राजनीति

Date : 28-Aug-2019

नयी दिल्ली, 28 अगस्त । कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है तथा इसमें पाकिस्तान और किसी भी अन्य देश को हस्तक्षेप करने की कोई जरुरत नहीं है। 
श्री गांधी ने आज कश्मीर को लेकर ट््वीट किया, ‘मेरी इस सरकार के साथ कई मसलों पर असहमति है, लेकिन मैं यह पूरी तरह से स्पष्ट करना चाहता हूं कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है और पाकिस्तान अथवा किसी भी अन्य देश के इसमें दखल देने का कोई स्थान नहीं है।’
कांग्रेस जम्मू-कश्मीर के विभाजन और राज्य का विशेष दर्जा खत्म करने के नरेन्द्र मोदी सरकार के फैसले का लगातार विरोध कर रही है। संसद के दोनों सदनों में भी कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध किया था। 
गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को रद्द कर राज्य को दो केन्द्रशासित प्रदेशों में विभाजित करने का फैसला किया था। इस फैसले के तहत लद्दाख केन्द्रशासित प्रदेश बनाया गया है जो प्रशासक के अधीन रहेगा जबकि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी।  
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने एक अन्य ट््वीट में जम्मू-कश्मीर में हिंसा के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, ‘पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में हिंसा को बढ़ावा देता है। पूरे विश्व में पाकिस्तान को आतंकवाद के सबसे बड़े समर्थक के रूप में जाना जाता है।’
जम्मू-कश्मीर के संबंध में मोदी सरकार के फैसले के बाद पाकिस्तान पूरी तरह बौखलाया हुआ है, प्रधानमंत्री इमरान खान कई बार दोनों देशों के पास परमाणु हथियार होने का उल्लेख कर युद्ध की धमकी दे चुके हैं। 
पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी कश्मीर का मसला उठाया था जहां उसे मुंह की खानी पड़ी थी। 
इससे पहले कश्मीर घाटी की स्थिति का जायजा लेने के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी तथा कुछ अन्य विपक्षी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को गया था जिसे हवाई अड्डे पर ही रोक दिया गया था। श्री गांधी की अगुवाई में नौ विपक्षी दलों का यह प्रतिनिधिमंडल वहां की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए गया था। (वार्ता)
 


Date : 27-Aug-2019

कर्नाटक, 27 अगस्त । कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस सरकार  गिरने के बाद बीएस येदियुरप्पा ने सरकार तो बना ली, लेकिन इस सरकार को बचाने के लिए अब तक जूझ रहे हैं। दरअसल, मंत्रीपद नहीं मिलने से कई विधायकों में असंतोष है। ऐसे में मजबूरन येदियुरप्पा को एक नहीं, बल्कि तीन डिप्टी सीएम बनाने पड़े। येदियुरप्पा ने लक्ष्मण सावदी, गोविंद एम करजोल और अश्वथ नारायण को डिप्टी सीएम बनाया है। येदियुरप्पा ने तीन डिप्टी सीएम समेत 17 नए मंत्रियों को विभाग भी सौंप दिए हैं। जिन विधायकों को मंत्रीपद नहीं दिया गया, उनकी नाराजगी भी सामने आने लगी है। ऐसे में येदियुरप्पा के सामने सरकार बचाने की बड़ी चुनौती है।
येदियुरप्पा कैबिनेट में लिंगायत समुदाय से 7, ओबीसी से 2, ब्राह्मण समाज से एक, वोक्कालिगा समुदाय से 3 और एससी-एसटी समुदाय से 4 लोगों को मंत्री बनाया गया है। मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा लिंगायत समुदाय से आते हैं। उन्हें लेकर सरकार में 8 लोग लिंगायत समुदाय से हो गए हैं। मंत्रीपद नहीं मिलने पर वोक्कलिगा नेता और चिकमगलुर से विधायक सीटी रवि ने कई ट्वीट्स किए और पार्टी के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की।
बीजेपी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार में केएस ईश्वरप्पा और आर. अशोक डिप्टी सीएम रह चुके थे, लेकिन इस बार उन्हें डिप्टी सीएम नहीं बनाया गया। ईश्वरप्पा को ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग दिया गया है, जबकि आर. अशोक राजस्व विभाग संभालेंगे।
ईश्वरप्पा के समर्थक उन्हें डिप्टी सीएम नहीं बनाए जाने से खासे नाराज हैं। उनका कहना है कि ये उनके नेता का अपमान है। ईश्वरप्पा के समर्थकों ने इशारों-इशारों में येदियुरप्पा सरकार को इसकी कीमत चुकाने की चेतावनी भी दी है। वहीं, सीटी रवि के समर्थक अपने नेता को दरकिनार कर अश्वथ नारायण को डिप्टी सीएम बनाए जाने के फैसले का विरोध कर रहे हैं।
चार बार के विधायक सीटी रवि ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि उन्होंने कभी कोई पोर्टफोलियो की मांग नहीं रखी थी। लेकिन, उन्हें टूरिज्म मिनिस्ट्री के साथ साथ कन्नड़ और कल्चर विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। रवि आगे बताते हैं, मैंने कभी कोई मंत्रीपद नहीं मांगा। मैं पार्टी के साथ और पार्टी के लिए काम करना चाहता हूं। जब बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष शपथ ले लेंगे, तब मैं उनके साथ अपनी बात रखूंगा। येदियुरप्पा के सीएम बनने के बाद बीजेपी ने अब नलिन कुमार कटील को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है।
हालांकि, सोमवार देर रात किए गए ट्वीट्स में सीटी रवि ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने ट्वीट किया- न तो मैं असंतुष्ट हूं और न ही बागी। मेरी वफादारी सिर्फ बीजेपी के प्रति है। लेकिन मैं अपने सिद्धांतों के प्रति भी उतना ही वफादार और प्रतिबद्ध हूं। अगर मेरा अभिमान आहत होगा, तो मेरे अंदर का योद्धा बाहर आएगा और चीजों का सामना करेगा।
कर्नाटक सरकार के पोर्टफोलियो बांटने को लेकर सिर्फ बीजेपी नेताओं में ही नाराजगी नहीं है, बल्कि जेडीएस-कांग्रेस विधायक भी खासे नाखुश हैं। इस बीच मोलकलमुरु विधायक और दलित नेता बी। श्रीरामालु को लेकर सोशल मीडिया पर कैंपेन भी चलाया जा रहा है। समर्थकों का कहना है कि श्रीरामालु दलित समुदाय के जाने-माने नेता हैं, लिहाजा उन्हें डिप्टी सीएम पद मिलना चाहिए। बहरहाल बीजेपी सरकार इन असंतुष्ट विधायकों को संतुष्ट करने के उपाय खोज रही है। ताकि, सरकार को सुचारू रूप से चलाया जा सके।(न्यूज18)
 


