राष्ट्रीय

24-Oct-2020 2:59 PM 20

चेन्नई, 24 अक्टूबर| द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी तब तक विरोध प्रदर्शन करती रहेगी, जब तक कि राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित तमिलनाडु में मेडिकल कॉलेज में सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए आरक्षण देने वाले विधेयक को मंजूरी नहीं दे देते।

विधेयक को मंजूरी के लिए करीब 40 दिन से राज्यपाल के पास भेजा गया है और डीएमके इसे मंजूरी देने के लिए बड़े स्तर पर मांग कर रही है। स्टालिन ने कहा कि सत्ता में आने के बाद पार्टी राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) से राज्य को छूट दिलाने के लिए सभी कानूनी प्रयास करेगी।

तमिलनाडु गवर्नमेंट स्कूल्स बिल, 2020 छात्रों को मेडिसिन, डेंटिस्ट्री, इंडियन मेडिसिन और होम्योपैथी के अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन पाने के लिए राज्य के सरकारी स्कूलों से पास हुए छात्रों को 7.5 प्रतिशत का आरक्षण देता है।

सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक सरकार की निंदा करते हुए स्टालिन ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री के.पलानीस्वामी राज्यपाल से विधेयक पर अपनी सहमति देने का आग्रह क्यों नहीं कर रहे हैं।

विधानसभा में विपक्ष के नेता स्टालिन ने कहा कि नीट से छूट की मांग करने वाले दो विधेयकों को 2017 में विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित किया गया था और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास उनकी सहमति के लिए भेजा गया था। हालांकि, बिलों को सात महीने बाद तमिलनाडु वापस भेज दिया गया था। अब यह मामला 23 महीने बाद एक कोर्ट केस के कारण सार्वजनिक तौर पर सामने आया है।

स्टालिन ने कहा, "नीट के नतीजे आ चुके हैं और जल्द काउंसलिंग शुरू होनी चाहिए। अगर राज्यपाल विधेयक को मंजूरी देते हैं, तो सरकारी स्कूलों के 300 छात्रों को मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा वरना केवल 8 छात्रों को प्रवेश मिलेगा।"

गुरुवार को स्टालिन ने कहा था कि उनकी पार्टी पुरोहित के पत्र का जवाब मिलने तक राजभवन के बाहर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी। वहीं पुरोहित ने कहा है कि उन्हें तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को मेडिकल कॉलेज में 7.5 प्रतिशत का आरक्षण देने वाले बिल पर निर्णय लेने के लिए 3 से 4 सप्ताह का समय चाहिए। (आईएएनएस)


24-Oct-2020 2:57 PM 26

विशाल गुलाटी
कुल्लू (हिमाचल प्रदेश), 24 अक्टूबर|
कोरोनावायरस महामारी ने न केवल इंसान प्रभावित हुए हैं, बल्कि देवी-देवता भी इसके प्रभाव से वंचित नहीं रह पाए हैं क्योंकि इस साल 240 दैवीय शक्तियों पर भी लॉकडाउन की प्रक्रिया लागू कर दी गई है।

सात दिवसीय कुल्लू दशहरा महोत्सव में इस बार केवल सात देवता ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे और ऐसा लगभग 400 सालों में पहली बार होने जा रहा है। महोत्सव का शुभारंभ 25 अक्टूबर यानि कि कल से होने जा रहा है।

आयोजकों ने रविवार को बताया कि इस साल महोत्सव में सभी परंपराओं का पालन सीमित रूप में किया जाएगा और केवल उन्हीं 200 लोगों को रघुनाथ की रथयात्रा में शामिल होने दिया जाएगा, जो कोविड-19 की जांच में नेगेटिव पाए गए हैं।

यह एक 383 साल पुरानी रीति है, जहां दशहरा या विजयादशमी के पहले वाले दिन, जब पूरे देश में त्यौहार का समापन होता है, उस दिन यहां कुल्लू घाटी के मुख्य देवता भगवान रघुनाथ के रथ को सुल्तानपुर के ऐतिहासिक मंदिर से हजारों भक्तों द्वारा निकाला जाता है।

इस शोभायात्रा में 250 देवी-देवताओं का दैवीय मिलन हर साल देखने को मिलता है। त्यौहार के खत्म होने तक इन्हें ढालपुर के मैदान में रखा जाता है।

महोत्सव की मुख्य आयोजक उपायुक्त ऋचा शर्मा ने आईएएनएस को बताया, "सोशल डिस्टेंसिंग की बात को ध्यान में रखते हुए हमने आमंत्रित किया है, बल्कि अनुमति दी है कि इस साल दशहरा उत्सव में केवल सात प्रमुख देवताओं को ही शामिल किया जाएगा।"

प्रमुख देवताओं में बिजली महादेव, मनाली की माता हिडिम्बा सहित अन्य पांच देवताओं को आमंत्रित किया गया है। (आईएएनएस)


24-Oct-2020 2:47 PM 23

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर| पंजाब में बिहार के प्रवासी मजदूर की छह वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने राज्य की कांग्रेस सरकार और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि पॉलिटिकल टूर करने की जगह राहुल गांधी को टांडा जाना चाहिए, जहां बिहार की छह साल की बेटी के साथ इतनी बड़ी घटना हुई। केंद्रीय मंत्री ने अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताते हुए पंजाब की कांग्रेस सरकार के रवैये पर सवाल उठाए हैं। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा, "पंजाब के टांडा गांव में बिहार के दलित प्रवासी मजदूर की छह वर्ष की बेटी को दुष्कर्म के बाद मार दिया गया। इस दर्दनाक और शर्मसार करने वाली घटना में अभी तक अपराधी पकड़े नहीं गए हैं। हम पंजाब सरकार से अपराधियों को पकड़ने और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।"

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने पंजाब शासित राजस्थान और पंजाब में बेटियों के साथ दरिंदगी की घटनाओं पर चुप्पी साधने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी पॉलिटिकल टूर पर जाते हैं, इसके बजाय उन्हें टांडा में जाना चाहिए। राजस्थान में जाना चाहिए। जहां उनकी सरकारें हैं, वहां महिलाओं के साथ कैसे अन्याय और दुष्कर्म हो रहा है, यह वो नहीं देखते। बच्ची के साथ हुई इस घटना पर न राहुल, प्रियंका गए न कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कोई टिप्पणी नहीं की।"

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा, "टांडा गांव में जिस दलित बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ वह बिहार की बेटी है। हमारे पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला जाकर पीड़ित परिवार से मिले। लेकिन कांग्रेस जिनकी वहां सरकार है, उनका कोई व्यक्ति नहीं मिला। इस घोर अन्याय और अत्याचार की हम निंदा करते हैं।"

प्रकाश जावडेकर ने कांग्रेस शासित पंजाब में बिहार की दलित बच्ची के साथ हुई इस घटना पर राजद नेता तेजस्वी यादव की खामोशी पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने तेजस्वी यादव से कहा, " बिहार की बेटी पर अत्याचार पर चुप रहने वालों के साथ वो बिहार का चुनाव प्रचार करते हैं। ऐसे कैसे चलेगा? बिहार की दलित बेटी के साथ जिस तरह से टांडा गांव में अत्याचार हुआ, वह मनुष्यता पर लांछन लगाने वाली घटना है। हाथरस और बाकी जगह जाकर फोटो का अवसर तलाशने वाले राहुल गांधी टांडा क्यों नहीं जाते। राजस्थान में 10 जगह बलात्कार की घटनाएं हुईं, वहां क्यों नहीं गए। इस तरह की राजनीति नहीं चलती।" (आईएएनएस)


