राष्ट्रीय

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23-Jul-2021 9:44 PM (28)

केरल में साल 2019 में साक्षरता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली सबसे बुजुर्ग महिला भगीरथी अम्मा का गुरुवार को निधन हो गया है. वो 107 वर्ष की थीं. भगीरथी अम्मा के परिवार के लोगों ने शुक्रवार को उनके निधन की जानकारी दी. परिजनों के मुताबिक भगीरथी अम्मा लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थी और उन्होंने गुरुवार देर रात अपने घर पर ही अंतिम सांस ली. उन्हें केंद्र सरकार की ओर से प्रतिष्ठित नारी शक्ति पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था.

भगीरथी अम्मा साल उस समय सूर्खियों में आई थी जब उन्होंने साल 2019 में 105 वर्ष की उम्र में साक्षरता परीक्षा उत्तीर्ण की थी. भगीरथी अम्मा की इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी उनकी सराहना की थी.

275 में से प्राप्त किए थे 205 अंक
कोल्लम जिले के प्रक्कुलम की रहने वालीं भगीरथी अम्मा ने 2019 में राज्य द्वारा संचालित केरल राज्य साक्षरता मिशन (केएसएलएम) की चौथी कक्षा की समकक्ष परीक्षा में उत्तीर्ण होकर सबसे उम्रदराज छात्रा बनने का इतिहास रचा था. भगीरथी अम्मा राज्य साक्षरता मिशन द्वारा कोल्लम में आयोजित परीक्षा में शामिल हुई थीं और उन्होंने 275 में से 205 अंक प्राप्त कर कीर्तिमान स्थापित किया. गणित विषय में उन्हें पूरे अंक प्राप्त हुए थे.

"मन की बात" कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने किया था जिक्र 
बता दें कि, भगीरथी अम्मा को पारिवारिक परेशानियों के कारण नौ वर्ष की आयु में अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी. पढ़ाई के प्रति उनके जुनून की प्रधानमंत्री मोदी ने भी प्रशंसा की थी. प्रधानमंत्री ने अपने रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" में भी भगीरथी अम्मा के बारे में जिक्र किया था. भगीरथी अम्मा के परिजनों के मुताबिक वह 10वीं कक्षा की परीक्षा भी उत्तीर्ण करना चाहती थीं.

भगीरथी अम्मा को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रतिष्ठित नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. (abplive.com)


23-Jul-2021 9:00 PM (29)

दुनियाभर में सेमीकंडक्टर की भारी कमी हो गई है. जिसके चलते स्मार्टफोन, कम्प्यूटर, लैपटॉप और गाड़ियों सभी के उत्पादन पर असर पड़ा है. पिछले महीने टाटा मोटर्स ने इनकी कमी से जगुआर लैंड रोवर का उत्पादन कम होने की बात कही थी.

 डॉयचे वैले पर अविनाश द्विवेदी की रिपोर्ट

वैश्विक अर्थव्यवस्था फिलहाल एक छोटे से चिप के चलते डगमगाई हुई है. सेमीकंडक्टर कहलाने वाले इन चिप की डिमांड और सप्लाई में बड़ा अंतर आ गया है, जिससे इनकी भारी कमी हो गई है. इसके चलते स्मार्टफोन, कम्प्यूटर, लैपटॉप और गाड़ियों सभी के उत्पादन पर असर पड़ा है. पिछले महीने टाटा मोटर्स ने सेमीकंडक्टर की कमी होने से जगुआर लैंड रोवर का उत्पादन कम होने की बात कही थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टाटा की प्रतिस्पर्धी कंपनियों मर्सिडीज-बेंज, ऑडी और बीएमडब्ल्यू की गाड़ियों का उत्पादन भी इसके चलते घटा है.

जानकारों का मानना है कि यह समस्या बहुत गंभीर है और सेमीकंडक्टर की सप्लाई अब एक से डेढ़ साल बाद ही सामान्य हो सकेगी. वाहन कंपनियों को चिप सप्लाई करने वाली कंपनी बॉश (BOSCH) भी चेतावनी दे चुकी है कि इस पूरे वित्त वर्ष में सेमीकंडक्टर की कमी बनी रह सकती है. वहीं कम्यूटर चिप निर्माता सैमसंग भी इसकी कमी बनी रहने की चेतावनी दे चुकी है.

मांग बढ़ने और उत्पादन घटने की वजह

पिछले साल कोरोना के चलते ऐसे ज्यादातर प्रोडक्ट की बिक्री में जबरदस्त गिरावट आई, जिनमें सेमीकंडक्टर्स का इस्तेमाल होता है. इसे देखते हुए कंपनियों ने उन्हीं प्रोडक्ट के लिए सेमीकंडक्टर के ऑर्डर दिए, जो कोरोना की पहली लहर के दौरान भी बिक रहे थे. लेकिन पहली लहर के बाद कई दूसरे प्रोडक्ट की मांग अचानक बढ़ी. इस मांग के मुताबिक सेमीकंडक्टर की सप्लाई नहीं हो सकी और इनकी भारी कमी हो गई. जापानी सेमीकंडक्टर कंपनी 'रेनेसां' में लगी आग ने इस कमी को और बढ़ाने का काम किया.

लेकिन अब तक 'इसका सबसे ज्यादा असर कारों पर ही देखने को क्यों मिला', इस सवाल के जवाब में एक अमेरिकी सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनी में काम करने वाले मधुकर कृष्णा बताते हैं, "ऐसा नहीं है. कारें ज्यादातर जनता को प्रभावित करती हैं, तो उनकी चर्चा ज्यादा होती है. लेकिन इस समय GPU यानी ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट जैसी मशीनों की भी भारी कमी है. यह कंप्यूटर के सीपीयू जैसा ही होता है लेकिन इसका इस्तेमाल कंप्यूटर गेमर्स करते हैं. इन जीपीयू का इस्तेमाल क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग में भी किया जाता है और यह भी पिछले साल इसकी भारी मांग की वजह रहा है. इसका मतलब कि कुछ जरूरी प्रोडक्ट को छोड़ दें तो ज्यादातर सेक्टर्स में सेमीकंडक्टर की कमी दिखी है."

सेमीकंडक्टर की दौड़ में भारत का रोल

अब तक दुनिया की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनियां अमेरिका और ताइवान में हैं. चीन और दक्षिण कोरिया भी इस दिशा में गंभीर प्रयास कर रहे हैं. दरअसल इन प्रोसेसर चिप और सेमीकंडक्टर का सबसे बड़ा आयातक चीन है लेकिन कुछ महीने पहले दुनिया में सेमीकंडक्टर की कमी हो जाने के बाद अमेरिका ने हुआवे जैसी कई चीनी कंपनियों के लिए अमेरिकी सेमीकंडक्टर की सप्लाई को रोक दिया था. जिसके बाद चीन ने इसके घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने की बात कही थी. जानकार बताते हैं कि कई साल से चीन इनका उत्पादन करना चाहता है लेकिन दुनिया की बड़ी सेमीकंडक्टर कंपनियां उसका साथ देने को तैयार नहीं हैं.

मधुकर कृष्णा कहते हैं, "बड़ी सेमीकंडक्टर कंपनियां चीन में ऐसे बड़े रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट लगाने से डरती हैं क्योंकि उन्हें अपनी टेक्नोलॉजी के चोरी होने का डर रहता है. इसकी वजह यह है कि चीन पहले कई तकनीकी कंपनियों की नकल कर, उनकी तर्ज पर अपने प्रोडक्ट बाजार में लाता रहा है." भारत में भी सेमीकंडक्टर के उत्पादन की बहस चल रही है. मधुकर कृष्णा कहते हैं, "भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण के बहुत अच्छे अवसर हैं और सरकार कई बड़ी कंपनियों से यहां सेमीकंडक्टर उत्पादन यूनिट (इन्हें फैब्स कहते हैं) लगाने के लिए बातचीत भी कर रही है लेकिन अभी यहां सेमीकंडक्टर से जुड़ी ज्यादातर गतिविधियां रिसर्च और डेवलपमेंट तक ही सीमित हैं. "

सेमीकंडक्टर का निर्माण इतना मुश्किल क्यों

जानकार बताते हैं कि एक छोटे से सेमीकंडक्टर को बनाने की प्रक्रिया के 400-500 चरण होते हैं. ऐसे में अगर एक भी चरण गलत होता है तो करोड़ों रुपए का नुकसान हो सकता है. मधुकर कृष्णा बताते हैं, "सेमीकंडक्टर्स की दुनिया बहुत विशाल है. जिन्हें हम सेमीकंडक्टर्स की सबसे बड़ी कंपनियों के तौर पर जानते हैं, जरूरी नहीं वही सारे सेमीकंडक्टर बना रही हों. इस क्षेत्र में कई तरह की कंपनियां हैं. ज्यादातर बड़ी कंपनियां के पास अलग-अलग सेमीकंडक्टर के पेटेंट हैं. जो अपने उत्पादन फॉर्मूले के आधार पर दूसरी कंपनियों से सेमीकंडक्टर बनवाती हैं."


