राष्ट्रीय

19-Jan-2021 1:38 PM 19

-सुनील कुमार सिंह

मुंबई: छोटी-छोटी ठगी करके अब तक 22 हजार से ज्यादा महिलाओं को ठगी का शिकार बना चुका एक शातिर ठग मुंबई पुलिस के हत्थे चढ़ा है. साइबर पुलिस ने 32 साल के एक ऐसे शातिर ठग को पकड़ा है जो अब तक 22 हजार से ज्यादा महिलाओं को हजारों रुपए का चुना लगा चुका है. हैरानी की बात है कि गिरफ्तार युवक का नाम आशीष अहीर है और पेशे से कंप्यूटर इंजीनियर आशीष लंदन की यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर चुका है.

मुंबई साइबर सेल की डीसीपी रश्मि करंदीकर के मुताबिक उनके पास एक महिला की शिकायत आई थी जिसमें ऑनलाइन शॉपिंग में ठगी की बात थी. इसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई और फिर आरोपी को सूरत से गिरफ्तार कर लिया गया.

पूछताछ में उसने बताया कि लंदन से पढ़ाई करने के बाद सूरत में उसने कपड़ों का कारोबार शुरू किया था लेकिन लॉकडाउन की वजह से उसे काफी नुकसान हुआ. इस वजह से उस पर कर्जे का बोझ बढ़ गया और उसे चुकाने के लिए उसने ठगी का गलत रास्ता चुना.

आरोपी ने खुद ही Shopiiee.com नाम की वेबसाइट बनाई और उसपर अच्छे कपड़े, सस्ते दामों में बेचने का दावा किया. वेबसाइट पर सुंदर और सस्ते कपड़े देख महिलाओं ने ऑनलाइन खरीदना शुरू किया. आरोपी ने कुछ को तो कपड़े भिजवाए लेकिन ज्यादातर के कपड़े भिजवाए ही नही.

अब चूंकि, ठगी भी कुछ हजार रुपयों की ही होती थी इसलिए पुलिस में में जाना ज्यादातर लोगों ने पसंद नही किया और उसकी ठगी चलती रही. लेकिन मुंबई साइबर सेल में शिकायत आने के बाद इसकी जांच की गई, जिससे कि उसकी ठगी उजागर हो गई औऱ अब वो सलाखों के पीछे है.


19-Jan-2021 1:37 PM 12

-संज्ञा सिंह

एक ब्रिटिश व्यक्ति जिसने 230 मिलियन डॉलर के बिटकॉइन के साथ एक हार्ड ड्राइव को कई साल पहले कचरे में फेंक दिया था, लेकिन अब वह उसी बिटकॉइन को ढूंढने की कोशिश कर रहा है और स्थानीय अधिकारियों से डिवाइस लैंडफिल साइट से खोजने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है. मेट्रो समाचार के अनुसार, 2009 में न्यूपोर्ट, वेल्स के एक 35 वर्षीय आईटी इंजीनियर जेम्स हॉवेल्स (James Howells) ने क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrency) का खनन शुरू किया. वह 2013 में अपने कार्यालय की सफाई कर रहा था जब उसने गलती से बिटकॉइन के साथ हार्ड ड्राइव को फेंक दिया था जो अब उसकी किस्मत खोल सकती है.

आज जेम्स हॉवेल्स उस हार्ड ड्राइव को खोजने के लिए कूड़े के ढेर की खाक छान रहे हैं, क्योंकि उसमें 7500 Bitcoins थे, जिनकी कीमत आज 26.94 करोड़ डॉलर (1971 करोड़ रुपए) है. जेम्स हॉवेल्स का कहना है कि उन्होंने गलती से उस हार्ड ड्राइव को फेंक दिया था, जो अचानक हुई घटना थी. आज जब एक-एक Bitcoin की कीमत $36,000 (26.28 लाख रुपए) पर घूम रही है, वो उस हार्ड ड्राइव को खोज रहे हैं. अब जेम्स ने अपने सिटी काउंसिल को ऑफर दिया है कि वो अगर शहर के कचरे में से उस हार्ड ड्राइव को ढूँढ निकालें तो वो नगर प्रशासन को बड़ी रकम देंगे.

जेम्स ने ऐलान किया है कि वो इस रकम का 25% डोनेट कर देंगे, ताकि इसे न्यूपोर्ट के हर एक नागरिक को उसका हिस्सा मिल सके. इस हिसाब से प्रति व्यक्ति को 239 डॉलर्स (17,485 रुपए) मिलेंगे, क्योंकि शहर की जनसँख्या 3.16 लाख है. लेकिन, जेम्स का दुर्भाग्य ये है कि शहर के प्रशासन ने उनकी माँगों को मानना तो दूर की बात, इस सम्बन्ध में उनके साथ बैठक तक करने से इनकार कर दिया.

हॉवेल्स ने कहा है, कि वो अब पर्यावरण के नियमों का पालन करते हुए ‘ग्रिड सेफ्टी रेफेरेंस' से उस हार्ड ड्राइव को कचरे के उसी क्षेत्र में ढूँढ रहे हैं. डेटा रिकवरी स्पेशलिस्ट उस ड्राइव को ठीक कर सकता है, भले ही वो टूट-फूट ही क्यों न गया हो. उन्होंने यहाँ तक कहा है कि जो व्यक्ति उसे खोजने में फंडिंग करेगा, उसे इसका 50% मिलेगा और 25% न्यूपोर्ट के लोगों को देकर वो खुद मात्र 25% ही अपने पास रखेंगे.

प्रशासन का कहना है कि इतनी बड़ी खुदाई और खोज अभियान से वातावरण पर खासा बुरा प्रभाव पड़ेगा. उनका कहना है कि कचरे को वहाँ से हटाने और फिर उसमें खोजबीन करने में ही कई मिलियन पाउंड खर्च हो जाएँगे. (khabar.ndtv.com)


19-Jan-2021 1:30 PM 17

करीब चार लाख लोगों को टीका लगने के बाद भारत बायोटेक ने कहा है कि टीका बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं को नहीं लगाया जाना चाहिए. सवाल उठ रहे हैं कि ऐसे में इस टीके को टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल रखना कितना सही है.

  डॉयचे वैले पर चारु कार्तिकेय की रिपोर्ट

केंद्र सरकार ने सोमवार 18 जनवरी को बताया कि टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक 3,81,305 लोगों को टीका लग चुका है. हालांकि सरकार यह जानकारी नहीं दे रही है कि कितनों को सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड लगाई गई है और कितनों को भारत बायोटेक की कोवैक्सिन, लेकिन केंद्र सरकार के अस्पतालों में सिर्फ कोवैक्सिन ही लगाई जा रही है. लाखों लोगों को टीका लग जाने के बाद सोमवार को भारत बायोटेक ने कहा कि उसका टीका सबके लिए नहीं है.

कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर एक 'फैक्ट-शीट' जारी की जिसमें बताया गया है कि गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कोवैक्सिन नहीं लेनी चाहिए. इसके अलावा जिन्हें कोई अलर्जी हो, बुखार हो, खून बहने से संबंधित कोई बीमारी हो, जिनकी इम्युनिटी कमजोर हो और इनके अलावा और कोई स्वास्थ्य संबंधी गंभीर शिकायत हो उन्हें कोवैक्सिन नहीं दी जानी चाहिए.

कंपनी के इस बयान को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह जानकारी टीकाकरण शुरू करने से पहले सरकार के पास थी और क्या कोवैक्सिन देने के लिए अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को चुनते समय इन बिंदुओं का ख्याल रखा गया था? सरकार ने अभी इस विषय में कुछ नहीं कहा है. सरकार ने बस इतना कहा है कि इनमें से सिर्फ 580 लोगों में कुछ दुष्प्रभाव देखे गए, लेकिन कोई भी मामला गंभीर नहीं है.

