राष्ट्रीय

02-Aug-2020 5:44 PM

नई दिल्ली, 2 अगस्त | ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी छोड़ने और सचिन पायलट के बगावती तेवर अपनाने के बाद पार्टी को आत्म निरीक्षण की सलाह देने वाले कांग्रेस सांसद राजीव सातव ने अब उन्हें समझाने वाले नेताओं पर शरो-शायरी के जरिए हमला किया है. इस ट्वीट में उन्होंन अपने "सब्र के इम्तिहान" की बात कही है. कांग्रेस की वर्चुअल बैठक में पार्टी को घर से आत्म निरीक्षण की शुरुआत की बात कहने वाले राजीव सातव ने लिखा, "मत पूछ मेरे सब्र की इन्तेहा कहां तक है, तू सितम कर ले, तेरी ताक़त जहां तक है, व़फा की उम्मीद जिन्हें होगी, उन्हें होगी, हमें तो देखना है, तू ज़ालिम कहां तक है."

दरअसल पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने राजीव सातव द्वारा आत्म निरीक्षण की बात कहे जाने पर ट्विटर पर लिखा था, ‘‘भाजपा 2004 से 2014 तक 10 साल सत्ता से बाहर रही. लेकिन उन्होंने उस समय की हालत के लिए कभी अटल बिहारी वाजपेयी या उनकी सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया.''उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस में दुर्भाग्य से कुछ दिग्भ्रमित लोग राजग और भाजपा से लड़ने के बजाय डॉ मनमोहन सिंह नीत संप्रग सरकार पर छींटाकशी कर रहे हैं. जब एकता की जरूरत है, वे विभाजन कर रहे हैं.''

उधर कांग्रेस के नेताओं के ट्विटर वार पर पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "ट्विटर-ट्विटर न खेलें साथी, मिल कर मोदी सरकार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएं." 

बहस और आगे बढ़ गई जब तिवारी के जवाब में कांग्रेस के पूर्व सांसद मिलिंद देवड़ा ने कहा, ‘‘बहुत सही कहा, मनीष. 2014 में पद छोड़ते समय डॉ मनमोहन सिंह ने कहा था, ‘‘इतिहास मेरे प्रति उदार रहेगा''.''देवड़ा ने ट्वीट में कहा, ‘‘क्या कभी उन्होंने कल्पना भी की होगी कि उनकी ही पार्टी के कुछ लोग देश के प्रति उनकी सालों की सेवा को खारिज कर देंगे और उनकी विरासत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे. वह भी उनकी मौजूदगी में?''

एक अन्य पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने तिवारी और देवड़ा के सुर में सुर मिलाते हुए कहा, ‘‘संप्रग के क्रांतिकारी दस सालों को दुर्भावनापूर्ण विमर्श के साथ कलंकित कर दिया गया. हमारी हार से सीखने को बहुत सारी बातें हैं और कांग्रेस के पुनरुद्धार के लिए बहुत मेहनत करनी होगी. लेकिन हमारे वैचारिक शत्रुओं के मनमाफिक चलने पर ऐसा नहीं हो सकता.''

बता दें कि राजीव सातव ने इस बहस को उस समय जन्म दिया जब उन्होंने पूर्व मंत्रियों कपिल सिब्बल और पी चिदंबरम से इतनी पुरानी बड़ी पार्टी के कमजोर होने पर आत्मचिंतन को कहा. उन्होंने कहा था "आप सभी कह रहे हैं कि हमें आत्म निरीक्षण की जरूरत है, इसकी शुरुआत घर से होनी चाहिए. 2009 में 200 से ज्यादा थे लेकिन 44 पर कैसे आए, आप सभी उस वक्त मंत्री थे. उन्होंने कहा यह भी देखा जाना चाहिए कि आप कहां असफल रहे."(ndtv)


02-Aug-2020 5:37 PM

नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)| केंद्र की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने कहा है कि यह नीति देश में डिजिटल विभाजन (डिजिटल डिवाइड) पैदा करेगी। पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री पल्लम राजू और कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि एनईपी 2020 में मानव विकास और ज्ञान के विस्तार का मूल लक्ष्य नदारद है।


पार्टी ने कहा कि एनईपी 2020 जिसका उद्देश्य 'स्कूल और उच्च शिक्षा' में परिवर्तनकारी सुधारों का मार्ग प्रशस्त करना है, उसमें स्पष्ट कार्यान्वयन रोडमैप और रणनीति का अभाव है, स्पष्ट रूप से इस बड़े विजन को साकार करने के लिए महत्वपूर्ण रूप से वित्त पोषण आवश्यक है।

रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "एनईपी 'डिजिटल डिवाइड' बनाकर गरीबों और वंचितों को अलग-थलग रखने को बढ़वा देगा। हाशिए वाले वर्गों के 70 प्रतिशत से अधिक बच्चों को पूरी तरह से बाहर रखा जा सकता है, जैसा कि कोविड-19 महामारी के दौरान ऑनलाइन कक्षाओं तक पहुंच के दौरान देखा जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में अनुपस्थित या कम इंटरनेट कनेक्टिविटी/कंप्यूटर के उपयोग के कारण ग्रामीण बनाम शहरी विभाजन जैसी चीजें भी देखने को मिलेंगी।"

सुरजेवाला ने कहा कि एससी/एसटी/ओबीसी और वंचित वर्ग की कोई चर्चा नहीं है।

पार्टी ने शिक्षा पर जीडीपी के छह प्रतिशत खर्च करने की एनईपी की 2020 की सिफारिश पर सवाल उठाया और कहा कि भाजपा सरकार में बजट के प्रतिशत के रूप में शिक्षा पर खर्च 2014-15 में 4.14 प्रतिशत के मुकाबले घटकर 2020-21 में 3.2 प्रतिशत हो गया है।

पार्टी ने गुणवत्तापूर्ण 'प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा' (ईसीसीई) देने के लिए आंगनवाड़ियों पर एनईपी की निर्भरता पर भी सवाल उठाया।