24-Oct-2020 2:46 PM 21

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुजरात को तीन अहम परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि आज किसान सूर्योदय योजना, गिरनार रोपवे और देश के बड़े और आधुनिक कार्डियो हॉस्पिटल गुजरात को मिल रहे हैं। ये तीनों एक प्रकार से गुजरात की शक्ति, भक्ति, स्वास्थ्य के प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, "बिजली के क्षेत्र में बरसों से गुजरात में जो काम हो रहे थे, वो इस योजना का बहुत बड़ा आधार बने हैं। एक समय था जब गुजरात में बिजली की बहुत किल्लत रहती थी, 24 घंटे बिजली देना बहुत बड़ी चुनौती रहती थी। गुजरात देश का पहला राज्य था जिसने सौर ऊर्जा के लिए एक दशक पहले ही व्यापक नीति बनाई थी।"

उन्होंने कहा कि जब साल 2010 पाटन में सोलार पावर प्लांट का उद्घाटन हुआ था तब किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि एक दिन भारत दुनिया को 'वन वल्र्ड, वन ग्रिड' का रास्ता दिखाएगा। आज तो भारत सोलर पावर के उत्पादन और उसके उपयोग, दोनों मामलों में दुनिया के अग्रणी देशों में है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते 6 सालों में देश सोलर उत्पादन के मामले में दुनिया में पांचवे स्थान पर पहुंच चुका है और लगातार आगे बढ़ रहा है। गुजरात ने तो बिजली के साथ सिंचाई और पीने के पानी के क्षेत्र में भी शानदार काम किया है। बीते दो दशकों के प्रयासों से आज गुजरात उन गांवों तक भी पानी पहुंच गया है, जहां कोई पहले सोच भी नहीं सकता था।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि गुजरात के करीब 80 प्रतिशत घरों में आज नल से जल पहुंच चुका है। बहुत जल्द गुजरात देश के उन राज्यों में होगा जिसके हर घर में पाइप से जल पहुंचेगा। (आईएएनएस)


24-Oct-2020 2:42 PM 28

मुंबई, 24 अक्टूबर| देश के जाने-माने बैंड इंडियन ओशन ने आगामी टीवी शो 'भारत के महावीर' के एंथम के माध्यम से कोविड-19 के नायकों को सम्मानित किया है। गाने के बोल कुछ इस प्रकार हैं, "मंजिले हमसे खुद आज कहने लगीं, दिल में है हौंसला, जीतेगी जिंदगी।" गाने के वीडियो में शो के मेजबान दीया मिर्जा और सोनू सूद सहित भारत में कोविड-19 के कुछ नायकों को शामिल किया गया है। शनिवार को संयुक्त राष्ट्र की 75 वीं वर्षगांठ पर गान का शुभारंभ किया गया।

बैंड ने अपने एक संयुक्त बयान में कहा, "हमें लगता है कि नकारात्मकता की इस घड़ी में सकारात्मक कहानियों को सामने लाया जाना बेहद जरूरी है। यही एक खास वजह है कि हम इस एंथम को बनाने के लिए 'भारत के महावीर' के साथ जुड़े हैं। यह इस भावना को उजागर करती है कि अगर हम सभी अच्छी सोच के साथ एकजुट होकर सामूहिक रूप से प्रयास करते हैं, तो हम इस मुश्किल स्थिति से जरूर उबर पाएंगे।"

इस एंथम के बारे में बात करते हुए दीया ने कहा, "यह उम्मीद, एकजुटता, एकता और भाईचारे की बात करती है। आज की इस मुश्किल घड़ी में भारत सहित दुनिया को इसी एक संदेश की जरूरत है।"

'भारत के महावीर' एक सीरीज है, जिसे तीन भागों में पेश किया जाएगा। इसमें 12 कहानियां शामिल हैं, जो समन्वयता की भावनाओं पर आधारित है। इसके पहले चरण को नवंबर में डिस्कवरी चैनल और डिस्कवरी प्लस ऐप पर प्रसारित किया जाएगा। (आईएएनएस)


24-Oct-2020 1:33 PM 24

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि चीन कितनी भी कोशिश कर ले, लेकिन राज्य की जनता और भारतीय सेना इस इलाके में डटी रहेगी। जरूरत पडऩे पर प्रदेश के लोग चीन के खिलाफ भारतीय सेना के साथ मिलकर लड़ेंगे।

लद्दाख में भारतीय सीमा पर चीन  के साथ जारी विवाद के बीच अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने साफ किया कि चीन अरुणाचल प्रदेश पर चाहे जितना भी दावा जताता रहे, लेकिन राज्य की जनता और भारतीय सेना इससे पीछे नहीं हटेगी।

अरुणाचल प्रदेश में भारत-तिब्बत सीमा पर बूम ला दर्रे में शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम पेमा खांडू ने कहा कि आज के हालात साल 1962 से अलग हैं. चीन कितनी भी कोशिश कर ले, लेकिन राज्य की जनता और भारतीय सेना इस इलाके में डटी रहेगी।

सीएम खांडू साल ने 1962 के भारत-चीन युद्ध में शहीद हुए सैनिक सूबेदार जोगिन्द्र सिंह के सम्मान में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि, अब 2020 चल रहा है, ये 1962 नहीं है, अब वक्त बदल चुका है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक हम पूरी तरह चीन से मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने चीन को चुनौती देते हुए कहा कि जरूरत पडऩे पर अरुणाचल प्रदेश के लोग भी भारतीय सेना के साथ खड़े होंगे।

चीन अरुणाचल प्रदेश पर करता है दावा

दरअसल चीन हमेशा ही अरुणाचल प्रदेश को भारतीय राज्य न मानकर इसे दक्षिण तिब्बत का हिस्सा बताता रहा है. वहीं भारत हमेशा चीन के इस दावे को खारिज करता रहा है।

चीन के साथ अरुणाचल प्रदेश की 3,488 किमी लंबी सीमा लगती है, लेकिन चीन अपने रवैये पर कायम है, चीन हमेशा ही राज्य पर अपना दावा दिखाता रहा है, चीन ने साल 1951 में तिब्बत पर कब्जा किया था, लेकिन साल 1938 में खींची गई मैकमोहक लाइन के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा है। (भाषा)


24-Oct-2020 12:12 PM 25

अर्चना शर्मा 

जयपुर, 24 अक्टूबर| राजस्थान के पूर्व मुख्य सचिव सलाउद्दीन अहमद को लगता है कि सोशल मीडिया और टीवी चैनल समाज में दरार पैदा कर रहे हैं। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अहमद ने हाल ही में 91 पूर्व ब्यूरोक्रेट्स के साथ मिलकर सुदर्शन न्यूज के 'यूपीएससी जिहाद' प्रोमो के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।

"हमने संबंधित अधिकारियों को एक पत्र लिखा था, क्योंकि हम 91 लोग हिंदू या मुसलमानों का प्रतिनिधित्व नहीं करते। हम भारतीय सिविल सर्वेंट थे, जो चाहते थे कि यूपीएससी जैसी शीर्ष संस्थान का अपमान नहीं होना चाहिए। टीवी चैनलों की तो इसे लेकर ज्यादा जिम्मेदारी बनती है क्योंकि उनके प्रसारण को कई घरों में देखा जाता है।"

राजस्थान में पहले मुस्लिम मुख्य सचिव रहे अहमद इस बात को खारिज करते हैं कि भारत में हिंदुत्व अपना कब्जा जमा रहा है, लेकिन वो कहते हैं कि टीवी चैनल और सोशल मीडिया ऐसे दावे फैला रहे हैं जो किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए अच्छा नहीं है।

उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया पर जहर उगलने वाले बहुत लोग हैं और उनके फॉलोअर्स भी बहुत हैं। लेकिन एक शिक्षित समाज के रूप में, हमें खड़े होना चाहिए और ऐसे पोस्ट और टीवी चैनलों से बचना चाहिए।"

सेवानिवृत्ति के बाद पूर्व मुख्य सचिव शहर की भगदड़ से दूर एक लंबी-चौड़ी जमीन पर फैले आलीशान विला में अपना जीवन बिता रहे हैं। यहां बड़ी तादाद में पेड़ लगे हैं। शहरी जीवन से दूर रहने के बावजूद वे भारतीय जनता पर सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव से चिंतित है। उन्होंने कहा कि कुछ टीवी चैनल भी समाज में जहर फैला रहे हैं।

आईएएनएस से बात करते हुए अहमद कहते हैं, "कुछ भारतीय चैनल भी समाज में एक दरार बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। अलग-अलग कैडरों के हमारे कई दोस्त इस मुद्दे पर आवाज उठाने के लिए साथ आए हैं।" 

अहमद उन 101 सिविल सर्वेंट में शामिल थे जिन्होंने राज्यों के मुख्यमंत्रियों और सभी केंद्र शासित प्रदेशों के लेफ्टिनेंट गवर्नरों को एक पत्र लिखा था, जिसमें कोरोना प्रसार के दौरान हुए तबलीगी जमात विवाद के कारण देश के मुस्लिमों को उत्पीड़ित किया गया था।

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें वास्तव में लगता है कि मुसलमानों के खिलाफ किसी भी तरह का पूर्वाग्रह है। इस पर उन्होंने कहा, "भारत ऐसा देश है, जो कई धर्मों का प्रतिनिधित्व करता है और जाति से संबंधित मुद्दे अभी भी हमारे समाज में मजबूती से जमे हुए हैं। आरक्षण और जातियों के पक्षपाती रवैये पर सभी जातियों को लेकर सामान्य रूप से चर्चा की जा रही है लेकिन एक विशेष समुदाय के खिलाफ ऐसा नहीं हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "मुझे पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकाल में सर्वश्रेष्ठ पद मिले और भगवा पार्टी के तहत काम करना अजीब नहीं लगा। लेकिन हो सकता है कि मुख्यमंत्री के रूप में योगी के साथ काम करना मुश्किल हो गया हो, क्योंकि चीजें बदल रही हैं।"

मुस्लिमों की स्थिति को लेकर उन्होंने कहा, "शिक्षित होने की आवश्यकता है। मुसलमानों की सामाजिक-आर्थिक दुर्दशा बदल सकती है अगर वे अपने दम पर खड़े होकर शिक्षित होना सीखें।"

1975 बैच के इस भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी का कहना है कि उनके पिता ने उन्हें इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दाखिला दिलाया था क्योंकि उन दिनों वह आईएएस फैक्ट्री माना जाता था। वहीं उनकी मां उन्हें राज्य के मुख्य सचिव के रूप में देखना चाहती थीं, उनका यह सपना पूरा हुआ। (आईएएनएस)


24-Oct-2020 10:47 AM 14

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर | चार दिन पहले 47,000 से नीचे मामले आने के बाद, कोरोनावायरस के ताजा मामलों में एक बार फिर से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में कुल 53,370 नए मामले सामने आए हैं जबकि 650 लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही देश में इस बीमारी के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 78,14,682 हो गई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों ने इसका खुलासा किया है।

कुल कोविड मामलों में से 6,80,680 वर्तमान में सक्रिय हैं। 70,16,046 को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है जबकि 1,17,956 इस बीमारी से जान गंवा चुके हैं।

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, रिकवरी दर 89.53 प्रतिशत है, जबकि मृत्यु दर 1.51 प्रतिशत है।

महाराष्ट्र कुल 16,25,197 मामलों और 42,831 मौतों के साथ देश में इस बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य बना हुआ है। इसके बाद आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और दिल्ली हैं।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने शुक्रवार को एक ही दिन में 12,69,479 नमूनों का परीक्षण किया। अब तक कुल 10,13,82,564 नमूनों की जांच हो चुकी है।(आईएएनएस)


24-Oct-2020 10:38 AM 24

पटना. महागठबंधन का कॉमन मेनिफेस्टो (Common Meifesto of Grand alliance) घोषित होने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपना अलग से घोषणा पत्र जारी किया है. 'हमारा प्रण' नाम से जारी 16 पेज के मेनोफेस्टो में नए स्थायी पदों का सृजन कर के कुल 10 लाख नौकरियों की समय बाद बहाली की प्रक्रिया पहले ही कैबिनेट बैठक में पहली दस्तखत के साथ शुरू होगी. तेजस्वी यादव ने राजद नेताओं की उपस्थिति में इसे जारी करते हुए कहा कि यह कोई घोषणा पत्र नहीं बल्कि हमारा प्रण है. तेजस्वी ने कहा कि राजद के इस घोषणा पत्र में लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के विचार भी है इसमें समाहित हैं.

तेजस्वी ने इस मौके पर एनडीए को अपने निशाने पर लिया और कहा कि हम दस लाख नौकरी की बात करते हैं और वे लोग रोजगार के तहत तो पकौड़ा तलने और नाला की सफाई की बात करते हैं. हमको बिहार बेहतर बनाना है इसके लिए नेशनल एवरेज पर पहुंचना होगा. झूठा वादा करना हो BJP-JDU की तरह तो हम भी कुछ भी कह सकते थे.

तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार ने तो दस लाख नौकरी के सवाल पर ही हाथ खड़ा कर दिया है. BJP कहती है 19 लाख रोजगार देंगे, लेकिन नेतृत्व तो नीतीश कुमार ही करेंगे. आखिर ये लोग बेबकूफ़ किसको बनाते हैं.

कोरोना ग्रसित बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी की जल्द स्वस्थ्य होने की  कामना करते हुए तेजस्वी ने कहा कि वे तो जलजमाव में हाफ पैंट में भाग जाते हैं, अपराधियों के सामने हाथ जोड़ते हैं और यह भी कहते हैं कि लोग शौक से बाहर जाते हैं. ये है बिहार में भाजपा का चेहरा.

तेजस्वी ने कहा कि नियोजित शिक्षकों के लिए भी समान काम समान वेतन देने का काम हम लोग करेंगे. हम लोगों ने बिहार के सामने विजन डोकमेंट रखा है, झूठ नहीं बोलते. नीतीश कुमार से बिहार नही संभल रहा वो थक चुके हैं. पॉइंटर्स में पढ़ें RJD का घोषणापत्र- 

1. नए स्थायी पदों का सृजन कर के कुल 10 लाख नौकरियों की समय बाद बहाली की प्रक्रिया पहले ही कैबिनेट बैठक में पहली दस्तखत के साथ शुरू होगी.

2. संविदा प्रथा को समाप्त कर सभी कर्मचारियों को स्थायी कर समान काम समान वेतन दिया जाएगा और सभी विभागों में निजीकरण को समाप्त किया जाएगा.

3. रोजगार सृजन के उद्योगों को प्रोत्साहन हेतु नई औद्योगिक पॉलिसी के तहत प्रभावी टैक्स डिफरेंट एवं टैक्स वेइवर स्कीम लाई जाएगी, जिसमें नए उद्योगों की स्थापना के अंतर्गत किए गए निवेश निवेशकों में सब्सिडी एवं अधिक रोपित करों में एक निश्चित अवधि तक छूट दी जाएगी.