सेमीकंडक्टर बनाने वाले इन कारखानों को फाउंड्री कहते हैं. फिलहाल ताइवानी कंपनी TSMC, ग्लोबल फाउंड्री और सैमसंग के पास अपनी फाउंड्री हैं. लेकिन इस सेक्टर से जुड़ी तीसरी तरह की कंपनियां भी हैं, जो सेमीकंडक्टर बनाने के लिए जरूरी टेक्नोलॉजी और मशीनरी का निर्माण करती हैं. भारत में ऐसी रिसर्च एंड डेवलपमेंट वाली कई कंपनियां हैं. ये कंपनियां सेमीकंडक्टर नहीं बनातीं बल्कि उससे जुड़े रिसर्च और डेवलपमेंट का काम करती हैं. मधुकर कृष्णा इस पूरी प्रक्रिया को ऐसे समझाते हैं, "अगर सेमीकंडक्टर को रोटी मान लें तो बड़ी कंपनियां इस रोटी के लिए आटा और उसे बनाने का तरीका उपलब्ध कराती हैं. फाउंड्री वाली कंपनियां उस रोटी को बनाकर तैयार करती हैं. लेकिन रिसर्च एंड डेवलपमेंट से जुड़ी कंपनियां इस रोटी बनाने के लिए जरूरी तवा उपलब्ध कराती हैं."

इस छोटे सी चिप को 'इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का दिमाग' भी कहा जाता है. जानकारों के मुताबिक फिलहाल कारों के इंफोटेनमेंट सिस्टम, पावर स्टीयरिंग, सेफ्टी फीचर्स और ब्रेक ऑपरेटर में सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल होता है. लेकिन भविष्य में इलेक्ट्रिक व्हीकल और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी तकनीकें जब सभी के लिए सुलभ होगीं तो इनकी मांग कई गुना बढ़ जाएगी. यानी दुनिया में इसको लेकर खींचतान और भी बढ़ेगी. ऐसे में अगर अगले कुछ सालों में भारत इनका उत्पादन करने में सफल रहा तो यह उसके और दुनिया के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है. (dw.com)


23-Jul-2021 8:56 PM (38)

भारत सरकार ने संसद में कहा कि देश में ऑक्सीजन की कमी की वजह से कोई कोरोना मौत नहीं हुई है. कौन विश्वास करेगा, क्योंकि बहुत से लोगों के अनुभव कुछ और रहे हैं. ये त्रासदी हमारे विभाग को भी छूकर गई है.

 डॉयचे वैले पर विवेक कुमार की रिपोर्ट

रात होते ही फोन बंद हो जाने चाहिए. सोते से उठाने वाली फोन घंटी अक्सर दहला देने वाली होती है. उस रात यही हुआ था. फोन बजा तो आंख खुली. पापा का फोन था. तुरंत ध्यान घड़ी पर गया. मेरे यहां सिडनी में ढाई बज रहे थे. भारत की घड़ियों में भी 10 पार हो चुके थे. दिल कांप गया. हलो कहा तो वही हुआ जिसका डर था. विभु नहीं रहा, पापा ने डूबी हुई आवाज में बताया.

विभु मेरा बड़ा भाई था. मुझसे दो साल बड़ा. और हर बात में हम उसकी ओर देखते थे. वो नहीं रहा. कैसे? कोरोना हो गया था. विभु को कोरोना? पर दो दिन पहले तो ठीक था. न सिर्फ ठीक था बल्कि फेसबुक पर योग करते वीडियो डाल कर लोगों को बता रहा था कि इम्युनिटी बढ़ाओ तो कोरोना से बचे रहोगे. रोज योग और आसन करने वाला विभु हम सभी भाई बहनों में सबसे स्वस्थ और अनुशासित था. उसे कोरोना हो गया और ऐसा हुआ कि दो दिन में जान चली गई! कुछ समझ में नहीं आ रहा था. पापा ने कहानी सुनाई.

ऑक्सीजन के लिए अस्पतालों के चक्कर

शुक्रवार सुबह रैपिड टेस्ट के बाद पॉजीटिव आया तो अस्पताल में भर्ती कर लिया गया. शाम को उसने घरवालों को फोन किया कि यहां कोई देखभाल नहीं है, मुझे यहां से निकालो. सबसे बड़ा भाई उसके पास पहुंचा तो पता चला कि अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं थी. 50 किलोमीटर दूर कोरोना स्पेशल अस्पताल में जाने को कहा गया. एंबुलेंस में उसे लिटाकर भाई 50 किलोमीटर दूर दूसरे अस्पताल पहुंचा. उन लोगों ने कहा कि उनके पास तो ना बेड है, ना ऑक्सीजन.

भाई की सरकार में खूब पहचान है. एक मंत्री से बात की गई. मंत्री ने सिफारिश की और 80 किलोमीटर और दूर एक तीसरे अस्पताल में बेड व ऑक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम करवाया गया. रात को ही भाई एंबुलेंस में विभु को लेकर उस अस्पताल की ओर चला. रास्ते में सरकारी एंबुलेंस खराब हो गई. उसे वहीं छोड़ भाई ने कहीं से एक कार का इंतजाम किया. उसकी पिछली सीट पर तड़पते विभु को डाला गया. वह बार-बार कह रहा था – भाई सांस नहीं आ रही. सांस नहीं आ रही.

किसी तरह उसे तसल्ली देता हुआ भाई कार दौड़ाकर अस्पताल पहुंचा. पर सांस नहीं पहुंची. पता नहीं रास्ते में कब आखिरी सांस आ चुकी थी और जा चुकी थी.

ऑक्सीजन की कमी से मौत से बेखबर

भारत के स्वास्थ्य मंत्री ने संसद को, यानी कि देश को बताया है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ऐसी कोई सूचना नहीं मिली कि ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत हुई है. मंत्रीजी ने ट्वीट कर स्पष्ट किया है कि राज्यों से मिले आंकड़ों के आधार पर यह जवाब दिया गया है.

सही ही कह रहे होंगे. राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें बताएंगी ही नहीं कि ऑक्सीजन की कमी थी तो केंद्रीय मंत्री को कैसे पता चलेगा! विभु जब उस कार की पिछली सीट पर पड़ा ‘सांस नहीं आ रही' कह रहा था, तब दिक्कत ऑक्सीजन की कमी की कहां थी, कार की रफ्तार की थी, जो हवा में उड़कर जल्दी दूसरे अस्पताल नहीं पहुंच सकती थी. मेरे ख्याल से विभु की मौत की वजह एंबुलेंस की खराबी दर्ज हुई होगी. इसीलिए, उसकी मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई नहीं मानी गई.

पर मैं उन लोगों के बारे में सोच रहा हूं जो यहां ऑस्ट्रेलिया में भारत को ऑक्सीजन सिलेंडर भेजने के लिए धन जमा कर रहे थे. कई संस्थाओं ने करोड़ों रुपये जमा कर ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर भेजे थे. शायद वे लोग दानिश सिद्दीकी की खींची तस्वीरों के कारण साजिश का शिकार हो गए होंगे, जो भारत की छवि खराब कर रही थीं.

विदेशी सरकारें भी भेज रही थीं मदद

पर क्या वे विदेशी सरकारें भी साजिश का शिकार हुईं, जिन्होंने ‘मुश्किल वक्त में भारत की मदद के लिए' साज ओ सामान भेजा? जब ऑक्सीजन की कमी से कोई मर ही नहीं रहा था तो अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया हजारों की तदाद में ऑक्सीजन सिलेंडर किसलिए भेज रहे थे? और भारत का विदेश मंत्रालय ट्विटर पर सबका शुक्रिया भी तो अदा कर रहा था. मंत्रालय ने उसी वक्त काहे नहीं उन सरकारों से कहा कि हमारे यहां ऑक्सीजन की कमी से कोई नहीं मर रहा, हमें ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर मत भेजो?

स्वास्थ्य मंत्री ने इतिहास में अपनी सरकार का नाम सुनहरी अक्षरों में लिख दिया है. सौ साल बाद जब इतिहास का कोई छात्र इस युग पर शोध कर रहा होगा तो संसदीय दस्तावेज खंगालेगा और कहेगा, भारत में ऑक्सीजन की कमी से कोई नहीं मरा था. यह बात संसद के रिकॉर्ड में दर्ज है.

अब जिन लोगों ने सरकार को सफेद झूठ बोलते देखा-सुना है उनकी आवाज तो होगी नहीं सरकारी रिकॉर्ड में. पर झूठ बोलने से ऑक्सीजन की कमी दूर हो जाएगी क्या? लोगों का मरना बंद हो जाएगा क्या? सच बोलने का फायदा ये होता कि आप अपनी कमी मानते और उसे दूर करने की कोशिश करते. सरकार अपनी गलती मानती और वादा करती कि अगली बार ऑक्सीजन की कमी से किसी को नहीं मरने देंगे, तो मुझे विभु की मौत के बाद आया वो एसएमएस ना कचोटता.