पूर्व मानव संसाधन मंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पहले से ही कई सार्वजनिक स्वास्थ्य और पोषण ड्यूटी के बोझ तले दबी हुई हैं और उन्हें 'नियमित कर्मचारी' के रूप में भी मान्यता प्राप्त नहीं हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायकों को क्रमश: 4,500 रुपये और 2,250 रुपये का मासिक मानदेय मिलता है।

उन्होंने कहा कि छह महीने के डिप्लोमा कोर्स के माध्यम से ईसीसीई मानकों को पूरा करने के लिए उन्हें प्रशिक्षित करना अपने आप में एक कठिन कार्य होगा।


02-Aug-2020 5:36 PM

रजनीश सिंह 

नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)| भारत में कोविड-19 के सक्रिय मामलों की तुलना में ठीक होने (रिकवरी) के बीच का अंतर महज 52 दिनों में ही 1,573 से बढ़कर 5,77,899 हो गया है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 10 जून को पहली बार ठीक हुए और सक्रिय रोगियों की कुल संख्या के बीच अंतर 1,573 बताया था। आंकड़ों से पता चलता है कि दो अगस्त को यह अंतर बढ़कर 5,77,899 हो गया है।

मंत्रालय ने कहा, "ठीक होने और सक्रिय मामलों के बीच अंतर में लगातार वृद्धि देखी गई है।"

इस बीच रविवार को भारत ने पिछले 24 घंटों में 51,255 रोगियों की एक दिन की सबसे अधिक रिकवरी दर्ज की, जबकि इस दौरान पिछले 24 घंटों में कुल 54,735 नए कोरोनावायरस मामले सामने आए। इसके साथ ही देश में अब तक कुल 17,50,723 मामले सामने आ चुके हैं।

पिछले 24 घंटे में 51,225 मरीज ठीक होने के साथ ही भारत में कोरोना से ठीक हुए लोगों की कुल संख्या 11,45,629 हो गई है।

पिछले 24 घंटों में ठीक हुए रोगियों का रिकॉर्ड स्थापित करते हुए रिकवरी दर में 65.44 की उच्च दर देखी गई है। इससे पता चलता है कि अधिक से अधिक कोविड-19 रोगी ठीक हुए हैं और उन्हें छुट्टी दे दी गई है।

वर्तमान में देश में सक्रिय मामलों की संख्या 5,67,730 है जो कि कुल मामलों का 32.43 प्रतिशत हैं जिसमें सभी अस्पतालों में या घर पर इलाज करा रहे लोग शामिल हैं।

मंत्रालय ने कहा कि यह केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों द्वारा कोविड-19 प्रबंधन रणनीति के समन्वित कार्यान्वयन का परिणाम है। इसके साथ ही सभी अग्रिम पंक्ति (फ्रंटलाइन) स्वास्थ्यकर्मी और कोविड-19 योद्धाओं के निस्वार्थ बलिदान ने भी यह सुनिश्चित किया है कि ठीक होने की दर लगातार बढ़ रही है।

मंत्रालय का कहना है कि प्रभावी नियंत्रण रणनीति, तेजी से किए जा रहे परीक्षण और संक्रमण से बचने के उपायों के सही पालन से निरंतर ठीक होने की दर बढ़ रही है।

दुनियाभर में इस घातक वायरस के कारण कुल 6,84,111 लोगों की मौत हो चुकी है। केवल अमेरिका में ही 1,54,361 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि ब्राजील में 93,563 और मैक्सिको में 47,472 लोगों की संक्रमण की वजह से जान गई है।

भारत में महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य रहा है, जहां कुल मामलों की संख्या 4,20,000 पार कर गई है और 14,994 मौतें हुईं।

गंभीर स्थिति के बीच दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से अच्छी खबर है, जहां सक्रिय मामलों की संख्या में गिरावट देखी गई है।


02-Aug-2020 5:34 PM

शिवपुरी, 2 अगस्त (आईएएनएस)| मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से अंगूरी देवी लगभग डेढ़ दशक पहले कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर विधानसभा चुनाव में उतरी थीं, मगर आज उनकी माली हालत बुरी है। गरीबी रेखा से नीचे का राशन कार्ड बनवाने के लिए वह दर-दर भटक रही हैं। उन्हें शिवपुरी जिले के कोलारस विधानसभा सीट से वर्ष 2003 में कांग्रेस से टिकट मिला था। वे चुनाव हार गई थीं। महिला नेत्री अंगूरी देवी राजे की आर्थिक हालत बेहद खराब है। महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रह चुकीं अंगूरी देवी के पति की मौत हो चुकी है और बेटे का एक्सीडेंट हो गया, वह बिस्तर पर पड़ा है।


उन्होंने कहा, "घर में काम करने वाला कोई नहीं, मेरी उम्र 53 साल हो गई, अब काम मांगने कहां जाऊं ? कोरोना ने संकट और बढ़ दिया और घर में अनाज तक के लाले पड़े हैं।"

मदद की गुहार लगाने वाली महिला अंगूरी देवी का कहना है कि उनकी कोशिश है कि या तो बीपीएल कार्ड बन जाए या कोई ऐसी व्यवस्था हो जाए, जिससे उनका भरण-पोषण हो सके। इसके लिए कलेक्टर व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को वे कई बार आवेदन दे चुकी हैं, लेकिन कहीं उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

अंगूरी देवी का कहना है कि पूर्व में जब वे सक्रिय थीं, तब उन्होंने आम लोगों की समस्याएं उठाईं और जिलाधिकारियों से उनकी समस्याएं हल करवाईं, लेकिन आज वे खुद समस्याग्रस्त हैं तो उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है।


02-Aug-2020 5:31 PM

चेन्नई, 2 अगस्त (आईएएनएस)| तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जे. जयललिता की संपत्ति का अधिग्रहण करने के खिलाफ उनकी भतीजी जे. दीपा ने मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की संपत्ति को अधिग्रहित करने के लिए तमिलनाडु सरकार ने अध्यादेश जारी किया है। इसके अलावा जयललिता की सभी चल-अचल संपत्तियों को सूचीबद्ध किया गया है।


