुकी है घटना

गौरतलब है कि पटना एयरपोर्ट पर पक्षी टकराने की घटना नई नहीं है. यहां पर अक्सर इस तरह की घटनाएं होती रहती है. एयरपोर्ट के नजदीक ही संजय गांधी जैविक उद्यान है, जिसके कारण पक्षियों की जमघट लगी रहती है. सरकार ने कई बार एयरपोर्ट की बाउंडरी ऊंची करने और आसपास के पेड़ों को काटने का आदेश दे चुकी है लेकिन इस ओर खास काम नहीं हो पाया है. (abplive.com)

 


23-Jan-2021 7:43 PM 17

लखनऊ, 23 जनवरी | समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अमरूद को लेकर भाजपा पर तंज कसा और कहा अभी भी सबसे प्रसिद्ध अमरूद 'इलाहाबादी अमरूद' कहलाता है या उसका भी नाम बदलकर 'प्रयागराजी अमरूद' हो गया है? रामपुर दौरे पर पहुंचे समाजवादी पार्टी के नेता ने रास्ते में एक अमरूद के ठेले पर रुक कर अमरूद खरीदा। अमरूद के ठेले वाले से उन्होंने खरीद करने के दौरान यह पूछा कि अमरूद अभी इलाहाबादी अमरूद के नाम से बेचा जा रहा है या इसका भी नाम बदलकर प्रयागराजी अमरूद हो गया है। उन्होंने अपनी फोटो सोशल मीडिया पर साझा की है और ठेले वाले से की गई बातचीत को भी फोटो के साथ लिखा है। भाई अभी भी सबसे प्रसिद्ध अमरूद 'इलाहाबादी अमरूद' कहलाता है या उसका भी नाम बदलकर 'प्रयागराजी अमरूद' हो गया है।

इन दिनों सपा मुखिया जिलों के दौरे पर हैं। दरअसल, यूपी में 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनने लगा है। शुक्रवार को उन्होंने रामपुर और बरेली का दौरा किया।

रामपुर में उन्होंने आजम खां की पत्नी व सपा विधायक डॉ. तंजीन फात्मा से मुलाकात की। प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद आजम खां और उनके परिवार के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए थे। कुर्की का आदेश जारी होने के बाद आजम खां ने अपनी पत्नी डॉ. तंजीन फात्मा और पुत्र अब्दुल्ला आजम के साथ 26 फरवरी 2020 को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था।  (आईएएनएस)

 


23-Jan-2021 7:41 PM 16

बीजिंग, 23 जनवरी | विश्व आईएएएफ के अध्यक्ष सेबस्टियन न्यूबोल्ड कोए ने 22 जनवरी को एक साक्षात्कार में कहा कि यदि बंद मैच टोक्यो ओलंपिक के आयोजन की पूर्व शर्त है, तो उनका मानना है कि लोग स्वीकार कर सकते हैं। महामारी के प्रकोप से 2020 में होने वाले टोक्यो ओलंपिक को एक साल के लिए स्थगित करना पड़ा है। अभी तक पूरी दुनिया में कोविड-19 का असर मिटा नहीं है, जिससे टोक्यो ओलंपिक के आयोजन के लिए अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।

कोए ने कहा कि उन्हें दर्शक पसंद है और गर्म माहौल भी पसंद है, लेकिन यदि केवल बंद मैच से मैच का सुभीतापूर्ण रूप से आयोजन किया जा सकता, तो लोग भी स्वीकार कर सकते हैं।

कोए ने कहा कि गत वर्ष की तुलना में इस साल हमारे पास वैक्सीन है। आगामी कई महीनों में लोगों को वैक्सीन लगायी जाएगी। ओलंपिक के आयोजन में 6 महीने शेष हैं। खिलाड़ी अभी भी प्रशिक्षण ले रहे हैं और अभ्यास कर रहे हैं।

लेकिन कोए ने जोर दिया कि वैक्सीन सभी समस्याओं का हल नहीं कर सकता। वैक्सीन ने हमें आशा दी है, फिर भी हमें केवल वैक्सीन पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।  (आईएएनएस)

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

 


23-Jan-2021 7:31 PM 20

बेंगलुरु, 23 जनवरी | कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने शनिवार को कहा कि राज्य में अवैध उत्खनन या खनन की अनुमति नहीं दी जाएगी और ऐसी गतिविधियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी 125 वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देने के बाद, येदियुरप्पा ने कहा कि वह किसी भी कारण से अवैध उत्खनन या खनन की अनुमति नहीं देंगे।

उन्होंने कहा, "शिवमोगा जैसी दुखद घटनाओं को हमारे राज्य में कभी नहीं होना चाहिए। अब अवैध खनन गतिविधियों को पूरी तरह से बंद करने का समय है।"

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो लोग खदान या खनन करना चाहते हैं, उन्हें इसके लिए लाइसेंस प्राप्त करना चाहिए।

"अगर कोई भी इसे अवैध रूप से कर रहा है या बिना लाइसेंस के खनन गतिविधियों को अंजाम दे रहा है, तो उसे कड़ी सजा मिलेगी। मैं उपायुक्तों को इस दिशा में सख्त कदम उठाने का निर्देश दूंगा।"