उस दिन विभु की चिता जब जल रही थी, तब उसके फोन पर एक मेसेज आया था – बधाई हो, आप कोरोना पॉजीटिव नहीं हैं. (dw.com)

 

    


23-Jul-2021 8:54 PM (27)

नवजोत सिद्धू को पंजाब में कांग्रेस अध्यक्ष बना कर पार्टी ने एक बार फिर पुरानी पीढ़ी के नेताओं के वर्चस्व के अंत का संकेत दिया है. अन्य राज्यों में भी अनिश्चितताओं से घिरे पार्टी कार्यकर्ता अहम फैसलों का इंतजार कर रहे हैं.

 डॉयचे वैले पर चारु कार्तिकेय की रिपोर्ट- 

79 साल के कैप्टन अमरिंदर सिंह, 74 साल के कमल नाथ और 70 साल के अशोक गहलोत को जब कांग्रेस पार्टी ने 2017 और 2018 में पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों के रूप में चुना तो इसे पार्टी आला कमान की ओर से एक संकेत माना गया कि उसका विश्वास अभी भी नई पीढ़ी की जगह पुरानी पीढ़ी के नेताओं में हैं.

पंजाब में राजस्थान और मध्य प्रदेश से तस्वीर थोड़ी अलग थी. मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया और राजस्थान में सचिन पायलट के रूप में अगली पीढ़ी के नेता विकल्प के रूप में मौजूद थे. पंजाब में कैप्टन का कोई विकल्प नहीं था. इसके अलावा वो बड़ी संख्या में विधायकों का समर्थन दिखा कर अपने प्रतिद्वंदी प्रताप सिंह बाजवा के खेमे के मुकाबले में अपने वर्चस्व का प्रदर्शन कर चुके थे.

नतीजतन राज्य में पार्टी की पूरी बागडोर उनके हाथ में सौंप दी गई. उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया और उनके ही विश्वासपात्र सुनील जाखड़ को प्रदेश अध्यक्ष. लेकिन अब सिद्धू को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर पार्टी आला कमान ने कैप्टन को बदलते हालात को स्वीकार कर लेने का संकेत दिया है.

प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद सिद्धू ने 21 जुलाई को कुछ वैसा ही शक्ति-प्रदर्शन किया जैसा कैप्टन ने 2017 में किया था. उनके बुलावे पर कैप्टन के मंत्रिमंडल के चार मंत्रियों सहित कई विधायक अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में माथा टेकने पहुंचे. सिद्धू के खेमे का दावा था कि कुल 62 विधायक वहां जमा हुए थे. इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन बड़ी संख्या में विधायक वहां मौजूद थे.

कैसे आगे आए सिद्धू

साफ है कि सिद्धू कैप्टन को चुनौती देने की स्थिति में हैं लेकिन आखिर यह हुआ कैसे? 12 साल बीजेपी में रह कर सिर्फ चार साल पहले कांग्रेस से जुड़ने वाले सिद्धू पंजाब कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को चुनौती देने की स्थिति में आखिर पहुंचे कैसे. जानकार इसके पीछे दो मुख्य कारण बताते हैं.

पहला कारण सीधे पंजाब से जुड़ा है. अक्टूबर 2015 में पंजाब के कई हिस्सों में सिखों की पवित्र किताब गुरु ग्रन्थ साहिब की प्रतियों के फटे हुए पन्ने मिलने लगे, जिसे पूरे राज्य में काफी आक्रोश फैल गया. 14 अक्टूबर को फरीदकोट के बरगारि गांव में विरोध प्रदर्शनों में पुलिस की गोली से दो लोगों की जान चली गई. तत्कालीन अकाली सरकार को भी इस आक्रोश का खामियाजा उठाना पड़ा और 2017 के चुनाव में वो सत्ता से बाहर हो गई.

कैप्टन ने मुख्यमंत्री बनने के बाद पुलिस का एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया जिसने अपनी रिपोर्ट 2021 में पेश की. नौ अप्रैल 2021 को पंजाब और हरियाणा के हाई कोर्ट ने इस एसआईटी के तरीकों पर ऐतराज जाहिर करते हुए इस रिपोर्ट को ही खारिज कर दिया. यही कैप्टन के भविष्य लिए एक नया मोड़ था.

हाई कोर्ट की फटकार के बाद पंजाब कांग्रेस में उथल पुथल मच गई. बातें होनी लगी कि इतने भावनात्मक मुद्दे पर अदालत से फटकार मिलना राज्य सरकार और पार्टी के लिए शर्मिंदगी की बात है. सिद्धू ने प्रदेश में पार्टी के अंदर पनप रहे इस असंतोष को सार्वजनिक तौर पर आवाज दी और मुख्यमंत्री को खुलेआम इस असफलता के लिए जिम्मेदार ठहराया.

सिद्धू ने कई महीनों तक कैप्टन पर खुल कर हमला किया, यहां तक कि उन पर बादल परिवार के साथ मिलीभगत के आरोप भी लगाए. इसी रणनीति की मदद से सिद्धू कैप्टन के खिलाफ अपने आप में शक्ति का एक केंद्र बन गए.

आला कमान के उद्देश्य

कांग्रेस पार्टी पिछले कई सालों से राष्ट्रीय स्तर पर दो धड़ों में बंटी हुई है - पुरानी पीढ़ी जिसके सदस्य सोनिया गांधी की अध्यक्षता में पार्टी में और पार्टी की सरकारों में वरिष्ठतम पदों पर रहे और नई पीढ़ी जिसके सदस्य अब राहुल गांधी के नेतृत्व में वही दर्जा हासिल करना चाहते हैं जो पुरानी पीढ़ी के नेताओं का था. नई पीढ़ी के इन सदस्यों से बात करने पर पार्टी नेतृत्व की मौजूदा सोच के कुछ संकेत मिलते हैं.

नाम ना जाहिर करने की शर्त पर राहुल गांधी की टीम के एक सदस्य ने डीडब्ल्यू को बताया कि पार्टी में अब आक्रामक तेवरों वाले नेताओं को पसंद किया जाता है. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों में नियुक्त किए गए प्रदेश अध्यक्षों को देखें तो उन सब में आक्रामकता का यह गुण मिलेगा. इस क्रम में उन्होंने सिद्धू से पहले महाराष्ट्र और तेलंगाना में प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए गए नाना पटोले और रेवंथ रेड्डी का नाम लिया.

सिद्धू की ही तरह ये दोनों भी पुराने कांग्रेसी नहीं हैं. पटोले कई बार कांग्रेस छोड़ कर जा चुके हैं. 2018 में कांग्रेस में फिर से शामिल होने से पहले वो बीजेपी सांसद थे. रेवंथ रेड्डी भी 10 सालों तक टीडीपी में रहने के बाद 2017 में कांग्रेस में शामिल हुए थे. कांग्रेस सूत्र ने बताया कि पार्टी आला कमान को इस बात से कोई तकलीफ नहीं है कि जिससे जिम्मेदारी सौंपी जा रही है वो पुराना कांग्रेसी है या हाल में कोई दूसरी पार्टी छोड़ कर आया है. महत्वपूर्ण यह है कि वो आक्रामक हो और कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने में विश्वास रखता हो.

हाल ही में खुद राहुल गांधी का ही एक वीडियो संदेश सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को निडर लोगों की जरूरत और ऐसे कई लोग जो पार्टी से बाहर हैं उन्हें पार्टी में लाने की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के अंदर कई लोग हैं जो डरते हैं और ऐसे लोगों को पार्टी से निकाल देना चाहिए.

राहुल गांधी से नजदीकी

हालांकि गुणों के अलावा एक और कारण है जिसकी वजह से सिद्धू, पटोले और रेड्डी जैसे नेता पार्टी में उभर कर आए हैं और वो है राहुल गांधी से नजदीकी. कांग्रेस सूत्र ने भी बताया कि इन सभी नेताओं का "राहुल गांधी से सीधा संपर्क है और उन्हें इनकी शैली पसंद है." सिद्धू के भी सभी प्रयास तभी रंग लाए जब वो दिल्ली आए और उनकी राहुल और प्रियंका गांधी से मुलाकात हुई. संभव है कि इसके बाद भी कैप्टन को मनाना मुश्किल रहा होगा क्योंकि इस बैठक के बाद कैप्टन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले और तब जा कर सिद्धू की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा हुई.

राहुल गांधी से सीधा संपर्क रखने वाले नेताओं का पार्टी में आगे बढ़ना भी इसी बात की तरफ इशारा करता है कि पार्टी के अंदर पुरानी पीढ़ी अब नेपथ्य में जा रही है और नई पीढ़ी आगे आ रही है. इन दोनों पीढ़ियों के टकराव का नतीजा अभी तक अच्छा नहीं रहा है. मध्य प्रदेश में सिंधिया के कांग्रेस छोड़ कर बीजेपी में चले जाने से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ही गिर गई और पूरा संगठन हिल गया.

राजस्थान में भी व्यापक रूप से पायलट खेमे की तरफ से बगावत का एक दौर हो चुका है. इसके अलावा गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार जैसे बड़े राज्यों में भी पार्टी संगठन में नेतृत्व को लेकर काफी असंतोष है. जुलाई 2019 में  पार्टी अध्यक्ष के पद से राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद से एक तरह से पूरी पार्टी ही पशोपेश में है.