सात लोग अस्पताल में भर्ती हैं. टीका लगने के बाद दो लोगों की मौत भी हो गई, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि उनकी मौत का टीके से कोई संबंध नहीं है. लेकिन टीकाकरण अभियान की रफ्तार अब धीमी पड़ रही है. देश के कई हिस्सों में कर्मचारी उतनी संख्या में टीकाकरण केंद्रों में नहीं आ रहे हैं जितनी अधिकारियों को उम्मीद थी.

मीडिया में आई कुछ खबरों के अनुसार दिल्ली के 81 केंद्रों पर सोमवार को तय लाभार्थियों में से सिर्फ 44 प्रतिशत लोग आए. लोक नायक अस्पताल में कार्यक्रम में तीन घंटों की देर हुई क्योंकि वहां सिर्फ दो लाभार्थी टीका लेने आए. एम्स दिल्ली के रेजिडेंट डॉक्टर्स संगठन के पूर्व अध्यक्ष हरजीत सिंह भट्टी ने दावा किया है कि एम्स में भी सिर्फ आठ लाभार्थी कोवैक्सिन लेने आए जबकि तय था 100 लोगों का आना.

मांग उठ रही है कि सरकार जल्द इन आशंकाओं को संबोधित करे और इस बारे में पूरी जानकारी सार्वजनिक रूप से दे.


19-Jan-2021 1:28 PM 11

एक शख्स शिकागो के ओ'हारे हवाई अड्डे पर तीन महीने तक छिपा रहा. उसका दावा है कि उसने कोरोना वायरस से बचने के लिए ऐसा किया और वह डरा हुआ था. आदित्य सिंह नाम का शख्स हवाई अड्डे के प्रतिबंधित सुरक्षा क्षेत्र में रह रहा था.

  dw.com

कैलिफोर्निया के रहने वाले आदित्य सिंह पर गंभीर अपराध के तहत एयरपोर्ट के प्रतिबंधित क्षेत्र में गलत तरीके से दाखिल होने का आरोप लगाया गया है. सिंह पिछले तीन महीने से शिकागो के ओ'हारे हवाई अड्डे पर रह रहा था. 36 वर्षीय सिंह ने पुलिस को बताया कि कोरोना वायरस महामारी के कारण वह यात्रा करने से डर गया था. उस पर एयरपोर्ट के कर्मचारी का बैज चुराने का भी आरोप लगाया गया है. जज ने कहा है कि अगर वे जमानत के लिए एक हजार डॉलर देता है तो उसे छोड़ दिया जाएगा लेकिन उसे दोबारा एयरपोर्ट में दाखिल होने से रोक दिया है.

कुक काउंटी की जज सुजाना ओर्टिज ने चिंता जताते हुए कहा कि कोई सुरक्षित क्षेत्र में बिना किसी के पता चले इतने लंबे समय कैसे रह सकता है. जज ने कहा, "कोर्ट ने इन तथ्यों और परिस्थितियों को कथित अवधि के लिए काफी चौंकाने वाला पाया है." जज ने कहा, "हवाई अड्डे के एक सुरक्षित हिस्से में फर्जी बैज के साथ रहना खतरनाक है और लोगों की सुरक्षित हवाई यात्रा के लिए हवाई अड्डों का पूरी तरह से सुरक्षित होना जरूरी है. मुझे लगता है कि उन कथित आरोप से वह शख्स पूरे समुदाय के लिए खतरा है."

कर्मचारियों को हुआ संदेह पैदा

सुनवाई के दौरान सरकारी वकील कैथलीन हगर्टी ने कहा यूनाइटेड एयरलाइंस के दो कर्मचारियों ने सिंह को देखा और उन्हें शक हुआ. जब कर्मचारियों ने सिंह से पहचान पत्र दिखाने को कहा तो उसने ऑपरेशन मैनेजर का पहचान पत्र दिखाया, हालांकि मैनेजर ने अक्टूबर महीने में ही बैज के गुम होने की शिकायत दर्ज कराई थी. कर्मचारियों ने इसके बाद पुलिस को सूचना दी जिसके बाद सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया.

हगर्टी ने कहा कि सिंह ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि वह "कोविड-19 के कारण घर जाने को लेकर डर गया था." सिंह ने बताया कि उसे बैज एयरपोर्ट पर मिला और अन्य यात्रियों द्वारा दिए गए भोजन के सहारे वह अपना पेट भर रहा था.

बचाव पक्ष के वकील कर्टनी स्मॉलवुड ने कहा कि यह साफ नहीं है कि लॉस एंजेलिस का रहने वाला सिंह शिकागो क्यों आया. स्मॉलवुड के मुताबिक सिंह बेरोजगार है और इस इलाके से उसका संबंध क्या है यह अस्पष्ट है. सिंह को कोर्ट से जमानत मिल गई. उसका कोई अपराधिक रिकॉर्ड नहीं है.

एए/सीके (एएफपी)


19-Jan-2021 1:09 PM 21

नई दिल्ली, 18 जनवरी | कुछ हालिया साबुन विज्ञापनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है, जिसमें उन्होंने कुछ सवाल उठाए हैं, जिसमें पूछा गया है कि क्या मानव त्वचा के लिए कोई सही पीएच उत्पाद है? एक अच्छे साबुन को कौन सी विशेषताएं परिभाषित करती हैं? चलिए शुरू से शुरुआत करते हैं। पीएच (पोटेंशियल हाइड्रोजन) को एक कंसन्ट्रेशन में हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता के रूप में परिभाषित किया गया है। पीएच मान 0 से 14 के बीच होता है। 7 न्यूट्रल प्वॉइंट हैं, 0 सबसे अम्लीय है और 14 सबसे क्षारीय है।

इससे भी महत्वपूर्ण बात यह कि आपकी त्वचा बिल्कुल पीएच 5.5 नहीं है। यह हर किसी के शरीर के अंग, उम्र, आनुवंशिकी, जातीयता, पर्यावरण की स्थिति के रूप में विविधता के आधार पर 4.0 से 7.0 के बीच की सीमा में आता है।

तो, क्या पीएच 5.5 पर तैयार उत्पाद त्वचा के लिए एकदम सही हैं? इसका छोटा सा जवाब है: नहीं। सबसे पहले तो सर्फेक्टेंट, बनावट और अन्य अवयवों जैसे पैरामीटर एक क्लीन्जर की गुणवत्ता को इंगित करते हैं, जो अकेले पीएच से बहुत बेहतर है।

दूसरा यह कि, त्वचा का पीएच सादे पानी से भी साफ करने के तुरंत बाद थोड़ा बढ़ जाता है, यह एक घंटे में अपने हल्के अम्लीय पीएच को बदल देता है। स्वस्थ त्वचा जल्दी से 'एसिड मेंटल' को पुनर्जीवित करती है, त्वचा पर एक सुरक्षात्मक परत और क्लींजर के पीएच द्वारा लंबे समय तक अप्रभावित रहती है। त्वचा पीएच को नियंत्रित करती है, जिससे त्वचा उत्पाद न केवल विभिन्न पीएच स्तर पर, बल्कि समग्र सूत्र के संयोजन में भी कार्य करते हैं। तो मार्केट क्यों पीएच 5.5 उत्पादों को 'सही' बता रहा है? खैर, कुछ प्रकार की त्वचा के लिए (जैसे तैलीय त्वचा) और कुछ त्वचा की स्थिति (जैसे मुंहासे), पीएच में वृद्धि इन त्वचा स्थितियों को बढ़ा सकती है। इनकी बेहतर सफाई के लिए 5.5 पीएच पर होने वाले उत्पाद की उचित व्याख्या हो सकती है।"

भारतीय मानक ब्यूरो के साबुन के लिए अनिवार्य दिशानिर्देश में भी पीएच को बाहर रखा गया है, यह दर्शाता है कि संरचना सुरक्षा और सौम्यता के लिए अधिक प्रासंगिक है। यहां तक कि बीआईएस बच्चे की त्वचा के लिए एक ऐसे साबुन के उपयोग को भी मंजूरी दे देता है, जो सामान्य उपयोग की शर्तों के तहत उनकी सुरक्षा को कम करता है।

इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए डॉ. अपर्णा संथानम (एमडी, डीएनबी) परामर्श त्वचा विशेषज्ञ, सलाहकार और लेखिका ने कहा, "हाल के वैज्ञानिक प्रगति ने त्वचा के स्वास्थ्य में एसिड मेंटल के महत्व को पेश किया है। हालांकि, एक उत्पाद का पीएच त्वचा को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण कारकों में से सिर्फ एक है। पहले से मौजूद त्वचा की स्थिति, पानी की गुणवत्ता, सही उपयोग और संपर्क समय सहित कई अन्य कारक हैं, जो एक उत्पाद का उपयोग करने के बाद एसिड मेंटल में योगदान करते हैं। त्वचा भी इन सभी या किसी भी कारक के संपर्क में आने के बाद पीएच को शारीरिक स्तर पर लाने के लिए मरम्मत और रिस्टोरेटिव मैकेनिज्म करती है। इस तरह इन सभी कारकों को समझना महत्वपूर्ण है, बजाय उनमें से सिर्फ एक के।"

देश भर के स्किनकेयर विशेषज्ञों ने पीएच के मुद्दे पर कई कारकों के अनुसार उत्पाद सुरक्षा और एसिड मेंटल संरक्षण के एकमात्र पैमाने पर फैसला व्यक्त करने को लेकर संदेह व्यक्त किया है, क्योंकि सादा पानी तक इसमें योगदान दे सकते हैं, जो इनके कई कारकों में शामिल है। तो, क्या हम इस आदर्श पीएच को एक सफाई उत्पाद के एकमात्र आदर्श माप के रूप में देख सकते हैं? इसका जवाब है, मात्र पीएच से आगे बढ़कर देखना चाहिए। (आईएएनएस)

 


19-Jan-2021 1:08 PM 22

आगरा, 19 जनवरी | एक 90 वर्षीय महिला माया देवी को 60 वर्षीय बहू ने कथित तौर पर बाह क्षेत्र में झाड़ू से पीटा क्योंकि वृद्ध महिला किसी को बताए बिना घर से बाहर चली गई थी। घटना का एक वीडियो, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, कथित तौर पर माया देवी रोती हुई एक खाट पर लेटी हुई दिखाई देती है और मदद की गुहार लगा रही होती है क्योंकि उनकी बहू मुन्नी देवी उसे पीट रही होती है।

वीडियो का संज्ञान लेते हुए, आगरा पुलिस ने अब सीआरपीसी की धारा 151 (सं™ोय अपराधोंको रोकने के लिए गिरफ्तारी) के तहत मुन्नी देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

महिला को सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) की अदालत में पेश किया गया था और बाद में सोमवार को जमानत पर रिहा कर दिया गया।

के. वेंकट अशोक, पुलिस अधीक्षक (पूर्व) ने संवाददाताओं को बताया कि पीड़िता और आरोपी दोनों विधवा हैं और भाउपुरा गांव में एक साथ रहती हैं।

मुन्नी देवी ने पुलिस को बताया कि वह परेशान थी क्योंकि उसकी सास को बिना बताए बाहर जाने की आदत है और फिर उसे पूरे गांव में उन्हें खोजना पड़ता है।

एसपी ने कहा कि मुन्नी देवी को निर्देश दिया गया है कि वह अपनी सास के साथ दुर्व्यवहार न करें और उसका सम्मान करें। पुलिस ने माया देवी को खिलाया-पिलाया और भविष्य में उनकी मदद का आश्वासन दिया। (आईएएनएस)
 


19-Jan-2021 1:07 PM 19

महोबा (उत्तर प्रदेश), 19 जनवरी | एक दलित लड़की का दुष्कर्म करने और उसकी हत्या करने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। लड़की का शव एक पेड़ से लटका हुआ पाया गया। सर्कल अधिकारी रामप्रवेश राय ने कहा, "18 वर्षीय युवती रविवार दोपहर को सब्जियां खरीदने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। बाद में उसके परिवार के सदस्यों ने उसका शव बेलाताल इलाके में एक पेड़ से लटका पाया।"

पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज की और दलित किशोरी के साथ दुष्कर्म करने और उसे मारने के लिए सोमवार को तीन पुरुषों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

कुलपहाड़ थाना प्रभारी, रविंद्र तिवारी ने कहा कि रोहित, भूपेंद्र और तरुण के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के आरोप और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की गई।

मामले की जांच की जा रही है लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

मृतक की चाची ने पुलिस को बताया कि उनके इलाके में एक व्यक्ति द्वारा उसे परेशान किया जा रहा था, जो पिछले एक महीने से उसे फोन कर रहे थे। (आईएएनएस)


19-Jan-2021 1:04 PM 21

नई दिल्ली, 19 जनवरी | पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, पुड्डुचेरी और केरल के मतदाताओं का मानना है कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के लिए 'सबसे उपयुक्त' व्यक्ति हैं। ये खुलासा आईएएनएस सी-वोटर के सर्वेक्षण से हुआ है। सर्वेक्षण के अनुसार, पुड्डुचेरी में 50.67 प्रतिशत लोग, पश्चिम बंगाल में 54.53 प्रतिशत, तमिलनाडु में 25.59 प्रतिशत, केरल में 36. 51 प्रतिशत और असम में 45.52 प्रतिशत लोगों ने मोदी को पीएम पद के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार माना है।

दिलचस्प बात यह है कि तमिलनाडु में 48 फीसदी मतदाता पूर्व कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। राहुल गांधी 2019 में केरल के वायनाड निर्वाचन क्षेत्र से सांसद के रूप में चुने गए थे।

सर्वेक्षण में पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 45,000 लोगों को शामिल किया गया।

पुडुचेरी में 57.97 फीसदी मतदाता, पश्चिम बंगाल में 62.19 फीसदी, तमिलनाडु में 26.62 फीसदी, केरल में 36.84 फीसदी और असम में 43.62 फीसदी लोग मोदी को सीधे प्रधानमंत्री के रूप में चुनना चाहते हैं।

पश्चिम बंगाल में कोई भी यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी को भारत का प्रधानमंत्री नहीं बनाना चाहता। हालांकि, पुडुचेरी में 1.11 फीसदी मतदाताओं को लगता है कि वह एक प्रधानमंत्री पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार हैं। तमिलनाडु में कुल 9.89 प्रतिशत मतदाताओं ने इसी तरह की राय साझा की, जबकि केरल में 3.61 प्रतिशत और असम में 2.51 प्रतिशत ने इस विचार का समर्थन किया।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पीएम के पद के लिए पुडुचेरी में 10.56 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 5.4 प्रतिशत, तमिलनाडु में 1.85 प्रतिशत, केरल में 4.1 प्रतिशत और असम में 2.51 प्रतिशत मतदाताओं की पसंद हैं।  (आईएएनएस)
 


19-Jan-2021 1:03 PM 18

मनोज पाठक

पूर्णिया, 19 जनवरी (आईएएनएस)| एक ओर जहां प्रतिदिन मानवता को शर्मसार करने वाली घटना प्रकाश में आती रहती है, वहीं बिहार के पूर्णिया में एक कुत्ते के मरने के बाद वफादारी की कीमत मिली, जब उसकी मनुष्य की तरह पूरे विधि विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उसके अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने अश्रुपूर्ण नेत्रों से उसे अंतिम विदाई दी।

अपने पालतू जानवर के प्रति प्रेम और मानवता की अनूठी मिसाल की चर्चा इस क्षेत्र में चारों ओर है। लोग इस कार्य के लिए हिमकर मिश्र की प्रशंसा कर रहे हैं।

