राष्ट्रीय

02-Aug-2021 7:27 PM (33)

नई दिल्ली, 2 अगस्त | केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने जीका वायरस के एक मामले की निगरानी के लिए महाराष्ट्र में एक टीम भेजी है और कोविड-19 के प्रकोप के बीच प्रभावी प्रबंधन में उद्धव ठाकरे सरकार की सहायता की है। पुणे शहर ने जीका मामले की सूचना दी, पड़ोसी केरल ने कुछ रिपोर्ट की है।

महाराष्ट्र ने रविवार को जीका वायरस संक्रमण का पहला मामला दर्ज किया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने रविवार को कहा कि पुणे जिले के पुरंदर इलाके की एक 50 वर्षीय महिला ने भी चिकनगुनिया के लिए पॉजिटिव टेस्ट किया। राज्य के अधिकारियों ने लोगों से घबराने और सुरक्षा सावधानियों का पालन करने की अपील की है।

पहले से जारी कोरोनावायरस महामारी के बीच जीका वायरस के पहले मामले ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम को भेजने के लिए प्रेरित किया है। इसमें क्षेत्रीय निदेशक, पुणे के कार्यालय से एक सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हैं; लेडी हाडिर्ंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली से स्त्री रोग विशेषज्ञ और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मलेरिया रिसर्च (एनआईएमआर), आईसीएमआर नई दिल्ली के एक एंटोमोलॉजिस्ट शामिल हैं।

विशेषज्ञों की टीम राज्य में जीका वायरस की जमीनी स्थिति का जायजा लेगी और आकलन करेगी कि जीका प्रबंधन के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की कार्य योजना को सही तरीके से लागू किया जा रहा है या नहीं। यह जीका के प्रबंधन के लिए आवश्यक सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप की भी सिफारिश करेगा।

पुरंदर तहसील के बेलसर गांव से जुलाई की शुरूआत से बुखार के कई मामले सामने आए।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी), पुणे को टेस्ट के लिए भेजे गए पांच नमूनों में से तीन चिकनगुनिया के लिए पॉजिटिव थे।

पुणे का मामला सामने आने तक इस साल केवल केरल में जीका वायरस संक्रमण के मामले सामने आए थे। केरल में फिलहाल जीका के 63 मामले हैं। एडीज मच्छर जीका वायरस फैलाते हैं। वे डेंगू और चिकनगुनिया के वाहक भी हैं। (आईएएनएस)


02-Aug-2021 7:25 PM (30)

मुंबई, 2 अगस्त | महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने सोमवार को एक बार फिर पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से जारी किए गए समन को दरकिनार कर दिया और वह एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए। जांच से जुड़े ईडी के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, देशमुख ने समन को दरकिनार कर दिया है और अपने वकील के जरिए एजेंसी को दो पन्नों का पत्र भेजा है।

यह तीसरी बार है, जब देशमुख ने मामले के सिलसिले में ईडी के समन को दरकिनार किया है। अधिकारी ने कहा कि वित्तीय जांच एजेंसी ने देशमुख और उनके बेटे ऋषिकेश देशमुख को शुक्रवार को नया समन भेजा था और उन्हें सोमवार को एजेंसी के साथ जांच में शामिल होने के लिए कहा था।

शुक्रवार को, सुप्रीम कोर्ट ने देशमुख को ईडी द्वारा उनके खिलाफ दर्ज धन शोधन मामले में किसी भी कथित जबरदस्ती कार्रवाई से सुरक्षा की मांग करने वाली उनकी याचिका पर गिरफ्तारी से कोई सुरक्षा प्रदान करने से मना कर दिया था और मामले की सुनवाई 3 अगस्त को निर्धारित की थी।

देशमुख, जिन्होंने एजेंसी द्वारा जारी पिछले समन पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं की थी, ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर करते हुए इन समन को चुनौती दी थी और अपने और अपने बेटे दोनों के लिए सुरक्षा मांगी थी।

देशमुख पर मुंबई ऑर्केस्ट्रा बार के एक समूह से जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया गया है और इस मामले की ईडी द्वारा जांच की जा रही है।

यह आरोप लगाया गया है कि कथित तौर पर देशमुख के निर्देश पर अब बर्खास्त हो चुके तत्कालीन मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वाजे द्वारा ऑर्केस्ट्रा बार से जबरन वसूली के रूप में 4.7 करोड़ रुपये एकत्र किए गए थे।

बाद में, यह राशि देशमुख के नागपुर स्थित शैक्षिक ट्रस्ट को उनके बेटे, ऋषिकेश द्वारा स्थानांतरित कर दी गई थी।

आरोप के अनुसार, लेन-देन दो हवाला ऑपरेटरों के माध्यम से किया गया था और इसे दान के रूप में दिखाया गया था।

71 वर्षीय राकांपा नेता ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं और उनके दो बेटे सलिल और ऋषिकेश ट्रस्टी हैं।

11 मई को पूर्व मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और 25 जून को ईडी ने देशमुख के नागपुर, मुंबई और तीन अन्य स्थानों पर आवासों पर छापेमारी की थी।

इस मामले में सीबीआई ने अप्रैल में देशमुख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनके चार परिसरों पर छापेमारी की थी।

मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परम बीर सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे अपने पत्र में आरोप लगाया कि देशमुख ने बेईमानी की और पद का दुरुपयोग करते हुए वाजे से हर महीने 100 करोड़ रुपये की उगाही करने के लिए कहा।

इस हफ्ते की शुरूआत में शुक्रवार को शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी थी और देशमुख के कानूनी वकील से ईडी और महाराष्ट्र सरकार को याचिका की एक प्रति उपलब्ध कराने को कहा था।

ईडी ने इससे पहले देशमुख के निजी सचिव संजीव पलांडे और निजी सहायक कुंदन शिंदे तथा एनसीपी नेता के खिलाफ मुंबई और नागपुर में छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार किया था।(आईएएनएस)


02-Aug-2021 7:24 PM (26)

नई दिल्ली, 2 अगस्त | महिलाओं को लेकर सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी मामले पर दिल्ली महिला आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने दिल्ली पुलिस के साइबर सेल को नोटिस जारी कर आरोपियों की तुरन्त गिरफ्तारी की मांग की है। आयोग ने दिल्ली पुलिस साइबर सेल से एफआईआर की कॉपी भी मांगी है।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि, सोशल मीडिया पर लड़कियों का बलात्कार करने की बातें करने वाले, उनका नंबर सार्वजनिक करने वाले और अश्लीलता फैलाने वाले चार व्यक्तियों की गिरफ्तारी हो।

इसके लिए हमने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। ऐसे अपराधियों के मन में कानून का डर होना बहुत जरूरी है।