ऐसे में राहुल गांधी से नजदीकी नेताओं को पार्टी में आगे बढ़ाया जाना महत्वपूर्ण है. देखना यह होगा कि यह रणनीति चुनावों की कसौटी पर खरी उतरती है या नहीं. शुरुआत होगी 2022 में होने वाले पंजाब विधान सभा चुनावों से.(dw.com)

 


23-Jul-2021 8:51 PM (20)

पटना, 23 जुलाई | लखीसराय पुलिस ने शुक्रवार को कथित देह व्यापार के आरोप में दो लड़कियों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए जिले के कबाया थाने की टीम ने शांति इन होटल में छापा मारा और एक कमरे के अंदर आपत्तिजनक स्थिति में दो युवकों और दो लड़कियों को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने होटल के मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया है।

अधिकारी के मुताबिक इस होटल में दो लड़कियों ने एक दिन के लिए कमरा बुक किया था। उनके अपने ग्राहक थे जिन्हें इस होटल में आमंत्रित किया गया था। ये सभी गतिविधियां होटल मालिक की मिलीभगत से अंजाम दी जा रही थीं।

आर.एम. सिंह, जांच कर रहे पुलिस अधिकारी, "जांच के दौरान, यह पाया गया कि लड़कियां एक घंटे के लिए प्रति व्यक्ति 2,000 रुपये चार्ज कर रही थीं और होटल मालिक ने पैसे साझा किए।"

बिहार के रोहतास जिले में 20 जुलाई को एक अंतर्राज्यीय सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद, राज्य के गृह और समाज कल्याण विभागों ने सभी 38 जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को अपने अधिकार क्षेत्र में हो रही अनैतिक गतिविधियों पर नजर रखने का निर्देश दिया है। (आईएएनएस)


23-Jul-2021 7:39 PM (18)

नई दिल्ली, 23 जुलाई: मानसून सत्र के पहले सप्ताह, संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही विपक्ष द्वारा तीन नये केंद्रीय कृषि कानूनों, पेगासस जासूसी मामला सहित विभिन्न मुद्दों पर किए गये हंगामे की भेंट चढ़ गयी तथा शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के एक राज्यसभा सदस्य को शेष सत्र के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया. पूरे सप्ताह के दौरान सिर्फ मंगलवार को उच्च सदन में उस समय चार घंटे सामान्य ढंग से कामकाज हो पाया जब कोविड-19 के कारण देश में उपजे हालात को लेकर, सभी दलों के बीच आपस में बनी सहमति के आधार पर चर्चा की गयी.

शुक्रवार को विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा एक बार के स्थगन और राज्यसभा तीन बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी. दोनों सदनों में आज भी प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सका तथा शुक्रवार को होने वाला गैर सरकारी कामकाज भी हंगामे की भेंट चढ़ गया.

राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने उच्च सदन में लगातार हो रहे हंगामे और व्यवधान पर क्षोभ प्रकट करते हुए, सूचना प्रौद्योगिकी और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव के हाथों से एक विपक्षी सदस्य द्वारा बयान की प्रति छीन उसके टुकड़े हवा में लहराने की घटना को ‘‘संसदीय लोकतंत्र पर हमला’’ करार दिया.

उन्होंने कहा कि कोविड महामारी की विभीषिका के बीच यह सत्र आयोजित हुआ है और जनता से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जानी है. उन्होंने सदस्यों के सामने कई सवाल भी उठाए ओर उनसे इर पर चिंतन करने को कहा.

सभापति ने बृहस्पतिवार को सदन में हुए हंगामे और इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के सदस्य शांतनु सेन सहित अन्य विपक्षी नेताओं के आचरण का जिक्र किया और इसे अशोभनीय बताया. सभापति ने कहा कि कल जो कुछ हुआ, निश्चित रूप से उससे सदन की गरिमा प्रभावित हुई. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की गरिमा ही प्रभावित होती है.

नायडू ने कहा कि उन्होंने पहले भी इस बात पर जोर दिया है कि संसद राजनीतिक संस्थाओं से बहुत बड़ी है क्योंकि उसके पास संवैधानिक अधिकार हैं. उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन ऐसा लगता है कि संसद की गरिमा और संविधान के प्रति नाम मात्र का सम्मान है. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है.’’

राज्यसभा के सभापति ने कहा कि जब देश आजादी के 75वें साल में प्रवेश कर रहा है तो ऐसे समय में सदन की कार्यवाही में व्यवधान अच्छा संदेश नहीं देता. उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि वह सदन की गरिमा धूमिल न होने दें. उन्होंने सदस्यों को याद दिलाया कि वे संसदीय लोकतंत्र के संरक्षक हैं और उन्हें अपने-अपने राज्यों के और वहां की जनता के मुद्दे उठाने चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘सदन में व्यवधान न्याय का कोई तरीका नहीं है.’’

उच्च सदन में तृणमूल सदस्य शांतनु सेन को कल सदन में उनके अशोभनीय आचरण के लिए राज्यसभा के मौजूदा सत्र की शेष अवधि के लिए आज निलंबित कर दिया गया. इस संबंध में संसदीय कार्य राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने प्रस्ताव किया जिसे धवनि मत से पारित कर दिया गया.

गौरतलब है कि सेन ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के हाथों से ‘‘पैगासस विवाद’’ पर दिए जा रहे उनके बयान की प्रति छीन ली थी और उसके टुकड़े कर हवा में उछाल दिए थे.

सेन को शेष सत्र के लिए निलंबित करने की सभापति की घोषणा का विरोध करते हुए तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने हंगामा किया. तृणमूल सदस्य शुखेंदु शेखर रॉय ने कहा कि मुरलीधरन ने अचानक से सेन के निलंबन का प्रस्ताव पेश कर दिया लेकिन सदन में आज की कार्यसूची में इसका कोई उल्लेख नहीं था. सभापति ने उनकी आपत्ति को खारिज कर दिया. कांग्रेस के सदस्य जयराम रमेश भी इस मुद्दे पर कुछ बोल रहे थे लेकिन हंगामे की वजह से उनकी बात नहीं सुनी जा सकी.

उच्च सदन में आज विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पेगासस जासूसी विवाद का मुद्दा उठाना चाहा और कहा कि उन्होंने नेताओं, उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों, पत्रकारों और अन्य लोगों की जासूसी संबंधी आरोपों के बारे में एक नोटिस दिया है. पीठासीन अध्यक्ष भुवनेश्वर कालिता ने कहा कि इस बारे में सरकार की तरफ से पहले ही बयान दिया जा चुका है.

इसी बीच, राज्यसभा में उपनेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि इस मुद्दे को उठाया जा चुका है ओर इस पर सूचना प्रौद्योगिकी और संचार मंत्री का बयान आ चुका है. उन्होंने कहा, ‘‘इस दौरान किस तरह का व्यवहार विपक्ष के कुछ लोगों ने उनके साथ किया था, यह देश ने देखा है. नकवी बोल ही रहे थे कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस सहित कुछ अन्य विपक्षी दलों ने हंगामा प्रारंभ कर दिया. इसके तुरंत बाद ही कालिता ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी.

लोकसभा में सुबह सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ओलंपिक खेलों के लिए भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं और प्रश्नकाल शुरू कराया. इसके बाद कुछ विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के निकट पहुंच गए. कुछ सदस्यों के हाथों में तख्तियां थी जिन पर पेगासस मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में न्यायिक जांच की मांग के बारे में लिखा हुआ था.

सदन में हंगामे के बीच ही स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने अपने अपने मंत्रालयों से संबंधित पूरक प्रश्नों के उत्तर दिए. बिरला ने नारेबाजी कर रहे विपक्षी सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और कोविड दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की. उन्होंने कहा, ‘‘कोविड संक्रमण और टीकाकरण की स्थिति पर बात हो रही है. आप लोगों ने मास्क नहीं लगा रखे हैं. कोरोना संक्रमण खत्म नहीं हुआ है. आप जन प्रतिनिधि हैं. अगर आप खुद संक्रमण फैलाएंगे तो फिर क्या संदेश जाएगा.’’

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘कोविड दिशानिर्देशों का पालन करिए. आप मास्क निकालकर नारेबाजी कर रहे हैं और तख्तियां दिखा रहे हैं, यह उचित नहीं है. आप लोग अपनी सीट पर जाइए, आपको चर्चा करने का मौका दूंगा.’’ हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने करीब 11.15 बजे सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. निचले सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर स्थिति ज्यों की त्यों बनी रही. शोर-शराबे के बीच ही पीठासीन सभापति किरीट सोलंकी ने आवश्यक कागजात सभापटल पर रखवाये.