राज्य सरकार जयललिता के निवास स्थान वेदा निलयम को स्मारक बनाने जा रही है। इसी कारण से सरकार ने सभी संपत्ति को अधिग्रहित किया है, जिसमें जयललिता के कपड़े, किताबों के अलावा निजी उपयोग की कई बहुमूल्य वस्तुएं भी शामिल हैं। अब उनकी भतीजी दीपा ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

उन्होंने तमिलनाडु सरकार द्वारा जयललिता के पोएस गार्डन निवास वेदा निलयम के अधिग्रहण के कदम के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की है।

हाईकोर्ट ने हाल ही में दीपा और उनके भाई जे. दीपक को जयललिता की पैतृक और स्व-अर्जित संपत्ति का उत्तराधिकारी घोषित किया था। उन्हें जयललिता के कानूनी उत्तराधिकारी के तौर पर माना गया है।

दीपा ने कहा कि पोएस गार्डन निवास को उनकी दादी एन. आर. संध्या उर्फ वेधा जयरामन ने वर्ष 1967 में खरीदा था।

निवास का वेदा निलयम नाम उनकी दादी के नाम पर ही रखा गया था।

दीपा ने यह भी कहा कि वेदा निलयम के अधिग्रहण से जयललिता की संदिग्ध मौत की जांच करने वाले जस्टिस अरुमुगास्वामी आयोग की कार्यवाही बाधित होगी।

दीपा ने अपनी याचिका में कहा, अधिग्रहण को तुरंत रोकना होगा, नहीं तो माननीय न्यायमूर्ति अरुमुगास्वामी आयोग के लिए जरूरी सबूत खत्म हो सकते हैं। राज्य सरकार दो रुख नहीं ले सकती। एक तरफ एक आयोग नियुक्त किया गया है और दूसरी तरफ अधिग्रहण की कार्यवाही हो रही है।

दीपा ने अपनी दलील में कहा कि राज्य सरकार का रवैया निश्चित रूप से इस तरह की किसी भी जांच को प्रभावित करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि मरीना में स्मारक का निर्माण पूरा करने के बजाय तमिलनाडु सरकार उनकी पैतृक संपत्ति हासिल करने और इसे स्मारक के रूप में परिवर्तित करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने दलील पेश करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान वेदा निलयम को स्मारक के रूप में परिवर्तित करने के लिए कोई अध्यादेश लाने की कोई आवश्यकता नहीं है। दीपा ने कहा कि महामारी ने हमारे कानूनी विकल्पों और संपत्ति के मामलों और अदालती मामलों से संबंधित सभी कार्यों में बाधा डाली है।

दीपा ने अपनी याचिका में कहा, कपड़ों और गहनों सहित एक महिला के निजी सामानों को लेकर राज्य सरकार की ओर से यह एक बहुत ही शर्म की बात है। यह अनुचित और अश्लील है और एक महिला की गरिमा को नुकसान पहुंचाता है। मैं अपनी चाची के लिए इस तरह के कृत्यों के लिए किसी भी प्रकार के अपमान की अनुमति नहीं दे सकती, वह मेरी मेरे लिए एक मां की तरह थीं।

गौरतलब है कि दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता की चल संपत्तियों में 4.37 किलो सोना, 60.1.42 किलो चांदी, 162 चांदी की वस्तुएं, 11 टीवी सेट्स, 10 फ्रिज, 38 एयर कंडीशनर, 556 फर्नीचर के सामान, 6514 रसोई के बर्तन, 8,376 किताबें, 10,438 कपड़ें, मोबाइल फोन सहित 29 टेलीफोन आदि शामिल हैं।

इसके अलावा अचल संपत्तियों में दो आम के, एक कटलह, पांच नारियल और पांच केले के पेड़ शामिल हैं।


02-Aug-2020 2:58 PM

गडग, 2 अगस्त। कर्नाटक के गडग जिले में एक महिला ने अपना मंगलसूत्र बेच दिया ताकि वह अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए टीवी खरीद सके। कर्नाटक सरकार ने आदेश दिए हैं कि कोरोना संकट के दौरान बच्चे अपनी पढ़ाई टीवी के माध्यम से जारी रखेंगे। कस्तूरी ने अपना मंगलसूत्र बेचा, इसके एवज में मिले रुपयों से 14 हजार की कीमत का एक टीवी खरीदा। उन्होंने यह टीवी तब खरीदा जब स्कूल टीचर की तरफ से बच्चे को क्लास में शामिल होने के लिए टीवी सेट के बारे में पूछा गया। 

कस्तूरी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि मैं रोजाना अपने बच्चों को पड़ोसी के घर नहीं भेज सकती। उनकी पढ़ाई के लिए टीवी जरूरी है। हमारे पास टीवी खरीदने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं था। बकौल कस्तूरी, मैं और मेरे पति दोनों दिहाड़ी मजदूरी का काम करते हैं। कोरोना महामारी के चलते हमारे पास पिछले कई दिनों से न ही काम है और न ही पैसा। 

उन्होंने बताया कि मंगलसूत्र बेचने से हमें 20 हजार रुपये मिले हैं। जिसमें से 14 हजार रुपये का टीवी हमने खरीदा। मुस्कुराते हुए उन्होंने बताया कि हम हमारे बच्चे अपने घर पर ही पढ़ सकेंगे। वहीं कस्तूरी की बेटी का कहना है कि पिछले कई महीनों से हमारे पास टीवी नहीं था। अब हमारे पास ये आ गया है, हम खूब पढ़ाई करेंगे और मां के लिए बड़ा मंगलसूत्र खरीद सकेंगे।  (khabar.ndtv.com)


02-Aug-2020 2:42 PM

चित्रदुर्ग, 2 अगस्त। देश में कोरोनावायरस के मामले 17 लाख का आंकड़ा पार कर चुके हैं। करीब 37 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। देश के हर राज्य से कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं लेकिन इस बीच कर्नाटक से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो कोरोना से संक्रमित हर शख्स को हिम्मत देने के लिए काफी है। यहां एक 110 साल की महिला ने कोरोना को मात दी है। बुजुर्ग महिला को शनिवार को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।