शिवमोगा में गुरुवार को ट्रक में भरकर विस्फोटक को संभवत: खनन कार्य के लिए ले जाया जा रहा था, जिसमें विस्फोट हो गया। घटना में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई।

सीएम येदियुरप्पा ने पहले ही मृतक के परिवारों को 5 लाख रुपये देने की घोषणा की है और इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और मामले के संबंध में पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है।  (आईएएनएस)

 


23-Jan-2021 7:30 PM 16

जेनेवा, 23 जनवरी | विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक ट्रेडोस अदनोम घेब्रेयसस ने शनिवार को वैश्विक कोविड-19 रिस्पांस पर 'निरंतर समर्थन' के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। भारत 'वैक्सीन मैत्री' पहल के तहत अपने पड़ोसी देशों को टीके उपलब्ध करा रहा है।

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा, "वैश्विक कोविड-19 प्रतिक्रिया पर निरंतर समर्थन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद। केवल अगर हम साथ काम करें तो हम इस वायरस को रोक सकते हैं और जीवन और आजीविका को बचा सकते हैं।"

ब्राजील के राष्ट्रपति जायर एम बोल्सोनारो ने भी वैक्सीन भेजने के लिए मोदी को धन्यवाद दिया।

भारत ने शुक्रवार को कोविशील्ड वैक्सीन की 20 लाख खुराक ब्राजील भेजी। (आईएएनएस)


23-Jan-2021 7:27 PM 13

दिल्ली, 23 जनवरी : किसानों की आज दिल्ली और एनसीआर की पुलिस के साथ मीटिंग हुई. इस बैठक में पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर किसानों के ट्रैक्टर रैली निकालने की बात मान ली. किसान नेता दर्शनपाल ने कहा कि अब हम दिल्ली में ट्रेक्टर परेड निकालेंगे. पुलिस अब हमें नहीं रोकेगी. उन्होंने कहा कि हम अलग-अलग 5 रूटों से अपनी परेड निकालेंगे. परेड शांतिपूर्वक होगी.

किसान नेताओं की पुलिस के साथ हुई बैठक के बाद किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि ट्रैक्टर परेड करीब 100 किलोमीटर चलेगी. परेड में जितना समय लगेगा, वो हमें दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह परेड ऐतिहासक होगी जिसे दुनिया देखेगी. कल परेड के पूरे रूट और समय के बारे में जानकारी देंगे.

दिल्ली में 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली निकालने पर किसान अड़े हुए थे लेकिन दिल्ली पुलिस उन्हें रैली निकालने से रोकने की कोशिश कर रही थी. सुप्रीम कोर्ट में भी किसान आंदोलन के मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि इस पर फैसला पुलिस को लेना होगा.

दिल्ली एनसीआर में निकलने वाली ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए कई राज्यों के किसान दिल्ली आ रहे हैं. भारतीय किसान यूनियन के नेता जोगेंद्र तालु ने शनिवार को दावा किया कि 24 जनवरी को भिवानी जिले से पांच हजार ट्रैक्टर दिल्ली में प्रस्तावित किसानों की ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए रवाना होंगे. किसान नेता ने आरोप लगाते हुए कहा कि करीब दो महीने से अन्नदाता ठंड के मौसम में अपने हकों के लिए बॉर्डर पर धरने पर बैठे हैं लेकिन सरकार अपना तानाशाही रवैया छोड़ने को तैयार नहीं है. तालु ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सरकारी व सावर्जनिक क्षेत्र को बर्बाद करने के बाद अब खेती व खाद्य सुरक्षा को उजाडऩे के लिए तीन कृषि कानून के लेकर आई है.

भारतीय किसान यूनियन के नेता ने कहा कि हजारों किसान करीब दो महीने से दिल्ली के चारों ओर डेरा डाले बैठे हैं, लेकिन सरकार उनके साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा देश-विदेश के चंद उद्योगपतियों के मुनाफों के लिए ऐसा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कि ये तीनों कृषि कानून किसान विरोधी हैं. (khabar.ndtv.com)


23-Jan-2021 7:23 PM 22

  दीपक शर्मा  

 नई दिल्ली,  23 जनवरी | साइबर हमलों और डेटा चोरी से निपटने के लिए भारत सरकार दूरसंचार क्षेत्र में नए सुरक्षा निर्देशों को लागू करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की मंजूरी के साथ अगले छह महीनों के अंदर इसके सिरे चढ़ने की उम्मीद है।

यह कदम विशेष तौर पर चीन की ओर से संभावित साइबर हमलों और डेटा चोरी से निपटने के लिए उठाया जा रहा है।

इस तरह के निर्देश की जरूरत को रेखांकित करते हुए, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस) की एक गोपनीय रिपोर्ट कहती है कि भारत साइबर हमलों का सामना करने वाले दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पिछले साल भारत में साइबर क्राइम के कारण 1.24 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

एनएससीएस रिपोर्ट की आईएएनएस ने समीक्षा की है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ये साइबर हमले आमतौर पर दूरसंचार नेटवर्क के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर घटकों के माध्यम से किए जाते हैं। इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) उपकरणों के बढ़ते उपयोग के साथ, यह जोखिम और भी कई गुना बढ़ जाता है।