इस दौरान विपक्षी सदस्य अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे. पीठासीन सभापति सोलंकी ने सदस्यों से अपने स्थान पर लौटने और कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया. हालांकि सदस्यों का शोर-शराबा जारी रहा. व्यवस्था बनती नहीं देख पीठासीन सभापति ने सदन की कार्यवाही करीब सवा 12 बजे दिन भर के लिये स्थगित कर दी. शनिवार और रविवार को अवकाश होने के कारण दोनों सदनों की अगली बैठक अब सोमवार, 26 जुलाई को पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होगी. (abplive)


23-Jul-2021 7:20 PM (30)

रोहतास, 23 जुलाई: जिले के डेहरी स्थित महिला थाना शुक्रवार को विवाह स्थल के रूप में बदल गया. यहां महिला थनाध्यक्ष की देखरेख में मंत्रोच्चारण की गूंज के बीच प्रेमी-प्रेमिका ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाया. इसके बाद प्रेमी ने प्रेमिका की मांग में सिंदूर भरा और शादी संपन्न हो गई और दोनों एक-दूसरे के हो गए.  

महिला थानाध्यक्ष माधुरी कुमारी ने बताया कि टंड़वा गांव के प्रेमी अभयकांत और पडुहार गांव की प्रेमिका प्रियंका के बीच कई सालों से प्रेम संबंध था, लेकिन लड़के और लड़की के घर वाले शादी के पक्ष में नहीं थे. इसके बाद खुद लड़की ने इसकी शिकायत महिला थाने में दर्ज कराई. महिला थानाध्यक्ष ने लड़की की शिकायत पर लड़के को थाने बुलाया, जहां लड़के ने अपनी तरफ से शादी की सहमति जताई.

लड़के ने थाने में जताई शादी करने पर सहमित

दोनों की शादी की सहमति के बाद तत्काल थाना परिसर में ही शुक्रवार को शादी कराने का निर्णय लिया गया. इसके बाद हिंदू रीति-रिवाज के मुताबिक दोनों की विधिवत शादी कराई गई. लड़का और लड़की दोनों के पक्ष से दोनों के भाई शादी में शामिल हुए.

आनन-फानन में निर्णय, फिर जुटाया गया सामान

बताया जाता है कि जब लड़के को थाने बुलाया गया तो उसने शादी के लिए सहमति जता दी. इसके बाद थाना परिसर में ही शादी कराने का निर्णय लिया गया. आनन-फानन में शादी का सामान जुटाया गया और पंडित जी को बुलाया गया. इस दौरन थाना परिसर में महिला थानाध्यक्ष के अलावा कुछ लोग और महिला सिपाही भी मौजूद थीं.(abplive)


23-Jul-2021 7:16 PM (42)

पोर्नोग्राफी केस में लगातार बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. वहीं दूसरी तरफ इस केस में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं. अब राज कुंद्रा को लेकर मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम उनके शुक्रवार को जुहू स्थित बंगले 'किनारा' पहुंची. इस घर में शिल्पा शेट्टी भी रहती हैं. पुलिस को Neuflicks नामक राज कुंद्रा के नये ऐप (प्लान बी) के लिए बनाए जाने वाले 19 एडल्ट वीडियो से संबंधित ए्ग्रीमेंट पेपर्स, कुछ मिसिंग सीडीऔर एक मिसिंग सर्वर की भी तलाश है.

पोर्नोग्राफी का इंटरनेशनल कनेक्शन!

पोर्नोग्राफी केस में गिरफ्तार बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को लेकर अब इंटरनेशनल कनेक्शन सामने आ रहा है. मुंबई पुलिस ने दावा किया है कि एक व्हाट्सएप चैट में उन्हें यह पता चला है कि राजकुंद्रा 121 वीडियो को 12 लाख अमेरिकी डॉलर में बेचने की बात कर रहे थे. मुंबई पुलिस ने कहा कि ऐसा लगता है कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का मामला है.

बॉम्बे हाईकोर्ट से कुंद्रा ने लगाई गुहार

इधर, पोर्नोग्राफी केस में फंसे शिल्पा शेट्टी के पति और व्यवसायी राज कुंद्रा ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि उनकी गिरफ्तारी अवैध है. इधर, मुंबई की एक अदालत ने अश्लील फिल्मों के कथित निर्माण और उन्हें कुछ ऐप के जरिए प्रसारित करने से जुड़े मामले में कारोबारी राज कुंद्रा की पुलिस हिरासत शुक्रवार को 27 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी. अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति, कुंद्रा को शहर की पुलिस की अपराध शाखा ने 19 जुलाई की रात को गिरफ्तार किया था. इससे पहले उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था.

पूर्व की हिरासत की अवधि समाप्त होने पर शुक्रवार को उन्हें मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष पेश किया गया. पुलिस ने मामले में और जांच के मकसद से उनकी हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया. पुलिस ने इससे पहले अदालत को बताया था कि 45 वर्षीय कारोबारी अश्लील सामग्री के निर्माण एवं बिक्री की अवैध गतिविधि से आर्थिक लाभ कमा रहे थे.

27 जुलाई तक बढ़ी राज कुंद्रा की हिरासत

पुलिस ने दावा किया कि उसने कुंद्रा का मोबाइल फोन जब्त किया है और इसमें मौजूद सामग्रियों की जांच जरूरी है और साथ ही उनके कारोबारी सौदों एवं लेन-देन को भी देखना होगा. कुंद्रा के अलावा, पुलिस ने दूसरे आरोपी रयान थोरपे को भी अदालत में पेश किया. अदालत ने उसकी हिरासत की अवधि भी 27 जुलाई तक बढ़ा दी. (abplive)


23-Jul-2021 7:09 PM (23)

नई दिल्ली, 23 जुलाई: ट्विटर इंडिया के प्रमुख मनीष माहेश्वरी को अदालत में राहत मिल गई है. उन्हें गवाह के रूप में पेश होने के लिए, गवाही देने के लिए उत्तर प्रदेश जाने की जरूरत नहीं होगी. कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि यूपी पुलिस का ट्विटर इंडिया के प्रमुख को नोटिस दुर्भावनापूर्ण है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक कर्नाटक हाईकोर्ट ने गाजियाबाद में एक बुजुर्ग व्यक्ति पर हमले से संबंधित एक वीडियो के संबंध में सीआरपीसी की धारा 41 ए के तहत ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी को यूपी पुलिस की ओर से दिए गए नोटिस को खारिज कर दिया है. हाई कोर्ट ने यूपी पुलिस को वर्चुअल मोड के माध्यम से या उनके कार्यालय या घर पर जाकर उनका बयान दर्ज करने की अनुमति दी है.

ट्विटर इंडिया के प्रमुख मनीष माहेश्वरी को उत्तर प्रदेश पुलिस ने गाजियाबाद में एक मुस्लिम व्यक्ति पर हुए हमले के बारे में किए गए ट्वीट को लेकर पूछताछ के लिए बुलाया था. कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को सोशल मीडिया के इस कार्यकारी को एक बड़ी राहत दी. कोर्ट ने कहा कि माहेश्वरी को गवाही देने के लिए यूपी की यात्रा करने की आवश्यकता नहीं है.

कर्नाटक हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि माहेश्वरी को जारी किया गया नोटिस “दुर्भावनापूर्ण” था. उन पर बाद में उत्तर प्रदेश पुलिस ने दंगा करने, दुश्मनी को बढ़ावा देने और आपराधिक साजिश के आरोप भी लगाए थे.

माहेश्वरी ने 23 जून को यूपी पुलिस के समन को चुनौती दी थी. उन्हें एक नोटिस दिए जाने के बाद लोनी पुलिस स्टेशन (दिल्ली-यूपी सीमा पर) पूछताछ के लिए बुलाया गया था. माहेश्वरी ने इससे पहले वीडियो कॉल के माध्यम से पूछताछ के लिए उपलब्ध होने की बात कही थी, लेकिन पुलिस ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था. पुलिस ने उनकी शारीरिक उपस्थिति पर जोर दिया.

एक बुजुर्ग व्यक्ति अब्दुल समद ने आरोप लगाया कि उन्हें कुछ लोगों ने पीटा और "जय श्रीराम" और "वंदे मातरम" का नारा लगाने के लिए मजबूर किया. इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया गया. इसके बाद ट्विटर इंडिया, कई पत्रकारों और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ पिछले महीने एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी. 

ट्विटर इंडिया को संबंधित पोस्टें हटाने का आदेश दिया गया था लेकिन शुरू में वह ऐसा करने में विफल रहा. यूपी पुलिस ने ट्विटर पर कुछ "आपत्तिजनक" ट्वीट्स को हटाने में विफल रहने का आरोप लगाया.

माहेश्वरी को तलब करने वाले नोटिस में कहा गया है, "अधिकारियों के कहने के बाद भी आप कुछ ट्वीट नहीं हटा सके. आप भारतीय कानूनों को समझें, उनका पालन करने के लिए बाध्य हैं."