4. नियोजित शिक्षकों को वेतनमान कार्यपालक सहायकों, लाइब्रेरियन, उर्दू शिक्षकों की बहाली की जाएगी राज्य के मूल निवासी युवाओं के भी सरकारी बहाली परीक्षाओं में फॉर्म निशुल्क होंगे तथा राज्य में के अंतर्गत गृह जिला से परीक्षा केंद्र तक की यात्रा मुक्त होगी.

5. कार्यालय सहायक, सांख्यिकी स्वयं सेवक, लाइब्रेरियन ,उर्दू शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका, आशा कर्मी,  ग्रामीण चिकित्सकों, जीविका दीदियों की मांगों को पूरा किया जाएगा.

6. हेल्थ केयर सेक्टर में निजी एवं असंगठित क्षेत्रों के माध्यम से प्रत्यक्ष नौकरियों व परोक्ष रोजगार के लाखों अवसर सृजित किए जाएंगे.

7. जीविका कैडरों को नियमित वेतनमान पर स्थाई नौकरी के साथ समूहों के सदस्यों को ब्याज मुक्त ऋण देंगे.

8. कॉरपोरेट जगत के तकनीकी प्रशिक्षकों की देखरेख में सरकारी निर्देशानुसार कौशल विकास केंद्रों की स्थापना होगी जहां परंपरागत कौशल के साथ-साथ उद्योग जगत के प्रश्न कौशल सॉफ्ट स्किल्स का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा.

9. हर जिले में रोजगार केंद्रों की स्थापना होगी अधिकतम 200 दिनों में कौशल योग्यता अनुरूप निजी व सरकारी उपक्रम में रोजगार देने अथवा रोजगार के विकल्प उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी होगी.

10. रोजगार प्रक्रिया में गैर-सरकारी बिचौलियों एजेंसियों को हटाकर सीधा युवाओं को लाभ दिया जाएगा.

11. श्रमिकों के हित में सरकारी विभागों उपक्रमों को निजी हाथों में जाने से रोकने का प्रावधान किया जाएगा.

12. बिहार में किसान आयोग, व्यवसायी आयोग, युवा आयोग और खेल आयोग का गठन किया जाएगा.

13. प्रसव सहयोग 1400 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये किया जाएगा और आंगनबाड़ी और आशा दीदियों का मानदेय दोगुना किया जाएगा. (news18)


24-Oct-2020 10:21 AM 14

     (dw.com)  

डब्ल्यूएचओ का कहना है कि फ्लाइट में कोरोना से संक्रमित होने का खतरा बहुत कम है लेकिन शून्य नहीं है. संगठन के मुताबिक फ्लाइट में प्रसार मुमकिन है लेकिन खतरा बेहद कम है. क्योंकि यात्रियों की संख्या सीमित होती है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि फ्लाइट में कोविड-19 के फैलने का जोखिम "बहुत कम" है लेकिन इसके प्रसार से इनकार नहीं किया जा सकता है. कुछ शोधों में फ्लाइट में कोरोना फैलने की बात कही गई थी. पिछले दिनों फ्लाइट में कोरोना फैलने को लेकर को दो स्टडी हुई थी और उसमें कहा गया था कि उड़ान के दौरान वायरस का प्रसार हो सकता है. डब्ल्यूएचओ ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए बयान में कहा, "फ्लाइट के दौरान संक्रमण संभव है लेकिन विमान में यात्रियों की संख्या और मामलों की संख्या को देखते हुए इसका खतरा बहुत कम नजर आता है."

दरअसल पिछले हफ्ते अमेरिकी रक्षा विभाग ने भी अपने शोध में पाया था कि उड़ान के दौरान कोरोना के प्रसार का खतरा "बहुत कम" रहता है. शोध के मुताबिक विमान में हेपा एयर फिल्टर के कारण कोरोना वायरस के संक्रमण की संभावनाएं घट जाती हैं. हालांकि कुछ एयरलाइंस ने उड़ान के दौरान प्रसार की संभावना को कम बताने के लिए काफी कड़ी भाषा का इस्तेमाल किया है. साउथवेस्ट एयरलाइंस और यूनाइटेड एयरलाइंस दोनों ने कहा है कि हाल के अध्ययनों में पाया गया है कि जोखिम "वास्तव में अस्तित्वहीन" है.

साउथवेस्ट एयरलाइंस बीच वाली सीट खाली रखती है हालांकि अब उसका कहना है कि इस नए शोध के बाद वह मिडिल सीट पर बैठने की रोक हटा लेगी. वैश्विक एयरलाइंस संघ आईएटीए ने 8 अक्टूबर को कहा था कि इस साल 1.4 अरब यात्रियों में संक्रमण के केवल 44 संभावित मामले पाए गए थे.

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि वह कम से कम दो केस रिपोर्ट अध्ययनों के बारे में जानता है जिनमें लंदन से हनोई और सिंगापुर से चीन तक की उड़ानों में इन फ्लाइट ट्रांसमिशन का जिक्र किया गया है. डब्ल्यूएचओ ने साथ ही कहा है कि बीमार और संक्रमित लोगों को यात्रा की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए. उसके मुताबिक आधुनिक विमानों में एयर फिल्टर वायरस और रोगाणुओं को तेजी से फिल्टर कर सकते हैं.

एए/सीके (रॉयटर्स)(dw)


24-Oct-2020 10:05 AM 14

भोपाल. मध्य प्रदेश (MP) विधानसभा उपचुनाव में एक दूसरे को घेरने में लगे बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) किसी भी मुद्दे को छोड़ नहीं रहे हैं. नया मुद्दा कांग्रेस के ट्विटर हैंडल का है. एमपी कांग्रेस के टि्वटर अकाउंट से सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की फोटो नदारद हैं. वहां अब सिर्फ पीसीसी चीफ कमलनाथ का फोटो है. बीजेपी इसके मज़े ले रही है.

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ट्विटर अकाउंट से अचानक पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी नेता राहुल गांधी का फोटो गायब है. वहां सिर्फ कमलनाथ दिखाई दे रहे हैं. अब इसकी वजह क्या है ये तो मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ही बता सकती है. लेकिन बीजेपी ने तो तंज कसना शुरू कर दिया है. बीजेपी ने कहा मध्यप्रदेश में अब कांग्रेस पार्टी कमलनाथ कांग्रेस पार्टी हो गई है. कमलनाथ के पार्टी नेताओं के साथ मतभेद उजागर होने के बाद पार्टी ने अपने प्रदेश के ट्विटर अकाउंट से सोनिया और राहुल को बाहर कर दिया है. जबकि राजस्थान, पंजाब और दिल्ली के कांग्रेस इकाई के ट्विटर अकाउंट पर सोनिया गांधी की फोटो लगाई गई है. इससे साफ जाहिर होता है कि अब प्रदेश में सोनिया गांधी की कांग्रेस र नहीं बल्कि कमलनाथ कांग्रेस काम कर रही है.

कांग्रेस ने कहा-मुद्दे पर आइए

एमपी कांग्रेस के ट्विटर अकाउंट में सोनिया और राहुल गांधी की फोटो न होने पर बीजेपी के तंज का कांग्रेस ने जवाब दिया है. कांग्रेस ने कहा मुद्दा विहीन बीजेपी फुर्सत में है. प्रदेश के विकास के मुद्दों पर बात करने की बजाय अब इस पर बात कर रही है कि कांग्रेस ने अपने ट्विटर हैंडल पर किसका फोटो लगा रखा है या नहीं. बीजेपी को मुद्दों पर बात करना चाहिए. बीजेपी में कोई चेहरा तय ही नहीं हो पा रहा है. कभी शिवराज सिंह चौहान, कभी ज्योतिरादित्य सिंधिया, कभी नरेंद्र सिंह तोमर, तो कभी वीडी शर्मा को पार्टी अपना नेता बताती है. यही कारण है कि बीजेपी कांग्रेस के अंदर झांक रही है.