पूर्णिया जिले के केनगर प्रखंड के कुंवारा पंचायत के रामनगर में समर शैल नेशनल पार्क के संस्थापक हिमकर मिश्रा ने फार्म के संरक्षण के लिए अनेक नस्ल के कुत्ते पाल रखे हैं। हिमकर मिश्र का सबसे चहेता कुत्ता ब्राउनी था, जिसकी रविवार को मौत हो गई।

मिश्र ने आईएएनएस को बताया कि ब्राउनी इंडियन शीप ब्रीड का डॉग था और हमारे परिवार के एक सदस्य के जैसा था।

उन्होंने बताया, जब मैं मध्य प्रदेश में था तब उस समय 2006 में ब्राउनी को पुणे से एक जानवरों के लिए काम करने वाली संस्था से लाया था तब से आज तक यह मेरे परिवार को सदस्य की तरह रहा।

उन्होंने कहा कि बाद में ब्राउनी को पूर्णिया के फॉर्म हाउस की सुरक्षा की जिम्मेदारी ब्राउनी को दे दी गई। उन्होंने बताया कि वृद्ध होने की वजह से ब्राउनी की रविवार को मौत हो गई और उसका अंतिम संस्कार सोमवार को किया गया।

ब्राउनी की मौत के बाद हिमकर मिश्रा परिवार और फॉर्म के सभी लोगों ने अपने चहेते कुत्ते का अंतिम संस्कार रीति रिवाज से करने का निर्णय लिया और उसकी अंतिम यात्रा निकाली।

हिमकर मिश्रा ने बताया कि जिस जगह ब्राउनी को दफनाया गया है, उस जगह उसकी याद में 'ब्राउनी स्मृति स्मारक' बनाया जाएगा।

हिमकर ने बताया कि ब्राउनी सिर्फ कुत्ता नहीं बल्कि उनके फार्म का रक्षक भी था। वह हम सभी की जिंदगी का एक हिस्सा था, जिसने पूरी वफादारी और ईमानदारी से फार्म की रक्षा की।

उन्होंने बताया कि ब्राउनी स्मारक स्थल को रंग बिरंगे फूलों से सजाकर ब्राउनी पार्क का नाम दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी लोग यहां आएंगे उन्हें यह स्मारक दिखाया जाएगा।

इधर, फॉर्म के प्रबंधक सुबेाध कुमार कहते हैं कि ब्राउनी का जाना बहुत दुखदायी है। उन्होंने अपने जीवनपयर्ंत वफादारी से कार्य किया और फार्म की रक्षा की। उन्होंने कहा कि ब्राउनी फार्म का एक सदस्य बन गया है। बा्रउनी से बच्चे भी काफी प्यार करते हैं।

मिश्र के इस पशु प्रेम की सर्वत्र चर्चा हो रही है तथा पशु प्रमियों का कहना है कि लोगों को मिश्र से आज सीखने की जरूरत है।
 


19-Jan-2021 1:01 PM 21

नई दिल्ली, 19 जनवरी | केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों में सबसे अधिक वोट मिलने का अनुमान है। ये खुलासा आईएएनएस सी-वोटर के राज्यों के सर्वेक्षण से हुआ है। सर्वेक्षण में केरल के सभी 140 विधानसभा क्षेत्रों के 6,000 उत्तरदाताओं को शामिल किया गया।

सर्वे के अनुसार, एलडीएफ को 42.6 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है, जो पिछले विधानसभा चुनावों की तुलना में 1.9 फीसदी कम है।

सर्वेक्षण में कहा गया है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को आगामी विधानसभा चुनावों में 34.6 प्रतिशत वोट शेयर रहने का अनुमान है, जो पिछले विधानसभा चुनावों की तुलना में 4.2 प्रतिशत अधिक है।

भाजपा, जिसे 2016 के विधानसभा चुनावों में 14.9 प्रतिशत वोट मिले थे, उसे 15.3 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है, जो 0.4 प्रतिशत अधिक है।

सर्वेक्षण के अनुसार, अन्य पार्टियों को 8.5 प्रतिशत वोट मिलेंगे, पिछले चुनावों की तुलना में 5.7 प्रतिशत अधिक।

सर्वेक्षण ने बताया है कि एलडीएफ गठबंधन को आगामी विधानसभा में 85 सीटें मिलेंगी, 2016 में प्रबंधित 91 की तुलना में छह कम।

यूडीएफ गठबंधन, जिसने 2016 में 47 सीटें हासिल की थीं, को इस बार 53 सीटें मिलने का अनुमान है। बीजेपी गठबंधन को एक सीट जीतने का अनुमान है। (आईएएनएस)

 


19-Jan-2021 1:00 PM 12

-ललित मौर्य 

एक तरफ जहां कॉफी व्यापार से जुड़ी बड़ी कंपनियां अरबों डॉलर कमा रही हैं, वहीं दूसरी ओर इसकी खेती कर रहे किसान दिन प्रतिदिन और गरीब होते जा रहे हैं। यह जानकारी हाल ही में जारी कॉफी बैरोमीटर रिपोर्ट 2020 में सामने आई है। जिसने इन किसानों पर बढ़ते जलवायु परिवर्तन के खतरे को भी उजागर किया है।

2020 में यह अपनी प्रतिबद्धताओं पर खरा  उतरने में पूरी तरह विफल रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार न तो यह कंपनियां पर्यावरण पर ध्यान दे रही हैं। न ही इन्होने किसानों और खेती की दशा में सुधार लाने के लिए कोई खास प्रयास किए हैं। इन कंपनियों की लिस्ट में नेस्ले, स्टारबक्स, लवाज़्ज़ा, यूसीसी और स्ट्रॉस जैसे नाम शामिल हैं।

पूरी दुनिया में 1.25 करोड़ खेतों में कॉफी उगाई जाती है। इनमें से 95 फीसदी फार्म 5 हेक्टेयर से छोटे हैं जबकि 84 फीसदी का आकार 2 हेक्टेयर से भी कम है| इन छोटे खेतों में दुनिया की करीब 73 फीसदी कॉफी उगती है| हालांकि इन लाखों फार्म्स के बावजूद इनके द्वारा उगाई करीब आधी कॉफी केवल 5 कंपनियों द्वारा निर्यात की जाती है। जिन्हें इसके बाद भूनने के लिए बड़ी कंपनियों द्वारा आयात किया जाता है।

35 फीसदी कॉफी को केवल 10 कंपनियों द्वारा किया जाता है तैयार

विश्व में केवल 10 कंपनियों द्वारा 35 फीसदी कॉफी को रोस्ट किया जाता है| 2019 के आंकड़ों को देखें तो इन कंपनियों ने करीब 4,03,299 करोड़ रुपय (5,500करोड़ डॉलर) कमाए थे। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इस तैयार कॉफी को बेचने से जो आय होती है उसका 10 फीसदी से भी कम इन कॉफी उगाने वाले देशों को मिलता है| उसमें से भी काट छांटकर जो बचता है वो वहां के किसानों की जेबों तक पहुंचता है| ऐसे में उनका गरीब होना स्वाभाविक ही है।

कॉफी से जुड़ी अनेक समस्याओं में से किसानों को उपज की मिलने वाली कम कीमत भी है। जबकि यदि कॉफी उत्पादन के खर्च को देखा जाए तो उसका करीब 60 फीसदी उससे जुड़ी मजदूरी में जाता है। पहले ही इसकी खेती कर रहे किसान गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर कर रहे हैं। ऐसे में न तो यह किसान अपने खेतों पर निवेश कर पाते हैं, न ही अपनी उपज को पर्यावरण अनुकूल बना पाते हैं| उनकी छोटी सी आय में जहां घर चलाना मुश्किल हो जाता है वहां पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन पर निवेश की बात करना तो बेमानी ही लगता है| ऊपर से बाढ़, सूखा, तूफान, कीट और बीमारियां उनकी आय में कमी और खर्चों में इजाफा कर रही हैं| ऐसे में केन्या, अल साल्वाडोर और मेक्सिको  जैसे देशों में जहां बेहतरीन कॉफी पैदा होती है, वहां इसका अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है| जिस तरह से कॉफी की मांग बढ़ रही है उसके चलते भूमि पर दबाव बढ़ रहा है और मांग को पूरा करने के लिए तेजी से जंगलों को काटा जा रहा है।