दरअसल डीसीडब्ल्यू ने दिल्ली पुलिस को भेजे गए नोटिस में जानकारी दी है कि, आरोपित कुणाल शर्मा, श्रृंगी यादव, सुखदेव सहदेव, राम भक्त गोपाल और विकास शेरावत नाम के पांच लड़के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महिलाओं को लेकर अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं।

वहीं इस मसले पर दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस से जिन लोगों पर कार्यवाही की है उनकी जानकारी मांगी है और दिल्ली पुलिस इसपर क्या कार्यवाही कर रहे हैं, यह भी बताने को कहा है।

इस मसले पर दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस को 5 अगस्त तक जानकारी देने को कहा है।

दरअसल हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ युवकों द्वारा महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी की, इसके अलावा आरोपियों ने महिलाओं के नंबर भी सार्वजनिक किए हैं। इन नंबरों को और सोशल मीडिया पर हुई पोस्ट को हटाने को कहा है।(आईएएनएस)


02-Aug-2021 7:16 PM (35)

विद्रोह समाप्त होने के छह महीने बाद 1 अगस्त को राष्ट्र को संबोधित करते हुए, म्यांमार के सेना प्रमुख ने अगस्त 2023 तक देश में बहुदलीय चुनाव कराने का वादा किया.

(dw.com)  

म्यांमार सेना के प्रमुख मिन आंग हलिंग ने रविवार को एक टेलीविजन संबोधन में कहा कि "कुछ आतंकवादी हमलों" को छोड़कर, देश पिछले छह महीनों में स्थिर रहा है. उन्होंने अगस्त 2023 तक "किसी भी मामले में" बहुदलीय चुनाव कराने का भी वादा किया.

सेना ने 1 फरवरी को नागरिक नेता आंग सान सू ची की पार्टी की सरकार को उखाड़ फेंका और सत्ता पर कब्जा कर लिया. सेना प्रमुख हलिंग ने सू ची की नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) के सदस्यों को "आतंकवादी" कहा और उन पर विद्रोह के बाद से देश में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया. सेना के जनरल ने भी 2023 तक देश से आपातकाल हटाने की घोषणा की.

सेना प्रमुख ने और क्या कहा?

जनरल हलिंग ने देश में लोकतंत्र बहाल करने का वादा किया है लेकिन तारीख तय नहीं की है. उन्होंने कहा, "मैं देश में लोकतंत्र और संघ पर आधारित एक सरकार की स्थापना की गारंटी देता हूं."

सैन्य नेता ने कहा कि "कुछ आतंकवादी हमलों" को छोड़कर पूरा देश पिछले छह महीनों में "स्थिर" बना हुआ है. सैन्य जुंटा ने 2020 के आम चुनाव में सत्ता की अपनी जब्ती को सही ठहराने के लिए धांधली का आरोप लगाया है. सेना ने पिछले चुनाव परिणाम को रद्द कर दिया था.

इस घोषणा का क्या अर्थ है?

सेना ने शुरू में कहा था कि वह तख्तापलट के बाद एक साल तक सत्ता में रहेगी. जनरल हलिंग ने यह भी दावा किया कि तख्तापलट संविधान के दायरे में है. सेना प्रमुख द्वारा चुनाव की घोषणा के बाद अब देश पूरी तरह से सेना के नियंत्रण में है. दूसरी ओर, लोकतंत्र समर्थक और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने विपक्ष के खिलाफ सेना की क्रूर कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि म्यांमार में हिंसा दक्षिण एशिया को अस्थिर कर सकती है. सैन्य जुंटा के विरोध में शनिवार को छात्रों के छोटे समूह सभी प्रमुख शहरों में सड़कों पर उतर आए.

इस बीच आचार संहिता को लेकर देश में दहशत का माहौल है. अस्पतालों में काम कर रहे लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता काम पर नहीं आ रहे हैं, जिससे अस्पताल खाली हैं. विश्व बैंक ने इस साल देश की अर्थव्यवस्था में 18 फीसदी की गिरावट का अनुमान जताया है.

'सेना पर भरोसा नहीं किया जा सकता'

डीडब्ल्यू से बात करते हुए मानवाधिकार कार्यकर्ता मौंग जर्नी ने कहा कि उन्हें स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के सेना के वादे पर संदेह है. उन्होंने कहा, "यह कोई नई बात नहीं है." उन्होंने कहा, "चुनाव के नतीजे में सेना की पसंदीदा पार्टी सरकार बनाने में विफल रहती है, तो वे चुनाव परिणाम रद्द कर देती है."

इस बीच सैन्य जुंटा के प्रमुख ने अपने भाषण के दौरान आसियान के साथ सहयोग की घोषणा की. उन्होंने कहा कि वह "आसियान के ढांचे के भीतर" काम करने के लिए तैयार हैं, जिसमें म्यांमार में आसियान के विशेष दूत के साथ बातचीत भी शामिल है.(dw.com)

एए/सीके (रॉयटर्स,एपी, डीपीए)


02-Aug-2021 7:10 PM (40)

-अमित गंजू

पुलिस कमिश्नर ने सख्त कदम उठाते हुए बेटे और बहू को गिरफ्तार कराकर शांतिभंग की कार्रवाई कराई. इसके बाद उन्हें तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. जबकि बुजुर्ग दंपत्ति की सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मी भी तैनात कर दिए हैं.

कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में तैनात पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने ऐसा कदम उठाया है जिसकी चर्चा पूरे पुलिस महकमे में हो रही है. आंसुओं का सैलाब लेकर कानपुर पुलिस कमिश्नर के कार्यालय में बुजुर्ग दंपति की कहानी ने सभी को हैरान कर दिया. बुजुर्ग दंपति की इस कहानी को सुनने के बाद पुलिस कमिश्नर का दिल भी पसीज गया. इसके बाद वे खुद इन दोनों को साथ लेकर बेटे और बहू के घर पहुंच गए.

दरअसल पूरा मामला चकेरी के जाजमऊ की केडीए कॉलोनी का है. जहां के रहने वाले कलयुगी बेटे ने अपने मां-बाप के साथ पिछले कई वर्षों से मारपीट कर रहा था और बुजुर्ग दंपति को घर से बाहर भी निकाल दिया. पीड़ित मां- बाप ने चकेरी थाने में गुहार लगाई और अपने बेटे व बहू के खिलाफ मुकदमा भी लिखवाया. उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. जब मामला पुलिस कमिश्नर तक पहुंचा तो पुलिस कमिश्नर असीम अरुण पीड़ित बुजुर्ग दंपत्ति अनिल कुमार शर्मा और श्रीमती कृष्णा शर्मा के साथ खुद मौके पर गए और पहले तो उन्होंने की बेटी और बहू को समझाने का प्रयास किया.