चेहरे पर सियासत

इस बार 28 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में चेहरों को लेकर सबसे ज्यादा सियासत हो रही है. ऐसे में कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से पार्टी अध्यक्ष का फोटो हटाया जाना अपने आप में कई सवाल खड़े कर रहा है.(news18)


24-Oct-2020 10:00 AM 13

अबुजा, 24 अक्टूबर | नाइजीरिया के राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी ने कहा है कि देश में पुलिस क्रूरता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में 69 लोग मारे गए हैं।

मरने वालों में मुख्य रूप से नागरिक हैं लेकिन पुलिस अधिकारी और सैनिक भी शामिल हैं।

उनके प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि राष्ट्रपति ने नाइजीरिया के पूर्व नेताओं के साथ एक आपात बैठक में मृतकों की घोषणा की। बैठक का उद्देश्य अशांति को समाप्त करने के तरीके को खोजना था।

एक समूह जिसने प्रदर्शनों को आयोजित करने में अहम भूमिका निभाई, उसने अब लोगों से घर पर रहने का आग्रह किया है।

फेमिनिस्ट कोअलिशन ने भी लोगों को अपने राज्यों में जगह-जगह किसी भी कर्फ्यू का पालन करने की सलाह दी।

विरोध प्रदर्शन काफी कम हो गया है लेकिन कई शहरों में एक असहज शांति बनी हुई है।

अधिकारियों ने कहा कि लागोस राज्य में लगाए गए कर्फ्यू में ढील दी जाएगी।

नाइजीरिया में विरोध प्रदर्शन 7 अक्टूबर को शुरू हुआ, जिसमें ज्यादातर युवा एक कुख्यात पुलिस इकाई, स्पेशल एंटी-रॉबरी स्क्वाड (सार्स) को हटाने की मांग कर रहे थे।

यूनिट को कुछ दिनों के बाद भंग कर दिया गया था, लेकिन विरोध जारी रहा। लोगों ने नाइजीरिया के शासन के तरीके में व्यापक सुधार की मांग की।

देश के सबसे बड़े शहर लागोस में मंगलवार को गोलीबारी के बाद प्रदर्शन बढ़ गए। अधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि सुरक्षाबलों ने कम से कम 12 लोगों को मार डाला। नाइजीरिया की सेना ने किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है।

77 साल के राष्ट्रपति बुहारी की शुक्रवार की वर्चुअल बैठक में कहा गया कि उनका प्रशासन प्रदर्शनकारियों की मांगों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन उन्होंने कहा कि उनकी सरकार उन अपराधियों को अनुमति नहीं देगी जिन्होंने विरोध प्रदर्शनों की आड़ में 'गुंडागर्दी' जारी रखना चाहते हैं।

उनके प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रपति ने बैठक में बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान 51 नागरिक, 11 पुलिस अधिकारी और सात सैनिक मारे गए है। यह तुरंत स्पष्ट नहीं था कि इन आंकड़ों में मंगलवार को लागोस में सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर मारे गए प्रदर्शनकारियों को शामिल किया गया है या नहीं।

राष्ट्रपति ने इससे पहले टेलीविजन पर संबोधित किया, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों से प्रदर्शन को रोकने और इसके बजाय 'समाधान खोजने में' सरकार के साथ सहयोग करने सका आग्रह किया।(आईएएनएस)


24-Oct-2020 9:30 AM 13

अमृतसर. पंजाब (Punjab) के अमृतसर (Amritsar) स्थित एक स्थानीय चर्च में उस वक्त हड़कंप मच गया जब वहां खुलेआम फायरिंग हुई. बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम एक शख्स अपने सात-आठ साथियों के साथ मिलकर चर्च में घुस गया और फायरिंग ( open firing in Church) कर दी. हवाई फायरिंग में एक शख्स की मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रिंस और मनोज नाम के लोग अमृतसर के गढ़वाली गेट के पास श्री गुरु राम दास नदर में एक चर्च में शुक्रवार दोपहर को गए थे. यहां रणदीप सिंह गिल नाम का शख्स सात और लोगों के साथ आया और उनके बीच बहस हो गई और गिल ने फायरिंग कर दी.

घटना में मारे गए युवक का नाम प्रिंस बताया जाता है और उसका भाई मनोज गंभीर रूप से घायल हुआ है. चर्च में फायरिंग की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची. मृतकों के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है.

आपसी रंजिश का है मामला!

मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि घटना में मारे गए शख्स और आरोपी पहले से ही एक-दूसरे को जानते थे. उनके बीच जब बहस हुई तो ऐसा लग रहा था कि दोनों में किसी बात को लेकर रंजिश है. वहीं, फायरिंग में मारे गए युवक के परिवार के सदस्‍यों का कहना है कि आरोपित ने अपने 7-8 साथियों के साथ फायरिंग की. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया. फिलहाल पुलिस ने रणदीप, उसके भाई बलराम, सूरज, बाबू और 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 302, 307, 34 और 148 IPC और धारा 25/27/54/59 के आर्म्स ऐक्ट के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है.

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रणदीप वाल्मीकि समुदाय से आता है और खुद को कांग्रेस नेता बताता है. हालांकि पार्टी की ओर से इस बात की पुष्टि नहीं की गई है.(news18)


24-Oct-2020 9:13 AM 12

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर | नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) कतर से एक मुस्लिम जोड़े को वापस लाने के लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाएगा, जिन्हें ड्रग्स तस्करी के आरोपों के बाद वहां गिरफ्तार किया गया था। जांच में पाया गया था कि वह 'अनजाने में' अपने सामान के साथ ड्रग्स लेकर जा रहे थे, जो उनके रिश्तेदार द्वारा तम्बाकू या 'जर्दा' की आड़ में रखा गया था। रिश्तेदार ने युगल (कपल) को हनीमून पैकेज प्रदान किया था।

मोहम्मद शारिक और ओनिबा कौसर शकील अहमद को दोहा के हमाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रग प्रवर्तन एजेंसियों ने पिछले साल छह जुलाई को गिरफ्तार किया था। उनके सामान में 4.1 किलोग्राम हशीश (चरस) पाई गई थी।

उनके सामान में नशीले पदार्थ की जब्ती के बाद, दंपति को 10 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी और उनमें से प्रत्येक पर 300,000 रियाल का जुर्माना भी लगाया गया था।

एनसीबी के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "यह मामला हमारे संज्ञान में तब आया, जब ओनिबा के पिता शकील अहमद कुरैशी ने एनसीबी से संपर्क किया और आरोप लगाया कि उनकी बेटी और दामाद को भारत से कतर जाने पर गिरफ्तार कर लिया गया और फिलहाल वह वहां कारावास में हैं।"

अधिकारी ने कहा कि एनसीबी के निदेशक को लिखे अपने पत्र में कुरैशी ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी और दामाद को एक महिला तबस्सुम रियाज कुरैशी, जो शारिक की चाची हैं, और उनके सहयोगी निजाम कारा ने हनीमून पैकेज की आड़ में उनके साथ धोखा किया है।

उन्होंने कहा कि तबस्सुम निजाम कारा ने उनके सामान में ड्रग्स छुपा दी थी। ये दोनों ही मुंबई के निवासी हैं।