इसके साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 5जी प्रौद्योगिकियों के आगमन से दूरसंचार नेटवर्क के परिणामस्वरूप, सुरक्षा चिंताओं में और भी वृद्धि होगी। इसके अलावा इसमें कहा गया है कि मैलवेयर इंफेक्शन के खिलाफ सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित आपूर्ति श्रृंखला की शुद्धता (इंटेग्रिटी) बनाए रखने की तत्काल आवश्यकता है।

हाल के वर्षों में चीनी एजेंटों सहित सीमा पार के हैकर्स ने भारत के वित्तीय कार्यों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से बैंकिंग और वित्त सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों को लक्षित किया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दूरसंचार, देश के सभी क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे जैसे बिजली, बैंकिंग, वित्त, परिवहन, शासन और रणनीतिक क्षेत्र के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा है। इसके साथ ही आशंका जताई गई है कि सुरक्षा उल्लंघनों के परिणामस्वरूप गोपनीयता का उल्लंघन या बुनियादी ढांचे में व्यवधान के विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं। इसलिए, नए निर्देशों या सर्कुलर की आवश्यकता है, क्योंकि दूरसंचार राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में कार्य करता है।

एनएससीएस ने दूरसंचार प्रौद्योगिकी के प्रमुख विशेषज्ञों और संबंधित मंत्रालयों के नोडल अधिकारियों को गुरुवार को आमंत्रित किया और दूरसंचार क्षेत्र पर राष्ट्रीय सुरक्षा निर्देश को लागू करने के लिए रणनीति तैयार करने के लिए घंटों तक विचार मंथन किया।

जासूसी, सुरक्षा उल्लंघनों और साइबर हमलों की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने दूरसंचार क्षेत्र के लिए ऐसे निर्देशों को मंजूरी दी थी। एक अधिकारी ने घटनाक्रम के बारे में जानकारी देते हुए कहा, "एक उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के तहत जल्द ही एक समिति का गठन किया जाएगा और हमें उम्मीद है कि निर्देश अगले 180 दिनों के भीतर लागू हो जाएंगे।" (आईएएनएस)

 


23-Jan-2021 4:49 PM 21

-तुलसी भारती

कुल्लू. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में दुर्गम क्षेत्र निरमंड में ठारला गांव के पास सड़क हादसे में दो युवतियों की मौत हो गई है. हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं. पुलिस ने लापरवाही बरतने के आरोप में वैन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. दोनों युवतियां आपस में सहेलियां बताई जा रही है.

जानकारी के अनुसार, मारुति वैन जाओं गांव की तरफ जा रही थी. वैन में ड्राइवर के अलावा चार और लोग सवार थे. इनमें दो युवतियां भी थी. वैन जब गांव क्लोटी के पास पहुंची तो चालक नियंत्रण खो बैठा तथा वैन सड़क से नीचे उतरकर मकान पर जा गिरी.

इनकी हुई मौत
हादसे में शीतल (17) और वर्षा (18) गांव ठारला, निरमंड, कुल्लू की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, ड्राइवर कुंज लाल, कर्ण सिंह और नरेश कुमार गांव ठारला, निरमंड, कुल्लू घायल बताए जा रहे हैं. ग्रामीणों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी. निरमंड थाना पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया है. पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता मामला दर्ज कर लिया है. वहीं, हादसे के बाद से किशोरियों के गांव में मातम पसर गया है.  (news18.com)
 


23-Jan-2021 4:47 PM 42

नई दिल्ली. दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर देर रात जिस शख्स को शूटर बताकर किसानों ने मीडिया के सामने पेश किया था, उसने पूछताछ के दौरान कई बड़े खुलासे किए हैं. सोनिपत के रहने वाले इस शख्स ने बताया कि उसका नाम योगेश है और वो 19 जनवरी को दिल्ली में अपने एक रिश्तेदार के घर आया था. रास्ते में उसे कुछ प्रदर्शनकारियों ने अगवा कर लिया और उसकी कई दिनों तक खूब पिटाई की गई. योगेश ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने उससे कहा कि अगर बचना है तो जो हम बोलेंगे वही मीडिया के सामने कहना होगा.

योगेश ने बताया कि उसके साथ ही 4 और युवकों को भी पकड़ा गया था. योगेश ने पूछताछ में बताया कि इन लोगों ने उसपर दबाव बनाते हुए कहा था कि वो लोग जो कहें, उसे मीडिया के सामने वही कहना पड़ेगा. योगेश ने बताया कि उसे कई दिनों तक कैंप में बांधकर रखा गया और उसके बाद उसे शराब पिलाई गई. इस दौरान उसे काफी मारा पीटा गया. उससे कहा गया कि उसे आगे वही करना होगा जैसा उससे कहा जाएगा.

गौरतलब है कि पकड़े गए संदिग्ध शूटर ने पहले दावा किया था कि 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर रैली में वह गोली चलाकर माहौल खराब करने की साजिश रचने वाला था. उसने बताया था कि 23 से 26 जनवरी के बीच किसान नेताओं को गोली मारी जानी थी और महिलाओं का काम लोगों को भड़काना था. शूटर ने कबूल किया कि उसने जाट आंदोलन में भी माहौल बिगाड़ने का काम किया है.