यह कॉफी उत्पादक देश और बड़ी कंपनियां आपस में मिलकर पर्यावरण और समाज से जुड़ी कई समस्याओं को हल करने में मदद कर सकती है| लेकिन अपने निजी स्वार्थ, नीतियों और योजनाओं के चलते यह स्थानीय मुद्दों से बहुत दूर हो जाते हैं| रिपोर्ट से पता चला है कि इन रोस्टरों और व्यापारियों में से 15 प्रमुख कंपनियां ऐसी हैं जो एसडीजी में अपना कोई सार्थक योगदान नहीं दे रही हैं| न ही पर्यावरण संरक्षण और न ही किसानों और उससे जुड़े लोगों के विकास पर ध्यान दे रही हैं| हालांकि कुछ कंपनियों ने इस विषय पर व्यापक नीतियां बनाई हैं, लेकिन वो अपनी प्रतिबद्धताओं और वादों पर खरी नहीं हैं।

ऐसे में क्या यह उन कंपनियों की जिम्मेवारी नहीं है कि वो कॉफी उत्पादन में लगे किसानों के हितों का भी ध्यान रखें साथ ही साथ ही कॉफी उत्पादन से लेकर उसकी पूरी सप्लाई चेन को दुरुस्त करें जिससे वो पर्यावरण पर कम से कम असर डालें|  (downtoearth.org.in)


19-Jan-2021 12:55 PM 12

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि यदि हमसे भी ऊपर कोई अदालत होती तो हमारे आधे आदेशों को पलट दिया जाता। कोर्ट ने यह टिप्पणी एक किरायेदार को परिसर खाली करने का आदेश देते हुए की।

जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने कहा कि 'अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा पारित प्रत्येक आदेश के खिलाफ अपील दायर करने का एक अंत तो होना ही चाहिए।

पीठ ने साफ शब्दों में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करने में सावधानी बरतनी चाहिए, जब अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा एकसमान रूप से विवाद का निपटारा एक निश्चित वर्ग या पक्ष में किया गया है। पीठ ने कहा है कि सैद्धांतिक रूप में शीर्ष अदालत को तब हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए जब सभी अधीनस्थ न्यायालयों का फैसला समान हो।

पीठ ने कहा, अगर हम हर मामले को अत्यधिक बारीकी व आत्मीयता के साथ देखना शुरू कर दें तो हम वह कर्तव्य नहीं निभा पाएंगे, जिसकी इस अदालत को हमसे अपेक्षा है। निर्णय लेने में कुछ निरंतरता होनी चाहिए और यदि अगर हमने अपवाद बनाना शुरू कर दिया तो यह अपने आप में एक समस्या होगी। पीठ ने यह भी कहा, सुप्रीम कोर्ट द्वारा कुछ निश्चित सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए और इसे चौथे न्यायालय के रूप में हस्तक्षेप करने के लिए नहीं कहा जा सकता है। किसी बिंदु पर तो इसे खत्म होना ही चाहिए। अगर हमारे ऊपर अदालत होती तो हमारे 50 फीसदी आदेश भी पलट दिए जाते।

यह है मामला
शीर्ष अदालत एक किरायेदार की अपील पर सुनवाई कर रही थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने किरायेदार आर्य कन्या पाठशाला को परिसर खाली करने का आदेश दिया था, जिसे उसने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट से पहले अतिरिक्त किराया नियंत्रक और किराया नियंत्रण न्यायाधिकरण ने भी आर्य कन्या पाठशाला को परिसर खाली करने का आदेश दिया था।

याची ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की थी
पाठशाला की ओर से पेश वरिष्ठ वकील पीएस नरसिम्हा ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया क्योंकि यह छात्राओं की पढ़ाई से जुड़ा मसला है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तीनों अधीनस्थ फोरम द्वारा एक जैसा आदेश पारित किया है, ऐसे में हमारे लिए दखल देना उचित नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने अपील खारिज करते हुए 30 जून तक शांतिपूर्ण तरीके से परिसर खाली करने का आदेश दिया। (amarujala.com)


19-Jan-2021 12:52 PM 12

नई दिल्‍ली. भारत में पहचान और पते का सबसे पुख्‍ता दस्‍तावेज आधार कार्ड को माना जाता है. अगर आपको बैंक, पोस्‍ट ऑफिस या किसी भी सरकारी कार्यालय से जुड़ा कोई ऐसा काम है, जिसमें पहचान व पते की दरकार होगी तो आपसे आधार की मांग की जाएगी. ऐसे में यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया आधार कार्ड को लगातार बेहतर बना रही है. इसी क्रम में कुछ समय पहले अथॉरिटी ने ज्‍यादा टिकाऊ पीवीसी आधार कार्ड पेश किए थे. इन्‍हें कोई भी भारतीय नागरिक 50 रुपये का भुगतान कर हासिल कर सकता है. आधार पीवीसी कार्ड को आप एटीएम या डेबिट कार्ड की तरह अपने वॉलेट में रख सकते हैं.

यूआईडीएआई ने ट्वीट कर बताया है कि नए आधार पीवीसी कार्ड पर दिए गए क्‍यूआर कार्ड को स्‍कैन कर आपकी पहचान का तत्‍काल ऑफलाइन सत्‍यापन किया जा सकता है. इससे पहले अथॉरिटी ने बताया था कि नया आधार पीवीसी कार्ड पहले के कार्ड के मुकाबले सुरक्षा के साथ-साथ ड्यूरेबिलिटी में भी बेहतर है. आधार पीवीसी कार्ड आधुनिक सिक्योरिटी फीचर्स के साथ आता है. नए आधार कार्ड की प्रिंटिंग क्वालिटी बेहतर की गई है. UIDAI ने पीवीसी आधार कार्ड में कई सिक्योरिटी फीचर्स भी ऐड किए हैं, जिसमें गिलोच पैटर्न, होलोग्राम, घोस्ट इमेज के साथ माइक्रोटेक्स्ट लगाए गए हैं.

ऐसे बनवाएं आधार पीवीसी कार्ड
>> नया आधार पीवीसी कार्ड के लिए आप यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जाएं.
>> यहां 'My Aadhaar' सेक्शन में जाकर 'Order Aadhaar PVC Card' पर क्लिक करें.
>> इसके बाद आप आधार का 12 डिजिट का नंबर या 16 डिजिट का वर्चुअल आईडी या 28 डिजिट का आधार एनरोलमेंट आईडी डालें.
>> अब आप सिक्योरिटी कोड या कैप्चा भरें और ओटीपी के लिए ​Send OTP पर क्लिक करें.
>> इसके बाद रजिस्टर्ड मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी को दी गई खाली जगह में भरें और सबमिट करें.
>> अब आपको आधार पीवीसी कार्ड का एक प्रिव्यू आपको सामने होगा.
>> इसके बाद आप नीचे दिए गए पेमेंट ऑप्शन पर क्लिक करें.
>> इसके बाद आप पेमेंट पेज पर चले जाएंगे, यहां आपको यहां 50 रुपये की फीस जमा करनी होगी.
>> पेमेंट पूरा करने के बाद आपके आधार पीवीसी कार्ड का ऑर्डर प्रोसेस पूरा हो जाएगा. (news18.com)


19-Jan-2021 12:51 PM 12

महाराष्ट्र में ग्राम पंचायत चुनावों की मतगणना मंगलवार को भी जारी है. अब तक के नतीजों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी ने सबसे ज्यादा 3,263 सीटों पर जीत दर्ज की है. दूसरे नंबर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी है, जिसने 2,999 जीतों पर जीत दर्ज की है. शिवसेना  2,808 सीटों के साथ तीसरे नंबर पर है. कांग्रेस ने भी 2,151 सीट जीती है. कई दिग्गजों को अपने गढ़ में ही हार का सामना करना पड़ा है. हालांकि, चुनाव परिणाम की पूरी जानकारी आज शाम तक आ पायेगी. बता दें, ये चुनाव किसी पार्टी के चिह्न पर नहीं लड़े जाते. इसके बावजूद सभी दल इनमें समर्थकों को जिताकर अपनी जमीन मजबूत करना चाहते हैं.