अधिकारी ने कहा कि कुरैशी ने संबंधित दस्तावेज और शिकायत के साथ अपने दामाद और तबस्सुम के बीच बातचीत की ऑडियो रिकॉडिर्ंग युक्त एक कॉम्पैक्ट डिस्क प्रदान की है।

अधिकारी ने कहा कि एनसीबी की ओर से शिकायत प्राप्त होने के बाद, कुरैशी द्वारा लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच शुरू की गई है। यह पता चला कि कारा द्वारा तबस्सुम और अन्य लोगों के साथ मिलकर एक सुव्यवस्थित ड्रग ट्रैफिकिंग सिंडिकेट चलाया जा रहा है।

अधिकारी ने कहा कि एनसीबी की ओर से ड्रग सिंडिकेट सदस्यों पर कड़ी निगरानी रखी गई है।

अधिकारी ने कहा कि पिछले साल 22 दिसंबर को मुंबई पुलिस ने एक मामला दर्ज किया था और जांच के दौरान कारा और तब्बसुम को 13 ग्राम कोकीन के साथ गिरफ्तार किया गया था।

अधिकारी ने कहा कि कुछ विश्वसनीय इनपुट के आधार पर, 26 फरवरी को एनसीबी टीम ने चंडीगढ़ में इस सिंडिकेट से संबंधित 1.474 किलोग्राम चरस की एक खेप को भी पकड़ा था और चार व्यक्तियों - वेद राम, महेश्वर, शाहनवाज गुलाम और शबाना को गिरफ्तार किया गया था।

अधिकारी ने कहा, "हम राजनयिक स्तर पर इस मुद्दे को उठाने के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं।"

आईएएनएस ने ओनिबा के परिवार के सदस्यों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनके भाई ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।(आईएएनएस)


24-Oct-2020 9:04 AM 13

लखनऊ, 24 अक्टूबर | योगी सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहसिन रजा ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का विरोध करने वाली महबूबा मुफ्ती पर निशाना साधा है और कहा कि वह पाकिस्तान चली जाएं। योगी सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहसिन रजा ने वीडियो जारी कर कहा कि नजरबंदी से बाहर आकर महबूबा मुफ्ती ने जिस प्रकार की भाषा बोली है, साफ दर्शाता है कि वह पाकिस्तान और कांग्रेस की भाषा बोल रही हैं। ये लोग भारत तेरे टुकड़े होंगे गैंग के लोग हैं।

अनुच्छेद 370 और तिरंगे को लेकर उनके एलान पर मोहसिन रजा ने कहा कि महबूबा मुफ्ती इमरान खान और राहुल गांधी की भाषा बोल रही हैं। भाजपा ने देश हित में 370 हटाने का फैसला लिया है।

रजा ने कहा कि महबूबा मुफ्ती कश्मीर में अनुच्छेद 370 वापस लागू करने की चाहत दिल में लेकर चली जाएंगी, लेकिन अब यह हो नहीं सकता है। इसलिए बेहतर है कि वह पाकिस्तान जाने का निर्णय ले लें, जो ज्यादा अच्छा होगा।(आईएएनएस)


23-Oct-2020 9:09 PM 18

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया है कि वो भारत के संविधान की जगह अपनी पार्टी के मैनिफ़ेस्टो को लागू करना चाहती है.

शुक्रवार को उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि फ़ारूक़ अब्दुल्लाह की नेशनल कॉन्फ़्रेंस और दूसरी छोटी पार्टियों के साथ बना राजनीतिक गठबंधन पाँच अगस्त, 2019 को 'कश्मीर के क़ानूनी और संवैधानिक अधिकारों पर क़ब्ज़े' के ख़िलाफ़ संघर्ष करता रहेगा.

पाँच अगस्त, 2019 को मोदी सरकार ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत कश्मीर को मिलने वाले विशेष राज्य के दर्जे को ख़त्म कर दिया था और जम्मू-कश्मीर राज्य को ख़त्म कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेश में बाँट दिया था.

भारत सरकार के इस फ़ैसले को उन्होंने 'डाकाज़नी' क़रार दिया और कहा, "जब तक हमलोगों को अपना (जम्मू-कश्मीर) झंडा वापस नहीं मिल जाता, हमलोग भारतीय झंडे को भी नहीं उठाएंगे."

संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत कश्मीर को जो विशेष राज्य का दर्जा हासिल था उसमें उसे राज्य का अलग झंडा रखने का भी अधिकार था.

अनुच्छेद 370 हटाने का फ़ैसला

लेकिन अनुच्छेद 370 के हटने के साथ ही जम्मू-कश्मीर से यह अधिकार छीन लिए गए.

महबूबा मुफ़्ती को दो और पूर्व मुख्यमंत्रियों और सैंकड़ो नेताओं के साथ चार अगस्त, 2019 को ही सरकार ने हिरासत में ले लिया था. बाद में उन पर पब्लिक सेफ़्टी एक्ट भी लगा दिया गया था.

लगभग 14 महीनों तक हिरासत में रहने के बाद इसी महीने सरकार ने उनकी नज़रबंदी ख़त्म करते हुए उन्हें रिहा कर दिया था.

महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि राज्य की आंशिक स्वायत्ता को ख़त्म करने और राज्य का दर्जा घटाकर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बाँटने के फ़ैसले ने आम कश्मीरियों को सबसे ज़्यादा मानसिक आघात पहुँचाया है.

उनका कहना था, "बीजेपी की सरकार जम्मू-कश्मीर में भारत-समर्थक राजनीति को बदनाम करने की कोशिश कर रही है, लेकिन मेरे कार्यकर्ता मज़बूती से अड़े हुए हैं. मेरी पार्टी भी अछूती है सिवाए कुछ लोगों के जो भटक गए हैं."

59 साल की महबूबा मुफ़्ती ने मोदी सरकार पर देश की अत्यावश्यक मामलों को सुलझाने में नाकाम रहने का आरोप लगाया.

मोदी सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, "जब सरकार अर्थव्यवस्था को संभालने में और लोगों के सशक्तिकरण में फ़ेल हो जाती है तो वो अल्पसंख्यकों और कश्मीर को निशाना बनाती है."

उन्होंने कहा कि अगर कश्मीर का मसला हल नहीं किया गया तो इसके नतीजे बहुत गंभीर होंगे.

उनका कहना था, "मेरे पिता मुफ़्ती साहब (मुफ़्ती मोहम्मद सईद) ने कश्मीर समस्या के शांतिपूर्ण हल का सपना देखा था. आप उस कबूतर की नक़ल नहीं कर सकते हैं जो बिल्ली के सामने अपनी आंखें बंद कर देता है. अगर आप आंखें बंद करते हैं तो बिल्ली आपको खा जाएगी. कश्मीर समस्या के समाधान की ज़रूरत है. इस समस्या का समाधान नहीं होने से इसने लद्दाख़ जैसी दूसरी चिंताओं को जन्म दिया है."

महबूबा के अनुसार भारत सरकार समझती है कि कश्मीर के लोगों की बलि दी जा सकती है.

उनका कहना था, "पाँच अगस्त, 2019 तक भारत सरकार का जम्मू-कश्मीर पर जायज़ नियंत्रण था. लेकिन उन्होंने हमें बेइज़्ज़त कर यह साबित कर दिया कि उन्हें सिर्फ़ हमारी भूमि चाहिए हमारे लोग नहीं. हमें यह पसंद नहीं है और यह इस तरह से नहीं चल सकता है. लाखों लोगों ने शांति और अपनी इज़्ज़त के लिए जान गंवाई हैं. उनका यह बलिदान बेकार नहीं जाएगा."