बेटा-बहू गिरफ्तार, भेजा जेल
पुलिस कमिश्नर ने सख्त कदम उठाते हुए बेटे और बहू को गिरफ्तार कराकर शांतिभंग की कार्रवाई कराई. उन्हें तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया और बुजुर्ग दंपत्ति की सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मी भी तैनात कर दिया गया. बताया गया है कि बुजुर्ग दंपति को घर से निकालने के बाद बेटे और बहू ने उनका सामान समेट कर, कमरों में अपने ताले डाल दिए थे. फिलहाल इस पहल के बाद से कानपुर की मित्र पुलिस की हर तरफ प्रशंसा हो रही है.

इंसाफ की उम्मीद जगी
वहीं कई बुजुर्ग दंपति जो पिछले कई वर्षों से पीड़ित हैं, उनके लिए इंसाफ कि उम्मीद भी जगी है. इस घटना के बाद से पुलिस कमिश्नर ने भी यह आदेश दिया है कि किसी भी थाना क्षेत्र में यदि इस तरह के मामले आते हैं तो उस को गंभीरता से लिया जाएं और तत्काल बुजुर्ग दंपत्ति को इंसाफ दिलाने का कार्य करें. (news18.com)


02-Aug-2021 7:07 PM (35)

अहमदाबाद. गुजरात के साबरकांठा जिले में एक शादीशुदा पुरूष के साथ मोहब्बत करने का आरोप लगाकर 30 साल की विधवा महिला का कथित रूप से मुंडन करने के आरोप में दो महिलाओं समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने सोमवार को इसकी जानकारी दी. गम्बोई पुलिस थाने के उप निरीक्षक पी पी जानी ने बताया कि यहां से 116 किलोमीटर दूर हिम्मतनगर कस्बे के निकट संचारी गांव में 30 जुलाई को यह घटना हुयी. उन्होंने बताया कि मामले में चार पुरूषों एवं दो महिलाओं को एक अगस्त को गिरफ्तार किया गया.

जानी ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज किये जाने के एक दिन बाद ये गिरफ्तारियां हुयी हैं. जानी ने बताया कि गिरफ्तार किये गये आरोपियों की पहचान वादनसिंह चौहान, राजूजी चौहान, कालूसिंह चौहान, राकेशसिंह चौहान, सुरेखा चौहान एवं सोनल चौहान के रूप में की गयी है. उन्होंने बताया कि इन लोगों के खिलाफ एक महिला का शील भंग करने के इरादे से उस पर हमला करने, आपराधिक धमकी देने और दंगा करने के सिलसिले में मामले दर्ज किए गए हैं.

पुलिस निरीक्षक ने बताया कि आरोपियों ने आरोप लगाया कि महिला का एक शादीशुदा व्यक्ति से रिश्ता है जिसके चार बच्चे हैं. पीड़िता ने शिकायत में बताया कि 30 जुलाई को वह बैंक से वापस लौट रही थी, तभी एक व्यक्ति ने उसे मोटरसाइिकल पर लिफ्ट देने की पेशकश की, क्योंकि वह उसे जानती थी. उस व्यक्ति का विवाह आरोपियों में से एक की बहन के साथ हुआ है.

शिकायत के हवाले से पुलिस ने बताया कि चार आरोपियों ने उन लोगों को रायगढ़ गांव के पास रोका और उनकी पिटाई कर दी तथा बाद में दोनों को संचारी ले गये जहां सभी छह आरोपियों ने मिल कर दोबारा उनकी पिटाई की और विधवा तथा उसे लिफ्ट देने वाले व्यक्ति का सर मुंड़वा दिया. (news18.com)


02-Aug-2021 6:54 PM (51)

 एनडीए सरकार में सहयोगी जनता दल यूनाइटेड के नेता और बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने पेगासस जासूसी मामले की जांच की मांग की है. नीतीश इससे पहले भी इस मामले को लेकर चिंता जता चुके हैं.जांच की मांग से संबंधित सवाल पर बिहार के सीएम ने कहा, 'बिल्‍कुल (जांच) होनी चाहिए. टेलीफोन टैपिंग की बात इतने समय से आ रही है, इस पर जरूर बात हो जानी चाहिए, चर्चा हो जानी चाहिए. हम तो पहले ही दिन पूछे. आजकल तो जानते नहीं कि ये सब चीज कई तरह से कौन कर लेगा, इस पर पूरे तौर पर से एक-एक बात को देखकर उचित कदम उठाना चाहिए मेरे हिसाब से, लेकिन क्‍या हुआ है क्‍या नहीं, यह पार्लियामेंट में कुछ लोग बोल रहे हैं और समाचार पत्र में आ रहे हैं, उसी को हम देखते हैं, जो भी कुछ है उस पर पूरी तरह से जांच होनी चाहिए. ' 

नीतीश ने कहा, 'निश्चित रूप से इस पर मेरी समझ से जांच कर लेनी चाहिए ताकि जो भी सच्‍चाई हो, सामने आ जाए और कभी भी कोई किसी को डिस्‍टर्ब करने के लिए, परेशान करने के लिए इस तरह का काम न करे.'इस मामले में संसद में गतिरोध और ज्‍वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी की मांग पर नीतीश ने कहा कि यह संसद के अंदर की बात है लेकिन सरकार की ओर से जवाब दिया गया है. जब जवाब दिया गया तो उसके बाद क्‍या मामला है, उसकी हम लोगों को पूरे तौर पर जानकारी नहीं है. '

गौरतलब है कि कुछ मीडिया ऑर्गेनाइजेशंस ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसमें कहा गया है कि कुछ राजनीतिक नेताओं, सरकारी अधिकारियों, पत्रकारों सहित अनेक भारतीयों की निगरानी करने के लिये इजराइली स्पाइवेयर पेगासस का कथित तौर पर उपयोग किया गया था.पेगासस जासूसी मुद्दे को लेकर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध दूर नहीं हो रहा और सामान्‍य कामकाज नहीं हो पा रहा. दोनों सदनों में लगातार कार्यवाही टालने की नौबत आ रही है. विपक्ष के हंगामे के कारण सोमवार को भी दोनों सदनों, लोकसभा और राज्‍यसभा की कार्यवाही मंगलवार 11 बजे तक स्‍थगित करनी पड़ी. संसद सत्र 19 जुलाई से प्रारंभ हुआ है लेकिन पेगासस मामले और कृषि कानून के मसले पर विपक्षी सांसदों के हंगामे और विरोध की वजह से ज्‍यादातर समय सदन नहीं चल सका है..विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि संसद में उनकी आवाज को दबाया जा रहा है. सरकार उनकी आवाज को सुन रही है. कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी का कहना है कि कि अगर केंद्र सरकार पेगासस जासूसी प्रकरण पर कुछ सवालों के जवाब दे, तो संसद की कार्यवाही अगले मिनट चलने लगेगी, लेकिन वह इस मुद्दे पर चर्चा से भाग रही है क्योंकि उसके पास छिपाने के लिए बहुत कुछ है. (ndtv.in)
 