बीजेपी के इन नेताओं के समर्थित उम्मीदवार हारे
बीजेपी को कुछ झटके भी लगे हैं. प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रावसाहब दानवे पाटिल, कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए राधाकृष्ण विखे पाटिल व राम शिंदे जैसे दिग्गज नेताओं के क्षेत्रों में समर्थिंत उम्मीदवारों को हार का मुंह भी देखना पड़ा है.

अभी तक के आए नतीजों में अहमदनगर के रालेगन सिद्धि में समाजसेवी अन्ना हजारे द्वारा समर्थित 'ग्राम विकास पैनल' ने 9 में से 5 सीट जीतकर अपनी दमदार उपस्थिति बरकरार रखी है. वहीं, बीजेपी विधायक नितेश राणे ने अपनी विधानसभा सीट वैभववाड़ी तहसील के तहत आने वाली पंचायत सीटों पर बीजेपी का दबदबा बरकरार रखा है. कोंकण रीजन की वैभव वाड़ी तहसील की 13 ग्राम पंचायत में से 9 पर बीजेपी ने कब्जा किया है, जबकि सिर्फ 4 पर शिवसेना को जीत मिली है.

पंढरपुर तहसील की 17 ग्राम पंचायत सीटों पर बीजेपी का कब्जा
सोलापुर जिले की पंढरपुर तहसील की 24 ग्राम पंचायत में से 17 ग्राम पंचायत सीटों पर बीजेपी ने कब्जा जमाया है. बीजेपी एमएलसी प्रशांत परिचारक का यह गढ़ माना जाता है. ऐसे ही सोलापुर जिले के अक्कलकोट तहसील के कोर्सेगांव ग्राम पंचायत पर कांग्रेस नेता सिद्धराम म्हेत्रे के राम अरवत पैनल को 9 ग्राम पंचायत में से 8 पर जीत मिली जबकि बीजेपी को यहां करारी मात खानी पड़ी है.

सिंदखेड़ राजा तहसील पर शिवसेना का दबदबा खत्म
विदर्भ के बुलढाणा जिले की सिंदखेड़ राजा तहसील पर शिवसेना का 20 साल का दबदबा को एनसीपी ने खत्म करते हुए 60 फीसदी सीटों पर कब्जा जमाने में कामयाब रही. अम्बरनाथ तहसील के नेवाली की 11 ग्राम पंचायत सीटों में 9 सीट पर बीजेपी ने कब्जा करते हुए शिवसेना को करारा झटका दिया है. औरंगाबाद की पांचोड़ तहसील पर शिवसेना मंत्री संदीपान भुमरे ने कमाल दिखाते हुए 17 ग्राम पंचायत में सभी 17 सीटों पर कब्जा कर लिया है, यहां दूसरे दलों को एक भी सीट पर जीत नहीं मिल सकी है.

सैय्यद पिंपरी ग्राम पंचायत की 6 सीटों पर कांग्रेस की जीत
नासिक की सैय्यद पिंपरी ग्राम पंचायत में 17 सीटों में से छह के लिए परिणाम घोषित किए गए हैं. सभी छह सीटों पर कांग्रेस की ग्राम सभा का पैनल विजयी रहा. वहीं, रत्नागिरी जिले में मतों की गिनती जारी है. तीन सीटों पर फैसला होना बाकी है.

उम्मीद नहीं कि कल बातचीत से कोई हल निकलेगा, 26 को ट्रैक्टर मार्च परेड वाली जगह पर नहीं जाएगा: टिकैत

नागपुर की 129 ग्राम पंचायतों में 65 पर BJP की जीत का दावा
नागपुर जिला बीजेपी अध्यक्ष अरविंद ने दावा किया है कि उनकी पार्टी ने जिले की 129 ग्राम पंचायतों में से 65 में जीत हासिल की है, जबकि समर्थित उम्मीदवारों की 8 सीटों को मिलाकर 8 पंचायतों में जीत हासिल की है. हालांकि, बीजेपी नेता के इस दावे का कांग्रेस और एनसीपी नेताओं ने खंडन कर दिया है.

गढ़चिरौली में 20 जनवरी को होगी मतगणना
महाराष्ट्र के 34 जिलों में 15 जनवरी को 12,711 ग्राम पंचायतों के चुनाव के लिए 79 प्रतिशत मतदान हुआ था. बीते साल 11 दिसंबर को 14,234 ग्राम पंचायतों के चुनाव की घोषणा हुई थी, लेकिन कुछ स्थानीय निकायों में निर्विरोध प्रत्‍याशी चुन लिए थे. राज्‍य का नक्सल प्रभावित जिला गढ़चिरौली की छह तालुकाओं की 162 ग्राम पंचायतों के लिए मतदान 20 जनवरी को किया जाएगा.

निर्वाचन आयुक्त ने एक बयान जारी करते हुए बताया कि , ‘15 जनवरी 2021 को 12,711 ग्राम पंचायतों के लिए मतदान किया गया था. गढ़चिरौली में मतगणना 22 जनवरी को की जाएगी, जबकि अन्‍य जिलों में मतगणना 18 जनवरी को होगी.’ (PTI इनपुट के साथ) (news18.com)


19-Jan-2021 12:48 PM 10

नई दिल्ली: केंद्र सरकार बजट की तैयारियों में जुट गई है. 1 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, ऐसा माना जा रहा है किए इस बार के बजट में सरकार स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित 50 से अधिक वस्तुओं पर आयात शुल्क में 5-10 फीसदी का इजाफा कर सकती है. इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'आत्मनिर्भर भारत' योजना का हिस्सा है. बता दें इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा.

सूत्रों के मुताबिक, माना जा रहा है कि इन उत्पादों के आयात पर इंपोर्ट ड्यूटी 5-10 फीसदी तक बढ़ाई जा सकती है. सरकार की कोशिश गैर जरूरी उत्पादों के आयात पर रोक लगाना है, ताकि मेक इन इंडिया के तहत उन उत्पादों का निर्माण भारत में ही किया जा सके.

फर्नीचर और इलेक्ट्रिक वाहनों पर दिखेगा असर
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ड्यूटी में बढ़ोतरी फर्नीचर और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रभावित कर सकती है. आपको बता दें सरकार के इस कदम से टेस्ला पर भी असर पड़ सकता है क्योंकि इस साल टेस्ला भारत में अपनी कारों को लॉन्च करने की योजना बना रही है.

इन प्रोडक्ट पर बढ़ सकती है ड्यूटी
देशभर में फैले कोरोना वायरस की वजह से सरकार के रेवेन्यु में गिरावट देखने को मिली है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ाकर 20 से 21 हजार करोड़ रुपए का इंतजाम कर सकती है. बता दें बजट में फ्रिज, एसी, फर्नीचर और इलेक्ट्रिक वाहनों पर ये ड्यूटी बढ़ सकती है.

1 फरवरी को पेश होगा बजट
केंद्र की मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा आम बजट 1 फरवरी 2020 को पेश होगा. इस बजट से सभी को काफी उम्मीदें हैं. लेकिन, सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती देश की इकोनॉ‍मिक ग्रोथ को पटरी पर लाना है. आगामी बजट को लेकर सभी लोग अपने-अपने सुझाव दे रहे हैं. इसके साथ ही बजट 2021-22 की चर्चाओं में लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने MyGov प्लेटफॉर्म पर सुविधा दी हुई थी. (news18.com)


19-Jan-2021 12:33 PM 13

शिमला. हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में ट्रिपल तलाक का मामला सामने आया है. 49 वर्षीय पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसके पति ने उसे तलाक के पेपर पकड़ाए, तीन तलाक बोला और मेहर के रुप में 20 हजार रुपये देकर घर से निकाल दिया.

