दुर्ग

24 घंटे के अंदर छेड़छाड़ के आरोपी को गिरफ्तार कर चालान पेश, 3 साल कैद
15-Sep-2021 7:43 PM (62)
24 घंटे के अंदर छेड़छाड़ के आरोपी को  गिरफ्तार कर चालान पेश, 3 साल कैद

पीडि़ता को 50 हजार देने राज्य सरकार को निर्देश   

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

उतई, 15 सितंबर।  दुर्ग जिले के इतिहास में संभवत: पहली बार ऐसा हुआ, जब छेड़छाड़ के आरोपी को घटना  के 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर पुलिस ने चालान सहित दुर्ग न्यायालय में पेश किया और उस आरोपी को न्यायाधीश नीरू सिंह अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पाक्सो अधिनियम) ने तीन साल की सजा सुनाते हुए राज्य सरकार को आदेशित किया कि पीडि़ता को  50 हजार रु भुगतान यथाशीघ्र किया जाना सुनिश्चित करें ।         

प्रकरण आज से लगभग सात माह पूर्व की है, जब रानीतराई  थाना में शाम लगभग 5 बजे ग्राम औरी (जामगाव आर ) से एक नाबालिग लडक़ी अपनी माँ के साथ  गांव के ही एक लडक़े के विरुद्ध छेड़छाड़, मारपीट और गालीगलौच करने की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची उस समय थाने में तात्कालिक  थानेदार वी प्रभा राव बैठी हुई थी, चूंकि मामला नाबालिग लडक़ी से जुड़ा हुआ था इसलिए बिना कोई विलम्ब किये आनन फानन में अपने स्टाफ व 112 की टीम को घटना स्थल रवाना किया।

आरोपी को तत्काल पकड़ लिया गया, लेकिन 24 घंटे के अंदर प्रकरण की विवेचना ,घटना स्थल का मुआयना कर नक्शा तैयार करना, पीडि़त बच्ची का प्रमाणित उम्र सर्टिफिकेट निकालना, कोर्ट में सी आर सी पी के 164 के तहत पीडि़त लडक़ी का बयान कराना और सी डब्ल्यू सी दुर्ग में नाबालिग का कथन कराना वो भी 24 घंटे के अंदर, ये रानीतराई थाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। लेकिन थाना प्रभारी प्रभा राव ने स्वयं इस प्रकरण को अपने हाथ में लिया और  प्रकरण की विवेचना कर 24 घ्ंटे के अंदर आरोपी की चालान सहित कोर्ट में पेश करने में सफल रही।                                           

प्रकरण की सुनवाई दुर्ग के फास्ट ट्रैक कोर्ट (पाक्सो एक्ट) में शुरू हुई जहां राज्य सरकार की ओर से विशेष अभियोजक राजेश कुमार साहू ने पीडि़त पछ की ओर से पैरवी की। न्यायालय ने अभियुक्त महेंद्र उर्फ लल्लू साहू  (25 वर्ष) अवरी थाना रानीतराई को 3 वर्ष का कारावास व 500 रु अर्थ दण्ड देने का फैसला सुनाया। आरोपी के विरुद्ध पुलिस ने धारा 354,ख, 294, 323, 324, 7,8 पास्को एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया था।      

  थाना प्रभारी प्रभा राव ने बताया कि  डीजीपी सर का निर्देश था कि महिला संबंधित अपराध पर त्वरित कार्यवाही करें उसका पालन करते हुए पीडि़त का रिपोर्ट दर्ज कराते ही मंै घटनास्थल रवाना हो गई वहां गांव वालों के सहयोग से आरोपी पकड़ा गया उसी दौरान मैंने घटना स्थल का मुआयना कर नक्शा तैयार कर वापस लौटी और स्कूल के दाखिल खारिज रजिस्टर को जप्ती बनाया।

दूसरे दिन सुबह पीडि़ता का दुर्ग में सी डब्लूसी में बयान कराने के बाद 164 का बयान कराने पाटन  रवाना किया और उसी दिन शाम 4 बजे अरोपी को चालान के साथ कोर्ट में पेश की।

रानीतराई थाना के एक प्रकरण पर थाना प्रभारी की तत्काल विवेचना  पर आरोपी को सजा मिलने पर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बद्री प्रसाद मीणा ने कहा कि पुलिस का काम हैं कि आरोपी को जितना जल्दी हो सके पकडऩा और जल्दी से जल्दी विवेचनापूर्ण के न्यायालय में आरोपी के विरुद्ध सबूत पेश करना।

रानीतराई पुलिस ने इस प्रकरण 24 घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर चालान पेश किया और न्यायालय ने सबूत के आधार पर सजा सुनाई  है ,इससे पुलिस के कार्यो के प्रति लोगों पर विश्वास  बढ़ता है, निश्चित ही इस मामले में रानितराई थाना पुलिस का कार्य सराहनीय रहा है।

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