महिला का नाम सिद्दम्मा है। वह कर्नाटक के चित्रदुर्ग की रहने वाली हैं। जिले के सर्जन डॉक्टर बसवाराज ने बताया कि सिद्दम्मा 27 जुलाई को कोरोना पॉजिटिव पाई गई थीं। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कर दिया गया था। अपनी इच्छाशक्ति के बल पर सिद्दम्मा ने न सिर्फ कोरोना को मात दी बल्कि लोगों को इस महामारी से हार न मानने के लिए प्रेरित भी किया है। उन्हें शनिवार को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

कर्नाटक में शनिवार को कोविड-19 के 5,172 नए मरीजों के सामने आने के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 1.29 लाख हो गई है। इस दौरान संक्रमण की वजह से 98 और लोगों की मौत हो गई, जिन्हें मिलाकर अबतक राज्य में 2,412 लोग इस महामारी से अपनी जान गंवा चुके हैं। कर्नाटक के कृषि मंत्री बीसी पाटिल और उनकी पत्नी के शनिवार को कोरोनावायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। इससे पहले उनके दामाद के भी कोविड-19 संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद वे घर पर ही आइसोलेशन में हैं। (khabar.ndtv.com)


02-Aug-2020 1:14 PM

विशाखापत्तनम, 2 अगस्त (आईएएनएस)| आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में रविवार को एक सड़क दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई। तीनों विशाखापत्तनम में एक रिश्तेदार, जो शनिवार को हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड के क्रेन दुर्घटना में मारा गया था, उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए निकले थे। वे जिस कार से जा रहे थे, वह श्रीकाकुलम जिले के कांची में दुर्घटनावश एक स्टेशनरी ट्रक में जा घुसी।

विशाखापत्तनम अपने दामाद पी. भास्कर राव को आखिरी बार देखने आ रहे नागमणि (48) और उनकी बहू लावण्या (23) और वाहन चालक रोउतु द्वारका (23) की दुर्घटना में मृत्यु हो गई।

पुलिस ने बताया कि दुर्घटना तब हुई जब कार एक खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी।

नागमणि के बेटे ईश्वर राव और राजशेखर और एक अन्य बहू पितिली घायल हो गए हैं और उन्हें सोमपेटा के सरकारी अस्पताल भर्ती कराया गया। हालांकि बाद में उन्हें श्रीकाकुलम स्थित एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया था। ईश्वर राव की हालत गंभीर बताई गई है।

परिवार पश्चिम बंगाल के खड़गपुर से तब चला जब एचएसएल में क्रेन दुर्घटना में उनके दामाद की मौत हो गई थी।

बीते शनिवार को एचएसएल में एक बड़ी क्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने से ग्यारह लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एचएसएल के चार नियमित कर्मचारी और सात कॉन्ट्रैक्ट वाले कर्मचारी शामिल थे।

भास्कर राव (35) लीड इंजीनियर्स के लिए काम कर रहे थे, जो कि ग्रीनफील्ड कंपनी द्वारा किराए पर ली गई दो फर्मों में से एक था।


02-Aug-2020 1:12 PM

फिरोजाबाद (उप्र), 2 अगस्त (आईएएनएस)| फिरोजाबाद पुलिस ने शनिवार को आजमगढ़ के दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव के भतीजे को खत्म करने का काम सौंपा गया था। वर्तमान में गोरखपुर जेल में बंद एक हिस्ट्रीशीटर देवेंद्र यादव ने राजनेता के भतीजे को खत्म करने के लिए 5 लाख रुपये में शूटरों आशीष यादव और संदीप यादव को भाड़े पर लिया था। 

कांच फैक्ट्री चलाने वाला पीड़ित, अपनी फैक्ट्री के क्लर्क कुलदीप के परिवार को देवेंद्र के छोटे भाई शिवा के खिलाफ मुकदमा लड़ने में मदद कर रहा था। जिसने 2014 में क्लर्क की गोली मारकर हत्या कर दी थी और उससे 40 हजार रुपये लूट लिए थे।

दोनों शूटरों को विशेष ऑपरेशन ग्रुप टीम ने सिरसागंज से पकड़ा था, जिनके पास से एक हैचबैक और दो देसी पिस्तौल भी जब्त किए गए थे।

आगरा रेंज के आईजी सतीश गणेश ने कहा, "ये पूर्वी उप्र के ऐसे शूटर हैं जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है क्योंकि वे पुलिस के लिए कोई निशान ही नहीं छोड़ते हैं। वे एक जोड़ी जींस के लिए भी किसी को भी मार सकते थे। उनके काम में सफल होने के बाद उन्हें ट्रेस करना और सारे डॉट्स कनेक्ट करना हमारे लिए मुश्किल था।"

आईजी ने कहा कि पकड़े गए शूटरों में से एक इटावा में पॉलिटेक्निक का छात्र है। उन्हें शुरू में 5,000 रुपये का भुगतान किया गया था, लेकिन उन्हें 5 लाख रुपये देने का वादा किया गया था।

इन शूटरों को काम पर रखने वाले हिस्ट्रीशीटर देवेंद्र यादव ने अगस्त 2019 में भूमि विवाद को लेकर अनूप कुमार नाम के व्यक्ति की हत्या कर दी थी।

बाद में उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उसे फरवरी 2020 में एसटीएफ गोरखपुर ने गिरफ्तार किया था।

उन्होंने आगे कहा, "देवेंद्र का मानना था कि देवेंद्र के छोटे भाई शिवा को जेल भेजने के लिए पीड़ित अपने मृतक क्लर्क के परिवार की मदद कर रहा था।"