संदिग्ध ने खुलासा किया कि प्रदर्शनकारी किसान हथियार लेकर जा रहे हैं या नहीं, यह पता लगाने के लिए दो टीमें लगाई गई हैं. शूटर की ओर से बताया गया कि 26 तारीख को जब चार किसान नेता मंच पर बैठे होते उसी वक्त गोली मारने के आदेश उसे दिए गए थे. इसके लिए शूटर को चार लोगों की तस्वीर भी दी गई थी. शूटर ने बताया कि वह 19 जनवरी से सिंघु बॉर्डर पर है. उसने बताया कि जब 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर रैली निकालते तो वह किसानों के साथ ही मिल जाता. अगर प्रदर्शनकारी परेड के साथ निकलते तो हमें उनपर फायर करने के लिए कहा गया था.  (news18.com)


23-Jan-2021 4:46 PM 20

जयपुर. राजधानी में सचिवालय से करीब एक किमी की दूरी पर चौमूं हाउस सर्किल पर सड़क अचानक धंस गई. इससे सड़क के बीचों-बीच 25 फीट गहरा 30 फीट चौड़ा  गड्ढा हो गया, उसी समय वहां से गुजर रहा ऑटो उस गहरे गड्ढे में गिर गया, इसमें ऑटो चालक समेत दो लोग जख्मी हुए हैं. हादसा सुबह 6 बजे हुआ. मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी. हादसे के तुरंत बाद वहां एक सुरक्षा गार्ड और कुछ ऑटो चालक पहुंच गए. उन्होंने रस्सी से युवती और ऑटो चालक को गड्ढे से बाहर निकाला. दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

जयपुर के जिस चौमूं हाउस सर्किल पर राेड धंसी है, वह बेहद व्यस्त रहती है. यहां दिनभर में दोपहिया, कार, बस समेत 50 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं, ऐसे में अगर हादसा पीक ऑवर्स में होता तो हादसा  और भयावह हो सकता था. वहां से गुजरने वालों की भीड़ जुट गई और लोग ऑटो वाले और महिला को हिम्मत बंधाते नजर आए.

हादसे के बाद नजदीक में ही चाय पी रहा एक गार्ड मौके पर पहुंचा. उसने देखा तो युवती और चालक गड्‌ढे के अंदर से चिल्ला रहे थे. इस दौरान वहां कुछ और ऑटो चालक पहुंच गए. उन्होंने युवती और ड्राइवर को बाहर निकालने के लिए ऑटो स्टार्ट में इस्तेमाल होने वाली 5-6 रस्सियों को जोड़ा. इसी रस्सी के सहारे युवती और ड्राइवर को बाहर निकाला गया.

घायल युवती रेखा टोंक फाटक के पास मधुबन कॉलोनी की रहने वाली है. उसे इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. घटना की सूचना मिलने पर अशोक नगर थाना और दुर्घटना थाना दक्षिण पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद क्रेन से ऑटो रिक्शा को बाहर निकाला गया.
50 साल पुरानी सीवर लाइन, इसलिए धंसी सड़क 

हादसे के बाद भी प्रशासन इसकी जवाबदारी लेने को तैयार नहीं है. जयपुर नगर निगम उपायुक्त आरके मेहता ने कहा कि जो सड़क धंसी है उसके नीचे 50 साल पुरानी सीवर लाइन है. उस सीवर लाइन की लाइफ खत्म हो चुकी थी. इसे बदलने के टेंडर निकाले जा चुके हैं। इसके निर्माण में 1 करोड़ की लागत आनी है। फिलहाल, मौके पर सीवर लाइन को ठीक करके ट्रैफिक शुरू करवा दिया जाएगा.  (news18.com)

 

 


23-Jan-2021 4:45 PM 22

-आनंद अमृत राज

पटना. जेडीयू के अंदर सुमित सिंह और जमां खान के आने के बाद हलचल तेज है. जैसा की सूत्र बताते हैं कि उनके मंत्री भी बनने की पूरी संभावनाएं हैं. अगर ऐसा होता है तो JDU के अंदर नेताओं में इसकी तीखी प्रतिक्रिया होने की पूरी संभावना है. जमा खान बसपा छोड़ JDU में शामिल इसी शर्त पर हुए है कि उन्हें मंत्री बनाया जाए. वहीं सुमित सिंह चकाई से निर्दलीय विधायक के तौर पर जीत कर आए हैं. उन्होंने JDU के उम्मीदवार को ही हरा कर चुनाव जीता है और मंत्री बनने के शर्त पर ही नीतीश कुमार का दामन थमा है. लेकिन जैसे ही इन दोनों विधायकों के मंत्री बनने की खबर JDU कोटा से उठी , JDU के अंदर खाने मुस्लिम और राजपूत नेताओ में हलचल तेज हो गई है.