02-Aug-2021 6:52 PM (39)

मुंबई, 2 अगस्त: तीसरी लहर के प्रकोप से पहले बच्चों की वैक्सीन तैयार भी हो जाए इसलिए बच्चों पर वैक्सीन की क्लीनिकल ट्रायल जारी है पर मुंबई के अस्पताल में ट्रायल के लिए बच्चे नहीं मिल रहे. जहां 50 बच्चों की ज़रूरत है वहाँ सिर्फ़ 5 बच्चों को ही अब तक वैक्सीन की पहली डोज़ लग सकी है. संभावित तीसरी लहर बच्चों पर ज़्यादा प्रभाव ना डाले इसलिए वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल बच्चों पर भी जारी है. मुंबई में बीएमसी के बड़े अस्पताल में शामिल नायर हॉस्पिटल में 13 जुलाई से 12-17 आयु वर्ग के लिए ज़ायडस कैडिला के Zycov-D वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल शुरू हुआ. 

ट्रायल के लिए 50 बच्चों की ज़रूरत है पर अब तक पाँच बच्चों ने ही रजिस्ट्रेशन करवाकर वैक्सीन की पहली डोज़ ली है. वॉलंटीयर्स को इस वैक्सीन की कुल तीन खुराक चार हफ़्तों के अंतराल में दी जानी है. अहमदाबाद स्थित फार्मा कंपनी जायडस कैडिला की जायकोव-डी पहली DNA बेस्ड वैक्सीन है. ये Covaxin के बाद दूसरा स्वदेशी टीका है. नायर अस्पताल मुंबई का पहला अस्पताल बना, जिसने बच्चों के बीच इस वैक्सीन का क्लिनिकल परीक्षण शुरू किया.

प्रोटोकॉल के मुताबिक ट्रायल के लिए लिखित सहमति के साथ-साथ बच्चों के माता-पिता की ऑडियो-विजुअल सहमति भी जरूरी है. माता-पिता को जागरूक करने के इरादे से अस्पताल ने दो हेल्पलाइन नंबर- 022-23027205 और 23027204 भी शुरू किए हैं. जो माता-पिता अपने बच्चों को परीक्षण में नामांकित करना चाहते हैं, वे इन नंबरों पर कॉल कर अपनी शंकाओं को दूर कर सकते हैं.

नायर अस्पताल के डीन डॉ रमेश भरमाल का कहना है कि संदेह की वजह से और जागरूकता की कमी के कारण, माता-पिता ​​बच्चों के ट्रायल के बारे में पूछताछ तो कर रहे हैं लेकिन बच्चों को लाने से डर रहे हैं. हमें अभी तक केवल पांच बच्चे मिले हैं, जिन्होंने वैक्सीन का पहला शॉट लिया है. माता-पिता को ZyCoV-D के परीक्षण के लिए आगे आना चाहिए. जब तक परीक्षण पूरा नहीं हो जाता, टीकाकरण बच्चों के लिए शुरू नहीं हो पाएगा.

क़रीब एक हफ़्ते पहले ही, 24 जुलाई को मुंबई के दादर में कुछ माओं के साथ समाजसेवियों ने एक धरना दिया था जिसमें बच्चों पर वैक्सीन ट्रायल को लेकर आपत्ति जतायी थी.इधर, बीएमसी का आँकड़ा बताता है कि अब तक 47,104 बच्चे मुंबई में कोविड संक्रमण से गुज़रे हैं. शहर में कुल संक्रमितों में 6.41% कोविड मरीज़, 19 साल से नीचे के रहे. अब सम्भावित तीसरी लहर के प्रकोप से पहले बच्चों का भी टीका तैयार हो इसके लिए ट्रायल जारी है पर बच्चे नदारद.


02-Aug-2021 6:50 PM (53)

गुवाहाटी, 2 अगस्त  : असम के गुवाहाटी में सरेआम रास्ते में छेड़छाड़ कर भागने की कोशिश करने वाले को लड़की ने बहादुरी के साथ दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया. आरोपी छेड़छाड़ करके अपनी स्कूटी से भागना चाह रहा था लेकिन लड़की ने उसे एक इंच भी आगे नहीं बढ़ना दिया. लड़की ने उसकी स्कूटी के पिछले टायर को उपर उठाया और उसे नाली में धकेल दिया. भावना कश्यप नाम की युवती ने इस घटना के बारे में फेसबुक पर पोस्ट शेयर करते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया है.

युवती की फेसबुक पोस्ट वायरल हो गई है, जिसमें उसने युवक का नाम बताया है और उसका वीडियो भी शेयर किया है. गुवाहाटी पुलिस ने ट्वीट करते हुए जानाकरी दी है कि 30 जुलाई की घटना के तुरंत बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

पुलिस ने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया. मामले की जांच करके न्याय दिलाया जाएगा. हम हमारे नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं.'

भावना कश्यप ने अपनी पोस्ट बताया कि घटना शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक की है. आरोपी युवती के पास पहुंचा और उसे रास्ता पूछा. जब उसने कहा कि उसकी आवाज सुन नहीं पा रही है तो वह और करीब आ गया और रास्ता पूछा. इस पर युवती ने बताया कि उसे रास्ता नहीं मालूम है और कहा कि आप किसी और से पूछ लिजिए. इससे अगले ही पल आरोपी ने लड़की के साथ छेड़छाड़ की. 

युवती ने लिखा है, 'एक सेकंड के लिए मैं समझ नहीं पाई कि अभी क्या हुआ है.'

फिर आरोपी ने भागने की कोशिश की तो लड़की ने फुर्ती दिखाते हुए उसे दबोच लिया. युवती ने लिखा, 'मैंने जरा सा भी टाइम गंवाए बिना पूरी ताकत के साथ उसकी स्कूटी को पकड़ लिया. वह अपनी स्कूटी आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा था और मैंने उसकी स्कूटी के पिछले टायर को ऊपर उठा लिया. यह करीब आधे मिनट तक चलता रहा. फिर मैंने उसे पास के नाले में धकेल दिया.'

युवती ने कहा कि अगर मैंने उसे जाने दिया होता तो वह और महिलाओं के साथ ऐसा करता. इसके बाद लोग इकट्ठा हो गए. कुछ देर बाद पुलिस वहां पहुंचा और आरोपी को अपने साथ ले गई. (ndtv.in)

 


02-Aug-2021 6:48 PM (48)

नई दिल्ली, 2 अगस्त: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म e-RUPI की सोमवार को शुरुआत कर दी. इसकी शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'आज देश डिजिटल ट्रांजैक्शन को एक नया आयाम दे रहा है. e-RUPI से यह प्रक्रिया और आगे बढ़ेगी. इससे पारदर्शी और आसान तरीके से डिजिटल ट्रांजेक्शन संभव होगा. सरकार ही नहीं, अगर कोई सामान्य संस्था या संगठन किसी के इलाज में, किसी की पढ़ाई में या दूसरे काम के लिए कोई मदद करना चाहता है तो, वो कैश के बजाय e-RUPI दे पाएगा. इससे सुनिश्चित होगा कि उसके द्वारा दिया गया धन, उसी काम में लगा है, जिसके लिए वो राशि दी गई है.'