पुलिस ने मामले में किसी भी "सांप्रदायिक कोण" से इनकार किया है. उसका दावा है कि आदमी को उसके द्वारा बेचे गए ताबीज को लेकर पीटा गया था. उसने आरोप लगाया कि मुस्लिम बुजुर्ग पर छह लोगों, हिंदू और मुस्लिम, ने हमला किया था और वे उन्हें जानते थे. हालांकि समद के परिवार ने पुलिस के दावों का खंडन किया है. (ndtv.in)


23-Jul-2021 7:07 PM (21)

नई दिल्ली, 23 जुलाई: रक्षा अनुसंधान ओर विकास संगठन (DRDO) ने शुक्रवार को नई पीढ़ी की आकाश मिसाइल का सफल परीक्षण किया. यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर की एकीकृत रेंज से सुबह 11: 45 बजे के आसपास किया गया. यह परीक्षण हाई स्‍पीड मानव रहित एरियल टारगेट (हवाई लक्ष्‍य) के खिलाफ किया गया, जिसे मिसाइल ने कामयाबी के साथ इंटरसेप्‍ट किया. यह टेस्‍ट खराब मौसम की स्थिति के बीच किया गया जिसने इस वेपन सिस्‍टम के हर तरह के मौसम में संचालन की क्षमता को साबित किया.

भारत ने बुधवार को भी आकाश मिसाइल के नये संस्करण (आकाश-एनजी) का ओडिशा तट से सफल परीक्षण किया था. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बहुद्देशीय राडार, कमांड, कंट्रोल और संचार प्रणाली और लांचर आदि सभी प्रकार की हथियार प्रणाली से लैस मिसाइल का यह परीक्षण दोपहर करीब पौने एक (12:45) बजे जमीनी मंच से किया गया था. हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल) ने रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) की प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर इस मिसाइल प्रणाली को विकसित किया है.सूत्रों ने बताया कि परीक्षण के दौरान मिसाइल ने तेज गति वाले और संवेदनशील हवाई लक्ष्यों पर निशाना साधने से जुड़ी क्षमता का अद्भुत प्रदर्शन किया.सेवा में आने के बाद आकाश-एनजी हथियार प्रणाली भारतीय वायुसेना के लिए बहुत महत्वपूर्ण और उसकी क्षमता को कई गुना बढ़ाने वाली साबित होगी. (ndtv.in)

 


23-Jul-2021 7:06 PM (40)

मुंबई, 23 जुलाई : बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और पोर्न मामले में फंसे व्यवसायी राज कुंद्रा (Raj Kundra) और उनके सहयोगी रेयान ठोरपे की न्यायिक हिरासत 27 जुलाई तक बढ़ा दी गई है. इससे पहले मुंबई पुलिस ने दोनों की हिरासत अवधि सात दिन बढ़ाने की मांग की थी. पुलिस ने अदालत को बताया कि कुंद्रा के पास से लगभग 4 टेराबाइट साइज में वीडियो और इमेजेज जब्त किया है जो एडल्ट कंटेंट हैं.

केस की सुनवाई के दौरान राज कुंद्रा के वकील आबाद पोंडा ने अदालत में दलील दी है कि  Google, IOS और अन्य ने अपने ऐप प्लेटफॉर्म से हॉटशॉट्स को हटा दिया था, इसलिए आरोपी ने अपने प्लान B को सक्रिय किया और एक और ऐप बॉलीफेम लॉन्च किया था. 

पुलिस ने आरोपी का लैपटॉप भी जब्त किया है, जिसमें 35 हॉटशॉट क्लिप सहित 51 क्लिप थे.  वकील ने कहा कि हम हॉटशॉट्स के लिए बनाए गए रायन के 4 ई-मेल खातों को पुनः प्राप्त करना चाहते हैं. वकील ने कहा कि हमने उनकी कंपनी के ऑडिटर और आईटी डेवलपर का बयान दर्ज किया है और उन्होंने हमें बताया है कि उनके कार्यालय का मासिक खर्च 4 हजार से 10 हजार पाउंड था.

पुलिस को संदेह है कि पोर्नोग्राफी से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए किया गया है और यही कारण है कि यस बैंक खाते और UBA (United Bank of Africa) खाते के बीच लेनदेन की जांच की जानी है.

आबाद पोंडा ने कोर्ट में कहा कि यह एक ऐसा मामला है, जहां चार्जशीट पहले ही दायर की जा चुकी है और CRPC 173 के तहत आगे की जांच की जा रही है. आरोपी के वकील ने कहा कि मुझे जांच के लिए बुलाया जा सकता है और मैं उपलब्ध रहूंगा, इसलिए पुलिस हिरासत की जरूरत नहीं है. 

पोंडा ने कहा कि विचाराधीन सामग्री आईटी अधिनियम 67 के तहत नहीं आती है क्योंकि इसी तरह की सामग्री नेटफ्लिक्स और अमेज़ॅन प्राइम आदि पर उपलब्ध है.  इसलिए इसे आईटी अधिनियम 67 के तहत कवर नहीं किया जा सकता है जो गैर जमानती है. पोंडा ने कहा कि इसे केवल आईपीसी 292 के तहत ही कवर की जा सकती है और आरोपी की आगे की हिरासत की जरूरत नहीं है. कुंद्रा को 19 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था.(ndtv.in)


23-Jul-2021 7:04 PM (17)

मुंबई, 23 जुलाई :  पोर्नोग्राफी केस में गिरफ्तार कारोबारी और बॉलीवुड एक्‍ट्रेस शिल्‍पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा और रियान थोर्प को 27 जुलाई तक पुलिस कस्‍टडी में भेजा गया है. राज कुंद्रा की रिमांड आज (23 जुलाई) खत्‍म हो रही थी.मुंबई पुलिस की टीम राज कुंद्रा को लेकर उनके घर पहुंची, उनके घर पर तलाशी चल रही है. इससे पहले, कुंद्रा मामले में जांच अधिकारी ने अदालत में दलील की कि Google, IOS और अन्य ने अपने ऐप प्लेटफॉर्म से हॉटशॉट्स को हटा दिया था, इसलिए आरोपी ने अपने प्लान B को सक्रिय किया और एक और ऐप बॉलीफेम लॉन्च किया. आरोपी का लैपटॉप भी जब्त किया गया है जिसमें 35 हॉटशॉट क्लिप सहित 51 क्लिप थे. अधिकारी ने कहा कि हम हॉटशॉट्स के लिए बनाए गए रायन के 4 ईमेल खातों को पुनः प्राप्त करना चाहते हैं, हमने उनकी कंपनी के ऑडिटर और आईटी डेवलपर का बयान दर्ज किया है और उन्होंने हमें बताया है कि उनके कार्यालय का मासिक खर्च 4 हजार से 10 हजार पाउंड था. पुलिस को संदेह है कि पोर्नोग्राफी से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए किया गया था और यही कारण है कि यस बैंक खाते और UBA( united bank of Africa ) खाते के बीच लेनदेन की जांच की जानी है.

कुंद्रा को सोमवार रात गिरफ्तार किया गया था. उन पर अश्लील सामग्री के निर्माण और प्रसार का आरोप है. मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने फरवरी माह में प्रेस कॉन्फ्रेंस में अश्लील फिल्म बनाने और उसे ऐप्प पर अपलोड करने के बारे में खुलासा किया था. पुलिस ने मंगलवार को प्रेस कान्‍फ्रेंस में कहा था कि मामले में हमने जांच में पाया है कि राज कुंद्रा मुख्य साजिशकर्ता हैं. उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं. राज कुंद्रा के पूर्व असिस्टेंट उमेश कामत ने कथित तौर पर उनका नाम लिया था. पुलिस ने कहा था कि राज कुंद्रा 'प्रमुख साजिशकर्ता' प्रतीत होता है उसके ऑफिस से अश्लील क्लिप और ईमेल सहित आपत्तिजनक सबूत पाए गए. पुलिस के मुताबिक, अश्लील सामग्री का निर्माण और संचालन राज कुंद्रा के मुंबई ऑफिस से किया गया था. कुंद्रा "हॉटशॉट्स" ऐप पर अश्लील सामग्री के निर्माण और स्ट्रीमिंग में भी शामिल थे. 

शीर्ष अदालत ने लक्ष्मण सिंह की अपील खारिज कर दी. सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (जान बूझकर चोट पहुंचाना) और 147 (दंगा) के तहत दोषी ठहराया गया था. याचिका में कहा गया कि राज्य ने सिंह को दी गई छह महीने की सजा के खिलाफ अपील को प्राथमिकता नहीं दी. (ndtv.in)


23-Jul-2021 7:02 PM (21)

नई दिल्ली, 23 जुलाई : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को झारखंड में एक मतदान केंद्र पर दंगा करने के मामले में दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति की अपील को खारिज करते हुए कहा कि बूथ कब्जा करने या फर्जी वोटिंग (Booth capturing or Bogus voting) के किसी भी प्रयास से कड़ाई से निपटा जाना चाहिए क्योंकि यह अंततः कानून और लोकतंत्र के शासन को प्रभावित करता है. अपने पहले के फैसलों का जिक्र करते हुए न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एमआर शाह की बेंच ने कहा कि मतदान की स्वतंत्रता अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा, ‘‘चुनावी प्रणाली का सार यह होना चाहिए कि मतदाताओं को अपनी पसंद का प्रयोग करने की स्वतंत्रता सुनिश्चित हो. इसलिए बूथ कब्जा करने या फर्जी वोटिंग के किसी भी प्रयास से सख्ती से निपटा जाना चाहिए क्योंकि यह अंततः लोकतंत्र और कानून के शासन को प्रभावित करता है.''