अभी तक राजपूत कोटा से मंत्री बनने के रेस में वल्मिकी नगर से जीत कर आए रिंकु सिंह, धमदाहा से लेसी सिंह , MLC रैन विजय सिंह जैसे राजपूत नेता रेस में आगे चल रहे हैं. लेकिन सुमित सिंह के नाम की चर्चा ने इनके  कान भी खड़े कर दिए हैं. फ़िलहाल, इस मसले पर सवाल पूछने पर तीनों ने कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी. लेकिन नाम नहीं छापने के शर्त पर JDU के एक राजपूत नेता ने कहा कि आखिर इतने लम्बे समय से पार्टी के लिए जो काम कर रहे हैं और इस कठिन परिस्थिति में भी चुनाव जीत कर आए हैं उनके मन में उत्साह की कमी तो छलकेगी ही.

मंत्री बनने की रेस में ये भी शामिल

वहीं, JDU में भले ही कोई मुस्लिम विधायक चुनाव जीत कर नहीं आया हो, लेकिन JDU में छह मुस्लिम MLC हैं जो मंत्री बनने के रेस में है. ग़ुलाम रसूल बलियावि, ग़ुलाम गौस , ख़ालिद अनवर, तनवीर अख़्तर,सलमान रागिब, कमर आलम , ये तमाम नेता लंबे समय से JDU में रह कर राजनीति कर रहे हैं और विधानसभा चुनाव में भी पार्टी के लिए जमकर काम किया है. अब जब मंत्री बनाने की बात आई तो जमा खान को बसपा से तोड़ कर लाया गया और मंत्री बनाने का आश्वासन भी दे दिया गया है, तो इन नेताओ का नारजगी भी स्वाभाविक है. इन नेताओं से सम्पर्क करने की कोशिश की लेकिन फ़िलहाल कोई भी कुछ बोलने को  तैयार नही है, लेकिन एक MLC ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि जिसकी जानकारी हमें ठीक से नहीं है उससे बिहार के मुस्लिम समुदाय को कैसे संतुष्ट किया जा सकता है.

मंत्रीमंडल विस्तार  पर टिकी निगाहे

ज़ाहिर है अब तमाम निगाहे नीतीश मंत्री मंडल के विस्तार पर टिकी हुई है कि क्या होता है. किसे मंत्रिमंडल में जगह मिलती है , लेकिन JDU के नेताओं को इस बात की जानकारी भी अच्छें से है कि नीतीश हमेशा से अप्रत्याशित फ़ैसला लेने के लिए जाने जाते हैं. इस बार भी मंत्रिमंडल विस्तार में कही तमाम क़यासों से अलग कोई फ़ैसला ना ले लें जिस पर JDU के नेताओ की नज़रें टिकी हुई हैं. फ़िलहाल चल रहे मंत्रिमंडल विस्तार के क़यास सच होते हैं तो दो मुस्लिम और राजपूत नेताओं की नाराज़गी कहीं भारी ना पड़ जाए.  (news18.com)

 

 


23-Jan-2021 4:44 PM 19

नई दिल्‍ली. कोरोना महामारी के साथ-साथ देश में कई और भी परेशानियां सामने आ रही हैं. लंबी अवधि की इस बीमारी में अस्‍पतालों की सुविधा और पैसे के खर्च को देखते हुए जहां लोगों में चिंता थी वहीं इसे भुनाने का काम बीमा कंपनियों ने किया. देश में कई बीमा कंपनियां अन्‍य मेडिकल पॉलिसीज से अलग कोरोना बचाव, कोरोना रक्षक पॉलिसी ले आईं. लोगों ने भी इन पॉलिसीज को हाथों-हाथ लिया. हालांकि कोरोना पॉलिसी लेने के बाद अब बीमा कंपनियों की ओर से क्‍लेम रिजेक्‍ट करने के मामले भी सामने आ रहे हैं जिससे पॉलिसी धारकों की परेशानियां बढ़ गई हैं. हालांकि उपभोक्‍ता मामलों के विशेषज्ञ का कहना है कि इससे घबराने के बजाय शिकायत करें. आपको आपका क्‍लेम भी मिलेगा और मुआवजा भी.

कंज्‍यूमर फॉरम की रिटायर्ड जज डॉ. प्रेमलता बताती हैं कि उनके द्वारा चलाए जा रहे कंज्‍यूमर अवेकनिंग मिशन के दौरान कई लोगों ने उनसे कोरोना पॉलिसीज को लेकर शिकायतें दी हैं. पिछले साल इस बीमारी के आने के बाद कंपनियों ने कोरोना से बचाव के लिए मेडिकल पॉलिसीज जारी कीं. लंबी अवधि तक चली इस बीमारी को देखते हुए और 14 दिनों के लंबे पीरियड तक क्‍वेरेंटीन रहने या अस्‍पताल में इलाज कराने की अनिवार्यता को देखते हुए लोगों ने कोरोना रक्षक पॉलिसीज लीं लेकिन कोरोना होने के बाद कई मामलों में इंश्‍योरेंस देने वाली कंपनियों ने मरीजों के क्‍लेम रिजेक्‍ट कर दिए. अब अस्‍पतालों का भारी-भरकम बिल बन जाने के बाद लोग बीमा के पैसे के लिए कंपनियों के चक्‍कर काट रहे हैं.