साथ ही पीएम ने कहा, e-RUPI एक तरह से Person के साथ-साथ Purpose Specific भी है. जिस मकसद से कोई मदद या कोई बेनिफिट दिया जा रहा है, वो उसी के लिए प्रयोग होगा, ये e-RUPI सुनिश्चित करने वाला है. समय के साथ-साथ e-RUPI में और भी चीजें जुड़ती जाएंगी. जैसे कोई किसी के इलाज में खर्च करना चाहता है, कोई टीबी के मरीज को सही दवाओं और भोजन के लिए आर्थिक मदद देना चाहता है, या फिर बच्चों को भोजन और पर्यावरण से जुड़ी सुविधाएं पहुंचाना चाहता है तो e-RUPI उनके के लिए बहुत सहयोगी होगा.

साथ ही कहा, अगर सरकार द्वारा किताबों के लिए पैसा भेजा गया है, तो e-RUPI सुनिश्चित करेगा कि किताबें ही खरीदी जाएं. यूनीफॉर्म के लिए पैसे भेजे गए हैं, तो उसी के उपयोग में खर्च हो, यदि खाद के लिए पैसे भेजे गए हैं, तो उसमें ही खर्च किए जाएं.

पीएम मोदी ने इसके अलावा कहा कि भारत आज दुनिया को दिखा रहा है कि टेक्नोलॉजी को ग्रहण करने में, उससे जुड़ने में वो किसी से भी पीछे नहीं है. Innovations की बात हो, सर्विस डिलीवरी में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो, भारत दुनिया के बड़े देशों के साथ मिलकर ग्लोबल लीडरशिप देने की क्षमता रखता है.  (ndtv.in)


02-Aug-2021 6:47 PM (34)

पटना, 2 अगस्त :  बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्‍हें (नीतीश को) पीएम (प्रधानमंत्री) पद का मटेरियल बताए जाने संबंधी बयान पर प्रति‍क्रिया दी है. मुख्यमंत्री से जब वरिष्ठ नेता उपेंद्र कुशवाहा द्वारा दिन में इस बारे में की गई टिप्पणी के बारे में भी पूछा गया तो नीतीश ने बिना किसी लागलपेट के कहा, 'हम कल कह चुके हैं.अपने पार्टी के साथी कुछ भी बोल देते हैं. हमारे बारे में ऐसा कहने की जरूरत नहीं है. " गौरतलब है कि नीतीश कुमार के पुराने सहयोगी कुशवाहा कुछ महीने पहले जद(यू) में लौट आए और अपनी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी का पार्टी में विलय कर दिया है.

नीतीश ने कहा, 'हम सेवक है सेवा कर रहे हैं.  यहां की सेवा करते करते मेरे मन में कोई आकांक्षा, कोई इच्‍छा नहीं है.' यह पूछे जाने पर कि आपको क्‍यों लगता है कि आप पीएम पद के लायक नहीं है, नीतीश ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया. दरअसल, कुशवाहा ने कहा था नीतीश कुमार एक प्रधानमंत्री मैटेरियल हैं.' नीतीश ने इसके साथ ही उन अटकलों का भी खंडन किया कि पार्टी के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष कुशवाहा लोकसभा सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​​​ललन सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से वे नाराज हैं. शनिवार को नईदिल्ली में आयोजित जद(यू) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ललन सिंह पार्टी के शीर्ष पद के लिए चुने गए है. उन्होंने आरसीपी सिंह की जगह ली है. आरसीपी सिंह ने केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री बनने के बाद जद(यू) अध्यक्ष पद छोड़ दिया था.

संवाददाताओं से बात करते हुए नीतीश ने  जातिगत जनगणना के मुद्दे पर कहा, 'इस मसले पर क्‍या करना है, क्‍या नहीं करना है, यह तो केंद्र सरकार के ऊपर निर्भर है. इसलिए मिलने से मुझे नहीं लगता कि किसी को ऐतराज होना चाहिए. एक बात तो हो गई है, हम लोग सहमत हैं कि यह मिलना चाहिए. बातचीत कर ही लेंगे. जो भी बात होगी, बाद में सामने आएगा.'(ndtv.in)


02-Aug-2021 6:45 PM (43)

लखनऊ, 2 अगस्त : मुहर्रम के लिए यूपी के डीजीपी की एडवाइजरी पर विवाद हो गया है. शिया धर्म गुरुओं ने कहा कि एडवाइजरी में उन्हें विलेन की तरह पेश किया गया है. इसमें लिखा है कि मुहर्रम में सुन्नी वर्ग के खलिफाओं के लिए शिया अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं. जबकि पिछले चालिस साल में लखनऊ में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है. पुलिस इसे वापस ले क्योंकि इससे शिया-सुन्नी झगड़े कीआशंका है. एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) ने एक बयान जारी कर कहा है कि यह पुरानी एडवाइजरी है जो हर साल जारी होती है. इसका मकसद किसी का अपमान करना नहीं है. 

कर्बला में इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मुसलमान पूरी दुनिया में मुहर्रम में गम मनाते हैं. इस मौके पर यहां काफी पहले हिंसा भी हो चुकी है. इसलिए मुहर्रम से पहले पुलिस को एडवाइजरी जारी होती है. इस बार कोविड की वजह से मुहर्रम के जुलूस पर रोक है. इसकी चार पेज की एडवाइजरी पर मौलानाओं ने ऐतराज किया है. 

शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जावेद ने कहा, 'उन्होंने ये लिखा है कि ये होता है. हो सकता है नहीं. एक चीज होता है कि हो सकता है. उन्होंने लिखा है कि यह सब हुआ करता है. होता रहता है ये. तो ये झूठा इल्जाम है.'

लखनऊ में साल 1977 में मुहर्रम के जुलूस हुई हिंसा के बाद इस पर रोक लगा दी गई थी. बीस साल बाद 1998 में तीन पक्षीय समझौते के बाद फिर जुलूस शुरू हुए. पिछले 23 साल से महुर्रम के जुलूस में कोई झगड़ा नहीं हुआ है. इसलिए मौलाना कह रहे हैं कि 43 साल पहले के बवाल का जिक्र आज कि एडवाइजरी में क्यों किया जा रहा है? 