02-Aug-2020 1:12 PM

ग्वालियर, 2 अगस्त (आईएएनएस)| देश के अग्रणी खेल शिक्षण संस्थानों में से एक-लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई) के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार डुरेहा का मानना है कि एलएनआईपीइ और ऐसे अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए नई शिक्षा नीति 2020 ने आगे बढ़ने की संभावनाओं के द्वार खोल दिये हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि शारीरिक शिक्षा और खेलकूद को अब मुख्य विषय के रूप में मान्यता मिली है और यह प्राथमिक कक्षाओं से ही बच्चों को पढ़ाया जाएगा

कुलपति प्रो. डुरेहा ने एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई, जिसका विषय था नई शिक्षा नीति पर चर्चा। इस दौरान उन्होंने नई नीति के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं और बताया कि शारीरिक शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा वर्षों से की जा रही कोशिश का नतीजा है कि नई नीति में इस विषय को भी स्थान मिला है

उन्होंने इस दौरान प्रमुख रूप से संस्थान के परीक्षा नियंता डॉ. जी. डी. घई के प्रयासों का भी उल्लेख किया। प्रो. घई ने एनसीईआरटी के लिए शारीरिक शिक्षा का नया पाठ्यक्रम बनाने पर काम किया है।

कुलपति ने बैठक के दौरान स्थानीय भाषा में पढ़ाई, विद्यार्थियों के बीच में कोर्स छोड़ने पर सर्टिफिकेट की व्यवस्था आदि के बारे में भी विस्तार से बताया। कहा कि 34 वर्ष बाद आई यह नई शिक्षा नीति पठन पाठन के क्षेत्र में क्रांति लाएगी। बजट बढ़ाने और क्षेत्रीय भाषा को महत्व देने के चलते अब देश के सुदूरवर्ती हिस्सों से भी मेधा सामने आएगी।


02-Aug-2020 12:04 PM

नई दिल्ली, 2 अगस्त। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के केस में अब एक अलग ही एंगल चल निकला है। एक्टर के परिवार ने उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती पर ढेरों इल्जाम लगाए हैं, जिसमें सुशांत को सुसाइड के लिए उकसाना शामिल है। इसके साथ ही परिवार का ये भी आरोप है कि रिया ने सुशांत पर काला जादू किया था। अब सुशांत सिंह राजपूत के बैंक अकाउंट की डिटेल्स सामने आई हैं, जिनमें बताया गया है कि तीन बार उनके अकाउंट से पूजा सामग्री खरीदने के लिए पैसे निकाले गए थे, वहीं एक बार पैसे निकालकर पंडित को दिए गए थे। सुशांत के परिवार का दावा है कि इस पैसे से रिया चक्रवर्ती ने एक्टर पर जादू टोना किया था।
अब कोटक महिंद्रा बैंक से सुशांत सिंह राजपूत के अकाउंट के पेपर्स सामने आ गए हैं। इसमें बताया गया है कि पांच बार पूजा के नाम पर पैसे निकाले गए थे। इसे सुशांत के परिवार ने काला जादू बताया है। हालांकि अगस्त 2019 को पूजा/काले जादू के नाम पर पैसे निकलने बंद हो गए।
पूजा के नाम पर निकले सुशांत के अकाउंट से पैसे-
14 जुलाई 2019
- 45,000 रुपये
22 जुलाई 2019
- 55,000 रुपये
- 36,000 रुपये
2 अगस्त 2019
- 86,000 रुपये
8 अगस्त 2019
- 11,000 रुपये
15 अगस्त 2019
- 60,000 रुपये
इन पैसों को निकालने के बाद कभी कोई पूजा नहीं हुई।
इससे पहले सुशांत सिंह राजपूत के सीए ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया है कि सुशांत के पिता द्वारा किए गए दावों के विपरीत सुशांत के खाते से बहुत ज्यादा लेनदेन नहीं हुआ है। यहां तक कि उनके खाते में इतनी रकम मौजूद भी नहीं है जितने का दावा सुशांत के परिवार ने किया है। सीए संदीप श्रीधर ने बताया कि रिया के खाते में भेजी गई हजार रुपए फीस और रिया की मां द्वारा भेजे गए 33000 रुपयों के अलावा कोई बड़ी ट्रांजेक्शन नहीं हुई है।
संदीप ने बताया कि क्योंकि सुशांत एक फिल्म स्टार थे तो उन्हें अपनी लाइफस्टाइल और खर्चे मेंटेन करने होते थे। वह शॉपिंग, घर के रेंट और ट्रैवल करने जैसे खर्चे किया करते थे। सुशांत और रिया कई बार साथ में सफर किया करते थे। इसके अलावा पिछले एक साल में सुशांत की इनकम काफी कम हो गई थी। संदीप ने सुशांत के अकाउंट से जनवरी 2019 से लेकर जून 2019 का ही लेखा-जोखा दिया था। (aajtak.intoday.in)


02-Aug-2020 11:48 AM

लखनऊ, 2 लखनऊ।  कोरोना संक्रमण के कारण उत्तर प्रदेश कैबिनेट मंत्री कमला रानी वरूण की मौत हो गई। 18 जुलाई को पॉजिटिव आने के बाद उन्हें लखनऊ पीजीआई में भर्ती कराया गया था।

कोरोना के अलावा उन्हें ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की भी समस्या थी। फेफड़े में गंभीर संक्रमण होने की वजह से उनकी मौत हो गई। 
कमला रानी उत्तर प्रदेश की प्राविधिक शिक्षा मंत्री थीं। उनके निधन की खबर आते ही मुख्यमंत्री योगी ने पहले से निर्धारित अपना अयोध्या दौरा रद्द कर दिया।

मुख्यमंत्री योगी आज ही भूमि पूजन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए अयोध्या के दौरे पर जाने वाले थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गंभीर संवेदना व्यक्त की है।

योगी ने कहा कि विगत कई दिनों से प्रदेश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान एसजीपीजीआई में उनका उपचार चल रहा था। वह कोरोना वायरस से संक्रमित थीं। आज सुबह उनका दु:खद निधन हुआ है।