पीड़िता ने मारपीट के भी आरोप लगाए हैं. इस बाबत पीड़िता ने लक्कड़ बाजार चौकी में ट्रिपल तलाक की शिकायत दी है. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. एडिश्नल एसपी प्रवीर ठाकुर ने एफआईआर की पुष्टि की है.

महिला ने लगाए ये आरोप
तीन तलाक पर अगस्त 2019 से रोक लगी है, देश की संसद ने ट्रिपल तलाक को गैर कानूनी और असंवैधानिक करार दिया गया है लेकिन फिर भी शिमला में ये मामला सामने आया है. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसका पति उससे मारपीट करता था. 19 दिसंबर को वह अपने मायके दिल्ली गई थी और 12 दिसंबर को वो शिमला वापस आई. जैसे ही वो अपने घर पहुंची तो दरवाजे पर ही उसके पति ने तलाक के कागजात उसे थमा दिए और ट्रिपल तलाक कहा. पीड़िता ने कहा कि उसके बाद उसके पति ने मेहर के रूप में 20 हजार रुपये थमाते हुए कहा कि उसका इतना ही बनता है और घर से निकाल दिया.
पति ने दूसरी शादी की

पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके पति ने दूसरी शादी भी कर ली है. अब उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं है. फिलहाल मस्जिद का सहारा है. पीड़िता का आरोप है कि इस सब के पीछे उसकी ननद और पति के डॉक्टर बहनोई का हाथ है. महिला ने बताया कि उसका सीनियर एडवोकेट है. मीडिया के साथ बातचीत में पीड़िता ने न्याय की गुहार लगाई है.

ये बोली पुलिस
एडिश्नल एसपी प्रवीर ठाकुर ने कहा कि 13 जनवरी को पीड़िता लक्कड़ बाजार चौकी आई थी. पीड़िता की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज की. उन्होंने कहा कि आरोपी फिलहाल इंटरिम बेल पर है, बेल पर अगली सुनवाई के दौरान पुलिस रिप्लाई फाइल करेगी. (news18.com)


19-Jan-2021 12:32 PM 14

-दिनेश शर्मा

जयपुर. गुजरात के सूरत में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के पीड़ितों के लिये राजस्थान सरकार ने आर्थिक सहायता की घोषणा की है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Ashok Gehlot) ने ट्वीट कर कहा है कि मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए का मुआवजा दिया जाएगा. मुख्यमंत्री सहायता कोष से यह आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी. मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की है. सीएम ने घायलों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की. वहीं पूर्व पीसीसी चीफ सचिन पायलट ने भी ट्वीट कर हादसे पर दुख जताया है.

सूरत में सोमवार देर रात बेकाबू डंपर के कुचलने से फुटपाथ पर सो रहे 15 लोगों की मौत हो गई है. सभी मृतक राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ के बताए जा रहे हैं. मिली जानकारी के मुताबिक सूरत में किम-मांडवी रोड़ पर असंतुलित डंपर ने सड़क किनारे फुटपाथ पर सो रहे मजदूरों को कुचल दिया. इसमें 15 लोगों की मौत हो गई. मृतकों में 6 लोग एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं. घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.

रोजी-रोटी कमाने जाते हैं मजदूर
गुजरात से सटे हुए राजस्थान के जिलों से बड़ी संख्या में मजदूर रोजी-रोटी कमाने के लिए गुजरात जाते हैं. हादसे में जिन मजदूरों की मौत हुई है वे सभी बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ के भगतपुरा, सुनारिया, खेरदा और दौलपुरा के बताए जा रहे हैं. जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार डंपर चालक ने ओवरटेक करने की कोशिश में एक ट्रक को टक्कर मारी. इससे डंपर का संतुलन गड़बड़ा गया और उसने फुटपाथ पर सो रहे मजदूरों को कुचल दिया. पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. डंपर चालक को गिरफ्तार किया जा चुका है. (news18.com)


19-Jan-2021 12:31 PM 11

-शरद पाण्डेय

नई दिल्‍ली. इंटरस्‍टेट ट्रांसपोर्ट की तरह अब पड़ोसी देशों में पैसेंजर  Passenger और गुड्स Goods वाहन चल सकेंगे. सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है, जो तत्‍काल प्रभावी हो गया है. अब वाहन चलाने से पूर्व दोनों देशों को केवल एक एमओयू साइन करना होगा. मंत्रालय ने यह फैसला लगातार मिल रहे सुझाव के आधार पर लिया है.अभी तक पड़ोसी देशों neighbouring countries

में वाहन चलाने से पूर्व कई तरह औपचारिकताएं पूरी करनी होती थीं. इसके तहत कई  मंत्रालयों और विभागों क्‍लीयरेंस लेनी होती थी, जिसमें समय लगता था और कागजी कार्रवाई भी अधिक होती थी. इस संबंध में सड़क परिवहन मंत्रालय के पास सुझाव आ रहे थे.  नए नियम के बाद अब किसी पड़ोसी देश में ट्रांसपोर्ट शुरू करना हो, तो दोनों देश आपस में एमओयू साइन कर तुरंत वाहन चला सकेंगे. सड़क परिवहन मंत्रालय ने पिछले सप्‍ताह नोटिफिकेशन जारी कर चुका है. इस संबंध में बस एंड कार ऑपरेटर्स कंफडरेशन ऑफ इंडिया के अध्‍यक्ष गुरमीत सिंह तनेजा ने कहा क‍ि सरकार के इस फैसले से काफी राहत मिलेगी.अभी जिस तरह एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश बसों का संचालन होता है. इसमें केवल दो प्रदेश के बीच सहमत‍ि  की जरूरत होती है, भविष्‍य में पड़ोसी देशों के बीच भी बसों का संचालन भी इसी तरह हो सकेगा.

पड़ोसी देशों में चल चुकी हैं बस

नई दिल्‍ली और लाहौर वर्ष 2000 में
कोलकाता और ढाका वर्ष 2000 में

अमृतसर और लाहौर वर्ष 2006 में

अमृतसर और नानकसर वर्ष 2006 में


19-Jan-2021 12:31 PM 8

देहरादून. उत्तराखंड में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होना है. उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने बीजेपी के हराने का फॉर्मूला पार्टी को सुझाया है. रावत ने दावा किया कि अगर कांग्रेस उनके इस फॉर्मूले को स्वीकार कर लेगी तो पीएम मोदी का जादू भी राज्य में नहीं चल पाएगा. साथ ही उन्होंने इशारों-इशारों में अपनी दावेदारी भी पेश कर दी है.