शिया धर्म गुरु मौलाना सैफ अब्बास ने कहा, मैं तो कहता हूं कि ये ड्राफ्ट करने वाला खुद चाहता है कि अमन-चैन बिगड़े. आज 40 साल बाद उन तमाम चीजों को इस तरह से लिखकर और फिर आम किया जा रहा है. हम अफसोस इजहार करते हैं इस जुबान और इस खत पर.

शिया-सुन्नी दोनों तबकों को करीब लाने के लिए पिछले सात साल में Shoulder to Shoulder संस्था ने ईद-बकरीब के मौकों पर दोनों फिरकों की सांझा नमाज शुरू की है. यही नहीं इसके बैनर तले शिया-सुन्नी मिलकर बड़े मंगल पर और सिख गुरुओं के जन्मदिन पर लंगर और छबील भी लगाते हैं. लेकिन पुलिस कहती है कि यह पुरानी एडवाइजरी है. हर साल वही जारी होती है. इसका मकसद किसी को अपमान करना नहीं है. 

यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार के कहना है, ये एक विभागीय इंटरनल ऑर्डर है, जोकि पूर्व में जो चीजें होती रही हैं या जो ग्राउंड रियलिटी है उसके आधार पर दिया गया है. इसमें किसी भी तरह के समुदाय या धर्म के खिलाफ कुछ भी नहीं कहा गया है. इसमें सिर्फ यह बताया गया है कि जो असामाजिक तत्व हैं, वो सौहार्द बिगाड़ने का काम कर सकते हैं. (ndtv.in)


02-Aug-2021 3:56 PM (19)

नई दिल्ली : बिहार में जातिगत जनगणना को लेकर जदयू के सांसदों ने गृहमंत्री अमित शाह से मिले हैं. जदयू के राष्ट्रीय प्रेसिडेंट ललन सिंह ने कहा कि हम लोगों की मांग शुरू से रही है जाति आधरित जनगणना की और बिहार की विधानसभा ने दो बार 1919 और 2019 में और 2020 में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करके केंद्र सरकार को भेजा है. उसमें हमारी पार्टी भी रही और बीजेपी भी और राजद भी.पहले हमने पीएम से समय मांगा था तो उनके यहां से सूचना आई कि गृहमंत्री से मिलकर ज्ञापन दें. हमारे लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य उनसे मिले हैं. गृहमंत्री ने कहा है कि इस पर चर्चा करेंगे.

ललन सिंह ने आगे कहा कि हमारी मांग जाति आधारित जनगणना की है . 1931 में जाति के आधार पर जनगणना हुई उसके बाद आज तक नहीं हुई. अब जो दावे होते है उसको जोड़ लिया जाए तो हिंदुस्तान की आबादी तीन गुना हो जाएगा. किसी वर्ग के लिए नीति बनाते है इसलिए भी यह जानना जरूरी है. हम नहीं जानते है कि बीजेपी के नेता सहमत हैं या नहीं, लेकिन बिहार की विधानसभा ने 2019 और 2020 में दो बार प्रस्ताव किया है और सर्वसम्मति से किया है. उसमें बीजेपी भी शामिल थी.

इससे पूर्व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को एक बार फिर दोहराया कि जातिगत जनगणना होनी चाहिए और सोमवार को इस सम्बंध में एक पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखेंगे और उनसे इस मुद्दे और बिहार के सभी दलों के सदस्यों के साथ मिलने का समय भी मांगेंगे. उन्होंने यह बात दिल्ली से बिहार लौटते वक्त कही.

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी में कोई मतभेद नहीं हैं और सब एकजुट हैं. जहां तक ललन सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का सवाल हैं वो समता पार्टी के स्थापना से सक्रिय रहे हैं. बता दें, जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह शनिवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए. ललन सिंह ने आर सी पी सिंह की जगह ली है. आरसीपी सिंह ने केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री बनने के बाद जद(यू) अध्यक्ष पद छोड़ दिया था. (ndtv.in)
 


02-Aug-2021 3:53 PM (26)

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने सागर धनखड़ हत्याकांड में ओलिंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार और अन्य के खिलाफ दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में चाजशीट दाखिल कर दी है. जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में सुशील कुमार समेत 20 लोगों को आरोपी बनाया है. इसके से 15 आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है जबकि 5 फरार है. पुलिस की तरफ से 50 लोगों को गवाह बनाया गया है, आपको बता दें कि वर्चस्व की लडाई में 4/5 मई की दरिमयानी रात को सागर पहलवान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, ओलिंपिक पदक विजेता सुशील कुमार (38) और उनके सहयोगी अजय उर्फ सुनील (48) को मुंडका से गिरफ्तार किया गया था. सागर हत्‍या मामले के कुछ दिनों बाद, सुशील का और उनके दोस्तों का पहलवान को लाठियों से पीटते वक्त का एक वीडियो का स्क्रीनग्रैब सामने आया था. इस तस्वीर में सागर धनखड़ खून से लथपथ जमीन पर लेटा दिखाई दे रहा था. गंभीर पिटाई की वजह से उसकी बाद में मौत हो गई थी. पुलिस का मानना है कि कि सुशील कुमार ने अपना दबदबा बनाने के लिए घटना का वीडियो अपने दोस्त से बनवाया था. इस तस्वीर में घायल पहलवान 23 वर्षीय सागर रत्न जमीन पर गिरे पड़े दिखाई दे रहे थे. जबकि सुशील कुमार और तीन अन्य ने उन्हें घेर रखा था. सुशील ने 2008 बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक और 2012 के लंदन ओलंपिक में रजत पदक जीता था.

सागर धनकड़ की हत्‍या के मामले में पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई थीं. इस रिपोर्ट के अनुसार, सागर के शरीर पर कई जगह चोट के नीले निशान पड़े हुए थे और उस पर किसी नुकीली/भारी चीज (ब्लंट-ऑब्जेक्ट) से वार किए गए थे. सागर के शरीर पर कई जगह चोट के नीले निशान पड़े हुए थे. सर से लेकर घुटने तक चोट के निशान पाए गए . पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ है कि किसी ब्लंट-ऑब्जेक्ट से उस पर वार किया गया क्योंकि शरीर और 1 से 4 सेंटीमीटर के गहरे जख्म मौजूद थे. ये ज़ख्म इतने गहरे थे कि हड्डियों तक चोट पहुंची थी. छाती और पीठ पर 5×2 cm और पीठ पर 15x4 cm के ज़ख्म पाये गए थे.डॉक्टरों की राय थी कि शरीर पर पाए गए सभी चोट के निशान मौत से पहले के हैं . (ndtv.in)


02-Aug-2021 3:50 PM (23)

मुंबई: महाराष्ट्र में कोरोना वैक्सीन ले चुके लोगों को लोकल ट्रेनों (Local Trains Travel) में सफर करने देने की इजाजत का मुद्दा बांबे हाईकोर्ट पहुंच गया है. हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार से पूछा है कि कोरोना टीके की दोनों खुराक ले चुके लोगों को लोकल ट्रेनों में यात्रा करने देने की अनुमति क्यों नहीं दी जा सकती. हाईकोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के दौरान सवाल किया कि कोरोना वायरस के इनफेक्शन को रोकने वाली वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके लोगों को मुंबई में लोकल ट्रेनों में यात्रा करने की मंजूरी देने में क्या दिक्कत है.