SC ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए वोट डालने की गोपनीयता जरूरी है. पीठ ने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों में गोपनीयता बनाए रखना जरूरी है, लोकतंत्र में जहां प्रत्यक्ष चुनाव होते हैं, ऐसे में यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि मतदाता बिना किसी डर के अपना वोट डाले और अपने वोट का खुलासा होने पर उसे निशाना नहीं बनाया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘‘लोकतंत्र और स्वतंत्र चुनाव संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा हैं. चुनाव एक ऐसा तंत्र है जो अंततः लोगों की इच्छा का प्रतिनिधित्व करता है. किसी को भी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के अधिकार को कमजोर करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है.''(ndtv.in)


23-Jul-2021 6:52 PM (18)

मुंबई, 23 जुलाई: महाराष्ट्र में भारी बारिश और नदियों में उफान आने से लोग बुरी फंस गए हैं. मुंबई से सटे रायगढ़ जिले के महाड में कुल तीन जगहों पर भूस्खलन हुआ है.तीन जगहों पर भूस्खलन होने से कई घर दब गए हैं, जिसमें 36 लोगों की मौत हुई है. यहां के तलई  में 32 लोगों की मौत हुई है और साखर सुतार वाड़ी में चार लोगों की मौत हुई है. दोनों जगहों पर करीब 15 लोगों को बचाया गया है.वहीं 30-35 लोगों की अभी भी तलाश जारी है. महाड में सावित्री नदी खतरे के निशान से ऊपर बहकर सब कुछ डुबा रही है. महाड और खेड में NDRF और कोस्टगार्ड की मदद ली जा रही थी.अब बचाव के लिए नौसेना की टीम भी मदद कर रही है. महाड से थोड़ा पहले दासगांव, टोल नाके के पास नौसेना की टीम अपने साथ लाए बोट पानी में उतारकर मदद कर रही है. इसके आगे सड़क पर भी पानी भरा है.

वहीं फिलहाल रातभर से बारिश रुकी होने की वजह से रत्नागिरी के खेड़ में जहां बाढ़ का पानी जमा हुआ था वह अब उतरने लगा  है. चिपलूण में अब भी पानी भरा है. हजारों लोग अब भी फंसे हैं. उनके रिश्तेदार जो चिपलूण से बाहर हैं, वे सोशल मीडिया के जरिये अपनों को वहां से सुरक्षित निकालने की गुहार लगा रहे हैं. इगतपुरी में कसारा घाट पर चट्टान खिसकने और  तेज बारिश से मध्य रेल की पटरी तक बह गई, मुंबई से सटे कल्याण और भिवंडी को भी बारिश के पानी ने अपनी आगोश में ले लिया. सांगली में भी  कृष्णा नदी में भी पानी तेजी से भर रहा है. नदी का पानी खतरे के निशान के करीब कभी भी पहुंच सकता है इसलिए आसपास के इलाकों में लोगों को घर खाली कर सुरक्षित जाने की चेतावनी दी गई है.

उधर, महाराष्ट्र के कोंकण रेलवे मार्ग पर ट्रेन सेवाएं प्रभावित हो गई और करीब छह हजार यात्री फंस गए है. भारी बारिश की वजह से मुंबई सहित राज्य के कई अन्य हिस्सों में रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ है.  कोल्हापुर जिले में भारी बारिश के चलते सड़कों के जलमग्न हो जाने पर करीब 47 गांवों का संपर्क टूट गया है और 965 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा. बारिश से हालात इतने खराब है कि एक महिला सहित दो लोग पानी में बह गए.

कोंकण रेलवे मार्ग प्रभावित होने की वजह से अबतक नौ रेलगाड़ियों का मार्ग परिवर्तन किया गया है या रद्द किया गया है या उनके मार्ग को छोटा किया गया है.भारी बारिश की वजह से कोंकण क्षेत्र की प्रमुख नदियां रत्नागिरि और रायगढ़ जिले में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और सरकारी अमला प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटा है. मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लगातार हो रही बारिश से इन दो तटीय जिलों में उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की है. वहीं भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने तटीय क्षेत्रों के लिए अगले तीन दिन तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतर्क रहने और नदियों के जलस्तर पर नजर रखने एवं लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश दिया है. (ndtv.in)


23-Jul-2021 3:17 PM (19)

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर बैन के मामले NGT के आदेश में दखल देने से इंकार कर दिया है. कोविड के समय जिन इलाकों में हवा की गुणवत्ता खराब है, वहां पटाखों पर बैन रहेगा. कोर्ट ने कहा कि एनजीटी के आदेश में ही स्पष्ट है कि जिन इलाकों में हवा की गुणवत्ता खराब होगी,वहां पटाखों की बिक्री और चलाने पर बैन रहेगा. जिन इलाको में एयर क्वालिटी बेहतर है,वहां इजाज़त दी जा सकती है.  सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के आदेशों के खिलाफ याचिका खारिज की.  

जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने कहा कि पटाखों का स्वास्थ्य पर कितना बुरा असर पड़ता है, इसके लिए किसी अध्धयन या शोध की जरूरत नहीं है. क्या हमें आपके फेफड़ों पर पटाखों के प्रभाव को समझने के लिए IIT की आवश्यकता है?  यह सामान्य ज्ञान है. हम 2017 से एक लंबा सफर तय कर चुके हैं और अब हम महामारी के बीच में हैं 

दिसंबर 2020 में NGT अध्यक्ष न्यायमूर्ति एके गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने उन क्षेत्रों में पटाखों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया था, जहां COVID-19 महामारी के मद्देनजर AQI खराब है. इसने आगे निर्देश दिया था कि क्रिसमस और नए साल के दौरान एक निश्चित अवधि के लिए केवल ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल किया जा सकता है. DM को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था कि प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री नहीं की जाएगी और उल्लंघन के मामलों में मुआवजे की वसूली का अधिकार दिया गया था. (ndtv.in)


23-Jul-2021 3:16 PM (18)

नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस के सांसद शांतनु सेन को अशोभनीय आचरण के कारण राज्यसभा के मौजूदा सत्र में शेष समय के लिए निलंबित किया कर दिया गया है. गौरतलब है कि गुरुवार को उच्‍च सदन में उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव पेगासस मामले पर स्टेटमेंट देने के लिए खडे हुए, इसी दौरान टीएमसी के सांसद शांतनु सेन ने मंत्री के हाथ से स्टेटमेंट का पेपर छीनकर फाड़कर उपसभापति की तरफ उछाल दिया था. इस पर बीजेपी सांसद भी आक्रामक अंदाज में आगे बढ़े थे और टकराव की स्थिति निर्मित हो गई थी. इसी मामले में शांतनु सेन को सस्‍पेंड करने का फैसला किया है. हालांकि विपक्षी सांसदों ने सेन के निलंबन पर ऐतराज जताया है.

विपक्षी सांसद जयराम रमेश, तिरुची शिवा, आनंद शर्मा, सुखेंदु शेखर रॉय और वाइको ने शुक्रवार को राज्यसभा स्थगन के बाद चैयरमेन वेंकैया नायडू से मुलाकात की. सुखेंदु शेखर ने कहा कि आज सदन के बिज़नस में जब उनके निलंबन का मोशन नही था तो कैसे लाया गया. उस पर केंद्रीय मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने कहा कि रूल 29(2) में यह प्रावधान है कि चैयरमेन की अनुमति से सरकार नया बिज़नस ला सकती है. जयराम रमेश ने चैयरमेन से मांग की कि शांतनु सेन को अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए.

सभापति एम वेंकैया नायडू ने शु्क्रवार को बताया था कि बताया कि एक दिन पहले के अशोभनीय आचरण के लिए तृणमूल कांग्रेस के सांसद शांतनु सेन को राज्यसभा के मौजूदा सत्र में शेष समय के लिए निलंबित किया गया है. आज जब राज्‍यसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो फिर हंगामा शुरू हो गया. इसके कारण उच्‍च सदन की कार्यवाही दोपहर 2:30 बजे तक स्‍थगित कर दी गई. इस दौरान राज्‍यसभा के डिप्‍टी चेयरमैन ने कहा, 'शांतनु सेन आपसे अनुरोध है कि आप सदन से बाहर चले जाएं आज सुबह राज्यसभा में एक मोशन पास करके आप को सस्पेंड कर दिया है.' (ndtv.in)
 


23-Jul-2021 3:15 PM (20)

नई दिल्ली : संसद का मॉनसून सत्र जारी है, हालांकि पेगासस, महंगाई, कोविड के मुद्दे पर हालांकि हंगामे के चलते कार्यवाही में विघ्न पड़ रहा है.  लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज सदन में अपील की है. उन्होंने कहा कि कोविड के विषय पर सांसद गंभीरता दिखाएं. कोविड और वैक्सीनेशन पर सदन में हो रही चर्चा गंभीर है. देश जानना चाहता है कि वैक्सीनेशन में भारत की क्या स्थिति है.  बिरला ने सदस्यों के मास्क न लगाने पर भी आपत्ति जताई.  मास्क लगाकर रखें, क्योंकि कोरोना संकट अभी बरकरार है. मास्क नहीं लगाएंगे तो देश में क्या संदेश जाएगा. जनता ने आपको चुनकर भेजा है, कोविड-वैक्सीनेशन जैसे विषयों पर चर्चा आपका दायित्व है. मास्क खोलकर हंगामा-तख्तियां कतई उचित नहीं है. सभी सांसद कोविड गाइडलाइंस का पालन करना चाहिए. हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार  हूं.