डॉ. प्रेमलता कहती हैं कि ऐसे मामलों में कंपनियों की ओर से कोरोना मेडिकल पॉलिसीज लेने वालों से कहा जा रहा है कि कम लक्षणों के बावजूद वे अस्‍पताल में भर्ती क्‍यों हुए जबकि इमरजैंसी नहीं थी. वे लोग घर में क्‍वेरेंटीन भी रह सकते थे. हालांकि पॉलिसी में कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं है कि लक्षणों के आधार पर बीमा का पैसा देना या न देना तय किया जाएगा. ऐसा अमूमन किसी पॉलिसी में होता भी नहीं है. अगर अस्‍पताल में भर्ती होने के सभी कागज हैं और इलाज के सभी जरूरी कागजात हैं तो कंपनियों को क्‍लेम का पैसा देना चाहिए. नए उपभोक्‍ता संरक्षण कानून 2019 ने अब उपभोक्‍ताओं के  लिए और भी सहूलियतें कर दी हैं. ऐसे में घबराने के बजाय आगे की कार्रवाई करनी चाहिए.

वे कहती हैं कि बीमा कंपनियों से मेडिकल पॉलिसी लेने के बाद क्‍लेम का पैसा लेना आपका हक है. कोई भी इंश्‍योरेंस कंपनी ये कैसे तय कर सकती है कि आपको कोरोना होने पर अस्‍पताल की जरूरत थी या नहीं, ये तो अस्‍पताल और डॉक्‍टर ही तय करेंगे. ऐसे में आप कंज्‍यूमर कमीशन में कंपनी के खिलाफ अपनी अपील डाल सकते हैं. इसके लिए ऑनलाइन भी शिकायत करने की सुविधा है. हालांकि केस शुरू होने के बाद जब कंज्‍यूमर कोर्ट आपको बुलाएगा तो आपको शारीरिक रूप से वहां मौजूद होना होगा. इसके बाद कोर्ट इस मामले में कंपनी से जवाब लेगा और व्‍यक्ति को न्‍याय दिलाएगा.  (news18.com)

 

 


23-Jan-2021 4:43 PM 30

Ravishankar Singh

नई दिल्ली. नए साल में ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है. अब इंडियन रेलवे यात्रियों को घर से रेलवे स्टेशन और रेलवे स्टेशन से घर सामान पहुंचाने की चिंता से मुक्त करने जा रही है. रेलवे के इस योजना से रेलवे स्टेशनों पर बेमतलब की भीड़ से भी छुटाकारा मिल जाएगा. अब पैसेंजर्स को सामान आने ले जाने के लिए अपने साथ अटेंडेंट लाने की जरूरत नहीं होगी. इंडियन रेलवे जल्द ही इसको लेकर एक खास पहल करने जा रही है. देश में इस योजना की शुरूआत करने की मंजूरी मिल गई है. अहमदाबाद रेलवे स्टेशन से इसकी शुरुआत 26 जनवरी तक हो जाएगी. वहीं, पूर्वी भारत में पटना पहला जंक्शन होगा, जहां इसकी शुरुआत होगी. बीते दिनों रेल मंत्रालय ने इसके लिए पूर्व-मध्य रेल मंडल को मंजूरी दे दी है.

कुलियों से रेट को लेकर किचकिच से मिलेगा छुटकारा
बिहार की राजधानी पटना में फरवरी के अंतिम सप्ताह से यह सेवा शुरू होगी. ट्रेन यात्रियों को सामान आने ले जाने की चिंता से निजात मिल जाएगी. पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल ने हाल ही में इसकी मंजूरी दी है. यह सेवा शुरू करने की जिम्मेदारी फिलहाल एक एजेंसी बुक एंड बैगेज्स डॉट कॉम को मिली है. यह एजेंसी ऐप के जरिए यात्रियों को फरवरी महीने के आखिरी सप्ताह से सुविधा देने लगेगी.

यात्रियों को करना होगा ये काम
कोई भी यात्री नोडल एजेंसी के ऐप के जरिए या रेलवे की वेबसाइट के माध्यम से अपना सामान बुक करा सकता है. इसके लिए आपको अपने बैग का साइज, वजन और भी कई तरह की जानकारी ऐप के माध्यम से एजेंसी को देनी होगी.

ऐसे तय होगा बुकिंग शुल्क
अगर आपका बैग 10 किलो का है तो आपको एक साइड का शुल्क 125 रुपये देना होगा. अगर एक टिकट पर एक से ज्यादा बर्थ है तो स्वाभाविक तौर पर आपके पास सामान एक से ज्यादा होगा उस स्थिति में एक लगेज का शुल्क तो 125 रुपये लिया जाएगा, लेकिन बाकी के बचे बैग के लिए आपसे 50-50 रुपये लिए जाएंगे. स्टेशन पहुंचने पर बर्थ या बॉगी तक ले जाने के लिए कुली का जो चार्ज निर्धारित है वह भी देना होगा. आपके सामान की बीमा के साथ-साथ लगेज की रैपिंग, सैनिटाइजेशन और जीपीएस के जरिए सामान की ट्रैकिंग भी कर सकते हैं.