उन्होंने कहा कि कमला रानी वरूण लोकप्रिय जन नेता और वरिष्ठ समाजसेवी थीं। 11वीं और 12वीं लोकसभा की वह सदस्य थीं। 2017 में कानपुर नगर के घाटमपुर से विधायक चुनी गई थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कमला रानी वरूण ने मंत्रिमंडल में बड़ी कुशलतापूर्वक काम किया। उनका निधन समाज, सरकार और पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है। (amarujala)


02-Aug-2020 9:29 AM

अब भी 11 लाख लोग प्रभावित

गुवाहाटी, 2 अगस्त (आईएएनएस)| असम के ज्यादातर जिलों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे घटने लगा है। बाढ़ के हालात में सुधार है, मगर अब भी 11 लाख लोग प्रभावित हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, 33 जिलों में से 20 जिलों के 11 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें 8.30 लाख लोग राज्य के छह पश्चिमी जिलों- गोलपाड़ा, मोरीगांव, बोंगईगांव, बारपेटा, गोलाघाट, धुबरी और पूर्वी लखीमपुर के हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पिछले नौ दिनों से मॉनसूनी बारिश नहीं हुई है। इस कारण बाढ़ की स्थिति में सुधार आना तय है।

प्रभावित जिलों के 75,711 हेक्टेयर खेतों में लगी फसलें अब भी डूबी हुई हैं। पहले, 24 जुलाई को 122,573 हेक्टेयर में लगी फसलें डूब गई थीं।

एएसडीएमए के अधिकारियों के अनुसार, ब्रह्मपुत्र सहित नौ बड़ी नदियों कई जगहों पर उफना गई हैं। शोणितपुर, जहां ब्रह्मपुत्र और जिया भारती नदियां बहती हैं, दोनों खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कांजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का 55 फीसदी हिस्सा डूब गया है। बाढ़ के कारण कम से कम 145 वन्यजीवों की मौत हो चुकी है।


01-Aug-2020 10:39 PM

बेंगलुरु, 1 अगस्त (आईएएनएस)| कोविड-19 महामारी के बीच यहां के चिड़ियाघर में 12 साल की एक हथिनी ने एक बच्चे को जन्म दिया। इस नए नर सदस्य के साथ इस चिड़ियाघर में हाथियों की संख्या 24 हो गई। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। बेंगलुरु बन्नरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क (बीबीबीपी) के कार्यकारी निदेशक वनश्री विपिन सिंह ने कहा, "यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि यहां रूपा नाम की हथिनी ने एक नर बच्चे को जन्म दिया है। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।"

संयोगवश, रूपा हथिनी दूसरी बार मां बनी है। इससे पहले, दिसंबर 2016 में रूपा ने एक मादा संतान को जन्म दिया था, जिसका नाम गौरी रखा गया। उस समय रूपा की उम्र आठ साल थी।


01-Aug-2020 10:35 PM

नागपुर, 1 अगस्त (आईएएनएस)| महाराष्ट्र के नागपुर स्थित मानस एग्रो इंडस्ट्रीज एंड शुगर लिमिटेड फैक्ट्री के बॉयलर में शनिवार अपराह्न् हुए एक भयानक विस्फोट में पांच लोगों की मौत हो गई। नागपुर ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, यह घटना अपराह्न् लगभग 2.14 बजे घटी। विस्फोट से फैक्ट्री में आग लग गई, जिससे मजदूरों की जलने से मौत हो गई।

चीनी कारखाना मानस समूह का हिस्सा है, और पहले इसे पूर्ति पॉवर एंड शुगर फैक्टरी के रूप में जाना जाता था, जिसका स्वामित्व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के परिवार के पास रहा है।

पुलिस अधीक्षक राकेश ओला घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने आईएएनएस को बताया, प्रथम ²ष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि पीड़ित इस विशेष साइट पर कुछ वेल्डिंग कार्य कर रहे थे और कुछ गैस रिसाव के कारण विस्फोट हुआ हो सकता है। वास्तविक कारण संबंधित विभाग द्वारा जांच के बाद सामने आएंगे। हम मामले की जांच कर रहे हैं और आवश्यक शिकायतें दर्ज कर रहे हैं।

मृतकों की पहचान मंगेश प्रभाकर नाकेरकर (21), लीलाधर वामनराव शिंदे (42), वासुदेव लाडी (30), सचिन प्रकाश वाघमरे (24) और प्रफुल्ल पांडुरंग मून (25) के तौर पर हुई है और ये सभी वडगांव के रहने वाले थे। पुलिस को शवों की बरामदगी से पहले गुस्साई भीड़ को शांत करना पड़ा और इसके बाद ही मृतकों को घटनास्थल से निकाला जा सका।

वाघमारे संयंत्र में वेल्डर थे और अन्य उनके सहायकों की टीम थी। ये सभी विस्फोट के समय कुछ रखरखाव के काम में लगे हुए थे। घटना के समय फैक्टरी से आग और बड़ी मात्रा में धुआं निकल रहा था।

इस त्रासदी पर दुख व्यक्त करते हुए शिवसेना नेता किशोर तिवारी ने घटना की गहन एवं समयबद्ध जांच की मांग की है।

तिवारी ने कहा, मारे गए सभी मजदूर दलित हैं और फैक्टरी प्रबंधन का यह दायित्व है कि वे पीड़ितों में से प्रत्येक के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दें।

विस्फोट के बाद के कुछ वीडियो भी वायरल हुए हैं, जिनमें पता चला है कि विस्फोट में एक दोपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हुआ है।


01-Aug-2020 9:11 PM

नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)| वरिष्ठ पत्रकार एन. राम, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी और वरिष्ठ वकील एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर अदालत की अवमानना कानून में धारा 2(सी)(आई) की वैधता को चुनौती दी है। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 19 और 14 का उल्लंघन करार दिया है। न्यायपालिका के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी करने और इसे तिरस्कार के दायरे में लाने के लिए भूषण के खिलाफ हाल ही में अवमानना की कार्यवाही को लेकर नोटिस जारी किया गया था। शीर्ष अदालत ने 22 जुलाई को भूषण और ट्विटर इंक को उनके विवादास्पद ट्वीट्स के लिए नोटिस जारी किया था।