महबूबा मुफ़्ती ने इस बात पर ज़ोर दिया कि राज्य के संवैधानिक स्वायत्ता को वापस लाना एक राजनैतिक लड़ाई है.

उनका कहना था, "यह लंबी लड़ाई है. सभी राजनेता एक साथ आएं हैं, अब लोगों को भी एक हो जाना चाहिए. हमलोग मिलकर यह करेंगे." (bbc)


23-Oct-2020 9:04 PM 20

मुंबई. शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) की एक बेंच जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी. इन याचिकाओं में मीडिया को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत की जांच से संबंधित उनकी कवरेज को नियंत्रित करने के निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया गया है. सुनवाई में सीबीआई (CBI) ने अदालत को बताया कि उसने मामले से जुड़ी कोई भी जानकारी मीडिया में लीक नहीं की थी. मामले को लेकर सुनवाई अगले सप्ताह भी जारी रहेगी.

केंद्र की एजेंसियों की दलील- हमने नहीं लीक की किसी भी तरह की जानकारी

सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने कहा कि जून में अभिनेता की आत्महत्या से संबंधित मामलों की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate (ED)) और नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (Narcotics Control Bureau) ने भी कोई सूचना लीक नहीं की थी. उन्होंने कहा कि सभी तीनों केन्द्रीय एजेंसियों ने अदालत में एफिडेविट दायर किए थे, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने जांच-संबंधी किसी भी जानकारी को लीक नहीं किया है. सिंह ने कहा, ‘हम अपनी जिम्मेदारियों को जानते हैं और किसी भी एजेंसी द्वारा जानकारी लीक करने का कोई सवाल ही नहीं है.’

समाचार चैनलों पर भी उठे थे सवाल

इससे पूर्व की सुनवाई में याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि समाचार चैनल संवेदनशील जानकारी प्रसारित (Broadcast) कर रहे हैं. इन याचिकाकर्ताओं में रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों का एक समूह भी शामिल है. याचिकाकर्ताओं ने पूछा था कि चैनलों को इस तरह की जानकारी कैसे मिल रही है. उन्होंने आरोप लगाया था कि जांच एजेंसियां उनकी सोर्स रही होंगी.

मामले में पक्षकार बनाए गए केन्द्र सरकार , नेशनल ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड्स अथॉरिटीऔर समाचार चैनलों ने हाईकोर्ट को बताया कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक सेल्फ रेग्युलेटरी सिस्टम (Self Regulatory System) है.

बेंच ने कहा 'मीडिया पहले निष्पक्ष था. मीडिया का अब काफी ज्यादा 'ध्रुवीकरण' हो गया है और यह उसे कंट्रोल करने का नहीं बल्कि उसके काम में संतुलन कायम करने का सवाल है. लोग भूल जाते हैं कि रेखाएं कहां खींचनी हैं. सीमाओं में रहकर ऐसा किया जाए.' अदालत ने कहा, 'आप सरकार की आलोचना करना चाहते हैं, करें. मुद्दा यह है कि किसी की मौत हो गई है और आरोप है कि आप दखल दे रहे हैं.' (news18)


23-Oct-2020 8:25 PM 13

नई दिल्ली, 23अक्टूबर।  पश्चिम एशियाई देश कतर में मुंबई के एक कपल को ड्रग्स  के आरोप में दस साल की सजा सुनाई गई है. अब इसे लेकर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) राजनयिक चैनल्स के जरिए कपल को भारत लाने का प्रयास कर रहा है. ये कपल साल 2019 में हनीमून मनाने के लिए कतर गया हुआ था. कतर एयरपोर्ट सिक्योरिटी चेक के दौरान करीब 4 किलो हशीश रिकवर की गई थी. इसके बाद कतर की ड्रग इनफोर्समेंट एजेंसी ने दोनों को तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार किया था.

कतर में ड्रग्स मामलों का होता है स्पीडी ट्रायल

कतर में ड्रग्स से संबंधित मामलों का स्पीडी ट्रायल किया जाता है. सुनवाई के बाद के कतर की सुप्रीम ज्युडिशयरी काउंसिल ने कपल को दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. कपल का नाम मोहम्मद शरीक और ओनिबा शकीर है. दोनों पर 6 लाख रियाल का जुर्माना भी लगाया गया है.

लड़की के पिता ने शिकायत कर बताई पूरी दास्तान

इधर भारत में ओनिबा के पिता ने कतर स्थित भारतीय एंबेसी को खत लिखकर बताया है कि उनके बेटी और दामाद निर्दोष हैं. दोनों को जानबूझकर फंसाया गया है. इसके अलावा सितंबर 2019 में उन्होंने एनसीबी के हेड राकेश अस्थाना को भी खत लिखा था. उन्होंने अपने दामाद की एक रिश्तेदार तबस्सुम रियाज का जिक्र करते हुए कहा है कि उसने ही कपल को एक बैग दिया था जिसमें ड्रग्स पैक किया गया था. इस बैग को कतर में एक जानने वाले को देने की बात कही गई थी. उस रिश्तेदार ने कहा था कि इस बैग में जर्दा और पान मसाला है.

एनसीबी जांच में हुआ खुलासा

इसके बाद एनसीबी ने मामले की जांच की तो पता चला कि तबस्सुम रियाज ड्रग तस्करी गिरोह से जुड़ी हुई है जिसके पश्चिम एशिया में अच्छे खासे संबंध हैं. अब एनसीबी कतर के प्रशासन से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश कर रही है कि कपल निर्दोष है. (news18)


23-Oct-2020 8:07 PM 16

नई दिल्ली, ​23 अक्टूबर राहुल गांधी ने आज बिहार में तेजस्वी यादव के साथ साझा मंच से जनसभा से सीधा संवाद करते हुए कहा - बिहार के जो हमारे सैनिक शहीद हुए, उनके सामने प्रधानमंत्री अपना सिर झुकाते हैं, नरेन्द्र मोदी जी ने कहा। पूरा देश बिहार के शहीदों के सामने सिर झुकाता है। मगर सवाल ये नहीं है, सवाल सिर झुकाने का नहीं है, सवाल दूसरा है, जब बिहार के युवा सैनिक शहीद हुए, उस दिन हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री ने क्या कहा और क्या किया? सवाल वो है।

कांग्रेस के प्रेस नोट के मुताबिक राहुल ने कहा- लद्दाख मैं गया हूं, लद्दाख में हिंदुस्तान की सीमा है और उस सीमा पर बिहार के, उत्तर प्रदेश के, बाकी प्रदेशों के युवा अपना खून- अपना पसीना देकर हिंदुस्तान की सीमा रेखा, भारत की जमीन की रक्षा करते हैं। लद्दाख में ऐसी जगह है, जहाँ -20, -25, -30 डिग्री सैल्सियस का टेंपरेचर है। ऐसी जगह हैं, जहाँ हमारे सैनिकों को 10-15 दिन पोस्ट तक पहुंचने के लिए चलना पड़ता है। सियाचिन में हमारे युवा कड़ी ठंड को सहन करते हैं, मगर वापस नहीं आते, भूखे रह लेते है, वापस नहीं आते, उन्होंने आजादी के दिन के बाद से हिंदुस्तान की सीमा की रक्षा की है।