कुल मिलाकर रेलवे के इस योजना से लोगों को लगेज आने ले जाने से छुटकारा मिलेगा ही, साथ समय की भी बचत होगी. फिलहाल इसके लिए रेलवे कई एजेंसियों को स्टेशन के अंदर 100 वर्ग फीट की जगह मुहैया करा रही है. रेलवे स्टेशन के 50 किलोमीटर के परिधि में यह सुविधा फिलहाल मिलेगी. (news18.com)


23-Jan-2021 4:31 PM 15

व्हाट्सएप की पॉलिसी अपडेट कंपनी के लिए मुसीबत बन गई है। व्हाट्सएप ने अपनी नई पॉलिसी में कहा था कि वह यूजर्स के डाटा को फेसबुक सहित परैंट कंपनी के साथ शेयर करेगी। इसी को लेकर अब भारतीय यूजर्स व्हाट्सएप से दूरी बना रहे हैं। एक हाल में किए गए सर्वे से पता चला है कि भारत में केवल 18 पर्सेंट यूजर्स ही व्हाट्सएप का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं। वहीं 36 पर्सेंट यूजर्स ने ऐसी संभावना जताई है कि वह व्हाट्सएप यूसेज को काफी कम कर देंगे। इसके अलावा 15 पर्सेंट यूजर्स ने प्राइवेसी विवाद के बीच ऐप को पूरी तरह से बंद करने की संभावना जताई है।

WhatsApp ने पहले अपनी पॉलिसी रिव्यू के लिए लोगों को 8 फरवरी तक का समय दिया था, लेकिन अब कंपनी ने इसे बढ़ाकर 15 मई कर दिया है। कंपनी ने कहा था कि जो लोग तय समय तक पॉलिसी को एक्सेप्ट नहीं करेंगे  उनका अकाउंट ऑटोमेटिक डिलीट हो जाएगा। इस पॉलिसी अपडेट के बाद व्हाट्सएप के विकल्प के तौर पर  Signal और Telegram जैसी एप्स को कई लाखों लोगों ने डाउनलोड किया था।
     
WhatsApp पर किए गए इस सर्वे में 24 हजार से ज्यादा लोगों से प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुई हैं। Mashable की रिपोर्ट के जरिए इस बात का खुलासा हुआ है। 24 पर्सेंट यूजर्स ने जानकारी दी है कि वह दूसरे इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर स्विच करने की योजना बना रहे हैं। वहीं 91 पर्सेंट यूजर्स ने जानकारी दी है कि वह व्हाट्सएप के पेमेंट फीचर का इस्तेमाल नहीं करेंगे। इन लोगों का अंदेशा है कि व्हाट्सएप उनका पेमेंट और ट्रांजैक्शन रिलेटिड डाटा पैरेंट कंपनी फेसबुक और दूसरी थर्ड पार्टीज से शेयर कर सकती है।      

WhatsApp ने हालांकि अपनी पॉलिसी अपडेट की डेडलाइन को फरवरी से बढ़ाकर 15 मई कर दिया है। Mashable की रिपोर्ट के मुताबिक सिग्नल और टेलीग्राम को 1 जनवरी से 5 जनवरी के बीच 13 लाख डाउनलोड मिले हैं। सिग्नल की ग्रोथ इस दौरान जहां 9,483 पर्सेंट रही है, वहीं टेलीग्राम की ग्रोथ 15 पर्सेंट रही है। वहीं 6 जनवरी से 10 जनवरी के बीच व्हाट्सएप की डाउनलोड ग्रोथ में 35 पर्सेंट की गिरावट आई है। (gadgets360.com)


23-Jan-2021 4:30 PM 13

Beeper (बीपर) एक नई ऐप है, जो 15 चैट प्लेटफॉर्म को एक प्लेटफॉर्म पर पेश कर रही है। यह एक सेंट्रल हब के तौर पर काम करती है और इसमें आपको फेसबुक मैसेंजर, सिग्नल, ट्विटर , टेलीग्राम, व्हाट्सएप जैसी कई चैट ऐप्स मिल रही हैं। इसमें दिलचस्प बात यह है कि Beeper एप्पल के iMessage को एंड्रॉयड (Android), लिनक्स (Linux) और विंडो (Windows) पर लाता है। मैसेजिंग के अलावा आप बीपर पर आप अपनी चैट को आर्काइव और स्नूज भी कर सकते हैं।

लेकिन आपको बता दें कि ये एक सब्सक्रिप्शन सर्विस है और इसके लिए आपको $10 की मंथली कीमत देनी होगी। भारतीय रुपये में यह कीमत 730 रुपये होती है। इन सब ऐप्स के सिर्प एक प्लेटफॉर्म पर आने से यूजर्स को काफी सहूलियत होगी, उसे बाकी ऐप्स को अपने मोबाइल पर बार-बार डाउनलोड नहीं करना होगा।        

Beeper पर जिन 15 चैट सर्विस का सपोर्ट मिल रहा है उनमें एंड्रॉयड मैसेज एसएमएस (Android Messages SMS), the Beeper network, Discord, Hangouts, iMessage, Instagram, IRC, Matrix, Facebook Messenger, Signal, Skype, Slack, Telegram, Twitter और Whatsapp जैसी एप्स के नाम शामिल हैं। बीपर के मुताबिक वह हर कुछ हफ्तों में एक नई चैट नेटवर्क को अपने प्लेटफॉर्म में जोड़ेगी।  