दो दिन बाद न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने भूषण के खिलाफ 2009 के लंबित एक और अवमानना मामले पर सुनवाई शुरू करने का फैसला किया है। दोनों मामलों पर चार और पांच अगस्त को सुनवाई होगी। 

याचिकाकर्ताओं ने दलील दी है कि यह उप-धारा असंवैधानिक है, क्योंकि यह संविधान की प्रस्तावना के मूल्यों और बुनियादी विशेषताओं के साथ असंगत है और इससे अनुच्छेद 19 (1) (ए) का उल्लंघन भी होता है। उन्होंने दावा किया है कि उप-धारा असंवैधानिक और अस्पष्ट है।

अदालत की अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 2 (सी) (आई) किसी भी चीज के प्रकाशन 'आपराधिक अवमानना' के रूप में परिभाषित करती है - चाहे वह शब्दों द्वारा हो, बोला गया हो, लिखित या संकेतों के द्वारा ही क्यों न प्रकट किया गया हो।

याचिकाकर्ताओं ने शीर्ष अदालत से कहा है कि धारा 2 (सी) (आई) को संविधान के अनुच्छेद 19 और 14 का उल्लंघन करने वाला घोषित करना चाहिए।

याचिका में दलील दी गई है कि लागू उप-धारा असंवैधानिक है, क्योंकि यह संविधान की प्रस्तावना मूल्यों और बुनियादी विशेषताओं के साथ असंगत है।


01-Aug-2020 9:09 PM

नवनीत मिश्र  

नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)| अयोध्या में भूमि पूजन की चल रही तैयारियों के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह (महासचिव) सुरेश भैय्याजी जोशी ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि राम मंदिर का संकल्प किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं है। उन्होंने मंदिर निर्माण को पूरे देश और समाज का संकल्प बताते हुए कहा है कि यह देश की ऊर्जा का केंद्र बनेगा। 

राम मंदिर आंदोलन को धार देने वाले विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व अध्यक्ष स्व. अशोक सिंघल के नाम पर बने फाउंडेशन के कार्यक्रम में भैय्याजी जोशी ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। संघ में सर संघचालक मोहन भागवत के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण दायित्व संभालने वाले भैय्याजी जोशी ने कहा कि अयोध्या में अल्प समय में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार होगा।

उन्होंने शनिवार को कहा, "हिंदू समाज की आंतरिक शक्ति पर पूरा भरोसा है। जिस तरह से मंदिर निर्माण की अब तक सारी बाधाएं दूर हुईं हैं, उसी तरह से आगे भी कोई बाधा नहीं खड़ी होगी। हिंदू समाज सामथ्र्यवान और दानशील है। देश और समाज के संकल्प से राम मंदिर बनकर तैयार होगा।"

सुरेश भैय्याजी जोशी ने कहा, "राम मंदिर का निर्माण देश का संकल्प है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और राजस्थान की मरुभूमि से लेकर मणिपुर की पहाड़ियों तक यह संकल्प फैला हुआ है। भारत ही नहीं भारत से बाहर रहने वाले भगवान राम के अनुयायियों का यह संकल्प है। यह संकल्प न किसी व्यक्ति का और न ही किसी संगठन का है, यह समाज का संकल्प है।"

अशोक सिंघल को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने राम मंदिर आंदोलन में उनके योगदान को याद किया। सुरेश भैय्याजी जोशी ने कहा कि हमारा सैंकड़ों वर्षों का समृद्ध इतिहास रहा है। बाहरी आक्रमण के बावजूद हम हिंदू हैं-यह कहने वाले लोग बचे हैं। भक्ति मार्ग पर चलने वाले तमाम साधु-संतों ने अपना जीवन समर्पित कर दिया। तमाम महापुरुषों ने भी भूमि और समाज की रक्षा के लिए बलिदान दिए। ऐसे देश में अनगिनत बलिदानियों की श्रृंखला रही है। देश एक बार फिर से विश्व पटल पर गौरव प्राप्त करेगा।


01-Aug-2020 9:07 PM

तिरुवनंतपुरम, 1 अगस्त (आईएएनएस)| केरल सोना तस्करी मामले की कुछ केंद्रीय एजेंसियां भले ही जांच कर रही हैं। कांग्रेस ने शनिवार को राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से कुछ सवाल पूछे। इस मामले की जद में मुख्यमंत्री कार्यालय भी आ रहा है। विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने विजयन से कुछ सवाल पूछे और मुख्यमंत्री के सचिव एम. शिवशंकर और सोना तस्कर गैंग के बीच संबंधों का पता लगाने में उनकी विफलता पर निशाना साधा।

पूर्व आईएस अधिकारी शिवशंकर बीते 50 महीने से विजयन के साथ काम कर रहे थे। उनके पास आईटी सचिव का पद भी है।

सोना तस्करी मामला तब सामने आया था, जब यूएई वाणिज्य दूतावास के पूर्व कर्मचारी सरित को 5 जुलाई को कस्टम विभाग ने पकड़ा था। पकड़े जाने के समय वह दुबई से राज्य की राजधानी में 30 किलोग्राम के सोने की कूटनीतिक माध्यम से तस्करी कर रहे थे।

यह मामला तब और पेचीदा हो गया, जब यूएई दूतावास के पूर्व कर्मचारी का नाम इस मामले में आया, जो कि आयकर विभाग के साथ काम करता था।

शिवशंकर को पहले पद से हटा दिया गया और फिर सेवा से निलंबित कर दिया गया।

चेन्निथला ने कहा कि क्या मुख्यमंत्री को इनसब चीजों के बारे में पता नहीं है। वह इन सब चीजों के बारे में जानने के बाद भी चुप क्यों हैं।

यूएई वाणिज्यदूतावास से राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री के.टी. जलील के लगातार बातचीत के मामले को उठाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि विजयन को ऑफिस में हो रहे क्रियाकलापों का पता क्यों नहीं था।