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि अगर कोरोना रोधी टीके की खुराक लेने के बाद भी नागरिकों से घरों के अंदर रहने की उम्मीद की जाती है तो टीके की दोनों खुराक लेने का मतलब ही क्या है. हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के एडवोकेट जनरल आशुतोष कुंभकोणि के विचार पर यह सवाल किया. कुंभकोणि ने पीठ को सूचित किया था कि महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन प्राधिकार सभी वकीलों, न्यायिक क्लर्क और अदालत के कर्मचारियों को लोकल ट्रेनों में यात्रा करने की अनुमति देने के पक्ष में नहीं है.

इस समय केवल फ्रंटलाइन के कर्मचारी और सरकारी कर्मचारियों को ही लोकल ट्रेनों का इस्तेमाल करने की अनुमति है. अदालत वकीलों और आम लोगों की ओर से दाखिल जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी. इसमें वकीलों को अदालतों और अपने कार्यालयों तक पहुंचने के लिए लोकल ट्रेनों और मेट्रो से यात्रा की मंजूरी देने का अनुरोध किया गया है.

मामले की अगली सुनवाई पांच अगस्त को होगी.

महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों में कमी तो आई है. कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ये एक लाख के करीब तक पहुंच गए थे. लेकिन अब यह रोजाना 6-7 हजार के करीब रह गए हैं. मुंबई में भी कोरोना वायरस के कहर में काफी कमी देखी गई है. (ndtv.in)


02-Aug-2021 3:42 PM (17)

चंडीगढ़ : पंजाब में सोमवार से सभी कक्षाओं के लिए स्कूलों को फिर से खोल दिया गया है. इससे पहले साल के शुरू में प्री-प्राइमरी स्तर की कक्षाओं के लिए कुछ महीनों के लिए स्कूल खोले गए थे.राज्य सरकार ने शनिवार को दो अगस्त से सभी कक्षाओं के लिए स्कूलों को फिर से खोलने की अनुमति दे दी. उसने कोरोना वायरस के मामलों की घटती संख्या के मद्देनजर कोविड प्रतिबंधों में और ढील दी है.

अधिकारियों ने कहा कि राज्य भर में सभी कक्षाओं के लिए स्कूल फिर से खुल गए. इससे पहले, पंजाब में प्री-प्राइमरी और कक्षा पहली और दूसरी के लिए स्कूल करीब 10 महीने बंद रहने के बाद इस साल फरवरी में फिर से खोले गए थे. पिछले साल मार्च में कोविड-19 महामारी के प्रकोप के बाद स्कूलों को बंद कर दिया गया था.

दो अगस्त से सभी कक्षाओं के लिए स्कूलों को फिर से खोलने का निर्णय लेने से पहले, सरकार ने 26 जुलाई से कक्षा 10वीं से 12वीं के लिए स्कूलों को फिर से खोलने की अनुमति दे दी थी. स्कूल फिर से जाने के लेकर बच्चे उत्साहित दिखे.
लुधियाना में लंबे अंतराल के बाद फिर से स्कूल जाने को लेकर बच्चे खुश दिखे. लुधियाना के डीएवी पब्लिक स्कूल बीआरएस नगर में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली रिधी ने स्कूलों को फिर से खोलने के फैसले पर खुशी का इज़हार किया. उन्होंने कहा, “ हम घर में रह-रह कर उकता गए थे.” कुछ अभिभावक ऐसे हैं जिन्होंने महामारी के बीच फिर से स्कूल खोलने पर आशंका व्यक्त की हैं.

दीपक सोनी के पोते-पोती लुधियाना के सेंट पॉल मित्तल स्कूल में पढ़ते हैं. उन्होंने पूछा, “क्या कोविड-19 महामारी खत्म हो गई? क्या यह स्कूलों को फिर से खोलने का सही वक्त है?”

पंजाब की मुख्य विपक्षी पार्टी आम आदमी पार्टी (आप) ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को फिर से खोलने के फैसले को लेकर व्यक्त की गई चिंताओं पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है. विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने राज्य सरकार से पूछा कि " डॉक्टरों और शिक्षा विशेषज्ञों की किस रिपोर्ट के आधार पर इतना बड़ा निर्णय लिया गया है.”

चीमा ने कहा कि यह 60.5 लाख बच्चों के जीवन से जुड़ा फैसला है, जो राज्य की कुल आबादी का 20 फीसदी है और पंजाब के भविष्य से भी जुड़ा है. पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने रविवार को कहा था कि स्कूलों का समय पहले जैसा ही रहेगा, जो सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक होता है. अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूलों में भेजने के लिए लिखित सहमति देनी होगी. (ndtv.in)
 


02-Aug-2021 3:41 PM (18)

नई दिल्ली: रिकार्ड टीकाकरण से लेकर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह बढ़ने और तोक्यो ओलिंपिक में बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू तथा महिला व पुरुष हॉकी में भारत के शानदार प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने सोमवार को कहा कि ये घटनाएं आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर मनाए जा रहे ‘‘अमृत महोत्सव'' की शुरुआत के साथ ही हर भारतीय का दिल जीत रही हैं.

प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘अगस्त के महीने में प्रवेश और अमृत महोत्सव की शुरुआत के साथ ही हमने कई सारी ऐसी घटनाएं देखी जो हर भारतीय का दिल जीतने वाली हैं. रिकार्ड टीकाकरण हुआ है और जीएसटी संग्रह भी बढ़ा है जो आर्थिक गतिविधियों के मजबूत होने की ओर संकेत करता है.'' एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘‘पीवी सिंधू ने ना सिर्फ पदक जीता बल्कि हमने ओलिंपिक के पुरुष और महिला हॉकी में भारतीय टीम के ऐतिहासिक प्रयास भी देखे.''

प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि ‘‘अमृत महोत्सव'' के अवसर पर भारत को नयी ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए 130 करोड़ भारतीय कड़ी मेहनत जारी रखेंगे.''ज्ञात हो कि रविवार को जीएसटी संग्रह जुलाई महीने में 33 प्रतिशत बढ़कर 1.16 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. राजस्व के इन आंकड़ों से पता चलता है कि अर्थव्यवस्था का पुनरुद्धार तेजी से हो रहा है. जुलाई, 2020 में जीएसटी संग्रह 87,422 करोड़ रुपये रहा था. इससे पिछले महीने यानी जून, 2021 में जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ रुपये से कम यानी 92,849 करोड़ रुपये रहा था.