Beeper को पहले NovaChat के नाम से जाना जाता था। इसे ओपन सोर्स मैट्रिक्स मैसेजिंग प्रोटोकॉल के तहत बनाया गया है।इसे पेबल स्मार्टवॉच (Pebble smartwatches) के फाउंडर Eric Migicovsky ने बनाया है। आप बीपर पर इस लिंक के जरिए साइन अप कर सकते हैं। इसके बाद आपको जॉइन के लिए इन्विटेशन मिल जाएगा। बीपर की तरफ से यूजर्स को अपडेट किया गया है कि वह जल्द ही नए अपडेट में यूजर्स को डार्क मोड का ऑप्शन देगी। (gadgets360.com)
 


23-Jan-2021 4:29 PM 14

राष्‍ट्रीय जनता दल के अध्‍यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री लालू यादव को बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्‍स से दिल्‍ली एम्‍स ले जाने की सारी तैयारियां कर ली गई हैं। शाम पांच बजे उन्‍हें एयर एम्‍बुलेंस से दिल्‍ली ले जाया जाएगा। रिम्‍स मेडिकल बोर्ड के निर्णय के बाद आनन-फानन में लालू को दिल्‍ली ले जाने की सारी तैयारियां की गईं। 

राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के निदेशक डा. कामेश्वर प्रसाद ने बताया, ' लालू यादव को दो दिन से सांस लेने में कुछ तकलीफ हो रही थी जिसके बाद शुक्रवार को उनकी जांच की गई और उसमें निमोनिया की पुष्टि हुई। उनकी उम्र को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हमने उन्हें दिल्ली एम्स स्थानांतरित करने का फैसला किया है और आज ही उन्हें एम्स भेजे जाने की संभावना है। एम्स में विशेषज्ञों से हमारी बातचीत हो गयी है।

डा. प्रसाद ने कहा, 'प्रशासन और यादव के परिजन उन्हें एम्स में भर्ती करने के लिए ले जाने हेतु एयर एंबुलेंस की व्यवस्था कर रहे हैं और इसकी व्यवस्था होते ही लालू प्रसाद यादव को एम्स रवाना कर दिया जायेगा। इस बीच जेल प्रशासन की सलाह पर रिम्स ने आठ विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों का मेडिकल बोर्ड गठित किया है जो लालू के स्वास्थ्य की जांच कर रहा है। इस बोर्ड की रिपोर्ट पर ही उन्हें एम्स के लिए रवाना किया जा रहा है। लालू यादव को दिल्‍ली एम्‍स ले जाने के बारे में रिम्‍स ने रांची जेल प्रशासन को जानकारी दी। जेल अधीक्षक हमीद ने इसकी पुष्टि की। उधर, कल ही रांची पहंचे लालू यादव के परिवार ने आज सुबह से उनके इलाज के सभी पहलुओं पर डॉक्‍टरों से बातचीत की। कल परिवार ने छह घंटे तक लालू यादव से मुलाकात की थी। आज एक बार फिर परिवार रिम्‍स पहुंचा। लालू यादव की पत्‍नी और बिहार की पूर्व मुख्‍यमंत्री राबड़ी देवी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव, तेजप्रताप यादव और मीसा भारती इस दौरान मौजूद रहे। इसके पहले राबड़ी देवी और तेजस्‍वी यादव ने झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन से भी मुलाकात की। 

तेजस्‍वी बोले-बेहतर इलाज चाहता है परिवार 
पिता लालू यादव से मुलाकात के बाद शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने उनके स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर गहरी चिंता जताई थी। तेजस्‍वी ने कहा था कि परिवार बेहतर इलाज चाहता है। उन्‍होंने बताया था कि उनके पिता लालू यादव का पूर्व में दिल का आपरेशन हो चुका है। उन्‍हें शुगर है और किडनी सिर्फ 25 प्रतिशत काम कर रही है। एक दिन पहले रात में निमोनिया की शिकायत हुई थी। चेहरे पर काफी सूजन भी है। उन्‍होंने कहा कि परिवार उनकी सेहत को लेकर काफी चिंतित है। सारी टेस्‍ट रिपोर्ट आने के बाद डॉक्‍टरों की सलाह से जो करना है किया जाएगा। गौरतलब है कि शुक्रवार को ही बेटी डा.मीसा भारती भी अपने पिता लालू यादव से मिलने रिम्‍स पहुंची थीं। 

राबड़ी देवी हुईं भावुक, छलके आंसू
बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री लालू प्रसाद यादव से मुलाकात के दौरान उनकी पत्‍नी और राज्‍य की पूर्व सीएम राबड़ी देवी भावुक हो गईं। मुलाकात के बाद रिम्‍स से बाहर निकलते समय लोगों ने उनके आंखों में आंसू देखे। राबड़ी देवी पति के स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर काफी चिंतित नज़र आ रही थीं। (livehindustan.com)


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