01-Aug-2020 6:43 PM

हैदराबाद, 1 अगस्त। एनएमडीसी के सीएमडी एन बैजेन्द्र कुमार के रिटायर होने के बाद सुमित देब ने शनिवार को एनएमडीसी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक का कार्यभार ग्रहण किया। एनएमडीसी के सीएमडी पद पर कार्यग्रहण से पूर्व सुमित देब निदेशक( कार्मिक) पद पर थे। सुमित देब को इससे पूर्व आर आईएनएल औरं एनएमडीसी में कार्य का वृहद अनुभव रहा है। वह एनएमडीसी को सफलता के नए शिखर पर ले जाने की आकांक्षा रखते हैं।

सुमित देब ने वर्ष 2015 में एनएमडीसी के महाप्रबंधक (वाणिज्य) के रूप में कार्य ग्रहण किया था, उसके बाद अधिशासी निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) के रूप में पदोन्नत हुए। वर्ष 2019 में उन्होंने निदेशक (कार्मिक) का पदभार संभाला तथा वह कार्मिक एवं प्रशासन, मानव संसाधन विकास, विधि, नैगम संचार, सीएसआर, राजभाषा आदि विभागों के प्रमुख रहे। उन्होंने कंपनी के विजन एवं उद्देश्यों को एक नया आयाम प्रदान किया।

सुमित देब उडीसा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भुबनेश्वर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं। एनएमडीसी से पूर्व वह राष्ट्रीय इस्पात निगम (आरआईएनएल ) में थे। उन्होंने प्रबंधन प्रशिक्षु के रूप में कार्य ग्रहण किया था तथा 25 वर्षों तक आरआईएनएल में कार्यरत होकर इस्पात उद्योग का वृह्द एवं बहुविध अनुभव प्राप्त किया। उन्होंने देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किया जिसमें विदेशी तथा देशी दोनों प्रकार के ग्राहकों के विविध वर्गों के साथ कार्य करने तथा मानव संसाधन, विपणन एवं वितरण जैसे कार्य क्षेत्रों का विशद अनुभव प्राप्त किया।

सुमित देब को मानव शक्ति तथा सक्शेसन योजना, प्रशिक्षण तथा विकास एवं मानव संसाधन के अन्य क्षेत्रों का विशद अनुभव है। उन्हें इस्पात एवं लौह अयस्क, स्पॉज ऑयरन, पैलेट्स तथा हीरे के विपणन एवं वितरण का भी अनुभव है। अपने कैरियर के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण सफतलाएं अर्जित करते हुए उन्होंने अपनी क्षमता को सिद्ध किया है। उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्ष 2007-08 में जवाहर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

एन. बैजेन्द्र कुमार, आईएएस, ने एनएमडीसी में अपने कार्यकाल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस गतिशील एवं जीवंत कंपनी का एक हिस्सा होने पर स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूं जो कि विनिर्माण क्षेत्र में अपने कार्य का विस्तार करते हुए तथा कोयला, स्वर्ण आदि जैसे अन्य खनिजों में विविधीकरण करते हुए प्रगति के पथ पर अग्रसर है। मुझे विश्वास है कि  सुमित देब के नेतृत्व में एनएमडीसी निश्चय ही तेजी से प्रगति करेगा।

सुमित देब ने कार्यग्रहण करते हुए कहा कि, एन.बैजेंद्र कुमार के मजबूत नेतृत्व में हमने एनएमडीसी को उद्योग के अगुआ संगठन के रूप में स्थापित किया तथा कंपनी को कार्यनीतिक विविधीकरण के लिए तैयार करते हुए लाभप्रदता के साथ प्रगति की। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे उनके साथ कार्य करने का अवसर मिला तथा सीखने के लिए यह एक बहुत अच्छा अनुभव था। हम एक अविश्वसनीय अवसर की स्थिति में हैं तथा मैं प्रगति एवं मूल्य सृजन पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूं। इस नवरत्न कम्पनी का नेतृत्व करना सम्मान की बात है तथा हम अपनी कार्यनीतिक योजनाओं का निष्पादन करने एवं अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए तत्पर हैं।
 


01-Aug-2020 6:39 PM

अगरतला, 1 अगस्त त्रिपुरा में एक अस्पताल की तीसरी मंजिल से कूदकर कोरोना रोगी 31वर्ष के एक व्यक्ति ने शनिवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. दक्षिण त्रिुपरा जिले के मुहुरीपुर गांव के रहने वाले व्यक्ति को शुक्रवार को कथित तौर पर जहर खा लेने के बाद यहां के सरकारी गोविंद वल्लभ पंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में भर्ती कराए जाने से पहले रैपिड एंटीजन जांच के दौरान वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था. उन्होंने कहा कि व्यक्ति शनिवार की सुबह अस्पताल की तीसरी मंजिल पर गया और खिड़की से छलांग लगा दी. उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई.

अवसाद से ग्रस्त था रोगी और पहले भी दो बार कर चुका था आत्महत्या की कोशिश

जी. बी. थाने के प्रभारी राकेश पटवारी ने बताया, ‘‘प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि व्यक्ति अवसाद से ग्रस्त था और उसने पहले भी दो बार आत्महत्या की कोशिश की थी."
कोरोना वायरस पीड़ितों के मामले दिन प्रति-दिन बढ़ते जा रहे हैं. और इस दौरान कई सारे संक्रमितों की आत्महत्या के मामले भी सामने आ चुके हैं. कुछ हफ्ते पहले दिल्ली के एम्स की बिल्डिंग से कूदकर एक कोरोना वायरस संक्रमित पत्रकार ने आत्महत्या कर ली थी. ऐसे ही कई मामले देश में कई जगहों से सामने आ चुके हैं. कई जगह सरकारों को लॉकडाउन बढ़ाना पड़ा है. कोरोना वायरस के इस लॉकडाउन पीरियड से भी डिप्रेशन, तनाव और आत्महत्या के भी कई मामले बड़ी तेजी से सामने आ रहे हैं. इस सिलसिले में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने हाल ही में मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के उपाय बताये थे.(news18)