Date : 26-Aug-2019

भोपाल, 26 अगस्त । पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबुलाल गौर की श्रद्धांजलि सभा मे सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने विपक्ष द्वारा भाजपा के नेताओं पर मारक शक्ति के इस्तेमाल की आशंका जाहिर की है। भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि जब मैं चुनाव लड़ रही थी तो एक महाराज मेरे पास आए और उन्होंने कहा कि बहुत बुरा समय चल रहा है। विपक्ष एक मारक शक्ति का प्रयोग आपकी पार्टी और उसके नेताओं के लिए कर रहा है। ऐसे में आप सावधान रहें। यह भाजपा को नुकसान पहुंचने के लिए किया जा रहा है 
ठाकुर ने साथ ही बताया कि बाबा ने कहा कि यह भाजपा के कर्मठ, योग्य और ऐसे लोग जो पार्टी को संभालते हैं, उन पर असर करेगा। उनको यह हानि पहुंचा सकता है। आप निशा हैं, इसलिए ध्यान रखिएगा। उन महाराज की बात मैंने इतनी भीड़ में चलते-चलते सुना और भूल गई। लेकिन आज यह देखती हूं कि वास्तव में हमारा शीर्ष नेतृत्व सुषमा जी, गौर जी, जेटली जी पीड़ा सहते हुए जा रहे हैं। यह देखकर मन में आया कि कहीं ये सच तो नहीं है। सच यह है कि हमारे बीच से हमारा नेतृत्व लगातार जा रहा है। भले आप विश्वास करे या ना करें, पर सच यही है और ये ही हो रहा है।
66 वर्षीय जेटली का शनिवार को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज के दौरान निधन हो गया था। उन्हें नौ अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था। पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का रविवार को रिश्तेदारों, विभिन्न राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं, सैकड़ों प्रशंसकों तथा पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ यहां निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जेटली के बेटे रोहन ने जैसे ही चिता को मुखाग्नि दी तो आसमान भी रो पड़ा और पानी बरसने लगा। भाजपा के कद्दावर नेता को अंतिम विदाई देने के लिए सैकड़ों शोकाकुल लोग यमुना नदी के किनारे बने निगमबोध घाट पर एकत्रित हुए। वरिष्ठ नेताओं ने पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और अंतिम संस्कार से पहले उन्हें बंदूकों से सलामी दी गई। इनके अलावा हालही पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबुलाल गौर का भी निधन हुआ है।(एनडीटीवी)

 


Date : 25-Aug-2019

नई दिल्ली, 25 अगस्त । जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा हटाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने एकबार फिर हमला बोला है। उन्होंने इसे राष्ट्र-विरोधी कदम बताया है। प्रियंका का बयान ऐसे समय में सामने आया है जब जम्मू-कश्मीर गए राहुल गांधी सहित विपक्ष के नेताओं को एयरपोर्ट से वापस लौटा दिया गया। 
प्रियंका ने ट्वीट किया, कश्मीर में लोकतांत्रिक अधिकारों को खत्म करने से ज्यादा राजनीतिक और राष्ट्र-विरोधी चीजें कुछ और नहीं हो सकती। यह हम सभी का कर्तव्य है कि हम इसके खिलाफ आवाज उठाएं। हम ऐसा करना बंद नहीं करेंगे।
उन्होंने यह बात एक विडियो के संदर्भ में लिखी जिसमें प्लेन में एक महिला राहुल गांधी से कश्मीर के हालात पर बात करती है। प्रियंका ने आगे लिखा, यह कब तक जारी रहेगा? यह हमारे लाखों लोगों में से हैं जिन्हें चुप कराया जा रहा और राष्ट्रवाद के नाम पर कुचला जा रहा है।' 
उल्लेखनीय है कि अनुच्छेद 370 हटने के करीब 20 दिनों बाद शनिवार को हालात देखने श्रीनगर पहुंचे विपक्षी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल को एयरपोर्ट से ही वापस भेज दिया गया। कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी के साथ गुलाम नबी आजाद, एनसीपी नेता माजिद मेमन, सीपीआई लीडर डी। राजा के अलावा शरद यादव समेत कई दिग्गज नेता पहुंचे थे। (नवभारतटाईम्स)