बता दें कि संसद का मॉनसून सत्र अभी तक विपक्ष के हंगामे के चलते बुरी तरह प्रभावित रहा है. आज भी विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते दोनों सदनों-राज्‍यसभा और लोकसभा की कार्यवाही स्‍थगित करनी पड़ी. तृणमूल कांग्रेस सहित विभिन्न दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित की गई.

सभापति एम वेंकैया नायडू ने बताया कि एक दिन पहले के अशोभनीय आचरण के लिए तृणमूल कांग्रेस के सांसद शांतनु सेन को राज्यसभा के मौजूदा सत्र में शेष समय के लिए निलंबित किया गया है. हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार स्थगित करने की नौबल आई थी. राज्‍यसभा में उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव पेगासस मामले पर स्टेटमेंट देने के लिए खडे हुए, इसी दौरान टीएमसी के सांसद शांतनु सेन ने मंत्री के हाथ से स्टेटमेंट का पेपर छीनकर फाड़कर उपसभापति की तरफ उछाल दिया था. इस पर बीजेपी सांसद भी आक्रामक अंदाज में आगे बढ़े थे. इसे देखते हुए राज्‍यसभा की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्‍थगित करनी पड़ी थी. (ndtv.in)
 


23-Jul-2021 3:14 PM (16)

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने पेगासस जासूसी मामले की कोर्ट की निगरानी में जांच कराए जाने की कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मांग को ठुकरा दिया है. गृह राज्‍यमंत्री अजय कुमार ने NDTV से बात करते हुए कहा, 'हमने पेगासस स्पाइवेयर मामले में हर चीज को स्पष्ट कर दिया है अब इसमें जांच का कोई विषय नहीं बनता है जो लोग आरोप लगा रहे हैं, वह राजनीतिक रूप से असफल हो चुके हैं अब उनके पास कोई मुद्दा नहीं है.'

गौरतलब है कि कुछ मीडिया ऑर्गेनाइजेशंस ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसमें कहा गया है कि कुछ राजनीतिक नेताओं, सरकारी अधिकारियों, पत्रकारों सहित अनेक भारतीयों की निगरानी करने के लिये इजराइली स्पाइवेयर पेगासस का कथित तौर पर उपयोग किया गया था.पेगासस जासूसी मामले में राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला था उन्‍होंने इस मसले को समूचे भारत पर हमला करार दिया था.राहुल ने कहा था, 'मेरा फोन स्‍पष्‍ट तौर पर टैप किया गया, मैं संभावित टारगेट नहीं हूं.' राहुल ने आरोप लगाया कि उनके सभी फोन टैप किए जा रहे थे और उनके सिक्‍युरिटी मैन को उनकी (राहुल की) हर बात की जानकारी देने के लिए कहा गया था.

संवाददाताओं से बातचीत में राहुल ने कहा था, 'मेरा फोन टैप किया गया. केवल यह फोन नहीं, मेरे सभी फोन टैप किए गए.'गौरतलब है कि इजरायली स्‍पाईवेयर पेगासस की लीक सूची में राहुल गांधी का नाम सामने आया है. राहुल ने यह भी दावा किया कि उनके सुरक्षाकर्मियों ने बताया था कि उनकी बातचीत पर निगरानी रखी जा रही है. उन्‍होंने कहा था, 'मैं भयभीत नहीं हूं. इस देश में यदि आप भ्रष्‍ट और चोर हैं तो आप डरेंगे. यदि आप इनमें से नहीं हैं तो डरने की जरूरत नहीं है. (ndtv.in)
 


23-Jul-2021 2:32 PM (15)

चंडीगढ़ : नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभाली ली है. चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में सिद्धू की ताजपोशी हुई. इस दौरान मंच पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी मौजूद रहे. कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कैप्टन ने बताया कि वह सिद्धू को बचपन से जानते हैं. उन्होंने कहा, 'जब सिद्धु पैदा हुए थे, तब मेरा कमीशन हुआ था.'

अमरिंदर सिंह ने ये बताने की कोशिश कि सिद्धू जब पैदा हुए थे तब से इनके परिवार को जानते हैं. कैप्टन ने कहा, 'साल 1970 में जब मैंने फोज छोड़ी थी तब मेरी माता जी ने मुझे राजनीति में आने की सलाह दी थी. नवजोत सिंह सिद्धू के पिता जी से मेरा तब का रिश्ता है. ये हम दोनों के परिवार की बैकग्राउंड हैं." इसके बाद सिद्धू ने संबोधित करते हुए कहा, 'आज मैं सारे पंजाब के कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रधान बन गया. पंजाब का किसान दिल्ली में बैठा है. जिन किसानों की वजह से सरकारें बनती हैं वो दिल्ली में बैठा है.'

बता दें, सिद्धू और अमरिंदर सिंह के बीच पिछले कुछ समय से टकराव की खबरें आ रही थी. पिछले करीब चार महीनों में पहली बार सिद्धू और सिंह ने आज एक-दूसरे से मुलाकात की. अमृतसर (पूर्व) के विधायक सिद्धू ने पवित्र ग्रंथ की बेअदबी के मामले के लिए मुख्यमंत्री पर निशाना साधा था. मुख्यमंत्री ने सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने का भी विरोध किया था और कहा था कि जब तक सिद्धू उनके खिलाफ अपमानजनक ट्वीट के लिए माफी नहीं मांगेंगे वह उनसे नहीं मिलेंगे. (abplive.com)


23-Jul-2021 2:28 PM (15)

जम्मू : जम्मू पुलिस ने पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की एक और नापाक साजिश को नाकाम करते हुए एक ड्रोन को मार गिराया है. इस ड्रोन में 5 किलो आईईडी लगी हुई थी.

जम्मू के आईजी मुकेश सिंह ने बताया कि गुरुवार रात को जम्मू पुलिस को यह सूचना मिली थी कि पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद जम्मू में ड्रोन के ज़रिए विस्फोटक गिराने वाला है. उन्होंने कहा कि इस सूचना के आधार पर जम्मू पुलिस ने संदिग्ध इलाके में एक एम्बुश लगाया और रात करीब 1 बजे जैसे ही पाकिस्तान की तरफ से यह ड्रोन भारतीय सीमा में करीब 6.5 किलोमीटर अंदर आया और पेलोड गिराने लगा उसी समय इस पर फायरिंग की गई और ड्रोन को गिराया गया.

ड्रोन में हाई क्वालिटी का 5 किलो का आईईडी लगा हुआ था- मुकेश सिंह
मुकेश सिंह ने बताया कि इस ड्रोन में हाई क्वालिटी का 5 किलो का आईईडी लगा हुआ था. उन्होंने कहा कि आईईडी अच्छे तरीके से पैक कर के इस ड्रोन में लगाई गई थी और इस आईईडी के दो तार जोड़ने थे जिसके बाद यह आईईडी सक्रिय हो जाती. मुकेश सिंह ने बताया कि इस ड्रोन का सीरियल नंबर और फ्लाइट कंट्रोल नंबर पिछले साल कठुआ में मिले ड्रोन के सीरियल नंबर और फ्लाइट नंबर से बस एक अंक ऊपर है. जिससे यह साबित होता है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठनों ने बड़ी मात्रा में ड्रोन उड़ाने के लिए सीरियल नंबर और फ्लाइट कंट्रोल नंबर हासिल किए हैं.

भारतीय वायु सेना स्टेशन पर हुआ हमला सीमा पार से किया गया
इस हमले के बाद एक बड़ा खुलासा करते हुए मुकेश सिंह ने दावा किया कि इस ड्रोन से जो स्ट्रिंग पुलिस को मिली है वह स्ट्रिंग एयरपोर्ट स्टेशन पर हुए हमले के दौरान भी सुरक्षा एजेंसियों को मिली है. जिससे यह संदेह होता है जम्मू में भारतीय वायु सेना स्टेशन पर जो हमला हुआ वह भी सीमा पार से किया गया. उन्होंने ने यह भी बताया कि इस ड्रोन को असेंबल किया गया है और इसमें ताइवान और चीन के पुर्जे मिले हैं. उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में ड्रोन के जरिए भारत में भेजे गए 16 एके-47 राइफल, 4 एम 4 यू एस मैगजीन, 15 आईईडी पुलिस में बरामद किए है. (abplive.com)
 


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