आगामी विधानसभा चुनाव पर हरीश रावत ने कहा कि, 'मोदी जी के आने के बाद बीजेपी निकाय चुनाव को भी उनके नाम पर लड़कर लाभ ले रही है. अगर कांग्रेस स्थानीय चेहरा लाती है तो बीजेपी को भी स्थानीय चेहरा लाना पड़ेगा. फिर जनता दोनों चेहरों की खुद तुलना करेगी और मोदी जी गेस्ट आर्टिस्ट के तौर पर आएंगे और अपनी बात कहकर चले जाएंगे.'
मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने पर दिया जोर

कुल मिलाकर, रावत ने राज्य में पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने की जरूरत पर जोर दिया है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर पार्टी उन्हें यह जिम्मेदारी देती है तो इसे पूरी तरह निभाएंगे, लेकिन किसी दूसरे का चयन करती है तो भी वह उसका पूरा सहयोग करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया तो बीजेपी अपने संगठन और धनबल की बदौलत आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पर भारी पड़ सकती है.
बीजेपी की जीत के फॉर्मूले का कोई स्थानीय तोड़ निकालना जरूरी: रावत

रावत ने ट्विटर पर लिखा, 'मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित होने को लेकर संकोच कैसा? यदि मेरे सम्मान में यह संकोच है तो मैंने स्वयं अपनी तरफ से यह विनती कर ली है कि जिसे भी मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर दिया जाएगा मैं, उसके पीछे खड़ा हूंगा. रणनीति के दृष्टिकोण से भी आवश्यक है कि हम बीजेपी द्वारा राज्यों में जीत के लिये अपनाये जा रहे फॉर्मूले का कोई स्थानीय तोड़ निकालें. स्थानीय तोड़ यही हो सकता है कि बीजेपी का चेहरा बनाम कांग्रेस का चेहरा, चुनाव में लोगों के सामने रखा जाए ताकि लोग स्थानीय सवालों के तुलनात्मक आधार पर निर्णय करें. मेरा मानना है कि ऐसा करने से चुनाव में हम अच्छा कर पाएंगे.'

उन्होंने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा, 'पार्टी के अधिकारिक पोस्टरों में मेरा नाम और चेहरा स्थान नहीं पा पाया. मैंने उस पर भी कभी कोई सवाल खड़ा नहीं किया! यहां तक कि मुझे कभी-कभी मंचों पर स्थान मिलने को लेकर संदेह रहता है तो मैं, अपने साथ अपना मोड़ा लेकर के चलता हूं ताकि पार्टी के सामने कोई असमंजस न आये तो आज भी मैंने केवल असमंजस को हटाया है, तो ये दनादन क्यों?'
चेहरा घोषित करने के गिनाए फायदे

रावत का कहना है कि अमरिंदर सिंह को पंजाब में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार करने पर पार्टी को फायदा हुआ. हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम आगे करने पर चुनाव में कांग्रेस बराबर की लड़ाई में आ गई. रावत के मुताबिक, पहले कांग्रेस में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की परंपरा थी, लेकिन फिर इसमें बदलाव कर दिया गया. अब हालात बदल रहे हैं तो इस परंपरा को बदलना चाहिए. चेहरा जल्द घोषित करना चाहिए.

अपने अलावा अन्य नामों के बारे में पूछे जाने पर रावत का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और विधायक की दल की नेता इंदिरा हृदयेश का स्वाभाविक नाम है. कई दूसरे नेता भी हैं. पार्टी इनमें से किसी को भी घोषित करती है तो मैं उसका पूरा सहयोग करूंगा. अब देखना यह है कि पार्टी रावत के फॉर्मूले को कितना तरजीह देती है. (news18.com)


19-Jan-2021 12:30 PM 8

-श्रद्धा वी

चेन्नई. एक दलित जोड़े को अपनी उप-जाति से बाहर शादी करने के लिए उसके गांव की खाप पंचायत ने जुर्माना लगा दिया है. साथ ही उसे मंदिर में भी नहीं जाने रोक दिया गया है. ये घटना उत्तरी तमिलनाडु के तिरूपतुर ज़िले के वाणियम्बाडी में पुल्लूर गांव की है. कनगराज (26) मुरचा परयार उप-जाति का है और जयप्रिया (23) थामना परयार उप-जाति की है और ये दोनों ही उप-जातियां अनुसूचित जाति के तहत आती हैं. चूंकी जयप्रिया के मां-बाप ने इस शादी का विरोध किया था इसलिए इन दोनों ने भागकर चेन्नई में जनवरी 2018 में शादी कर ली थी.

कनगराज चेन्नई में ड्राइवर की नौकरी करता था. कोविड के कारण हुए लॉकडाउन में कनगराज की नौकरी चली गयी और वह अपनी पत्नी के पास पुल्लूर वापस आ गया. खाप पंचायत ने इन दोनों पर पहले ही 2.5 लाख रुपये का जुर्माना लगा रखा था और कहा था कि अगर वह गांव लौटता है तो उसे यह राशि चुकानी पड़ेगी. कनगराज ने कहा, 'हमारे गांव में अपनी जाति के बाहर शादी करने पर जुर्माना लगाए जाने की बात आम है. अमूमन ज़ुर्माने की यह राशि 5000-10,000 होती है पर इस बार मुझ पर एक लाख और मेरी पत्नी पर डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है. मैं 25,000 जुर्माना देने को तैयार था पर उन्होंने यह राशि लेने से मना कर दिया. अब मैंने कोई भी जुर्माना भरने से साफ़ मना कर दिया है. पर खाप पंचायत का प्रमुख मुझ पर दबाव डाल रहा है. जब गांव में त्योहार के दौरान हमने मंदिर में प्रवेश की कोशिश की तो मुझे और मेरी पत्नी को गाँव के मंदिर में जाने से रोक दिया गया. मेरे गांव लौटने के बाद खाप पंचायत की दो बार बैठक हुई है और इसके प्रमुख दबाव डाल रहे हैं कि हमें जुर्माना देना ही होगा.'

पुलिस में शिकायत
कनगराज ने थिमापेट्टै पुलिस थाने में इसके ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करायी है. ज़िला पुलिस के अधिकारी नवंबर में जब लंबित मामलों की सुनवाई कर रह थे तो उन्होंने इस मामले की सुनवाई भी की. कनगराज ने कहा, 'एल्लप्पन और नागेश जो कि खाप पंचायत के प्रमुख हैं, उन्होंने पुलिस जांच के दौरान हम दोनों पर लगाए गए जुर्माने को वापस लेने की बात कही. पर उसके बाद वे अभी भी हमें जुर्माना चुकाने के लिए दबाव डाल रहे हैं.'

खाप पंचायत का आरोपों से इनकार
खाप पंचायत के प्रमुख एल्लप्पन ने दोनों पर कोई जुर्माना लागाये जाने की बात से इंकार किया. उन्होंने कहा, 'इन पर कभी कोई जुर्माना नहीं लगाया गया. इनके दोनों परिवारों के बीच झगड़ा हुआ क्योंकि इन दोनों ने अपने परिवार के लोगों की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ शादी की थी. गांव में हल्ला-गुल्ला करने के आरोप में इन दोनों पर 500 का जुर्माना लगाया गया था. मैं जानता हूं कि गांव के लोग ग़रीब हैं. पंचायत इन पर इतना भारी जुर्माना कैसे लगा सकता है.'

एफआईआर दर्ज
इस बीच, पिछले सप्ताह मंदिर में हुए एक कार्यक्रम के दौरान कनगराज के ससुर पर एल्लप्पन और उसके लोगों ने कथित रूप से हमला कर दिया. कनगराज ने इसके ख़िलाफ़ स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करायी है और इस तरह एक एफआईआर इस मामले में दर्ज किया गया है. इसी मामले को लेकर एल्लप्पन ने भी कनगराज और उसके परिवार के लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कराया है और इस मामले में भी एफआईआर दर्ज कर लिया गया है.

कार्रवाई का इंतज़ार
तिरुपतुर ज़िला के पुलिस अधीक्षक विजयकुमार ने बताया कि जुर्माना लगाए जाने को लेकर कोई शिकायत थाने में लंबित नहीं है और दोनों ही समूह के बीच पैसे का कोई लेनदेन नहीं हुआ है. पुलिस अधीक्षक ने कहा, 'दोनों ही पक्षों ने इस मामले में थाने में शिकायत दर्ज करायी है जो कि मंदिर रैली को लेकर है. हमने दोनों ही पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज कर लिया है. दो महीने पहले हमने दो लोगों को नज़दीक के एक गांव में हिरासत में लिया था क्योंकि उन्होंने इसी तरह का जुर्माना लगाया था. इसलिए अगर इस बारे में कोई शिकायत दर्ज करायी गयी है तो हम इस पर कार्रवाई करेंगे.' (news18.com)