उन्होंने कहा- सवाल ये है कि जब चीन की सेना ने हमारे 20 सैनिकों को शहीद किया और हमारी जमीन ली, भाइयों और बहनों 1200 किलोमीटर हिंदुस्तान की जमीन चीन ने ली है। चीन की सेना हिंदुस्तान की सीमा के अंदर है। सवाल ये है कि जब चीनी हमारी जमीन के अंदर आए, तो हमारे प्रधानमंत्री ने हमारे वीरों का अपमान करते हुए ये क्यों बोला कि हिंदुस्तान के अंदर कोई नहीं आया? सवाल भाइयों और बहनों ये है। वे आज कहते हैं- मैं सिर झुकाता हूं, मगर हिंदुस्तान की सेना का अपमान नरेन्द्र मोदी जी ने किया, जब उन्होंने देश को झूठ बोला कि चीन का कोई भी सैनिक हिंदुस्तान के अंदर नहीं आया।

राहुल ने कहा-सवाल ये है नरेन्द्र मोदी जी, ये चीन के सैनिक जो हिंदुस्तान के अंदर बैठे हैं, इनको आप बाहर कब निकालेंगे, सवाल ये है। आप सिर झुकाने की बात मत कीजिए, आप हमारे वीर सैनिकों को ये बताइए कि चीन को आप हिंदुस्तान के बाहर कब फैंकेंगे, ये बताइए और यहाँ आकर उल्टे-सीधे झूठ मत बोलिए। यहाँ बिहार के लोगों को झूठ मत बोलिए, बिहार के लोगों को आप ये समझाइए कि आपने उनको रोज़गार कितना दिया और कब? पिछले चुनाव में बोला था 2 करोड़ युवाओं को रोज़गार दूंगा, मिला, किसी को मिला – (भीड़ ने कहा- नहीं) जीरो। आते हैं, कहते हैं किसानों के सामने मैं सिर झुकाता हूं, सेना के सामने मैं सिर झुकाता हूं, मज़दूरों के सामने मैं सिर झुकाता हूं, छोटे व्यापारियों के सामने मैं सिर झुकाता हूं और घर जाते हैं और अंबानी, अडानी का काम करते हैं। भाषण आपको देंगे, सिर झुकाएंगे आपके सामने, मगर जब काम करने का समय आएगा, तब फिर काम किसी और का करेंगे।

उन्होंने आगे कहा- नोट बंदी की, फायदा हुआ आपको? (भीड़ ने कहा- नहीं) आप बैंक के सामने खड़े हुए ना, ऐसी धूप में खड़े थे ना आप, बारीश में खड़े थे ना, आपने अपना पैसा बैंक में डाला, डाला, ठीक है। पैसा कहाँ गया? आपका पैसा कहाँ गया? हिंदुस्तान के सबसे अमीर लोगों की जेब में, अंदर। आपसे कहा था काले धन के खिलाफ लड़ाई, क्या अडानी जी बैंक के सामने खड़े थे क्या? अंबानी जी बैंक के सामने खड़े दिखे आपको, नहीं, वो एसी कमरे में। आपका पैसा छीना और उनका कर्जा माफ किया।

राहुल गाँधी ने कहा- हमारी सरकार थी, 70 हजार करोड़ रुपए किसानों का कर्जा माफ किया था, पंजाब में हमारी सरकार, पंजाब में किसानों का कर्जा माफ किया, मध्यप्रदेश में सरकार बनी, मध्यप्रदेश में कर्जा माफ किया, छत्तीसगढ़ में कर्जा माफ किया। वे नोट बंदी पर नहीं रुके, उसके बाद जीएसटी लागू किया, सब छोटे व्यापारियों को खत्म कर दिया, किसके लिए, हिंदुस्तान के सबसे अमीर लोगों के लिए। भाइयों और बहनों, आप समझो रास्ता साफ किया जा रहा है, अंबानी और अडानी के लिए नरेन्द्र मोदी जी रास्ता साफ कर रहे हैं, किसानों को, मज़दूरों को परे कर रहे हैं, छोटे दुकानदारों को परे कर रहे हैं। आने वाले समय में आपका पूरा का पूरा धन हिंदुस्तान के दो-तीन पूँजीपतियों के हाथ में हो जाएगा। आपसे आपके खेत छीन लिए जाएंगे और इनके हाथ में चले जाएंगे।

कृषि कानूनों के बारे में-तीन नए कानून बनाए, किसानों पर आक्रमण करने के तीन नए कानून बनाए। बिहार में ये इन्होंने पहले कर दिया था, अब ये पूरे देश में कर रहे हैं। यहाँ पर इन्होंने मंडी खत्म की, एमएसपी खत्म की, अब ये पूरे देश में मंडियों को, एमएसपी को खत्म कर रहे हैं। लाखों लोगों को बेरोज़गार करने जा रहे हैं और जहाँ भी जाते हैं, आपसे झूठ बोलते हैं - हिंदुस्तान की जमीन किसी ने नहीं ली, लाखों लोगों को मैंने रोज़गार दिया। किसानों के साथ प्रधानमंत्री हूं, खड़ा हूं, मगर काम सिर्फ उन दोनों लोगों का होता है। एयरपोर्ट, रेलवे लाइन, आपके खेत, माईन्स, जो भी उनको चाहिए नरेन्द्र मोदी जी देते हैं। आप लोग देखते रह जाते हैं।

उन्होंने कहा- अब आपके हाथ में चाबी है, अब नरेन्द्र मोदी जी के हाथ में, नीतीश जी के हाथ में चाबी नहीं है, अब चाबी आपके हाथ में है, जो निर्णय आप लेंगे, वो बिहार में होने जा रहा है और अब इनको हराना है।


23-Oct-2020 8:02 PM 13

पटना23 अक्टूबर राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव  अपने पिता लालू प्रसाद यादव की गैरमौजूदगी में पार्टी का पूरा दारोमदार लेकर चल रहे हैं. उनकी रैलियों में खूब भीड़ जुट रही है और वो सीधा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखे हमले कर रहे हैं. तेजस्वी यादव ने हसुआ में रैली के दौरान कहा कि 9 तारीख को लालू यादव बाहर आ रहे हैं और 10 तारीख को नीतीश की विदाई है.

शुक्रवार को अपनी एक रैली में तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर कोविड-19 महामारी के दौरान 'घर में बंद रहने' का आरोप लगाया है. उन्होंने प्रवासी मजदूरों का मुद्दा भी उठाया और कहा कि जब प्रवासी मजदूर वापस अपने घर आ रहे थे तो नीतीश कुमार मुख्यमंत्री आवास में बंद थे.

तेजस्वी ने कहा कि उनकी सरकार सवर्णों, दलितों, गरीबों, पिछड़ों, अतिपिछड़ों, अल्पसंख्यकों सभी को एकसाथ लेकर चलेगी. उन्होंने लोगों से हाथ उठवाकर पूछा कि आपलोगों का आशीर्वाद है न?

बता दें कि तेजस्वी यादव के पिता लालू यादव भ्रष्टाचार घोटाले में झारखंड में न्यायिक हिरासत में हैं. उन्हें हाल ही में झारखंड उच्च न्यायालय ने एक मामले में जमानत दी थी, लेकिन जेल से बाहर नहीं आ सके क्योंकि एक अन्य मामले में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई की जा रही थी. 

तेजस्वी ने कहा कि 9 नवंबर को लालू जी की रिहाई हो रही है, उसी दिन मेरा जन्मदिन भी है और 10 तारीख को नीतीश जी की विदाई है. 

राज्य 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को मतदान होना है और परिणाम 10 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. यादव ने अपने संबोधन में नीतीश कुमार सरकार पर भ्रष्टाचार को खत्म करने, नौकरियां पैदा करने और अन्य राज्यों में श्रमिकों के प्रवास को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया.

"नीतीश जी, आप थके हुए हैं. आप बिहार की देखभाल करने में सक्षम नहीं होंगे," 30 वर्षीय नेता ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाया जो 69 वर्ष के हैं. (ndtv)