यह चालू वित्त वर्ष में जीएसटी संग्रह का दूसरा सबसे ऊंचा आंकड़ा है. इससे पहले अप्रैल में जीएसटी संग्रह 1.41 लाख करोड़ रुपये रहा था. बीते जुलाई महीने में 13 करोड़ लोगों का टीकाकरण किया गया.  भारतीय पुरुष हॉकी टीम के 49 वर्ष बाद ओलंपिक सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद सोमवार को महिला टीम ने आस्ट्रेलिया की विश्व में नंबर दो टीम को 1-0 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई. (ndtv.in)
 


02-Aug-2021 3:39 PM (17)

लखनऊ : यूपी में इंटरमीडिएट स्कूल अगस्त मध्य से 50 फीसदी क्षमता के साथ खुलेंगे, कॉलेज-यूनिवर्सिटी भी 1 सितंबर से खोले जाएंगे. उत्तर प्रदेश सरकार (Yogi Adityanath ) ने कोरोना के मामले लंबे समय से 100 से कम होने को देखते हुए यह फैसला लिया है. पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड जैसे राज्य पहले ही दो अगस्त से स्कूल-कॉलेज खोल चुके हैं. जबकि दिल्ली सरकार ने भी स्कूल खोलने के लिए भी अभिभावकों, छात्रों और विद्यालय प्रबंधन के बीच रायशुमारी कराई है. स्कूल-कॉलेजों और यूनिवर्सिटी को कोरोना संबंधी गाइडलाइन का पालन करने को कहा गया है. यूपी बोर्ड के परीक्षा परिणाम पहले ही घोषित हो चुके हैं.

एएनआई के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में 16 अगस्त से इंटरमीडिएट के स्कूल खोले जाएंगे. लेकिन एक दिन में 50 फीसदी क्षमता के बराबर ही छात्र उपस्थित होंगे.यानी छात्र एक-एक दिन छोड़कर स्कूल जाएंगे. जबकि कॉलेज और विश्वविद्यालयों को 1 सितंबर से खोलने का फैसला किया गया है. राज्य सरकार ने कॉलेज और विश्वविद्यालयों से प्रवेश प्रक्रिया 5 अगस्त से प्रारंभ करने को कहा गया है. गौरतलब है कि यूपी बोर्ड ने रविवार को ही 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों का ऐलान किया था. इसमें दोनों ही क्लास में 99 फीसदी से ज्यादा छात्र उत्तीर्ण हुए थे. यूपी बोर्ड की 10वीं में करीब 30 लाख और 12वीं में 26 लाख से ज्यादा छात्र हैं. 

गौरतलब है कि ज्यादा राज्यों के शिक्षा बोर्डों ने 10वीं और 12वीं के नतीजों का ऐलान कर दिया है. सीबीएसई बोर्ड ने भी आंतरिक मूल्यांकन के बाद परीक्षाओं के नतीजे घोषित कर दिए हैं. इस बार कोरोना महामारी के कारण यूपी, सीबीएसई औऱ कई अन्य राज्यों के शिक्षा बोर्ड ने 10वीं और 12वीं के एग्जाम कैंसल कर दिए थे. इसके बाद आंतरिक मूल्यांकन के तहत परिणाम घोषित किए गए हैं. (ndtv.in)
 


02-Aug-2021 3:38 PM (20)

राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि देश को इस समय पूंजीवाद और संप्रदायवाद नहीं बल्कि लोकसमता एवं समाजवाद की जरूरत है. उन्‍होंने यह विचार समाजवादी पार्टी के संस्‍थापक मुलायम सिंह यादव से मुलाकात के बाद एक ट्वीट में जाहिर किए. अपने ट्वीट में लालू यादव ने लिखा, 'देश के वरिष्ठतम समाजवादी साथी मुलायम सिंह से आज मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम जानी. गाँव-देहात, खेत-खलिहान, ग़ैर-बराबरी, अशिक्षा, किसानों, गरीबों युवाओं व बेरोजगारों के लिए हमारी साझी चिंताएं और लड़ाई है. आज देश को पूंजीवाद और संप्रदायवाद नहीं बल्कि लोकसमता एवं समाजवाद की अत्यंत आवश्यकता है.'

बिहार और देश के प्रमुख नेता लालू की मुलायम के साथ  इस मुलाकात के दौरान मुलायम के पुत्र और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी उपस्थित रहे. गौरतलब है कि मुलायम सिंह यादव पिछले कुछ समय से स्‍वास्‍थ्‍यगत समस्‍याओं का सामना कर रहे हैं और जुलाई माह के प्रारंभ में ही उन्‍हें गुरुग्राम के मेदांता अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था. वे लालू यादव के रिश्‍तेदार भी हैं. यूपी के कद्दावर नेता मुलायम सिंह तीन बार राज्‍य के मुख्‍यमंत्री का पद संभाल चुके हैं. वे 1 जून 1996 से 19 मार्च 1998 तक देश के रक्षा मंत्री का पद भी संभाल चुके हैं. पिछले साल अक्‍टूबर माह में मुलायम कोरोना संक्रमित भी हो गए थे. (ndtv.in)
 


02-Aug-2021 3:36 PM (17)

नई दिल्ली : आईपीएस अफसर राकेश अस्थाना (Rakesh Asthana) की दिल्ली पुलिस कमिश्नर के तौर पर नियुक्ति के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 5 अगस्त को सुनवाई कर सकता है. सुप्रीम कोर्ट की सूची के मुताबिक, मुख्‍य न्‍यायाधीश (CJI) एनवी रमना और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच सुनवाई करेगी. गौरतलब है कि राकेश अस्थाना की दिल्ली पुलिस कमिश्नर के तौर पर नियुक्ति को शीर्ष अदालत में चुनौती दी गई है. वकील एमएल शर्मा ने इस संबंध में याचिका दाखिल की है, इसमें अस्थाना की नियुक्ति रद्द करने की मांग की गई है. वकील एमएल शर्मा ने इस मामले में पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह और गृह मंत्रालय के अफसरों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही की मांग की है.

याचिका में कहा गया है कि अस्थाना को रिटायर होने से चार दिन पहले दिल्ली पुलिस कमिश्नर नियुक्त करना सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है. अस्‍थाना को रिटायरमेंट से चंद दिन पहले दिल्‍ली का पुलिस आयुक्‍त नियुक्‍त किए जाने के मामले में सियासत भी गर्मा गई है. दिल्ली विधानसभा में पिछले सप्‍ताह गुरुवार को अस्‍थाना की दिल्‍ली के पुलिस कमिश्‍नर के तौर पर नियुक्ति के खिलाफ प्रस्‍ताव पारित किया था और गृह मंत्रालय से नियुक्ति का आग्रह किया था. (ndtv.in)